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पहले कहते थे मंडियाँ खत्म हो जाएँगी, अब उसी में किसान जला रहे 100 किलो लहसुन: कृषि कानून होते तो नहीं आती ये नौबत, जानिए कैसे

मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक किसान ने अपनी 1 क्विंटल (100 किलो) लहसुन की फसल को आग के हवाले कर दिया। दावा है कि उसे उसकी मेहनत का उचित दाम नहीं मिल रहा था। मंदसौर कृषि उपज मंदिर में उसने इस घटना को अंजाम दिया। किसान ने बताया कि लहसुन की फसल करने में उसे ढाई लाख रुपए का खर्च आया था, लेकिन उसके बदले सिर्फ एक लाख ही मिल रहे थे। किसान ने कहा कि उसे सरकार से कुछ नहीं चाहिए, सिर्फ अपनी फसल का उचित दाम चाहिए।

यशोधर्मन पुलिस स्टेशन ने इस घटना की पुष्टि की है। पुलिस ने बताया कि फसल का उचित दाम न मिलने के कारण किसान नाराज़ था और उसने 1 क्विंटल लहसुन की फसल को आग के हवाले कर दिया। शुरुआती जाँच में पता चला है कि आसपास किसी को कुछ नुकसान नहीं पहुँचा है। क्या राकेश टिकैत, योगेंद्र यादव, गुरनाम सिंह चढ़ूनी, हन्नान मोल्लाह और दर्शन पाल जैसे किसान नेता बता सकते हैं कि मंडियों के होने के बावजूद उसी मंडी में फसल जलाने की नौबत क्यों आन पड़ी?

अगर कृषि कानून होते तो उक्त किसान को लहसुन की फसल करने के लिए मध्य प्रदेश के बाहर की किसी कंपनी का अनुबंध भी मिल सकता था, जो उसे फसल उपजाने के लिए धन और उपकरण भी देती। बाद में उसकी फसल को उचित दाम पर खरीद भी लेती। लेकिन, अफवाह फैलाई गई थी कि तीनों कृषि कानूनों से मंडियाँ ख़त्म हो जाएँगी, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं था। अब उसी मंडी में फसल जलाए जा रहे। लेकिन, 1 साल तक दिल्ली और आसपास के इलाकों को बंधक बना कर रखा गया।

केंद्र सरकार पर दबाव बना कर कृषि कानूनों को वापस कराने से किसानों को घाटा हुआ है। इसमें बदलाव के लिए सरकारी तैयार थी और कई दौर की बैठकें भी हुईं, लेकिन किसानों से बात नहीं बनी। असल में समस्या ये है कि किसानों की पहुँच बाजार तक नहीं है, खासकर बड़े बाजार तक। न ही उन्हें नए-नए फसलों की खेती के तौर-तरीकों के लिए उचित प्रशिक्षण और उपकरण उपलब्ध हैं। कृषि कानून होते तो अनुबंध करने वाली कंपनियाँ ही उन्हें सब कुछ उपलब्ध करा देती।

कृषि कानूनों से उपज के साथ-साथ उत्पाद भी बढ़ता। अब कृषि कानूनों के वापस लिए जाने के बावजूद आंदोलन थमने का नाम नहीं ले रहा है और ‘किसान नेता’ राकेश टिकैत नए-नए मुद्दे लेकर आ रहे हैं। लेकिन, कोई भी पार्टी अपने वोट नहीं गँवा देगी। किसानों की पहुँच तकनीक और बाजार तक नहीं होगी तो फसल का उचित दाम कैसे मिलेगा? सरकार आगे कोई भी कदम उठाने से पहले सौ बार सोचेगी कि कहीं फिर हालत न बिगड़ जाएँ। फसल बेचने के लिए और विकल्प मिले तो फायदा ही है न? न मिलें तो उसका परिणाम हम देख ही रहे हैं।

अमृतसर के बाद अब कपूरथला में सिख भीड़ ने मार डाला, ‘निशान साहिब’ की बेअदबी का आरोप: पुलिस की मौजूदगी में घटना

पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के बाद अब कपूरथला में सिख भीड़ ने एक व्यक्ति को गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी का आरोप लगा पीट-पीट कर मार डाला। अमृतसर वाली घटना के कुछ ही घंटों बाद रविवार (19 दिसंबर, 2021) को ये घटना हुई। रविवार की तड़के सुबह ही निजामपुर गाँव के लोगों ने उस व्यक्ति को पकड़ लिया था। सुबह के 4 बजे उसे पकड़ा गया। गाँव वालों का कहना था कि उसने ‘निशान साहिब (सिख ध्वज)’ की बेअदबी की है

इस मामले का वीडियो भी सामने आया था, जिसमें लोगों को उक्त व्यक्ति की पिटाई करते हुए देखा गया था। पुलिस की मौजूदगी में ये घटना हुई है। हाथ-पाँव बाँध कर उसे लाठी-डंडों से पीटा गया। सिख जत्थेबंदियों ने उसे बंधक बना कर रखा हुआ था। वहाँ भारी संख्या में पुलिस तैनात थी और सिख भीड़ के साथ उसकी झड़प भी हुई। पुलिस ने काफी देर तक मौत की पुष्टि नहीं की और श्रद्धालुओं के घायल होने की बात कही। हालाँकि, अब उसके मौत की खबर सामने आई है।

इससे पहले क्या मिली थी जानकारी

अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में बेअदबी की घटना और एक युवक की हत्या के 12 घंटों के भीतर कपूरथला जिले में स्थित गाँव निजामपुर में फिर से ऐसी ही घटना घटी। एक युवक ने निजामपुर के गुरुद्वारा में लगे निशान साहिब की बेअदबी का प्रयास किया। आरोपित युवक को गाँव की संगत ने पकड़ लिया। निजामपुर गुरुद्वारा में बेअदबी के आरोपित युवक को पकड़ने के बाद बहुत मारा गया। इसका वीडियो भी बनाया गया। भीड़ का कहना था कि वो आरोपित को पुलिस को नहीं सौंपेंगे।

निजामपुर के ग्रामीणों ने सिख संगठनों को इस मामले में बुलाया और उनके द्वारा ही फैसला करने की बात कही थी। निजामपुर गुरुद्वारा में लगे निशान साहिब की बेअदबी का आरोपित खुद को दिल्ली का बता रहा था। यह पूरी घटना रविवार सुबह 4 बजे की बताई जा रही है। आरोपित युवक गुरुद्वारे के निशान साहिब के ऊपर चढ़ कर कपड़ा खोल रहा था। जब वो नीचे उतरा तो गुरुद्वारा में नितनेम के लिए आई संगत ने उसे पकड़ लिया, उसके साथ मारपीट की।

पंजाब में CM चन्नी का चुनावी दाँव: बाइबिल की पढ़ाई के लिए यूनिवर्सिटी स्तर पर चेयर स्थापित करने की घोषणा, ईसाइयों की कब्रिस्तान के लिए देंगे जमीन

पंजाब में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए राज्य के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने ईसाइयों को बोर्ड में उचित प्रतिनिधित्व देने और राज्य में ईसा मसीह के नाम का चेयर स्थापित करने की घोषणा की है। यह एक स्टडी सेंटर होगा, जहाँ छात्र बाइबिल और ईसाईयत की शिक्षा ले सकेंगे। यह चेयर विश्वविद्यालय स्तर पर स्थापित होगा।

इस बात की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री चन्नी ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है, “ईसा मसीह की जयंती के अवसर पर राज्यस्तरीय एक कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी स्तर पर बाइबिल की पढ़ाई के लिए यूनिवर्सिटी लेवल पर चेयर स्थापित करने का फैसला लिया गया है। ईसाइयों के कब्रिस्तान की समस्या का भी निराकरण होगा। हर जिले में कम्युनिटी हॉल बनाए जाएँगे।”

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री कार्यक्रम स्थल पर दोपहर 12 बजे ही पहुँच गए थे, लेकिन दर्शकों की कुर्सियाँ खाली होने के चलते उन्होंने कुछ समय और लिया। तब तक उन्होंने सरकारी स्कूलों को चेक किया। लौट के आने पर कुछ और लोग जरूर जमा हुए, पर संख्या फिर भी उतनी नहीं थी, जो एक मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के लिए होनी चाहिए।

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, चंडीगढ़ के पंजाब भवन में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “जिन जिलों में कब्रिस्तान की समस्या थी, उनका समाधान कर दिया गया है। जहाँ समस्या बनी है, वहाँ भूमि उपलब्ध करवाई जाएगी। ईसाई वेलफेयर बोर्ड को 1 करोड़ रुपए की राशि भी दी गई। ईसाइयों को बिजली यूनिट में भी रियायत दी जाएगी।” मुख्यमंत्री चन्नी ने ये फैसले राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्रो. इमैनुएल नाहर के साथ बैठक के बाद लिए।

मुख्यमंत्री की तारीफ करते हुए पंजाब अल्पसंख्यक बोर्ड के अध्यक्ष इमैनुएल नाहर ने कहा, “आज़ादी के बाद पहली बार पंजाब के किसी मुख्यमंत्री ने ईसाइयों के हित में ऐसे कदम उठाए हैं। जीसस के नाम पर चेयर की हमारी काफी पुरानी माँग थी, जिसे मान लिया गया है। मुख्यमंत्री ने हमारी बाकी समस्याओं का भी समाधान कर दिया है। हम इसमें सहयोग करने वाले कैबिनेट मंत्री डॉ राजकुमार वेरका को भी धन्यवाद करते हैं।”

जम्मू-कश्मीर का सब-जज नौकरी से बर्खास्त: नौकरानी को धोखा दे शादी और दुष्कर्म का है दोषी, 10 साल सश्रम जेल भी

जम्मू-कश्मीर में नौकरानी से धोखे से शादी और रेप करने के दोषी निलंबित सब-जज राजेश कुमार अबरोल को शुक्रवार (17 दिसंबर 2021) को बर्खास्त कर दिया गया है। जम्मू-कश्मीर में न्यायपालिका के इतिहास में पहली बार इस तरह का मामला सामने आया था, जिसको लेकर उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा ने संविधान के अनुच्छेद-311 का उपयोग करते हुए इस मामले में कार्रवाई की। कानून एवं संसदीय मामलों के विभाग के सचिव की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अबरोल की सेवाएँ 21 अक्टूबर 2021 से समाप्त की मानी जाएँगी।

Bar And Bench की रिपोर्ट के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने वर्ष 2018 में कानूनी मदद माँगने वाली एक महिला के साथ बलात्कार करने और उसे धोखा देने के लिए राजेश अबरोल को रणबीर दंड संहिता (आरपीसी) की धारा 420 और 376 (2) (के) के तहत दोषी ठहराया था। अदालत ने 23 अक्टूबर को अबरोल को 10 साल के कठोर कारावास की सजा के अलावा उन पर 50,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया था।

क्या है मामला

अभियोजन पक्ष के अनुसार, दक्षिणी कश्मीर के रामबन की रहने वाली एक महिला ने जम्मू के राजेश अबरोल से मुलाकात कर उनसे कानूनी मदद माँगी थी। उस समय वह अपने पति के खिलाफ कोर्ट में तलाक का केस लड़ रही थी। अबरोल ने महिला को कानूनी मदद देने का वादा किया था। आरोपित ने महिला से कहा था कि वह घर में अकेला ​रहता है, इसलिए कानूनी मदद के बदले में वह उसके घर में घरेलू सहायक (नौकरानी) के रूप में काम करे, जिसके लिए वह 5,000 रुपए प्रति माह वेतन देगा। अबरोल ने महिला की बेटी की पढ़ाई का खर्चा भी उठाने का वादा किया था। इस दौरान आरोपित ने अपने सिक्योरिटी गार्ड को गवाह बनाकर नोटरी का एक डीड बनाकर महिला का उसके पति से तलाक करवा दिया था।

कुछ समय बाद जब महिला के माता-पिता उसे लेने आए तो अबरोल ने उसे अपने घर से जाने नहीं दिया। निलंबित सब जज ने उसकी माँग में सिंदूर भरकर कहा कि वह आज से उसकी पत्नी है। उसने महिला को बताया था कि वह सात वर्ष से अकेला रह रहा है। उसकी पत्नी से उसका अलगाव हो चुका है। उसने खुद को कानून का जानकार बताकर बताते हुए यह भी कहा था कि वह सभी कानूनी औपचारिकताएँ जानता है। इसके बाद उसके साथ दुष्कर्म भी किया।

पीड़िता का आरोप है कि घर में अपने दोस्त और पीएसओ के सामने एक पंडित को बुलाकर उसने शादी की। शादी के एक वर्ष बाद उसे पता चला कि राजेश दो बार पहले भी शादी कर चुका था। पहली पत्नी से उसका तलाक हो चुका था, जबकि उसकी दूसरी पत्नी अब भी उसकी कानूनन पत्नी है। यह पता चलने के बाद महिला ने 12 जनवरी 2018 को जानीपुर पुलिस स्टेशन में न्यायिक अधिकारी राजेश के खिलाफ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपित न्यायिक अधिकारी था, इसलिए उसकी शिकायत को एसएसपी जम्मू के पास भेजा गया। इसके बाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से अनुमति के बाद कार्रवाई शुरू की गई और उसे दोषी करार दिया गया।

छोटका अनवर पिस्टल से धमका रहा था, राँची की महिलाओं ने घेर कर मारते-मारते अधमरा कर दिया

झारखंड की राजधानी राँची के सदर थाना क्षेत्र के गढ़ाटोली में शुक्रवार (17 दिसंबर 2021) की सुबह हथियार के बल पर लूटपाट करने चार चोर (छोटका अनवर, बड़ा अनवर, रिंकू और फिरोज) आए। इसमें से एक को (छोटका अनवर) को वहाँ की स्थानीय महिलाओं ने घेर लिया और मार-मार कर अधमरा कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गढ़ाटोली में छोटका अनवर, बड़ा अनवर, रिंकू और फिरोज पिस्टल के दम पर घर लूटने और जमीन पर कब्जा करने आए थे। इसी दौरान वहाँ की स्थानीय महिलाओं ने चारों को घेर लिया। उनसे बचने के लिए छोटका अनवर ने हवाई फायरिंग कर दी, जिसके बाद वहाँ मौजूद महिलाओं के साथ अन्य लोगों ने अनवर को मार-मार कर अधमरा कर दिया।

छोटका अनवर के साथ वाले तीन अन्य चोर महिलाओं का गुस्सा देख कर वहाँ से फरार हो गए। थोड़ी देर के बाद गैंग के तीनों शख्स फिर गढ़ाटोली आए और अधमरे पड़े छोटका अनवर को उठा कर ले गए। उन्होंने स्थानीय लोगों को देख लेने की धमकी भी दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। उन्होंने घटनास्थल से पिस्टल भी बरामद किया है।

बता दें कि छोटका अनवर और उसके गैंग के लोगों से गढ़ाटोली के मोहल्ले वाले पिछले कई दिनों से परेशान थे। छोटका अनवर और उसका गैंग हर घर से रंगदारी की माँग कर रहा था। शुक्रवार की सुबह भी वो अपने गैंग के साथ जमीन पर कब्जा करने की नीयत से अवैध पिस्टल के साथ गढ़ाटोली पहुँचा था।

जमीन पर कब्जा के दौरान ही स्थानीय लोगों ने उसका जमकर विरोध किया, जिसके बाद अनवर ने हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाने का प्रयास किया। उसके बाद मोहल्ले की महिलाओं ने छोटका अनवर को घेर कर उसकी जमकर पिटाई की।

‘पत्नी नहीं खोलती है दरवाजा, रात भर बाहर खड़ा रखती है, बहन से अवैध सम्बन्ध के आरोप लगाती है’: HC ने पीड़ित पति को नहीं दिया तलाक

एक व्यक्ति अपनी पत्नी की ‘क्रूरता’ की बात करते हुए तलाक के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुँचा लेकिन उसे राहत नहीं मिली। पीड़ित पति ने कहा कि जब ऑफिस से आने में उसे देर हो जाती है तो उसकी पत्नी घर का दरवाजा तक नहीं खोलती, जिस कारण उसे बाहर ही सोना पड़ता है। हालाँकि, पंजाब एवं हरियाणा उच्च-न्यायालय ने कहा कि ये सब छोटी बातें हैं और क्रूरता की श्रेणी में नहीं आती। साथ ही टिप्पणी की कि दुर्व्यवहार एक पर्यापत और लंबे समय तक होना चाहिए, तभी मामला बनता है।

पीड़ित पति ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी उसके खिलाफ झूठे आरोप लगाती है और उसके कैरेक्टर पर सवाल खड़े करती है। जस्टिस ऋतू बहरी और जस्टिस करमजीत सिंह की खंडपीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। इससे पहले 24 दिसंबर, 2013 को ‘हिन्दू मैरिज एक्ट’ की धारा-13 के तहत क्रूरता और परित्याग के अंतर्गत तलाक की उसकी माँग को अस्वीकार कर दिया गया था। बता दें कि मतभेद होने के कारण पति-पत्नी अब अलग-अलग रह रहे हैं। पति ने बताया कि उसकी पत्नी उस पर उसकी बहन व ऑफिस की महिला सहकर्मियों के साथ अवैध सम्बन्ध के आरोप भी लगाती है।

उच्च-न्यायालय ने कहा, “क्रूरता की घटनाएँ उचित तारीख, समय और स्थान के साथ साबित की जानी चाहिए। साथ ही ये बताया जाना चाहिए कि किन हालात में किस तरह से ये घटनाएँ हुईं। हमारा विचार ये है कि बिना तारीख़-महीने बताए क्रूरता के सामान्य आरोप याचिकाकर्ता के पक्ष में मामला नहीं बनाते।” मई 2005 में उक्त व्यक्ति की शादी हुई थी और नवंबर 2007 में उनका एक बेटा हुआ। नवंबर 2009 से ही दोनों अलग-अलग रह रहे हैं।

हिसार के फैमिली कोर्ट ने उक्त व्यक्ति द्वारा दायर की गई तलाक की याचिका को रद्द कर दिया था। फैमिली कोर्ट के आदेश से व्यथित व्यक्ति ने इसके बाद उच्च-न्यायालय का रुख किया। याचिका में उसने बताया कि कैसे उसकी पत्नी रात भर दरवाजा नहीं खोलती थी और वो सुबह तक बाहर खड़ा रहता था। सम्बन्धियों, परिजनों और मित्रों की उपस्थिति में उसे बेइज्जत किया जाता था। व्यक्ति ने बताया कि उसे शराबी और व्यभिचारी बता कर उसकी पत्नी अपमानित करती है।

उसने दलील दी कि 12 वर्षों से दोनों अलग-अलग रह रहे हैं। जबकि महिला ने कहा कि 2009 में नवंबर 2009 में ही उसे ससुराल से निकाल दिया गया था और उसके बाद समझौते की कोई कोशिश किए बिना ही अगले दो महीनों के भीतर तलाक की याचिका दाखिल कर दी गई। महिला ने कहा कि उसके खिलाफ झूठे आरोप लगा कर उसका पति पीछा छुड़ाना पाना चाहता है। अदालत में याचिका ख़ारिज हो गई और कहा गया कि क्रूरता का आधार साबित करने के लिए यहाँ पर्याप्त कारण नहीं हैं।

रैनबैक्सी की मालकिन से ₹200 करोड़, नोरा फतेही की माँ को करोड़ों की लग्जरी कार: ठग सुकेश खुद को बताता था PMO ऑफिसर

मनी लॉन्ड्रिंग केस की जाँच में सुकेश चंद्रशेखर एक नए नटवरलाल के रूप में सामने आ रहा है। अपने कारनामों को अंजाम देने के लिए महाठग सुकेश खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में विशेष अधिकारी तक बता दिया करता था। ED की पूछताछ में सुकेश ने बताया है कि उसने अपने जाल में नामी दवा कम्पनी रैनबैक्सी के पूर्व मालिक शिविंदर की पत्नी अदिति को भी फँसा लिया था।

जून 2020 से मई 2021 के बीच उसने अदिति सिंह से लगभग 200 करोड़ रुपए की अवैध उगाही की थी। वह अदिति से टेलीग्राम और अदिति की बहन अरुंधति खन्ना से व्हाट्सएप पर चैट किया करता था। सुकेश ने अदिति से खुद का परिचय गृह सचिव के रूप में दिया था। तमाम अधिकारियों की अलग-अलग आवाज निकालने के लिए वह वॉइस एप का इस्तेमाल करता था। अदिति के पति शिविंदर साल 2017 से जेल में हैं। पैसे के बदले उसने अदिति को जमानत का भरोसा दिया था।

अदिति की बहन अरुंधति ने पूछताछ में ED को बताया कि सुकेश उन से अभिनव बन कर बात किया करता था। वह खुद को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में तैनात स्पेशल अधिकारी बताता था। उसने यह भी बताया था कि इनकम टैक्स विभाग, कानून विभाग और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) भी उसी के अधीन है। सुकेश ने बताया था कि उसे प्रधानमंत्री कार्यालय से विशिष्टि परिवारों के सम्पर्क में रहने का आदेश मिला है।

इस मामले में ED ने बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीस से भी पूछताछ की है। अपने बयान में सुकेश ने बताया है कि उसने जैकलीन की बहन को एक बीएमडब्ल्यू एक्स 5 (BMW X5) और खाते में $1,80,000 ट्रांसफर किए थे। यह बहन अमेरिका में रहती है, जिनका नाम गेराल्डिन (Geraldine) है। इसी के साथ सुकेश ने जैकलीन को गुची का जिम वेअर, गुची के जूते, रॉलैक्स की घड़ी, 15 जोड़ी इयररिंग्स, 5 बिरकिन बैग्स, मिनी कूपर कार, हर्म्स बैंगल्स और एली बैग्स जैसे महँगे गिफ्ट देने की बात कबूल की है। इनकी कीमत लगभग 7 करोड़ रुपए है।

एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चार्जशीट में बहरीन में रहने वाली जैकलीन की माँ को भी एक मसेराटी कार और एक पोर्श कार गिफ्ट की गई है। पोर्श की कीमत लगभग 1 लाख 80 हजार डॉलर है। हालाँकि, ED की पूछताछ में जैकलीन ने इन आरोपों को नकारा है। उन्होंने बताया है कि सिर्फ $1,50,000 उसकी बहन के खाते में भेजे गए हैं। सुकेश ने जैकलीन पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बॉलीवुड अभिनेत्री नोरा फतेही और सुकेश के बीच की चैट्स सामने आई है। इसमें दोनों किसी महँगी कार के बारे में बात कर रहे हैं। रेंज रोवर कार पसंद आई या नहीं के सुकेश के सवाल पर नोरा ने ‘हाँ’ में जवाब देते हुए कहा है, “रफ यूज के लिए एक बढ़िया है। यह खूबसूरत और स्टेटमेंट कार है”। जवाब के बाद सुकेश और ‘ऑप्शन’ देखने की बात लिखी थी। नोरा फ़तेही से ED ने इसी साल अक्टूबर में पूछताछ की थी। सुकेश फ़िलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि अभी बॉलीवुड से जुड़े कुछ और लोगों से पूछताछ हो सकती है।

केरल में BJP नेता रंजीत श्रीनिवास के घर में घुस कर हत्या, 24 घंटे में दो मर्डर के बाद अलाप्पुझा में कर्फ्यू

केरल के अलाप्पुझा जिले में रविवार (19 दिसंबर 2021) की सुबह भाजपा के नेता रंजीत श्रीनिवास की हत्या कर दी गई। 40 वर्षीय रंजीत श्रीनिवास (Ranjeet Srinivas) केरल में भाजपा के OBC मोर्चा के सचिव थे। वह ओबीसी मोर्चा के अलावे भाजपा प्रदेश समिति के सदस्य भी थे।

पेशे से वकील रंजीत श्रीनिवास वर्ष 2016 के केरल विधानसभा चुनाव में अलाप्पुझा सीट से भाजपा के उम्मीदवार थे। 24 घंटे के भीतर भाजपा और SDPI के 1-1 नेता की हत्या के कारण अलाप्पुझा जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए धारा 144 लगा दी गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रविवार की सुबह हमलावरों ने भाजपा नेता के घर में घुस कर उनकी हत्या कर दी। आपको बता दें कि केरल के अलाप्पुझा जिले में सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के प्रदेश सचिव केएस शान की एक अज्ञात गिरोह द्वारा हत्या किए जाने के एक दिन रंजीत श्रीनिवास की हत्या की गई है।

बताया जा रहा है कि शनिवार (18 दिसंबर 2021) को केएस शान बाइक से अपने घर जा रहे थे, तभी शाम करीब सात बजे मन्नानचेरी के पास एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। इससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। आनन-फानन में उन्हें कोच्चि के सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ रविवार तड़के 12.45 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया।

अमृतसर से 70 km दूर निजामपुर गुरुद्वारा में बेअदबी: भीड़ ने पकड़ा, मारा, वीडियो वायरल… पुलिस को नहीं सौंपने की बात

अमृतसर के स्वर्ण मंदिर में बेअदबी की घटना और एक युवक की हत्या के 12 घंटों के भीतर कपूरथला जिले में स्थित गाँव निजामपुर में फिर से ऐसी ही घटना घटी है। एक युवक ने निजामपुर के गुरुद्वारा में लगे निशान साहिब की बेअदबी का प्रयास किया। आरोपित युवक को गाँव की संगत ने पकड़ लिया है।

निजामपुर गुरुद्वारा में बेअदबी के आरोपित युवक को पकड़ने के बाद बहुत मारा गया है। इसका वीडियो भी बनाया गया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वहाँ की भीड़ का कहना है कि वो आरोपित को पुलिस को नहीं सौंपेंगे। निजामपुर के ग्रामीणों ने सिख संगठनों को इस मामले में बुलाया है और उनके द्वारा ही फैसला करने की बात कह रहे हैं।

निजामपुर गुरुद्वारा में लगे निशान साहिब की बेअदबी का आरोपित खुद को दिल्ली का बता रहा है। यह पूरी घटना रविवार सुबह 4 बजे की बताई जा रही है। आरोपित युवक गुरुद्वारे के निशान साहिब के ऊपर चढ़ कर कपड़ा खोल रहा था। जब वो नीचे उतरा तो गुरुद्वारा में नितनेम के लिए आई संगत ने उसे पकड़ लिया, उसके साथ मारपीट की।

निजामपुर गुरुद्वारा में बेअदबी का आरोपित युवक

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार आरोपित युवक ने बताया है कि गुरुद्वारे की बेअदबी के लिए उसके साथ उसकी बहन भी आई है। हालाँकि उसने अपना या अपनी बहन का नाम नहीं बताया। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार स्थानीय पुलिस आरोपित युवक को हिरासत में लेने की पुष्टि नहीं की है।

इससे पहले कल शाम (18 दिसंबर 2021) को पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी के आरोप में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। इस घटना (बेअदबी) पर सभी दल के नेताओं ने शोक जताया है। लेकिन किसी ने भी आरोपित की हत्या पर एक शब्द भी नहीं लिखा।

तोड़ डाली उँगलियाँ, सिर पर कड़े से वार… भीड़ माँग रही थी लाश: स्वर्ण मंदिर में बेअदबी पर CM चन्नी ने दिए जाँच के आदेश

पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी के आरोप में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। ‘दरबार साहिब’ की इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है। स्वर्ण मंदिर परिसर में हुई इस मॉब लिंचिंग को लेकर पुलिस का कहना है कि मृतक ने तलवार से गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी की कोशिश की थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मृत युवक मूल रूप से उत्तर प्रदेश का है। उसकी उम्र 25 वर्ष के आस पास बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि युवक वहाँ पहुँचने से पहले लगभग 1 घंटे तक लाइन में लगा रहा। इसके बाद वह तेजी से अंदर घुसा। घटना के बाद मौके पर मौजूद सेवादारों ने उसे पकड़ लिया। फिर वहाँ मौजूद कई लोगों ने उसे पीटा। जिसके पास जो था, उसने उसी से मारा। यह जानकारी वहाँ मौजूद बाबा बलजिंदर सिंह के हवाले से बताई जा रही है। बलजिंदर सिंह ने बताया:

“उसके पास से कोई कागज़ात नहीं मिला है। उसने अपने बारे में भी कुछ नहीं बताया। इसके बाद उसको कमरा नंबर 50 में ले जाया गया। यहाँ पर उसकी उँगलियाँ तोड़ डाली गईं। उसके सिर पर कड़े से वार किया गया। जब उसने उसी जगह दम तोड़ दिया, तब उसकी खून से लथपथ लाश वहाँ से हटा दी गई। मौके पर मौजूद तमाम नाराज लोग उसकी लाश माँग रहे थे। लाश को हटाया जा चुका था। उसकी लाश को न पाकर कई लोग नाराज भी हो रहे थे। उसने जो पाप किया था, उसकी सज़ा यही थी।”

अमर उजाला में प्रकाशित खबर के अनुसार एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि घटना की जगह कुछ यवक आरोपित को पुलिस के हवाले कर कानून से सजा दिलाने की बात कर रहे थे। हालाँकि वो भीड़ को अपनी बात मनवाने में कामयाब नहीं हुए।

बताया ये भी जा रहा है कि TV पर घटना का सीधा प्रसारण देख कर कई लोग अपने घरों से निकल कर स्वर्ण मंदिर पहुँच गए थे। थोड़ी ही देर में मंदिर के आगे भारी भीड़ जमा हो चुकी थी। पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने इस घटना पर दुःख प्रकट किया है। उन्होंने अधिकारियों को मामले की सघनता से जाँच कर के मामले की जड़ तक जाने के निर्देश दिए हैं। इसी के साथ उन्होंने SGPC के अध्यक्ष को फोन कर के सरकार के पूरे समर्थन और सहयोग का आश्वासन दिया।

नई दुनिया की रिपोर्ट के मुताबिक पंजाब के गृहमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के मुताबिक घटना ने पूरी मानवता को चोट पहुँचाई है। उनके अनुसार अगर व्यक्ति जीवित होता तो उसके मकसद की जानकारी हो पाती। इसी मामले में SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी के मुताबिक घटना का मुख्य उद्देश्य माहौल खराब करना था। उन्होंने कहा कि युवक बेअदबी के मकसद से ही अंदर घुसा था और उसने पवित्र तलवार भी उठाने की कोशिश की थी। अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत साहिब के मुताबिक ऐसी हरकत सहन नहीं की जाएगी। इसकी जाँच कर के दोषी को दंड मिले।

इस घटना पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने ट्वीट किया है, “दरबार साहिब में हुई बेअदबी की घटना बेहद दुखदायी है। सब लोग सदमे में हैं। ये बहुत बड़ी साज़िश हो सकती है। दोषियों को सख़्त से सख़्त सजा मिले।”

भाजपा के पंजाब प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने भी इस घटना पर दुःख प्रकट किया है। उन्होंने कहा है, “अमृतसर में श्री दरबार साहिब में जो बे-अदबी करने का प्रयास किया गया, मैं इस घटना की कड़ी निंदा करता हूँ। यह घटना अत्यंत निंदनीय है। इस घटना की पूरी जाँच होनी चाहिए।”

गौरतलब है कि इस से पहले भी किसान आंदोलन के दौरान सिंघु बॉर्डर पर एक दलित युवक लखबीर सिंह को गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी के आरोप में बेरहमी से मार डाला गया था। पंजाब के लखबीर को काफी देर तक मार कर लटकाया गया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपितों पर कार्रवाई भी की थी।