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’38 TMC विधायक भाजपा के संपर्क में, 21 से मेरी चल रही बात’: मिथुन चक्रवर्ती ने बढ़ाई घोटालों से जूझती बंगाल सरकार की टेंशन

पश्चिम बंगाल में बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती (Mithun Chakraborty) ने चौंकाने वाला दावा किया है। उन्होंने बुधवार (27 जुलाई 2022) को कहा कि तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के 38 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं। वहीं इनमें से 21 विधायक तो ऐसे हैं जो सीधे उनके टच में हैं।

2021 में बीजेपी में शामिल हुए मिथुन चक्रवर्ती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी पार्टी की एंटी मुस्लिम छवि के सवाल पर कहा, “हमेशा आरोप लगा है कि बीजेपी दंगा करवाती है, लेकिन मैं साफ बोलता हूँ कि यह सिर्फ साजिश का हिस्सा है।” अपनी दमदार एक्टिंग से लोगों का दिल चुके अभिनेता मिथुन ने कहा, “बीजेपी को मुस्लिमों के खिलाफ बताया जाता है, लेकिन ऐसा क्यों है? भारत के तीन बड़े स्टार सलमान खान, शाहरुख खान और आमिर खान मुस्लिम हैं। यह कैसे मुमकिन हुआ?”

मिथुन ने अपने तर्कों से स्पष्ट किया कि बीजेपी मुस्लिमों से नफरत नहीं करती है। उन्होंने कहा, “18 राज्यों में हमारी सरकार है। अगर बीजेपी मुस्लिमों से नफरत करती और हिंदू उनको प्यार नहीं करते तो इन तीनों स्टार्स की फिल्में इन राज्यों से बड़ा कलेक्शन कैसे कर पाती हैं? मैं जहाँ हूँ वहाँ इसलिए ही पहुँच पाया, क्योंकि हिंदू, मुस्लिम, सिख सब मुझे प्यार करते हैं।” वह यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे ईडी की कार्रवाई पर कहा, “अगर किसी ने गलत नहीं किया है, तो उसे डरने की जरूरत नहीं है। अगर गलत किया होगा तो उसे कोई शक्ति नहीं बचा सकती।”

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के मंत्री पार्था चटर्जी को पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (SSC) और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया गया है। चटर्जी को उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी की गिरफ्तारी के बाद पकड़ा गया था। पार्था की करीबी अर्पिता मुखर्जी के कई ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 22 जुलाई 2022 को ताबड़तोड़ छापेमारी की था। इस दौरान एजेंसी ने मुखर्जी के ठिकाने से 20 करोड़ रुपए की भारी-भरकम रकम बरामद की थी। इसके अलावा अर्पिता मुखर्जी के पास से एक ‘ब्लैक डायरी’ मिली है, जिसमें अवैध रूप से SSC में भर्ती किए गए लोगों के नाम दर्ज हैं।

‘CM केजरीवाल को नहीं कह सकते कि सत्येंद्र जैन को मंत्री पद से हटाएँ’: दिल्ली HC, चार्जशीट में पत्नी के साथ-साथ 4 कंपनियों के नाम भी

दिल्ली उच्च-न्यायालय ने कहा है कि वो मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ये निर्देश नहीं दे सकता कि सत्येंद्र जैन को मंत्री पद से हटाया जाए। बता दें कि ED द्वारा गिरफ्तार किए गए सत्येंद्र जैन मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में फँसे हुए हैं। हालाँकि, इस दौरान दिल्ली हाईकोर्ट ने ये टिप्पणी भी की कि ये अब मुख्यमंत्री के ऊपर है कि वो विचार करें कि आपराधिक पृष्ठभूमि के एक व्यक्ति को मंत्री बने रहने की अनुमति दी जा सकती है या नहीं।

दिल्ली उच्च-न्यायालय ने कहा कि एक सुशासन वाली सरकार अच्छे लोगों के हाथ में होती है और अदालत ये निर्णय नहीं ले सकती कि इसमें क्या अच्छा है और क्या बुरा, लेकिन संविधान के कार्यकर्ताओं को इसकी याद तो दिलाई ही जा सकती है कि वो इसकी सुरक्षा करें, इसे संरक्षित करें और इसकी भावनाओं को बढ़ावा दें। जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमणियम प्रसाद की खंडपीठ ने नंदकिशोर गर्ग की याचिका पर ये बातें कही।

अधिवक्ता शशांक देव सुधी के माध्यम से ये याचिका दायर की गई थी। इस दौरान जजों ने बाबासाहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के उद्धरण का भी जिक्र किया और आशा जताई कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लोगों के नेतृत्व के लिए मंत्रियों की नियुक्ति के समय उनमें निहित विश्वास को बनाए रखेंगे। सत्येंद्र जैन के खिलाफ उधर ED ने आरोप-पत्र भी दाखिल कर दिया है। चार्जशीट में 6 आरोपितों और 4 कंपनियों के नाम भी हैं।

उनकी पत्नी पूनम जैन को भी इस मामले में आरोपित बनाया गया है। साथ ही उनके कई रिश्तेदार भी इस मामले में उनके साथ फँसे हुए हैं। उनके आवास से छापेमारी के बाद 2.35 करोड़ रुपयों के साथ-साथ 133 सोने के सिक्के भी जब्त हुए थे। 2007 में CBI द्वारा दर्ज FIR में भी बताया गया था कि 4 कंपनियों के माध्यम से मनी लॉन्ड्रिंग की गई थी। वो दिल्ली सरकार में स्वास्थ्य मंत्री हैं। मनी लॉन्ड्रिंग की रकम का इस्तेमाल संपत्ति खरीद में किया गया।

सत्येंद्र जैन को दिल्ली सरकार द्वारा संचालित LNJP अस्पताल की बजाए AIIMS या सफदरगंज अस्पताल में जाँच की माँग ED ने की है। ED अधिकारियों का कहना है कि जब वो अस्पताल में भर्ती सत्येंद्र जैन के कमरे में पहुँचे तो वो वहाँ सो रहे थे और किसी भी मेडिकल उपकरण से उनकी निगरानी नहीं की जा रही थी। उनकी पत्नी भी वहाँ उनके साथ में ही थी। अधिकारियों के पहुँचते ही सत्येंद्र जैन ने तुरंत ऑक्सीजन मास्क पहन कर बीपी जाँचने वाला बेल्ट लगा लिया और मॉनिटर चालू कर के लेट गए।

देश युद्ध से त्रस्त, उधर ‘बहादुर’ बीवी जेलेंस्का के साथ VOGUE के फोटोशूट में व्यस्त हैं यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की: लोगों ने पूछा – यही है नेता का काम?

रूस से युद्ध (Russia-Ukraine War) के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की (Ukraine President of Ukraine Volodymyr Zelenskyy) और उनकी पत्नी ओलेना ज़ेलेंस्का (Olena Zelenska) को फैशन पत्रिका वॉग (Vogue) के लिए फोटोशूट कराने पर आलोचना का सामना करना पड़ रहा है।

दरअसल, वॉग ने ओलेना ज़ेलेंस्का पर एक लेख प्रकाशित किया, जिसमें उन्हें एक बहादुर महिला के रूप में बताया गया है। लेख में यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध के दौरान उनके ‘संघर्ष’ के बारे में विस्तार से बात की है और बताया कि कैसे वह हमेशा पर्दे के पीछे रही।

वॉग ने लेख के साथ कुल पाँच तस्वीरें छापी हैं। ज़ेलेंस्का को एक शक्तिशाली महिला की तरह दिखाने के लिए सभी तस्वीरों को इस तरह लिया गया है, जिसमें वह एक शक्तिशाली महिला के रूप में प्रदर्शित हो सकें, जो मुश्किल समय के दौरान अपने पति के साथ खड़ी रही।

युद्धग्रस्त यूक्रेन में वर्तमान हालात को देखने के बावजूद राष्ट्रपति और उनकी पत्नी द्वारा रोमैंटिक मैगजीन वॉग के लिए फोटोशूट करने पर उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है। नेटिज़न्स ने तस्वीरों को शूट करने के तरीके की आलोचना की। वॉग ने फोटोशूट के वीडियो पोस्ट किए, जिसमें दिखाया गया कि यह कैसे किया गया।

वॉग द्वारा इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए वीडियो में यूक्रेन की राष्ट्रपति और उनकी पत्नी को फोटोग्राफर के साथ फोटोशूट के बारे में चर्चा करते दिख रहे हैं। इसके बाद वे तस्वीरें खिंचवाते हैं। कवर फोटोग्राफ से लेकर कपल शॉट तक, ऐसा लगता है कि हर तस्वीर अच्छी तरह से सोची-समझी, सुनियोजित और पत्रिका की आवश्यकताओं के अनुसार पूरी तरह से प्रकाशित हुई है।

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की को फ़ोटोग्राफ़र के साथ शॉट्स के बारे में चर्चा में शामिल देखा गया। 18 सेकंड के वीडियो में युद्ध के समय उनकी पत्नी को राष्ट्रपति के लिए मजबूत समर्थन के रूप में चित्रित करने के लिए विभिन्न स्थानों को दिखाया गया है।

सोशल मीडिया पर फोटोशूट की हो रही आलोचना

लेखक और निर्माता डेविड एंजेलो ने कहा, “ज़ेलेंस्की एक धोखेबाज हैं। मैं भगवान की कसम खाता हूँ, हम यहाँ क्या कर रहे हैं? मैं वॉग शूट के लिए WWIII का जोखिम नहीं ले सकता।” उन्होंने कहा, “हमने 90 बिलियन डॉलर का भुगतान किया ताकि वे एनी लिबोविट्ज को कीव में गिरा सकें।”

एनी लिबोविट्ज एक प्रसिद्ध अमेरिकी फोटोग्राफर हैं, जो नाटकीय सेलिब्रिटी पोर्ट्रेट्स के लिए प्रसिद्ध हैं। कॉन्ग्रेस के पुस्तकालय द्वारा एक ‘जीवित किंवदंती’ घोषित लीबोविट्ज़ ने ओलेना ज़ेलेंस्का और वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की तस्वीरें ली हैं।

कैलिफोर्निया के रिपब्लिकन नेता डेविड गिग्लियो ने कहा, “मैं उलझन में हूँ। यूक्रेनी लोग एक ऐसा युद्ध लड़ रहे हैं, जिसे वे संभवतः जीत नहीं सकते हैं और जीवन बचाने के लिए समाधान की दिशा में काम करने के बजाय ज़ेलेंस्की के पास वॉग के साथ फोटो शूट के लिए समय है। ये वही ‘विश्वस्तरीय’ नेता हैं, जिनके बारे में मीडिया हमें बता रहा था??”

क्यों कर रहे हैं लोग आलोचना

पिछले पाँच महीने से अधिक समय से रूस-यूक्रेन संघर्ष जारी है। युद्ध शुरू होने के बाद से राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने नागरिकों से हथियार उठाने और रूस से लड़ने के लिए सेना में शामिल होने की अपील की है। इसके लिए नागरिकों को हथियार मुहैया कराए गए। चल रहे युद्ध के दौरान कई सैनिक और नागरिक मारे गए हैं।

उन्होंने रूस के साथ बातचीत करने से भी इनकार कर दिया है। हालाँकि पश्चिमी देशों से मदद के बावजूद यूक्रेन ने अपनी भूमि का एक बड़ा हिस्सा खो दिया है। संयुक्त राज्य अमेरिका और अन्य नाटो देशों द्वारा युद्ध के लिए यूक्रेन को अधिक से अधिक हथियार प्रदान किए जा रहे हैं, लेकिन इसका फायदा नजर नहीं आ रहा है।

‘शमशेरा’ का तमिल-तेलुगू डब भी फ्लॉप, अगली हिंदी फिल्मों को डब करने से पहले सौ बार सोच रहे साउथ के निर्माता: फिल्म में क्रूरता के दृश्यों में बजाया संस्कृत श्लोक

दक्षिण भारत में ‘शमशेरा’ इतनी बुरी तरह फ्लॉप हुई है कि अब साउथ के निर्माता बॉलीवुड फिल्मों को डब करने से पहले सौ बार सोच रहे हैं। 4 साल के बाद बॉक्स ऑफिस पर लौटे रणबीर कपूर का बुरा हश्र हो गया है। कई भाषाओं में रिलीज की गई ‘यशराज फिल्म्स (YRF)’ के इस मूवी के फ्लॉप होने के बाद साउथ के फिल्म निर्माता अगली बॉलीवुड फिल्मों को डब करने के निर्णय को लेकर कई बार सोच-विचार कर रहे हैं।

जिस तरह साउथ की फ़िल्में हिंदी में डब होकर उत्तर भारत में कमाल कर रही है, कुछ ऐसी ही YRF को उम्मीद थी कि उसकी हिंदी फिल्म भी तमिल-तेलुगू में डब होकर दक्षिण भारत में वैसा ही कमाल दिखाएगी। अब साउथ के निर्माता विचार कर रहे हैं कि हिंदी फिल्मों को डब कर के मेहनत बर्बाद करने की बजाए उसे सबटाइटल के साथ ही रिलीज कर दिया जाए, क्योंकि पैसा लगाने के बाद ही परिणाम फ्लॉप ही आ रहा है। एक और जानने लायक बात ये है कि ‘शमशेरा’ में क्रूरता के दृश्यों में संस्कृत श्लोकों का इस्तेमाल बैकग्राउंड म्यूजिक के रूप में किया गया है।

त्रिपुण्ड तिलक और शिखा को क्रूरता के प्रतिबिंब के रूप में प्रदर्शित करने वाली ‘शमशेरा’ में जातिवादी लड़ाई को भी बढ़ावा दिया गया है। हालाँकि, इस फिल्म को एक OTT प्लेटफॉर्म को बेचने के बाद 65 करोड़ रुपए की कमाई हुई है, जबकि सैटेलाइट राइट्स से 30 करोड़ रुपए आए हैं। हालाँकि, फिल्म को हिट कहलाने के लिए और डिस्ट्रीब्यूटर्स को लाभ के लिए घरेलू बॉक्स ऑफिस पर बजट से ज्यादा नेट कमाई करनी होती है।

वैसे लगे हाथ आपको ‘शमशेरा’ के पाँचवें दिन, यानी मंगलवार (27 जुलाई, 2022) का भी बॉक्स ऑफिस कलेक्शन बता देते हैं। फिल्म ने 5वें दिन मात्र ढाई करोड़ रुपए का कारोबार किया है, जिसके बाद इसका नेट कलेक्शन 37.50 करोड़ रुपए पहुँच गया है। एक इसके 150 करोड़ रुपए के बजट का एक तिहाई भी नहीं है। इस तरह रणबीर कपूर की पिछली 8 में से 6 फ़िल्में फ्लॉप रही हैं। उनकी आने वाली ‘ब्रह्मास्त्र’ भी एक हाई बजट फैंटेसी फिल्म है।

सोतीं करीना कपूर, रोते आमिर खान: ‘लाल सिंह चड्ढा’ की स्क्रीनिंग का कुछ ऐसा रहा हाल, लोगों ने पूछा – इतनी बोरिंग और बुरी है फिल्म?

बॉलीवुड एक्ट्रेस करीना कपूर खान और आमिर खान (Aamir Khan) स्टारर फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ (Laal Singh Chaddha) लंबे समय बाद सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। हाल ही में फिल्म की स्क्रीनिंग हुई। इस दौरान करीना, आमिर और उनकी एक्स वाइफ किरन राव पहुँची। स्क्रीनिंग की एक फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। ये फोटो फिल्म में लीड रोल निभाने वाली करीना कपूर खान (Kareena Kapoor Khan) की है, जिसमें वह सोती हुई दिखाई दे रही हैं।

इसके बाद से कई यूजर्स लाल सिंह चड्ढा और उनकी टीम पर निशाना साध रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट कर यह तक पूछ लिया कि क्या यह फिल्म इतनी बोरिंग है? वहीं फोटो में आमिर खान रोते हुए नजर आ रहे हैं। इसको लेकर एक यूजर ने लिखा, “आमिर खान ‘लाल सिंह चड्ढा’ को देख रो पड़े, मानो असली फॉरेस्ट गम्प देखा ही नहीं।”

एक और यूजर ने लिखा, “पहली बार देख रहा हूँ किसी फिल्म को फ्लॉप कराने के लिए लोग बड़े उत्साह से प्रतीक्षा कर रहे हैं। क्या उस फिल्म का नाम बताने की जरूरत है, ‘लाल सिंह चड्ढा’। इसलिए सिंपैथी का भी जुगाड़ साथ-साथ किया जा रहा। कहा जा रहा है कि फिल्म की स्पेशल स्क्रीनिंग देखते हुए आमिर खान रो पड़े।”

इस ट्वीट के जवाब में एक और यूजर लिखता है, “बेबो (करीना) सो क्यों रही है? इतनी बोरिंग फिल्म है क्या?” एक ने कहा, “50 रुपए कट हो ओवर एक्टिंग के लिए।”

बता दें कि आमिर खान की फिल्म लाल सिंह चड्ढा हॉलीवुड स्टार टॉम हैंक्स की फिल्म ‘फॉरेस्ट गंप’ का हिंदी रीमेक है। इसमें करीना कपूर खान और नागा चैतन्य भी मुख्य भूमिका में हैं। पहले यह फिल्म 14 अप्रैल 2022 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन सुपरस्टार यश की फिल्म ‘केजीएफ चैप्टर 2’ के खौफ से आमिर खान की फिल्म के निर्माता ने फिल्म की रिलीज डेट को आगे बढ़ा दिया था। अब 11 अगस्त को यह फिल्म अक्षय कुमार की ‘रक्षाबंधन’ से टकराएगी।

‘सरकार हमारी रक्षा में विफल’: BJYM नेता की हत्या के बाद कर्नाटक भाजपा कार्यकर्ता दे रहे सामूहिक इस्तीफा, BJP प्रदेश अध्यक्ष की कार को घेरा

कर्नाटक के मंगलूरु में भाजपा युवा मोर्चा के जिला सचिव प्रवीण नेट्टारू की कुल्हाड़ी से हत्या के बाद अब सरकार के विरोध में BJYM कार्यकर्ता भी आ गए हैं। भाजपा कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की हत्या के बाद भाजपा युवा मोर्चा के सदस्यों ने कर्नाटक के कई हिस्सों में इस्तीफा देने का अभियान शुरू कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीजेपी कार्यकर्ताओं पर आए दिन होने वाले हमले के विरोध में कर्नाटक में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत चिक्कमंगलुरु में युवा मोर्चा के सदस्य सामूहिक रूप से अपना इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपने कार्यकर्ताओं के जीवन की रक्षा करने में विफल रही है जिसने उन्हें इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया है।

इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त आक्रोश है। जिसका परिणाम है कि सुलिया तालुक के बेल्लारे में हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं और बीजेपी कार्यकर्ताओं ने भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नलिन कुमार कतील की कार को घेर लिया। जिसके बाद उन्हें भी बहुत देर तक वहाँ फँसे रहना पड़ा। कार्यकर्ता पार्टी से सुरक्षा की माँग कर रहे हैं।

शुरूआती जाँच के आधार पर यह मामला भी नूपुर शर्मा के समर्थन से जुड़ रहा है। जिस तरह से राजस्थान के उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या की गई, ठीक उसी तरह से दक्षिण कन्नड़ जिले में भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता प्रवीण नेत्तारू की हत्या की गई है। कुल्हाड़ी और तलवार से काटकर हत्या की गई। इस घटना के बाद से कर्नाटक में भारी बवाल मचा हुआ है। अब इस मामले में दावा किया जा रहा है कि प्रवीण नेट्टारू की हत्या केवल इसलिए की गई, क्योंकि कथित तौर पर उन्होंने नूपुर शर्मा का समर्थन किया था।

बता दें कि राज्य के दक्षिण कन्नड़ जिले की बेल्लारे इलाके में मंगलवार (26 जुलाई 2022) की रात करीब 9 बजे बीजेपी नेता के ऊपर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। जिससे उनकी मौत हो गई। इस घटना के बाद से ही शहर में तनाव बढ़ गया है और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने हत्या के विरोध में दक्षिण कन्नड़ जिले के बेल्लारे, पुत्तूर, सुल्या, कड़ाबा में बंद बुलाया गया है। वहीं घटना के बाद से ही भाजपा ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

वहीं कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में प्रवीण नेट्टारू की हत्या के मामले में आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है। साथ ही प्रदर्शन के दौरान पथराव और इलाके में बढ़ते तनाव को देखते हुए पुलिस ने पुत्तूर, सुल्या, कदबा और बेलथांगडी में धारा 144 लागू कर दी है।

गौरतलब है कि प्रवीण की हत्या के मामले में PFI और SDPI पर संदेह जताया गया है। वहीं कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि पुलिस को संदेह है कि हत्या बेल्लारी के मुस्लिम युवक मसूद की हत्या के बदले में की गई होगी। क्योंकि कुछ दिनों पहले एक युवक की हत्या हुई थी। कर्नाटक पुलिस ने भी मामले की जाँच के लिए 5 स्पेशल टीम का गठन किया है। इनमें से तीन टीमें केरल, मदिकेरी और हसन गईं हैं। बेल्लारे में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

वहीं इस मामले में केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता प्रह्लाद जोशी ने कहा, “प्रारंभिक रिपोर्ट और कुछ मीडिया रिपोर्ट एसडीपीआई और पीएफआई लिंक की तरफ इशारा करती हैं। उन्हें केरल में बढ़ावा दिया जा रहा है। कर्नाटक में कॉन्ग्रेस उन्हें प्रोत्साहित कर रही है। कर्नाटक में हमारी सरकार कार्रवाई करेगी और दोषियों को सजा देगी।”

घटना के बाद कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने भाजपा नेता के परिवार के सदस्यों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने अपने एक ट्ववीट में लिखा, “दक्षिण कन्नड़ जिले से हमारी पार्टी के कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की बर्बर हत्या निंदनीय है। इस तरह के जघन्य कृत्य के अपराधियों को जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा और कानून के तहत दंडित किया जाएगा। प्रवीण की आत्मा को शांति मिले।”

जिस BJYM नेता की कुल्हाड़ी-तलवार से काट कर मार डाला, उन्होंने कन्हैया लाल के लिए डाला था पोस्ट: कर्नाटक हत्याकांड का नूपुर शर्मा एंगल

राजस्थान के उदयपुर में कन्हैयालाल की हत्या के बाद ठीक इसी तरह से दक्षिण कन्नड़ जिले में भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता प्रवीण नेत्तारू की हत्या की गई है। कुल्हाड़ी और तलवार से काटकर हत्या की गई। इस घटना के बाद से कर्नाटक में भारी बवाल मचा हुआ है। इस मामले में दावा किया जा रहा है कि प्रवीण नेत्तारू की हत्या केवल इसलिए की गई, क्योंकि कथित तौर पर उन्होंने नूपुर शर्मा का समर्थन किया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना मंगलवार (26 जुलाई, 2022) की है। खबर है कि प्रवीण बेल्लारी क्षेत्र के पास ही पोल्ट्री की दुकान चलाते थे। मंगलवार को वो दुकान का काम खत्म करके वापस अपने घर आ रहे थे, रात के करीब 9 बजे थे कि रास्ते में बाइक सवार बदमाशों ने उनपर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बाद प्रवीण की मौत हो गई। प्रवीण की हत्या के मामले में हिन्दू संगठनों ने कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पीएफआई की भूमिका की तरफ इशारा किया है। वहीं पुलिस ने 15 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

उल्लेखनीय है कि प्रवीण की हत्या के विरोध में अब हिंदू संगठन भी एक्टिव हो गए हैं। इसी के तहत बुधवार को दक्षिण कन्नड़ के बेल्लारे, पुत्तूर, सुल्या और कड़ाबा में बंद का आह्वान किया गया है। इस घटना की जाँच के लिए पुलिस ने पाँच स्पेशल टीमों का गठन किया है। वहीं राज्य के सीएम बासवराज बोम्मई ने जल्द ही आरोपितों को पकड़ लेने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सभी दोषियों को कानून के तहत सजा दी जाएगी।

राज्य के गृहमंत्री आरागा ज्ञानेंद्र ने बताया की जिस इलाके में ये वारदात हुई है, वो जगह केरल की सीमा से सटी हुई है, ऐसे में केरल के सीनियर अधिकारियों से संपर्क कर आरोपितों को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है।

गौरतलब है कि बीते 29 जून 2022 को राजस्थान के उदयपुर में नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद वाले कथित बयान का समर्थन करने पर हिन्दू टेलर कन्हैया लाल की हत्या कर दी गई थी।

काँवड़ियों की सेवा करने पर मुस्लिम युवक की पिटाई, कहा- माँ शाकम्भरी के दर्शन के बाद से ही मिल रही धमकियाँ, पुलिस ने दर्ज किया मामला

सावन में भगवान शंकर की भक्ति में लीन होकर काँवड़ यात्रा पर जाने वाले हिंदुओं की सेवा पर यूपी के सहारनपुर (Saharanpur, UP) में एक मुस्लिम युवक को बुरी तरह मारा-पीटा गया है। अज्ञात हमलावरों ने मंगलवार (26 जुलाई 2022) की देर काजी फरहान नाम के युवक पर रात हथियारों से हमला कर उसे घायल कर दिया।

इस हमले में फहरान के नाक की हड्डी टूट गई है और सिर तथा एक आँख में गहरी चोट आई है। फरहान का कहना है कि उसने एक मंदिर में दर्शन किया था तथा काँवड़ियों की सेवा की थी, इसलिए उस पर हमला किया गया। इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

फरहान का आरोप है कि मंगलवार की रात को घर के बाहर लगे शिविर में वे सेवा कर रहे थे। दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक, शिविर में कुछ लोग हंगामा करने लगे तो वह उसे देखने चला गया। वे लोग गले में भगवा गमछा लपेटे हुए थे।

इसके बाद हंगामा करने वाले युवकों ने ये कहते हुए उसे घेर लिया कि ‘यही है’ और उस पर कई वार किए। जब हंगामा देखकर लोग पहुँचे तो वे दोनों हमलावर वहाँ से भाग गए। फरहान का कहना है कि हमलावरों ने उसे धारदार हथियार से उसे जान से मारने की कोशिश की उसकी चेन भी छीन ली। इस मामले में उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

फरहान के अनुसार, उसने कुछ दिन पहले शाकुंभरी देवी माता मंदिर में दर्शन किया था। मंदिर के पास से गुजरने वाले काँवड़ियों को उसने फल और पानी देकर सेवा भी की थी। फरहान का कहना है कि इसके बाद से उसे सोशल मीडिया पर लगातार धमकियाँ मिल रही थीं।

‘पूरी बिल्डिंग बम से उड़ा देंगे, हमारे आका का फैसला’: VHP-RSS दफ्तरों पर हमले की धमकी, विहिप ने बताया – कार्यालय में घुसे ‘जिहादी’ को पुलिस को सौंपा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के दिल्ली स्थित कार्यालयों को बुधवार (27 जुलाई 2022) को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। विहिप ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर इसकी जानकारी दी है। ट्वीट में लिखा गया है, “संघ व विहिप के दिल्ली कार्यालयों को आज बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। कार्यालयों में घुसे जिहादी को विहिप दिल्ली के महामंत्री सुरेंद्र कुमार गुप्ता ने पुलिस के हवाले किया। दिल्ली पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।”

जानकारी के मुताबिक, आरोपित युवक धमकी देते हुए अलग-अलग समय में दोनों कार्यालयों में पहुँचा था। एक जगह पर उसने रेकी की थी, जबकि दूसरी जगह पर कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी दी। उसने कहा, “हमारे नबी के बारे में क्या बोले जा रहे हो, क्या समझ रहे हो आप, हमें भी बताना आता है। इस कार्यालय को बम से उड़ा देंगे।”

पहाड़गंज के एसएचओ ने बताया, “आज दोपहर हमें खबर मिली कि झंडेवालान मंदिर के सेकेंड फ्लोर पर स्थित विश्व हिंदू परिषद के कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी मिली। खबर मिलते ही हम वहाँ पहुँचे और आरोपित को हिरासत में लिया। आगे पूछताछ जारी है।” वहीं ऑपइंडिया ने भी प्रांत इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रमुख इंद्रजीत सिद्धू से इस घटना को लेकर संपर्क किया। इस पर उन्होंने कहा, “आज संघ व विहिप के दिल्ली कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। पुलिस मामले की जाँच कर रही हैं। अभी धमकी देने वाले के बारे कुछ भी कहना मुश्किल है। पुलिस की जाँच पूरी होने के बाद उसके बारे में डिटेल्स से बताया जाएगा।”

बता दें कि झंडेवाला मंदिर स्थिति विश्व हिन्दू परिषद दिल्ली कार्यालय में एक व्यक्ति लगभग दोपहर 12.18 मिनट पर आकर प्रदेश महामंत्री सुरेन्द्र कुमार गुप्ता से कहने लगा, “हमारे आका ने तय किया है कि पूरी बिल्डिंग को बम से उड़ा देना है।” उसके बाद वह व्यक्ति भागने लगा। तभी फोन करके दिल्ली पुलिस को इस बारे में सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर उसे हिरासत में ले लिया।

5 दिन से भूख हड़ताल का ड्रामा, तिहाड़ से अस्पताल में शिफ्ट किया गया आतंकी यासीन मलिक: UN से इमरान खान की गुहार- उसकी जान खतरे में

दिल्ली के तिहाड़ जेल में पिछले पाँच दिन से भूख हड़ताल कर रहे आतंकी संगठन जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के चीफ यासीन मलिक को ड्रिप के जरिए तरल पदार्थ दिए जा रहे हैं। यासीन मलिक ने शुक्रवार (23 जुलाई, 2022) की सुबह भूख हड़ताल शुरू की थी। उन्हें नाश्ता दिया गया था जिसे खाने से उन्होंने इनकार कर दिया था। वहीं अब तबियत बिगड़ने पर तिहाड़ जेल ने RML अस्पताल में भर्ती कराया है। वहीं इमरान खान ने मोदी सरकार पर यासीन मलिक को टॉर्चर करने का आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यासीन मलिक की माँग है कि उसके खिलाफ चल रहे विचाराधीन मामले की सही तरीके से जाँच हो। वहीं इस मामले में जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने मंगलवार (26 जुलाई, 2022) को बताया, ”कड़ी सुरक्षा के बीच कारागार संख्या सात में एक अलग कोठरी में रखा गया यासीन मलिक शुक्रवार की सुबह से कुछ नहीं खा रहा है। वह अब भी भूख हड़ताल पर है और चिकित्सक उसके स्वास्थ्य पर लगातार नजर रख रहे हैं। उसे रविवार से ड्रिप के जरिए तरल पदार्थ दिए जा रहे हैं।”

वहीं टेरर फंडिंग में सजा काट रहे आतंकी यासीन मलिक के समर्थन में बिलावल भुट्टो के बाद अब पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान भी आ गए हैं। कुख्यात आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को ‘शहीद’ बताने वाले इमरान खान ने अपने ट्वीट में मलिक की भूख हड़ताल का मुद्दा उठाते हुए मोदी सरकार पर निशाना साधा है।

इमरान खान ने अपने ट्वीट में लिखा, “मैं मोदी सरकार की ओर से तिहाड़ जेल में कश्मीरी नेता यासीन मलिक के टॉर्चर और उसे भूख हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर करने की निंदा करता हूँ। उसकी जान खतरे में है। मैं UNSG, UNHCHR और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से भारत के खिलाफ कार्रवाई करने और यासीन मलिक की जान बचाने की अपील करता हूँ।”

बता दें कि पिछले महीने पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने भी मलिक को सजा सुनाए जाने को लेकर संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस को पत्र लिखा था। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा था कि कश्मीर के हालात पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित करने के पाकिस्तान के प्रयासों के तहत बिलावल की ओर से 31 मई को संयुक्त राष्ट्र प्रमुख को यह पत्र भेजा गया। पत्र में संयुक्त राष्ट्र महासचिव को मलिक को सजा दिए जाने की परिस्थितियों से अवगत कराया गया था।

गौरतलब है कि तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद की बेटी रुबैया सईद के आठ दिसंबर, 1989 को हुए अपहरण के मामले में यासीन मलिक आरोपित है। यासीन मलिक ने रुबैया सईद के अपहरण से जुड़े मामले में जम्मू की अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होने का अनुरोध किया था। मलिक ने कहा था कि 22 जुलाई तक अगर सरकार ने इस संबंध में अनुमति नहीं दी, तो वह भूख हड़ताल शुरू करेगा। कहा जा रहा है कि केंद्र से इस मामले पर कोई जवाब नहीं मिलने पर उसने भूख हड़ताल शुरू कर दी।

एनआईए द्वारा 2017 में दर्ज टेरर फंडिंग के मामले में यासीन मलिक को 2019 की शुरुआत में गिरफ्तार किया गया था। वहीं यासीन मलिक को एनआईए की विशेष अदालत ने मई में टेरर फंडिंग सहित अन्य मामलों में उम्रकैद और दस लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी।

जानकारी के लिए बता दें कि रुबैया सईद का जेकेएलएफ के आतंकवादियों द्वारा 1989 में अपहरण किया गया था। हालाँकि, रुबैया को 5 दिन बाद 13 दिसंबर को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छुड़ाया गया, लेकिन इसके बदले भाजपा द्वारा समर्थित तत्कालीन वीपी सिंह सरकार को जेकेएलएफ के 5 आतंकवादियों को रिहा करना पड़ा था।