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पाकिस्तान से आ रहा 800 किलो ड्रग्स जब्त, ₹2000 करोड़ है कीमत: समुद्र में NCB और भारतीय नौसेना का पहला जॉइंट ऑपरेशन

भारतीय नौसेना और ‘नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB)’ ने पाकिस्तान से आ रही 2000 करोड़ रुपए की ड्रग्स की खेप पकड़ने में कामयाबी पाई है। इस जॉइंट ऑपरेशन में 529 किलो हाई क्वालिटी हशीश (चरस), 234 किलो हाई क्वालिटी वाले क्रिस्टल Methamphetamine और कुछ मात्रा में हेरोइन बरामद किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जब्त किए गए ड्रग्स की कीमत 2000 करोड़ रुपए है। NCB और भारतीय नौसेना ने शनिवार (12 फरवरी, 2022) को बयान जारी कर इसकी जानकारी दी।

भारतीय नौसेना ने इसे एक अच्छी तरह समन्वित बहु-एजेंसी ऑपरेशन करार देते हुए कहा कि NCB ने उसकी सक्रिय सहायता से 800 किलो ड्रग्स बरामद किया। इंडियन नेवी ने स्पष्ट किया कि वो ड्रग्स के प्रसार को काबू में करने के लिए प्रतिबद्ध है। ये अपनी तरह का पहला और खास ऑपरेशन है, जहाँ समुद्र में जाकर इस तरह का कारनामा किया गया है। इस बारे में NCP को गुप्त सूचना मिली थी, जिसे उसने ‘नवल इंटेलिजेंस यूनिट’ के साथ साझा किया।

NCB ने अपने बयान में कहा, “हमारे मुख्यालय की स्पशेल यूनिट्स ऐसी ख़ुफ़िया सूचनाओं पर लगातार काम करती रहती हैं। हमारा प्रयास रहेगा कि समुद्री बलों के साथ आगे भी हम इस तरह के अभियान चलाते रहें। ताज़ा ऑपरेशन से हमारे पड़ोसी देश में स्थित ड्रग्स सिंडिकेट को तगड़ा झटका लगा है, जो समुद्री रास्तों से भारत सहित अन्य देशों में ड्रग्स पहुँचाने में लगे हुए थे।” कई बैग्स में पैक कर के भारत के पश्चिमी हिस्से के समुद्र में ये ड्रग्स जब्त किए गए हैं।

ड्रग्स को जब्त किए जाने के बाद गुजरात के पोरबंदर बंदरगाह पर लाया गया। इस बारे में सुरक्षा कारणों से कोई जानकारी नहीं दी गई कि किस सटीक लोकेशन पर इन ड्रग्स को पकड़ा गया। ये इस साल का अब तक का सबसे बड़ा ड्रग्स कंसाइनमेंट जब्ती है। जनवरी 2022 में गुजरात के कच्छ स्थित मुंद्रा एयरपोर्ट से बड़ी मात्रा में नशे की सामग्रियाँ जब्त की गई थीं। इसी पोर्ट के डीपी वर्ल्ड टर्मिनल पर सितंबर 2021 में 9000 करोड़ रुपए की हेरोइन पकड़ी गई थी।

‘अल्लाहु अकबर’ वाली हिजाब गर्ल को सलमान और आमिर खान ने दिए ₹5 करोड़’: वायरल खबर की पड़ताल

कर्नाटक के उडुपी जिले के पीयू कॉलेज से शुरू हुए बुर्का विवाद (Burqa/Hijab Controversy) के बीच अब ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे लगाकर सोशल मीडिया पर फेमस हुई मुस्लिम युवती मुस्कान खान की असदुद्दीन ओवैसी समेत कई पार्टियों ने उसका समर्थन करते हुए उसे ‘बहादुर’ घोषित कर दिया। सोशल मीडिया पर तो कट्टरपंथियों ने उस हाथों हाथ लिया। जमकर उसकी तारीफों के पुल बाँधे जा रहे हैं। इस बीच एक खबर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है कि बॉलीवुड एक्टर सलमान खान और आमिर खान ने इस लड़की की बहादुरी को सलाम करते हुए उसे पाँच करोड़ रुपए दिए हैं।

अफवाह ऐसी है कि कहा जा रहा है कि मुस्कान खान को 3 करोड़ रुपए सलमान और आमिर खान मिलकर दिए हैं, जबकि 2 करोड़ रुपए तुर्की की सरकार उसे देगी। ट्विटर पर जाहिद (@Xahidpk) नाम के ट्विटर यूजर ने दावा किया कि सलमान खान ने हिजाब गर्ल मुस्कान खान को 3 करोड़ रुपए दिए हैं।

इसी तरह का दावा एक अन्य यूजर निजाम खान ने भी किया। जिसमें इस बात का दावा किया गया है कि सलमान खान ने मुस्कान खान को पाँच करोड़ रुपए दिए हैं। यूजर ने एक ‘कहानी सेंटर’ नाम के यूट्यूब चैनल का लिंक भी शेयर किया, जिसमें इसी तरह के दावे किए गए थे। इसके वीडियो को देखने पर पता चलता है कि ये किसी मुस्लिम व्यक्ति का चैनल हो सकता है। इसके 7 लाख से अधिक सबस्क्राइबर भी हैं। वीडियो पर इस्लामवादियों ने कमेंट करल मुस्कान खान का समर्थन किया है।

इसी तरह का झूठ कश्मीर टुडे नाम के यूजर ने भी फैलाया और दावा किया कि मुस्कान खान को एक्टर ने 3 करोड़ रुपए दिए हैं।

हालाँकि, कश्मीर टुडे के पोस्ट पर कमेंट कर बहरुनिशा नाम की यूजर ने ‘फेक’ करार दिया।

साभार: कश्मीर टुडे

फेक है ये खबर

हालाँकि, सच ये नहीं है। अल्लाह हू अकबर के नारे लगाने वाली लड़की मुस्कान खान को सलमान खान या तुर्की की सरकार ने कोई पैसा नही दिया है। ‘फैक्टली’ ने अपनी रिसर्च में इसे ‘फेक’ करार दिया है।

साभार: फैक्टली

इसी तरह से koimoi.com ने भी इस खबर का खंडन किया है।

साभार: कोईमोई.कॉम

हालाँकि, कॉन्ग्रेस का दोमुँहा चेहरा जरूर सामने आया है। मुंबई के बांद्रा से कॉन्ग्रेस विधायक ज़ीशान सिद्दीकी ने भी मांड्या शहर में मुस्कान के घर जाकर मुलाकात की थी और उसे आईफोन और स्मार्टवॉच भी गिफ्ट किया है। इसके अलावा जमीयत ए उलेमा ए हिंद ने भी मुस्कान को पाँच लाख का डीडी दी थी।

मेडिकल छात्रों की शपथ में होगा बदलाव, Hippocratic की जगह अब महर्षि चरक के नाम पर: पूर्व AIIMS निदेशक का भी समर्थन

सदियों से मेडिकल छात्रों को हिपोक्रेटिक शपथ (Hippocratic Oath) दिलाने का दौर अब खत्म होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में मेडिकल छात्रों को भारतीय संस्कृति से जोड़े रखने के लिए ‘चरक’ शपथ दिलाने का प्रस्ताव सामने आया है। कुछ रिपोर्ट्स दावा कर रही हैं कि इसी 14 फरवरी से मेडिकल कॉलेजों में शुरू हो रहे अकादमिक सत्र में ये चरक शपथ दिलाई जाएँगी। वहीं कुछ रिपोर्ट्स का कहना है कि इस मामले पर दो राय होने की वजह से अभी और चर्चा होगी।

जानकारी के मुताबिक, इस संबंध में नेशनल मेडिकल कमीशन (National Medical Commission- एनएमसी) के अंडरग्रेजुएट बोर्ड ने पिछले हफ्ते कॉलेजों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। इसी मीटिंग में हिपोक्रेटिक शपथ का चलन खत्म करके चरक शपथ लेने के प्रस्ताव को रखा गया जिसपर अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों ने अपनी मिलीजुली राय दी। इस दौरान एम्स के पूर्व निदेशक ने इसका समर्थन किया और कहा कि सबको इसका पालन करना चाहिए।

एम्स के पूर्व निदेशक का ये समर्थन देखकर स्वामी रामदेव ने भी महर्षि चरक की परंपरा को लेकर अपना ट्वीट किया। उन्होंने कहा, “चिकित्सा एक व्यवसाय नहीं अपितु मानवसेवा का माध्यम है। एम्स के पूर्व निदेशक का अभिनंदन।” इसी प्रकार इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष डॉ सहजानंद प्रसाद सिंह ने कहा कि आईएमए 19-20 फरवरी को इस पर एक बैठक करेगा क्योंकि डॉक्टरों के बीच इसे लेकर विवाद की स्थिति है।

उल्लेखनीय है कि महर्षि चरक का आयुर्वेद विज्ञान में योगदान प्रमुख है। वह चिकित्सा ग्रंथ संहिता के लेखक हैं। नए प्रस्ताव के अनुसार, नए छात्रों को केवल चरक शपथ ही नहीं लेनी होगी बल्की डॉक्टरी पढ़ने आए छात्रों को 10 दिन की योगा ट्रेनिंग भी लेनी होगी। रिपोर्टों के अनुसार, इस पूरे विषय पर एक काउंसिल सदस्य ने बताया, “मॉडर्न मेडिसिन का इतिहास 200 साल से ज्यादा पुराना नहीं है। तो डॉक्टरों को ग्रीक फिजिशयन के नाम पर शपथ क्यों दिलाई जाए जब भारत का मेडिसिन में समृद्ध इतिहास रहा है। यह हमारी कई बैठकों में तय हो चुका है। महर्षि चरक के नाम पर शपथ लेना गर्व का विषय है।”

उडुपी में BJP विधायक और अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष को जान से मारने की धमकी, बुर्का मुद्दे पर चुप रहने को कहा: विदेश से फोन कॉल्स

कर्नाटक के उडुपी में भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष दाऊद अबूबकर को हिजाब मामले पर टिप्पणी करने पर इस्लामी कट्टरपंथियों ने धमकी दी है। बता दें कि कर्नाटक के शैक्षणिक संस्थानों में बुर्का/हिजाब पहन कर एंट्री की अनुमति के लिए पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन और हिंसा की जा रही है। अबूबकर ने स्थानीय भाजपा विधायक रघुपति भट्ट से मुलाकात कर के अपने और अपने परिवार को मिल रही धमकी के बारे में बताया। उन्होंने कहा था कि अगर प्रशासन का ये नियम है तो क्लासरूम में हिजाब उतारने में कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए।

विधायक रघुपति भट्ट उस प्री-यूनिवर्सिटी महिला कॉलेज की डेवलपमेंट कमिटी के अध्यक्ष भी हैं, जहाँ हिजाब का ये मुद्दा चल रहा है। उन्होंने शुक्रवार (11 फरवरी, 2022) को बताया कि उन्हें लगातार धमकियाँ मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि अधिकतर धमकी भरे फोन कॉल्स इंटरनेट के माध्यम से विदेश से आ रहे हैं। उन्हें धमकी देते हुए कहा जा रहा है कि हिजाब मुद्दे पर उन्होंने विरोध का रुख जारी रखा तो उन्हें निशाना बनाया जाएगा। उन्होंने स्थानीय एसपी को इस बारे में बताया है।

पुलिस ने उन्हें एक ‘पर्सनल स्टैंडिंग ऑफिसर (PSO)’ भी दिया है। उन्होंने कहा कि उन्हें जान से मार डालने की धमकी कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि उडुपी के मुस्लिम उनके साथ हैं और जिले के काजियों ने उन्हें समर्थन दिया है। कर्नाटक के कई स्कूल-कॉलेजों में ये विरोध प्रदर्शन चल रहा है। कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस मामले को बड़ी बेंच को ट्रांसफर करते हुए कहा कि तब तक स्कूल-कॉलेज खोले जाएँ और किसी भी छात्र को मजहबी कपड़ों में क्लासरूम में आने की अनुमति न दी जाए।

विधायक रघुपति भट्ट ने राज्य के गृह मन्त्र अरगा ज्ञानेंद्र को भी इस बारे में सूचित कर दिया है। विधायक ने कहा कि जिन 6 लड़कियों ने उडुपी के कॉलेज में हिजाब को लेकर विरोध प्रदर्शन किया, उन्हें बाहरी तत्वों द्वारा भड़काया जा रहा है। उन्हें फोन, व्हाट्सएप्प और फेसबुक के माध्यम से धमकियाँ मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि वो कॉलेज में अनुशासन और यूनिफॉर्म के मुद्दे पर विचार-विमर्श करते हुए सबको रिप्लाई कर रहे हैं। फ़िलहाल मुद्दा हाईकोर्ट में हो।

‘गरीब बॉयफ्रेंड को छोड़ दिया, अमीर के साथ घपाघप…’: दीपिका पादुकोण के बारे में KRK ने क्यों कहा ऐसा, करण जौहर को बताया ‘सेक्स का देवता’

बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण (Deepika Padukon) की फिल्म ‘गहराइयाँ’ (Gehraiyaan) शुक्रवार (11 फरवरी 2022) को ओटीटी प्लेटफॉर्म ‘अमेजॉन’ पर रिलीज हो चुकी है। फिल्म में दीपिका के अलावा सिद्धांत चतुर्वेदी और अनन्या पांडे भी लीड रोल में हैं। फिल्म क्रिटिक केआरके उर्फ कमाल आर खान (KRK) इस फिल्म का रिव्यू करते हुए इसे ‘सॉफ्ट पोर्न’ करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने दीपिका पादुकोण को ‘सेक्स की मल्लिका’ और करण जौहर को ‘सेक्स का देवता’ बताया है।

KRK ने करण जौहर (Karan johar) पर निशाना साधते हुए कहा, “इन लोगों ने इस फिल्म को हिंदुस्तान के 0.001 प्रतिशत लोगों को ध्यान में रखकर बनाया है। ये वो प्राणी हैं हिंदुस्तान के बड़े-बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में पाए जाते हैं। इन लोगों को तलाक होने के बाद बीवी से प्यार होता है। ये वो लोग हैं, किसी भी लड़की के साथ 8-10 साल तक लिव इन में रहते हैं और खूब ‘घपाघप’ यानि सेक्स करने के बाद उसे छोड़ देते हैं। ऐसे लोग अपनी पार्टियों में बीवी और गर्लफ्रेंड की अदला-बदली करते हैं। इन लोगों की जिंदगी तीन चीजों के इर्द-गिर्द घूमती है-पैसा, नशा और घपाघप (सामान्य तौर पर इस शब्द का मतलब सेक्स से लगाया जाता है)।”

करण जौहर पर तंज कसत हुए केआरके कहते हैं कि इन लोगों का कहना है कि हम लोग अनपढ़, गंवार हैं। हमें जिंदगी जीने का तरीका ही नहीं पता। लेकिन करण भाई हम जाहिल ही सही। हमारे लिए अपनी इज्जत अधिक प्यारी है।

फिल्म की कहानी पर बात करते हुए केआरके ने कहा, “फिल्म में दीपिका अपने ब्वॉयफ्रेंड के साथ 6 साल से लिव इन में रहती है और उसका शादी करने का कतई मन नहीं होता। दोनों वर्किंग होते है। लेकिन दोनों में अक्सर लड़ाई होती है। क्योंकि दोनों गरीब घर से आते है। असल जिंदगी में भी बेंगलुरु से आने के बाद दीपिका की जिंदगी में केवल पैसा ही अहमियत रखता है। उसकी असल जिंदगी में अमीर ब्वॉयफ्रेंड रहे हैं। जैसे विजय माल्या का बेटा और रणबीर कपूर। फिल्म में दूसरी तरफ अनन्या पांडे अपने अमीर ब्वॉयफ्रेंड झुग्गी एक्टर (सिद्धांत चतुर्वेदी) के साथ लिव इन में रहती है। लेकिन, जब दीपिका की मुलाकात अनन्या पांडे के अमीर ब्वॉयफ्रेंड से होती है तो वो उसपर लट्टू हो जाती है। वो उसके साथ ‘घपाघप’ करने लगती है और अपने गरीब ब्वॉयफ्रेंड को छोड़ उसके रह रहने लगती है।”

उन्होंने आगे कहा, “दीपू (दीपिका) गर्भवती हो जाती है औऱ उस अमीर ब्वॉयफ्रेंड से शादी करना चाहती है। दीपू को पता होना चाहिए जो अमीर लौंडे होते हैं वो बहुत ही ह@मी होते हैं। वो इतनी जल्दी कहाँ फंसते हैं। इसके बाद दीपू के साथ वही हुआ जो उसके साथ असल जिंगी में हुआ था। अमीर ब्वॉयफ्रेंड के छोड़ने के बाद दीपिका गोलियाँ खाने लगती है और डिप्रेशन में चली जाती है।”

फिल्म का सबसे फेमस डॉयलॉग

केआरके के मुताबिक, फिल्म का सबसे फेमस डॉयलॉग ‘फ@’ है। फिल्म में अनन्या और दीपिका दोनों को मेकअप के बिना दिखाया गया है। क्रिटिक ने दीपिका की एक्टिंग को सराहा और वहीं अनन्या पांडे की एक्टिंग को बकवास करार दिया। केआरके ने फिल्म को एक स्टार दिया है। बता दें कि इस फिल्म के प्रोड्यूसर करण जौहर हैं और निर्देशन शकुन बत्रा ने किया है।

₹22842 करोड़ का घोटाला, नीरव मोदी के बाद हिंदुस्तान का सबसे बड़ा बैंक फ्रॉड: 2012-17 के गड़बड़झाले पर CBI ने दर्ज किया मामला

जहाज बनाने वाली कंपनी एबीजी शिपयार्ड (ABG शिपयार्ड) के ऊपर केंद्रीय जाँच एजेंसी (CBI) ने सबसे बड़ी बैंक धोखाधड़ी मामले में कार्रवाई की है। कंपनी पर आरोप है कि उन्होंने विभिन्नों बैंकों के साथ कुल 22, 842 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी की और बैंक से लिए फंड का गलत इस्तेमाल किया।

मीडिया में मौजूद जानकारी के अनुसार, एबीजी शिपयार्ड से संबंधित पूरा मामला 2012-17 के बीच मिले फंड और उनके दुरुपयोग से जुड़ा है। केंद्रीय जाँच एजेंसी ने एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड के तत्कालीन अध्यक्ष ऋषि अग्रवाल समेत अन्य के खिलाफ़ इस मामले को दर्ज किया है। इकोनॉमिक टाइम्स ने बताया, जिन लोगों के ख़िलाफ़ इस मामले में केस दर्ज हुआ है, उनके नाम ऋषि अग्रवाल (तत्कालीन अध्यक्ष) संथानम मुत्थास्वामी (एग्जिक्यूटिव डायरेक्ट) हैं। इनके अलावा डायरेक्टर अश्विनी कुमार, सुशील कुमार अग्रवाल, रवि विमल नेवतिया का नाम और इसी के साथ एबीजी इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड का नाम भी एफआईआर में है।

अभी तक सामने आई जानकारी के अनुसार, फॉरेंसिक जाँच से पता चला है कि 2012-17 के बीच, मामले के आरोपितों ने एक साथ मिलीभगत की और बैंकों से लिए फंड का डायवर्जन किया, उनमें हेराफेरी की और आपराधिक विश्वासघात में लगे रहे। इस स्कैम में करीब 28 बैंक और फाइनेंशियल संस्थान शिकार हुए हैं। इनका कहना है कि इनसे जो फंड लिए गए उनका उपयोग किसी और कार्य के लिए किया जाता रहा।

भारतीय स्टेट बैंक ने घोटाले को लेकर शिकायत दर्ज कराई और बताया कि एबीजी शिपयार्ड कंपनी पर उसका 2,925 करोड़ रुपए बकाया है। इसके अलावा अन्य बैंक जैसे आईसीआईसीआई बैंक का 7,089 करोड़ रुपए, आईडीबीआई बैंक का 3,634 करोड़ रुपए, बैंक ऑफ बड़ौदा का 1,614 करोड़ रुपए, पीएनबी का 1,244 करोड़ रुपए और आईओबी का 1,228 करोड़ रुपए बकाया है।

उल्लेखनीय है कि एबीजी शिपयार्ड कंपनी जहाज निर्माण और जहाज की मरम्मत का काम करती है। इसके शिपयार्ड गुजरात के दहेज और सूरत में स्थित है। अब इस कंपनी से जुड़े 22,842 करोड़ रुपए के बैंक धोखाधड़ी मामले में सीबीआई मुंबई में एबीजी शिपयार्ड से जुड़ी कई जगहों पर अपनी छापेमारी कर रही है। एबीजी शिपयार्ड से जुड़ी धोखाधड़ी इतनी बड़ी है कि इससे पहले केवल नीरव मोदी ही थे जिनके 13, 200 करोड़ रुपए के फ्रॉड को सबसे बड़ा फ्रॉड कहा जाता था। हालाँकि, इस खुलासे के बाद हिंदुस्तान के सबसे बड़े बैंक फ्रॉड में एबीजी शिपयार्ड का नाम लिया जाएगा।

‘मऊ से चुनाव लड़ के दिखाएँ’: मुख्तार अंसारी के बेटे ने सपा दफ्तर से CM योगी को दी धमकी, BJP नेता ने कहा-‘जनता जबाव देगी’

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव (Uttar Pradesh Assembly Election-2022) के मद्देनजर सियासत तेज हो गई है। इसी क्रम में मऊ के माफिया और गैंगस्टर मुख्तार अंसारी (Mukhtar Ansari) के बेटे ने भड़काऊ बयानबाजी की है। मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी (Abbas Ansari) ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Aaditynath) को धमकी दे डाली है। उसने कहा कि उसे इस बात का इंतजार है कि कब सीएम योगी मऊ विधानसभा सीट से अपना पर्चा भरते हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, ओम प्रकाश राजभर की पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के टिकट पर जेल में बंद माफिया डॉन मुख्तार अंसारी मऊ सदर से चुनाव लड़ रहा है। अपने अब्बू की तरफ से प्रचार की कमान माफिया डॉन के बेटे अब्बास अंसारी ने संभाल रखी है। मुख्तार अंसारी का बेटा अब्बास और उमर अंसारी दोनों मऊ में जनता के बीच जाकर अपने पिता के लिए वोट माँग रहा है। वहीं अब्बास अंसारी ने इस बार चुनावी मैदान में उतरने से मना कर दिया।

इससे पहले वो 2017 में घोसी विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी की टिकट पर चुनाव लड़े थे, लेकिन भाजपा के फागू चौहान ने उन्हें 5000 वोटों के अंतर से हरा दिया था। उल्लेखनीय है कि अब्बास अंसारी ने यूपी के मुख्यमंत्री को ये चुनौती समाजवादी पार्टी के दफ्तर से दी है।

बीजेपी नेता ने किया पलटवार

अब्बास अंसारी द्वारा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को चैलेंज करने के मामले में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने करार पलटवार किया है। भाजपा नेता गणेश सिंह ने अब्बास पर निशाना साधते हुए कहा कि मैंने भी उनके वीडियो को बड़े ही गौर से देखा और सुना है। वो मुख्यमंत्री को चैलेंज कर रहे हैं, शायद उनके बारे में उन्हें पता नहीं है।

उन्होंने कहा, “ये वही मुख्यमंत्री हैं आज भी और कल भी रहेंगे। ये जो भ्रम है उसे अपने दिमाग से निकाल दें। पंजाब से आने में इनके बाप की फटती थी। जब सीएम को इतना ही कमजोर समझते हैं तो उनके बाप की क्यों मऊ में आने से फटती थी। मऊ का एक-एक भाजपा कार्यकर्ता इनका जबाव देने के लिए तैयार है। मऊ की जनता बदलाव चाहती है। किसी भ्रम में न रहें। ‘संगीनों के साए में रहने वाले’ तुम क्या मुख्यमंत्री को चैलेंज करोगे। तुमारी औकात ही नहीं है। इस बार जनता तुम्हें बताएगी और जबाव देगी।”

‘आएँगे तो योगी ही… विकास और रोजगार के लिए शांति जरूरी है’: UP में PM मोदी बोले- गुजरात में भी दंगे होते रहते थे, अब शांति है

उत्तर प्रदेश विधानसभा (Uttar Pradesh Assembly Election-2022) चुनाव के दूसरे चरण के मतदान से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शनिवार (12 फरवरी 2022) को कन्नौज के तिर्वा स्थित माँ अन्नपूर्णा मैदान में विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने नाम लिए बिना समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधते हुए कहा कि परिवारवादी लोग इस कोशिश में थे के जाति और संप्रदायवाद फैलाकर वोटों को बाँट देंगे, लेकिन बीते दो दिनों से इनकी नींद उड़ी हुई है।

पीएम मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के लोग माफियावादियों और दंगाइयों के खिलाफ एकजुट होकर वोट कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा, “ये एकजुटता दंगावाद से मुक्ति के पक्ष में है। ये एकजुटता, कानून व्यवस्था के पक्ष में है। ये एकजुटता महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि के पक्ष में है।”

गुजरात की कानून-व्यवस्था को लेकर पीएम मोदी ने कहा, “बीजेपी सरकार आने से पहले 10 साल में 7 साल ऐसे जाते थे कि कोई न कोई दंगा हो जाता था। इतना ही नहीं, पतंग उड़ाने पर दंगा, रास्ते में आते-जाते दंगा। हर छोटी-मोटी बात कर दंगा होता था। लोगों को मोहल्ले के मोहल्ले खाली करके भागना पड़ता था। इसके बाद खाली मकानों को सस्ते में खरीद कर उस इलाके की पहचान भी बदल दी जाती थी। गुजरात लंबे समय तक इसी दुष्चक्र में फँसा रहा। जब गुजरात के लोगों ने बीजेपी को मौका दिया तो दुनिया बदलनी शुरू हो गई। पिछले दो दशकों से वहाँ कोई दंगा नहीं हुआ।”

यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा के पूर्ण बहुमत से आने का दावा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, “लड़ाई इस बात की नहीं कि किसकी सरकार बनेगी या किसकी नहीं। उत्तर प्रदेश और पूरा देश जानता है कि आएँगे तो योगी ही।” पीएम मोदी के मुताबिक, अब केवल इस बात की लड़ाई चल रही है कि बीजेपी की जो पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी वो पहले से कितनी ज्यादा सीटें लेकर बनेगी, इसका मुकाबला चल रहा है।

योगी सरकार की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में विकासस रोजगार और निवेश के लिए शांतिपूर्ण व्यवस्था की जरूरत होती है। इसलिए यूपी कानून के राज को सबसे बड़ी प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि यूपी का सामान्य मतदाता इस बात को जानता है कि गुंडे और दंगाइयों का इलाज केवल भाजपा के पास ही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि योगी की सरकार ने जिस तरह से दंगों को रोका हैं, हमें उसे स्थायी स्वरूप देते हुए हमें दोबारा ऐसी हरकतों को यूपी में पनपने नहीं देना है। जिनकी राजनीतिक बुनियाद अपराध, गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार पर टिकी हो वो कभी सुधर नहीं सकते हैं। आप देखिए, इन लोगों ने कैसे-कैसे उम्मीदवारों को टिकट दिया है, इनके ज्यादातर उम्मीदवार हिस्ट्रीशीटर हैं और कई तो जेल से ही चुनाव लड़ रहे हैं।

विपक्ष के उम्मीदवारों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि जिनकी राजनीतिक बुनियाद अपराध, गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार पर टिकी हो वो कभी सुधर नहीं सकते हैं। आप देखिए, इन लोगों ने कैसे-कैसे उम्मीदवारों को टिकट दिया है, इनके ज्यादातर उम्मीदवार हिस्ट्रीशीटर हैं और कई तो जेल से ही चुनाव लड़ रहे हैं।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र की व्याख्या करते हुए कहा जाता है, जनता का, जनता के लिए, जनता द्वारा शासन लेकिन घोर परिवारवादी पार्टियों ने इसे बदल दिया है। ये लोग कहते हैं कि परिवार का, परिवार के लिए, परिवार द्वारा शासन।

‘अयोध्या के धार्मिक कार्यों में साथ देंगे’: बाबरी के पूर्व पैरोकार इक़बाल अंसारी ने योगी आदित्यनाथ के दोबारा CM बनने के लिए पढ़ी दुआ

सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर के खिलाफ बाबरी मस्जिद मामले में पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने कहा है कि अगर योगी आदित्यनाथ फिर से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनते हैं तो वो संत परमहंस के साथ रामलला के दर्शन करेंगे। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का पहला चरण बीत चुका है, ऐसे में अयोध्या में भी राजनीतिक सरगर्मी तेज़ है। राम मंदिर निर्माण के साथ ही योगी सरकार इसे एक आध्यात्मिक स्थल के रूप में विकसित करने में लगी हुई है। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

अब एक ऐसा नजारा देखने को मिला है, जिस पर लोगों को यकीन नहीं हो रहा है। दरअसल, तपस्वी छावनी के संत परमहंस और बाबरी मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी ने योगी आदित्यनाथ के दोबारा मुख्यमंत्री बनने के लिए अपने-अपने धर्म/मजहब के हिसाब से प्रार्थना की/दुआ पढ़ी। जहाँ संत परमहंस ने हनुमान जी और भगवान श्रीराम से सीएम योगी की जीत के लिए हाथ जोड़ कर प्रार्थना की, वहीं इकबाल अंसारी ने दोनों हाथ उठा कर दुआ माँगी।

इस दौरान इकबाल अंसारी ने कहा, “ये चुनाव का दौर है। यहाँ परमहंस आचार्य ने अपने धर्म के अनुसार पूजन किया और मैंने अपने धर्म के अनुसार दुआएँ मांगी। हम लोगों ने यही मन्नत माँगी कि योगी आदित्यनाथ दोबारा मुख्यमंत्री बनें। हम लोग यह चाहते हैं कि अयोध्या धर्म की नगरी है और संतों के साथ धार्मिक आस्थाएँ पूरी करना उनका धर्म है। हम लोग भी उनसे जुड़े हुए हैं। हम लोग यह चाहते हैं कि वह दोबारा चुन कर आएँ। अयोध्या में जो भी धार्मिक कार्य होगा, उसमें हम उनका साथ देंगे।

उन्होंने कहा कि चूँकि सब मिलजुल कर अयोध्या में रहते हैं, इसीलिए वो संतों के साथ जाकर रामलला के दर्शन भी करेंगे। तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगतगुरु परमहंस ने कहा कि साधु-संतों के साथ मिल कर इक़बाल अंसारी ने भी विशेष प्रार्थना की है कि योगी आदित्यनाथ को बहुमत मिले और उनके नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में फिर से भाजपा की सरकार बने। उन्होंने कहा कि भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास’ की बात करती है, इसीलिए हम इस पार्टी के साथ हैं और जीत के बाद सब मिल कर रामलला के दर्शन करेंगे।

जहाँ का किराया ₹20 लाख/महीने, वहाँ सोनिया गाँधी के लिए रेंट मात्र ₹4610: वो भी 17 महीने से नहीं दिया, PM आवास से बड़ा है ’10 जनपथ’

कॉन्ग्रेस पार्टी से जुड़ी एक चौंकाने वाली खबर मीडिया में सामने आई है। बताया जा रहा है कि कॉन्ग्रेस पार्टी ने लुटियन दिल्ली में स्थित 10 जनपथ बंगले का किराया पिछले डेढ़ साल (17 महीनों) से नहीं भरा है जबकि इसका किराया उनके लिए केवल 4, 610 रुपए प्रतिमाह है और मार्केट वैल्यू के हिसाब से इसका किराया 20 लाख तक हो सकता है।इस संपत्ति के अलावा कॉन्ग्रेस ने 26 अकबर रोड और चाणक्यपुरी में स्थित संपत्तियों का भी किराया लंबे समय से नहीं दिया है।

मीडिया खबरों के अनुसार, गुजरात के मीठापुर के निवासी सुजित पटेल द्वारा दायर एक आरटीआई आवेदन के जवाब में, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के संपदा निदेशालय (डीओई) ने बताया कि कॉन्ग्रेस द्वारा 26, अकबर रोड पर स्थित सरकारी बंगले के किराए का भुगतान नहीं किया गया है जो कि ₹12.69 लाख है। ये किराया 2013 से नहीं चुकाया गया। इसी तरह से चाणक्यपुरी में दी गई संपत्ति का किराया भी कॉन्ग्रेस ने 2013 से नहीं भरा है जोकि 5.07 लाख रुपए है।

आरटीआई में खुलासा

ये दोनों संपत्तियाँ ऑल इंडिया कॉन्ग्रेस कमेटी को 1994 और 1985 में दी गई थीं। अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “अनधिकृत कब्जे के कारण दो संपत्तियों का मासिक किराया शुल्क अधिक है। जब रहने वाले अनुमत सीमा से अधिक रहते हैं, तो मासिक नुकसान की गणना अलग तरीके से की जाती है। चार्ज हर महीने बदलता रहता है। आरटीआई में उल्लिखित राशि पिछले महीने (जनवरी 2022) का किराया शुल्क है। लंबित कुल बकाया बहुत अधिक होगा।”

DoE अधिकारी की ओर से हर प्रॉपर्टी पर बकाए किराए की  जानकारी देने से मना कर दिया गया। मगर, उन्होंने बताया कि सोनिया गाँधी को मिले बंगले का किराया 4, 610 रुपए है जिसे अक्टूूबर 2020 से नहीं भरा गया।

आरटीआई देखने के बाद सोशल मीडिया पर गुणवंत रूपारेलिया नाम के शख्स ने इस पूरे किराए की कैलकुलेशन की। इसके अनुसार 10 जनपथ का 17 महीने का किराया 4610 रुपए प्रति माह के हिसाब से 78,370 रुपए, 26 अकबर रोड का 110 महीने का किराया 12,69,902 प्रति माह के हिसाब से करीब 13,96,89,220 रुपए है और चाणक्यपुरी के बंगले का 102 महीने का किराया 5,07,911 रुपए प्रति माह के हिसाब से कुल 5,18,06,922 रुपए बनता है।

प्रियंका गाँधी ने भी बेदखली का नोटि पाने के बाद छोड़ा था आवास

याद दिला दें कि कॉन्ग्रेस की महासचिव प्रियंका गाँधी को भी DoE द्वारा बेदखली का नोटिस दिया गया था जिसके बाद उन्होंने अपना लोधी एस्टेट बंगला खाली कर दिया था। नियम के अनुसार, राजनैतिक पार्टियों को बंगले सिर्फ ऑफिस कार्यों के लिए दिए जाते हैं। लेकिन एक बार जब किसी पार्टी को कार्यालय के निर्माण के लिए जमीन आवंटित की जाती है, तो उसे जमीन पर कब्जा करने के तीन साल के भीतर बंगला खाली करना पड़ता है। कॉन्ग्रेस पार्टी को 2010 में ही पार्टी कार्यालय के निर्माण के लिए राउज़ एवेन्यू पर जमीन आवंटित कर दी गई थी।

उल्लेखनीय है कि किराया न भरने की बातें मीडिया में सामने आने के बाद कॉन्ग्रेस के ऊपर भाजपा ने तंज कसा है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा, “वंशवाद के दिन पूरे हो गए हैं। कॉन्ग्रेस को सरकारी सरकारी आवास के लिए भुगतान करना होगा। केंद्र में हमारी सरकार के तहत, जो लोग सरकारी आवास पर कब्जा कर रहे हैं, वे इसके लिए भुगतान करते हैं और कार्यकाल पूरा होने पर इसे खाली कर देते हैं।”

कैसा है 10 जनपथ बंगला?

बता दें कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को अलॉट किया गया 10 जनपथ बंगला देश के अन्य नेताओं के मुकाबले सबसे बड़ा है। इतना ही नहीं यह पीएम निवास 7 रेस कोर्स से भी बड़ा है। सेंट्रल पब्लिक डिपार्टमेंट के मुताबिक पीएम निवास का एरिया 14,101 वर्ग मीटर है जबकि सोनिया गाँधी को मिला बंगला 15,181 वर्ग मीटर में फैला है।