फिल्मों में अक्सर देखा जाता है कि हीरो और हीरोइन की रियल आयु में बड़ा गैप देखने को मिलता है। ऐसा ही कुछ एक्टर अक्षय कुमार, धनुष और सारा अली खान की आगामी फिल्म ‘अतरंगी रे’ के लिए स्टार कास्टिंग के दौरान हुआ है। इसको लेकर सारा अली खान ने मनोरंजन वेबसाइट koimoi.com को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के दौरान कहा कि ‘एज गैप’ से उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि हम सभी अपना काम कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, एक्टर धनुष जहाँ सारा अली खान से 12 साल बड़े हैं तो वहीं स्टार अक्षय कुमार सारा अली खान से करीब 28 साल बड़े हैं। मतलब ये कि दोनों ही अभिनेताओं की वास्तविक उम्र एक्ट्रेस से कहीं अधिक है। इसको लेकर जब सारा अली खान से पूछा गया तो उन्होंने कहा, “फिल्म के सेट पर मेरी पसंदीदा चीजों में से एक ‘फर्क नहीं पड़ता’ है।
सारा ने कहा, “आप कौन हो, क्या हो। एक लाइटमैन से लेके, बूम दादा और निर्माता, निर्देशक, अभिनेता सब एक होते हैं। क्योंकि हम सब यहाँ वही काम करने के लिए हैं। जो फिल्म बना रहे हैं उसके लिए हम सभी अपना 100% दे रहे हैं।” सारा ने आगे कहा, “ऐसे वक्त में उम्र, लिंग से कोई फर्क नहीं पड़ता। वास्तव में कोई फर्क नहीं पड़ता। ऐसे वक्त में जो आप सोचते हैं कि अच्छी फिल्म बना रहे हैं तो आप सारा या अक्षय कुमार नहीं होते हैं। उस वक्त आप एक कैरेक्टर होते हैं। उस वक्त मैं रिंकू हूँ, अक्षय सर सज्जाद हैं, धनुष सर विशु हैं। बस यही हम हैं। यह जादू है। बाकी चीजों का कोई मतलब नहीं है।”
जब सारा से फिल्म के सेट पर अक्षय और धनुष के साथ हुई मुश्किलों के बारे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वो ‘कैमरा ऑफ’ करने के लिए कहती हैं। अभिनेत्री का मानना है कि यही एक समस्या होती है। क्योंकि आप हर उस व्यक्ति के साथ रोमांस नहीं कर सकते, जिसके साथ आप काम कर रहे होते हैं। सारा ने इसे बहुत ही सामान्य बताया है।
गौरतलब है कि ‘अतरंगी रे’ फिल्म इसी महीने क्रिसमस से एक दिन पहले सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इसे भूषण कुमार की टी-सीरीज, आनंद एल राय के कलर येलो प्रोडक्शंस और केप ऑफ गुड फिल्म्स द्वारा बनाया गया है। जबकि, फिल्म का निर्देशन राय ने किया है।
रूस में डिजाइन की गई AK-203 असॉल्ट राइफलों का निर्माण अब उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में होगा। वर्तमान में इंसास राइफल का इस्तेमाल सुरक्षाबल करते हैं। अब इनकी जगह AK-203 का प्रयोग किया जाएगा। सरकार ने 5 लाख राइफलों के निर्माण की मंजूरी दी है। इस कदम से ना सिर्फ भारत-रूस संबंधों में मजबूती आएगी, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी अभियान ‘मेक इन इंडिया’ को भी बल मिलेगा।
The government has approved the plan for the production of over five lakh AK-203 assault rifles at Korwa, Amethi UP.
This endeavour will be done in partnership with Russia and reflects the deepening partnership between the two countries in the defence sector. pic.twitter.com/ge2YsdZuCM
— Prasar Bharati News Services पी.बी.एन.एस. (@PBNS_India) December 4, 2021
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली सुरक्षा संबंधी कैबिनेट कमेटी ने इस निर्णय पर बुधवार (1 दिसम्बर 2021) को अंतिम मुहर लगा दी। इस परियोजना के लिए 5,100 करोड़ रुपये का बजट जारी कर दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन राइफलों का निर्माण अमेठी जिले के कोरवा गाँव में होगा। इस परियोजना से रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश का भारत के रक्षा निर्माण क्षेत्र में और कद बढ़ेगा।
यह प्रोजेक्ट भारत और रूस का साझा अभियान है और इंडो-रशियन राइफल्स प्राइवेट लिमिटेड (IRRPL) नाम की संयुक्त कंपनी इन राइफलों का निर्माण करेगी। इसमें रूस तकनीकी सहयोग प्रदान करेगा। पिछले महीने ही भारत के DAC (डिफेन्स एक्विजिशन काउंसिल) ने भारत में AK-203 राइफलों के निर्माण की अनुमति प्रदान कर दी थी। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की 6 दिसंबर को होने वाली आगामी भारत यात्रा में रक्षा संबंधी और बड़े फैसले लिए जाने की संभावना है।
AK-203 में कई खूबियाँ हैं। नई तकनीक पर आधारित इस राइफल का वजन 3.8 KG और लंबाई 705 MM है। इसे AK-47 का अपडेटेड वर्जन भी कहा जाता है। यह 300 मीटर तक दुश्मन को मार गिराने में सक्षम है। 7.62 X 39 MM कैलिबर वाली यह राइफल भारत के सुरक्षा बलों को आतंकवाद विरोधी व अन्य अभियानों और और अधिक मारक क्षमता प्रदान करेगी।
हॉलीवुड एक्टर, डायरेक्टर और लेखकर जॉर्ज क्लूनी ने द गार्जियन को एक इंटरव्यू दिया। इसमें खुलासा किया है कि एक बार उन्हें एक एयरलाइंस के एडवर्टाइजमेंट के लिए एक दिन के काम के लिए 35 मिलियन डॉलर (2,64,15,37,500 भारतीय रुपए = 264 करोड़ रुपए) की पेशकश की गई थी। लेकिन उन्होंने इसे सहजता से ठुकरा दिया था।
जॉर्ज क्लूनी ने बताया, “लेकिन मैंने इसके बारे में अमल (क्लूनी की पत्नी औऱ अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार वकील) से बात की और हमने फैसला किया कि यह सही नही है।” क्लूनी के मुताबिक, उनकी पत्नी ने यह फैसला एयरलाइन के एक ऐसे देश से जुड़े होने के कारण लिया था, जो कि सहयोगी होने के बाद भी कई बार संदिग्ध रहा है। दरअसल, क्लूनी ने यब बात गार्जियन के पत्रकार द्वारा पूछे गए उस सवाल के जबाव में कही, जिसमें उनसे ये पूछा गया था कि क्या वो कभी सोचते हैं, ‘मेरे पास अब पर्याप्त धन है।’
उल्लेखनीय है कि 60 वर्षीय क्लूनी ने 2014 में 43 वर्षीय अमल से शादी की और उनके दो जुड़वाँ बच्चे हैं। पहली एला और दूसरा अलेक्जेंडर। इनका जिनका जन्म जून 2017 में हुआ था। बच्चों की देखभाल को लेकर बात करते हुए क्लूनी ने कहा कि हफ्ते में चार दिन के लिए उनके पास एक आया होती है। क्योंकि वो दिन अमल के लिए काफी अहम होते हैं। लॉकडाउन के दौरान तो पूरे साल केवल हम ही थे।
60 वर्षीय अभिनेता का कहना था कि अगर यह (35 मिलियन डॉलर) उनकी एक मिनट के लिए भी नींद उड़ा देता है तो यह किसी काम का नहीं है। आपको बता दें कि मल्टी-टैलेंटेड स्टार की कुल संपत्ति वर्तमान में 500 मिलियन डॉलर (37,73,62,50,000 रुपए = 3773 करोड़ रुपए) है।
गौरतलब है कि क्लूनी की नई फिल्म ‘द टेंडर बार’ इसी महीने 17 दिसंबर को रिलीज होने जा रही है। जबकि अमेजन प्राइम पर यह 7 जनवरी 2022 को स्ट्रीम होगी। इसी को लेकर लंदन के एक होटल में प्रमोशनल पार्टी के दौरान क्लूनी ने द गार्जियन को ये इंटरव्यू दिया।
जॉर्ज क्लूनी से उलट बॉलीवुड कलाकार जैसे शाहरुख खान का ही उदाहरण लें तो ये लोग गुटखा खाके जुबाँ केसरी तक से भी परहेज नहीं करते हैं।
पाकिस्तान में एक व्यक्ति को भीड़ ने ज़िंदा जला कर मार डाला, क्योंकि उस पर इस्लाम मजहब के अपमान का आरोप था। मृतक की पहचान श्रीलंका के प्रियंथा कुमारा के रूप में हुई है। इस मामले में पाकिस्तान की पुलिस ने फरहान और तलका नाम के दो युवकों को गिरफ्तार किया। हत्यारों ने ऑन कैमरा भी अपने अपराध को कबूल किया है। ट्विटर पर पत्रकार हामिद मीर ने वीडियो शेयर किया है, जिसमें हत्यारे कहते दिख रहे हैं कि मृतक ने हुसैन लिखा हुआ कागज़ फाड़ कर फेंक दिया।
हत्यारों ने कहा, “हमने अपने साथियों से कहा कि ये गलत हुआ है। हमने अपने मैनेजमेंट से बात की। हम सब मिल कर इकट्ठे हुए और उस पर तेल डाल कर जला दिया। जो भी ऐसा करेगा, हमारे रसूल के नाम पर तो जान भी कुर्बान है। हमारे हदीस में लिखा है कि जो भी नबियों की शान में गुस्ताखी करेगा, उसका सिर तन से जुदा कर दिया जाएगा।” एक अन्य ने कहा, “मोहम्मद कलाम नाम है मेरा। फरहान, मोहम्मद फरहान। पेपर पर हुसैन लिखा था। उसने लेकर फाड़ दिया। फाड़ कर डस्टबिन में डाल दिया।”
हत्यारों ने कैमरा के सामने कहा, “हुसैन लिखे कागज़ को फाड़ कर कूड़ेदान में फेंकना हमसे बर्दाश्त नहीं हुआ। हमने उससे बात की है। वो कह रहे कि गलती हुई है। हमने कहा कि मैनेजर से बात करें। जो भी इसने किया है, गलत किया है। वो कह रहे हैं कि हम बात करते हैं आगे। अभी भी बात होनी है तब तक हमें काम नहीं करना। कहते हैं कि ठीक है। फिर हमने लड़के लिए हैं। और भी साथ आया। फिर हमने न उसको यहाँ पर जला दिया।” वीडियो वायरल होने पर लोग इस कृत्य की निंदा कर रहे हैं।
श्रीलंका के युवा एवं खेल मामलों के मंत्री नमन राजपक्षे ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान में कट्टरवादी भीड़ द्वारा प्रियंथा दियवदना की क्रूर हत्या समझ से परे है। उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के उस बयान का स्वागत किया, जिसमें उन्होंने दोषियों को सज़ा दिला कर न्याय की बात की है। राजपक्षे ने कहा कि हमें ये याद रखना चाहिए कि ये किसी के साथ भी हो सकता है, खासकर तब जब ऐसी कट्टरपंथी ताकतों को खुला छोड़ा जाए।
تحریک لبیک کے نعرے لگاتے ہوئے سری لنکن منیجر کو قتل کرنے کی ذمہ داری قبول کرنے والے سیالکوٹ کے نوجوان کو پنجاب پولیس نے گرفتار کر لیا ہے۔ pic.twitter.com/pnOGYMRSFB
बता दें कि नमन, श्रीलंका के प्रधानमंत्री और पूर्व राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे के बेटे हैं। श्रीलंकाई विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सुगीश्वर गुणर्था ने कहा कि पाकिस्तान सरकार को इस मामले में कार्रवाई करनी पड़ेगी। इसके बाद इमरान खान की सरकार ने दबाव में कार्रवाई शुरू की। पंजाब पुलिस की एक 10 सदस्यीय टीम को लगाया गया है, ताकि सभी आरोपितों की धर-पकड़ हो। 48 घंटे में पूरी रिपोर्ट आईजी को सौंपने को कहा गया है। CCTV फुटेज की मदद से सैकड़ों लोगों की पहचान हुई है।
याद दिलाते चलें कि सियालकोट में राजको इंडस्ट्रीज के GM, जो एक श्रीलंकाई थे, को फैक्ट्री के लोगों ने मार डाला और फिर जला डाला। GM ने कथित तौर पर पैगंबर (PBUH) के पोस्टर को फाड़ दिया और कूड़ेदान में फेंक दिया।” बता दें कि राजको कंपनी ने ही पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप टीम के लिए क्रिकेट जर्सी और गियर बनाया था। वीडियो में, गुस्साई भीड़ को ‘नारा ए तकबीर’ और ‘लब्बैक या रसूल अल्लाह’ के नारे लगाते हुए सुना जा सकता है।
कश्मीर में सुरक्षाबलों के आतंकवाद विरोधी अभियान पर कॉन्ग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने सवाल उठा दिया है। कश्मीर के राजौरी में शुक्रवार (3 दिसंबर) को बोलते हुए आजाद ने सैन्य अभियानों के दौरान सैनिकों को आम नागरिकों की जान बचाने की नसीहत दी। मुठभेड़ के दौरान नागरिकों की मौत को उन्होंने साँप-सीढ़ी जैसी स्थिति बताया है।
#WATCH | Non-militant/civilian killings fuel militancy & undo all the gains… Armymen are doing great work here in close cooperation with locals but they should avoid collateral damage during anti-terror operations: Congress leader Ghulam Nabi Azad in Rajouri, J&K (03.12) pic.twitter.com/yYxoDY5tyI
गुलाम नबी आज़ाद के मुताबिक, जब आम लोग मरते हैं तो उसी गुस्से में आतंकवाद और अधिक बढ़ता है। सैनिकों को हड़बड़ी नहीं दिखानी चाहिए। ये निश्चय न करें कि भाग रहे आतंकी को हर हाल में मारना ही है। जिस घर में आतंकी होते हैं, वहाँ जरूरी नहीं कि वह परिवार ने उन्हें शरण दिए हुए ही हो। बहुत कम मामलों में ही ऐसा होता है कि आतंकियों और घर वालों में साँठगाँठ हो। उन्होंने कहा कि भाग रहे आतंकी अकसर किसी बेगुनाह के घर में घुस जाते हैं। फिर सैनिक उस पूरे घर को उड़ा देते हैं, जिससे कुछ बेगुनाह भी मारे माते हैं। ऐसा होने से सेना की छवि पर गलत असर पड़ता है।
आजाद ने कहा, “आतंकवाद विरोधी अभियानों में हजारों सैनिकों की जान गई है। एक मुख्यमंत्री के तौर पर भी मैंने देखा है कि भागता हुआ आतंकी अक्सर खुले दरवाजे में घुस जाता है। उसे घरवालों के बारे में और घरवालों को उसके बारे में पता भी नहीं होता। मैं जब मुख्यमंत्री था, तब कहता था कि घर को घेर कर रखो। 2 दिन बाद निकलेगा तब मारना। किसी डॉक्टर ने नहीं कहा है कि उसे अभी मारना है। बाकी सुरक्षाबल अच्छा काम कर रहे हैं।”
दिल्ली के निजामुद्दीन थाना पुलिस ने एक 9 साल के बच्चे के ऊपर अश्लील फिल्म बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करने के आरोप में केस दर्ज किया है। ये बच्चा दिल्ली के एक नामी स्कूल का छात्र है, जिसने अपने पिता का फोन लेकर वीडियो वायरल की थी।
मीडिया में सामने आई जानकारी के मुताबिक, इस केस को अमेरिकी एनजीओ NCMEC (नेशनल सेंटर फॉर मिसिंग एंड एक्सप्लॉयटिड चिल्ड्रन) की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसके बाद इस केस में बच्चे से पूछताछ हुई। दक्षिण-पूर्व जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस संबंध में बताया कि आरोपित बच्चा दक्षिण दिल्ली के एक मशहूर स्कूल में पढ़ता है और वह बस 9 साल का है।
अधिकारी के मुताबिक, बच्चे ने सोशल मीडिया पर अश्लील वीडियो वायरल करने के लिए अपने पिता के मोबाइल फोन का इस्तेमाल किया था। इस काम के लिए पहले उसने ई-मेल आईडी बनाई और फिर उसे अपलोड किया। पुलिस का कहना है कि उन्हें ये बात अब तक समझ नहीं आ रही है कि आखिर बच्चे पर अश्लील वीडियो आई कहाँ से। रिपोर्ट्स के अनुसार, बच्चा के पिता कम पढ़े-लिखे थे, इसलिए वह इस स्थिति का फायदा उठाता था।
बता दें कि बच्चे के ख़िलाफ़ भारत में शिकायत देने वाली अमेरिकी एनजीओ सोशल मीडिया पर चाइल्ड पोर्नोग्राफी को लेकर नजर रखती है। और, जब कभी इस तरह का मामला सामने आता है तो वह संबंधित देश को बताती है। इस केस में भी पहले एनसीएमईसी ने बच्चे का मामला एनसीआरबी को बताया। फिर, एनसीआरबी ने ये जानकारी दिल्ली पुलिस को दी और अब दिल्ली पुलिस इस केस की जाँच कर रही है।
उल्लेखनीय है कि चाइल्ड पोर्नोग्राफी के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस भी ऑपरेशन ‘मासूम’ चला रही है। इसे स्पेशल सेल की साइबर क्राइम यूनिट और सभी जिला पुलिस के सहयोग से संचालित किया जा रहा है। विभिन्न थानों में अब तक इस संबंध में 100 से अधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। वहीं 97 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के निराला नगर में शुक्रवार (3 दिसंबर 2021) को पीलीभीत कोतवाली में तैनात सब-इंस्पेक्टर विनोद कुमार को आशीष शुक्ला नाम के व्यक्ति सहित कुछ लोगों ने पीट दिया था। इस मामले में यूपी पुलिस ने धर्मजीत पांडे नाम के एक ट्विटर यूजर को अफवाह ना फैलाने की चेतावनी दी है।
इस मामले में यूपी पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया, “03.12.21 को पीलीभीत में उप-निरीक्षक विनोद कुमार सरकारी कार्य के लिए लखनऊ आ रहे थे। मोटर साइकिल सवार को बचाने के चक्कर में उनकी गाड़ी सड़क पर खड़ी गाड़ी से टकरा गई, जिससे आरोपितों ने उनकी पिटाई कर दी। मामला दर्ज कर 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। कृपया झूठी अफवाहें न फैलाएँ।”
दि० 03.12.21 को सरकारी कार्य हेतु पीलीभीत में नियुक्त उ०नि० विनोद कुमार लखनऊ आ रहे थेI मो०सा० सवार को बचाने में सड़क पर पार्क वाहन से टक्कर होने पर अभियुक्तों द्वारा उनसे मारपीट की गईI मुकदमा पंजीकृत कर 04 अभियुक्त गिरफ्तारI कृपया भ्रामक अफवाह ना फैलाएंIhttps://t.co/IXQVCwcFz3https://t.co/W1hyJiyzgcpic.twitter.com/JmLO5JJi3j
इसके साथ ही यूपी पुलिस ने एक लिंक भी शेयर किया। इसमें पुलिस ने 3 दिसंबर की रात को हुई घटना के बारे में जानकारी दी है। इसमें नॉर्थ जोन की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त प्राची सिंह ने घटना के बारे में विस्तृत जानकारी दी है।
दरअसल, लखनऊ में एसआई को पीटने की घटना को लेकर हिंदी दैनिक ‘हिंदुस्तान’ ने एक रिपोर्ट छापी थी। रिपोर्ट को ट्विटर पर रिप्लाई करते हुए धरमजीत पांडे ने ट्वीट किया, “टक्कर दरोगा मार रहा है, गिरफ्तार आदमी को कर रहे हैं … ये है।” यूजर ने यूपी पुलिस को पक्षपाती होने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि निर्दोष व्यक्ति को फँसाने की कोशिश की जा रही हैं, क्योंकि घटना में पुलिस वाला शामिल था।
दरअसल, हुआ यह था कि उत्तर प्रदेश के लखनऊ में पुलिस अधिकारी विनोद कुमार को सार्वजनिक रूप से एक व्यक्ति द्वारा कई थप्पड़ मारते देखा गया। इस घटना का वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस वाले को थप्पड़ मारने वाले व्यक्ति सहित चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया।
27 सेकंड के वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि आरोपित आशीष शुक्ला वर्दी पहने पुलिस अधिकारी को कई लोगों की भीड़ के सामने ही दो थप्पड़ मार देता है। मारते वक्त शुक्ला को यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘पुलिसगीरी दिखाएगा’।
इस घटना के बारे में अधिक जानकारी देते हुए एसीपी (नॉर्थ जोन) प्राची सिंह ने एक वीडियो बाइट में कहा था कि पुलिस एसआई विनोद कुमार घटना वाले दिन अल्पसंख्यक आयोग के कार्यालय से लौट रहे थे। वह अपनी फोर व्हीलर से थे। जब वह निराला नगर पहुँचे तो अचानक एक बाइक उनके सामने आ गई और बाइक सवार को बचाने के चक्कर में एक होटल के सामने गलत ढंग से पार्क की गई कारों से उनकी गाड़ी टकरा गई। इसके बाद अचानक से पाँच लोग होटल से बाहर आए और पुलिसकर्मी के साथ मारपीट करने लगे। आरोपितों ने पुलिस अधिकारी से उसका कीमती सामान और मोबाइल फोन भी लूटने की कोशिश की। प्राची सिंह ने बताया कि एसआई विनोद कुमार की शिकायत के आधार पर आशीष शुक्ला, प्रियांक माथुर, प्रवेंद्र कुमार और प्रांजुल माथुर को गिरफ्तार किया गया है।
फिल्म निर्देशक विवेक रंजन अग्निहोत्री फ़िलहाल ‘राइट टू जस्टिस’ टूर पर निकले हुए हैं। इस दौरान वो अपनी आने वाली फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स’ के साथ-साथ देश-दुनिया को जम्मू कश्मीर में पंडितों के नरसंहार व उनके साथ हुई क्रूरता के बारे में भी बता रहे हैं। इसी क्रम में उन्होंने अमेरिका के लोकतंत्र का मंदिर कहे जाने वाले कैपिटल हिल में भी सम्बोधन दिया। ‘चॉकलेट (2005)’ और ‘द ताशकंद फाइल्स (2019)’ का निर्देशन कर चुके विवेक रंजन अग्निहोत्री इसके बाद ‘द दिल्ली फाइल्स’ का निर्देशन करेंगे।
अमेरिकी सरकार के स्थल कैपिटल हिल में सम्बोधन देते हुए विवेक रंजन अग्निहोत्री ने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में राजधानी को लोकतंत्र के मंदिर के रूप में देखा-समझा जाता है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र अमेरिका को बराबरी, स्वाधीनता और न्याय और स्वतंत्रता की धरती बताते हुए कहा कि हॉलीवुड फिल्मों ने इस बारे में पूरी दुनिया में अपने विचार फैलाए हैं। उन्होंने कहा कि ये सच है कि हम जब भी लोकतंत्र के बारे में सीखते हैं तो अमेरिकी तरीके से सीखते हैं और यूरोप का लोकतंत्र भी इससे ही प्रभावित है।
उन्होंने ध्यान दिलाया कि कैसे अमेरिकी कलाकार, नेता, प्रभावशाली लोग, राजनयिक और संगठन मानवता के बारे में काफी बातें करते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी भी हिस्से में मानवता के बारे में बात करने पर अमेरिकी नैरेटिव आगे रहता है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से हमने जब कश्मीरी पंडितों की व्यथा के बारे में वैश्विक मंच पर बात करना शुरू किया है, यहाँ भी अमेरिकी नैरेटिव हावी हो रहा है और यहाँ का मीडिया भारतीय नागरिकों को ये सिखाने की कोशिश कर रहा है कि मानवता क्या है।
विवेक अग्निहोत्री ने मानवता पर बात करते हुए बताया कि जब पश्चिमी दुनिया लोगों की हत्याएँ कर के राज्य के राज्य जीत रही थी और सभ्यताओं, संस्कृतियों को नष्ट कर रही थी, उससे हजारों वर्षों पहले भारत भूमि पर लोग शिव की पूजा करते थे। उन्होंने कहा कि शिव एकत्व का प्रतीक हैं, उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जब आप स्विट्जरलैंड में विश्व के सबसे बड़े पार्टिकल लैबोरेटरी में जाएँगे तो वहाँ बाहर आपको सबसे पहले तांडव कॉस्मिक नृत्य की मुद्रा में शिव की प्रतिमा दिखेगी।
उन्होंने इस दौरान एक महान वैज्ञानिक को उद्धृत करते हुए कहा कि शिव का नृत्य सभी के अस्तित्व के आधार का प्रतीक है। इस दौरान उन्होंने विज्ञान में जन्म-मरण और सृष्टि के निर्माण-विध्वंस को शिव के नृत्य से जोड़ते हुए बताया कि कैसे वैज्ञानिक भी मानते हैं कि आधुनिक फिजिक्स एकत्व में यकीन रखता है और बताता है कि पार्टिकल और कॉस्मॉस एक हैं। उन्होंने बताया कि इसकी खोज कश्मीर में हुई थी, शिव के एकत्व वाले विचार की खोज कश्मीर में हुई थी।
विवेक अग्निहोत्री ने बताया, “रमन महर्षि से जब पूछा गया कि दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करें, तो उन्होंने कहा कि कोई ‘दूसरा’ है ही नहीं। दुनिया में किसी भी अन्य सभ्यता ने ऐसा नहीं कहा कि कोई ‘अन्य’ है ही नहीं। पश्चिमी दुनिया में मानवता का विकास ‘दूसरे/अन्य’ पर आधारित है और यही पूर्व में भी फैला। कश्मीर में भी ऐसे ही वहाँ के निवासियों को ‘दूसरा’ समझा गया, जिसकी उन्हें सज़ा दी गई। मानवता अन्य जानवरों से अलग हैं, क्योंकि हमारे पास भाषा है। भाषा के बिना कुछ नहीं है, कोई विचार नहीं। भाषा साहित्य, संस्कृति, समझ और साहित्य से आता है।”
इसके बाद विवेक रंजन अग्निहोत्री ने बताया कि कैसे देश में तीन देवियों की पूजा की जाती है – दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती। इस दौरान उन्होंने बताया कि माँ सरस्वती कला, ज्ञान और साहित्य की देवी हैं, जिन्हें कश्मीर में शारदा कहते हैं। उन्होंने बताया कि कुछ महीने पहले जब वो कश्मीर में शूटिंग के लिए पहुँचे तो वहाँ उन्होंने पाया कि न कला है, न साहित्य है और न ही संगीत है। उन्होंने कहा कि आतंकियों ने सब कुछ तबाह कर दिया। यहाँ तक कि किसी ने एक सिनेमा हॉल खोलने की कोशिश की तो उस पर गोली चली। सैकड़ों लोग मरे और इसे बंद करना पड़ा।
विवेक अग्निहोत्री ने आगे बताया, “हमारी फिल्म में काम करने वाले युवक-युवतियों ने निवेदन किया कि उनके नाम सार्वजनिक न किए जाएँ। क्योंकि कला के साथ उनका नाम जुड़ते ही उन्हें मार डाला जाएगा। आज समावेश और शांति के विचार की बात करते हैं। मानवता के इतिहास में भारत एकमात्र ऐसी भूमि है जिसने 4 शांतप्रिय धर्म दिए- हिन्दू, बौद्ध, सिख और जैन। यहाँ आप ईश्वर में विश्वास करें या न करें, फिर भी हिन्दू हैं। आप ईश्वर को गाली देते हैं या हिन्दू धर्म से अलग सोचते हैं, फिर भी आप हिन्दू हैं। हम सहिष्णुता-असहिष्णुता नहीं, सीधा ‘कॉस्मिक स्वीकार्यता’ में विश्वास रखते हैं। ये एकत्व से आता है। उत्तर-दक्षिण, अमीर-गरीब ये सब नहीं।”
विवेक अग्निहोत्री ने इस दौरान उदाहरण दिया कि कैसे लकड़ी से अलग-अलग चीजें बनती हैं, लेकिन सबका स्रोत लकड़ी ही है। उन्होंने पूछा कि मानवता का स्रोत क्या है? उन्होंने कहा कि ये ‘अन्य/दूसरा’ वाला विचार तब आता है जब पश्चिमी दुनिया अपने राजनीतिक फायदे के लिए दुनिया को सिखाने निकलता है कि मानवता क्या है। उन्होंने समझाया कि कश्मीर दुनिया के लिए महत्वपूर्ण इसीलिए है, क्योंकि आजकल इसका नाम लेते आतंकवाद और सीमा विवाद की याद आती है, पश्चिमी लोग कहते हैं कि वहाँ नागरिक स्वतंत्रता नहीं है।
उन्होंने कहा कि कश्मीर सिर्फ राजनीति नहीं है, शिव-शारदा के अलावा योग, आयुर्वेद, अद्वैत – सब यहाँ फल-फूले। उन्होंने कहा कि जहाँ पश्चिमी मेडिकल विज्ञान मृत शरीर के काट-छाँट करने पर आधारित है, जबकि योग-आयुर्वेद का विकास जीवित शरीर का अध्ययन कर के हुआ। उन्होंने गणित से लेकर संगीत तक के अलावा दुनिया के सबसे ज्यादा अनुवाद किए जाने वाली पुस्तक के बारे में कहा कि वो बाइबिल नहीं, पंचतंत्र है। उन्होंने कश्मीर की तबाही को ज्ञान की तबाही करार दिया।
विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि कश्मीर सफलता की भी एक कहानी है। सहानुभूति पाकर पैसे इकट्ठा करना और राजनीतिक फायदे के लिए इसका इस्तेमाल करना कश्मीरियों या कश्मीरी पंडितों का काम नहीं है। उन्होंने कहा कि शांतिप्रिय कश्मीरी पंडितों ने शांति में विश्वास रखा और अपने बच्चों को शिक्षा दी। उन्होंने कहा कि कश्मीरी पंडितों ने कोई जवाबी हिंसा नहीं की, फिल्म बनाने के दौरान उन्हें उनका एक ‘हेट स्पीच’ तक नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मानवता की सबसे बड़ी ताकत है मुस्लिमों का सामना।
विवेक अग्निहोत्री ने अंत में कहा, “मैं लोगों को ये बताना चाहता था कि कश्मीर कितना महान है, मई राजनीति की बातें नहीं करना चाहता था। वो मीडिया के लिए है। ये मानवता की भूमि है, लेकिन चीन-पाकिस्तान की फंडिंग वाले आतंकवाद ने इसे तबाह कर दिया। कश्मीर को पश्चिमी दुनिया ने मनोरंजन स्थल बना रखा है, एक रियलिटी शो बना दिया है। हम हर जगह जाकर अपनी फिल्म और नैरेटिव बता रहे हैं। आशा है इससे लोगों को पता चलेगा कि कैसे ज्ञान और संस्कृति आपकी मदद करती है।”
उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक पार्टियाँ टीवी चैनलों पर डिबेट करते देखी जा सकती हैं। इसी क्रम में आज तक पर राष्ट्रवाद को लेकर डिबेट के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने कॉन्ग्रेस के नेता कन्हैया कुमार को राष्ट्रवाद का मतलब समझाया। साथ ही ये भी बताया कि ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे-इंशाल्लाह-इंशाल्लाह’ कहने वाले जेल जाएँगे।
डिबेट की शुरुआत ‘राष्ट्रवाद’ टॉपिक पर शुरू होती है। आज तक की एंकर चित्रा त्रिपाठी ने संबित पात्रा से राष्ट्रवाद पर सवाल किया, जिसके जबाव में पात्रा ने राष्ट्रवाद की व्याख्या करते हुए कहा:
“राष्ट्र को बाँधा नहीं जा सकता, राष्ट्र बिंदु है, किन्तु वो सिंधु है। राष्ट्र हिंदू है, राष्ट्र मत और व्योम है। इसलिए राष्ट्र को लेकर दो विचार कभी नहीं हो सकते हैं। अगर मेरे विचार अच्छे हैं तो मेरा राष्ट्र मेरी माँ है। अगर विचारों में कहीं खोट है तो राष्ट्र माँ नहीं हो सकती।”
इसके बाद “राष्ट्रवाद क्या है” के सवाल पर संबित पात्रा ने कहा, “राष्ट्र को माँ और जननी मानना, राष्ट्र ने मुझे जन्म दिया है। इस कारण से ये जीवन राष्ट्र को समर्पित है और मैं राष्ट्र के लिए कुछ भी कर सकता हूँ। राष्ट्र के लिए मैं बलिदान दे सकता हूँ। यही राष्ट्रवाद है।”
चित्रा त्रिपाठी ने कॉन्ग्रेस के प्रवक्ता कन्हैया कुमार से पूछा कि उन्हें बीजेपी के राष्ट्रवाद से क्या दिक्कत है? इस पर कन्हैया का कहना था कि ये देश है, इसे आप चाहे राष्ट्र कहो या कंट्री कहो। ये देश संविधान से चलेगा और संविधान एक सोशल कॉन्ट्रैक्ट से चलेगा। कन्हैया ने आरोप लगाया कि राष्ट्र का नाम लेकर बीजेपी वाले अपनी खुद की जेबें भरते हैं और इसी कारण इन्हें (संबित पात्रा) भारतीय पर्यटन विकास निगम (ITDC) का चेयरमैन बनाया गया है। कन्हैया ने कहा, “बीजेपी का राष्ट्रवाद केवल व्यक्तिवाद है, जिससे मुझे दिक्कत है। हम समूहवाद में भरोसा करते हैं।”
कन्हैया ने इसके बाद संबित पात्रा से उनके क्वॉलिफिकेशन को लेकर भी व्यक्तिगत टिप्पणी कर दी। इसके बाद संबित पात्रा ने कहा, “हाँ मैं आईटीडीसी का चेयरमैन बना हूँ।” हालाँकि बीच में टोकते हुए कन्हैया ने कहा कि ये कौन सा कोहिनूर हैं कि इन्हें टूरिज्म डिपार्टमेंट का चेयरमैन बनाया गया है? कई बार मना करने के बाद भी कन्हैया कुमार सामान्य शिष्टाचार को किनारे रख चिल्लाते रहे। काफी देर तक व्यक्तिगत टिप्पणियाँ करने के बाद जब कॉन्ग्रेस नेता शांत हुए तो संबित पात्रा ने कहा,
“मैं आईटीडीसी का चेयरमैन बना। मुझसे पहले शंकर सिंह बाघेला थे और मैं उनसे अधिक पढ़ा-लिखा हूँ। मैंने एमबीबीएस, एमएस, एमआरसीएस की पढ़ाई की है। 2000 में यूपीएससी की परीक्षा में देशभर में 19वाँ रैंक हासिल किया था। उस वक्त यूपीए का शासन काल था, बीजेपी ने मुझे यूपीएससी में नहीं घुसा दिया था।”
इसके बाद संबित पात्रा ने सवाल किया कि अगर लोगों की नजर में डॉक्टर पढ़ा-लिखा नहीं होता तो सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी कितने पढ़े-लिखे हैं। क्या वो देश के प्रधानमंत्री बनने के लायक हैं। इस पूरी बातचीत को आप ऊपर के यूट्यूब वीडियो में देख सकते हैं। समय कम हो तो 4 मिनट से लेकर 9 मिनट तक केवल मुख्य बातों के लिए सुना जा सकता है।
कन्हैया कुमार को आइना दिखाते हुए पात्रा ने कहा, “संविधान में राष्ट्रवाद नहीं है, इसलिए कोई ‘भारत तेरे टुकड़े होंगे’ कहेगा तो वो जेल जाएँगे और चक्की भी पीसेंगे। बाहर से 5 लाख मुस्लिम लाकर नॉर्थ ईस्ट के टकड़े करने की बात करेंगे तो शरजील इमाम जेल जाएगा ही।”
इंग्लैंड के मैन्चेस्टर सिटी सेंटर में एक पार्टी के दौरान युवती से रेप करने वाले इब्राहिम इगुनबंबी (Ibraheem Egunbambi) नामक 29 वर्षीय शख्स को साढ़े 4 साल की सजा सुनाई गई है। अजीब बात ये है कि घटना के समय 21 वर्षीय पीड़िता को लगा था कि वो अपने दोस्त के साथ सेक्स कर रही है। बाद में पता चला कि वो इब्राहिम है।
मैन्चेस्टर क्राउन कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान बताया गया कि लड़की मॉस्टन में पार्टी करने अपने दोस्त के साथ गई थी। वहीं पर इब्राहिम भी था जिसने उसे चूमने की कोशिश की, पर लड़की को उसका दोस्त अच्छा लगा। वह उसके साथ सेक्स करना चाहती थी।
जब ऐसी स्थिति में दोनों अंधेरे कमरे में गए तो लड़की यही मान रही थी कि उसके साथ उसका दोस्त है। लेकिन हकीकत में वहाँ इब्राहिम आ चुका था, जिसने अपनी पहचान छिपाकर उसके साथ रेप किया। हालाँकि, थोड़ी ही देर में लड़की समझ गई थी कि वो जिसके साथ है वह उसका दोस्त नहीं है।
संदेह दूर करने के लिए लड़की ने फौरन कमरे की लाइट जलाई और देखा कि उसके साथ इब्राहिम था। पीड़िता घटना के बाद फौरन उस घर से निकल गई। बाद में पुलिस को इस संबंध में सूचित किया।
जब मामला कोर्ट पहुँचा को आरोपित ने इसे केवल ‘फन (just a bit of fun)’ के तौर पर पेश किया लेकिन कोर्ट ने उसे बलात्कार का दोषी पाया। जज पैट्रिक फील्ड ने कहा कि ये सिर्फ कोई मजाक नहीं था। ये घटिया, अपमानजनक और महिला की इच्छा का उल्लंघन था।
अब मैन्चेस्टर से इकोनॉमिक्स में ग्रैजुएट इब्राहिम को कोर्ट ने साढ़े 4 साल की सजा सुनाई है। ये पूरा मामला दिसंबर 2018 का है। कोर्ट ने इस केस में ‘अकॉउंटेंट’ इब्राहिम को दोषी करार देते हुए कहा, “तुम जानते थे कि उसका मन तुम्हारे साथ सेक्स करने का नहीं है। लेकिन जब उसका मुँह दीवार की ओर था तुम पीछे से बिस्तर पर आए। उसे लगा कि वो अपने दोस्त के साथ ही है। मगर जैसे ही उसे एहसास हुआ कि वो इगुनबंबी है, उसने रुकने को कहा और तुम रुके।” कोर्ट ने इब्राहिम को सजा सुनाई और साथ ही इस कृत्य को एक ‘मजाक’ बताने के लिए फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि इससे संदेश जाएगा कि वो ऐसा व्यवहार बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेंगे।