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शौहर ने हथौड़ों से मारा, बिन पूछे बच्चों को मुस्लिम बनाया; कोर्ट ने दी कस्टडी तो कट्टरपंथी कह रहे- इस्लाम छोड़ने की सजा मौत: मलेशिया में हिंदू माँ का संघर्ष

कुछ महीने पहले मलेशिया में अपने मुस्लिम शौहर से अपने बच्चों की कस्टडी की लड़ाई लड़ने वाली हिंदू महिला एक बार फिर चर्चा में है। खबर है 35 साल की लोह सिउ हॉन्ग नाम की हिंदू चीनी महिला पर कट्टरपंथी दबाव बनाना चाहते हैं ताकि वह अपने बच्चों को मुस्लिम ही रहने दें, जबकि लोह का सवाल रहा है कि उनके बच्चों का धर्मांतरण उनकी बिन मर्जी के हुआ था तो ये वैध कैसे हो सकता है।

जानकारी के मुताबिक मलेशिया की इस्लामी पार्टी जो कि सरकार में एक हिस्सा रखती है वो लोह को सलाह दे रही है कि वो बच्चों की घरवापसी न करवाएँ और अगर बच्चे मुस्लिम बन गए हैं तो उन्हें वही रहने दें क्योंकि इस्लाम में मजहब छोड़ने की सजा सिर्फ मौत होती है।

समूह के इन्फॉर्मेशन चीफ खैरिल निजाम खिरुद्दी ने एएफपी को इस संबंध में कहा, “अगर हम उस महिला से मिलते हैं तो हम उन्हें मनाएँगे कि वो बच्चों को मुस्लिम ही रहने दें।”

बता दें कि लोह सिऊ हॉन्ग नाम की 35 वर्षीय हिंदू चीनी महिला ने इसी साल 21 फरवरी को अपने बच्चों की कस्टडी कानूनी लड़ाई लड़के पाई थी। उन्होंने अपने शौहर पर आरोप लगाया था कि उसने बिन उनकी मर्जी पूछे बच्चों का इस्लामी धर्मांतरण करवा दिया। लेकिन, अब चूँकि लोह के पास बच्चों की कस्टडी है तो वो चाहती हैं कि उनके बच्चे अपने असली धर्म का अनुसरण करें।

उल्लेखनीय है कि हिंदू महिला लोह अपने शौहर से मार्च 2019 में अलग हुई थीं। उनका आरोप था कि उनका शौहर नागाहस्वरान मुनियांदी उन्हें बेरहमी से मारता था, उनका सिर दीवार में लड़ा देता था, उनके पैर तोड़ देता था, उन पर हथौड़े से वार करता था और प्रेस उनके सिर पर फेंक देता था। इन्हीं यातनाओं से तंग आकर वह अपने बच्चों के साथ घर से भाग गई थीं और शरीर पर चोट होने के कारण काफी समय अस्पताल में भी रहीं।

लोह के अनुसार जब वह हॉस्पिटल में थीं तभी उनका शौहर उनके तीनों बच्चों (1 लड़का और दो जुड़वा लड़कियों) को साथ ले गया और उनका धर्मांतरण करवा दिया। चूँकि तीनों ही बच्चे नाबालिग थे और सिउ ने अपनी सहमति भी नहीं दी थी, तो इस पूरे धर्मांतरण को एक तरफा कहा गया।

हॉन्ग ने बड़ी मुश्किल से अपने बच्चों की खोजबीन की और पुलिस की मदद से उन तक पहुँची। इसी बीच उनका शौहर भी ड्रग सिलसिले में गिरफ्तार हो गया, लेकिन बच्चों की कस्टडी इस्लामी समूह को देकर गया। ये लोग लोह को उनके बच्चों से मिलने भी नहीं देते थे। जब महिला ने पुलिस से बारे में बताया तो वह अपने बच्चों से मिल पाईं और पूरा केस शुरू हुआ। 2019 में ही उन्हें अपने बच्चों की अंतरिम कस्टडी मिली, लेकिन इसके बाद कोविड के कारण प्रक्रिया में देर होती गई। मार्च 2021 में जाकर लोह ने अपने बच्चों की कस्टडी ढंग से पाई।

‘अर्पिता मुखर्जी के साथ रिलेशनशिप में थे TMC के मंत्री पार्था चटर्जी ‘: रिपोर्ट में दावा- ED ने कोर्ट को बताया, मिल गई वह ‘ब्लैक डायरी’ जिसमें दर्ज हैं कई राज

SSC भर्ती घोटाले में गिरफ्तार किए गए पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्था चटर्जी और उनकी करीबी अभिनेत्री अर्पिता मुखर्जी को लेकर रोज नए खुलासे हो रहे हैं। अब अर्पिता मुखर्जी के पास से एक ‘ब्लैक डायरी’ मिली है, जिसमें अवैध रूप से SSC में भर्ती किए गए लोगों के नाम दर्ज हैं। ED द्वारा उड़िया-बंगाली अभिनेत्री के घर से जब्त की गई इस डायरी में इस स्कैम को लेकर कई राज़ छिपे हैं। इसमें ये भी लिखा कि किस जगह से कितनी रकम कहाँ जानी है।

साथ ही मेरिट लिस्ट में किन-किन को लेना है, ये भी इसमें दर्ज है। ऐसे भी अभ्यर्थियों के नाम दर्ज हैं, जिन्हें परीक्षा में पास होने लायक अंक तो नहीं मिले लेकिन उनके मार्क्स बढ़ा कर उन्हें पास कराया गया। किसने कितने रुपए दिए और कितना बकाया रखा है, इसमें ये भी दर्ज है। साथ ही एजेंटों के नाम भी दर्ज हैं, जिन्हें रुपए इकट्ठा करने और इधर-उधर करने के लिए भेजा जाता था। पश्चिम बंगाल सरकार के उच्च शिक्षा एवं स्कूली शिक्षा विभाग के बारे में भी अलग-अलग कोडवर्ड्स में बातें लिखी हुई हैं।

विभाग में किसका क्या किरदार था और किसे क्या करना था, ये सब कोड के रूप में ही इसमें दर्ज है। इससे खुलासा होता है कि कैसे SSC की परीक्षाओं में कई उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को नौकरी नहीं दी गई और कई फेल हुए अभ्यर्थियों को भर्ती कर लिया गया। अर्पिता मुखर्जी के घर से न सिर्फ 20 करोड़ रुपए नकद मिले, बल्कि मंत्री पार्था चटर्जी के साथ उनके एक जॉइंट संपत्ति के कागजात भी मिले हैं। मंत्री के नाम वाला एक लिफाफा भी मिला है, जिसमें 5 लाख रुपए रखे हुए थे।

शिक्षकों की भर्तियों में मनी लॉन्ड्रिंग की जाँच शुरू की गई थी, जिसमें पार्था चटर्जी फ़िलहाल 3 अगस्त तक ED की कस्टडी में हैं। अर्पिता मुखर्जी के आवास से बड़ी मात्रा में कीमती गहने भी बरामद हुए थे। दोनों ने साथ मिल कर एक जगह जमीन भी खरीदी थी। एडिशनल सॉलिसिटर जनरल सूर्यप्रकाश वी राजू ने अदालत में बताया कि अर्पिता मुखर्जी से जुड़े कई दस्तावेज मंत्री पार्था चटर्जी के घर से मिले। अधिवक्ता ने ये भी बताया कि दोनों रिलेशनशिप में थे और एक-दूसरे के काफी करीबी हैं।

मोबाइल फोन के जरिए मंत्री पार्था चटर्जी और अभिनेत्री अर्पिता मुखर्जी हमेशा संपर्क में रहते थे। दोनों को आमने-सामने बिठा कर पूछताछ की ज़रूरत पर भी ED के वकील ने जोर दिया। हालाँकि, पार्था चटर्जी के वकील ने इसे नकारते हुए कहा कि वो अपनी जूनियर को कॉल करते हैं, इसका अर्थ ये नहीं कि दोनों में अंतरंग सम्बन्ध हैं। अर्पिता मुखर्जी का कहना है कि उनका किसी भी पार्टी के साथ सम्बन्ध नहीं है। पार्था चटर्जी के साथ रिलेशनशिप को भी उन्होंने नकार दिया था। अब इस मामले में TMC विधायक माणिक भट्टाचार्य को समन किया गया है।

प्रियंका गाँधी के ‘समर्थन’ को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया दिखावा, कोर्ट में सेविकाओं के खिलाफ कॉन्ग्रेस नेता ही हैं AAP सरकार के वकील

कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा ने दिल्ली में आँगनबाड़ी कार्यकर्तताओं को बर्खास्त किए जाने को लेकर सोमवार (25 जुलाई, 2022) को दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा था। हालाँकि, अब आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने ही प्रियंका गाँधी के समर्थन पर सवाल उठा दिया है।

बता दें कि दिल्ली सरकार ने मानदेय बढ़ाने की माँग करने वाली 800 से अधिक आँगनबाड़ी सेविकाओं को बर्खास्त कर दिया है। प्रियंका गाँधी ने इस कदम को अन्यायपूर्ण करार दिया और कार्यकर्ताओं की तत्काल बहाली की माँग की थी।

इसके बाद आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रियंका के समर्थन को झूठा करार दिया, क्योंकि कॉन्ग्रेस पार्टी के ही नेता अभिषेक मनु सिंघवी बर्खास्त किए गए कर्मचारियों के मामले में केजरीवाल सरकार का बचाव कर रहे थे। संघ का आरोप है कि आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रति कॉन्ग्रेस की ‘सहानुभूति’ सिर्फ एक ‘तमाशा’ थी और पार्टी केवल ‘चुनावी लाभ’ के लिए इस मुद्दे को उठा रही थी। गाँधी के समर्थन पर प्रतिक्रिया देते हुए, दिल्ली राज्य आँगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका संघ (DSAWHU) ने कहा कि कॉन्ग्रेस नेता का समर्थन ‘झूठी सांत्वना’ के अलावा और कुछ नहीं है।

DSAWHU ने सोमवार को एक बयान में कहा, “प्रियंका गाँधी दिल्ली आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के संघर्ष का ‘समर्थन’ कर रही हैं, जबकि कॉन्ग्रेस के अपने राज्यसभा सांसद और पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी दिल्ली सरकार की ओर से आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ वकालत कर रहे हैं।” 

DSAWHU का कहना है कि आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए कॉन्ग्रेस की ‘सहानुभूति’ ‘तमाशा’ है और पार्टी केवल ‘चुनावी लाभ’ के लिए इस मामले को उठा रही है। संघ ने आगे कॉन्ग्रेस पार्टी पर तंज कसते हुए कहा, “अगर कॉन्ग्रेस सम्मानजनक मानदेय की माँग के प्रति इतनी सहानुभूति रखती है तो वह उन राज्यों में योजना कार्यकर्ताओं के मानदेय को बढ़ाकर 25,000 रुपए क्यों नहीं कर रही है जहाँ उनकी सरकार सत्ता में है?”

गौरतलब है कि मानदेय बढ़ाने और काम के सम्मानजनक घंटों की माँग करते हुए एक महीने से अधिक समय से हड़ताल करने को लेकर दिल्ली की 884 आँगनबाड़ी सेविकाओं को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। इन कर्मियों को उनके 39-दिवसीय प्रदर्शन के खिलाफ 14 मार्च को बर्खास्तगी नोटिस जारी किए गए थे।

इसके बाद प्रियंका गाँधी ने ट्वीट किया था, “दिल्ली सरकार ने कुछ दिनों पहले ही विधायकों के मानदेय में बढ़ोतरी की थी। लेकिन एक अन्यायपूर्ण कदम उठाते हुए सरकार ने सम्मानजनक मानदेय की माँग करने वाली 800 से अधिक आँगनबाड़ी सेविकाओं को बर्खास्त कर दिया। मेहनत के बदले अच्छा मानदेय माँगना अपराध नहीं है।” उन्होंने कहा, “इन आँगनबाड़ी सेविकाओं को तुरंत बहाल किया जाना चाहिए।”

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत की उम्मीदों को बड़ा झटका: बाहर हुए नीरज चोपड़ा, वर्ल्ड चैंपियनशिप में पट्टी बाँध सिल्वर पर मारा था भाला

इंग्लैंड के बर्मिंघम में इस साल होने वाले कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स (Common wealth Games2022) से पहले भारत को तगड़ा झटका लगा है। ओलंपिक चैंपियन और वर्ल्ड चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रचने वाले नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) कॉमनवेल्थ गेम्स से बाहर हो गए हैं। चोट की वजह से उन्हें टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा है।

इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (IOA) के महासचिव राजीव मेहता ने नीरज के कॉमनवेल्थ गेम्स से बाहर होने की पुष्टि की है। मेहता ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया, “नीरज चोपड़ा कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में हिस्सा नहीं लेंगे। वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप के फाइनल में चोटिल होने के कारण वह फिट नहीं हैं। उन्होंने हमें इस बारे में सूचित कर दिया है।”

कॉमनवेल्‍थ गेम्‍स (CWG) की शुरुआत 28 जुलाई से बर्मिंघम में होनी है। इस गेम्स के लिए नीरज चोपड़ा को भारत की सबसे बड़ी उम्मीद माना जा रहा था। ऐसे में उनका चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर होना भारत के लिए बहुत बड़ा झटका है।

दरअसल, नीरज को विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप के फाइनल के दौरान ही चोट लग गई थी। इसका खुलासा उन्होंने खुद किया था। वह जैवलिन थ्रो इवेंट के दौरान जाँघ पर पट्टी बाँधते भी नजर आए थे। इसके बाद उनका एमआरआई स्कैन हुआ था, जिसमें ग्रोइन इंजरी का पता लगा था। उन्हें तीन हफ्ते आराम की सलाह दी गई है। नीरज ने फाइनल के बाद कहा था, “मुझे चौथे थ्रो के बाद थोड़ा दर्द महसूस हुआ था। इसके बाद मैंने बैंडेज बाँधकर अगला थ्रो किया। फिलहाल, इवेंट से लौटा ही हूँ। इसलिए ज्यादा तकलीफ का पता नहीं चल रहा है। जाँच के बाद ही पता लगेगा यह चोट कितनी गंभीर है।”

गौरतलब है कि नीरज चोपड़ा ने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल हासिल कर इतिहास रचा था। उन्होंने 88.13 मीटर भाला फेंक (बेस्ट ऑफ 6 में से) कर यह मेडल हासिल किया था। वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उनसे पहले किसी भी भारतीय पुरुष ने कोई भी पदक नहीं जीता था। इससे पहले वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत के लिए एकमात्र मेडल अंजू बॉबी जॉर्ज ने 2003 में जीता था। उन्हें लॉन्ग जंप में ब्रॉन्ज मेडल मिला था।

₹16 लाख करोड़ का हुआ अडानी समूह का साम्राज्य, भारत को क्लीन एनर्जी का हब बनाने के लिए ₹5.60 लाख करोड़ लगाएँगे गौतम अडानी

गौतम अडानी ने मंगलवार (26 जुलाई, 2022) को कहा कि अडानी समूह का संयुक्त बाजार पूँजीकरण इस साल 200 अरब डॉलर (₹16 लाख करोड़) तक पहुँच गया है।

शेयरधारकों को संबोधित करते हुए गौतम अडानी ने कहा, “हमने डेटा सेंटर, डिजिटल सुपर ऐप, औद्योगिक क्लाउड, रक्षा, एयरोस्पेस, धातु और सामग्री के क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज की है, ये आत्मानिर्भर भारत के साथ कदम से कदम मिलाकर एक होते हुए किया गया है। इस साल हमारा ग्रुप मार्केट कैपिटलाइजेशन 200 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा गया है। इसलिए, 2022 में, हमने भारत की सीमाओं से परे भी व्यापक विस्तार की नींव रखी।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अडानी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडानी ने आज अडानी एंटरप्राइजेज की एनुअल जनरल मीटिंग में कहा, “भारत आने वाले सालों में क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में सबसे अग्रणी रहने वाला है। अडानी समूह भारत में निवेश करने से कभी भी पीछे नहीं हटा है और यहाँ हम अपना इंवेस्टमेंट बढ़ाते रहेंगे। हमारा आने वाले समय में 70 अरब डॉलर (₹5.60 लाख करोड़) से ज्यादा का खर्च करने का लक्ष्य है।”

अडानी समूह की वार्षिक आम बैठक को संबोधित करते हुए गौतम अडानी ने आज अब तक के कारोबार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “हम पिछले साल देश में सबसे बड़े एयरपोर्ट ऑपरेटर बन गए हैं। अडानी विल्मर के सफल आईपीओ ने कंपनी को देश की सबसे बड़ी एफएमसीजी कंपनी बनाने में मदद की है।”

अडानी ने कहा, “समूह ने कुछ सबसे बड़े सड़क अनुबंध प्राप्त किए हैं। साथ ही पोर्ट, लॉजिस्टिक्स, ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन, सिटी गैस और पाइप्ड नेचुरल गैस जैसे कारोबार में अपनी पहले से ही पर्याप्त बाजार हिस्सेदारी बढ़ रहा है। और भारत में होल्सिम की संपत्ति के अधिग्रहण के बाद, जिसमें दो सबसे अधिक मान्यता प्राप्त ब्रांड नाम शामिल हैं- एसीसी और अंबुजा सीमेंट्स के साथ अब हम भारत में दूसरे सबसे बड़े सीमेंट निर्माता हैं। यह काम पर हमारे व्यापार मॉडल का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।”

अपने सम्बोधन में गौतम अडानी ने आगे कहा, “साल 2015 की तुलना में भारत की रीन्यूएबल एनर्जी की कैपिसिटी 300 फीसदी से ज्यादा बढ़ गई है। साल 2020-21 की तुलना में पिछले साल रीन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में इंवेस्टमेंट में 125 फीसदी की बढ़ोतरी देखी गई है। देश में बिजली की बढ़ती माँग को पूरा करने के लिए जरूरी है कि रीन्यूएबल एनर्जी उत्पादन को और बढ़ाया जाए और इस माँग को पूरा किया जाए।”

गौतम अडानी ने ये भी कहा, “मेरा मानना है कि एक ऐसे देश के रूप में जो ऑयल एंड गैस के क्षेत्र में आयात पर ज्यादा निर्भर रहता है- भारत की पहचान को बदलने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं और इसे ऐसे देश के रूप में सामने लाना चाहते हैं जो एक दिन क्लीन एनर्जी का एक्सपोर्टर बनेगा। जहाँ अडानी ग्रुप का मेजर ग्लोबल रीन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो है, वहीं पिछले 12 महीने या एक साल में हमने कई दूसरी इंडस्ट्रीज में भी असाधारण ग्रोथ दिखाई है।”

‘सुबह ही सेक्स किया’: विजय देवराकोंडा के बारे में बोलीं अनन्या पांडे, कहा – पनीर के साथ उनकी थाली में मुझे भी रख दो

फिल्म निर्देशक करण जौहर के शो ‘कॉफी विद करण’ में इस बार तेलुगु अभिनेता विजय देवराकोंडा और बॉलीवुड अभिनेत्री अनन्या पांडे पहुँचीं, जिन्होंने सेक्स लाइफ के साथ-साथ डेटिंग पर भी बात की। शो के 7वें सीजन के चौथे एपिसोड का प्रोमो ‘डिज्नी प्लस हॉटस्टार’ ने जारी कर दिया है। बता दें कि विजय और अनन्या की साथ में फिल्म ‘Liger’ भी आने वाली है। करण जौहर ने इस दौरान अनन्या पांडेय को ‘चुलबुल’ कह कर सम्बोधित किया।

इस दौरान करण जौहर ने विजय देवराकोंडा से पूछा कि क्या उन्हें Cheese पसंद है? इस पर अभिनेता ने कहा कि बात किस तरफ जा रही है, इससे वो डरे हुए हैं। असल में इसका सम्बन्ध सारा अली खान और जाह्नवी कपूर वाले एपिसोड से है, जिसमें उन दोनों अभिनेत्रियों से करण जौहर ने पूछा कि आप विजय देवराकोंडा को इस तरह से पास क्यों कर रही हैं, जैसे कि वो पनीर का टुकड़ा हों। इस पर अनन्या पांडे ने कहा कि वो भी पनीर के पास उसी थाली में होना चाहेंगी।

करण जौहर ने इस दौरान अपनी एक पार्टी का जिक्र किया और कहा कि उन्होंने उसमें कुछ देखा, जिस पर अनन्या पांडे घबरा कर कहने लगीं कि नहीं-नहीं, आपने कुछ नहीं देखा। करण जौहर ने पूछा कि आप में और आदित्य रॉय कपूर में क्या चल रहा है? इस पर अनन्या पांडे का जवाब इस प्रोमो में नहीं दिखाया गया है, वो चुप रहती हैं। फिर करण जौहर ने विजय देवराकोंडा से सवाल दाग किया कि आपने पिछली बार सेक्स कब किया था?

विजय देवराकोंडा कुछ जवाब देते, इससे पहले अनन्य पांडे ने कहा कि वो एक अंदाज़ा लगाना चाहती हैं। फिर उन्होंने कहा, “आज सुबह ही।” करण जौहर ने विजय देवरानकोंडा से ये भी पूछा कि क्या उन्होंने कभी थ्रीसम किया है, जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि नहीं। जब निर्देशक ने पूछा कि क्या वो थ्रीसम करना चाहेंगे, इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसमें कोई दिक्कत नहीं। करण जौहर के इस शो से अक्सर विवादित बयान निकलते रहते हैं।

इससे पहले करण जौहर ने सारा अली खान से पूर्व ब्वॉयफ्रेंड के साथ सेक्स को लेकर सवाल किया था, जिसका सारा ने गोलमोल तरीके से जबाव दिया। उन्होंने कहा, सही जवाब है नहीं, सही जवाब है शायद। वहीं जाह्नवी कपूर ने कहा कि वो पीछे मुड़कर देखना नहीं चाहेंगी। सारा अली खान ने कार्तिक ऑर्यन को डेट करने को लेकर बात की थी। साथ ही उन्होंने इच्छा जताई थी कि वो दक्षिण भारतीय फिल्मों के एक्टर विजय देवरकोंडा को डेट करना चाहती हैं। सारा का कहना था कि वो अपने भविष्य के पति के तौर पर रणवीर सिंह को चुनना चाहेंगी, उनका शादीशुदा होना बड़ी बात नहीं।

गहलोत सरकार में ‘बकरा चोर’ भी हो गई राजस्थान पुलिस! काॅन्ग्रेस के ही MLA ने मंत्री से की शिकायत, बताया- चोरी का बकरा ₹2000 में बेच दिया

राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व में जब से काॅन्ग्रेस की सरकार बनी है, पुलिस की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। उदयपुर में मार डाले गए कन्हैया लाल को मिली धमकियों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप भी पुलिस पर लगा था। अब काॅन्ग्रेस के ही एक विधायक ने पुलिस पर चोरी का बकरा बेचने का आरोप लगाया है। व‍िधायक ने आरोप के साथ सबूत भी पेश किए हैं। मामले की जाँच के आदेश दिए गए हैं।

दरअसल सोमवार (25 जुलाई 2022) को राजस्थान कॉन्ग्रेस कार्यालय में मंत्रियों की जनसुनवाई चल रही थी। इसी दौरान चाकसू से कॉन्ग्रेस विधायक वेद प्रकाश सोलंकी और कुछ ग्रामीण पहुँचे। उन्होंने एक ज्ञापन देकर कहा कि 22 जुलाई को कोटखावदा थाने में बकरा और बकरी चोरी का केस दर्ज करवाया गया था। चोरी हुई बकरी मिल गई, लेकिन पुलिसवालों ने बकरा बेच दिया। बताया कि जिस व्यक्ति के पास यह बकरा मिला, उसने बताया पुलिसवाले ने इसे 2000 रुपए में खरीदने की बात कही।

विधायक के साथ आए ग्रामीणों ने कहा कि कुछ दिन पहले पुलिस गाँव से कई बकरे और बकरियाँ खोलकर ले आई थी, जबकि ग्रामीणों पर कोई आरोप नहीं था। बाद में जब ग्रामीण थाने पहुँचे तो पुलिस ने सभी बकरे-बकरियाँ लौटा दी। लेकिन रामसहाय का एक बकरा और बकरी नहीं मिला।

इसके बाद रामसहाय ने पुलिस में बकरा और बकरी चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। बकरा ढूँढने के नाम पर पुलिस उसे टालती रही। इस बीच पीड़ित ने खुद ही चोरी हुए बकरे को ढूँढ लिया। लेकिन जब वह बकरे को लेने पहुँचा तो जिसके पास उसका बकरा था, उसने इसे पुलिस से खरीदने का दावा किया। इस दावे की वीडियो रिकार्डिंग कर वह थाने गया तो पुलिस ने भगा दिया। 

कॉन्ग्रेस विधायक वेद प्रकाश सोलंकी ने आरोप लगाया कि चोरी के बकरे को पुलिस ने ढूँढकर पीड़ित को सौंपने के बजाय खुद बेच डाली। उन्होंने कार्रवाई की माँग की। राजस्थान सरकार के युवा एवं खेल मामलों के मंत्री अशोक चांदना ने सुनवाई के बाद कहा कि ये गंभीर मामला है। जयपुर पुलिस कमिश्नर को जाँच कर कार्रवाई के लिए कहा गया है। 

जन सुनवाई में यह मामला उठने के बाद वहाँ मौजूद लोग चकित रह गए। मंत्री अशोक चांदना ने गाँव वालों को आश्वासन दिया कि वे इस मामले में पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव से बात करेंगे। मंत्री से आश्वासन मिलने के बाद गाँव वाले चले गए। वहीं वेद प्रकाश सोलंकी ग्रामीण पुलिस के रवैये से नाराज नजर आए। उन्होंने कहा कि थाने में पुलिसवाले ऐसी घटनाएँ कर रहे हैं। सोलंकी ने पुलिस को नकारा और निकम्मा बताते हुए कहा, “पुलिस इतनी गिर गई कि बकरा बेचने लगी। हमारे मवेशी कहाँ सुरक्षित रहेंगे, जब रक्षक ही भक्षक बन जाएँगे। इसलिए मजूबरी में मुझे यह शिकायत लेकर आना पड़ा।”

इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण पुलिस को पुलिस कमिश्नरेट से बाहर करने की भी माँग की। उन्होंने कहा, “जब से पुलिस कमिश्नरेट बना है, चोरियों सहित हर तरह के अपराध बढ़े हैं। मेरी माँग है कि ग्रामीण थानों को वापस कमिश्नरेट से बाहर करें, ताकि उन पर एसडीएम की निगरानी हो। कोटखावदा और चाकसू क्षेत्र में नाकारा-निकम्मे पुलिसवालों को लगा रखा है।”

‘अब तक की सबसे स्वादिष्ट गौमाता, जिसे फ्राई कर के खाया’: केरल के कॉन्ग्रेस नेता ने शेयर की बीफ खाते हुए तस्वीर, हिन्दुओं पर कसा तंज

केरल के कॉन्ग्रेस नेता श्रीदेव एसएस सोमन ने गोमांस खाते हुए तस्वीर सोशल मीडिया पर अपलोड कर के हिन्दुओं को चिढ़ाया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) नेता जे नंदकुमार ने इसका स्क्रीनशॉट ट्विटर पर शेयर करते हुए आपत्ति जताई है। उन्होंने बताया कि कैसे एक तो कॉन्ग्रेस नेता श्रीदेव सोमन ने गोमांस खाया, ऊपर से इसकी तस्वीर फेसबुक पर अपलोड कर के हिन्दुओं पर तंज कसा। कॉन्ग्रेस नेता ने उन्होंने मलयालम भाषा में ये पोस्ट लिखा।

अपने फेसबुक पोस्ट में केरल कॉन्ग्रेस के नेता श्रीदेव एसएस सोमन ने लिखा, “ये मैंने अब तक का सबसे स्वादिष्ट गौमाता को फ्राई कर के भोजन किया है। क्या आप भी इसमें से कुछ लेना चाहते हैं?” जे नंदकुमार ने कहा कि कॉन्ग्रेस पार्टी का असली चेहरा यही है। उन्होंने कहा कि दक्षिण भारत में कॉन्ग्रेस नेता अपने सारे मुखौटे उतार देते हैं। बता दें कि केरल में मोपला मुस्लिमों द्वारा किए गए नरसंहार की सच्चाई मुख्यधारा में लाने में जे नंदकुमार का बड़ा योगदान है।

अब लोग केरल कॉन्ग्रेस के नेता श्रीदेव सोमन पर कड़ी कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। फेसबुक पर श्रीदेव सोमन के लगभग 25,000 फॉलोवर्स हैं। वो पेशे से कोल्लम स्थित डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में अधिवक्ता हैं। कोझिकोड स्थित गवर्नमेंट लॉ कॉलेज से उन्होंने कानून की पढ़ाई की है। कोल्लम के ही सूरानद गाँव के रहने वाले श्रीदेव सोमन ने फेसबुक पर खुद को ‘सिंगल’ बता रखा है। साथ ही वो ‘UDF केरल साइबर पोरली’ नामक फेसबुक पेज के एडमिन भी हैं।

बता दें कि केरल का मुख्य विपक्षी गठबंधन UDF (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) है, जिसमें कॉन्ग्रेस के अलावा ‘इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML)’ और ‘रिवोल्युशनरी सोशलिस्ट पार्टी’ सहित कई दल शामिल हैं। जबकि वहाँ का सत्ताधारी गठबंधन LDF (लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट) है, जिसका नेतृत्व CPI(M) करती है। मई 2017 में केरल कॉन्ग्रेस के नेता खुलेआम सड़कों पर गाय भी काट चुके हैं। उन्होंने ऑन कैमरा गाय काट कर उसका सिर लहराते हुए प्रदर्शन किया था।

‘देश से मानसिक कचरा हटाना है’: रणवीर सिंह के लिए इंदौर में जमा हो रहे कपड़े, मुंबई में नंगी तस्वीरों के लेकर FIR; गिरफ्तारी की लटकी तलवार

न्यूड फोटोशूट को लेकर बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। मुंबई के चेंबूर पुलिस स्टेशन में मंगलवार (26 जुलाई 2022) को उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। न्यूड फोटोशूट कराने और इसे अपने इन्स्टाग्राम पर शेयर करने के आरोप में आईपीसी की धारा 292 (अश्लील पुस्तकों की बिक्री, आदि) 293, 509 और आईटी एक्ट की धारा 67A के तहत मामला दर्ज किया गया है। उनकी गिरफ्तारी की माँग पहले से हो रही। ऐसे में FIR दर्ज होने के बाद अब उन पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है।

वहीं, मध्य प्रदेश के इंदौर में एक एनजीओ ने इस फोटोशूट का अनूठे तरीके से विरोध शुरू किया है। अंबिका गरबा मंडल संस्था ने रणवीर के फोटोशूट को मानसिक कचरा बताया है और इस कचरे को दूर करने के लिए लोगों से कपड़े दान करने के लिए कहा है। पलासिया थाना क्षेत्र में नेकी की दीवार करके एक जगह बनी हुई है, यहाँ लोग अपने हिसाब से कपड़े, बुक आदि दान करके जाते हैं और जरूरतमंद यहाँ से ले जाते हैं। यही एक बॉक्स रखी गई है। इस पर रणवीर सिंह की फोटो लगी है और इसमें लोग कपडे़ डाल रहे हैं।

सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। पत्रकार श्वेता गुप्ता ने अपने ट्विटर हैंडल पर यह वीडियो शेयर किया है। इसमें आप देख सकते हैं कि रणवीर सिंह का न्यूड पोस्टर लगाकर एक बॉक्स बनाया गया है, जिस पर लिखा है, “मेरे स्वच्छ इंदौर ने ठाना है, देश से मानसिक कचरा भी हटाना है।”

संस्था के अध्यक्ष नीरज याग्निक ने बताया, “बॉक्स में जमा कपड़ों में से एक जोड़ी रणवीर सिंह को कोरियर के जरिए भेजा जाएगा। हमारा मकसद यह बताना है कि यह एक तरह का मानसिक कचरा है। इंदौर सफाई में नंबर वन है, इसलिए यहाँ कपडे़ कलेक्ट कर मैसेज दिया गया है कि मानसिक कचरे की भी सफाई जरूरी है। देश में इस तरह का कचरा नहीं चलेगा।”

गौरतलब है कि रणवीर के खिलाफ न्यूड फोटोशूट कराने के मामले में एक गैर-सरकारी संस्था ने मुंबई के चेम्बूर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज करवाई थी। श्याम मंगाराम फाउंडेशन नाम के NGO ने अपनी शिकायत में लिखा था, ”हम पिछले 6 साल से बच्चों और विधवाओं के अच्छे भविष्य के लिए काम कर रहे हैं। पिछले हफ्ते हमने रणवीर सिंह की कई न्यूड फोटोज़ वायरल होते हुए देखीं। वो तस्वीरें जिस हिसाब से क्लिक की गईं उससे कोई भी महिला और पुरुष शर्मसार महसूस करेंगे।” इस शिकायत के आधार पर अब एफआईआर दर्ज की गई है।

पार्थ चटर्जी ने स्कूलों में भर दिए बॉडीगार्ड के रिश्तेदार, घर पर पड़े थे SSC भर्ती के एडमिट कार्ड: AIIMS को बीमार नहीं मिले ममता के मंत्री, कोर्ट ने 10 दिन की कस्टडी में भेजा

पश्चिम बंगाल में स्कूल जॉब स्कैम मामले में पकड़े गए ममता सरकार के मंत्री पार्थ चटर्जी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। सोमवार (25 जुलाई 2022) को भुवनेश्वर के एम्स ने उनकी जाँच करने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करने से मना कर दिया, जिसके बाद ईडी अधिकारी मंगलवार (26 जुलाई 2022) को उन्हें अपने कार्यालय ले आए। 

बता दें कि इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट की विशेष अदालत ने उनके मामले पर सुनवाई करने के बाद उनकी बेल याचिका को खारिज किया था। साथ ही उन्हें 10 दिन तक ईडी हिरासत में भेजा था। कोर्ट ने उनके साथ उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी की हिरासत भी 3 अगस्त तक ईडी को दी थी।

कोर्ट ने माना था कि ईडी ने जो चीजें अदालत को दिखाई हैं उनसे यही पता चलता है कि आरोप बेहद गंभीर हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईडी की छानबीन में अर्पिता के घर से जहाँ पड़ताल में उन्हें 21 करोड़ रुपए के सोने के आभूषण और विदेशी मुद्रा आदि मिले हैं। वहीं पार्थ के घर की छानबीन में कई एडमिट कार्ड और उम्मीदवारों की सूची मिली है।

पार्थ पर आरोप है कि उन्होंने अपने मेदिनीपुर निवासी अंगरक्षक विशंभर मंडल के 10 रिश्तेदारों को स्कूल की नौकरियाँ दिलवाईं जिसमें उनके दो भाई बंशगोपाल और देवगोपाल भी शामिल हैं। कथिततौर पर इन भर्तियों की चर्चा हर जगह होने लगी थी। इसी वजह से विशंभर ने बॉडीगार्ड होने के बावजूद पार्थ के घर कुछ समय से आना-जाना बंद कर दिया था।

जानकारी के मुताबिक, कोर्ट ने इन लोगों से भी इस मामले में हलफनामा दायर करने को कहा है। याचिकाकर्ता के वकील सुदीप्तो दासगुप्ता ने बताया, “कोर्ट ने एसएससी स्कैम मामले में उन लोगों से भी हलफनामा दायर करने को कहा है जिन्हें जॉब मिली। ये हलफनामा 17 अगस्त तक दायर किया जाना है।” 

क्यों गिरफ्तार हुए पार्थ चटर्जी?

मालूम हो कि चटर्जी ममता सरकार में 2014 से 2021 तक शिक्षा मंत्री रह चुके हैं। उनके ऊपर आरोप है कि वो असिस्टेंट टीचर और प्राइमरी टीचर की पोस्ट पर लोगों को पैसे लेकर भर्ती करते थे जिसकी वजह से उनके खिलाफ पीएमएलए की धारा 3,4 के तहत केस दर्ज हुए और शनिवार को ईडी उन्हें गिरफ्तार कर ले गई। कोर्ट ने उनकी कस्टडी पहले दो दिन के लिए ईडी को दी। लेकिन तब उन्होंने ‘बेचैनी’ होने की शिकायत की। उन्हें स्थानीय कोर्ट के आदेश पर एसएसकेएम अस्पताल भर्ती कराया गया और फिर कोर्ट के निर्देश आए कि उन्हें एम्स भेजा जाए।

सोमवार को उन्हें एम्स भुवनेश्वर ले जाया गया। लेकिन अस्पताल ने कहा कि उन्हें भर्ती किए जाने की कोई जरूरत नहीं हैं और ईडी साथ ले जा सकती है। मंगलवार को ईडी पार्थ को अपने कार्यालय लेकर आई और अब आगे की पूछताछ होगी। मालूम हो कि इसी स्कैम मामले में सीबीआई भी उनसे अप्रैल और मई में पूछताछ कर चुकी है।