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जिस रमा देवी के पास गईं सोनिया गाँधी, उनसे कभी आजम खान को माँगनी पड़ी थी माफीः तब भी ‘महिला सम्मान’ के लिए लड़ी थीं स्मृति ईरानी

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए कॉन्ग्रेस नेता अधीर रंजन चैधरी की अशोभनीय टिप्पणी के बाद से सांसद रमा देवी का नाम भी चर्चा में है। दरअसल, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने जब इस बयान पर काॅन्ग्रेस नेतृत्व को घेरा तो सोनिया गाँधी रमा देवी के पास पहुँच गईं थी। इस दौरान उन्होंने स्मृति ईरानी से कहा था– You don’t talk to me। यानी, आप मुझसे बात मत कीजिए। गुरुवार (28 जुलाई 2022) को यह सारा घटनाक्रम संसद में हुआ था।

सदन के भीतर जब अधीर रंजन चौधरी की टिप्पणी पर स्मृति ईरानी ने घेरा तो भाजपा सांसद रमा देवी (Rama Devi) के पास सोनिया गाँधी पहुँची और पूछा, “अधीर रंजन चौधरी की टिप्पणी के मामले में मेरा नाम क्यों घसीटा जा रहा है। इसमें मेरी गलती क्या है?” इसके जवाब में रमा देवी ने कहा, “आपकी गलती यह है कि आपने चौधरी को लोकसभा में कॉन्ग्रेस का नेता चुना।” उन्होंने कहा, “अधीर रंजन माफी माँग लेते तो बात खत्म हो जाती। सोनिया को तैश में आने की बजाय गलती माननी चाहिए और अपने नेता को काबू में करना चाहिए।”

कौन हैं रमा देवी

रमा देवी का जन्म बिहार में वैशाली जिले के लालगंज में 8 अगस्त 1948 को हुआ था। इनकी शिक्षा मुजफ्फरपुर से हुई और वहीं से इन्होंने कानून की डिग्री पूरी की। 74 वर्षीय रमा देवी ने सबसे पहले 1998 में बिहार के मोतिहारी सीट से राजद के टिकट पर चुनाव लड़ा था और बीजेपी के राधा मोहन सिंह को हराते हुए पहली बार संसद पहुँची थीं। रमा को तब उनके पति और बिहार सरकार में मंत्री रहे बृज बिहारी प्रसाद की हत्या के बाद राजनीतिक विरासत सँभालनी पड़ी थी। उनके पति दबंग और बाहुबली नेता माने जाते थे।

इसके बाद बिहार विधानसभा चुनाव 2000 में उन्होंने मोतिहारी से चुनाव लड़ा और बिहार विधानसभा में राजद विधायक के रूप में चुनी गईं। उन्होंने बीजेपी के प्रमोद कुमार को हराया। 2009 में राजद से टिकट नहीं मिलने पर वह बीजेपी में शामिल हो गईं। बीजेपी ने उन्हें शिवहर से टिकट दिया और वह चुनाव जीतने में कामयाब रहीं। 2014 और 2019 में भी उन्हें शिवहर से टिकट दिया गया और उन्होंने बड़ी जीत दर्ज की। रमा देवी के राजनीतिक कद का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 2009 और 2014 में बाहुबली आनंद मोहन की पत्नी लवली आंनद को राजनीतिक अखाड़े में मात दी थी।

आजम खान को जब माँगनी पड़ी माफी

2019 में रमा देवी से आज़म ख़ान को माफ़ी माँगनी पड़ी थी। 25 जुलाई 2019 को लोकसभा में तीन तलाक बिल पर चर्चा के दौरान सदन की अध्यक्षता कर रहीं रमा देवी पर सपा नेता आज़म ख़ान ने अभद्र टिप्पणी की थी। उन्होंने रमा देवी से कहा था, “आप मुझे इतनी अच्छी लगती हैं कि मेरा मन करता है कि आपकी आँखों में आँखें डाले रहूॅं।” इस तरह की टिप्पणी से अध्यक्षता कर रहीं सांसद थोड़ी देर के लिए असहज हो गई थीं।

उस वक्त केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने आज़म खान के बयान की आलोचना करते हुए इसे शर्मनाक बताया था। उन्होंने ट्वीट कर कहा था, “आज़म खान द्वारा दिया गया शर्मनाक बयान उनके चरित्र का प्रतिबिंब है; उनका बचाव करके अखिलेश यादव ने भी प्रमाणित कर दिया कि उनकी सोच में भी कोई फ़र्क़ नहीं। जो सदन में महिला के साथ अशोभनीय व्यवहार कर सकता है वह साधारण महिला से किस प्रकार का व्यवहार करता होगा, यह सोचने वाली बात है।” इसके साथ ही एक और ट्वीट में स्मृति ने आज़म खान को सभी पुरुष सांसदों पर धब्बा बताया था। इसके बाद आज़म ख़ान ने अपनी टिप्पणी के लिए माफ़ी माँगते हुए कहा था कि सासंद रमा देवी मेरी बहन हैं।

पैसा, सोना, सेक्स टाॅय… अर्पिता मुखर्जी का दावा- उनके फ्लैट के जिस कमरे से मिला खजाना, उसमें उन्हें जाने भी नहीं देते थे पार्थ चटर्जी

पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले में ममता बनर्जी की सरकार में मंत्री रहे पार्थ चटर्जी पर शिकंजा कसता जा रहा है। अर्पिता मुखर्जी ने दावा किया है कि उनके फ्लैट से प्रवर्तन निदेशालय (ED) को जो पैसा मिला है, वह चटर्जी का ही है। फ्लैट के जिस कमरे से ये पैसे मिले हैं, उधर कथित तौर पर अर्पिता को जाने की भी इजाजत नहीं थी।

पूछताछ में अर्पिता मुखर्जी ने बताया कि पार्थ चटर्जी के आदमी उनके यहाँ पैसे लाकर रखते थे। कभी-कभी चटर्जी खुद भी आते थे और कमरों में रखे पैसों की जाँच करते थे। अर्पिता का दावा है कि उन्हें उस कमरे में जाने की अनुमति नहीं थी, जहाँ पैसे रखे जाते थे। हालाँकि उन्हें यह पता था कि उनके घर में पैसे रखे गए हैं। लेकिन यह रकम कितनी है, इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं थी।

अर्पिता ने इससे पहले बताया था कि पार्थ चटर्जी उनके घर को ‘मिनी बैंक’ की तरह इस्तेमाल करते थे। उल्लेखनीय है कि अर्पिता मुखर्जी के घरों पर छापे से अब तक तकरीबन 50 करोड़ नकदी और 5 किलो सोना बरामद होने की बात सामने आई है। इसके साथ ही अर्पिता के बेलघरिया फ्लैट की तलाशी के दौरान अधिकारियों को दो सेक्स टॉय भी मिले थे।

गौरतलब है कि बुधवार (27 जुलाई 2022) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अर्पिता मुखर्जी के दूसरे फ्लैट पर छापा मारा। यहाँ से ईडी को करीब 28.90 करोड़ रुपए कैश और 5 किलो सोना मिला। यह छापेमारी गुरुवार (28 जुलाई 2022) सुबह 4 बजे तक चली थी। अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट में यह रकम टॉयलेट में छुपाकर रखी गई थी। इस रकम को गिनने के लिए ईडी के अधिकारियों को नोट गिनने की 3 मशीनें मँगवानी पड़ी। समाचार एजेंसी ANI ने बताया था कि अर्पिता मुखर्जी के बेलघरिया स्थित आवास से लगभग 29 करोड़ रुपए की नकदी मिली थी। इसे 10 ट्रक में भरकर एजेंसी साथ ले गई। इससे पहले 23 जुलाई को अर्पिता के एक अन्य घर से ED ने 21 करोड़ रुपए कैश बरामद किए थे। 

पार्थ चटर्जी को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी मंत्री के पद से हटा दिया है। पार्थ तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के महासचिव के साथ-साथ उपाध्यक्ष भी थे। इसके अलावा, उनके पास तीन और जिम्मेदारियाँ थीं। ममता के भतीजे और TMC नेता अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जाँच जारी रहने तक पार्थ को पार्टी से निलंबित किया गया है। अगर बेगुनाह साबित होते हैं तो वे पार्टी में फिर से आ सकते हैं।

बता दें कि पश्चिम बंगाल शिक्षा घोटाले की जाँच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रही है। केंद्रीय एजेंसी ने पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की सिफारिशों पर सरकार द्वारा प्रायोजित व सहायता प्राप्त स्कूलों में समूह ‘सी’ और ‘डी’ के कर्मचारियों व शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित अनियमितताओं की जाँच शुरू की है। पार्थ चटर्जी उस समय शिक्षा मंत्री थे, जब घोटाला हुआ था। सीबीआई दो बार उनसे पूछताछ कर चुकी है। पहली बार पूछताछ 25 अप्रैल, जबकि दूसरी बार 18 मई को की गई थी।

जिसे 2 दिन तक समुद्र में खोजती रही नौसेना-गोताखोर-मछुआरे, वह प्रेमी संग मिलीः बीच से गायब हुई ‘पत्नी’ की तलाश में हेलिकॉप्टर भी लगाए थे

एक महिला 25 जुलाई 2022 को आंध्र प्रदेश (Andra Pradesh) के विशाखापट्टनम (Visakhapatnam) में समुद्र तट से गायब हो गई। वह शादी की दूसरी सालगिरह मनाने के लिए यहाँ पति के साथ आई थी। पति को लगा कि वह समुद्र में डूब गई है। उसकी तलाश में नौसेना, मरीन पुलिस, गोताखोरों, मछुआर दो दिन तक समुद्र की खाक छानते रहे। सर्च ऑपरेशन पर करीब 1 करोड़ रुपए खर्च हुए। लेकिन महिला का पता नहीं चला। अब वह महिला अपने प्रेमी के साथ मिली है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 वर्षीय महिला को 27 जुलाई को सिटी पुलिस (City Police) ने बेंगलुरु (Bangalore) से बरामद किया। महिला का नाम साईं प्रिया है। वह विशाखापट्टनम की रहने वाली है। दो साल (2020) पहले उसने श्रीकाकुलम निवासी श्रीनिवास राव से शादी की थी। पति-पत्नी शादी की दूसरी सालगिरह पर 25 जुलाई को पहले सिंहचलम मंदिर गए, फिर समुद्र तट पर घूमने चले गए। रात को जब कपल बीच पर सैर कर रहा था, उसी वक्त पति को एक फोन आया। वह पत्नी को छोड़कर दूसरी तरफ बात करने चला गया, क्योंकि उसकी पत्नी सेल्फी ले रही थी। कुछ मिनटों के बाद वह लौटा तो पत्नी नहीं मिली। उसे लगा कि वह समुद्र में डूब गई। उसने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। इसके बाद सर्च ऑपरेशन शुरू हुआ जिसमें नेवी (Navy) के हेलिकॉप्टर को भी लगाया गया।

पुलिस ने बीच और आसपास के इलाकों में 2 दिन तक महिला की तलाश कीई। साथ ही मरीन पुलिस, गोताखोरों, मछुआरों ने भी उसकी खोजबीन की। बाद में पता चला कि महिला आरके बीच से अपने प्रेमी के साथ फरार होकर नेल्लूर चली गई है। थ्री टाउन पुलिस स्टेशन सर्कल इंस्पेक्टर के रामा राव (K Rama Rao) ने बताया कि इस पूरे मामले को प्रेम सम्बंध (Love Angle) से जोड़कर देखा जा रहा है, क्योंकि साईं प्रिया के मोहल्ले में रहने वाले रवि नाम के शख्स के साथ जाने की खबर है। इसलिए अब ये मामला प्रिया के बेंगलुरु से आने के बाद ही साफ हो पाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

कर्नाटक में मारे गए BJYM नेता से शफीक की पुरानी पहचान, प्रवीण की दुकान में काम करते थे उसके अब्बा: गिरफ्तारी के बाद ‘मुस्लिम’ पहचान का रोना

कर्नाटक में भाजपा युवा मोर्चा (BJYM) के नेता प्रवीण प्रवीण नेट्टारू की हत्या के सिलसिले में गुरुवार (28 जुलाई 2022) को शफीक बेल्लारे और जाकिर सावानुरू को गिरफ्तार किया गया था। अब यह बात सामने आई है कि शफीक और प्रवीण की जान-पहचान थी। प्रवीण की दुकान में शफीक के इब्राहिम काम भी कर चुके हैं। इनका एक-दूसरे के घर भी आना-जाना था। हालाँकि इब्राहिम का कहना है कि मुस्लिम होने के चलते उसके बेटे को पुलिस इस मामले में फँसा रही है।

इंडिया टुडे को इब्राहिम ने बताया, “जब मैं प्रवीण की दुकान में काम करता था तब मेरा बेटा और प्रवीण अक्सर बातें किया करते थे। प्रवीण अक्सर मेरे घर भी आता-जाता था। मुझे नहीं पता कि मेरे बेटे को क्यों गिरफ्तार किया गया है। हम मुस्लिम हैं इसलिए हमें निशाना बनाया जा रहा है। शफीक और जाकिर वैसे नहीं हैं, जैसा उन्हें बताने की कोशिश हो रही है।”

वहीं शफीक की बीवी ने कहा, “हाँ, वे PFI से जुड़े हैं। वे संगठन के लिए सोशल वर्कर के तौर पर काम करते थे। लेकिन प्रवीण की हत्या की उन्हें जानकारी नहीं थी।” एक रिपोर्ट के मुताबिक 29 वर्षीय जाकिर पुत्तुर के सवनूर में फास्ट फ़ूड की दुकान चलाता है। वहीं शफीक सुल्लिया क्षेत्र की एक सुपारी शॉप पर काम करता है। अदालत ने दोनों को 11 अगस्त तक की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बता दें कि इस मामले में गुरुवार को पुलिस ने 21 और संदिग्धों को हिरासत में लिया था। इनके लिंक PFI और SDPI से बताए जा रहे हैं।

प्रवीण के परिजनों से मिले मुख्यमंत्री

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने 28 जुलाई 2022 को प्रवीण के परिजनों से मुलाक़ात की है। इस दौरान उन्होंने पीड़ित परिवार को 25 लाख रुपए का चेक भी सौंपा। साथ ही उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो राज्य में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे राष्ट्र विरोधी और सांप्रदायिक तत्वों से निपटने के लिए ‘योगी मॉडल’ को लागू किया जाएगा।

गौरतलब है कि दक्षिण कन्नड़ जिले की बेल्लारे में मंगलवार (26 जुलाई 2022) की रात करीब 9 बजे भाजपा नेता प्रवीण की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी गई थी। यह हमला तब हुआ जब वे बाइक से घर जा रहे थे।

कानपुर में इस बार नहीं निकलेगा मुहर्रम का पाइकी जुलूस: मुस्लिम आलिमों को हालात बिगड़ने का डर, दिया कानून व्यवस्था का हवाला

उत्तर प्रदेश के कानपुर में 3 जून को नूपुर शर्मा के कथित बयान के विरोध में जुमे की नमाज के बाद पथराव किया गया था। अब अचानक से शहर के मुस्लिम संगठनों ने इस साल मुहर्रम के दौरान पाइकी जुलूस नहीं निकालने का फैसला किया है, क्योंकि उन्हें जुलूस के दौरान हालात बिगड़ने का डर है। माना जा रहा है कि वे शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर ‘चिंतित’ हैं।

दरअसल, कोरोना महामारी के कारण बीते दो वर्षों को छोड़कर पिछले 225 सालों से लगातार ये जुलूस निर्बाध रूप से निकाले जाते रहे हैं। इस साल से इसके एक बार फिर से शुरू होने की संभावना थी, लेकिन अब एक बार फिर से इस पर रोक लग गई है। बता दें कि पाइकी जुलूस शहर में मुहर्रम के बड़े जुलूसों में से एक माना जाता है।

उल्लेखनीय है कि पाइकी वे लोग हैं, जो कि काले ‘कुर्ता-पायजामा’ पहने हुए रहते हैं। इनकी पीठ और कंधों पर रस्सियों के साथ घंटियाँ बंधी होती हैं। ये मुहर्रम के जुलूस के साथ इमामबाड़ा, कर्बला और इमाम चौक पर जाते हैं, ‘हाँ हुसैन, या हुसैन’ का नारा लगाते हैं।

तंज़ीम निशान-ए-पाइक कासीद-ए-हुसैन के खलीफा शकील और तंज़ीम-अल-पाइक कासिद-ए-हुसैन के लोग अच्छे मुस्लिमों से चंदा लेकर हर साल जुलूस निकालते रहे हैं। इस बार के जुलूस को लेकर जुलूस के वर्तमान प्रभारी कफील कुरैशी ने कहा कि इस साल मुहर्रम के मौके पर पाइकी जुलूस नहीं निकाला जाएगा। उन्होंने कहा, “शहर के माहौल को ध्यान में रखते हुए इस साल पाइकी जुलूस नहीं निकालने का फैसला किया गया है। हमने लोगों से इस मोहर्रम में अपने घरों में नमाज अदा करने और शहर में अमन बनाए रखने में मदद करने की अपील की है।”

खलीफा ने भी लिया ऐसा ही फैसला

कानपुर शहर के खलीफा शकील ने भी शहर की सख्त कानून व्यवस्था को देखते हुए इस साल पाइकी जुलूस नहीं निकालने की बात कही है। खलीफा ने कहा, “इस साल पाइकी का जुलूस नहीं निकाला जाएगा। प्रशासन को इस बारे में अवगत करा दिया गया है। यह निर्णय 3 जून की हिंसा के बाद शहर के माहौल को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। हमने लोगों से इस तरह के किसी भी काम में शामिल नहीं होने के लिए कहा है।”

कानपुर हिंसा के मुख्य आरोपित जफर हयात हाशमी पर लगा रासुका, बाबा बिरयानी और बिल्डर वसी सहित चार पर गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के कानपुर (Kanpur, Uttar Pradesh) में 3 जून 2022 को हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपित जफर हयात हाशमी पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून – रासुका (NSA) लगाया है। इसके अलावा, हिंसा के लिए फंडिंग करने वाले बिल्डर वसी, बाबा बिरयानी का मालिक मुख्तार, अकील और शफीक पर गैंगेस्टर एक्ट लगाया गया है।

हाशमी पर रासुका लगाने को लेकर पुलिस कमिश्नर विजय मीणा ने 4 दिन पहले सभी साक्ष्य जुटाकर कानपुर नगर के जिलाधिकारी विशाख को भेज दिया था। इसके बाद जिलाधिकारी विशाख ने हाशमी पर रासुका के तहत कार्रवाई करने की मंजूरी दे दी।

कमिश्नर मीणा ने कहा कि 3 जून 2022 को हुई हिंसा में जिस तरह सांप्रदायिक माहौल को बिगाड़ने का काम किया गया था, इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए 60 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस हिंसा में क्राउड फंडिंग करने वाले 4 आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है, जिनमें बाबा बिरयानी का मालिक भी शामिल है।

वहीं, जिलाधिकारी विशाख ने बताया कि कानपुर के पुलिस कमिश्नर विजय सिंह मीणा ने जेल में बंद हयात जफर हाशमी के खिलाफ NSA लगाने का प्रस्ताव भेजा था। जिलाधिकारी ने कहा कि उन्होंने प्रस्ताव को मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेज दिया है। 

बता दें कि गौरतलब है कि इस्लाम के पैगंबर मोहम्मद को लेकर भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के कथित अपमानजनक टिप्पणी के विरोध में 3 जून को बंद का आह्वान किया गया था। इसके बाद नमाज के बाद उन्मादियों ने नई सड़क और दादा मियां का हाता में जमकर उत्पात मचाया था।

इस दौरान 7 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, 25 से अधिक लोग घायल हो गए थे। कानपुर हिंसा को लेकर पुलिस ने 3 मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस ने अब तक इस मामले में 62 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मामले की जाँच कर रही SIT ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस उपद्रव के पीछे गहरी साजिश थी और बयान का विरोध सिर्फ एक दिखावा था।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि उपद्रव के पीछे नई सड़क क्षेत्र में स्थित चंद्रेश्वर हाता भी एक बड़ा कारण है। चंद्रेश्वर हाता इस क्षेत्र में अकेला हिंदू बहुल बस्ती है। इसके चारों तरफ सिर्फ मुस्लिमों की आबादी है। इसमें यह भी कहा गया है कि इस हिंदू इलाके पर कुछ मुस्लिम बिल्डरों की नजर लगी हुई है और वे हिंदुओं में दहशत पैदा कर मकान बेचने के लिए विवश करने की कोशिश कर रहे थे। इसलिए पूरा बवाल चंद्रेश्वर हाता के सामने ही हुआ। 

पार्था चटर्जी की करीबी अर्पिता के घर से ED को मिले 2 सेक्स टॉय, किसका है, किसने खरीदा और कौन कर रहा था इस्तेमाल: जाँच में जुटी एजेंसी

पश्चिम बंगाल शिक्षा घोटाले (WBSSC) के मामले में प्रवर्तन निदेशालय लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में प्रवर्तन निदेशालय ने एक बार फिर से ममता बनर्जी की पार्टी के नेता पार्था चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान कैश और गहनों के साथ ही ईडी को अर्पिता के फ्लैट से दो सेक्स टॉय भी मिले।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय ने कहा है कि बुधवार को अर्पिता मुखर्जी के बेलघरिया फ्लैट की तलाशी के दौरान अधिकारियों को दो सेक्स टॉय मिले। वह फ्लैट अर्पिता का था तो क्या वह उन सेक्स टॉयज का इस्तेमाल कर रही थीं? या कोई और उस फ्लैट यूज़ कर रहा था? यह अभी स्पष्ट नहीं है। ये अभी तक साफ नहीं हो पाया है कि इन्हें कहाँ से लाया गया, किसने खरीदा, कीमत कितनी है ये भी अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। लेकिन केवल सेक्स टॉयज ही नहीं एक सोना और एक हीरे की अंगूठी भी मिली है जिस पर अंग्रेजी अक्षर ‘P’ लिखा हुआ था। ईडी ने कहा है कि फिलहाल इन सभी चीजों की जाँच की जा रही है।

गौरतलब है कि बुधवार (27 जुलाई 2022) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अर्पिता मुखर्जी के दूसरे फ्लैट पर छापा मारा। यहाँ से ईडी को करीब 28.90 करोड़ रुपए कैश और 5 किलो सोना मिला। यह छापेमारी गुरुवार (28 जुलाई 2022) सुबह 4 बजे तक चली थी। अर्पिता मुखर्जी के फ्लैट में यह रकम टॉयलेट में छुपाकर रखी गई थी। इस रकम को गिनने के लिए ईडी के अधिकारियों को नोट गिनने की 3 मशीनें मँगवानी पड़ी। समाचार एजेंसी ANI ने बताया था कि अर्पिता मुखर्जी के बेलघरिया स्थित आवास से लगभग 29 करोड़ रुपए की नकदी मिली थी। इसे 10 ट्रक में भरकर एजेंसी साथ ले गई।

अर्पिता मुखर्जी के आवास से अब तक कुल करीब 50 करोड़ रुपए नकद बरामद हो चुके हैं। इससे पहले 23 जुलाई को अर्पिता के एक अन्य घर से ED ने 21 करोड़ रुपए कैश बरामद किए थे। अर्पिता मुखर्जी का कहना है कि पार्था चटर्जी उनके घर को ‘मिनी बैंक’ की तरह इस्तेमाल करते थे।

बंगाल की CM ममता बनर्जी ने पार्थ चटर्जी को मंत्री पद से हटाया, मामले को बताया बड़ी साजिश, अर्पिता के एक और घर पर ED की रेड

पश्चिम बंगाल (West Bengal) की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamata Banerjee) ने शिक्षा घोटाले में ED द्वारा गिरफ्तार किए जाने के पाँच दिन अपने मंत्री पार्थ चटर्जी (Partha Chatterjee) के खिलाफ एक्शन लिया है। ममता ने पार्थ को मंत्री पद से हटा दिया है।

ममता बनर्जी के इस निर्णय के बाद उनके भतीजे और तृणमूल कॉन्ग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) ने गुरुवार (28 जुलाई 2022) की शाम को अनुशासन समिति की बैठक बुलाई। इस बैठक के बाद पार्थ को पार्टी के सभी पदों से भी हटा दिया गया।

आजतक के अनुसार, ममता बनर्जी ने पार्थ चटर्जी से जुड़े मामले को साजिश बताया है। उन्होंने कहा, “हमने उनको (पार्थ) हटाया, क्योंकि तृणमूल कॉन्ग्रेस एक सख्त पार्टी है। सारा पैसा एक लड़की (अर्पिता) के पास से बरामद हुआ है, जिसे बार-बार दिखाया जा रहा है। यह एक बड़ा गेम है, जिसके बारे में अभी ज्यादा बात नहीं की जाएगी।”

पार्थ के तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के महासचिव के साथ-साथ उपाध्यक्ष भी थे। इसके अलावा, उनके पास तीन और जिम्मेदारी थीं। अभिषेक बनर्जी का कहा कि जाँच जारी रहने तक पार्थ को पार्टी से निलंबित किया गया है। अगर बेगुनाह साबित होते हैं तो वे पार्टी में फिर से आ सकते हैं।

इधर, शिक्षक भर्ती घोटाले में पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के एक और फ्लैट पर ED ने छापेमारी की है। कोलकाता एयरपोर्ट के पास स्थित चिनार पार्क में यह रेड डाली गई है। यहाँ क्या-क्या मिला है, अभी तक इसकी जानकारी सामने नहीं आ पाई है।

बता दें कि बुधवार (27 जुलाई 2022) से लेकर गुरुवार (28 जुलाई 2022) तक चली ED की छापेमारी में अर्पिता मुखर्जी के दूसरे घर से लगभग 28 करोड़ रुपए नकद और 5 किलोग्राम सोना जब्त किया है। अर्पिता ने ED को बताया कि ये सारे रुपए पार्थ चटर्जी के हैं।

अर्पिता का कहना था कि पार्थ इस घर का इस्तेमाल रुपए रखने के लिए करते थे, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि घर में इतने कैश हैं। कहा जाता है कि पार्थ इन कमरों का इस्तेमाल मिनी बैंक के तौर पर करते थे और इन घरों के कमरों में पार्थ और उनके करीबी लोगों की ही एंट्री थी।

जरूरत पड़ी तो लागू करेंगे ‘योगी मॉडल’, कर्नाटक में भी चलेगा बुलडोजर: सीएम बोम्मई की दो टूक, BJYM नेता की हत्या के बाद एक्शन में सरकार

भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के नेता प्रवीण नेट्टारू की हत्या के बाद योगी ‘मॉडल’ की चर्चा भारत के दक्षिणी राज्य कर्नाटक में भी सुनाई दे रही है। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने गुरुवार (28 जुलाई, 2022) को खुद कहा है कि जरूरत पड़ी तो राज्य में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे राष्ट्र विरोधी और सांप्रदायिक तत्वों से निपटने के लिए ‘योगी मॉडल’ को लागू किया जाएगा।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने गुरुवार को मुख्यमंत्री के तौर पर एक साल का कार्यकाल पूरा किया है। इस मौके पर उन्होंने अपनी सरकार को सौ में से पूरे सौ अंक दिए। मुख्यमंत्री ने बेंगलुरु में अपने बयान में कहा, “उत्तर प्रदेश की स्थिति को देखते हुए, योगी (आदित्यनाथ) सही मुख्यमंत्री हैं। इसी प्रकार कर्नाटक में स्थिति से निपटने के लिए अलग तरीके हैं और उन सभी का इस्तेमाल किया जा रहा है। अगर स्थिति की माँग होगी तो कर्नाटक में भी सरकार के योगी मॉडल को अपनाया जाएगा।”

जानकारी के लिए बता दें कि यहाँ ‘योगी मॉडल’ से मतलब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के खिलाफ उठाए गए कड़े कदमों से हैं, जिनमें से ऐसे तत्वों और माफिया के खिलाफ बुलडोजर का इस्तेमाल भी शामिल है। जिससे उनके मकानों को कानूनी तरीके से धराशाही किया जाता है।

दरअसल, दक्षिण कन्नड़ जिले के बेल्लारे में बीजेपी कार्यकर्ता प्रवीण नेट्टारू की कुल्हाड़ी से काटकर हत्या किए जाने के दो दिन बाद यह बयान आया है। क्योंकि भाजपा और संघ परिवार के कुछ घटकों द्वारा कर्नाटक में सरकार से ‘योगी मॉडल’’ लागू करने की माँग की जा रही है। मुख्यमंत्री बोम्मई इसी संबंध में पूछे गए एक सवाल का जवाब दे रहे थे।

बोम्मई ने कहा कि उनकी सरकार ने इस हत्याकांड को गंभीरता से लिया है और जाँच जारी है। उन्होंने कहा, “पाँच टीमें गठित की गई हैं। अधिकारी अपना काम कर रहे हैं। हमें भरोसा है कि दोषियों को जल्द गिरफ्तार कर दंडित किया जाएगा जैसा इस साल शिवमोगा में हर्षा हत्याकांड में हुआ था।”

वहीं कर्नाटक प्रवीण नेट्टारू की हत्या के मामले में कर्नाटक पुलिस ने एक्शन लेते हुए गुरुवार (28 जुलाई, 2022) को दो आरोपितों को गिरफ्तार भी कर लिया है। पकड़े गए आरोपितों की पहचान जाकिर और शफीक के तौर पर हुई है।

गौरतलब है कि BJYM सदस्य की हत्या के बाद से कर्नाटक में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। हत्या से नाराज कार्यकर्ताओं का आरोप है कि राज्य सरकार हिंदू कार्यकर्ताओं की जान बचाने के लिए खड़ी नहीं हो रही है। इसी वजह से सरकार पर दबाव बनाने के लिए बुधवार को बड़ी संख्या में भाजपा की युवा ब्रिगेड ने सामूहिक इस्तीफे दिए थे। इसी बीच कई कार्यकर्ता और विधायक माँग कर रहे हैं कि सरकार सामाजिक अशांति पैदा करने और सांप्रदायिक तनाव फैलाने वाले लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाने जैसी कार्रवाई करे।

बता दें कि प्रवीण नेट्टारू की हत्या के मद्देनजर मुख्यमंत्री बोम्मई ने उनकी सरकार के एक साल और भाजपा शासन के तीन साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले कार्यक्रम को रद्द कर दिया है। इसके तहत ‘जनोत्सव’ नाम से दोडबल्लापुर में एक ‘विशाल रैली’ का आयोजन होना था जिसे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी.नड्डा संबोधित करने वाले थे।

मस्जिद के अंदर 6 साल की बच्ची के साथ मौलवी ने किया रेप, दीनी तालीम लेने जाती थी नाबालिग: संभल की घटना, POCSO एक्ट में केस दर्ज

उत्तर प्रदेश के संभल जिले के एक मस्जिद में 6 साल की बच्ची से रेप किए जाने का मामला सामने आया है। बच्ची से रेप के आरोप में पुलिस ने एक मौलाना को गिरफ्तार किया है। शिकायत के मुताबिक, आरोपित ओवैस मस्जिद में मौलवी है और पीड़त मौलवी के पास दीनी (इस्लामिक शिक्षा) शिक्षा लेने के लिए जाती थी। लेकिन उसकी नीयत खराब हुई और उसने बच्ची को ही हवस का शिकार बना लिया।

रिुपोर्ट के मुताबिक, घटना संभल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली एक मस्जिद की है। जहाँ 6 साल की नाबालिग की अम्मी ने पुलिस में शिकायत की है कि मस्जिद के मौलवी ने उसके बच्ची को मस्जिद के ही पास बने एक अलग कमरे में ले गया और वहाँ पर उसने बच्ची का रेप किया। शिकायत में बताया गया है कि बच्ची ने घर पहुँचकर अपनी अम्मी से सारी बात बताई। उसने कहा कि इमाम ने उसके साथ गंदा काम किया है।

बच्ची की शिकायत के बाद जब पीड़ित के परिजन मस्जिद के इमाम के पास मामले की शिकायत लेकर गए तो उसने भी पीड़ित को परिवार समेत जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद पीड़ित की अम्मी ने थाने में इसकी शिकायत की। मामले में इंडियन पीनल कोड की धारा 376 और प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट (POCSO) के तहत केस दर्ज कर आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। संभल के सीओ जितेंद्र कुमार ने शिकायत की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले में पीड़िता के बयान दर्ज कर उसे मेडिकल के लिए भेज दिया गया है।

6 साल की नाबालिग के साथ दरिंदगी के मामले में पुलिस ने कहा है कि मामले की पूर्ण छानबीन के बाद आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी होती रही हैं ऐसी वारदातें

ये कोई पहली बार नही है जब इस तरह की वारदात हुई है। अभी पिछले महीने 23 जून 2022 को सहारनपुर के नकुड़ क्षेत्र में मदरसा में पढ़ाने वाले एक मौलवी ने 7 साल की बच्ची से रेप किया था। यहीं नहीं बच्ची की आवाज को कुचलने के लिए आरोपित ने पीड़िता को हत्या की धमकी भी दी थी। मामले में पुलिस ने केस भी दर्ज किया था। इसी तरह 2 जून को भी आगरा के एक मौलवी पर नाबालिग छात्रा से रेप का आरोप लगा था।