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‘सुप्रीम कोर्ट में लेकर जाएँगे उस किताब के पन्ने, पता चलेगा कौन है असली हेटमोंगर्स’: नोटिस के बाद ‘हिन्दू शेर सेना’ का ऐलान – जुबैर को करेंगे बेनकाब

जहाँ उत्तर प्रदेश सरकार ने मंगलवार (12 जुलाई, 2022) को ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर के खिलाफ दर्ज सात मामलों की जाँच के लिए विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया। वहीं सीतापुर के मामले में मोहम्मद ज़ुबैर सुप्रीम कोर्ट पहुँच गया है। जिसमें सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट FIR दर्ज करवाने वाले हिन्दू शेर सेना के जिला अध्यक्ष भगवान शरण, यूपी सरकार, एसपी समेत 5 लोगों को नोटिस जारी कर जवाब माँगा गया है।

इस मामले में हिन्दू शेर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विकास हिन्दू ने वीडियो जारी कर के जुबेर को सोशल मीडिया का आतंकी कहा और उसके खिलाफ कानूनी लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया। अपने बयान में मोहम्मद ज़ुबैर को बेनकाब करते हुए किसी किताब का हवाला देते हुए असली हेट मोंगर्स का खुलासा करने का दावा किया है। अपने वीडियो बयान में मोहम्मद ज़ुबैर को हिन्दू संतों का अपमान करने वाला एवं देश का माहौल बिगाड़ने वाला बताया।

बता दें कि यूपी में मोहम्मद ज़ुबैर के खिलाफ दर्ज सात मामलों में से दो मामले हाथरस जिले में जबकि एक-एक मामला सीतापुर, लखीमपुर खीरी, गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और दिल्ली में दर्ज है। हिन्दू शेर सेना इस मामले में वीडियो बयान के साथ एक पत्र भी जारी किया है। जिसमें विस्तार से अपनी बात रखी है।

हिन्दू शेर सेना का बयान-1

इसमें सीतापुर का मामला यति नरसिंहानंद और बजरंग मुनि को हेट मोंगर्स अर्थात नफ़रत फैलाने वाला बताने पर FIR दर्ज करवाया गया था। इस मामले में जहाँ सुप्रीम कोर्ट ने मोहम्मद ज़ुबैर अंतरिम जमानत दे दी है। वहीं दूसरे पक्ष से जुड़े सभी को नोटिस जारी किया है।

हिन्दू शेर सेना का बयान-2

सीतापुर में FIR करवाने वाला संगठन हिंदू शेर सेना घोषणा करते हुए अपने बयान में कहा है, “सुप्रीम कोर्ट के इसी मुकदमें में हम दुनिया को असली हेट मोंगर से परिचित करवाएँगे। यदि यति नरसिंहानंद और बजरंग मुनि के कुछ बयान आपत्तिजनक हैं तो वो किताब भी हेट मोंगर घोषित हो जो हम हिंदुओं को काफिर बताते हुए हमारे कत्ल का आदेश देती है।”

अपने वीडियो बयान उन्होंने उन्होंने कहा, “जिस किताब को पढ़कर हिन्दुओं की हत्या की गई, कमलेश तिवारी, कन्हैयालाल को मारा गया, नूपुर शर्मा को धमकी दी गई। उस किताब के पन्ने हम सुप्रीम कोर्ट में लगाएँगे।”

विकास हिन्दू ने अपने बयान में कहा, “सुप्रीम कोर्ट में जवाब के साथ उस विशेष किताब के पन्नों की फोटो कॉपी लगा कर संतो से पहले उस किताब को हेट मोंगर पुस्तक घोषित करने की माँग की जाएगी।”

उन्होंने ज़ुबैर द्वारा यति नरसिंहानंद, बजरंग मुनि सहित हिन्दू संतों को हेट मोंगर्स कहने पर ज़ुबैर से सवाल पूछा की आपने कभी ओवैसी, जाकिर नायक, मदनी को हेट मोंगर्स क्यों नहीं कहा जिन्होंने हिन्दुओं के खिलाफ कई भड़काऊ बयान दिए। क्या उनके बयान नफरत फैलाने वाला नहीं है।

हिन्दू शेर सेना ने सभी संतों से इस लड़ाई में अपना साथ देने की बात कही। उन्होंने अंत में कहा, “चाहे उस किताब की सच्चाई उजागर करने में मेरे जान क्यों न चली जाए लेकिन सच सुप्रीम कोर्ट के माध्यम से दुनिया के सामने आएगा।” उन्होंने कहा, “मुझे पता है कि उस किताब पर सवाल उठाने से मेरे ऊपर भी हमले होंगे लेकिन हिन्दू शेर सेना डरने वाली नहीं है।”

गौरतलब है कि जुबैर को एक हफ्ते पहले दिल्ली पुलिस ने धार्मिक भावनाओं के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया था। सीतापुर के खैराबाद थाने में आईपीसी की धारा 295ए और आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

उत्तर प्रदेश में सीतापुर पुलिस ने यति नरसिंहानंद और बजरंग मुनि दास के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक ट्वीट करने से जुड़े एक मामले में उन्हें हिरासत में लेने का अनुरोध किया था। वहीं जुबैर को राहत देते हुए अंतरिम जमानत की अवधि अगले आदेश तक बढ़ा दी है। मामले की अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी।

समय से 8 महीने पहले ही तैयार हुआ ₹14850 करोड़ का बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे, मात्र 6 घंटे में दिल्ली से चित्रकूट: PM मोदी करेंगे उद्घाटन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार (16 जुलाई 2022) को उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करेंगे। 14850 करोड़ रुपए की लागत से बनाए गए इस एक्सप्रेसवे की लंबाई 296 किलोमीटर है। यह फोर लेन वाला एक्सप्रेसवे है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, शनिवार को पीएम मोदी जालौन जिले के उरई गाँव में इसका उद्घाटन करेंगे।

एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के चित्रकूट के गोंडा गाँव में NH-35 से राज्य के इटावा जिले तक फैला हुआ है, जहाँ यह 300 किलोमीटर लंबे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से मिल जाता है।

एक्सप्रेसवे में वर्तमान में चार लेन हैं लेकिन इसे छह लेन एक्सप्रेसवे तक विस्तारित किया जा सकता है। यह उत्तर प्रदेश के सात जिलों- चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, औरैया और इटावा से होकर गुजरेगा। इतना ही नहीं ये एक्सप्रेसवे आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से इस क्षेत्र को दिल्ली से जोड़ेगा।

दो साल पहले हुआ था शिलान्यास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो साल पहले फरवरी 2020 में फोर-लेन एक्सप्रेसवे की आधारशिला रखी थी। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) के सहयोग से निर्माण कार्य 28 महीने के भीतर पूरा कर लिया गया है। उद्घाटन के वक्त पीएम मोदी ने कहा था कि इससे हजारों नौकरियाँ पैदा होंगी और आम लोग बड़े शहरों से कनेक्ट कर सकेंगे।

वहीं सीएम योगी आदित्यनाथ ने 2020 में कहा था कि बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड में बनने वाले रक्षा गलियारे को बढ़ावा देगा।

6 लेन होने की संभावना

भविष्य में इस एक्सप्रेस वे के 6 लेन के होने की संभावना है। अधिकारियों के मुताबिक, इसमें 15000 करोड़ रुपए की लागत का अनुमान लगाया गया है। हालाँकि, ई टेंडरिंग के जरिए सरकार ने करीब 1132 करोड़ रुपए की बचत की है। अधिकारियों का कहना है कि इसके उद्घाटन के बाद दिल्ली से चित्रकूट के बीच की यात्रा का समयांतराल घटकर 9-10 घंटे से 6 घंटे हो जाएगा।

फारूक अब्दुल्ला ने फिर पाकिस्तान से बातचीत की वकालत की, तिरंगे से बिफरी महबूबा ने कहा – हमारे घरों में घुस कर लगा रहे झंडे

फारूक अब्दुल्ला या महबूबा मुफ्ती का पाकिस्तान प्रेम जगजाहिर है, जो कि गाहे-बगाहे सामने आ ही जाता है। इसी क्रम में नेशनल कॉन्फ्रेंस के मुखिया फारूक अब्दुल्ला ने एक बार फिर से पाकिस्तान का राग अलापा है। उन्होंने (बुधवार, 13 जुलाई 2022) कहा कि कश्मीर में शांति की स्थापना के लिए भारत को पाकिस्तान से बातचीत करनी चाहिए।

फारूक अब्दुल्ला का दावा है कि घाटी में आतंकवाद का खात्मा करने के लिए पाकिस्तान के साथ बातचीत करनी होगी। इसके लिए कश्मीर के लोगों का दिल जीतना होगा। उन्होंने दावा किया कि जब तक इस मुद्दे का समाधान नहीं ढूँढा जाएगा, तब तक कश्मीर के हालात सामान्य नहीं होंगे और हालात सामान्य नहीं होंगे। लाल बाजार में बलिदान हुए पुलिसकर्मी को लेकर अब्दुल्ला ने ‘क्रिया की प्रतिक्रिया’ की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि पुलिसवाले के बेटे को आर्मी ने मारा था और अब उसके बाप को ‘मिलिटेंट’ ने मार दिया।

उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2020 में मुश्ताक अहमद का आतंकी बेटा सेना के साथ मुठभेड़ में ढेर कर दिया गया था। नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता के मुताबिक, यहाँ पता ही नहीं चलता कि कौन मारने वाला है और कौन बचाने वाला। हालाँकि, उन्होंने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने के सरकार के फैसले का समर्थन किया। इसके साथ ही अब्दुल्ला जनसंख्या नियंत्रण पर ठोस नीति बनाने पर जोर दिया।

महबूबा मुफ्ती का भी पाकिस्तान प्रेम जागा

इस बीच एक बार फिर से महबूबा मुफ्ती ने भी पाकिस्तान का राग अलापा है। उन्होंने केंद्र सरकार के हर घर तिरंगा अभियान की आलोचना की। भाजपा पर निशाना साधते हुए पीडीपी प्रमुख ने कहा, “हम मुस्लिम बहुल राज्य हैं। हमने पाकिस्तान के साथ जाने से मना कर हिंदुस्तान में रहना स्वीकार किया। हमने इस मुल्क का झंडा कबूल किया और उसके साथ अपना झंडा मिलाया। हम दोनों झंडों को सलाम करते रहे। लेकिन, आज हमारे घरों में घुसकर झंडे लगा रहे हैं।”

अब विदेश जा सकेंगे आर्यन खान, कोर्ट ने दिया पासपोर्ट लौटाने का आदेश: बोली NCB – हमें कोई आपत्ति नहीं

कभी ड्रग्स मामले में NCB द्वारा गिरफ्तार किए गए शाहरुख़ खान के बेटे आर्यन अब विदेश यात्रा कर सकते हैं। अदालत ने उनका पासपोर्ट उन्हें लौटाने का आदेश दिया है। मुंबई की एक अदालत ने उनके बेल बॉन्ड को भी रद्द कर दिया। क्रूज शिप ड्रग्स मामले में इस बॉन्ड को अदालत में जमा किया गया था। सभी पक्षों को सुनने के बाद स्पेशल NDPS जज वीवी पाटिल ने NCB द्वारा आर्यन खान को क्लीन चिट दिए जाने को आधार बनाते हुए ये आदेश दिए।

आर्यन खान ने इस मामले में ‘रिलीफ ऑफ डिस्चार्ज’ भी माँगा था, जिसे प्रदान करने से अदालत ने इनकार कर दिया। इस एप्लिकेशन पर NCB ने भी आपत्ति जताई। आर्यन खान को ‘स्वापक ओषधि और मनः प्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (Narcotic Drugs And Psychotropic Substances Act या NDPS Act) के तहत बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा रखी गई शर्तों का पालन करते हुए अपना पासपोर्ट जमा करवाना पड़ा था।

28 अक्टूबर, 2021 को उन्हें जमानत देते समय बॉम्बे उच्च-न्यायालय ने ये शर्त रखी थी। इस साल मई में NCB ने आर्यन खान को क्लीन चिट दे दी थी। इसके बाद उन्होंने पासपोर्ट वापस पाने के लिए अदालत का रुख किया। आर्यन खान की तरफ से पेश अधिवक्ता अमित देसाई ने कहा कि NCP की प्रतिक्रिया से सभी चीजों पर विराम लगता है और एजेंसी कह चुकी है कि आर्यन खान के खिलाफ न कोई सबूत हैं और न ही उनके खिलाफ कोई जाँच लंबित है।

हालाँकि, स्पेशल प्रॉसिक्यूटर अद्वैत सेठना ने आर्यन खान के लिए ‘डिस्चार्ज’ शब्द का प्रयोग किए जाने पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि बेल बॉन्ड रद्द करने या पासपोर्ट लौटाने से भले ही एजेंसी को कोई आपत्ति न हो, लेकिन ‘डिस्चार्ज’ शब्द के प्रयोग पर आपत्ति है। उन्होंने कहा कि एजेंसी ने जो कहना था सब साफ-सुथरे और पारदर्शी तरीके से कह दिया है, लेकिन आर्यन खान के ही एप्लीकेशन में ‘डिस्चार्ज’ शब्द का जिक्र नहीं है, ये डिस्चार्ज एप्लीकेशन है ही नहीं। इस मामले के 20 आरोपितों में से 14 अब भी केस का सामना कर रहे हैं।

स्टैंड अप कॉमेडी के दौरान शार्ट ड्रेस दिख जाने से हुआ ‘इस्लाम का अपमान’, मलेशिया में कॉमेडियन गिरफ्तार: हो सकती है 2 साल की जेल

मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में एक महिला पर इस्लाम का अपमान करने का मुकदमा चलाया गया। आरोप लगाया गया कि उसने एक कॉमेडी क्लब में परफॉर्म करते समय ‘अश्लील हरकतें’ की थीं। उक्त 26 वर्षीय महिला का नाम सीती नूरामीरा अब्दुल्लाह (Siti Nuramira Abdullah) है, जिसने अदालत में खुद को निर्दोष बताया है। जज सीती अमीना गजाली के समक्ष उक्त महिला ने कहा कि उस पर लगाए गए आरोप झूठे हैं। महिला पर मुस्लिमों के बीच मजहबी संघर्ष को बढ़ावा देने के भी आरोप हैं।

महिला पर तमन तुन डॉ इस्माइल कॉमेडी क्लब में शॉर्ट ड्रेस में शो करने के कारण कपड़े उतारकर ‘इस्लाम का अपमान’ करने का आरोप लगाया गया है। उसने एक मुस्लिम होने और कुरान के 15 अध्यायों को याद करने की बात स्वीकार की थी।

नूरामिरा पर मलेशियाई दंड संहिता की धारा 298A के तहत कलह, फूट या दुश्मनी की भावना पैदा करने का आरोप लगाया गया था। अगर दोषी ठहराया जाता है, तो उसे पाँच साल तक की जेल का सामना करना पड़ता है। उप लोक अभियोजक नजाह फरहाना ने आज सुनवाई के दौरान अनुरोध किया कि आरोपित को जमानत नहीं दी जाए क्योंकि यह अपराध जमानती नहीं है।

हालाँकि, आरोपित के वकील आर. शिवराज ने कम बांड का अनुरोध करते हुए तर्क दिया कि जमानत का उद्देश्य केवल उनके मुवक्किल को अदालत में पेश करने का आश्वासन देना था। अदालत ने आरएम 20,000 की जमानत राशि के साथ जमानत दी, और आरोपपित को मामला हल होने तक अपना पासपोर्ट जमा कराने का आदेश दिया गया।

हिजाब पहने महिला पर आरोप है कि उसने अपने ओपन माइक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर मंच पर अपमानजनक मजहबी टिप्पणी की और बाजू कुरुंग (मलय ड्रेस) को हटा दिया। जिससे उसके आउटफिट के नीचे जो उन्होंने स्पेगेटी-स्ट्रैप ड्रेस पहनी हुई थी वह दिख गई। इसी शो के वायरल हो रहे 54 सेकेंड के वीडियो के आधार पर पुलिस ने 9 जुलाई को महिला को गिरफ्तार कर लिया।

हालाँकि, इस मामले की सरकार और आम जनता दोनों ने आलोचना की है। वहीं कुआलालंपुर सिटी हॉल द्वारा कॉमेडी क्लब के संचालन को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

गौरतलब है कि महिला के वायरल वीडियो को संघीय क्षेत्र का इस्लामिक धार्मिक विभाग देख रहा है। मलेशिया में 1997 के शरिया क्रिमिनल ऑफेन्स (संघीय क्षेत्र) अधिनियम के तहत इस्लाम का अपमान करने या अवमानना ​​करने के दोषी पाए जाने पर RM3,000 तक का जुर्माना या दो साल तक की जेल की सजा हो सकती है।

पड़ोसी शमीम ने दीदी-दीदी कह आधी रात को बुलाया, फोड़ डाली महिला की दोनों आँखें: मुँह में पत्ते ठूँस बाँध दिए हाथ, बेटी ने सुनाई खौफनाक दास्ताँ

बिहार का चर्चित आँखफोड़वा कांड तो याद ही होगा। अब उसी तर्ज पर कटिहार जिले में शमीम नाम के मुस्लिम व्यक्ति ने एक महिला के साथ बर्बरता करके उसकी आँखों को फोड़ डाला। महिला को इलाज के लिए कटिहार मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत गंभीर हैं। आँख पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई है। महिला दोबारा देख भी पाएगी या नहीं, इसमें संशय है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ये घटना अमदाबाद थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले डकरा इंग्लिश गाँव की बताई जा रही है। आरोपित का नाम मोहम्मद शमीम है। वो पीड़िता रेखा देवी का ही पड़ोसी है। पीड़िता वहीं बाँध पर अपनी बेटी के साथ झोपड़ी बनाकर रहती थी। मंगलवार (12 जुलाई, 2022) को आधी रात के वक्त उसने पीड़िता को दीदी-दीदी कहकर आवाज लगाई। जैसे ही पीड़िता ने दरवाजा खोला तो पटवा (जूट) का पत्ता उसके मुँह में ठूँस कर वो उसे जबरदस्ती बाँध की ओर ले गया।

इस बीच जैसे ही रेखा की बेटी की नींद खुली तो उसने शोर मचाया। इस आसपास के ग्रामीण जुटे और महिला को ढूँढना शुरू कर दिया। बाँध की ओर जाने पर देखा कि महिला जख्मी हालत में कराहती पड़ी थी। शमीम ने महिला के साथ मारपीट करने के बाद उसकी आँख में पटवा का डंठल घुसेड़ दिया। हालाँकि, डॉक्टरों का कहना है कि इस वारदात में महिला की आँख तो नहीं फूटी, लेकिन वो गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुई है।

बेटी ने बताई आँखों देखी

पीड़िता की बेटी, जो कि 8 साल की है ने बताया कि मोहम्मद शमीम ने रात के करीब 2 बजे दीदी-दीदी कहकर उसकी माँ को बुलाया। उसने माँ को रुकने के लिए कहा और कहा कि वो उससे बात करना चाहता है। लेकिन जब माँ नहीं रुकी तो वो उसे जबरदस्ती घसीट ले गया। पीड़िता की बेटी के मुताबिक, आरोपित ने उसकी माँ के दोनों हाथों को बाँध दिया और पटवा के पत्ते उसके मुँह में घुसेड़ दिए। इसके बाद पटवा की टहनी को तोड़कर दोनों आँखों में घोंप दिया।

अमदाबाद थाने के थानाध्यक्ष रंजीत कुमार ने कहा है कि पीड़िता ने बताया है कि उसके साथ दुष्कर्म जैसा कुछ नहीं हुआ है। आरोपित को पकड़ने के लिए मनुहारी के एसडीपीओ मनोज कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है।

तेज़ धार वाली उफनती गंगा में हाथी ने 1 km तैर कर बचाई व्यक्ति की जान, कान-गर्दन पकड़े बैठा रहा: सूँड़ निकाल लेता रहा साँस, देखें वीडियो

बिहार के वैशाली में अचानक गंगा नदी के उफान के बाद एक हाथी ने 1 किलोमीटर तैर कर महावत को सुरक्षित जगह पर पहुँचाया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद लोग ‘जय हो गजराज’ बोल कर हाथी की तारीफ़ कर रहे हैं। 1 किलोमीटर तैरने के दौरान हाथी को काफी संघर्ष करना पड़ा और कई बार वो सूँड़ बाहर निकाल कर साँस लेता दिखा, लेकिन किसी तरह उसने अपनी और महावत की जान बचा ली।

ये घटना राघोपुर क्षेत्र की है। मंगलवार (12 जुलाई, 2022) को अचानक से गंगा नदी में पानी का स्तर बढ़ गया, जिसके बाद होती और महावत भी वहाँ फँस गए। पानी लगातार उफन रहा था। कई बार ऐसा लगा कि हाथी और महावत बह जाएँगे। हाथी ज्यादातर पानी के भीतर ही रहा और बीच-बीच में साँस लेने के लिए सूँड़ बाहर निकालता रहा। इस दौरान महावत उसके ऊपर बैठा रहा। उसने हाथी के कान और गर्दन पकड़े हुए थे, जिससे वो बचा रहा।

उक्त हाथी और महावत बिहार की राजधानी पटना के लिए निकले थे। उन्हें रुस्तमपुर नदी घाट से वहाँ जाना था। रुस्तमपुर पहुँचते ही पीपा पुल के खुलने की बात पता चली। पानी बढ़ जाने से दोनों वहाँ फँस गए, लेकिन महावत ने नदी पार करने की ठान ली। तेज़ धार में भी वो हाथी के साथ उतर गया। बीच में हाथी ने भी महावत का साथ नहीं छोड़ा। नाव से जा रहे अज्ञात लोगों ने इसका वीडियो अपने मोबाइल फोन के कैमरों में कैद कर लिया।

अब ये सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। हालाँकि, इस नज़ारे को देख कर लोग भी डर गए थे। थोड़ी सी भी चूक होती तो हाथी के साथ-साथ महावत की जान जाने की भी आशंका थी। महावत के पास ज्यादा खाने के सामान भी नहीं थे, इसीलिए उसने नदी पार करने की ठानी। रुस्तमपुर से लेकर पटना स्थित जेठुकी घाट तक हाथी तैरता रहा। लोगों का कहना है कि एक निरीह पशु ने अपना फर्ज निभाया और अपनी जान की परवाह किए बिना एक मनुष्य की जान बचाई।

‘गाँधी परिवार के इशारे पर हामिद अंसारी ने ISI के जासूस को बनाया मेहमान?’: BJP ने उठाए सवाल, कहा – देश ने इतना सम्मान दिया, बदले में उन्होंने…

देश के सर्वोच्च पद पर पहुँचने के बाद भी विवादों में घिरे रहे पूर्व उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी को लेकर पाकिस्तान के पत्रकार नुसरत जहाँ के खुलासे के बाद अब बीजेपी ने उनपर हमला किया है। बुधवार (13 जुलाई 2022) को बीजेपी ने कॉन्ग्रेस को लपेटते हुए सवाल किया कि क्या अंसारी ने ये सब गाँधी परिवार के इशारे पर किया था। पार्टी के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा कि अगर अब भी सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी इस मसले पर चुप्पी साधे रहे तो ये सिद्ध हो जाएगा कि ये सब उन्हीं के इशारे पर किया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया ने हामिद अंसारी पर निशाना साधा। भाटिया ने कहा कि पाकिस्तान के पत्रकार नुसरत मिर्जा ने खुद एक इंटरव्यू में खुलासा किया है कि 2005 से 2011 के बीच हामिद अंसारी ने उसे निमंत्रण देकर भारत बुलाया और कई सारी खुफिया जानकारियाँ उसके साथ साझा की। इसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया गया। ऐसे में देश ये सवाल पूछता है कि क्या आतंकवाद को खत्म करने की कॉन्ग्रेस की पूर्व सरकार की ये नीति थी?

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा, “हामिद अंसारी को देश की जनता ने आदर और सम्मान दिया। वो देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर रहे। वो इस देश की जनता का आशीर्वाद है, लेकिन बदले में उन्होंने क्या दिया? क्या कॉन्ग्रेस पार्टी को इस बात का जबाव नहीं देना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ?” (वीडियो 05:42 मिनट से लेकर 06:04 के बीच)

गौरव भाटिया के मुताबिक, 2010 में आतंकवाद पर एक बड़ा सेमिनार हो रहा था, जिसमें पाकिस्तान के इसी पत्रकार को हामिद अंसारी ने बुलाया और कहा कि वो भारत को सीख दे कि आतंकवाद से कैसे लड़ा जाय। आखिर ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’? एक ऐसा देश जो पूरी दुनिया में आतंकवाद का व्यापार करने के लिए कुख्यात है और उसका नाम ही आतंकिस्तान हो गया है और वो व्यक्ति जो आईएसआई से अति गोपनीय जानकारियों को साझा करता है। उसी व्यक्ति को आतंकवाद पर लेक्चर देने के लिए बुलाया जाता है। यही आतंकवाद से लड़ने की कॉन्ग्रेस पार्टी की नीति है और उसकी जहरीली सोच है।

भाटिया ने राहुल गाँधी से इस पर संज्ञान लेने की उम्मीद जताई। इसके साथ ही पूछा कि एक पाकिस्तानी पत्रकार को इतनी विशेष सुविधा क्यों? बीजेपी ने हामिद अंसारी से स्पष्टीकरण भी माँगा है। उन्होंने कहा कि जब हामिद अंसारी राजदूत थे तो उस दौरान भी उनपर देश विरोधी कामों के आरोप लगे थे।

7 बांग्लादेशी घुसपैठियों को कर्नाटक से किया गया गिरफ्तार, सभी के पास से फर्जी आधार कार्ड बरामद: जाँच में जुटी पुलिस

कर्नाटक के रामनगर जिले के बसवनपुरा गाँव में पुलिस ने मंगलवार (12 जुलाई, 2022) को एक गारमेंट फैक्ट्री में छापा मार कर यहाँ काम कर रहे 7 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले में कर्नाटक पुलिस का कहना है कि यह सभी आरोपित गैर कानूनी तरीके से मई के महीने में बांग्लादेश से भारत में दाखिल हुए थे। इसके पास से फेक आधार कार्ड भी बरामद हुए हैं।

ANI की रिपोर्ट के अनुसार, रामनगर के एसपी के. संतोष बाबू ने मामले में जानकारी देते हुए बताया, “रामनगर ग्रामीण पुलिस ने फर्जी आईडी प्रूफ के साथ यहाँ रह रहे और काम कर रहे सात बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। वे एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करते थे। उनके पास ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम के आईडी कार्ड मिले हैं।”

रामनगर के एसपी, के. संतोष बाबू के मुताबिक, “सभी 7 लोगों ने पूछताछ में बताया है कि वे गैर कानूनी तरीके से भारत में दाखिल हुए थे। ये सभी एक ब्रोकर के जरिए कर्नाटक पहुँच गए थे। इनके पास से इनके बांग्लादेशी नागरिक होने के दस्तावेज भी बरामद हुए हैं।”

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, भारत में दाखिल होने के बाद एक ब्रोकर के जरिए सभी 7 लोगों ने अलग-अलग एड्रेस पर अपने नकली आधार कार्ड बनवाए थे। जून के पहले हफ्ते में यह लोग कर्नाटक के डोड्डाबल्लापुर जिला पहुँचे और फिर वहाँ से बेंगलुरु के पास वाले जिले रामनगर चले गए। इसके बाद रामनगर की एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करने लगे। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने इसी इलाके में एक घर भी किराए पर ले लिया था। वहीं पुलिस को अब उस ब्रोकर की भी तलाश है, जिसने इन सभी को रामनगर पहुँचने में मदद की थी।

वहीं पुलिस अब गारमेंट फैक्ट्री के मालिक की भी जाँच कर रही है कि आखिर उसने इन्हें कैसे नौकरी दे दी। इसके साथ ही पुलिस इस एंगल से भी जाँच कर रही है कि यह लोग क्या सिर्फ नौकरी के लिए ही कर्नाटक आए थे या फिर किसी साजिश के तहत यहाँ नौकरी कर रहे थे। उन्होंने बताया कि इन सभी लोगों को बेंगलुरु के डिटेंशन सेंटर में जल्द ही शिफ्ट किया जाएगा।

हॉलीवुड की ‘मुस्लिम’ मिस मार्वल में कौन सी ‘आजादी’ के नारे! विभाजन के वक्त हिंदुओं ने खदेड़ा था क्या?

कई बार दर्शकों के बीच प्रोपेगेंडा परोसने के लिए जरूरी नहीं होता कि किसी फिल्म को पूरा प्रोपेगेंडा आधारित बनाया जाए। एक सीन, एक डायलॉग या एक रिएक्शन भी काफी होता है ये समझाने के लिए कि आखिर उसके जरिए कौन सी मंशा का प्रसार किया जा रहा है।

आपने पीके, तांडव, या काली में जब हिंदू देवी देवताओं का मजाक उड़ते देखा तो आपको समझ आया कि कैसे फिल्में हिंदूविरोधी हैं। आपने ‘शिकारा’ देखी तो आपको पता चला कि कैसे नरसंहार के नाम पर दिखाई गई प्रेम कहानी कश्मीरी पंडितों का मजाक है। 

इसी तरह मार्केट में अब एक नया नमूना आया है। नाम है मिस मार्वल। इसमें एक मुस्लिम सुपरगर्ल कमाला खान की कहानी दिखाई गई है। जब ये सीरीज आने वाली थी उस समय इसका प्रमोशन नारीवाद जगत में आ रही क्रांति की तरह हुआ था। ‘पहली मुस्लिम सुपरगर्ल लड़की’ पर बनती सीरिज पर खूब चर्चाएँ हुईं थी। हालाँकि जब इसके एपिसोड रिलीज होने लगे तो दर्शकों को निराशा के सिवा कुछ हाथ नहीं लगा। हाँ कुछ लोगों को मार्वल का ऐसा देशी वर्जन पसंद भी आया। लेकिन वो मुस्लिम परिवार थे जो रहन-सहन से खुद को कनेक्ट कर पा रहे थे।

जिन्नों की कहानी 

मिस मार्वल नाम की इस मिनी सीरिज में नारी सशक्तिकरण के नाम पर जिन्नों की कहानी को परोसा गया है।  लीड एक्ट्रेस यानी कमाला खान खुद एक जिन्न हैं और उनके पास एक ऐसा कड़ा है जो उन्हें जादुई शक्तियाँ देता है। कमाला इसी कड़े के रहस्य को जानने पाकिस्तान अपनी नानी के पास जाती हैं और उनके पीछे-पीछे आते हैं कुछ जिन्न जो 1947 या शायद उससे पहले से भी धरती पर रह रहे हैं।

पाकिस्तान में कड़े के लिए इन सबकी लड़ाई होती है और देखते ही देखते मुस्लिम सुपरगर्ल की कहानी पहुँच जाती हैं भारत पर, इसके विभाजन पर और भारत में विभाजन के दौरान मुस्लिमों पर हुए अत्याचारों पर…।

आप सोचेंगे कि मुस्लिमों पर अत्याचार का क्या अर्थ है! विभाजन तो हुआ ही इसलिए था क्योंकि लंबे समय से मुस्लिम नेता माँग कर रहे थे कि उन्हें एक इस्लामी राष्ट्र चाहिए और कह रहे थे हिंदू मुस्लिम साथ नहीं रह सकते। हाँ, हकीकत भी यही है। लेकिन इस सीरीज में इसे नकारा गया है।

आप सोशल मीडिया पर एपिसोड 5 के रिएक्शन देखेंगे तो पता चलेगा कि लोग इस बात से खुश हैं कि सालों बाद फवाद ने क्या एंट्री दी है वो भी हॉलीवुड फिल्म में इतने इमोशन्स के साथ…। लेकिन अगर आपको आसान शब्दों में फवाद का रोल समझना है तो इस तरह समझिए कि उनकी एक्टिंग स्किल्स पर ही ये पूरा जिम्मा है कि कैसे वो ये दिखा सकें कि विभाजन का दर्द मुस्लिमों से ज्यादा किसी को नहीं था।

हॉलीवुड पहुँचा- ‘हम क्या माँगे आजादी’

सबसे दिलचस्प बात ये है कि इस एपिसोड में ‘हम क्या माँगे आजादी’ वाला वो नारा भी है जो जब कश्मीर में इस्तेमाल हुआ तो हिंदू नरसंहार हुआ, जब जेएनयू में लगा तो देश टुकड़े करने की माँग उठी, और जब दिल्ली में लगा तो हिंदुत्व के खात्मे की बात हुई…।

फवाद इसका इस्तेमाल महात्मा गाँधी का नाम लेकर करते और ब्रिटिशों से आजादी के संदर्भ में कर रहे हैं लेकिन लहजा वही है जो आज प्रदर्शनों में प्रयोग होता है। हमने इस नारे को लेकर जब सर्च किया तो पता चला कि ये नारा 90 के दौर में पितृसत्ता से लड़ाई में कमला भसीन द्वारा पॉपुलर करवाया गया था। इसके बाद इसका समय समय पर लोग अपनी स्थिति और जरूरत के हिसाब से प्रयोग करते रहे। 90 के बाद इसी नारे को कश्मीर के कट्टरपंथियों ने कई बार लगाते दिखे। शाहीन बाग जैसे प्रदर्शनों में भी इसका इस्तेमाल हुआ।

अब ये समझना मुश्किल है कि भारत को दिखाते समय 90 का नारा 1940 के वक्त में क्यों दिखाया गया?

भारत से खदेड़े गए मुस्लिम?

बात यहीं खत्म नहीं होती। हसन और आयशा सीरिज के दो कैरेक्टर हैं। अगले सीनों में उनका पारिवारिक जीवन दिखाया जाता है और फिर अचानक दिखाया जाता है कि कैसे विभाजन का समय आ गया है और हसन परेशान हैं। इसी दौरान एक हिंदू आता है उन्हें सब्जी आदि देने। लेकिन वह उस पर भड़क जाते हैं और कहते हैं कि उन्हें ये खैरात नहीं चाहिए। हसन हिंदू युवक पर भड़ककर दिखाते हैं कि जो कुछ हो रहा है वो सबसे ज्यादा उनके लिए कठिन है। लोग उनके मुसलमान होने के कारण उनसे फूल नहीं खरीद रहे और उनकी बीवी को दूध सब्जी नहीं दी जा रही।

हिंदू युवक चुप सिर झुकाए ये बातें सुनता है और फिर आयशा माफी माँग उन्हें भेज देती है।

हो सकता है ये दृश्य देखने में बहुत सामान्य लगे या हो सकता है ऐसा लगे कि इसे बढ़ा-चढ़ा कर बताया जा रहा है। लेकिन सीन पर सवाल इसलिए बनता है क्योंकि ये फिल्म कोई पाकिस्तानी फिल्म नहीं है। ये एक अंतराष्ट्रीय सीरीज है जिसे मार्वल सीरीज के फैन्स देखेंगे। वो कहाँ बैठे हैं कौन से देश में हैं, उन्हें विभाजन को लेकर क्या मालूम है इस बात की कोई जानकारी नहीं है।

क्या उनके मन में ये धारणा नहीं बनेगी कि भारत के लोगों ने मुस्लिमों को खदेड़ने के लिए उन्हें खाना-पीना बंद कर दिया था उनका बहिष्कार शुरू कर दिया। जबकि हकीकत तो ये है इस्लामी राष्ट्र की लालच में भारत के मुस्लिमों ने विभाजन से बहुत पहले से खिलाफत को समर्थन देना शुरू कर दिया था और विभाजन के वक्त जिन्ना ने यकी तर्क दिया था कि हिंदू और मुस्लिम न पहले साथ रहे हैं और न आगे रह पाएँगे।

फिल्म के अगले दृश्य में आयशा हैं जो जिन्नों से दूर अपने परिवार के साथ कराची जाना चाहती हैं और हसन को ये कहकर समझाती हैं कि यहाँ तो मुस्लिमों की बस्ती की बस्ती जलाई जा रही है। ऐसे में उन लोगों को पाकिस्तान जाने वाली ट्रेन में बैठना ही होगा। एपिसोड 5 में पता चलता है कि जिस कराची एक्सप्रेस को शुरुआती एपिसोड में सस्पेंस की तरह दिखाया गया वो हकीकत में एक मुसलमानों के लिए लाइफ सेवियर थी जिसमें सवार होकर आयशा की बेटी और उसका शौहर बच पाए।

तो ये है एक सीरिज के दो तीन दृश्य। जिन्हें देखने लगें तो शायद कब सेकेंडों में निकल जाएँ पता भी नहीं चलेगा लेकिन वास्तविकता में इसका प्रभाव मानसिकता पर क्या पड़ेगा ये बड़ा सवाल है। शुरुआत में ये बात इसीलिए कही थी कि प्रोपगेंडा दिखाने के लिए प्रोपेगेंडा से भरी फिल्म दिखाने की जरूरत नहीं होती, एक दृश्य काफी होता है। जाहिर है कि ऐसा नहीं होगा कि जिन लोगों ने पाकिस्तान का रुख किया वह सब अलग राष्ट्र ही चाहते थे। लेकिन ये भी सच है कि भारत से किसी समुदाय को नहीं खेदड़ा गया। विभाजन वह जख्म है जो कट्टरपंथियों ने भारत और भारतीयों को दिया।