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‘अयोध्या और काशी में भव्य मंदिर बन रहा है तो फिर मथुरा-वृंदावन कैसे छूट जाएगा’: मुख्यमंत्री योगी का खुले मंच से ऐलान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) ने बुधवार (29 दिसंबर 2021) को फर्रुखाबाद में 196 करोड़ रुपए की लागत से बनी 174 विकास परियोजनाओं का और अमरोहा में 43 करोड़ रुपए की लागत वाली 31 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने विपक्षी पार्टियों, खासकर समाजवादी पार्टी पर जमकर जुबानी हमला बोला।

यूपी के सीएम ने कहा, “पिछली सरकारों के लिए अपना परिवार ही प्रदेश था। हमारे लिए 25 करोड़ की आबादी परिवार है। हमने 25 करोड़ की जनता की समृद्धि, खुशहाली और सुरक्षा को ध्यान में रखकर अपनी योजनाएँ बनाई हैं।”

सीएम ने जनसभा में मौजूद लोगों को याद दिलाया कि भाजपा सरकार में तीर्थस्थलों, मंदिरों आदि का फिर से जीर्णोद्धार हो रहा है। उन्होंने कहा, “हमने कहा था अयोध्या में प्रभु राम के भव्य मंदिर निर्माण का कार्य प्रारंभ कराएँगे, मोदी जी ने कार्य प्रारंभ करा दिया है ना? काशी में भगवान विश्वनाथ का धाम भी भव्य रूप से बन रहा है। फिर मथुरा-वृंदावन कैसे छूट जाएगा? वहाँ पर भी काम भव्यता के साथ आगे बढ़ चुका है। हमने बृज तीर्थ विकास परिषद गठित करके वहाँ पर भी विकास कार्यों को एक नई गति देना प्रारंभ कर दिया है।”

सीएम ने सवाल किया, “दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई करने की ताकत क्या किसी दल में थी? कोरोना के खिलाफ जिस मजबूती से भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने काम किया है, क्या ये काम कॉन्ग्रेस, सपा, बसपा कोई कर पाता? भाइयों-बहनों हमने जो कहा, सो करके दिखाया।”

मुख्यमंत्री योगी ने आगे कहा, ”वर्ष 2017 के पहले जिस प्रदेश में दंगे होते थे, आज उस प्रदेश में गन्ने की खेती हो रही है। हम लोगों ने प्रदेश की 08 चीनी मिलों के पुनरुद्धार की कार्यवाही को आगे बढ़ाया है। इसमें अमरोहा की चीनी मिल भी शामिल है।”

कोरोना के बढ़ते प्रभाव को लेकर उन्होंने कहा, “मैं आपसे अपील करूँगा कि जिन लोगों ने कोविड वैक्सीन नहीं ली है, वह लोग वैक्सीन का लाभ जरूर लें और दूसरों को भी लगवाने के लिए प्रेरित करें। यह वैक्सीन कोरोना का सुरक्षा कवच है और मुफ्त में है।”

किसानों के हित में अहम फैसले लेने वाली योगी सरकार ने गत साढ़े चार वर्षों में 1.51 लाख करोड़ रुपए गन्ना मूल्य का भुगतान किया है। सीएम ने कहा कि पिछली 14 वर्ष की सरकारों ने ऐसा नहीं किया था, लेकिन भाजपा सरकार ने मात्र साढ़े चार वर्षों में किसानों का कर्ज चुकता करके उनके जीवन में खुशहाली लाने का कार्य किया है।

‘अखिलेश यादव के लिए चुनाव प्रचार करने वाले पत्रकारों को 2 BHK फ्लैट देगी सपा सरकार’: सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टर का सच

अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी के नाम से तरह-तरह की घोषणाएँ वायरल हो रही हैं। जानिए क्या है सच। उत्तर प्रदेश में 2022 में विधानसभा चुनाव भी होने हैं। ऐसे में आइए, आपको बताते हैं कि किस तरह की घोषणाएँ वायरल हो रही हैं। वायरल हो रही एक घोषणा में लिखा है, “कन्या से एक वर्ष के अफेयर के बाद ब्रेकअप होने पर कन्या पर किए गए खर्चे का मुआवजा देगी सपा सरकार”। अखिलेश यादव के पोस्टर और सपा के चुनाव चिह्न के साथ ये तस्वीर वायरल हो रहे हैं।

साथ ही उत्तर प्रदेश का नक्शा भी इस पोस्टर में बना हुआ है। एक अन्य ऐसी ही पोस्टर में लिखा है, “चार से अधिक प्रेमिका होने होनहार लड़कों को हर महीने 8000 रुपए गुजारा-भत्ता देगी सपा सरकार।” एक अन्य पोस्टर में लिखा है, “आयकर विभाग द्वारा दीवार तोड़ कालाधन जब्त होने वालों को प्लास्टर कर के पुताई कराएगी समाजवादी सरकार”। एक और पोस्टर में लिखा है, “अखिलेश यादव के लिए चुनाव में प्रचार-प्रसार करने वाले पत्रकारों को 2 BHK फ़्लैट देगी सपा सरकार।”

वहीं एक अन्य पोस्टर जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, उस पर लिखा है, “प्यार में धोखा खाए हुए लोगों को 5 लाख रुपए देगी सपा सरकार।” इस ट्वीट के बाद पूछ रहे हैं कि क्या जिन्होंने 2-3 बार प्यार में धोखा खाया है, उन्हें उसी हिसाब से रुपए मिलेंगे? एक अन्य पोस्टर में टेढ़ी नाक होने तक पर सपा सरकार द्वारा 5 लाख रुपए दिए जाने की बात कह दी गई। इस पर एक व्यक्ति ने पूछा कि उसका तो पूरा शरीर टेढ़ा है, तो फिर उसे कितने रुपए मिलेंगे?

असल में वायरल हो रही ये सभी घोषणाएँ सही नहीं हैं और लोग हँसी-मजाक में समाजवादी पार्टी की एक घोषणा पर तंज कसते हुए उसी पोस्टर का टेक्स्ट एडिट कर के ये चीजें शेयर कर रहे हैं। जिस पोस्टर का मजाक बनाया जा रहा है वो असली है और उसे सपा ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज से पोस्ट करते हुए लिखा था, “साँड़ से लड़ कर दुर्घटना में मौत होने पर 5 लाख रुपए का मुआवजा देगी सपा सरकार।” लोगों ने इस घोषणा का मजाक बनाते हुए लोगों ने ऊपर की अन्य घोषणाएँ शेयर की।

‘डरता हूँ मेरे बच्चों का क्या होगा’: नसीरुद्दीन शाह ने दिखाया गृहयुद्ध का डर, कहा – गाय की मौत बनती है मुद्दा, मुगलों ने बनाया भारत को

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह एक बार फिर से बाहर निकले हैं। उन्होंने इस बार नरसंहार का डर दिखाते हुए गृह युद्ध की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि देश में सब कुछ मुस्लिमों को भयभीत करने के लिए हो रहा है, जहाँ सत्ताधारी दल ने अलगाववाद को बढ़ावा दे रहा है और औरंगजेब को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने लखीमपुर खीरी की घटना के बाद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा ‘टेनी’ का इस्तीफा न लिए जाने पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वो डरने वाले नहीं हैं।

नसीरुद्दीन शाह ने ‘The Wire’ के करण थापर से बात करते हुए कहा कि उन्होंने तो अपनी ज़िन्दगी जी ली है, लेकिन औ अपने बच्चों को लेकर डरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज देश में एक पुलिस इंस्पेक्टर की मौत से ज्यादा एक गाय के मरने को मुद्दा बनाया जाता है, जो त्रासद है। उन्होंने कहा कि उनकी फिल्मों ‘अ वेडनेस्डे (2008)’ और ‘सरफ़रोश (1999)’ के अलावा लाहौर में उनके दिए बयान कि उन्हें वहाँ घर जैसा महसूस हो रहा है, को लेकर उन पर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने ‘धर्म संसद’ पर निशाना साधते हुए इसे गृहयुद्ध की धमकी बताया।

उन्होंने कहा कि ‘हम 20 करोड़’ भारत को अपना घर मानते हैं और हमारी कई पीढ़ियाँ यहाँ रहीं। उन्होंने कहा कि कवियों और कॉमेडियनों को ऐसे चुटकुलों के लिए गिरफ्तार किया जा रहा है, जो उन्होंने कहा ही नहीं। उन्होंने कहा कि इन लोगों को पता नहीं है कि वो बात क्या कह रहे हैं। उन्होंने इस पर आपत्ति जताई कि मुगलों के कथित अत्याचार को हाईलाइट किया जा रहा है, बल्कि उन्होंने कला, संस्कृति, संगीत और साहित्य से लेकर कई इमारतें भारत में बनवाईं।

उन्होंने दावा किया कि मुग़ल इस भारत का निर्माण करने आए थे। उन्होंने कहा कि भड़काऊ बयान देने वाले गिरफ्तार होने या नहीं, ये इस पर निर्भर करता है कि पुलिस को कौन आदेश दे रहा है। उन्होंने पुलिस में मुस्लिमों के प्रतिनिधित्व कम होने का दावा करते हुए कहा कि ‘किसान आंदोलन’ को लेकर भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंभीर रूप से माफ़ी नहीं माँगी। उन्होंने कहा कि जितनी आशंका थीं, चीजें उनसे ज्यादा बुरी हैं और प्रधानमंत्री कैमरों के सामने अपनी ‘धार्मिक आस्था का प्रदर्शन’ करते हैं।

उन्होंने कहा कि स्थिति चिंताजनक है लेकिन कोई कुछ कर नहीं सकता। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को दूसरे दर्जे का नागरिक बना कर छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों एक फोबिया फैलाने के लिए ये सब किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें ये स्वीकार नहीं करना चाहिए कि हम डर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज नेता कहते हैं कि हिन्दू-मुस्लिम साथ नहीं रह सकते, जो संविधान के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम इस देश की रक्षा कर रहे हैं, अपने परिवारों की रक्षा कर रहे।

उन्होंने कहा, “जब हिन्दुओं की जनसंख्या ज्यादा है, ये कैसे कहा जा रहा है कि हिन्दू खतरे में हैं। हमें शांति से रहने दीजिए। सिख और मुस्लिम विभाजन के दौरान एक-दूसरे के खून के प्यासे थे, जबकि आज गुरुद्वारा नमाज के लिए खुल रहा है। इस ‘नेता’ को पूजने वालों से वो आक्रोशित हैं। इसमें उनका ही भविष्य में नुकसान है। मुझे पाकिस्तान जाने को कहने वाले से मैं कहता हूँ – तुम कैलाश जाओ। उर्दू को पाकिस्तानी भाषा बताया जाता है। हिंदी में कई अरबी-फ़ारसी शब्द हैं।”

नसीरुद्दीन शाह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तथ्यों व सच्चाई को छिपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि राजनीति उनकी ज़िंदगी में इतना नीचे कभी नहीं गिरी थी। उन्होंने कहा कि हमें अपने धर्म का प्रदर्शन नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में इतनी विविधता है कि उनके बच्चों ने जब समान धर्म वाले शादीशुदा जोड़े को देखा तो वो आश्चर्य से भर गए। उन्होंने कहा कि उनके पिता ने पाकिस्तान जाने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा कि आज भारत में जन्म लेने वालों का भविष्य क्या है, इसका पता नहीं।

नसीरुद्दीन शाह ने कहा,”चाहे जितना ज़हर फ़ैल जाए, मैं डर कर नहीं भागूँगा। घृणा की खेती की जा रही है। एक-दूसरे के धर्म के प्रति असहिष्णुता पैदा की जा रही है। चर्च-मस्जिद तोड़े जा रहे हैं। ऐसा करने वालों पर कार्रवाई नहीं होती। सोचिए, मंदिर के साथ ये होगा तो कैसा लगेगा। मेरे ईश्वर आपके से बड़े हैं – ऐसा कहा जा रहा है। एमनेस्टी इंडिया जैसी समाज का विकास करने वाली संस्थाओं को रोका जा रहा है। चर्च में शांतिपूर्ण प्रार्थना को हिंसक भीड़ रोक रही है, जिसे ऊपर से वरदहस्त हासिल है। सुप्रीम कोर्ट आजकल सक्रिय है, जो आशा देने वाला है।”

नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि फेसबुक और सभी बेहूदा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर घृणा का जश्न मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुग़ल शासन के बाद भारत के राजा-महाराजा आपस में लड़ते रहते थे, लोकतंत्र यहाँ नया है। बकौल नसीरुद्दीन शाह, पीएम मोदी ने पहले कहा था कि उन्होंने कोई पढ़ाई नहीं की हुई है लेकिन आज वो खुद को हमेशा केंद्र में रखना चाहते हैं और ‘डेमीगॉड’ बनना चाहते हैं। नसीरुद्दीन शाह ने कहा कि वो दुःखी और आक्रोशित हैं, लेकिन आशा है कि कभी न कभी सब ठीक होगा क्योंकि समय चक्र में चलता है। उन्होंने कोरोना के दौरान थाली बजाने को भी ‘अन्धविश्वास’ बताते हुए इसकी आलोचना की।

‘सत्ता में थे तो आतंकियों को प्रेरित किया, हिंदू संगठनों पर लादे झूठे मुकदमे, मालेगाँव पर माफी माँगे कॉन्ग्रेस’: CM योगी

महाराष्ट्र (Maharashtra) के मालेगाँव ब्लास्ट (Malegaon blast) मामले में एक और गवाह के अपने बयान से पलटी मारने के बाद कॉन्ग्रेस की छीछालेदर शुरू हो गई है। RSS के नेता इंद्रेश कुमार के बाद अब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Aadityanath) ने कॉन्ग्रेस के इस कृत्य को देश के खिलाफ अपराध बताया और कहा कि इसके लिए कॉन्ग्रेस को माफी माँगनी चाहिए।

उन्होंने फर्रूखाबाद में एक रैली के दौरान कॉन्ग्रेस (Congress) पर निशाना साधते हुए कहा, “आपने महाराष्ट्र ATS का एक बयान देखा होगा। उस समय कैसे भाजपा के कार्यकर्ताओं, नेताओं, RSS के नेताओं, हिंदू नेताओं को कैसे ये लोग झूठे मुकदमों में फँसाने का काम करते थे। आपने मालेगाँव विस्फोट में देखा होगा। कॉन्ग्रेस की ये शरारत देश के खिलाफ एक अपराध है और कॉन्ग्रेस के लोगों को इसके लिए माफी माँगनी चाहिए देश की जनता से। आतंकवादियों को प्रेरित और पोषित करने वाली कॉन्ग्रेस देश के साथ कैसे खिलवाड़ कर रही है, ये किसी से छुपा नहीं है।”

सीएम योगी ने आगे कहा, “पहले जब ये सत्ता में थे तो आतंकियों को प्रेरित और प्रोत्साहित करते थे और हिंदू संगठनों के खिलाफ झूठे केस दर्ज करते थे, लेकिन आज जब ये सत्ता से बाहर हैं तो ये हर उस कार्य का विरोध कर रहे हैं, जो जनता के हित में होता है।”

इससे पहले इस मामले में RSS नेता इंद्रेश कुमार (Indresh kumar) ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह (Manmohan singh) और कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी (Sonia Gandhi) से माफी की माँग की थी। उन्होंने कहा था, “कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए ने ‘भगवा’ के खिलाफ साजिश रची। इसे आतंकवाद से जोड़ा। धार्मिक नेताओं को बदनाम करने और लोगों को गिरफ्तार करने के लिए एजेंसी का दुरुपयोग करने का प्रयास किया, लेकिन वे बुरी तरह विफल रहे।”

क्या है मामला

साल 2008 में महाराष्ट्र के मालेगाँव बम विस्फोट मामले में एक गवाह ने महाराष्ट्र के एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए (28 दिसंबर 2021) को NIA कोर्ट को बताया था कि ATS ने उस पर उत्तर प्रदेश के वर्तमान सीएम योगी आदित्यनाथ और आरएसएस के चार लोगों का नाम लेने के लिए मजबूर किया था।

गवाह ने कोर्ट को बताया कि ATS ने उसे भाजपा के तत्कालीन सांसद योगी आदित्यनाथ के अलावा RSS के इंद्रेश कुमार, देवधर, काकाजी और स्वामी असीमानंद का नाम लेने के लिए मजबूर किया था।

‘दूल्हा के बिना कैसी बारात’: सिद्धू बोले- पंजाब में CM फेस की घोषणा करे हाईकमान, कॉन्ग्रेस नेता ने कहा- इनमें टीम भावना नहीं

पंजाब कॉन्ग्रेस की आंतरिक कलह फिलहाल शांत होती नहीं दिख रही है। विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने बागी तेवर दिखाते हुए पंजाब चुनाव से पहले राज्य में सीएम चेहरे का ऐलान करने की माँग की। सिद्धू ने तंज कसते हुए कहा, “बिना दूल्हे के कैसी बारात होगी। आम आदमी पार्टी ने 2017 में सीएम के चेहरे का ऐलान नहीं किया था, उसे इसका नुकसान उठाना पड़ा था।”

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, “कॉन्ग्रेस को सीएम फेस का ऐलान करना चाहिए। पंजाब के लोग जानना चाहते हैं कि कौन लीडरशिप करेगा। पंजाब के लोग जानना चाहते हैं कि आखिर किसका रोडमैप राज्य में काम करेगा। नहीं तो इस बार हमारी स्थिति भी ‘आप’ जैसी हो सकती है।”

राज्य में हो रही बेअदबी के मामलों की जाँच में देरी करने के लिए उन्होंने पंजाब की चरणजीत सिंह चन्नी सरकार पर भी निशाना साधा। सिद्धू ने चन्नी सरकार द्वारा घोषित विभिन्न मुफ्त सुविधाओं को लेकर कहा, “हर कोई घोषणा करता है, लेकिन यह संभव नहीं है। राजकोषीय घाटा देखिए। मौद्रिक स्थिति के अनुसार घोषणा की जानी चाहिए।”

सिद्धू ने यह भी कहा कि चुनाव में दो चीजें अहम होती हैं- मुद्दा या फिर नेता का चेहरा। यह कॉन्ग्रेस हाईकमान को तय करना है कि वह मुद्दे के साथ जाता है या फिर चेहरे के साथ। इसके अलावा, उन्होंने पुलिस को लेकर दिए अपने विवादित बयान पर माफी माँगी है। उन्होंने कहा, “अगर मेरी बात किसी को गलत लगी है, तो मैं माफी माँगता हूँ।”

बता दें कि पार्टी आलाकमान ने पंजाब में सीएम चेहरा घोषित नहीं करने का फैसला किया है। पंजाब इकाई को अपनी रणनीति से अवगत कराते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ा जाएगा, ताकि पंजाब में सभी धर्मों और जाति के मतदाताओं के बीच अपनी पैठ स्थापित की जा सके।

दूसरी तरफ नवजोत सिंह सिद्धू, जिन्होंने चरणजीत चन्नी को मुख्यमंत्री बनाए जाने पर आपत्ति व्यक्त की थी, वे पिछले कई दिनों से 2022 के विधानसभा चुनाव के लिए खुद को मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश कर रहे हैं। सिद्धू आमतौर पर अपने सार्वजनिक संबोधन की शुरुआत यह कहकर करते हैं, “मैंने यह किया और मैं यह करूँगा।” इसको लेकर कॉन्ग्रेस के एक वरिष्ठ नेता का कहना है कि वह हम की जगह मैं का प्रयोग करते हैं। उनके भाषणों में टीम भावना नहीं दिखाई देती है।

करीम होटल के कर्मचारियों ने चाकू मार ग्राहकों को किया घायल: एडवांस पैसे ले ठंडा खाना देने का आरोप, करीम ने कहा- शराब पी रहे थे

पश्चिम बंगाल (West bengal) के कोलकाता (Kolkata) से दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक रेस्टोरेंट में खाना खाने आए ग्राहकों पर रेस्टोरेंट के कर्मचारियों ने धारदार चाकू और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। घटना 26 दिसंबर 2021 की है और पीड़ितों में से एक की बहन जेनिफर देसाई ने इंस्टाग्राम (Instagram) के जरिए इस घटना को दुनिया के सामने रखा।

जेनिफर द्वारा की गई पोस्ट के मुताबिक, 26 दिसंबर की रात 11:15 बजे उसका भाई नंद देसाई (23) अपने दोस्त नवनीत सोनी (23), विनायक चौबे और अपने एक रिश्तेदार के साथ अरबिंदो सरानी स्थित करीम के रेस्टोरेंट में खाने के लिए गया था। वहाँ पहुँचने के बाद होटल के कर्मियों ने उन्हें खाना देने से पहले पैसे देने के लिए कहा तो उन्होंने पूरा पेमेंट कर दिया। इसके बाद होटल के कर्मचारियों ने उन्हें ठंडा खाना परोस दिया। जब उन्होंने वेटर से इसके बारे में सवाल किया तो उसने कहा कि रेस्टोरेंट बंद होने के टाइम पर ऐसा ही खाना मिलेगा।

खाना खाते वक्त समय उन्होंने वेटर से प्याज माँगा, लेकिन उसने देने से मना कर दिया। इस पर जेनिफर के भाई और उसके दोस्तों ने उससे एक्स्ट्रा पेमेंट और टिप देने की बात कही। जेनिफर ने ऑपइंडिया को बताया, “जब उन्होंने कहा कि अतिरिक्त भुगतान करने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है तो वेटर चिढ़ गया और गाली-गलौज करने लगा। उसने कहा कि उसे पैसे की परवाह नहीं है वो उन्हें मुफ्त में भी खिला सकता है। नंद को उसका बात करने का सलीका पसंद नहीं आया और उसने कहा कि वे फ्री में खाना नहीं खा रहे हैं।”

इस बीच वो खाना छोड़ रेस्टोरेंट के मैनेजर के पास पहुँच गए और वेटर की बदतमीजी की शिकायत होटल के मैनेजर से की। स्थिति से परेशान होकर नंद का रिश्तेदार होटल से बाहर निकल गया और वहीं से नंद के पिता को फोन कर घटना के बारे में जानकारी दी।

इंस्टा पोस्ट के मुताबिक, जेनिफर के भाई नंद और रेस्टोरेंट के कर्मियों के बीच झगड़ा बढ़ गया था। पोस्ट में लिखा, “बहस के दौरान वेटर बहुत पास आ गया। इस पर मेरे भाई नंद ने उसे पीछे धकेलकर अपने पास नहीं आने को कहा। साथ ही उसने नवनीत को बताया कि चीजें हाथ से बाहर हो रही हैं। इसलिए अब रेस्टोरेंट छोड़ देना चाहिए, लेकिन इससे पहले कि वो कुछ कर पाते पीछे से आए वेटर ने मेरे भाई को धारदार चाकू मार दिया। नंद को नीचे गिरते देख नवनीत ने वेटर व अन्य कर्मचारियों को धक्का मारकर पीछे किया और उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उस पर भी चाकू और रॉड से हमला कर दिया गया।”

जेनिफर के मुताबिक, चाकू लगने के बाद भी नंद ने उठने की कोशिश की, लेकिन उसे फिर से चाकू मार दिया गया। उसने कहा, “वे अर्ध बेहोशी की हालत में थे, जब करीम के कर्मचारियों ने उनका कॉलर पकड़कर रेस्टोरेंट से बाहर फेंक दिया। रेस्टोरेंट के बाहर तीन सीढ़ियाँ थीं, जिनसे वह नीचे गिर गया।” वे लोग किसी तरह घर पहुँचे, जिसके बाद नंद के परिजन उन दोनों को नजदीकी अस्पताल में ले गए, लेकिन घाव गहरा होने के कारण सर्जरी की जरूरत थी। इसके बाद वो उन दोनों को आरजी कर मेडिकल कॉलेज लेकर गए।

उसने आगे कहा, “अस्पताल के डॉक्टर ने खून को रोकने की कोशिश की, लेकिन धमनी फटने के कारण खून बंद ही नहीं हो रहा था। बाद में एक सर्जन ने एक घंटे में सर्जरी करके उसके खून को बंद किया। मेरे भाई को 13 टाँके लगे हैं। नवनीत को भी कई चोटें आईं और सिर पर दो कट लगे।”

पुलिस पर मदद नहीं करने का आरोप

जेनिफर ने कोलकाता पुलिस पर मदद नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि शुरुआत में उन्हें FIR दर्ज करवाने के लिए दर-दर भटकना पड़ा था। जेनिफर ने कहा, “उनका इलाज कराने के बाद FIR लिखवाने के लिए हम सभी बर्टोला पुलिस स्टेशन गए थे, लेकिन हमारे पहुँचने से पहले ही करीम का फोन थाने में आ चुका था। पुलिस अधिकारी ने हमें बताया कि करीम ने बताया है कि मेरे भाई और उसके दोस्तों ने लड़ाई की शुरुआत की थी। उसने यह भी आरोप लगाया कि मेरा भाई और उसके दोस्त शराब पी रहे थे।”

पीड़ितों के बयान पर ध्यान नहीं देने पर जब जेनिफर ने पुलिस अधिकारी से बात की तो उसने केवल उसे उसके भाई का ख्याल रखने के लिए कहा। जेनिफर ने शंका जाहिर करते हुए कहा कि पता नहीं पुलिस वाले मामले की सही तरीके से जाँच करेंगे भी या नहीं।

पुलिस द्वारा दर्ज FIR

इस केस में पुलिस ने जो FIR दर्ज की है उसकी कॉपी ऑपइंडिया को भी मिली है। इसके मुताबिक, जावेद अख्तर, आसिफ करीम सिद्दीकी, प्रदीप डे, परितोष कुमार मंडल, सुदीप पंत और अन्य को आरोपित बनाया गया है। एफआईआर में आईपीसी की धारा 326 और 114 के तहत केस दर्ज किया गया है। इसमें धारा 326 गैर-जमानती है।

FIR कॉपी

इसमें कुछ खास नहीं लिखा गया है। केवल इतना लिखा गया है कि आरोपित ने शिकायतकर्ता और उसके दोस्त को गंभीर रूप से घायल किया है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए जेनिफर रोने लगीं। हाल ही उसकी माँ की मौत हुई थी। उन्होंने कहा, “मैं इस बात से इनकार नहीं कर रही हूँ कि मेरे भाई ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया या जवाबी कार्रवाई की, लेकिन छोटी-छोटी बातों पर किसी पर हमला करना उचित नहीं है।”

PM मोदी का कार बदलना रूटीन प्रक्रिया, दाम 3 गुना ज्यादा बता रहे लिबरल: कभी सोनिया गाँधी करती थीं PM की कार का प्रयोग

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नई मर्सिडीज-बेन्ज ‘Maybachs’ कार को लेकर हंगामा मचाया जा रहा है और इसके दाम को भी बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया जा रहा है। ये ‘S650 Guard’ मॉडल की उच्च क्षमता वाली कार है, जिसमें VR10 स्तर का सुरक्षा कवच है। दुनिया की किसी भी कार में मौजूद ये सबसे अभेद सुरक्षा कवच है। सोशल मीडिया पर विपक्षी और वामपंथी ऐसे अफवाह फैला रहे हैं, जिअसे कि इस कार की खरीद कोई सुरक्षा अनिवार्यता न होकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘व्यक्तिगत अय्याशी’ हो।

इंटरनेट पर लिबरल गिरोह और कॉन्ग्रेस से सहानुभूति रखने वाले पत्रकार व कथित एक्टिविस्ट्स इसमें सबसे आगे हैं। ‘प्रसार भारती’ के पूर्व CEO और TMC सांसद जवाहर सरकार ने इस कार का दाम 12 करोड़ रुपया बताते हुए पीएम मोदी को ‘फ़क़ीर’ कह कर तंज कसा और लिखा कि वो हार के बावजूद इन सुविधाओं को नहीं छोड़ेंगे। अधिवक्ता प्रशांत भूषण भी इसमें पीछे नहीं रहे, जो हाल ही में कोरोना वैक्सीन और मास्क के खिलाफ अफवाह फैला कर कुख्यात बन चुके हैं।

जवाहर सरकार ने फैलाया झूठ

उन्होंने दवा किया कि इससे पहले रेन्ज रोवर और टोयोटा लैंड क्रूजर का उपयोग करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी कार को अपग्रेड कर लिया है। उन्होंने पीएम मोदी पर 8000 करोड़ रुपए का प्राइवेट जेट रखने और दिन भर में 4 बार डिजाइनर कपड़े पहनने के आरोप भी लगाए। गिरोह विशेष के कई अन्य लोगों ने भी ये झूठ फैलाया।

प्रशांत भूषण ने किए अजबोगरीब दावे

अब इस प्रोपेगंडा की पोल खोलने का समय आ गया है। असल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कार का दाम जितना बताया जा रहा है उसका एक तिहाई ही है। साथ ही SPG सिक्योरिटी डिटेल्स के बारे में भी बनाया गया, जिसमें पहले से तय किए गए नियम के अनुसार से काम किए जाते हैं। इसमें SPG हर 6 महीने में गाड़ी को बदल देती है, जिसकी सुरक्षा में वो लगी हो। लेकिन, पीएम मोदी के लिए पिछली कारण 8 वर्षों से प्रयोग में थीं। जब SPG सिक्योरिटी का ऑडिट हुआ तो समिति ने इस पर सवाल खड़ा करते हुए कार न बदले जाने पर आपत्ति जताई।

असल में इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए जिस कार का मुख्यतः उपयोग किया जा रहा था, उस मॉडल को बनाना BMW ने बंद कर दिया है, इसीलिए मर्सिडीज-बेन्ज का ‘Maybachs S650 Guard’ का लाया जाना एक अपग्रेड नहीं, बल्कि रूटीन प्रक्रिया है। ये निर्णय सुरक्षा देने वाली एजेंसी खतरे की स्तर को देखते हुए लेती है। इसमें प्रधानमंत्री की कोई व्यक्तिगत राय नहीं होती। साथ ही कार के सुरक्षा फीचर्स को लेकर सोशल मीडिया और मीडिया में चर्चा राष्ट्रहित में नहीं है, साथ ही ये उस व्यक्ति की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करने वाला भी है।

जहाँ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी व्यक्तिगत पसंद के लिए ये कार नहीं चुना है, हमें याद रखना चाहिए कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी को यूपीए काल में प्रधानमंत्री के लिए आने वाले रेन्ज रोवर कारों का प्रयोग करते हुए देखा गया था। पीएम मोदी के लिए नई कार का आना एक नियमित बदलाव है। ये फैसले पीएम नहीं, सुरक्षा एजेंसियाँ लेती हैं। इस पर उँगली उठाने वाले वही लोग हैं, जो सोनिया गाँधी द्वारा तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के लिए आई कार के इस्तेमाल पर चुप रहते हैं।

बेट द्वारका नहीं, शियाल बेट पर मुस्लिमों ने किया दावा, जजों के कृष्णनगरी कहने से हुआ भ्रम: बीजेपी सांसद ने बताया क्या है विवाद की जड़

भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका (Dwarka) में स्थित है बेट द्वारका (Bet Dwarka)। इसी को लेकर पिछले दिनों खबर आई थी कि बेट द्वारका के दो द्वीपों पर वक्फ बोर्ड ने दावा करते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। लेकिन, अब इस मामले में गुजरात के जामनगर से बीजेपी पूनमबेन मदान (Poonamben madan) ने स्पष्ट किया है कि वक्फ बोर्ड ने शियाल बेट पर दावा किया है न कि बेट (बेयत) द्वारका के दो द्वीपों पर। उन्होंने बताया कि शियाल बेट गुजरात में अमरेली तट से दूर एक द्वीप है, जहाँ केवल नाव से ही पहुँचा सकते हैं। यहाँ की आबादी 5,000 से कुछ ज्यादा है। आजादी के 70 साल बीतने के बाद 2016 में यहाँ बिजली मिली थी।

शियाल बेट पर पूर्वी छोर पर सवाई बेट एक चट्टानी द्वीप है, जो कि हाई टाईड आने पर अलग हो जाता है। इस आईलैंड पर सवाई पीर नामक एक पीर (मुस्लिम संत) का मकबरा है। मुस्लिम पक्ष ने इसी के लिए याचिका लगाई थी। स्थानीय समाचार रिपोर्ट के जरिए इस बात का खुलासा किया है कि हाई कोर्ट में एप्लीकेशन वक्फ बोर्ड ने नहीं, बल्कि एक निजी सुन्नी ट्रस्ट ने दायर की थी।

अमरेली जिले में शियाल बेट

बता दें कि शियाल बेट अमरेली जिले के अंतर्गत आती है, जबकि बेट द्वारका देवभूमि द्वारका जिले का हिस्सा है।

बीजेपी सांसद मदान ने गुजराती समाचार चैनल GSTV को बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने कानून मंत्री से बात की है। मदान के मुताबिक, शुरुआती तौर पर ऐसा प्रतीत होता है कि गुजरात हाई कोर्ट की पीठ ने सुनवाई करते हुए कृष्णनगरी शब्द का जिक्र किया था, जिसके कारण भ्रम की स्थिति उत्पन्न हुई। कृष्णनगरी संदर्भ के कारण लोगों ने इसे बेट द्वारका मान लिया। इस पर अभी भी भ्रम बरकरार है। बीजेपी सांसद ने कहा, “हम इस बात को लेकर चिंतित हैं। हम स्थिति पर नजर बनाएँ हुए हैं। मैं आपको विश्वास दिलाती हूँ कि हम श्री कृष्ण और उनके भक्तों के बेट द्वारका द्वीप पर किसी को दावा नहीं करेंगे।”

बेट द्वारका (बाएँ), शियाल बेट (दाएँ)

गौरतलब है कि हाल ही में दिव्य भास्कर ने रिपोर्ट किया था कि कोर्ट में दिए अपने आवेदन में दावा किया गया है कि बेट द्वारका द्वीप पर दो द्वीपों का स्वामित्व वक्फ बोर्ड के पास है। वक्फ बोर्ड के इस बेतुके दावे को सुनते ही गुजरात हाईकोर्ट ने इस पर अपनी असहमति व्यक्त की। कोर्ट ने कहा, “क्या आप जानते हैं कि आप क्या कह रहे हैं? वक्फ बोर्ड कृष्णानगरी में भूमि के स्वामित्व का दावा कैसे कर सकता है?” इसी के साथ कोर्ट ने वक्फ बोर्ड के आवेदन को सिरे से खारिज कर दिया था।

इस खबर के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों का गुस्सा देखने को मिला था। इसके बाद जामनगर की सांसद पूनमबेन मदान ने अब स्पष्टीकरण जारी किया है कि आवेदन अमरेली में शियाल बेट के लिए था न कि देवभूमि द्वारका में बेट द्वारका के लिए।

शाहबाज ने नाबालिग हिंदू लड़की को अगवा कर किया निकाह, फेसबुक पर पोस्ट की तस्वीरें: पूर्णिया में अब्बू-अम्मी समेत 4 पर FIR

बिहार के बाँका के बाद अब पूर्णिया से लव जिहाद का मामला सामने आया है। कसबा थाना क्षेत्र के गढ़नबेली की रहने वाली नाबालिग हिंदू लड़की करीब 10 दिनों से अपने घर से लापता है। उसी इलाके के एक मुस्लिम शख्स पर आरोप लगाया जा रहा है कि उसने नाबालिग लड़की (Minor Girl) को अपने प्रेम जाल में फँसाकर उसे अगवा (Kidnap) कर निकाह कर लिया है। लड़की के परिवार का कहना है कि आरोपित के अब्बा ने स्वीकार किया है कि उसका बेटा लड़की को भगाकर ले गया है। लड़की के पिता ने थाने में चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।

वहीं, लड़की की माँ का कहना है कि 19 दिसंबर को पड़ोस में रहने वाला मोहम्मद शाहबाज नाम का मुस्लिम युवक उसकी को भगा ले गया। लड़की की माँ का कहना है कि तब से उसकी बेटी का कुछ अता-पता नहीं है। उसकी बेटी नाबालिग है और उसकी उम्र लगभग 17 साल है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना के बाद से आरोपित का परिवार घर छोड़कर फरार हैं। आरोपित शाहबाज का फोन भी तब से बंद आ रहा है। हालाँकि, उसने लड़की के साथ अपने निकाह की एक फोटो फेसबुक पर पोस्ट की है। लड़की के भाई का कहना है कि उसकी बहन को भगाने के पीछे उसके पड़ोस में रहने वाली मुनिया खातून का हाथ है। वह पहले भी कई लड़कियों को अगवा कर बेच चुकी है।

प्राथमिकी में नाबालिग के पिता विजय कुमार शर्मा ने बताया कि 18 और 19 दिसंबर की रात करीब 4 बजे उनके बेटे की नींद खुली तो देखा कि मुख्य दरवाजे का ताला खुला था। कुछ देर पता चला कि उसकी छोटी बहना गायब है। परिवार के सदस्यों ने आसपास पूछताछ की तो पता चला कि कॉलोनी का शाहबाज भी लापता है।

पुलिस ने आरोपित शाहबाज, उसकी अम्मी, उसके अब्बा शमीम और पड़ोसी मुनिया खातून के खिलाफ आईपीसी की धारा 363 (अपहरण), 366 ए (शादी के लिए नाबालिग का अपहरण) और 34 (एक ही इरादे से विभिन्न लोगों द्वारा किया गया आपराधिक कृत्य) के तहत मामला दर्ज किया है।

‘शादी के लिए परिवार का दबाव नहीं’: अपने ‘बॉयफ्रेंड’ ज़हीर इक़बाल के साथ पार्टी मनाती दिखीं सोनाक्षी सिन्हा, चर्चा का बाजार गर्म

बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा (Sonakshi Sinha) और उनके कथित ‘बॉयफ्रेंड’ (Boyfriend) अभिनेता ज़हीर इक़बाल (Zaheer Iqbal) को लेकर मीडिया में चर्चाओं का बाजार गर्म है। बता दें कि 2022 में इन दोनों की फिल्म ‘Double XL’ भी रिलीज होने जा रही है, जिसमें हुमा कुरैशी ने भी अभिनय किया है। हाल ही में सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक तस्वीर में दोनों को एक पार्टी में साथ में मस्ती करते हुए देखा जा सकता है। ज़हीर इक़बाल ने इंस्टाग्राम पर इस तस्वीर को शेयर करते हुए ‘Decembering’ का कैप्शन लगाया।

इस तस्वीर में दोनों अपनी दो-दो उँगलियों को ऊपर कर के ‘विजय चिह्न’ दिखा रहे हैं और साथ ही एक आँख बंद कर के पोज दे रहे हैं। इस महीने की शुरुआत में सोनाक्षी सिन्हा ने ज़हीर इक़बाल को जन्मदिवस की बधाई भी दी थी। दोनों की तस्वीर साथ में शेयर करते हुए उन्होंने लिखा था, “एक ऐसी व्यक्ति को जन्मदिवस की शुभकामनाएँ, जो इस धरती पर सबसे ज्यादा परेशान करने वाले हो सकते हैं। इसके साथ ही वो सबसे अद्भुत व्यक्ति भी हो सकते हैं।”

साथ ही उन्होंने पूछा था कि ऐसा कैसे संभव है और ज़हीर इक़बाल से सवाल दागा था कि आखिर वो ऐसी कैसे हो सकते हैं? साथ ही उन्होंने ‘जन्म लेने के लिए’ ज़हीर इक़बालको धन्यवाद दिया। उन्होंने अभिनेता को ‘बेस्ट फ्रेंड’ भी करार दिया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए अहीर इक़बाल ने उन्हें भी ‘बेस्ट फ्रेंड’ लिखते हुए पूछा था कि क्या वो उन्हें अब आधिकारिक रूप से अपनी हीरोइन बोल सकते हैं? हाल ही में सोनाक्षी सिन्हा ने बताया था कि शादी को लेकर उन पर परिवार का कोई दबाव नहीं है और ये जब होना होगा, तभी होगा।

सोनाक्षी सिन्हा ने कहा था कि उनका परिवार ये देख कर खुश है कि वो अपनी काम में व्यस्त हैं और खुश हैं। उन्होंने कहा था कि वो अपने काम के मजे ले रही हैं। सोनाक्षी सिन्हा ने कहा था कि शादी करने से पहले उन्हें एक लड़का भी ढूँढ़ना होगा, यही सबसे मुख्य अनिवार्यता है। उन्होंने कहा था कि ऐसा नहीं है कि उनकी शादी कभी नहीं होगी, लेकिन वो इंडस्ट्री के बाहर के किसी लड़के को ही प्राथमिकता देंगी। उन्होंने कहा था कि ये बस प्राथमिकता होगी, नहीं हुआ तो नहीं हुआ।

एक इंटरव्यू में सोनाक्षी सिन्हा ने ज़हीर इक़बाल को अपना सबसे अच्छा दोस्त बताते हुए ‘नोटबुक (2019)’ फिल्म में उनके प्रदर्शन की सराहना की थी। उन्होंने अभिनेता को काफी प्रतिभावान बताते हुए उनके उज्जवल भविष्य की बात की थी और कहा था कि ‘Double XL’ उनकी डेब्यू फिल्म से काफी अलग होगी। दोनों ने अपने रिश्ते की पुष्टि तो नहीं की है, लेकिन मीडिया में चर्चा का बाजार गर्म है कि ज़हीर इक़बाल ही सोनाक्षी सिन्हा के नए बॉयफ्रेंड हैं।