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बूढ़ी मुमताज के चरित्र पर 75 साल के शौहर को हुआ शक, गुस्से में उतार दिया मौत के घाट: गर्दन और सीने पर चाकू 7 बार घोंपा

महाराष्ट्र के मुंबई से एक चौंकाने वाली घटना प्रकाश में आई है, जहाँ 75 साल के एक वृद्ध मुस्लिम व्यक्ति ने 70 वर्षीय बीवी के चरित्र पर शक होने के कारण उसकी हत्या कर दी। इसके बाद आरोपित ने आत्महत्या की कोशिश की। फिलहाल उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हत्या की ये घटना मलाड वेस्ट इलाके के अंतर्गत आने वाले शिवाजी नगर की है। यहीं के रहने वाले समरुद्दीन चंदासा शेख (75) को अपनी बीवी मुमताज समरुद्दीन शेख (70) के चरित्र पर काफी दिनों से शक था। इसी के चलते उसने चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उसने खुद को भी चाकू मार लिया और सुसाइड करने की कोशिश की। फिलहाल उसे इलाज के लिए कूपर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इस मामले में मालवानी पुलिस ने इंडियन पीनल कोड की धारा 302 के तहत हत्या का केस दर्ज कर मामले की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपित को उसकी बीवी पर शक था, जिसको लेकर दोनों मियाँ-बीवी में आए दिन मारपीट होती रहती थी। उसने कई बार कई जगहों पर अपनी बीवी का पीछा भी किया था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक घटना शनिवार (7 मई 2022) की सुबह की है। उस दौरान वृद्ध दंपति घर पर अकेले ही थे। चरित्र वाले मामले को लेकर ही दोनों के बीच मारपीट शुरू हुई, इस बीच शेख ने रसोई से चाकू निकाला और बीवी की गर्दन और सीने पर सात बार वार किया।

खुद को चाकू मार मदद के लिए चिल्लाया

इस घटना को लेकर मालवानी थाने के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुमताज को चाकू मारने के बाद आरोपित ने खुद को भी चाकू मारा। इसके बाद मदद के लिए चिल्लाया। आवाज सुनकर आसपास के लोग उसके घर पहुँचे तो देखा कि मुमताज बिस्तर पर खून से लथपथ पड़ी हुई है। इसके बाद वे दोनों को कूपर अस्पताल ले गए जहाँ मुमताज को मृत घोषित कर दिया गया और शेख को इलाके लिए आईसीयू में भर्ती कराया गया। पुलिस का कहना है कि दंपति के बेटे रफीक शेख का बयान दर्ज कर लिया गया है। उसकी हालत गंभीर है। अब आरोपित समरुद्दीन शेख को अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद गिरफ्तार करेंगे।

UP में उतारे गए 100000 लाउडस्पीकर, CM योगी ने अफसरों से कहा- किसी कीमत पर ये दोबारा न लगें

देशभर में लाउडस्पीकर (Loud Speaker) के इस्तेमाल को लेकर जारी सियासत के बीच उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Aadityanath) ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि अब तक प्रदेश में धार्मिक स्थलों से 1,00,000 लाउडस्पीकरों को हटाया गया है और अब ये किसी भी कीमत पर दोबारा नहीं लगने चाहिए। ये जिम्मेदारी अब अधिकारियों की होगी।

दो दिन के झाँसी और ललितपुर के दौरे पर पहुँचे सीएम योगी ने शनिवार (7 मई 2022) को झाँसी में जन प्रतिनिधियों से मुलाकात की और विकास कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने सख्त संदेश दिया है कि धार्मिक कार्य केवल धार्मिक परिसरों के अंदर ही होने चाहिए, सड़कों पर नहीं। इसके कारण सड़कों पर चलने वाले लोगों को किसी भी तरही की समस्या नहीं होनी चाहिए।

गौरतलब है कि शोर को कम करने और लाउडस्पीकर समेत दूसरे वाद्य यंत्रों को निर्धारित डेसिबल की लिमिट में रखने को लेकर धार्मिक स्थलों से लाउडस्पीकरों को हटाने की मुहिम की शुरुआत राज्य सरकार ने 25 अप्रैल 2022 को शुरू की थी। यह अभियान 1 मई तक चला। इस मसले पर एक लखनऊ में एक बयान जारी कर यूपी के एडीजी लॉ एँड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने कहा जिन लाउडस्पीकरों को लगाने के लिए प्रशासन से इजाजत नहीं ली गई है, उन सभी को अवैध श्रेणी में रखा गया है और सभी धार्मिक स्थानों से इन्हें बिना किसी भेदभाव के हटाया जा रहा है। इसके अलावा लाउडस्पीकरों को हटाने की प्रक्रिया को दौरान हाई कोर्ट के आदेशों को ध्यान में रखा जा रहा है।

विकास योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश

इसके साथ ही सीएम ने अधिकारियों को विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश देते हुए काम समय पर नहीं करने वाली कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने को कहा है। इस बीच उन्होंने झाँसी में कानून व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी जताई। इसको लेकर जिले के एसपी से जबाव तलब भी किया। उन्होंने जिले की कानून व्यवस्था को स्वस्थ बनाए रखने और भू माफियाओं पर नकेल कसने पर भी जोर दिया।

गौरतलब है कि इससे पहले 19 अप्रैल को भी सीएम योगी ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि लाउडस्पीकर की आवाज परिसर के अंदर तक ही सीमित रहनी चाहिए।

ताजमहल के 20 तालाबंद कमरों को खोलने के लिए HC में याचिका, दावा – रखी हैं हिन्दू प्रतिमाएँ: मंत्रालय ने कहा था – सुरक्षा कारणों से बंद

इलाहबाद उच्च न्यायालय के लखनऊ बेंच में आगरा स्थित ताजमहल को लेकर एक याचिका दायर की गई है। याचिका में ताजमहल में स्थित 20 तालाबंद कमरों को खोलने के लिए ‘भारतीय पुरातत्व विभाग (ASI)’ को निर्देश देने की माँग की गई है। याचिका में कहा गया है कि इन 20 तालाबंद दरवाजों के अंदर हिन्दू देवी-देवताओं की प्रतिमाएँ और प्राचीन सनातन साहित्य पुरालेख स्थित हैं। इस याचिका को डॉक्टर रजनीश ने दायर किया है।

रजनीश अयोध्या जिले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के मीडिया इंचार्ज हैं। अदालत में उनका प्रतिनिधित्व अधिवक्ता रूद्र विक्रम सिंह कर रहे हैं। इस मामले को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किए जाने के बाद वो अपनी दलीलें पेश करेंगे। याचिका में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक समिति गठित किए जाने की माँग की गई है, जो ताजमहल के तालाबंद कमरों में हिन्दू इतिहास के अवशेषों का पता लगाए। भाजपा नेता ने कहा कि इन कमरों को हमेशा लॉक्ड ही रखा जाता है और किसी को भी अंदर जाने की इजाजत नहीं दी जाती।

उन्होंने कहा कि इन कमरों में हिन्दू देवी-देवताओं की प्रतिमाओं के साथ-साथ सनातन साहित्य रखे हुए हैं, ऐसा माना जाता है। उन्होंने कहा कि इन कमरों को खोल कर जाँच के बाद विवादों को ख़त्म करने में कोई नुकसान नहीं है, इसीलिए उन्होंने ये याचिका दायर की है। इससे पहले 2016 में भी 6 वकील मिल कर एक याचिका दायर कर के दावा कर चुके हैं कि ताजमहल एक शिव मंदिर था। ‘बजरंग दल’ के संस्थापक विनय कटियार ने भी इस दावे को दोहराते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से यहाँ का दौरा कर हिन्दू प्रतीकों को देखने का आग्रह किया था।

इसी तरह 2019 में पूर्व केंद्रीय मंत्री अनंत कुमार हेगड़े ने कहा था कि ताजमहल को मुग़ल बादशाह शाहजहाँ ने नहीं, बल्कि राजा जयसिम्हा ने बनवाया था। हालाँकि, अब तक कई इतिहासकार और ASI ऐसे दावों को नकारता रहा है। फरवरी 2018 में आगरा कोर्ट में एक एफिडेविट डाल कर ASI ने कहा था कि ताजमहल को शाहजहाँ ने एक मकबरे के रूप में बनवाया था, जिसमें उसकी बीवी मुमताज महल का कब्र रखा गया था।

रजनीश सिंह ने बताया कि वो 2020 से ही ‘सूचना का अधिकार (RTI)’ के जरिए ये पता लगाने में जुटे हुए हैं कि उन 20 तालाबंद कमरों में क्या है। उन्होंने भारतीय संस्कृति मंत्रालय में RTI याचिका दायर की थी। संस्कृति मंत्रालय ने ‘केंद्रीय सूचना आयोग’ को बताया कि इन कमरों को सुरक्षा कारणों से बंद कर के रखा गया है। इसके अलावा इस सम्बन्ध में कोई अन्य विवरण नहीं दिए गए। कई दावों में ताजमहल को शिव मंदिर ‘तेजो महालय’ होने की बात भी कही जाती रही है।

जेल में बंद कैदियों से करवाएँ बम ब्लास्ट, बदले में मिलेंगे ₹500000: खालिस्तानी आतंकियों के ISI कनेक्शन का भंडाफोड़, हुए कई खुलासे

हरियाणा के करनाल में पकड़े गए खालिस्तान के चार आतंकियों (Khalistani Terrorists) ने पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा किया है। खालिस्तानी चरमपंथ को बढ़ावा देने और आतंकियों को मदद करने में पाकिस्तान (Pakistan) और उसकी कुख्यात खुफिया एजेंसी ISI की भूमिका सामने आई है। पाकिस्तान से आतंकियों को हथियारों की सप्लाई हुई थी।

करनाल से पकड़े गए चारों आतंकी RDX जैसे विस्फोटकों को पहुँचाने के लिए तेलंगाना जा रहे थे, इसी दौरान बीच उन्हें गुरुवार (5 मई 2022) को गिरफ्तार कर लिया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि पाकिस्तान ड्रोन के जरिए विस्फोटकों, हथगोलों और हथियारों को पंजाब में भेजता था।

आरोपितों ने बताया कि इन्हें अभी तक दो जगहों पर पहुँचाए गए। पहला, अमृतसर-तरनतारन राजमार्ग, जहाँ इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) और हथियार रखे गए थे। आईईडी और ग्रेनेड की दूसरी खेप नांदेड़-हैदराबाद हाईवे पर रखी गई थी। वहीं, तीसरा खेप तेलंगाना के आदिलाबाद में पहुँचाना था। इसे पहुँचाने के दौरान वे करनाल में पकड़े गए।

आरोपित अमनदीप और गुरप्रीत ने आगे बताया कि पाकिस्तान स्थित बब्बर खालसा इंटरनेशनल (Babbar Khalsa International) का आतंकवादी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा (Harwinder Singh alias Rinda) ड्रोन का इस्तेमाल करके पाकिस्तान से आईईडी और हथियार भेजा था। इसी तरह से सीमा पार से ड्रग्स भी भेजे गए थे।

आरोपितों ने पंजाब में एक डीलर को ड्रोन से भेजी गई दवाओं को बेचकर पैसे हासिल किए थे, जबकि विस्फोटक, हथियार और गोला-बारूद को निर्धारित स्थानों पर पहुँचाया गया था। करनाल पुलिस ने इस ऑपरेशन से जुड़े पंजाब में हवाला ऑपरेटर और बड़े ड्रग तस्कर के खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है।

खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, ISI के नये प्रमुख नदीम अंजुम ने भारत में अशांति फैलाने के लिए खालिस्तान आतंकी रंजीत सिंह नीता और वाधवा सिंह बब्बर सहित सभी खालिस्तानी नेताओं से लाहौर में बुलाया था। इसमें उसने कहा था कि भारत में हथियारों को बाँटने के लिए पंजाब के गैंगस्टरों और जेलों में बंध कैदियों का सहारा लें और उन्हें संगठित करने का काम करें।

इसके साथ ही ISI प्रमुख ने इन आतंकियों को कहा कि भारत के जेलों में बंद कुख्यात कैदियों को भारत में ब्लास्ट करने के लिए कहें। उन्हें हर ब्लास्ट के लिए 5 लाख रुपए दिए जाएँगे। केेंद्रीय एजेंसियों को आशंका का है कि इस नेटवर्क के अन्य संदिग्ध पंजाब, तेलंगाना, महाराष्ट्र, दिल्ली, मध्य प्रदेश और राजस्थान में छिपे हो सकते हैं। इन खुलासों को बाद एजेंसियाँ सतर्क हो गई हैं और इनसे जुड़े लोगों का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं।

दरअसल, पाकिस्तान के नापाक इरादों का भंडाफोड़ करते हुए हरियाणा की करनाल पुलिस ने विस्फोटक और हथियारों को तेलंगाना पहुँचाने जा रहे चार संदिग्ध ‘खालिस्तानी’ आतंकवादियों को करनाल में पकड़ा था। उनकी इनोवा गाड़ी से हथियार, गोला-बारूद और IED बरामद किए गए थे।

इन आरोपितों की पहचान पंजाब के रहने वाले गुरप्रीत, अमनदीप, परमिंदर और भूपिंदर के रूप में हुई है। इस गाड़ी का इस्तेमाल पहले टैक्सी के रूप में किया जाता था। उनके खिलाफ विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 54 और 59 के तहत मामला दर्ज किया गया है।

इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने आतंकवाद से जुड़े दो मामलों में राष्ट्रीय राजधानी और उत्तर प्रदेश से IED बरामद किया था। उन्हें पता चला था कि आतंकियों के पास से बरामद विस्फोटक पहले पाकिस्तान से पंजाब पहुँचा था और फिर वहाँ से गुर्गों को भेजे गए थे। वहीं, पंजाब में ठिकाने लगाए गए विस्फोटकों और हथियारों को खोजने का काम तेज हो गया है।

49 साल का Pak सांसद 18 साल की बीवी के लिए ‘शैतान से बद्तर’, कोर्ट में बताया – कमरा बंद करके क्या-क्या करता है

पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी के एक 49 वर्षीय पाकिस्तानी सांसद की तीसरी बीवी ने अपने शौहर से खुला (महिलाओं को तलाक का अधिकार) लेने का ऐलान किया है। तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के इस 49 वर्षीय सांसद का नाम आमिर लियाकत है। उनकी 18 वर्षीय पत्नी और मशहूर TV अदाकारा सैयदा दानिया शाह ने अपने शौहर को ‘शैतान से भी बुरा’ बताया है। दोनों का निकाह 3 महीने पहले 9 फरवरी 2022 को हुआ था।

इस फैसला का ऐलान खुद दानिया शाह ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से किया है। उन्होंने 7 मई 2022 (शनिवार) को एक वीडियो जारी किया। वीडियो में उन्होंने कहा, “हैलो मैं दनिया। आज मैं आमिर लियाकत से अलग होने के लिए अदालत गई थी। बाकी सारी जानकारी आपको न्यूज़ के माध्यम से मिलेगी।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दानिया ने अपने शौहर पर खुद को एक छोटे से कमरे में बंद रखने का आरोप लगाया है। दनिया के मुताबिक, “उसका बर्ताव शैतान से भी बुरा है। आमिर आए दिन शराब के नशे में मुझे पीटता था। साथ ही वो मुझे और मेरे परिवार को लगातार धमकियाँ भी देता था। मैंने अदालत से माँग की है कि वो आमिर को हमें घर, 15 करोड़ रुपए और ज्वैलरी देने का आदेश दें।”

एक ऑडियो के मुताबिक दनिया ने आरोप लगाया, “वो (आमिर) कहता है कि मैं दुनिया छोड़ सकता हूँ पर नशा नहीं। न जाने कौन सा नशा है वो और कहाँ से उसे लाता है। वो सफेद रंग का होता है और काले रंग की प्लेट में बनाता है उसको। बाद में उसे वो नाक से लेता था। इसके अलावा वो वोडका भी पीता था।’

आरोपों के जवाब में सांसद शौहर ने जारी की ऑडियो और तस्वीरें

आमिर लियाकत ने खुद पर अपनी बीवी द्वारा लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया है। साथ ही उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो क्लिप शेयर किया है। वीडियो क्लिप में ऊपर टाइटल के तौर पर उन्होंने लिखा, “इसकी मासूमियत पर जाने से पहले इनका असली चेहरा देखिए। वीडियो की शुरुआत दनिया के वीडियो से होती है। बाद में दनिया की कई तस्वीरें हैं। पीछे से एक आवाज आ रही है। आवाज में “क्लाइंट सख्त है। मैं नहीं झेल सकती उसको। दूसरा क्लाइंट आ गया। मैंने पहले क्लाइंट से 5 हजार रुपए ले लिए हैं” जैसी कई बातें हैं।

पुलिस के साथ घूम रहा था जहाँगीरपुरी का मास्टरमाइंड तबरेज़, ‘तिरंगा यात्रा’ में भी आगे: अब धराया, कोर्ट ने 8 दंगाइयों की जमानत याचिका रद्द की

जहाँगीरपुरी दंगे के मास्टरमाइंड तबरेज़ अंसारी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वो तिरंगा यात्रा में सबसे आगे था और दिल्ली पुलिस के साथ अमन व हिन्दू-मुस्लिम भाईचारे की बातें करता घूम रहा था। हिन्दू-मुस्लिम एकता की बातें करते हुए दंगे के बाद ‘तिरंगा यात्रा’ निकाली गई थी। शनिवार (7 मई, 2022) को क्राइम ब्रांच ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार, जिसमें ये भी शामिल है। उधर दिल्ली की एक अदालत ने जहाँगीरपुरी हनुमान जयंती शोभा यात्रा पर हमला व दंगा के मामले में 8 आरोपितों को जमानत देने से इनकार कर दिया।

दंगे के बाद से ही तबरेज़ अंसारी दिल्ली पुलिस के साथ घूम-घूम कर लोगों से शांति की अपील का नाटक करने में लगा हुआ था। वो पुलिस से भी ढील देने के लिए कहता रहा था। साथ ही वो नगर निगम के चुनाव के लिए भी ताल ठोक रहा था। उसके दो अन्य सहयोगियों अनाबुल और जलील को भी गिरफ्तार किया गया है। जहाँगीरपुरी में हनुमान जयंती शोभा यात्रा पर हुई पत्थरबाजी में उसका सक्रिय रोल था। DCP उषा रंगरानी जब प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रही थीं, तब वो उनके ठीक बगल वाली कुर्सी पर बैठा दिख रहा है।

दिल्ली पुलिस की नाक के नीचे वो अपने इरादों को अंजाम देता रहा। जब दिल्ली पुलिस आरोपितों को गिरफ्तार कर के थाने ले गई थी, तब बाहर इकट्ठा उनके परिजनों को तबरेज़ अंसारी उकसाने में लगा हुआ था। दिल्ली में फरवरी 2020 में हुए हिन्दू विरोधी दंगों में भी उसका नाम सामने आया था। वीडियो फुटेज और टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर उसकी गिरफ़्तारी हुई। 30 वर्षीय तबरेज़ अंसारी दिल्ली पुलिस से इलाके से फ़ोर्स हटाने की भी माँग कर रहा था।

अब तक जहाँगीरपुरी दंगा मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा कुल 36 गिरफ्तारियाँ की गई हैं, जिनमें 3 नाबालिग बताए जा रहे हैं। उधर रोहिणी कोर्ट के एडिशनल सेशन जज गगनदीप सिंह ने 8 आरोपितों की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि स्थानीय पुलिस ने ‘बिना अनुमति की शोभा यात्रा’ को नहीं रोका, जो उसकी विफलता को दर्शाता है। कोर्ट ने वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा मामले को ढकने की बात करते हुए कहा कि जिम्मेदारियाँ तय की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएँ न हों।

इम्तियाज, नूर आलम, शेख हामिद, अहमद अली, एसके साहहदा, शेख जाकिर और अहीर को जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने माना कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी गिरफ्तारियाँ हुई हैं और प्रत्यक्षदर्शियों ने भी उन्हें पहचाना है। अदालत ने कहा कि केस अभी भी चल रहा है और इस दुर्भाग्यपूर्ण दंगे के अन्य आरोपितों को पकड़ा जाना बाकी है। कोर्ट ने पुलिस की ये बात भी मानी कि दंगाई उस इलाके के अपराधी छवि वाले लोग हैं, ऐसे में गवाहों को प्रभावित किए जाने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

16 किमी/घंटे की स्पीड से आगे बढ़ा ‘असानी’ चक्रवात, 24 घंटे में ले सकता है विकराल रूप: जानें कौन-कौन से क्षेत्र होंगे प्रभावित

बंगाल की खाड़ी में बना तूफान अब असानी चक्रवात (Asani cyclone) में तब्दील होकर लगातार आगे बढ़ रहा है। इसके कारण हवाओं की रफ्तार आने वाले समय में 75 किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक हो सकती है। फिलहाल ये चक्रवात 16 किमी प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ रहा है। तूफान के चलते ओडिशा, आंध्र प्रदेश और बंगाल में जोरदार बारिश होने की संभावना मौसम विभाग की ओर से व्यक्त की गई है।

असानी चक्रवात से कौन से क्षेत्र होंगे प्रभावित

रिपोर्ट के मुताबिक, अगले 24 घंटे में यह तूफान और अधिक विकराल हो सकता है। आईएमडी भुवनेश्वर के वरिष्ठ वैज्ञानिक उमाशंकर दास ने तूफान की तीव्रता को देखते हुए ओडिशा के तीन जिलों गजपति, गंजम और पुरी में बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा ओडिशा के ही पाँच जिलों- जगतसिंहपुर, पुरी, खुर्दा, कटक और गंजम में भारी बारिश की आशंका जताई है।

बताया जा रहा है कि असानी चक्रवात का असर सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल और ओडिशा में देखने को मिल सकता है। इसके अलावा इसका असर बिहार, झारखंड, सिक्किम, में भी दिखेगा। मौसम विभाग की ओर से इन सबको अलर्ट जारी हुआ है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ओडिशा तट के नजदीक 9-10 मई को स्थिति खराब होगी।

असानी चक्रवात की रफ्तार

आईएमडी के मुताबिक, असानी तूफान की 8 मई को अधिकतम स्पीड लिमिट 60 से 70 किमी प्रति घंटे से 80 किमी प्रति घंटे तक रहेगी, रविवार दोपहर तक 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ 90 से 100 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है, जबकि शाम तक इसकी स्पीड और अधिक बढ़कर 95 से 105 किमी प्रति घंटे तक पहुँचने की आशंका है। सोमवार (9 मई) को हवा की स्पीड 125 किमी प्रति घंटे तक होगी, लेकिन इसके बाद से यह तूफान कमजोर पड़ सकता है। हालाँकि, ओडिशा के स्पेशल रेस्क्यू कमिश्नर पी के जेना ने कहा कि जरूरत पड़ने पर 7.5 लाख लोगों को निकालने के लिए हम तैयार हैं।

असानी चक्रवात का केंद्र

उल्लेखनीय है कि इस तूफान का केंद्र पोर्ट ब्लेयर (अंडमान द्वीप समूह) से लगभग 380 किमी पश्चिम में स्थित है। फिलहाल यह विशाखापत्तनम से दक्षिण-पूर्व दिशा में 970 किमी और पुरी से दक्षिण-पूर्व दिशा में 1020 किमी दूर है। मौसम विभाग के मुताबिक, अच्छी बात यह है कि ये तूफान भारत के पूर्वी तट पर टकराने की बजाय, उसके समानांतर ही निकल जाएगा।

असानी नाम क्यों पड़ा?

गौरतलब है कि इस नए चक्रवाती तूफान का नाम ‘असानी’ रखा गया है। इस तूफान को ये नाम श्रीलंका ने दिया है। ‘असानी’ सिंघली भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ ‘क्रोध’ अर्थात गुस्सा होता है। इस चक्रवात का नाम इसके क्रोध या गुस्से को दर्शाता है।

7000 साल पहले उन्नत घरों में रहते थे हस्तिनापुर वालों के पूर्वज, सड़कें और ड्रेनेज सिस्टम भी: ASI ने खोजी 5000 साल पुरानी ज्वेलरी फैक्ट्री

‘भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI)’ ने हरियाणा के प्राचीन स्थल राखीगढ़ी में एक 5000 साल पुरानी आभूषणों की फैक्ट्री ढूँढ निकालने में सफलता पाई है। पिछले 32 वर्षों से चल रहे इस खुदाई कार्यक्रम की ये सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है। हरियाणा के हिसार जिले में स्थित राखीगढ़ी का सम्बन्ध सिंधु घाटी सभ्यता से माना जाता है। ये गाँव एक पुरातात्विक स्थल है। इसके साथ ही प्राचीन काल में घर बनाने की उत्कृष्ट कला भी दिखी है।

7000 वर्ष पहले लोगों के पास इस तरह के घर होना और उसमें एक पूरा का पूरा किचन परिसर का बनाया जाना, विशेषज्ञों को भी अचंभे में डाल रहा है। यहाँ ज्वेलरी फैक्ट्री का मिलना बताता है कि हजारों वर्ष पूर्व ये जगह व्यापार और कारोबार का एक महत्वपूर्ण स्थल रहा होगा। ताम्र और सोने से बने कई ऐसे आभूषण भी मिले हैं, जो हजारों वर्षों से अब तक छिपे हुए थे। ये वैसा ही है, जैसे उत्तर प्रदेश के सिनौली में कांस्य युग की चक्कियाँ (व्हील डिस्क) मिले थे।

साथ ही वहाँ एक रथ भी खोजा गया था, जो प्राचीन उन्नत योद्धाओं की एक संस्कृति की ओर इशारा करता है। 2018 में इस जगह पर हुई खोजों में एक कब्रिस्तान भी मिला था, जो बताता है कि इस संस्कृति के लोगों का मृत्यु पर्यन्त जीवन पर विश्वास था। ASI ने राखीगढ़ी में पिछले दो महीनों में जो खोज की है, उससे एक सभ्यता के विकास की ओर बढ़ने के क्रम का पता चलता है। इसमें हजारों मिट्टी के घड़ों के अलावा रॉयल सील्स और बच्चों के खिलौने भी शामिल हैं।

ये सभी चीजें खुदाई में मिली हैं। ASI के एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) डॉक्टर संजय मंजुल ने कहा कि पिछले दो दशकों में सुनौली, हस्तिनापुर और राखीगढ़ी में संस्था ने काफी काम किया है और फ़िलहाल ये निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि राखीगढ़ी के लोग ही हस्तिनापुर वासियों के पूर्वज थे। उनका कहना है कि यहीं सर संस्कृति और सभ्यता का विकास हुआ। वहाँ आज से 7000 वर्ष पूर्व भी योजनाबद्ध तरीके से मकान बनते थे। इससे पहले एक कंकाल के साथ तांबे का दर्पण मिला था। माना जा रहा है ये 5000 वर्ष पुराना है। जाँच के बाद सही आकलन सामने आएगा।

इतना ही नहीं, उन घरों में पानी की निकासी की अच्छी व्यवस्था होती थी। सड़कों से मिलती हुई गालियाँ बनाई जाती थीं। सड़कों और गलियों में मोड़ पर कच्ची मिट्टी को जला कर ईंट का रूप दिया जाता था और निर्माण को नुकसान न पहुँचे, इसकी व्यवस्था की जाती थी। यहाँ कई मुहर, मृदभांड, हाथी दाँत, सोने और मानव की हाड़ियों की वस्तुएँ भी मिली हैं। फ़िलहाल यहाँ खुदाई जारी रहेगी। सितंबर 2022 से अगली खुदाई शुरू होगी।

वर्तमान खुदाई इस महीने के अंत तक ख़त्म हो जाएगी। हरियाणा सरकार ने ASI के साथ एक समझौता भी किया है, जिसके तहत यहाँ से मिली प्राचीन वस्तुओं को वहाँ के एक संग्रहालय में रखा जा रहा है। राखीखास और राखीशाहपुर में ये स्थल 350 हेक्टेयर में फैला हुआ है, जिसमें कुछ गाँव और कृषि क्षेत्र हैं। यहाँ 7 टीले हैं। 1998-2001 में ASI ने पहली खुदाई की थी। पुणे के डेक्कन कॉलेज ने 2013-16 रिसर्च किया। यहाँ महिलाओं की 60 कब्रें भी मिली थीं, जिन्हें मिट्टी के बर्तन, शेल चूड़ियों और सजे हुए गहनों के साथ दफनाया गया था।

भारत सरकार ने इसे पाँच प्रतिष्ठित स्थलों में से एक के रूप में विकसित किए जाने की योजना भी तैयार की है। बड़ी मात्रा में पत्थरों के अवशिष्ट मिले हैं, जो कीमती हुआ करते थे। सड़कों की चौड़ाई सामान्यतः 2.6 मीटर हुआ करती थी। पूर्व-पश्चिम और उत्तर-दक्षिण दिशा में 18 मीटर तक इसकी गलियाँ जाती हैं। मिट्टी की ईंटों के 15 भाग अब तक दिखे हैं। जली हुई ईंट की दीवार मिली है। नालियाँ भी हैं। बड़ी मात्रा में टेराकोटा और स्टील से बनी कुत्ते-बैल व अन्य पशुओं की मूर्तियाँ, मालाएँ और पत्थरों के मोती भी मिले हैं।

सरकारी मास्टर हारून अली ने 11 साल के वंश के चेहरे पर पेन से किए वार, मुँह पर थूका… क्योंकि उनकी कार साफ नहीं की

उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में सरकारी स्कूल के एक प्रिंसिपल पर एक छात्र को बेरहमी से पीटने का आरोप लगा है। पीड़ित छात्र का नाम वंश है, जो क्लास 6 में पढ़ता है। आरोपित प्रिंसिपल का नाम हारून अली मुनव्वर है।

शिकायत के मुताबिक प्रिंसिपल हारून अली मुनव्वर कार साफ़ न करने से छात्र से नाराज थे। इस घटना के विरोध में हिन्दू जागरण मंच ने कोतवाली में हंगामा किया है। आरोपित प्रिंसिपल सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस में घटना की शिकायत 7 मई 2022 (शनिवार) को की गई है। पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़ित छात्र की उम्र 11 साल बताई गई है। पीड़ित के पिता राकेश के मुताबिक:

“आरोपित प्रिंसिपल हारून पर पहले ही कई गंभीर केस दर्ज हैं। हर दिन की तरह उनका बेटा स्कूल गया तो उसे प्रिंसिपल ने उसे अपनी कार साफ करने के लिए कहा। जब मेरे बेटे ने मना कर दिया तो बेटे के माथे और सिर पर पेन से वार किया गया। उसके मुँह पर थूक दिया गया और उसका कॉलर पकड़ कर पटक दिया गया। बाद में वंश को गंदी-गंदी गालियाँ दी गईं। घटना के बाद पीड़ित छात्र काफी डरा हुआ है।”

पुलिस को दी गई शिकायत

बेसिक शिक्षा अधिकारी बागपत ने आरोपित प्रिंसिपल हारून को सस्पेंड कर दिया है। वहीं अपनी सफाई में प्रिंसिपल हारून अली ने कहा कि कक्षा 6 के 11 वर्षीय छात्र पर स्कूल में दंगा करने का आरोप है। साथ ही हारून ने अपने ऊपर लगे सभी आरोप बेबुनियाद बताए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़ित परिवार बड़का गाँव का है, जो बागपत की बड़ौत कोतवाली इलाके में पड़ता है। इंस्पेक्टर कोतवाली मानवीर सिंह ने इस पूरे मामले की जाँच कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है।

ऑपइंडिया ने इस मामले में पीड़ित बच्चे के पिता राकेश से बात की। उन्होंने बताया, “अभी तक पुलिस की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई है। केस में FIR दर्ज हो गई है।” वहीं पीड़ित के वकील निशांत ने ऑपइंडिया को बताया:

“पीड़ित परिवार OBC समुदाय से है। घटना में सस्पेंड करने की जो कार्रवाई हुई है, वो बस दिखाने के लिए की गई है। अभी तक पुलिस द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। हमें ये भी जानकारी नहीं है कि कौन सी धाराएँ लगाई गई हैं।

वकील निशांत ने आगे बताया, “केस दर्ज किए जाने के बाद लगातार पीड़ित परिवार को धमकियाँ मिल रही हैं। आरोपित प्रिंसिपल कुछ लोगों को लेकर लगातार केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। पीड़ित परिवार काफी गरीब है। प्रिंसिपल हारून इससे पहले भी कई बच्चों के साथ मारपीट कर चुका है। उसका क्लास टाइम में स्कूल में सोते हुए भी वीडियो वायरल हो चुका है। हमने उसकी बच्चों से कार साफ़ करते हुए भी वीडियो बनाई है।”

सामने माँ सीता और मुँह पर मदर मैरी का नाम… हीरोपंती-2 के इस सीन को देख भड़के यूजर्स, कहा- इसीलिए फ्लॉप हुई फिल्म

बॉलीवुड फिल्मों में दर्शाए गए दृश्यों में अक्सर हिंदुओं को नीचा दिखाने का प्रयास होता है। हाल में ऐसा ही कुछ हीरोपंती-2 फिल्म की रिलीज के बाद भी देखने को मिला। इस फिल्म में एक दृश्य है जिसमें अमृता सिंह भगवान राम और माता सीता के सामने हाथ जोड़ कर खड़ी हैं लेकिन नाम ले रही हैं मदर मैरी का। अब इसी सीन को देख यूजर्स ने इस पर आपत्ति जताई है और एक बार फिर बॉयकॉट बॉलीवुड की माँग को उठाया है।

वीडियो में अमृता सिंह मंदिर के सामने गायत्री मंत्र का पाठ करती हैं और फिर अचानक हाथ जोड़कर भगवान के सामने कहती हैं, “मदर मैरी को तो मैंने इंग्लिश में कह दिया और आपके लिए माता रानी तेल की जगह दिए में देसी घी डाला है। ये देखकर तो आप समझ ही गई होंगी कि आज ये माँ थोड़ी टेंशन में है। वो क्या है न आज मेरा भोला बच्चा डेंजर दुनिया को फेस करने जा रहा है।”

अब इसी सीन को जेम्स ऑफ बॉलीवुड ने अपने ट्विटर पर शेयर किया है और सवाल पूछा है, “हीरोपंती 2 में महिला देवी माँ के सामने बैठी हैं और मदर मैरी का नाम लेती हैं। आखिर अन्य धर्मों के लोगों के लिए उर्दूवुड कभी भी इस धार्मिक भाईचारे का विस्तार क्यों नहीं करता? हम कभी भी मुस्लिम या ईसाई पात्रों को हिंदू देवताओं का नाम लेते हुए क्यों नहीं देखते हैं।”

उनके अलावा अन्य यूजर्स ने भी इस बात पर दौर किया है कि कैसे भगवान राम और माँ सीता के पूरे परिवार के साथ मदर मैरी की मूर्ति रखी गई है। यूजर ने मजाक उड़ाते हुए कहा कि तभी तो मूवी फ्लॉप हो गई क्योंकि माता रानी सोची मदर मैरी को बुलाया है और मदर मैरी सोची ये माता रानी को बुला रही हैं..दोनों ने छोड़ दिया और मूवी का बंटाधार हो गया।

यूजर्स फिल्म की बुराई कर रहे हैं। विशाल नाम का यूजर लिखता है, “मेरा एक दोस्त है वो यह फिल्म देखने गया था अब वह अपनी आँखों और कानों का ऑपरेशन कराने के लिए डेट ढूँढ रहा है इतनी घटिया और वाहियात फिल्म है।”

यूजर्स ने हैरानी जताई है कि आखिर ईसाइयों के देवी-देवताओं की मूर्ति कैसे हिंदू मंदिर में रखी जा सकती है जबति चर्च में हिंदू देवी-देवताओं की मूर्ति देखने को ही नहीं मिलती। कुछ यूजर्स ने इस तरह के प्रयासों पर कहा कि ऐसे दृश्य दिखा कर सिर्फ हिंदुओं को जबरन ईसाई धर्म मानने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसके अलावा कुछ यूजर्स ने इस डॉयलॉग पर भी आपत्ति जताई है कि आखिर कैसे ये दिखाया जा सकता है कि हिंदू देवी देसी घी की माँग करती हैं जबकि हिंदू धर्म में ऐसा कुछ नहीं है।

बता दें कि ईद के मौके पर रिलीज हुई हीरोपंती 2 में टाइगर श्रॉफ, तारा सुतारिया, नवाजुद्दीन सिद्दीकी मुख्य किरदार में हैं। इस फिल्म ने एक हफ्ते में सिर्फ 23.25 करोड़ का बिजने किया है। रिलीज के 8वें दिन भी फिल्म सिर्फ 28 लाख कमा पाई। वहीं हॉलीवुड की डॉक्टर स्ट्रेंज ने रिलीज के पहले दिन 27 करोड़ रुपए की कमाई की है।