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प्रवीण नेट्टारू की हत्या में 2 और गिरफ्तार, नाम- सद्दाम और हैरिस: कर्नाटक में घर लौटते वक्त BJYM नेता को कुल्हाड़ी से काटने का मामला

प्रवीण नेट्टारू (Praveen Nettaru) की हत्या के मामले में दो और गिरफ्तारी हुई है। इनके नाम सद्दाम और हैरिस हैं। कर्नाटक के बेल्लारे में भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) के नेता नेट्टारू की हत्या कर दी गई थी। इससे पहले इस मामले में शफीक और जाकिर को गिरफ्तार किया गया था।

SP ऋषिकेश सोनवणे ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपित बेल्लारे के पास पल्लीमाजालु के निवासी हैं। दोनों के खिलाफ बेल्लारे पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। शफीक और जाकिर से पूछताछ और सबूतों के आधार पर सद्दाम और हैरिस को गिरफ्तार किया गया है। कर्नाटक के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने भी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। TV9 कन्नड़ ने गृह मंत्री के हवाले से कहा है, “प्रवीण नेट्टारू की हत्या के मामले में बेंगलुरु से दो और आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। हमलावर कौन थे, इसकी जानकारी भी मिल गई है। 2-3 दिनों में, उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जाँच चल रही है, इसलिए ज्यादा जानकारी का खुलासा नहीं किया जा सकता है।”

TV9 कन्नड़ के अनुसार, हैरिस और सद्दाम उस गिरोह का हिस्सा हैं, जिसने भाजपा नेता की हत्या की योजना बनाई थी। बताया जा रहा है कि सद्दाम की पोल्ट्री शॉप में साजिश रची गई थी। हैरिस और उसके गिरोह ने पहले भी नेट्टारू को मारने की कोशिश की थी, मगर इसमें वह सफल नहीं हो पाया था। 

इससे पहले सोमवार (1 अगस्त 2022) को कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने आश्वासन दि\या था कि हत्यारों को जल्द से जल्द पकड़ लिया जाएगा। बोम्मई ने कहा था, “पुलिस को खुली छूट दे दी गई है और मामले में जाँच जारी है, जल्द से जल्द हत्यारों को ढूँढ निकाला जाएगा।” पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि दो से तीन दिनों में मामले को आधिकारिक तौर पर NIA को सौंप दिया जाएगा।

प्रवीण की हत्या में अब तक 4 गिरफ्तारियाँ

प्रवीण नेट्टारू को 26 जुलाई को बेल्लारे में हमलावरों ने कुल्हाड़ी से उस वक़्त काट दिया था जब वे दुकान बंद कर घर जा रहे थे। इस मामले में पुलिस ने 28 जुलाई को जाकिर और शफीक को गिरफ्तार किया था। इन दोनों पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है। इनके लिंक पीएफआई और एसडीपीआई से भी मिले हैं। शफीक के अब्बा इब्राहिम ने बताया था कि वह प्रवीण की दुकान में काम भी कर चुके हैं। उन्होंने कहा था, “जब मैं प्रवीण की दुकान में काम करता था तब मेरा बेटा और प्रवीण अक्सर बातें किया करते थे। प्रवीण अक्सर मेरे घर भी आता-जाता था। मुझे नहीं पता कि मेरे बेटे को क्यों गिरफ्तार किया गया है। हम मुस्लिम हैं इसलिए हमें निशाना बनाया जा रहा है। शफीक और जाकिर वैसे नहीं हैं, जैसा उन्हें बताने की कोशिश हो रही है।”

‘कौन हैं ये लोग, कहाँ से आते हैं?’: आते ही बिक गए किम कार्दशियन के ₹4150 कीमत वाले ‘स्विम ग्लव्स’, वेटिंग लिस्ट में भी खरीददार

किम कार्दशियन की कंपनी SKIMS ‘स्विम ग्लव्स’ लेकर बाजार में आई है, जिसकी इतनी ज्यादा माँग है कि इसे खरीदने के लिए लोगों की वेटिंग लिस्ट लगी हुई है। कुछ लोग सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर वो कौन लोग हैं, जो इस ‘स्विम ग्लव्स’ को खरीद रहे हैं। और तो और, लोगों की इसकी उपयोगिता ही समझ नहीं आ रही है। फिर भी, ये धड़ल्ले से बिक रही है। भारत में इसका मूल्य 4150 रुपए है। ये 7 रंगों में उपलब्ध है, जिनमें से मात्र एक खरीददारी के लिए उपलब्ध हैं।

ऐसा इसीलिए, क्योंकि बाकी सभी वेटिंग लिस्ट में चल रहे हैं। गुरुवार (28 जुलाई, 2022) को किम कार्दशियन की कंपनी कपड़ों के जो स्विम कलेक्शंस लेकर आई है, उसमें से मात्र यही आइटम है जो पूरी तरह बिक चुका है। इससे पहले मार्च में एक कलेक्शन लॉन्च किया गया था, जिसमें ‘वन पीस’, ‘टू पेसस’ और कवर-अप वाले कपड़े शामिल थे। अमेरिका मे किम कार्दशियन के स्विम गलोवेस के दाम 48 डॉलर रखा रखे गए हैkkim

SKIMS की वेबसाइट पर बताया गया है कि इसे बाजू में पहना जाता है, ये बाजू ढकने के साथ-साथ दस्ताने का काम भी करता है। साथ ही इसे कई प्रकार की साइज में उपलब्ध कराया गया है। इसके विवरण मे लिखा है कि ये आपके स्विम लुक को सेक्सी बनाएगा। किसी भी स्विम स्टाइल के साथ इसे सूटेड बताया जा रहा है। इसे फैब्रिक से बनाया गया है, जिसे खींच कर लंबा किया जा सकता है। एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया में लिखा कि वो लोग जो कुछ भी बना रहे हैं, हम सब उसे खरीद रहे हैं – ये क्या माजरा है?

एक व्यक्ति ने पूछा कि स्विम गलोवेस क्या होते हैं, क्या कोई उसे समझा सकता है? कुछ लोगों का मानना है कि कंपनी इससे एक नया ट्रेंड सेट करना चाह रही है। एक अन्य यूजर ने पूछा कि क्या लुक के लिए ही केवल कपड़े खरीदे जाते हैं? किम कार्दशियन ने हाल ही में कहा कि वो स्विम वेयर और नियमित कपड़ों के बीच कि जो पतली रेखा है, उसे थोड़ा और कम करना चाहती हैं। उन्होंने पूछा था कि क्या तैराकी वाले कपड़े खेल वगैरह या बोटिंग मे नहीं पहने जा सकते?

नेशनल हेराल्ड के दफ्तर सहित 12 ठिकानों पर ED का छापा, राहुल-सोनिया गाँधी से पूछताछ के बाद मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग केस में दिल्ली में कई स्थानों पर छापा मारा है। इस मामले में देश भर में 12 ठिकानों पर छापेमारी की गई। इसमें नेशनल हेराल्ड का दफ्तर भी शामिल है। सर्च अभियान जारी है। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक, ईडी के अधिकारी नेशनल हेराल्ड के दफ्तर में मौजूद हैं और तलाशी अभियान चला रही है।

बता दें कि इस मामले में सोनिया और राहुल गाँधी दोनों आरोपित हैं। दोनों नेताओं पर सेक्शन 120 (B)(आपराधिक षडयंत्र) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत केस दर्ज हैं। फ़िलहाल, सोनिया और राहुल गाँधी और अभी जमानत पर हैं। बता दें कि ईडी इस मामले में राहुल गाँधी से भी लंबी पूछताछ कर चुकी है। तब मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, राहुल गाँधी ने ईडी से कहा कि नेशनल हेराल्ड का सारा कामकाज मोतीलाल वोरा देखते थे। उनको इस मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

वहीं ईडी ने इस मामले में कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गाँधी से 26 जुलाई को दूसरी बार भी पूछताछ की थी। इससे पहले तीन दिन की पूछताछ में ईडी ने सोनिया से 100 से ज्यादा सवाल पूछे थे। ईडी ने सोनिया गाँधी से पहली बार 21 जुलाई को इस मामले में 2 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की थी। वहीं सोनिया गाँधी को पूछताछ के लिए ईडी ऑफिस बुलाए जाने के विरोध में कॉन्ग्रेस के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस ने कॉन्ग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था।

नेशनल हेरॉल्ड मामले में ईडी ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कैसे यंग इंडियन ने एसोसिएटेड जनरल लिमिटेड (AJL) और उसकी संपत्तियों का अधिग्रहण किया गया। इस मामले में तत्कालीन कॉन्ग्रेस सरकार ने इसकी दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, भोपाल और चंडीगढ़ की कई संपत्तियों को रियायती दर पर बेचने की इजाजत दे दी थी।

क्या है ये मामला

यह मामला कॉन्ग्रेस पार्टी के नेतृत्व में ‘यंग इंडियन’ में वित्तीय अनियमितता की जाँच के सिलसिले में दर्ज किया गया था। समाचार पत्र ‘नेशनल हेराल्ड’, यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड का है। ‘नेशनल हेराल्ड’ एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) द्वारा प्रकाशित किया जाता है और यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के स्वामित्व में है। भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी और अन्य पर धोखाधड़ी की साजिश रचने और यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड के फंड का गबन करने का आरोप लगाया था।

स्वामी ने यह भी आरोप लगाया था कि यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड ने 90.25 करोड़ रुपए की वसूली के अधिकार हासिल करने के लिए सिर्फ 50 लाख रुपए का भुगतान किया था, जो एजेएल पर कॉन्ग्रेस का बकाया था। उल्लेखनीय है कि ईडी के अनुसार, गाँधी परिवार द्वारा नियंत्रित एनजीओ, जिसकी शुरुआत 2010 में केवल 5 लाख रुपए से हुई थी, अब उसकी संपत्ति 800 करोड़ रुपए से अधिक है।

बता दें कि 2010 में AJL के 1057 शेयरधारक थे। घाटा होने पर इसकी होल्डिंग यंग इंडिया लिमिटेड यानी YIL को ट्रांसफर कर दी गई। जबकि यंग इंडिया लिमिटेड की स्थापना भी उसी वर्ष यानी 2010 में हुई थी। इसमें तत्कालीन कॉन्ग्रेस पार्टी के महासचिव राहुल गाँधी डायरेक्टर के रूप में शामिल हुए। कंपनी में 76 प्रतिशत हिस्सेदारी राहुल गाँधी और उनकी माँ सोनिया गाँधी के पास रखी गई। जबकि शेष 24 फीसदी कॉन्ग्रेस नेताओं मोतीलाल वोरा और ऑस्कर फर्नांडीस (दोनों का निधन हो चुका है) के पास थी।

क्या है नेशनल हेराल्ड

गौरतलब है कि देश के पहले प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने 20 नवंबर 1937 को एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड यानी AJL का गठन किया था। इसका उद्देश्य अलग-अलग भाषाओं में समाचार पत्रों को प्रकाशित करना था। तब AJL के अंतर्गत अंग्रेजी में नेशनल हेराल्ड, हिंदी में नवजीवन और उर्दू में कौमी आवाज समाचार पत्र प्रकाशित हुए। भले ही AJL के गठन में पं. जवाहर लाल नेहरू की भूमिका थी, लेकिन इसपर मालिकाना हक कभी भी उनका नहीं रहा। क्योंकि, इस कंपनी को 5000 स्वतंत्रता सेनानी सपोर्ट कर रहे थे और वही इसके शेयर होल्डर भी थे। 90 के दशक में ये अखबार घाटे में आने लगे। साल 2008 तक AJL पर 90 करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज चढ़ गया। तब AJL ने फैसला किया कि अब समाचार पत्रों का प्रकाशन नहीं किया जाएगा। अखबारों का प्रकाशन बंद करने के बाद AJL प्रॉपर्टी बिजनेस में उतरी।

पाकिस्तान से आया ‘लंपी’ वायरस, राजस्थान-गुजरात में तड़प-तड़प कर मर रहे गोवंश: अब तक 3300 मौत, 27 जिलों में फैला; चपेट में 40000 पशु

राजस्थान और गुजरात में लंपी वायरस के कारण गोवंश की तड़प-तड़प कर मौत हो रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दोनों राज्य में अब तक 3000 हजार से ज्यादा गोवंश की मौत हो चुकी है। करीब 27 जिलों में यह फैला चुका है।

राजस्थान में 2100 गायों की लंपी से मौत

अकेले राजस्थान में लंपी बीमारी से 2100 से अधिक गायों की मौत हो चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में इन दिनों जानवरों में त्वचा संबंधी संक्रमण पैदा करने वाली ‘लंपी’ बीमारी तेजी से फैल रही है। बीते तीन महीनों के दौरान राजस्थान के 10 जिलों में करीब 2100 से अधिक गायों की मौत हुई है। 40,000 से ज्यादा गौवंश इसकी चपेट में आ चुके हैं। इस बीमारी का कोई सटीक इलाज नहीं होने की वजह से पशुपालक खासकर गायों को पालने वाले किसान ज्यादा परेशान नजर आ रहे हैं।

पाकिस्तान के रास्ते आया वायरस

राजस्थान के अधिकारियों का कहना है कि लंपी नामक यह संक्रामक रोग इस साल अप्रैल में पाकिस्तान के रास्ते भारत आया। लंपी डिजीज पहले जैसलमेर और बाड़मेर जैसे सीमावर्ती जिलों में फैली। अब यह जोधपुर, जालौर, नागौर, बीकापुर, हनुमानगढ़ और अन्य जिलों में भी फैल रही है।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्‍याण राज्‍य मंत्री कैलाश चौधरी ने लंपी रोग से बड़ी संख्‍या में गायों की मौत की बात स्‍वीकारते हुए कहा है कि सरकार केंद्रीय वैज्ञानिक दल की सिफारिशों के आधार पर इसके इलाज के लिए जरूरी कदम उठाएगी। एक केंद्रीय दल ने हाल ही में प्रभावित इलाके का दौरा किया था। पशुओं पर इस रोग के कहर का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अकेले जोधपुर जिले में पिछले दो सप्ताह में 254 मवेशी इस बीमारी से अपनी जान गँवा चुके हैं। राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड के अध्यक्ष राजेन्द्र सिंह सोलंकी ने पिछले दिनों विवशता जाहिर करते हुए कहा था कि इस बीमारी से बचने के लिए कोई टीका उपलब्ध नहीं है।

गुजरात में भी लंपी का कहर

गुजरात के कुल 33 जिलों में से 17 में अब तक 1200 से ज्यादा मवेशी ‘लंपी’ रोग के कारण मर चुके हैं। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए सर्वेक्षण, उपचार और टीकाकरण की गति बढ़ा दी है और पशुओं के मेले के आयोजन पर भी रोक लगा दी है। राज्य के कृषि और पशुपालन मंत्री राघव जी पटेल ने कहा कि इस संक्रामक रोग की वजह से शनिवार (30 जुलाई 2022) तक 1240 मवेशियों की मौत हो चुकी है। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य में इस वायरस का पहला केस सामने आने के साथ ही पशुपालन मेडिकल व अन्य विभागों की बैठक बुलाकर पशुओं के उपचार व टीकाकरण का कार्य युद्ध स्तर पर चलाने का निर्देश दिया था। बचाव के लिए 5.74 लाख पशुओं को टीका दिया जा चुका है।

गुजरात के 17 जिले प्रभावित

पटेल ने कहा कि प्रभावित जिलों में सौराष्ट्र, कच्छ, जामनगर, देवभूमि द्वारका, राजकोट, पोरबंदर, मोरबी, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, बनासकांठा, पाटण, सूरत, सुरेंद्रनगर, भावनगर अरवल्ली और पंचमहल शामिल है। राजकोट जिला प्रशासन के अनुसार, अन्य राज्यों, जिलों, तालुका और शहरों से मवेशियों के आवागमन पर 21 अगस्त तक पाबंदी लगा दी गई है। पशुओं को अलग-थलग रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन ने मरे हुए मवेशियों को खुले में फेंकने पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। मंत्री ने कहा कि प्रभावित जिलों के 1746 गाँवों में 50328 मवेशियों का इलाज किया जा चुका है।

सबसे पहले अफ्रीका में फैला यह रोग

यह रोग सबसे पहले 1929 में अफ्रीका में फैला था। पिछले कुछ सालों में यह दुनिया के अन्य हिस्सों में भी फैला है। साल 2015 में तुर्की और ग्रीस और 2016 में रूस जैसे देश में इसने तबाही मचाई। जुलाई 2019 में इसे बांग्लादेश में देखा गया, जहाँ से ये कई एशियाई देशों में फैल रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, लंपी स्किन डिजीज साल 2019 से अब तक सात एशियाई देशों में फैल चुका है। अगस्त 2019 में भारत और चीन, जून 2020 में नेपाल, जुलाई 2020 में ताइवान, भूटान, अक्टूबर 2020 वियतनाम में और नंवबर 2020 में हांगकांग तक पहुँच गया।

‘झारखंड सरकार गिराने की साजिश, CM सरमा से मिलवाने का लालच’: असम के मंत्री ने बताई कॉन्ग्रेस MLA के आरोपों की सच्चाई, कैश के साथ धराए थे 3 विधायक

कॉन्ग्रेस के विधायक कुमार जयमंगल ने दावा किया था कि उनकी पार्टी के जिन 3 विधायकों को बड़ी मात्रा में कैश के साथ गिरफ्तार किया गया था, उन्होंने उन्हें असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मिलवाने का लालच दिया था। अब असम के मंत्री और राज्य सरकार के प्रवक्ता पीजूष हजारिका ने इन आरोपों की सच्चाई बताई है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से कॉन्ग्रेस विधायक के आरोपों की पोल खोली है।

उन्होंने जानकारी दी, “मनगढंत FIR दायर करने से 5 दिन पहले असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा उन्हें केंद्रीय कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी के आवास पर लेकर गए थे। ये बात गुरुवार (26 जुलाई, 2022) को सुबह 9 बजे की है। ट्रेड यूनियन से जुड़े एक मुद्दे पर सहायता के लिए उन्होंने ये मुलाकात करवाई थी। कुमार जयमंगल नियमित रूप से सीएम सरमा से मिलते रहे हैं। असम सीएम और जनजातीय विधायकों के विरुद्ध झूठे आरोप लगाने के लिए उन्हें कानून का सामना करना चाहिए।”

बता दें कि बेरमो विधानसभा क्षेत्र से विधायक कुमार जयमंगल सिंह ने एक पत्र लिख कर आरोप लगाया था कि हावड़ा में कैश के साथ पकड़े गए तीनों विधायक झारखंड सरकार गिराने की साजिश में शामिल थे और सीएम सरमा भी इसका हिस्सा हैं। पत्र में उन्हें कोलकाता बुला कर गुवाहाटी ले जाकर सीएम सरमा के साथ बैठक कराने के लालच का आरोप लगाया गया था। जबकि हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा था कि वो 22 साल कॉन्ग्रेस में रहे हैं, ऐसे में वहाँ के शीर्ष नेतृत्व के लोग उनके संपर्क में तो रहते हैं लेकिन राजनीति की बातें नहीं होतीं।

शनिवार (31 जुलाई, 2022) की देर रात हावड़ा पुलिस को कैश से भरी गाड़ियों के जाने की सूचना मिली थी। हालाँकि, ये नहीं पता चला कि इनमें कौन लोग हैं। पुलिस ने तीनों विधायकों की गाड़ियों को रोका और उनकी तलाशी ली तो उसमें भारी मात्रा में कैश बरामद किया गया और पता चला कि ये तीनों विधायक हैं। इसके बाद पुलिस ने ड्राइवर सहित कार में सवार पाँच लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। विधायक इरफान अंसारी वही व्यक्ति हैं, जिन्होंने अग्निपथ योजना का विरोध करते हुए कहा था कि ‘देश खून से लथपथ हो जाए, लेकिन अग्निपथ लागू नहीं होने देंगे।’

‘लिंचिस्तान, कागज नहीं दिखाएँगे…”: अक्षय कुमार की ‘रक्षाबंधन’ वाली कनिका का जहर वायरल, फिल्म बायकॉट के डर से आधे घंटे में डिलीट किए 17 हिंदूफोबिक ट्वीट

अक्षय कुमार की ‘रक्षाबंधन’ के रिलीज से पहले फिल्म की लेखिका कनिका ढिल्लों ने ट्विटर पर सफाई अभियान शुरू किया है। कनिका ने अचानक से वे ट्वीट डिलीट करने शुरू किए हैं जिनसे उनकी हिंदू घृणा स्पष्ट झलक रही थी। एक यूजर के अनुसार उन्होंने सोमवार 1 अगस्त 2022 को करीब आधे घंटे के भीतर 17 ट्वीट हटाए। लेकिन उससे पहले इनमें से ज्यादातर के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके थे।

इन पुराने ट्वीट्स में देख सकते हैं कि कैसे कनिका ढिल्लों ने उस हर प्रदर्शन को समर्थन दिया जो मोदी सरकार के विरोध में था या फिर जहाँ हिंदुत्व को गाली दी गई अथवा देश को कोसा गया। सेलिब्रिटी होने के बावजूद एक से ज्यादा ट्वीट में कनिका ढिल्लों को भारत को लिंचिस्तान कहते देखा जा सकता है।

उन्होंने अकबर खान की हत्या मामले में भारत को लिंचिस्तान कहा था। उन्होंने लिखा था, “गौ-माता का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान!#लिंचिस्तान! गौमाता भी डरी हुई हैं और थक गई हैं! वह भी देश छोड़कर यूएस जाना चाहती हैं और तब तक ट्रंप को झेलने को तैयार हैं जब तक कि हिंदुस्तान में शांति, सामान्य बुद्धि और इंसानियत नहीं लौट आती।”

इसके अलावा जब 2018 में राजनाथ सिंह ने कहा था कि जरूरत पड़ने पर देश में लिंचिंग के विरुद्ध कानून लाया जाएगा तब भी कनिका ने इसे सवाल खड़े करते हुए पूछा था कि कौन से समय का इंतजार किया जा रहा है। उन्होंने अपने ट्वीट में केवल गौरक्षकों पर सवाल नहीं उठाए थे, बल्कि गौ माता पर भी प्रश्न खड़े किए थे।

इसके बाद जब साल 2019 में नागरिक संशोशन अधिनियम के विरुद्ध प्रदर्शन शुरू हुए तो कनिका ढिल्लों सक्रिय रूप से प्रदर्शनकारियों के समर्थन में ट्वीट करती दिखीं थी। एक ट्वीट में वह कागज नहीं दिखाएँगे कहती दिख रही हैं। उन्होंने अपने ट्वीट में पुलिस को इस तरह पेश किया था कि प्रदर्शन के दौरान सिर्फ मुस्लिमों पर हमला नहीं किया, बल्कि साथ में उनके वाहनों में भी तोड़फोड़ की थी।

इसी तरह मध्य प्रदेश के खरगोन में जब हिंदुओं की शोभा यात्रा पर पत्थरबाजी हुई थी तो कनिका ढिल्लों ने सारा ठीकरा हिंदुओं पर फोड़ दिया था। उन्होंने कहा था, “मैं हिंदू हूँ और मुझे भारतीय मुस्लिमों की इज्जत करना सिखाया गया है। यही हिंदुओं के जीने का ढंग है। हम करम में विश्वास रखते हैं और इस तरह मस्जिदों पर पत्थरबाजी औप गरीब मुस्लिमों के घर उजाड़ना करम नहीं है। ये पागलपन है और हिंदुत्व के विरुद्ध है।”

बता दें कि कनिका ढिल्लों का मोदी विरोधी व्यवहार हमेशा से नहीं रहा। 2014 में उनके द्वारा किए गए ट्वीट देखें तो पता चलता है कि 2014 लोकसभा चुनावों के दौरान और उससे पहले वह मोदी समर्थक थीं। लेकिन अचानक उन्होंने ट्विटर पर भारत को नेगेटिव शेड में दिखाने के लिए हिंदुत्व को गाली देनी शुरू कर दी।

काम की बात करें तो कनिका ढिल्लों ने हसीन दिलरुबा, 2018 में आई मनमर्जियाँ, जजमेंटल है क्या, साइज जीरो जैसी फिल्मों में अपना योगदान दिया है।

हनुमान चालीसा पढ़ने पर अयोध्या के इंटर कॉलेज से 2 हिंदू छात्रों को निकाला: धार्मिक उन्माद फैलाने का आरोप, पीड़ित बोला- कुरान पढ़ने को कह रहे थे

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक इंटर कॉलेज है। नाम है- फैजे आम मुस्लिम कॉलेज। यह कॉलेज विवादों में आ गया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार दो हिंदू छात्रों को कॉलेज से इस निकाल दिया गया, क्योंकि उन्होंने हनुमान चालीसा पढ़ी। वहीं एक पीड़ित छात्र का कहना है कि उनसे कुरान पढ़ने को कहा जा रहा था। इसके बाद उन्होंने हनुमान चालीसा पढ़ी।

रिपोर्ट के अनुसार कॉलेज से बाहर किए गए हिंदू छात्रों पर धार्मिक उन्माद फैलाने का आरोप है। लेकिन एक पीड़ित छात्र का कहना है कि कुरान की जगह हनुमान चालीसा पढ़ने पर उसका कॉलेज से नाम काट दिया गया। वहीं दूसरे छात्र को तो इस बात की जानकारी भी नहीं है कि उसका नाम क्यों काटा गया।

11वीं कक्षा के छात्र सौरव यादव ने बताया कि वह मुस्लिम छात्र के साथ बैठकर रहीम के दोहे पढ़ रहा था। तभी मुस्लिम छात्र ने आपत्ति जताते हुए दोहे की जगह कुरान पढ़ने के लिए कहा। वह अकबर की तारीफ भी करने लगा। इसके बाद सौरव यादव रामायण और हनुमान चालीसा पढ़ने लगा। मुस्लिम छात्रों ने इसकी शिकायत कॉलेज प्रबंधन से कर दी। सौरव का कहना है कि प्रबंधन ने उसकी बात सुने ही नाम काट कर टीसी जारी कर दिया।

कॉलेज प्रबंधन ने छात्र सौरव के साथ एक अन्य छात्र माधवेंद्र प्रताप सिंह का नाम भी कॉलेज से काट दिया गया है। माधवेंद्र का कहना है कि उसे इस मामले की जानकारी भी नहीं थी। फिर भी उसका नाम कॉलेज से काट दिया गया। उसका कहना है कि वह क्लास में बैठकर साइंस की होमवर्क कर रहा था। इस बीच क्या हुआ, उसे कुछ भी मालूम नहीं। 

कॉलेज के प्रबंधक मोहम्मद अख्तर सिद्दीकी ने दोनों हिंदू छात्रों के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे साजिश करार दिया है। प्रबंधक का कहना है कि कॉलेज की गरिमा को गिराने का काम किया जा रहा है। बदनाम किया जा रहा है।

विश्व हिंदू परिषद (VHP) के प्रांतीय मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने इस मामले में कॉलेज प्रिंसिपल और मैनेजर को गिरफ्तार करने की माँग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि अगर तीन दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने इस मुद्दे को उठाा जाएगा। वहीं DM नीतीश कुमार ने मामले की जाँच करवाने की बात कही है।    

‘रात के तीन बजे भी हीरो घर बुलाता है तो आपको जाना पड़ेगा, नहीं तो फिल्म से बाहर’: बॉलीवुड में हिरोइन का हाल मल्लिका शेरावत ने बताया

बॉलीवुड में कास्टिंग काउच नई नहीं है। कई एक्ट्रेसेस इस बात का जिक्र कर चुकी हैं कि काम पाने के लिए उन्हें कई तरह के समझौते (Compromise) भी करने पड़े हैं। ‘मर्डर’ एक्ट्रेस मल्लिका शेरावत (Mallika Sherawat) ने एक बार फिर मनोरंजन जगत के इस स्याह सच से पर्दा उठाया है।

मल्लिका शेरावत ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत के दौरान कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में एक हीरोइन को अभिनेता कंट्रोल करते हैं। जो हिरोइन एक्टर्स की बातें मानती हैं, उन्हें वे पसंद करते हैं। मल्लिका ने कहा, “यहाँ यह बेहद साधारण चीज है। वे सिर्फ उन अदाकाराओं को पसंद करते हैं, जिन्हें वे कंट्रोल कर सकते हैं और जो उनके साथ समझौता करने को राजी होती हैं। मैं उनमें से नहीं हूँ। मेरा ऐसा व्यक्तित्व नहीं है। सभी ए-लिस्ट एक्‍टर ने मेरे साथ काम करने से इनकार कर दिया, क्योंकि मैं समझौता करने के लिए तैयार नहीं हुई।”

हाथ से निकल जाएगी फिल्म

बातचीत के दौरान जब मल्लिका से ‘समझौता’ का मतलब पूछा गया तो उन्होंने साफ-साफ कहा, “कुछ भी। वह कहेंगे बैठो, खड़ी हो जाओ। इतना ही नहीं, अगर हीरो आपको सुबह के तीन बजे कॉल करके घर बुलाता है तो आपको जाना होगा। अगर आप उस सर्कल में हैं और वे फिल्म कर रहे हैं। अगर आप नहीं जाते तो फिल्म से बाहर हो सकते हैं।”

अपने काम से काफी खुश हैं मल्लिका

मल्लिका शेरावत ने इंडस्ट्री में शुरू से ही अपनी पहचान एक बोल्ड एक्ट्रेस के रूप में बनाई। वह ‘द मिथ’, ‘हिस्स’, ‘पॉलिटिक्स ऑफ लव’ जैसी तमाम फिल्मों में नजर आईं। फिर अचानक वह फिल्म इंडस्ट्री से गायब हो गईं। मल्लिका अब एक बार फिर फिल्मी दुनिया में लौटी हैं। वह पिछले महीने रिलीज हुई फिल्म ‘आरके/आरके’ में नजर आईं। 

सिल्वर स्क्रीन से गायब होने का कारण बताते हुए उन्होंने कहा, “मैंने अपना बेस्ट करने की कोशिश की। मैंने अच्छे रोल्स खोजने की कोशिश की। मैंने कुछ गलतियाँ भी कीं, जैसे हम सब करते हैं। कुछ भूमिकाएँ अच्छी थीं, कुछ इतनी अच्छी नहीं थीं। यह एक एक्टर की जर्नी का हिस्सा है, लेकिन कुल मिलाकर यह शानदार रहा है।”

आगे उन्होंने कहा, “मैं हरियाणा से हूँ। मुझे मर्डर फिल्म करनी पड़ी, जो इतनी फेमस हो गई कि जैकी चैन ने मुझे अपनी फिल्म में कास्ट किया। मैंने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से दो बार मुलाकात की।” फिलहाल, मल्लिका अपने करियर में मिलने वाले ऑफर्स से बेहद खुश हैं। मल्लिका ने यह भी कहा कि उन्होंने इंडस्ट्री में अब तक जितना काम किया है, वह उससे खुश हैं और संतुष्ट हैं। बता दें कि मल्लिका इससे पहले भी कई बार कास्टिंग काउच पर बात कर चुकी हैं। 

काबुल में मारा गया अलकायदा सरगना जवाहिरी: भारतीय मुस्लिमों से कहा था- हथियार इकट्ठा कर छेड़ो जिहाद, बुर्के वाली की शान में पढ़ी थी कविता

अलकायदा का सरगना अयमान अल जवाहिरी काबुल में की गई एयर स्ट्राइक में मारा गया। ये जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन के हवाले से आई। उन्होंने जवाहिरी की मौत को इंसाफ कहा। वहीं अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि 2011 में लादेन के मारे जाने के बाद यह अलकायदा को सबसे बड़ा झटका है। जवाहिरी के ऊपर 25 मिलियन डॉलर का ईनाम भी था।

‘यूएस ढूँढकर मारेगा’: राष्ट्रपति जो बायडेन

राष्ट्रपति बायडेन ने अपने ट्विटर पर कहा, “शनिवार को मेरे निर्देशों पर अमेरिका ने अफगानिस्तान के काबुल में सफलतापूर्वक एयर स्ट्राइक की, जिसमें अलकायदा का अयमान अल जवाहिरी मारा गया। न्याय मिल गया है।”

उन्होंने कहा, “अमेरिका अपने नागरिकों की रक्षा करेगा और जो भी हमें नुकसान पहुँचाएगा उनके खिलाफ क्षमता का प्रदर्शन होता रहेगा। आज हमने साफ कर दिया है कि इससे मतलब नहीं है कि कितना समय लगा या तुम कहा छिपे, अगर तुम लोगों के लिए खतरा हो तो अमेरिका तुम्हें ढूँढ के मार डालेगा।”

बता दें कि मीडिया में नाम न देने की शर्त पर कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में अमेरिकी खुफिया एजेंसी ने ड्रोन से हमला किया था जिसमें जवाहिरी मारा गया। वहीं एक प्रशासन अधिकारी ने कहा- संयुक्त राज अमेरिका ने अफगानिस्तान में अलकायदा के खिलाफ आतंकवाद विरोधी अभियान चला रखा है। ये ऑपरेशन पूरी तरह सफल रहा और कोई नागरिक इससे हताहत नहीं हुआ।

इस हमले को लेकर अफगानिस्तान के गृह मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल नफी ताकोर ने कहा, “शेरपुर में एक घर को रॉकेट से निशाना बनाया गया। कोई हताहत नहीं है। घर खाली था।” लेकिन तालिबान सूत्र मीडिया को बता रहे हैं कि जिस घर पर शेरपुर में हमला हुआ वहाँ पर सुबह ड्रोन उड़ते देखे गए थे।

वीडियो आया सामने

सोशल मीडिया पर इस घटना के संबंध में एक वीडियो भी शेयर किया जा रहा है। ये वीडियो कथिततौर पर उस घर का है जिसमें जवाहिरी था और हर सुबह उसकी बालकनी में टहलने आता था। बताया जा रहा है कि अमेरिका के सर्विलांस ने अल जवाहिरी को यहीं पर देखा था। इसके बाद उन्होंने कन्फर्म करके प्लॉनिंग के साथ उसे मार डाला। अमेरिका ने ये सुनिश्चित किया कि जिस समय वह जवाहिरी पर हमला बोलें उस समय जवाहिरी के परिवार को कोई नुकसान न पहुँचे, इसलिए उन्होंने हेल फायर जैसी मिसाइल का प्रयोग किया, जिसने घर में सीधे जवाहिरी को टारगेट किया।

2001 में अमेरिका में हुए हमले में जवाहिरी का हाथ था

बता दें कि अफगानिस्तान में जवाहिरी के छिपे होने की बात सामने आने के बाद तालिबान पर सवाल उठे कि उन्होंने अल जवाहिरी को शरण दी हुई थी। लेकिन तालिबान ने जवाब की बजाय सबूत मिटाने शुरू कर दिए। उसने जवाहिरी के बीवी-बच्चों को घर से हटाया और इस मुद्दे पर पूरी तरह चुप्पी साध ली। बस कुछ कहा तो यही कि अमेरिका ने नियमों का उल्लंघन करके ड्रोन स्ट्राइक की है। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। उन्होंने एक भी बार अल जवाहिरी का नाम नहीं लिया।

उल्लेखनीय है कि अलकायदा का सरगना अल जवाहिरी वही खूँखार आतंकी था जिसने 11 सितंबर 2001 के हमलों में 4 विमानों को हाइजैक करने में मदद की थी। इन्हीं चार जहाजों में 2 वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दोनों टॉवर्स से टकराए थे और तीसरे को विमान अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन से टकराया गया था। चौथा जहाज शेंकविले के एक खेत में क्रैश हुआ था। इस घटना में लगभग 3 हजार से ज्यादा लोग मरे थे। इसके अलावा जवाहिरी ने समय-समय पर भारतीय मुस्लिमों को भी भड़काने का काम किया था। वह कहता था कि भारतीय मुस्लिम हथियार इकट्ठा करके देश के खिलाफ जिहाद छेड़ें। इतना ही नहीं भारत में हिजाब विवाद के समय उसने बुर्के वाली लड़की की शान में कविता भी पढ़ी थी।

अब आसिम रियाज ने डाली नंगी तस्वीर, हिमांशी खुराना के हैं बॉयफ्रेंड: लोग बोले – रणवीर सिंह ने सबको बिगाड़ दिया

बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह (Ranveer Singh) अपने न्यूड फोटोशूट को लेकर खासा विवादों में हैं। इसी बीच ‘बिग बॉस’ के एक्स कंटेस्टेंट एक्टर आसिम रियाज (Asim Riaz) ने सोशल मीडिया पर अपनी न्यूड फोटोज शेयर की हैं।

इंस्टाग्राम पर शेयर की गई तस्वीरों में वो शर्टलेस नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपनी डेनिम को काफी नीचे कर फोटोशूट करवाया है। इसके बाद से वह यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं। उनकी फोटो पर कमेंट कर वह इसके लिए रणवीर सिंह को जिम्मेदार बता रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट किया, “रणवीर भैया ने सबको बिगाड़ दिया।”

फोटो साभार: आसिम रियाज का इन्स्टाग्राम

वहीं, एक अन्य यूजर ने लिखा, “भाई ये कुछ ज्यादा हो गया।” एक ने लिखा “हाय गर्मी।” इसके अलावा कुछ यूजर्स ऐसे भी हैं जो उन्हें रणवीर सिंह से प्रभावित बता रहे हैं। आपको बता दें कि आसिम की ये फोटो अभी की नहीं हैं, बल्कि 2017 की है, जो उन्होंने 30 जुलाई 2022 को अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया था।

फोटो साभार: आसिम रियाज का इन्स्टाग्राम

मालूम हो कि आसिम रियाज और हिमांशी खुराना अक्सर अपने रिश्ते को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। ‘बिग बॉस 13’ (Bigg Boss 13) के दौरान आसिम रियाज और हिमांशी खुराना ने अपने प्यार का ऐलान किया था। शो खत्म होने के बाद भी दोनों का प्यार एक दूसरे के लिए कई मौकों पर नजर आता है। जब हिमांशी से आसिम के साथ उनकी शादी की योजना के बारे में पूछा गया था, तो अभिनेत्री ने शादी को एक बड़ी कमिटमेंट बताते हुए कहा था कि वे इसमें जल्दबाजी नहीं करना चाहती हैं।

गौरतलब है कि ईटाइम्स टीवी से बात करते हुए हिमांशी खुराना ने कहा था, “आसिम ने अभी पूरी तरह से काम करना शुरू कर दिया है और यह समय है कि वह आगे बढ़े। इसलिए अभी हम शादी के बारे में नहीं सोच रहे हैं। मैं भी चौबीसों घंटे काम कर रही हूँ और कुछ अद्भुत ऑफ़र हैं। शादीशुदा होने का मतलब है कि हमें एक-दूसरे को समय देना होगा। फिलहाल हम विभिन्न इंडस्ट्री में काम कर रहे हैं। हमारी परवरिश, धर्म सब कुछ अलग है। हम नहीं चाहते हैं कि जल्दी करो और चीजों को गड़बड़ करो। शादी एक बड़ी कमिटमेंट है। हम जल्दबाजी में शादी नहीं करना चाहते हैं, क्योंकि ऐसे में रिश्ता दूसरों के लिए मजाक बन जाता है। हम इसके लिए तैयार रहना चाहते हैं और चाहते हैं कि यह सही समय पर हो। यह एक परिपक्व निर्णय होगा।”