Home Blog Page 3134

‘तलवार से गुरु ग्रन्थ साहिब से छेड़छाड़ करना चाह रहा था युवक, कहासुनी में हुई मौत’: स्वर्ण मंदिर मॉब लिंचिंग पर पंजाब पुलिस

पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर परिसर में मॉब लिंचिंग को लेकर पुलिस का कहना है कि मृतक ने तलवार से गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी का प्रयास किया। डीसीपी परमिंदर सिंह भाण्डाल ने कहा कि 25 वर्षीय व्यक्ति स्वर्ण मंदिर में चला गया और जबरन उस जगह पर पहुँच गया जहाँ पवित्र पुस्तक गुरु ग्रन्थ साहिब रखी होती है। उन्होंने बताया कि उस व्यक्ति ने तलवार से गुरु ग्रन्थ साहिब के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की। उन्होंने बताया कि संगत के लोगों ने उसे बाहर निकाला।

डीसीपी ने कहा कि कहासुनी में उस व्यक्ति की मौत हो गई और उसके शव को सिविल हॉस्पिटल में भेजा गया है। बताया जा रहा है कि उक्त व्यक्ति की हत्या ‘शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (SGPC)’ के कर्मचारियों ने ही की है। एक कर्मचारी ने बताया कि उसने सोने की रेलिंग को पार कर के वहाँ रखी तलवार (सीरी साहिब) को उठा लिया और इसके बाद गॉर्डस और श्रद्धालुओं ने उसे पकड़ लिया। उक्त कर्मचारी ने कहा कि जो भी हुआ वो जल्दबाजी में हो गया।

जबकि पुलिस का कहना है कि SGPC मुख्यालय लाए जाने से पहले ही उक्त व्यक्ति की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि मौत कैसे हुई, इस सम्बन्ध में जाँच चल रही है। बता दें कि ‘रहरास साहिब (शाम की प्रार्थना)’ का लाइव प्रसारण एक प्राइवेट चैनल के जरिए दुनिया भर में होता है, इसीलिए ये घटना कैमरे में कैद हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि उस व्यक्ति से पहले लोगों से पूछताछ की और फिर व्हील चेयर में SGPC दफ्तर तक लाया गया और रास्ते भर उसकी पिटाई होती रही।

इसी बीच पुलिस को सूचना मिली और वो वहाँ पहुँची। बताया जा रहा है कि उसके पास कोई आईडी कार्ड नहीं था और पूछताछ में उसने अपने बारे में कुछ नहीं बताया SGPC अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने इस घटना पर आक्रोश जताया है। इसी बीच उस व्यक्ति को हिरासत में लेने के लिए कुछ सिखों ने धरना शुरू कर दिया। सिख एक्टिविस्ट विरोध प्रदर्शन में लग गए। तभी उसका शव आया। कुछ दिनों पहले एक व्यक्ति द्वारा गुरबाणी की पुस्तक को सरोवर में फेंकने की बात सामने आई थी।

स्वर्ण मंदिर परिसर में मॉब लिंचिंग: क्या है मामला?

पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी के आरोप में एक व्यक्ति की हत्या की बात सामने आई। ‘दरबार साहिब’ की इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए एक ट्विटर हैंडल ने वीडियो भी जारी किया है, जिसमें भीड़ को एक व्यक्ति को घेरे हुए देखा जा सकता है। उक्त व्यक्ति जमीन पर पड़ा हुआ है। इस दौरान वहाँ मौजूद सिखों की भीड़ कुछ धार्मिक नारे लगाते हुए भी नजर आ रही है। ‘Panther’ नामक ट्विटर हैंडल ने शेयर किया वीडियो:

पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने भी ‘न्यूज़ 18 पंजाबी’ का एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “ये अविश्वसनीय है। स्वर्ण मंदिर में एक व्यक्ति की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई, क्योंकि उस पर सिखों की पवित्र पुस्तक गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी (अपमान) का आरोप लगा था। पंजाबी में खबर में लिखा है ‘बेअदबी के मुल्जिम को भीड़ ने मार दिया।’ व्यथित करने वाले वीडियोज भी सामने आए हैं, जिसमें लोगों को भीड़ की इस करतूत के समर्थन में नारेबाजी करते हुए देखा जा सकता है।”

‘दैनिक भास्कर’ की खबर के अनुसार, मृत युवक उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। आरोप है कि उसने मंदिर में सचखंड साहिब के अंदर बने जंगले को पार कर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान का प्रयास किया और वहाँ रखी तलवार उठा ली। सेवादारों ने उसे पकड़ लिया और ‘शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (SGPC)’ को सौंप दिया। लेकिन, वहाँ मौजूद लोगों ने पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी। शनिवार (18 दिसंबर, 2021) की शाम को रहरास (शाम को आदिग्रन्थ का पाठ) के दौरान ये घटना हुई।

बता दें कि बीच में एक बाउंड्री बनाई गई है, जिसके पार पाती पाठ करते हैं। इस दौरान एक व्यक्ति मत्था टेकने की अपनी बारी आने पर उसे पार के आदिग्रन्थ तक पहुँच गया। कुछ लोगों का कहना है कि वो वहाँ रखे फूल उठा रहा था तो कुछ ने कहा कि वो तलवार उठा रहा था। प्रदर्शनकारी भीड़ उसकी लाश देखना चाहती है और इसके लिए धरना भी दिया गया। मृत युवक का शव पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया है। अमृतसर में घटना को लेकर तनाव है।

कई घरों और दुकानों पर हमला, गाड़ियों को किया आग के हवाले: पैगम्बर मुहम्मद पर पोस्ट वायरल होने के बाद महाराष्ट्र में हिंसा

महाराष्ट्र के यवतमाल जिला स्थित उमरखेड़ में पैगम्बर मुहम्मद पर एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर जबरदस्त हिंसा और आगजनी के वीडियो सामने आए हैं। शुक्रवार (17 दिसंबर, 2021) की शाम से ही इलाके में तनाव का माहौल है। कई घरों, दुकानों और गाड़ियों को तबाह कर दिया गया। पैगम्बर मुहम्मद पर वायरल एक सोशल मीडिया पोस्ट को ‘अपमानजनक’ बता कर ये सब किया गया। स्थानीय मराठी मीडिया संस्थानों ने इस घटना को कवर किया है।

कई कारों, दोपहिया वाहनों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों के अलावा कई घरों पर भी हमले किए गए। जम कर पत्थरबाजी भी हुई। यवतमाल जिले के उमरखेड़ में ये सब एक सोशल मीडिया पोस्ट के वायरल होने के बाद किया गया। इतना ही नहीं, बदमाशों ने घरों और दुकानों को आग के हवाले भी कर दिया, जिसके बाद अग्निशमन दस्ते को इलाके में भेजा गया।

एक सोशल मीडिया यूजर ने जानकारी दी है कि पत्थरबाजों ने एक नजदीकी पुलिस थाने को भी निशाना बनाया। साथ ही जानकारी दी कि हत्या की कोशिश भी की गई।

हालाँकि, जहाँ स्थानीय मीडिया में आगजनी और हिंसा के स्पष्ट कारणों का उल्लेख नहीं किया गया था, लेकिन आरोप लगे हैं कि पैगम्बर मुहम्मद को लेकर एक सोशल मीडिया पोस्ट वायरल होने के बाद ये घटना हुई। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने बताया कि इस्लाम मजहब के संस्थापक के ‘अपमान’ का आरोप लगा इस घटना को अंजाम दिया गया।।

कट्टरपंथियों ने सोशल मीडिया पर भी दी हत्या की धमकियाँ

कई स्थानीय मीडिया संस्थानों, जैसे कि RNN न्यूज, ABP माझा, ज़ी न्यूज़ मराठी और TV9 मराठी ने घटना के बारे में जानकारी दी और हिंसा की पुष्टि की। इन्हीं मीडिया संस्थानों के यूट्यूब चैनलों पर डाले गए वीडियोज के कमेंट सेक्शन में इस्लामी कट्टरपंथियों को भड़काऊ बातें करते हुए देखा जा सकता है।

‘फासिस्ट है भाजपा सरकार, कश्मीर है एक जेल: इमरान खान ने दी परमाणु युद्ध की धमकी, कहा – मुहम्मद को फॉलो करने वाला ही आगे बढ़ेगा

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक बार फिर भारत के खिलाफ ज़हर उगलते हुए परमाणु युद्ध की धमकी दी है। उन्होंने क़तर के मीडिया संस्थान ‘अल जज़ीरा’ को इंटरव्यू देते हुए ये गीदड़-भभकी दी। इस दौरान उन्होंने जम्मू कश्मीर की बात करते हुए वहाँ के लोगों की तथाकथित ‘पीड़ा’ का भी जिक्र किया। इमरान खान ने जम्मू कश्मीर को ‘भारत अधिकृत कश्मीर’ बताते हुए कहा कि 80 लाख कश्मीरी एक ‘खुले जेल’ में रहने को मजबूर किए जा रहे हैं।

इमरान खान ने भारत सरकार के लिए ‘फासिस्ट भाजपा सरकार’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया और कहा कि ये सरकार भारत और पूरे क्षेत्र के लिए घातक है। उन्होंने कहा कि उन्हें डर है कि भाजपा की नीतियों के कारण परमाणु युद्ध छिड़ सकता है। उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि भाजपा इतने होशियार लोगों के देश पर कैसे शासन कर रही है, जैसे कि हिन्दू।” उन्होंने अफगानिस्तान में ‘भूखमरी’ की बात करते हुए अमेरिका से उसे समर्थन देने की माँग की। साथ ही कहा कि अमेरिका दो दशक तक वहाँ किस उद्देश्य के लिए था, ये उनकी समझ से बाहर है।

इमरान खान ने कहा कि कोई कट्टर दिमाग ही ऐसा सोच सकता है, लेकिन डर है कि जब दो परमाणु शक्तियाँ आमने-सामने होंगी तो परिणाम भयावह होंगे। उन्होंने ये भी दावा किया कि अगर भारत कोई एयर स्ट्राइक करता है तो पाकिस्तान भी उसका जवाब उसी आक्रामकता के साथ देगा, जैसा कि फरवरी 2019 में किया गया था। उन्होंने इस्लामी देशों के साथ भारत के व्यक्तिगत संबंधों का रोना रोते हुए कहा कि उन्होंने कश्मीर मुद्दा हर जगह उठाया, लेकिन कोई उम्मीद नहीं है।

वहीं पाकिस्तान के आर्थिक संकट के सवाल पर उन्होंने भुट्टो और शरीफ परिवार को जिम्मेदार ठहरा दिया। इमरान खान ने दावा किया कि पाकिस्तान पहले संसाधनों के मामले में अमीर था, लेकिन दो अमीर परिवारों ने उसे गरीब बना दिया और उनकी सरकार इन्हीं दोनों के खिलाफ लड़ रही है। उन्होंने कहा कि वो हमेशा पश्चिमी राजनीति के आलोचक रहे हैं। बकौल इमरान खान, जो भी पैगम्बर मुहम्मद का मॉडल फॉलो करेगा, वो आगे बढ़ेगा। उन्होंने दावा किया कि मुहम्मद ने मानव जाति और उनकी प्रकृति को बदल दिया।

स्वर्ण मंदिर में यूपी के युवक की मॉब लिंचिंग, गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी का आरोप: अमृतसर में हत्या के समर्थन में नारेबाजी भी

पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर में गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी के आरोप में एक व्यक्ति की हत्या की बात सामने आ रही है। ‘दरबार साहिब’ की इस घटना के बारे में जानकारी देते हुए एक ट्विटर हैंडल ने वीडियो भी जारी किया है, जिसमें भीड़ को एक व्यक्ति को घेरे हुए देखा जा सकता है। उक्त व्यक्ति जमीन पर पड़ा हुआ है। इस दौरान वहाँ मौजूद सिखों की भीड़ कुछ धार्मिक नारे लगाते हुए भी नजर आ रही है। ‘Panther’ नामक ट्विटर हैंडल ने शेयर किया वीडियो:

पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने भी ‘न्यूज़ 18 पंजाबी’ का एक स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा, “ये अविश्वसनीय है। स्वर्ण मंदिर में एक व्यक्ति की भीड़ द्वारा हत्या कर दी गई, क्योंकि उस पर सिखों की पवित्र पुस्तक गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी (अपमान) का आरोप लगा था। पंजाबी में खबर में लिखा है ‘बेअदबी के मुल्जिम को भीड़ ने मार दिया।’ व्यथित करने वाले वीडियोज भी सामने आए हैं, जिसमें लोगों को भीड़ की इस करतूत के समर्थन में नारेबाजी करते हुए देखा जा सकता है।”

‘दैनिक भास्कर’ की खबर के अनुसार, मृत युवक उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। आरोप है कि उसने मंदिर में सचखंड साहिब के अंदर बने जंगले को पार कर श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान का प्रयास किया और वहाँ रखी तलवार उठा ली। सेवादारों ने उसे पकड़ लिया और ‘शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी (SGPC)’ को सौंप दिया। लेकिन, वहाँ मौजूद लोगों ने पीट-पीट कर उसकी हत्या कर दी। शनिवार (18 दिसंबर, 2021) की शाम को रहरास (शाम को आदिग्रन्थ का पाठ) के दौरान ये घटना हुई।

बता दें कि बीच में एक बाउंड्री बनाई गई है, जिसके पार पाती पाठ करते हैं। इस दौरान एक व्यक्ति मत्था टेकने की अपनी बारी आने पर उसे पार के आदिग्रन्थ तक पहुँच गया। कुछ लोगों का कहना है कि वो वहाँ रखे फूल उठा रहा था तो कुछ ने कहा कि वो तलवार उठा रहा था। प्रदर्शनकारी भीड़ उसकी लाश देखना चाहती है और इसके लिए धरना भी दिया गया। मृत युवक का शव पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया है। अमृतसर में घटना को लेकर तनाव है।

’18 साल की लड़की सेक्स कर सकती है तो फिर शादी क्यों नहीं?’: यूपी में ओवैसी ने पूछा – बालिग़ लोगों की मर्जी में रोक-टोक क्यों?

AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी ने मेरठ में एक जनसभा के दौरान पूछा है कि जब लड़कियाँ 18 की उम्र में सेक्स कर सकती हैं तो फिर शादी क्यों नहीं? बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने लड़कियों के लिए शादी की कानूनी उम्र को 18 से बढ़ा कर 21 कर दिया है। केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले पर कई लोगों ने सवाल भी खड़े किए हैं। इसी पर असदुद्दीन ओवैसी ने भी तंज कसा है।

उन्होंने कहा, “अब भाजपा कहेगी ओवैसी और मुसलमान महिलाओं के फायदे के लिए बात नहीं करते। मोदी जी, आप हमारे चाचा कब बने? चाचा बस बैठकर सवाल पूछते हैं, अब चाचा कह रहे हैं शादी मत करो।” बता दें कि 2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच ओवैसी मेरठ पहुँचे थे। इस दौरान भाजपा और पीएम मोदी उनके निशाने पर रहे। उन्होंने यूपी के 19% मुस्लिमों की बात करते हुए कहा कि उन्हें उन्हें राजनीतिक ताकत और नेतृत्व में भागीदारी की जरूरत है।

ओवैसी ने कहा कि इससे ही  हमारे युवाओं को सम्मान और शिक्षा मिल पाएगी, साथ ही अत्यााचार और भेदभाव पर लगाम लगाई जा सकेगी। ओवैसी ने मंच से मुस्लिमों से पूछा भी कि आखिर वो कब जागेंगे? उन्होंने लखीमपुर खीरी की घटना का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय कुमार मिश्रा ‘टेनी’ के बेटे ने 4 किसानों को मार डाला। उन्होंने दावा किया कि ब्राह्मण होने के कारण टेनी को पीएम मोदी मंत्रिमंडल से बरख़ास्त नहीं कर रहे, क्योंकि वो यूपी के ब्राह्मण समाज को नाराज़ नहीं करना चाहते।

उन्होंने ये आरोप भी लगा दिया कि प्रधानमंत्री मेरठ शहर में ट्रैफिक की समस्या आज तक हल नहीं कर पाए, ऐसे में वो गंगा एक्सप्रेसवे कैसे बनाएँगे? बता दें कि गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करते हुए पीएम मोदी ने शाहजहाँपुर में ‘UP + Yogi = उपयोगी’ का नारा दिया। यूपी में ओवैसी की पार्टी 100 विधानसभा सीटों पर ताल ठोक रही है। नौचंदी मैदान में अनुमति न मिलने के बाद उन्होंने बंबा बाईपास पर जनसभा की। ‘डेटा प्रोटेक्शन बिल’ पर उन्होंने कहा कि 18 की उम्र में डेटा का अधिकार है लेकिन शादी का नहीं?

सोशल मीडिया पर ओवैसी ने कहा, “महिलाओं के लिए शादी की न्यूनतम उम्र को 18 से बढ़ाकर 21 साल करने के प्रस्ताव को मोदी सरकार ने मंजूरी दे दी है। ऐसी पितृसत्तात्मकता मोदी सरकार की नीति बन चुकी, इससे बेहतर करने की उम्मीद भी हम सरकार से करना छोड़ चुके हैं। 18 साल के लोग क़ानूनी तौर पर अनुबंध पर हस्ताक्षर कर सकते हैं, कारोबार चला सकते हैं, चुनाव में प्रधानमंत्री, सांसद और विधायक चुन सकते हैं, लेकिन शादी नहीं कर सकते? 18 साल के उम्र में भारत के नागरिक यौन संबंध बना सकते हैं, बिना शादी के साथ रह सकते हैं, लेकिन शादी नहीं कर सकते?”

उन्होंने आगे लिखा, 18 साल के किसी भी मर्द और औरत को शादी करने का हक़ होना चाहिए। क़ानूनी तौर पर 18 साल की उम्र के लोगों को बालिग़ समझा जाता है, और उन्हें अपने निजी ज़िंदगी को अपनी मर्ज़ी से जीने का हक़ है। तो शादी के मामले में ऐसी रोक-टोक क्यों? बाल विवाह पर क़ानूनी प्रतिबंध होने के बावजूद, आँकड़े बताते हैं कि हर चौथी शादीशुदा महिला की शादी 18 की उम्र से पहले हुई थी। लेकिन बाल विवाह क़ानून के तहत सिर्फ़ 785 केस दर्ज हुए हैं। ज़ाहिर सी बात है कि क़ानून की वजह से बाल विवाह में कोई कमी नहीं आई है।

इस गाँव में ‘खूनी इंतकाम’ ले रहे बंदर, अब तक 250 कुत्तों को उतार दिया मौत के घाट: जानिए क्या है उनके गुस्से का कारण

महाराष्ट्र के बीड जिले के मजलगाँव से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ बंदरों और कुत्तों में खूनी जंग छिड़ी हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले महीने मजलगाँव में कुत्तों ने मिलकर बंदर के एक बच्चे को मार डाला था, जिसके बाद से यहाँ के बंदर खून का बदला खून से ले रहे हैं। खूनी इंतकाम में बंदरों ने अब तक 250 पिल्लों को मार डाला है।

बंदर कुत्तों के बच्चों को उठाकर किसी पेड़ या ऊँची इमारत पर चढ़ जाते हैं और फिर वहाँ से उसे फेंक देते हैं। वे ऐसा तब तक ऐसा करते हैं, जब तक वो मर नहीं जाता है। पिछले एक महीने में बंदरों ने करीब 250 कुत्तों को ऊँचाई से फेंककर मार डाला है।

गाँव के लोगों ने इस घटना को लेकर वन विभाग से संपर्क किया और उनसे बंदरों को पकड़ने का अनुरोध किया। रिपोर्ट के मुताबिक, वन विभाग के अधिकारी एक दिन आए, लेकिन वे यहाँ एक भी बंदर को पकड़ नहीं पाए और वापस लौट गए।

गाँव में रहने वाले सीताराम नायबल बताया कि करीब 15 दिन पहले एक बंदर उनके पिल्ला को भी उठा ले गया था। जैसे ही उनका पिल्ला चिल्लाने लगा नायबल उसे बचाने के दौड़े, लेकिन उसे बचाने में नायबल का पैर टूट गया और वह फिलहाल अस्पताल में अपना इलाज करा रहे हैं।

ग्रामीणों के मुताबिक, बंदर बदला ले रहे हैं। यह सब तब शुरू हुआ, जब कुछ कुत्तों ने मिलकर एक बंदर के बच्चे को मार डाला। इसके बाद से बंदरों में काफी गुस्सा है। उन्होंने एक-एक करके कुत्तों और उनके बच्चों को मारना शुरू कर दिया। स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि गाँव में शायद ही अब कोई कुत्ता बचा हो, लेकिन बंदर रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।

‘UP + Yogi = बहुत है उपयोगी’: PM मोदी ने कहा – पहले घर से निकलने में डरती थीं बहन-बेटियाँ, अब अपराधियों के लिए बुलडोजर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए UP + Yogi = उपयोगी नारा दिया। पीएम मोदी ने जनता से ‘UP + Yogi’ कहा तो जनता की तरफ से जवाब आया ‘उपयोगी’। मोदी ने बताया कि योगीराज के दौरान उत्तर प्रदेश में तमाम अपराधों पर लगाम लगी। इसी के साथ आम जनता में सुरक्षा की भावना भी बढ़ी। उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर में यह जनसभा 18 दिसम्बर (शनिवार) को गंगा एक्सप्रेसवे का शिलान्यास के दौरान आयोजित हुई थी।

इस सभा में PM मोदी ने पिछली सरकारों के समय ख़राब कानून व्यवस्था को याद दिलाया। उन्होंने कहा कि, ‘पहले व्यापारी और कारोबारी के घर से निकलते ही उनके परिवार वालों को चिंता होने लगती थी। उत्तर प्रदेश का गरीब दूसरे राज्यों में कमाने जाता था। किसी भी भी जमीन पर अवैध कब्ज़ा हो जाया करता था। सबको चिंता हुआ करती थी कि कब और कहाँ दंगे शुरू हो जाएँ। यहाँ तक कि आए दिन आगजनी और पलायन की भी खबरें आया करती थीं।’

इसके बाद मोदी ने योगीराज में हुए बदलाव के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि, ‘योगी आदित्यनाथ के शासन में बीते साढ़े 4 वर्ष में कानून व्यवस्था पटरी पर आई है। इसके लिए योगी ने बहुत मेहनत की है। आज अपराधियों के घरों और अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलता है। इस कार्रवाई पर तकलीफ सिर्फ उनको होती है जो अपराधियों को संरक्षण दिया करते थे। कभी बहन बेटियाँ घर से निकलने में डरा करती थीं। अब वो निर्भय हो कर कहीं भी आती-जाती हैं।’

प्रधानमंत्री ने भाजपा सरकार द्वारा गरीबों के हित में किए गए कार्यों को भी गिनाया। प्रधानमंत्री ने विकास से ऊपर वोटबैंक की चिंता करने वालों पर भी तंज कसा। उन्होंने बताया कि, ‘कुछ लोगों को विकास से बड़ी दिक्कत है। ये वही हैं जिनके समय में सूरज डूबते ही कट्टा लहराने वाले सड़कों पर आ जाया करते थे। उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेस वे और रेलवे के नेटवर्क का जाल बिछ रहा है। उत्तर प्रदेश तेजी से विकास कर रहा है। चोरी की गाड़ियों को मेरठ में कभी बेचा जाता था। योगी ने उस सोतीगंज नाम की बाजार पर कार्रवाई करवाई। अब उस बाजार में गलत काम बंद हो चुके हैं।’

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी जनसभा को सम्बोधित किया। उन्होंने प्रदेश सरकार की जनकल्याण की योजनाओं के बारे बताया। इसी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा काशी कॉरिडोर के कार्य को भी अब तक का अदुतीय काम बताया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा कॉरिडोर बनाने वाले श्रमिकों के सम्मान को भी प्रमुखता से बताया गया। योगी के मुताबिक आज़ादी के बाद देश ने ऐसा प्रधानमंत्री पहली बार देखा है।

‘कुछ भी हो सकता है’: दोनों बेटे CA-CS, फिर भी ऑटो चला कर अपनी कमाई से गीता बाँटते हैं भूपति देव दास, अनुपम खेर को सुनाया चंडी पाठ

मुंबई में बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर को भूपति देव दास नाम के एक ऑटो ड्राइवर मिले, जो श्रीमद्भगवद्गीता का ज्ञान भी बाँटते हैं। योग क्लास के लिए जा रहे अभिनेता उनसे खासे प्रभावित हुए और उनका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए इसे एक ‘असामान्य मुलाकात’ करार दिया। भूपति देवी दास इस वीडियो में बता रहे हैं कि उन्हें किसी संत ने श्रीमद्भगवद्गीता दान करने के लिए कहा था, लेकिन उनकी आमदनी इतनी नहीं है कि ये संभव हो पाए।

उन्होंने कहा कि वो ऑटो ड्राइवर हैं लेकिन अपनी आमदनी में से श्रीमद्भगवद्गीता बाँटने के लिए रुपए खर्च करते हैं। उन्होंने बताया कि उनके दो बेटे काफी पढ़े-लिखे हैं और उन्होंने भक्ति कर के ही उन दोनों को पढ़ाया है। जब अनुपम खेर ने पूछा कि क्या वो उन्हें पहचानते हैं, तो भूपति देव दास ने पीछे मुड़ कर देखा और ‘हरे कृष्णा’ कह कर उनका अभिनंदन किया। उन्होंने कहा, “ये तो मेरा नसीब है कि आप मेरे ऑटो में बैठ गए। परमात्मा की कृपा और आपलोगों के आशीर्वाद से उनके दोनों बेटे पहली बार में ही सीए-सीएस बन गए।”

उन्होंने कहा कि वो सभी से यही कहते हैं कि अगर वो मुस्लिम हैं तो कुरान पढ़ें और हिन्दू हैं तो श्रीमद्भगवद्गीता पढ़ें। उन्होंने कहा कि सिर्फ पढ़ना ही सब कुछ नहीं है, बल्कि उस पर अमल भी किया जाना चाहिए। ऑटो ड्राइवर भूपति देव दास का कहना है कि पढ़ना कठिन नहीं है, अमल करना कठिन है। उन्होंने कहा कि विद्वान भी कहते हैं कि जानता सब कोई है, मानता कोई नहीं। इसके बाद पूरे रास्ते वो चंडी पाठ करते रहे। योग सीखने जा रहे अनुपम खेर ने भी उन्हें धन्यवाद दिया।

500 से भी अधिक फिल्मों में काम कर चुके अनुपम खेर ने उनसे कहा, “मेरे अहोभाग्य हैं कि आपने मुझे चंडी पाठ सुनाया।” इसके बाद उन्होंने फिर से उनका नाम पूछा, जिसके जवाब में ऑटो ड्राइवर ने बताया कि पहले उनका नाम भूदेव था, लेकिन उनका नाम भी भूपति देव दास है और वो ‘हरे कृष्णा मंदिर’ से जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपने माथे पर त्रिपुण्ड चंदन भी लगा रखा था। अनुपम खेर ने उनसे साथ तस्वीर भी क्लिक करवाई। अंत में दोनों एक-दूसरे को नमस्कार कर अपने-अपने रास्ते चल निकले।

‘हम बहुत सहिष्णु हैं, मुनव्वर फारूकी और कुणाल कामरा का हैदराबाद में शो करने के लिए स्वागत है:’ केटीआर

तेलंगाना (Telangana) के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के बेटे और राज्य के नगर प्रशासन और शहरी विकास मंत्री केटी रामाराव (KT Rama Rao) ने विवादास्पद एवं कथित स्टैंडअप कॉमेडियन मुनव्वर फारूकी और कुणाल कामरा के बेंगलुरु में शो रद्द होने बाद उन्हें हैदराबाद आकर शो करने का निमंत्रण दिया है। रामाराव (केटीआर) ने कहा, “हम हैदराबाद में अभी कॉमेडियन्स का स्वागत करते हैं। वे यहाँ आकर परफॉर्मेंस दे सकते हैं। शो कर सकते हैं। राज्य सरकार बहुत सहिष्णु (very tolerant) है।”

केटीआर का एक वीडियो सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा, “हमारे शहर में स्टैंडअप कॉमेडियन को खुला निमंत्रण मिलता है। हम मुनव्वर फारूकी और कुणाल कामरा के शो सिर्फ इसलिए रद्द नहीं करते हैं, क्योंकि हम उनके साथ राजनीतिक रूप से जुड़े हुए नहीं हैं। इसलिए, हमारा हैदराबाद शहर, जो सभी संस्कृतियों का स्वागत करता है, आलोचनाओं का स्वागत करता है। आप यहाँ आ सकते हैं, सरकार की आलोचना कर सकते हैं। सच कहूँ तो हमें विपक्ष से हर रोज अपनी आलोचनाएँ सुननी पड़ती हैं, लेकिन टीआरएस सरकार विपक्ष के प्रति बहुत सहिष्णु है।”

मुख्यमंत्री के बेटे ने कहा, ”हैदराबाद उन सभी लोगों का स्वागत करता है, जो यहाँ आना चाहते हैं और इस शहर को अपना घर बनाना चाहते हैं।” उन्होंने कहा कि तेलंगाना की राजधानी वास्तव में एक ग्लोबल सिटी के रूप में तेजी से आगे बढ़ रही है।

बेंगलुरू में विवादित कॉमेडियन्स का शो रद्द किए जाने पर कर्नाटक सरकार पर तंज कसते हुए केटी रामाराव कहते हैं, “आप एक कॉस्मोपॉलिटन शहर होने का दावा करते हैं। फिर भी आप कॉमेडी को इतनी गंभीरता से लेते हैं। मैं इससे सहमत नहीं हूँ।”

बता दें कि हिंदू घृणा फैलाने वाला मुनव्वर फारूकी और कुणाल कामरा खासा विवादों में रह चुके हैं। देश भर में उनके कई शो कैंसिल हो चुके हैं। फारूकी दो बार कॉमेडी से रिटायरमेंट लेने की घोषणा भी कर चुके हैं। हालाँकि, दोनों बार वामपंथी और लिबरल लोगों का समर्थन प्राप्त होने के बाद वह कॉमेडी की दुनिया में वापस आ गए।

बेसहारा गायों को पकड़ गोकशी, फिर डेयरी की आड़ में करते थे गोमांस की तस्करी: दिल्ली पुलिस ने मुठभेड़ में शाहजहाँ को साथी सहित दबोचा

दिल्ली के रोहिणी क्षेत्र में दिल्ली पुलिस से हुई एक मुठभेड़ के दौरान 2 गौहत्यारों को दबोच लिया गया है। 17-18 दिसम्बर की रात में हुई मुठभेड़ में एक आरोपित शाहजहाँ के पैर में गोली लगी है, जबकि भागते हुए दूसरे आरोपित को पुलिस ने दबोच लिया। इन आरोपियों के पास से आधे दर्जन जीवित गौवंश बरामद किए गए हैं। दोनों आरोपी आवारा गोवंश को पकड़कर हत्या करने के बाद उसे बेचते थे। मुठभेड़ हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने इस अभियान को ऑपरेशन लंगड़ा नाम दिया है। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपितों के पास से बेहोशी के इंजेक्शन, गौकशी के औजार, एक पिस्टल, 2 जिंदा और 2 खाली कारतूस बरामद किए गए हैं। ललित मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बागपत का और शाहजहाँ मूलतः बिहार के दरभंगा का रहने वाला बताया जा रहा है।

DCP बिजेन्द्र कुमार यादव के मुताबिक, “पुलिस को रोहिणी सेक्टर 35 के जंगलों में पशुओं के अवैध कटान की सूचना मिली थी। जानकारी ये भी आई कि आरोपितों के पास हथियार भी हो सकते हैं। ऐसे में पुलिस की स्पेशल टीम ने घेराबंदी शुरू कर दी। सूचना सही पाई गई और घटनास्थल पर गाय और बछड़े बेहोशी की हालत में मिले। पुलिस ने जब आरोपितों को पकड़ने का प्रयास किया, तब उन्होंने पुलिस पर गोलियाँ चलानी शुरू कर दीं। आत्मरक्षा में पुलिस की तरफ से भी गोली चली, जो आरोपित शाहजहाँ के पैर में जा कर लगी।

घायल शाहजहाँ को अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहाँ उसे इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। वह लगभग 20 साल से दिल्ली के नरेला में रह रहा है। 8 साल पहले उसने गौकशी के काम को अंजाम देने के लिए डेयरी खोली थी। इसी के साथ उसने बेगमपुर के ललित को भी अपने साथ मिला लिया था। ललित भी पहले डेयरी के काम में था। फिर दोनों बेसहारा गायों को सड़क से उठाकर काटने का काम करने लगे। काटने से पहले वो गायों को बेहोशी का इंजेक्शन दिया करते थे। इसके बाद वो उन्हें वाहन में लाद कर सुनसान इलाकों में ले जाकर काट देते थे। शाहजहाँ साल 2015 में भी दिल्ली के अलीपुर थाने से गौकशी मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है।