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‘नबी की शान में ग़ुस्ताख़ी… गला काटना पड़ेगा’: नूपुर शर्मा की तस्वीर लगाने पर जीजा-साले को धमकी, बिलाल-शकील समेत 5 गिरफ्तार

पैगंबर मुहम्मद को लेकर नूपुर शर्मा के कथित बयान का समर्थन करने वाले व्यक्तियों को लगातार धमकियाँ दी जा रही है। इसी क्रम में राजस्थान के भीलवाड़ा में नूपुर शर्मा का समर्थन करने के मामले में जीजा-साले को सिर तन से जुदा वाली धमकियाँ दी गई हैं। शिकायत के बाद पाँच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटना भीलवाड़ा जिले के गंगापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पोटला गाँव की है। पोटला कस्बे में अपने ननिहाल में रहने वाले आयुष सोनी ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस के तौर पर नूपुर शर्मा की तस्वीर लगाई थी, जिसके बाद गाँव के ही रहने वाले पाँच मुस्लिमों ने इसे ‘नबी की शान में गुस्ताखी’ मान लिया। इसके बाद आशिक उर्फ बबरी, शकील शाह, बिलाल मोहम्मद, आरीफ मोहम्मद व मोहम्मद तालिम रंगरेज ने आयुष और उसके जीजा को धमकाना शुरू कर दिया। आयुष के जीजा को धमकी में कहा गया, “नबी की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं, सिर कलम करवाना होगा।”

धमकियाँ मिलने के बाद आयुष के जीजा ने पुलिस में इसकी शिकायत की। इस मामले में तुरंत एक्शन लेते हुए पुलिस ने पाँचों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। इस बीच इस्लामि धमकियों के विरोध में हिन्दू संगठन के आह्वान पर लोगों ने पोटला गाँव में बंद रखा। हालात को देखते हुए गाँव में पुलिस बलों की तैनाती की गई है। वहीं ग्रामीणों ने गंगापुर उपखंड के अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है।

गौरतलब है कि इससे पहले राजस्थान के उदयपुर में 28 जून को कथित तौर पर सोशल मीडिया पर नूपुर शर्मा का समर्थन करने के आरोप में कन्हैयालाल दर्जी की हत्या कर दी गई थी। इसी तरह से महाराष्ट्र के अमरावती में भी उमेश कोल्हे नाम के हिन्दू की भी हत्या की गई थी। यहीं नहीं देशभर में जहाँ भी लोग नूपुर शर्मा का समर्थन करते हैं वहाँ उन्हें हत्या की धमकियाँ दी जाती हैं।

पाकिस्तान में पर्यटन स्थलों पर महिलाओं की एंट्री बैन, इस्लामी सम्मेलन में इसे बताया ‘अश्लील’: पुरुषों से कहा – औरतों को लेकर मत घूमो

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रान्त के बाजौर में आयोजित एक जिरगा (सम्मेलन) में महिलाओं के पुरुषों के साथ पर्यटन स्थलों पर जाने पर रोक लगा दी गई है। जिरगा ने इसे अपनी संस्कृति बचाने वाला कदम बताते हुए महिला और पुरुषों द्वारा पर्यटन स्थलों पर अश्लीलता करने का आरोप लगाया है। इस फैसले को 17 जुलाई, 2022 (रविवार) तक हर हाल में कड़ाई से लागू करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस जिरगा में कई बुजुर्ग शामिल थे। यह सम्मेलन सलारजी तहसील में शनिवार (16 जुलाई, 2022) को आयोजित हुआ था। इस सम्मेलन में साफ़ कहा गया है कि अगर सरकार ने इस पर अमल नहीं किया तो जिरगा इसे खुद लागू करेगी। इस सम्मेलन का आयोजन पाकिस्तान की जमीयत उलेमा ए इस्लाम फ़ैज़ी (JUI-F) ने किया था।

DAWN के मुताबिक, इस सम्मेलन में JUI-F के जिलाध्यक्ष मौलाना अब्दुर रशीद और खार तहसील काउंसिल के चेयरमैन हाजी सईद बादशाह मुख्य वक्त रहे। इन सभी ने सामूहिक रूप से कहा, “बकरीद में हमने देखा कि कई महिलाएँ अपने शौहरों और कुछ तो अपने रिश्तेदारों के साथ कई टूरिस्ट स्थलों पर ऐसे घूम रही थी जैसे वो पिकनिक मनाने आई हों। इतना ही नहीं, उन सभी ये यहाँ गीत-संगीत के प्रोगाम किए और नाव की सवारी की। यह न सिर्फ हमारी स्थानीय परम्परा का अपमान है बल्कि इस्लामी कानूनों के भी खिलाफ है।”

जिरगा में एक स्वर में ऐसी हरकतों के लिए इस्लाम में कोई जगह न होने का एलान करते हुए आगे से ऐसा किसी भी हाल में रोकने का संकल्प लिया गया। इस सम्मेलन पर औरतों को उनके लिए इस्लाम में बनाए गए नियम और कानूनों की याद दिलाई गई। बाद में इस मुद्दे पर बोलते हुए मौलाना रशीद ने कहा, “हम पर्यटन स्थलों पर महिलाओं की किसी भी हाल में इंट्री के खिलाफ हैं, भले ही वो पति के साथ हो या अकेले ही। हम इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देना चाहते हैं लेकिन हम यहाँ महिलाओं के आने के सख्त खिलाफ हैं। अश्लीलता को पर्यटन के नाम पर कतई सहन नहीं किया जाएगा।”

रिपोर्ट में बताया गया है कि जिरगा ने बाजौर क्षेत्र के निवासियों से अपील की है कि वो अपने घर की महिलाओं किसी टूरिस्ट प्लेस पर न ले जाएँ। क्षेत्र के टूरिस्ट स्थलों की सुरक्षा के लिए भी बाहरी लोगों के बजाए स्थानीय लोगों को ही नियुक्त करने की अपील की गई। इस मामले में जिला प्रशासन या किसी अन्य अधिकारी ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया है।

पटियाला के काली माता मंदिर के दीवार पर लिखे गए खालिस्तानी नारे: आतंकी पन्नू ने जारी किया वीडियो, अमरिंदर सिंह ने सख्त कार्रवाई की माँग की

पंजाब (Punjab) में फिर से माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। पटियाला (Patiala) के श्री काली माता मंदिर की दीवार पर कुछ अज्ञात व्यक्तियों ने खालिस्तान का पोस्टर लगा दिया गया है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) ने इस पर सख्त कार्रवाई करने की माँग की है।

काली माता के मंदिर पर खालिस्तान का पोस्टर लगाए जाने की जानकारी शुक्रवार (15 जुलाई 2022) को सुबह मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और पोस्टर को फाड़ दिया। वहीं, इस मामले में पटियाला की पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है। कहा जा रहा है कि सुबह पाँच तक वहाँ कोई पोस्टर नहीं था।

इससे पहले 29 अप्रैल 2022 को खालिस्तान समर्थकों ने इसी मंदिर पर हमला कर दिया था और श्रद्धालुओं के साथ मारपीट की थी। हमले के बाद पुलिस ने मंदिर के चारों ओर सुरक्षा को बढ़ा दिया था। पुलिस सुरक्षा के बाद भी असामाजिक तत्वों ने मंदिर की दीवार पर अलगाववादी पोस्टर लगा दिए।

बात दें कि सुरक्षा के हालात को देखते हुए पटियाला पुलिस ने मंदिर के मुख्य गेट के बाहर बैरीकेड लगाकर पुलिसकर्मी भी तैनात किए हैं। इसके अलावा मंदिर के सभी रास्तों पर पुलिस और पैरा मिलिट्री फोर्स का पहरा रहता है।

इस घटना के बाद सिख ऑर जस्टिस (Sikh For Justice) के अलगाववादी गुरपतवंत सिंह पन्नू (Gurpatwant Singh Pannu) ने एक वीडियो मैसेज जारी किया है। वहीं, इस घटना की पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने निंदा की है और कहा कि राज्य के माहौल को खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की माँग की।

इसके पहले 30 जून 2022 को जालंधर में पंजाब आर्म्ड पुलिस (PAP) की दीवारों पर खालिस्तान समर्थक नारे ऑपरेशन ब्लू स्टार की तारीख लिख दी गई थी। इसके साथ ही 26 जनवरी को आजाद पंजाब की बात लिखी थी।

इस घटना के बाद भी विदेश में बैठे गुरपतवंत सिंह पन्नू ने वीडियो जारी कर पंजाब पुलिस को सीधा चैलेंज किया था और कहा था कि नारे लिखने वाले ने बढ़िया काम किया है। 

जहाँ गिरा था माता सती का हृदय, वहाँ हिन्दुओं ने निकाली विशाल रैली: कन्हैया लाल की हत्या की निंदा, डेमोग्रामी वाला कानून लागू करने की माँग

हिन्दू धर्म के पवित्र 51 शक्तिपीठों में से एक गुजरात के अंबाजी तीर्थ क्षेत्र में हिन्दुओं पर बढ़ते खतरे को देखते हुए 15 जुलाई, 2022 को ‘हिन्दू हित रक्षा समिति’ नाम के संगठन ने बंद का आह्वान किया। ‘देश गुजरात’ की रिपोर्ट के मुताबिक, संगठन ने अंबाजी में ‘अशांत क्षेत्र अधिनियम’ को लागू करने की माँग की। इसको लेकर संगठन के पदाधिकारियों ने अंचल अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। दरअसल, जिस तरह से राजस्थान के उदयपुर में हिन्दू दर्जी कन्हैयालाल की बेरहमी से हत्या की गई है, इसी के आलोक में हिन्दू समुदाय पर बढ़ते खतरों पर चिंता व्यक्त करने के लिए इस बंद और रैली का आयोजन किया गया।

उल्लेखनीय है कि कन्हैया लाल की हत्या कोई अकेली घटना नहीं थी। महाराष्ट्र के अमरावती में एक अन्य व्यक्ति उमेश कोल्हे की हत्या कर दी गई थी। इसके साथ ही देशभर में कई जगह हिन्दुओं को ‘सिर तन से जुदा’ वाली धमकियाँ दी गई।

हिन्दू संगठनों की ये रैली अंबाजी में खोदवाडली सर्कल से शुरू हुई और शहर के विभिन्न इलाकों से होकर गुजरी। जिसमें बड़ी संख्या में हिन्दुओं हिस्सा लिया और नारेबाजी कर बढ़ते खतरे पर अपनी चिंता व्यक्त की। उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ भी किया। जुलूस के दौरान शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। ये बंद और रैली शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। गौरतलब है कि अंबाजी 51 शक्तिपीठों में से एक है। मान्यता है कि देवी सती का हृदय इसी स्थान पर गिरा था।

मान्यता है कि राजा दक्ष यज्ञ में भगवान शिव का अपमान किए जाने के बाद माता सती ने आत्मदाह कर लिया। बाद में उनके शव को लेकर दुखी भगवान शिव घूमने लगे। जहाँ-जहाँ माता सती के शरीर का हिस्सा गिरा वो शक्तिपीठों के नाम से विख्यात हुआ।

गुजरात में अशांत क्षेत्र अधिनियम का उल्लंघन

हाल के दिनों में गुजरात समेत देश के कई हिस्सों से डेमोग्राफिक चेंज की कई सारी खबरें सामने आई हैं। इसी तरह पिछले साल अक्टूबर 2021 में ऑपइंडिया ने भरूच की एक सोसायटी में रहने वाले हिन्दुओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट की थी। जिसमें ये पता चला था कि जिस सोसायटी में ये लोग रहते थे, वहाँ पर इस्लामवादियों ने 28 फ्लैट खरीदे थे, जिसके बाद हिन्दुओं को उनके फ्लैट्स को दूसरे मुस्लिमों को बेचने पर मजबूर कर दिया गया। इस दौरान अशांत क्षेत्र अधिनियम को पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया।

उस सोसायटी में इस्लामवादियों के कारण बड़े पैमाने पर डेमोग्राफिक बदलाव हुए। जनसांख्यिकी में बदलाव के बाद हिन्दुओं ने फ्लैट ‘बिकाऊ है’ के पोस्टर लगाए गए थे। ऐसी खबरें सामने आई थीं कि हिन्दुओं को स्थानीय मंदिर में आरती करने से भी रोक दिया गया था।

सूरत में भी इसी तरह का एक मामला सामने आया था। सूरत के अदजान इलाके में अशांत क्षेत्र अधिनियम लागू था, जिस कारण से इलाके में जमीन खरीदने के लिए मुस्लिम बिल्डर ने अस्थायी तौर पर एक हिन्दू मित्र का सहारा लिया और उसे वो जमीन मिल गई। उसे मंदिर के बगल में इमारत का निर्माण करने की इजाजत मिल गई। वहीं इस पर आपत्ति जताने वाले असित गाँधी नाम के कार्यकर्ता ने ऑपइंडिया को बताया था कि गुजरात में बड़े पैमाने पर इस तरह के सौदे होते हैं।

अहमदाबाद के पालड़ी इलाके में भी ऐसा ही हुआ था। वहाँ अशांत क्षेत्र अधिनियम लागू है। घटना जून 2019 की है, जब पालड़ी में जनकल्याण सहकारी हाउसिंग सोसाइटी स्थित वर्षा फ्लैट में बिक्री की अनिवार्य मंजूरी को वापस ले लिया, जिसके बाद विवाद गहरा गया। जब फ्लैट का रीडेवलपमेंट शुरू किया गया तो वहाँ पर कई मुस्लिम परिवारों ने संपत्तियाँ खरीदी। हालाँकि, यह क्षेत्र अशांत क्षेत्र अधिनियम के अंतर्गत आता था। ऐसे में वहाँ पर प्लैट लेने के लिए कलेक्टर की इजाजत समेत दूसरी प्रक्रियाओं का पालन करने की जरूरत थी।

बाद में कलेक्टर ने वर्षा फ्लैट्स के 13 लोगों को अपार्टमेंट खाली करने का आदेश दे दिया। वर्षा फ्लैट के बिल्डरों और मालिकों के खिलाफ अशांत क्षेत्र अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में एफआईआर भी दर्ज की गई।

अशांत क्षेत्र अधिनियम

गौरतलब है कि जनसांख्यकी परिवर्तन की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र विशेष में शांति और सद्भाव बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन उसे ‘अशांत क्षेत्र’ घोषित कर सकता है। इन क्षेत्रों में अचल संपत्तियों के हस्तांतरण के लिए विस्तृत प्रक्रिया की आवश्यकता होगी। संपत्तियों को बेचने वालों को आवेदन में इस बात का उल्लेख करना होता है कि वो अपनी मर्जी से जमीन को बेच रहा है।

अक्सर अशांत क्षेत्र अधिनियम की गलत व्याख्या की जाती है, कि यह उस जगहों पर लागू होता है, जहाँ खरीददार और बेचने वाले में कम से कम एक पार्टी हिन्दू या मुस्लिम होती है। ऐसे क्षेत्रों में किसी भी लेन-देन के लिए उचित प्रक्रिया का पालन करना होगा। अशांत क्षेत्र अधिनियम उन क्षेत्रों की धार्मिक, सामुदायिक मूल्यों और पहचान को संरक्षित करने के लिए है जो जनसांख्यिकी परिवर्तन के लिहाज से अति संवेदनशील हैं।

कन्हैया लाल की हत्या

नूपुर शर्मा के कथित बयान का सोशल मीडिया पर समर्थन करने का आरोप लगाकर 28 जून 2022 को राजस्थान के उदयपुर में हिन्दू दर्जी कन्हैयालाल की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इसके बाद महाराष्ट्र के अमरावती में उमेश कोल्हे की अभी इसी तरह से हत्या कर दी गई थी।

उड़ते विमान के केबिन से अचानक आने लगी जलने की दुर्गंध, मस्कट की तरफ मोड़ी गई दुबई जा रही ‘एयर इंडिया’ की फ्लाइट

केबिन में जलने की दुर्गन्ध आने के बाद कालीकट से दुबई जा रही ‘एयर इंडिया’ की एक फ्लाइट को सुरक्षित मस्कट की तरफ डायवर्ट कर दिया गया। ये घटना शनिवार (16 जुलाई, 2022) की है। विमान के उक्त मॉडल का नाम ‘बोईंग 737 (VT-AXX)’ है, जिसे IX-355 (एयर इंडिया एक्सप्रेस कालीकट-दुबई) के रूप में संचालित किया जा रहा था। हालाँकि, बताया गया है कि इंजन या APU से किसी प्रकार का धुआँ या फिर आग निकलते हुए नहीं देखा गया।

हाल ही में इस तरह की एक और घटना सामने आई है। तेल वगैरह के जलने की बात भी अब तक सामने नहीं आई है। फॉरवर्ड गैली में स्थित ओवन को ‘MEL (मिनिमन इक्विपमेंट लिस्ट)’ के तहत रिलीज कर दिया गया। इसका अर्थ है कि एक निश्चित समय के भीतर विमान के किसी हिस्से को रिपेयर किया जा सकता है और इस दौरान फ्लाइट उड़ती रहेगी। लैंडिंग के बाद इंजीनियरों ने जाँच शुरू की और एयरक्राफ्ट के साथ-साथ इसके इंजन को भी खँगाला गया।

शारजाह से हैदराबाद आ रही इंडिगो एयरलाइंस की इंटरनेशनल फ्लाइट को तकनीकी खराबी के चलते पाकिस्तान के कराची में उतारना पड़ा। विमान के पायलट ने कुछ खराबी का संकेत दिया था। एयरपोर्ट पर विमान में आई कमी को चेक किया गया। वहीं इंडिगो दूसरी फ्लाइट भेज कर यात्रियों को हैदराबाद लाने का इंतज़ाम किया गया। यह मामला 17 जुलाई 2022 (रविवार) का है। आपात लैंडिंग के लिए पायलटों ने कराची के एयरपोर्ट से अनुमति माँगी थी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।

PV सिंधु ने जीता ‘सिंगापुर ओपन 2022’ का ख़िताब, फाइनल में चीनी खिलाड़ी को दी मात: हाल ही में ‘स्विस ओपन’ भी कर चुकी हैं अपने नाम

भारत की स्टार बैडमिंटन प्लेयर पी वी सिंधु ने सिंगापुर ओपन का ख़िताब जीत लिया है। फाइनल मैच में उन्होंने चीन की वांग जी यी को एक काँटे के मुकाबले में पटखनी दी है। दुनिया की नंबर 7 खिलाडी पी वी सिंघु 2 बार की ओलम्पिक पदक विजेता भी हैं। सिंधु ने यह जीत आज 17 जुलाई 2022 (शनिवार) को हासिल की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक फाइनल में पी वी सिंधु से हारने वाली चीन की वांग जी यी दुनिया की 11 वें नंबर की बैडमिंटन खिलाडी हैं। सिंधु ने उन्हें 21-9, 11-21, 21-15 से हराया। पहले सेट को सिंधु ने आसानी से जीत लिया लेकिन दूसरे सेट में वांग ने जोरदार वापसी कर के मैच को बराबरी पर ला कर खड़ा कर दिया था। तीसरे सेट में भी आधे समय तक मुकाबला बराबरी तक चला। इसके बाद मैच पर धीरे-धीरे सिंधु की पकड़ बनती गई।

मैच में जीत के बाद पी वी सिंधु का वहां मौजूद दर्शकों ने जोरदार अभिवादन किया। सिंधु ने भी इस जीत पर काफी ख़ुशी जताई और अपने कोच को धन्यवाद दिया। इस से पहले सिंधु ने स्विस ओपन बैडमिंटन टूर्नामेंट अपने नाम किया था।

सेमीफाइनल में सिंधु ने जापान की साइना कावाकामी को 21-15, 21-7 से हराया था। पूरे मैच के दौरान जापानी खिलाडी कभी भी सिंधु को टक्कर देती नजर नहीं आई थी। सिंधु की इस जीत के बाद पूरे देश से उन्हें बधाइयाँ मिल रहीं हैं। कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने उनकी जीत पर ख़ुशी जाहिर करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना दी है।

अवैध मदरसे पर चला योगी सरकार का बुलडोजर: पशुपालन के नाम पर सरकारी जमीन पर बसे, पढ़ने लगे नमाज और चलने लगी मजहबी गतिविधियाँ

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में एक अवैध मदरसे पर बुलडोजर चलाया गया है। उस पर सरकारी जमीन पर बने होने का आरोप था। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी जमीन पर काफी समय पहले कुछ लोगों ने नमाज़ पढ़ना शुरू किया था। बाद में वहाँ मस्जिद और मदरसा बन गया था। जब DM को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने अवैध निर्माण को ध्वस्त करवाया। प्रशासन ने यह कार्रवाई शनिवार (16 जुलाई 2022) को की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मदरसा हसनपुर तहसील के जेबड़ा गाँव में बनाया गया था। अवैध निर्णाम करने वालों ने इस जगह को जानवरों को पालने के नाम पर ली थी। उन्होंने गाँव वालों को लिखित में आश्वासन दिया था कि वो उस स्थान पर जानवरों का चारा रखेंगे। बाद में वहाँ मजहबी गतिविधियाँ शुरू हुईं तो ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। अमरोहा के DM बी के त्रिपाठी के मुताबिक जगह को कब्ज़ा करने वालों को चिन्हित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन सभी पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई की जानकारी खुद अमरोहा के जिलाधिकारी ने अपने ट्विटर हैंडल पर शेयर की है। उनके द्वारा शेयर किए गए वीडियो में मौके पर भारी पुलिस बल तैनात दिखाई दे रहा है। 2 बुलडोजर अवैध निर्माण को गिराते हुए दिखाई दे रहे हैं। बुलडोजरों के आगे टूटी ईंटों का मलबानुमा ढेर लगा भी दिख रहा है।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक अमरोहा मदरसा बोर्ड जिले के उन मदरसों की जाँच करवा रहा है जो आधुनिकीकरण योजना का लाभ ले रहे थे। अब तक कुल 208 मदरसे जाँच के दायरे में बताए जा रहे हैं। ये मदरसे जिले के विभिन्न तहसील क्षेत्रों में हैं। SDM सुधीर कुमार के मुताबिक कार्रवाई गाँव वालों की शिकायत पर हुई है।

बताया जा रहा है कि मदरसा प्रबंधक ने बाद में गाँव वालों की आपत्ति को ही दरकिनार कर दिया था। कुछ समय बड़ा वहाँ पर जुमे की नमाज़ में तनाव फैलने लगा था। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मदरसे के मैनेजर ने प्रशासन को बताया कि मदरसा सरकारी नहीं बल्कि उनके पुरखों की जमीन पर बना हुआ है। हालाँकि जाँच के दौरान उसका दावा गलत साबित हुआ।

पाकिस्तान के कराची में लैंड किया भारत का जहाज: इंडिगो के पायलट ने की थी टेक्निकल समस्या की शिकायत, जुलाई में दूसरी ऐसी घटना

शारजाह से हैदराबाद आ रही इंडिगो एयरलाइंस की इंटरनेशनल फ्लाइट को तकनीकी खराबी के चलते पाकिस्तान के कराची में उतारना पड़ा है। विमान के पायलट ने कुछ खराबी का संकेत दिया था। एयरपोर्ट पर विमान में आई कमी को चेक किया जा रहा है। वहीं इंडिगो दूसरी फ्लाइट भेज कर यात्रियों को हैदराबाद लाने का इंतज़ाम कर रहा है। यह मामला आज 17 जुलाई 2022 (रविवार) का है।

आपात लैंडिंग के लिए पायलटों ने कराची के एयरपोर्ट से अनुमति माँगी थी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2022 के जुलाई माह में यह दूसरा मौका है, जब भारतीय विमान को पाकिस्तान में इमरजेंसी लैंडिंग करवानी पड़ी। इससे पहले 5 जुलाई को दुबई जा रही स्पाइस जेट की फ्लाइट में तकनीकी खराबी आने के बाद उसकी लैंडिंग कराची एयरपोर्ट पर करवानी पड़ी थी।

उस समय स्पाइस जेट विमान में कुल 150 यात्री सवार थे। पायलटों को विमान के ईंधन दिखाने वाले मीटर में गड़बड़ी लगी थी, तब उन्होंने विमान को कराची हवाई अड्डे पर उतारा था। इस दौरान सभी यात्री लगभग 2 घंटे तक एयरपोर्ट पर ही रहे थे। बाद में दूसरा विमान भेज कर यात्रियों को दुबई भेजा गया था।

चीन में मुस्लिमों को रहना है तो चीन की परंपरा और कम्युनिस्ट व्यवस्था के साथ रहें: राष्ट्रपति शी जिनपिंग, उइगरों के दमन के लगते रहे हैं आरोप

चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Chinese President Xi Jinping) ने कहा है कि इस्लाम चीन की परंपराओं और समाज के मुताबिक अपने आप को ढालने की कोशिश करे और उसे समाजवादी ढाँचे को अपनाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि चीनी मुस्लिमों को चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी (CPC) के समाजवादी व्यवस्था के अनुकूल होना चाहिए। जिनपिंग ने यह भी कहा कि धर्म को मानने वाले लोगों की सामान्य धार्मिक जरूरतों को सुनिश्चित किया जाना चाहिए और उन्हें पार्टी और सरकार के करीब एकजुट होना चाहिए।

जिनपिंग ने चीन के लिए मजबूत सामुदायिक भावना को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न जातीय समूहों के बीच संवाद और एकीकरण को बढ़ावा देने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि उइगर मुस्लिम समुदाय को चीन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बढ़ानी चाहिए।

चीन के शिनजियांग प्रदेश के 4 दिवसीय दौरे पर रहे चीनी राष्ट्रपति ने मध्य एशिया से पूर्वी यूरोप की अर्थव्यवस्थाओं को जोड़ने के लिए बंदरगाहों, रेलवे और बिजली स्टेशनों के निर्माण के चीन के कार्यक्रम में शिनजियांग को एक ‘मुख्य क्षेत्र और केंद्र’ कहा।

बता दें कि शिनजियांग क्षेत्र कभी प्राचीन सिल्क रोड का एक महत्वपूर्ण मार्ग था। चीन ने अब इस क्षेत्र को अपने महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) का मुख्य केंद्र बनाया है। यहाँ 5,900 से अधिक चीन-यूरोप के लिए मालगाड़ियाँ चलाई गई हैं।

बता दें कि चीन का शिनजियांग प्रांत रूस, अफगानिस्तान और अस्थिर मध्य एशिया की सीमा से लगा हुआ है। चीन ने आर्थिक प्रोत्साहन और सुरक्षा गठबंधन के केेंद्र के रूप में विकसित करने की बात कही है। पिछले आठ सालों में इस क्षेत्र में शी जिनपिंग की यह दूसरी यात्रा है। इसके पहले वह 2014 में यहाँ गए थे।

शी ने शिनजियांग प्रोडक्शन एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्प्स के नेताओं से भी मुलाकात की। यह एक सुपर-सरकारी निकाय है, जो 1949 में चीन में कम्युनिस्ट पार्टी के सत्ता में आने के बाद इस क्षेत्र पर लगाए गए सैन्य प्रणाली के तहत अपनी अदालतें, स्कूलों और स्वास्थ्य प्रणाली का संचालन करता है।

बता दें कि पिछले कुछ वर्षों से चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग इस्लाम को सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी की नीतियों के अनुरूप ढालने की कोशिश कर रहे हैं। यह भी बात कई बार सामने आ चुकी है कि चीन स्थित शिविरों में उइगर मुस्लिमों को सामूहिक रूप से कैद कर यातना दी जाती है।

हालाँकि, चीन पश्चिमी देशों और अमेरिकी द्वारा मुस्लिमों के खिलाफ मानवाधिकारों के उल्लंघन के आरोपों को सिरे से खारिज करता रहा है। शिनजियांग चीन का एक ऐसा प्रांत है, जहाँ मुस्लिम आबादी सबसे अधिक है। एक समय ऐसा भी था जब उइगर मुस्लिम विद्रोही अपने लिए अलग मुल्क की माँग कर रहे थे।

‘मोदी PM बना तो सभी मुसलमान आतंकी बन जाएँगे’: 10 साल पहले बयान देने वाला अजमेर दरगाह का सरवर चिश्ती कर रहा PFI की तारीफ

अजमेर शरीफ दरगाह के चिश्तियों के कितने चेहरे हैं, ये उनके हालिया बयानों से सामने आए हैं। दरगाह मैनेजमेंट कमिटी के सचिव सैयद सरवर चिश्ती भले ही घूम-घूम कर कहते रहा हो कि वह खादिम सलमान चिश्ती के उस बयान का समर्थन नहीं करता, जिसमें सलमान ने नूपुर शर्मा का सिर काटने वाले को अपना मकान देने की बात कही था, लेकिन अब PFI के साथ उसका सीधा कनेक्शन सामने आया है।

हिंदुस्तान को हिलाकर रख देने की बात करने वाले सरवर चिश्ती का एक पुराना वीडियो सामने आया है, जिसमें वह कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसके राजनीतिक संगठन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) को मुस्लिमों का रहनुमा बता रहा है।

वीडियो में सरवर चिश्ती कहता है, “हम मुसलमानों के हामी हैं, मददगार हैं, उनके तरफदार हैं और ये तंजीमें- PFI-SDPI मुसलमानों की आवाज उठाती है।” इस दौरान SDPI नेता तस्लीम रहमानी भी सरवर चिश्ती के साथ बैठा है। साथ में PFI का अनीस, SDPI का जनरल सेक्रेटरी मोहम्मद शफी, राजस्थान PFI अध्यक्ष आसिफ भी है। सरवर चिश्ती इनकी तारीफ कर रहा है।

सरवर चिश्ती कहता है, “रहमानी साहब टीवी पर मुस्लिमों की आवाज उठाते रहते हैं।” बता दें कि यह वही तस्लीम रहमानी है, जिसके साथ नूपुर शर्मा की टीवी पर डिबेट हुई थी। रहमानी भगवान शंकर और शिवलिंग पर लगातार आपत्तिजनक टिप्पणी कर रहा था, जिसको लेकर नूपुर शर्मा ने कहा था कि वह भी पैंगबर की बच्ची के साथ निकाह के बात कह सकती हैं। इसके बाद इसे मुद्दा बनाकर देश भर में बवाल किया गया।

हाल ही में पटना में PFI के मॉड्यूल और ट्रेनिंग सेंटर में छापेमारी में खुलासा हुआ है कि यह संगठन भारत को साल 2047 तक मुस्लिम राष्ट्र बनाना चाह रहा है। इसके लिए वह देश भर में नफरत और दंगे फैलाना चाहता है, ताकि मुस्लिमों में डर पैदा करके उसे PFI से जोड़ा जा सके।

PFI के बरामद डॉक्यूमेंट में कहा गया है कि अगर देश के 10 प्रतिशत मुस्लिम भी उसके साथ आ जाते हैं तो वह ‘कायर हिंदुओं को घुटनों’ पर ला देगा और देश में इस्लामी शासन स्थापित कर देगा। डॉक्यूमेंट में यह भी कहा गया है कि मुस्लिम कभी भी बहुसंख्यक में नहीं रहे, वे हमेशा अल्पसंख्यक ही रहे हैं और फिर भी फतह हासिल की है।

PFI का सदस्य सरवर चिश्ती

रहमानी का चिश्ती के साथ बैठना और उसकी तारीफ करना, एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा लगता है, क्योंकि रहमानी नूपुर शर्मा को डिबेट में भड़काता है और उनसे पैगंबर पर बोलने के मजबूर करता है। इसके बाद इसे मुद्दा बनाकर देश भर में हिंसा की जाती है और PFI अपने लिए मुस्लिमों से सहानुभूति जुटाती है। वहीं, सरवर भी PFI-SDPI की तारीफ करता है।

सरवर चिश्ती खुद को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया का सदस्य बताता है। उसे इस संगठन के सदस्यों के साथ कई बार देखा जा चुका है। वह सार्वजनिक मंचों से कई बार पीएफआई की तारीफ कर चुका है। 2020 में उसने यह कहते हुए पीएफआई का बचाव किया था कि संगठन ‘भारत के संविधान को बचा रहा है’। 

हिंदुस्तान को हिलाने की धमकी

सरवर चिश्ती वही शख्स है जिसने कुछ दिनों पहले नूपुर शर्मा को लेकर भड़काऊ बातें कही थीं। उसने नूपुर शर्मा को हिंदुओं द्वारा दी जा रही समर्थन पर ऐतराज जताते हुए कहा था कि मुस्लिम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। उसने कहा था, “इस वक्त मुल्क में जो हालात हैं। नामूस ए रसूल सललल्लाहु अलेही वसल्लम की शान में गुस्ताखी हो रही है। ये हम कभी कबूल नहीं करेंगे। ऐसा आंदोलन करेंगे कि पूरा भारत हिल जाएगा।”

अजमेर बाजार की दुकानें बंद होने पर हिन्दुओं पर निशाना साधते हुए सरवर चिश्ती ने कहा था कि ये दुकानदार दरगाह की खाते हैं और फिर नूपुर शर्मा के समर्थन में दुकान बंद करते हैं। उन्होंने कहा कि जिस औरत ने हमारे नबी की शान में गुस्ताखी की, उसको गिरफ्तार करने की माँग के खिलाफ उसके साथ एकता दर्शाने की माँग से हमारी भावनाएँ आहत हुई हैं। 

इसके बाद जब उदयपुर में कन्हैया लाल की हत्या गला रेतकर हत्या हुई और देश भर में आक्रोश फूटा तो कॉन्ग्रेस सरकार ने एक सद्भावना रैली निकलवाई। इस सद्भावना रैली में सरवर चिश्ती को भी मिल किया गया था।

मोदी PM बने तो मुस्लिम आतंकी बनेंगे- सरवर चिश्ती

10 साल पहले कर्नाटक में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के मंच से भाषण देते हुए सरवर चिश्ती ने नरेंद्र मोदी को लेकर आपत्तिजनक बात कही थी। तब नरेंद्र मोदी को PM उम्मीदवार बनाने की अटकलों लग रही थीं।

उस समय सरवर चिश्ती ने कहा था, “अगर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बन गया तो कोई ताज्जुब नहीं होगा कि सभी मुसलमान आतंकवादी बन जाएँ।” चिश्ती के इस बयान के बाद कर्नाटक में उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। हालाँकि, उस मामले का क्या हुआ, किसी को ज्ञात नहीं है।

सरवर का बेटा आदिल ने हिंदू देवी-देवताओं का उड़ाया मजाक

सरवर चिश्ती रसूल की बेइज्जती के नाम अपनी छाती पिटता रहा, लेकिन उसका बेटा आदिल चिश्ती हिंदू-देवताओं का मजाक बनाता रहा। आदिल ने 23 जून 2022 को कहा था, “333 करोड़ खुदाओं का अस्तित्व कैसे माना जाएगा? यह कैसे तार्किक है? एक खुदा का तो समझ में आता है। लेकिन, 333 करोड़ खुदा, थोक में देवता (Wholesale of Gods), उसको कैसे माना जाएगा? मैं सोचता हूँ कि अगर व्यक्ति को हजार साल की जिंदगी मिले तो भी वह सभी 333 करोड़ खुदाओं को राजी नहीं कर सकता है।”

आदिल चिश्ती ने आगे कहा, “दूसरी बात, मैं नुपुर शर्मा से यह भी पूछना चाहूँगा कि हिंदू पौराणिक कथाओं में कहा गया है कि भगवान विष्णु के 10 अवतार हैं। इनमें से कुछ अवतार इंसानों वाले हैं, कुछ जानवरों वाले हैं, और कुछ इंसान और जानवर से मिलकर बने हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूँ कि क्या ये 10 अवतार संभव हैं या विश्वसनीय हैं कि तुम कहते हो कि वह एक ईश्वर है और फिर वह दस अलग-अलग अवतारों में प्रकट होता है। कुछ इंसानों के रूप में, कुछ जानवरों के रूप में और फिर कुछ फ्यूज़न के रूप में।”