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‘विदेशी आक्रांताओं की बनाई इमारतों को देता है वैधता’: पूजा स्थल कानून के विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट में याचिका, बताया धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ

पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम 1991 की कुछ धाराओं की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए मंगलवार (7 जून, 2022) को सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दायर की गई। शीर्ष न्यायालय में दायर याचिका में कहा गया है कि यह अधिनियम धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। यह विदेशी आक्रमणकारियों की बनाई ‘गैरकानूनी इमारतों’ को वैधता देता है और हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध को अपने धार्मिक स्थलों पर पूजा करने से रोकता है। याचिका में यह भी कहा गया है कि पर्सनल लॉ का अपमान कर बनाई गई इमारत को पूजा की जगह नहीं कहा जा सकता है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी अनिल काबोत्रा ने दायर याचिका में पूजा स्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम 1991 की धारा 2, 3 और 4 की संवैधानिक वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इसमें कहा गया है कि यह अनुच्छेद 14, 15, 21, 25, 26, 29 और धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है, जो प्रस्तावना और संविधान की मूल संरचना का एक अभिन्न अंग है।

भाजपा और दक्षिणपंथी संगठनों के लिए यह कानून शुरू से ही विवाद का विषय रहा है। भाजपा ने कानून के पहले दिन से ही इसका विरोध किया है। भाजपा नेता और सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने इस कानून को निरस्त करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सबसे पहले याचिका दायर की थी। इसके अलावा, इस कानून के खिलाफ लखनऊ के विश्व भद्र पुजारी पुरोहित महासंघ, वाराणसी निवासी, स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती, देवकीनंदन ठाकुर जी, मथुरा निवासी और एक धार्मिक गुरु शीर्ष अदालत में याचिका दायर कर चुके हैं।

क्या है पूजास्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम, 1991

पीवी नरसिम्हा राव के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस सरकार द्वारा लाए गए पूजास्थल (विशेष प्रावधान) अधिनियम में कहा गया है कि 15 अगस्त 1947 तक अगर किसी धर्म का कोई पूजास्थल है तो उसे दूसरे धर्म के पूजास्थल में नहीं बदला जा सकता। कानून में इसके लिए एक से तीन साल तक की जेल और जुर्माना का प्रावधान किया गया है। इस कानून में अयोध्या को अलग रखा गया है, क्योंकि उस समय यह मामला कोर्ट में था।

इस कानून की धारा-2 में कहा गया है कि अगर 15 अगस्त 1947 में मौजूद किसी धार्मिक स्थल में बदलाव को लेकर अगर किसी अदालत, न्यायाधिकरण या अन्य प्राधिकरण में कोई याचिका लंबित है तो उसे रद्द किया जाएगा। कानून की धारा-3 में कहा गया है कि किसी पूजास्थल को पूरी तरह या आंशिक रूप से दूसरे धर्म के पूजास्थल में नहीं बदला जा सकता है।

वहीं, इस कानून के धारा-4(1) में कहा गया है कि किसी भी पूजास्थल का चरित्र देश की स्वतंत्रता के दिन का वाला ही रखना होगा। इस कानून का धारा-4(2) उन मुकदमों, अपीलों और कानूनी कार्यवाहियों पर रोक लगाता है, जो पूजास्थल कानून के लागू होने की तिथि पर लंबित थे।

धमाकों को रोक सको तो रोक लो… 6 RSS कार्यालयों को उड़ाने की धमकी देने वाला राज मोहम्मद चंद घंटों में गिरफ्तार, तमिलनाडु से लाया जाएगा UP

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 6 कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी देने वाले आरोपित को यूपी पुलिस के कहने पर तमिलनाडु पुलिस द्वारा चंद घंटों में गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित की पहचान नाम राज मोहम्मद के तौर पर हुई है। पुलिस ने उसे तमिलनाडु में पकड़ा। दरअसल कुछ देर पहले ही लखनऊ के मड़ियाँव थाना में दो RSS कार्यालय लखनऊ और गोंडा को बम से उड़ाने की धमकी आई थी जिसके बाद वहाँ सुरक्षा को बढ़ा दिया गया।

यूपी एटीएस ने राज मोहम्मद से जुड़ी जानकारी साझा करते हुए बताया कि केस को आईपीसी की धारा 507, आईटी एक्ट की धारा 66 (फ) के तहत दर्ज किया गया था। जब एटीएस द्वारा नंबर की जाँच हुई तो आरोपित पकड़ में आया। अभियुक्त की लोकेशन तमिलनाडु ट्रेस की गई जिसके बाद वहाँ की आंतरिक सुरक्षा शाखा के अधिकारियों से संपर्क करके अभियुक्त को हिरासत में ले लिया गया। अब यूपी एटीएस की एक संयुक्त टीम राज मोहम्मद को लेकर तमिलनाडु रवाना हुई है। वहाँ से लाए जाने के बाद आरोपित से विस्तृत पूछताछ होगी।

गौरतलब है कि इससे पहले देश के कई शहरों में RSS के कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी के बाद अलर्ट जारी किया गया था। लखनऊ स्थित संघ कार्यालय को निशाना बनाने की धमकी वाला मैसेज सोमवार (6 जून, 2022) को रात 8 बजे व्हाट्सएप्प के माध्यम से ये आया था। उत्तर प्रदेश की राजधानी में स्थित मड़ियाँव थाने की पुलिस ने FIR दर्ज कर के मामले की जाँच शुरू की थी और साइबर सेल मैसेज भेजने वाले को ट्रेस कर रही थी।

स्क्रीनशॉट

रिपोर्टस के मुताबिक, व्हाट्सएप्प पर ‘अल अंसारी इमाम रजी उन मेंहदी’ नामक व्हाट्सएप्प ग्रुप में कन्नड़, अंग्रेजी और हिंदी में सन्देश भेज कर लखनऊ के 2 और कर्नाटक के 4 RSS कार्यालयों में बम विस्फोट की धमकी दी गई है। बताया जा रहा है कि एक संघ कार्यकर्ता इन्वाइट लिंक के जरिए उस ग्रुप से जुड़ गया, जहाँ उसे धमकी वाली बात दिखी और उसने अवध प्रान्त के एक पदाधिकारी को इस सम्बन्ध में सूचित किया। तत्पश्चात RSS के बड़े पदाधिकारियों को इसकी सूचना मिली और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस जानकारी को साझा किया गया। 

कमल हासन की ‘विक्रम’ ने बॉक्स ऑफिस पर अक्षय कुमार को पछाड़ा, 5 दिन में ही पार किया ₹200 करोड़ का आँकड़ा

सिनेमाघरों में बीते शुक्रवार (3 जून, 2022) तीन बड़ी फिल्मों ने दस्तक दी। ये तीन फिल्में विक्रम, सम्राट पृथ्वीराज और मेजर थीं। सम्राट पृथ्वीराज और मेजर के मुकाबले कमल हासन (Kamal Haasan) की फिल्म विक्रम ने पहले ही हफ्ते बॉक्स ऑफिस जबरदस्त कमाई की है। फिल्म आज ही 200 करोड़ के क्लब में शामिल हो गई है। ओपनिंग डे पर वर्ल्ड वाइड 58 करोड़ रुपए कमाने के बाद दूसरे, तीसरे और चौथे दिन भी ‘विक्रम’ ने काफी शानदार कमाई कर डाली है।

ट्रेंड एनालिस्ट रमेश बाला (Ramesh Bala) ट्वीट करते हैं, “विक्रम 2022 में 3 से 4 दिनों में सबसे अधिक कमाई करने वाली तमिल/कॉलीवुड फिल्म है।” रमेश बाला के अनुसार, टॉप गन: मेवरिक (Top Gun: Maverick) और जुरासिक वर्ल्ड डोमिनियन (Jurassic World Dominion) के बाद, विक्रम वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर नंबर 3 पर है।

विक्रम ने सोमवार को उम्मीद से अधिक कमाई का ​रिकॉर्ड बनाया। फिल्म तमिलनाडु से बाहर बेहतर प्रदर्शन कर रही है। ‘पिंकविला’ की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण राज्यों में फिल्म ने सोमवार (6 जून, 2022) को लगभग 11 से 11.25 करोड़ रुपए कमाए हैं। वहीं पूरे भारत में 19 करोड़ रुपए की कमाई की। बात करें केवल तमिलनाडु बॉक्स ऑफिस की, तो फिल्म ने रिलीज के चौथे दिन 7.54 करोड़ के बिजनेस के साथ कुल 59.91 करोड़ कमा लिए हैं। इसके अलावा फिल्म ने सोमवार को विदेशों में भी जबरदस्त प्रदर्शन किया। वर्ल्ड वाइड फिल्म ने 195 करोड़ से अधिक का बिजनेस कर लिया है। रिलीज के पाँचवें दिन फिल्म 200 करोड़ के क्लब में शामिल हो गई।

कमल हासन अभिनीत फिल्म विक्रम का डायरेक्शन लोकेश कनगराज ने किया है। लोकेश कनगराज ने फिल्म के लेखक भी हैं। फिल्म में कमल हासन ने एक रिटायर रॉ एजेंट का रोल निभाया है। कमल हासन के अलावा विजय सेतुपति और फहद फासिल ने भी फिल्म में अहम भूमिका में हैं।

बता दें कि थियेटर में रिलीज हुई फिल्म सम्राट पृथ्वीराज से मेकर्स को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन ओपनिंग डे पर ही ये फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुँह गिर गई। 4 हजार से अधिक स्क्रीन पर रिलीज हुई फिल्म को दर्शक नहीं मिल पा रहे हैं। वहीं इसके मुकाबले कमांडो मेजर संदीप उन्नीकृष्णन के जीवन पर आधारित फिल्म मेजर को दर्शकों का भरपूर प्यार मिल रहा है। फिल्म में अदिवी सेष (Adivi Sesh) लीड रोल में हैं।

25000 पेड़ों की कटाई से पंजाब के मंत्री ने कमाए ₹1.25 करोड़, ट्रांसफर-पोस्टिंग में घोटाला अलग से: कॉन्ग्रेस नेता गिरफ्तार, पार्टी समर्थन में

पंजाब में कॉन्ग्रेस नेता और पूर्व वन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत को भ्रष्टाचार के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। उन पर अपने कार्यकाल में पेड़ों की कटाई के दौरान करोड़ों के घोटाले और ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर पैसे उगाही करने का आरोप है। उनकी गिरफ्तारी राज्य सतर्कता ब्यूरो ने की है। साधु सिंह को सोमवार (6 जून, 2022) की रात गिरफ्तार किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले हफ्ते वन विभाग के DFO और हम्मी नाम के एक ठेकेदार को विजलेंस टीम ने गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार DFO मोहाली में पोस्टेड थे जिनका नाम गुरमनप्रीत सिंह है। उनकी गिरफ्तारी के बाद से पूर्व मंत्री पर गिरफ्तारी की तलवार लटक रही थी। इनसे हुई पूछताछ में साधु सिंह की संलिप्तता की जानकारी सामने आई थी। पंजाब विजलेंस ब्यूरो के चीफ डायरेक्टर वीरेंद्र कुमार ने बताया, “धर्मसोत एक पेड़ काटे जाने के बदले 500 रुपए की रिश्वत लेते थे।

इस दौरान कुल 25 हजार पेड़ काटे गए थे। इस हिसाब से उन्हें लगभग 1 करोड़ 25 लाख रुपए दिए गए। साथ ही उन्होंने अधिकारियों से ट्रांसफर-पोस्टिंग के नाम पर भी पैसे लिए।”

कॉन्ग्रेस ने किया गिरफ्तारी का विरोध

पूर्व मंत्री साधु सिंह की कॉन्ग्रेस ने राजनीति से प्रेरित बताया है। कॉन्ग्रेस के मुताबिक यह गिरफ्तारी संगरूर उपचुनाव की वजह से की गई है। वहीं मंत्री साधु सिंह की बेटी ने कहा, “सब कुछ झूठ है। हमें कुछ नहीं पता। मुझे मिलने भी नहीं दिया गया। हमसे बताया जा रहा है कि जाँच चल रही है। भगवंत मान हमें दबाने की कोशिश कर रहे हैं।”

बताया जा रहा है कि साधु सिंह की गिरफ्तारी की हरी झंडी कल रात में ही मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दे दी थी। इस केस में FIR भी दर्ज की गई है। यह FIR विजलेंस ब्यूरो ने दर्ज करवाई है। इसमें पूर्व मंत्री साधु सिंह के साथ पूर्व मंत्री संगत सिंह गिलजियां का भी नाम है। इन दोनों के अलावा 9 अन्य लोगों को भी आरोपित किया गया है जिनके नाम अमित चौहान आईएफएस, गुरअमनप्रीत सिंह वन मंडल अफसरए दिलप्रीत सिंह वन गार्ड, चमकौर सिह, कमलजीत सिंह निवासी खन्ना, कुलविंदर सिंह शेरगिल और सचिन कुमार हैं।

एलन मस्क ने ट्विटर को धमकाया, कहा- फेक एकाउंट्स का सारा डेटा दो, वरना ₹3.42 लाख करोड़ की डील कैंसल

दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति एलन मस्क ने चेतावनी दी है कि अगर बॉट्स और फेक हैंडल्स को लेकर सूचनाएँ साझा नहीं की गईं तो वो ट्विटर डील रद्द कर सकते हैं। अमेरिका के ‘सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC)’ के माध्यम से कंपनी को भेजे गए पत्र में एलन मस्क ने कहा है कि माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद ऑटोमेटेड एकाउंट्स की सूचनाएँ साझा न कर के कंपनी 44 बिलियन डॉलर (3.42 लाख करोड़ रुपए) के इस समझौते का उल्लंघन कर रही है।

वो इसके बाहरी विश्लेषण के लिए एक खाका चाहते हैं। ट्विटर की शीर्ष अधिवक्ता विजया गड्डे को भेजे गए पत्र में एलन मस्क ने कहा है कि अगर बॉट्स को लेकर जानकारियाँ नहीं दी गईं तो वो इस समझौते से बाहर निकल सकते हैं। उन्होंने अपने वकीलों के माध्यम से ये पत्र दायर किया। ट्विटर के प्रवक्ता का कहना है कि कंपनी अब भी लेनदेन और विलय को पहले से तय शर्तों और समझौतों के आधार पर पूरा करना चाहती है।

सोमवार (6 जून, 2022) को सुबह ट्रेडिंग शुरू होते ही ट्विटर के शेयर्स 5.3% गिर कर 38.02 डॉलर्स (2954.06 रुपए) तक पहुँच गए। खबर लिखे जाने तक ट्विटर के शेयर्स 1.49% की गिरावट के साथ 38.56 डॉलर (2996.02 रुपए) पर ट्रेड हो रहे थे। एलन मस्क पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि ट्विटर को खरीद कर प्राइवेट कंपनी बनाने के समझौते को फ़िलहाल स्थगित रखा गया है, क्योंकि उन्हें इसकी जानकारी चाहिए कि इस प्लेटफॉर्म पर कितने बॉट्स सक्रिय हैं।

एलन मस्क ने खुद को इस समझौते के लिए प्रतिबद्ध बताया है, लेकिन ट्विटर के CEO पराग अग्रवाल का कहना है कि बॉट्स के मामले में ‘एक्सटर्नल एनालिसिस’ के पक्ष में वो नहीं हैं। बता दें कि 221.60 बिलयन डॉलर (17.22 लाख रुपए) की संपत्ति के साथ एलन मस्क फ़िलहाल दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। उनका कहना है कि ट्विटर समझौते के नियमों का उल्लंघन कर रहा है। वो पूरे डेटा का विश्लेषण करवाना चाहते हैं।

BJP से निलंबित किए जाने के बाद नुपूर शर्मा को दिल्ली पुलिस ने दी सुरक्षा: कट्टरपंथी लगातार भेज रहे हैं जान से मारने की धमकी

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने बीजेपी की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की है। पैगंबर मुहम्मद पर कथित टिप्पणी के बाद से बीजेपी से निलंबित शर्मा को जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं। इसको लेकर उन्होंने और उनके परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज कर पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी। इसके बाद पुलिस ने उन्हें सुरक्षा मुहैया कराई है। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, “नूपुर शर्मा और उनके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई गई है। उन्होंने आरोप लगाया था कि उनको जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं और उनके बयान के बाद से उन्हें परेशान किया जा रहा है।”

पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ कथित टिप्पणी पर विवाद बढ़ने और मुस्लिम देशों के विरोध को देखते हुए बीजेपी ने रविवार (5 जून 2022) को नूपुर शर्मा को निलंबित कर दिया था। साथ ही दिल्ली इकाई के मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल को भी निष्कासित कर दिया था। नूपुर शर्मा ने दावा किया है कि पैगंबर मुहम्मद के बारे में उनकी टिप्पणी ‘भगवान शिव का अपमान’ किए जाने की प्रतिक्रिया के रूप में थी, क्योंकि वह इसे बर्दाश्त नहीं कर सकीं। पार्टी से निलंबित किए जाने के बाद उन्होंने इसके लिए माफी भी माँग ली है। इसके बावजूद कट्टरपंथी लोगों द्वारा उन्हें लगातार जान से मारने की धमकी दी जा रही है। पूर्व बीजेपी प्रवक्ता के खिलाफ मुंबई, हैदराबाद और पुणे में धार्मिक भावनाएँ भड़काने के आरोप में मामले दर्ज किए गए हैं।

फोटो साभार : नूपुर शर्मा का ट्विटर हैंडल

बता दें कि नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) के खिलाफ जब से ऑल्ट न्यूज के को फाउंडर जुबेर ने कट्टरपंथियों इस्लामवादियों को भड़काया है, तभी से उन्हें लगातार हत्या की धमकियाँ दी जा रही हैं। कथित ईशनिंदा के मामले में पाकिस्तान के पाकिस्तान के आतंकी संगठन TLP के समर्थकों द्वारा 50 लाख रुपए का इनाम घोषित करने के बाद, हैदराबाद स्थित AIMIM (इंकलाब) के एक सदस्य ने शर्मा की हत्या करने पर इनाम घोषित किया था।

29 मई को हैदराबाद स्थित एक स्थानीय पार्टी AIMIM (इंकलाब) ने कथित नूपुर शर्मा की हत्या करने वाले को 1,00,00,000 रुपए का इनाम देने का ऐलान किया था। लोकल पार्टी के नेता कवी अब्बासी का नूपुर शर्मा को धमकी देते हुए और हिन्दू धर्म को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करते हुए वीडियो सामने आया है। इसमें वो बीजेपी और शर्मा को ‘सफेदपोश वेश्या’ करार देता है।

‘जुमा इबादत का नहीं, आतंक का दिन है’ : महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती पर FIR दर्ज, कानपुर हिंसा के बाद नमाज बैन कराने के लिए खून से लिखा था राष्ट्रपति को पत्र

UP की अलीगढ़ पुलिस ने जुमे की नमाज पर बैन लगाने की माँग करने वाली महामंडलेश्वर अन्नपूर्णा भारती (पूजा शकुन पांडेय) पर FIR दर्ज कर ली है। अन्नपूर्णा भारती ने जुमे की नमाज़ के दिन को आतंकी दिन बताया था। साथ ही उन्होंने अपनी माँगों का एक ज्ञापन प्रशासन को भी सौंपा था। पुलिस के मुताबिक पूजा शकुन पांडेय का बयान 2 धर्मों के बीच वैमनस्तयता बढ़ाने और साम्प्रदायिक तनाव पैदा करने वाला है।

SSP अलीगढ़ IPS कालनिधि नैथानी ने इस केस की जाँच जारी होने और पूजा शकुन पांडेय को मजिस्ट्रेट द्वारा नोटिस दिए जाने की भी जानकारी दी। अपर सिटी मजिस्ट्रेट अलीगढ़ कुंवर बहादुर सिंह ने नोटिस का 24 घंटे में जवाब भी माँगा है। पूजा शकुन पांडेय ने खून से राष्ट्रपति को पत्र भेजा था। इस पत्र में उन्होंने जुमे की नमाज़ पर प्रतिबंध लगाने की माँग की थी।

सोशल मीडिया पर पूजा शकुन पांडेय का बयान भी वायरल हुआ था। इस बयान में उन्होने कहा, “जुमे का दिन असल में आतंकी दिवस हो गया है। इबादत के नाम पर आतंकियों की कवायद हो गई है। ये प्लानिंग बना कर समाज में वैमन्सयता फैलाने और युवाओं को भड़काने का काम कर रहे हैं। इसलिए इस दिन जमा हो कर ये हमारी महिलाओं से छेड़छाड़ और हिन्दुओं का जो नुकसान कर रहे हैं, उस पर प्रतिबंध लगाया जाए। छोटी मस्जिदों पर 10 और बड़ी मस्जिदों पर 25 से ज्यादा लोग जमा न हों।”

कानपुर की घटना पर बोलते हुए पूजा शकुन ने कहा था, “कानपुर में जुमे की नमाज़ के बाद हुए प्रकरण ने हमारी सहनशक्ति को अब तोड़ दिया है। हमने अपने पत्र में इतिहास के कुछ घटनाक्रमण को चिन्हित किए हैं। जुमे की नमाज़ में इबादत ने नाम पर जमा भीड़ हिन्दुओं पर हमले की प्लानिंग करती है। ये देश को बाँटने का काम कर रहे हैं।”

“क्या सच बोलना गुनाह हो गया” : पूजा शकुन पांडेय

अपने विरुद्ध दर्ज FIR पर महामंडलेश्वर डॉ अन्नपूर्णा भारती (पूजा शकुन पांडेय) ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने SSP अलीगढ़ के बयान को शेयर करते हुए लिखा, “प्रशासन द्वारा मेरे ऊपर किए गए इस मुकदमे का क्या औचित्य है ? सच बोलना भी भड़काऊ हो गया है l”

कुल्हाड़ी से हाथ काटकर बस्ते में छिपाया: शेर मोहम्मद नहीं चाहता था ‘नौकरी वाली बीवी’, रेणु की जिद्द देख वारदात को दिया अंजाम

पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्धमान में एक शौहर ने अपनी बीवी का हाथ सिर्फ इसलिए काट दिया क्योंकि वो नहीं चाहता था कि उसकी बीवी सरकारी अस्पताल में नर्स की नौकरी करे। वारदात 5 जून 2022 की सुबह उस समय अंजाम दी गई जब रेणु खातून सो रही थी और उसके शौहर सरीफुल शेख उर्फ शेर मोहम्मद ने उसका हाथ काटा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 साल की रेणु खातून का हाथ काटने के लिए उसके शौहर ने अपने दोस्तों का सहारा लिया और सोते समय कुल्हाड़ी से उसका हाथ काट डाला। पुलिस सूत्रों के अनुसार, रेणु ने बताया कि वो फौरन दुर्गापुर अस्पताल की ओर भागी जहाँ उसकी हालत स्थिर हुई। अब पुलिस ने महिला के पिता अजिजुल हक की तहरीर पर केस दर्ज किया है।

पूर्वी बर्धमान के कटवा के एडिशनल एसपी ध्रुव दास ने कहा, “हमें महिला के पिता से एक कंप्लेन मिली और हमने हत्या के प्रयास में केस को दर्ज किया। महिला का शौहर और उसके दोस्त फरार हैं। उन्हें पकड़ने के लिए दबिश दी जा रही है।”

सामने आई जानकारी बताती है कि रेणु केटूग्राम के चिनिशपुर की रहने वाली हैं। उन्होंने 2018 में कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज से जीएनएम डिग्री ली। लेकिन जब उन्होंने दुर्गापुर में काम करना शुरू किया तो उनके शौहर और ससुराल वालों को इससे दिक्कत होने लगी। किराने की दुकान चलाने वाले शेर मोहम्मद ने रेणु के नौकरी करने के निर्णय पर उन्हें तंग करना शुरू कर दिया।

उनके भाई ने बताया कि रेणु का निकाह 2017 में हुआ था लेकिन इसके बाद उसका जीना मुहाल कर दिया गया। ये यातनाएँ तब और बढ़ गई जब रेणु को सरकारी नौकरी का ऑफऱ आया जिसमें कहा गया था कि उन्हें नौकरी के लिए राज्य में कहीं भी पोस्ट किया जा सकता है।

पीड़िता के भाई रिपन शेख ने कहा कि शेर मोहम्मद ने सीधा उनकी बहन को काम पर जाने से मना कर दिया। मगर रेणु नौकरी पर जाना चाहती थी। रिपन ने बताया कि रेणु का हाथ काटने के बाद सरीफुल ने बताया कि उसने ये कदम सिर्फ इसलिए उठाया ताकि सुनिश्चित किया जा सके कि रेणु किसी हाल में जॉब न करे। इस काम को अंजाम देने के बाद उसने रेणु का हाथ भी अपने साथ ले गया ताकि किसी कीमत पर उसे जोड़ा न सके। रिपन कहते हैं, “अगर बहन का आधा कटा हाथ समय से मिल जाता तो जब उसे ठीक कर सकते थे। हमने घर में छाना लेकिन कुछ कही नहींमिला। बाद में वह एक बस्ते में पड़ोसियों को मिला। लेकिन तब तक बहुत देर हो गई थी।”

यूपी-कर्नाटक के 6 RSS कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी, बढ़ाई गई सुरक्षा: ‘अल अंसारी इमाम रजी उन मेंहदी’ ग्रुप में साजिश

देश के कई शहरों में RSS के कार्यालयों को बम से उड़ाने की धमकी के बाद अलर्ट जारी किया गया है। लखनऊ स्थित संघ कार्यालय को निशाना बनाने की धमकी भी मिली है। सोमवार (6 जून, 2022) को रात 8 बजे व्हाट्सएप्प के माध्यम से ये सन्देश भेजा गया था। उत्तर प्रदेश की राजधानी में स्थित मड़ियाँव थाने की पुलिस ने FIR दर्ज कर के मामले की जाँच शुरू कर दी है। साइबर सेल मैसेज भेजने वालों को ट्रेस कर रही है।

नंबर को ट्रेस करने की प्रक्रिया चालू है। व्हाट्सएप्प पर ‘अल अंसारी इमाम रजी उन मेंहदी’ नामक व्हाट्सएप्प ग्रुप में कन्नड़, अंग्रेजी और हिंदी में सन्देश भेज कर लखनऊ के 2 और कर्नाटक के 4 RSS कार्यालयों में बम विस्फोट की धमकी दी गई है। बताया जा रहा है कि एक संघ कार्यकर्ता इन्वाइट लिंक के जरिए उस ग्रुप से जुड़ गया, जहाँ उसे धमकी वाली बात दिखी। कई ग्रुप्स में इस आतंकी ग्रुप के इन्वाइट लिंक शेयर किए गए थे।

इसी दौरान RSS के कार्यकर्ता ने उसे खोला और उससे जुड़ गया। जब उक्त कार्यकर्ता ने वहाँ धमकियों वाली चर्चा को देखा तो अवध प्रान्त के एक पदाधिकारी को इस सम्बन्ध में सूचित किया। तत्पश्चात RSS के बड़े पदाधिकारियों को इसकी सूचना मिली और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस जानकारी को साझा किया गया। अवध प्रांत के घोष प्रमुख, प्रोफेसर नीलकंठ तिवारी की शिकायत पर FIR दर्ज की गई। IPC की धारा-507 और IT एक्ट की धारा-66 के तहत केस दर्ज किया गया है।

साइबर क्राइम ब्रांच की मदद ली जा रही है। साथ ही RSS कार्यालयों के बाहर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। लखनऊ के साथ-साथ उन्नाव स्थित संघ कार्यालय को भी उड़ाने की धमकी मिली है। पुलिस ने जाँच के दौरान लखनऊ के अलीगंज सेक्टर क्यू के सरस्वती विद्या मंदिर का भी दौरा किया। इंस्पेक्टर का कहना है कि किसी संगठन को धमकी नहीं दी गई है। प्रभारी निरीक्षक मड़ियाँव अनिल कुमार ने कहा कि किसी शरारती तत्व द्वारा परेशान करने के लिए ऐसी हरकत करने की आशंका है।

हैदराबाद में अब नाबालिग सेल्सगर्ल का मो सूफियान ने किया बलात्कार: कैब में 7वीं की छात्रा से गैंगरेप करने वाले कलीम-अहमद भी गिरफ्तार

हैदराबाद में सप्ताह भर के अंदर नाबालिग लड़की से रेप की तीसरी वारदात को अंजाम दिया गया है। इस बार नाबालिग से रेप का आरोपित 21 वर्षीय मोहम्मद सूफियान है। घटना कलापत्थर क्षेत्र की है। पुलिस ने आरोपित सूफियान को पॉक्सो एक्ट व अन्य धाराओं में गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। घटना 31 मई 2022 (गुरुवार) की बताई जा रही है।

कलापत्थर थाने के इंस्पेक्टर एस सुदर्शन ने इस वारदात और आरोपित की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। इसी के साथ मोहम्मद सूफियान पर IPC की धारा 363, 376 (2) IPC के साथ पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता चारमीनार इलाके में एक कपड़े की दुकान पर सेल्सगर्ल थी। घटना के दिन आरोपित ने पीड़िता को अपने घर ले जा कर रेप किया। बाद में उसे दुकान पर वापस छोड़ दिया। हिंदुस्तान टाइम्स को इंस्पेक्टर कला पत्थर ने बताया, “5 मई 2022 (रविवार) को पीड़िता ने अपने शरीर में हो रहे दर्ज के बारे में अपनी माँ को बताया। इसी के साथ उसने मोहम्मद सूफियान द्वारा की जा रही हरकतों को भी बता दिया।” बाद में पीड़िता की माँ की शिकायत पर केस दर्ज कर के पुलिस ने सूफियान को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया।

एक अन्य रेप केस में कलीम और अहमद गिरफ्तार

जानकारी के मुताबिक 31 मई 2022 (गुरुवार) को हैदराबाद के पास स्थित रंगारेड्डी जिले के कोनदुर्ग गाँव में एक 11 साल की नाबालिग लड़की से रेप हुआ था। तब कैब ड्राइवर कलीम अली ने अपने साथी मोहम्मद अहमद के साथ मिल कर नाबालिग से दुष्कर्म किया था। पीड़िता अगले दिन 1 जून को अपने घर के पास मिली थी। मेडिकल जाँच में उसके साथ रेप की पुष्टि हुई थी। पुलिस ने जाँच के दौरान 3 जून 2022 कलीम और अहमद को गिरफ्तार कर लिया था। पीड़िता क्लास 7 की छात्रा थी जो अपने दादा-दादी के पास रहती थी। वो अपने पिता से मिलने जाना चाहती थी पर उसके पास भाड़े के पैसे नहीं थे। इस दौरान कैब ड्राइवर कलीम अली ने उसे बिना किराए के छोड़ने का ऑफर दिया और बाद में अपहरण कर के अपने साथी अहमद के साथ गैंगरेप किया था।