Home Blog Page 2631

तकिए के नीचे कुरान बना सेक्स वर्कर की मौत का कारण: अबूबकर, मंसूर और युसूफ ने चाकुओं से गोदा, फिर ज़िंदा जला डाला

अफ्रीकी देश नाइजीरिया में एक महिला सेक्स वर्कर (Sex Worker) को कुरान पढ़ना उसकी मौत का कारण बन गया। दरअसल, सेक्स वर्कर अपने कमरे में तकिए के नीचे मुस्लिमों की मजहबी किताब कुरान रखा था। उसके एक ग्राहक ने उसे देख लिया। इसके बाद उस ग्राहक ने महिला को को पीटा, फिर चाकू मारा और अंत में जिंदा आग के हवाले कर मार दिया।

घटना नाइजीरिया के लागोस (Lagos) शहर के अलाबा रागो की है। यहाँ हन्ना सलिउ (Hannah Saliu) नाम की एक महिला सेक्स वर्कर का काम करती थी। वहाँ एक आदमी संबंध बनाने के लिए आया। इसके बदले में उसने हन्ना को 1,000 नाइरा (लगभग 187 रुपया) दिया।

ग्राहक के जाने के बाद हन्ना ने देखा कि उसके पास रखा 5,000 नाइरा गायब है। इसके बाद हन्ना ने अपने ग्राहक का पीछा किया और गायब हुए पैसे के बारे में बताते हुए उस पर चोरी करने का आरोप लगाया। इसको लेकर दोनों के बीच बहस होने लगी।

हालाँकि, ग्राहक ने पैसे चुराने से मना किया और कहा कि वह अपने दोस्तों के साथ उसके कमरे में रखा पैसे खोजेगा। हन्ना के साथ आकर ग्राहक अपने दोस्तों के साथ कमरे में पैसे खोजने लगा। इसी दौरान उसने देखा कि तकिए के नीचे कुरान रखा हुआ है। इसके बाद वे लोग महिला को बुरी तरह पीटने लगे।

ग्राहक और उसके दोस्तों ने सेक्स वर्कर को बुरी तरह पीटने के बाद उसके शरीर पर चाकू से कई वार किए। इसके बाद उसे बाहर लाकर जिंदा ही आग के हवाले कर दिया। इस तरह इन लोगों ने चोरी का आरोप लगाने वाली उस सेक्स वर्कर को मौत के घाट उतार दिया।

pulp.ng की खबर के अनुसार, तकिए के नीचे कुरान मिलने के बाद आरोपित महिला सेक्स वर्कर से पूछने लगे कि एक वेश्या होकर भी उसके लिए कुरान का क्या उपयोग है। आरोपितों के अनुसार, जिस तरह का वह काम कर रही थी उसके हिसाब से उसे अपने पास कुरान नहीं रखना चाहिए था।

महिला सेक्स वर्कर नाइजीरिया के उत्तरी इलाके की रहने वाली थी और आरोपित भी उत्तरी हिस्से से आए थे। जहाँ यह घटना हुई है उस इलाके में मुल्क के इस हिस्से बहुत सारे लोग बसे हैं। पुलिस ने बताया कि आरोपितों की पहचान अबूबकर मूसा, सरौता मंसूर और सुराजो युसूफ के रूप में हुई है।

‘तपस्या में कमी’ वाले पवन खेड़ा को कॉन्ग्रेस ने पकड़ाया ‘झुनझुना’, सौंपी मीडिया और प्रचार की कमान: नेटीजन्स बोले- लॉलीपॉप देकर फुसला दिया

कॉन्ग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा को कॉन्ग्रेस हाईकमान ने बड़ी जिम्मेदारी दी है। ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमेटी की ओर से जारी की गई प्रेस रिलीज में बताया गया है कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने पवन खेड़ा को मीडिया एंड पब्लिसिटी का जिम्मा सौंपा है।

रिलीज में कहा गया, “कॉन्ग्रेस अध्यक्ष ने पवन खेड़ा को नए कम्युनिकेशन विभाग के मीडिया एंड पब्लिसिटी सेल का चेयरमैन नियुक्त करने पर मुहर लगाई है।”

बता दें कि बीते दिनों कॉन्ग्रेस द्वारा राज्यसभा भेजे जाने से नाराज पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी को व्यक्त किया था। पवन खेड़ा ने ट्वीट में कहा था, “शायद मेरी तपस्या में ही कमी रह गई।” इस ट्वीट को देख उनके कई समर्थकों ने भी कहा था कि कॉन्ग्रेस ने उन्हें राज्यसभा न भेजकर गलती की।

हालाँकि अब जब पवन खेड़ा को कॉन्ग्रेस हाईकमान ने मीडिया और प्रचार की नई जिम्मेदारी दे दी है, तो दोबारा से नेटीजन्स की प्रतिक्रिया आना शुरू हो गई है। बीते दिनों पवन खेड़ा की नाराजगी और अब मिली नई जिम्मेदारी देखते हुए कुछ लोगों ने कहा कि पवन खेड़ा कि थोड़ी-थोड़ी तपस्या सफल हुई। वहीं कुछ ने कहा, “झुनझुना पकड़ा दिया खेड़ा को। तपस्या में कमी रह गई।”

राजमणि नाम के यूजर ने पवन खेड़ा को मिली इस नई जिम्मेदारी को ‘सांत्वना पुरस्कार’ बताया।

एक यूजर ने कहा, “इतने सालों की तपस्या और बस एक लॉलीपॉप देकर कॉन्ग्रेस परिवार ने फुसला दिया।”

एक यूजर ने तंज कसते हुए कहा, “पवन खेड़ा को एक और झुनझुना दे दिया गया हाथ में। वह चाहते थे रसगुल्ला पर मिली रेवड़ी। चिल्लाते रहो परिवार के लिए मीडिया में बस।”

उल्लेखनीय है कि कॉन्ग्रेस की ओर से पिछले दिनों जारी की गई लिस्ट में 10 नाम थे जिन्हें राज्यसभा भेजा गया था। उनमें हरियाणा से अजय माकन, कर्नाटक से जयराम रमेश, मध्य प्रदेश से विवेक तन्खा, छत्तीसगढ़ से राजीव शुक्ला और रंजीत रंजन, महाराष्ट्र से इमरान प्रतापगढ़ी ,राजस्थान से रणदीप सुरजेवाला, मुकुल वासनिक, प्रमोद तिवारी और तमिलनाडु से पी चिदंबरम थे। इस लिस्ट को देखने के बाद पवन खेड़ा, नगमा मोरारजी समेत कई कॉन्ग्रेसियों में नाराजगी जताई थी।

जेल में ही रहेंगे AAP के मंत्री सत्येंद्र जैन, CBI कोर्ट ने खारिज की याचिका: ED से कहा था – कोरोना के कारण चली गई है याददाश्त

कोलकाता की एक कंपनी से जुड़े मंनी लॉन्ड्रिंग के केस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए गए आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता और दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन (Satyendra Jain) को जेल ही नसीब हुई है। कोर्ट ने शनिवार (18 जून 2022) को उनकी जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। ये फैसला सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने सुनाया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, जैन ने 9 जून 2022 को एक जमानत याचिका दाखिल की थी, जिस पर मंगलवार (14 जून, 2022) को सुनवाई करने के बाद स्पेशल जस्टिस गीतांजलि गोयल ने अपने फैसले को सुरक्षित रख लिया था। आज उन्होंने इस पर अपना फैसला सुनाया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान उनकी पैरवी को वकील एन हरिहरन और भावुक चौहान ने की।

जैन ने हरिहरन के हवाले से सबूतों को नष्ट करने या उनसे छेड़छाड़ के आरोपों पर तर्क दिया, उनके वकील ने कहा कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ की कोई संभावना नहीं है, क्योंकि सबूतों को पहले ही इकट्ठा किया जा चुका है। उन्होंने कहा, “गवाह उपलब्ध हैं। मैं ट्रिपल टेस्ट से संतुष्ट हूँ और गवाहों को प्रभावित करने का कोई आरोप भी नहीं है। जब मैं बाहर था ऐसा करने का मौका भी मिला था, लेकिन मुझ पर ऐसा कोई आरोप नहीं लगा। ये जानबूझकर जमानत को खारिज कराने के लिए किया जा रहा है।”

उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन निदेशालय की तरफ से विशेष अभियोजक एनके मट्टा और एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू पेश हुए। उन्होंने कोर्ट में बताया कि ये मामला करेंसी को लीगलाइज और मनी लॉन्ड्रिंग का है।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि सत्येंद्र जैन को हवाला लेनदेन के मामले में 30 मई 2022 को प्रवर्तन निदेशालय ने गिरफ्तार किया था। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कोलकाता की एक कंपनी से जुड़े हवाला लेनदेन के मामले में जाँच में पाया गया था कि 2015-16 के दौरान सत्येंद्र जैन एक लोकसेवक थे, तो उनके द्वारा लाभकारी स्वामित्व वाली और नियंत्रित कंपनियों को हवाला के जरिए कोलकाता बेस्ड एंट्री ऑपरेटरों को नकद ट्रांसफर के बदले शेल कंपनियों से 4.81 करोड़ रुपए प्राप्त हुए थे। सत्येंद्र जैन फिलहाल ईडी की 14 दिनों की रिमांड पर हैं।

दिल से सटाया पिस्तौल, फिर मार दी गोली: कश्मीर में आतंकियों ने की सब-इंस्पेक्टर की हत्या, खेत में जाते समय किया था अपहरण

जम्मू कश्मीर के पुलवामा में आतंकियों ने एक पुलिस सब इंस्पेक्टर की हत्या कर दी है। बलिदान हुए पुलिसकर्मी का नाम फारूक अहमद मीर है। उनका गोलियों से छलनी शव पम्पोर इलाके के एक खेत में मिला है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को घेर कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। घटना शुक्रवार (17 जून 2022) की है।

18 जून को कश्मीर पुलिस के मुताबिक सब इंस्पेक्टर फारूक अहमद मीर मूल रूप से सम्बूरा के रहने वाले थे। जम्मू-कश्मीर पुलिस की IPR 23 बटालियन में तैनात थे। आरम्भिक जाँच में निकल कर सामने आया है कि वो शुक्रवार को अपने खेतों की तरफ गए थे जहाँ आतंकियों ने उनकी हत्या कर दी। हत्या के लिए पिस्टल का प्रयोग किया गया है।

सब इंस्पेक्टर फारूक की हत्या की खबर सुन कर उनके परिवार में कोहराम मच गया। बाद में उनके पर्थिव शव को राजकीय सम्मान के साथ तिरंगे के ताबूत में रख कर ले जाय गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जाँच के दौरान पुलिस ने मौके से 2 कारतूस बरामद किया है। मृतक दारोगा की उम्र लगभग 50 वर्ष थी। उनके परिवार में उनके पिता अब गनी मीर के अलावा पत्नी, 2 बेटियाँ और 1 बेटा शामिल है। हत्या के लिए उनके दिल के पास गोली मारी गई बताया जा रहा है। अंदाजा इस बात का भी लगाया जा रहा है कि अपने धान के खेतों की तरफ जा रहे फारूक का पहले अपहरण हुआ। बाद में किसी सुनसान स्थान पर ले जा कर उनकी हत्या की गई। आतंकी किस समूह या संगठन से जुड़े थे यह जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है।

उपद्रवियों के मोबाइल में कोचिंग सेंटरों के वीडियो, पटना DM ने दिए जाँच के आदेश: व्हाट्सएप्प कॉल से पुलिस को दिया जा रहा चकमा

भारत सरकार की अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) को लेकर बिहार (Bihar) में वबाल पर अब वहाँ के कोचिंग सेंटर सरकार के रडार पर आ गए हैं। पटना जिला प्रशासन को शक है कि हो सकता है अग्निपथ योजना के खिलाफ आग कोचिंग सेंटरों से ही भड़की हो। इसी को देखते हुए पटना के जिलाधिकारी डॉ चंद्रशेखकर ने इनकी भूमिका की जाँच का आदेश जारी किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, डॉ चंद्रशेखर ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि अगर कहीं भी कोचिंग चलाने वालों की भूमिका इस हिंसक आंदोलन में नजर आई तो कोचिंग संचालकों के खिलाफ कड़े से कड़ा एक्शन लिया जाएगा। वीडियो फुटेज के जरिए उपद्रवियों की तलाश की जा रही है।

क्यों रडार पर हैं बिहार के कोचिंग सेंटर

‘अग्निपथ’ योजना के विरोध में बिहार सुलग रहा है। दानापुर रेलवे स्टेशन में तोड़फोड़ और आगजनी के मामले में पुलिस ने 170 मामले दर्ज किए हैं और 46 उपद्रवियों को गिरफ्तार भी किया है। पटना के डीएम चंद्रशेखर के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए उपद्रवियों के मोबाइल की जाँच करने पर कुछ कोचिंग सेंटरों के वीडियो फुटेज और मैसेज मिले हैं। इसी कारण से अब इस हिंसा को लेकर कोचिंग सेंटरों पर शक गहरा गया है।

‘दैनिक भास्कर’ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार युवाओं के विरोध का पैटर्न जरूर बदला है, लेकिन पटना के कोचिंग हब कहे जाने वाले मछुआ टोली, भखनी पहाड़ी समेत कई अन्य जगहों में जहाँ भी कोचिंग सेंटर हैं, वहीं से इसकी हिंसा की आग फैली है। हालाँकि, RRB NTPC के विरोध प्रदर्शनों से सबक लेकर इस बार विरोध के टेंड्र को बदलकर सतर्कता पर फोकस किया गया है। प्रदर्शनकारी सोशल मीडिया, मैसेज आदि से परहेज कर रहे हैं और वो अब व्हाट्सएप कॉल का सहारा ले रहे हैं। ताकि पुलिस को चकमा दे सकें।

गौरतलब है कि शनिवार (18 जून, 2022) को बिहार में बंद का आह्वान किया गया है। जबकि एक दिन पहले शुक्रवार को हुई हिंसा में रेलवे की 8 बोगियों, 27 रेलवे स्टेशनों और 14 ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया गया था।

‘गलत के खिलाफ बोलने का अर्थ BJP से जुड़ना होता है तो अपनी IQ चेक कराओ’: वेंकटेश प्रसाद के ‘स्विंग’ से फिर चित हुए वामपंथी, ‘अग्निपथ’ पर दिया जवाब

अग्निपथ योजना के विरोध में हो रहे प्रदर्शन के दौरान पूर्व भारतीय क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद ने ट्रोलर्स को करारा जवाब दिया है। यह जवाब उन्होंने नूपुर शर्मा के बयान के विरोध में उतरे उपद्रवियों और अग्निपथ योजना में हंगामा कर रहे छात्रों से तुलना में उन्हें टैग करने पर दिया है। इसी के साथ वेंकटेश ने एक बड़े ट्रोल हैंडल को भी आईना दिखाया।

खुद को ट्रोल विरोधी बता कर एकतरफा एजेंडा चलाने वाले टीम साथ ऑफिसियल (@TeamSaath) ने 18 जून 2022 को लिखा, “सचिन तेंदुलकर, अक्षय कुमार और साइना नेहवाल की अपार सफलता के बाद भाजपा सरकार ने अब रवीना टंडन और वेंकटेश प्रसाद को नए उद्धारकर्ता के रूप में पेश किया है।” इसके जवाब में वेंकटेश प्रसाद ने लिखा, “तुम्हारा हैंडल ट्रोल और उत्पीड़न के खिलाफ खुद को बताता है न? माफ़ करें, आपके पास कोई चेहरा नहीं है। अगर गलत के खिलाफ आवाज उठाना भाजपा से जुड़ना होता है तो आपके आईक्यू पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।”

टीपू सुल्तान पार्टी के सोशल मीडिया हेड को भी वेंकटेश प्रसाद ने करारा जवाब दिया है। 17 जून, 2022 को साहिल रिज़वी ने लिखा था, “हेलो वेंकटेश प्रसाद। देख तेरे भाईयों ने पूरे देश को आग के हवाले कर दिया। अब बोलना। अब क्यों तेरे मुँह में दही जम गया ? इसी तरह का सवाल विवादित पत्रकार राना अय्यूब ने भी पूछा था। उनका साथ उनकी विचारधारा के अन्य कई लोगों ने दिया था।

इन ट्रॉल्स के उसी दिन दिए गए जवाब में वेंकटेश प्रसाद ने लिखा, “ट्रेनों और बसों को जलाना विरोध करने का कोई भी तरीका नहीं है। अगर आपको कोई दिक्कत है तो शाँतिपूर्वक प्रदर्शन कीजिए। हिंसा कतई न करें। इस तरह के हिंसक कृत्यों में शामिल सभी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो। अब जो नुपुर और दूसरे लोगों को जान से मारने की धमकी मिली है उस पर जो दही जमाए हो उसे पिघला दो।”

गौरतलब है कि वेंकटेश प्रसाद ने कुछ दिनों पूर्व कर्नाटक के बेलगावी में नूपुर शर्मा के पुतले को फाँसी देने की घटना का विरोध 10 जून 2022 को किया था। तब उन्होंने 21वीं सदी में इसे अविश्वसनीय घटना बताया था। इस ट्वीट के बाद न सिर्फ तमाम वामपंथी बल्कि कई चरमपंथी मानसिकता के लोग आए दिन वेंकटेश प्रसाद को सोशल मीडिया पर ट्रोल कर रहे हैं।

‘ISIS’ ने अफगानिस्तान के गुरुद्वारे पर किया बमों से हमला: Video में सुनाई दे रही गोलियों की आवाज, 20-25 सिख अब भी फँसे

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में एक गुरुद्वारे पर आतंकी हमले की खबर है। इस हमले में लगभग 2 लोगों के मारे जाने व कइयों के घायल होने की सूचना है। हमलावर ने अचानक ही गुरुद्वारे में मौजूद लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की। उस दौरान गुरुद्वारे में 20-25 लोग थे। हमला तालिबान के विरोधी आतंकी समूह दाएश/ISIS द्वारा किए जाने की संभावना जताई जा रही है। सुरक्षा बल के तौर पर तालिबानी लड़ाके घटनास्थल पर पहुँचे हैं। घटना आज शनिवार (18 जून 2022) की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक गुरुद्वारे का नाम कार्ते परवान है। घटना के जारी वीडियो में मौके से धुँआ उठता दिखाई दे रहा है। साथ ही बीच-बीच में गोलियों की तड़तड़ाहट भी सुनाई दे रही है। बताया जा रहा है कि अभी भी 2 हमलावर गुरुद्वारे के अंदर मौजूद हैं। वहीं गुरुद्वारे में 20-25 लोगों के फँसे होने की जानकारी मिल रही है। गुरुद्वारे के अंदर ब्लास्ट होने का भी दावा किया गया है। इसके अलावा जो विस्फोट गुरुद्वारे की नजदीक बनी सड़क पर किए जाने की कबर है।

भाजपा नेता मनजिंदर सिंह सिरसा के मुताबिक, “अब तक गुरुद्वारे से 5 लोगों को निकाला गया है। उसमें से 2 घायल हैं जिन्हे अस्पताल ले जाया गया है। हमले में गार्ड की मौत हो गई है। 3 सिखों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है।”

एक रिपोर्ट के मुतबिक गुरुद्वारा अध्यक्ष गुरनाम सिंह ने हमले की पुष्टि की है। उनके मुताबिक, “बंदूकधारियों के अचानक हमले के बाद कुछ लोग जान बचाने के लिए छिपने लगे।” अभी काबुल में लगभग 150 अफगानी सिख मौजूद बताए जा रहे हैं जो भारत आना चाहते हैं।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी इस हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा है, “गुरुद्वारे कार्ते परवान पर कायराना हमला हर तरह से निंदात्मक है। हम हमले की खबर मिलने के बाद से हर प्रकार से छोटे-छोटे डेवलपमेंट को मॉनिटर करते हैं। हमारी सबसे बड़ी चिंता समुदाय की सुरक्षा है।”

कवर कर रहे पत्रकारों से तालिबान की बदसलूकी

अफगानिस्तान में BBC संवाददाता सिकंदर किरमानी के मुताबिक, “जब हम हमले के पीड़ितों से बात कर रहे थे तब 2 तालिबानियों ने हमारे ऊपर गुस्सा दिखाया। उन्होंने हमसे वीडियो डिलीट करने को कहा। इसी के साथ उन्होंने हमसे आगे की कवरेज के लिए स्थानीय पुलिस से अनुमति लाने को कहा।”

अग्निपथ के विरोध के दौरान बिहार में पुलिस पर फायरिंग, कई जगह आगजनी: सरकार ने आयुसीमा सहित कई छूट का किया ऐलान

राजनीतिक दलों का साथ मिलने के बाद अग्निपथ योजना के नाम पर भड़की हिंसा बुझने का नाम नहीं ले रही है। बिहार में आज शनिवार (18 जून 2022) को प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर 20-25 राउंड फायरिंग की खबर है। वहीं, पुलिस को अपने बचाव में लगभग 100 राउंड से अधिक गोलियाँ चलानी पड़ी।

वहीं बिहार के साथ-साथ यूपी में भी प्रदर्शनकारियों ने कई जगह आगजनी की घटना को अंजाम दिया है। इसको देखते हुए हरियाणा भी सतर्क हो गया है। तीनों राज्यों के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक के लिए इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है।

पटना के मसौढ़ी में तारगेना स्‍टेशन के पास प्रदर्शनकारियों ने स्टेशन में तोड़फोड़ की और पार्किंग में खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो उन पर पत्‍थरबाजी और फायरिंग की गई है। जहानाबाद में एक ट्रक में आग लगाने और मुंगेर में BDO की गाड़ी में तोड़फोड़ करने की खबर सामने आई है।

बता दें कि अग्निपथ योजना के विरोध में आज शनिवार को बिहार बंद का ऐलान किया गया है। इस बंद में भाजपा को छोड़कर बिहार के लगभग सभी राजनीतिक दलों ने अपना समर्थन दिया है। प्रदर्शनकारियों को विशेष रूप से RJD का समर्थन हासिल है। इस कारण बिहार में कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है।

प्रदर्शन के नाम पर हिंसा कर रहे अराजतक तत्वों द्वारा बिहार के लखीसराय में जनसेवा एक्सप्रेस में आगजनी की घटना को अंजाम दिया गया था। इस घटना में एक 25 वर्षीय यात्री की मौत हो गई है। वहीं, प्रदर्शनकारियों ने बिहार के उप मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के आवास पर पत्थरबाजी की थी।

वहीं, उत्तर प्रदेश में मिर्जापुर में तोड़फोड़, जौनपुर में आगजनी, चंदौली में रेलवे ट्रैक को जाम करने की खबर है। वहीं, स्थिति को देखते हुए हरियाणा के पलवल और फरीदाबाद सहित कई इलाकों में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है। अन्य राज्यों ने भी हिंसा को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है।

सरकार ने आरक्षण व छूट का किया ऐलान

अग्निपथ भर्ती योजना को लेकर सरकार ने कुछ छूट का ऐलान किया है। हालाँकि, हिंसा को देखते हुए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के आवास पर आयोजित बैठक में सेना के तीनों अंगों के प्रमुख पहुँचे हैं। थलसेना प्रमुख मनोज पांडे, वायुसेना प्रमुख विवेक राम चौधरी और नौसेना प्रमुख आर हरि कुमार बैठक में भर्ती प्रक्रिया पर चर्चा में शामिल हैं।

इधर गृह मंत्रालय ने घोषणा की है कि अग्निवीरों के लिए CAPFs (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) और असम राइफल्स में 10% आरक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही इन दोनों बलों की भर्ती प्रक्रिया में अग्निवीरों को ऊपरी आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट दी गई। इस तरह यह आयु सीमा बढ़कर 24 वर्ष हो गई है।

इसके अलावा, अग्निपथ के पहले बैच की भर्ती में अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी गई है। अग्निपथ के लिए आयु सीमा 17.5 से 21 वर्ष निर्धारित की गई है। वहीं, पहले बैच में 5 वर्ष की छूट देने के साथ ही अधिकतम आयु सीमा 26 वर्ष हो गई है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ऐलान किया है कि अग्निवीरों को रिटायर्डमेंट के बाद सस्ता लोन दिया जाएगा और सरकारी नौकरियों में प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार ने उन्हें मंत्रालयों, केंद्रीय बलों, सरकारी कंपनियों, राज्यों की पुलिस सेवा में भी वरीयता देने की बात कही है।

YouTube चैनलों ने उड़ाई अफवाह, छात्रों को भड़काने में लगे मीडिया और ‘लालूवादी’ नेता भी: ‘अग्निपथ’ के विरोध में यूँ ही नहीं जल रहा बिहार

युवाओं में देशप्रेम जगाने और उन्हें अनुशासित बनाने के लिए केंद्र की योजना ‘अग्निपथ’ का सबसे अधिक विरोध बिहार में हो रहा है। 100 से अधिक प्रदर्शनकारी गिरफ्तार हो चुके हैं और 11 ट्रेनों में आग लगा दी गई है। बिहार पुलिस ने छात्रों से कानून अपने हाथों में न लेने की अपील की है। इन हिंसक प्रदर्शनों की मुख्य वजह छात्रों को कुछ नेताओं, मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया मैसेज द्वारा गुमराह होना बताया जा रहा है। इसमें कुछ यूट्यूब चैनलों का नाम सामने आ रहा है।

कोचिंग संस्थानों के नाम पर चल रहे यूट्यूब हैंडलों ने दी हवा

PIB फैक्ट चेक ने ‘सच तक’ नाम के यूट्यूब चैनल के अग्निपथ योजना पर बने एक वीडियो का खंडन किया है। वीडियो में आर्मी भर्ती प्राइवेट एजेंसी के द्वारा होना बताया गया था जिसे PIB ने गलत बताया। इस वीडियो को खुद को ‘सन ऑफ़ बिहार’ कहने वाले मनीष कश्यप ने बनाया है। 2 दिनों के अंदर इस वीडियो पर लगभग देश मिलियन व्यूज आ चुके हैं। वीडियो में युवाओं को उकसाते हुए कहा गया, “सरकार ने देखा कि युवा कुछ कर ही नहीं रहे हैं।’

छात्रों को शिक्षा देने के नाम पर SK झा नाम का यूट्यूब चैनल चला रहे एक अन्य यूट्यूबर इंजीनियर SK झा भी इस योजना के खिलाफ भ्रम फैलते दिखे। उन्होंने इस योजना का कोई माई-बाप न होना बताते हुए कई भ्रामक बातें कहीं। 2 दिनों में इस वीडियो को भी लगभग सवा लाख लोग देख चुके हैं। झा ने वीडियो थंबनेल में ‘ये अन्याय है’ का कैप्शन दिया है।

फ्यूचर टाइम कोचिंग नाम के यूट्यूब हैंडल पर भी इसी प्रकार की बातें हुई हैं। इसे ‘काजल मैम’ कहते सुनाया दीं कि ये स्कीम युवाओं के कैरियर के साथ एक मजाक है। इस चैनल के 1 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं और वीडियो पर 2 दिनों में लगभग 25 हजार व्यूज आ चुके हैं। इसी वीडियो के कमेंट में खालिद चौधरी को अडानी-अम्बानी का जिक्र करते दिखाई दिए।

चित्र साभार- यूट्यूब

हम लालूवादी हैं

@harshasherni ने 17 जून को एक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में एक अधेड़ उम्र का प्रदर्शनकारी खुद को लालूवादी बता रहा है। उसने कहा, “हम छात्र के साथ हैं। छात्र का माँग है कि कानून वापस लो।” हालाँकि पत्रकारों ने किस कानून को वापस लिया जाए वाला सवाल पूछा तो वो प्रदर्शनकारी वहाँ से खिसक गया।

हमें नहीं पता कि हम क्यों विरोध कर रहे

बिहार के ही एक अन्य वीडियो में धरने पर बैठे प्रदर्शनकारी से पत्रकार ने अग्निपथ योजना के बारे में सवाल किया। इस पर प्रदर्शनकारी का जवाब था, “हमको मनीष भैया बोले हैं तब हम आए हैं। हमको कुछ नहीं पता इसके बारे में।”

कृषि कानूनों की तरह अग्निपथ योजना को भी वापस लेना ही होगा: हिंसा के बीच राहुल गाँधी का भड़काऊ बयान, प्रियंका की भी एंट्री

केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के विरोध में देश भर में हो रही हिंसा के बीच अब कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गाँधी की बहन और पार्टी महासचिव प्रियंका गाँधी की भी एंट्री हो गई। उन्होंने पीएम मोदी से इस कानून को वापस लेने की माँग की है। वहीं, राहुल गाँधी ने कहा कि अग्निपथ योजना का भी हाल कृषि कानूनों की तरह होगा।

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) ने शनिवार (18 जून 2022) को एक ट्वीट किया। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा, “8 सालों से लगातार भाजपा सरकार ने ‘जय जवान, जय किसान’ के मूल्यों का अपमान किया है। मैंने पहले भी कहा था कि प्रधानमंत्री जी को काले कृषि कानून वापस लेने पड़ेंगे। ठीक उसी तरह उन्हें ‘माफ़ीवीर’ बनकर देश के युवाओं की बात माननी पड़ेगी और ‘अग्निपथ’ को वापस लेना ही पड़ेगा।”

इस योजना को लेकर देश भर में जारी हिंसा के बीच राहुल गाँधी ने जंतर-मंतर पर विरोध का फैसला कर इस आग में घी डालने का काम किया है। कॉन्ग्रेस ने घोषणा की है कि अग्निपथ योजना के खिलाफ पार्टी रविवार (19 जून 2022) को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेगी। इसमें कई बड़े नेताओं और सांसदों के शामिल होने की बात कही जा रही है।

प्रियंका गाँधी ने कहा कि मोदी सरकार को इस योजना को तुरंत वापस लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि विरोध को देखते हुए 24 घंटे भी नहीं बीते और सरकार को इसमें बदलाव करना करना पड़ा। इसको लेकर उन्होंने ट्वीट किया।

बता दें कि इस योजना को लेकर देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं। वहीं, आंदोलन के लिए युवाओं को भड़काने का आरोप राजनीतिक दलों पर भी लग रहे हैं। वहीं, इसमें कोचिंग माफियाओं की बात सामने आ रही है। विरोध प्रदर्शन के नाम पर हो रही हिंसा में देश विरोधी तत्व फायदा उठा रहे हैं।

इस बीच केंद्र सरकार ने ‘अग्निवीरों’ को केंद्रीय सशस्त्र बलों एवं असम राइफल्स में 10% आरक्षण देने का फैसला किया है। इसके साथ ही इस बार अभ्यर्थियों की आयु सीमा में भी छूट दी गई है। 23 वर्ष तक के अभ्यर्थी सेना में आवेदन कर सकेंगे। पहले बैच के लिए आयु में अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट होगी।