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तमिलनाडु BJP अध्यक्ष को मद्रास HC ने बताया ‘लोकतंत्र का सजग प्रहरी’, फर्जी दस्तावेजों पर पासपोर्ट बनाने का मामला किया था उजागर

जाली दस्तावेजों के सहारे पासपोर्ट जारी करने के मामले में मदुरै शहर के पूर्व पुलिस आयुक्त (सीओपी) एस डेविडसन देवाशिरवथम (अब एडीजीपी इंटेलिजेंस) को मद्रास हाई कोर्ट ने क्लीन चिट दे दिया है। वहीं इस मामले में मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने बुधवार को तमिलनाडु भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई की इस घोटाले को उजागर करने के लिए सराहना की। जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने बीजेपी नेता को लोकतंत्र का सजग प्रहरी करार दिया।

कोर्ट के आदेश में जस्टिस जीआर स्वामीनाथन ने कहा, “मैं भारतीय जनता पार्टी के राज्य अध्यक्ष के अन्नामलाई को इस मुद्दे को उठाने के लिए बधाई देता हूँ। उन्होंने लोकतंत्र में एक चौकीदार की भूमिका निभाई है।”

कोर्ट ने कहा कि जज शून्य में नहीं रहते हैं और वे जमीनी हकीकत से अलग-थलग भी नहीं हैं। जस्टिस स्वामीनाथन कहते हैं, “मैंने अखबारों में पढ़ा कि राज्य भाजपा अध्यक्ष के अन्नामलाई ने इस मुद्दे को बड़े पैमाने पर उठाया था।”

यह मामला भारतीय पासपोर्ट से संबंधित है जो कथित तौर पर श्रीलंकाई नागरिकों को जारी किया गया था, जिन्होंने पते और पहचान प्रमाण के रूप में फर्जी दस्तावेज जमा किए थे। इस घोटाले में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय और राज्य पुलिस के अधिकारी शामिल हैं।

याचिकाकर्ता के आवेदन को संशोधित करने से इनकार करने वाले पासपोर्ट प्राधिकरण के निर्णय को चुनौती देने वाले एक मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट का ध्यान धोखाधड़ी से भारतीय पासपोर्ट हासिल करने के मामले में गया। उन्हें एक जनहित याचिका (पीआईएल) के बारे में सूचित किया गया था, जिसमें क्यू शाखा को तीन महीने के भीतर इस मुद्दे की जाँच को खत्म करने को कहा गया था, जिसे बाद में तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया था।

जस्टिस स्वामीनाथन ने मामले में टिप्पणी करते हुए कहा, “मुझे आश्चर्य है कि माननीय खंडपीठ के इस निर्देश का पालन नहीं किया गया। हालाँकि, इस आधार पर अंतिम रिपोर्ट दायर की जानी बाकी थी कि दोषी सरकारी कर्मचारियों पर मुकदमा चलाने के लिए मंजूरी नहीं मिली थी।”

कोर्ट ने कहा, “यह निंदनीय है कि मदुरै शहर का एक पुलिस स्टेशन धोखाधड़ी से 54 पासपोर्ट जारी करने में शामिल है। भ्रष्ट तत्वों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए।” इस मामले में अपीलकर्ता की ओर से अधिवक्ता डी रमेशकुमार पेश हुए, जबकि प्रतिवादियों की तरफ से वकील वी मलयेंद्रन और सरकारी अधिवक्ता जी शिवराजा पेश हुए।

इस मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी की कि सत्यापन प्रक्रिया में क्षेत्रीय जाँच पुलिस अधिकारी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। घूस का पैसा नोडल अधिकारी के पास पैसा रुक जाता था और मामले में उक्त रैंक से ऊपर के अधिकारियों की भागीदारी नहीं हो सकती है।

ट्रस्ट की आड़ में 12 नाबालिग लड़कियों की तस्करी, केरल के पादरी समेत तीन को रेलवे पुलिस ने कोझिकोड में किया गिरफ्तार

केरल पुलिस ने राजस्थान और मध्य प्रदेश से 12 लड़कियों की तस्करी के मामले में केरल के ही एक पादरी समेत तीन को गिरफ्तार किया है। पादरी का नाम रेव जैकब वर्गीज (55) है। वो पेरुंबवूर (एर्नाकुलम) स्थित करुणा भवन चैरिटेबल ट्रस्ट का निदेशक और पेंटेकोस्टल चर्च का पादरी है। उसके साथ दो एजेंटों के खिलाफ इंडियन पीनल कोड (आईपीसी) की धारा 370 (1) (2) (3) (4) (मानव तस्करी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, मानव तस्करी के मामले में गिरफ्तार जैकब वर्गीज पर आरोप है कि उसने दो एजेंटों के साथ मिलकर राजस्थान से नाबालिग लड़कियों को अवैध रूप से एर्नाकुलम ले जाने की कोशिश की। आरोपित 12 नाबालिग लड़कियों को लेकर बुधवार (27 जुलाई 2022) को ओखा-एर्नाकुलम एक्सप्रेस से केरल ला रहा था। सीक्रेट इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए रेलवे सुरक्षा बल और रेलवे पुलिस ने कोझिकोड रेलवे स्टेशन पर उसे रोक लिया।

ट्रेन में जाँच के दौरान नाबालिग लड़कियों के साथ छह वयस्क भी थे। इनमें से चार दो लड़कियों के माता-पिता बताए जा रहे हैं। इनके साथ राजस्थान के दो युवक लोकेश कुमार (29) और श्याम लाल (25) भी शामिल थे। युवकों के रेलवे स्टेशन पर पहुँचने पर शक होने पर सह यात्रियों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।

कोझिकोड रेलवे पुलिस ने आईपीसी की धारा 370 के तहत मानव तस्करी का मामला दर्ज कर लोकेश और श्याम को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को युवकों से ही पादरी के बारे में जानकारी मिली। पूछताछ के दौरान लड़कियों के साथ मौजूद माता-पिता और युवकों ने कहा कि वे पेरुंबवूर में करुणाभवन चैरिटेबल ट्रस्ट जा रहे थे। बाद में पादरी जैकब को एर्नाकुलम में कुरुप्पमपडी पुलिस ने हिरासत में ले लिया और गुरुवार को कोझिकोड रेलवे पुलिस को सौंप दिया। उसे कोझिकोड न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट कोर्ट -I के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

इस मामले को लेकर कोझिकोड रेलवे पुलिस के एसआई जमशीद पी ने कहा, “शुरुआती जाँच से पता चला है कि लड़कियों को बेहतर शिक्षा और सुनहरे भविष्य का लालच देकर राजस्थान से लाया गया था। दोनों युवक संस्थान के ही पुराने कर्मी हैं। किसी भी संस्थान के माध्यम से बच्चों के ट्रैफिकिंग के लिए राज्य बाल कल्याण समिति की परमीशन लेने की जरूरत होती है। जबकि, ट्रस्ट के पास यह नहीं था।”

फिलहाल सभी 12 लड़कियों को कोझिकोड सीडब्ल्यूसी द्वारा लड़कियों के लिए संचालित सरकारी बाल गृह वेल्लीमदुकुन्नू में रखा गया है। खास बात ये है कि लड़कियों की तस्करी के मामले में चर्चा में आया पेरुम्बवूर में करुणाभवन चैरिटेबल ट्रस्ट बीते चार साल से एक्टिव ही नहीं है।

अक्षय कुमार की फिल्म पर सुब्रमण्यम स्वामी फायर: कहा- रामसेतु मुद्दे को गलत तरीके से दिखाने के लिए करेंगे केस, अभिनेता की गिरफ्तारी हो

बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार (Akshay Kumar) की फिल्म रामसेतु (Ram Setu) रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने इस फिल्म को लेकर अक्षय कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने की बात कही है। स्वामी का दावा है कि फिल्म में रामसेतु मुद्दे को गलत ढंग से फिल्माया गया है। इसके मुआवजे के लिए वे मामला दर्ज कराएँगे।

स्वामी ने शुक्रवार (29 जुलाई 2022) को ट्वीट कर कहा, “मेरे सहयोगी वकील सत्या सभरवाल ने मुआवजे के मुकदमे को अंतिम रूप दे दिया है। मैं अभिनेता अक्षय कुमार और कर्मा मीडिया पर उनकी फिल्म में राम सेतु मुद्दे के गलत चित्रण के कारण हुए नुकसान के चलते मुकदमा दर्ज कर रहा हूँ।”

स्वामी ने एक अन्य ट्वीट में कहा, “अगर अभिनेता अक्षय कुमार एक विदेशी नागरिक हैं, तो हम उन्हें गिरफ्तार करने और उन्हें देश से बेदखल करने के लिए कह सकते हैं।”

वहीं अधिवक्ता सत्य सभरवाल ने ट्वीट कर कहा है, “रामसेतु पर आधारित एक फिल्म का निर्माण कर्मा मीडिया द्वारा किया गया है, जिसमें डॉ. सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पोस्टर के रूप में इस्तेमाल किया गया है। इसको लेकर मुकदमा दायर किया जाएगा। डॉ. स्वामी की याचिका में पोस्टर और माननीय सर्वोच्च न्यायालय का आदेश संलग्न है।”

बता दें कि फिल्म में अक्षय कुमार के अलावा जैकलीन फर्नांडीज और नुसरत भरुचा भी मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म का निर्देशन अभिषेक शर्मा ने किया है। वहीं क्रिएटिव प्रोड्यूसर डॉ. चंद्रप्रकाश द्विवेदी हैं। अक्षय कुमार की यह फिल्म इस साल दिवाली (24 अक्टूबर 2022) पर सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

स्मृति ईरानी की बेटी से जुड़े ट्वीट-पोस्ट-Video डिलीट करेंः दिल्ली हाई कोर्ट का गोवा बार मामले में आदेश, काॅन्ग्रेस नेताओं को समन

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की तरफ से दायर मानहानि मामले में दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने शुक्रवार (29 जुलाई 2022) को कॉन्ग्रेस नेताओं जयराम रमेश, पवन खेड़ा और नेट्टा डिसूजा को समन जारी किया है। स्मृति ईरानी ने उनकी और उनकी बेटी जोइश ईरानी के खिलाफ निराधार आरोप लगाने के लिए कॉन्ग्रेस नेताओं के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज कराते हुए 2 करोड़ रुपए से अधिक हर्जाने की माँग की है।

जस्टिस मिनी पुष्कर्ण ने कॉन्ग्रेस के तीन नेताओं को ईरानी एवं उनकी बेटी के खिलाफ लगे आरोपों के संबंध में सोशल मीडिया पर किए गए ट्वीट, रीट्वीट, पोस्ट, वीडियो और फोटो हटाने का निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि अगर यह नेता 24 घंटे के भीतर उसके निर्देशों का पालन करने में विफल रहते हैं, तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर, फेसबुक और यूट्यूब को सामग्री को हटाना होगा।

समन जारी होने के बाद जयराम रमेश ने ट्वीट किया, “दिल्ली उच्च न्यायालय ने हमें स्मृति ईरानी द्वारा दायर मामले का औपचारिक जवाब देने के लिए नोटिस जारी किया है। हम अदालत के सामने तथ्यों को पेश करने के लिए उत्सुक हैं। हम ईरानी द्वारा दी जा रही स्पिन को चुनौती देंगे और खारिज करेंगे।”

बता दें कि इससे पहले केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कॉन्ग्रेस नेताओं- जयराम रमेश, पवन खेड़ा और नेट्टा डिसूजा को कानूनी नोटिस भेजकर उनकी बेटी पर लगाए आरोपों के लिए माँफी माँगने के लिए कहा था। कॉन्ग्रेस नेताओं के आरोप लगाने के एक दिन बाद ही स्मृति ईरानी ने ये कदम उठाया था। अब दिल्ली होई कोर्ट ने मामले पर संज्ञान लेते हुए समन भेज दिया है।

क्या है मामला?

कॉन्ग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि जोइश ईरानी गोवा में अवैध बार चला रही है। गौरतलब है कि कॉन्ग्रेस के मुख्य प्रवक्ता और महासचिव जयराम रमेश ने मीडिया अध्यक्ष पवन खेड़ा और गुजरात की अखिल भारतीय महिला कॉन्ग्रेस अध्यक्ष नेट्टा डिसूजा के साथ मिलकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि लाइसेंस सिर्फ रेस्टोरेंट रेस्तरां चलाने के लिए मिला था, लेकिन ईरानी की बेटी ने अपने राजनीतिक दबदबे का इस्तेमाल किया। 

कॉन्ग्रेस द्वारा जोइश पर लगाए जाने वाले इल्जाम एक RTI पर आधारित थे। ये आरटीआई गोवा के ‘आयर्स रॉड्रिक्स’ नाम के कार्यकर्ता ने डाली थी। रॉड्रिक्स वही हैं जिन पर 2017 में एक महिला ने यौन शोषण तक के आरोप लगाए थे। आयर्स ने ही अपनी आरटीआई के नाम पर गोवा के सिली सोल्स कैफे एंड बार पर झूठ फैलाना शुरू किया। उसने दावा किया कि रेस्टोरेंट को फर्जी ढंग से लाइसेंस मिला जो कि ईरानी परिवार द्वारा किए गए भ्रष्टाचार का सबूत है। उसने ये भी बताया कि एक्साइज विभाग रेस्टोरेंट को नोटिस भेज चुका है। उसके दावे के मुताबिक रेस्टोरेंट में फर्जी कागज देकर शराब का लाइसेंस लिया गया।

24 जुलाई को लिखे नोट में उसने कहा कि रेस्टोरेंट को शराब का लाइसेंस एक ऐसे व्यक्ति के नाम पर मिला जो अब इस दुनिया में भी नहीं है। इसके बाद उसने कहा कि गोवा में स्मृति ईरानी और अन्य केंद्र के नेताओं द्वारा खरीदी गई ‘बेनामी’ संपत्ति की जाँच होनी चाहिए ताकि सच सामने आए।

स्मृति ईरानी ने किया आरोपों का खंडन

स्मृति ईरानी ने यह कहते हुए कि इन आरोपों का खंडन किया कि कॉन्ग्रेस ने उनकी बेटी के चरित्र पर आक्षेप लगाया और इसे धूमिल किया है। इसके साथ ही उन्होंने कॉन्ग्रेस नेताओं को इस आरोप का सबूत देने की चुनौती दी। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि वह अदालत में इसका जवाब माँगेंगी। स्मृति की बेटी जोइश ने भी कॉन्ग्रेस के आरोपों का खंडन किया और कहा कि वह न तो मालकिन थीं और न ही रेस्टॉरेंट चला रही थीं। 

गिरफ्तारी के बाद अर्पिता मुखर्जी की 4 लक्जरी कारें गायब, सुराग लगाने में जुटी ED: गाड़ी में नकदी या दस्तावेज होने की आशंका

पश्चिम बंगाल (West Bengal) में शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में पार्थ चटर्जी (Partha Chatterjee) की करीबी अर्पिता मुखर्जी (Arpita Mukherjee) के फ्लैटों से करोड़ों की नकदी बरामद होने के बाद एक नया मामला सामने आया है। अब अर्पिता मुखर्जी की चार लक्जरी कारें गायब बताई जा रही हैं। ये कारें उसके डायमंड सिटी कॉम्प्लेक्स से गायब हुई हैं।

कहा जा रहा है कि अर्पिता की गिरफ्तारी के बाद ये कारें गायब हुई हैं। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इन कारों का पता लगाया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स में जाँच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) के सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि इन कारों में कैश भरा हुआ था। यह भी संभावना जताई जा रही है कि इन कारों में केस से संबंधित अहम दस्तावेज हो सकते है।

डायमंड सिटी फ्लैट से अर्पिता मुखर्जी की जो चार गाड़ियाँ गायब हैं, उनमें दो कार अर्पिता के नाम पर है। गायब गाड़ियों में ऑडी A4 WB02AB9561, होंडा सिटी WB06T6000, होंडा सीआरवी WB06T6001 और मर्सिडीज बेंज WB02AE2232 शामिल हैं। ईडी के सूत्रों का कहना है कि जिस रात को अर्पिता मुखर्जी को गिरफ्तार किया गया था, उसी दिन से कारें गायब हैं। उस परिसर से केवल एक सफेद मर्सिडीज जब्त की गई है।

गुरुवार (28 जुलाई 2022) देर शाम को ही ईडी ने कोलकाता के चिनार पार्क इलाके में अर्पिता मुखर्जी से जुड़े एक अन्य अपार्टमेंट पर छापा मारा। ईडी के अधिकारी ने बताया, “यह (चिनार पार्क) अपार्टमेंट अर्पिता मुखर्जी का है और हमें संदेह है कि उसके अन्य फ्लैटों की तरह यहाँ भी नकदी हो सकती है। हम पड़ोसियों से बात कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यहाँ किस तरह की गतिविधियाँ की जाती हैं।”

उल्लेखनीय है कि अर्पिता मुखर्जी के घरों पर छापे से अब तक तकरीबन 50 करोड़ नकदी और 5 किलो सोना बरामद हो चुकी है। इसके साथ ही अर्पिता के बेलघरिया फ्लैट की तलाशी के दौरान अधिकारियों को दो सेक्स टॉय भी मिले थे।

बुधवार (27 जुलाई 2022) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अर्पिता मुखर्जी के दूसरे फ्लैट पर छापा मारा। यहाँ से ईडी को करीब 28.90 करोड़ रुपए कैश और 5 किलो सोना मिला था। यह छापेमारी गुरुवार (28 जुलाई 2022) सुबह 4 बजे तक चली थी। अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट में यह रकम टॉयलेट में छुपाकर रखी गई थी। इस रकम को गिनने के लिए ईडी के अधिकारियों को नोट गिनने की 3 मशीनें मँगवानी पड़ी।

समाचार एजेंसी ANI ने बताया था कि अर्पिता मुखर्जी के बेलघरिया स्थित आवास से लगभग 29 करोड़ रुपए की नकदी मिली थी। इसे 10 ट्रक में भरकर एजेंसी साथ ले गई। इससे पहले 23 जुलाई को अर्पिता के एक अन्य घर से ED ने 21 करोड़ रुपए कैश बरामद किए थे। इसके बाद ईडी ने अर्पिता मुखर्जी को गिरफ्तार किया था। 

वहीं अर्पिता मुखर्जी ने दावा किया है कि उसके फ्लैट से प्रवर्तन निदेशालय (ED) को जो पैसा मिला है, वह पार्थ चटर्जी का ही है। फ्लैट के जिस कमरे से ये पैसे मिले हैं, उधर कथित तौर पर अर्पिता को जाने की भी इजाजत नहीं थी।

पूछताछ में अर्पिता मुखर्जी ने बताया कि पार्थ चटर्जी के आदमी उनके यहाँ पैसे लाकर रखते थे। कभी-कभी चटर्जी खुद भी आते थे और कमरों में रखे पैसों की जाँच करते थे। अर्पिता का दावा है कि उन्हें उस कमरे में जाने की अनुमति नहीं थी, जहाँ पैसे रखे जाते थे।

हालाँकि अर्पिता को यह पता था कि उसके घर में पैसे रखे गए हैं, लेकिन यह रकम कितनी है, इसके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं थी। अर्पिता ने बताया था कि पार्थ चटर्जी उसके घर को ‘मिनी बैंक’ की तरह इस्तेमाल करते थे।

सिंगापुर ने केजरीवाल को भेजा निमंत्रण 20 जुलाई को ही ले लिया था वापस, खुलासे के बाद केंद्र सरकार पर भड़की आम आदमी पार्टी

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सिंगापुर दौरे पर नहीं जा पाएँगे। सीएम केजरीवाल के सिंगापुर जाने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि वर्ल्ड सिटीज समिट में जाने के निमंत्रण को सिंगापुर ने 20 जुलाई को ही कैंसिल कर दिया था। जबकि केजरीवाल ने 21 जुलाई को विदेश मंत्रालय के सामने सिंगापुर जाने की अनुमति माँगी। 

इससे जुड़ा सिंगापुर के विदेश मंत्रालय का एक ई-मेल भी आया था। 15 जुलाई को भेजे गए ई-मेल में साफ लिखा था कि निमंत्रण स्वीकार करने की आखिरी तारीख 20 जुलाई तक ही है। जब दिल्ली के मुख्यमंत्री की तरफ से कोई जवाब नहीं आया तो निमंत्रण को 20 जुलाई को ही कैंसिल कर दिया था। वहीं केजरीवाल ने सिंगापुर न जाने के पूरा ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ दिया है।

पूरे मामले पर दिल्ली की केजरीवाल सरकार पहले से ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर तरह-तरह के आरोप लगा रही थी और अब एक बार फिर इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया। दिल्ली सरकार का कहना है कि अनुमति से संबंधित फाइल उप राज्यपाल वीके सक्सेना को 7 जून को ही भेज दी गई थी। LG की ओर से डेढ़ महीने तक कोई जवाब नहीं आया और 20 जुलाई को जब डेडलाइन खत्म हो गई तो 21 जुलाई को यह कह कर फाइल वापस भेज दी कि ये शिखर सम्मेलन मेयर स्तर का है। इसमें मुख्यमंत्री के जाने का कोई औचित्य नहीं है। 

उप राज्यपाल द्वारा उनकी फाइल को खारिज करने के बाद, केजरीवाल ने कहा था कि वह उप राज्यपाल की सलाह से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह सिंगापुर जरुर जाएँगे। सीएम अपनी टीम को विदेश मंत्रालय के ऑनलाइन पोर्टल पर ‘राजनीतिक मंजूरी’ के लिए आवेदन करने के लिए कहा था। उन्होंने इस महीने की शुरुआत में पीएम नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने सिंगापुर नहीं जाने देने पर निराशा जताई थी। उन्होंने कहा था कि एक मुख्यमंत्री को इस तरह के कार्यक्रम में शामिल होने से रोकना ‘राष्ट्र के हितों के खिलाफ’ है।

वहीं मुख्यमंत्री कार्यालय की तरफ से कहा गया है कि इससे साफ है कि केंद्र सरकार की मंशा मुख्यमंत्री को अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिल्ली में शिक्षा और स्वास्थ्य के अलावा अन्य क्षेत्रों में हुए विश्वस्तरीय कामकाज के बारे में बताने से रोकने की थी। केंद्र सरकार की मंशा बेशक पूरी हुई हो, लेकिन इससे देश को वैश्विक समुदाय के बीच जिस तरह से नीचा देखना पड़ा है, उसके ज़िम्मेदार भी वही हैं।

गौरतलब है कि एलजी की ओर से फाइल लौटाए जाने के बाद दिल्ली सरकार ने विदेश मंत्रालय से मंजूरी की माँग की थी। अरविंद केजरीवाल को सिंगापुर शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण मिलने पर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, ”सिंगापुर सरकार ने दिल्ली सरकार को दिए गए निमंत्रण पर अपडेट शेयर किया है। आप इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए दिल्ली सरकार से संपर्क कर सकते हैं।”

बता दें कि सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग ने जून में केजरीवाल को अगस्त के वर्ल्ड सिटीज समिट में आमंत्रित किया था। दिल्ली के मुख्यमंत्री को 1 अगस्त को शामिल होने के लिए कहा गया था। यह सम्मेलन 31 जुलाई से 3 अगस्त तक होगा। 

ऑस्कर वाली हिरोइन बेच रही मोमबती, Vagina (योनि) जैसा देती है फील: कहा- यह महिला सशक्तिकरण का प्रतीक…

हॉलीवुड की एक हिरोइन हैं। नाम है- ग्वेनेथ पाल्ट्रो (Gwyneth Paltrow)। वे मोमबत्ती के एक ब्रांड को लेकर कुख्यात हैं। इस मोमबती की गंध योनि (Vagina) जैसा फील देती है। ऑस्कर विजेता इस अभिनेत्री की माने तो यह मोमबत्ती महिला सशक्तिकरण का प्रतीक है।

‘आयरन मैन’ की अभिनेत्री पाल्ट्रो लाइफस्टाइल ब्रांड गूप (Goop) चलाती हैं। यह मोमबत्ती भी इसी ब्रांड का हिस्सा है। उन्होंने टुडे को दिए इंटरव्यू में अपने एक्टिंग करियर से गूप सीईओ बनने तक के सफर पर बात की है बताया। पीपल मैगजीन के अनुसार, गूप की शुरुआत 2008 में एक Newsletter के रूप में हुई थी।

ग्वेनेथ पाल्ट्रो ने टुडे के विली गीस्ट के साथ बातचीत में कहा, “मुझे हमेशा यह थोड़ा अजीब लगता है। मैं जब भी दुकान में जाती हूँ और लोगों को देखती हूँ कि वह किस चीज पर क्या रिएक्शन दे रहे हैं। वे सवाल पूछते हैं और कई चीजों को उठाते हैं। यह लोगों के लिए नई-नई चीजें खोजने वाला स्थान है और जब वे स्टोर में होते हैं तो हर कोई हमेशा मुस्कुराता रहता है। इसलिए, मुझे स्टोर में आना अच्छा लगता है।”

49 वर्षीय ग्वेनेथ पाल्ट्रो ने साक्षात्कार में अपनी ‘दिस स्मेल्स लाइक माई वैजाइना’ कैंडल पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा, “मोमबत्तियाँ उत्तेजित करने और महिला सशक्तिकरण के बारे में हैं। ये मोमबत्तियाँ वास्तव में उस उत्तेजना की तरह हैं, जैसे हर तरफ एक महिला मौजूद हो।” ‘दिस स्मेल्स लाइक माई वैजाइना’ लेबल वाली मोमबत्तियाँ जेरेनियम, साइट्रस बरगामोट और दमास्क गुलाब और एम्ब्रेटे बीज से बनाई गई हैं।

बता दें कि साल 1998 की ‘शेक्सपियर इन लव’ में अपनी दमदार एक्टिंग के लिए ऑस्कर पुरस्कार जीतने वाली पाल्ट्रो 2019 की ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ के बाद से किसी फिल्म में नहीं दिखाई दी हैं। वह गूप से 2016 में बतौर सीईओ जुडीं और उसके बाद से एक्टिंग की दुनिया को छोड़ दिया।

असम में टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़, 12 गिरफ्तार, 2 मदरसे सील: आतंकी संगठन अल कायदा ने ‘गो टू असम’ का दिया नारा

असम पुलिस (Assam Police) ने आतंकी गठजोड़ का खुलासा करते हुए अल कायदा से जुड़े अंसारुल्लाह बांग्ला टीम (ABT) के 12 सदस्यों को अब तक गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारियाँ मोरगाँव, गुवाहाटी, बारपेटा और गोलपारा जिलों से की गई हैं। वहीं, एक को पश्चिम बंगाल के कोलकाता से गिरफ्तार किया गया है।

एक दिन पहले असम पुलिस ने मोरीगाँव जिले के मोरियाबारी के एक मदरसा के टीचर मुफ्ती मुस्तफा को गिरफ्तार था। नेटवर्क से जुड़े बाकी फरार आरोपितों की तलाश की जा रही है। गिरफ्तार आरोपितों पर UAPA के तहत कार्रवाई की गई है।

बारपेटा से गिरफ्तार हुए आरोपितों के नाम 25 वर्षीय जुबेर खान, 27 वर्षीय रफीकुल इस्लाम, 20 वर्षीय दीवान हमीदुल इस्लाम, 42 वर्षीय मोइनुल हक, 37 वर्षीय कज़ीबुर हुसैन, 50 वर्षीय मुजीबुर रहमान, 34 साल के शाहजहाँ अली और शहनूर आलम हैं। जुबेर खान को छोड़ कर बाकी सभी स्थानीय बरपेटा थानाक्षेत्र के ही रहने वाले हैं। पुलिस के मुताबिक इन आरोपितों पर UAPA एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अल-कायदा के वर्तमान मुखिया अल जवाहिरी ने ‘गो टू असम’ का एलान किया है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियाँ और अधिक सतर्क हो गई हैं। मोरीगाँव में जमीउल हुडा मदरसा चलाने वाले मुफ़्ती मुस्तफा की गिरफ्तारी के बाद 39 साल के अफसरूद्दीन भुयान को भी मोरीगाँव में गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा एक अन्य गिरफ्तारी अब्बास अली की हुई है। इन सभी पर एक फरार आतंकी महबूब उर रहमान को शरण देने का आरोप है।

मोरीगाँव की SP अपर्णा के मुताबिक, पकड़े गए आरोपितों से उनके बाकी नेटवर्क और फंडिंग आदि के स्रोतों की जानकारी जुटाई जा रही है। अब तक पुलिस द्वारा 2 मदरसों को सील किया जा चुका है। उसमें पढ़ने वाले बच्चों को सरकारी स्कूल में शिफ्ट किए जाने के निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए हैं।

रोटी के लिए दोस्त की हत्या: फिरोज खान ने रिक्शा चालक मुन्ना को घोंपी चाकू, करोल बाग़ की घटना, दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार

दिल्ली के करोलबाग इलाके से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जहाँ फ़िरोज़ खान ने अपने दोस्त मुन्ना की रोटी के लिए चाकू मार कर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि मृतक मुन्ना ने अपने खाने में से आरोपित को रोटी देने से मना कर दिया था। मृतक की पहचान मध्य प्रदेश के मुन्ना के रूप में हुई, जो रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पेट भरता था, वहीं आरोपित फिरोज कूड़ा बीनने का काम करता था। पुलिस ने आरोपित फ़िरोज़ को गिरफ्तार कर लिया है। घटना 26 जुलाई 2022 (मंगलवार) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लखन नाम का व्यक्ति इस घटना का चश्मदीद है। उसने पुलिस को बताया, “घटना की रात लगभग 10 बजे मैं और मुन्ना विष्णु मंदिर मार्ग के ताँगा चौक के फुटपाथ पर एक साथ खाना खा रहे थे। तभी एक व्यक्ति शराब के नशे में वहाँ आया और उसने मुन्ना से रोटी-सब्जी माँगी। मुन्ना ने उसे खाने के लिए दे दिया। कुछ देर बाद उसने फिर से रोटी माँगी तो मुन्ना ने देने से मना कर दिया। इसी बात पर दोनों में कहासुनी हो गई।” मीडिया रिपोर्ट में फिरोज मुन्ना का दोस्त बताया जा रहा है।

चश्मदीद ने आगे बताया, “कुछ ही देर में कहासुनी बढ़ कर मारपीट में बदल गई। इस दौरान आरोपित ने अपने पास रखी चाकू मुन्ना के पेट में 2 से 3 बार घोंप दी और वहाँ से भाग गया। घायल अवस्था में मुन्ना को अस्पताल ले जाया गया जहाँ अधिक खून बह जाने के कारण उसने दम तोड़ दिया।” इसके बाद घटना की सूचना पुलिस को दी गई।

DCP सेंट्रल श्वेता चौहान के मुताबिक, “घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने फ़ौरन पहुँच कर जरूरी कार्रवाई शुरू कर दी थी। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाया है। CCTV फुटेज के आधार पर आरोपित को 6 घंटों के ही अंदर गिरफ्तार कर लिया गया। चश्मदीद ने उसकी पहचान की। फ़िरोज़ ने पुलिस के आगे अपना गुनाह कबूल किया है। पुलिस ने हत्या में प्रयोग किया चाकू भी बरामद कर लिया है।”

मृतक मुन्ना की उम्र 40 साल बताई जा रही है। वह मध्य प्रदेश का रहने वाला था। आरोपित फ़िरोज़ खान उर्फ़ मुन्नू 26 साल का है जो उत्तर प्रदेश के आगरा का निवासी बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि मुन्ना की हत्या के बाद फ़िरोज़ करोल बाग़ में ही कहीं जा कर सो गया था। आरोपित को पकड़ने के लिए दिल्ली पुलिस ने करोल बाग़ के पास की झुग्गियों और तमाम मजदूरों से पूछताछ की, गहन स्कैनिंग करवाई। इसके बाद फिरोज को ढूँढकर गिरफ्तार कर लिया गया।

मंगलुरु में फाजिल नाम के युवक की हत्या: इलाके में धारा 144 लागू, पुलिस ने लोगों से नमाज घर में पढ़ने के लिए कहा

कर्नाटक (Karnataka) के दक्षिण कन्नड़ जिले में फाजिल नाम के एक युवक पर तलवारों से हमला कर मौत के घाट उतार दिया गया है। हत्या के बाद तनाव को देखते पुलिस ने इलाके धारा 144 लागू कर दी है। घटना 28 जुलाई 2022 की बताई जा रही है। अभी तक हमलावरों के बारे में कुछ भी पता नहीं चल पाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले के CCTV फुटेज में दिखा कि आरोपितों ने चेहरे पर नकाब पहन रखा था। हमलावर हुंडई कार से आए थे। फाजिल को मार कर आरोपित कार में बैठ कर भाग निकले। गंभीर हालत में फाजिल को अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसने दम तोड़ दिया। प्रारम्भिक जानकारी के मुताबिक घटना की वजह आर्थिक लेन-देन हो सकता है।

घटना मंगलुरु सिटी के सूरतकल की है। हमलावरों से बचने के लिए फाजिल ने दौड़ भी लगाई, लेकिन वह बच नहीं पाया। पुलिस को घटना से जुड़े CCTV फुटेज मिले हैं, जिसके आधार पर आरोपितों की पहचान की जा रही है। इस हत्या के बाद आसपास के सूरतकल, पनमबुर, वाजपे और मुल्की इलाके में धारा 144 लागू कर दी गई है। फाजिल के अंतिम संस्कार के समय जनाजे में भारी भीड़ उमड़ी।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, मंगलुरु के पुलिस कमिश्नर एनएस कुमार ने मुस्लिम उलेमाओं और मौलानाओं से घर के अंदर ही नमाज़ पढ़ने की अपील की है। मंगलुरु पुलिस ने क्षेत्र की शराब की दुकानों को भी 29 जुलाई तक बंद रखने का आदेश दिया है। शिक्षण संस्थानों में भी 29 तारीख तक पढ़ाई नहीं होगी।

गौरतलब है कि मंगलुरु क्षेत्र में मंगलवार (26 जुलाई 2022) को भाजपा युवा मोर्चा नेता प्रवीण नेट्टारू की भी हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप उन्हीं की दुकान पर काम कर चुके इब्राहिम नाम के व्यक्ति के बेटे पर लगा है। पुलिस ने इस हत्याकांड में अब तक 21 लोगों को हिरासत में लिया है। इनका संबंध PFI और SDPI से बताया जा रहा है।