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‘संस्कृत की जगह उर्दू पढ़ाओ, वरना लगा देंगे ताला’: राजस्थान के सरकारी स्कूल को धमकी, बोलीं प्रिंसिपल – इसी गाँव में नौकरी करनी है, नहीं दर्ज कराया मामला

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो राजस्थान के बूँदी जिले का बताया जा रहा है। वीडियो में कुछ लोगों को स्कूल में तीसरी भाषा के तौर पर उर्दू शामिल करने को लेकर प्रिंसिपल को धमकाते हुए देखा जा सकता है। शामिल न करने करने पर स्कूल में ताला लगाने की धमकी देता है। मामला बूँदी जिले के अलोद गाँव स्थित महात्मा गाँधी राजकीय विद्यालय (इंग्लिश मीडियम) का बताया जा रहा है।

उक्त घटना गुरुवार (21 जुलाई, 2022) की है। मामले पर स्कूल की प्रिंसिपल ने बताया कि स्कूल की तरफ से इस बारे में अभी तक शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। उनका कहना है कि वीडियो वायरल होने के बाद उनके पास पुलिस के फोन आ रहे हैं और शायद वह अपनी तरफ से एक्शन भी ले रहे हैं। प्रिंसिपल ने कहा कि उन्होंने पुलिस में रिपोर्ट इसलिए दर्ज नहींं करवाई, क्योंकि फिर उनको भी कुछ घटना होने की अंदेशा रहती।

वो कहती हैं कि उन्हें अभी इसी गाँव में नौकरी करनी है तो वह इन सब झंझट में नहीं पड़ना चाहती। उन्होंने कहा कि धमकी देने वालों की भाषा इतनी निम्न स्तरीय थी कि वो किसी की बात नहीं सुनना चाहते थे, सिर्फ अपनी बात कहकर चले गए।

वह जनवरी 2020 से इस विद्यालय में कार्यरत है। उन्होंने बताया कि धमकी देने वाले स्कूल में उर्दू पढ़ाने को लेकर धमका रहे थे। इस पर प्रिंसिपल का कहना है कि उन्होंने स्कूल में संस्कृत लागू नहीं करवाया है। यह आदेश ऊपर से आया था। अगर ऊपर से उर्दू लागू करने का आदेश आता है तो वह कर देंगी, मगर फिलहाल नहीं।

यह सीनियर सेकेंड्री स्कूल है। फिलहाल इंग्लिश मीडियम पहली से आठवीं कक्षा तक है। इसके अलावा प्रिंसिपल ने यह भी बताया कि 9वीं से 12वीं तक संस्कृत के साथ-साथ उर्दू भी चलती है। 9वीं और 10वीं में उर्दू अनिवार्य (Compulsory) है, जबकि 11वीं और 12वीं में वैकल्पिक (Optional) है। स्कूल में दोनों के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएँ की गई हैं। राजस्थान पुलिस हेल्प डेस्क ने बूँदी पुलिस से मामले की जाँच कर आवश्यक कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।

पहले दिन दर्शकों के लिए तरसी ‘शमशेरा’, कई शो रद्द: फिल्म में दिखाया है त्रिपुण्ड-शिखा वाला गुंडा, ₹150 करोड़ बजट बना मुसीबत

रणबीर कपूर और संजय दत्त की फिल्म ‘शमशेरा’ को न सिर्फ समीक्षकों ने नकार दिया है, बल्कि दर्शकों ने भी अच्छी प्रतिक्रिया नहीं दी है। फिल्म में संजय दत्त ने विलेन का किरदार निभाया है, जो दरोगा होता है। इसमें उनका नाम ‘शुद्ध सिंह’ होता है। उनके मस्तक पर एक बड़ा सा त्रिपुण्ड होता है और सिर पर घनी-लंबी शिखा। हिन्दूफोबिया से सनी ‘यशराज फिल्म्स’ की इस मूवी ने पहले दिन मात्र 10 करोड़ रुपए का ही कारोबार किया है। इसकी एडवांस बुकिंग भी काफी कम है।

150 करोड़ रुपए की भारी-भरकम बजट वाली ‘शमशेरा’ शुक्रवार (22 जुलाई, 2022) को बॉक्स ऑफिस पर रिलीज हुई। ऐसे में इसे सिर्फ भारत में इससे अधिक का घरेलू नेट कलेक्शंस करने होंगे, ताकि ये हिट कहलाए। लेकिन, फ़िलहाल इसका एक तिहाई भी इसके लाइफटाइम के लिए मुश्किल लग रहा है। एक त्रिपुण्ड-शिखा वाले व्यक्ति को फिल्म में अत्याचार, क्रूर और ‘माँ की’ जैसे शब्दों को बोलते हुए दिखाया गया है।

YRF के लिए ये साल ही बुरा चल रहा है, क्योंकि उसकी एक और बड़ी बजट वाली फिल्म अक्षय कुमार स्टारर ‘ सम्राट पृथ्वीराज’ भी बॉक्स ऑफिस पर धराशाई हो गई है। उस फिल्म का बजट 175 करोड़ रुपए था। ‘शमशेरा’ को 4000 थिएटरों में रिलीज किया गया है। दर्शक न मिलने के कारण इसके कई शो रद्द भी किए जा रहे हैं। फिल्म विश्लेषक कह रहे हैं कि एक तो बॉलीवुड के पहले से ही बुरे दिन चल रहे हैं, ऊपर से ‘शमशेरा’ को सुस्त प्रतिक्रिया ने सब गुड़-गोबर कर दिया।

सुबह और दोपहर के कई शो सिनेमाघरों ने कैंसल कर दिए, क्योंकि टर्नआउट ही नहीं था। YRF की ‘जयेशभाई जोरदार’ भी हाल ही में फ्लॉप होकर गई है, जिसमें रणबीर कपूर मुख्य किरदार में थे। रणबीर कपूर की इस साल एक और मेगा बजट मल्टीस्टारर फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ भी आने वाली है, ऐसे में उनके लिए अब करियर का सवाल खड़ा हो गया है। ‘ब्रह्मास्त्र’ में वो पहली बार अपनी पत्नी आलिया भट्ट के साथ दिखाई देंगे। फिल्म में अमिताभ बच्चन और नागार्जुन जैसे बड़े अभिनेता भी हैं।

आदिवासी लोकगायिका बनीं बेस्ट सिंगर, मिला राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार: नंचम्मा ने खुद ही लिखा और गाया… दुर्लभ उपलब्धि से रचा इतिहास

गायिका नंचम्मा (Nanchamma) ने फिल्म ‘अयप्पनम कोशियुम’ के लिए 68वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ पार्श्व गायिका का अवार्ड जीता है। वह केरल के एक आदिवासी समुदाय से ताल्लुक रखती हैं। भारतीय लोक गायिका नंचम्मा ने एक्शन एंटरटेनर ‘अय्यप्पनम कोशियुम’ में ‘कलक्कथा’ गाना गाकर मलयाली दर्शकों का दिल जीत लिया था। इस गाने के लिए उन्होंने काफी सराहना बटोरी थी।

यह गीत खुद नंचम्मा ने इरुला भाषा में लिखा था और सची द्वारा निर्देशित फिल्म के लिए जेक बिजॉय ने कंपोज किया था। नंचम्मा को इससे पहले फिल्म ‘अयप्पनम कोशियुम’ के लिए वर्ष 2020 के केरल राज्य फिल्म पुरस्कार में एक विशेष पुरस्कार मिला था।

नंचम्मा ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा, “मैं पुरस्कार जीतकर काफी खुश हूँ, लेकिन यह बेहद दुख की बात है कि वह (फिल्म निर्देशक सची) यह खबर सुनने के लिए हमारे साथ नहीं हैं। उन्होंने ही मुझे गाने के लिए कहा था और मैंने गाया।”

बता दें कि नंचम्मा, सची के निर्देशन वाली फिल्म में कन्नम्मा की माँ के किरदार के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुकी हैं। इस फिल्म में वह अभिनेता बीजू मेनन द्वारा निभाए गए किरदार अय्यप्पन नायर की पत्नी बनी थीं। बीजू मेनन ने ‘अय्यप्पनम कोशियुम’ फिल्म के लिए 68 वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार जीता है।

‘अय्यप्पनम कोशियुम’ फिल्म को चार पुरस्कार मिले हैं। इनमें सर्वश्रेष्ठ निर्देशक (सची), सहायक अभिनेता (बीजू मेनन), महिला पार्श्व गायिका (नंचम्मा) और स्टंट कोरियोग्राफी- थिंकलाज़्चा निश्चयम का नाम शामिल है।

सेना हेगड़े की छोटे बजट की यह फिल्म ओटीटी पर रिलीज़ हुई थी और दर्शकों को काफी पसंद आई थी। इसे सर्वश्रेष्ठ मलयालम फिल्म का पुरस्कार मिला है। हेगड़े ने इसके लिए दर्शकों का आभार जताया। उन्होंने TNIE से बात करते हुए कहा, “मैं दर्शकों की तरफ से मिल रही प्रतिक्रिया से बेहद खुश हूँ और और अब राष्ट्रीय स्तर पर हमें जो शानदार स्वागत मिल रहा है, उसके लिए मैं बहुत आभारी हूँ।”

फिल्म निर्माता अदूर गोपालकृष्णन ने नंचम्मा को मिले पुरस्कार पर खुशी व्यक्त की। उन्होंने कहा, “आमतौर पर लोक-गायन को मुख्यधारा के सिनेमा में जगह नहीं मिलती है। यह वाकई में एक दुर्लभ उपलब्धि है।”

बंगाल के ममता सरकार में मंत्री पार्थ चटर्जी गिरफ्तार, उनकी करीबी पूर्व अभिनेत्री अर्पिता हिरासत में: शिक्षा भर्ती घोटाला मामला

पश्चिम बंगाल में शिक्षा घोटाले की आँच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (West Bengal CM Mamata Banerjee) के करीबी और राज्य के कैबिनेट मंत्री पार्थ चटर्जी तक पहुँच ही गई। प्रवर्तन निदेशालय ने शनिवार (23 जुलाई 2022) को पार्थ चटर्जी (Partha Chatterjee) को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, उनकी नजदीकी अर्पिता मुखर्जी (Arpita Mukherjee) को हिरासत में ले लिया है। अर्पिता के घर से 20 करोड़ रुपए की नकदी बरामद हुई थी।

गिरफ्तारी के बाद पार्थ चटर्जी को मेडिकल के लिए ले जाया गया है। हालाँकि, सुबह के वक्त पार्थ चटर्जी ने स्वास्थ्य खराब होने की बात कही थी। इसके बाद दो डॉक्टरों की टीम भी मौके पर पहुँची थी। बता दें कि कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश पर भर्ती घोटाले के आरोपित मंत्री पार्थ चटर्जी के घर पर अधिकारियों की टीम पहुँची थी। 

22 जुलाई को ED की टीम ने पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के घर पर छापेमारी की थी। इस दौरान उनके घर से 20 करोड़ रुपए नकद के साथ-साथ 20 कीमती मोबाइल फोन, सोना, विदेशी मुद्रा, जमीन के दस्तावेज बरामद बरामद हुए हैं। माना जा रहा है कि यह वही रकम है, जो शिक्षक भर्ती घोटाले में रिश्वत के रूप में ली गई थी।

ED के अधिकारी सुबह करीब 8 बजे ही अर्पिता मुखर्जी के नकतला आवास पर रेड करने के लिए पहुँच गए थे। छापेमारी में किसी भी तरह की रुकावट से बचने के लिए एजेंसी अपने साथ बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के जवानों की टुकड़ी को भी लेकर गई थी।

प्रवर्तन निदेशालय को इंटेलीजेंस इनपुट मिले थे, जिसके आधार पर ये कार्रवाई की गई। केंद्रीय जाँच एजेंसी ने कई और ठिकानों पर भी छापेमारी की। इनमें पार्थ चटर्जी, वर्तमान शिक्षा मंत्री माणिक भट्टाचार्य, आलोक कुमार सरकार और कल्याण मॉय गांगुली समेत कई अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। कहा जा रहा है कि एजेंसी को की पुख्ता सबूत मिले हैं।

पश्चिम बंगाल के वर्तमान वाणिज्य और उद्योग मंत्री हैं। इसके पहले वह शिक्षा मंत्री है। कहा जाता है कि उनके शिक्षा मंत्री रहने के दौरान पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (SSC) और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड में घोटाले को अंजाम दिया गया था। सीबीआई दो बार उनसे पूछताछ कर चुकी है। पहली बार पूछताछ 25 अप्रैल, जबकि दूसरी बार 18 मई को की गई थी।

बता दें कि पश्चिम बंगाल शिक्षा घोटाले की जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है। केंद्रीय एजेंसी ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की सिफारिशों पर सरकार द्वारा प्रायोजित व सहायता प्राप्त स्कूलों में समूह ‘सी’ और ‘डी’ के कर्मचारियों व शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित अनियमितताओं की जाँच शुरू की है।

7 काँवड़ियों की मौत, हाथरस में ट्रक ने कुचला: हरिद्वार से गंगाजल लेकर जा रहे थे ग्वालियर

उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में शनिवार (23 जुलाई 2022) तड़के एक ट्रक की चपेट में आने से मध्य प्रदेश के ग्वालियर के 7 काँवड़ भक्तों की मौत हो गई। बेकाबू ट्रक काँवड़ियों को कुचलते हुए निकल गया। इस हादसे में पाँच काँवड़ियों की मौके पर ही मौत हो गई और दो की इलाज के दौरान मौत हो गई। आगरा जोन के एडीजी, राजीव कृष्ण ने इसकी पुष्टि की है।

उन्होंने कहा, “काँवड़ियों का एक जत्था हरिद्वार से ग्वालियर वापस जा रहा था। दुर्घटना में 7 काँवड़ियों की मृत्यु हुई है और एक की स्थिति नाजुक है। मामले में कार्रवाई की जा रही है। वाहन के बारे में जानकारी मिली है और बहुत जल्द आरोपित पकड़ा जाएगा।”

हाथरस पुलिस ने इसके बारे में जानकारी देते हुए बताया कि थाना सादाबाद क्षेत्रान्तर्गत हुई सड़क दुर्घटना की सूचना पर पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुँच कर घायलों को अस्पताल भिजवाया गया व मृतकों के शवों को पोस्टमॉर्टम हेतु मोर्चरी भिजवाया गया। परिजनों की तहरीर के आधार पर सुसंगत धाराओं मे अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक वैधानिक कार्यवाही की जा रही है ।

वहीं एक प्रत्यक्षदर्शी काँवड़िए ने बताया, “हम ढाबे पर खाना खा रहे थे, तब एक ट्रक चालक ने ट्रक चढ़ा दिया। दुर्घटना में 7-8 लोग घायल हुए हैं और 4-5 लोगों की मृत्यु हुई है। यह लोग ग्वालियर जा रहे थे।”

घटना आज सुबह करीब दो बजे सादाबाद थाने के पास आगरा-अलीगढ़ हाईवे पर घटी है। जानकारी के मुताबिक कुछ काँवड़िए हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने घर ग्वालियर लौट रहे थे और रास्ते में हादसे का शिकार हो गए हैं। हादसे के बाद ट्रक का ड्राइवर फरार है। घटना की जाँच चल रही है। एडीजी ने कहा कि ड्राइवर के बारे में जानकारी मिली है, उसे जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनपद हाथरस में सड़क हादसे में हुई काँवड़ियों की मृत्यु पर गहरा शोक प्रकट किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगतों की आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं।

उल्लेखनीय है कि सावन मास के साथ ही काँवड़ यात्रा का सिलसिला शुरू हो चुका है। श्रद्धालु भारी संख्या में भगवान शिव के अभिषेक के लिए काँवड़ भरने हरिद्वार पहुँच रहे हैं। काँवड़िया वहाँ से पवित्र गंगाजल लेकर अपने-अपने स्थानों के शिवालय जाते हैं। ग्वालियर से भी कुछ काँवड़ियों की टोली हरिद्वार पहुँची थी। वहाँ से लौटते समय पर घटना घटी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काँवड़ियों की सुरक्षा-व्यवस्था के आदेश पुलिस प्रशासन को दिया है।

‘मोहम्मद जावेद ने हत्यारे रियाज को बताया था कि कन्हैया दुकान पर हैं’: 1 दिन पहले मुलाकात कर रची थी साजिश, NIA ने किया गिरफ्तार

राजस्थान के उदयपुर में कन्हैयालाल साहू की इस्लामियों द्वारा सरेआम गला काट कर हत्या करने के मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। इस आरोपित का नाम मोहम्मद जावेद मंसूरी है। मोहम्मद ने कन्हैयालाल के दुकान पर होने की हत्यारों को जानकारी दी थी।

कन्हैयालाल हत्याकांड मामले में गिरफ्तार 8वाँ आरोपित मोहम्मद जावेद खेरादीवाड़ा का निवासी है और मालदास स्ट्रीट में आर्टिफिशियल ज्वैलरी की दुकान चलाता था। मोहम्मद जावेद का अब्बू बेकरी का काम करता है। उसका परिवार मूलत: बिहार का रहने वाला बताया जाता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोहम्मद जावेद ने हत्या को अंजाम देने वाले एक आरोपित मोहम्मद रियाज अत्तारी से हत्या के एक दिन पहले मुलाकात की थी। मोहम्मद जावेद की रियाज अत्तारी से जान-पहचान अपने पड़ोसी दुकानदार वसीम के जरिए हुई थी। इस बात का खुलासा अत्तारी और दूसरे आरोपित मोहम्मद गौस से पूछताछ के बाद हुई।

मोहम्मद जावेद ने 28 जून को कन्हैयालाल की दुकान की रेकी की थी और जब देखा कि कन्हैयालाल दुकान में मौजूद हैं तो उसने फोन करके अत्तारी को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद दोनों आरोपित ग्राहक के रूप में आए और घटना को अंजाम दिया था। इतना ही नहीं, जावेद इस आतंकी हत्या की साजिश में भी शामिल था।

बता दें कि 28 जून 2022 को दोनों आरोपित कपड़ा सिलवाने के बहाने से कन्हैया लाल की दुकान में घुसे थे। एक आरोपित वीडियो बनाता रहा, जबकि दूसरा अपना नाप देने लगा। कन्हैया नाप लेने में व्यस्त हो गए। फिर अचानक से आरोपितों ने उन पर हमला कर दिया। कन्हैया चीखते रहे लेकिन आरोपितों ने दबोच कर उनका सिर कलम कर दिया। खून से लथपथ कन्हैया ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

इससे पहले कन्हैयालाल को हत्या की धमकी भी मिली थी। धमकी के वह डर कर अपने दुकान को कई दिनों तक बंद कर रखा था। इसके साथ ही कन्हैयालाल ने 15 जून को पुलिस में शिकायत दी थी और सुरक्षा की माँग की थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। हालाँकि पुलिस ने सिर्फ दोनों पक्षों के बीच समझौता कराकर मामला रफा-दफा कर दिया।

हाई कोर्ट में छोटी की चड्डी, वकील से बने मंत्री: केरल जैसी कहानी पर बनी हॉलीवुड की ‘Best’ मूवी

1994 में एक फिल्म आई। बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप। फिल्म हॉलीवुड की थी। नाम था – The Shawshank Redemption.

The Shawshank Redemption में एक अपराधी होता है। वो एक महिला का मर्डर करता है। कोर्ट लेकिन सजा महिला के बेकसूर पति को दे देती है। हत्यारा चूँकि आदतन अपराधी था, वो एक और अपराध करता है। इस बार वो पकड़ा जाता है, जेल जाता है। जेल में शेखी बघारते हुए वो महिला को कैसे मारा था, अपने साथी कैदी को सुनाता है।

The Shawshank Redemption मूवी पोस्टर, फोटो साभार: warnerbros

बॉक्स ऑफिस पर तब जो फिल्म फ्लॉप हो गई थी, आज वो क्लासिक है। कोर्ट में न्याय की प्रक्रिया, वकील, सबूत, जेल, न्यायिक व्यवस्था आदि पर चोट करती यह फिल्म हॉलीवुड में अब तक की सबसे अच्छी बनी फिल्मों में से एक गिनी जाती है। IMDb पर इसकी रेटिंग सबसे ऊपर है।

1994 से अब 4 साल पहले चलते हैं। 1990 में। हॉलीवुड से बहुत दूर केरल में एक आदमी ड्रग्स के साथ पकड़ा जाता है। एंड्रयू सैल्वाटोर चेरवेली (Andrew Salvatore Cervelli) नाम का यह आदमी ऑस्ट्रेलिया का होता है। एंड्रयू ने ड्रग्स को अपने अंडरवियर में छुपा कर रखा था। हाई कोर्ट में इसी अंडरवियर का खेल खेला जाता है। वकील के ‘अंडरवियर तर्कों’ पर जो अपराधी था, उसे छोड़ दिया जाता है।

सवाल यह है कि आखिर जिसे भारत की माननीय हाई कोर्ट ने बाइज्जत बरी कर दिया, उसे अपराधी क्यों लिखा जा रहा है? क्योंकि इसके जवाब में The Shawshank Redemption की कहानी छुपी है।

एंड्रयू सैल्वाटोर चेरवेली (Andrew Salvatore Cervelli) नाम का अपराधी केरल हाई कोर्ट से बाइज्जत बरी होकर ऑस्ट्रेलिया पहुँचता है। वो चूँकि आदतन अपराधी था, हत्या के एक अपराध में वहाँ पकड़ा जाता है, जेल होती है। जेल में शेखी बघारते हुए वह साथी कैदियों को बताता है कि कैसे उसने केरल की पुलिस और कोर्ट को धोखा दिया था। साथी कैदी और भी शातिर! वो इस राज को जेल अधिकारियों को बता देता है। भला हो उस ऑस्ट्रेलियन एजेंसी का, जिसने इस बात को दबाने या नजरअंदाज करने के बजाय संबंधित भारतीय एजेंसी को इसकी सूचना दी। कोर्ट से बाइज्जत बरी कर दिया गया एंड्रयू अपराधी ही है, यह इसके बाद ही लिखा जा सका।

केरल के मंत्री का अंडरवियर कनेक्शन

एंटोनी राजू (Antony Raju) फिलहाल केरल के परिवहन मंत्री हैं। 1990-91 में यह उस केस के वकील थे, जिसमें एंड्रयू सैल्वाटोर चेरवेली को बाइज्जत बरी कर दिया गया था। समय-समय की बात है। वकील से मंत्री बने एंटोनी राजू अब चर्चा में हैं। चर्चा मंत्रालय के कामों को लेकर नहीं बल्कि एक अपराधी के नीले रंग के अंडरवियर को लेकर।

केरल के परिवहन मंत्री एंटोनी राजू (Antony Raju) पर यह आरोप है कि अपराधी एंड्रयू ने जिस अंडरवियर में ड्रग्स छुपाया था, उन्होंने उस अंडरवियर को ही बदल दिया। सिर्फ बदल ही नहीं दिया बल्कि उसे बदल कर इतना छोटा कर दिया कि वो एंड्रयू के साइज का नहीं है, इसे कोर्ट में साबित किया जा सके। हुआ भी यही। जो अंडरवियर अपराधी के साइज का नहीं है, उसमें वो ड्रग्स छुपा कैसे सकता है, यह तर्क कोर्ट में रख दिया गया। कोर्ट सबूतों के चलता है। गलत अंडरवियर को सबूत बना कर अपराधी को कोर्ट से छुड़ा लिया गया।

केरल की पुलिस के अनुसार वकील एंटोनी राजू ने अंडरवियर को बदलने के लिए कोर्ट के ही एक क्लर्क को घूस दिया था। यह सब कुछ अपराधी एंड्रयू सैल्वाटोर चेरवेली (Andrew Salvatore Cervelli) के परिवार ने भारत आकर करवाया था।

कानून के हाथ या ‘साल’ लंबे?

1990 में एंड्रयू सैल्वाटोर चेरवेली भारत में पकड़ा जाता है। ‘अंडरवियर सबूत’ के कारण छूट जाता है। 1996 में लेकिन ऑस्ट्रेलिया से उसके गुनाहों की लिस्ट भारत तक आ जाती है। साथ ही आती है उसके अपराध पर पर्दा डालने वालों के नाम भी। उसके बाद क्या हुआ? 2006 यानी ऑस्ट्रेलिया से सबूत मिलने के 10 साल बाद वकील एंटोनी राजू का नाम चार्जशीट में आता है।

2006 में वकील एंटोनी राजू (Antony Raju) राजनीति में उतर चुके थे। केरल में विधानसभा चुनाव होने वाले थे। एंटोनी खुद विधायक बनने के लिए कूद चुके थे। चुनावी सरगर्मी के कारण थोड़ा बहुत हल्ला-हंगामा हुआ और केस वापस भुला दिया गया। अब 2022 में… मतलब चार्जशीट में नाम आने के 16 साल बाद यह केस फिर से चर्चा में है। क्यों? क्योंकि कोर्ट ने केरल पुलिस को इस मामले से संबंधित सभी फाइल दिखाने का आदेश दिया है।

इस बीच क्या हुआ? आरोपित वकील राजनीति के रास्ते विधायक बने, केरल सरकार की मंत्री वाली कुर्सी भी मिल गई… अंडरवियर के कारण बस एक अपराधी छूट गया… विदेशी जाँच एजेंसी ने 1996 में जिन आरोपितों का नाम बताया, चार्जशीट में उनका नाम आने में 10 साल लग गए… 2006 में जब चार्जशीट में नाम आया, उसके 16 साल बाद तक केस से संबंधित सभी फाइल कोर्ट तक पहुँचाने के लिए पुलिस को आदेश दिया जा रहा है।

The Shawshank Redemption Vs Aanaval Mothiram

The Shawshank Redemption मतलब एक फिल्म से बात शुरू हुई थी, फिल्म पर ही खत्म करते हैं। आनवल मोथिराम (Aanaval Mothiram) – 1991 में मलयालम भाषा में एक मूवी आई थी। विदेशी अपराधी को ड्रग्स केस में बचाने के लिए कोर्ट में अंडरवियर का सीन इस मूवी में है।

आनवल मोथिराम (Aanaval Mothiram) का कोर्टरूम सीन (साभार: Vega Mysteries यूट्यूब चैनल)

The Shawshank Redemption किसी अंग्रेजी उपन्यास पर आधारित मूवी थी लेकिन उसकी कहानी से मिलती-जुलती सच्ची घटना तो केरल के कोर्ट में अंडरवियर मामला ही था। अब सवाल यह है कि क्या इस हॉलीवुड फिल्म के डायरेक्टर ने एंड्रयू सैल्वाटोर चेरवेली वाली घटना को अंग्रेजी दर्शकों के लायक बना कर परोसा या मलयालम फिल्म आनवल मोथिराम (Aanaval Mothiram) से प्रेरणा लेकर कहानी आगे बढ़ाई?

बंगाल की CM ममता ने जिस अर्पिता मुखर्जी की तारीफ की, उनके ही घर से मिले ₹20 करोड़ और 20 मोबाइल: जानिए इनकी पूरी कहानी

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की ममता बनर्जी सरकार (Mamata Banerjee Government) के मंत्री पार्थ चटर्जी (Partha Chatterjee) की करीबी अर्पिता मुखर्जी (Arpita Mukherjee) के कई ठिकानों पर छापेमारी कर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (22 जुलाई 2022) को 20 करोड़ रुपए की भारी-भरकम रकम बरामद की।

इसके साथ ही अर्पिता के घर से 20 से अधिक कीमती मोबाइल फोन, सोना, विदेशी मुद्रा, जमीन के दस्तावेज आदि बरामद बरामद हुए हैं। अर्पिता मुखर्जी ने 20 करोड़ रुपए को दो थैलियों में छिपाकर रखा गया था। 

ये मामला पश्चिम बंगाल के भर्ती घोटाले से जुड़ा है। पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (SSC) और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड घोटाले के मामले में पार्थ चटर्जी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। वहीं, पार्थ चटर्जी के घर भी ED की छापेमारी चल रही है।

बता दें कि पश्चिम बंगाल शिक्षा घोटाले की जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है। केंद्रीय एजेंसी ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की सिफारिशों पर सरकार द्वारा प्रायोजित व सहायता प्राप्त स्कूलों में समूह ‘सी’ और ‘डी’ के कर्मचारियों व शिक्षकों की भर्ती में हुई अनियमितताओं की जाँच शुरू की है।

ममता बनर्जी सरकार में मौजूदा उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी उस समय शिक्षा मंत्री थे, जब घोटाला हुआ था। सीबीआई दो बार उनसे पूछताछ कर चुकी है। पहली बार पूछताछ 25 अप्रैल, जबकि दूसरी बार 18 मई को की गई थी।

कौन हैं अर्पिता मुखर्जी

प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी में भारी नकदी बरामद होने के बाद अर्पिता मुखर्जी सुर्खियों में हैं। अर्पिता बांग्ला फिल्म इंडस्ट्री में बतौर ऐक्ट्रेस काम कर चुकी हैं। इसके अलावा, वह ओडिया और तमिल फिल्मों में भी काम किया है। अधिकांश फिल्मों में उन्होंने साइड रोल ही की है।

अर्पिता को बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी का करीबी और उनकी कानूनी सलाहकार बताई जा रही हैं। वह पार्थ मुखर्जी के साथ राजनीतिक आयोजनों में भी कई बार नजर आ चुकी हैं। इसके अलावा, वह बंगाल के कद्दावर मंत्री के साथ पॉलिटिकल कैंपेन में भी देखी जा चुकी हैं।

अर्पिता साउथ कोलकाता के एक आलीशान फ्लैट में रहती हैं। पार्थ चटर्जी दक्षिण कोलकाता में लोकप्रिय दुर्गा पूजा समिति नकटला उदयन का संचालन करते हैं, जो कोलकाता की सबसे बड़ी पूजा समितियों में से एक है।

अर्पिता मुखर्जी 2019 और 2020 में पार्थ चटर्जी के दुर्गा पूजा समारोह का चेहरा थीं। दुर्गा पूजा के दौरान जारी किए गए पोस्टर में पार्थ चटर्जी के साथ वह दिखीं थी। उस पोस्टर में पार्थ चटर्जी को समिति का अध्यक्ष बताया गया था।

इतना ही नहीं, बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ भी अर्पिता मुखर्जी को देखा गया है। ममता बनर्जी ने अर्पिता की तारीफ भी की है। इसको लेकर भाजपा नेता अनिर्बन गांगुली ने ममता बनर्जी पर तंज कसा है।

गांगुली ने कहा, “सीएम महोदया ममता बनर्जी हाल ही में अपने करीबी और विश्वासपात्र पार्थ चटर्जी की प्रशंसा करते हुए उनकी नजदीकी अर्पिता मुखर्जी की प्रशंसा में कहा था, ‘अच्छा काम करते रहो’। वह ‘अच्छा काम’ क्या है, कल से यह स्पष्ट हो गया है। उन्होंने अर्पिता के ‘बॉबी’ फिरहाद हकीम के पास जाने का भी जिक्र किया! अली बाबा के 40…”

₹20,00,00,000 मिले कैश: ED ने ममता सरकार के मंत्री पार्था चटर्जी की करीबी के घर पर मारा छापा, बंगाल शिक्षा बोर्ड घोटाले में हुई कार्रवाई

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के मंत्री पार्था चटर्जी की पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (SSC)और पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड घोटाले के मामले में मुश्किलें बढ़ सकती हैं। पार्था की करीबी अर्पिता मुखर्जी के कई ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार (22 जुलाई 2022) को ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस दौरान एजेंसी ने मुखर्जी के ठिकाने से 20 करोड़ रुपए की भारी-भरकम रकम बरामद की।

रिपोर्ट के मुताबिक, जाँच एजेंसी को ये कैश अर्पिता मुखर्जी के हाउस कैम्पस से मिली है। कैश इतना अधिक था कि कई बैंक कर्मचारियों को इसे गिनने के लिए लगाया गया। इसके साथ ही नोट गिनने की मशीन का भी सहारा लिया गया। इतना ही नहीं मुखर्जी के घर से ईडी को 20 मोबाइल फोन भी मिले हैं। ईडी की छापेमारी में बरामद की गई नोटों की तस्वीर भी सामने आ गई है, जिसमें देखा जा सकता है कि नोटों का बड़ा सा ढेर एक कमरे में लगाया गया है, जिसमें 500 और 2000 रुपए के नोट शामिल हैं।

प्रवर्तन निदेशालय को इंटेलीजेंस इनपुट मिले थे, जिसके आधार पर ये कार्रवाई की गई। केंद्रीय जाँच एजेंसी लगातार अपनी जाँच का दायरा बढ़ाती जा रही है। ईडी की लिस्ट में मंत्री पार्था चटर्जी, शिक्षा मंत्री माणिक भट्टाचार्य, आलोक कुमार सरकार और कल्याण मॉय गांगुली समेत कई अन्य भी शामिल हैं। खबर ये भी है कि प्रवर्तन निदेशालय की एक टीम मंत्री पार्था चटर्जी के घर पर भी पिछले 11 घंटों से डेरा डाले हुए है। शिक्षा घोटाले के मामले में ईडी फुल एक्शन में है, वहीं इसके बाद से ममता सरकार अब सकते में है।

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार को ईडी के अधिकारी सुबह करीब 8 बजे ही अर्पिता मुखर्जी के नकतला आवास पर रेड करने के लिए पहुँच गए थे। छापेमारी में किसी भी तरह की रुकावट से बचने के लिए एजेंसी अपने साथ बड़ी संख्या में सीआरपीएफ के जवानों की टुकड़ी को भी लेकर गई थी।

सीबीआई कर रही जाँच

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल शिक्षा घोटाले की जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है। केंद्रीय एजेंसी ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की सिफारिशों पर सरकार द्वारा प्रायोजित व सहायता प्राप्त स्कूलों में समूह ‘सी’ और ‘डी’ के कर्मचारियों व शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित अनियमितताओं की जाँच शुरू की है। ममता सरकार में मौजूदा उद्योग मंत्री पार्था चटर्जी उस समय शिक्षा मंत्री थे, जब कथित घोटाला हुआ था। सीबीआई दो बार उनसे पूछताछ कर चुकी है। पहली बार पूछताछ 25 अप्रैल, जबकि दूसरी बार 18 मई को की गई थी।

5 महिला बाइकर लाल चौक और कारगिल में फहराएँगी तिरंगा: मोदी सरकार का ‘हर घर तिरंगा’ अभियान बना मिशन, फारूक अब्दुल्ला को करारा जवाब

जम्मू (Jammu) की पाँच युवतियों ने श्रीनगर के लाल चौक (Lal Chowk, Srinagar) पर तिरंगा फहराने के लिए अपनी बाइक पर तिरंगा रैली निकाली है। लाल चौक के बाद वे कारगिल में उन पहाड़ों के बीच में झंडा लहराएँगी, जहाँ 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान मातृभूमि की रक्षा के लिए सैकड़ों भारतीय जवानों ने अपना बलिदान दिया था।

यह पहल उन विपक्षी नेताओं को कड़ा संदेश भेजने का एक साधन है, जिन्होंने देश के 75वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर केंद्र सरकार के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का मजाक उड़ाने और उसे बदनाम करने की कोशिश की।

बाइक रैली का नेतृत्व कर रही प्रीति चौधरी ने टाइम्स नाउ से बात करते हुए कहा, “जब बात हमारे देश की हो, हमारे झंडे की, ऊर्जा की, जोश की, पराक्रम की हो, हमारे सैनिकों द्वारा 1990 और 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान दिए गए बलिदान की हो, यह अतुलनीय है। हम भारतीय, इस देश का प्रत्येक नागरिक, प्रत्येक युवा नागरिक, मेरी बहनें और मेरे भाई इस तिरंगे के प्रति समान मूल्य और समान भावना रखते हैं।”

‘हर घर तिरंगा’ अभियान का राजनीतिकरण करने वाले विपक्ष को उनके संदेश के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “नए भारत के साथ खिलवाड़ न करो। नरेंद्र मोदी जी के साथ मत भिड़ो। सर्जिकल स्ट्राइक को याद रखो और राष्ट्रध्वज के बारे में कुछ भी बोलने की हिम्मत मत करो।”

बाइक रैली में शामिल एक अन्य प्रतिभागी ने कहा, ‘मैं अभी बहुत गर्व महसूस कर रही हूँ। मुझे लगता है कि यही वह पल है, जिसका मैं अपने पूरे जीवन में इंतजार कर रही थी। मुझे इस रैली में शामिल होकर बहुत गर्व महसूस हो रहा है।”

एक अन्य लड़की बाइकर ने कहा कि उन्हें श्रीनगर के लाल चौक पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने में बहुत खुशी होगी। उन्होंने कहा, “जब आप सबसे ऊँचाई पर अपने देश का प्रतिनिधित्व करते हैं तो आपको कैसा लगता है? यह बेहद खतरनाक सड़क है। इसके कुछ हिस्से ऐसे होते हैं जो बेहद खतरनाक हैं और महिलाओं के नजरिए से इन्हें असंभव माना जाता है।”

इस महिला बाइकर ने आगे कहा, “हम यह स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं कि इस तरह की कुछ चीजों को करने के लिए वास्तव में कौशल की आवश्यकता होती है न कि लिंग की। हमारे दिलों में गर्व की भावना यह संभव कराएगी।” रैली में शामिल युवा लड़कियों ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों के साथ मार्च निकाला।

क्या है ‘हर घर तिरंगा’ अभियान

स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में केंद्र सरकार ने इस वर्ष 15 अगस्त के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय के नेतृत्व में इस अभियान के तहत देश भर के लोगों को अपने घरों में तिरंगा फहराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके तहत जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण विभाग ने भी एक आदेश जारी कर इस अभियान को सफल बनाने की अपील की है।

वहीं, विपक्षी दलों के नेताओं ने इस अभियान का राजनीतिकरण करना और मजाक उड़ाना शुरू कर दिया है। श्रीनगर में जब पत्रकारों ने फारूक अब्दुल्ला से केंद्र सरकार के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के बारे में पूछा तो उन्होंने जवाब दिया कि ‘तिरंगा अपने घर में रखो’।