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निकिता तोमर हत्याकांड: तौसीफ और रेहान को उम्रकैद की सजा, सिर्फ 5 महीने में आया फैसला

हरियाणा के फरीदाबाद की फास्ट ट्रैक अदालत ने निकिता तोमर हत्याकांड में दोषी पाए गए तौसीफ और रेहान को आज (मार्च 26, 2021) उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने सजा के साथ दोनों पर 20-20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है।

24 मार्च को इस मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने रेहान और तौसीफ को दोषी करार दिया था। वहीं, मामले के एक अन्य आरोपित अजरुद्दीन को बरी कर दिया था। उस पर तौसीफ को हथियार मुहैया कराने का आरोप था। तौसीफ और रेहान को आईपीसी की धाराओं 302, 366 और 120-बी / 34 के तहत दोषी ठहराया गया था। तौसीफ को हथियार कानून के तहत भी दोषी पाया गया था।

फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में अग्रवाल कॉलेज के बाहर 21 वर्षीय छात्रा निकिता तोमर की 26 अक्टूबर 2020 को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तौसीफ (Tauseef) ने उसे गाड़ी में खींचने की कोशिश की। असफल रहने पर उसे गोली मार दी थी। पूरी घटना CCTV में भी कैद हो गई थी, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

हत्या से एक महीने पहले भी निकिता ने तौसीफ के खिलाफ छेड़खानी और उत्पीड़न की शिकायत दर्ज करवाई थी। बाद में परिवार ने मामला वापस ले लिया था। इसके बाद तौसीफ ने उसे फिर से परेशान करना शुरू कर दिया था और उस पर इस्लाम अपनाने का दबाव डालने लगा था।

इस्लामी किताबों में ‘थूक’ भी बड़े काम की: मिलती है बरकत, 3 बार बाईं तरफ थूकने से भागता है शैतान

इधर-उधर थूकना स्वास्थ्य के लिए सही नहीं है। यह अच्छे तहजीब की भी निशानी नहीं। दुनिया के कई देशों में तो सार्वजनिक जगहों पर थूकने पर भारी जुर्माना देना पड़ता है। खासकर, सिंगापुर में इसके लिए 1000 डॉलर तक जुर्माना देना पड़ सकता है। कोरोना संक्रमण के बाद से तो सार्वजनिक जगहों पर थूकने को लेकर और सख्ती बरती जा रही है, क्योंकि संक्रमण इससे तेजी से फैलता है। लेकिन, ‘इस्लाम’ में थूकने के भी खास मायने हैं। खासकर, शैतान या बुरी आत्माओं को भगाने के लिहाज से।

कई हदीसों में खास तरीके से थूकने को बरकत पाने और शैतान को दूर भगाने के तरीके के तौर पर वर्णित किया गया है। सहीह-अल-बुखारी (वॉल्यूम 4, पुस्तक 54, संख्या 513) के अनुसार बाईं ओर थूकने से बुरे सपनों से छुटकारा मिलता है। किताब के अनुसार इस्लाम के पैगंबर कहते हैं, “एक अच्छा सपना अल्लाह से जुड़ा है। वहीं बुरा सपना शैतान से। जब भी किसी को बुरा सपना आए और वह डरे तब उसे अपनी बाईं ओर थूकना चाहिए, जिससे उसे अल्लाह की शरण मिले और वह बुरी आत्मा से बच जाए।”

सहीह मुस्लिम (किताब 026, संख्या 5463) में भी कहा गया है कि बाईं ओर तीन बार थूकने से शैतान से दूरी बनी रहती है। उतमन अबु-अल के मुताबिक रसूल ने कहा कि जब शैतान इबादत में खलल डाले। कुरान की आयतें पढ़ने से रोके। जब शैतान का असर होने लगे। तो अपनी बाईं ओर तीन बार थूकने से शैतान दूर रहता है।

इस्लाम के अतिरिक्त कहीं और इस प्रकार थूकना वीभत्स और अनादर का भाव उत्पन्न करता है। किसी व्यक्ति के ऊपर थूकने पर तो हाथापाई की नौबत आ जाएगी। किन्तु इस्लाम में कई ऐसे संदर्भ मिलते हैं, जिनमें बताया गया है कि पैगंबर आशीर्वाद देने के लिए लोगों को थूकते थे।

ये संदर्भ नीचे दिए हुए हैं :

1. सहीह बुखारी (वॉल्यूम 1, किताब 12, हदीस 801) महमूद बिन अर-रबी ने कहा, “मुझे याद है अल्लाह का दूत और उसके द्वारा घर पर लाया गया मुँह में भरा पानी जो उसने मुझ पर डाल दिया।”

2. उरवा अपने लोगों के पास वापस आया और बोला, “मैं कई राजाओं, सीजर, खुसरो और अन-नजाशी के पास गया किन्तु कोई भी उतना सम्माननीय नहीं है जितना मोहम्मद अपने साथियों में। यदि वह थूकेंगे तो थूक उनमें से किसी के हाथ में फैल जाएगा जो उसे अपने चेहरे और त्वचा में रगड़ लेगा।” (सहीह-अल-बुखारी, वॉल्यूम 3, किताब 50, हदीस 891)

3. जबिर-बिन-अब्दुल्लाह का वक्तव्य, “मेरी बीवी भी पैगंबर के पास एक लोई लेकर आई और पैगंबर ने उसमें थूका जिससे अल्लाह का आशीर्वाद प्राप्त हो। इसके बाद पैगंबर ने हमारे माँस पकाने वाले बर्तन में भी थूका और उसमें भी अल्लाह की मेहरबानियाँ बिखेर दी।” (सहीह अल-बुखारी, वॉल्यूम 5, किताब 59, हदीस 428)

4. इस्लामिक हदीसों में यह भी संदर्भ मिलता है कि मोहम्मद जिस पानी से स्वयं को साफ करते थे, लोग उस पानी का उपयोग अपने लिए करते थे। (सहीह अल-बुखारी, वॉल्यूम 1, किताब 8, हदीस 373)

5. अबु जुहैफा का कहना है, “मैंने बिलाल को पैगंबर द्वारा उपयोग में लाए गए पानी का उपयोग करते हुए देखा। बाकी लोग भी वही पानी उपयोग कर रहे थे और अपने शरीर पर रगड़ रहे थे। कुछ एक-दूसरे के हाथों पर लगे पानी का उपयोग करने के लिए आतुर थे।” (सहीह अल-बुखारी, वॉल्यूम 1, किताब 8, हदीस 373)

3 और पाकिस्तान बनाएँगे… कहाँ तक ले जाएँगे ये सब, कभी रुकोगे कि नहीं: TMC पर अमित शाह

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों से पहले हो रही हिंसा पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस मामले में ट्वीट किया, “चुनावी हिंसा बंगाल की संस्कृति का हिस्सा कभी नहीं रहा। CPM और TMC चुनावी हिंसा को लेकर आई हैं। राज्य में अब तक 130 बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है। इस सांप्रदायिकता की हद तो तब होती है, TMC के नेता आपत्तिजनक बयान देते हैं और दीदी इसका खंडन तक नहीं करती हैं। ये बंगाल को कहाँ ले जाना चाहते हैं।”

गृह मंत्री शाह ने यह बात एबीपी बांग्ला को दिए साक्षात्कार में कही। उन्होंने आरोप लगाया कि कम्यूनिस्ट और TMC की सरकारें बंगाल में चुनावी हिंसा को पीक पर ले गईं। यह देश का पहला राज्य है, जहाँ पंचायत चुनाव में वॉट्सएप पर पर्चा एक्सेप्ट करना पड़ा और ममता दीदी इसे डिग्री मानती हैं। अमित शाह ने कहा:

“मैं बंगाल की जनता को करबद्ध विनती करने आया हूँ कि बंगाल में बीजेपी के अलावा कोई हिंसा को नहीं रोक सकता है। क्योंकि हम हिंसा में विश्वास नहीं करते हैं। किसी भी पार्टी का कोई भी कार्यकर्ता नहीं मरना नहीं चाहिए।”

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, “ममता दीदी हमें कहती हैं कि हम हिंसा कर रहे हैं और मेरी ही पार्टी के लोग मर रहे हैं, शायद ऐसा ममता दीदी ही कह सकती हैं। कोई और नहीं कह सकता है। कोई TMC का व्यक्ति कह रहा है कि 30 प्रतिशत मुसलमान एक हो जाए तो तीन और पाकिस्तान बन जाएँगे। कहाँ तक ले जाएँगे ये सब, कभी रुकोगे कि नहीं।”

दुर्गा पूजा को लेकर चुनाव के कारण दीदी में परिवर्तन

दुर्गा पूजा को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा शुरू किए कॉर्निवल पर अमित शाह ने कहा कि दीदी में ये परिवर्तन 2019 के चुनाव के बाद आया है। अन्यथा उससे पहले तो दुर्गा विसर्जन के लिए ऑर्डर लाना पड़ता था। पुलिस इसकी इजाजत तक नहीं देती थी।

‘उधार की बुद्धि विवेक नहीं देती’: CM योगी ने राहुल गाँधी को बताया कॉन्ग्रेस के पतन का कारण

टाइम्स नेटवर्क के इंडिया इकोनॉमिक कॉन्क्लेव 2021 कार्यक्रम का आयोजन नई दिल्ली में 25-26 मार्च को किया जा रहा है। इस कॉन्क्लेव का विषय है रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म। कार्यक्रम के पहले दिन केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, रवि शंकर प्रसाद और स्मृति ईरानी ने भारत के संदर्भ में बीते दशक पर अपनी बात रखी थी। कार्यक्रम के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपनी बात रखी।

टाइम्स नेटवर्क के मंच से सीएम योगी आदित्यनाथ ने कई विषयों पर अपनी बातें रखीं। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ समय में कैसे देश और उत्तर प्रदेश की स्थिति बदली है। इस बीच वह राहुल गाँधी पर भी हमलावर हुए। टाइम्स की एंकर नविका ने जब उनसे पूछा कि राहुल गाँधी ये क्यों कहते हैं कि आपने उत्तर प्रदेश को बदतर प्रदेश बना दिया है। तब, सीएम योगी ने मुस्कुराते हुए कहा,

“देखिए, राहुल गाँधी अपनी बुद्धि से कुछ नहीं कहते। उधार की बुद्धि विवेक नहीं देती है। दूसरा एक बात ध्यान में रखना होगा कि नकल अक्ल नहीं दे सकती। राहुल के लिए ये बात अच्छी लगती है। इनके बारे में हमारे स्वर्गीय नेता अरुण जेटली ने बहुत अच्छी बात कही थी- मैन विदाउट ब्रेन। इस समय तो राहुल गाँधी ने यूपी से अपना रिश्ता ही बंद कर दिया है। प्रदेश के बारे में वह बाहर बड़ी भली बुरी बात करते हैं तो जब यूपी से उनका रिश्ता नहीं, उनका आना जाना नहीं, तो जाहिर है उन्हें वहाँ की वास्तविक स्थिति की भी जानकारी नहीं है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राहुल की प्रवृत्ति है वो एक जगह से जाकर दूसरी जगह बुराई करते हैं। भारत पर जब भी आपदा आती है उन्हें भारत की जनता नहीं दिखती। तब उन्हें इटली में नानी की याद आती है। उत्तर भारत में रहते हुए दक्षिण भारत की निंदा करेंगे। दक्षिण भारत में रहते हुए उत्तर भारत की निंदा करते हैं। इसलिए जब आदमी की प्रकृति ऐसी हो तो विश्वसनीयता खतरे में रहती है। कॉन्ग्रेस के सहयोग से राहुल एक ऐसे नमूने बन चुके हैं जो पार्टी के पतन का कारण बन रहे हैं।

केरल की राजनीति पर बात करते हुए भी सीएम योगी ने राहुल गाँधी को घेरते हुए कहा कि दक्षिण भारत में जो कॉन्ग्रेस का थोड़ा बहुत बचा था, वहाँ भी राहुल के पहुँचने से पतन शुरू हो गया है।

इस बातचीत में योगी आदित्यनाथ ने बंगाल में ममता बनर्जी के मंदिर जाकर पूजा-पाठ करने को अपनी वैचारिक विजय बताया। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले मंदिर जाने, पूजा-पाठ करने, हिंदू त्योहार को मनाने को साम्प्रदायिकता के रूप में प्रस्तुत करते थे, आज उन लोगों ने चुनाव के बहाने ही सही मंदिर जाना शुरू कर दिया है। ये हमारी वैचारिक विजय है। जब ये एक बार हो जाती है, तो इसी के जरिए वास्तविक विजय की ओर भी आगे बढ़ा जाता है।

जिसकी बीवी, बहन, बेटी… बेपर्दा घूमती है वो भड़** है: मौलाना जरजिस ने लड़कियों के चुस्त कपड़े देख उतारा गुस्सा

साल 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के लिए विवादित बयान देने वाले मौलाना जरजिस अंसारी हफीजुल्लाह की एक और वीडियो वायरल हो गई है। इस बार मौलाना लिप्सटिक लगाने वाली व कार्यक्रमों में चुस्त कपड़े पहनने वाली महिलाओं पर अपना गुस्सा उतार रहा है। वह लड़कियों के बेपर्दा घूमने पर पूरी कौम को मरा हुआ और आईसीयू में पड़ा बता रहा है।

मौलाना जरजिस की यह नई वीडियो यूट्यूब पर राजधानी चैनल पर 24 मार्च 2021 को अपलोड हुई है। इस वीडियो में वह लड़कियों पर अपना गुस्सा उतार रहा है। मौलाना कहता है कि जलसों में लड़कियाँ ऐसे सज के आती हैं, जैसे इनकी शादी हो और लड़के इसलिए आते हैं कि पसंद कर सकें किससे शादी करेंगे। मौलाना के मुताबिक ये सब देख उसे ऐसा लगता है, जैसे एक कु%$ के पीछे दस दस कु%& लगे हों।

वीडियो में मौलाना कहता है, “जलसों में लिपस्टिक लगाकर आने का क्या मामला है। बताइए किसको दिखा रही हो। चिपके हुए कपड़े और चिपकी हुई लैगी… पैरों से चिपकी हुई लैगी किसके लिए? हमारी बहनें हैं, हमारी बेटियाँ और हमारी बीवीयाँ हैं… कितनी बार बताया जाए कि जिसकी बेटी, जिसकी बहन जिसकी माँ बेपर्दा घूमती है वह भड़** है। नहीं बोलूँगा दय्यूस। भड़** बोलूँगा क्या कर लेंगे आप? जिसकी बहन बेपर्दा घूम रही है वो भाई भड़**  है। जिसकी बेटी बेपर्दा घूम रही है वो बाप भड़**  है। जिसकी बीवी बेपर्दा घूम रही है उसका शौहर भड़** है। दय्यूस। अगर योगी हमसे पूछें कि दय्यूस क्या होता है तो बताना पड़ेगा कि दय्यूस भड़** होता है। उन्हें क्या पता। कल मोदी जी पूछेंगे कि दय्यूस किसको कहते हैं तो बताना पड़ेगा। दय्यूस को भड़** कहते हैं। ”

बता दें कि इससे पहले मौलाना जरजिस ने साल 2019 में कहा था, अगर मोदी या शाह उन्हें देश से बाहर फेंकने की कोशिश कर रहे हैं तो वह भारत के कोने-कोने में ‘जिहाद’ करेंगे। वीडियो में मौलाना को यह कहते हुए सुना गया था “इनके बाप के बाप के बाप की भी ताक़त नहीं हैं कि हमें बाहर निकाल दें। हमें निकाल के तो दिखा मोदी, हम भी जिहाद करने से पीछे नहीं हटेंगे।”

उस विवादित वीडियो में मौलाना ने पीएम मोदी को ‘अनपढ़’ और ‘नपुंसक’ और गृह मंत्री को “मोटे” और “टकले” कहा था। इसके अलावा, मौलाना ने गृह मंत्री को यह कहते हुए धमकी दी थी कि तुम आग से खेल रहे हो, तो हमें कमतर न आँके।

क्या HIV/AIDS पॉजिटिव हैं CM उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य: वायरल खबरों में कितना है दम

सोशल मीडिया में एक स्क्रीनशॉट वायरल हो रहा है। इस पर लिखा है, “सीएम उद्धव के बेटे आदित्य ठाकरे HIV/AIDS पॉजिटिव।” यह स्क्रीनशॉट TV9 भारतवर्ष न्यूज चैनल का बताया जा रहा है। सोशल मीडिया में महाराष्ट्र सरकार में मंत्री आदित्य ठाकरे के संक्रमण को लेकर कई तरह के कयास लग रहे हैं।

सोशल मीडिया पर काफी तेजी से शेयर किए जा रहे इस स्क्रीनशॉट को लेकर कई प्रकार की प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही है।

यह एक फेक न्यूज है। फैक्ट-चेक वेबसाइट फैक्ट हंट ने बताया है कि TV9 भारतवर्ष का स्क्रीनशॉट पूरी तरह से एडिटेड है। इसे एडिट किया गया है और इसमें वास्तविक खबर के स्थान पर आदित्य के एड्स संक्रमित होने की खबर को जोड़ दिया गया है।

आदित्य ने 20 मार्च को ट्वीट कर कोविड-19 से संक्रमित होने की जानकारी दी। उनके ट्वीट के बाद मीडिया संस्थानों ने आदित्य के कोरोना से संक्रमित होने की खबर चलाई। TV9 भारतवर्ष के स्क्रीनशॉट उसके द्वारा रिपोर्ट की गई खबर को ही एडिट कर बनाया गया है। TV9 भारतवर्ष ने भी यूट्यूब पर आदित्य के संक्रमित होने की जानकारी देते हुए वीडियो अपलोड किया। इसके ग्राफिक्स का उपयोग करके आदित्य के एड्स संक्रमण की झूठी खबर बनाई गई।

TV9 भारतवर्ष की खबर का वीडियो

इसमें ऑरिजिनल फोटो से ‘कोरोना’ शब्द हटाकर ‘HIV/AIDS’ जोड़ दिया गया। फैक्ट हंट के अनुसार वायरल हो रहे स्क्रीनशॉट में ‘OfficeofSid‘ का वाटरमार्क लगा हुआ था जो किसी का ट्विटर हैन्डल है। इस घटना के बाद ट्विटर ने यह हैन्डल सस्पेन्ड कर दिया है।  

हालाँकि आदित्य ठाकरे के HIV संक्रमित होने की झूठी खबरों को चलाया जाना और उस पर लोगों की प्रतिक्रियाओं का आना बताता है कि अभी भी भारत में एड्स, टीबी और ऐसी ही संक्रमित बीमारियों को लेकर पूर्वाग्रह व्याप्त हैं। सरकार के अनगिनत प्रयासों के बाद भी ऐसे पूर्वाग्रह समाज में लोगों को जकड़े हुए हैं, जिसके कारण इन संक्रमित बीमारियों से ग्रसित लोगों को एक कठिन जीवन जीना पड़ता है।

20 मार्च को आदित्य ने ट्वीट कर कोरोना संक्रमित होने की जानकारी दी और संपर्क में आए लोगों से भी कोविड-19 टेस्ट कराने की अपील की। आदित्य के साथ उनकी माँ रश्मि ठाकरे भी कोरोना संक्रमित हैं। सोमवार की रात को उनकी भी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। फिलहाल उन्हें घर में ही आइसोलेशन में रखा गया है।

जनवरी, 2021 तक कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार गिरने के बाद अब दोबारा इसमें वृद्धि देखने को मिल रही है। सबसे बुरे हालात महाराष्ट्र, केरल और पंजाब के हैं, जहाँ भारत के कुल नए संक्रमितों मामलों में से 76% संक्रमण सामने आए हैं। महाराष्ट्र में अब रोजाना मिलने वाले संक्रमितों की संख्या 30,000 पार कर चुकी है।

बीवी और 2 बच्चों को मार एहसान ने घर में गाड़ दिया, फिर पवन को बेच दिया मकान: पानीपत कंकाल केस की गुत्थी सुलझी

हरियाणा के पानीपत में एक मकान में मरम्मत के दौरान मिले तीन नर कंकालों की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस मामले में उत्तर प्रदेश के भदोही से एहसान सैफी को गिरफ्तार किया गया है। एहसान ने अपनी बीवी नाजनीन और दो बच्चों की हत्या कर उन्हें घर में गाड़ दिया था।

एहसान ने बाद में यह घर पवन को बेच दिया और खुद भदोही में किराए के घर में रह रहा था। पानीपत के शिव नगर स्थित इस मकान को 2017 में पवन ने सरोज के हाथों बेच दिया। पिछले दिनों जब सरोज इस घर की मरम्मत करवा रहीं थी तो कंकाल मिले। इसके बाद उन्होंने पुलिस को इसकी सूचना दी।

पानीपत पुलिस ने एहसान को गिरफ्तार कर पूरे मामले से पर्दा उठा दिया है। छानबीन के दौरान सरोज के पड़ोसियों ने पुलिस को बताया था कि एहसान का व्यवहार बेहद अजीब था। पुलिस ने जब उसे दबोचा तो उसने बताया कि उसने अपनी दूसरी बीवी नाजनीन, अपने बेटे और एक नाबालिग रिश्तेदार की हत्या कर उनके शव को उसी घर के एक कमरे गाड़ दिया था।

पुलिस ने बताया कि एहसान सैफी पेशे से बढ़ई है। वह वैवाहिक साइट्स और सोशल मीडिया पर बहुत ऐक्टिव था। उसकी शादी हो चुकी थी और उसकी बीवी और तीन बच्चे उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में रहते थे। इसके बाद भी उसने नाजनीन से शादी की और पानीपत में रहने लगा। जब नाजनीन को उसकी पहली शादी के बारे में जानकारी मिली तब उसने उसे पहली बीवी के संपर्क में रहने से मना किया। इसी विवाद में एहसान ने नाजनीन, उसके बेटे और उसके नाबालिग भाई की हत्या कर दी। इस घटना के बाद उसने एक और शादी की थी।

‘राम सेतु’ के लिए नुसरत ने खुद को कहा सौभाग्यशाली… सोशल मीडिया पर कहा- Let’s do this!

फिल्म अभिनेत्री नुसरत भरूचा अपनी आने वाली फिल्म ‘राम सेतु’ की तैयारी में जुट गई हैं। इसकी जानकारी अभिनेत्री ने सोशल मीडिया अकाउंट पर दी है। इसमें उनके अलावा अक्षय कुमार और जैकलीन फर्नांडीज लीड रोल में हैं।

नुसरत ने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें वह ‘राम सेतु’ की स्क्रिाप्ट पढ़ते हुए नजर आ रही हैं। उन्होंने लिखा, “Let’s do this!!”। इसी के साथ उन्होंने अक्षय कुमार, जैकलीन फर्नांडीज और फिल्म के डायरेक्टर अभिषेक शर्मा को भी टैग किया है।

नुसरत की अक्षय कुमार के साथ यह पहली फिल्म है, जिसको लेकर वह काफी उत्साहित हैं। ‘राम सेतु’ के अलावा वह ओमंग कुमार की ‘जनहित में जारी’, ‘अजीब दास्तांस’ और विशाल फुरिया की ‘चोरी’ पर काम कर रही हैं।

नुसरत भरूचा की निजी जिंदगी

34 वर्षीय नुसरत भरूचा मुंबई की रहने वाली हैं। उनके पिता तनवीर एक बिजनेसमैन हैं, जबकि माँ तसनीम गृहिणी हैं। नुसरत भरूचा का परिवार दाउदी बोहरा समुदाय से आता है। 2006 में आई ‘जय संतोषी मां’ से उन्होंने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। इसमें नुसरत ने ‘महिमा’ का रोल प्ले किया था। 2015 में आई ‘प्यार का पंचनामा-2’ में कॉमेडी रोल के लिए नुसरत को बेस्ट ‘एंटरटेनिंग एक्ट्रेस’ का अवॉर्ड दिया गया।

2018 में उन्हें दादा साहब फाल्के फिल्म फाउंडेशन ने ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ में बेस्ट नेगेटिव रोल का अवॉर्ड दिया गया। 2018 में उन्हें ‘फैशन इन्फ्लूएंशर ऑफ द ईयर’ का अवॉर्ड दिया गया। नुसरत अभिनेता कार्तिक आर्यन के साथ रिलेशनशिप को लेकर काफी सुर्खियों में हैं।

कोरोना वैक्सीन लेकर बांग्लादेश पहुँचे PM मोदी, सबसे पहले 1971 के युद्ध में बलिदान हुए जवानों को दी श्रद्धांजलि

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिन के बांग्लादेश दौरे के लिए आज (मार्च 26, 2021) सुबह ढाका पहुँच गए हैं। एयरपोर्ट पर बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने खुद गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया। उनके सम्मान में उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।

पीएम मोदी भारत से अपने साथ बांग्लादेश के लिए वैक्सीन की 10 लाख (कुछ रिपोर्ट के अनुसार 12 लाख) डोज लेकर गए हैं। कोरोना महामारी के बाद प्रधानमंत्री की इस पहली विदेश यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय रिश्ते मजबूत करना है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बांग्लादेश पहुँचने के बाद सबसे पहले ढाका के सावर में स्थित वॉर मेमोरियल गए। यहाँ उन्होंने 1971 के युद्ध में बलिदान हुए जवानों को श्रद्धांजलि दी। यहाँ स्मारक पर पौधारोपण करते हुए उनकी एक वीडियो भी सामने आई।

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प्रधानमंत्री मोदी ने ढाका में भारतीय समुदाय के लोगों से हाथ जोड़ कर मुलाकात की। सभी उनके सम्मान में हाथ में तिरंगा लिए नजर आए। सामने आई वीडियो में मुस्लिम समुदाय के लोग पीएम को शॉल उढ़ाकर उनका स्वागत करते, उनसे बात करते दिख रहे हैं।

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज एयर इंडिया-1 के बिलकुल नए विमान के साथ ढाका पहुँचे हैं। ये वीवीआईपी विमान ऐसे एडवांस कम्युनिकेशन सिस्टम से लैस है और बिना हैक किए मिड-एयर में ऑडियो और वीडियो कम्युनिकेशन फंक्शन की सुविधा देता है।

बांग्लादेश में पीएम मोदी का यह दौरा संभवत: कई समझौतों पर मुहर लगाने वाला होगा। उनकी यात्रा कार्यक्रम में ओरकांडी के मतुआ मंदिर और सतखिरा के जसोरेश्वरी काली मंदिर जैसे धार्मिक स्थानों की यात्रा भी शामिल है।

बता दें कि बीते साल कोरोना वायरस की शुरुआत के बाद प्रधानमंत्री मोदी की जो विदेश यात्रा मार्च 2020 में रद्द की गई थी, वो बांग्लादेश की ही थी। पीएम मोदी को तब शेख मुजीबुर रहमान जन्मशती कार्यक्रम में शरीक होने के लिए पहले 17 मार्च 2020 को बांग्लादेश पहुँचना था। हालाँकि तब ऐसा नहीं हो सका, इसलिए कोविड-19 महामारी के बीच अपनी विदेश यात्राओं का सिलसिला शुरू करने के लिए उन्होंने पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश को ही चुना।

बंगाल के 2 भाई, अयोध्या में बलिदान… CM योगी ने नंदीग्राम में किया याद: जानें रामभक्तों की अमर गाथा

पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नंदीग्राम में ममता सरकार पर जम कर निशाना साधा। इस दौरान योगी ने राम जन्मभूमि अभियान के लिए बलिदान होने वाले कोठारी बंधुओं को याद किया, जिसके बाद वहाँ जोर-जोर से जय श्रीराम के नारे लगे।

सीएम योगी ने कहा, “कोठारी बंधुओं ने अयोध्या में राम मंदिर अभियान के लिए अपना बलिदान दिया। उनके बलिदान का स्मारक आज भी अयोध्या में है। राम मंदिर बनाने का उनका सपना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पूरा किया गया।”

बंगाल की धरती पर योगी आदित्यनाथ द्वारा कोठारी बंधुओं को याद करने की वजह सीएम ममता बनर्जी का रवैया ही था। उन्होंने ममता बनर्जी को लेकर कहा, “दीदी को आईआईटी और आईआईएम की इमारतें बनवाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उनकी चिंता बस यही है कि कैसे भी जय श्रीराम बैन किया जाए।”

नंदीग्राम में सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिन कोठारी बंधुओं का जिक्र किया गया, उन्हें 1990 में अयोध्या के विवादित ढाँचे पर चढ़ कर भगवा पताका फहराने के आरोप में गोली मार दी गई थी। इनमें से बड़े भाई का नाम राजकुमार (22 साल) और छोटे का नाम शरद (20 साल) था। रामलला के लिए शरद कोठारी ने सिर में गोली खाई तो राजकुमार कोठारी के गले को चीरती गोली निकल गई।

कोठारी बंधु: राम मंदिर के लिए बलिदान की अमर गाथा

मौजूदा जानकारी के अनुसार, कई अन्य स्वयंसेवकों की तरह ही कोठारी बंधुओं ने भी उस समय विहिप की कार सेवा में शामिल होने का फैसला किया। 20 अक्टूबर 1990 को उन्होंने अयोध्या जाने के अपने इरादे के बादे में पिता हीरालाल कोठारी को बताया। इसके बाद आरएसएस से प्रशिक्षित दोनों भाइयों ने 22 अक्टूबर 1990 को कोलकाता से ट्रेन पकड़ी। 25 तारीख से कोई 200 किलोमीटर पैदल चल वे 30 अक्टूबर की सुबह अयोध्या पहुँचे।

30 अक्टूबर को विवादित जगह पहुँचने वाले शरद पहले आदमी थे। विवादित इमारत के गुंबद पर चढ़ कर उन्होंने पताका फहराई। तभी दोनों भाइयों को सीआरपीएफ के जवानों ने लाठियों से पीटकर खदेड़ दिया। शरद और राजकुमार अब मंदिर आंदोलन की कहानी बन गए थे। अयोध्या में उनकी कथाएँ सुनाई जा रही थी।

फिर आया 2 नवंबर का दिन। ‘युद्ध में अयोध्या’ के अनुसार दोनों भाई विनय कटियार के नेतृत्व में दिगंबर अखाड़े की तरफ से हनुमानगढ़ी की ओर बढ़ रहे थे। जब सुरक्षा बलों ने फायरिंग शुरू की तो दोनों पीछे हट कर एक घर में जा छिपे। सीआरपीएफ के एक इंस्पेक्टर ने शरद को घर से बाहर निकाल सड़क पर बिठाया और सिर को गोली से उड़ा दिया।

छोटे भाई के साथ ऐसा होते देख रामकुमार भी कूद पड़े। इंस्पेक्टर की गोली रामकुमार के गले को भी पार कर गई। दोनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। उनकी अंत्येष्टि में सरयू किनारे हुजूम उमड़ पड़ा था। बेटों की मौत से हीरालाल को ऐसा आघात लगा कि शव लेने के लिए अयोध्या आने की हिम्मत भी नहीं जुटा सके। दोनों का शव लेने हीरालाल के बड़े भाई दाऊलाल फैजाबाद आए थे और उन्होंने ही दोनों का अंतिम संस्कार किया था।