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टीवी को ‘मौत की सजा’ के बाद तालिबान ने कपड़े की दुकानों में लगे पुतलों का ‘सिर कलम’ करने का दिया आदेश, बताया इस्लाम के खिलाफ

अफगानिस्तान (Afghanistan) में तालिबान (Taliban) ने जब से कब्जा किया है तभी से वो मानवाधिकारों के उल्लंघन के साथ ही साथ अजीबो-गरीब फैसलों के कारण चर्चा में आ रहा है। महिलाओं पर प्रतिबंध लगाने वाले तालिबान ने हाल में निर्जीव हारमोनियम तक को नहीं बख्शा इसी क्रम में अब तालिबान ने कपड़ों के दुकानों पर लगाए जाने वाले पुतलों (Mannequins) का सिर कलम (Beheading) करने का आदेश दिया है। तालिबान का कहना है कि बुत इस्लाम के खिलाफ है।

रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान ने यह आदेश अफगानिस्तान के पश्चिमी हेरात में व्यापारियों को दिए हैं। तालिबान ने कहा है कि इस्लाम में बुतपरस्ती सबसे बड़ा गुनाह है और ये पुतले मूर्तियाँ हैं। यह आदेश हेरात में प्रोपेगेशन ऑफ वर्च्यू एंड प्रिवेंशन ऑफ वाइस के लिए बनाए गए मंत्रालय ने जारी किया है। पहले तो तालिबान ने इन सभी पुतलों को पूरी तरह से दुकानों से हटाने का आदेश दिया था, लेकिन बाद में उसने इन पुतलों के सिर कलम करने का आदेश दिया।

दरअसल, दुकानदारों ने गुहार लगाई थी कि तालिबान के इस आदेश से उनका छोटा-मोटा व्यवसाय भी नष्ट हो जाएगा। इसके बाद मंत्रालय के प्रमुख शेख अजीज-उर-रहमान ने पुतलों के सिर कलम का आदेश दिया। हालाँकि, अभी भी दुकानदारों का कहना है कि एक पुतले की कीमत 70 से 100 डॉलर (5,215 से 7,451 रुपए) हैं, इसलिए सिर काटने से उनका नुकसान होगा।

अफगान दुकानदार मोहम्मद यूसुफ ने तालिबान को लेकर कहा, “तालिबान नहीं बदला है। एक बार फिर प्रतिबंध होंगे”। यूसुफ के मुताबिक, अभी तक तालिबान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता नहीं मिली है, लेकिन इसे मान्यता मिल जाती है तो ये और भी कड़े नियम लागू करेंगे।

टीवी को दी थी मौत की सजा

तालिबानी राज में टीवी और हारमोनियम भी सुरक्षित नहीं हैं। हाल ही में तालिबान ने अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए पत्थर से हारमोनियम को कूच दिया था। इसी तरह से तालिबान लड़ाकों ने टीवी को मौत की सजा सुनाते हुए उसे भी तोड़ दिया था।

2021 की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनी ‘पुष्पा’, बटोरे ₹300 Cr: ’83’ फ्लॉप होने पर बोले कबीर खान – प्यार मायने रखता है

अल्लू अर्जुन (Allu Arjun) की फिल्म ‘पुष्पा’ (Pushpa) ने बॉक्स ऑफर (Box Office) पर दुनिया भर में 300 करोड़ रुपए की कमाई कर ली है। वहीं कबीर खान (Kabir Khan) की ’83’ बुरी फ्लॉप साबित हुई है। फिल्म निर्माता अनिल थडानी की कंपनी ‘AA Films’ ने एक पोस्टर जारी करते हुए बताया कि ‘Pushpa: The Rise’, जो कि इस सीरीज की पहली फिल्म है, उसने 300 करोड़ रुपए का कारोबार कर लिया है। इस तरह ये अक्षय कुमार की ‘सूर्यवंशी’ (290 करोड़ रुपए) और सुपरस्टार रजनीकांत की ‘अन्नाथे’ (250 करोड़ रुपए) को पीछे छोड़ दिया है।

वहीं 1983 में भारत की क्रिकेट विश्व कप जीत पर बनी फिल्म ’83’ का बजट 270 करोड़ रुपए बताया जा रहा है, जो कि 2015 में आई एसएस राजामौली की फिल्म ‘बाहुबली’ से भी ज्यादा है। बताया जा रहा है कि हर एक पूर्व खिलाड़ी को उनकी कहानी के लिए 7 से 3 करोड़ रुपए तक दिए गए, जिस कारण फिल्म का बजट बढ़ गया। इस फिल्म में रणवीर सिंह ने मुख्य किरदार निभाया है, जो पूर्व कप्तान कपिल देव की भूमिका में हैं। दीपिका पादुकोण ने उनकी पत्नी का किरदार अदा किया है।

निर्देशक कबीर खान ने फिल्म को मिल रही सुस्त प्रतिक्रिया पर कहा है कि हम कठिन समय में रह रहे हैं, ऐसे में ये मायने नहीं रखता और फिल्म ने जनता में एक भावनात्मक जगह बनाई है। उन्होंने कहा, “मुझे पता है ’83’ के साथ बॉक्स ऑफिस पर क्या हो रहा है। मुझे लगता है इसके बारे में बात करना भी सही नहीं होगा। हमें अंदाज़ा नहीं था कि फिल्म की रिलीज के बाद 6 राज्य नाइट कर्फ्यू का ऐलान कर देंगे और बॉक्स ऑफिस का अहम हिस्सा दिल्ली में थिएटर्स पूरी तरह ही बंद कर दिए जाएँगे।” बता दें कि ’83’ ने अब तक भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 76 करोड़ रुपए का नेट कारोबार किया है।

‘India.com’ से बात करते हुए निर्देशक कबीर खान ने कहा कि इन चीजों के बीच हम बॉक्स ऑफिस कलेक्शन को लेकर शिकायत नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि ये ’83’ की भावना के साथ भी ठीक नहीं होगा। उन्होंने कहा कि प्यार मायने रखता है, कमाई नहीं। उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसी प्रशंसा पहले कभी नहीं मिली और ये वो ’83’ की मार्केटिंग के लिए नहीं कह रहे, क्योंकि फिल्म तो सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। उन्होंने कहा कि उन्हें अविश्वसनीय प्यार मिल रहा है।

कबीर खान ने दावा किया कि ’83’ एक ऐसी फिल्म है जो वर्षों तक यहाँ रहेगी और उनके करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में से एक होंगी। उन्होंने बताया कि कपिल देव ने भी उन्हें दिलासा देते हुए कहा है कि जब उन्होंने क्रिकेट विश्व कप जीता था तो टीम को रुपए ज्यादा नहीं मिले थे, सम्मान और प्यार मिला था। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि इसके 38 वर्ष बाद इस पर फिल्म बन रही है। कबीर खान ने कहा कि ’83’ को बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के आधार पर जज नहीं किया जाना चाहिए।

आगरा में लव जिहाद पर बवाल: नाबालिग को लेकर भागा आरोपी गिरफ्तार, धर्मांतरण की धारा नहीं लगाने पर हिंदू संगठन भड़के

उत्तर प्रदेश के आगरा से सटे कस्बा अमांपुर से लव जिहाद का मामला सामने के बाद बड़ी संख्या में हिंदूवादी संगठनों ने शनिवार (1 जनवरी 2022) को पुलिस थाने का घेराव किया। हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर आक्रोश था कि कस्बे में लव जिहाद के मामले में पुलिस ने धर्मांतरण की धाराएँ क्यों नहीं लगाई।

दैनिक जागरण में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, कस्बा अमांपुर में दो दिन पहले 15 वर्ष की नाबालिग लड़की को राजू नाम का एक युवक बहला-फुसला कर अपने साथ ले गया था। हिंदू किशाेरी के परिजनों ने जब उसकी तलाश की तो पता चला कि वह शख्स दूसरे समुदाय का है। किशाेरी के पिता ने आरोपित के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसके बाद हिंदूवादी संगठन भी लड़की की तलाश के लिए पुलिस वालों पर दवाब बनाने लगे।

हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ता शनिवार (1 जनवरी 2022) सुबह अमांपुर थाने पहुँचे। उन्होंने माँग कि यह मामला लव जिहाद का है, इसलिए इसमें धर्मांतरण की धाराएँ भी लगाई जाएँ और पुलिस इससे जुड़े सभी तथ्यों की पड़ताल करें। हिंदूवादी संगठनों के दबाव के चलते शुक्रवार (31 दिसंबर 2021) देर रात पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया और किशोरी को भी बरामद कर लिया।

बता दें कि इंस्पेक्टर अनिल कुमार का कहना है कि आरोपित की गिरफ्तारी और लड़की की बरामदगी हो चुकी है। लड़की को ले जाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है, जो भी तथ्य सामने आएँगे उसके आधार पर धाराएँ जोड़ी जाएँगी।

10 करोड़ अन्नदाताओं के खातों में PM मोदी ने ट्रांसफर किए ₹20,900 करोड़, राम मंदिर और माँ अन्नपूर्णा का किया जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra modi) ने शनिवार (1 जनवरी 2022) को नए साल के पहले दिन ही किसानों को बड़ा तोहफा देते हुए किसान सम्मान निधि (Kisan samman nidhi) की दसवीं किस्त जारी की। इसके तहत प्रधानमंत्री ने देश भर के 10 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 20,900 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। साथ ही पीएम ने 351 किसान उत्पादक संगठनों को 14 करोड़ से अधिक का इक्विटी अनुदान भी जारी किया। इससे 1.24 लाख से अधिक किसानों को सीधे लाभ होगा।

पीएम मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए लाभार्थियों को यह राशि जारी की। बताया जा रहा है कि एक-दो दिन में लाभार्थियों के खातों में 2,000-2,000 रुपए क्रेडिट होने लगेंगे। 10वीं किस्त दिसंबर 2021 से मान्य होगी। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra singh Tomar) भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने FPO संचालकों से भी बातचीत की।

पीएम मोदी की स्पीच

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि कोरोना के दौर में भारत अपने 80 करोड़ नागरिकों को मुफ्त राशन मुहैया करा रहा है। इस योजना पर अब तक 2 लाख 60 हजार करोड़ रुपए से अधिक खर्च हो चुके हैं। कोरोना पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि वर्ष 2021 में देश में सैकड़ों ऑक्सीजन प्लांट्स लगाए गए, ताकि स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक बेहतर बनाया जा सके। 2021 में ही देश में अनेक मेडिकल कॉलेज बने और दर्जनों मेडिकल कॉलेजों पर काम शुरू हुआ।

आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन पर बात करते हुए पीएम ने कहा, “योजना के तहत देश के जिले-जिले, ब्लॉक-ब्लॉक तक अच्छे अस्पतालों और अच्छी टेस्टिंग लैब के इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त करेगा। डिजिटल इंडिया को नई ताकत देते हुए यह मिशन देश की स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुलभ व प्रभावी बनाएगा।” प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था 8 प्रतिशत की दर से बढ़ रही है। उन्होंने इस मौके पर माँ अन्नपूर्णा की मूर्ति की वापसी और अयोध्या में राम मंदिर, धौलावीरा दुर्गा पूजा उत्सव को यूनिसेफ की वर्ल्ड हेरिटेज में शामिल किए जाने का भी जिक्र किया।

प्रधानमंत्री ने बताया कि डेयरी उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कामधेनु आयोग का भी गठन किया गया है। इतना ही नहीं पशुपालकों को केसीसी में जोड़ा गया है।

2021 में ₹71 लाख करोड़ से भी अधिक का UPI लेनदेन, 2020 के मुकाबले 130% की वृद्धि: 45% सिर्फ इस एप से

साल 2021 में भारत में रिकॉर्ड UPI (यूनिफाइड पैंट्स इंटरफ़ेस) लेनदेन हुआ है। दिसंबर में ये आँकड़ा 8.26 लाख करोड़ रुपया हो गया। ‘नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI)’ के डेटा से इन आँकड़ों का पता चला है। साथ ही ‘ट्रांजक्शन वॉल्यूम’ भी इस महीने में 456 करोड़ रुपया हो गया। इस तरह 2021 में UPI के माध्यम से कुल 3874 करोड़ लेनदेन हुए। वहीं 2020 में ये आँकड़ा 1887 करोड़ था। इस तरह 2020 के मुकाबले 2021 में 105% ज्यादा बार UPI से लेनदेन हुआ।

कुल मिला कर बात करें तो 2021 में UPI के माध्यम से 71.46 लाख करोड़ रुपयों का लेनदेन हुआ। वहीं, इसके पिछले वर्ष की बात करें तो 2020 में UPI के माध्यम से 31 लाख करोड़ रुपयों का लेनदेन हुआ था। पिछले साल के मुकाबले 130% की वृद्धि डिजिटल वित्तीय लेनदेन के लिए एक अच्छा संकेत है। हालाँकि, नवंबर 2021 में ये आँकड़ा कुछ खास उत्साहजनक नहीं था। लेकिन, दिसंबर महीने के आँकड़े ने फिर से उत्साह जगाया है। माना जा रहा है कि कोरोना प्रतिबंधों के कम होने से ऑफलाइन और ऑनलाइन, दोनों माध्यमों से वित्तीय लेनदेन में वृद्धि हुई है।

अब देखना होगा कि अगले कुछ दिनों में ये आँकड़ा कैसा रहता है, क्योंकि अब जब 2022 शुरू हो रहा है, देश के कई हिस्सों में कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के खतरे को देखते हुए नए सिरे से पाबंदियाँ लगाई जा रही हैं। 2021 में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान कैश में लेनदेन की बजाए लोगों ने डिजिटल पेमेंट्स को प्राथमिकता दी। 2016 में ही मोदी सरकार ने UPI को लॉन्च किया था, लेकिन 3 लाख करोड़ रुपए के लेनदेन का आँकड़ा पार करने के लिए इसे अगस्त 2020 तक इंतजार करना पड़ा।

इसके लगभग 15 महीने बाद ये आँकड़ा 8 लाख करोड़ रुपए को पार कर गया है। डिजिटल लेनदेन बढ़ ही रहा है, इसीलिए इसके और आगे जाने की संभावना है। 2022 में भारत में 2.16 ट्रिलियन डॉलर (1609500000 करोड़ रुपए) का वित्तीय लेनदेन हो सकता है। इसका 50% सिर्फ UPI से होने की संभावना है। ‘इमिडिएट पेमेंट सर्विस (IMPS)’ 25% के साथ दूसरे स्थान पर आएगा। 2021 में कुल UPI पेमेंट्स का 45% PhonePe, 35% Google Pay (GPay) और 15% Paytm से किया गया।

सैन्य अधिकारी बन हिंदू लड़कियों को फाँसता, फिर विदेशों में बेच देता: लव जिहाद की शिकार लखनऊ की पीड़िता के नेपाल में मिलने से हुआ खुलासा

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में लव जिहाद की शिकार पीड़िता की दर्दनाक कहानी सामने आई है। इसके साथ ही यह भी पता चला है कि जम्मू-कश्मीर के कुपवाड़ा के रहने वाला आरोपित ईशान बुखारी हिंदू लड़कियों को फँसाकर उन्हें विदेशों में बेचने का काम करता था। उसने पीड़िता को भी भगाकर कर नेपाल में रखा था, जहाँ से पीड़िता ने छुपकर अपने परिजनों को कॉल कर अपनी जान को खतरा बताया था। आरोपित ईशान बुखारी खुद को कभी सेना का डॉक्टर तो कभी नासा का वैज्ञानिक तो कभी कुछ और बताकर लड़कियों को फँसाता था।

अगस्त 2017 में आरोपित ईशान बुखारी को महाराष्ट्र पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया था। इसके अलावा, कश्मीर पुलिस भी उसे कई बार गिरफ्तार कर चुकी है। उस समय वह पाँच शादी कर रखा था और कई और लड़कियाँ उसके संपर्क में थीं। 12वीं पास आरोपित कनाडा, लंदन और मिस्र के कई नामी कॉलेजों की फर्जी एमबीबीएस डिग्री पर अस्पतालों में नौकरी भी कर चुका है। इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपी के खिलाफ ‘उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश’ के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

मिल रही जानकारी के मुताबिक, पीड़िता ने इसी साल जुलाई में अपने माता-पिता को चंडीगढ़ में नौकरी मिलने की बात बताई थी। इसके बाद पीड़िता के परिजन लड़की को चंडीगढ़ भेजने के लिए तैयार हो गए। पीड़िता चंडीगढ़ चली गई और इधर माँ-बाप यही सोचते रहे कि उनकी बेटी नौकरी कर रही है। इसी बीच अगस्त में आरोपित ने उन्हें फोन कर बताया कि उसने उनकी बेटी से शादी कर ली है।

कुछ समय बाद माँ-बाप को पता चला कि लड़का मुस्लिम है तो उन्होंने लड़की को वापस बुलाने की कोशिश की। युवती की माँ ने बेटी को वापस आने के लिए कई बार कहा। इस दौरान युवक ने झाँसा देते हुए कहा कि वह लड़की को लेकर जल्दी ही लखनऊ आ जाएगा। लेकिन, वह लखनऊ आने के बजाय उसे लेकर कठमांडू (नेपाल) चला गया। इसी बीच माँ को अहसास हुआ कि कुछ गड़बड़ है तो उसने पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने यह कहते एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर दिया लड़की बालिग है और वह शादी करने के लिए स्वतंत्र है।

युवती की माँ ने बताया कि एक दिन उसकी बेटी का वीडियो कॉल आया और वह बेहद डरी हुई थी। उसने अपनी माँ से कहा कि उसे बचा लो, उसकी जान खतरे में है। उसने कहा कि ईशान उसे मार कर फेंक देगा और किसी को पता भी नहीं चलेगा। पीड़िता ने बताया कि उसे कठमांडू में रखा गया है और उसके साथ रोजाना मारपीट की जाती है। यही नहीं, उससे अनैतिक काम भी कराए जाते हैं।

युवती की माँ के मुताबिक, उसकी बेटी ने बताया कि आरोपित आधा दर्जन से अधिक लड़कियों के साथ ऐसा कर उसे विदेशों में बेच चुका है। बेटी ने अपनी माँ को यह भी बताया उसका धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करा दी गई और अब वह सात माह की गर्भवती है।

हालाँकि, पुलिस इस पर कुछ कार्रवाई करे या न करे, इसके पहले ही धर्म जागरण के अधिकारियों ने युवती को नेपाल से लाकर कश्मीर के नारी संरक्षण गृह में भेज दिया है। धर्म जागरण के जम्मू-कश्मीर के नेताओं को जानकारी मिलते ही वे नेपाल पहुँच गए और युवती सुरक्षित लेकर आ गए।

बता दें कि ईशान बुखारी को महाराष्ट्र में महिलाओं को धोखा देने के आरोप में महाराष्ट्र पुलिस ने अगस्त 2017 में गिरफ्तार किया था। इसका असली नाम ताहिर अहमद बुखारी है और यह कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के वसकुरा के हंदवाड़ा का निवासी है। यह ईशाना बुखारी के नाम से ठगी और महिलाओं को फँसाने का काम लंबे से करता रहा है।  

उस दौरान जाँच में पता चला था कि ताहिर उर्फ ईशान ने पाँच शादियाँ की थीं। इनमें एक शादी उसने कश्मीर में की थी, जबकि चार अन्य शादियाँ उसने अलग-अलग राज्यों में की थी। पुलिस के अनुसार, ताहिर ने श्रीनगर, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में शादियाँ की थीं। प्रत्येक शादी के बाद वह पत्नी को छोड़ देता और उसका पैसा लेकर गायब हो जाता। अब पता चला है कि वह उन्हें बेचने का काम करता था।

‘हाँ, मैं जैकलीन फर्नांडिस के साथ रिलेशनशिप में था, दिए करोड़ों के गिफ्ट’: तिहाड़ी सुकेश ने खुद को ‘ठग’ कहने पर जताई आपत्ति

200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग (money laundering) मामले के आरोपित ठग सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrashekhar) ने उस पर लगे सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। सुकेश ने जेल के अंदर से अपने वकील अनंत मलिक और रोहन यादव के माध्यम से जारी पत्र में कहा है कि वह ठग नहीं है। आरोपित को ‘धोखेबाज’ या ‘ठग’ कहना गलत है, क्योंकि उसे अभी तक दोषी नहीं ठहराया गया है। पत्र में उसने यह भी दावा किया कि वह बॉलीवुड एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस (Jacqueline Fernandez) के साथ रिलेशनशिप में था। उसने एक्ट्रेस को करोड़ों के गिफ्ट दिए थे और उसके व्यक्तिगत संंबंधों का आपराधिक मामले से कोई लेना-देना नहीं है।

सुकेश चंद्रशेखर ने आरोप लगाया है कि तिहाड़ जेल अधिकारियों की ओर से उस पर जबरन वसूली का दबाव बनाया जा रहा है। आखिर इसकी जाँच क्यों नहीं की जा रही है? प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जो संपत्ति जब्त की है, उसके खिलाफ वह अदालत जाएँगे। यह पत्र जैकलीन की उस अर्जी को खारिज करने के बाद आया है, जिसमें उन्होंने लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) को डाउनग्रेड करने की अपील की थी। मालूम हो कि प्रवर्तन निदेशालय ने 5 दिसंबर को एक्ट्रेस के खिलाफ एलओसी जारी किया था। लुक आउट नोटिस के कारण इमिग्रेशन अधिकारियों ने उन्हें मुंबई एयरपोर्ट पर रोक दिया था।

इससे पहले ईडी से जुड़े सूत्रों ने खुलासा किया था, सुकेश चंद्रशेखर तिहाड़ जेल के अंदर से स्पूफिंग के जरिए जैकलिन फर्नांडीस को कॉल करता था। वह अपनी पहचान सुकेश चंद्रशेखर की बजाय कुछ और बताता था। उसने जैकलीन को फोन पर बताया वह रसूखदार और बड़े ओहदे पर है। सूत्रों के मुताबिक, “जब जैकलीन उसके झाँसे में आ गई, तो उसने उन्हें महँगे फूल और चॉकलेट भेजना शुरू कर दिया था।”

गौरतलब है कि रेनबैक्सी के मालिक की पत्नी से 200 करोड़ की उगाही करने वाला सुकेश कभी खुद को PMO तो कभी गृह मंत्रालय का अधिकारी बता कर लोगों से बात किया करता था। उसका नाम बॉलीवुड के कुछ अन्य लोगों से भी जुड़ा है, जिसमें नोरा फतेही, शिल्पा शेट्टी, श्रद्धा कपूर आदि हैं। यह बात भी सामने आई है कि वह जैकलीन पर पानी की तरह पैसे बहाता था। उससे कहता था कि वह एंजेलिना जोली (Angelina Jolie) जैसी दिखती है। सुकेश ने जैकलीन को एक वुमन सेंट्रिक सुपरहीरो फिल्म बनाने का भी झाँसा दिया था। इसके लिए 500 करोड़ रुपए खर्च करने का वादा किया था।

ईडी ने चार्जशीट में बताया था कि सुकेश ने जैकलीन को करीब 10 करोड़ रुपए के गिफ्ट दिए थे। इसमें BMW कार, आईफोन, ज्वेलरी वगैरह शामिल थे। 9 लाख रुपए की कीमत वाली बिल्ली और 52 लाख रुपए की कीमत वाला घोड़ा भी जैकलीन को दिए जाने की बात कही गई थी।

REET में पद बढ़ाकर 50 हजार करने की माँग को लेकर राजस्थान में बेरोजगारों का प्रदर्शन, कड़ाके की ठंड में अर्धनग्न प्रदर्शन से कइयों की तबीयत बिगड़ी

राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (REET Exam 2021) भर्ती में पदों की संख्या बढ़ाकर 50 हजार करने का मुद्दा पिछले कुछ दिनों से ट्विटर पर छाया हुआ है। वहीं, रीट पास अभ्यर्थियों को पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट का समर्थन मिलने के बाद गहलोत सरकार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। दरअसल, 26 दिसंबर 2021 को 31 हजार पदों पर आयोजित रीट भर्ती परीक्षा में पदों की संख्या 50 हजार करने की माँग को लेकर शहीद स्मारक पर पिछले करीब दो महीनों से बेरोजगारों का धरना चल रहा है। यही नहीं, बेरोजगारों ने अपनी माँगों को मनवाने के लिए इस कड़ाके की ठंड में अर्द्धनग्न प्रदर्शन भी शुरू किया है, जिससे उनकी तबीयत खराब होने लगी है, लेकिन अभी तक इस मामले में कोई भी सुनवाई नहीं होने पर इन लोगों में खासा आक्रोश है।

REET_के_पद_बढ़ाकर_50000_करो और #REET_50000_नहीं_तो _वोट_नहीं लिखकर बीते कुछ दिनों से ट्रेंड किया जा रहा है। ट्विटर पर राजस्थान की किरकिरी होने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अभ्यर्थियों को आश्वासन देते हुए ट्वीट किया। उन्होंने गुरुवार (30 दिसंबर 2021) को लिखा, “वर्ष 2022 में 14-15 मई को रीट परीक्षा आयोजित करने का निर्णय किया है, जिससे प्रदेश को करीब 20,000 नए शिक्षक मिल सकेंगे। इस भर्ती में विशेष शिक्षकों हेतु भी प्रावधान किया जाएगा। इससे युवाओं को रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।”

वहीं, आमरण अनशन पर बैठे अभ्यर्थी मुकेश चौधरी का कहना है, “शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। इसके बावजूद सरकार इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही है। आमरण अनशन को 8 दिन हो गए हैं, लेकिन हमारी माँगे पूरी नहीं की गई हैं। यदि हमारी माँगे पूरी नहीं होती हैं तो हम धरना स्थल पर ही अपनी जान दे देंगे, लेकिन आंदोलन खत्म नहीं करेंगे। कड़ाके की सर्दी में बेरोजगारों की तबीयत भी खराब होती जा रही है। जब तक माँग पूरी नहीं होगी तब तक आंदोलन जारी रहेगा।”

बता दें कि बेरोजगारों के प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला से 29 दिसंबर को मुलाकात की थी। प्रतिनिधिमंडल ने पीटीआई और विशेष शिक्षक के मामले पर उनसे चर्चा की, जिसके बाद कल्ला ने बेरोजगारों को आश्वासन दिया कि सीएम अशोक गहलोत जल्द ही पद बढ़ाने की मंजूरी दे सकते हैं। गहलोत सरकार ने 31 हजार से 50 हजार शिक्षकों के पद बढ़ाने की पूरी तैयारी कर ली है।

‘राज्य सरकार को रुचि नहीं’: केरल यूनिवर्सिटी का राष्ट्रपति को डॉक्टरेट डिग्री देने से इनकार, ठुकराया राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का प्रस्ताव

देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद (Ramnath kovind) को डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर (D Lit) की मानद उपाधि देने के केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (Arif Mohammad khan) के अनुरोध को केरल विश्वविद्यालय (Kerala University) ने ठुकरा दिया है। अब इस मामले में राज्य सरकार और वामपंथी पी विजयन सरकार (P vijyan Government) के बीच टकराव बढ़ने के आसार नजर आ रहे हैं। कहा जा रहा है कि कथित राजनीतिक दवाब में आकर विश्वविद्यालय ने राष्ट्रपति को डी लिट की मानद उपाधि देने से इनकार कर दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, राज्यपाल के अनुरोध पर केरल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ वीपी महादेवन पिल्लई ने गवर्नर को लिखे पत्र में स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार और विश्वविद्यालय सिंडिकेट को राष्ट्रपति कोविंद को डी लिट की डिग्री देने में कोई रुचि नहीं है।

राष्ट्रपति कोविंद को डी लिट की उपाधि देने के बजाय संस्कृत विश्वविद्यालय ने पहले अभिनेत्री शोभना, म्यूजिशियन डॉ टीएम कृष्णा और अपने ही पूर्व कुलपति डॉ एनपी उन्नी को यह डिग्री देने का फैसला किया था। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने विश्वविद्यालय की इस सिफारिश को स्वीकार भी कर लिया था। इसके साथ ही उन्होंने यह इशारा भी किया कि राज्य सरकार द्वारा लिए गए कुछ निर्णयों ने देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाई है।

राज्यपाल ने यूनिवर्सिटी के कुलपति को राजभवन बुलाकर राष्ट्रपति को डी लिट की डिग्री देने के लिए कहा था। उन्होंने ये लिखित में भी दिया था। लेकिन, उनके अनुरोध को खारिज कर दिया गया। बताया जाता है कि वीसी ने सिंडिकेट सदस्यों को राज्यपाल के निर्देश से अवगत कराया था। इसको लेकर राजनीतिक कार्यकारिणी से भी बात की गई. बाद में कुलपति ने राज्यपाल से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर राष्ट्रपति को डी लिट की डिग्री देने से इनकार कर दिया।

कॉन्ग्रेस ने राज्य सरकार से माँगा जवाब

राष्ट्रपति को डी लिट की डिग्री देने से केरल सरकार के निर्देश पर खारिज किया गया। इस पर कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता रमेश चेन्नितला (Ramesh channithala) ने पिनरई विजयन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने राज्य सरकार से यह स्पष्ट करने की माँग की है कि आखिर उसने किस आधार पर राष्ट्रपति को डी लिट की डिग्री देने की सिफारिश को खारिज किया।

गौरतलब है कि राज्यपाल आरिफ मोहम्मद विश्व विद्यालय के कुलाधिपति हैं। इस पर उन्होंने कहा है कि उन्हें कुलाधिपति बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है और वो उच्च शिक्षामंत्री को कुलाधिपति के अधिकार को ट्रांसफर करने के लिए तैयार हैं।

‘क्या तुम मुझसे शादी करोगी?’: अहमद पटेल के बेटे ने अमीषा पटेल को किया प्रपोज, फिर डिलीट किया ट्वीट, अमीषा ने लिखा था ‘डार्लिंग’

कॉन्ग्रेस के दिवंगत नेता और सोनिया गाँधी के बेहद करीबी रहे दिवंगत नेता अहमद पटेल के बेटे फैसल पटेल इन दिनों ट्विटर पर किए गए अपने पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। दरअसल, दो दिन पहले फैसल का बर्थडे था। बॉलीवुड अभिनेत्री अमीषा पटेल ने उन्हें Twitter पर बर्थडे विश करते हुए लिखा था,”हैप्पी बर्थडे माय डार्लिंग, लव यू। तुम्हारे लिए ये साल सबसे ज्यादा खास रहे।”

इसके जवाब में फैसल ने लिखा, “धन्यवाद अमीषा, मैं पब्लिकली तुम्हें आधिकारिक रूप से प्रपोज कर रहा हूँ। क्या तुम मुझसे शादी करोगी।” हालाँकि, थोड़ी देर बाद ही फैसल ने अपने इस ट्वीट को डिलीट कर दिया, लेकिन तब तक ये पोस्ट वायरल हो चुका था। सियासी गलियारों से लेकर बॉलीवुड हस्तियों के बीच ये चर्चित हो गई और लोग इस पर कमेंट करने लगे।

45 वर्षीय अमीषा और फैसल को कई बार एक साथ स्पॉट किया गया है, लेकिन दोनों ने कभी भी अपने रिश्ते को ऑफिशियल नहीं किया है। हालाँकि, फैसल का निकाह हो चुका है। उनकी पहली बीवी जैनब नेडोउ थी। जैनब की कार्डियक और न्यूरोलॉजी से जुड़ी बीमारियों के चलते जून 2017 में मौत हो गई थी।

बता दें कि अमीषा पटेल और फैसल पटेल ने इंस्टाग्राम और ट्विटर पर एक साथ कई तस्वीरें साझा की हुई हैं। इनमें ये दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब नजर आ रहे हैं। वर्कफ्रंट की बात करें तो अमीषा पटेल सनी देओल के साथ इस साल ‘गदर 2’ में नजर आएँगी।