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अब महाराष्ट्र में पहले जैसे ही मनेंगे हिंदू त्योहार, गणेशोत्सव और दही हांडी से पहले CM शिंदे ने हटाई पाबंदी

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गुरुवार  (21 जुलाई 2022) को बड़ा फैसला किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान त्यौहारों पर लगे प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। इसका मतलब यह है कि आगामी गणेश चतुर्थी, दही हांडी और अन्य धार्मिक पर्वों पर अब कोई पाबंदी नहीं रहेगी। इसके अलावा मुहर्रम के जुलूसों पर भी कोई पाबंदी नहीं रहेगी। 

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई के सह्याद्री गेस्ट हाउस में गुरुवार को आगामी गणेशोत्सव, दही हांडी और मुहर्रम के लिए राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा बैठक के बाद ये घोषणाएँ की। इस दौरान अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी मौजूद रहे। 

बैठक के बाद सीएम शिंदे ने कहा, “गणेशोत्सव, मुहर्रम और दही हांडी के दौरान सभी प्रकार के नियमों का पालन किया जाना चाहिए। हमने COVID-19 के दौरान जो भी प्रतिबंध थे, उन्हें हटा दिया है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के सभी नियमों का पालन करना आवश्यक है।”

शिंदे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हर साल, गणेश उत्सव सामाजिक प्रतिबद्धता के साथ मनाया जाता है। नियमों का पालन करना चाहिए। लेकिन प्रशासन को नियमों को लेकर ज्यादा हल्ला नहीं मचाना चाहिए और मंडलों का सहयोग करना चाहिए। पूरे राज्य में त्योहार के लिए समान नियम पुस्तिकाएँ होंगी और जिला कलेक्टर उसी के लिए एक कोऑर्डिनेटर नियुक्त करेंगे।”

उन्होंने यह भी बताया कि गणेश की मूर्ति की ऊँचाई पर कोई प्रतिबंध नहीं है। शिंदे ने कहा, “गणेश उत्सव के लिए, संबंधित अधिकारियों को कुछ निर्देश दिए गए हैं ताकि राज्य में लोगों को कोई समस्या न हो। इस वर्ष भगवान गणेश की प्रतिमाओं की ऊँचाई पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।”

बता दें कि मार्च 2020 में कोरोना महामारी के प्रसार के बाद उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली तत्कालीन महा विकास आघाड़ी सरकार ने त्यौहारों पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए थे, जिसमें गणेशोत्सव के दौरान जुलूस निकालने पर पाबंदी शामिल थी। घर और सार्वजनिक पूजा मंडलों द्वारा स्थापित की जाने वाली भगवान गणेश की मूर्ति की ऊँचाई दो फीट तक सीमित कर दी गई थी।

इन प्रतिबंधों के कारण पिछले दो वर्षों के दौरान कई धार्मिक त्यौहार साधारण तरीके से मनाए गए। सीएम शिंदे ने कहा कि महामारी के दौरान धार्मिक पर्वों पर लगाए गए सभी प्रकार के प्रतिबंध हटा लिए गए हैं। लोगों को सकारात्मकता से इन त्योहारों को मनाना चाहिए। इसके अलावा सरकार ने संबंधित निकायों को सिंगल-विंडो सिस्टम में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करने, पंजीकरण शुल्क माफ करने और गणेशोत्सव संगठनों से गारंटी पत्र देने का निर्देश दिया है। उल्लेखनीय है कि राज्य का सबसे बड़ा सार्वजनिक उत्सव गणेशोत्सव 31 अगस्त से 9 सितंबर तक मनाया जाएगा, जबकि जन्माष्टमी का उत्सव 18-19 अगस्त को और मुहर्रम 9 अगस्त को है।

उदयपुर की जिस गली में कन्हैया लाल का गला काटा, वो आज भी खुलने से डरता है: पुलिस की तैनाती फिर भी 15 में से 13 दुकान बंद, बिजनेस 90% गिरा

उदयपुर का मलादास स्ट्रीट भीड़भाड़ वाला बाजार है। लेकिन आजकल इस बाजार की एक गली में सन्नाटा पसरा है। इसी गली में कन्हैया लाल की वह टेलर शॉप थी, जिसमें घुसकर उनका गला काट डाला गया था।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट बताती है कि इस गली में 15 दुकानें हैं। इनमें से 13 आज भी बंद है। कारोबार 90% तक गिर गया है। डर केवल दुकानदारों के भीतर ही नहीं है। कस्टमर भी इधर आने से घबराते हैं। वे आने से पहले बजार में सब कुछ ठीक होने की फोन पर पुष्टि करते हैं।

कन्हैया लाल की हत्या मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने 28 जून 2022 को निमर्मता से कर दी थी। रिपोर्ट में दुकानदारों के हवाले से बताया गया है कि रक्षाबंधन में बंपर कारोबार की उम्मीद थी। अब डर है कि जो माल आया है उसकी लागत भी वसूल हो पाएगी या नहीं।

कन्हैया लाल की दुकान के पास ही महावीर सेठ की लेटेस्ट टेलर्स है। उन्होंने दैनिक भास्कर को बताया, “20 दिन से ज्यादा हो गए हैं, लेकिन अभी भी लोग डरे हुए हैं। मेरी दुकान में दो लोग काम करते हैं। एक बीमार है। दूसरा हत्याकांड के बाद से डरा है। काम ही नहीं करना चाहता है। उसका परिवार उसे घर से बाहर ही नहीं निकलने दे रहा है। हमारी दुकान के बाहर वर्दी में पुलिसकर्मियों को देखकर हर कोई चौंकता है। रोजाना दो राउंड में पुलिसकर्मी दुकान के बाहर खड़े रहते हैं।”

स्वर्ण कारोबारी मयंक लोढ़ा के अनुसार, “कस्टमर आने से पहले फोन कर मार्केट का हाल पूछते हैं। सब कुछ सामान्य होने की बात जानने के बाद ही वे इधर आने के बारे में फैसला करते हैं।” बताया जाता है कि कन्हैया लाल की हत्या के बाद कुछ और व्यापारियों को धमकी मिली है। इससे दहशत और बढ़ गई है। हालाँकि एसपी विकास शर्मा का कहना है कि अब बाजार पूरी सामान्य है। हर दिन पुलिस व्यापारियों और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से बात कर रही है। पिछले दिनों 3 अलग-अलग धमकियों के मामले में साइबर सेल की मदद से जाँच जारी है। बाजार में किसी भी व्यापारी या ग्राहक को डरने की जरूरत नहीं है।

गौरतलब है कि 28 जून को मालदास स्ट्रीट की भूतमहल गली में सुप्रीम टेलर्स के संचालक कन्हैया लाल की मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद ने हत्या कर दी थी। वो कपड़ा सिलवाने के बहाने से कन्हैया लाल की दुकान में घुसे थे। एक आरोपित वीडियो बनाता रहा, जबकि दूसरा अपना नाप देने लगा। कन्हैया नाप लेने में व्यस्त हो गए। फिर अचानक से आरोपितों ने उन पर हमला कर दिया। कन्हैया चीखते रहे लेकिन आरोपितों ने दबोच कर उनका सिर कलम कर दिया। खून से लथपथ कन्हैया ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था।

NDTV का पत्रकार निकला मोहम्मद जुबैर का जमानतदार, श्रीनिवासन जैन ने भरा AltNews को-फाउंडर का बॉन्ड: स्तंभकार मित्रा ने उजागर किया साँठगाँठ

प्रोपेगेंडा वेबसाइट ऑल्ट न्यूज (AltNews) के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर (Mohammed Zubair) का जमानतदार कौन है? सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के दो दिन बाद यह जानकारी सामने आ गई है। बताया जा रहा है कि जुबैर की जमानत के लिए बॉन्ड एनडीटीवी के पत्रकार श्रीनिवासन जैन ने भरा है।

स्तंभकार अभिजीत अय्यर मित्रा ने ट्विटर पर इसकी पुष्टि की है। उन्होंने ट्वीट कर बताया है कि इसकी पुष्टि हो चुकी है कि श्रीनिवासन जैन ने ‘करीबी मित्र’ मोहम्मद जुबैर की जमानत लिए बॉन्ड भरा है। इसमें श्रीनिवासन जैन ने इस बात की गारंटी ली है कि मोहम्मद जुबैर सक्षम अधिकारी के पास रोजाना हाजिरी लगाएगा। यह जानकारी देते हुए मित्रा ने सिलसिलेवार ट्वीट में एनडीटीवी और ऑल्ट न्यूज के बीच साँठगाँठ की ओर भी इशारा किया है।

बता दें कि जुबैर को उत्तर प्रदेश में दर्ज केसों में सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को 20 हजार रुपए के बेल बॉन्ड पर रिहा किया था। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा था कि याचिकाकर्ता को लगातार हिरासत में रखना ठीक नहीं है वो भी तब जब यूपी पुलिस में हुई एफआईआर और दिल्ली पुलिस की एफआईआर में गंभीरता एक समान है।

इसके साथ ही कोर्ट ने कहा था कि उन्होंने जुबैर को जो राहत दी है वह केवल अभी के मामलों में काम नहीं करेगी, बल्कि इस संबंध में अगर अन्य एफआईआर हुईं तो उनमें भी अतंरिम बेल का यह आदेश काम करेगा। कोर्ट ने जुबैर के विरुद्ध जाँच के लिए गठित की गई एसआईटी को भी खारिज कर दिया था।

बता दें कि मोहम्मद जुबैर को पिछले महीने दिल्ली पुलिस ने एक पुराने ट्वीट के आधार पर गिरफ्तार किया था। उस पर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप था। वहीं जुबैर के खिलाफ यूपी में भी 6 एफआईआर दर्ज थी। इनमें दो केस हाथरस, एक-एक केस गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर में दर्ज किए गए थे। इन्हीं याचिकाओं को रद्द कराने की अपील लेकर वह कोर्ट गया था।

गुजरात: कॉन्ग्रेस दफ्तर पर बजरंग दल ने लिख दिया ‘हज हाउस’, प्रदेश अध्यक्ष ने देश के खजाने पर बताया था अल्पसंख्यकों का पहला हक

गुजरात कॉन्ग्रेस अध्यक्ष जगदीश ठाकोर ने देश के खजाने पर पहला हक अल्पसंख्यकों का बताया था। मुस्लिम तुष्टिकरण की नीति के तहत दिए गए इस बयान का विरोध हो रहा है। गुरुवार (21 जुलाई 2022) की रात बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इसके विरोध में अहमदाबाद स्थित कॉन्ग्रेस कार्यालय पर ‘हज हाउस’ लिख दिया।

कॉन्ग्रेस दफ्तर पर हरे रंग के बैनर और स्टीकर भी चिपकाए। इन पर ‘हज हाउस’ लिखा था। ऐसा ही स्टीकर पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की प्रतिमा पर भी चिपका दिया। साथ ही ऑफिस के बाहर लगे कॉन्ग्रेस नेताओं के पोस्टर्स पर कालिख भी पोत दी।

ठाकोर ने अहमदाबाद में आयोजित सद्भावना सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि देश की तिजोरी और संपत्ति पर पहला अधिकार अल्पसंख्यकों का है। ठाकोर ने अपने संबोधन में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान का भी जिक्र किया था। उन्होंने कहा था, ”इस देश के प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) कहा करते थे कि हिंदुस्तान के खजाने पर पहला हक अल्पसंख्यकों का है। इस देश के कॉन्ग्रेसी प्रधानमंत्री डंके की चोट पर ये बात कर रहे थे। कॉन्ग्रेस ये जानती है कि ऐसा कहने से कितना नुकसान हुआ।”

ठाकोर ने आने वाले चुनाव में मुस्लिमों से कॉन्ग्रेस के समर्थन करने की माँग करते हुए कहा कि वे पार्टी नेतृत्व से माँग करेंगे कि मुस्लिमों के लिए भी घोषणा-पत्र जारी किया जाए। उन्होंने कहा, “आप सभी लोगों को पता है कि देश में दंगों के पीछे कौन है और इसका उन्हें कैसे फायदा हुआ। हमें उनके जाल में नहीं फँसना है। कॉन्ग्रेस हमेशा अल्पसंख्यकों के साथ खड़ी है और अपनी विचारधारा कभी नहीं बदलेगी, चाहे वह सत्ता में रहे या नहीं।” इस दौरान उन्होंने मुस्लिम वोटरों से एकजुट रहने के लिए कहा, ताकि उनका वोट न बँटे।

वो यहीं नहीं रुके। गुजरात के मुस्लिमों को घर देने का वादा करते हुए कॉन्ग्रेस नेता ने कहा, “अहमदाबाद में जहाँ भी अल्पसंख्यक इलाकों में झुग्गियाँ हैं और जिन इलाकों की हालत खराब है उनका नाम लिखिए और कॉन्ग्रेस की सरकार लाइए। एक साल के भीतर कॉन्ग्रेस 10 माले की बिल्डिंग में कमरे के साथ रसोई भी उपलब्ध कराएगी।”

हरिद्वार में बीच बाजार सामूहिक रूप से पढ़ी नमाज, 8 गिरफ्तार: काँवड़ यात्रा के कारण प्रशासन है अलर्ट

उत्तराखंड के हरिद्वार में बीच बाजार सामूहिक रूप से नमाज पढ़ने का मामला सामने आया है। इस मामले में आठ की गिरफ्तारी हुई है। सार्वजनिक स्थल पर नमाज पढ़े जाने का यह मामला तब सामने आया है, जब काँवड़ यात्रा चल रही है।

रिपोर्टों के अनुसार हरिद्वार के रानीपुर क्षेत्र के शिवालिक नगर में साप्ताहिक बाजार लगती है। यहीं गुरुवार (21 जुलाई 2022) को रात के वक्त सामूहिक रूप से नमाज पढ़ी गई। गिरफ्तार सभी आरोपित दुकानदार हैं।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मोहम्मद निजाम, नसीम, मुरसलीन, अशरफ, अशरफ असगर, मुस्तफा, सज्जाद अहमद और इकराम के तौर पर हुई है। पुलिस ने इन सभी का चालान शांतिभंग की धाराओं में किया है।

सामूहिक नमाज का वीडियो भी वायरल है। स्थानीय लोगों ने इस घटना पर नाराजगी जताई है। आरोपित निसार की उम्र 22 साल, नसीम की उम्र 52 साल, सज्जाद अहमद की उम्र 50 साल, मुरसलीन की उम्र 38 वर्ष, अशरफ की उम्र 45 साल, अशरफ असगर की उम्र 37 साल, मुस्तफा की उम्र 35 वर्ष है। ये सभी हरिद्वार के ज्वालापुर के रहने वाले हैंए जबकि 47 साल का इकराम हरिद्वार के ही बहादराबाद कोतवाली क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि सार्वजनिक स्थल पर नमाज पढ़ने के चलते आम लोगों के आने-जाने का रास्ता अवरुद्ध हो गया था।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक सभी आरोपित पीठ पर सामान लाद कर बाजार में बेच रहे थे। थोड़ी देर बाद एक एकजुट होकर नमाज़ पढ़ने लगे। इंस्पेक्टर कोतवाली रानीपुर अमर चंद शर्मा के अनुसार सभी आरोपितों ने सार्वजानिक स्थल पर बिना अनुमति के नमाज़ पढ़ी है, जिसके चलते उन्हें धारा 151 CRPC में चालान कर न्यायालय में पेश किया गया।

वर्तमान समय में हरिद्वार में काँवड़ यात्रा चल रही है। ऐसे में पुलिस सुरक्षा और लॉ एन्ड आर्डर के नजरिए से अतिरिक्त एहतियात बरत रही है। ख़ुफ़िया एजेंसियों ने यात्रा पर आतंकी हमले की आशंका भी जताई है। गौरतलब है कि इससे पहले लखनऊ के नवनिर्मित लुलु मॉल में भी बिना अनुमति नमाज़ पढ़ी गई थी। इस केस में लखनऊ पुलिस ने 4 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपितों का मदरसा कनेक्शन भी सामने आया है।

₹90000000 की बारिश का लालच दे अकबर और सावन खान ने ठगे लाखों रुपए, बेटी की शादी के लिए खरीदा प्लॉट भी बिका: राजस्थान की घटना

राजस्थान के जयपुर से जादू-टोना करने वाले अकबर और सावन खान नाम के दो ठगों ने जमील नाम के व्यक्ति को 9 करोड़ रुपयों की बारिश कराने का लालच दिया और लूट लिया। रुपयों की बारिश के लालच में जमील ने अपनी बेटी के निकाह के लिए खरीदे गए एक प्लॉट को भी बेच दिया। लेकिन जब नोटों की बारिश नहीं हुई तो उसे अपने ठगे जाने का आभास हुआ।

घटना जयपुर के जयसिंहपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रैगरों के मोहल्ले का है। यहीं पर जमील नाम के शख्श की गद्दे और पर्दे की दुकान है। यही पर जमील की मुलाकात पिछले साल सावन खान से हुई थी। दरअसल, सावन खान गद्दा लेने के लिए उसकी दुकान पर आया। उसने जमील से 200 गद्दे बल्क में खरीदे थे। इसी दौरान दोनों की पहचान हुई। मौके का फायदा उठाकर उसने जमील को कथित जादू-टोना करने वाले अकबर खान के बारे में बताया। सावन ने जमील को बताया कि अकबर पैसों की बारिश करा सकता है। सबूत के तौर पर उसने उसे मोबाइल में एक वीडियो भी दिखाया।

मई 2022 में सावन ने कथित जादू टोना करने वाले अकबर से जमील की मुलाकात कराई। सावन ने जमील की पहचान अपने दोस्त के तौर पर कराई और कहा कि इसे बेटी की शादी करनी है। ऐसी शादी करवाइए कि लोग इसे याद रखें। इस पर ठोंगी अकबर ने जमील को 9 करोड़ रुपए की बारिश कराने का लालच दिया।

ऐसे की ठगी

अकबर ने नोटों की बारिश का सब्जबाग दिखाकर जमील से कहा कि इसके लिए उसे 21 लाख रुपए की आवश्यकता होगी। इस पर जमील के पास 6 लाख रुपए थे तो उसने वो पैसे सावन को दे दिए। इसके बाद दोनों ही ठगों ने जमील से कहा कि नोटों की बारिश कराने के लिए जिस इत्र की आवश्यकता है, वो दिल्ली में नहीं मिल रहा है और उसे कहीं और से मँगाना पड़ेगा। इसके लिए और अधिक पैसों की आवश्यकता है।

ठगों की जाल में फँसे जमील ने एक बार 80000 और एक बार 20000 रुपए करके उसे फिर से एक लाख रुपए दे दिए। उसे बताया गया कि शनिवार को बारिश होगी। हालाँकि, जब नोटों की बारिश नहीं हुई तो जमील ने दोबारा से वीडियो कॉल पर बात की।

इस पर आरोपितों ने कहा कि सामान महँगा होने के कारण नोटों की बारिश टल गई है। पीड़ित की शिकायत पर जयसिंहपुरा पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। जमील के बेटे का कहना है कि जब उसने आरोपितों से ठगी करने की बात कही तो उसने कहा कि तुम्हें भड़काया जा रहा है। बहरहाल मामले की जाँच की जा रही है।

कौन है ये अपने ही पसीने की बदबू से प्यार करने वाली मॉडल, जिसने 5 साल से नहीं कराई अंडरआर्म्स वैक्सिंग, सिर्फ दो वर्ष में कमाए करोड़ों

इस दुनिया में अजीबोगरीब लोगों की कमी नहीं है। लोग अपनी शरीर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए रोजाना नहाते हैं। शरीर से कोई दुर्गंध न आए, इसलिए परफ्यूम लगाते हैं। हालाँकि, आज हम आपको एक ऐसी लड़की के बारे में बताने जा रहे हैं जो पेशे से एक मॉडल है और उन्हें उनके पसीने की दुर्गंध इतनी पसंद है कि वह कभी कोई डियो या परफ्यूम का इस्तेमाल नहीं करती। 

पसीने की ‘खुशबू’ की दीवानी है मॉडल 

इस मशहूर मॉडल का नाम फेनेला फॉक्स (Fenella Fox) है। इनकी उम्र 28 वर्ष है। मॉडल का परफ्यूम या डियो से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है, क्योंकि उन्हें खुद के ही पसीने की दुर्गंध बहुत पसंद है। अब तक आपने लोगों के मुँह से पसीने की बदबू सुनी होगी लेकिन फेनेला फॉक्स को अपने पसीने में खुशबू महसूस होती है। 

हैरानी वाली बात तो यह है कि ब्रिटेन के वॉरसेस्टर की रहने वाली फेनेला ने पिछले 5 सालों से अपने अंडरआर्म्स की वैक्सिंग नहीं कराई है और वो अब परफ्यूम और डियो को भी त्याग चुकी हैं। पसीने से लथपथ ओनली फैंस मॉडल अपने शरीर के पसीने से आने वाली गंध से प्यार करती हैं। भयंकर गर्मी में भी पसीने की बदबू को दूर करने के लिए कोई भी खूशबू वाला प्रोडक्ट यूज नहीं करती हैं। यहाँ तक कि वो इसके लिए शॉवर लेना भी छोड़ देती हैं। 

टिक टॉक पर 1 लाख 65 हज़ार फॉलोअर्स वाली फेनेला अपनी तस्वीरें और वीडियो फॉलोअर्स के लिए शेयर करती हैं। फेनेला फॉक्स ने ओनली फैन पर सिर्फ दो सालों में £300,000 (2 करोड़ 88 लाख भारतीय रुपए) से अधिक कमा लिया है। फेनेला इससे जुड़ी वीडियोज और फोटोज टिकटॉक पर भी अपलोड करती रहती हैं।

वह बताती हैं कि उन्हें अपने शरीर की प्राकृतिक गंध से प्यार है। उनका कहना है कि इंसान के खान-पान और रहन-सहन पर उसके शरीर से आने वाली गंध निर्भर करती है। फेनेला फॉक्स के मुताबिक उन्होंने लगभग पाँच साल पहले शरीर में खुशबू के लिए किसी भी तरह के प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने बंद कर दिया था। फेनेला खुद ही नहीं दूसरों के लिए भी चाहती है कि वे कृत्रिम खुशबू का इस्तेमाल करने के बजाय अपने शरीर की प्राकृतिक गंध को अपनाएँ। अब उन्हें कोई भी कृत्रिम खुशबू पसंद नहीं आती। उन्होंने ट्विटर पर इसे लेकर एक पोल भी किया था, जिसमें 500 लोगों में से 40 फीसदी लोगों ने माना कि उन्हें भी पसीने की गंध पसंद है।

सीवान से JDU सांसद और उनके पति को कत्ल की धमकी: अखलाक नाम के व्यक्ति ने फोन कर कहा- ‘कमलेश तिवारी’ जैसा हाल करूँगा

बिहार के सीवान से जनता दल यूनाईटेड (JDU) की लोकसभा सांसद कविता सिंह को कमलेश तिवारी जैसा हाल करने की धमकी दी गई है। धमकी देने वाले ने उनके साथ उनके पति अजय सिंह की भी हत्या करने की भी बात कही है।

यह धमकी फोन पर दी गई है, जिसमें कॉल करने वाले ने अपना नाम अखलाक बताया है। बुधवार (20 जुलाई 2022) को मिली इस धमकी की शिकायत पुलिस में दर्ज करा दी गई है। पुलिस आरोपित की तलाश कर रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुतबिक, धमकी देने वाले ने इंटरनेट नंबर का प्रयोग किया था। JDU सांसद कविता सिंह फ़िलहाल दिल्ली में चल रहे संसद के मानसून सत्र में हिस्सा ले रही हैं। कविता सिंह के पति का अजय सिंह बिहार के बाहुबली नेताओं में गिने जाते हैं, जो युवा हिन्दू वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष भी हैं।

अजय सिंह ने सीवान के पुलिस अधीक्षक को इस धमकी के बारे में जानकारी दी है। पुलिस की साइबर टीम उस अनजान नंबर को ट्रैस करने का प्रयास कर रही है और उसके सहारे आरोपित तक पहुँचने की कोशिश कर रही है।

अजय सिंह ने कहा, “सांसद जी (पत्नी) ने मुझे सतर्क रहने के लिया कहा है। मैं हमेशा ही सतर्क रहता हूँ। हमारा जीवन जनता का जीवन है। विधाता ने जितना दिन लिखा है उतना दिन जीना है। विधाता की मर्जी के बिना मेरा कोई कुछ बिगाड़ नहीं सकता। हम डरने वाले नहीं हैं। इन धमकियों से हम अपने रास्ते को बदलने वाले नहीं है।”

कविता सिंह के पति अजय सिंह ने वीडियो जारी कर के इस धमकी की जानकारी दी है। उन्होंने बताया, “शाम 5:04 बजे सांसद जी के फोन पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को अख़लाक़ बताया और मेरा पता पूछा। उसने कहा कि वह सीवान से बोल रहा है। उसने कहा कि मेरा हाल कमलेश तिवारी जैसा होगा। फोन ।”

गौरतलब है कि अक्टूबर 2019 में भगवा वस्त्र में आए 2 हमलावरों ने कमलेश तिवारी की चाकुओं से गोद कर हत्या कर दी थी। कमलेश तिवारी के खिलाफ देश और दुनिया के कई हिस्सों में गुस्ताख़-ए-रसूल का ठप्पा लगा कर कत्ल के फतवे जारी किए गए थे।

विगत कुछ दिनों में नूपुर शर्मा का समर्थन करने के आरोप में देश के कई हिस्सों में लोगों को हत्या की जा चुकी है। वहीं, कई लोगों की हत्या की कोशिश हुई, जबकि कई लोगों को धमकियाँ मिल चुकी हैं। राजस्थान में उदयपुर के कन्हैयालाल की निर्मम हत्या ने देश को झकझोर कर दिया था।

अब सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल को ग्राम प्रधान जाबिर ने दी कन्हैयालाल जैसा हाल करने की धमकी: बिजनौर का मामला, रोहिताश सिंह ने दर्ज कराई

उत्तर प्रदेश (UP) के बिजनौर जिले में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल ने गाँव के प्रधान पर अपना हाल उदयपुर के कन्हैयालाल जैसा हाल करने की धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़ित का नाम रोहिताश सिंह सैनी है जिन्होंने खुद को प्रधान से डरा हुआ बताया है। इस बावत प्रिंसिपल ने स्थानीय थाने, SDM और अपने अन्य उच्चाधिकारियों को शिकायत भेजी है। प्रिंसिपल ने यह शिकायत 16 जुलाई 2022 (शनिवार) को की है।

प्रिंसिपल ने अपनी शिकायत व्हाट्सएप के माध्यम से पुलिस और अन्य अधिकारियों को भेजी है। इस शिकायत में प्रिंसिपल ने लिखा, “मैं प्राथमिक विद्यालय शिवाला खुर्द, ब्लाक नूरपुर जिला बिजनौर में प्रधानाध्यापक के पद पर हूँ। यहाँ के ग्राम प्रधान मोहम्मद जाबिर 15 जुलाई 2022 (शुक्रवार) को 5-6 आदमी लेकर स्कूल में आए और डरा धमका कर स्कूल की तीनों पासबुक ले गए। बोल रहे थे कि हम बैंक में एंट्री करवा कर शाम को वापस कर देंगे, लेकिन अभी तक उन्होंने एक भी पासबुक वापस नहीं की। प्रधान जाबिर सरकारी आदेशों का उल्लंघन करके अपना नियम चलाना चाहते हैं।”

अपनी शिकायत में प्रिंसिपल ने आगे लिखा, “प्रधान जाबिर सभी सरकारी कर्मचारियों को अपना चपरासी बताते हैं। वो खुद को गाँव का राजा कहते हैं। वो मुझे पिछले 15 अगस्त 2021 से लगातार टॉर्चर कर रहे हैं। तब प्रधान के 20 मिनट देर से आने के चलते मैंने 9 बजे झंडा फहरा दिया था। इसको जाबिर ने तबसे अपनी इज्जत का सवाल बना लिया और हर दिन मेरे खिलाफ कोई न कोई साजिश रच रहे हैं। वो मुझे कन्हैया लाल का हवाला देकर धौंस देते हैं और नौकरी करने के साथ जीने की कला सिखाने को कहते हैं।”

अपनी शिकायत के साथ प्रिंसिपल रोहिताश ने पासबुक के बिना प्रेरणा पोर्टल पर हिसाब अपलोड होने में आ रही दिक्कत को बताया है। इसी के साथ प्रधान जाबिर पर खुद को मानसिक तनाव देने, सरकारी काम में बाधा डालने व सफाईकर्मी को भी स्कूल में आने से रोकने का आरोप लगाया है। शिकायत में प्रिंसिपल ने उच्चधिकारियो से मार्गदर्शन के साथ खुद के भयमुक्त हो कर ड्यूटी करने के लिए आरोपित जाबिर पर उचित कार्रवाई की माँग की है।

इस स्कूल के एक फोटो में प्रार्थना के दौरान कई छात्रों ने सिर पर टोपी पहन रखी हुई है जबकि कुछ छात्राओं ने हिजाब जैसा कपड़ा पहना है।

सिर पर टोपी पहन कर स्कूल आते हैं छात्र

ऑपइंडिया से बात करते हुए प्रिंसिपल ने कहा, “मेरी उम्र लगभग 59 साल है। मैं इसी स्कूल में लगभग 7 वर्ष से प्रिंसिपल हूँ। मेरे साथ बस एक अन्य अध्यापक हैं। मेरे साथ बच्चों के सामने ही बदतमीजी की जाती है। पहले कभी ऐसी समस्या नहीं आई। इससे पहले ग्राम प्रधान हिन्दू थे। अब तो स्कूल जाने में डर लगता है। भगवान् का नाम ले कर स्कूल जाता हूँ मैं। प्रधान जाबिर के पार्टी विशेष से जुड़े हुए हैं। प्रधान से यहाँ की आंगनबाड़ी और पूर्व सेक्रेटरी भी परेशान हैं। सेक्रेटरी और आंगनबाड़ी दोनों हिन्दू हैं। सेक्रेटरी ने तो हार कर अपना ट्रांसफर भी करवा लिया क्योंकि जाबिर अपने ही परिवार वालों के मकान बनवाने की जिद पर अड़ा था। हालाँकि ये दोनों डर कर सामने नहीं आएँगे।”

प्रिंसिपल के मुताबिक मैंने काम की व्यस्तता के चलते व्हाट्स एप पर सभी को प्रार्थना पत्र भेजा है। अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई है। मुझे अलग से भी धमकी दी जा रही है जिस से मैं खाना भी नहीं खा पा रहा। उन्होंने कहा, “मैं भी यहीं का स्थानीय निवासी हूँ। मुझसे हर महीने 5 हजार रुपए की रंगदारी माँगी जा रही है। प्रधान गाँव के साथ स्कूल में जो अन्य लोग यहाँ आए थे उनके नाम शमीम अहमद, सरताज और इशरत सैफी हैं। शमीम अहमद जाबिर का चचेरा भाई है।”

ऑपइंडिया ने इस पूरे मामले में प्रधान जाबिर का पक्ष जानने का प्रयास किया तो उन्होंने फोन काट दिया। जाबिर का पक्ष आने के बाद उसे खबर में अपडेट किया जाएगा। SHO शिवाला खुर्द ने बताया, “मामले की जाँच की जा रही है। जो भी जाँच में दोषी पाया गया उस पर कार्रवाई की जाएगी।” SDM चाँदपुर ने फोन नहीं उठाया। उनका भी वर्जन आने के बाद खबर में जोड़ा जाएगा।

UP के इब्राहिमपुर में बच्चों को राइफल चलाने की ट्रेनिंग: वीडियो वायरल होने से मचा हड़कंप, पुलिस ने इंतजार और गुलजार को किया गिरफ्तार

जब बिहार में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के ट्रेनिंग के खुलासे हो रहे हैं और भारत को इस्लामी मुल्क बनाने के लिए ‘इंडिया विजन 2047’ का पर्दाफाश हो रहा है, उसी समय यूपी के प्रतापगढ़ का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में एक बुजुर्ग को किशोरों को हथियार चलाने की ट्रेनिंग देते देखा जा सकता है। इस मामले में पुलिस ने इंतजार और गुलजार को गिरफ्तार किया है।

यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में दिख रहा है कि एक बुजुर्ग किशोरों के हाथ में हथियार देकर गोली चलवा रहा है। वीडियो में एक ऐसा शख्स भी दिख रहा है, जो सऊदी अरब के लोगों की तरह चोंगा पहने और सिर पर गमछा बाँधे हुए है।

वीडियो उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के कंधई थाना क्षेत्र स्थित गाँव इब्राहिमपुर गोपालपुर का बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, यहाँ पर तमाम किशोर और युवा पहुँचकर राइफल से फायरिंग करते हैं। कुछ दिन पहले कुछ युवक भी राइफल चलाने के लिए वहाँ गए और इसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।

बताया जा रहा है कि हबीबी नाम का शख्स है राइफल चलाना सिखा रहा है। रायफल में गोली भरने से लेकर हवा में फायर करने तक के बारे में वह लोगों को बता रहा है। 30 सेकेंड के वायरल वीडियो में भारी भीड़ दिख रही और अधिकांश लोग मुस्लिम समुदाय के दिख रहे हैं।

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस भी हरकत में आ गई है। इस मामले मेें पुलिस ने FIR दर्ज कर दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दोनों सगे भाई हैं। वहीं, उनके लाइसेंसी राइफल को भी जब्त कर लिया है। पुलिस का कहना है कि लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जा रही है।

SP सतपाल अंतिल ने कहा, “आज सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें इंतजार हुसैन और गुलजार हुसैन की .315 बोर राइफल से कुछ फायर किए गए हैं। वीडियो को तत्काल संज्ञान में लेते हुए थानाध्यक्ष द्वारा मौके पर पहुँच करके दोनों सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया गया है। राइफल को बरामद कर लिया गया है।”

वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि यह वीडियो बकरीद के दिन का है। उस दिन राइफल चलाने की ट्रेनिंग देने के दौरान कुछ लोगों ने वीडियो बना लिया था और उसे वायरल कर दिया।

बता दें कि एक सप्ताह पहले ही पटना में PFI के ट्रेनिंग सेंटर का खुलासा हुआ था, जहाँ दूसरे राज्यों से आकर लोग स्थानीय युवाओं को हथियार चलाने की ट्रेनिंग देते थे। इस दौरान PFI का दस्तावेज भी बरामद किया गया था, जिसमें भारत को 2047 तक इस्लामी राज्य बनाने के मिशन के बारे में चर्चा की गई थी।

PFI ने अपने दस्तावेज में कहा था कि अगर 10% मुस्लिम भी उसके साथ आ गए तो वह ‘कायर हिंदुओं’ को घुटनों पर ला देगा और भारत को इस्लामी मुल्क में बदलकर इस्लाम के गौरव के देश में फिर से स्थापित कर देगा। उसने मुस्लिम युवकों से हथियार चलाने के साथ-साथ अपने घरों में हथियार इकट्ठा रखने की भी अपील की थी।