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‘इस्लामी पाठ’ पर Vision IAS की सफाई भी ‘लिबरल’: कहा- वीडियो में केवल भक्ति आंदोलन के एक संभावित कारण की बात थी

सिविल परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले कोचिंग सेंटर Vision IAS की एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अब कोचिंग सेंटर ने इस पर अपना बयान जारी किया है। बयान में Vision IAS ने अपनी फैकल्टी की बात जस्टिफाई करते हुए नेटीजन्स को बताया है कि जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है वो वीडियो अब उनके किसी आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर मौजूद नहीं है। अपने बयान में उन्होंने दावा किया है कि उनका मकसद किसी की भावनाएँ आहत करना नहीं था।

बयान में कहा गया, “उस चर्चा में केवल भक्ति आंदोलन के उद्गम के एक संभावित कारण पर बात थी वो भी एक निश्चित काल में। वक्ता ने जो कहा उसमें सनातन धर्म मानने वालों की तीव्र प्रतिक्रिया और इसमें निहित शक्ति के बारे में बात थी जिसने भक्ति पंथ का रूप ले लिया है और जिसका मतलब है ‘ईश्वर में प्रेमपूर्ण विश्वास’ और ‘साथी मनुष्यों के लिए प्रेम’ जिसमें इस्लाम की समतावादी अपील को पूरा करने के लिए जाति से परे धर्मशास्त्र व सामाजिक व्यवस्था की अपील थी।” 

कोचिंग सेंटर ने बयान में उस मस्जिद के मिनिएचर की भी चर्चा की, जिसे पीएम मोदी ने सऊदी किंग को दिया था। Vision IAS के मुताबिक महिला टीचर द्वारा ये उदाहरण इसलिए दिया गया ताकि भारतीय सभ्यता और उनकी मजबूती को हाईलाइट किया जा सके। आगे Vision IAS की ओर से स्पष्ट तौर पर हर उस समुदाय से उसके सदस्यों से माफी माँगी गई है जिन्हें उस वीडियो के कारण दुख पहुँचा। अपनी सफाई में कोचिंग सेंटर ने कहा कि वह भारतीय संविधान की नैतिकता और उसमें निहित मूल्यों में विश्वास रखते हैं और अगर किसी की भवनाएँ आहत हुईं तो वो अंजाने में थीं और इसका उन्हें अफसोस है।

Vision IAS ने कहा, “हमारे लोग राष्ट्र की विविधता और संवेदनशीलता को लेकर सचेत हैं और खासकर अपने भावी नेतृत्व को लेकर, जो आज छात्र हैं। तैयारी के दौरान हम उन्हें क्वालिटी और मूल्य आधारित शिक्षा देते हैं।” उन्होंने कहा कि वो अपने हर हितधारणक जो प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से उनके सफर में जुड़ा है उसका आदर व स्वागत करते हैं। वह आगे भी समाज में ऐसे ही योगदान देना जारी रखेंगे।

क्यों हुआ विवाद?

गौरतलब है कि कल सोशल मीडिया पर Vision IAS की स्मृति शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होना शुरू हुआ था। इस वीडियो में वह छात्रों से सवाल कर रही थीं कि आखिर भक्ति आंदोलन की शुरूआत कब हुई और उसका उद्देश्य क्या था। इसी विषय को पढ़ाते-पढ़ाते स्मृति शाह ने बच्चों को बताया था कि भक्ति आंदोलन इस्लाम के आने के वजह से शुरू हुआ क्योंकि इस्लाम बहुत उदार था और उससे हिंदुत्व के अस्तित्व पर खतरा आ गया था। यही वजह थी हिंदू लोगों ने भक्ति आंदोलन चलाया और दिखाया कि उनका धर्म भी इस्लाम जैसा ही है। बस थोड़ा बहुत अंतर है। 

इस वीडियो को देखने के बाद सोशल मीडिया पर कोचिंग सेंटर से खूब सवाल किए गए और एक ही दिन में उनकी ओर से जवाब भी आ गया। हालाँकि अब भी कुछ लोग इस माफी से संतुष्ट नहीं है। कोचिंग सेंटर के लिए कहा जा रहा है कि वो बच्चों को फर्जी इतिहास पढ़ा ही क्यों रहे हैं। जब चौथी सदी में बौद्ध धर्म आया, छठी सदी में जैन, तो फिर भक्ति आंदोलन के पीछे इस्लाम को कारण कैसे बताया जा सकता है।

जिस सोहेल खान को बेटे जैसा मानती थी, उसने ही बना लिया नहाते हुए Video: ब्लैकमेल कर करने लगा रेप, पैसे भी वसूले

सोहेल खान उसके बेटे का दोस्त था। करीब दो साल से वह उसके घर आ रहा था। सोहेल भी उसे अपने बेटे जैसा ही लगता। लेकिन, उसी सोहेल ने पहले नहाते हुए उसका वीडियो बनाया। फिर उसे वायरल करने की धमकी देकर रेप किया और पैसे भी वसूले। घटना मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले की है। सोहेल खान पर अपने दोस्त की माँ के साथ रेप का आरोप है। पीड़ित महिला द्वारा उसकी करतूतों की शिकायत पुलिस से किए जाने के बाद से आरोपित फरार है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पीड़िता के घर में सोहेल का आना-जाना लगभग 2 साल से था। एक दिन सोहेल ने नहाते समय दोस्त के माँ की आपत्तिजनक वीडियो बनाई। साथ ही कुछ फोटो भी खींच लिए। कुछ दिनों बाद उसने वही फोटो और वीडियो दिखा कर पीड़िता को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वीडियो वायरल करने की धमकी दे कर आरोपित ने कई बार उससे रेप किया।

कुछ दिनों बाद सोहेल पीड़िता से पैसे की माँग करने लगा। उसने धमका कर 25 हजार रुपए ऐंठ भी लिए। साथ ही आए दिन मारपीट भी करने लगा। बाद में सोहेल पीड़िता पर अपने पति से अलग होकर उसके साथ रहने का दबाव बनाने लगा। ऐसा न करने पर वह उसके बेटे और पति को जान से मार देने की धमकी देने लगा।

मिली जानकारी के मुताबिक पीड़िता ग्वालियर के मेवाती मोहल्ले में रहती है। एक रात सोहेल ने उसके घर मे घुस कर हंगामा भी किया। पीड़िता के पति ने भी सोहेल को समझाने की कोशिश की तो उसके साथ भी गाली-गलौज की। साथ ही धमकियाँ भी दी। मजबूर हो महिला ने इसकी शिकायत बहोड़ापुर थाने में की। SHO अमर सिंह सिकरवार ने बताया कि पुलिस आरोपित को खोज रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

‘मकान मालिक युद्ध में, उनके बीवी-बच्चों को अकेला कैसे छोड़ूँ’ : 17 साल की नेहा ने यूक्रेन से लौटने से किया मना

यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच जहाँ हर कोई यूक्रेन छोड़कर अपने-अपने देश लौटने की कोशिशों में है। वहीं भारत की 17 वर्षीय लड़की ने इस समय यूक्रेन छोड़कर भारत आने से साफ मना कर दिया है। लड़की का नाम नेहा सांगवान है, जो भारत के हरियाणा राज्य की निवासी और यूक्रेन में मेडिकल पढ़ने गई थी। वह वहाँ यूक्रेन की राजधानी कीव में किराए पर रहती है और अब अपने मकान मालिक के परिवार का ख्याल रखने के लिए वहाँ रुकी है।

नेहा का कहना है कि उनके मकान मालिक अब रूसी सेना से लड़ने के लिए यूक्रेन सेना में शामिल हो गए हैं। ऐसे हालातों में वो अपनी मकान मालिकन और उनके तीन बच्चों को अकेला छोड़कर भारत नहीं आ सकतीं। उनका फैसला है कि वो यूक्रेन में रहकर अपने मकान मालिक के बच्चों की देख रेख करेंगी।

बता दें कि 17 साल की नेहा सांगवान एक सैनिक की बेटी हैं। पिछले साल उनके पिता के निधन के बाद उनकी अध्यापिका माँ ने उन्हें मेडिकल पढ़ने यूक्रेन भेजा था। लेकिन वहाँ हॉस्टल न मिलने की वजह से वह एक सिविल इंजीनियर के घर रहने लगीं। नेहा का कहना है कि उनके मकान मालिक युद्ध के कारण यूक्रेन सेना में चले गए हैं। अब उनके परिवार को बंकर में रहना पड़ रहा है। वह कहती हैं कि उस परिवार ने उन्हें इतने दिन एक फैमिली की तरह रखा। ऐसी मुश्किल घड़ी में वह उनका साथ नहीं छोड़ सकतीं।

उल्लेखनीय है कि नेहा को वापस आने के लिए उनके परिवार वाले बहुत बार बोल चुके हैं। लेकिन हर बार उन्होंने एक ही जवाब दिया कि वो इस संकट की घड़ी में अपने मकान मालिक के परिवार के साथ रहेंगे। उनकी इस बहादुरी के बारे में नेहा की माँ की एक दोस्त सविता जाखड़ ने सोशल मीडिया पर बताया है। अब लोग उनकी जमकर तारीफ कर रहे हैं। 

कंगना रनौत ने की मुनव्वर फारूकी को ‘सज़ा-ए-मौत’ की बात! हिन्दू देवी-देवताओं का मजाक बनाने वाले कॉमेडियन ने कहा – धमकियाँ मत दीजिए

कंगना रनौत के शो ‘Lock Upp’ का एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें उनके और मुनव्वर फारूकी के बीच की नोंकझोंक देखने को मिल रही है। इसमें कंगना रनौत हिन्दू देवी-देवताओं का मजाक बनाने वाले कॉमेडियन से पूछती नजर आती हैं, “मुनव्वर, आप यहाँ क्यों आए हैं? कहीं मुझ से पंगा लेने तो नहीं आए हैं। मजाक कर रही हूँ यार। हम भी दो जोक मार सकते हैं न?” इस वीडियो को ‘MX Player’ ने जारी किया है। हालाँकि, लोगों का कहना है कि ये बातचीत स्क्रिप्टेड है।

कंगना रनौत की इस बात का जवाब देते हुए मुनव्वर फारूकी कहते हैं कि ये फनी नहीं था। वो आगे कहते हैं, “मुझे कॉमेडी से कोई बदलाव नहीं लाना है। कलाकार क्रांति नहीं ला पाया आज तक।” इस पर कंगना रनौत हैरानी भरे एक्सप्रेशंस के साथ उन्हें जवाब देती हैं, “अरे, क्या कहा आपने? कलाकार क्रांति नहीं ला पाया? अगर यहाँ पर सज़ा-ए-मौत होती तो इनको दे दी जाती।” इस पर मुनव्वर फारूकी उन्हें जवाब देते हैं, “मेरे को धमकियाँ मत दीजिए।” ये शो ‘ALTBalaji’ और ‘MX Player’ पर आ रहा है।

बता दें कि इस शो का हिस्सा बनने का कारण बताते हुए मुनव्वर फारूकी ने कहा था, “कॉन्सेप्ट दमदार था, इसलिए मना नहीं किया।” वहीं यह बात भी सामने आई है कि एक बार फारूकी ने सोचा कि कंगना रनौत हैं तो शो छोड़ देता हूँ, लेकिन फिर उनके शब्दों में शो के प्रभावी होने की वजह से काम करने को तैयार हो गए। इस शो में जानकारी के अनुसार प्रतिभागियों को जेल (शो वाली) में 72 दिन रहना होगा। शो में कुल 16 विवादित चेहरे दिखाई देंगे।

सोशल मीडिया पर कंगना रनौत और मुनव्वर फारूकी कई बार एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं, ऐसे में शो के प्रसारण के बाद दोनों के ही प्रशंसकों के कई सवाल हैं। फ़िलहाल इसे रात के 10 बजे प्रसारित किया जा रहा है और ये बहस का मुद्दा भी बना हुआ है।

अखिलेश यादव की सभा में सपा कार्यकर्ताओं का हुड़दंग, कुर्सियों को चूर-चूर कर डाला: UP में पाँचवें चरण में 54% वोटिंग

उत्तर प्रदेश के देवरिया में समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव की सभा में उनकी ही पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त हंगामा किया। उत्तर प्रदेश में पाँच चरणों का चुनाव हो चुका है और ऐसे में अंतिम दोनों चरणों के लिए सारी राजनीतिक पार्टियाँ पूरा जोर लगा रही हैं। इसी क्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव भी रविवार (27 फरवरी, 2022) देवरिया पहुँचे थे। इस कार्यक्रम में सपा कार्यकर्ताओं ने इतना हुड़दंग किया कि पुलिस को लाठियाँ भी चटकानी पड़ी।

बेकाबू हुई सपा की भीड़ ने अखिलेश यादव का सम्बोधन शुरू होते ही हंगामा शुरू कर दिया। सपा कार्यकर्ताओं में आपस में आगे आने की होड़ लग गई और इसके बाद उन्होंने बैरिकेडिंग को भी तोड़ डाला। सपा कार्यकर्ताओं ने कुर्सियाँ भी चलाई और आपस में ही भिड़ गए। इस दौरान वहाँ रखीं दर्जनों कुर्सियाँ टूट गईं और भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। पहले तो पुलिस ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कुछ भी सुनने-समझने से इनकार कर दिया।

जनसभा के बाद जब मैदान खाली हुआ तो वहाँ कई टूटी-फूटी कुर्सियाँ पड़ी हुई थीं। इस जनसभा में अखिलेश यादव ने ‘गर्मी निकालने वालों का भाप निकालने’ की बात की। उनका कहना था कि सपा कार्यकर्ता ‘गर्मी निकालने वालों का भाप निकालेंगे।’ उधर चुनाव आयोग ने अपने आँकड़े में बताया है कि शाम 5 बजे तक पाँचवें चरण की 61 सीटों पर 53.93% मतदान हुआ। चित्रकूट में सबसे ज्यादा 59.50% तो प्रतापगढ़ में सबसे कम 50.20% मतदान हुआ है।

वहीं आज देवरिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी जनसभा हुई, जिसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में दोबारा प्रचंड बहुमत से भाजपा की सरकार बनने की बात कही। वहीं पीएम मोदी ने कहा कि हर तरफ ‘आएगी तो भाजपा ही, आएँगे तो योगी ही’ का ही नारा लग रहा है। उन्होंने कहा कि घोर परिवारवादियों ने भी सिर्फ अपनी ज़रूरतों पर ही ध्यान दिया। भोजपुरी में भाषण की शुरुआत करने वाले पीएम मोदी ने लोगों को ‘राम-राम’ भी किया और याद दिलाया कि कैसे दिमागी बुखार से होने वाली मौतों को भाजपा सरकार ने नियंत्रित किया है।

‘मेरी मृत्यु की कामना हुई तो मुझे आनंद आया’ : PM मोदी ने काशी में साधा विपक्ष पर निशाना, बोले- काल भैरव के आगे इनकी चलनी थी क्या?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार (फरवरी 27, 2022) को वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम में पूजा-अर्चना करने के बाद जनता को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान विपक्ष पर हमला बोलते हुए जनता को बताया कि कैसे जब वह काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण करने आए थे तो विपक्षी नेताओं ने उनकी मौत की कामना कर डाली थी।

उन्होंने अपनी पार्टी, संगठन, कार्यकर्ताओं की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश में पहले जिन घोर परिवारवादियों ने सरकार चलाई उनकी पार्टी की पहचान के साथ गुंडागर्दी और माफियावाद जुड़ा हुआ है। लेकिन भाजपा की पहचान उनका कार्यकर्ता और उसकी सेवा है।

पीएम ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “जब ये घोर परिवारवादी सरकार में थे, तो यूपी के विकास के लिए, गरीबों के लिए हम जो भी काम लेकर आते थे, उसमें ये अड़ंगा लगा देते थे। लेकिन बीते पाँच साल में डबल इंजन की सरकार ने यूपी के विकास की पूरी ईमानदारी से कोशिश की है।”

बनारस के विकास और काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण पर बात करते हुए पीएम ने विपक्ष में बैठे अखिलेश यादव जैसे नेताओं पर अपनी बात रखी। उन्होंने अखिलेश के उन शब्दों को याद किया जब उन्होंने पीएम मोदी के लिए कहा था, “आखिरी समय में काशी में ही रहना चाहिए।” पीएम मोदी ने कहा, “मैं किसी की व्यक्तिगत आलोचना करना पसंद नहीं करता और ना ही किसी की आलोचना करना चाहता हूँ। लेकिन जब सार्वजनिक रूप से काशी में मेरी मृत्यु की कामना की गई, तो वाकई मुझे बहुत आनंद आया, मेरे मन को बहुत सुकून मिला।”

आगे वह बोले, “मुझे लगा कि मेरे घोर विरोधी भी ये देख रहे हैं कि काशी के लोगों का मुझ पर कितना स्नेह है। उन लोगों ने तो मेरे मन की मुराद पूरी कर दी। इसका मतलब ये कि मेरी मृत्यु तक ना काशी के लोग मुझे छोड़ेंगे और ना ही काशी मुझे छोड़ेगी। उन घोर परिवारवादियों को मालूम नहीं है कि ये जिंदा शहर बनारस है! ये शहर मुक्ति के रास्ते खोलता है। और अब बनारस, विकास के जिस रास्ते पर चल पड़ा है, वो देश के लिए गरीबी से मुक्ति के रास्ते खोलेगा, अपराध से मुक्ति के रास्ते खोलेगा।”

पीएम मोदी ने याद दिलाया कि काशी में घाटों पर, मंदिरों पर बम विस्फोट होते थे। आतंकवादी बेखौफ थे, क्योंकि तब की समाजवादी सरकार उनके साथ थी। सरकार आतंकियों से खुलेआम मुकदमे वापस ले रही थी। लेकिन, काशी कोतवाल बाबा कालभैरव के आगे इनकी चलने वाली थी क्या? त्रिशूल के आगे कोई माफिया, कोई आतंकी कभी टिक सकता है क्या? आज सब अपने ठिकाने पर हैं और कालजयी काशी है देश को दिशा दिखा रही है। कुछ दिन पहले माँ अन्नपूर्णा की प्रतिमा भी बनारस को आशीर्वाद देने फिर से स्थापित हो गई है।

रूस-यूक्रेन युद्ध में ‘परमाणु’ की एंट्री: पुतिन ने ‘न्यूक्लियर फोर्सेज’ को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया, अमेरिका ने की कड़ी निंदा

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने परमाणु बचाव बलों को हाई अलर्ट पर रहने के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि NATO नेताओं के आक्रामक रवैये और रूस पर लगाए गए वित्तीय प्रतिबंधों के कारण ये निर्णय लिया गया है। व्लादिमीर पुतिन ने रविवार (27 फरवरी, 2022) को कहा कि न सिर्फ पश्चिमी देश रूस के खिलाफ आर्थिक क्षेत्र में दुश्मनी भरे फैसले ले रहे हैं, बल्कि अवैध प्रतिबंध भी लगा रहे हैं। उन्होंने रक्षा मंत्री और सेना प्रमुख को ‘न्यूक्लियर डेटेरेंट फोर्सेज’ को ‘स्पेशल कॉम्बैट ड्यूटी’ पर रहने का आदेश दिया है।

इसके बाद पश्चिमी मीडिया में चर्चा चल रही है कि रूस इस युद्ध में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल कर सकता है। पश्चिमी मीडिया का कहना है कि ये तनाव बढ़ाने वाला और नाटकीय निर्णय है, जिससे लोगों की चिंताएँ बढ़ जाएँगी। ये व्लादिमीर पुतिन के कार्यकाल में पहली बार है जब न्यूक्लियर फोर्सेज को हाई अलर्ट पर रखा गया है। यूक्रेन में रूस के हमले के 4 दिन हो चुके हैं। दुनिया भर के कई शहरों में इस युद्ध के खिलाफ प्रदर्शन हुए, यहाँ तक कि रूस में भी।

‘SWIFT इंटरनेशनल पेमेंट सिस्टम’ से G-7 देशों ने रूस के सभी बैंकों को प्रतिबंधित करने का भी निर्णय लिया है। वहीं यूक्रेन की राजधानी कीव से 20 मील की दूरी पर रूसी सेना को देखे जाने का दावा वहाँ के मेयर ने किया है। यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव में रात भर चले युद्ध के बाद यूक्रेन का दावा है कि यहाँ उसका पूर्ण नियंत्रण है। पुतिन पहले ही कह चुके हैं कि अन्य देशों ने इस युद्ध में हस्तक्षेप किया तो वो होगा जो पहले किसी ने नहीं देखा होगा।

यूएन में अमेरिकी एम्बेसडर ने परमाणु धमकी वाली खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि व्लादिमीर पुतिन इस युद्ध को और आगे लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब ये अस्वीकार्य स्तर पर पहुँच गया है। उन्होंने इस फैसले की निंदा करने की वकालत की। कीव और खारकीव में कई इमारतें रूसी सेना का निशाना बनी हैं। कहा जा रहा है कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद वहाँ इस तरह के दृश्य नहीं देखे गए थे। यूक्रेन की एक गैस पाइपलाइन को भी रूस ने उड़ा दिया है।

‘मोदी जी धन्यवाद’ से गूँजा मुंबई एयरपोर्ट: यूक्रेन से भारत आए छात्रों की खुशी, Pak छात्र भूखे रहने को मजबूर

यूक्रेन में रूसी सेना की कार्रवाई के बीच जो भारत सरकार ने वहाँ से अपने नागरिकों को निकालने के प्रयास किए हैं, उसकी सराहना पाकिस्तानी छात्र भी कर रहे हैं। इस बीच मुंबई एयरपोर्ट से एक वीडियो सामने आई है। इस वीडियो में भारतीय छात्र ‘मोदी जी धन्यवाद- मोदी जी धन्यवाद, वंदे मातरम और भारत माता की जय’ चिल्ला रहे हैं। 

इस वीडियो के अलावा कुछ अन्य वीडियो भी भारतीय छात्रों की सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। इनमें से एक में एक छात्र सड़क पर चलते हुए बता रहा है कि कैसे वह जब अपने राज्य से बॉर्डर पर आए तो उन्हें बीच में तीन राज्य क्रॉस करने पड़े। स्टूडेंट के अनुसार, इन तीनों राज्यों में उन्हें किसी जगह भी नहीं रोका गया। सिर्फ गाड़ी पर भारत का नाम और भारत का झंडा देखकर उन्हें आगे जाने दिया गया।

छात्र कहता है कि यहाँ पर जितनी भी आर्मी है। वो इंडियन लोगों को जो आदर और सम्मान दे रहे हैं वो वाकई गर्व करने वाला क्षण है। ये हमें दिखाता है कि आज विश्व में भारत की क्या जगह है। अपनी वीडियो के अंत में छात्र कहता है, “मैं गर्व है मेरे भारतीय होने पर।”

उल्लेखनीय है कि एक ओर जहाँ भारतीय छात्रों की लगातार भारत सरकार का आभार व्यक्त करते हुए वीडियो आ रही है। वहीं पाकिस्तानी छात्रों की एक वीडियो सामने आई है उसमें वह छात्र पाकिस्तानी एंबेसी पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनकी एंबेसी उन्हें निकालने की कोई कोशिश नहीं कर रही है। पाकिस्तानी छात्र वीडियो में साफ कहते हैं कि भारतीय छात्रों की स्थिति उनसे बहुत अच्छी है। वह लोग पाकिस्तान होने का नुकसान उठा रहे हैं। भारत सरकार अपने नागरिकों को निकाल रही है। पाकिस्तानी छात्रों ने अपने पीएम इमरान खान से अपील की है कि उन्हें निकाला जाए। उनकी मदद की जाए।

‘काले लोग सीमा पार नहीं कर सकते’: यूक्रेन की सेना पर अफ्रीकी छात्रों से भेदभाव के आरोप, बाहर नहीं निकलने दिया जा रहा

रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेन से निकलने का प्रयास कर रहे अफ्रीकी छात्रों ने अपने साथ भेदभाव का आरोप लगाया है। ये वो अफ्रीकी छात्र हैं जो यूक्रेन के पड़ोसी देशों की सीमाओं से निकलना चाह रहे हैं। BBC की पत्रकार स्टीफ़नी हेगर्टी ने ऐसे आरोपों के कई ट्वीट को प्रकाशित किया है। उनके द्वारा प्रकाशित एक ट्वीट में बताया गया है कि बॉर्डर पर करने की कोशिश करती एक नाइजीरियन मेडिकल छात्रा को यूक्रेनी सैनिकों ने रोक लिया। उस से बताया गया कि काले लोग सीमा नहीं पार कर सकते। इसी के साथ उस छात्रा को वापस भेज दिया गया। इसी के साथ उस छात्रा को बताया गया कि पहले यूक्रेन जाएँगे।

पोलैंड की सीमाओं पर तैनात सैनिको के प्रवक्ता ने बताया है कि वो यूक्रेन से हर किसी को अपनी सीमाओं में आने दे रहे हैं। ऐसी ही समस्या भारत के भी एक छात्र के साथ पोलैंड – यूक्रेन बॉर्डर आई थी। बताया गया कि तब उस से यूक्रेनी सैनिको ने कहा था, “जब तुम्हारी सरकार हमें सहयोग नहीं कर रही है, तो हम तुम्हारा क्यों करें ?”

@Damilare_arah नाम के एक ट्विटर हैंडल ने एक वीडियो शेयर किया है। वीडियो में अफ्रीकी लोगों को यूक्रेन के लोगों द्वारा एक ट्रेन में बैठने से रोका जा रहा है। ट्वीट में लिखा गया है, “यूक्रेन का आधिकारिक वीडियो जिसमें अफ्रीकियों को ट्रेन में बैठने से रोका जा रहा है।”

@nzekiev नाम के एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा, “अफ़्रीकी अंतिम लोग होंगे जिन्हे ट्रेन में बैठने दिया जाएगा। यहाँ कीव के रेलवे स्टेशनों पर पहले बच्चे, फिर दूसरे पर महिलाएँ, तीसरे पर पुरुष फिर बचे खुचे अफ्रीकी। हम कई घंटों से ट्रेन का इंतज़ार कर रहे हैं। फिर भी उसमें घुस नहीं पाए। कई अफ्रीकी अभी भी यहाँ से जाने का इंतज़ार कर रहे हैं।”

‘@nzekiev’ नाम के ट्विटर यूजर ने ही एक अन्य ट्वीट शेयर किया है। इसमें बताया गया है कि अफ्रीकी यूक्रेन की सीमाओं पर 2 दिनों से हैं। लेकिन यूक्रेन की आर्मी और पुलिस उन्हें सीमा पार नहीं करने दे रही है।

@nzekiev के एक और वीडियो में दावा किया गया है कि यूक्रेन के सुरक्षा बलों ने उन्हें गोली मार देने की धमकी दी है। इस वीडियो में अफ्रीकियों को कहते सुना जा सकता है कि हमारे पास बंदूकें नहीं हैं।

WHO में विशेष दूत डॉ अलाकीजा (Dr. Ayoade Alakija) ने अपने @yodifiji हैंडल से लिखा, “काले अफ्रीकियों को यूक्रेन में भेदभाव का शिकार होना पड़ रहा है। उन्हें यह भेदभाव यूक्रेन और पोलैंड दोनों से झेलना पड़ रहा है। पश्चिमी देश अफ्रीकियों से उनके समर्थन में खड़े होने के लिए नहीं कह सकते अगर वो हमारे साथ सभ्यता से पेश नहीं आएंगे तो। खास तौर पर युद्ध जैसे समय पर। उन्हें युद्ध क्षेत्र में भुला दिया गया और मरने के लिए छोड़ दिया गया। ये बर्दाश्त नहीं।”

AfricansinUkraine नाम से ट्विटर हैशटैग चलाते हुए @Damilare_arah ने एक और वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में एक महिला अपने 2 माह के बच्चे को खाना खिला रही है। उसे पोलैंड में जाने का इंतज़ार है।

रूस का यूक्रेन पर हमला

24 फरवरी को रूस ने आधिकारिक रूप से यूक्रेन के खिलाफ सैनिक अभियान शुरू कर दिया था। यूक्रेन छात्रों की पढ़ाई के लिए काफी प्रसिद्ध स्थान है। यहाँ विकासशील देशों के ज्यादातर छात्र पढ़ने आते हैं। ख़ास तौर पर अफ्रीकी देशों के। इसके साथ कुछ अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में यूक्रेन में अफ्रीकियों के साथ भेदभाव को दिखाने का प्रयास किया गया है।

अपने कुत्ते के बिना लौटने को तैयार नहीं यूक्रेन में फँसा भारतीय छात्र: अधिकारियों ने लगाई लताड़, फ्लाइट के हर घंटे खर्च हो रहे ₹8 लाख

रूस के हमले के बाद यूक्रेन (Russia-Ukraine War) में फँसे भारतीय छात्र-छात्राएँ रेस्क्यू के लिए मोदी सरकार (Modi Government) से लगातर गुहार लगा रही है और सरकार इसके लिए गंभीर प्रयास कर रही है। इसी बीच एक खबर आई है, जो आपको हैरान कर सकती है। हालाँकि, उसे अधिकारियों की ओर से लताड़ भी लगाई गई है।

युद्ध झेल रहे एक देश में जब हर शख्स सुरक्षित निकलना चाह रहा हो, वैसे में यूक्रेन में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा एक भारतीय छात्र कुत्ते को लेकर परेशान है और बिना अपने कुत्ते के यूक्रेन छोड़ने को तैयार नहीं है। इस चक्कर में वह रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे कीव दूतावास के अधिकारियों से लेकर दिल्ली के इंदिरा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डा (IGI) के अधिकारियों से संपर्क कर रहा है।

भारत के रहने वाले ऋषभ कौशिक यूक्रेन के कारकीव विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग तृतीय वर्ष के छात्र हैं। हमले के बाद भारतीय छात्र-छात्राओं को निकालने के लिए सरकार प्रयास कर रही है, लेकिन कुत्ते के चक्कर में ऋषभ वहीं फँस कर रह गए हैं। ऋषभ का कहना है कि उनके पास उनका पासपोर्ट है और कुत्ते का पासपोर्ट है, लेकिन अधिकारी एक के बाद एक कागजात माँग रहे हैं, जिसके कारण वे यूक्रेन नहीं छोड़ पा रहे हैं।

ऋषभ का कहना है कि इसके लिए वह दिल्ली स्थित Animal Quarantine and Certification Service (AQCS) और उक्रेन में भारतीय दूतावास से सहायता माँग रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उनका कहना है कि जब उन्होंने इस बारे में IGI क अधिकारियों से बात की उन्होंने अपशब्द कहे।

यूक्रेन से भारतीय विद्यार्थियों को लाने में लगी एअर इंडिया की एक फ्लाइट की दोनों तरफ की उड़ान की लागत 1.10 करोड़ रुपए से अधिक है। अगर हवाई मार्ग बदलता है या फिर वहाँ रूकने या जाने की अवधि लगती है तो यह खर्च और बढ़ जाता है। एअर इंडिया इस रेस्क्यू ऑपरेशन में बोइंग 737 ड्रीमलाइनर को लगाया है, ताकि एक उड़ान में अधिक से अधिक लोगों को भारत लाया जा सके। इसमें 250 से अधिक सीटें होती हैं। ये फ्लाइट यूक्रेन, उसके पड़ोसी रोमानिया और हंगरी से संचालित हो रही हैं।

फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, अधिकारियों ने बताया कि इस फ्लाइट के हर घंटे का खर्च 7 लाख से 8 लाख रुपए के बीच है। इसमें क्रू, ईंधन, लैंडिंग, पार्किंग और नेविगेशन का खर्च शामिल है। अधिकारी का कहना है कि यह राशि इस बात पर निर्भर करती है कि कहाँ जाना है और कितनी दूर जाना है। अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन खत्म होने के बाद ही वास्तविक खर्च का पता चल पाएगा। उसके बाद सरकार को बिल भेजा जाएगा।

अधिकारियों का कहना है कि इस विमान के ईंधन का खपत 5 टन प्रति घंटा है। इसके साथ ही लंबी दूरी होने के कारण इस पर क्रू दल की दो टीमें लगी होती हैं। एक दल विमान ले जाता है तो दूसरा आराम करता है और जब दूसरा लाता है तो पहला आराम करता है। इसके बाद भारत पहुँचते हैं इन दोनों दलों को दूसरे दलों से बदल दिया जाता है।