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‘सबरीमाला के भगवान अय्यप्पा, सभी देवी-देवता लेफ्ट के साथ’: नास्तिक CM विजयन का दावा, श्रद्धालुओं पर चलवाई थी लाठियाँ

केरल में बुधवार (अप्रैल 6, 2021) को 140 विधानसभा सीटों के लिए मतदान संपन्न हो गया। राज्य में मुख्य लड़ाई सत्ताधारी वामपंथी गठबंधन ‘लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF)’ और कॉन्ग्रेस के नेतृत्व वाली ‘यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF)’ के बीच है। भाजपा भी अपनी स्थिति मजबूत करने में लगी हुई है। इसी बीच मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा है कि सबरीमाला के भगवान अय्यप्पा सहित सभी देवी-देवता CPI(M) के साथ हैं।

उनका ये बयान अजीब है, क्योंकि केरल की वामपंथी सरकार ने ही पूरी सुरक्षा के बीच तथाकथित महिला एक्टिविस्ट्स को सबरीमाला मंदिर के भीतर पहुँचाया था। साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था। प्रदेश भर में भगवान अय्यपा के भक्तों पर हजारों केस दर्ज किए गए थे, जिन्हें चुनाव से ऐन पहले हटा लिया गया था। सुप्रीम कोर्ट में भी केरल की सरकार ने श्रद्धालुओं का पक्ष नहीं लिया।

अब केरल के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि LDF ने समाज के सभी तबकों के कल्याण के लिए कार्य किया है। इससे पहले केरल के नायर हिन्दुओं के संगठन ‘नायर सर्विस सोसाइटी’ के महासचिव सुकुमारन नायर ने कहा था कि सबरीमाला के श्रद्धालुओं का आंदोलन अभी ख़त्म नहीं हुआ है और लोगों को लगता है कि राज्य में सरकार बदलनी चाहिए। उन्होंने कहा था कि जनता सेक्युलरिज्म, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय की रक्षा करने वालों को चुनेगी।

वहीं नेता प्रतिपक्ष और कॉन्ग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने कहा कि LDF को सबरीमाला में प्रतिष्ठित भगवान अय्यप्पा और उनके भक्तों के क्रोध का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने LDF पर सबरीमाला के श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप लगाया। उन्होंने पूछा कि चुनाव जीतने के लिए नास्तिक विजयन अब सबरीमाला और श्रद्धालुओं की बातें कर रहे हैं। भाजपा शुरू से सबरीमाला मामले में श्रद्धालुओं के साथ है।

जहाँ कॉन्ग्रेस की राज्य यूनिट ने श्रद्धालुओं के साथ होने का दावा किया था, वहीं दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व की सबरीमाला मामले पर अलग राय थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में अपनी चुनावी रैली में ‘स्वामी शरणम् अय्यप्पा’ का नारा भी लगाया। केरल में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने कहा कि विजयन ने 3 साल पहले सबरीमाला के श्रद्धालुओं के साथ जो किया था, वो ‘राक्षसों वाला कृत्य’ था और लोग उनकी इस ‘शैतानी हरकत’ को माफ़ नहीं करेंगे।

अब पिनराई विजयन कह रहे हैं कि भगवान उनके साथ होते हैं, जो जनता का अच्छा करते हैं। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री ओमान चांडी ने कहा कि एक भी श्रद्धालु सीएम विजयन पर विश्वास नहीं करेगा। विपक्षी नेताओं ने पूछा कि नास्तिक महिलाओं को मंदिर के भीतर क्यों भेजा गया? उनका पूछना है कि जब केरल की सरकार को सुप्रीम कोर्ट में डाली गई एफिडेविट को वापस लेने को कहा गया था, तब उसकी तरफ से नकारात्मक प्रतिक्रिया आई थी।

2018 में भी सीपीएम ने सर्वोच्च न्यायालय के उस विवादित फैसले का समर्थन किया था, जिसने उस परंपरा को अवैध करार दिया था, जिसके तहत केरल के सबसे पवित्र तीर्थ स्थल सबरीमाला मंदिर में 10 साल से 50 साल की उम्र सीमा वाली महिलाओं का प्रवेश वर्जित था। सीपीआईएम के नेतृत्व वाले केरल प्रशासन पर जानबूझकर दो महिलाओं को स्वेच्छा से मंदिर में प्रवेश करा, प्राचीन परंपरा को तोड़कर मंदिर को ही दूषित करने के आरोप लगे थे।

मई 2016 में जब पिनराई विजयन को केरल सीएम के रूप में चुना गया था, तब उनकी पत्नी कमला विजयन ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि न ही वो और ना उनके पति ईश्वर में विश्वास रखते हैं। हालाँकि, उन्होंने बताया था कि विजयन की माँ एक ‘सच्ची आस्तिक’ थीं। बकौल कमला विजयन, वो या उनके पति कभी मंदिर नहीं जाते हैं और न ही ईश्वर से प्रार्थना करते हैं। उन्होंने कहा था कि वो सिर्फ अच्छे कर्म में विश्वास रखते हैं।

वेतन लेते थे, ड्यूटी के दौरान मर गए… उन्हें शहीद क्यों कहें: असम की लेखिका का फेसबुक पोस्ट, दर्ज हुआ देशद्रोह का केस

छत्तीसगढ़ में नक्सली हमले में 22 जवानों के बलिदान होने के बाद असम की एक लेखिका को उनके फेसबुक पोस्ट के कारण गुवाहटी में गिरफ्तार किया गया है। 48 साल की सिखा सर्मा (शिखा शर्मा) नाम की लेखिका को गुवाहटी पुलिस ने देशद्रोह की धारा के तहत हिरासत में लिया। पुलिस का कहना है कि उन्हें कल कोर्ट में पेश किया जाएगा।

गुवाहटी पुलिस कमिश्नर मुन्ना प्रसाद गुप्ता ने कहा, “गुवाहटी की लेखिका सिखा सर्मा के विरुद्ध आईपीसी की 124-ए धारा समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।”

बता दें कि सर्मा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं और कथित तौर पर उन्होंने सोमवार को बलिदान हुए जवानों के बारे में लिखा, “वेतनभोगी पेशेवर जो अपनी ड्यूटी के दौरान मरे, उन्हें शहीद नहीं कहा जा सकता। इस तर्क से तो अगर विद्युत विभाग में कोई वर्कर करंट लगने से मरता है तो उसे भी शहीद कहा जाना चाहिए। मीडिया, इसे लोगों की भावना मत बनाओ।”

असम की लेखिका के इस पोस्ट का ऑनलाइन बहुत विरोध हुआ। सोमवार को गुवाहटी हाई कोर्ट के दो वकील उमी डेका बरुआ और कंगकना गोस्वामी ने उनके विरुद्ध डिसपुर थाने में एफआईआर करवाई। इसमें कहा गया, “यह हमारे सैनिकों के सम्मान में पूरी तरह से अपमानजनक है और इस तरह की भद्दी टिप्पणी न केवल हमारे जवानों के बलिदान को कम करती है बल्कि राष्ट्र भावना और पवित्रता पर मौखिक हमला भी है।”

शिकायतकर्ताओं ने अपनी याचिका में लेखिका के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई करने का अनुरोध किया। वहीं सर्मा ने सोमवार रात इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “क्या मेरी बात को गलत लेना मानसिक प्रताड़ना नहीं हुई। क्या मेरे ख़िलाफ़ फर्जी का प्रोपगेंडा चलाना कानून के तहत आता है? आखिर हत्या और रेप की धमकी के मामले में जो मैंने शिकायत की थी, उसके बारे में कोई जाँच क्यों नहीं हुई?”

इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, इस मामले पर डिसपुर पुलिस स्टेशन ओसी प्रफुल्ल कुमार दास ने जानकारी देते हुए बताया, “मामले में शिकायत के आधार पर गिरफ्तारी हो गई है। आरोपित लेखिका थीं।” इसके अलावा उनके फेसबुक प्रोफाइल से पता चलता है कि वह ऑल इंडिया रेडियो की आर्टिस्ट भी रह चुकी हैं। अक्टूबर में पिछले साल सरकार विरोधी टिप्पणी करने पर उन्हें कथित तौर पर रेप की धमकियाँ मिली थीं।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के बस्तर डिवीजन के बीजापुर जिले में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में 4 अप्रैल को 22 जवान बलिदान हुए थे। नक्सलियों ने शनिवार को घेर कर 700 जवानों पर हमला किया था। घटनास्थल से एक वीडियो भी आया था जिसमें 20 जवानों के शव मौके पर ही दिखाई पड़ रहे थे। इस हमले के बाद CRPF के डीजी ने एनकाउंटर में 12-15 नक्सलियों को मार गिराए जाने की बात कही थी। साथ ही 20 के घायल होने का दावा किया था। 

‘रमजान के लिए कोरोना कर्फ्यू हटाएँ, दें ढील’: मुस्लिम नेताओं ने CM ठाकरे को लिखा पत्र, होली पर सख्त कार्रवाई का था आदेश

जहाँ एक तरफ महाराष्ट्र कोरोना से बेहाल है, वहीं दूसरी तरफ रमजान के महीने में पाबंदियों में ढील देने के लिए राज्य के मुस्लिम नेताओं ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा है। ‘रज़ा अकादमी’ नामक संस्था ने उद्धव को पत्र लिख कर कहा है कि रमजान के दौरान मुस्लिमों को रियायत दी जाए और कोरोना के नाम पर पाबंदियाँ न थोपी जाएँ। पिछले साल भी रमजान के दौरान इफ्तार व अन्य मजहबी कार्यक्रमों के दौरान कोरोना दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया गया था।

महाराष्ट्र की सरकार ने कहा है कि वहाँ किसी भी प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम के लिए प्रशासन की अनुमति लेनी ज़रूरी है और भीड़ नहीं जुटाई जा सकती। पिछली बार भी रमजान के दौरान सरकार ने इस तरह की अनुमति नहीं दी थी। इस बार रमजान सोमवार (अप्रैल 12, 2021) से शुरू हो रहा है, जो एक महीने बाद ख़त्म होगा। इस दौरान मुस्लिम रोजा रखते हैं और शाम को इफ्तार के दौरान रोजा तोड़ते हैं।

इस हिसाब से इस बार ईद मई 12 को पड़ेगा। ईद के दौरान बाजारों में खासी चहल-पहल रहती है, ऐसे में सरकार के लिए लोगों के जुटान को नियंत्रित करना एक कठिन कार्य हो सकता है। हाल ही में होली के दौरान बृहन्मुम्बई महानगरपालिका (BMC) ने विज्ञापन देकर कहा था कि अगर किसी ने सार्वजनिक रूप से होली खेलने का प्रयास किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने शिवसेना को ‘मुस्लिम सेना’ नाम रखने की सलाह दी थी।

महाराष्ट्र में कोरोना के कारण स्थिति खासी बदतर है। यहाँ 4,82,273 सक्रिय कोरोना के मामले हैं और पिछले 1 दिन में 55,469 नए मामले सामने आए। देश में फ़िलहाल कुल 8,38,669 कोरोना के सक्रिय मरीज हैं, जिनका 57.5% महाराष्ट्र में है। पिछले एक दिन में भारत में कोरोना के 1,15,312 नए कोरोना संक्रमण के मामले सामने आए, जिनमें से 48.1% महाराष्ट्र से आए। 1 दिन में 630 मरने वालों में से भी 297 (47.14%) महाराष्ट्र के ही हैं।

मुख्तार अंसारी से जिस कॉन्ग्रेस नेता को जान का खतरा, UP में हटाई गई उनकी सुरक्षा, शस्त्र लाइसेंस भी कैंसल

उत्तर प्रदेश सरकार ने कॉन्ग्रेस के बाहुबली नेता अजय राय की सुरक्षा में लगे सरकारी गनर को हटाने के साथ उनके शस्त्र लाइसेंस को भी निरस्त कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई से कॉन्ग्रेस काफी भड़क गई है। इसके चलते उन्होंने योगी सरकार पर न केवल सुप्रीम कोर्ट गवाह संरक्षण योजना-2018 के उल्लंघन का आरोप लगाया है, बल्कि बदले की भावना से विपक्षी दलों के नेताओं पर कार्रवाई करने का भी आरोप लगाया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कॉन्ग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को एक पत्र भी लिखा है। पत्र में उन्होंने पार्टी के पूर्व विधायक अजय राय को पुनः सुरक्षा देकर उनके शस्त्र लाइसेंस को भी अविलंब जारी करने की माँग की है।

अजय कुमार लल्लू ने कहा कि योगी सरकार कॉन्ग्रेस की आवाज को दबाना चाहती है। वरिष्ठ नेता अजय राय की सुरक्षा एवं व्यक्तिगत शस्त्र लाइसेंस निरस्त करना इसका जीता-जागता उदाहरण है। आज पूरे प्रदेश में कॉन्ग्रेस की आवाज को बलपूर्वक दबाया जा रहा है और लोकतंत्र की हत्या की जा रही है।

उन्होंने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बावजूद जघन्य अपराधों जैसे हत्या आदि के मामलों में गवाहों की सुरक्षा को लेकर वर्ष 2018 के गवाह संरक्षण योजना का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। अजय राय अपने भाई की हत्या के मामले में चश्मदीद गवाह हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा हटाना और उनके निजी शस्त्र लाइसेंस निरस्त करना सुप्रीम कोर्ट के निर्देश की अवहेलना है।

बता दें कि बीते दिनों अजय राय ने बसपा के बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी से जान को खतरा बताया था। उन्होंने बताया था कि वह अपने भाई अवधेश सिंह की हत्या के चश्मदीद गवाह हैं, ऐसे में उनकी जान को खतरा है। अजय राय के भाई अवधेश की हत्या का आरोप मुख्तार अंसारी पर है।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी को मंगलवार को यूपी पुलिस के हवाले कर दिया गया। अंसारी को पंजाब की रोपड़ जेल से यूपी की बांदा जेल शिफ्ट किया जा रहा है।

कोरोना वायरस का बढ़ता कहर: दिल्ली, मुंबई नहीं… इन 10 शहरों में नाइट कर्फ्यू, जानिए चेन्नई और पंजाब में कैसी पाबंदी

देश में कोरोना वायरस की तेज रफ्तार थमने का नाम नहीं ले रही है। बीते 24 घंटे के भीतर आर्थिक राजधानी मुंबई में 10 हजार से ज्यादा कोरोना मामले सामने आए हैं। महामारी से 31 लोगों ने जान गँवाई। इसी के साथ मुंबई में कुल कोरोना मामलों की संख्या 4,72,332 हो गई है। वहीं राजधानी दिल्ली में भी 24 घंटे के भीतर नए मामलों की संख्या 5 हजार के पार पहुँच गई है। 2340 लोगों की रिकवरी हुई है और 17 की मौत हुई। राजधानी में कोरोना के कुल मामलों की संख्या अब 6,85,062 हो चुकी है।

इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने 11 सर्वाधिक प्रभावित राज्यों के साथ बैठक की है। इन 11 राज्यों में महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, पंजाब और राजस्थान हैं। इन राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हुई बैठक में हर्षवर्धन ने कहा है कि देश का कोरोना रिकवरी रेट 92.38% है। साथ ही उन्होंने कहा कि तेजी से नए मामलों में बढ़ोतरी के बावजूद मृत्यु दर 1.30 प्रतिशत है।

मुंबई में उठाए गए हैं सख्त कदम

मुंबई में कोरोना को रोकने के लिए राज्य सरकार की तरफ से सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। टेस्टिंग की स्पीड बढ़ाने के साथ ही लोगों को कोरोना संबंधी नियमों के सख्त पालन की हिदायत दी गई है। सीएम उद्धव ठाकरे कह चुके हैं कि अगर यही हालत रही तो महाराष्ट्र में लॉकडाउन लगाया जा सकता है।

दिल्ली में नाइट कर्फ्यू रात 10 बजे से लेकर सुबह के पाँच बजे तक है तो वहीं मुंबई में रात के आठ बजे से लेकर सुबह के सात बजे तक है। प्रशासन के आदेश के मुताबिक कर्फ्यू के दौरान अगर कोई भी प्रतिष्ठान खुले रहते हैं तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

मुंबई और पुणे में नाइट कर्फ्यू

मुंबई और पुणे में नाइट कर्फ्यू तो लगा है लेकिन इमरजेंसी सेवाओं को इससे छूट दी गई है। मुंबई में पाँच से ज्यादा लोग अगर एक साथ दिखाई देते हैं तो कार्रवाई होगी। हालाँकि यह नियम मेडिकल और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों पर लागू नहीं होगा। वित्तीय सेवाओं से जुड़े कार्यालयों को छोड़ सभी प्राइवेट ऑफिस बंद रहेंगे। प्राइवेट दफ्तरों को वर्क फ्रॉम होम कर दिया गया है। बैंक, स्टॉक मार्केट, बीमा, दवाई, मेडिक्लेयम, दूरसंचार, बिजली और पानी से जुड़े दफ्तर को खोले जाएँगे। सरकारी दफ्तरों में केवल 50 फीसदी कर्मचारी ही जा सकेंगे।

वीकेंड पर लॉकडाउन

वीकेंड यानी शनिवार और रविवार को लॉकडाउन रहेगा। मनोरंजन से जुड़े सभी नाटक घर, थिएटर, मल्टीप्लेक्स, नाट्यगृह, वीडियो पार्लर, क्लब, स्विमिंग पूल, सभागृह, वाटर पार्क बंद रहेंगे।

केजरीवाल सरकार ने आज रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू कर दिया 

दिल्ली की अगर बात करें तो रात में ई-पास रहने पर ही लोगों को घरों से निकलने की छूट होगी। मीडिया को भी ई-पास के जरिए ही मूवमेंट की इजाजत होगी। आईडी कार्ड दिखाने पर प्राइवेट डॉक्टर नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ को छूट मिलेगी। दिल्ली सरकार के मुताबिक वैध टिकट दिखाने पर एयरपोर्ट रेलवे स्टेशन और बस अड्डे आने जाने वाले यात्रियों को छूट दी जाएगी। 

गर्भवती महिलाओं और इलाज के लिए जाने वाले मरीजों को इस कर्फ्यू में छूट मिलेगी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट जैसे बस, दिल्ली मेट्रो, ऑटो, टैक्सी आदि को तय समय के दौरान उन्हीं लोगों को लाने ले जाने की इजाजत होगी, जिनको नाइट कर्फ्यू के दौरान छूट दी गई है। नाइट कर्फ्यू को लेकर दिल्ली सरकार ने अपने आदेश में कहा है कि यह कर्फ्यू लोगों के मूवमेंट को लेकर है न कि जरूरी सामान और जरूरी सेवाओं को लेकर।

चेन्नई को लेकर गाइडलाइन

वही तमिलनाडु सरकार ने कोविड-19 के कारण लगाए गए लॉकडाउन को मौजूदा रियायतों और पाबंदियों के साथ 30 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दिया है। मुख्य सचिव राजीव रंजन की ओर से जारी एक आदेश में इस बात की जानकारी दी गई है। आदेश के मुताबिक, वायरस के प्रसार को काबू करने के लिए जाँच करने, संक्रमितों का पता लगाने और इलाज करने के प्रोटोकॉल को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा। रंजन ने कहा कि जिला प्रशासन को कोविड-19 संबंधी गाइडलाइन को बढ़ावा देने के लिए सभी जरूरी उपाय करने चाहिए। लोगों को मास्क लगाने, हाथों की स्वच्छता और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का सख्ती से पालन कराएँ।

मध्य प्रदेश के चार जिलों में लॉकडाउन 

मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के चार जिलों में लॉकडाउन लगा दिया है। बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने बेतूल जिले में शुक्रवार रात दस से तो खरगोन के शहरी क्षेत्रों में रात बजे से सोमवार सुबह पांच बजे तक लॉकडाउन रहेगा। रतलाम शहर और छिंदवाड़ा जिले में बृहस्पतिवार रात दस बजे से लेकर सोमवार सुबह 6 बजे जरूरी सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी गतिविधियों पर पाबंदी रहेगी।  

जोधपुर में नाइट कर्फ्यू

कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के मद्देनजर जोधपुर जिला प्रशासन ने रात 8 बजे से सुबह 6 बजे तक 30 अप्रैल तक कर्फ्यू लगा दिया है। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा, “रात में 8 बजे से सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लागू किया गया है। कोरोना की दूसरी लहर बहुत खतरनाक है। कुछ राज्यों में, स्थिति भयावह है।”

चंडीगढ़ में नाइट कर्फ्यू

चंडीगढ़ प्रशासन ने मंगलवार को केंद्रशासित प्रदेश में बढ़ते मामलों पर अंकुश लगाने के लिए नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया। आधिकारिक निर्देश के अनुसार, कर्फ्यू 10 बजे से 5 बजे के बीच हैं, इस दौरान केवल आवश्यक सेवाओं को कार्य करने की अनुमति होगी।

पंजाब में पाबंदी

पंजाब में कोरोना से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। इसको देखते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में पाबंदी 10 अप्रैल तक बढ़ा दी है। पंजाब में पहले 31 मार्च तक सख्ती लागू थी। अब यही सख्ती 10 अप्रैल तक लागू रहेगी। उसके बाद दोबारा रिव्यू किया जाएगा और सख्ती बढ़ाने या कम करने पर फैसला लिया जाएगा। मंगलवार को राज्य के अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने कोरोना को काबू करने के लिए कई अहम आदेश दिए हैं। उनका सबसे ज्यादा फोकस टेस्टिंग और वैक्सीनेशन बढ़ाने पर रहा।

गौरतलब है कि देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है क्योंकि वैश्विक महामारी की दूसरी लहर चालू हो गई है। देश के 5 राज्यों में चुनाव हो रहे हैं। देश के सबसे ज्यादा जनसंख्या वाले उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव होने हैं। रेलवे और विमान सेवाएँ चालू हैं। ऐसे में देश के कुछ सक्रिय कोरोना संक्रमितों में से 68.94% उन 5 राज्यों में हैं, जहाँ कॉन्ग्रेस की सरकार है या पार्टी सरकार में साझीदार है।

माँ जा रही थी बेटे का इलाज कराने… सोहेब कुरैशी उनको घूरते हुए ऑटो में हस्तमैथुन कर रहा था, हुआ गिरफ्तार

महाराष्ट्र के पुणे जिले में एक 30 वर्षीय व्यक्ति को एक महिला सह-यात्री को घूरते हुए ऑटो रिक्शा में कथित रूप से हस्तमैथुन करते हुए पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह घटना जिले के पिंपरी चिंचवड़ इलाके में शनिवार (अप्रैल 3, 2021) सुबह हुई। आरोपित की पहचान सोहेब कुरैशी के रूप में हुई है। 

जानकारी के मुताबिक यह घटना तब हुई, जब महिला अपने बेटे को मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए पिंपरी के यशवंतराव चव्हाण मेमोरियल अस्पताल ले जा रही थी। अस्पताल पहुँचने के बाद, महिला ने वहाँ तैनात पुलिसकर्मियों को आपबीती सुनाई। एक पुलिस अधिकारी ने द टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि कुछ स्थानीय लोगों की मदद से कुरैशी को हिरासत में ले लिया गया।

पुलिस अधिकारी ने बताया, “ऑटो रिक्शा से नीचे उतरने के बाद, महिला ने तुरंत पुलिस कर्मियों को अस्पताल के परिसर में पुलिस चौकी पर सूचना दी। संदिग्ध सोहेब कुरैशी को स्थानीय लोगों की मदद से हिरासत में लिया गया।”

गौरतलब है कि इससे पहले मुंबई के रहने वाले 32-वर्षीय मोहम्मद शकील अब्दुल कादिर मेमन को मुंबई क्राइम ब्रांच ने मालवानी में एक महिला के सामने, उसे दिखाकर हस्तमैथुन करने के जुर्म में गिरफ़्तार किया था। 20-वर्षीया महिला के अनुसार वह लिंक रोड स्थित चिंचोली बुंदेर बस स्टॉप पर बस का इंतज़ार कर रही थी, जब आरोपित ने अपना ऑटो उसके पास रोका और उसे ऑटो में बैठने के लिए कहा।

महिला के मुताबिक उसके मना करने पर आरोपित मेमन ने अपनी पैंट की ज़िप खोलकर अपना गुप्तांग निकाला और महिला को दिखाने लगा। पुलिस के मुताबिक महिला ने उन्हें बताया कि तब महिला ने अपनी माँ को फ़ोन किया और घटना के बारे में बताया। लेकिन इसके बावजूद वहाँ से चले जाने की बजाय मेमन ने वहीं हस्तमैथुन शुरू कर दिया। महिला के शोर मचाने पर वह अपना ऑटो छोड़ कर भाग खड़ा हुआ। इसके बाद महिला और उसकी माँ ने बांगुर नगर पुलिस थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराई।

वहीं एक अन्य घटना में मुंबई की 19 साल की लड़की को देखकर एक ऑटो टालक ने उसके सामने ही हस्तमैथुन करना शुरू कर दिया था। यह एक आम घटना नहीं है। और ना ही ऐसा जो सिर्फ मुंबई में हुआ है। ऐसी घृणित मानसिकता के लोग आपको हर शहर में मिल जाएँगे। जैसे गुरुग्राम की घटना ही ले लीजिए। एक लड़की हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन में बने स्टोर से निकल कर स्वचालित सीढ़ियों से नीचे उतर रही थी कि उसे ‘कुछ अजीब’ लगा। ‘कुछ अजीब’ इसलिए क्योंकि उस लड़की के ठीक पीछे एक लड़का हस्तमैथुन कर रहा था।

BJP नक्सलियों के साथ? 2015 की फेक न्यूज शेयर कर ट्रोल हुई स्वरा भास्कर, साइट से कर दी गई थी डिलीट

बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर को एक बार फिर से सोशल मीडिया पर ट्रोल किया जा रहा है। दरअसल इस बार उन्हें नक्सलियों को लेकर फैलाए जाने वाले झूठ को लेकर ट्रोल किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ के बस्तर डिवीजन के बीजापुर जिले में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में बलिदान हुए जवानों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। लापता सीआरपीएफ जवान राकेश्वर सिंह के नक्सलियों के कब्जे में होने की आशंका है। 

इस बीच स्वरा भास्कर ने एक बार फिर से बीजेपी पर निशाना साधने के लिए झूठ का सहारा लिया। स्वरा ने ट्वीट करते हुए आरोप लगाया कि बीजेपी 2015 से ही नक्सलियों की मदद कर रही है। इसके लिए उसने दो खबर का स्क्रीनशॉट शेयर किया। जिसमें से एक भास्कर की खबर थी और दूसरा न्यूज 18 की। स्वरा भास्कर ने अपने ट्वीट में बीजेपी समर्थक विवेक अग्निहोत्री और अशोक पंडित को भी निशाने पर लिया।

न्यूज 18 में 2015 में प्रकाशित खबर का स्क्रीनशॉट

28 अगस्त 2015 को न्यूज 18 की रिपोर्ट में दावा किया गया कि 13 गिरफ्तार किए गए लोगों में से दो बीजेपी नेताओं को हथियार की आपूर्ति करने के लिए दोषी ठहराया गया। हालाँकि ये खबर झूठी निकली। जिसके बाद न्यूज 18 को ये खबर डिलीट तक करनी पड़ी थी। न्यूज 18 की साइट पर यह खबर उपलब्ध नहीं है।

न्यूज 18 ने डिलीट कर दी थी खबर

इसके बावजूद वामपंथी ट्रोल स्वरा ने बीजेपी को टारगेट करने के लिए इस इस खबर के साथ एक और खबर का कोलाज बना कर ये दिखाने की कोशिश की कि बीजेपी काफी पहले से इस काम में शामिल है। इससे पहले भी 2015 में बीजेपी को वामपंथी ट्रोल्स ने टारगेट किया था।

बता दें कि 2015 में ही न्यूज 18 की खबर के पब्लिश करने के 3 दिन बाद इंडियन एक्सप्रेस ने यह खबर पब्लिश की थी, लेकिन इसमें बीजेपी नेता का नाम नहीं था।

उल्लेखनीय है कि अगर स्वरा भास्कर का इरादा बीजेपी को बदनाम करने का न होकर सच को सामने लाना होता तो वो सिर्फ भास्कर की ही खबर शेयर करती, डिलीट हुई खबर को कोलाज बना कर सुसज्जित करके शेयर करने का क्या मतलब? इसका तो साफ मतलब निकलता है कि इनका एक मात्र मकसद बीजेपी को टारगेट करना है, वरना वो सिर्फ भास्कर की खबर को शेयर करती, जो कि सही है और अभी भी उसकी साइट पर उपलब्ध है। इसमें कहा गया कि दंतेवाड़ा पुलिस ने भाजपा के जिला उपाध्यक्ष जगत पुजारी सहित ओरछा के युवक रमेश को गिरफ्तार किया। ये दोनों 5 लाख के इनामी नक्सली अजय तेलाम को नए महिन्द्रा ट्रैक्टर सप्लाई करते पकड़े गए थे।

स्वरा का ट्वीट सामने आते ही सोशल मीडिया यूजर्स उन पर निशाना साधने लगे। देखते ही देखते स्वरा ट्रोल होने लगी। लोगों ने कहा कि यही तो है मोदी सरकार। जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नक्सली गतिविधि में शामिल है, उसे बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह किसी किसी भी राजनीतिक या गैर राजनीतिक दल से जुड़ा हो।

एक यूजर ने लिखा, “अरे ओ जाहिल आंटी, आपके लॉजिक से चलूँ तो आतंक का भी मजहब होता है क्योंकि 9/10 आतंकी एक ही मजहब से थे। बीजेपी में करोड़ों मेंबर नेता हैं। किसी ने कुछ गलत किया, पकड़ा गया तो उसके बाद बीजेपी उनको सपोर्ट नहीं करती, जैसे आप लोग आतंकी, बलात्कारियों को करते हैं।”

वहीं स्वरा के फेक न्यूज का स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए कई यूजर्स ने पूछा, “पेज कहाँ है स्वरा?”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “तुम एक मामला दिखा रही हो दीदी, हम सैकड़ों दिखा देंगे तुम्हें। बस इसी कारण तुम लोगों को कोई इज्जत नहीं करता, क्योंकि तुम लोग चाटुकार गुलाम हो।”

इससे पहले स्वरा भास्कर ने गुरुवार (अप्रैल 1, 2021) को इस्लामी आतंकियों की भाषा में भाजपा का मजाक उड़ाने का प्रयास किया था। स्वरा ने अहाना पाठक नाम की एक ट्विटर यूजर के ट्वीट पर गौ मूत्र को लेकर टिप्पणी की। अहाना ने अपने ट्वीट में भाजपा के चुनाव चिह्न कमल को निशाना बनाते हुए लिखा था, “कमल उसी के दिमाग में खिलता है जिसमें गोबर भरा हो।” इसी ट्वीट पर रिप्लाई देते हुए स्वरा ने बताया कि गोबर के अलावा उनके दिमाग में “या मूत्र! गौ मूत्र!” भी हो सकता है।

माँ-मानुष को TMC के गुंडों ने बंगाल की मिट्टी में नहीं डालने दिया वोट: अधिकारियों से शिकायत पर भी सुनवाई नहीं

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण में राज्य की सीएम ममता बनर्जी के एमपी भतीजे अभिषेक बनर्जी के लोकसभा क्षेत्र डायमंड हार्बर में मतदाताओं को वोट डालने नहीं दिया गया। डायमंड हार्बर निर्वाचन क्षेत्र के मतदान केंद्र के कई मतदाताओं ने दावा किया कि तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) कार्यकर्ताओं ने उन्हें वोट नहीं करने दिया। एक महिला ने कहा, “अधिकारी यहाँ आए लेकिन हमारे लिए मतदान करने की सुविधा नहीं दी।”

इससे पहले दक्षिण 24 परगना जिले के डायमंड हार्बर से भाजपा प्रत्याशी दीपक हलदर ने अपने विधानसभा क्षेत्र में कई बूथों पर तृणमूल कॉन्ग्रेस के गुंडों द्वारा लोगों को वोट देने से रोकने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि टीएमसी के गुंडे बूथ संख्या 180, 143 (दगिरा बडुलडंगा) पर लोगों को वोट नहीं डालने दिया। मैंने चुनाव आयोग के अधिकारियों से शिकायत की है।

बता दें कि दीपक हालदार पहले डायमंड हार्बर से टीएमसी के एमएलए थे, लेकिन विगत दो वर्षों से टीएमसी से नाराज थे और चुनाव के पहले वह बीजेपी में शामिल हुए हैं। बीजेपी ने उन्हें डायमंड हार्बर से उम्मीदवार बनाया है।

इस घटना के बाद लोगों की तरह-तरह की प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही है। एक सोशल मीडिया यूजर ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “चमचे कहाँ गए अब लोकतंत्र खतरे में नहीं हैं।”

एक अन्य सोशल मीडिया यूजर ने लिखा, “कम से कम अब, हर कोई यह समझ गया है कि टीएमसी सभी चुनाव कैसे जीतती रही है। 2016 में, ऐसा कवरेज नहीं किया गया था।”

वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा कि टीएमसी हार मान चुकी है, इसलिए गुंडागर्दी पर उतर आई है।

बता दें कि हुगली जिले के तारकेश्वर विधानसभा में बीजेपी एजेंट को बूथ में न घुसने देने की घटना सामने आई। यहाँ भाजपा प्रत्याशी स्वप्नदास के पहुँचने के बाद वह अपने बूथ एजेंट का हाथ पकड़ कर उसे अंदर लेकर गए। न्यूज 18 बंगला के अनुसार, भाजपा कार्यकर्ता ने स्वप्नदास गुप्ता को बताया कि उसे एक हफ्ते से डराया जा रहा है और मौत की धमकियाँ भी मिल रही हैं।

स्वप्नदास गुप्ता ने इस बारे में बताया कि उनके बूथ एजेंट को अंदर जाने नहीं दिया गया या वह किसी कारण बूथ पर नहीं पहुँच पाए, इसकी वह जाँच कर रहे हैं। इस बीच बारुईपुर पूर्बा विधानसभा के भाजपा प्रत्याशी चंदन मंडल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पार्टी एजेंट्स को 8 इलेक्शन बूथ पर जाने से रोका गया।

उल्लेखनीय है कि तीसरे चरण के मतदान के बीच केवल आपसी झड़प के मामले सामने नहीं आए बल्कि हत्या की घटनाएँ भी दर्ज की गई। बीरभूम के दुबराजपुर इलाके में बीजेपी के बूथ उपाध्यक्ष पतिहार डोम का कत्ल कर दिया गया, जिसके बाद बीजेपी ने टीएमसी कार्यकर्ताओं पर मर्डर का आरोप लगाया।

अनिल देशमुख के बचाव में सुप्रीम कोर्ट पहुँची ठाकरे सरकार, कॉन्ग्रेसी अभिषेक मनु सिंघवी करेंगे पैरवी

महाराष्ट्र सरकार ने अपने पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जाँच के बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। उद्धव सरकार की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी पैरवी करेंगे। बताया जा रहा है कि अनिल देशमुख ने भी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

100 करोड़ की वसूली के मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट में मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह ने अनिल देशमुख के खिलाफ सीबीआई जाँच के लिए याचिका दाखिल की थी। सोमवार को हाईकोर्ट ने परमबीर सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए देशमुख के खिलाफ सीबीआई जाँच का आदेश दिया था। फैसला आते ही महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को अपना इस्तीफा सौंप दिया था।

कोर्ट ने सोमवार को कहा, “हम इस बात पर सहमत हैं कि अदालत के सामने आया यह अभूतपूर्व मामला है। देशमुख गृह मंत्री हैं जो पुलिस का नेतृत्व करते हैं। स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए। सीबीआई को प्रारंभिक जाँच 15 दिन के भीतर पूरी करनी होगी और फिर आगे की कार्रवाई पर फैसला लेना होगा।”

पीठ ने 52 पन्नों के अपने फैसले में कहा कि अनिल देशमुख के खिलाफ परमबीर सिंह के आरोपों ने राज्य पुलिस में नागरिकों के भरोसे को दाँव पर लगा दिया है। अदालत ने कहा कि एक सेवारत पुलिस अधिकारी द्वारा राज्य के गृह मंत्री के खिलाफ लगाए गए ऐसे आरोपों को बिना जाँच के नहीं रहने दे सकते। जहाँ इसमें जाँच की जरूरत होगी, वहाँ की जाएगी।

वहीं गृह मंत्री का पद संभालते ही दिलीप वलसे पाटिल ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करेंगे कि पुलिस प्रशासन के कामकाज में कोई राजनीतिक दखल न हो। उन्होंने कहा कि प्राथमिकता महिला सुरक्षा की होगी।

‘तुम मुझसे बात क्यों नहीं करती हो?’: शादाब ने पकड़ा हिन्दू लड़की का हाथ, मलिक ने चाकू से ताबड़तोड़ किया वार

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक हिन्दू लड़की पर हमला करने का मामला सामने आया है। इस मामले में मसूरी थाने की पुलिस ने पीड़िता की तहरीर के बाद आरोपितों अमान मलिक और शादाब के खिलाफ IPC की धारा-324 (खतरनाक हथियार से हमला कर जख्मी करना) और धारा-307 (हत्या का प्रयास) के तहत मामला दर्ज किया है। ये घटना कुशलिया बम्बा गंगनहर के पास हुई, जो थाने से दक्षिण दिशा में 4 किलोमीटर की दूरी पर है।

मुख्य आरोपित अमान मलिक पिलखुआ थाना क्षेत्र के सादिकपुर का रहने वाला है और उसके अब्बा का नाम इरफ़ान है। FIR में पीड़िता की माँ ने बताया है कि गंगनहर के नाहल झाल के पास उनकी बेटी और अमान में कहासुनी हुई। वहाँ अमान मलिक ने छात्रा से पूछा कि वो उससे बात क्यों नहीं करती है? आरोप है कि इसके बाद शादाब ने लड़की का हाथ पकड़ा और मलिक ने जान लेने की नीयत से ताबड़तोड़ चाकू से वार किए।

पीड़िता की माँ ने अपनी तहरीर में बताया है कि इस हमले में उनकी बेटी का हाथ कट गया और कमर भी जख्मी हो गया। ये घटना सोमवार (अप्रैल 5, 2021) को दोपहर 1:30 बजे हुई। FIR के अनुसार, राहगीरों ने लड़की को घायल अवस्था में देखा तो पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। पीड़िता की उम्र करीब 18 वर्ष बताई गई है। माँ ने कहा कि उन्होंने FIR में वही लिखवाया है, जो उनकी बेटी ने उन्हें बताया।

माँ के बयान के बाद पुलिस ने दर्ज की FIR

इस मामले के बारे में बताते हुए गाजियाबाद के एसपी (देहात) नीरज कुमार ने कहा, “ये घटना नाहल चौकी के अंतर्गत हुई। दोनों आरोपित लड़की के जानने वाले थे, जिनके साथ वो वहाँ गई थी। इनमें कुछ वाद-विवाद हुआ। इसके बाद अमान ने चाकू से वार कर के उसे जख्मी किया और धक्का देकर भाग गया। राहगीरों ने उसे बचाया। लड़की की हालत फ़िलहाल ठीक है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर के उसी रात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया।”

ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़ित किशोरी के चाचा उमेश कुमार ने कहा कि परिजन पहले ही मीडिया में सार्वजनिक रूप से सारी चीजें बता चुके हैं। उन्होंने कहा कि वो यूपी पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट हैं क्योंकि आरोपित जेल जा चुके हैं। उमेश कुमार ने कहा, “ये एकतरफा प्यार का मामला नहीं है। हमें कुछ और नहीं चाहिए। हमारी बच्ची ठीक है, यही बहुत है।” लड़की के चाचा ने कहा कि जो हुआ सो हुआ, अब परिवार आगे की तरफ देख रहा है।

छात्रा के परिजनों का कहना है कि अमान का व्यवहार और हरकतें सही नहीं थीं, जिसके कारण लगभग 1 साल पहले भी उसने अमान से बातचीत बंद कर दी थी। अमान ने उस दौरान भी उसे और उसके परिवार को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। इससे डरी-सहमी किशोरी जबरन दोस्ती में बँधी हुई थी। ख़बरों में कहा जा रहा है कि दोनों आरोपित लड़की का अपहरण कर डासना गंगनहर पर लेकर गए थे।