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‘बुरी फिल्में बुरी ही होती हैं, चाहे जितना पोर्न दिखा लो’: कंगना ने ‘गहराइयाँ’ पर दीपिका पादुकोण और करण जौहर की बैंड बजाई

दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘गहराइयाँ’ को दर्शकों से लगातार नकारात्मक समीक्षाएँ मिल रही हैं। अब कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसा लिखा है, जिससे स्पष्ट है कि उन्होंने इस फिल्म पर निशाना साधा है। फिल्म में सिद्धांत चतुर्वेदी और अनन्या पांडेय भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। इस फिल्म का निर्माण करण जौहर की कंपनी ‘धर्मा प्रोडक्शंस’ ने किया है। इसे थिएटरों में रिलीज करने का रिस्क न लेते हुए OTT का रास्ता चुना गया और ‘अमेज़न प्राइम’ पर रिलीज किया गया।

कंगना रनौत ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई स्टोरी में लिखा, “मैं भी एक ‘मिलेनियल’ (सामान्यतः 1980-95 के बीच जन्मे लोग) हूँ, लेकिन मैं इस तरह के रोमांस को समझती और जानती हूँ। मिलेनियल/नए जमाने/शहरी फिल्मों के नाम पर कचरा न बेचें। बुरी फ़िल्में तो बुरी फ़िल्में ही होती हैं, कितनी भी मात्रा में शरीर और पोर्नोग्राफी दिखा लो लेकिन वो उसे बचा नहीं सकती। ये एक मूलभूत बात है, इसमें को गहराइयाँ वाली चीज नहीं है।” साथ ही उन्होंने एक पुरानी फिल्म का वीडियो भी साझा किया।

कंगना रनौत ने ‘गहराइयाँ’ पर साधा निशाना

कंगना रनौत ने अपनी स्टोरी के साथ ‘हिमालय की गोद में (1965)’ का गाना ‘चाँद सी महबूबा हो मेरी’ का वीडियो भी शेयर किया। इस फिल्म में मनोज कुमार और माला सिन्हा मुख्य भूमिकाओं में थे, जबकि आनंद बख्शी द्वारा लिखे गए इस इस गाने को मुकेश ने गाया था। गाने को ‘कल्याणजी आनंदजी’ की जोड़ी ने अपने संगीत से सजाया था। वहीं ‘गहराइयाँ’ की बात करें तो इसमें नसीरुद्दीन शाह और रजत कपूर भी सहायक भूमिकाओं में हैं। ‘एक मैं और एक टू (2012)’ और ‘कपूर एंड संस (2016)’ के निर्देशक शकुन बत्रा इस फिल्म के डायरेक्टर हैं।

KRK ने भी अपनी समीक्षा में ‘गहराइयाँ’ को खरी-खोटी सुनाई थी। उन्होंने इस फिल्म का रिव्यू करते हुए इसे ‘सॉफ्ट पोर्न’ करार दिया था। उन्होंने कहा था, “इन लोगों ने इस फिल्म को हिंदुस्तान के 0.001 प्रतिशत लोगों को ध्यान में रखकर बनाया है। ये वो प्राणी हैं हिंदुस्तान के बड़े-बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में पाए जाते हैं। इन लोगों को तलाक होने के बाद बीवी से प्यार होता है। ये वो लोग हैं, किसी भी लड़की के साथ 8-10 साल तक लिव इन में रहते हैं और खूब ‘घपाघप’ यानि सेक्स करने के बाद उसे छोड़ देते हैं। ऐसे लोग अपनी पार्टियों में बीवी और गर्लफ्रेंड की अदला-बदली करते हैं।।”

कुरान के पन्ने जलाने के आरोप में तब तक मारते रहे ईंट-पत्थर जब तक मरा नहीं, फिर पेड़ से लटकाया: इस्लामी भीड़ की करतूत

पाकिस्तान में कट्टरपंथी इस्लामी भीड़ ने ईशनिंदा के आरोप में फिर से एक व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी है। घटना पंजाब प्रांत के खानेवाल जिले के तुंबा कस्बे में शनिवार (12 फरवरी 2022) को अंजाम दी गई। रिपोर्टों के अनुसार इस दौरान पुलिस मुकदर्शक बनी रही। इससे पहले 3 दिसंबर 2021 को सियालकोट में श्रीलंका के एक इंजीनियर को कारखाने में काम करने वाले कट्टरपंं​थियों ने ईशनिंदा का आरोप लगा पीट-पीटकर मार डाला था।

तुंबा कस्बे में जिस व्यक्ति की पत्थर से मारकर मॉब लिंचिंग की गई उस पर कुरान के पन्नों को जलाने का आरोप था। हत्या के बाद इस्लामवादियों ने उसके शव को पेड़ पर लटका दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, घटना मियाँ चन्नू के तुलम्बा मदरसा की है। यहीं पर एक व्यक्ति की बर्बर लिंचिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बताया जाता है कि भीड़ इस कदर उन्मादी थी स्थानीय पुलिसवालों ने अपनी जान बचाने के लिए व्यक्ति को भीड़ के पास भेज दिया।

नोट: दृश्य काफी भयावह हैं, पाठक अपने स्वविवेक से देखें।

बताया जाता है बाहर उन्मादी भीड़ जमा थी फिर भी पुलिस ने आरोपित को मियाँ चुन्नू थाने से बाहर जाने दिया। इसके बाद मुस्लिम भीड़ उसे घसीटते हुए ले गई। हत्या से पहले उसे खूब टॉर्चर किया। उसे ईंट-पत्थरों से तब तक मारा गया, जब तक मौत नहीं हुई फिर पेड़ से लटका दिया।वारदात के बाद जिला पुलिस अधिकारी (डीपीओ) और थाना प्रभारी (एसएचओ) घटनास्थल पर पहुँचे। इस बीच दक्षिण पंजाब के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (सेवानिवृत्त) जफर इकबाल अवान ने तुलम्बा पुलिस से आरोपितों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने को कहा है। वहीं पंजाब प्रान्त के आईजी राव सरदार अली खान ने भी इस मसले पर रिपोर्ट तलब किया है। पुलिस अधिकारी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है।

इससे पहले भी हुई हैं ऐसी घटनाएँ

पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में मॉब लिंचिंग की ये कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले पिछले साल नवंबर 2021 में पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा के चारसद्दा जिले में पवित्र कुरान का अपमान करने के मामले में गिरफ्तार किए गए व्यक्ति को नहीं सौंपने पर भीड़ ने पुलिस स्टेशन को ही आग लगा दी थी। दिसंबर 2021 में ही पाकिस्तान के सियालकोट में श्रीलंकाई नागरिक प्रियंतन कुमारा को मुस्लिम भीड़ ने हत्या कर जला दिया था। बाद में सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पाक पुलिस ने 40 आरोपितों को गिरफ्तार किया था।

अगर बीते 3 दशकों की बात करें तो पाकिस्तान में केवल ईशनिंदा का आरोप लगाकर 60 लोगों की हत्या की गई है। बहरहाल मियाँ चन्नू के तुलम्बा मदरसा मामले की जाँच की जा रही है। पंजाब के मुख्यमंत्री उस्मान बुजदार ने इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही है।

लोनी से BJP के नंदकिशोर गुर्जर जीतेंगे या RLD? इक़बाल ने भाजपा समर्थक के साथ लगाई ₹18000 की शर्त, स्टाम्प पेपर पर अनुबंध

उत्तर प्रदेश के लोनी विधानसभा क्षेत्र से एक अजीबोगरीब वाकया सामने आया है, जहाँ चुनावी हार-जीत को लेकर दो लोगों में लगी शर्त का स्टाम्प पेपर पर अनुबंध हुआ। यहाँ से मौजूदा विधायक नंदकिशोर गुर्जर हैं, जो भाजपा के प्रत्याशी भी हैं। ये विधानसभा क्षेत्र दिल्ली से सटे गाजियाबाद में पड़ता है। दो अलग०अलग पार्टी के समर्थकों ने बाकायदा स्टाम्प पेपर पर अनुबंध कर के शर्त लगाई। ये शर्त 18,000 रुपए की लगी है। 10 रुपए के स्टाम्प पेपर पर दोनों ने हताक्षर किए।

दरअसल, ये शर्त भाजपा समर्थक अमित बैसला और जयंत चौधरी की पार्टी ‘राष्ट्रीय लोक दल (RLD)’ समर्थक इकबाल के बीच लगी है। इकबाल का कहना है कि इस सीट से RLD जीतेगी, जिसने मदन भैया को उतारा है। अमित बैसला के पिता का नाम रघुबीर बंसल है, जबकि इक़बाल के पिता का नाम वहीद है। दोनों ही लक्ष्मी गार्डन क्षेत्र के रहने वाले हैं। फ़िलहाल भाजपा समर्थक अमित बैसला ने RLD समर्थक इक़बाल के पास 18,000 रुपए जमा करा दिए हैं। इनमें 9-9 हजार दोनों के हैं।

अगर इस चुनाव में नंदकिशोर गुर्जर जीत जाते हैं तो ये रकम अमित बैसला को उनके 18,000 रुपए मिल जाएँगे, जबकि अगर मदन भैया की जीत होती है तो इक़बाल ये रुपए रख लेगा। 15 मार्च, 2022 को इस शर्त की रकम ले लेनदेन का अंतिम दिन रखा गया है। बता दें कि 10 मार्च को उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर – इन 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की मतगणना और चुनाव परिणाम आएँगे। ऐसे में इसके 5 दिन बाद तक का दिन शर्त के लिए तय किया गया है।

स्टाम्प पेपर पर लिखा है कि दोनों पक्षों की सहमति से इस अनुबंध पत्र को तैयार किया गया है, ताकि ये बाद में काम आ सके। अमरलाल नाम के व्यक्ति को इस अनुबंध का गवाह बनाया गया है। शुक्रवार (11 फरवरी, 2022) को ये अनुबंध किया गया। इस मामले को लेकर दोनों प्रत्याशियों की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। नंदकिशोर गुर्जर जनवरी में “लोनी में न अली, न बाहुबली, लोनी मे सिर्फ बजरंगबली” नारा लगा कर चर्चा में आए थे। चुनाव आयोग से उनकी शिकायत भी की गई थी, जिसके बाद उन्हें नोटिस देकर जवाब देने को कहा गया था।

देह का धंधा करवा रहा था PFI नेता मोहम्मद शरीफ, 7 गिरफ्तार: नाबालिगों को टॉर्चर करती, ग्राहकों के सामने परोसती थी शमीना

कर्नाटक के मंगलुरु में 17 साल की नाबालिग लड़की का यौन शोषण करने और उससे देह व्यापार करने के लिए विवश करने के मामले में पुलिस ने 7 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में एक मोहम्मद शरीफ पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) का नेता है। इस तरह मामले में गिरफ्तार कुल आरोपियों की संख्या 10 पहुँच गई है। लड़की की शिकायत के आधार पर पुलिस ने इस मामले में बाल यौन अपराध रोकथाम (पॉक्सो) अधिनियम के तहत चार अलग-अलग FIR दर्ज की है।

बुधवार (9 फरवरी) को पुलिस ने इस मामले में रियल एस्टेट कारोबारी मोहम्मद शरीफ (46), मछली विक्रेता मोहम्मद हनीफ (47), मांस का दुकान चलाने वाला उमर कुन्ही (43), बिल्डिंग कॉन्ट्रेक्टर प्रवीण डिसूजा (40), बिल्डिंग कॉन्ट्रेक्टर संदीप (33), घरेलू महिला रहमत (48) और मेंहदी लगाने का काम करने वाली साना उर्फ अस्मा (24) को गिरफ्तार किया है।

पुलिस आयुक्त एन शशि कुमार ने बताया, “यह एक संगठित वेश्यावृत्ति रैकेट है। गिरफ्तार किए गए 10 आरोपियों में से 7 एक गिरोह चलाते थे, जबकि तीन ग्राहक हैं, जिन्होंने नाबालिग का यौन उत्पीड़न किया। नाबालिग एक आरोपित के संपर्क में आया थी, जिसे पहले गिरफ्तार किया गया था। आरोपित ने उसे विश्वास में लेकर उपहार और पैसे देकर नाबालिग से संपर्क विकसित किया।

उन्होंने कहा, “नाबालिग का बाद में यौन उत्पीड़न किया गया। आरोपी ने उसे सोशल मीडिया पर फोटो और वीडियो पोस्ट करने की धमकी दी और उसे यह कहते हुए ब्लैकमेल किया कि आपत्तिजनक स्थिति में उसके सीसीटीवी फुटेज को वायरल कर दिया जाएगा। बाद में आरोपित ने उसे वेश्यावृत्ति में शामिल होने के लिए मना लिया।” पुलिस का यह भी कहना है कि दो नाबालिग लड़कियों के अलावा 18 साल से अधिक उम्र की कई ऐसी महिलाएँ भी हैं, जो इनका शिकार बनी हैं।

पुलिस कमिश्नर के मुताबिक 17 साल की इस लड़की के साथ 3 महीने में 6 बार रेप किया गया। मुख्य आरोपित शमीना ने नाबालिग लड़कियों से संपर्क स्थापित किया था और ग्राहकों के साथ मिलने की व्यवस्था की थी। मंगलुरु के नंदीगुड्डा के एक अपार्टमेंट में ढाई महीने से यह रैकेट चल रहा था।

पुलिस आयुक्त का कहना है, “हमारे पास बैंक और Google पे के माध्यम से लेनदेन पर सबूत हैं और एक ग्राहक खाता-बही भी बरामद की गई है। यह देखकर आश्चर्य होता है कि किसी को भी वाणिज्यिक-सह-आवासीय अपार्टमेंट में होने वाली वेश्यावृत्ति गतिविधियों के बारे में पता नहीं चला।”

शहर में अट्टावर के नंदीगुड्डा के पास SMR लियाना अपार्टमेंट में से पुलिस ने इस महीने के शुरू में दो नाबालिग लड़कियों और दो महिलाओं को छुड़ाया था। देह व्यापार का अड्डा चलाने के आरोप में पुलिस ने शमीना उसके दलाल शौहर अबू बकर सिद्दीकी और आयशा नाम की मैडम को गिरफ्तार किया था। ये लोग लड़कियों एवं महिलाओं को झूठे जाल में फँसाने के बाद उनका यौन शोषण करते थे और फिर ब्लैकमेल कर वेश्यावृत्ति करने के लिए मजबूर करते थे। मुख्य आरोपी शमीना के हाथों उत्पीड़न के बाद नाबालिग पीड़िता ने इसे अपने कॉलेज के लेक्चरर को बताया था। इसके बाद सीडब्ल्यूसी को सूचित किया।

‘इंशाअल्लाह एक दिन हिजाबी प्रधानमंत्री बनेगी’: AIMIM वाले ओवैसी का Video, कहा- हिजाब-नकाब पहनेंगे, कॉलेज को जाएँगे

कर्नाटक के कैम्पस में हिजाब पहनने को लेकर जारी विवाद के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के मुखिया और सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने कहा है कि एक दिन हिजाबी प्रधानमंत्री बनेगी। उन्होंने रविवार (13 फरवरी 2022) को एक वीडियो ट्वीट कर यह बात कही।

ट्वीट किए गए वीडियो के कैप्शन में लिखा है, “इंशाअल्लाह एक दिन एक हिजाबी प्रधानमंत्री बनेगी।” इसमें ओवैसी को कहते सुना जा सकता है, “हम अपनी बेटियों को इंशाअल्लाह अगर वो फैसला करती है कि अब्बा-अम्मी मैं हिजाब पहनूँगी, तो अम्मा-अब्बा कहेंगे- बेटा पहन, तुझे कौन रोकता है हम देखेंगे। हिजाब, नकाब पहनेंगे कॉलेज को जाएँगे, डॉक्टर भी बनेंगे, कलेक्टर भी बनेंगे, एसडीएम भी बनेंगे, बिजनेस मैन भी बनेंगे। एक दिन तुम याद रखना मैं शायद जिंदा न रहूँगा, तुम देखना एक दिन एक बच्ची हिजाब पहनकर इस देश का प्रधानमंत्री बनेगी।”

इससे पहले ओवैसी ने कहा था, “हिजाब पहनकर फुटबॉल वर्ल्ड कप खेल सकते हैं, इंटरनेशनल बास्केटबॉल टूर्नामेंट में हिस्सा ले सकते हैं। आप क्या कर रहे हैं। आप बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ ने नारे के बीच देश को कहाँ लेकर जा रहे हो।”

उन्होंने इस विवाद पर राजनीतिक दलों की चुप्पी पर सवाल करते हुए कहा था कि बीजेपी की रैलियों में मुस्लिम महिलाएँ नकाब और हिजाब पहनकर जाती हैं। नड्डा जी की आरती उतारती हैं, तब सब अच्छा है। फिर नकाब और हिजाब पहनकर स्कूल-कॉलेज जाने पर पाबंदी क्यों? क्यों डबल-डबल चेहरे बनाते हैं? जब उनसे कहा गया कि शैक्षणिक संस्थानों में ऐसा करने पर एक खाई बनती है, तो औवेसी ने कहा था, “यमन की एक लड़की को नोबेल प्राइज मिला, वो भी हिजाब में हैं। यानी नोबेल प्राइज देने वालों को भी हिजाब से कोई ऐतराज नहीं है।”

जब ओवैसी से पूछा गया कि वे तीन तलाक पर कुछ नहीं बोलना चाहते लेकिन हिजाब पर बढ़ चढ़कर बोल रहे हैं, तो लोकसभा सांसद ने कहा था कि तीन बार संसद में तीन तलाक का कानून लाया गया, तब हम ही बोल रहे थे और कोई दूसरा नहीं बोला। उन्होंने कहा था, “एक बच्ची की बहादुरी की तारीफ करना कोई बुरी बात नहीं है। हम कह रहे हैं कि अगर वो बच्ची मुस्कान नहीं होती, लक्ष्मी होती तो भी मैं उसकी तारीफ करता। किसी भी लड़के को अधिकार नहीं है कि वो किसी लड़की को जाकर इस तरह से घेरे। ये तो आप गुंडागर्दी कर रहे हैं। आप कैसे किसी महिला के खिलाफ ऐसे कर सकते हैं। वो किसी की बेटी किसी की औलाद है, उसे घेर के ऐसे नारे नारे नहीं लगा सकते है।”

नोट: भले ही इस विरोध प्रदर्शन को ‘हिजाब’ के नाम पर किया जा रहा हो, लेकिन मुस्लिम छात्राओं को बुर्का में शैक्षणिक संस्थानों में घुसते हुए और प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है। इससे साफ़ है कि ये सिर्फ गले और सिर को ढँकने वाले हिजाब नहीं, बल्कि पूरे शरीर में पहने जाने वाले बुर्का को लेकर है। हिजाब सिर ढँकने के लिए होता है, जबकि बुर्का सर से लेकर पाँव तक। कई इस्लामी मुल्कों में शरिया के हिसाब से बुर्का अनिवार्य है। कर्नाटक में चल रहे प्रदर्शन को मीडिया/एक्टिविस्ट्स भले इसे हिजाब से जोड़ें, लेकिन ये बुर्का के लिए हो रहा है।

पश्चिम बंगाल में बुर्का पहनने से मना करने पर मुस्लिम भीड़ ने स्कूल पर किया हमला: ममता शासन में हेडमास्टर निलंबित, विभागीय जाँच शुरू

ममता बनर्जी के राज में पश्चिम बंगाल कट्टरपंथियों का गढ़ बनता जा रहा है। कर्नाटक से शुरू हुआ हिजाब मामला पश्चिम बंगाल में पहुँचकर हिंसक हो गया है। मुर्शिदाबाद के एक स्कूल में बुर्के में आईं मुस्लिम लड़कियों को स्कूल यूनीफॉर्म पहनने की बता कहने पर भीड़ ने स्कूल के स्टाफ पर हमला कर दिया। इतना ही नहीं, मुस्लिमों की भीड़ ने शनिवार (12 फरवरी) को हेडमास्टर को तालिबानी अंदाज में उन्हें सौंपने की भी माँग करते हुए स्कूल को घेर लिया और हिंसा एवं आगजनी की। इस मामले में पुलिस ने 18 लोगों को गिरफ्तार किया है और अन्य लोगों की तलाश जारी है।

पुलिस ने शनिवार की देर शाम तक हिंसक भीड़ से बचने के लिए खुद को स्कूल के कमरे में बंद किए हुए हेडमास्टर और स्टाफ को बचाया। अधिकारियों के मुताबिक, हेडमास्टर को निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जाँच शुरू की गई है। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि छात्राओं को स्कूल की ओर से यूनिफॉर्म दी गई है और शिक्षक उन तस्वीरों को जिला प्रशासन को भेजने वाले हैं। इसलिए छात्राओं को बुर्का की जगह वर्दी पहनने को कहा गया था।

साल 2011 की जनगणना के अनुसार 66 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले मुर्शिदाबाद जिले के सुती इलाके में बहुतली हाईस्कूल के हेडमास्टर दीनबंधु मित्रा ने शुक्रवार (11 फरवरी) को स्कूल की कुछ छात्राओं से कहा था कि स्कूल में हिजाब या बुर्का के बजाए स्कूल यूनीफॉर्म पहनकर आएँ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मित्रा ने यह भी कहा था कि जो लड़की इस आदेश को नहीं मानेगी, उसका नाम स्कूल की रजिस्ट्री से हटा दिया जाएगा। इसके बाद लड़कियों ने अपने परिजनों को इसके बारे में बताया और स्थानीय मुस्लिमों की भीड़ ने स्कूल को घेर लिया। इस दौरान स्कूल में बम फेंकने की भी खबर है।

सूचना मिलने के बाद जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी दल-ब-दल के साथ मौके पर पहुँचे। हिंसक भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठी चार्ज किया और आँसू गैस के गोले छोड़े। हालाँकि स्थिति अभी नियंत्रित में है, लेकिन इलाके में तनाव बना हुआ है। स्थिति को देखते हुए घटनास्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।

हिजाब को लेकर कर्नाटक में मुस्लिम भीड़ ने हिंदुओं को पीटा

उधर कर्नाटक में हिजाब के समर्थन में उतरी मुस्लिम भीड़ ने हिजाब प्रतिबंध का समर्थन करने पर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पर उतर आए हैं। शुक्रवार को मुस्लिम लड़कों के एक समूह ने नागराज नाम के एक हिंदू युवक की बेरहमी से पिटाई कर दी। घटना कथित तौर पर दावणगेरे जिले के हरिहर फर्स्ट ग्रेड कॉलेज परिसर की है।

इसी तरह, दावणगेरे जिले के मालेबेन्नूर शहर की एक अन्य घटना में मुस्लिम भीड़ ने व्हाट्सएप स्टेटस पर कथित तौर पर हिजाब के खिलाफ एक पोस्ट अपलोड करने के कारण उसे चाकू मार दिया था। इसी तरह नल्लूर गाँव में भी मुसलमानों की भीड़ ने हिजाब विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट के कारण 25 वर्षीय नवीन और उसकी 60 वर्षीय माँ पर हमला कर दिया और घर में तोड़फोड़ की।

बता दें कि 8 फरवरी को दावणगेर में ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाते हुए सांप्रदायिक घटना अंजाम दिया गया था। इस हिंसक घटना में कई पुलिसकर्मी और छात्र घायल हो गए थे। मुस्लिम भीड़ द्वारा कई दोपहिया वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है।

‘अल्लाह-हू-अकबर’ वाली मुस्कान खान के नाम पर मालेगाँव का उर्दू घर, NCP की मेयर का ऐलान: 25000 बुर्के वाली औरतों का जुटान

महाराष्ट्र के मालेगाँव में उर्दू घर का नाम मुस्कान खान के नाम पर रखा जाएगा। यह ऐलान मेयर ताहिरा शेख ने किया है। कर्नाटक की मुस्कान खान ने कैम्पस में हिजाब पहनकर ‘अल्लाह हु अकबर’ के नारे लगाए थे। इसके बाद से PES कॉलेज की इस छात्रा पर मुस्लिम संगठनों ने इनामों और उपहारों की बौछार कर रखी है।

मेयर ताहिरा शेख ने कहा है कि कर्नाटक में ड्रेस कोड के खिलाफ मुस्लिम लड़कियों के प्रदर्शन का मुस्कान चेहरा बना चुकी हैं। लिहाजा उर्दू घर उनके नाम पर रखा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उसकी जगह कोई हिंदू भी होता, तो हम भी ऐसा ही करते। उल्लेखनीय है कि हाल ही में मालेगाँव की मेयर ताहिरा सहित 27 कॉन्ग्रेस पार्षद राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) में शामिल हुए थे। महाराष्ट्र में शिवसेना के उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में जो सरकार चल रही है उसमें कॉन्ग्रेस और एनसीपी दोनों साझेदार हैं।

दूसरी ओर जमीयत-उलेमा-हिंद की ओर से मालेगाँव में हिजाब के समर्थन में प्रदर्शन किया गया। इसमें करीब 25 हजार औरतों ने बुर्के में हिस्सा लिया। मिड डे के अनुसार मालेगाँव पुलिस ने कहा है कि बिना इजाजत लिए इस जमावड़े का आयोजन हुआ था। लिहाजा इस मामले में आयोजकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। हालाँकि किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

इससे पहले जमीयत-उलेमा-हिंद का एक प्रतिनिधिमंडल मुस्कान खान के घर गया था। इस प्रतिनिधिमंडल ने मुस्कान के अब्बा को 5 लाख रुपए का डिमांड ड्राफ्ट सौंपा था। वहीं महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के बांद्रा से कॉन्ग्रेस विधायक ज़ीशान सिद्दीकी ने भी मांड्या शहर में मुस्कान के घर जाकर मुलाकात की और उनके काम को ‘साहसिक’ बताया। उन्होंने मुस्कान को आईफोन और स्मार्टवॉच भी गिफ्ट किया था।

जीशान ने ट्वीट कर कहा था, “कर्नाटक की शेरनी से मिला, जो हिजाब पहनने के उनके अधिकार से रोकने की कोशिश करने वाले फासीवादियों के खिलाफ मजबूती से खड़ी थीं। बैंगलोर से मांड्या तक 100 किमी ड्राइव करने के बाद मैं बहादुर लड़की मुस्कान खान और उसके परिवार से मिला, उसे प्रशंसा का प्रतीक दिया और उसकी बहादुरी की सराहना की!”

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही मुस्कान खान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में वो एक स्कूटी से कॉलेज कैम्पस में आती हैं। उस दौरान वो हिजाब में थीं और हेलमेट नहीं पहना था। इसका वहाँ मौजूद अन्य छात्रों ने विरोध किया। छात्रों के हाथों में और गले में भगवा पट्टिका थी। मुस्कान खान की तरफ से अल्लाह हु अकबर के और अन्य छात्रों की ओर से जय श्रीराम के नारे लगाए। बाद में मुस्कान ने जय श्रीराम का नारा लगाने वाले छात्रों को बाहरी लोग बताया था। इस घटना के बाद मुस्कान को तालिबान और पाकिस्तान से भी समर्थन मिला।

नोट: भले ही इस विरोध प्रदर्शन को ‘हिजाब’ के नाम पर किया जा रहा हो, लेकिन मुस्लिम छात्राओं को बुर्का में शैक्षणिक संस्थानों में घुसते हुए और प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है। इससे साफ़ है कि ये सिर्फ गले और सिर को ढँकने वाले हिजाब नहीं, बल्कि पूरे शरीर में पहने जाने वाले बुर्का को लेकर है। हिजाब सिर ढँकने के लिए होता है, जबकि बुर्का सर से लेकर पाँव तक। कई इस्लामी मुल्कों में शरिया के हिसाब से बुर्का अनिवार्य है। कर्नाटक में चल रहे प्रदर्शन को मीडिया/एक्टिविस्ट्स भले इसे हिजाब से जोड़ें, लेकिन ये बुर्का के लिए हो रहा है।

UP में केंद्र की नीतियों को योगी ने धरातल पर उतारा: PM मोदी बोले- समाजवादी पार्टी का गठबंधन लेनदेन का समझौता है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM yogi Adityanath) सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि बदलाव की जो दिशा केंद्र ने तय की, उसे सीएम यूपी ने जमीन पर उतार दिया। इससे राज्य के लोगों में उनके प्रति विश्वास जगा। इस बार भी यूपी में कमल खिलेगा और प्रदेश के घोषित मुख्यमंत्री का चेहरा योगी जी ही मुख्यमंत्री बनेंगे।

दैनिक जागरण को दिए साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने देश के लिए, गुजरात के लिए, पार्टी के लिए काम किया, तब तक किसी को उनकी जाति के बारे में बता नहीं था, लेकिन जैसे ही वे राष्ट्रीय राजनीति में आए उनकी जाति पूछी जाने लगी। उन्होंने कहा, “कुछ लोगों ने मुझे नीच कहा। फिर जाकर लोगों को पता चला कि जिसको ये नीच बोल रहे हैं वह नीची जाति का है। ये बातें हमें समझाती हैं कि जाति की बात कौन करता है।” उन्होंने कहा कि गुजरात में विकास की बात होती थी, जाति की नहीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि समाजवादी पार्टी को हर चुनाव में तिनके का सहारा चाहिए। सहारा मिलने के बाद भी वे डूबते हैं। चुनाव को ध्यान में रखकर कुछ दलों से समझौते को गठबंधन नहीं कहते हैं। यह गठबंधन नहीं आपसी लेनदेन है। समाजवादी पार्टी का आत्मविश्वास चूर-चूर हो गया है। वो आपने कहावत सुनी होगी- डूबते को तिनके का सहारा। समाजवादी पार्टी को चुनाव से पहले हर बार एक तिनके का सहारा चाहिए होता है। वह छोटी पार्टियों में ऐसा तिनका खोजती है और फिर झूठा नैरेटिव बनाने की कोशिश करती है कि उनका गठबंधन मजबूत है। नए साथियों के साथ जुड़ना और फिर उनके बारे में भ्रम फैलाना समाजवादी पार्टी का पुराना तरीका है।

पीएम ने कहा कि वन नेशन वन इलेक्शन आज देश की जरूरत है। इतने बड़े देश में कभी ना कभी, कहीं ना कहीं चुनाव होते रहता है। इससे विकास प्रभावित होता है। सीबीआई, ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग पर पीएम ने कहा कि ये जानबूझकर आरोप लगाए जाते हैं। कोई चोर पकड़ा जाता है तो वह पुलिस को धन्यवाद नहीं बोलता। उन्होंने कहा कि ये स्वतंत्र एजेंसियाँ हैं और ये स्वतंत्र काम करती हैं। इनके काम में सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होता।

‘मैं चाहती हूँ लोग मुझे देखें और मेरी खूबसूरती में…’: आरिफ मोहम्मद खान ने सुनाई एक कहानी, कहा- कुरान में 7 बार हिजाब, पर इस्लाम से लेना नहीं

हिजाब पर जारी विवाद के बीच केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (Arif Mohammad Khan) ने एक दिलचस्प किस्सा सुनाया है। एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि कुरान में हिजाब का सात बार जिक्र होता है, लेकिन इसका इस्लाम से लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि कुरान में हिजाब का प्रयोग कहीं भी महिलाओं के पहनावे के तौर पर नहीं हुआ है। इसके लिए खिमार का प्रयोग हुआ है। यह छोटा भी हो सकता है और बड़ा भी।

उन्होंने कहा कि यह पसंद का मसला नहीं है। यह​ किसी संस्थान के नियम कानूनों को पालन करने की बात है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को शैक्षिक संस्थानों में यूनिफॉर्म पहन कर आना पसंद नहीं है वे बाहर जा सकते हैं, क्योंकि स्कूल और कॉलेज में अनुशासन बेहद जरूरी है।

मौजूदा विवाद और हिजाब को इस्लाम से जोड़े जाने पर उन्होंने कहा, “ये लोग उन बातों पर लड़ेंगे, जिनका कुरान में कोई जिक्र नहीं है। उदाहरण के लिए- तीन तलाक। जो असल गुनाह है- जो बताया गया है, उसे छोड़ कर अपनी ख्वाहिशों को पूरा करना। ये वो लोग हैं जो मानते सब कुछ हैं, लेकिन कहते हैं कि हम इनके मुताबिक आचरण नहीं करेंगे। हम तो अपनी मर्जी करेंगे।”

अपनी बात को समझाने के लिए केरल के राज्यपाल ने एक कहानी भी सुनाई। आरिफ मोहम्मद खान ने कहा, “हजरत आयशा की औलाद नहीं थी। लिहाजा वह अपने सगे भाई की बेटी को एक तरह से गोद ले लेती है और खुद पालती हैं सारी जिंदगी। वह बच्ची बहुुत खूबसूरत होती है। उसकी शादी गवर्नर से होती है। उसका शौहर उससे कहता है कि तुम अपना चेहरा ढँको, पर्दा करो। वह अपने शौहर को जवाब देती है- पर्दा और मैं? खुदा ने मुझे खूबसूरत बनाया है। मैं चाहती हूँ कि लोग मुझे देखें और मेरी खूबसूरती में अल्लाह की शान का एहसास करें और अल्लाह का शुक्र अदा करें।” इसे आप नीचे लगे वीडियो में 25:00 से 27:32 मिनट के बीच सुन सकते हैं।

खिमार का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि उस समय समाज में दो वर्ग होते थे- आजाद और गुलाम। जो औरतें गुलाम थीं उनके साथ बदतमीजी की जाती थी। उन पर अपना हक समझा जाता था। जब इस तरह की घटना आजाद महिला के साथ हुई तो खिमार चलन में आया। उनसे कहा गया कि खिमार अपनी कमीज पर डाल लो, ताकि तुम्हारी पहचान हो सके।

नोट: भले ही इस विरोध प्रदर्शन को ‘हिजाब’ के नाम पर किया जा रहा हो, लेकिन मुस्लिम छात्राओं को बुर्का में शैक्षणिक संस्थानों में घुसते हुए और प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है। इससे साफ़ है कि ये सिर्फ गले और सिर को ढँकने वाले हिजाब नहीं, बल्कि पूरे शरीर में पहने जाने वाले बुर्का को लेकर है। हिजाब सिर ढँकने के लिए होता है, जबकि बुर्का सर से लेकर पाँव तक। कई इस्लामी मुल्कों में शरिया के हिसाब से बुर्का अनिवार्य है। कर्नाटक में चल रहे प्रदर्शन को मीडिया/एक्टिविस्ट्स भले इसे हिजाब से जोड़ें, लेकिन ये बुर्का के लिए हो रहा है।

सोनम कपूर के पति ने ईबे से खरीदे स्नीकर्स, ड्यूटी और टैक्स बचाने के लिए दिए फर्जी चालान: शिपमेंट कंपनी ने खोल दी पोल

कर्नाटक में शुरू हुए बुर्का विवाद के बीच हिजाब (Hijab Controversy) की तुलना सिख पगड़ी से करने वाली बॉलीवुड अभिनेत्री सोनम कपूर (Sonam Kapoor) आजकल सोशल मीडिया पर खूब ट्रोल हो रही हैं। वजह है फ्रॉड। खुद को नारीवादी दिखाने के चक्कर में अक्सर सोशल मीडिया यूजर्स के निशाने पर आने वाली सोनम कपूर ने एक शिपमेंट कंपनी पर कस्टमर सर्विस पर उंगली उठाई थी, जो फर्जी इन्वॉइस से जुड़ी थी।

सोनम कपूर के पति आनंद एस आहूजा (Anand S Ahuja) ने ई-कॉमर्स ब्रांड माईयूएस.कॉम को लेकर 27 जनवरी को ट्विटर पर शिकायत की थी और इसे एक भयानक अनुभव बताया था। उन्होंने कहा था, “क्या कोई @MyUS_Shopaholic पर किसी को जानता है – मुझे हाल ही में भयानक अनुभव हुआ है। वे किसी आइटम को बुरी तरह रखते हैं, औपचारिक कागजी कार्रवाई को अस्वीकार कर रहे हैं और किसी भी तर्क को स्वीकार करने से इनकार कर रहे हैं।” सोनम कपूर ने भी अपने पति के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा था कि भयानक कस्टमर सर्विस का शर्मनाक है।

इस पर ई-कॉमर्स कंपनी ने कहा था, “यह कस्टमर केयर, नई नीतियों या आइटम को अनुचित तरीके से रखने का मामला नहीं है, जैसा कि ट्वीट किया गया था। श्री आहूजा ने ईबे पर खरीदे गए स्नीकर्स के लिए भुगतान की गई कीमत को गलत तरीके से प्रस्तुत किया, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें कम शुल्क और कर का भुगतान करना होगा।”

थ्रेड के अगले ट्वीट में कंपनी ने कहा, “फर्जी चालान में माल के लिए चुकाए गई कीमत से 90 प्रतिशत तक कम है। नियम-कानून को मानना हमारी बाध्यता है। सीधे शब्दों में कहें, तो अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट भेजते समय सटीक जानकारी प्रदान करना हमारा कानूनी दायित्व है। MyUS और श्री आहूजा दोनों अंतरराष्ट्रीय निर्यात नियमों के अधीन हैं, और हम उनका पालन करने का इरादा रखते हैं।”

फर्जी चालान में पति का साथ देने पर सोनम कपूर को सोशल मीडिया पर खूब लताड़ लगाई जा रही है। ट्विटर पर एक यूजर ने कहा कि हिजाब और धर्मनिरपेक्षता की लड़ाई के साथ सोनम कपूर और उनके पति को एक शिपिंग कंपनी द्वारा रंगे हाथों पकड़ा गया था, उनके पति अंतरराष्ट्रीय शिपमेंट पर फर्जी चालान का उपयोग कर रहे थे … पैदा हुए अभिनेता, फिल्मों में नहीं। एक अन्य यूजर ने कहा कि दुनिया भर को दिखाने वाली सोशल मीडिया एक्टिविज्म और छोछोरी वाली हरकतें।

बता दें कि शनिवार को सोनम कपूर ने हिजाब की तुलना सिखों की पगड़ी से की थी, जिसके बाद बवाल हो गया है। सोनम कपूर ने हिज़ाब और पगड़ी की तुलना करते हुए इंस्टाग्राम पर पगड़ी पहने एक सिख और हिजाब पहनी हुई एक महिला की तस्वीर शेयर की। इस पर विवाद बढ़ने और इसकी आलोचनाओं होने के बाद उन्होंने यह स्टोरी डिलीट कर दी।