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‘इस्लाम कसम भारत के आगे टिकेगा पाकिस्तान नहीं’ – नए साल 2022 से पहले जम्मू-कश्मीर में BSF, वीडियो वायरल

नए साल के आने की खुशी हर कोई मनाता है। आप भी, हम भी। तरीका अलग-अलग हो सकता है। कोई होटलों में जाता है, कोई परिवार संग मस्ती करता है। ऐसे में सोचा है कभी कि बॉर्डर पर तैनात फौजी क्या करते हैं? वो भी मस्ती करते हैं, नाचते-गाते हैं। तरीका बस जोश भर देने वाला होता है।

जम्मू-कश्मीर के पूंछ इलाके में सीमा सुरक्षा बल (BSF: Border Security Force) के जवानों ने भी नए साल 2022 (New Year 2022) के आने की खुशी में मस्ती की। अंदाज कुछ ऐसा रहा कि वीडियो देख कर बिना पैसा लगाए पैसा वसूल वाली फीलिंग आएगी।

वीडियो की शुरुआत होती है “बोलो तारा-रारा” गाने पर झूमते जवानों-अफसरों से। बैकग्राउंड में लाइट-झालर लटके देखा जा सकता है। मतलब नए साल 2022 का स्वागत शानदार ढंग से करने की तैयारी पहले से थी। फौजी स्टाइल में असली मजा लेना है तो “बोलो तारा-रारा” गाने के बाद की कविता पाठ से लीजिए।

कुल 1 मिनट 35 सेकंड का वीडियो है। फौजी वाला मजा 1 मिनट 6 सेकंड के बाद आता है। यहाँ एंट्री होती है एक जवान की, जो गाने के बाद कविता पाठ करने के लिए आते हैं। इनकी कविता के बोल हैं:

“…क्यों छोटा हृदय बनाते हो, गैर मुहब्बत में आकर क्यों आँसू आप गिराते हो
फौजी का घर है एक नहीं, घर हम सबका हिंदुस्तान सही…
इस्लाम कसम भारत के आगे टिकेगा पाकिस्तान नहीं”

इस्लाम कसम भारत के आगे टिकेगा पाकिस्तान नहीं – इस लाइन के बाद सीमा सुरक्षा बल के बाकी खड़े जवानों का उत्साह देखा जा सकता है।

जम्मू-कश्मीर के अलावा गुजरात से भी सीमा सुरक्षा बल के जवानों द्वारा नए साल 2022 (New Year 2022) के मनाने की तस्वीरें सामने आई हैं।

भगवान राम-माँ सीता को गाली देने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं’: कालीचरण पर बोले जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर, कहा- ‘गाँधी राष्ट्र पुत्र हो सकते हैं राष्ट्रपिता नहीं’

मोहनदास करमचंद गाँधी (Mohandas karamchand Gandhi) पर एक बयान के बाद छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा कालीचरण महाराज (Kalicharan maharaj) को कानून को ताक पर रखकर गिरफ्तार किए जाने के बाद से इस मामले में चर्चा तेज हो गई है। इसी क्रम में जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि (Swami yatindranand Giri) ने बड़ा बयान देते हुए सवाल किया है कि अगर सरकार सच में इतनी संवेदनशील है तो भगवान राम और सीता मैय्या के उपहास उड़ाने वालों और उन्हें व्यभिचारी कहने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई करे।

स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि का कहना है कि कालीचरण ने महात्मा गाँधी पर जो भी टिप्पणी की है संत समाज उसका समर्थन नहीं करता है। गाँधी जी का सम्मान है, लेकिन इस देश में भगवान राम को आए दिन गालियाँ दी जाती हैं और माँ सीता को व्यभिचारिणी कहा जाता है। टीवी धारावाहिकों और फिल्मों में उनका उपहास उड़ाया जाता है, देवी-देवताओं की नंगी तस्वीरें बनाई जाती हैं। उस वक्त कोई कुछ क्यों नहीं बोलता। तब कोई कार्रवाई क्यों नहीं की जाती। उन्होंने ये बयान हरिद्वार में दिया।

स्वामी गिरि के मुताबिक, भारतीय स्वतंत्रता आदोलन में अहिंसा को सबसे ऊपर रखा उनका योगदान सम्मानीय है। संत ने इस बात की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि गाँधी के अफ्रीका से वापस आने से पहले भी कई क्रान्तिकारी थे और उन्हें भी याद करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी एक व्यक्ति को संग्राम का श्रेय नहीं दिया जा सकता। उस लड़ाई में सुभाष चंद्र बोष, चंद्रशेखर आजाद, वीर सावरकर, गंगाधर तिलक समेत कई लोग हैं।

संत ने द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की बात को दोहराया और कहा कि उन्होंने बड़ी अच्छी बात कही है कि आदर और सम्मान अपनी जगह है। लेकिन राष्ट्र से बड़ा कोई नहीं हो सकता। अगर राष्ट्र से बड़ा कोई है तो वो परमात्मा है। गाँधी राष्ट्रपिता नहीं राष्ट्र के पुत्र हो सकते हैं।

घर वापसी पर दिया बयान

वसीम रिजवी के हिंदू धर्म अपनाने पर स्वामी यतीन्द्रानंद गिरि ने कहा उन्होंने घर वापसी की है। अगर मुस्लिम अपनी भूल सुधार कर मूल धर्म में आते हैं तो उनका स्वागत है।

रायबरेली में CM योगी ने साधा कॉन्ग्रेस पर निशाना, कहा- ‘आतंक, अराजकता, भ्रष्टाचार, दंगे… देश के अंदर हर समस्या की जड़ यही पार्टी’

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों से पहले सोनिया गाँधी के संसदीय क्षेत्र रायबरेली में आज (दिसंबर 31, 2021) मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जमकर कॉन्ग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कॉन्ग्रेस ने हमेशा देश को धोखा दिया और हर समस्याओं की जड़ यही पार्टी है। वह बोले कि इस पार्टी ने देश के साथ हमेशा कुठाराघाट किया। देश के अंदर आतंकवाद, अराजकता, उग्रवाद, भ्रष्टाचार, जातीय दंगे, भाषाई दंगे अगर कराने का कोई जिम्मेदार है तो वो कॉन्ग्रेस ही है।

रायबरेली में ₹834 करोड़ लागत की 381 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण / शिलान्यास करते हुए उन्होंने जनता को संबोधित किया। वह बोले कि एक ओर यहाँ पर माँ गंगा की पूजा होती है, ऋषि-मुनियों ने तप और साधना से इस धरती को पवित्र किया, दूसरी तरफ इन लोगों ने (कॉन्ग्रेस) यही के लोगों का समर्थन लेकर जब सरकार बनाई तो कहा कि राम और कृष्ण तो हुए ही नहीं थे।

सीएम योगी ने कहा कि जो भारत की धरती पर न जन्मा हो, फिर इस बात को कहे तो ये स्वीकार्य हो सकता है, लेकिन भारतीय धरती पर जन्म लेकर भारत की जनता पर शासन करने का दम भरता हो, वो कहे कि राम-कृष्ण नहीं हुए हैं, ये अन्याय है। याद करिए 2005 में जब कॉन्ग्रेस ने रामसेतु तोड़ने की साजिश रची थी। सुप्रीम कोर्ट में कहा गया था कि राम – कृष्ण मिथक है, काल्पनिक हैं, इनका कोई अस्तित्व नहीं हैं। सीएम ने पूछा, “हमारे प्रभु के अस्तित्व को नकारने वाले कैसे इस देश में शासन कर सकते हैं।”

इसके बाद सीएम योगी ने कानुपर मेट्रो उद्घाटन का मुद्दा उठाते हुए सपा पर निशाना साधा। वह बोले जब कानपुर की जनता को मेट्रो की सौगात देने के लिए पीएम आए थे तब समाजवादी पार्टी के लोगों ने वहाँ दंगा भड़काने का कार्य किया था। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हो या कॉन्ग्रेस या बहुजन समाज पार्टी, भ्रष्टाचार इनके जीन्स का हिस्सा बन गया है। भ्रष्टाचार के बगैर इनका काम ही नहीं चलता, विकास की इनकी कोई सोच ही नहीं है। 2017 से पहले जो दंगाई प्रदेश में पर्व और त्योहारों से पहले दंगा करते थे। क्या उनमें दुस्साहस है कि अब वो दंगा करेंगे? आज उत्तर प्रदेश में कोई दंगा नहीं कर सकता।

‘400 विकेट लेने वाले गेंदबाज एक झटके में कोई कैसे बाहर कर सकता है’: धोनी पर भड़के हरभजन, राजनीति में जाने की चर्चाओं के बीच लगाए कई आरोप

भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह (Harbhajan singh) ने हाल ही में भारतीय क्रिकेट के हर फार्मेट से संन्यास लेने के बाद अब खुलकर पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra singh dhoni) के खिलाफ अपनी भड़ास निकाली। उन्होंने बताया कि किस तरह से भारतीय टीम से बाहर का रास्ता दिखाए जाने के बाद उन्होंने धोनी से इसके बारे में पूछने की कोशिश की थी, लेकिन उन्होंने कोई जबाव नहीं दिया।

हरभजन सिंह ने 1998 में भारतीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। अपने क्रिकेट कैरियर में उन्होंने 103 टेस्ट, 236 एक दिवसीय और 28 T20 खेले। वो करीब दो दशकों तक लगातार भारतीय टीम के सदस्य रहे। लेकिन 2011 में उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। 2011 विश्व कप के बाद हरभजन केवल 10 वनडे और 10 टेस्ट खेले। उन्हें 2013 चैंपियंस ट्रॉफी और 2015 विश्व कप के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया था।

इंडिया टीवी को दिए इंटरव्यू में भज्जी ने खुलासा किया, “मैंने कप्तान (धोनी) से पूछने की कोशिश की, लेकिन मुझे कोई कारण नहीं बताया गया। मुझे इस बात का अहसास हुआ कि अब यह पूछने का कोई मतलब नहीं है कि इसके पीछे कौन है। क्योंकि अगर अगर आप पूछते रहते हैं और कोई जवाब नहीं देता है तो इसे छोड़ देना बेहतर है।”

उन्होंने कहा, “मैं 31 साल का था जब मैंने अपना 400वाँ टेस्ट विकेट लिया था। अगर 31 साल का गेंदबाज 400 विकेट ले सकता है तो मुझे लगता है कि मैं 8-9 सालों में कम से कम 100 विकेट और ले सकता था। लेकिन बाद में मुझे मैच खेलने के लिए नहीं मिला और न ही मुझे चुना गया।”

हरभजन धोनी पर निशाना साधते हुए कहते हैं कि 400 विकेट लेने वाले गेंदबाज का अचानक से बाहर हो जाना अपने आप में एक रहस्यमयी कहानी है। बता दें कि भज्जी आखिरी बार संयुक्त अरब अमीरात के खिलाफ टी20 एशिया कप में खेले थे। उन्होंने एक विकेट लिया था।

गौरतलब है कि हरभजन सिंह ने 24 दिसंबर 2021 को क्रिकेट के हर फॉर्मेट से संन्यास ले लिया था। तभी से उनके राजनीति में आने की चर्चाएँ चल रही हैं।

‘मौजूदा सरकार में बहुत कम है भ्रष्टाचार…’ : RBI के पूर्व गवर्नर बिमल जालान ने की PM मोदी के कार्यकाल की तारीफ

केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद क्या बदला है- ये सवाल अक्सर अलग-अलग जगहों पर उठता रहता है। कई लोग इसका तथ्यों के साथ जवाब देते हैं और कई इस प्रश्न के उत्तर को गोल-मोल घुमाते रहते हैं। अब इसी क्रम में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पूर्व गवर्नर बिमल जालान (1997-2003) ने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत के दौरान अपनी बात रखी है।

जालान ने टाइम्स ऑफ इंडिया से अपनी किताब ‘इंडिया रेकॉनिंग: रिवार्ड्स एंड डिसकन्सेंट्स ऑफ डेमोक्रेसी’ पर बात करते हुए भारतीय तंत्र, शासन और बदलाव पर बात रखी और मोदी सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि इस मौजूदा सरकार में भ्रष्टाचार कम है।

भारतीय लोकतंत्र की मजबूती पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में लोगों की जो अलग-अलग राय है यही लोकतंत्र है। उन्होंने भारत के लोकतांत्रिक ढांचे पर राय रखते हुए नीति बनाने के मामले में न्यापालिका, संसद, और कार्यपालिका के कार्यों पर बात की। नीति लागू करने में जो देरी होती है उसके लिए उन्होंने न्यायिक देरी को उत्तरदायी कहा। उन्होंने विभिन्न सवालों के जवाब देते हुए इस इंटरव्यू में भारतीय लोकतंत्र को विश्व में सबसे बड़ा कहा और साथ में इस सबसे बड़े लोकतंत्र के सबक बताते हुए उन्होंने ‘आजाद और निष्पक्ष चुनावों’ की इच्छा को कारक बताया। 

उन्होंने कहा चुनाव आयोग बिलकुल स्वतंत्र है और वह हर राज्य और केंद्र स्तर पर चुनाव करवाता है और नागरिकों को आजादी देता है कि वह बता सकें नीति अच्छी है या नहीं। वह बोले कि यदि पिछले 74 सालों पर नजर डाली जाए तो पता चलता है कि कोई भी बहुमत वाली सरकार मिली जुली सरकार से ज्यादा सफल शासन करती है। उनसे जब पिछले एक दशक में हुए वित्तीय क्षेत्र के विकास के बारे में पूछा गया तो उन्होंंने कहा कि शायद कोई ये कह सकता है कि सरकार द्वारा बनाई जा रही वित्तीय नीतियाँ या कोई एक पॉलिसी काम की नहीं है। लेकिन हकीकत में वित्तीय सेक्टर स्थिर है। 

उन्होंने भारतीय लोकतंत्र में बहुमत की सरकार में भ्रष्टाचार की संभावना को कम बताया और कहा कि अगर सरकार बहुमत में है तो वो कोई भी नीति बना सकते हैं जो जरूरत है। बहुमत नहीं होने पर भ्रष्टाचार अधिक होता है। विभिन्न दल होते हैं तो वो निश्चित तौर पर भ्रष्टाचार करते और फिर कभी इस पार्टी में कभी उस पार्टी में जाते रहते हैं। ऐसे में सबसे अच्छा तरीका है कि सभी नीतिगत निर्णयों को सार्वजनिक रूप से घोषित किया जाए। ये निर्णय क्यों लिए गए हैं, इन कारणों की घोषणा की जाए। जिन नीतियों की घोषणा की गई है, इस बारे में स्वतंत्र सार्वजनिक चर्चा होनी चाहिए। वर्तमान सरकार में नीति निर्माण के मामले में भ्रष्टाचार बहुत कम है।

तिब्बत की निर्वासित संसद के कार्यक्रम में शामिल हुए भारतीय सांसद, चीनी दूतावास के ऐतराज पर लगाई लताड़, पत्र भेजने पर भारत ने जताई आपत्ति

जब कभी तिब्बत की बात होती है तो चीन के पेट में मरोड़ उठने लगती है। अवैध कब्जा जो किया है। इसी क्रम में हाल ही में पार्टी लाइन से इतर केंद्रीय राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ( Rajeev Chandrasekhar) की अध्यक्षता में छह भारतीय सांसदों ने तिब्बत की निर्वासित संसद द्वारा आयोजित एक रात्रिभोज के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके बाद चीनी दूतावास ने पत्र लिखकर अपनी कड़ी आपत्ति जताई है।

इस कार्यक्रम में चंद्रशेखर के अलावा, भाजपा की मेनका गाँधी (Maneka Gandhi) और केसी राममूर्ति (KC Ramamurthy), कॉन्ग्रेस सांसद जयराम रमेश (Jairam Ramesh) और मनीष तिवारी (Jairam Ramesh), बीजू जनता दल के सुजीत कुमार (Sujeet Kumar) 22 दिसंबर 2021 को दिल्ली के इंपीरियल होटल में हुए कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम में निर्वासित तिब्बती संसद के अध्यक्ष खेंपो सोनम तेनफेल भी मौजूद रहे।

तिब्बती संसद की वेबसाइट में बताया गया है कि सांसदों ने ऑल-पार्टी इंडियन पार्लियामेंट्री फोरम फॉर तिब्बत (APIPFT) की वकालत कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यह कार्यक्रम एक सप्ताह से अधिक समय तक चला। कहा जा रहा है कि 6 सांसदों के अलावा केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, स्वपन दासगुप्ता, चंदेश्वर प्रसाद, सुरेश कुमार कश्यप, सबतागिरी उल्का और रानी प्रतिभा सिंह भी इस कार्यक्रम में शामिल हुई थी।

आधिकारिक तिब्बती कार्यक्रम में शामिल होने वाले मंत्रियों और सांसदों के इस कदम को इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि 22 फरवरी 2018 को भारत सरकार ने द्विपक्षीय संबंधों को देखते हुए वरिष्ठ नेताओं और सरकारी पदाधिकारियों को तिब्बती नेताओं द्वारा आयोजित कार्यक्रमों से दूर रहने को कहा था।

गौरतलब है कि चीनी राजनयिक के राजनीतिक सलाहकार झोउ योंगशेंग ने इस मामले में पत्र लिखकर ‘तिब्बती स्वतंत्रता बलों’ का समर्थन करने से परहेज करने को कहा था।

सांसदों ने चीनी दूतावास को दिखाया आईना

चीन की इस हरकत पर APPFI के संयोजक बनाए गए बीजू जनता दल के सांसद सुजीत कुमार ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने कहा, “दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र के सांसदों को पत्र लिखने वाला चीनी दूतावास का राजनीतिक सलाहकार होता कौन है? भारतीय सांसदों को पत्र भेजने की आपकी हिम्मत कैसे हुई? अगर कुछ भी हो तो आप आधिकारिक चैनल के माध्यम से अपना विरोध दर्ज करा सकते हैं। मुझे लगता है कि इस मामले में विदेश मंत्रालय को स्टैंड लेना चाहिए।” इसी तरह का एक पत्र कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश को भी मिला है।

सीमा पर लगा रहे थे बाड़, तालिबान ने खदेड़ा तो सामान छोड़कर भागी पाकिस्तानी आर्मी: वीडियो वायरल

पाकिस्तान (Pakistan) और अफगानिस्तान (Afghanistan) के बीच की सीमा रेखा को डूरंड लाइन (Doorand line) माना जाता है, लेकिन तालिबान (Taliban) इसे स्वीकार नहीं करता। तालिबान ने पाकिस्तान द्वारा सीमा पर कंटीले तारों से की जा रही बाड़बंदी का विरोध किया है। बाड़बंदी कर रहे पाकिस्तानी सैनिकों को तालिबानी लड़ाकों ने खदेड़ दिया। इसका एक वीडियो सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान के सैनिक अफगानिस्तान के निमरोज प्रांत के चार बोरजाक जिले से लगती सीमा पर बाड़ लगा रहे थे। इसकी खबर लगते ही बड़ी संख्या में तालिबानी लड़ाके वहाँ पहुँच गए और पाकिस्तानी सैनिकों को खदेड़ दिया। अफगानिस्तान के पत्रकार बिलाल सरवरी ने इस घटना को लेकर ट्वीट किया, “तालिबान के अधिकारियों ने मुझे बताया कि पाकिस्तानी सेना पश्चिमी अफगानिस्तान के निमरोज प्रांत के चार बोरजाक जिले में बाड़ लगाना चाहती थी। तालिबान वहाँ पहुँचे और पाकिस्तानी सेना अपने सारे उपकरण छोड़कर वहाँ से भाग गई।”

बिलाल ने अगले ट्वीट में कहा, “बड़ी संख्या में तालिबान लड़ाके वहाँ पहुँचे। वे हाई अलर्ट पर हैं।” उल्लेखनीय है कि बिलाल द्वारा शेयर किए गए वीडियो में स्पष्ट देखा जा सकता है कि वहाँ पर कारों में लदकर बड़ी संख्या में तालिबानी लड़ाके पहुँचे। वहीं एक अन्य इमेज से पता चलता है कि घटनास्थल पर बड़ी संख्या में बाड़ लगाने के लिए लोहे के खंबे और तार पड़े हुए हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले 25 दिसंबर 2021 को तालिबान और पाकिस्तानी सेना के बीच डूरंड लाइन पर बाड़बंदी को लेकर झड़प भी हुई थी। इसमें तालिबान के स्नाइपर ने पाकिस्तान के दो जवानों को मार गिराया था। हालाँकि, बाद में दावा किया गया कि दोनों देशों के बीच विवाद सुलझ गया है। दोनों में यह तय हुआ था कि बाड़ लगाने का काम अब आपसी सहमति से किया जाएगा।

24 घंटे में 9, दिसंबर में 24 और इस साल 182 आतंकियों को सुरक्षाबलों ने किया ढेर, जम्मू कश्मीर में ऑपरेशंस का भी शतक पूरा

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों ने आतंकियों को गहरी चोट दी है। गुरुवार (30 दिसंबर 2021) को हुई मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने 3 और आतंकियों को ढेर कर दिया । हालाँकि, इस मुठभेड़ में चार जवान भी घायल हुए हैं। ये मुठभेड़ पंथा चौक पर हुई थी। इसी के साथ बीते 24 घंटे के दौरान 9 आतंकियों को मार गिराया गया है। कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार ने बताया कि मारे गए आतंकियों में दो पाकिस्तानी नागरिक थे।

पंथा चौक पर हुई मुठभेड़ को लेकर आईजी विजय कुमार ने बताया कि मारे गए आतंकियों में से एक की पहचान सुहैल अहमद राथर के रूप में हुई है। जबकि 2 अन्य अज्ञात हैं। वहीं पुलिस के मुताबिक, शुरुआती गोलीबारी में तीन पुलिसकर्मी और एक सीआरपीएफ का जवान घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, दो अन्य मुठभेड़ों में कुल 6 आतंकी मारे गए थे। इसमें सेना का एक जवान भी वीरगति को प्राप्त हो गया था। ये आतंकी 13 दिसंबर 2021 को श्रीनगर में बस में हुए हमले में शामिल थे।

दिसंबर में 24 आतंकी ढेर

आईजी विजय कुमार के मुताबिक, इस साल दिसंबर 2021 में विभिन्न मुठभेड़ों में 5 पाकिस्तानियों समेत कुल 24 आतंकियों को मार गिराया गया है। इन आतंकियों के पास से अमेरिका में बनी 2 एम-4 कार्बाइन, 15 एके-47, दो दर्जन पिस्तौल, आईडी और हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं।

इस साल 100 सफल ऑपरेशन

जम्मू-कश्मीर के डीजीपी दिलबाग सिंह ने कहा, “कल रात तक 100 ऑपरेशन का लक्ष्य पूरा हुआ। वर्ष 2021 में 182 आतंकियों को मार गिराया गया, इनमें 44 आतंकवादी A, A+ श्रेणी वाले थे और इन 44 में लश्कर के 26 टॉप कमांडर, जैश के 10, हिज़बुल मुजाहिद्दीन के 7 और अलबदर का एक कमांडर शामिल था।”

उन्होंने आगे कहा कि 134 स्थानीय युवा आतंकवादी जो अलग-अलग संगठन के साथ जुड़े थे उनमें से 72 मारे गए, 22 आतंकवादी पकड़े गए हैं। वहीं इस साल UAPA एक्ट के तहत 497 केस दर्ज किए गए थे, जिनमें से 80 को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा 30,000 मामले अलग-अलग अपराध को लेकर दर्ज़ हुए हैं।

डीजीपी दिलबाग के मुताबिक, साल 2021 में जम्मू-कश्मीर पुलिस के 2500 जवान कोरोना पॉजिटिव हुए थे, जिनमें से 12 की मौत हो गई थी। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस के 20 जवान और अन्य सुरक्षा बलों के 23 जवान इस राज्य में बलिदान हुए।

पुलिस अधिकारी ने हैदरपोरा एनकाउंटर के मामले में एसआईटी रिपोर्ट पर हो रही राजनीति पर दुख जताया है।

इस्लाम में शादी से पहले सेक्स हराम है फिर भी आप करते हो: उर्फी जावेद ने कट्टरपंथियों को लताड़ा

सोशल मीडिया सेंसेशन उर्फी जावेद को चरमपंथी मुस्लिमों की सोच से दिक्कत है। अपनी इस परेशानी को उर्फी जावेद कई मौकों पर मुखर होकर बता चुकी हैं। वैसे उन्हें ट्रोल करने वालों में ज्यादातर मुस्लिम ही होते हैं। सोशल मीडिया फैनक्लब पर उर्फी जावेद का एक वीडियो सामने आया है, जहाँ उन्होंने चरमपंथियों पर निशाना साधा है।

वीडियो की शुरुआत में उर्फी जावेद हाथों में बिल्ली को पकड़े हुए नजर आ रही हैं। उर्फी जैसे ही बोलती हैं कि वो मुस्लिम कट्टरपंथियों के बारे में बोलना चाहती हैं, तभी बिल्ली उनके हाथ से कूद कर भाग जाती है। तब उर्फी कहती हैं, “मैंने मुस्लिम चरमपंथियों का नाम लिया तो ये भी बेचारी खौफ में आ गई।”

उर्फी कहती हैं, “मुस्लिम चरमपंथी मेरी फोटो पर कमेंट कर कहते हैं कि मैं तो इस्लाम के नाम पर धब्बा हूँ, मैं मुस्लिम के नाम पर ये हूँ… वो हूँ… मेरे खिलाफ फतवा जारी कर देना चाहिए। मेरे कपड़े ये नहीं… मेरे कपड़े वो नहीं… आदि आदि।”

मुस्लिमों के धर्म ग्रंथ को कुरान को लेकर वो कहती हैं, “कुरान में ये कहीं भी नहीं लिखा है कि मुस्लिम महिलाओं को जबरन पर्दा कराओ। हाँ, ये जरूर लिखा है कि एक औरत को पर्दा करना चाहिए, लेकिन ये नहीं लिखा कि वो नहीं करना चाहती जबरदस्ती उसको गालियों की बौछार करो, इतना शर्मिंदा करवाओ… उसको नंगी बुलाओ… उसको इतना शर्मिंदा करो कि वो खुद ही पर्दे में आ जाए। ये नहीं लिखा है यार। आप जाकर फिर से कुरान पढ़ो। हाँ, ये जरूर लिखा है कि मर्दों को नजरों का पर्दा करना जरूरी है। मतलब कि एक आदमी शादी से पहले औरत को उस नजर से देख ही नहीं सकता है।”

उर्फी जावेद ने माफी माँगते हुए बोला कि जो लोग इंस्टा पर आकर लड़कियों को देखते हैं, फिर उनकी फोटो पर फालतू के कमेंट भी करते हैं। वो हराम है। वह कहती हैं, “आप नहीं कर सकते ये सब। आप ऐसी औरतों के पिक्चर्स नहीं देख सकते यार…. स्पेशली जब उन्होंने कपड़े नहीं पहने हैं। बहुत गलत कर रहे हो आप।”

इस्लाम को लेकर उर्फी ने कहा, “जो इस्लाम के रूल्स बने थे ना वो डेढ़ हजार साल पहले बने थे, जब औरतों के पास कोई राइट्स नहीं थे। वो शोषित थीं। इस्लाम में चार शादियाँ भी इसीलिए अलाउ है, क्योंकि उस वक्त जब औरतों के पति मर जाते थे, तब उनका रेप कर लेते थे। उनके साथ न्याय नहीं हो पाता था। तब उनकी मॉडेसटी को बचाने के लिए 4 शादियाँ बनाई गईं।”

उर्फी ने आगे कहा, “बट ‘कट्टू’ (कट्टरपंथी) डेढ़ हजार साल बाद… क्या मैं आपको एक दबी हुई कमजोर मुस्लिम महिला लग रही हूँ? नहीं। मैं आपकी मदद नहीं माँग रही हूँ। मुझे आपकी सलाह की जरूरत भी नहीं है। सलाह देना बंद करें कि मुझे अपने शरीर के साथ क्या करना है… मुझे कैसे कपड़े पहनने हैं… आदि आदि।”

कट्टरपंथियों पर निशाना साधते हुए उर्फी ने कहा, “आप लोग भी कई सारी ऐसी इस्लामिक चीजें हैं, जिसे खुद फॉलो नहीं करते हो और एक लड़की को सलाह देते हो कि ऐसे नहीं वैसे कपड़े पहनो। क्या आपलोग जानते हो कि इस्लाम में शादी से पहले सेक्स करना हराम है, लेकिन तब भी आप वो करते हो। कितने ऐसे लोग हैं, जो पाँचों वक्त का नमाज पढ़ते हैं? मुझे तो लगता है कि ऐसा कोई नहीं होगा। अगर पाँचों वक्त का नमाज पढ़ रहे होते तो इंस्टाग्राम पर लड़कियों की पिक्चर पर कमेंट करने का टाइम नहीं मिलता आपको।”

उर्फी जावेद ने कहा, “अगर आप दिल से कुछ नहीं कर रहे हो, सिर्फ ऊपर जाने के लिए कर रहे हो तो आप कर रहे हो ना पाँच वक्त की नमाज या जो कुछ भी…आपको कभी जन्नत नसीब नहीं होगी। इससे बेटर है कि आप जाकर किसी इंसान की हेल्प कर दो। और औरत को उस नजरिए से देखना बंद कर दो। तब जाकर फिर भी कुछ हो सकता है।”

उर्फी जावेद ने वीडियो में ये ऐलान किया कि वो इस्लाम को नहीं मानती हैं। उर्फी जावेद ने साफ कहा कि वो स्प्रिचुअल हैं, वो किसी धर्म को नहीं मानतीं। वो अच्छे काम करने में यकीन रखती हैं। उनका ये वीडियो कई सवाल खड़े करता है। सोशल मीडिया पर खुद का आईना देखे बिना दूसरों को फ्री का ज्ञान देने वालों के लिए उर्फी जावेद का ये वीडियो बड़ा सबक है। उर्फी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 

‘खुले में नमाज’ बर्दाश्त से बाहर: CM खट्टर ने कहा- इसे न बनाएँ शक्ति प्रदर्शन का जरिया

गुरुग्राम में ‘खुले में नमाज’ पढ़ने के मामले पर हरियाणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपना फिर बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग नमाज पढ़ने को शक्ति प्रदर्शन का जरिया बना रहे हैं। दिल्ली में महिला पत्रकारों से बात करते हुए सीएम खट्टर ने अपनी यह टिप्पणी की।

वह बोले, “नमाज को नमाज की तरह होना चाहिए। कुछ लोग इसे शक्ति प्रदर्शन का जरिया बना रहे हैं। अगर कोई सार्वजनिक स्थल पर पूजा करना चाहता है तो वो ये काम प्रशासन से बात करके कर सकता है। ऐसे आयोजनों के लिए कुछ नियम हैं जो हर धर्म के लिए एक हैं।”

बता दें कि सीएम खट्टर ने इससे पहले बयान दिया था कि खुले में नमाज पढ़ना किसी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जा सकेगा। इसी के साथ गुरुग्राम प्रशासन ने 37 निर्धारित स्थलों में से 8 पर नमाज अदा करने की अनुमति को वापस ले लिया था। जिला प्रशासन के एक आधिकारिक बयान के अनुसार, स्थानीय लोगों और आरडब्ल्यूए की आपत्ति के बाद अनुमति रद्द कर दी गई थी।

इससे पहले सीएम ने कहा था “सभी धर्मों के लोग मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्चों जैसी धार्मिक जगहों पर ही प्रार्थना करते हैं। इसके अलावा सभी बड़े त्योहारों के मौके पर खुले में प्रार्थना की अनुमति दी जाती है। लेकिन ताकत का प्रदर्शन करना जो दूसरे समुदाय की भावनाओं को भड़काता है, उचित नहीं है।” मुख्यमंत्री के मुताबिक, किसी को भी खुले इस तरह के आयोजन नहीं करने चाहिए। यह हम सब जिम्मेदारी है कि शांतिपूर्ण माहौल बना रहे।

10 दिसंबर को भी सीएम ने सख्त हिदायत देते हुए कहा था कि खुले में नमाज की प्रथा को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा था कि खुले में नमाज किसी भी हाल में नहीं होना चाहिए। खट्टर ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था, “हमने यहाँ पुलिस को भी कहा है और डिप्टी कमिश्नर को भी कहा है। इस विषय का समाधान निकालना है। कोई अपनी जगह पर नमाज़ पढ़े या पूजा-पाठ करे, इससे हमें कोई दिक्क्त नहीं है। धार्मिक स्थल इसीलिए बने होते हैं। खुले में ऐसा कोई कार्यक्रम नहीं होना चाहिए। ये नमाज़ पढ़ने की जो प्रथा यहाँ खुले में शुरू की गई है, वो कतई सहन नहीं की जाएगी। सबके साथ बैठकर इसका समाधान निकाला जाएगा।”