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तीस्ता सीतलवाड़ को ATS ने घर से उठाया, देखें वीडियो: SC ने कहा था- इनके खिलाफ होनी चाहिए जाँच

गुजरात दंगों में तथाकथित सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ की भूमिका पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद आज (25 जून 2022) गुजरात एटीएस टीम ने तीस्ता को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। उनके ऊपर दंगों के दौरान गुजरात की छवि खराब करने का आरोप है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, तीस्ता के खिलाफ यह कार्रवाई आईपीसी की धारा 498 के तहत दर्ज एफआईआर पर हुई। उन्हें लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि गुजरात दंगों से जुड़े मामले में उनकी भूमिका पर और छानबीन की जरूरत है। अब शनिवार को गुजरात एटीएस की टीम उन्हें संता क्रूज पुलिस थाने लेकर गई है। वहाँ से उन्हें अहमदाबाद ले जाया जाएगा।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने भी फैसला पढ़कर तीस्ता का जिक्र किया था। अपने हाल में दिए इंटरव्यू में कहा था कि तीस्ता सीतलवाड़ की एनजीओ ने गुजरात दंगों में फर्जी जानकारी फैलाने का काम किया था।

उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को जाकिया जाफरी की याचिका को खारिज किया था। इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित एसआईटी ने जो पीएम मोदी समेत 55 नेताओं को क्लिन चिट दी थी उस पर सवाल उठाए गए थे। कोर्ट ने कहा था कि तीस्ता इस मामले में शुरू से घुसी रहीं और जाफरी की भावनाओं का इस्तेमाल अपने स्वार्थ के लिए किया।

कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए ये भी कहा था कि जो लोग कानून से खिलवाड़ करते हैं उनके खिलाफ एक्शन लिया जाना चाहिए। इसी दौरान उन्होंने तीस्ता का नाम भी लिया था।

तीस्ता को लेकर मालूम हो कि ये वही कथित सामाजिक कार्यकर्ता हैं जिनके ऊपर आरोप था कि इन्होंने 2002 के दंगा पीड़ितों की मदद के लिए इन्होंने अपने एनजीओ के जरिए पैसा इकट्ठा किया। लेकिन बाद में अपनी सुविधाओं और खर्चे की पूर्ति के लिए उसका इस्तेमाल कर लिया। ये आरोप उस दौरान प्रकाश में आया था, जब गुलबर्ग हाउसिंग सोसायटी के एक निवासी ने इस मामले में शिकायत की थी।

इंस्टा पर गॉगल्स वाला मॉडल, असल में क़तर में मजदूर: नाबालिग का अपहरण कर भाग रहा इजराइल धराया, गेम खेल-खेल कर बिछाया था जाल

राजस्थान में दौसा जिला पुलिस ने 13 साल की नाबालिग लड़की का अपहरण करने के आरोप में 25 वर्षीय इजरायल को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बिहार से लड़की को भी सकुशल बरामद कर लिया है। आरोपित लड़की को नेपाल ले जाने की फिराक में था। इजरायल की लड़की से दोस्ती ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान हुई थी। वह लड़की से मिलने खाड़ी देश कतर से आया था। अपहरण की शिकायत 19 जून 2022 (रविवार) को दर्ज करवाई गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपित इजरायल नेपाल का निवासी है। वह क़तर में मजदूरी करता है। इसी दौरान एक ऑनलाइन गेम कहते हुए उसकी दोस्ती राजस्थान के दौसा जिले की एक नाबालिग लड़की से हो जाती है। इजरायल ने अपनी सोशल प्रोफ़ाइल पर अपनी फोटो के बजाय किसी मॉडल की फोटो लगा रखी थी। इजरायल 18 जून को फ्लाइट पकड़ कर कतर से दिल्ली आया। दिल्ली से वो लड़की को अपने साथ ले जाने के लिए दौसा पहुँच गया।

इजरायल के दौसा पहुँचने के बाद लड़की उस से मिलने कुरकुरे खरीदने के बहाने निकली। वहाँ से इजरायल ने उसका अपहरण कर लिया और अपने साथ बिहार के रास्ते नेपाल ले जाने की कोशिश करने लगा। उसने दिल्ली से बिहार जाने का रास्ता चुना। इस बीच लड़की के परिजनों ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस की जाँच में सामने आया कि लड़की ने अपहरण होने के दिन अपने इंस्टाग्राम हैंडल से क़तर के किसी व्यक्ति से बात की थी।

इसी सुराग पर आगे बढ़ते हुए पुलिस ने पाया कि कतर वाली वो ID भारत में एक्टिव थी। इंस्टाग्राम हैंडल पर चल रहे मोबाइल नंबर को ट्रेस किया गया तो दिल्ली से खरीदे गए एक और नंबर की जानकारी हुई। उस नए नंबर को पुलिस द्वारा ट्रेस किया गया तो वो दौसा के बांदीकुई में एक्टिव होना पाया गया। यही वो जगह थी जहाँ से लड़की का अपहरण हुआ था। बाद में वो नंबर दिल्ली से बिहार रूट पर दिखाई दिया। SP दौसा राजकुमार गुप्ता ने तुरंत पुलिस टीमों का गठन किया।

इसी नंबर का पीछा करते हुए राजस्थान पुलिस ने आरोपित इजरायल और पीड़िता को दरभंगा से कस्टडी में ले लिया। पुलिस का कहना है कि इजरायल लड़की को नेपाल के रास्ते क़तर ले जाने की फिराक में था। पुलिस ने इजरायल की 7 दिनों की कस्टडी रिमांड ली है। इस दौरान उस से पूछताछ की जा रही है।

‘कार का शीशा साफ करने वालों से सावधान, घड़ी के जरिए अकाउंट कर दे रहे खाली’: FASTag स्कैन से लूट, जानें खबर का सच

सोशल मीडिया पर ज्यादा लाइक, ज्यादा रीच की चाह के कारण अक्सर लोग अलग-अलग हथकंडे आजमाते है। इसी क्रम में वह मनगढ़ंत दावे करने से भी गुरेज नहीं करते और नतीजा ये होता है कि सामान्य यूजर उन दावों पर यकीन करने लगाता है। हाल में ऐसा ही एक दावा बकलोल वीडियो नाम के यूट्यूब चैनल से हुआ।

चैनल पर 23 जून को साझा की गई एक स्क्रिप्टिड वीडियो में दिखाया गया कि आजकल जो बच्चे गाड़ी साफ करने आते हैं उनके हाथ में एक घड़ी होती है, जिससे वह कार पर लगे FASTag को स्कैन करते हैं और मालिक के पेटीएम से सारा पैसा निकाल लेते हैं।

वीडियो में नजर आ रहा व्यक्ति एक बच्चे को गाड़ी साफ करते हुए दिखाता है और फिर अपना दावा करता है। वीडियो के टाइटल में लिखा गया- “अगर आपकी गाड़ी पे FASTag है तो वीडियो जरूर देखें।” इस वीडियो को 24 मिलियन लोग अब तक देख चुके है।

अब जाहिर है आज के समय में जिस तरह के साइबर क्राइम हो रहे हैं तो किसी को भी इस दावे पर यकीन हो जाए। लेकिन देखने वाली बात ये है कि एक तो इस वीडियो के कैप्शन में साफ तौर पर इसे स्क्रिप्टिड बताया गया है और दूसरा इसके वायरल होते ही पेटीएम से लेकर पीआईबी सबने ये जानकारी दी है कि किस तरह FASTag काम करता है।

पीआईबी ने जानकारी दी कि वीडियो में जैसा दावा है कि बच्चे के हाथ में बँधी घड़ी FASTag स्कैन करने के लिए है, वो दरअसल बिलकुल गलत है। इस तरह की ट्रांजैक्शन बिलकुल नहीं हो सकती है। हर टोल प्लाजा का अपना यूनिक कोड होता है।

इसके अलावा पेटीएम ने भी इस वायरल दावे को लेकर कहा है कि एनईटीसी की गाइडलाइंस के मुताबिक इस तरह कोई FASTag ट्रांजैक्शन नहीं हो सकती। यह सिर्फ ऑथराइज्ड मर्चेंट ही कर सकता है। पेटीएम ने कहा है कि उनका फास्टैग पूर्ण रूप से सुरक्षित है।

इसी तरह फास्टैग एनईटीसी ने अपने ट्वीट में बताया, “एनईटीसी फास्टैग ट्रांजेक्शन सिर्फ रजिस्टर्ड मर्चेंट के जरिए ही हो सकती हैं। ये मर्चेंट टोल प्लाजा और पार्किंग प्लाजा ऑपरेटर होते हैं। इन्हें NPCI पर उनकी जियो लोकेशन के हिसाब से रजिस्टर किया जाता है। कोई भी अनऑथराइज डिवाइस एनईटीसी फास्टैग ट्रांजेक्शन नहीं कर सकता है। यह पूरी तरह से सुरक्षित है।” यानी फास्टैग की तरफ से भी बकलोल वीडियो पर अपलोड वीडियो को फर्जी बताया गया है।

एकनाथ शिंदे के बेटे के ऑफिस में शिवसैनिकों की तोड़फोड़, संजय राउत बोले – अपने बाप के नाम पर वोट माँगो, शिवसेना के बाप के नाम पर नहीं

महाराष्ट्र (Maharashtra) में जारी सियासी घमासान के बीच मुंबई में उद्धव समर्थक शिवसैनिकों ने एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के सांसद बेटे श्रीकांत शिंदे (Srikant Shinde) के ठाणे स्थित ऑफिस में तोड़फोड़ की है। हिंसा को देखते हुए मुंबई में धारा 144 लगा दी गई है। हालाँकि, बावजूद इसके उपद्रव है कि रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इस बीच शिंदे ने एक बयान जारी कर कहा है कि अगर उनके परिवार को कुछ होता है तो इसके लिए उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे जिम्मेदार होंगे।

इस बीच उद्धव ठाकरे ने भी हाई लेवल बैठक में शिंदे पर निशाना साधते हुए कहा कि वो पहले नाथ थे, लेकिन अब दास हो गए हैं। उन्होंने कहा कि बालासाहब ठाकरे का नाम लेकर कोई भी बागी विधायक राजनीति नहीं कर पाएगा। वे सभी सुलग रहे बम पर बैठे हैं।

वहीं अब महाराष्ट्र के डिप्टी स्पीकर ने शिंदे गुट के 16 विधायकों पर एक्शन ले लिया है। डिप्टी स्पीकर ने इन विधायकों को अयोग्य करार देने का नोटिस जारी किया है। इसके अलावा जिन 16 विधायकों को अयोग्यता नोटिस जारी किया गया है, उन्हें सोमवार (27 जून) तक अपना लिखित जवाब दाखिल करना है। नोटिस में लिखा है कि विधायकों को दल-बदल कानून के आधार पर अयोग्यता से जुड़े मामले में अपने केस के समर्थन में दस्तावेजों को भी लाना होगा। इस अवधि में अगर कोई विधायक उपस्थित नहीं होता है तो यह मान लिया जाएगा कि आपको किसी भी तरह की आपत्ति नहीं है।

बाप पर उतरे राउत

उद्धव ठाकरे के साथ राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद संजय राउत ने बागी विधायकों को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा, “शिवसेना समझौता नहीं करेगी। कोई राजनीतिक स्वार्थ के लिए बालासाहेब के नाम का इस्तेमाल नहीं कर सकता। जो लोग छोड़कर गए हैं, वे अपने बाप के नाम पर वोट माँगें, शिवसेना के नाम पर नहीं।”

इसी क्रम में बागी विधायकों को असम में वीआईपी ट्रीट दिए जाने के विपक्ष के आरोपों पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “गुवाहाटी में 200 होटल हैं और सभी में मेहमान हैं। अब असम में बाढ़ है तो क्या ये बोलकर मैं लोगों को होटल से भेज दूँ? असम के लोग उनका बिल नहीं दे रहे हैं बल्कि उनसे पैसा ले रहे हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि इसमें हमारा फायदा हो रहा है। महाराष्ट्र में भाजपा उनका (शिवसेना के बागी विधायक) समर्थन करे या नहीं करे इसका मुझसे क्या लेना-देना। मैं तो बस इतना ही कहना चाहता हूँ कि अगर असम में कोई मेहमान आया है तो उसे सुरक्षा और सहुलियत मिलनी चाहिए।

नेपोटिज्म के कारण सर्जरी के पीछे भागते हैं नए कलाकार, ताकि करीना कपूर जैसों से न सुनना पड़े ‘काली बिल्ली’: सर्जरी से बिगड़ा चेहरा, कई मौतें भी

एक्टिंग की दुनिया में कलाकारों को उनके दमदार अभिनय से परे उनकी फिटनेस और खूबसूरती के दम पर आँका जाता रहा है। स्टार किड्स की तुलना में इंडस्ट्री में बाहर से आए कलाकार अपने अभिनय का लोहा मनवा चुके हैं, लेकिन अभिनय क्षमता होने के बावजूद कई बार उन्हें उनके रंग और शरीर को लेकर इस इंडस्ट्री से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। यही कारण है कि फिल्म जगत में अपना सिक्का जमाने के लिए बाहर से आया हर कलाकार जी-तोड़ मेहनत करता है। स्ट्रगल के साथ-साथ खुद को खूबसूरत, फिट दिखाना उनकी पहली प्राथमिकता बन जाती है। प्लास्टिक सर्जरी, खूबसूरत और फिट दिखने की चाह में कई अभिनेत्रियों का चेहरा बुरी तरह बिगड़ गया। वहीं कुछ कलाकारों को अपनी जान तक गँवानी पड़ी है।

हाल ही में कन्नड़ एक्ट्रेस स्वाति सतीश की शॉकिंग तस्वीर सामने आई है। इस तस्वीर में उनका दाहिनी तरफ का चेहरा बुरी तरह बिगड़ा हुआ नजर आ रहा है। दरअसल, एक्ट्रेस ने खूबसूरत दिखने के लिए रूट कैनाल सर्जरी करवाई थी। लेकिन, सर्जरी में लापरवाही के चलते एक्ट्रेस का चेहरा बिगड़ गया है। हालाँकि, यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जब प्लास्टिक सर्जरी, खूबसूरत दिखने और स्लीम दिखने की चाह में कई एक्ट्रेसेज का चेहरा बुरी तरह से बिगड़ गया।

बॉलीवुड एक्ट्रेस कोएना मित्रा ने साल 2011 में नाक की सर्जरी करवाई थी। सर्जरी से उनका चेहरा और करियर दोनों बर्बाद हो चुके हैं। इसके अलावा तमिल एक्ट्रेस रैजा विल्सन, आयशा टाकिया का चेहरा भी सर्जरी के कारण बिगड़ चुका है। वहीं, बंगाली एक्ट्रेस मिष्टी मुखर्जी और राकेश दीवाना को पतला दिखने की चाह में अपनी जान तक गँवानी पड़ी है। मिष्टी ने वजन घटाने के लिए कीटो डाइट ली थी, लेकिन इससे उनकी दोनों किडनी फेल हो गईं और उनका निधन हो गया। वहीं, राकेश ने वजन घटाने के लिए लिपोसक्शन सर्जरी करवाई थी, लेकिन इसके ठीक चार दिन बाद ही उनका निधन हो गया। इनके अलावा साउथ की पॉपुलर एक्ट्रेस आरती अग्रवाल की भी महज 31 साल की उम्र में लिपोसक्शन सर्जरी के दौरान मौत हो गई थी।

आरती का वजन काफी बढ़ गया था, जिससे उन्हें काम मिलने में दिक्कत हो रही थी। इसलिए, पतली दिखने के लिए वह अमेरिका के एक अस्पताल में लिपोसक्शन सर्जरी करवाने गई थीं।

फिल्म इंडस्ट्री में बाहर से आने वाले नए कलाकारों के लिए यहाँ अपने पैर जमाना बेहद मुश्किल होता है। फिल्म इंडस्ट्री में नेपोटिज्म सालों से चलता आ रहा है। यहाँ स्टार किड्स की तुलना में बाहर से आने वालों कलाकारों को अपनी काबिलियत साबित करने में सालों लग जाते हैं। कुछ तो एक या दो फिल्में करने के बाद ही इस इंडस्ट्री से तौबा कर लेते हैं। कुछ यहाँ हर कठिनाइयों को पार कर सुपरस्टार बन जाते हैं, वहीं कुछ कलाकार डिप्रेशन में भी चले जाते हैं। इसका एक बड़ा कारण है पर्दे के पीछे नए कलाकारों को हतोत्साहित करने वाले नेपोटिज्म कलाकार। वे उनके रंग और शरीर पर कमेंट करते हैं, जिसके चलते वह हीनभावना का शिकार हो जाते हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स की माने तो करीना कपूर प्रिंयका चोपड़ा और बिपाशा बासु का उनके रंग और एक्सेंट को लेकर कई बार मजाक उड़ा चुकी हैं। करीना कपूर खान और बिपाशा बासु की कैटफाइट से पूरी इंडस्ट्री वाकिफ है। बिपाशा की फिल्म ‘अजनबी’ में करीना कपूर भी थीं। इस दौरान दोनों के बीच काफी कहासुनी हुई थी। उस वक्त करीना ने बिपाशा को काली बिल्ली तक कह दिया था। ऐतराज और डॉन जैसी सुपरहिट फिल्मों में एक साथ काम कर चुकी करीना प्रियंका चोपड़ा के अंग्रेजी एक्सेंट को लेकर उन पर कई बार तंज कस चुकी हैं।

खैर, ऐसा लगता है कि करीना कपूर को यह सब विरासत में मिला है। करीना के दादा और सुपरस्टार शशि कपूर भी अपने दौर में इंडस्ट्री में बाहर से आए कलाकारों का उनके रंग, शरीर को लेकर मजाक उड़ाया करते थे। लेखक यासिर उस्मान की किताब ‘रेखा कैसी पहेली जिंदगानी‘ के अनुक्रम 8 ‘मद्रासन’ में इसका जिक्र किया गया है। रेखा महज 14 से 15 साल की उम्र में एक्टिंग की दुनिया में आ गई थीं।

उस दौर में श्याम बेनेगल जैसे निर्देशक भी कैमरे के सामने उनके आत्मविश्वास को देखकर दंग रह गए थे, लेकिन शशि कपूर ने उन्हें देखते ही कहा, “ये साँवली, वजनदार (मोटी) और भद्दी एक्ट्रेस कैसे फिल्मों में कुछ कर पाएगी।” यही नहीं ‘सावन भादों’ की शूटिंग के दौरान रेखा को लेकर फिल्म यूनिट से जुड़े लोगों ने भद्दे मजाक किए थे। वह उनके लिए ‘काली कलूटी मद्रासन’ से ज्यादा कुछ नहीं थीं, जो किस्मत या यूँ कहें चालाकी से हीरोइन बन गई थीं।

इसके अलावा बॉलीवुड अभिनेत्रियों ने हमेशा साउथ की अभिनेत्रियों की बॉडी को लेकर उनका मजाक बनाया। ‘बिग बॉस’ की एक्स कंटेस्टेंट हिना खान ने वर्ष 2017 में अपने एक बयान में कहा था, “मुझे साउथ की फिल्मों के कई ऑफर आए थे, लेकिन मैंने इन ऑफर को इसलिए मना कर दिया, क्योंकि मुझे वजन बढ़ाने के लिए कहा गया था।” इसको लेकर साउथ की एक्ट्रेस हंसिका मोटवानी ने उन्हें करारा जवाब भी दिया था।

इस तरह कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जब नए कलाकारों पर स्टार किड्स ने प्रेशर बनाने की कोशिश की है। ऐसे में स्ट्रगल के साथ-साथ इन कलाकारों को अपने शरीर और रंग को लेकर काफी कुछ सुनना और सहना पड़ता है। आज इसकी वजह से कई अभिनेत्रियाँ अपना चेहरा बिगाड़ कर घर बैठ चुकी हैं। उन्हें कहीं भी काम नहीं मिल रहा है। उनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं हैं, जो पैसे उन्होंने कमाए थे, उसे अपनी सर्जरी और खूबसूरत दिखने में बर्बाद कर दिए।

कुल मिलाकर, बॉलीवुड में आने वाले नए कलाकारों को इन घटनाओं से सबक लेते हुए अपनी एक्टिंग पर ध्यान देना चाहिए। फिल्म जगत में अपना सिक्का जमाने के लिए रंग, रूप नहीं बल्कि आपके अभिनय में दम होना चाहिए। कैमरे के सामने आपका आत्मविश्वास आपको इंडस्ट्री के कई दिग्गज सितारों से भी आगे ले जा सकता है। रेखा, विद्या बालन, जॉनी लीवर, राजपाल यादव, धनुष, रजनीकांत कई ऐसे कलाकार आपके सामने मौजूद हैं, जिन्हें इंडस्ट्री में उनके रंग, रूप की बजाय उनके दमदार अभिनय के लिए जाना जाता है। इसके अलावा कई बेहद खूबसूरत होने के बावजूद इंडस्ट्री में वो मुकाम हासिल नहीं कर पाए हैं, जो उन्हें मिलना चाहिए था।

‘बुड्ढे हो गए हो सर, घर बैठ चिल करो’ : बॉलीवुड में शाहरुख खान ने पूरे किए 30 साल, पठान का पोस्टर देख लोग बोले- ये फ्लॉप होगी

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) ने अपनी आगामी फिल्म पठान (Pathan) के लुक को रिलीज कर दिया है। इसमें वो अपने हाथ में गन लिए खड़े नजर आ रहे हैं। शाहरुख खान के बॉलीवुड में 30 साल पूरे हो गए हैं। इस फिल्म में शाहरुख खान के अलावा जॉन अब्राहम और दीपिका पादुकोण भी नजर आने वाली हैं।

अपनी फिल्म के पोस्टर को ट्विटर पर शेयर कर अभिनेता ने लिखा, “30 साल और कोई गिनती नहीं….आपका प्यार और मुस्कान अनंत है। चलिए अब ‘पठान’ की बात करते हैं। यह फिल्म 25 जनवरी, 2023 को हिंदी, तमिल और तेलुगू भाषा में रिलीज हो रही है।”

एक्टर ने जो पोस्ट शेयर किया है, उसमें वो अपने हाथ में ताबीज बाँधे दिख रहे हैं। इसको लेकर भी सोशल मीडिया पर चर्चाएँ की जा रही हैं। इसी क्रम में शिवम शंकर त्रिपाठी नाम के ट्विटर यूजर ने एक्टर की पोस्ट पर कमेंट करते हुए उन्हें सलाह दी, “खुद देखिए अपनी फिल्म, पसंद आए तब रिलीज करना और अगर अच्छी ना लगे तो फिर से उसमें कुछ बदलाव करके फिर से रिलीज करो। समय लो, लेकिन प्रोडक्ट अच्छा दो, आपसे उम्मीदें हैं और हाँ अगर कोई फैसला लेने वाला न मिले तो मुझसे संपर्क करिए।”

इसी तरह से भरत चरन नाम के ट्विटर यूजर ने पठान के फर्स्ट लुक को देखने के बाद कहा, “लिख के ले लो ये फिल्म 100% फ्लॉप होने वाली है।”

पन्नी मी नाम के एक अन्य यूजर ने कहा, “सर, आप बुड्ढे हो गए हो, थोड़ा घर पर चिल करो।”

गौरतलब है कि शाहरुख खान की ये फिल्म अगले साल 25 जनवरी 2023 को रिलीज होगी। एक्टर के फिल्म इंडस्ट्री में 30 साल पूरे होने के मौके पर निर्देशक सिद्धार्थ आनंद ने कहा कि बॉलीवुड में शाहरुख खान के 30 साल भारतीय सिनेमा के इतिहास में अपने आप में सिनेमैटिक मोमेंट है। हम उनके लाखों फैंस के साथ इसे वैश्विक तौर पर सेलिब्रेट करना चाहते हैं।

श्रीलंकाई कंपनी को बेच दी करोड़ों की मछलियाँ, मछुआरों को बड़ा नुकसान: NCP सांसद मोहम्मद फैज़ल रिश्तेदार सहित CBI की रडार पर

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) के लोकसभा सांसद मोहम्मद फैज़ल की जाँच टूना मछली कथित घोटाले में कर रही है। इस केस में सांसद के रिश्तेदार अब्दुल रज़्ज़ाक भी कोलंबो की एक कम्पनी के साथ CBI के रडार पर बताए जा रहे हैं। सीबीआई के साथ इस जाँच में लक्ष्यद्वीप प्रशासन का विजलेंस विभाग भी शामिल है। इस घोटाले में संबंधित विभाग के कुछ स्थानीय अधिकारियों की संलिप्तता की भी आशंका जताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक DIG रैंक के अधिकारी के नेतृत्व में CBI की 25 सदस्यीय टीम इस कथित भ्रष्टाचार की जाँच कर रही है। टूना मछली की अंतर्राष्ट्रीय मार्किट में कीमत लगभग 400 रुपए प्रति किलो है। इसे LCMF (लक्ष्यद्वीप कॉर्पोरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन) द्वारा स्थानीय मछुआरों से खरीदा गया। बाद में इसे श्रीलंका की राजधानी कोलंबो स्थित SRT जनरल मर्चेंट नाम की कम्पनी को बेचा गया था। लेकिन बदले में ART कम्पनी ने LCMF को पैसे नहीं दिए। इस से स्थानीय मछुआरों को काफी नुकसान उठाना पड़ा।

CBI का मानना है कि मछुआरों के इस नुकसान के पीछे कुछ सरकारी कर्मचारी और अधिकारी भी जिम्मेदार हो सकते हैं। जाँच एजेंसी का मानना है कि मछलियों को SRT कम्पनी को बेचने के दौरान नियमों का उललंघन हुआ है और LCMF ने स्थानीय मछुआरों से भारी मात्रा में मछलियों खरीदने के लिए NCP सांसद मोहम्मद फैज़ल के प्रभाव का प्रयोग किया। फैज़ल का रिश्तेदार अब्दुल रज़्ज़ाक श्रीलंका की उसी कम्पनी में प्रतिनिधि था जिस पर मछलियों के बदले LCMF का पैसा न देने का आरोप है।

फिलहाल CBI की टीम मछलियों के इस डील की सभी नई और पुरानी फाइलें खँगाल रही है। इसी के साथ NCP सांसद मोहम्मद फैज़ान के श्रीलंका की कम्पनी से रिश्तों की भी पड़ताल चल रही है। CBI की जाँच के दायरे में LCMF के अलावा मत्स्य विभाग, PWD, खादी बोर्ड और पशुपालन विभाग भी हैं। वहीं इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए NCP सांसद मोहम्मद फैज़ल ने CBI जाँच की जानकारी होने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में कोई भ्र्ष्टाचार नहीं है और CBI की जाँच यदि हो रही होगी तो उसमें सच निकल कर सामने आएगा।

‘हमारा शरीर, हमारा अधिकार’: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात पर लगाया बैन तो सड़क पर उतरीं महिलाएँ, बायडेन और ओबामा की पत्नी भी नाराज़

अमेरिका (America) में गर्भपात (Abortion) के कानूनों पर पर बड़ा फैसला लेते हुए वहाँ के सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गर्भपात पर प्रतिबंध लगा दिया है। शीर्ष अदालत ने 50 साल पुराने रो बनाम वेड के फैसले को पलट दिया है। सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सैमुअल ए अलिटो ने अपने फैसले में कहा कि देश का संविधान गर्भपात की इजाजत नहीं देता है।

कोर्ट ने रो वी वेड मामले में 49 साल पुराने कानूनी फैसले को पलट दिया, जिसमें गर्भपात को कानूनी संरक्षण दिया गया था। इस फैसले को सुनाने वाली बेंच में कुल 6 जज शामिल थे, जिसमें से पाँच पुरुष थे। जबकि, दो महिला जजों समेत तीन लिबरल जजों ने अबॉर्शन को बैन करने के फैसले के विरोध में वोट किया। फिलहाल कोर्ट के इस फैसले का अमेरिका में विरोध भी शुरू हो गया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बायडेन ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना करते हुए कहा, “देश के लिए दुखद दिन है। करीब 50 साल पहले रो बनाम वेड का फैसला हुआ था। आज संयुक्त राज्य के सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट रूप से अमेरिकी लोगों से एक संवैधानिक अधिकार को छीन लिया। ये व्यक्तिगत स्वतंत्रता के हनन है।”

वहीं पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने इस फैसले को लाखों अमेरिकियों की व्यक्तिगत स्वतंत्रता को कुचलने वाला करार दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी महिलाएँ इस लड़ाई में आगे रहेंगी।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने ट्वीट किया, “गर्भपात सभी महिलाओं का मौलिक अधिकार है। इसे संरक्षित किया जाना चाहिए। मैं उन महिलाओं के साथ अपनी एकजुटता व्यक्त करना चाहता हूँ, जिनकी स्वतंत्रता को संयुक्त राज्य के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा कम किया जा रहा है।”

विरोध में उतरी महिलाएँ

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ओबामा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ‘दिल तोड़ने वाला’ बताया। उन्होंने एक ट्विटर पोस्ट के जरिए कहा, “मैं इस देश के उन लोगों के लिए दुखी हूँ, जिन्होंने अपने शरीर के बारे में निर्णय लेने का मौलिक अधिकार खो दिया है।”

इसी तरह से एक्ट्रेस और कॉमेडियन एमी शूमर ने गर्भपात के अधिकारों पर प्रतिबंध लगाए जाने को लेकर कहा कि हमारे शरीर पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। एमी ने दावा किया कि गर्भपात एक हेल्थ सर्विस है। सुप्रीम कोर्ट गलत दिशा में जा रहा है। उन्होंने कहा, “महिलाएँ अधिक अधिकार चाहती हैं, गर्भपात तक अधिक पहुँच और अधिक स्वतंत्रता चाहती हैं, कम नहीं।”

अमेरिकन सुपर स्टार ओलिविया रोड्रिगो ने गर्भपात पर बैन का विरोध करते हुए कहा, “हमारे शरीर कभी भी राजनेताओं के हाथों में नहीं होने चाहिए।” उन्होंने कहा कि हम सुरक्षित गर्भपात की रक्षा के लिए अपनी आवाज उठा सकते हैं।

धोखाधड़ी कर के 12 निकाह करने वाला शमशाद गिरफ्तार, खुद को बताता था कुँवारा: नाबालिग का अपहरण, अब 13वीं की फिराक में था

बिहार के पूर्णिया जिले में पुलिस ने शमशाद नाम के एक व्यक्ति को नाबालिग लड़की के अपहरण मामले में गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि जाँच के दौरान उसकी 12 बीवियाँ होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस को शमशाद उर्फ़ मनोवर की 6 साल से तलाश थी। शमशाद हर बार खुद को कुँवारा बता कर एक नई लड़की से निकाह कर रहा था। बताया जा रहा है कि आरोपित 13वाँ निकाह करने की फिराक में था लेकिन उस से पहले ही वो पकड़ा गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपित शमशाद पूर्णिया जिले के ही थाना कोचाधामन क्षेत्र में आने वाले गाँव अनारकली का रहने वाला है। उस पर 8 दिसंबर 2015 में अनगढ़ थानाक्षेत्र के गाँव बिजवार निवासी एक व्यक्ति ने अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण की FIR दर्ज करवाई थी। तब पुलिस ने सप्ताह भर के अंदर लड़की को बरामद कर लिया था, लेकिन शमशाद फरार हो गया था। यह बरामदगी बिहार के ही जिला किशनगंज के LRP चौक से हुई थी।

तब से, शमशाद फरार ही चल रहा था। हालाँकि पुलिस उसकी खोज लगातार कर रही थी। केस के इन्वेस्टिगेशन पुलिस अधिकारी सुमन सौरभ के मुताबिक उन्हें आरोपित के गाँव कोइडांगी में होने की सूचना मिली जो कि थाना बहादुरगंज में स्थित है। इस सूचना पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ के दौरान शमशाद ने अपने एक दर्जन निकाह की जानकारी पुलिस को दी।

खास बात ये रही कि शमशाद से निकाह करने वाली सभी लड़कियों को उसके पहले से शादीशुदा होने की जानकारी नहीं थी। पुलिस अब तक शमशाद की 7 बीवियों से सम्पर्क कर के जानकारी जुटा चुकी है। उन सभी ने ये माना कि शमशाद ने उन्हें प्रेमजाल में फँसा कर झूठ बोल कर निकाह किया था। जिस नाबालिग लड़की के अपहरण करने का उस पर केस दर्ज हुआ था उस से वो शमशाद निकाह करना चाहता था। पुलिस ने शमशाद को जेल भेज दिया है।

‘बच्चों को आगे कर पुलिस पर बरसाए पत्थर’: प्रयागराज के दंगाई जावेद पंप को कोर्ट ने 2 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा, कहा – थर्ड डिग्री न दें

नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद को लेकर कथित बयान के विरोध में प्रयागराज में दंगा (Prayagraj Riots) फैलाने के मुख्य आरोपित जावेद अहमद उर्फ ​​जावेद पंप (Javed Ahmed Pump) को कोर्ट ने दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है। पुलिस की माँग पर सुनवाई करते हुए अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमित कुमार ने अभियोजन अधिकारी किसलय पांडेय, अविनाश सिंह की दलीलें के आधार पर पुलिस को ये आदेश दिया। हालाँकि, इस दौरान दंगाई जावंद पंप पर एक रहम दिखाते हुए कोर्ट ने पुलिस को किसी भी तरह की थर्ड डिग्री टॉर्चर नहीं करने को कहा है।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पुलिस ने जो आवेदन दिया है वो स्वीकार करने योग्य है। दंगे के मुख्य आरोपित जावेद पंप को इस शर्त के साथ दो दिन की पुलिस कस्टडी दी जा रही है कि इस दौरान पुलिस कोई कठोर कदम नहीं उठाएगी। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने अपनी अपील में कहा कि अभी भी मामले की जाँच की जा रही है और सबूतों का पता लगाने के लिए जावेद को हिरासत में लिया जाना चाहिए।

गौरतलब है कि पैगंबर मुहम्मद के कथित अपमान के विरोध में 10 को जुमे के बाद प्रयागराज में इस्लामिक कट्टरपंथियों ने बड़े पैमाने पर हिंसा की थी। इसके बाद इसके मुख्य साजिशकर्ता जावेद को गिरफ्तार कर लिया गया था। ऐसी खबरें सामने आई थीं कि जावेद ने ही मुस्लिमों को उकसाया और उनके साथ मिलकर पुलिस और अधिकारियों पर पथराव करने के लिए बच्चों को आगे कर दिया। SSP प्रयागराज के अनुसार, जावेद अहमद की बेटी आफरीन फातिमा, जो कि जेएनयू की पूर्व स्टूडेंट है, वो भी इसमें शामिल है।

ये हिंसा प्रयागराज के करेली थाने के अटाला क्षेत्र में हुई थी। जहाँ जुमे की नमाज के बाद नूपुर शर्मा विरोध में निकाली गई रैली हिंसक हो गई, प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाने के बाद सुरक्षा बलों पर पथराव किया। विरोध प्रदर्शन के हिंसक होने के बाद रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और प्रान्तीय सशस्त्र कॉन्स्टेबल (PAC) ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। सुरक्षाकर्मियों की लाख कोशिशों के बावजूद लगातार पथराव होता रहा। पथराव में भी प्रयागराज एडीजी की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई है।

जावेद का अवैध घर तोड़ा

12 जून, 2022 को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में हिंसा के मामले के मुख्य साजिशकर्ता जावेद अहमद के अवैध घर को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया था। तोड़फोड़ के दौरान पुलिस ने जावेद के घर से अवैध असलहे भी बरामद हुए थे। उसके घर से पुलिस ने दो पिस्टल बरामद की थी। इसमें दो हथियार 12 बोर की पिस्टल और 315 बोर की पिस्टल हैं। इसके अलावा आरोपी ने अन्य कारतूस अपने घर में छिपा कर रखे थे। परिसर से हथियारों और बारूद के अलावा, विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज और पोस्टर पाए गए।