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‘तुम्हें यहाँ नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं’: UK में शिक्षक ने ठंड में मुस्लिम छात्रों को कक्षा से बाहर निकाला, माँगनी पड़ी माफ़ी

ठंड के मौसम में खुले मैदान में नमाज अदा करते मुस्लिम छात्रों का वीडियो वायरल होने के ​बाद इस्लामी संगठनों में काफी आक्रोश है। हालाँकि, मामला तूल पकड़ने के बाद स्कूल ने माफी माँग ली है। यह वीडियो यूनाइटेड किंगडम के ओल्डम एकेडमी नॉर्थ का है, जिसमें 8 मु​स्लिम छात्र शिक्षक द्वारा कक्षा से बाहर निकाले जाने के बाद बाहर ठंड में नमाज अदा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

आप देख सकते हैं कि स्कूल के परिसर में ये छात्र फर्श पर घुटने के बल सिर झुकाए हुए दिखाई दे रहे हैं, जबकि स्टाफ का एक सदस्य हाई-विज जैकेट पहने हुए उन्हें देख रहा है। ब्लेजर और स्कूल के जूते पहने हुए ये छात्र नमाज पढ़ने के बाद जल्दी से खड़े हो जाते हैं और अपना बैग उठाना शुरू कर देते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को देखने के बाद यूजर्स ने इसे परेशान करने वाला और घृणित बताया है। ग्रेटर मैनचेस्टर के स्कूल ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि बाढ़ के कारण स्कूल की 15 कक्षाओं में पानी भर गया था। इसकी वजह से छात्र स्कूल के अंदर बच्चे नमाज अदा नहीं कर पाए।

वहीं, स्कूल के एक पूर्व छात्र ने ‘द ओल्डम टाइम्स’ को बताया कि छात्र कक्षा में लंच ब्रेक के दौरान नमाज पढ़ रहे थे, तभी एक शिक्षक ने उनसे बाहर जाकर नमाज अदा करने के लिए कहा। उसने बताया कि छात्रों के पास ठंड में बाहर नमाज अदा करने के अलावा अन्य कोई विकल्प नहीं था, क्योंकि स्कूल वालों ने उन्हें नमाज अदा करने वाले कमरे में जाने अनुमति नहीं दी थी। ‘एशियन इमेज’ के अनुसार, बाहर नमाज पढ़ने वालों छात्रों में से एक ने कहा कि एक शिक्षक ने हमें उस कमरे में नमाज करने पढ़ने की इजाजत नहीं दी।

छात्र ने कहा, “हम शुक्रवार को कमरे के अंदर जुम्मे की नमाज पढ़ रहे थे, तभी वह शिक्षक आकर हमें कहता है कि तुम्हें यहाँ नमाज पढ़ने की इजाजत नहीं है और गुस्से में दरवाजा पटक दिया।” उसने बताया कि हमारे पास पहले से एक प्रार्थना कक्ष है, लेकिन शिक्षक हमें वहाँ जाने की अनुमति देते हैं।

ओल्डम काउंसिल के नेता अरोज शाह ने कहा, “जब हमें ओल्डम एकेडमी नॉर्थ की घटना के बारे में बताया गया, तो हमने स्कूल से संपर्क किया, ता​कि यह जान सकें कि पूरा मामला क्या है।” स्कूल के स्टाफ और अधिकारियों के साथ बात करने के बाद उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि स्कूल वालों ने उन छात्रों और उनके माता-पिता से माफी माँग ली, जो ठंड में बहार नमाज अदा कर रहे थे। शाह ने कहा कि हम इस मामले की उचित जाँच के लिए स्कूल के संपर्क में रहेंगे।

‘देहांत के बाद महापुरुष बना दिया जाता है, ये हमारे देश का पाखंड’: वाजपेयी के निधन पर बोले थे विनोद दुआ, शेयर हो रहा वीडियो

पत्रकार विनोद दुआ का शनिवार (4 दिसंबर, 2021) को निधन हो गया। उनकी बेटी कॉमेडियन मल्लिका दुआ ने इंस्टाग्राम के माध्यम से जानकारी देते हुए उन्हें एक असाधारण पिता बताया। विनोद दुआ को दूरदर्शन पर एक फूड शो से पहचान मिली थी। वो कई वामपंथी पोर्टलों के माध्यम से अक्सर मोदी सरकार पर निशाना साधते रहते थे। अब उनके निधन के बाद लोग उनका एक पुराना वीडियो शेयर कर रहे हैं, जो उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन के बाद बनाया था।

जिस वीडियो की बात यहाँ की जा रही है, उसे वामपंथी मीडिया संस्थान ‘द वायर’ के यूट्यूब चैनल पर ‘जान गण मन की बात’ नामक शो के 289वें एपिसोड के रूप में 16 अगस्त, 2018 को अपलोड किया था। इस दौरान उन्होंने 93 वर्षीय पूर्व भाजपा अध्यक्ष अटल बिहारी वाजपेयी के देहांत पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि हमारे यहाँ एक बहुत बड़ा दिखावा होता है, पाखंड होता है कि जो दिवंगत हो जाए, अर्थात इस दुनिया में न रहे तो उसको अचानक से महापुरुष बना दिया जाता है।

इस वीडियो में विनोद दुआ कहते नजर आए थे, “जिस तरह की श्रद्धांजलियाँ दी जाती हैं, उसे इस तरह से समझा जाता है कि किसी के देहांत के बाद ‘पॉलिटिकली करेक्ट’ रूप से उसकी प्रशंसा करनी चाहिए। हमारे एक बुजुर्ग दोस्त थे – सरदार खुशवंत सिंह। 99 वर्ष की उम्र में उनका निधन हुआ था। मुझे और उन्हें, दोनों को स्कॉच का शौक था। एक बार मेरे साथ समय बिताते हुए उन्होंने कहा था कि किसी के निधन के बाद जिस तरह का दिखावा ‘Obituary (मृत्यु के बाद छपी खबर इत्यादि)’ के रूप में हमारे यहाँ होता है, वैसा कहीं नहीं होता।”

इस वीडियो में विनोद दुआ ने कहा था कि किसी के निधन के बाद उसके आखिरी दस्तावेज (Obituary) ऐसा होना चाहिए, जिसमें उसकी अच्छाइयाँ और बुराइयाँ – दोनों हो। उन्होंने इसे ही ‘सच्चाई श्रद्धांजलि’ करार दिया था। उन्होंने कहा था कि इस ‘गोले’ पर उनकी भूमिका पूरी होने के बाद उसका अच्छा विश्लेषण होना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कंधार विमान हाईजैक कांड की बात की थी और बाबरी ढाँचे के दौरान उन पर ‘जमीन समतल करने’ वाला भाषण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसका मतलब ‘साफ़’ था।

विनोद दुआ ने इस वीडियो में आगे कहा था, “अटल बिहारी वाजपेयी पर आरोप लगता रहा कि इन्होंने ‘भारत स छोड़ो आंदोलन’ के दौरान इन्होंने एक कबूलनामा या माफीनामा दिया था कि ग्वालियर में स्वतंत्रता सेनानियों की बैठक में इनका कोई किरदार नहीं था। इसी तरह इनके प्रधानमंत्रित्व काल में पोखरण-II हुआ, जिसके बारे में कहा जाता है कि पार्टी के कट्टरपंथी नेताओं के दबाव में ऐसा किया गया। लेकिन इसके बाद पाकिस्तान ने भी ऐसा कर दिया और उसके परमाणु परीक्षण को वैधता मिल गई। तत्कालीन केंद्रीय गृह मंत्री लाल कृष्ण आडवाणी ने इसे कश्मीर से जोड़ कर कहा कि हमारे हाथ अब ज्यादा मजबूत हुए हैं।”

विनोद दुआ इतने पर ही नहीं रुके थे, बल्कि 2002 में गोधरा कांड (जिसमें 59 हिन्दुओं को ट्रेन में ज़िंदा जला दिया गया था) को याद करते हुए कहा था कि इसके बाद जो हुआ, तब प्रधानमंत्री रहे वाजपेयी से कड़ा निर्णय लेकर तत्कालीन गुजरात मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को हटाने की उम्मीद थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। उन्होंने कहा था कि वाजपेयी का ताल्लुक हिंदुत्व से था और पहचान इसी से बनी, और RSS की शाखाओं में जाते थे, महात्मा गाँधी की धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ आवाज़ उठाई – लेकिन वो दक्षिणपंथ के उदारवादी नेता थे। फिर पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू द्वारा उनकी तारीफ़ की बात की थी।

बताते चलें कि विनोद दुआ की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। बेटी मल्लिका दुआ ने लिखा कि अब उनके माता-पिता स्वर्ग में साथ-साथ घूमेंगे, भोजन पकाएँगे और गायन कर के आनंद लेंगे। उन्होंने बताया कि रविवार (5 दिसंबर, 2021) को दोपहर 12 बजे विनोद दुआ का अंतिम संस्कार लोधी क्रेमाटोरियम में किया जाएगा। बता दें कि कुछ दिनों पहले भी विनोद दुआ की मौत की अफवाह उड़ी थी, लेकिन मल्लिका ने इसे नकार दिया था। वो कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे।

विनोद दुआ को कैसे याद करूँ… पाखंड हुआ नहीं जाता और गोधरा में जलाए गए रामभक्त भी याद आ रहे

2021 के 4 दिसंबर को विनोद दुआ चले गए। दुनिया छोड़कर। यह सत्य है। पिछली बार की तरह कोई अफवाह नहीं कि ऑपइंडिया को उनकी मौत का फैक्टचेक करना पड़े।

बेटी मल्लिका दुआ ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर भी बताया है कि अब उनके पिता नहीं रहे। उन्होंने लिखा है, “अब उनके माता-पिता स्वर्ग में साथ-साथ घूमेंगे, भोजन पकाएँगे और संगीत का आनंद लेंगे।” उनके निधन को लेकर सोशल मीडिया में भी संदेशों का ताँता लगा है।

मुझे पता नहीं विनोद दुआ ‘स्वर्ग’ जैसी किसी अवधारणा में यकीन रखते थे भी या नहीं। लेकिन यह तो तय है कि हर किसी की अपनी ​शख्सियत होती है। वे अपने जीवन कर्म से तय करते हैं कि उन्हें कैसे याद किया जाए। इस लिहाज से भी विनोद दुआ ने अगस्त 2018 की एक तारीख को खुद एक ऐसी लाइन खींच दी थी कि यह तय करना मुश्किल हो रहा कि उन्हें कैसे याद किया जाए। उन्होंने कहा था, “हमारे यहाँ एक बहुत बड़ा पाखंड होता है, दिखावा होता है कि जो दिवंगत हो जाए, जो इस दुनिया में न रहे, जिसका देहांत हो जाए, उसको अचानक से महापुरुष बना दिया जाता है। फिर जिस तरह से श्रद्धांजलियाँ दी जाती है, ये समझा जाता है कि दिस इज पॉलिटिकली करेक्ट टू प्रेज अ पर्सन आफ्टर ही इज गोन।”

अब इसे पाखंड कहूँ या विडंबना दुआ को भी इस तरह की श्रद्धांजलि खूब पड़ रही। दुखद यह है कि उनकी इस ‘ईमानदारी’ का सम्मान उनके लिबरल-सेकुलर मित्र भी नहीं कर रहे। पर मैंने तय किया कि विनोद दुआ की ‘ईमानदारी’ का सम्मान किया जाए।

यही कारण है कि डेरा इस्माइल खान से आया एक बच्चा जिसका बचपन दिल्ली की शरणार्थी कॉलोनी में गुजरा, जो एक सामान्य बैंककर्मी का बेटा था, जिसका कथित तौर पर शुरुआती दिनों में कोई गॉडफादर नहीं था, जो इस देश में टीवी पर आकर समाचार बाँचने वाले शुरुआती लोगों में था, जो स्वीकार करता था कि गर्वनमेंट स्कूल में पढ़े होने के कारण उसकी अंग्रेजी में प्रवाह नहीं है… मैं उसे एक सेल्फ मेड इंसान के तौर पर याद नहीं कर पाता। क्योंकि फिर मुझे उतनी ही ईमानदारी से फिल्मकार निष्ठा जैन के आरोप याद आ जाते हैं। जिन्होंने दुआ पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। जिन्होंने लिखा था, “…विनोद दुआ के चेहरे से ऐसा लगा कि वे मुझे देखकर लार टपका रहे हैं।”

मुझे वह विनोद दुआ याद आने लगते हैं जिन पर मीटू कैंपेन के दौरान लगे आरोप की जाँच के लिए द वायर ने जो कमिटी बनाई थी, उसके सामने वह आरोप लगाने वाली फिल्मकार का सामना करने से इनकार कर देते हैं। आखिर में वायर कमिटी ही भंग कर देती है। मुझे विनोद दुआ ऐसे बुजदिल, भगोड़े लगने लगते हैं जो अपनी जिंदगी के कुछ पन्नों को छिपा लेना चाहते हों।

मुझे वो विनोद दुआ भी झूठे लगने लगते हैं जो विभाजन की बर्बरता को यह बताकर खारिज करते रहे कि हमने ऐसी कोई प्रताड़ना नहीं देखी, क्योंकि डेरा इस्माइल खान में भी मेरा परिवार समृद्ध नहीं था। ऐसा लगने लगता है कि दुआ जीवनभर एजेंडे के तहत इसे दुहराते रहे ताकि इस्लामी कट्टरपंथियों की बर्बरता छिपी रहे। वह बर्बरता जिसके कारण कई बेटियों ने कुएँ में कूद अपनी लाज बचाई थी। न जाने कितनों का बलात्कार हुआ। कितने काट डाले गए। कितने धर्मांतरण को मजबूर किए गए… ऐसा लगने लगता है कि बर्बरता को समृद्धि से जोड़ दुआ पूरी जिंदगी इन जख्मों का मजाक बनाते रहे।

जब मैं उन्हें ‘वरिष्ठ पत्रकार’ के तौर पर याद करने की कोशिश करने लगता हूँ तो मुझे वे तमाम एकतरफा टिप्पणियॉं याद आने लगती हैं जो उन्होंने स्टूडियो में बैठकर किए। मुझे गोधरा में ट्रेन में जलाकर मार डाले गए राम भक्तों के प्रति उनका उपहास याद आने लगता है। समझ नहीं आता कि वो कैसा ‘वरिष्ठ पत्रकार’ रहा होगा जिसे मौत तभी रुलाती थी, जब वह ऐसे लोगों की हो जिन्हें जमीन में दफन होना है। उसे जलाकर मारे गए राम भक्तों की मुखाग्नि याद नहीं रहती।

निजी जीवन में विनोद दुआ कैसे थे, यह उन्हें करीब से जानने वाले ही बता सकते हैं। वे पिता कैसे थे, यह बताना मल्लिका का एकाधिकार है। वे सहयोगी कैसे थे, यह उनके साथ काम करने वाले ही बता सकते हैं। लेकिन, हम जैसे लोग जिन्होंने विनोद दुआ को दूरदर्शन पर देख उनके साथ खुद को जोड़ा था, आज इस उलझन में हैं कि उन्हें याद कैसे करें। क्योंकि हम मरने के बाद भी उस शख्स के साथ कोई पाखंड नहीं करना चाहते जिसकी पूरी जिंदगी ही पाखंड रही हो।

‘चुनावों में राष्ट्रवादी पार्टी के लिए प्रचार करूँगी’: वृंदावन के बाँके बिहारी मंदिर पहुँची कंगना रनौत, कहा- बयानों के लिए कभी माफी नहीं माँगती

कभी अपने बयानों को लेकर तो कभी अपनी फिल्मों को लेकर हमेशा चर्चा में रहने वाली बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री कंगना रनौत शनिवार (4 दिसंबर 2021) को वृंदावन के बाँके बिहारी मंदिर पहुँचकर पूजा-पाठ की और भगवान बाँके बिहारी का आशीर्वाद लिया। यहाँ पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में वह राष्ट्रवादी पार्टी का प्रचार करेंगी।

मंदिर में दर्शन के लिए पहुँचते ही वहाँ पत्रकारों की भीड़ लग गई। पत्रकारों ने उनसे पूछा कि उनके बयानों से कुछ लोगों में रोष क्यों फैल जाता है। इस पर उन्होंने कहा, “जिन लोगों के दिल में चोर है, उनको तो तकलीफ होगी ही। जो सच्चे, बहादुर और देश की सेवा और राष्ट्र के हित में बात करते हैं, उन लोगों को मेरी सारी बातें सही लगेगी और कुछ भी गलत नहीं लगेगा।”

इस दौरान जब एक पत्रकार ने पूछा कि क्या वो 2022 के विधानसभा चुनावों में भाजपा के लिए कैंपेनिंग करती हुई दिखाई देंगी, तो कंगना ने कहा, “जो राष्ट्रवादी हैं मैं उसके लिए कैम्पेनिंग करूँगी। मैं किसी पार्टी से बिलॉन्ग नहीं करती हूँ और प्रचार में भी उसी पार्टी का सपोर्ट करूँगी, जो राष्ट्रवादी है।”

वहीं, किसानों से माफी माँगने के सवाल पर कंगना ने कहा कि उन्होंने कभी किसी से माफी नहीं माँगी। वह कहती हैं, “मैंने कभी माफी नहीं माँगी। माफी मैं किसलिए माँगू, किसानों के हित में बात करने के लिए माफी माँगू? मुझे दिखा दे कोई ऐसा वीडियो जहाँ मैंने माफी माँगी हो।”

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार (3 दिसंबर 2021) को अभिनेत्री कंगना रनौत के काफिले को पंजाब के कीरतपुर साहिब के बूंगा साहिब में किसानों ने घेर कर हमला कर दिया था। इस दौरान भीड़ कंगना को घेरकर उन पर किसानों और महिलाओं से माफी माँगने का दबाव बनाती रही थी। कंगना ने इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर कर किसानों की हरकत को देश के सामने रखा था।

अररिया: 6 साल की दलित को घर से उठाकर मोहम्मद मेजर ने किया रेप, बच्चियों से छेड़छाड़ के आरोप में प्रिंसिपल शमसुल सस्पेंड

बिहार के अररिया जिले में एक 6 साल की एक दलित बच्ची से रेप की घटना सामने आई है। आरोपित का नाम मोहम्मद मेजर है। घटना की शिकायत करने पर आरोपित द्वारा पीड़ित परिवार को डराया-धमकाया जा रहा है। वहीं, एक अन्य घटना में एक बच्ची से छेड़खानी करने के मामले में सरकारी स्कूल के हेडमास्टर शमसुल होदा उर्फ मासूम को विभागीय जाँच में दोषी पाए जाने के बाद सस्पेंड कर दिया गया है।

नाबालिग बच्ची से मोहम्मद मेजर ने किया दुष्कर्म

पहली घटना अररिया जिले के भरगामा थाना क्षेत्र की है। बुधवार (1 नवम्बर) को घटित हुई थी। यहाँ दलित टोले में मोहम्मद मेजर नशे में धुत हो कर पीड़ित दलित परिवार के घर पहुँचा। वहाँ उसने 6 साल की बच्ची से पानी माँगा। बच्ची ने पानी दिया तो उसने बच्ची को जबरन उठा लिया और उसे खेत में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़ित परिवार बच्ची के लौटने का इंतज़ार करता रहा। इस बीच मोहम्मद मेजर ने बच्ची को छिपा लिया। परिजनों द्वारा पूछे जाने पर वह उन्हें धमकाता रहा।

सुबह तक जब बच्ची लौट कर नहीं आई तब घर वालों को चिंता हुई। उन्होंने पुलिस में शिकायत की। शिकायत के बाद भरगामा थाना पुलिस और महिला थाना पुलिस ने सामूहिक कार्रवाई कर बच्ची को बरामद कर लिया। पीड़िता को मेडिकल परीक्षण के लिए भेज दिया गया है। बच्ची की माँ के मुताबिक, उसने आरोपित का पीछा किया था लेकिन वो बच्ची को लेकर भागने में कामयाब रहा था।

पीड़िता की माँ ने पैक्स अध्यक्ष मो सत्तार से भी गुहार लगाई, लेकिन आरोप है कि उन्होंने मामले को दबाने की कोशिश की। पुलिस ने भी पीड़िता के परिवार को आरोपित द्वारा डराने धमकाने की बात मानी है। स्थानीय SHO उमेश कुमार का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपित को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बताया जाता है कि आरोपित मोहम्मद मेजर दबंग और आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है और उसका एक भाई मुखिया भी रह चुका है।

छात्रा से छेड़छाड़ का आरोपित पूर्व प्रिंसिपल शमसुल होदा उर्फ़ मासूम सस्पेंड

दूसरी घटना में एक बच्ची से छेड़छाड़ के आरोपित हेडमास्टर शमसुल होदा उर्फ मासूम को सस्पेंड कर दिया गया है। शमसुल अररिया सदर प्रखंड स्थित बोची के उत्क्रमित मध्य विद्यालय में पदस्थापित था।उस पर मई 2021 में एक बच्ची से छेड़छाड़ का आरोप लगा था। तब इस मामले में जाँच बैठाई गई थी। अब जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा गठित दो सदस्यीय जाँच कमेटी की रिपोर्ट में दोषी पाए जाने के बाद निलंबन की यह कार्रवाई की गई है।

छेड़छाड़ के बाद आरोपित शमसूल स्कूल से फरार हो गया था। प्राथमिक शिक्षक संघ, अररिया के जिलाध्यक्ष ने बताया कि आरोपित शमसुल होदा इससे पहले भी बच्चियों के साथ स्कूल में गलत हरकत कर चुका है। उन्होंने आरोपित को नौकरी से बर्खास्त करने की माँग की है। शिक्षक संघ होदा को पहले ही बर्खास्त कर चुका है।

‘आतंक का कोई मजहब नहीं होता’ – एक आदमी जिंदा जला कर मार डाला गया और मीडिया खेलने लगी ‘खेल’

पाकिस्तान में एक श्रीलंकाई नागरिक की बेरहमी से हुई हत्या के बाद अब पाकिस्तानी मीडिया से लेकर विदेशी मीडिया तक ये साबित करने में जुटा है कि ‘आतंक का कोई मजहब नहीं होता’। बड़ी-बड़ी न्यूज एजेंसियाँ ये फैला रही हैं कि पाकिस्तानियों की एक ‘भीड़’ ने श्रीलंका के फैक्ट्री मैनेजर को मार डाला, जबकि सामने आई वीडियोज से ये साफ पता चल चुका है कि वो भीड़ कोई सामान्य भीड़ नहीं थी बल्कि इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ थी, जिन्होंने कथिततौर पर ‘हुसैन’ के अपमान के बाद इस निर्मम हत्या को अंजाम दिया।

उदाहरण के लिए, AFP न्यूज एजेंसी की ही हिपोक्रेसी को देखिए। इस पूरे मामले में उनका ट्वीट बताता है कि श्रीलंका के एक फैक्ट्री मैनेजर को पाकिस्तान में ‘भीड़’ ने पहले पीटा और फिर जलाकर मार डाला। जबकि, यदि एएफपी एजेंसी का ट्वीट फैबइंडिया से जुड़े मामले में देखें तो पता चलता है कि उन्हें एक ऑनलाइन प्रोटेस्ट में भी ‘हिंदुओं’ को हमलावर लिखने से गुरेज नहीं था जो आज इस्लामी भीड़ को भी सिर्फ भीड़ कह रहे हैं। वह लिखते हैं “फैबइंडिया को अपने विज्ञापन वापस लेने पड़े क्योंकि हिंदू राष्ट्रवादियों ने उनके अभियान पर हमला बोल दिया था।”

इसके बाद इसी मामले पर रॉयटर की प्रोपगेंडा परस्त पत्रकारिता भी सामने आती है, जब वो अपने ट्वीट में सिर्फ ये बताता है कि श्रीलंकाई मैनेजर को पाकिस्तानी फैक्ट्री के मुलाजिमों ने मार डाला।

इसी रॉयटर का पाखंड जानने के लिए एक ट्वीट और देख सकते हैं जिसमें एक हत्या के मामले को बताने के लिए साफ लिखा है कि वो हत्या हिंदू भीड़ ने की थी

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलाया जा रहा ऐसा प्रोपगेंडा जिन स्थानीय खबरों पर चल रहा है, उन्हें भी नीचे दी गई वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे पाकिस्तान के लोग ये बताने में जुटे हैं कि ये सारी घटना अराजक तत्वों द्वारा की गई थी और इसका ईशनिंदा संबंधी मामले से कोई लेना देना नहीं है। वीडियो में सामने आया चश्मदीद कहता है, “ये हमारे मजहब को बदनाम करने के लिए साजिश की गई है। इससे दीन नहीं फैलेगा।” 

यहाँ बता दें कि कल से सोशल मीडिया पर प्रियांथा कुमारा नामक श्रीलंकाई नागरिक के साथ हुई बर्बरता की तस्वीरें जगह-जगह दिखाई दे रही हैं। हाल में पुलिस ने इस मामले में दो युवकों को गिरफ्तार भी किया जिन्होंने कैमरे पर बेशर्मी से कबूला कि प्रियंथा ने हुसैन लिखा हुआ कागज कूड़ेदान में फेंक दिया था।

हत्यारों ने कहा, “हमने अपने साथियों से कहा कि ये गलत हुआ है। हमने अपने मैनेजमेंट से बात की। हम सब मिल कर इकट्ठे हुए और उस पर तेल डाल कर जला दिया। जो भी ऐसा करेगा, हमारे रसूल के नाम पर तो जान भी कुर्बान है। हमारे हदीस में लिखा है कि जो भी नबियों की शान में गुस्ताखी करेगा, उसका सिर तन से जुदा कर दिया जाएगा।”

‘महिला-पुरुष की मालिश का मतलब यौन संबंध नहीं होता, इस पर कार्रवाई से परहेज करें’: HC ने दिल्ली सरकार को फटकारा

दिल्ली हाईकोर्ट ने राजधानी में ‘क्रॉस-जेंडर’ मालिश पर प्रतिबंध के संबंध में अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार को फटकार लगाते हुए कहा कि क्रॉस जेंडर मसाज यौन क्रिया नहीं है। कोर्ट ने दिल्ली की ‘आप’ सरकार से कहा कि शहर में क्रॉस-जेंडर मसाज पर प्रतिबंध के संबंध में कोई कार्रवाई करने से परहेज करें।

दिल्ली सरकार की तरफ से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने शुक्रवार (3 दिसंबर 2021) को अदालत से कहा कि ऐसे केंद्रों पर यौन गतिविधियों को रोकने के लिए उचित विचार-विमर्श के बाद नीति बनाई गई थी। इस पर जस्टिस रेखा पल्ली की पीठ ने कहा कि ऐसी सेवाएँ केवल यौन गतिविधि के अस्तित्व का संकेत नहीं देती हैं।

उन्होंने आगे ​कहा कि सिर्फ इसलिए कि यह एक क्रॉस-जेंडर मसाज है, इसका मतलब यह नहीं है कि यह यौन गतिविधि है। जस्टिस पल्ली ने कहा, “मैं यह नहीं कह रही हूँ कि आपको अवैध गतिविधियाँ नहीं रोकनी चाहिए।” वहीं, राहुल मेहरा ने अदालत से नीति को कुछ समय के लिए लागू रहने की अनुमति देने के लिए कहा और बताया कि फाइव स्टार होटलों सहित कई स्थानों पर ‘क्रॉस-जेंडर‘ मसाज की अनुमति नहीं है। दिल्ली सरकार के वकील ने यह भी कहा कि अधिकारी केवल अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। अदालत ने इस महीने के अंत तक याचिकाओं पर सुनवाई स्थगित कर दी है।

बता दें कि क्रॉस-जेंडर मसाज (मालिश) का अर्थ है कि किसी पुरुष की मालिश कोई महिला करे या किसी महिला की मालिश कोई पुरुष करे। दिल्ली सरकार स्पा में क्रॉस-जेंडर मसाज पर रोक लगा चुकी है। इसके अलावा रिहायशी इलाकों में नए मसाज सेंटर खोलने पर भी रोक लगा दी गई है।

‘₹52 लाख का घोड़ा, ₹36 लाख की बिल्ली’: तिहाड़ी ने जैकलीन को दिए ₹10 करोड़ के गिफ्ट, नोरा फतेही को भी लग्जरी गाड़ी

तिहाड़ जेल में बैठकर 200 करोड़ रुपए की वसूली करने वाले महाठग सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ED) की चार्जशीट पर शनिवार (4 दिसंबर, 2021) को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने चार्जशीट पर संज्ञान लिया। बताया जा रहा है कि जाँच एजेंसी ने अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज और नोरा फतेही का जिक्र किया है।

हालाँकि, रिपोर्ट में जिन लोगों को आरोपित बनाया गया है, उनमें सुकेश चंद्रशेखर, लीन मॉरिया पॉल, दीपक रमदानी, प्रदीप रामदानी, वकील राज मोहन, अरुण मुत्थु, हवाला ट्रेडर अवतार सिंह कोचर और कमलेश कोठारी शामिल हैं। जाँच के बाद आरोप-पत्र में कहा गया है कि पहली बार सुकेश और जैकलीन की इसी साल जनवरी में मुलाकात हुई थी। सुकेश ने एक्ट्रेस को 10 करोड़ रुपए के गिफ्ट दिए हैं। इनमें गहने, हीरे समेत 52 लाख रुपए का घोड़ा और 36 लाख की पर्शियन बिल्ली शामिल है।

बहरहाल पटियाला हाउस कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय को मामले के सभी आरोपितों चार्जशीट की कॉपी मुहैया कराने का आदेश दिया है। फिलहाल सभी आरोपित न्यायिक हिरासत में जेल में बंद हैं। हालाँकि, अगर ईडी चार्जशीट दाखिल करने में विफल होती है तो सभी आरोपितों को जमानत मिल जाएगी। आरोप पत्र के मुताबिक, तिहाड़ जेल में बंद रहते हुए सुकेश जैकलीन से बात करता था और वह अभिनेत्री के लिए जेल से ही महँगे गिफ्ट और चॉकलेट भेजता था। इतना ही नहीं उसने पूछताछ के दौरान इस बात का भी खुलासा किया था कि उसने नोरा फतेही को लग्जरी कार गिफ्ट की थी।

हाल ही वायरल नई तस्वीर आई थी सामने

जैकलीन और सुकेश के बीच रिश्तों को पुख्ता करती एक तस्वीर सामने आई थी। इसमें जैकलीन मिरर सेल्फी में सुकेश को किस करती दिखीं थी। इस बात को भी ईडी ने अपनी चार्जशीट में दोहराया है। ईडी ने बताया है कि जेल से बाहर आने के बाद सुकेश चंद्रशेखर ने चेन्नई के लिए फ्लाइट टिकट ली। फ्लाइट से वो चेन्नई गया और वहाँ एक फाइव स्टार होटल में जैकलीन से मिला।

बता दें कि सुकेश चंद्रशेखर को पुलिस ने इसी साल गिरफ्तार किया था। उस पर आरोप है कि उसने जेल के अंदर बंद रहते हुए 200 करोड़ रुपए वसूली का रैकेट चलाया था। दिल्ली पुलिस ने अपने चार्जशीट में सुकेश चंद्रशेखर और 13 अन्य पर रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटर की पत्नी से 200 करोड़ रुपए ठगने का आरोप लगाया है। इस मामले में जैकलीन को मुख्य गवाह माना जा रहा है।

विनोद दुआ का निधन: बेटी मल्लिका ने कहा – अब वो स्वर्ग में मेरी माँ के साथ घूमेंगे-गाएँगे

कॉमेडियन मल्लिका दुआ ने एक इंस्टाग्राम के माध्यम से जानकारी दी है कि उनके पिता ‘वरिष्ठ पत्रकार’ विनोद दुआ का निधन हो गया है। मल्लिका दुआ ने उन्हें एक असाधारण और निडर पिता बताते हुए लिखा कि उन्होंने एक सम्मानजनक जीवन जिया, जिसमें वो दिल्ली के एक शरणार्थी कॉलोनी से निकल कर पत्रकारिता के शिखर तक पहुँचे। मल्लिका दुआ ने दावा किया कि उनके पिता विनोद दुआ ने 42 वर्षों के अपने पत्रकारिता के करियर में हमेशा सच के लिए आवाज़ उठाई।

विनोद दुआ की बेटी मल्लिका ने इंस्टाग्राम के माध्यम से दी पिता के निधन की जानकारी

विनोद दुआ की पत्नी का पहले ही निधन हो चुका है। मल्लिका दुआ ने लिखा कि अब उनके माता-पिता स्वर्ग में साथ-साथ घूमेंगे, भोजन पकाएँगे और संगीत का आनंद लेंगे। उन्होंने बताया कि रविवार (5 दिसंबर, 2021) को विनोद दुआ का अंतिम संस्कार लोधी क्रेमाटोरियम में किया जाएगा। बता दें कि कुछ दिनों पहले भी विनोद दुआ की मौत की अफवाह उड़ी थी, लेकिन मल्लिका ने इसे नकार दिया था। वो कई दिनों से अस्पताल में भर्ती थे।

तब मल्लिका ने लिखा था, “कृपया अफवाहों में यकीन न करें और इन्हें न फैलाएँ। मैं उनके बारे में आधिकारिक अपडेट्स शेयर करूँगी। ट्विटर पर ये सब नहीं होगा।” मल्लिका दुआ ने एक अन्य स्टोरी में बताया था, “मेरे पिता ICU में हैं और उनकी स्थिति काफी गंभीर है। अप्रैल 2021 के बाद से ही उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा था। अपने जीवन में प्रकाश को खोने के बाद वो विचलित थे। उन्होंने एक सुंदर जीवन व्यतीत किया है और हमें भी एक अच्छा जीवन दिया है।”

’10 साल छोटी बौद्ध लड़की को भगा ले गया अब्दुल कादिर’: कारगिल में ‘लव जिहाद’ पर बौद्ध संघ ने कहा- इससे बिगड़ेगा माहौल

केंद्रशासित प्रदेश लद्दाख में कारगिल के जंस्कर क्षेत्र में अंतरधार्मिक विवाह एक बड़े विवाद में बदल गया है। मुस्लिम युवक और बौद्ध महिला के निकाह को बौद्ध समुदाय जबरदस्ती धर्मांतरण कर निकाह करने का मामला बताया है और इसे लव जिहाद की संज्ञा दी है। वहीं, दंपति ने इन आरोपों से इनकार करते हुए अदालत का रुख किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जंस्कर में बौद्ध समुदाय कथित अपहरण और धर्मांतरण के बाद किए गए निकाह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहा है। प्रदर्शन का नेतृत्व लद्दाख बौद्ध संघ कर रहा है, जो इसे लव जिहाद का मामला बता रहा है। कारगिल के उपायुक्त संतोष सुखदेव ने सांप्रदायिक झड़पों के डर से और शांति बनाए रखने के लिए जंस्कर में धारा-144 लागू करते हुए किसी भी तरह की गैर-कानूनी सभा पर प्रतिबंध लगा दिया है।

पदम जंस्कर के रहने वाले 31 वर्षीय अब्दुल कादिर वानी और 21 वर्षीय बौद्ध महिला से मुस्लिम बनी सुमाया कौसर ने कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी और सहमति से शादी की है। महिला का कहना है कि इस शादी से उसके परिवार वाले और रिश्तेदार खुश नहीं हैं। कौसर और उसके शौहर कादिर ने सुरक्षा की माँग करते हुए श्रीनगर में हाईकोर्ट के समक्ष एक याचिका दायर की है।

निकाह के लिए धर्मांतरण कर सुमाया कौसर बन चुकी सोनम एंंगमो का कहना है, “मैंने बिना किसी दबाव के अब्दुल कादिर के साथ अपनी मर्जी से निकाह किया है। मेरे माता-पिता और अन्य रिश्तेदार उनको (कादिर को) पसंद नहीं करते हैं, इसलिए वे मेरे विवाहित जीवन में हस्तक्षेप कर रहे हैं। मुझे उनसे खतरा है। मैं अपने शौहर के साथ रहना चाहती हूँ।”

‘द कश्मीरवाला’ की रिपोर्ट के अनुसार, दंपति के वकील इस्माइल ने कहा, “दोनों को धमकियाँ मिल रही हैं। इसकी वजह से दोनों कहीं छिपे हुए हैं। कादिर के अब्बा और भाई को पुलिस ने हिरासत में लिया है।” वकील ने आगे कहा, “अदालत ने दंपति के पक्ष में फैसला सुनाया है, क्योंकि वे बालिग हैं और उन्होंने अपनी मर्जी से शादी की है।”

हाईकोर्ट ने 26 नवंबर 2021 के अपने फैसले में कहा था कि पुलिस से दोनों को सुरक्षा प्रदान करने और अगर कोई एफआईआर दर्ज की गई है, तो उसकी जाँच जारी रखें। बशर्ते दोनों याचिकाकर्ता बालिग हैं और निकाह कानून के अनुसार किया गया है।

बता दें कि निकाह के चार दिन बाद लद्दाख बौद्ध संघ (एलबीए) ने लद्दाख के उप-राज्यपाल (एलजी) को पत्र लिखकर जबरन धर्मांतरण मामले में त्वरित हस्तक्षेप और कार्रवाई की माँग की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, लद्दाख के एलजी को एलबीए द्वारा लिखे गए पत्र में मुस्लिम व्यक्ति पर बौद्ध लड़की को भागने का आरोप लगाया गया है। संघ ने लिखा कि कादिर बौद्ध लड़की के साथ उसका धर्मांतरण कराने के लिए भागा है। संघ ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने सख्त कदम नहीं उठाया तो इलाके में सांप्रदायिक सौहार्द्र बिगड़ सकता है।