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‘ईसाइयत का हो रहा जोर-शोर से प्रचार… सिखों को अर्थव्यवस्था पर कब्जा करना होगा’ : अकाल तख्त के जत्थेदार ने दी ‘आधुनिक हथियार’ रखने की सलाह

पंजाब के अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह एक बार फिर अपने बयान के कारण चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने सिखों से अपील की है कि वे मजबूत होकर देश की अर्थव्यवस्था पर कब्जा करें। दैनिक जागरण के मुताबिक, ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा कि 1947 के बाद से ही सिखों को दबाने की नीतियाँ बन गई थीं। आजादी ने सिखों को धार्मिक और राजनीतिक रूप से कमजोर किया है। इसलिए सिखों को मजबूत होकर देश की अर्थव्यवस्था पर कब्जा करना होगा। तभी सिखों का राज होगा।

उन्होंने आगे कहा, “सिखों के सामने वर्तमान में बहुत सी चुनौतियाँ सामने खड़ी हैं। ये हमें धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक तौर पर कमजोर कर रही हैं। इसी कड़ी में ईसाइयत का प्रचार जोर-शोर से हो रहा है। इस पर अंकुश लगाने के लिए हमें एकजुट होकर मैदान में उतरना होगा। गाँव-गाँव जाकर सिख समुदाय की आवाज बुलंद करनी होगी। अब एसी कमरों से बाहर निकलने का समय आ गया है। अगर हम धार्मिक रूप से मजबूत नहीं होंगे, तो आर्थिक रूप से ताकतवर नहीं बन पाएँगे। इससे राजनीतिक रूप से भी कमजोर होंगे।”

मालूम हो कि बीते दिनों पंजाब की भगवंत मान सरकार ने राज्य भर के 424 वीआईपी लोगों को दी गई सुरक्षा तत्काल प्रभाव से हटा ली थी। इन 424 लोगों में रिटायर्ड पुलिस अधिकारी, धार्मिक नेता, नेता और श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह भी शामिल थे।

गौरतलब है कि पिछले म​हीने ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने सिखों से आधुनिक हथियार रखने की अपील की थी। हरप्रीत सिंह ने कहा था कि हर सिख आधुनिक हथियार का लाइसेंस रखने की कोशिश करे। उन्होंने मीरी-पीरी के संस्थापक गुरु हरगोबिंद साहिब के गुरुता गद्दी दिवस पर संगत के नाम जारी संदेश में इस तरह की अपील की थी, जिस पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आपत्ति जताई थी।

सिंह ने दावा किया था कि गुरु हरगोविंद ने चार युद्ध लड़े और चारों में ही उन्होंने जीत दर्ज की। उन्होंने यह भी कहा था कि अब समय आ गया है जब सिख बाणी पढ़ कर बलवान बनें और हर सिख शस्त्रधारी भी बने। उन्होंने मीरी-पीरी के सन्देश को आज भी प्रासंगिक बताते हुए कहा था कि सिखों को आधुनिकतम गतका, तलवारबाजी, तीरंदाजी का अभ्यास करने के साथ गुरुओं का नाम जपने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने हथियार को समय की जरूरत करार दिया था।

‘मूसेवाला जैसा हाल कर देंगे’: सलमान खान और उनके अब्बू सलीम खान को मिली जान से मारने की धमकी, महाराष्ट्र सरकार ने बढ़ाई सुरक्षा

बॉलीवुड एक्टर सलमान खान को बीते को कल शाम को जान से मारने की धमकी मिली है। यह धमकी पंजाब के सिंगर मूसेवाला के हत्यारों की तरफ से दी गई, ऐसा दावा किया गया है। वहीं इस मामले में तेजी दिखाते हुए महाराष्ट्र के गृह विभाग ने सलमान और उनके पिता सलीम खान की सुरक्षा बढ़ा दी है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, बीते रविवार (5 जून, 2022) की सुबह 8 बजे सलमान खान के पिता को एक धमकी भरा लेटर मिला। इस लेटर में साफ-साफ तरीके से सलमान खान और सलीम खान को जान से मारने की धमकी दी गई थी। पत्र में सिद्धू मूसेवाला का भी जिक्र करते हुए लेटर में लिखा हुआ है कि उनकी तरह ही सलमान खान को भी मौत के घाट उतार दिया जाएगा। कहा जा रहा है कि लेटर सामने आते ही महाराष्ट्र गृह मंत्रालय के आदेश पर भारी संख्या में पुलिस बल सलमान खान के घर के बाहर तैनात कर दी गई है।

सिद्धू की हत्या के छह दिनों बाद सलीम खान को रविवार की सुबह करीब 8 बजे धमकी भरा नोट मिला। टहलने के दौरान अक्सर जिस बेंच पर वह बैठा करते थे, वहीं पर उन्हें यह लेटर रखा हुआ मिला था। लेटर में लिखा हुआ था कि उन्हें और उनके बेटे सलमान खान को सिद्धू मूसेवाला की तरह ही मौत के घाट उतार दिया जाएगा।

रिपोर्ट के अनुसार, कथित तौर पर, पंजाबी गायक मूसेवाला की हत्या लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़ी हुई है, जिसके कारण सलमान की जान को भी खतरा बताया गया था। कथित तौर पर उस धमकी भरे पत्र में सलमान खान का भी मूसेवाला की तरह हाल करने की धमकी दी गई थी।

गौरतलब है कि कल जब लेटर मिला था तब सलमान खान दुबई में थे। यहाँ पर आईफा 2022 का आयोजन किया गया था। लेकिन उनके अब्बू सलीम खान ने धमकी भरा पत्र मिलने के तुरंत बाद ही मुंबई के बांद्रा इलाके में स्थित पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवा दी। वहीं मुंबई पुलिस ने अज्ञात शख्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर लिया है।

बता दें कि लॉरेंस बिश्नोई ने 1998 में फिल्म ‘हम साथ साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान काले हिरण के शिकार मामले में सलमान खान को धमकी दी थी। इस वक्त लॉरेंस बिश्नोई तिहाड़ जेल में बंद है, जहाँ उसका नाम पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या में आया है और उससे दिल्ली और पंजाब पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।

‘हिंदी लोगों को शूद्र बना देती है, ये यूपी-बिहार जैसे पिछड़े राज्यों की भाषा’: DMK सांसद का विवादित बयान, कहा – ये हमारे लिए अच्छा नहीं

तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK (द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम) के सांसद टीकेएस एलनगोवन कहा है कि हिंदी भाषा का इस्तेमाल करने पर वो लोग ‘शूद्र’ बन जाएँगे। उन्होंने हिंदी को ‘पिछड़े हुए राज्यों की भाषा’ करार दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी को स्वीकार करने से लोग ‘शूद्र’ बन जाएँगे और ये किसी के लिए भी अच्छा नहीं होगा। पिछले कुछ दिनों में दक्षिण भारत के कई नेताओं और फ़िल्मी हस्तियों ने हिंदी भाषा को लेकर विवादित बयान दिया है।

टीकेएस एलनगोवन ने कहा, “हिंदी सिर्फ पिछड़े हुए राज्यों की भाषा है, जैसे – बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान। पश्चिम बंगाल, ओडिशा, तेलंगाना, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात और पंजाब को देखिए। क्या ये सभी विकसित राज्य नहीं हैं? इन राज्यों के लोगों की मातृभाषा हिंदी नहीं है। हिंदी से हम शूद्र बन जाएँगे। ये हमारे लिए अच्छा नहीं होगा।” बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने हिंदी को अंग्रेजी की जगह स्वीकार्य भाषा बनाने की वकालत की थी।

इससे पहले तमिलनाडु के शिक्षा मंत्री ने कहा था कि अंग्रेजी, हिंदी के मुकाबले ज्यादा बहुमूल्य है। उन्होंने कहा था कि अंग्रेजी एक अंतरराष्ट्रीय भाषा है, जबकि हिंदी बोलने वाले पानी-पूरी बेचते हैं। भाजपा ने DMK सांसद के इस बयान का विरोध किया है। पार्टी के नेता नारायणन तिरुपति ने कहा कि राज्य में DMK पूरी तरह फेल हो गई है, इसीलिए वो मुद्दों को भटकाने में लगे हुए हैं। 67 वर्षीय टीकेएस एलनगोवन 2009 में चेन्नई नॉर्थ से लोकसभा सांसद चुने गए थे और फ़िलहाल वो राज्यसभा सांसद हैं।

साथ ही वो डीएमके के आर्गेनाईजेशन सेक्रेटरी भी हैं। उनके दिवंगत पिता टीके श्रीनिवासन भी राज्यसभा सांसद हुआ करते थे। इससे पहले के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मा सुब्रमण्‍यम ने तमिलनाडु में कोरोना वायरस केस बढ़ने के लिए उत्तर भारत के हिंदी भाषी छात्रों को जिम्‍मेदार ठहराया था। इससे पहले कन्नड़ अभिनेता सुदीप और बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन के बीच हिंदी भाषा को लेकर ट्विटर बहस हुई थी। दक्षिण भारत के कई नेता हिंदी विरोधी बातें करते रहते हैं।

4 हत्याओं में आरोपित कॉन्ग्रेस नेता ने शक में अपनी पत्नी को गोली से मारा: फरार ऋषभ भदौरिया की तलाश जारी, लूट केस में भी है आरोपित

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में कॉन्ग्रेस नेता ऋषभ भदौरिया अपनी पत्नी को गोली मार कर फरार हो गया। भदौरिया ने रविवार (6 जून 2022) रात 3 बजे इस घटना को अंजाम दिया। इस दौरान उसके दो बच्चे गहरी नींद में थे जो गोली की आवाज सुनकर जग गए। वहीं आसपास रह रहे परिजन भी दहशत में आ गए।

पूरा मामला, शहर के थाटीपुर स्थित दर्पण कॉलोनी का है। ऋषब यहाँ अपनी पत्नी भावना और 2 बच्चों के साथ रहता था। बताया जा रहा है कि देर रात उसका अपनी पत्नी से किसी बात पर विवाद हुआ और उसने अपनी पत्नी को गोली मार दी। गोली की आवाज सुन बच्चों की नींद खुली तो वो माँ को देख सहम गए। इसके बाद घर के आसपास रह रहे कुछ रिश्तेदार गोली की आवाज सुनकर वहाँ पहुँचे। लेकिन ऋषभ तब तक फरार था। लोगों ने फौरन घटना की सूचना पुलिस को दी और अब आगे पुलिस इस मामले में आगे की जाँच में जुटी है।

सामने आई जानकारी के अनुसार, कॉन्ग्रेस के पूर्व जिला प्रवक्ता रहे ऋषभ के सिर पर खून सवार देख उनकी पत्नी भावना खुद को बचाने बाहर भागी थी लेकिन ऋषभ रुका नहीं। परिजनों ने बताया कि एक माह से ऋषभ की अपनी पत्नी से खटपट थी। उसे शक था कि भावना उससे बातें छिपाती हैं। जब रविवार रात दोबारा कॉन्ग्रेस नेता को 3 बजे यह सब याद आया तो उसने भावना पर चिल्लाना शुरू कर दिया और थोड़ी देर बाद उसके सिर को टारगेट करके गोली चला दी।

ऋषभ के पिता की शिकायत पर इस मामले में केस दर्ज हुआ। आरोपित अभी फरार है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब आगे जाँच हो रही है। शरुआत में बस शक वाला एंगल सामने आया है। लेकिन बता दें कि ऋषभ भदौरिया के खिलाफ साल 2020 में भी कार्रवाई हुई थी। उसके ऊपर पहले से लूट और 4 हत्याओं के केस दर्ज हो रखे हैं।

कानपुर हिंसा में 50 धमाके, 48 घंटे पहले ही भरे गए पेट्रोल बम: CCTV फुटेज से खुलासा, PM मोदी को शहर में देख दंगाइयों ने चुना था उपद्रव का दिन

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के कानपुर (Kanpur ) में 3 जून को इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा की गई हिंसा के दौरान पेट्रोल बमों का इस्तेमाल किया गया था। इसको लेकर अब खुलासा हुआ है कि घटना के 48 घंटे पहले ही चरमपंथियों ने सुनियोजित तरीके से बोतलों में पेट्रोल इकट्ठा किया था। हिंसा के दैरान कानपुर में दंगाइयों ने करीब 50 धमाके किए थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, कट्टरपंथियों ने शहर के डिप्टी पड़ाव स्थित भारत पेट्रोलियम के पंप से बोतलों में पेट्रोल भरवाया था। सीसीटीवी फुटेज से इसका खुलासा होने के बाद कानपुर के जिलाधिकारी ने पेट्रोल पंप का लाइसेंस कैंसिल कर दिया है। इसके साथ ही सभी 37 पंपों की जाँच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम गठित कर दिया है।

सीसीटीवी फुटेज में देखा गया कि 2 जून को 4 लड़के बोतलें लेकर पेट्रोल भरवाने के लिए आए। उन्होंने बाइक में पेट्रोल भरवाने की जगह बोतलों में पेट्रोल भरवाया। अब जब पुलिस इनके घरों में पहुँची तो ये वहाँ से गायब रहे। घरवालों ने कहा कि वो तो 3 जून से लौटे ही नहीं।

इस बीच डीसीपी रवीना त्यागी को फील्ड से हटाकर कमिश्नर के मुख्यालय भेज दिया गया है और उनकी जगह मुख्यालय से डीसीपी संजीव त्यागी को फील्ड पोस्टिंग मिली है।

कानपुर में दंगाइयों ने 3 जून को ही क्यों चुना

रिपोर्ट के मुताबिक, कानपुर हिंसा के मास्टर माइंड हयात जफर हाशमी के व्हाट्सएप चैट से ये चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पता चला है कि हयात ने पुलिस को गुमराह करने के लिए बाजार बंदी को वापस लिया था। 3 जून को जुमा था और उसी दिन देश के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शहर में थे। इसी को ध्यान में रखते हुए उस दिन को हिंसा के लिए चुना गया।

हयात जफर हाशमी के व्हाट्सएप पर 141 ग्रुप बनाए गए थे। इसमें से 14 में बहुत ही अधिक एक्टिव था। इस हिंसा के जरिए दंगाई संदेश देना चाहते थे कि उनका मकसद पूरा हो गया है। दरअसल, वो देश के शीर्ष नेतृत्व तक पहुँचना चाहते थे।

जम्मू के वासुकी नाग मंदिर में जम कर तोड़फोड़, सड़क पर उतरे आक्रोशित हिन्दू: 13500 फ़ीट की ऊँचाई पर है स्थित, निर्माण के पीछे एक अद्भुत कथा

जम्मू कश्मीर के डोडा स्थित वासुकी नाग मंदिर में तोड़फोड़ की घटना सामने आई है। भद्रवाह के इस मंदिर को भद्रकाशी के रूप में भी जाना जाता है। जम्मू संभाग में हुई इस घटना के बाद से स्थानीय हिन्दुओं में रोष व्याप्त है। सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारियों ने दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की माँग की। बताया जा रहा है कि ये घटना रविवार (5 मई, 2022) देर रात या फिर सोमवार को तड़के हुई। मंदिर में अंदर से लेकर बाहर तक तोड़फोड़ मचाई गई है।

सुबह में जब पुजारी वहाँ पहुँचे तो उन्होंने इस स्थिति की जानकारी बाक़ी लोगों को दी। लोगों का कहना है कि ऐसी हरकतों के जरिए सांप्रदायिक माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दोबारा ऐसी हरकतें रोकने के लिए दोषियों को ढूँढ कर कड़ी कार्रवाई की माँग की। सरकार द्वारा एक्शन न लेने की सूरत में प्रदेश भर में सड़क पर उतर कर चक्का जाम की चेतावनी भी दी गई। बता दें कि भद्रवाह के सौंदर्य और आध्यात्मिक विरासत के कारण इसे ‘मिनी कश्मीर’ भी कहते हैं।

भद्रवाह में कई प्राकृतिक और आध्यात्मिक स्थल हैं। इन्हीं धार्मिक स्थलों में नागों के राजा माने जाने वाले वासुकी का मंदिर भी है। भगवान शिव के गले में वासुकी नाग ही दिखाई देते हैं। वसुकी के पिता ऋषि कश्यप थे और उनकी माँ कद्रू थीं। उनके सिर पर नागमणि भी होती है। उनका ये मंदिर वास्तुकला और मूर्तिकला का एक अद्भुत नमूना है, जहाँ एक पत्थर पर दो प्रतिमाएँ (वासुकी और राजा जामुन वाहन) तराशी हुई हैं। इससे थोड़ी ही दूर पर कैलाश कुंड स्थित है, जिसे वासुकी कुंड के नाम से भी जानते हैं।

जम्मू कश्मीर के पूर्व विधान पार्षद और महाराजा हरि सिंह के वंशज विक्रमादित्य सिंह ने कहा, “भद्रवाह के कैलाश कुंड स्थित श्री वासुकी नाग मंदिर में स्थानीय बदमाशों द्वारा तोड़फोड़ मचाए जाने की घटना सामने आई है। मैंने व्यक्तिगत रूप से डोडा के DC और SSP से बात कर के जल्द से जल्द मामले की जाँच करने और दोषियों पर कार्रवाई के लिए कहा है। ये मंदिर 13,500 फ़ीट की ऊँचाई पर स्थित है। ‘J&K धर्मनाथ ट्रस्ट’ और स्थानीय हिन्दू समितियाँ वार्षिक कैलाश यात्रा में मदद करते हैं। मैं लोगों से शांति और सांप्रदयिक सद्भाव बनाए रखने की अपील करता हूँ।”

डोडा पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप ने घटनास्थल का जायजा भी लिया है। इस क्षेत्र में कोई आबादी नहीं रहती है और ठंड के मौसम में कोई कनेक्टिविटी भी नहीं रहती है, क्योंकि ये इलाका पहाड़ियों की चोटी पर है। अब भी ये भारी बर्फ़बारी के कारण बंद है। पुलिस ने इसे दानपेटी को लूटने का प्रयास बताया है, लेकिन ये पहले से ही खाली था। ये मंदिर 11वीं शताब्दी में बना था और प्रतिमाएँ 87 डिग्री के झुकाव पर निर्मित की गई थीं।

मंदिर के बारे में कहानी कुछ यूँ है कि सन् 1629 में बसोहली के राजा भूपत पाल ने भद्रवाह पर कब्ज़ा किया था, लेकिन कैलाश कुंड पार करते समय वो नाग जाल में फँस गया। घबराए राजा ने विशाल नाग से माफ़ी माँगी, जिसके बाद नाग ने राजा के कान के छल्ले से एक मंदिर बनवाने को कहा। इस कुंड को ‘वासक छल्ला’ भी कहते हैं, क्योंकि मंदिर निर्माण में देरी के कारण आक्रोशित नागराज ने पानी पी रहे राजा को छल्ला झरने से वापस कर दिया। हालाँकि, राजा ने जल्द मंदिर निर्माण का संकल्प लेते हुए छल्ला वापस समर्पित किया। कथा है कि रास्ते में मूर्तियाँ यहाँ रखी गईं और यहाँ से उठी ही नहीं।

हवा में नंगी तलवार, हाथ में भिंडरावाले के पोस्टर और मुँह पर खालिस्तानी नारे: ब्लू स्टार की बरसी पर स्वर्ण मंदिर पहुँचे सैंकड़ों लोग, Video वायरल

पंजाब में खालिस्तान (Khalistan) की माँग एक बार फिर से सिर उठ रही है। इसका सबूत सोमवार (6 जून 2022) को उस समय दिखा जब ऑपरेशन ब्लू स्टार (Operation Blue Star) की बरसी पर स्वर्ण मंदिर (Golden Temple) के गेट तक पहुँचे सैकड़ों की संख्या में लोगों ने खालिस्तानी नारेबाजी की। इस दौरान लोगों ने अपने हाथों में नंगी तलवारें और खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले (Jarnail Bhindranwale) के पोस्टर लिए हुए थे।

इन लोगों ने जरनैल सिंह भिंडरावाले के बैनर और पोस्टरों को लहराते हुए स्वर्ण मंदिर के अंदर घुसने की कोशिशें की, लेकिन उन्हें गेट पर ही रोक दिया गया। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। 42 सेकंड के वीडियो में सैकड़ों सिखों को हाथों में नंगी तलवारें और पोस्टर लेकर नारेबाजी करते देखा जा सकता है। उल्लेखनीय है कि आज ही के दिन 38 साल पहले (6 जून 1984) सेना का ऑपरेशन ब्लू स्टार समाप्त हुआ था। इस दिन सेना ने अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में सेना ने आतंकी जरनैल सिंह भिंडरावाले को ढेर कर उसे आतंकियों के चंगुल से मुक्त कराया था।

रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी के बीच कट्टरपंथी संगठनों ने अमृतसर में बंद का आह्वान किया है। दल खालसा नाम के कट्टरपंथी संगठन ने हर जगह ऑपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में पोस्टर चस्पा किए हैं। मामले की गंभीरता के मद्देनजर अमृतसर में 7,000 जवानों की तैनाती की गई है। बावजूद इसके खालिस्तानी समर्थक स्वर्ण मंदिर तक पहुँच गए।

भगवंत मान की अकाल तख्त के जत्थेदार संग बैठक

इससे पहले रविवार को पंजाब के सीएम भगवंत मान ने ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी से पहले स्वर्ण मंदिर में माथा टेका और फिर अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के साथ बंद कमरे में बैठक की। हालाँकि, अंदर किस तरह की बातें हुई, इसका खुलासा नहीं हो सका।

रविवार को ही कट्टरपंथी सिख संगठनों बब्बर खालसा, शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) समेत कई अन्य खालिस्तान समर्थकों ने आजादी मार्च निकाला था। इस दौरान खालिस्तान की आजादी की माँग के नारे लगाए गए थे।

मनी लॉन्ड्रिंग केस में सत्येंद्र जैन के 7 ठिकानों पर पड़ा ED का छापा: गिरफ्तारी के बाद 9 जून तक हिरासत में रहेंगे दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता व दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र कुमार जैन (Satyendra Kumar Jain) के ऊपर मनी लॉन्ड्रिंग केस में शिकंजा कसता जा रहा है। सोमवार (6 जून 2022) को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आम आदमी पार्टी के नेता के घर सहित उनके 7 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। ये छापेमारी हवाला ट्रांजैक्शन संबंधित है जिसे सोमवार को तड़के शुरू किया गया और खबर लिखे जाने तक यह जारी रही। वहीं सत्येंद्र जैन कोलकाता की एक कंपनी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 9 जून तक ईडी की हिरासत में हैं।

उल्लेखनीय है कि जैन को ईडी ने 30 मई को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया था। बाद में निचली अदालत ने उन्हें 31 मई को ईडी की हिरासत में भेज दिया था। इससे पहले लोअर कोर्ट ने पूछताछ के दौरान एक वकील की मौजूदगी की अनुमति दी थी। वकील को कुछ दूरी पर रहने की इजाजत दी गई थी, जहाँ से वह कुछ भी नहीं सुन सकता था, लेकिन देख सकता था कि क्या हो रहा था। हालाँकि बाद में दिल्ली हाई कोर्ट ने लोअर कोर्ट के इस आदेश पर रोक लगा दी थी।

कोर्ट ने निर्देश को चुनौती देने वाली ईडी की याचिका पर सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। जज ने कहा कि मंत्री के खिलाफ कोई शिकायत या एफआईआर दर्ज नहीं है। जैन बयान दर्ज कराने के दौरान वकील की माँग नहीं कर सकते।

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि साल 2017 में आय से अधिक संपत्ति रखने के मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत सत्येंद्र जैन के खिलाफ FIR दर्ज की थी। इसी शिकायत के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय ने AAP नेता के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया था। इसमें ये आरोप लगाया गया था कि जिसमें जाँच एजेंसी ने ये आरोप लगाया था कि जैन चार कंपनियों से मिली फंडिंग के स्त्रोत का के बारे में नहीं बता सके थे। जबकि, वो उसमें शेयर होल्डर थे। इन कंपनियों ने कथित तौर पर 2010 से 2014 तक 16.39 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग की थी।

साल 2019 में नवंबर में गृह मंत्रालय ने आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग से संबंधित मामलों में दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी थी।

इसी साल अप्रैल 2022 में ED ने कार्रवाई करते करते हुए अकिंचन डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड और इंडो मेटल इंपेक्स प्राइवेट लिमिटेड व अन्य की 4.81 करोड़ रुपए की संपत्तियों को PMLA एक्ट 2002 के तहत जब्त कर लिया था। ED ने ये कार्रवाई आप मंत्री सत्येंद्र जैन, उनकी पत्नी पूनम जैन और अन्य के खिलाफ दर्ज आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग मामले के संबंध में की थी।

नाइजीरिया के चर्च में ‘मुस्लिम आतंकियों’ ने ईसाइयों पर ताबड़तोड़ बरसाई गोलियाँ: 50 की मौत, कई घायल, पादरी का भी हुआ अपहरण

अफ्रीकी देश नाइजीरिया (Nigeria Church Attack) से दुखद घटना प्रकाश में आई है। जहाँ दक्षिण-पश्चिमी नाइजीरिया के ओवो शहर में स्थित कैथोलिक चर्च में रविवार (5 जून 2022) को बंदूकधारियों ने प्रेयर के दौरान जमकर गोलीबारी की, जिसमें कम से कम 50 लोगों की मौत (Death) हो गई। हमलावरों ने चर्च के अंदर धमाका भी किया। विधायक ओगुनमोलासुयी ओलुवोले ने कहा कि इस हमले में मारे गए लोगों में बच्चे भी शामिल हैं।

ओलुवोले के मुताबिक, ओवो के इतिहास में पहले कभी ऐसी घटना नहीं हुई। नाइजीरिया के निचले विधायी सदन में ओवो क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले एडेलेगबे टिमिलीन ने कहा कि हमलावरों ने चर्च के मुख्य पादरी का भी अपहरण कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि घटना स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब 11:30 बजे घटी। हालाँकि, हमलावरों का पता नहीं चल सका है। घटना स्थल से जो तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें वहाँ पर खून से लथपथ लोगों को जमीन पर पड़े थे।

इस नृशंस हमले की कड़ी निंदा करते हुए नाइजीरियाई राष्ट्रपति मुहम्मदु बुहारी ने कहा कि चाहे कुछ भी हो जाए ये देश बुरे लोगों के सामने कभी नहीं झुकेगा। अंधकार कभी भी प्रकाश पर विजय नहीं पा सकेगा। उन्होंने कहा कि आखिर में नाइजीरिया ही जीतेगा।

अधिकारियों का कहना है कि रविवार को पेंटेकोस्ट के दिन ईसाई धर्म को मानने वाले चर्च में इकट्ठे हुए थे। उसी दौरान उन्हें निशाना बनाया किया। घायलों का इलाज करने वाले डॉक्टरों, स्थानीय अधिकारियों और स्वयंसेवकों ने कहा कि मरने वालों की संख्या कम से कम 50 थी। जबकि इस हमले में दर्जनों लोग घायल भी हुए हैं।

फुलानी आतंकियों पर शक

कैथोलिक चर्च में हुए भीषण हमले को लेकर सांसद अडेमी ओलेमी का मानना है कि ये हमला मुस्लिम फुलानी आतंकवादियों द्वारा किया गया था। इन आतंकियों को डकैत भी कहा जाता है। इन आतंकियों ने लगातार उत्तरी नाइजीरिया समेत देश के कई हिस्सों को दहलाया है।

इस आतंकी संगठन का उदय चरवाहों और स्थानीय समुदायों के बीच जमीन तक पहुँच को लेकर और खेतों पर अतिक्रमण के बीच ऐतिहासिक संघर्ष के कारण हुआ है।

हैदराबाद गैंगरेप में AIMIM विधायक का बेटा शामिल, BJP नेता ने Video में दिखाए सारे सबूत: रिपोर्ट्स

हैदराबाद के जुबली हिल्स में नाबालिग से गैंगरेप केस में AIMIM विधायक के बेटे के बचने के रास्ते अब बंद होते जा रहे हैं। खबर है कि एक वीडियो के जरिए भाजपा नेता ने ये साबित किया है कि इस केस में शहर के विधायक के बेटे का हाथ है। इस बीच रविवार (5 जून 2022) को पुलिस ने इस केस में तीसरे नाबालिग आरोपित को गिरफ्तार किया है और कई टीमें अब भी आरोपित ओमेर खान की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।

डेक्कन क्रॉनिकल ने अपनी रिपोर्ट में बेहद विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से बताया कि भाजपा विधायक एम रघुनंनदन राव ने शनिवार (4 जून 2022) को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायक के बेटे की वीडियो प्रशासन को दिखाई। इस वीडियो में विधायक के बेटे द्वारा नाबालिग को छूने और चूमने का कृत्य कर पॉक्सो एक्ट का उल्लंघन करते हुए साफ देखा जा सकता है। रिपोर्ट में ये भी दावा है कि जाँच अधिकारियों ने शुरू में विधायक के बेटे के साथ चैट की थी। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने ये भी दावा किया था कि विधायक का बेटा इनोवा गाड़ी में नहीं था। हालाँकि 28 मई को वो मर्सीडीज बेंज में था इस बात में अब कोई संदेह नहीं रह गया है।

गौरतलब है कि नाबालिग रेप केस में भाजपा नेता रघुनंदन राव ने शनिवार को हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में एआईएमआईएम विधायक के बेटे का नाम लेकर सवाल किया था कि आखिर पुलिस कोई एक्शन क्यों नहीं ले रही। वहीं दूसरी ओर पुलिस का कहना है कि वह पीड़ित नाबालिग से भी पूछताछ करके और आरोपितों के नाम निकलवा रहे हैं। अगर पीड़िता और किसी के नाम बताती है तो मामले में एक्शन लिया जाएगा।

बता दें कि 17 साल की पीड़िता 28 मई को एक पार्टी के बाद अपने घर लौट रही थी। उसी वक्त हैदरबाद जुबली हिल्स इलाके में उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है एक वीडियो में देख सकते हैं कि पीड़िता एक पब के बाहर संदिग्ध आरोपितों के साथ खड़ी दिखाई है। रिपोर्टस की मानें तो आरोपितों ने पहले पीड़िता से उसके घर छोड़ने की बात कही। बाद में एक पार्क की हुई कार के अंदर उसके साथ मारपीट की गई और फिर बारी-बारी से सभी ने उसके साथ बलात्कार किया। इस दौरान दूसरे आरोपित कार के बाहर पहरा दे रहे थे। घटना की जानकारी होने के बाद लड़की के पिता ने इस संबंध में शिकायत दी थी और पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 323 और पॉक्सो एक्ट की धार 9 और 10 के तहत मामला दर्ज किया था।