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इलाज के लिए अनिल देशमुख और नवाब मलिक को कोर्ट ने दी अलग-अलग छूट, मनी लॉन्ड्रिंग में हैं आरोपित: वरवरा राव को भी मिली थी राहत

मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में जेल की सजा काट रहे महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी के नेता अनिल देशमुख (Anil Deshmukh) को शुक्रवार को बाएँ कंधे की जाँच के लिए पहले सरकारी केईएम अस्पताल में भर्ती करने और फिर वहाँ से उन्हें आगे के इलाज के लिए जेजे अस्पताल में ट्रांसफर करने का आदेश दिया। इसी के साथ कोर्ट ने देशमुख की प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराने की माँग वाली याचिका को खारिज कर दिया।

वहीं दूसरी तरफ उसी अदालत ने महाराष्ट्र के अल्पसंख्यक विकास मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक की मेडिकल बेल की एप्लीकेशन को भले ही कोर्ट ने खारिज कर दिया, लेकिन उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में अपनी ट्रीटमेंट कराने की इजाजत दे दी। इसके साथ ही इसके लिए उन्हें भुगतान करने की भी इजाजत मिल गई।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख और नवाब मलिक पर मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) कार्रवाई कर रहा है। केंद्रीय जाँच एजेंसी ने मलिक को इसी साल फरवरी में गिरफ्तार किया था, जबकि देशमुख को नवंबर 2021 में गिरफ्तार किया गया था। दोनों ही नेताओं ने मेडिकल बेल माँगी थी।

उल्लेखनीय है कि एनसीपी नेता नवाब मलिक को 9 से 11 मई तक उनके फेमिली डॉक्टरों, डॉ सईदा खान और डॉ शरद कोलके की उपस्थिति में कम्प्लीट हेल्च चेकअप के लिए एक नेफ्रोलॉजिस्ट से मिलने की इजाजत दी गई थी। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, इस दौरान फैमिली डॉक्टर को लेकर जो भी खर्च होगा, उसका वहन नवाब मलिक को ही करना होगा। ये व्यवस्था कोर्ट ने अस्थायी तौर पर की है। वहीं उनकी अंतरिम जमानत अर्जी पर भी अदालत में सुनवाई हुई थी। मलिक ने अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि उन्हें किडनी की बीमारी है और इसके लिए उन्हें प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज के लिए जाने की इजाजत दी जाए। उन्होंने 6 सप्ताह की अंतरिम जमानत माँगी थी।

इसी तरह से पुणे के एल्गार परिषद के मामले गिरफ्तार किए गए अर्बन नक्सल वरवरा राव को भी कोर्ट ने इलाज के लिए नानावती अस्पताल में ट्रांसफर करने की इजाजत दी थी। दरअसल, राव ने 2020 में मेडिकल बेल और एक रिट पिटिशन फाइल की थी, जिसमें उसने अपनी बिगड़ती न्यूरोलॉजिकल स्थिति और शारीरिक हालत का हवाला देते हुए नानावती अस्पताल में इलाज की इजाजत माँगी थी।

इसके बाद बॉम्बे हाई कोर्ट के जस्टिस एसएस शिंदे और जस्टिस माधव जामदार की बेंच ने इस मामले में हस्तक्षेप किया, जिसके बाद राज्य ने कहा कि वो राव को नवी मुंबई में तलोजा जेल से माहाराष्ट्र सरकार के विशेष मामले के तौर पर नानावती अस्पताल में इलाज के लिए भेजेगी।

काशी ज्ञानवापी सर्वे में बड़ा खुलासा, बोला हिन्दू पक्ष- हमारी कल्पना से परे बहुत कुछ ज्यादा, फ़िलहाल रखा गया है गोपनीय

काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थित ज्ञानवापी विवादित ढाँचे में सर्वे का कार्य जारी है। साथ-साथ वीडियोग्राफ़ी भी की जा रही है। माँ श्रृंगार गौरी की पूजा के मामले में ये कार्यवाही अदालत द्वारा नियुक्त एडवोकेट कमिश्नर के नेतृत्व में की जा रही है। मंदिर के तहखाने के 4 कमरों और पश्चिमी दीवारों पर सर्वे और वीडियोग्राफ़ी का काम पूरा हो चुका है। ‘विश्व वैदिक सनातन संघ’ ने कहा है कि वहाँ कल्पना से परे बहुत कुछ ज्यादा है।

संस्था के अध्यक्ष जितेंद्र सिंह बिसेन से पूछा गया था कि ज्ञानवापी विवादित ढाँचे में सर्वे और वीडियोग्राफ़ी के दौरान क्या-क्या मिला। उन्होंने कहा कि सिर्फ उनकी ही नहीं, बल्कि सभी लोगों की कल्पना से परे बहुत कुछ ज्यादा यहाँ पर मिला है। उन्होंने जानकारी दी कि जहाँ कुछ तालों को खोलना पड़ा, वहीं कुछ को तोड़ना पड़ा। उन्होंने बताया कि सर्वे के लिए भी बहुत कुछ है। उन्होंने बताया कि सर्वे की रिपोर्ट भी सबके सामने आएगी।

जितेंद्र सिंह बिसेन ने कहा कि न्यायालय के निर्देश के मुताबिक़ सर्वे किया जा रहा है। दोनों ही पक्षों ने इस दौरान अपनी-अपनी बातें रखीं। उन्होंने ये भी कहा कि सभी बातें मीडिया में नहीं बता जा सकती है। दोनों पक्षों की सहमति से सर्वे का कार्य किया गया और और वकीलों ने भी बताया कि सर्वे में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं डाला गया। वकीलों ने बतया कि कार्यवाही 4 घंटे तक चली, वादी-प्रतिवादी ने भी सहयोग किया और पुलिस प्रशासन भी साथ रहे।

अदालत पहले ही कह चुकी है कि जो भी इसमें बाधा डालेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फ़िलहाल सर्वे की रिपोर्ट गोपनीय रखी गई है। कार्यवाही को लेकर कुछ लीक करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की बात कही गई है। रविवार (15 मई, 2022) को भी सर्वे और वीडियोग्राफ़ी का काम जारी रहेगा। फ़िलहाल ये नहीं बताया गया है कि काम कब ख़त्म होगा। चार कमरों में से एक पर हिन्दू पक्ष का नियंत्रण भी है।

मारा गया नौशाद खान, MP में 3 पुलिसकर्मियों की हत्या की थी शिकारियों ने: पुलिस कार्रवाई को इतिहास बनाने का CM शिवराज का आदेश

मध्य प्रदेश के गुना जिले में वन्य जीवों के शिकारियों से मुठभेड़ में 3 पुलिसकर्मी बलिदान हो गए हैं। बलिदानियों में एक सब इंस्पेक्टर और 2 कॉन्स्टेबल शामिल हैं। शिकारियों द्वारा काले हिरन के शिकार की सूचना पर मध्य प्रदेश पुलिस घटनास्थल पर गई थी।

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता और विधायक राम दांगोरे के मुताबिक पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए नौशाद खान नाम के एक आरोपित को मार गिराया है। शिकारियों ने शुक्रवार (13 मई 2022) को पुलिसकर्मियों पर हमला कर इस घटना को अंजाम दिया था।

मध्य प्रदेश के एक अन्य भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी पुलिसकर्मियों की हत्या के आरोपित नौशाद खान के मारे जाने का ट्वीट किया है। घटनास्थल से पुलिसकर्मियों के शवों के अलावा राष्ट्रीय पक्षी मोर और हिरन के मृत शरीर क्षत-विक्षत हालत में मिले हैं। बलिदान हुए पुलिसकर्मियों के नाम सब इंस्पेक्टर राजकुमार जाटव, कॉन्स्टेबल नीरज भार्गव और सिपाही संतराम हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एलान किया है कि आरोपितों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होगी, जो इतिहास बनेगी। मुख्यमंत्री ने कहा, “अपराधियों की लगभग पहचान हो गई। जाँच चल रही है। पुलिस फोर्स को भेजा गया है। अपराधी किसी भी कीमत पर नहीं बचेंगे।”

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी घोषणा के मुताबिक बलिदान पुलिसकर्मियों में से प्रत्येक के परिवार को 1 करोड़ रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। साथ ही उनके परिवार के 1-1 सदस्य को सरकारी नौकरी भी मिलेगी। बलिदानी पुलिसकर्मियों का राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार भी किया जाएगा। घटनास्थल पर देरी से पहुँचने वाले IG को सरकार ने हटा दिया है।

इससे पहले मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉ नरोत्तम मिश्रा ने घटना की जानकारी देते हुए बताया, “गुना जिले के आरोन थाना क्षेत्र ‌में 7-8 मोटरसाइकिल सवार बदमाशों की सूचना पुलिस को मिली थी। पुलिस ने बदमाशों को चारों तरफ से घेर लिया। जिस पर बदमाशों ने फायरिंग शुरु कर दी। जिसमें पुलिस परिवार के जाबाँज एसआई राजकुमार जाटव, हवलदार नीलेश भार्गव और सिपाही संतराम जी की मौत हो गई।”

टीचर के रूप में CPM नेता ने 30 सालों तक 9 से 12 साल वाली 50+ छात्राओं का किया रेप, शोषण: 3 बार रह चुका है पार्षद

केरल के मलप्पुरम जिले (Malappuram, Kerala) में लगभग 30 वर्षों में अपने स्कूल के 50 से अधिक छात्राओं का यौन शोषण करने के आरोप में पूर्व स्कूली शिक्षक और CPM नेता केवी शशिकुमार को शुक्रवार (13 मई 2022) को गिरफ्तार कर लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इस घटना की जाँच के आदेश दिए गए हैं।

स्कूल की अलुमनाई एसोसिएशन की सदस्य और वकील बीना पिल्लई का कहना है कि शशिकुमार ने शिक्षक के रूप में कार्य करने की दौरान कई लड़कियों से छेड़छाड़ और यौन शोषण किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शशिकुमार ने दर्जनों लड़कियों के का रेप किया है। इन लड़कियों की उस समय उम्र 9 साल से 12 साल थी।

पिल्लई ने आरोप लगाया कि जब भी लड़कियाँ स्कूल प्रबंधन से इसकी शिकायत करती थीं तो वे कहते थे कि शिक्षक के साथ फ्लर्ट मत करो। पिल्लई ने कहा कि शशिकुमार से जुड़े गंभीर यौन उत्पीड़न के कई मामले हैं। उनकी यौन हिंसा की शिकार दो लड़कियाँ आत्महत्या करने की कगार पर थीं और एक लड़की को उन्होंने छाती पर इतनी बुरी तरह से काटा का उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।

शशिकुमार वर्तमान में वह मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (CPM) के नेता और मलप्पुरम नगरपालिका परिषद के सदस्य हैं। घटना सामने आने के बाद राज्य के शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने जाँच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही लोक शिक्षा निदेशालय के निदेशक से स्कूल प्रबंधन से संबंधित खामियों पर जल्द से जल्द रिपोर्ट माँगी है।

मलप्पुरम महिला थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज होने के बाद शशिकुमार फरार हो गया था। पुलिस ने लगभग एक सप्ताह बाद उसे गिरफ्तार किया है। शशिकुमार पर आरोप है कि मलप्पुरम के सेंट जेम्मस गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में शिक्षक रहने के दौरान उसने 60 से अधिक छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की थी। 50 छात्राओं ने उसके खिलाफ थाने में शिकायत दी थी।

शशिकुमार तीन बार मलप्पुरम नगर पार्षद रह चुके हैं। वे इसी साल मार्च में स्कूल से सेवानिवृत्त हुए। शशिकुमार पर #MeToo का सबसे पहला आरोप स्कूल की एक पूर्व छात्रा ने लगाया। दरअसल, शशिकुमार ने स्कूल से रिटायर होने से संबंधित फेसबुक पर एक पोस्ट डाली थी, जिसमें उन्होंने खुद को एक आदर्श शिक्षक बताया था। इस पर कमेंट करते हुए छात्रा ने यह आरोप लगाया था। उसके बाद कई छात्राओं ने आरोप लगाते हुए उन्हें ‘पीडोफाइल’ (बच्चों से सेक्स करने वाला मानसिक विक्षिप्त) बताया।

इसके बाद कई छात्राएँ सामने आईं और उन्होंने शशिकुमार पर अपने साथ भी छेड़छाड़ का आरोप लगाया। शोषण का आरोप लगाने वाली छात्राओं की बढ़ती संख्या के बाद उन पर दबाव बढ़ता गया और उन्होंने नगरपालिका के पार्षद पद से इस्तीफा दे दिया।

स्कूल की अलुमनाई एसोसिएशन के अनुसार, साल 2019 में कुछ छात्राओं ने शशिकुमार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन स्कूल प्रबंधन ने उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। शिकायतकर्ताओं की संख्या लगातार बढ़ने के बाद एसोसिएशन ने मलप्पुरम के SP से संपर्क किया था।

इन घटनाओं के सामने आने के बाद माकपा शाखा समिति के सदस्य रहे शशिकुमार को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद वह अंडरग्राउंड हो गए थे। हालाँकि पुलिस ने उन्हें अंतत: गिरफ्तार कर लिया।

भोजशाला के अंदर नमाज की अनुमति, मार्तंड सूर्य मंदिर में हवन-पूजा गलत… दोनों फैसले ASI के: नमाज के खिलाफ मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में याचिका

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में धार स्थित भोजशाला में नमाज़ पर रोक की माँग वाली याचिका पर सुनवाई होगी। यह याचिका ‘हिन्दू फ्रंट फॉर जस्टिस’ नाम के संगठन ने दायर की है। इसी मामले में हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश राज्य सरकार, केंद्र सरकार और पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI: Archaeological Survey Of India) को नोटिस जारी किया है।

यह याचिका ASI के डायरेक्टर जनरल द्वारा 7 अप्रैल 2003 को भोजशाला मामले में दिए गए आदेश को चुनौती देते हुए दायर की गई है। उस आदेश में भोजशाला के अंदर मुस्लिमों को नमाज पढ़ने की अनुमति दे दी गई थी।

धार जिले की इस भोजशाला को मुस्लिम पक्ष 11वीं सदी में बनी ‘कमाल मौला मस्जिद’ बताता है। वहीं हिन्दू पक्ष इसको सनातन धर्म से जुड़ी धरोहर कहता है। हिन्दू पक्ष ने हाईकोर्ट में जो याचिका दायर की है, उसमें मूल तर्क दिया गया है:

“भोजशाला के नाम पर बना एक भव्य हिन्दू मंदिर इस्लामी शासकों द्वारा सन 1305, 1401 और 1514 ईसवी में ध्वस्त किया गया था। लेकिन इसके बाद भी वो हिन्दुओं की भावनाओं को नहीं दबा पाए। तब से अब तक हिन्दू यहाँ अपनी आस्था के चलते पूजा करते आ रहे हैं। हर साल यहाँ बसंत उत्सव भी मनाया जाता है।”

हिन्दू संगठन ने अपनी माँग में भोजशाला के अंदर देवी सरस्वती प्रतिमा की स्थापना और अंदर बने रंगीन चित्रों की जाँच की माँग की। इसी के साथ केंद्र सरकार से भोजशाला में बनी कलाकृतियों और मूर्तियों की रेडियो कार्बन डेटिंग करवाने की भी गुजारिश की है। इसी याचिका में आगे कहा गया:

“मंदिर तोड़े जाने के बाद अब तक उसी रूप में बने रहना श्रद्धालुओं की आस्थाओं पर आघात है। ऐसा होने से हिन्दू समाज अपने पूजा स्थल से आध्यात्मिक शक्ति नहीं हासिल कर पा रहा है। भोजशाला का वर्तमान स्वरुप हर दिन श्रद्धालुओं को चिढ़ाने के समान है। भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 और 25 के साथ 13 (1) धार्मिक अधिकारों की रक्षा के लिए हैं। आक्रमणकरियों के समय से चली आ रही गलती को अब सुधारा जाना चाहिए।”

इस याचिका की सुनवाई जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस अमर नाथ केसरवानी ने की। उन्होंने इस याचिका को मेरिट के आधार पर सुनवाई लायक पाया। इसी के साथ उन्होंने पाया कि इसी मामले में कुछ अन्य याचिकाएँ भी उनके पास पहले से ही पेंडिंग थीं।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा, “याचिकाकर्ता के वकील द्वारा कुछ और दस्तावेज अपने दावों की पुष्टि के लिए दाखिल करने का दावा किया गया है, जो रिट में मौजूद नहीं है। इस मामले में पहले से ही W.PNo.(s) 6514/2013, 1089/2016 और 28334/2019 अदालत में पेंडिंग है। यह केस जनहित याचिका के तौर पर दाखिल करने योग्य है। अतः नोटिस जारी की जाए।”

ASI के लिए हवन-पूजा गलत

कुछ दिन पहले 8वीं शताब्दी के मार्तंड सूर्य मंदिर में पूजा-अर्चना करके श्रद्धालुओं ने हर-हर महादेव के नारे लगाए। इसके बाद प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी नवग्रह अष्टमंगलम हवन व पूजा में सम्मिलित हुए। इस पूजा अर्चना को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (ASI) ने नियमों का उल्लंघन बताया है। साथ ही गवर्नर द्वारा इस मंदिर में पूजा करने पर आपत्ति जहिर की है।

एएसआई अधिकारियों ने तब कहा कि नियमानुसार राज्यपाल को एएसआई द्वारा संरक्षित स्थान पर पूजा अर्चना करने से पहले मंजूरी लेनी चाहिए थी। एएसआई का कहना है कि भले ही पूजा मंदिर के बाहर की गई मगर तब भी ये नियमों का उल्लंघन है।

SRK की बेटी, अमिताभ बच्चन के नाती, श्रीदेवी की छोटी बेटी… सबको लॉन्च करेगी फरहान अख्तर की बहन: Netflix पर आएगी फिल्म

ज़ोया अख्तर अपनी अगली फिल्म ‘The Archies’ से सुहाना खान (शाहरुख़ खान की बेटी), अगस्त्य नंदा (अमिताभ बच्चन के नाती) और ख़ुशी कपूर (दिवंगत श्रीदेवी की छोटी बेटी) को लॉन्च करेंगी। इस फिल्म को Netflix पर रिलीज किया जाएगा। इस फिल्म में मिहिर आहूजा, युवराज मेंडा और वेदांग रैना जैसे नए कलाकार भी होंगे। ज़ोया अख्तर खुद जावेद अख्तर की बेटी और फरहान अख्तर की बहन हैं। फिल्म में भर कर ‘नेपोटिज्म’ के आरोप लग रहे हैं।

ज़ोया अख्तर इस फिल्म में एक द्वीप की दुनिया को दिखा रही हैं, जहाँ ‘The Archies’ के अभिनेता-अभिनेत्री रह रहे होंगे और वहाँ एक-दूसरे के साथ उनके संबंधों और दुनिया से अलग संघर्षों को फिल्म में दिखाया जाएगा। साथ में ये सब कैसे मस्ती करते हैं, ये भी दिखेगा। फिल्म के अनाउंसमेंट वीडियो में अंकुर तिवारी का संगीत है, जिसे खासा कैची बनाया गया है। ब्लैक एन्ड व्हाइट में सभी एक्टर्स को और फिर उन्हें साथ में दिखाया जाता है।

बताया जा रहा है कि ये फिल्म 60 के दशक में सेट होगी, इसीलिए अभिनेता-अभिनेत्रियों के कॉस्ट्यूम और लुक्स भी उसी हिसाब से डिजाइन किए गए हैं। सभी के हेयरस्टाइल्स देख कर इसका अंदाज़ा लगाया जा सकता है। युवाओं के संघर्ष, बगावत, मस्ती, ऊर्जा, पहला प्यार और मित्रता के संबंधों के अलावा इस फिल्म में उनके टीनएज से युवावस्था में आने के दौरान होने वाले परिवर्तनों को इस फिल्म में कवर किए जाने का दावा किया जा रहा है। गौरी खान ने भी अपनी बेटी की फ़िल्मी दुनिया में डेब्यू के लिए शुभकामनाएँ दी।

ज़ोया अख्तर ने लिखा, “ओल्ड स्कूल जैसा अच्छा कुछ भी नहीं है। है ना? अपने गैंग के साथ में रहिए, क्योंकि नेटफ्लिक्स इंडिया पर आर्चिज आ रहे हैं।” करण जौहर और अगस्त्य की बहन नव्या नवेली नंदा ने फिल्म के लिए शुभकामनाएँ दी। ज़ोया अख्तर इससे पहले ‘ज़िन्दगी ना मिलेगी दोबारा (2011)’, ‘दिल धड़कने दो (2015)’ और ‘गल्ली बॉय (2019)’ जैसी फिल्मों का निर्देशन कर चुकी हैं। अमिताभ बच्चन ने भी एक्टिंग डेब्यू के लिए अगस्त्य को शुभकामनाएँ देते हुए लिखा था।

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के तहखाने में 4 कमरे, 3 मुस्लिम और 1 हिंदू पक्ष के पास: आज का सर्वे पूरा, ओवैसी-चिदंबरम ने उठाए सवाल

उत्तर प्रदेश के वाराणसी (Varanasi, Uttar Pradesh) स्थित ज्ञानवापी विवादित ढाँचे (Gyanvapi Controversial Structure) के तहखाने में चार कमरे बताए जा रहे हैं, जिनमें तीन कमरे मुस्लिम पक्ष और एक कमरे हिंदू पक्ष के पास है। इन चारों कमरों के सर्वे के बाद पश्चिमी दीवार का सर्वे हुआ। इस तरह शनिवार को सर्वे का काम पूरा हो गया है।

इससे पहले खबर आई थी कि प्रशासन ने मस्जिद कमिटी से तहखानों की चाबी की माँग की थी, लेकिन उन्हें चाबी नहीं मिला था। हालाँकि, प्रशासन ने उसी समय स्पष्ट कर दिया था कि अगर चाबी नहीं मिली तो तालों को तोड़ दिया जाएगा। मुस्लिम पक्ष के तीनों कमरों में ताले लगे हुए थे, वहीं हिंदू पक्ष के कमरे में दरवाजे नहीं है। इसलिए चाबी की जरूरत नहीं पड़ी।

बता दें कि सर्वे की टीम में 52 लोग शामिल हैं। इनमें कोर्ट कमिश्नर से लेकर डॉक्टर तक शामिल हैं। वहीं, तहखानों में जहरीले साँपों को देखते हुए सपेरों को बुलाने की माँग की गई, लेकिन प्रशासन ने कहा कि CRPF का कैंप बगल में ही है, इसलिए इसकी जरूरत नहीं है। परिसर में गए सभी लोगों के मोबाइल बाहर ही रखवा लिए गए हैं। हालाँकि, इसी बीच एक साँप निकल आया, जिसके बाद विशेषज्ञ को बुलाया गया है।

तहखाने के तीन कमरों का सर्वे करने के बाद विवादित ढाँचे के पश्चिमी दीवार के सर्वे का काम शुरू हुआ है। वहीं, तहखाने के एक कमरे का सर्वे होना अभी बाकी है। अभी तक सर्वे का काम निर्बाध और शांतिपूर्ण तरीके से जारी है। यह सर्वे सुबह 8 बजे से शुरू होकर दोपहर 12 तक होना है।

सर्वे को देखते हुए शांति बनाए रखने के लिए भारी संख्या में पुलिस फोर्स तैनात है। वहीं, काशी विश्वनाथ मंदिर से पहले ही करीब 800 मीटर की दूरी पर थाना चौक के पास सभी लोगों को रोक दिया गया है। वहाँ से आगे जाने की इजाजत किसी को नहीं दी गई है।

बता दें कि आज शनिवार (14 मई 2022) को फिर से सर्वे और वीडियोग्राफी का काम शुरू हो गया है। पिछली बार के हालातों को देखते हुए और कोर्ट के सख्त रूख के कारण सुरक्षा के भारी इंतजाम किए गए हैं। सर्वे के लिए कमिश्नर अजय कुमार मिश्र (Ajay Kumar Mishra) के साथ विशेष कोर्ट कमिश्नर विशाल सिंह (Vishal Singh) और सहायक कोर्ट कमिश्नर अजय प्रताप सिंह (Ajay Pratap Singh) भी साथ हैं। हालाँकि, सर्वे में मुस्लिम पक्ष के वकील अभयनाथ यादव शामिल नहीं हुए।

अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी के सचिव यासीन सईद ने मुस्लिमों से सुबह ही शांति-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि कोर्ट के आदेश के बारे में कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती है और कमेटी कानूनी कार्यवाही कर रही है। उन्होंने कहा कि आवाम सब्र से काम ले और शांति व्यवस्था बनाए रखें, क्योंकि विरोध करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।

ओवैसी और चिदंबरम ने उठाया सवाल

इस बीच AIMIM के प्रमुख और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के सर्वे को असंवैधानिक बताया। कानून का हवाला देते हुए ओवैसी ने कहा कि देश में कानून है कि 15 अगस्त 1947 को जो मंदिर, मस्जिद या चर्च जैसा था, वो वैसा ही रहेगा। उसमें बदलाव नहीं किया जा सकता।

वहीं, कॉन्ग्रेस के नेता और देश पूर्व गृहमंत्री पी चिदंबरम ने भी कोर्ट की इस कार्रवाई पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि पूजा स्थान में बदलाव से समाज में टकराव बढ़ेगा। इसीलिए नरसिम्हा राव की सरकार में प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट लेकर कॉन्ग्रेस आई थी।

फरहान ने 100+ महिलाओं को लूटा (AIIMS वाली डॉक्टर से 15 लाख)… अनाथ-अविवाहित कह फँसाता था, 1 बेटी का है अब्बा

खुद को अविवाहित और अनाथ बता कर मैट्रिमोनियल साइट्स के माध्यम से महिलाओं से ठगी करने वाले आरोपित फरहान तासीर खान को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। फरहान पर अब तक 100 से अधिक महिलाओं को झाँसा देकर लाखों रुपए हड़पने का आरोप है। ये महिलाएँ देश के विभिन्न राज्यों की बताई जा रही हैं। इस गिरफ्तारी की जानकारी दक्षिण दिल्ली की DCP ने 13 मई 2022 (शुक्रवार) को दी है।

DCP बीएम जैकर के मुताबिक, “मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर फर्जी प्रोफ़ाइल बना कर महिलाओं से धोखाधड़ी करने वाले फरहान खान को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उस पर लड़कियों से 13 से 15 लाख रुपए ठगी का आरोप है। फरहान की धोखाधड़ी की शिकार हुई अब तक 36 महिलाओं को चिन्हित किया जा चुका है।” आरोपित फरहान की उम्र 35 वर्ष बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने फरहान के पास से एक मोबाइल फोन, चार सिम कार्ड, वीआईपी नंबर वाली BMW कार, 9 एटीएम कार्ड और एक कलाई घड़ी बरामद किया है। उसकी गिरफ्तारी दिल्ली के पहाड़गंज इलाके से हुई। वो मूल रूप से उड़ीसा के क्योंझर का रहने वाला है।

फरहान खान की गिरफ्तारी एम्स (AIIMS) में कार्यरत एक महिला डॉक्टर की शिकायत पर हुई है। महिला डॉक्टर ने शिकायत में कहा, “मैट्रिमोनियल साइट पर फरहान ने खुद को अनाथ और अविवाहित लिखा था। इसी के साथ उसने खुद को इंजनियरिंग और MBA की पढ़ाई करने के बाद बिजनेस करने वाला कहा था। अपने बिजनेस को बढ़ाने के लिए उसने मुझ से 15 लाख रुपए उधार माँगे थे।”

फरहान के निशाने पर हाई प्रोफ़ाइल महिलाएँ हुआ करती थीं। वो लगभग 6 माह से ऐसा करता आ रहा था। वो खुद को दुनिया में अकेला (अनाथ) बताता था, जिसके चलते अक्सर लड़कियाँ उसके झाँसे में आ जाया करती थीं। जबकि पुलिस के मुताबिक फरहान शादीशुदा है, जिसकी एक बेटी भी है।

फरहान तासीर खान के परिवार में पिता और एक बहन भी है। पैसे ऐंठने के बाद वो अपना संबंध उन लड़कियों से तोड़ लेता था। पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए 18 दिनों तक लगातर प्रयास किया। इस पुलिस टीम में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल रहीं।

पुलिस के मुतबिक फरहान मैट्रिमोनियल साइट्स पर कई अलग-अलग नामों से था। इस दौरान उसने UP, बिहार, दिल्ली, गुजरात, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और कर्नाटक राज्य की महिलाओं से दोस्ती की। पुलिस उसके पीछे कोलकाता से लगी थी। उसकी गिरफ्तारी गुरुवार (12 मई 2022) को दिल्ली में पहाड़गंज के एक होटल से की गई।

फरहान तासीर खान के पास से बरामद कार उसके रिश्तेदार की निकली, जिस पर VIP नंबर दर्ज था। इस कार से वो लड़कियों को इम्प्रेस करने के लिए इसे अपनी बताया करता था। उसने महिलाओं को अपनी साल भर की कमाई 30 से 40 लाख रुपए के बीच बताई थी। फरहान आए दिन नए-नए शहरों में घूमता था और वहाँ से वीडियो कॉल कर के महिलाओं को दिखाया करता था। ऐसा वो खुद को बहुत बड़ा आदमी दिखाने के लिए करता था।

दिल्ली के मुंडका अग्निकांड में 27 लोगों की मौत, 25 अभी भी लापता: कंपनी के दोनों मालिक गिरफ्तार, बिल्डिंग मालिक फरार

देश की राजधानी दिल्ली के मुंडका क्षेत्र में 13 मई 2022 (शुक्रवार) को लगी आग पर काबू पा लिया गया है। इसी के साथ बिल्डिंग में चल रही कम्पनी के 2 मालिकों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 27 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हुई है।

आग में जले शवों की पहचान के लिए उनके DNA टेस्ट करवाए जाएँगे। आग से झुलसे 12 लोगों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। बचाव कार्यों के लिए फायर ब्रिगेड के साथ NDRF की टीमों को भी लगाया गया है। वहीं शासन द्वारा मृतकों के परिजनों को मुआवजे की घोषणा की गई है।

दिल्ली के मुंडका क्षेत्र में लगी आग वाली घटना में 25 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कम्पनी के मालिकों हरीश गोयल और वरुण गोयल को गिरफ्तार किया गया है। बिल्डिंग मालिक मनीष लाकड़ा आग लगने के बाद से ही फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।

इमारत के पहले फ्लोर पर CCTV कैमरे आदि का कारखाना था। इस घटना में सबसे अधिक मौतें दूसरे तल हुई हैं, जहाँ गोदाम बताया जा रहा है। जबकि तीसरी मंजिल पर प्रयोगशाला थी। फायर ब्रिगेड और NDRF इस बिल्डिंग में किसी और के फँसे होने की संभावना को देखते हुए सर्च अभियान चला रही है।

प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा इस हादसे में मृतकों के परिवार को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रूपए की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है।

फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के मुताबिक हादसे में किसी भी बचावकर्मी को कोई नुकसान नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार बिल्डिंग में अधिकतर महिला कर्मचारी काम करती थीं। आग लगने के बाद कई लोगों को शीशा तोड़ कर छत से नीचे कूदते देखा गया।

ऑटो ड्राइवर से ₹350 करोड़ का मालिक कैसे बना हत्यारा अशरफ?: डॉक्टर की दवाई का फॉर्मूला जानने के लिए महीनों टॉर्चर कर हत्या, शव को टुकड़ों में काटा

कर्नाटक के मैसुरु (Mysuru, Karnataka) के पारंपरिक चिकित्सक शबा शरीफ़ को बंधकर बनाकर रखने और उसकी हत्या करने के मुख्य आरोपी केरल (Kerala) निवासी शैबिन अशरफ को शातिर अपराधी बताया है। मूल रूप से वायनाड का करने वाले अशरफ ने पुलिस को बताया है कि उसके पास 350 करोड़ रुपये की संपत्ति है। उसने जो पुलिस को बताया, उससे पुलिस के अधिकारी भी अचंभित हैं कि आखिर ट्रक पर खलासी का काम करने वाला व्यक्ति करोड़ों रुपए के मकान और इतनी संपत्ति का मालिक कैसे बन गया।

मलप्पुरम के SP सुजीत दास ने बताया कि अशरफ के कथनानुसार ये सारी संपत्ति उसने कुछ सालों में अर्जित की है। इसकी जाँच की जाएगी और उसके वित्तीय स्रोतों का पता लगाया जाएगा। पुलिस ने एक उसे एक शातिर बताया है।

ऑटो रिक्शा चालक से 350 करोड़ रुपए का मालिक

बता दें कि सुल्तान बथेरी के पास मैथनिकुन्नू के एक गरीब परिवार में जन्मा अशरफ ट्रक क्लीनर और एक ऑटोरिक्शा चालक के रूप में करता था। इसी दौरान उसकी अम्मी कमाने के लिे अरब चली गई। अपनी अम्मी के संपर्कों का इस्तेमाल करते हुए वह भी अरब चला गया। उसके पास दौलत की बरसात होने लगी।

उसने अपने गाँव के लोगों को बताया कि अबू धाबी में वह अरब लोगों के साथ मिलकर डीजल का व्यापार करता था। इलाके में यह भी अफवाह है कि वह यमन के हूती विद्रोहियों को अवैध रूप से तेल की सप्लाई करता था। किसी मामले में उसे अबू धाबी में दो साल की जेल की सजा भी हो चुकी है।

साल 2015 में सुल्तान बथेरी के पुथनकुन्नू में उनके महलनुमा घर का निर्माण शुरू हुआ, जिसकी कीमत करोड़ों रुपये है। उसने नीलांबुर में 2 करोड़ रुपए का घर खरीदा है। उसके पास एक से एक लक्जरी गाड़ियाँ हैं। कभी किराए के घर में रहने वाला 42 साल का यह शख्स ‘उद्योगपति’ कहलाने लगा।

स्थानीय लोगों का विश्वास जीतने के लिए अशरफ ने कई युवाओं को खाड़ी देशों में जाने में मदद की। वह पैसे देकर कई लोगों का व्यापार भी शुरू करवाया। अपने गिरोह की मदद से उसने अदरक की खेती, कपड़ा और मछली बिक्री जैसे कई व्यवसायों में पैसे लगाए।

अबू धाबी में अपने सहयोगी की हत्या का आरोप

अशरफ का अबू धाबी में 35 साल हैरिस नाम का एक बिजनेस पार्टनर था। दोनों मिलकर काम करते थे। साल 2020 में हैरिस की हत्या हो गई थी। केरल के कोझीकोड के रहने वाले हैरिस के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसकी मौत में अशरफ का हाथ हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अशरफ से विवाद होने के बाद उसने हैरिस की हत्या की होगी।

हैरिस अबू धाबी के अपने फ्लैट में 5 मार्च 2020 को मृत पाया गया था। उसकी कलाई की नस कटी हुई थी। इसके अलावा, हैरिस की मैनेजर के रूप में काम करने वाली महिला भी मृत पाई गई थी। परिजनों ने बताया कि हत्या से एक दिन पहले हैरिस ने उनसे कहा था कि वह एक हफ्ते में घर आएगा, लेकिन उसकी हत्या हो गई। परिजनों ने इस मामले में FIR दर्ज कराई है।

इस मामले में पुलिस को मर्डर के 45 पेज के ब्लूप्रिंट का एक वीडियो भी मिला है। इसमें हत्या की साजिश को पूरी स्क्रिप्ट की तरह उकेरा गया है। इस वीडियो को उसका सहयोगी नौशाद ने फिल्माया था। इस साजिश को कुछ इस तरह से बुना गया था कि हैरिस का अपनी मैनेजर के साथ झगड़ा हो गया और उसने मैनेजर की हत्या करने के बाद अपनी कलाई काटकर आत्महत्या कर ली।

अपराध की दुनिया में कदम

अशरफ तो दिखाने के लिए व्यापार करता था, लेकिन वह कॉन्ट्रैक्ट क्राइम में भी शामिल हो गया। इसके लिए उसने अपना गैंग भी बना लिया। पुलिस की लिस्ट में गुंडा एक्ट में शामिल कुख्यात अपराधी यूपी जोश को उसने चुनौती देना शुरू कर दिया।

उसके गैंग में 30 लोग शामिल थे, जिन्हें वह दिखाने के लिए विभिन्न व्यवसायों में लगा रखा था। मछली बिक्री से लेकर काली मिर्च, अदरक की खेती और कपड़ों के व्यवसाय तक वह उनकी मदद लेता था। हालाँकि, बाद में उसके कई साथियों ने उसका साथ छोड़ दिया, लेकिन उसके खिलाफ डर से मुँह नहीं खोला।

अशरफ के सहयोगियों ने किया मामले का खुलासा

शाबा की हत्या का खुलासा अशरफ का साथी रहे और बाद उसका विरोधी बने नौशाद थंगलथ ने किया था। इस मामले में पुलिस उसे लेकर अशरफ के घर भी गई। हालाँकि, वहाँ कोई अहम सबूत नहीं मिला। नौशाद पिछले पाँच दिनों से पुलिस की हिरासत में है। वहीं, मुख्य आरोपी अशरफ और उसका सहयोगी निषाद और शिहाबुदीन न्यायिक हिरासत में हैं। पुलिस इनकी कस्टडी लेने के लिए प्रयास कर रही है।

इस मामले में शामिल अन्य लोगों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। पुलिस को आशंका है कि ये लोग अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। नौशाद ने पुलिस को एक पेन ड्राइव सौंपा था, जिससे पुलिस को इस मामले का सुराग मिला।

क्या है मामला

अगस्त 2019 में पारंपरिक चिकित्सक 60 वर्षीय शबा शरीफ के घर 10 अज्ञात लोग आए और उन्होंने एक बुर्जुग के बवासीर का इलाज करने की बात कह उन्हें अपने साथ लेकर चले गए। इसके बाद शबा को अशरफ ने अपने घर पर बंधक बना लिया। अशरफ शबा से इलाज में इस्तेमाल किए जाने वाले ड्रग का गुप्त फॉर्मूला जानना चाहता था। इसके लिए अशरफ ने शबा को महीनों तक खूब टॉर्चर किया और बाद में हत्या कर दी। हत्या के बाद शबा के शव को टुकड़ों में काटकर 2020 में फेंक दिया।