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श्रीलंका के प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे ने दिया पद से इस्तीफा, बनेगी सर्वदलीय सरकार: चीनी ऋण से संकट में पड़ोसी मुल्क

चीन के कर्ज में डूबे श्रीलंका के खस्ता हालातों के बाद वहाँ प्रधानमंत्री रनिल विक्रमसिंघे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने पीएम पद को छोड़ने की सूचना अपने ट्विटर के जरिए दी। यह फैसला श्रीलंका में सर्वदलीय सरकार बनाने के लिहाज से किया गया है।

रनिल विक्रमसिंघे ने बताया कि सरकार के संचालन को सुनिश्चित करने के लिए और हर नागरिक की सुरक्षा के लिए उन्होंने पार्टी नेताओं के सर्वदलीय सरकार बनाने के सुझाव को स्वीकार लिया। उन्होंने ट्वीट में घोषणा की कि वह पीएम पद से इस्तीफा दे रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि इससे पहले खबर आई थी कि देश के बिगड़े हालातों के कारण सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारी राजधानी कोलंबो में शनिवार (9 जुलाई 2022) को राष्ट्रपति भवन में घुस गए। इसके बाद राष्ट्रपति गोताबाया राजपक्षे (Gotabaya Rajapaksa) वहाँ से भाग गए। वहीं, सुरक्षाबलों की कार्रवाई में कई प्रदर्शनकारियों घायल होने की भी खबर आई।

प्रदर्शनकारियों की माँग थी राजपक्षे राष्ट्रपति पद से तुरंत इस्तीफा दें। गुस्साए प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए सुरक्षाबलों ने हवा में कई राउंड गोलियाँ चलाईं। लेकिन कोई ज्यादा असर नहीं हुआ। बाद में वीडियो आई कि ये प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति भवन के स्वीमिंग पूल में नहा रहे हैं और साथ ही वहाँ की किचन में खाना पकाकर बेड पर आराम कर रहे हैं। हालात को देखते हुए देश में सभी स्कूल-कॉलेजों को 15 जुलाई तक के लिए बंद कर दिया गया है।

पूर्व श्रीलंकाई क्रिकेटर सनथ जयसूर्या ने ट्विटर के जरिए प्रदर्शनकारियों का समर्थन करते हुए कहा, “अपने पूरे जीवन में मैंने एक असफल नेता को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने के लिए देश को इस तरह एकजुट होते नहीं देखा। जनता ने इनके आधिकारिक घर में ही इनको औकात दिखा दी। कृपया शांति से चले जाएँ।”

50 लाख रुपए घूस लेकर चीनी नागरिकों को वीजा दिलाने में मदद की: CBI ने कॉन्ग्रेस नेता कार्ति चिदंबरम के चेन्नई स्थित आवास पर मारा छापा

सीबीआई (CBI) ने शनिवार (9 जुलाई 2022) को कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के चेन्नई स्थिति आवास पर छापा मारा है। सीबीआई यह छापेमारी साल चीनी नागरिकों को वीजा देने के बदले रिश्वत लेने के संबंध में की है।

सीबीआई का कहना है कि साल 2011 में 263 चीनी नागरिकों को वीजा जारी कराने के बदले कार्ति चिदंबरम ने रिश्वत ली थी, जिसकी जाँच एजेंसी कर रही है। जिस समय चीनी नागरिकों को वीजा जारी किया गया था, उस समय कार्ति चिदंबरम के पिता पी चिदंबरम केंद्रीय गृहमंत्री थे। इस मामले में वह CBI के समक्ष पेश भी हो चुके हैं।

सीबीआई ने FIR में कहा है कि यह मामला 263 चीनी नागरिकों को दोबारा वीजा जारी करने के लिए वेदांता समूह की कंपनी तलवंडी साबो पावर लिमिटेड (टीएसपीएल) के एक शीर्ष अधिकारी से जुड़ा है। इस अधिकारी ने कार्ति चिदंबरम और उनके करीबी एस भास्कर रमन को 50 लाख रुपए की रिश्वत दिए जाने के आरोपों से संबंधित है। वहीं, इससे संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जाँच प्रवर्तन निदेशालय (ED) कर रहा है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पिछले महीने के आखिरी सप्ताह में दिल्ली हाईकोर्ट को कार्ति के खिलाफ 12 जुलाई तक कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का अश्वासन दिया था। इस मामले में जमानत की अग्रिम सुनवाई को लेकर कार्ति और ईडी के वकील के अनुरोध पर अदालत ने 12 जुलाई को तय किया है।

बता दें कि इसके अलावा, कार्ति के खिलाफ INX मीडिया और एयरसेल-मैक्सिस घोटालों से संबंधित कुछ अन्य मामले भी लंबित हैं। हालाँकि, उस मामले में चिदंबरम को अग्रिम जमानत मिल गई गई थी। 

देश भर में 300 लोगों से जुड़े कन्हैया लाल के हत्यारों के तार, उनमें अजमेर का फरार चिश्ती भी: NIA की रडार पर ‘दावत-ए-इस्लामी’

राजस्थान के उदयपुर में टेलर कन्हैयालाल की हत्या की जाँच कर रही एजेंसियों को कातिलों रियाज और गौस मोहम्मद के पाकिस्तान से कनेक्शन का पता चला है। इस पूरे मामले में दावत ए इस्लामी संगठन की मुख्य भूमिका सामने आ रही है। दावा है कि रियाज़ और गौस पाकिस्तान के जिन 18 नंबरों से लगातार सम्पर्क में थे उन्ही नंबरों से देश भर में लगभग 300 अन्य लोग भी जुड़े थे। पाकिस्तान में लगातार बात करने वाले ये 300 लोग देश के 25 राज्यों से हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राजस्थान ATS इन नंबरों की जाँच और उनके रिश्तों की पड़ताल के लिए केंद्रीय एजेंसियों के सम्पर्क में है। NIA ये भी पड़ताल कर रही है कि कहीं उदयपुर की तरह कुछ और लोग तो आतंकियों के निशाने पर नहीं है ? पाकिस्तान से लगातर सम्पर्क में 25 प्रदेशों में जो 300 लोग पाए गए हैं उनमे से 250 लोग महाराष्ट्र, केरल, गुजरात, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान से हैं।

बताया जा रहा है कि एजेंसियों ने 25 राज्यों को इस सूचना के साथ अलर्ट भी भेजा है। देश भर में पाकिस्तान से जुड़े उन 300 लोगों में अजमेर दरगाह का खादिम गौहर चिश्ती भी शामिल है जो कन्हैयालाल की हत्या के बाद से अब तक फरार है। बताया जा रहा है कि पाकिस्तान एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बना था जिसमें पाकिस्तानी आकाओं के साथ भारत के लगभग 300 लोग थे। सुरक्षा एजेंसियाँ इन्हे संभावित स्लीपर सेल मान रही हैं।

जाँच एजेंसियाँ अपनी जाँच इस पर भी केंद्रित कर के रखी हैं कि जिस प्रकार से गौस मोहम्मद और गौहर चिश्ती आपस में जुड़े पाए गए है क्या उसी प्रकार देश के विभिन्न हिस्सों के इन 300 लोगों का भी आपस में कोई नेटवर्क है। इन सभी के आपस में भी लगातार बात होने की भी जानकारी मिली है। पुलिस न सिर्फ इन 300 संदिग्धों की कॉल डिटेल पर नजर रखे हुए है बल्कि इन सभी के बैंक डिटेल की भी जानकारी जुटाई जा रही है। इस से इनके फंडिग स्रोतों की तलाश की जाएगी।

स्थानीय पुलिस लगातार फरार गौहर चिश्ती के लिए लगातार दबिश दे रही है। गौरतलब है कि गौहर चिश्ती ने कन्हैयालाल की हत्या से पहले अजमेर के दरगाह परिसर से सिर तन से जुदा के नारे लगाए थे। इसी के साथ गौहर के रियाज़ और गौस से लगातार सम्पर्क में होने का भी दावा किया जा रहा है।

‘काली हिंदुत्व का विनाश करती है, पितृसत्ता पर थूकती है’: लीना ने अब देवी को बता दिया ‘समलैंगिक’, हिन्दुओं को कहा भला-बुरा

हिन्दू घृणा से सनी फिल्म मेकर लीना मणिमेकलई (Leena Manimekalai) ने माँ काली, भगवान शिव और माता पार्वती की धूम्रपान करती तस्वीर पोस्ट करने के बाद एक बार फिर से विवादित बयान दिया है। वॉयस ऑफ अमेरिका को दिए एक इंटरव्यू में लीना ने माता काली को लेकर बात की। इसके साथ ही हिन्दुत्व के खिलाफ बयानबाजी की।

लीना मणिमेकलई ने बताया कि वो किस तरह से काली को देखती है। इंटरव्यू में लीना ने कहा, “मेरी काली क्वीर (समलैंगिकों के लिए प्रयोग में लाया जाने वाला शब्द) है। वह एक स्वतंत्र आत्मा है। वह पितृसत्ता पर थूकती है। वह हिंदुत्व को नष्ट करती है। वह पूंजीवाद को खत्म करती है। वह अपने सभी हजार हाथों से सभी को गले लगाती है।” लीना ने कहा, “जब मैं काली को धारण करती हूँ, तो मैं स्वयं काली हूँ।”

वहीं हिन्दू भावनाओं को आहत करने पर भारत में लीना के खिलाफ पैदा हुए आक्रोश पर फिल्म निर्माता ने खुद को पीड़ित बताने की कोशिश की। लीना ने कहा, “अगर गली में कोई व्यक्ति आप पर झपटता है, तो यह एक अपराध है। यदि कोई व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर आपसे छेड़छाड़ करता है, तो यह यौन उत्पीड़न है। अगर कोई व्यक्ति आपके चेहरे पर तेजाब फेंकता है, तो यह हत्या का प्रयास है। अगर कोई व्यक्ति आपके खिलाफ अभद्र भाषा का प्रयोग करता है तो यह गाली है। अगर कोई व्यक्ति आपके परिवार और दोस्तों और समर्थकों के पीछे जाता है और उन्हें धमकाता है, तो यह हिंसा है। अगर यह सब भीड़ द्वारा किया जाता है, तो आप इसे सिर्फ एक ‘आक्रोश’ कैसे कह सकते हैं?”

ट्विटर पर हिन्दुओं के आक्रोश का हवाला देते हुए लीना कहती है, “मैं 2,00,000 आईडी को रिपोर्ट कैसे कर सकती हूँ? मुझे कहाँ रिपोर्ट करनी चाहिए? कौन कार्रवाई करने जा रहा है? भारत में कोई कानून नहीं है। देश का संविधान मर चुका है।”

गौरतलब है कि बार-बार हिन्दू भावनाओं का अपमान करने के मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने एक्शन लिया है। विवादित फिल्ममेकर के खिलाफ एमपी में ने केवल केस दर्ज किया गया है। बल्कि, प्रदेश के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा फिल्म मेकर के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी करने के लिए केंद्र सरकार से माँग की है।

धार्मिक भावनाएँ आहत करने वाले सावधान रहें

राजस्थान के झुंझुनू में चल रहे राष्ट्रीय स्वयं सेवक (RSS) के तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रान्त प्रचारकों की बैठक में काली विवाद पर भी बात की गई। शनिवार को आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा, “भारत में रचनात्मक स्वतंत्रता एक परंपरा रही है। लेकिन किसी की धार्मिक भावनाओं को आहत नहीं करना चाहिए। सभी को इससे सावधान रहना चाहिए।”

इसके साथ ही उन्होंने उदयपुर की घटना की भर्त्सना की और कहा कि इस हत्या के विरोध में मुस्लिम समुदायों को भी आगे आना चाहिए।

बाहुबली को मात दे देगी चोल युग की ये कहानी! PS-1 के टीजर में दिखा मणिरत्नम का ‘जादू’, 2210 पन्नों को पर्दे पर उतारने में लगे ₹500 करोड़

बाहुबली जैसी साउथ इंडियन फिल्म से भी बेहतरीन कही जाने वाली मूवी पीएस-1 का हिंदी टीजर 8 जुलाई 2022 को जारी कर दिया गया। फिल्म डायरेक्टर मणिरत्नम की इस फिल्म में भरपूर एक्शन दिखाने के लिए VFX का इस्तेमाल हुआ है। लोग टीजर देख अंदाजा लगा रहे हैं कि ये फिल्म इतिहास में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म हो सकती है।

सामने आई जानकारी के अनुसार, इस फिल्म को 500 करोड़ रुपए के बजट में बनाया गया है। ये फिल्म इतिहास के चोल साम्राज्य के गौरव को दर्शाने वाली है। फिल्म में लीड रोल चियान विक्रम और ऐश्वर्या राय बच्चन में हैं। इसके अलावा अमिताभ बच्चन भी इस फिल्म में दिख सकते है। साथ ही प्रकाश राज, नसर, कार्ति, तृषा कृष्णन भी इस फिल्म का हिस्सा हैं। फिल्म का टीजर 8 जुलाई को टिप्स ऑफिशियल अकॉउंट पर डाला गया जिसे अब तक 25 लाख व्यूज मिल चुके हैं।

30 सितंबर को इसे पर्दे पर दिखाया जाएगा। फिल्म का पूरा नाम Ponniyin selvan है जो कि तमिल की एक क्लासिक नोवेल है। इसे 1950 में कल्कि कृष्णमूर्ति ने लिखा था। इसी नाम से एक मैग्जीन छपती थी। हर हफ्ते उसमें कहानी का एक हिस्सा पब्लिश होता था। स्टोरी बड़ी थी तो ये प्रकाशन का सिलसिला 1950 से 1954 के बीच चला। कहा जाता है कि अगर कहानी के हर पन्ने को मिलाया जाए तो ये 2210 पन्नों में लिखी गई कहानी है

फिल्म की कहानी अरुलमोझी वर्मन के कुंवर के जीवन से जुड़ी है जिन्हें राजा राजा चोलन के नाम से जाना गया। वहीं ऐश्वर्या Pazhuvoor की रानी नंदिनी के किरदार में नज़र आएँगी। इस फिल्म को मणिरत्नम ने अपना ड्रीम प्रोजेक्ट कहा है। वहीं फिल्म के एक्टर ने बताया कि उनके लिए इस फिल्म में काम करना बिलकुल नया अनुभव है। वह कहते हैं कि इस फिल्म के दौरन उन्होंने अपने पसंदीदा कलाकारों के साथ काम करते हुए बहुत कुछ सीखा।

अभिनेत्री तृषा ने कहा कि ये फिल्म चाहे कोई नया हो या पुराना कलाकार सबके लिए एक सपने के सच होने जैसा है। कुंदवई का किरदार निभाकर वह खुद को बहुत सौभाग्यशाली मानती हैं। ये फिल्म ऐसी है जिसे सभी लोगों द्वारा देखा जाना चाहिए। एक्टर सरथ कुमार कहते हैं कि जिस समय कई लोग चोल के इतिहास और उनकी महानता पर बात कर रहे हैं उस समय मणि रत्नम ने ऐसी फिल्म बना दी है जिसे देख सब गर्ब कर र सकते हैं। एक्टर ने कहा कि भविष्य में भारत के बच्चे थोर और कैप्टन अमेरिका को नहीं बल्कि Ponniyin selvan और चोल साम्राज्य को याद करेंगे।

मालूम हो कि दक्षिण भारत की इस फिल्म का इंतजार सिर्फ वहीं के लोगों को या सिर्फ फिल्म की कास्ट को नहीं बल्कि पूरे भारत को है। महेश बाबू ने इस फिल्म की तारीफ की है। वहीं एक्टर सूर्या ने कहा है कि ये फिल्म कइयों का सपना थी जो अब मणि रत्नम ने पूरा किया है।

‘हिंदुओं की बड़ी जीत, सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा के खिलाफ टिप्पणी को वापस लिया’: सोशल मीडिया पर लोग मना रहे जश्न, जानें क्या है सच्चाई

इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद के मामले में भाजपा की पूर्व नेता नूपुर शर्मा को लेकर टिप्पणी करने वाले सुप्रीम कोर्ट के दोनों न्यायाधीशों को लेकर सोशल मीडिया पर खबरें चल रही हैं। सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि जिन न्यायाधीशों ने नूपुर शर्मा की आलोचना की थी, उन्होंने अपनी टिप्पणियों को वापस ले लिया है।

ट्विटर पर nandji1958 नाम के एक हैंडल ने लिखा, “सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा के खिलाफ जजों की दो टिप्पणियों को वापस लिया। हिंदू एकता!”

Tivary हैंडल से सुमंत एन तिवारी नाम के यूजर ने लिखा, “हिन्दू एकता का परिणाम! सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा के खिलाफ जजों की टिप्पणियों को वापस लिया।”

BHUemployee नाम के हैंडल वाले सनातनी राजीव पांडेय नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “हर हर महादेव! सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा के खिलाफ जजों की दो टिप्पणियों को वापस लिया। जय श्री राम। #IStandWithNupurSharma #NupurSharma #IslamicTerrorism”

जसमीत वच्छानी नाम वाले JMVACHHANI ट्विटर हैंडल ने एक जज का फोटो साझा करते हुए लिखा, “सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा के खिलाफ जजों की दो टिप्पणियों को वापस लिया। हिंदू एकता।”

बता दें कि नूपुर शर्मा द्वारा पैगंबर मुहम्मद के कथित अपमानजनक टिप्पणी के बाद देश भर में मुस्लिमों द्वारा हिंसा थी। वहीं, नूपुर शर्मा के खिलाफ कई मामले दर्ज कराए गए थे और उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही थी। शर्मा ने अपने खिलाफ सभी मामलों को क्लब करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दी थी। इसकी सुनवाई न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति पारदीवाला की खंडपीठ ने की थी।

इस याचिका की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा था, “जिस तरह से उन्होंने पूरे देश में भावनाओं को भड़काया है … देश में जो हो रहा है उसके लिए यह महिला अकेले जिम्मेदार है।” अदालत ने यह भी कहा कि उन्हें पैगंबर मोहम्मद पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है और उन्होंने आम नागरिकों के लिए उपलब्ध न्यायिक अधिकार खो दिया है।

हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस टिप्पणी को अपने लिखित आदेश में शामिल नहीं किया था, फिर भी देश भर में इसका विरोध शुरू हो गया। न्यायाधीशों की इस टिप्पणी के खिलाफ 15 सेवानिवृत्त जजों, 77 रिटायर्ड नौकरशाहों और 25 पूर्व सैन्य अधिकारियों ने खुला पत्र जारी कर इसे ‘दुर्भाग्यपूर्ण और गलत उदाहरण पेश करने वाला’ बताया। वहीं, इन न्यायाधीशों के खिलाफ महाभियोग के लिए ऑनलाइन अभियान भी शुरू किया गया।

इन तमाम आलोचनाओं और दबावों के बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने न्यायाधीशों की इस टिप्पणी को लेकर कुछ नहीं कहा है। जिस तरह सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने दोनों न्यायाधीशों की टिप्पणियों को वापस ले लिया है, वह पूरी तरह निराधार है। ऑपइंडिया की फैक्ट चेकिंग में यह खबर फर्जी पाई गई है।

अजमेर में 90% घट गई रेस्टॉरेंट्स की कमाई, होटलों की बुकिंग्स रद्द होने से बड़ा नुकसान: चिश्तियों के भड़काऊ बयान के बाद जुमे को भी सन्नाटा

अजमेर के खादिमों के भड़काऊ बयानों के बाद यहाँ ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के दरगाह पर आने वाले लोगों की संख्या में भी भारी कमी देखी गई है। यहाँ तक कि शुक्रवार (8 जुलाई, 2022) को जुमा होने के बावजूद यहाँ सन्नाटा पसरा रहा। नूपुर शर्मा को लेकर दरगाह के 3 खादिम अब तक भड़काऊ बयान दे चुके हैं। उदयपुर में कन्हैया लाल का सिर कलम करने वाले जिहादियों से भी दरगाह के खादिमों के सम्बन्ध सामने आए हैं।

जहाँ पहले अजमेर की इन संकरी गलियों में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के दरगाह पर आने वाले लोगों की भीड़ होती थी, अब लगातार नकारात्मक कारणों से सुर्ख़ियों में रहने के बाद वो स्थिति नहीं है। रेस्टॉरेंट्स और ट्रांसपोर्ट के कारोबारियों की बाकी दिन के मुकाबले मात्र 10% ही कमाई हो पाई। इतना ही नहीं, होटलों के लिए किए गए एडवांस बुकिंग्स भी लोग रद्द कर रहे हैं। खादिम ऐनुद्दीन चिश्ती का कहना है कि शहर की अर्थव्यवस्था उन 15-20 हजार लोगों पर टिकी है, जो रोज यहाँ आते थे।

दरगाह बाजार, दिल्ली गेट, दिग्गी बाजार और खादिम मोहल्ला, कम्मानी गेट, अंदर कोटे सहित लखन कोटरी के होटल और गेस्ट हाउस भी रोज बड़ा नुकसान उठा रहे हैं, क्योंकि दरगाह के नमाजी नहीं आ रहे हैं। बड़ी संख्या में हिन्दू भी अजमेर शरीफ दरगाह पर आया करते थे, जिन्हें ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के इतिहास के बारे में नहीं पता। इन इलाकों में एक-एक घर ऐसे ही पर्यटकों से कमाता है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI)’ ने अपनी खबर में ये जानकारी दी है।

दरगाह क्षेत्र में ‘जन्नत ग्रुप ऑफ होटल्स’ के मालिक रियाज खान ने कहा कि यहाँ आने वाले लोगों पर घृणास्पद बयानों से असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि देश में जो भी होता है, उसका अजमेर के बाजार पर बड़ा प्रभाव पड़ता है। हालाँकि, उदयपुर की घटना के बाद से ही लोगों ने बुकिंग्स रद्द करने शुरू कर दिए थे। ‘सोहन हलवा’ के लिए जाने जाने वाले ‘ख्वाजा गरीब नवाज स्वीट्स’ के मालिक शदभ सिद्दीकी ने कहा कि कमाई 90% घट गई है।

बता दें कि अजमेर की ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के खादिम गौहर चिश्ती से कन्हैया लाल के हत्यारों मोहम्मद रियाज और मोहम्मद गौस के कनेक्शन सामने आए हैं। दोनों भाग कर अजमेर ही जा रहे थे। नूपुर शर्मा की गर्दन लाने वाले को अपना मकान देने का वादा करने वाले सलमान चिश्ती को भी गिरफ्तार किया गया था, जिसके बाद वायरल वीडियोज के आधार पर राजस्थान पुलिस पर उसे बचाने के आरोप लगे थे। दरगाह कमिटी के सचिव सरवर चिश्ती ने भी हिन्दुओं की कमाई खत्म करने और भारत को हिला देने की धमकी दी थी।

कबाड़ी के बेटे इकरार कुरैशी ने अमित जाट बन हिन्दू युवती को फाँसा, दुर्गा सप्तशती फाड़ी: कहा – इस्लाम क़बूलो, वरना बेटों के साथ काट कर सूटकेस में…

UP के आगरा में इकरार नाम के व्यक्ति पर 18 जून, 2022 को एक हिन्दू लड़की से हिन्दू नाम से एक लड़की से शादी करने और 9 साल तक गुमराह करने का आरोप लगा था। इकरार पर अप्राकृतिक सेक्स, मारने-पीटने, धोखाधड़ी करने, सामान हड़पने, साजिश रचने, धमकी देने और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के भी आरोप हैं। पुलिस ने इकरार को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। इकरार के साथ उसके जीजा, भाई और अब्बा भी इस केस में नामजद हैं ,जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।

पीड़िता का नाम रचना सोलंकी है। उनकी शादी आगरा के जगदीशपुरा थानाक्षेत्र में 30 जनवरी, 2013 को हिन्दू विधि-विधान से अमित बने इकरार से हुई थी। पुलिस को दी गई शिकायत में रचना ने बताया, “अमित ने अपने पिता का नाम सुकराम और खुद को मथुरा के फराह थाना क्षेत्र का निवासी बता कर मुझ से आगरा में शादी की थी। शादी के बाद मैंने 2 बेटों को जन्म दिया। बेटों के जन्म के बाद अमित मुझसे बुरा बर्ताव करने लगा और मुझे मांस खिलाने की कोशिश करने लगा। 2019 के नवरात्रि में उसने मेरी दुर्गा सप्तशती की किताब को फाड़ दिया था।”

शिकायत की कॉपी

शिकायत में रचना ने आगे कहा, “जनवरी 2020 में मेरे घर पर कुछ मुस्लिम आए और उन्होंने मेरे दोनों बच्चों का खतना करने का प्रयास किया। मैंने रोका तब अमित ने मुझ से कहा कि मैं पक्का मुसलमान हूँ। उसने खुद को इकरार और अपने अब्बा का नाम इकराम बताया। इस्लाम न कबूलने पर मुझे और मेरे बेटों को काट कर सूटकेस में भर के फेंक देने की धमकी दी गई। मोहल्ले वालों के जुटने पर वो सभी लोग भाग गए।” रचना ने इकरार पर अपने साथ कई बार अप्राकृतिक दुराचार, जान से मारने के प्रयास और जेवर आदि हड़पने का भी आरोप लगाया।

FIR Copy

आगरा पुलिस ने रचना की शिकायत पर FIR में अमित बने इकरार कुरैशी, उसके अब्बा इकराम कुरैशी और इकरार के जीजा इकराम को नामजद किया है। आरोपितों पर IPC की धारा 498- A, 420, 406, 504, 506, 295-A, 120- B, 323 और 377 के तहत कार्रवाई की गई है। अब तक अमित बने इकरार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बाकि अन्य आरोपितों की तलाश की जा रही है।

कॉलेज के फॉर्म से निकाला था नंबर

ऑपइंडिया ने पीड़िता रचना से घटना की जानकारी ली। रचना ने बताया, “मैं हिन्दुओं में जाट समुदाय से हूँ। मेरे पापा एक फैक्ट्री में ठेकेदारी करते हैं। साल 2013 में पहली बार मेरे घर के मोबाइल पर इकरार की कॉल आई थी। उसने मेरा नंबर मेरे कॉलेज के भरे फॉर्म से लिया था। वो मेरे साथ ही पढ़ता था। फोन रॉन्ग नंबर बता कर किया गया था। इस दौरान उसने खुद को मेरे ही जाट समुदाय के अमित के रूप में बताया।”

खुद को अनाथ बता कर घर वालों को किया इमोशनल

रचना ने बताया, “अमित बने इकरार से मेरी बातचीत होने लगी। बाद में हमारी मुलाकातें होने लगीं। शादी के लिए मेरा हाथ माँगने वो किसी अनजान आदमी को ले कर मेरे घर आया। उसने खुद को अनाथ बताया और मेरे पिता को इमोशनल कर दिया। बाद में हमारी शादी हो गई। तब इकरार आगरा की किसी कॉस्मैटिक्स कम्पनी में सेल्समैन था। उसके अब्बू मथुरा में कबाड़ी हैं।”

आरोपित इकरार

2 बच्चे होने तक हिन्दू होने का चला नाटक

रचना ने आगे बताया, “शादी के लगभग 3 साल तक इकरार ने कभी जाहिर नहीं होने दिया कि वो मुस्लिम है। तो तिलक लगाता रहा और मंदिर में दर्शन करने जाता रहा। वो खुद को हनुमान जी का भक्त बताता था और अक्सर साईं मंदिर भी जाता था। हालाँकि मैं जब भी उस से उसके गाँव चलने के लिए कहती थी तब वो खुद को अनाथ बताते हुए गाँव से अपना वास्ता खत्म होने का झूठ बोलता था।”

खतने को बताया बचपन की बीमारी

रचना के मुताबिक, “जब मैंने इकरार से उसके खतने के बारे में सवाल किया तब उसने खुद को बचपन में हुई बीमारी के चलते ऐसा होना बताया। उसने अपने कुछ अन्य हिन्दू दोस्तों के नाम भी बताए जिनका किसी बीमारी के चलते वो हिस्सा काटा गया था। इसके चलते मैं उसके झूठ के जाल में फँसी रही।”

पहली बार अजान के दौरान दुपट्टा सिर पर रखने को कहा

रचना ने आगे कहा, “साल 2016 से इकरार मुझ से इस्लाम की अच्छाइयों पर बहस करने लगा था। मैंने खुद को हिन्दू बताते हुए उसकी बात पर गौर नहीं किया व उसे भी ये सब बातें न करने को कहा। कुछ दिन बाद अचानक एक दिन अजान की आवाज पर उसने मुझे दुपट्टा सिर पर रखने को कहा। मुझे तभी शक हुआ लेकिन मैंने ऐसा करने से मना कर दिया। इस बात पर उसने मुझे किसी और बहाने से खूब मारा। बाद में मुझे उसके असली आधार कार्ड की फोटो कॉपी भी मिली थी जिसकी सफाई उसने अपने रिश्तेदारों से दिलवाई। आखिरकार सब खुद कर सामने आ गए थे और उन सभी ने मुझे और मेरे बेटों को इस्लाम कबूलने के लिए कहा।”

फाड़ी गई दुर्गा सप्तशती

अब अपने मायके वालों का सहारा

रचना के मुताबिक उनके साथ बहुत गलत हुआ। उन्होंने कहा, “अब मुझे मेरे मम्मी-पापा का ही सहारा है। मैं अपना खर्च उठाने के लिए बच्चों को पढ़ाती हूँ लेकिन फिर भी मायके वाले मेरी मदद करते हैं। जिस मकान में इकरार मुझे अमित बन कर लाया था मैं अभी भी उसी मकान में रहती हूँ। इस मकान के मालिक से भी इकरार ने झूठ बोल कर खुद को अमित बताया था। आगरा पुलिस के सभी स्टाफ ने मेरी काफी मदद की है।”

‘फारूक साहब और महबूबा से बड़ा राष्ट्रभक्त कोई नहीं’ : बोले राष्ट्रपति उम्मीदवार यशवंत सिन्हा, PM मोदी को बताया था देश बर्बाद करने वाला

राष्ट्रपति चुनावों के मद्देनजर विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा ने हाल में जम्मू-कश्मीर में अपनी बैठक की। इस बैठक में फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती समेत कई नेता शामिल हुए। बैठक के दौरान सिन्हा ने फारूक अब्दुल्ला समेत बैठक में शामिल तमाम नेताओं को देश का सबसे बड़ा राष्ट्रवादी बताया।

उन्होंने बैठक को संबोधित करते हुए कहा, “हमारे जो भी लोग यहाँ बैठे हैं, फारूक साहब और महबूबा जी को मिला कर…इनसे बड़ा कोई राष्ट्रभक्त नहीं है। अगर ये राष्ट्रवादी नहीं हैं तो फिर देश में कोई राष्ट्रभक्त नहीं है।”

बता दें कि ये पहली बार नहीं है जब यशवंत सिन्हा ने नेशनल कॉन्ग्रेस के फारूक अब्दुल्ला को देश का सबसे बड़ा राष्ट्रभक्त बताया हो, पहले भी यशवंत सिन्हा ने खुलकर कहा हुआ है कि फारूक अब्दुल्ला प्रधानमंत्री मोदी से ज्यादा बड़े राष्ट्र भक्त हैं।

साल 2019 में जब अनुच्छेद 370 को हटाने के दौरान सुरक्षा लिहाज से फारूक अब्दुल्ला को हाउस अरेस्ट किया गया था उस समय भी यशवंत सिन्हा ने एक ट्वीट किया था। अपने ट्वीट में सिन्हा ने कहा था, “ये दुर्भाग्य है कि फारूक अब्दुल्ला की हिरासत को 3 महीने बढ़ा दिया गया। वो निश्चित तौर पर प्रधानमंत्री मोदी से बड़े राष्ट्रवादी हैं जो हमारे देश को बर्बाद करने पर तुले हैं और फिर भी बाहर हैं। MODI का मतलब है- मैन हू डिस्ट्रॉयड इंडिया (वह व्यक्ति जो भारत को बर्बाद कर दे।)”

उल्लेखनीय है कि विपक्ष द्वारा राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद यशवंत सिन्हा विपक्ष के नेताओं के साथ लगातार अपनी बैठकें कर रहे हैं। उन्होंने श्रीनगर में हुई अपनी इस बैठक से पहले कहा था कि जम्मू-कश्मीर के लोगों से उनके संवैधानिक अधिकार चुराए गए हैं। इसके बाद उन्होंने बैठक की जानकारी दी।

बैठक के दौरान उन्होंने कहा कि अगर वह राष्ट्रपति निर्वाचित हुए तो उनकी प्राथमिकताओं में से एक चीज ये होगी कि वो कश्मीर मुद्दे को स्थायी रूप से हल करने और शांति, न्याय, लोकतंत्र, समान स्थिति बहाल करने के लिए सरकार से आग्रह करेंगे।

जीवन भर YSRCP के अध्यक्ष बने रहेंगे जगन मोहन रेड्डी, नहीं होगा कोई चुनाव: पार्टी ने बदल डाला अपना संविधान, माँ इस्तीफा देकर गईं बेटी के साथ

आंध्रा प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी ने एक बड़ा फैसला लिया है। ‘युवजन श्रमिक रायथू कॉन्ग्रेस पार्टी (YSRCP)’ ने अपने संविधान में बदलाव करते हुए प्रावधान किया है कि अब YS मोहन रेड्डी जीवन भर इसके अध्यक्ष बने रहेंगे। वो फ़िलहाल राज्य के मुख्यमंत्री भी हैं। शनिवार (9 जुलाई, 2022) को पार्टी ने ये निर्णय लिया। अब जगन मोहन रेड्डी के रहते पार्टी के अध्यक्ष पद का चुनाव भी नहीं होगा। दो दिन की प्रक्रिया के बाद पार्टी ने इस सम्बन्ध में ऐलान कर दिया।

बता दें कि जगन मोहन रेड्डी ने 2011 में कॉन्ग्रेस छोड़ने के बाद YSRCP बनाई थी। उन्होंने अपने पिता राजशेखर रेड्डी की दुर्घटना में मृत्यु के बाद उनकी नीतियों को आगे ले जाने का वादा करते हुए पूरे राज्य में पदयात्रा की थी। अब तक उनकी माँ विजयम्मा पार्टी की मानद अध्यक्ष हुआ करती थीं, लेकिन अब उन्होंने भी इस्तीफा दे दिया है। 2017 में YS जगन मोहन रेड्डी को पार्टी का अध्यक्ष चुना गया था। हालाँकि, अब परिवार में मतभेद है।

उनकी माँ विजयम्मा ने YSRCP से भी इस्तीफा दे दिया है और कहा है कि वो अपनी बेटी शर्मिला के साथ हैं, जो पड़ोसी राज्य में ‘YRS तेलंगाना पार्टी’ चला रही हैं। हालाँकि, जीवन भर के लिए YSRC पार्टी का अध्यक्ष बने रहने के लिए जगन मोहन रेड्डी को अब चुनाव आयोग का रुख करना पड़ेगा। पार्टी का कहना है कि कई क्षेत्रीय पार्टियों में ऐसा हुआ है, जब हर 2 साल के बाद चुनाव की जगह एक ही अध्यक्ष को लाइफटाइम के लिए रखा गया।

YSRCP का दो दिवसीय कार्यक्रम गुंटूर में हुआ, जहाँ सीएम ने कहा कि उनकी सरकार ने आंध्र प्रदेश की जनता से किए गए 95% वादों को पूरा कर दिया है। विधानसभा और लोकसभा चुनावों में राज्य में मिली बंपर जीत के 3 साल बाद YS जगन मोहन रेड्डी ने पार्टी की 13 साल की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि कोरोना के दौरान भी उनकी सरकार ने स्थिति को सही तरीके से प्रबंधित किया। उन्होंने बदलाव, विकास और समृद्धि के लिए दरवाजे खोलने का दावा करते हुए कहा कि बिना किसी भेदभाव के काम किया गया है।