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मंदिर में ‘सेकेंड हैंड जवानी’ पर डांस, वायरल किया वीडियो: इंस्टाग्राम मॉडल की हरकत से खफा हुए महंत, हिन्दू संगठन भी विरोध में

मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित एक मंदिर में आरती साहू नाम की एक इंस्टाग्राम मॉडल ने ‘सेकेंड हैंड जवानी’ पर डांस करते हुए वीडियो बनाया, जिससे हिन्दू संगठन नाराज़ हो गए हैं। कुछ दिनों पहले इंदौर के चौराहे पर एक मॉडल के ‘डेयर एक्ट’ के बाद हंगामा हुआ था। ताज़ा मामले में युवती ने छतरपुर के जनराय टोरिया मंदिर में सैफ अली खान और दीपिका पादुकोण की फिल्म ‘कॉकटेल’ के गाने पर डांस करते हुए वीडियो बनाया।

वीडियो सामने आने के बाद इसका विरोध भी शुरू हो गया है। हिन्दू संगठनों ने सोशल मीडिया के जरिए इस हरकत पर आपत्ति जताई है। मंदिर के महंत ने भी कहा है कि इंस्टाग्राम मॉडल आरती साहू के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें कर के मंदिरों, मठों और आश्रमों को बदनाम नहीं किया जाना चाहिए। आरती साहू अक्सर अपने इंस्टाग्राम हैंडल और यूट्यूब चैनल पर वीडियोज डालती रहती हैं।

आरती साहू के इंस्टाग्राम पर 25 लाख से भी अधिक फॉलोवर्स हैं और उन्होंने 4900 तस्वीरें व वीडियोज अपलोड की हैं। उनके यूट्यूब पर भी 21 हजार सब्सक्राइबर्स हैं और वहाँ भी लाखों लोगों ने उनके वीडियोज देखे हैं। हिन्दू संगठनों ने कहा है कि चंद रुपयों और सस्ती लोकप्रियता के लिए ये हरकत की गई है। हालाँकि, मंदिर में चप्पल पहन कर डांस करती दिख रहीं आरती साहू का कहना है कि वीडियो में जरा भी फूहड़ता नहीं है।

इंस्टाग्राम पर आरती साहू की प्रोफ़ाइल

उन्होंने कहा कि वो सभ्यता से पूरी ड्रेस में थीं और उन्होंने जो भी किया, उसमें कुछ भी अश्लील नहीं है। ‘बजरंग दल’ के विभाग सह संयोजक सौरभ खरे ने कहा है कि ऐसी लड़कियाँ समाज को गंदा कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ये लोग हिन्दू संस्कृति को बदनाम कर रहे हैं, जिन्हें समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका संगठन इस तरह की लोगों और ऐसी हरकतों पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराता है।

यट्यूब पर आरती साहू का चैनल

नराय टोरिया मंदिर के महंत भगवानदास ने कहा कि इस डांस के समय वो सागर मंदिर में थे, इसीलिए उन्हें जानकारी नहीं मिल पाई। उन्होंने कहा कि ये गलत हरकत है और वो इसका विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के डांस से अपनी इच्छा पूरी करने वालों पर कार्रवाई हो। कुछ दिनों पहले इंदौर में श्रेया कालरा नाम की मॉडल ने डांस कर ट्रैदिक जाम लगाया था। प्रशासन ने ट्रैफिक नियमों के तहत कार्रवाई करते हुए चालान भरवाया था।

चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ के कारण ओडिशा के 7 जिलों में हाई अलर्ट, आंध्र प्रदेश और छत्तीसगढ़ में रेड अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि एक चक्रवाती तूफान रविवार (26 सितंबर 2021) शाम को उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तटीय इलाकों में दस्तक दे सकता है। इस चक्रवात का नाम ‘गुलाब’ (Cyclone Gulab) है। इसके प्रभाव से 95 किमी प्रति घंटे की रफ्तार तक हवा चलने का अनुमान है। इस दौरान आंध्र और ओडिशा के कई हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने बताया कि चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ शनिवार दोपहर को बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने गहरे दबाव से तेज हो गया। ‘गुलाब’ के रविवार तक कलिंगपट्टनम के आसपास और विशाखापट्टनम, गोपालपुर के बीच पहुँचने की उम्मीद है। वहीं, सोमवार को छत्तीसगढ़ में भी भारी बारिश का अनुमान लगाया गया है, जिसके चलते वहाँ भी रेड अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग ने चक्रवात से संबंधित बाढ़ और विनाश की भी चेतावनी दी है, जिसमें कच्चे घर और अन्य इमारतों के नुकसान पहुँचने की संभावना है। वहीं बिजली/संचार लाइनें और खड़ी फसलें भी प्रभावित हो सकती हैं। इसके अलावा, मुंबई, गुजरात सहित विदर्भ, तेलंगाना, मराठवाड़ा, कोंकण तट पर 29 सितंबर तक भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ओडिशा सरकार ने चक्रवाती तूफान ‘गुलाब’ (Cyclone Gulab) को लेकर जारी चेतावनी के बाद सात जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है। ओडिशा आपदा त्वरित कार्य बल (ODRAF) के 42 दलों और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के 24 दलों के साथ दमकल कर्मियों को सात जिलों गजपति, गंजम, रायगढ़, कोरापुट, मल्कानगिरी, नबरंगपुर, कंधमाल भेजा गया है।

आईएमडी कोलकाता के निदेशक जीके दास ने बताया कि उत्तर-पूर्व और इससे सटे पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनने की संभावना है। अगले 24 घंटों में यह एक कम दबाव वाला क्षेत्र होगा और इसके 29 सितंबर के आसपास पश्चिम बंगाल तट तक पहुँचने की संभावना है।

कैसे पड़ा ‘गुलाब’ नाम

‘गुलाब’ शब्द एक बारहमासी फूल है। इस बार चक्रवात का नाम पाकिस्तान ने दिया है। आईएमडी के ऑफिशियल नोटिफिकेशन के अनुसार उष्णकटिबंधीय चक्रवात गुलाब का नाम ‘गुल-आब’ रखा गया है। विश्व मौसम विज्ञान संगठन प्रत्येक उष्णकटिबंधीय चक्रवात के नामों की एक लिस्ट रखता है, जो नियमित आधार पर बदलता है।

बता दें कि इससे पहले देश में Cyclone Tauktae और ‘यास’ आया था। बताया जा रहा है कि ‘यास’ के बाद बनने वाले चक्रवाती तूफान का नाम ‘गुलाब’ पहले से ही तय था, जिसे पाकिस्तान ने चुना है। अगर इस क्षेत्र में कोई अगला तूफान आता है तो उसका नाम ‘शाहीन’ होगा। यह नाम कतर ने दिया है।

PFI के 6 लोग… ₹28 लाख की वसूली… खाली कराना था 60 परिवार, कहाँ से आए 10000? – असम के दरांग में सिपाझार हिंसा के पीछे की कहानी

असम के सिपाझार में अतिक्रमण खाली कराने गई पुलिस पर भीड़ ने हमला कर दिया था, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। अब मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने इस घटना के पीछे PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) का हाथ होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि PFI दरंग जिले के धौलपुर में ‘तीसरी ताकत’ के रूप में काम कर रहा था, जिसने अवैध अतिक्रमणकारियों को भड़काया। फिर उन्होंने अतिक्रमण खाली कराने गई सरकारी टीम पर हमला बोल दिया।

ये लोग वर्षों से सरकारी जमीन पर कब्ज़ा जमा कर बैठे हुए थे। गुरुवार (23 सितंबर, 2021) को हुए इस हमले में दो अतिक्रमणकारी भी मारे गए। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अनुसार, भीड़ को उकसाने और लोगों को जुटा कर इस घटना को अंजाम देने वाले 6 लोगों को चिह्नित किया गया है, जिसमें एक कॉलेज शिक्षक भी शामिल है। उन्होंने बताया कि इस घटना के 1 दिन पहले लोगों को भोजन देने के नाम पर PFI के लोगों ने इस क्षेत्र का दौरा किया था।

असम की सरकार ने इस सम्बन्ध में महत्वपूर्ण दस्तावेज केंद्र सरकार को भेजे हैं और माँग की है कि PFI पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध लगाया जाए। राज्य सरकार को ये भी जानकारी मिली है कि PFI के 6 लोगों ने पिछले 3 महीनों में अतिक्रमणकारियों से 28 लाख रुपयों की वसूली की है, जिसके बदले वादा किया गया कि वो अवैध कब्जे को खाली नहीं होने देंगे। जब वो ऐसा करने में नाकामयाब रहे तो उन्होंने भीड़ को उकसाया।

इस हमले में 9 पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं। वहीं PFI ने इस मामले में उलटे सीएम सरमा को घुड़की देते हुए चुनौती दी है कि अगर उनके पास संगठन के विरुद्ध कोई भी सबूत है तो इसे सार्वजनिक कर के दिखाएँ। PFI ने कहा कि राज्य में उपचुनाव आने वाले हैं, इसीलिए जमीन खाली करने की प्रक्रिया को सांप्रदायिक रंग दिया जा रहा है और मुख्यमंत्री सरमा ‘खुला झूठ’ बोल रहे हैं। बदरुद्दीन अजमल की पार्टी AIUDF भी इस मामले में राज्य सरकार के खिलाफ खड़ी है।

AIUDF के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल जगदीश मुखी से मिल कर माँग रखी कि जिन-जिन लोगों से जमीनें खाली कराई गई हैं, उनमें प्रत्येक को खेती के लिए 6-6 बीघा और घर के लिए एक-एक बीघा जमीन दी जाए। सीएम सरमा ने कहा कि सिपाझार, लुमडिंग और बरछाला की जमीनों पर ढिंग, रूपोहीहाट और लाहौरीघाट के लोगों द्वारा एक साजिश के तहत कब्ज़ा किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रत्येक 5 वर्षों में किया जाता है, ताकि वहाँ की डेमोग्राफी बदले।

सीएम सरमा ने ख़ुफ़िया एजेंसियों को मिली जानकारी के आधार पर ये बातें कहीं। ये सूचना भी मिली है कि कॉलेज में एक लेक्चर दिया गया था, ताकि विवाद को बढ़ाया जा सके। उन्होंने पूछा कि जहाँ 60 परिवारों को हटाना था, वहाँ 10,000 लोग कैसे जमा हो गए? CAA विरोधी आंदोलन की जाँच के दौरान PFI के प्रदेश अध्यक्ष को गिरफ्तार भी किया गया था, लेकिन 3 महीने बाद उन्हें अदालत से जमानत मिल गई।

उन्होंने कहा कि PFI के विरुद्ध जो भी कार्रवाई की जा सकती है, असम सरकार उसमें लगी हुई है। केंद्र को डोजियर भेजा जाना उसी का हिस्सा है। राज्य सरकार ने अवैध कब्जा खाली कराने से पहले ‘ऑल असम माइनॉरिटीज स्टूडेंट्स यूनियन (AAMSU)’ के साथ 2 बार बैठक की थी। दरंग के डिप्टी कमिश्नर और AAMUSU के लोग दो बार वहाँ साथ गए थे। उन्होंने कहा कि इनमें से अधिकतर लोगों के जमीनें हैं, वो भूमिहीन नहीं हैं।

साथ ही उन्होंने वादा किया कि अगर इनमें से कोई भूमिहीन है तो उसे सरकारी योजना के तहत दो एकड़ जमीन मिलेगी, बशर्ते राज्ये के किसी हिस्से में उनके पास पहले से जमीन नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि इन लोगों को विश्वास में लेकर ही कब्ज़ा खाली कराने का कार्य शुरू हुआ था। कॉन्ग्रेस विधायकों के प्रतिनिधिमंडल को उन्होंने उन्होंने ये बात समझाई है, लेकिन उसके बाद हंगामा खड़ा कर दिया गया।

बता दें कि असम में 26 सत्रों (वैष्णव मठों) की 5548 बीघा जमीन को घुसपैठियों ने कब्ज़ा रखा है। एक RTI से तो यहाँ तक पता चला था कि असम का 4 लाख हेक्टेयर जंगल क्षेत्र अतिक्रमण की जद में है। ये राज्य के कुल जंगल क्षेत्रों का 22% एरिया है। एक सरकारी समिति ने पाया था कि असम के 33 जिलों में से 15 में बांग्लादेशी घुसपैठिए हावी हैं। इन अतिक्रमणकारियों ने अवैध गाँव के गाँव बसा लिए हैं।

केरल: CPI(M) यूथ विंग कार्यकर्ता ने किया दलित बच्ची का यौन शोषण, वामपंथी नेताओं ने परिवार को गाँव से बहिष्कृत किया

केरल में DYFI (डेमोक्रेटिक यूथ डेडेरशन ऑफ इंडिया) कार्यकर्ता पर एक दलित बच्ची के यौन शोषण का आरोप लगा है। बच्ची की उम्र मात्र 9 वर्ष है। DYFI केरल की सत्ताधारी वामपंथी पार्टी CPI(M) का यूथ विंग है। अगस्त में केरल के सबसे बड़े त्यौहार ओणम से 4 दिन पहले बच्ची काफी रो रही थी। साथ ही वो अपने पिता के फोन से आउनलाईं क्लासेज भी नहीं कर पा रही थी, जिसके लिए उसकी माँ ने उसे फटकार भी लगाई थी।

बच्ची के पिता वेल्डर का काम करते हैं। इसके बाद बच्ची ने अपनी माँ से कहा कि वो उनसे बात करना चाहती हैं, लेकिन अपने पिता की उपस्थिति में। इसके बाद बच्ची ने बताया कि पड़ोस के ही एक युवक सयूज ने उसका यौन शोषण किया है। ये घटना कुछ महीनों पहले हुई थी। आरोपित सयूज पीड़िता के पिता का दोस्त था और दोनों कभी-कभी साथ काम भी करते थे। सयूज DYFI का कार्यकर्ता है। DYFI के अध्यक्ष मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के दामाद पीए मोहम्मद रियास हैं।

पीड़ित के पिता ने अपने ही परिसर में स्थित एक घर को आरोपित को किराए पर भी दे दिया था। दोनों घरों के बीच कोई दीवार नहीं थी। लेकिन, वो रेंट भी नहीं लेता था। पेंटर सयूज अपने तीन बच्चों के साथ अप्रैल 2020 में उस घर में रहने आया था। ‘द न्यूज मिनट’ को पीड़िता के पिता ने बताया कि बच्ची को सयूज ने अपने घर बिरयानी खाने के लिए जून 2020 में बुलाया था, लेकिन वो बिना खाए प्लेट फेंक कर भाग आई।

तब सयूज की माँ ने बच्ची की माँ से कहा कि उसने कुछ नहीं खाया। उस समय मत-पिता को लगा कि शायद बच्ची को बिरयानी का टेस्ट पसंद नहीं आया। लेकिन, बच्ची जब भी आरोपित को देखती, वो अजीब व्यवहार करने लगती थी। उसे असुविधा होने लगती थी। पढ़ाई में उसकी रुचि खत्म हो गई थी और वो अचानक रोने लगती थी। साथ ही उसने सयूज को घर से निकालने के लिए भी मत-पिता से कहा।

इसके बाद बच्ची ने बताया कि जब वो सयूज के घर बिरयानी खाने गई थी, तब उसने उसके साथ यौन शोषण किया। कुछ सप्ताह बाद फिर ऐसा हुआ, लेकिन वो किसी तरह उसके चंगुल से निकलने में कामयाब रही। उस पंचायत में CPI(M) का शासन है जबकि वार्ड सदस्य कॉन्ग्रेस का है। बच्ची के पिता का कहना है कि गाँव में परिवार के खिलाफ माहौल बनाया गया। एक CPI(M) नेता ने उलटा बच्ची के पिता के विरुद्ध ही 400 हस्ताक्षर करा कर पुलिस को दिया और आरोप लगाया कि ये शिकायत गलत है।

लोगों ने पीड़ित परिवार का गाँव से बहिष्कार कर दिया और उनसे बातचीत बंद कर दी। उसे कहा जाने लगा कि वो अपनी बच्ची का इस्तेमाल रुपयों के लिए कर रहा है। उनके घर कोई नहीं आता था। उनका बाहर निकलना तक दूभर हो गया। स्थानीय बसपा यूनिट ने परिवार का समर्थन किया है। हालाँकि, सीपीआईएम नेताओ ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए कहा है कि उन्होंने कोई हस्ताक्षर नहीं जुटाए।

रिजवान ने साथी शाहनवाज संग मिल कर विधवा भाभी का किया गैंगरेप: नशीली दवा पिलाई, अश्लील वीडियो भी बनाया

उत्तर प्रदेश के कानपुर में रिजवान नाम के एक व्यक्ति पर आरोप लगा है कि साथी शाहनवाज के साथ मिल कर उसने अपनी ही भाभी के साथ बलात्कार किया। रिजवान दवा दिलाने के बहाने अपनी भाभी को हालसी रोड स्थित होटल पर ले गया। वहाँ पर नशीली कोल्डड्रिंक पिलाकर अपने साथी के साथ मिल कर उसने सामूहिक बलात्कार की इस घटना को अंजाम दिया। रिजवान पीड़िता का रिश्ते का देवर है।

इतना ही नहीं, आरोपितों ने गैंगरेप के दौरान पीड़िता का आपत्तिजनक वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया और इसे वायरल करने की धमकी दी। होश में आने पर पीड़िता ने जब विरोध किया तो उसे ब्लैकमेलिंग की धमकी दी गई। पीड़िता की शिकायत के बाद यूपी पुलिस ने मामला दर्ज कर के दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। पीड़िता बजरिया थाना क्षेत्र में रहती है। उसके पति की मृत्यु हो चुकी है।

पीड़िता ने बताया कि 15 सितंबर, 2021 को वो दवा लेने मूलगंज गई थी। इसी दौरान उसे रिजवान मिला, जो कर्नलगंज का रहने वाला है और रिश्ते में उसका देवर है। दवा दिलाने के बहाने ही वो उसे हालसी रोड स्थित क्लासिक होटल ले गया। यहाँ उसने पीड़िता को नशीली कोल्डड्रिंक पिला दी। महिला के बेहोश होने के बाद उसने अपने साथी शाहनवाज को भी बुला लिया। फिर दोनों ने महिला का गैंगरेप किया।

महिला ने होश में आने के बाद जब अपने कपड़े अस्त-व्यस्त देखे तो वो चिल्लाने लगी। शोर मचाने पर रिजवान ने उसे फ़ोन में रिकॉर्ड किया गया अश्लील वीडियो दिखाया और परिवार को जान से मार डालने की धमकी दी। होटल से किसी तरह निकलने के बाद महिला बादशाहीनाका थाना पहुँची और मामला दर्ज कराया। पुलिस होटल की भूमिका की भी जाँच कर रही है। मैनेजर श्याम राठौड़ का कहना है कि उनके होटल में ऐसी कोई घटना नहीं हुई।

कॉन्ग्रेसियों ने BJP सांसद व भाजपा कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, बरसाए ईंट-पत्थर: 9 बार के कॉन्ग्रेस MLA पर आरोप

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में भाजपा सांसद संगम लाल गुप्ता की पिटाई की गई है। 9 बार के विधायक प्रमोद तिवारी और कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं पर इस घटना को अंजाम देने के आरोप लगे हैं। सांगीपुर में ‘गरीब कल्याण मेला’ के दौरान कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला कर दिया। सांसद संगम लाल गुप्ता पर भी हमला हुआ और उनके कपड़े फाड़ डाले गए, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें किसी तरह निकाल लिया।

भाजपा सांसद की गाड़ी और और काफिले में शामिल लगभग आधा दर्जन वाहनों को लाठी-डंडों व ईंट-पत्थर से मार कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। सांसद पर हमले की सूचना के बाद पुलिस भी आनन-फानन में वहाँ पहुँची। इस दौरान एक इंस्पेक्टर पर भी हमला किया गया। शनिवार (25 सितंबर, 2021) को हुए हमले में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं पर भाजपा वालों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटने के भी आरोप हैं।

कार्यक्रम में आए लोगों ने किसी तरह वहाँ से भाग कर अपनी जान बचाई, लेकिन वहाँ घंटों अफरातफरी का माहौल बना रहा। कार्यक्रम में पूर्व सांसद प्रमोद तिवारी और उनकी बेटी और कांग्रेस की विधायक आराधना मिश्रा मोना मौजूद थीं। भाजपा सांसद के वहाँ पहुँचने पर नारेबाजी शुरू हो गई। कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं की संख्या अधिक थी। प्रमोद तिवारी 9 बार रामपुर खास से विधायक रहे हैं और पिछले दो बार से उस सीट पर उनकी बेटी का कब्ज़ा है।

सांसद गुप्ता के समर्थकों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा गया और गाड़ी के पास ही सांसद को भी घेर लिया गया। पुलिस के आने पर प्रमोद तिवारी भाजपा कार्यकर्ताओं की ही शिकायत करने लगे। किसी तरह सांसद को भीड़ से बाहर निकाला गया। उनका कहना है कि कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने जानलेवा हमला किया था। उन्होंने बताया कि 50-60 लोग पूर्व-नियोजित साजिश के तहत ईंट-पत्थर लेकर उनका इंतजार ही कर रहे थे।

सांसद ने बताया, “जब इंस्पेक्टर सांगीपुर ने गुंडों को हटाने का प्रयास किया तो वह कोतवाल सांगीपुर को जमीन पर पटक कर मारने लगे। जब मैंने इसका विरोध किया तो हमलावरों ने मेरे ऊपर धावा बोल दिया। सुरक्षाकर्मियों ने किसी तरह हमलावरों के चंगुल से छुड़ाकर मुझे बाहर निकाला। मुझे भी काफी चोट लगी है और मेरे कपड़े फाड़ डाले गए हैं। हमारी कई गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। हमारे समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।”

‘7 साल में 43 करोड़ लोग बैंकों से जुड़े, 36 करोड़ को बीमा, 50 करोड़ को मुफ्त इलाज’: UNGA में PM मोदी ने चाणक्य को किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार (25 सितंबर, 2021) को न्यूयॉर्क में ‘संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA)’ को सम्बोधित करते हुए आचार्य चाणक्य को याद किया। उन्होंने कहा कि भारत के महान कूटनीतिज्ञ आचार्य चाणक्य ने सदियों पहले कहा था – ‘कालाति क्रमात काल एव फलम् पिबति।’ अर्थात, जब सही समय पर सही कार्य नहीं किया जाता, तो समय ही उस कार्य की सफलता को समाप्त कर देता है। UN को खुद को प्रासंगिक बनाए रखने के लिए उसे अपनी प्रभावशीलता व विश्वसनीयता पर काम करना होगा।

उन्होंने विश्व समुदाय को बताया कि बीते 7 वर्षों में भारत में 43 करोड़ से ज्यादा लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया है। 36 करोड़ से अधिक ऐसे लोगों को बीमा कवच मिला है जो पहले इस बारे में सोच भी नहीं सकते थे। 50 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त इलाज का लाभ देकर उन्हें क्वालिटी हेल्थ से जोड़ा गया है। उन्होंने UN को नसीहत दी कि कोरोना महामारी के दौरान और जलवायु संकट के दौरान देखा है, जो अफगानिस्तान के ताज़ा हालात के बाद और गहरा हो गया है।

उन्होंने समुद्रों को हमारी साझी विरासत बताते हुए कहा कि हमें उनका उपयोग करना चाहिए, दुरुपयोग नहीं। उन्होंने उन देशों को भी चेताया जो आतंकवाद का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे देश समझ लें, आतंकवाद उनके लिए भी इतना ही बड़ा खतरा है। उन्होंने इसे सुनिश्चित करने पर बल दिया कि अफगानिस्तान का इस्तेमाल आतंकवाद फैलाने और आतंकी हमलों के लिए न हो।

उन्होंने कहा, “हमें इस बात के लिए भी सतर्क रहना होगा कि वहाँ की नाजुक स्थिति का कोई देश अपने स्वार्थ के लिए एक टूल के लिए इस्तेमाल करने की कोशिश न करे। इस समय अफगानिस्तान के लोगों को मदद की जरूरत है, इसमें हमें अपना दायित्व निभाना ही होगा।” प्रधानमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी ने विश्व को ये भी सबक दिया है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को अब और अधिक विविधतापूर्ण किया जाए।

इसके लिए उन्होंने इसके लिए ‘Global Value Chains‘ के विस्तार को आवश्यक बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुनिया को बताया कि हमारा ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान इसी भावना से प्रेरित है। उन्होंने अतिवादी और कट्टरवादी सोचों का प्रभाव बढ़ने का जिक्र करते हुए कहा कि इन परिस्थितियों में पूरे विश्व को विज्ञान पर आधारित तर्कसंगत और प्रगतिशील सोच को विकास का आधार बनाना ही होगा।

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सम्बोधन

उन्होंने दुनिया को याद दिलाया कि कैसे कम संसाधनों के बावजूद हमारा देश ‘सेवा परमो धर्मः’ का अनुसरण करते हुए कोरोना टीकाकरण के विकास और इसके उत्पादन में जी-जान से जुटा है। उन्होंने दुनिया की पहली DNA वैक्सीन तैयार करने की खबर देते हुए बताया कि इसे 12 वर्ष की आयु से अधिक के सभी लोगों को लगाया जा सकता है। उन्होंने जानकारी दी कि भारत ने मानवता को ध्यान में रखते हुए देशों को वैक्सीन की सप्लाई फिर शुरू कर दी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज विश्व का हर छठा व्यक्ति भारतीय है, ऐसे में जब भारतीयों की प्रगति होती है तो विश्व का विकास होता है। उन्होंने प्रदूषित पानी को गरीबों के लिए एक बड़ी समस्या बताते हुए कहा कि हमने 17 करोड़ घरों तक पाइप से स्वच्छ जल पहुँचाने का लक्ष्य ले रखा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास सर्वसमावेशी, सर-पोषक, सर्व-स्पर्शी और सर्व-व्यापी हो – यही हमारी प्राथमिकता है

‘इतने टीके लग गए तो CM योगी को 10 बार सलाम करूँगा.. चैलेंज है’: यूपी में 10 करोड़ वैक्सीनेशन, अजीत अंजुम को खोज रहे लोग

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ‘पत्रकार’ अजीत अंजुम ने खुला चैलेंज दिया था। उन्होंने अपने एक वीडियो में ये चैलेंज करते हुए कहा कि यदि वे अपनी सरकार के ही फैसले पर अमल करते है  तो वे उन्हें एक बार नहीं दस बार सलाम करेंगे। उनकी चुनौती राज्य में कोविड वैक्सीनेशन को लेकर थी। 

उन्होंने कहा था, “यूपी सरकार का दावा था कि 1 जुलाई से 3 महीने तक यूपी में महा वैक्सीनेशन अभियान की शुरुआत होगी। उस मेगा वैक्सीनेशन ड्राइव के तहत हर रोज 10 लाख लोगों को टीका लगेगा, वैक्सीनेशन होगा। उस हिसाब से देखें तो 10 लाख यानी महीने में 3 करोड़ और 3 महीने में 9 करोड़ लोगों को टीके का प्लान है।” इसी पर निशाना साधते हुए अजीत अंजुम ने कहा था कि अगर योगी आदित्यनाथ अपने इस फैसले पर अमल कर लेते हैं और सफल हो जाते हैं तो वो एक बार नहीं दस बार सलाम करेंगे।

अब बात करते हैं योगी आदित्यनाथ के सरकार में वैक्सीनेशन ड्राइव पर। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने के लिए चलाए जा रहे वैक्सीनेशन कार्यक्रम में बड़ा मुकाम हासिल किया है। कोरोना वायरस के वैक्सीनेशन के मामले में उत्तर प्रदेश ने अन्य राज्य को पीछे छोड़ते हुए 10 करोड़ से अधिक टीके लगाने के लक्ष्य प्राप्त कर लिया है। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने शनिवार (सितंबर 25, 2021) को कोरोना वैक्सीन की 10 करोड़ से अधिक डोज लगाकर देश का पहला राज्य बन गया है। 

यूपी में वैक्सीनेशन के नए रिकॉर्ड को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट भी किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने ट्वीट में लिखा “आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन व यूपी सरकार के अथक प्रयासों का सुफल है कि प्रदेश में 10 करोड़ से अधिक कोविड टीके का सुरक्षा कवच प्रदान किया जा चुका है। यह उपलब्धि प्रतिबद्ध स्वास्थ्यकर्मियों व अनुशासित नागरिकों को समर्पित है। आप भी लगवाएँ ‘टीका जीत का’…”

उत्तर प्रदेश की इस उपलब्धि के बाद अब लोग अजीत अंजुम से सवाल कर रहे हैं कि यूपी सरकार ने तो चुनौती स्वीकार कर लिया है। वो उन्हें कब सलाम करेंगे। जय नाम के यूजर ने लिखा, “आज यूपी ने 10 करोड़ के टार्गेट को पूरा किया। 3 महीने होने में अभी 5 दिन बाकी हैं और और एवरेज 10 लाख के हिसाब से 3 महीने में ९ करोड़ टीके लग गए। अब देखते हैं अजीत अंजुम जी में सलाम करते हुए वीडियो बनाने की हिम्मत हैं या नहीं। इंतज़ार रहेगा अंजुम जी।”

वहीं संजय दीक्षित ने लिखा, “हैलो अजी अंजुम योगी को सलाम करते हुए वीडियो कब डाल रहे हो? हो गए 9 करोड़ टीके और 5 दिन अभी बाकी हैं तुम्हारे चैलेंज के।”

एक यूजर ने लिखा, “सलाम ही करेगा ये मरदूद, नमस्ते नहीं करेगा। वैसे ये सलाम भी नहीं करेगा। वोक लेफ़्टी है ना, थूक के चाट लेगा। मतलब केजरीवाल टर्न ले लेगा।”

दीपक कामत ने लिखा, “गली के कुत्ते आने जाने वाले वाहनों पर भौंकते हैं, पर जब कोई वाहन रोक के दरवाजा खोलता है तो वही कुत्ते अपने स्थान विशेष में अपनी दुम्म दबा कर भाग खड़े होते है। अब मैंने कुत्ते की प्रवृति को व्यक्त किया है आप कुछ और ना समझे।”

एमके जवाली ने लिखा, “ये ऐसे पत्रकार हैं जिन का काम केवल विरोध करना है और लोगो मे नेगेटिव एनर्जी पैदा करना है। वैक्सीन का अभाव या उस का उपलब्ध न होने की तो ऐसे बात करते हैं कि जैसे कोई पानी निकालने वाला पम्प जमीन में लगा है और एक दिन में लगा कर लोगो को उपलव्ब्ध करा दो। जैसे सरकारी हैंड पम्प हो।”

वहीं गौतम कोतवाल ने लिखा, “हाँ भाई अजीत अंजुम…वीडियो नहीं आया अभी तक तुम्हारा…और हाँ अगर बनाओ तो पूरे आदर के साथ बनाना महाराज जी का… भविष्य के प्रधानमंत्री हैं वो।”

‘वो पहले आपके पैर पकड़ेंगे, 1 से 10 हो जाएँगे तो गली में घुसने भी नहीं देंगे’: उत्तराखंड में ‘लैंड जिहाद’ के खिलाफ प्रदर्शन

उत्तराखंड में भाजपा के पूर्व प्रदेश महामंत्री गजराज सिंह बिष्ट ने नैनीताल में शनिवार (25 सितंबर, 2021) को हिन्दू समाज का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ”देवभूमि में समाज के कुछ विधर्मी लोग अराजकता फैलाने का प्रयास कर रहे हैं, जिसे रोकने के लिए आज पूरा हिन्दू समाज एकजुट हुआ है। इसके लिए मैं उनका हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।”

उत्तराखंड कृषि उत्पादन विपणन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष रह चुके बिष्ट ने फेसबुक पर अपना वीडियो शेयर किया है, जिसमें वह लोगों को संबोधित कर रहे हैं। उन्होंने वहाँ मौजूद लोगों से कहा, ”देश का बँटवारा होने के बाद 2 करोड़ मुसलमान हिंदुस्तान में रहे और 2 करोड़ मुस्लिम पाकिस्तान चले गए। आजादी के 70 सालों के बाद आज हमारे प्रेम की वजह से यह संख्या 2 करोड़ से 20 करोड़ हो गई है। वहीं पाकिस्तान में यह संख्या घटकर 2 करोड़ से 2 लाख रह गई है।”

उन्होंने कहा कि ये मुस्लिम शुरुआत में आपके पैर पकड़ने आएँगे। फिर आपसे हाथ जोड़ेगे और विनती करेंगे, लेकिन जब यही 1 से 10 हो जाते हैं तो आप इनकी गली में घुस भी नहीं सकते हैं। मैं आप सभी का धन्यवाद करता हूँ। यहाँ मौजूद सभी लोग बधाई के पात्र हैं।

गजराज सिंह ने कहा, ”ये केवल एक जमीन बिकने का मामला नहीं है। 13 रजिस्ट्रियों का मामला नहीं है। ये हमारी आस्था और पहाड़ को बचाने का मामला है। उत्तराखंड में कई जगहों से लोग आए हैं। उन्होंने 700 सालों तक मुस्लिमों की गुलामी तो सही, लेकिन उनके मजहब को कभी स्वीकार नहीं किया।”

सिंह ने आगे कहा हम अपने पूर्वजों को, अपने पितरों को इस श्राद्ध में इससे अच्छा तोहफा नहीं दे सकते हैं। हमारे पूर्वजों ने मुसलमानों की 700 वर्षों तक गुलामी सही है। कश्मीर भी पहले हमारी तरह था, लेकिन वहाँ भी एक-एक करके मुस्लिम परिवार बढ़ते गए और हिंदुओं की संख्या घटती गई। जैसे ही कश्मीर में 60 प्रतिशत मुस्लिम हुए उन्होंने 40 प्रतिशत हिंदुओं को भगा दिया। आज भी कश्मीर का 23 प्रतिशत ब्राह्मण दिल्ली में शरण लिए हुए है।

उन्होंने अपनी बात को खत्म करते हुए कहा, “ऐसी स्थिति हमारे राज्य की ना हो इससे बचने के लिए हमें कारगर कदम उठाना है। यह केवल एक प्लॉट बेचने या एक रजिस्ट्री करने का मामला नहीं है, बल्कि हिंदुत्व को बचाने का मामला है। ये हमारी आस्था और पितरों के सम्मान का मामला है। हर उत्तराखंडी को इस लड़ाई में सभी मतभेद भुलाकर आगे आना होगा।”

4 लोगों को मार कर लाश बीच चौराहे पर टाँग दी: तालिबान की ताज़ा करतूत, अफगानिस्तान में ‘कुरान के हिसाब से सज़ा’ की तस्वीर

तालिबान (Taliban) के सत्ता में आने के बाद अफगानिस्तान (Afghanistan) के हालात अब तेजी से बदल रहे हैं। तालिबान ने शरिया कानूनों के तहत लोगों का बर्बर सजा देना भी शुरू कर दिया है। ताजा तस्वीर पश्चिमी अफगानिस्तान के हेरात शहर के मुख्य चौक की है, जहाँ एक शख्स को तालिबान ने मारकर सार्वजनिक तौर पर क्रेन से लटका दिया है। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है। 

इसे टोलो न्यूज की पत्रकार जहरा रहीमी ने ट्वीट करते हुए लिखा, “अत्याचार वापस आ गया है। तालिबान ने अफगानिस्तान के पश्चिम में हेरात शहर में एक व्यापारी के अपहरण के आरोप में चार लोगों को लटका दिया है।”

इसे अफगानिस्तान के पत्रकार हिजबुल्लाह खान ने भी ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा, “तालिबान ने शहरों के अंदर सार्वजनिक तौर पर सजा-ए-मौत देना शुरू कर दिया है। ये हेरात का मामला है।”

चौक के किनारे एक फार्मेसी चलाने वाले वज़ीर अहमद सेद्दीकी ने द एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि चार शवों को चौक पर लाया गया और तीन शवों को शहर के दूसरे स्क्वायर पर टाँगने के लिए ले जाया गया है। सिद्दीकी ने कहा कि तालिबान ने चौक पर घोषणा की कि चारों को अपहरण में शामिल पाया गया था और पुलिस ने उन्हें मार दिया। हालाँकि उनकी बातों से यह स्पष्ट नहीं था कि चारों पुलिस के साथ हुए गोलाबारी में मारे गए या उनकी गिरफ्तारी के बाद उन्हें मार डाला गया।

तालिबान के संस्थापक मुल्ला नूरुद्दीन तराबी ने इसी हफ्ते धमकी दी थी कि अफगानिस्तान में उसके संगठन का शासन आने के बाद से चोरों के लिए अंग-भंग की सज़ा फिर से वापस लाई जा सकती है। एक आँख और एक पाँव वाले तालिबान के संस्थापक ने कहा कि चोरों का हाथ काटने की सज़ा वापस आएगी, लेकिन हो सकता है कि ऐसी कार्रवाई अब सार्वजनिक रूप से नहीं की जाए। साथ ही उसने तालिबान द्वारा मचाए गए कत्लेआम का भी बचाव किया।

बता दें कि तालिबान अक्सर महिलाओं को कोड़े मारने से लेकर कथित अपराधियों पर पत्थरबाजी तक, इस तरह की कार्रवाइयों को सार्वजनिक रूप से लोगों के सामने अंजाम देता रहा है। यहाँ तक कि मौत की सज़ा भी लोगों के सामने ही दी जाती है। मुल्ला नूरुद्दीन तराबी ने दुनिया को तालिबान के कार्यों में हस्तक्षेप करने पर भुगतने की भी धमकी दी और कहा कि सजा शरीयत व कुरान के हिसाब से होगी। पिछली बार जब तालिबान ने अफगानिस्तान में सत्ता पाई थी, तब नूरुद्दीन ही उस सरकार का सर्वेसर्वा था।

इससे पहले तालिबान के क्रूरता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वीडियो में दो शख्स कोड़े बरसा रहे थे और महिला दर्द से चीख रही थी। वीडियो में देखा गया कि तालिबानी अफगान महिला पर कोड़े बरसा रहे हैं और वह दर्द से चीख रही है। वीडियो में एक गाड़ी और आसपास कुछ लोग खड़े थे। अभी तक ऐसे कई वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा चुके हैं जो तालिबान के अत्याचारों का दावा करते हैं। वहीं प्रदर्शनकारियों पर तालिबान को गोली बरसाते हुए भी देखा जा चुका है।