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कश्मीर फाइल्स की स्क्रीनिंग रोकी तो अच्छा, नहीं तो एक्शन होगा: ऑस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी में हिंदू छात्रों को मुस्लिम सोसायटी की धमकी

हिंदू होने की वजह से ऑस्ट्रेलिया (Australia) के एनएसडब्ल्यू विश्वविद्यालय (University of NSW- UNSW) में भारतीय छात्रों को प्रताड़ित करने की घटना सामने आई है। पिछले दो सप्ताहों से उत्पीड़न से प्रताड़ना झेल रहे भारतीय छात्रों ने विश्वविद्यालय से काउंसलिंग की माँग की है।

दरअसल, UNSW हिंदू सोसाइटी के सदस्यों ने कश्मीरी हिंदुओं को उत्पीड़न और पलायन पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ की स्क्रीनिंग का आयोजन किया था। इसके खिलाफ UNSW मुस्लिम स्टूडेंट्स एसोसिएशन (UNSWMSA) ने छात्रों ने उन्हें धमकाया था। इसके बाद से वे लगातार हिंदू छात्रों को परेशान कर रहे है।

नाम नहीं छापने की शर्त पर एक कश्मीरी हिंदू छात्र ने ऑस्ट्रेलिया टुडे को बताया कि साल 1990 में जब कश्मीर में हिंदुओं का नरसंहार और पलायन हुआ था, तब उनके दादा-दादी और माता-पिता ने कैसा महसूस किया होगा। छात्र का कहना है कि उस घटना को सुनकर वह आज भी रात को डरकर जाग जाता है। छात्र ने बताया कि उस दौरान उसकी माँ के दो रिश्तेदारों की हत्या कर दी गई थी। वह वहाँ की दर्दनाक कहानियों को सुन-सुनकर बड़ा हुआ है।

कश्मीर में हिंदुओं के नरसंहार के पीछे की सच्चाई पर चर्चा के लिए UNSW हिंदू सोसाइटी ने 9 जून को विश्वविद्यालय के कैंपस के कोलंबो थिएटर में फिल्म की स्क्रीनिंग कराने के लिए मतदान किया था। सोसाइटी ने इसे अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर साझा भी किया था।

इसके बाद मुस्लिम सोसाइटी ने इसका विरोध किया। हिंदू सोसाइटी ने इसका समाधान निकालने की कोशिश की और दोनों सोसाइटी ने 7 जून को इस संबंध में जूम पर मीटिंग की। इस मीटिंग में फिल्म की स्क्रीनिंग करने पर मुस्लिम सोसाइटी ने हिंदुओं को धमकी दी, जिसे रिकॉर्ड कर लिया गया है।

मीटिंग के दौरान UNSWMSA के प्रवक्ता उस्मान महमूद ने हिंदू छात्रों को डराने के लिए धार्मिक नेताओं, पत्रकारों और राजनेताओं का नाम लिया। इस दौरान हिंदुओं को फिल्म की स्क्रीनिंग को रोकने के लिए धमकी भी दी गई।

महमूद ने धमकाते हुए कहा, अगर आप लोग (हिंदू) इस फिल्म की स्क्रीनिंग रोकते हो तो बहुत अच्छा है और मुस्लिम सोसाइटी एवं दुनिया के मुस्लिम समाज की ओर से इसकी सराहना करते हैं। अगर नहीं माने तो इसके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा और यह एक्शन कोई प्यारा सा एक्शन नहीं होगा।”

महमूद ने डराने के लिए ऑस्ट्रेलिया के ग्रीन्स पार्टी के सीनेटर महरीन फारुकी, पत्रकार मुस्तफा रचवानी, ऑस्ट्रेलिया के ग्रैंड मुफ्ती अबू मोहम्मद, एबीसी न्यूज (एशिया पैसिफिक के चीफ ऑफ स्टाफ) के मोसिकी आचार्य, ऑस्ट्रेलियाई राष्ट्रीय इमाम परिषद के शेख विसम, यूनाइटेड मुस्लिम एसोसिएशन के शेख उमर अल-ग़ज़ का नाम लिया। उसने कहा कि वे सब उसकी मदद करेंगे।

मीटिंग के दौरान हिंदूफोबिक टिप्पणी करते हुए महमूद ने पूछा कि कश्मीर में कितने हिंदुओं को प्रताड़ित किया गया था और कितने हिंदू मारे गए थे। उसने बार-बार यह सवाल किया। वहीं, इस घटना को लेकर विश्वविद्यालय ने कहा कि उसके कैंपस में धार्मिक उत्पीड़न अस्वीकार्य है।

CM अशोक गहलोत के भाई के घर पर CBI की रेड: फर्टिलाइजर घोटाले से जुड़ा है मामला, किसानों के नाम पर खरीदी कर कंपनियों को बेचने का आरोप

केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के भाई अग्रसेन गहलोत (Agrasen Gehlot) के जोधपुर स्थित आवास पर छापेमारी की है। ये मामला फर्टिलाइजर स्कैम से जुड़ा हुआ है। अग्रसेन गहलोत पर आरोप है कि 2007-09 में यूपीए शासनकाल के दौरान उन्होंने सब्सिडी वाले फर्टिलाइजर का एक्सपोर्ट किया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई की टीम गहलोत के भाई अग्रसेन के ठिकानों पर शुक्रवार (17 जून 2022) की सुबह पहुँची, उस समय वे घर पर ही थे। सीबीआई की टीम में 5 अधिकारी दिल्ली और 5 अधिकारी जोधपुर से हैं। इस मामले की जाँच ED में भी चल रही है। कस्टम विभाग ने अग्रसेन की कंपनी पर करीब 5.46 करोड़ रुपए की पेनाल्टी भी लगाई थी।

क्या है मामला

वर्ष 2020 में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फर्टिलाइजर घोटाले में अशोक गहलोत के भाई के ठिकानों पर छापा मारा था। इस दौरान राजस्थान में छह स्थानों पर छापे मारे गए थे। जिनमें जोधपुर भी शामिल था। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में दो स्थान, गुजरात में चार और दिल्ली में एक जगह छापा मारा गया था।

ईडी के अफसरों के मुताबिक, अग्रसेन गहलोत की कंपनी अनुपम कृषि, म्यूरियेट ऑफ पोटाश (एमओपी) फर्टिलाइजर के एक्सपोर्ट पर बैन होने के बावजूद उसके निर्यात में शामिल थी। एमओपी को इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) इम्पोर्ट कर किसानों को सब्सिडी पर बेचती है।

अग्रसेन गहलोत IPL के ऑथराइज्ड डीलर थे। उनकी कंपनी ने 2007 से 2009 के बीच सब्सिडाइज रेट पर एमओपी खरीदा, लेकिन उसे किसानों को बेचने की बजाए दूसरी कंपनियों को बेच दिया। उन कंपनियों ने एमओपी को इंडस्ट्रियल सॉल्ट के नाम पर मलेशिया और सिंगापुर पहुँचा दिया।

इस घोटाले के बाद भाजपा ने ऑपइंडिया की ख़बर का हवाला देते हुए कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा था। प्रकाश जावड़ेकर ने कहा था कि जहाँ एक तरफ कॉन्ग्रेस किसानों की बातें करती फिरती है, वहीं दूसरी तरफ उसके नेता किसानों की सब्सिडी खा जाते हैं। उन्होंने इसे सब्सिडी की चोरी करार दिया था। उन्होंने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की भी आशंका जताई थी।

‘हिंसा के पीछे RJD के गुंडे’: बिहार में फिर से ट्रेन फूँके, डिप्टी CM-BJP प्रदेश अध्यक्ष के घर पर हमला; अग्निपथ को लेकर कई राज्यों में बवाल जारी

सेना में भर्ती के लिए लाई गई केंद्र सरकार की नई योजना ‘अग्निपथ’ के खिलाफ शुक्रवार (17 जून 2022) को भी कई राज्यों में हिंसक प्रदर्शन जारी है। इन राज्यों में बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, झारखंड, मध्‍य प्रदेश, हिमाचल, जम्‍मू-कश्‍मीर, राजस्‍थान, हरियाणा और दिल्‍ली -एनसीआर शामिल हैं।

सबसे ज्यादा हिंसा बिहार में देखी जा रही है। शुक्रवार सुबह बिहिया स्‍टेशन पर जमकर पत्‍थरबाजी हुई है। उपद्रव‍ियों ने स्‍टोर रूम में आग लगा दी। लखीसराय में विक्रमशि‍ला एक्‍सप्रेस और समस्‍तीपुर में लोहित एक्‍सप्रेस की बोगियों में आग लगा दी गई है। बेतिया में बिहार की उपमुख्यमंत्री रेणु देवी के आवास पर हमला किया गया। बेतिया में बीजेपी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल के घर पर भी हमला किया गया है।

बिहार में हिंसा के पीछे केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने राजद का हाथ होने की बात कही है। उन्होंने कहा है कि इसमें आरजेडी के गुंडे भी सक्रिय हैं। इस आंदोलन में शामिल गैर-छात्रों की पहचान करना जरूरी है। युवाओं का राजनीतिक इस्तेमाल किया जा रहा है।

बिहार संपर्क क्रांति में भी लगाई आग

समस्तीपुर में दिल्ली से दरभंगा जा रही बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में तोड़फोड़ करने के साथ ही पाँच बोगियों में आग लगा दी गई। समस्तीपुर स्टेशन पहुँचने के पूर्व आउटर सिग्नल पर ट्रेन रुकी थी। इसी दौरान प्रदर्शकारियों की एक टोली पहुँची और ट्रेन की बोगियों में तोड़फोड़ शुरू कर दी। 

औरंगाबाद में NH जाम

औरंगाबाद में भी प्रदर्शनकारी सड़क पर उतर गए हैं। नेशनल हाइवे को जाम कर दिया है। जाम की वजह से हाइवे पर गाड़ियों की लंबी कतार लग गई है। प्रदर्शनकारियों ने टायर जला कर आवागमन बाधित कर दिया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय-गया रेलखंड पर जाखिम रेलवे स्टेशन के पास भी जाम लगाया गया हैै। ट्रैक पर बैठे युवकों ने रेल परिचालन रोक दिया है।

बिहिया स्‍टेशन के टिकट काउंटर में लगाई आग

प्रदर्शनकारियों ने बिहिया स्‍टेशन के टिकट काउंटर में आग लगा दी। इस दौरान कुछ पत्रकारों के मोबाइल छीन कर तोड़ दिए। एक पत्रकार की पिटाई भी कर दी। आरा- बक्सर रेलखंड पर भोजपुर के बिहिया स्टेशन पर शुक्रवार की सुबह से बवाल हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने रेल, सिविल पुलिस और आरपीएफ पर पथराव किया है। स्टोर रूम में आग लगा दी।

मोहिउद्दीननगर स्टेशन पर लो‍हित एक्‍सप्रेस में लगाई आग

‘शुक्रवार सुबह करीब सात बजे बरौनी हाजीपुर रेल खंड के मोहिउद्दीननगर स्टेशन पर आंदोलनकारियों ने लोहित एक्सप्रेस की चार बोगी में आग लगा दी। सूचना पर जैसे ही स्थानीय पुलिस पहुँची, उसकी गाड़ी को भी तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया। लखीसराय स्‍टेशन पर विक्रमशि‍ला एक्‍सप्रेस की 4-5 बोगियों में आग लगा दी गई। पुलिस का भी फोन छीन लिया।

जल्द शुरू होगी बहाली: राजनाथ सिंह

इस बीच केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अग्निवीर स्कीम युवाओं को एक बड़ा मौका देगी। पिछले दो सालों में कोरोना के चलते युवाओं को भर्ती का मौका नहीं मिला था। इसीलिए पीएम मोदी के निर्देश पर सरकार ने आयु सीमा में दो साल की छूट दी है। कुछ ही समय में भर्ती प्रक्रिया शुरू होने वाली है। सभी युवाओं से अपील है कि वे इसके लिए तैयारी करें और पूरा लाभ उठाएँ।

इस्लामी आतंकी संगठन ISIS ने दी हिंदुओं-सिखों पर हमले की धमकी, 10 मिनट के वीडियो में PM मोदी और नूपुर शर्मा का भी जिक्र

पैगंबर मुहम्मद पर कथित टिप्पणी को लेकर बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) को लगातार धमकियाँ मिल रही हैं। आतंकी संगठन अल कायदा के बाद अब इस्लामिक स्टेट (ISIS) ने भी उन्हें धमकी दी है। आईएसआईएस की दक्षिण-पूर्व और मध्य एशिया की विंग ISKP ने 10 मिनट का एक वीडियो जारी किया है।

इस वीडियो में ईशनिंदा और दिल्ली के जहाँगीरपुरी में एक मस्जिद के अवैध हिस्से को तोड़े जाने को लेकर हिंदुओं पर हमला करने की धमकी दी है। न्यूज हैंडल खुरासान डायरी ने लिखा है, “इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) ने अपने मुखपत्र अलअज़ैम फाउंडेशन के माध्यम से एक समाचार बुलेटिन सेवा शुरू की है। पहला समाचार बुलेटिन भारत और ईशनिंदा के मुद्दे पर केंद्रित है।”

आतंकी संगठन ने इस प्रोपेगेंडा वीडियो में एक भारतीय फिदायीन को भी दिखाया है। इस आत्मघाती हमलावर का नाम केपी इजास (Kalukettiya Purayil Ijas) बताया गया है। इस वीडियो में नुपूर शर्मा और भारत पर हमले के अलावा पीएम मोदी और सिखों पर भी हमले की धमकी दी गई है।

इससे पहले 6 जून को इस्लामी आतंकी संगठन अल कायदा (Al Qaeda) ने धमकी भरा पत्र जारी करते हुए कहा था कि वह ‘पैगंबर के सम्मान के लिए लड़ने’ के लिए दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश और गुजरात में आत्मघाती हमले करेगा। अल कायदा की आधिकारिक वेबसाइट पर कहा गया था, “भगवा आतंकवादियों को अब दिल्ली, मुंबई, यूपी और गुजरात में अपने अंत का इंतजार करना चाहिए। उन्हें न तो अपने घरों में और न ही अपनी गढ़वाली सेना की छावनियों में शरण मिलेगी।”

इस्लामिक स्टेट खुरासान (ISKP) क्या है?

ISIS-K या इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) – ISIS या इस्लामिक स्टेट का क्षेत्रीय सहयोगी है, जिसकी स्थापना ईराक और सीरिया में हुई थी। इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत, या ISKP, इस्लामिक स्टेट आतंकी समूह की अफगान शाखा है। यह अफगानिस्तान, पाकिस्तान और भारत में सक्रिय है।

साल 2015 में ISKP की स्थापना अफगान तालिबान के असंतुष्ट सदस्यों और उसके पाकिस्तानी समकक्ष TTP को मिलाकर की गई थी। इस खतरनाक इस्लामिक आतंकी संगठन के अधिकतर रंगरूट अफगानिस्तान और पाकिस्तान के मदरसों से निकलते हैं। आईएसकेपी अफगानिस्तान के सभी जिहादी आतंकवादी समूहों में सबसे अधिक कट्टरपंथी और हिंसक है।

अब यह शहरी मध्यवर्गीय मुस्लिमों को अपने संगठन में भर्ती करने के लिए विश्वविद्यालयों को टार्गेट कर रहा है। कई भारतीय मुस्लिम, खास तौर पर केरल के रहने वाले हाल के दिनों में इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत (ISKP) में शामिल होने के लिए अफगानिस्तान गए थे। भारतीय सुरक्षा प्रतिष्ठानों ने बीते दो सालों में भारत की धरती पर सक्रिय कई ISKP आतंकवादियों का पता लगाने में कामयाबी हासिल की है।

नूपुर शर्मा के समर्थन पर नरेंद्र श्रीराम को दोस्तों (वसीम, निसार, अल्ताफ…) ने पहले गाली दी, माफी माँगी फिर भी घर में घुसकर पीटा: महाराष्ट्र की घटना

भारतीय जनता पार्टी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पर स्टेटस लगाने के कारण महाराष्ट्र में एक युवक की पिटाई का मामला सामने आया है। 26 वर्षीय युवक को पीटने के आरोपित उसके मुस्लिम दोस्त ही हैं। बताया जाता है कि पीड़ित ने घर से भागकर किसी तरह जान बचाई।

घटना महाराष्ट्र के सोलापुर की है। पीड़ित युवक नरेंद्र श्रीराम के मुताबिक, अपने स्टेटस में नूपुर शर्मा का समर्थन करने पर दोस्तों ने ही उसकी पिटाई कर दी। नरेंद्र ने वसीम पठान, निसार सैयद, अल्ताफ शेख, नोहिद और पाँच से छह अन्य लोगों पर मारपीट का आरोप लगाया है।

सोलापुर में एमआईडीसी थाने के एक अधिकारी ने बताया कि मारपीट के आरोप में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ता नरेंद्र श्रीराम ने 11 जून को नुपुर शर्मा के समर्थन में व्हाट्सऐप स्टेटस लगाया था, जिससे गुस्साए उसके कुछ दोस्तों ने अपशब्द कहे। नरेंद्र ने दोस्तों के विरोध करने पर माफी माँग ली थी और बड़ों ने भी बीच-बचाव कर मामला सुलझा दिया था। लेकिन उसके बाद भी दोस्तों ने लोगों को उकसाया और 13 जून को चारों मुख्य आरोपितों के साथ अन्य लोग उसकी तलाश में घर पर आ धमके और उसकी पिटाई कर दी। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने निसार सैयद, नौहिद, वसीम पठान, अल्ताफ शेख और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

इधर मुंबई पुलिस की एक टीम नूपुर शर्मा को समन देने के लिए दिल्ली पहुँची है। नूपुर शर्मा को समन देने के लिए मुंबई की पायधूनी पुलिस पहुँची है। शर्मा को इसके पहले उनके ईमेल पर समन भेजा गया था। अब पुलिस की एक टीम फिजिकल कॉपी देने दिल्ली आई है। नूपुर शर्मा को भेजे गए समन में मुंबई की पायधूनी पुलिस ने उन्हें 25 जून को 11 बजे बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित होने को कहा है। यह एफआईआर मुंबई पुलिस ने रजा अकादमी की शिकायत पर दर्ज की थी।

गौरतलब है कि इससे पहले नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट करने के कारण तमिलनाडु की कोयंबटूर (Coimbatore, Tamil Nadu) पुलिस ने मंगलवार (14 जून 2022) को एक ABVP कार्यकर्ता कार्ति को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने कहा कि कार्ति ने पिछले महीने एक टीवी न्यूज डिबेट के दौरान नूपुर शर्मा द्वारा इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद के बारे में की गई आपत्तिजनक टिप्पणियों का वीडियो शेयर किया था। वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने लिखा था, “मैं इसे रोज कहूँगा। नूपुर शर्मा ने वही कहा जो लिखा हुआ है। उन्होंने क्या गलत कहा?”

अग्निवीर के लिए मोदी सरकार ने बढ़ाई उम्र की सीमा, पहली बार 23 साल तक के युवाओं को मौका: अग्निपथ पर हिंसा-आगजनी को लेकर बोले जनरल वीके सिंह- ये सेना में जाने योग्य नहीं

केंद्र की मोदी सरकार ने गुरुवार रात (16 जून 2022) अग्निपथ योजना (Agneepath Scheme) को लेकर बड़ा फैसला लिया। सरकार ने अग्निवीरों की भर्ती की अधिकतम आयु सीमा बढ़ाकर 23 वर्ष कर दी है। योजना के लिए उम्र सीमा 17 से 21 वर्ष निर्धारित की गई है, लेकिन रक्षा मंत्रालय ने इसमें आंशिक बदलाव करते हुए पहली बार के लिए अधिकतम आयु सीमा 23 साल कर दी है। यानी, युवाओं को अधिकतम आयु सेवा में दो साल छूट का यह फायदा सिर्फ पहले साल में ही मिलेगा। उल्लेखनीय है कि कोरोना वैश्विक महामारी के कारण पैदा हालातों की वजह से सेना में भर्ती दो साल से रुकी हुई थी।

केंद्र सरकार ने मंगलवार (14 जून 2022) अग्निपथ योजना की घोषणा थी। इस योजना के खिलाफ देश के कई राज्यों में हिंसक प्रदर्शन हो रहे हैं। बिहार, यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों में जबरदस्त विरोध हो रहा। बिहार में प्रदर्शनकारियों ने 5 ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया। हरियाणा के पलवल में प्रदर्शनकारियों ने DC पर पथराव किया और पुलिस की 5 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। नेशनल हाइवे को कब्जे से मुक्त कराने के लिए पुलिस को आँसू गैस के गोल छोड़ने पड़े और हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी।

हिंसक घटनाओं के बाद केंद्रीय मंत्री और पूर्व सेना प्रमुख जनरल वीके सिंह ने कहा कि वह आगज़नी करने वालों को सेना में जाने के योग्य नहीं मानते हैं? उन्होंने कहा, “मुझे नहीं लगता कि इस तरह से चिल्लाने वाले, हिंसक प्रदर्शन करने वाले सेना के लिए फिट हैं। अगर मुझे इनकी भर्ती का कार्य सौंपा होता, तो मैं इनमें से किसी को भी नहीं लेता। योजना को कम से कम जमीन पर तो लाने दीजिए।”

क्या है अग्निपथ योजना

भारत सरकार ने दशकों पुरानी सेना भर्ती प्रक्रिया में परिवर्तन करते हुए थलसेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती संबंधी अग्निपथ योजना की घोषणा की। ‘अग्निपथ योजना’ के जरिए देश के युवाओं को ‘अग्निवीर’ बन कर नौकरी और देशसेवा, दोनों का अवसर मिलेगा। इसके तहत साढ़े 17 साल से लेकर 21 वर्ष तक के युवाओं की तीनों सेनाओं के लिए भर्ती की जाएगी, लेकिन अब सरकार ने पहली बार के लिए अधिकतम उम्र सीमा को 21 से बढ़ाकर 23 कर दी है। इसमें प्रशिक्षण समेत कुल सेवा अवधि 4 वर्षों की होगी। सम्बंधित सेवा अधिनियम एवं विनियम के तहत ये बहाली होगी। इसके लिए पारदर्शी, स्वचालित और केंद्रीकृत चयन प्रक्रिया को अमल में लाया जाएगा।

ये योजना पूरे देश के लिए होगी, जिसमें सभी वर्गों को मौका मिलेगा। अग्निवीरों के केंद्रीकृत डेटा एवं रिकार्ड्स रखे जाएँगे। हालाँकि, सम्बंधित पद के लिए इन ‘अग्निवीरों’ को मेडिकल शर्तों को पूरा करना होगा। उन्हें ‘रेगुलर कैडर’ में नामांकन का मौका भी मिलेगा। हर एक बैच के 25% ‘अग्निवीरों’ को भारतीय सेना के ‘रेगुलर कैडर’ के लिए चुना जाएगा। उन्हें पहले वर्ष में 4.76 लाख रुपए का सालाना वेतन मिलेगा, जो अंतिम वर्ष में बढ़ कर 6.92 लाख रुपए हो जाएगा।

भीम सेना वाले सतपाल तंवर को दिल्ली पुलिस ने किया गिरफ्तार: नूपुर शर्मा की जुबान काटने पर रखे थे ₹1 करोड़, कहा था- उस नचनिया से मुजरा कराऊँगा

भीम सेना चीफ नवाब सतपाल तंवर को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। स्पेशल सेल ने गुरुवार (16 जून 2022) को उसे उसके गुरुग्राम के घर से दबोचा। उसने नूपुर शर्मा की जुबान काटने पर 1 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया था। साथ ही बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता को लेकर बदजुबानी भी की थी।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उस पर आईपीसी की धारा 506 (आपराधिक धमकी), 509 (एक महिला का अपमान) और 153 ए (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) के तहत मामला दर्ज है। इंडियन एक्सप्रेस को स्पेशल सेल की साइबर यूनिट के एक अधिकारी ने बताया, “हमने उसके उस वीडियो पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की है जिसमें उसने जानलेवा धमकी दी है और नफरत फैलाने की कोशिश की है।”

दिल्ली पुलिस ने यह कार्रवाई तब की है जब सतपाल तंवर के खिलाफ गुरुग्राम में भी मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में शिकायत बीजेपी विंग के गुरुग्राम के अध्यक्ष सर्वप्रिया त्यागी ने दर्ज करवाई है। गुरुग्राम पुलिस ने उसके खिलाफ विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने, उकसाने, जानबूझकर अपमान करने और आपराधिक धमकी देने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक सतपाल तंवर पर कानपुर जिले में भी परिवाद दाखिल हुआ है। इस केस में 24 जून को अगली सुनवाई तय हुई है। इस केस में वादी एडवोकेट हर्ष कुमार हैं। इसी परिवाद के आधार पर सतपाल पर कानपुर कोतवाली में गंभीर धाराओं में केस भी दर्ज हुआ है। हर्ष ने अपनी शिकायत में बताया है कि सतपाल ने न केवल नूपुर शर्मा को बेहद अपमानजनक शब्द बोले, बल्कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ भी गलत बयानबाजी की है।

गौरतलब है कि सतपाल तंवर ने नूपुर शर्मा की जीभ काटकर लाने वाले को एक करोड़ रुपए का इनाम देने की घोषणा की थी। उसने भाजपा की पूर्व नेता पर ईश​निंदा का आरोप लगाते हुए नूपुर शर्मा से सबके सामने ‘मुजरा करवाने’ का आपत्तिजनक एवं स्त्री-विरोधी बयान दिया था। उसने कहा था, “भाजपा की नूपुर शर्मा ने नबी की ईशनिंदा की है। नूपुर शर्मा ने देश में रह रहे करोड़ों मुस्लिमों को आहत किया है। उसने दुनिया भर में देश का और पैगंबर मुहम्मद अपमान किया है। वह माफी के लायक नहीं, फाँसी के लायक है।”

उसने कहा था, “मुझे खुद पर भरोसा है। अगर इस देश की सरकार, उत्तर प्रदेश की सरकार, योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी की औकात नहीं है नूपुर शर्मा के खिलाफ कार्रवाई करने की तो उसे मेरे हवाले कर दें। उसे सबके सामने मुजरा करवाऊँगा। अपने सामने मुजरा करवाऊँगा और उसे मनमाफिक सजा दूँगा।”

CCTV, ड्रोन और 200 फोटोग्राफर: जुमे की नमाज को लेकर UP सतर्क, हैदराबाद के BJP विधायक बोले- पत्थरबाजी वाले मस्जिद सील हों

इस्लाम के पैगंबर मुहम्मद पर कथित बयान के विरोध में जुमे की नमाज के बाद कट्टरपंथियों की हिंसा को देखते हुए सरकार सतर्क है। तेलंगाना में बीजेपी के फायरब्रांड विधायक राजा सिंह ने 17 जून को जुमे को लेकर आगाह किया है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इस्लामिक कट्टरपंथ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद कर दिया है।

बीजेपी के विधायक राजा सिंह ने कहा, “कल जुमा है। जिस मस्जिद से जुमे की नमाज के बाद पत्थरबाज निकलते हैं, उस मस्जिद के इमाम को गिरफ्तार करना चाहिए और मस्जिद को भी सील करना चाहिए।” राजा सिंह हैदराबाद के गोशमहल से विधायक हैं।

इसी तरह से उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार (Yogi Adityanath Government) ने भी जुमे को देखते हुए कमर कस लिया है। कई जिलों में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। आरएएफ, पीएसी और पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती की गई है।

प्रदेश के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा है कि धर्मगुरुओं से बात की गई है। पिछली बार के बवाल को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। ड्रोन कैमरे के जरिए आसमान से नजर रखी जाएगी। इसके अलावा, कुछ सेलेक्टिव जगहों की फोटोग्राफी के लिए 200 फोटोग्राफरों की टीम को लगाया गया है।

इसी क्रम में गोरखपुर के सिटी एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा है कि पिछले सप्ताह की तरह ही इस बार भी जुमे की नमाज के लिए ड्रोन से निगरानी की जा रही है। ड्रोन के माध्यम से कुछ घरों को चिन्हित किया है, जिनकी छतों पर पत्थर मिले हैं। उन्हें नोटिस देकर पत्थर हटवा दिए गए।

गौरतलब है कि भाजपा की निलंबित नेता नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद पर कथित बयान को लेकर 10 जून 2022 को जुमे की नमाज के बाद इस्लामिक कट्टरपंथियों ने कई राज्यों में व्यापक हिंसा की थी। इनमें उत्तर प्रदेश, झारखंड, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार आदि राज्य शामिल हैं।

4 महीने तक नितंबों में बाँधे रखा रिकॉर्डर, अपने पाद को 1000+ बार किया रिकॉर्ड: बूब्स का पसीना बेचने वाली एक्ट्रेस के बाद एक और शख्स का कारनामा

आपने अपना पाद बेचकर लाखों-करोड़ों रुपए की कमाई करने वाली अभिनेत्री के बारे में तो पढ़ा ही होगा। अब पढ़िए एक ऐसे ही शख्स की कहानी जो पाद को रिकॉर्ड करता है। नाम है लुकास रिजोटो। रिजोटो ने कहा कि उन्होंने अपने पाद को 1000+ बार रिकॉर्ड करके उसे कार्बन पॉजिटिव और इंटरऑपरेबल मेटावर्स एनएफटी में बदल दिया है।

रिजोटो ने ट्विटर थ्रेड के जरिए अपने पादने की कहानी बयाँ करते हुए दावा किया है कि वो किस तरह से दुनिया (क्रिप्टो मार्केट) को बचा रहा है। रिजोटो के मुताबिक, एनएफटी (नॉन फंगिबल टोकेन) के पास तकनीक के रूप में एक क्षमता है। लेकिन लोग इसके साथ बहुत ही बेढंगे और गैर रचनात्मक तरीके से काम करते हैं। जबकि क्रिप्टोकरेंसी बिटक्वाइन को मदद, प्रेरणा, आशा की जरूरत है!

लुकास का कहना है कि उसे एक आइडिया आया कि वो अपने 1000 पादों को एक प्रोफेशनल में स्टूडियो रिकॉर्ड किया और उन्हें इंटरऑपरेबल 3 डी आर्ट में बदलने की कोशिश की। रिजोटो का कहना है कि क्या हो अगर वो अपने पाद को सभी एनएफटी कलेक्शन 99% से भी अधिक उपयोगी, सुंदर और पर्यावरण के प्रति जागरूक बना दिया जाए?

4 महीने तक खाया गैस बनाने वाला खाना

शख्स के मुताबिक, अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए उसने 4 महीने तक बीन्स, ब्रोकली, शतावरी जैसे हाई ग्रेड फाइबर वाला खाना खाया, जिससे उसके पेट में जमकर गैस बनी। नतीजा ये हुआ कि उसके पेट में लगातार दर्द हो रहा था। लेकिन इसका अर्थ ये था कि पाद को रिकॉर्ड करने के लिए वो तैयार था। लुकास रिजोटो का एक ही लक्ष्य था कि वो अपने पाद को मशहूर वेस्टलेक स्टूडियो में रिकॉर्ड करे। इसी स्टूडियो में माइकल जैक्सन की भी रिकॉर्डिंग हुई थी।

स्टूडियो में बुकिंग भी कुछ कम समय के लिए मिल गई। लेकिन, जब स्टूडियो को उसके पादने का पता चला तो वे वहाँ से चल पड़े। ऐसे में उसने अपने ही दम पर रिकॉर्डिंग की। वो 4 महीने तक अपने नितंबों पर एक रिकॉर्डर बाँध के रखता था। ताकि अपने पाद को रिकॉर्ड कर सके। उसने अपने 1010 पादों को रिकॉर्ड किया। इसके लिए एल्गोरिदम भी लिखा। रिजोटो ने अपने पाद को 6 दुर्लभ स्तरों में वर्गीकृत किया है, जिसमें सामान्य, दुर्लभ, एपिक, क्लासिक, लौकिक और विलक्षणता के आधार पर बाँटा है।

फिर रिजोटो ने प्रेरणा के तौर पर गैसी ब्रह्मांड का उपयोग करके एक अनूठी कला को तैयार किया। कहा जा रहा है कि इसे 20 जून से वो बेचना शुरू करेगा। रिजोटो का कहना है कि ऐसा करना आसान नहीं था। क्योंकि इससे वो शारीरिक तौर पर पूरी तरह से टूट चुका था।

गौरतलब है कि इससे पहले इसी तरह पाद बेचने की वाली एक्ट्रेस स्टेफनी माटो ने तबीयत खराब होने के बाद पाद बेचने से तौबा कर अपने बूब्स के पसीने को बेचना शुरू किया था। इससे वो महीने में 5000 डॉलर यानी ₹3,88,250 कमाती थीं।

करौली दंगों के FIR में आरोपित-पीड़ित एक जैसे, मुख्य आरोपित मतलूब भी बेखौफ: स्थानीय लोगों का आरोप- केस खा गई कॉन्ग्रेस सरकार

राजस्थान के करौली (Karauli, Rajasthan) जिले में 2 अप्रैल 2022 (शनिवार) को हिन्दू नववर्ष पर निकली शोभायात्रा पथराव के बाद आगजनी और हिंसा को अंजाम दिया गया था। हिन्दू संगठनों ने मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों पर हमले का आरोप लगाया था। इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्ष के लोगों को जेल भेज दिया।

ऑपइंडिया ने इस घटना के वर्तमान हालात की जानकारी करौली जिले के हिंडौन निवासी सामाजिक कार्यकर्ता अशोक पाठक से ली। अशोक पाठक हिन्दू संगठनों और भाजपा से जुड़े हैं। इसके साथ ही वह RTI एक्टिविस्ट भी हैं।

करौली में नहीं निकल पाई रामनवमी की शोभायात्रा

ऑपइंडिया से बात करते हुए अशोक पाठक ने बताया, “करौली हिंसा के लगभग 8 दिन बाद रामनवमी थी। रामनवमी से 2 दिन पहले करौली के DM और SP ने सभी धर्मों के प्रतिनिधियों की एक सभा बुलाई। इस सभा में हिन्दुओं के लिए तमाम नियम और प्रतिबंध लगा दिए गए। हिन्दुओं से संख्या कभी 25 तो कभी 5 बताई गई और उनकी शोभायात्रा के रूट के बारे में भी बदलाव को कहा गया। आख़िरकार करौली में रामनवमी की शोभायात्रा नहीं निकल पाई।”

SP ने हिन्दू संगठनों से कहा, ‘जूते बजाएँगे’

पाठक ने आगे बताया, “मुझे जानकारी दी गई कि सभी धर्मों की उस मीटिंग में करौली SP शैलेन्द्र इंदौलिया बार-बार हिन्दू संगठन से जुड़े लोगों को धमका रहे थे। मीटिंग को कवर कर रहे एक पत्रकार ने मुझे बताया कि SP बार-बार कह रहे थे कि अगर रामनवमी जुलूस में 5 से अधिक लोग शामिल हुए तो जूते से मारूँगा।”

उन्होंने आगे बताया, “इसके विरोध में मैंने एक फेसबुक LIVE किया। करौली प्रशासन के मुताबिक, मेरे कुछ शब्दों से मुस्लिमों की भावनाएँ आहत हो गईं। करौली प्रशासन ने इसके बाद मेरे ऊपर FIR दर्ज कर दी। मैं लगभग 1 माह तक फरार रहकर हाईकोर्ट से स्टे पाया।”

नूपुर के सपोर्टर को जेल, लेकिन बूंदी के मौलवी पर चुप्पी

हिंदू कार्यकर्ता ने कहा, “अगर पूरे राजस्थान को खोजा जाए तो हजारों केस ऐसे मिल जाएँगे, जिसमें नूपुर का ऑनलाइन सपोर्ट करने वालों को पुलिस ने जेल भेज दिया। वहीं, बूंदी जिले के मौलवी ने खुलेआम जहरीला भाषण देते हुए हिन्दू समाज के खिलाफ आपत्तिजनक शब्द बोले तो उस पर कोई एक्शन नहीं हुआ। हालाँकि, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मौलवी पर कोई एक्शन ले भी नहीं पाएँगे।”

करौली हिंसा का मुख्य आरोपित मतलूब अभी तक फरार

पाठक ने बताया, “करौली हिंसा में मुस्लिम पक्ष से अभी भी कोई मुख्य आरोपित पकड़ा ही नहीं गया। मुख्य आरोपित मतलूब फरार है। जिस अंचू जिम वाले के जिम से पत्थर फेंके गए वो भी अभी तक नहीं पकड़ा गया। मतलूब का पूरा परिवार अब तक पुलिस से बचा हुआ है। इनका एक भाई मुश्ताक सरकारी अस्पताल में नौकरी भी कर रहा, जबकि इन सभी के फुटेज और सबूत भी हैं।”

भाजपा सांसद ने छतों पर देखे जमा किए गए पत्थर

पाठक के मुताबिक, “घटना के 2 दिन बाद भाजपा सांसद और पुलिस अधीक्षक ने एक साथ घटनास्थल का दौरा किया था। भाजपा सांसद मनोज कुमार राजोरिया ने SP से छत पर चलने को कहा। मौके पर बड़े-बड़े पत्थर जमा दिखे। उस समय तक अंचू जिम वाला वहीं मौजूद था, लेकिन उसको नहीं पकड़ा गया। हमलावर और पीड़ित दोनों को अशोक गहलोत सरकार के इशारे पर एक ही FIR में नामजद कर दिया गया। पत्थर फेंकने वाले और सिर फूटने वाले एक जैसे हो गए।”

बहुत सोच समझ कर FIR में डाले गए हैं हिन्दुओं के नाम

अशोक पाठक ने कहा, “बहुत सोची-समझी साजिश के साथ एक ही FIR में हिन्दू और मुस्लिम पक्ष के नाम डाले गए हैं। भविष्य में अगर किसी सरकार में केस वापस लिया गया तो हिन्दू और मुस्लिम दोनों को एक केस में होने के नाते रिहा करना पड़ेगा।”

हर आरोपित मुस्लिम को जमीयत उलेमा और PFI ने दिए पैसे, हिन्दुओं को कुछ नहीं

पाठक ने आगे कहा, “दंगों के बाद हर आरोपित मुस्लिम परिवार को जमीयत उलेमा और PFI ने पैसे दिए, लेकिन हिन्दुओं को किसी ने एक पैसे की मदद नहीं की। उल्टे हिन्दुओं को ही जेल भेज दिया गया। हिन्दू पक्ष की सैकड़ों बाइकों को नुकसान पहुँचा था। एक चार पहिया वाहन भी पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया था। गहलोत सरकार ने केवल उन्हें पैसे दिए, जिनकी दुकानें थीं। हालाँकि इसमें भी मुस्लिम फायदे में रहे, क्योंकि मुस्लिमों की अधिकतर दुकानें हिन्दुओं की बिल्डिंग में थीं।”

अब डर गए हैं हिन्दू बच्चों के माता-पिता

बकौल पाठक, “जिन हिन्दुओं की बाइकों का नुकसान हुआ वो लड़के बेरोजगार थे। उनके घर में एक ही बाइक थी, जिससे उनका पूरा परिवार चलता था। अपने वाहनों को बनवाने के बजाए आज के समय में प्रशासन के डर से 100 से अधिक लड़के फरार होकर मारे-मारे फिर रहे हैं। हिन्दू रैली में शामिल हर व्यक्ति के घर पुलिस गई और उनमें से कई लोगों को शांति भंग की धारा 151 में जेल भेज दिया। लगभग 1 दर्जन मुकदमे में गिरफ्तार किए गए। अब हिन्दुओं में इतना डर फैल गया है कि उनके माता-पिता उन्हें किसी भी हिन्दू आयोजन में भेजने से डरेंगे।”

पुलिस पर हमले की अलग FIR नहीं दर्ज हुई

एक्टविस्ट के मुताबिक, “जब कोई पुलिस पर हमला करता है तो उस पर 307 और सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज होता है। करौली में यह केस दर्ज नहीं हुआ। अगर ये केस दर्ज होता तो उसमें हमलावर सिर्फ मुस्लिम होते, जबकि कई पुलिस वाले इस हमले में घायल हुए थे। सरकार इस पूरे मुकदमे को खा गई।”

मतलूब के बराबर का मुल्जिम बना दिया साहिब सिंह गुर्जर को

पाठक ने आगे बताया, “हिन्दू पक्ष में एक वॉलेंटियर लड़के साहिब सिंह गुर्जर ने पूरी रैली के लिए झंडे और बैनर आदि का प्रबंध किया था। राजस्थान पुलिस ने इस हिंसा में साहिब गुर्जर और मतलूब को बराबर का मुजरिम बना दिया। इसी के साथ नीरू शुक्ला और राजाराम गुर्जर को भी आरोपित कर दिया। ये वो लोग थे जो रैली की परमिशन आदि लेने गए थे।

उन्होंने आगे बताया, “घटना के बाद DM राजन सिंह शेखावत पूरे जिले में घूमे थे। वो गलत को गलत कह रहे थे, इसलिए कलेक्टर को हटा दिया गया। लॉ एन्ड ऑर्डर का विषय SP का था, पर न तो SP बदले और न ही DSP ही। यहाँ तक की SHO भी बस 15 दिन पहले रूटीन ट्रांसफर में बदले गए हैं। करौली में अभी भी इबादतगाहों पर माईक ज्यों के त्यों लगे हुए हैं।”