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कॉन्ग्रेस नेता ने सबके सामने माँ को मारा थप्पड़… क्योंकि 3 साल के बच्चे ने खेल-खेल में कार में खरोंच लगा दी: Video

छत्तीसगढ़ के रायपुर के गोबरा थाना क्षेत्र में कॉन्ग्रेस पार्षद ने बीच सड़क पर एक महिला को पीट डाला। घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आई। कथित तौर पर महिला के बेटे ने कॉन्ग्रेस पार्षद की गाड़ी की नेमप्लेट पर स्क्रैच मारा था। इसी के कारण पहले उनके बेटे ने बच्चे के माता-पिता के साथ बदसलूकी की और बाद में स्वयं कॉन्ग्रेस नेता ने बच्चे की माँ को झापड़ मार दिया।

पूरा मामला नवापुरा इलाके का है। यहाँ बुधवार (मार्च 24, 2021) को नगर पालिका के वार्ड क्रमांक 16 के कॉन्ग्रेस पार्षद मंगराज सोनकर की कार के नेमप्लेट पर एक 3 साल के मासूम ने खेलते समय खरोंच मार दी। इसके बाद पार्षद के बेटे ने बच्चे को पीटा और शाम को जब मंगराज सोनकर घर लौटे तो उन्होंने उस मासूम के माता-पिता को बुलवा कर जलील किया। 

दंपत्ति के बार-बार माफी माँगने पर भी कॉन्ग्रेस पार्षद शांत नहीं हुए। उन्होंने बीच सड़क पर बच्चे की माँ को थप्पड़ मारा। पूरी घटना रोड पर लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। अब वही वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रही है।

वीडियो में देख सकते हैं कि कॉन्ग्रेस नेता महिला से धक्का-मुक्की करते हैं, जब पति बीच में आकर उन्हें रोकने की कोशिश करता है तो उसे भी धक्का देकर महिला को झापड़ मार देते हैं। इसके बाद किसी अन्य महिला से बहस में उलझ जाते हैं।

जानकारी के अनुसार, पीड़ित महिला का नाम दुर्गा साहू है। उसने थाने में शिकायत लिखवाई है। नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस थाना प्रभारी कृष्णचंद सिदार ने बताया कि थाने में महिला ने पार्षद के द्वारा मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें धारा 294, 506, 323 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार करेगी।

बता दें कि सोशल मीडिया पर इस घटना की वीडियो शेयर करके लोग पुलिस पर केस न दर्ज करने का आरोप लगा रहे हैं। वहाँ लिखा जा रहा है, “ये गोबरा नवापारा के वार्ड 16 के पार्षद मंगराज सोनकर द्वारा एक महिला को बेहरमी से झापड़ मारा गया और उनकी सास को बाल पकड़ के घसीटा गया। अब पीड़िता थाना में FIR कराने गई पर पुलिस द्वारा शिकायत लिखने से मना कर दिया और पक्ष को कमजोर किया गया।”

₹6.5 करोड़ कुछ ही महीनों में 65 करोड़ रुपए: INX मामले में चिदंबरम बाप-बेटे को कोर्ट में पेश होने का आदेश

भारत के पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम, उनके बेटे कार्ती और चार्टर अकाउंटेंट एस भास्कर रमन के विरुद्ध फाइल की गई चार्जशीट में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उन निवेशों की जानकारी दी है, जो लगभग 10 गुना तक बढ़ चुके हैं। ईडी के द्वारा फाइल की गई चार्जशीट में यह खुलासा किया गया है कि लगभग 65 करोड़ रुपए की संपत्ति का उपयोग मनी लॉन्डरिंग के लिए किया गया। ईडी की चार्जशीट के मुताबिक आईएनएक्स मीडिया समूह से प्राप्त 6.5 करोड़ रुपए की अवैध आय कुछ ही महीनों में बढ़कर 65 करोड़ रुपए की हो गई, जिसका कई जगह निवेश में उपयोग किया गया।

इसके लिए एडवांटेज स्ट्रेटेजिक कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड (ASCPL) नामक कंपनी का उपयोग किया गया, जो कार्ती चिदंबरम के मालिकाना वाली एक कंपनी थी। ईडी की चार्जशीट के अनुसार एएससीपीएल ने आईएनएक्स मीडिया को सेवा देने के नाम पर फर्जी इन्वॉइस तैयार कराए और उससे अवैध आय अर्जित की।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार आईएनएक्स समूह से प्राप्त आय से 1.5 करोड़ रुपए का उपयोग करते हुए वासन हेल्थकेयर के डेढ़ लाख शेयर खरीदे गए। बाद में एएससीपीएल ने 30,000 शेयर Sequoia नाम की कंपनी को 22.20 करोड़ रुपए में बेच दिए गए। इसके अलावा 36,245 शेयर वासन मेडिकल को 18.6 करोड़ रुपए में बेचे गए। एएससीपीएल ने एजीएस हेल्थकेयर के 11 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे, जो बाद में 29.4 करोड़ रुपए में बेच दिए गए।

बुधवार (24 मार्च 2021) को विशेष अदालत ने ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेते हुए 7 अप्रैल को चिदंबरम समेत अन्य सभी आरोपियों को कोर्ट के सामने हाजिर होने के लिए कहा है। ईडी की चार्जशीट में चिदंबरम के विरुद्ध यह आरोप भी दाखिल किए गए हैं कि उन्होंने आईएनएक्स के प्रमोटर्स से अपने बेटे के ‘व्यापार हितों’ को सुनिश्चित करने की बात कही। जाँच एजेंसी ने यह भी कहा कि चिदंबरम मनी लॉन्डरिंग में अपने बेटे कार्ती के साथ सक्रिय रूप से शामिल रहे।

बहुचर्चित आईएनएक्स मीडिया केस, मीडिया समूह को विदेशी फंडिंग प्राप्त करने के लिए दी गई क्लियरेन्स से संबंधित है। 2007 में यूपीए के शासनकाल में चिदंबरम के वित्तमंत्री रहते हुए आईएनएक्स मीडिया समूह ने 305 करोड़ रुपए की विदेशी फंडिंग प्राप्त की थी, जिसके लिए फ़ॉरेन इनवेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) क्लियरेन्स में धांधली की गई थी।

केन्द्रीय जाँच एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में यह भी कहा है कि 2008 में पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी, कार्ती से दिल्ली के हयात होटल में मिले थे और उससे एफआईपीबी अप्रूवल के विषय में चर्चा की थी। ईडी के मुताबिक कार्ती ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए एक मिलियन डॉलर की माँग की और अपने वित्त मंत्री पिता के पर्याप्त प्रभाव का हवाला दिया।

ईडी की चार्जशीट में कुछ ईमेल्स का जिक्र किया गया है। इनके अनुसार कार्ती कभी भी अपने द्वारा चलाई जाने वाली कंपनियों से अवैध आय प्राप्त नहीं करता था। इसके स्थान पर ये कंपनियाँ उसके विश्वसनीय चलाया करते थे। इसके अलावा एएससीपीएल से जुड़े मामलों में कार्ती अपने पिता से सलाह लेता था।

आपको बता दें कि आईएनएक्स मीडिया केस में पूर्व वित्त मंत्री चिदंबरम जेल भी जा चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट द्वारा जमानत दिए जाने के पहले चिदंबरम 106 दिन कस्टडी में रह चुके हैं।

‘मुझसे अलग विचार रखने के कारण किसी की हत्या नहीं’ – PM मोदी ने शेख मुजीबुर्रहमान को किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (मार्च 26, 2021) बांग्लादेश की अपनी यात्रा पर निकल गए। बांग्लादेश इस साल अपनी आजादी के 50 वर्ष पूरे होने पर बड़ा आयोजन कर रहा है। बांग्लादेश के दो दिन के दौरे पर निकलने से पहले पीएम मोदी ने बांग्लादेश के अख़बार द डेली स्टार में लेख लिखा है। 

पीएम मोदी ने लेख में शेख हसीना के पिता और बांग्लादेश के संस्थापक शेख मुजीबुर्रहमान ‘बंगबंधु’ को श्रद्धांजलि अर्पित की है। अपने लेख में पीएम मोदी ने अलग-अलग विषयों पर बंगबंधु के व्यावहारिक विचारों और बांग्लादेश के प्रति उनके संघर्ष को याद किया है।

इस लेख में उन्होंने शेख मुजीबुर्रहमान के प्रगतिशील विचार, समानता, समग्रता को दर्शाने के लिए 1950 में कही एक पंक्ति का विशेषत: उल्लेख किया- “मैं कम से कम इतना जानता हूँ कि मुझसे अलग विचार रखने के कारण किसी की हत्या नहीं की जानी चाहिए।”

पीएम ने अपने लेख में बताया कि कैसे शेख मजीबुर्रहमान अपने विचारों के कारण भारत में भी जाने जाते हैं। उन्होंने लिखा कि मजीबुर्ररहमान में भारतीयों को ऐसे कद का नेता दिखते हैं, जिनकी दृष्टि भौतिक सीमाओं और सामाजिक विभाजनों के संकीर्ण दायरे से परे थी।

अपने लेख में पीएम मोदी ने भारत और बांग्लादेश के बीच इतिहास की जटिलताओं की चर्चा करते हुए भूमि सीमा समझौते का उल्लेख किया और कहा कि ऐसी सफलताएँ पहले मिल सकती थीं। प्रधानमंत्री ने इसमें विभिन्न क्षेत्रों और संभावनाओं को लेकर बात रखी। उन्होंने बताया कि कैसे सैकड़ों-लाखों लोगों के समुदाय के आर्थिक, वैज्ञानिक और सामरिक लाभों को अधिकतम करने के लिए अंतर-सरकारी ढाँचे का निर्माण कर सकते थे।

उन्होंने बांग्लादेश के पितामह की हत्या वाले दिन का उल्लेख करते हुए कहा कि आज बांग्लादेश आगे बढ़ रहा है। वह शेख हसीना के नेतृत्व में बंगबंधु के सपने को साकार कर रहा है। यही समय है जब साझेधारी को बढ़ाया जाए, ठीक वैसा जैसा बंगबंधु ने चाहा था।

भारत के साथ बांग्लादेश के सुधरते संबंधों पर बड़े ही सकारात्मक तौर पर बात रखते हुए पीएम मोदी ने बताया कि कैसे व्यापार ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच रहा है। कनेक्टिविटी में प्रोग्रेस हो रही है। बांग्लादेश का माल भारत के जरिए नेपाल और भूटान जा सकता है और बांग्लादेश के जरिए भारतीय माल पहुँचाने पर भी काम चल रहा है।

अपने लेख में पीएम ने कई कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट्स के पूरी होने की बात कही। उन्होंने लिखा कि जैसे ही कनेक्टिविटी सुधरेगी, व्यवसाय बढ़ेगा और साझेदारी गहराती जाएगी। लेख के समापन में पीएम ने भारत को बांग्लादेश का पार्टनर बताया। PM मोदी ने लिखा:

“भारत बांग्लादेश का साझीदार बना रहेगा क्योंकि हम संयुक्त रूप से सुनहरे भविष्य की ओर अग्रसर हैं, जिसके लिए बंगबंधु और लाखों देशभक्त बांग्लादेशियों और वास्तव में हजारों भारतीयों ने अपना सब कुछ दिया।”

प्रधानमंत्री मोदी का ‘द डेली स्टार’ पर प्रकाशित पूरा लेख पढ़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

पैगंबर मोहम्मद के कार्टून पर टीचर सस्पेंड, हेडमास्टर ने माँगी माफी: लोगों ने कहा – फिर जीत गए इस्लामी कट्टरपंथी

ब्रिटेन के वेस्ट यॉर्कशायर (West Yorkshire) के एक स्कूल में व्यंग्य मैग्जीन शार्ली एब्दो (Charlie Hebdo) में प्रकाशित हुए पैगंबर मोहम्मद के विवादित कार्टून दिखाने पर बवाल हो गया। मुस्लिम कट्टरपंथियों की भीड़ ने वहाँ स्कूल के बाहर प्रदर्शन करते हुए उस टीचर के सस्पेंशन की माँग की। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि स्कूल के हेडमास्टर को स्वयं इस संबंध में माफी माँगनी पड़ी और प्रदर्शनकारियों की बात मानते हुए टीचर को निलंबित कर दिया गया।

द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, बैटले ग्रामर स्कूल के हेड गैरी किबल ने, मजहबी शिक्षा का पाठ पढ़ाने के दौरान एक टीचर द्वारा इस्तेमाल शार्ली एब्दो के आपत्तिजनक कार्टून पर छात्रों के अभिभावकों से माफी माँगी। किबल ने उन्हें आश्वासन दिया कि वह इस मामले में आगे पड़ताल बैठाएँगे। 

अभिभावकों को भेजे गए ईमेल में उन्होंने लिखा, “जाँच में ये साफ है कि पाठ पढ़ाने के दौरान इस्तेमाल किए गए संसाधन बिलकुल गलत थे और स्कूल के एक समुदाय के सदस्यों को आहत करने वाले थे। इस गलती के लिए हम ईमानदारी से और पूर्णत: माफी माँगते हैं।”

स्कूल हेड ने कहा कि विवादित तस्वीर और सामग्री को स्कूल ने हटवा दिया है। आगे से वह धार्मिक पढ़ाई करवाते हुए पाठ्यक्रम का रिव्यू करेंगे कि उसे पढ़ाने में कहीं आपत्तिजनक संसाधनों का इस्तेमाल न हो। 

इस घटना से जुड़ी सोशल मीडिया पर फोटोज वायरल हैं। प्रदर्शनकारी स्कूल के गेट के बाहर मास्क पहन कर खड़े हैं और पुलिस भी उनके सामने खड़ी है। पुलिस ने इस प्रदर्शन को लेकर बताया कि प्रोटेस्ट के दौरान कोई फाइन या कोई गिरफ्तारी नहीं हुई।

हालाँकि, शिक्षा विभाग के प्रवक्ता ने इस प्रकार धमकियाँ देने वाले और कोरोना वायरस प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वाले प्रदर्शन की आलोचना की और इसे किसी भी कीमत पर अस्वीकार्य कहा। प्रवक्ता ने कहा कि विद्यालय अपने पाठ्यक्रम में, मुद्दे, विचार और सामग्रियों को शामिल करने के लिए स्वतंत्र हैं चाहे वे चुनौतीपूर्ण हों या फिर विवादित….उन्हें विभिन्न आस्था और विश्वासों के लोगों के बीच सम्मान और सहिष्णुता को बढ़ावा देने की आवश्यकता के साथ इसे संतुलित करना चाहिए, जिसमें यह तय किया जाए कि कक्षा में किस सामग्री का उपयोग करना है।

बता दें कि यॉर्कशायर के स्कूल के बाहर जिस मैग्जीन के कार्टून के कारण इतना विवाद हुआ, उसे लेकर साल 2015 में पेरिस में एक हमला हुआ था। आतंकियों ने मैग्जीन के दफ्तर में घुसकर 12 लोगों की जान ली थी। पिछले साल 25 सितंबर को भी ‘शार्ली एब्दो’ के पुराने ऑफिस के बाहर हमले की खबर सामने आई थी। इसमें 4 लोग घायल हुए थे

कुछ दिन पहले पेरिस में 47 वर्षीय इतिहास के एक टीचर सैमुअल पैटी का स्कूल के बाहर गला रेत दिया गया था। उनकी गलती बस इतनी थी कि क्लास में ‘शार्ली एब्दो’ अख़बार में प्रकाशित पैगम्बर मोहम्मद का कार्टून दिखाया था। इसी बात पर हत्यारे ने अल्लाह हू अकबर चिल्लाते हुए घटना को अंजाम दिया था।

ऐसी घटनाओं को सुनने के बाद यॉर्कशायर में कोई अप्रिय घटना न घटे, इसलिए स्कूल के माफी माँगने के कदम को कुछ लोगों द्वारा सही बताया जा रहा है। सोशल मीडिया पर इस समय एक वीडियो वायरल है। इसमें पुलिस वाले प्रदर्शनकारियों के सामने हेडमास्टर द्वारा लिखी माफी पढ़ते दिख रहे हैं। स्कूल ने कहा कि उन्होंने उस टीचर को निलंबित कर दिया है और पाठ्यक्रम में इस्तेमाल की गई सामग्री का भी रिव्यू कर रहे हैं।

इस माफीनामे के बाद प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व करने वाले मुफ्ती मोहम्मद अमीन पंडोर ने कहा कि स्कूल समझ गया है कि जो उसने किया, वो बिलकुल अस्वीकार्य है। हमने स्वतंत्र जाँच की माँग की है और ये भी कहा है कि हमें इन्वेस्टिगेशन पैनल में रखें।

उल्लेखनीय है कि सोशल मीडिया पर स्कूल द्वारा माफी माँगे जाने की बात को लेकर पूछा जा रहा है क्या इस्लामी कट्टरपंथी फिर से जीत गए? पुलिस हेडमास्टर की माफी बैटले ग्रामर स्कूल के बाहर खड़ी उस भीड़ के सामने पढ़ी गई, जो एक टीचर के कैरीकैचर दिखाने से अपमानित हो गए! यूजर्स का पूछना है कि आखिर ब्रिटेन इतना डरपोक कब से हो गया।

बार्बी नहीं डांसिंग डॉल… चाइनिज ड्रैगन को इंडियन टाइगर की पटखनी: भारतीय खिलौनों की दमदार दुनिया

खिलौने बच्चों के मानसिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और बच्चों को मनोवैज्ञानिक और संज्ञानात्मक रूप से स्थिरता देते हैं। दुनिया भर में खिलौनों का कारोबार लगभग 8000 अरब रुपए का है, जिसमें भारत की हिस्सेदारी केवल 40 अरब रुपयों की है।

भारत में आयातित खिलौनों में चीनी खिलौने शीर्ष पर हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल अगस्त के मन की बात के अंक में कहा कि खिलौने ऐसे होने चाहिए जिनके रहते बचपन खिले भी, खिलखिलाए भी। ऐसे खिलौने बनाए जाएँ, जो पर्यावरण के भी अनुकूल हों।

दरअसल हमारे देश में चीन से आयातित खिलौने प्लास्टिक या हानिकारक केमिकल से बने होते हैं। जिनकी क्वालिटी काफी खराब होती है। पिछले साल ही क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से कराए गए टेस्टिंग सर्वे में खुलासा हुआ है कि चीन से मँगाए गए खिलौने बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं और वह सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते।

इन्हीं सारे घटनाक्रमों के बीच अभी कुछ ही दिनों पहले केंद्र सरकार ने देश का पहला टॉय फेयर यानी खिलौनों का मेला आयोजित किया। ये मेला 27 फरवरी से 2 मार्च तक चला। इस वर्ष कोरोना वायरस के चलते ये मेला वर्चुअली आयोजित किया गया।

इस वर्चुअल आयोजित मेले में 10 लाख से अधिक रजिस्ट्रेशन हुए। हमारे देश में भी कई ऐसे खिलौने हैं, जिनकी ब्रांडिंग और पोजिशनिंग करके उन्हें विश्व स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए देश में कुल 8 टॉय मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर का निर्माण हो रहा है। अभी योजना के अंतर्गत कर्नाटक और मध्य प्रदेश में 2 टॉय क्लस्टर बनाए गए हैं।

भारत में बनने वाले प्रसिद्ध और अनोखे खिलौने

कोंडापल्ली के खिलौने– आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले के कोंडापल्ली इलाके में यह खिलौने लगभग 400 सालों से बनाए जा रहे हैं। इन खिलौनों को बनाने वाले लोगों को आर्य क्षत्रिय कहते हैं। इन खिलौनों को भारत सरकार की ओर से जीआई टैग मिल चुका है। इन खिलौनों में दशावतारा और डांसिंग डॉल बहुत प्रसिद्ध है।

कोंडापल्ली के खिलौने

नातुनग्राम के खिलौने– पश्चिम बंगाल के वर्दमान और कोलकाता में इन विशेष खिलौनों का निर्माण किया जाता है। इन खिलौनों में उल्लू बहुत पसंद किया जाता है। ऐसी मान्यता है कि इन खिलौनों को घर में रखने से उन्नति होती है। इनमें से कुछ खिलौने बंगाल के भक्ति आंदोलन से भी जुड़े हुए हैं।

नातुनग्राम के खिलौने

बत्तो बाई की गुड़िया– यह गुड़िया मध्य प्रदेश के आदिवासी इलाकों में बनाई जाती है। इसे सरकार की ओर से जीआई टैग देने के लिए तैयारी चल रही है। यह गुड़िया आदिवासी हस्तकला की पहचान है। बत्तो बाई की गुड़िया के साथ यह मान्यता है कि इसे किसी कुँवारी लड़की को देने पर उसकी जल्दी शादी हो जाती है।

बत्तो बाई की गुड़िया

तंजावुर की गुड़िया– तमिलनाडु के तंजावुर में बनाई जाने वाली इस गुड़िया की खास बात यह है कि यह अपनी मुंडी और कमर हिलाती है। इन खिलौनों को कुछ खास कारीगर तैयार करते हैं। यह दिखने में बहुत सुंदर होती है।

तंजावुर की गुड़िया

ऐसी कई खिलौने हमारे देश में मौजूद हैं, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की उन्नति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। देशवासियों ने जैसे चाइनीज सामानों का बहिष्कार किया है, वैसे ही चाइनीज खिलौनों का भी बहिष्कार किया जाना चाहिए।

भारते के इन खिलौनों की बिक्री बढ़ने से देश में लघु उद्योग को ताकत मिलेगी। तो फिर भूलिए पावर रेंजर, डोरेमोन, शिनचैन को… और तैयार हो जाइए बच्चों को तंजावुर डॉल और दशावतार जैसे भारतीय खिलौने दिलाने के लिए।

लेखक: सुशान्त प्रताप सिंह, IIMC-दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता की पढ़ाई कर रहे हैं।

मनसुख हिरेन की हत्या पर ATS के 10 बड़े खुलासे, सचिन वाजे के खिलाफ रंगदारी का केस भी दर्ज

मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर विस्फोटकों से भरी स्कॉर्पियो कार के मालिक मनसुख हीरेन की हत्या के बारे में ATS ने कई बड़े खुलासे किए हैं। ATS की रिपोर्ट के मुताबिक हत्या में चार लोग शामिल थे, जिनमें से 3 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

ठाणे सेशन कोर्ट के आदेश के बाद ATS ने अपनी जाँच NIA को सौंप दी है। जाँच में ATS को पता चला है कि मनसुख की हत्या से पहले उसे क्लोरोफॉर्म सुँघाकर बेहोश कर दिया गया था। इसके बाद आराम से उसकी हत्या की गई। वारदात के दौरान सचिन वाजे वहीं पर कार में बैठकर सबकुछ देख रहा था। उसकी मोबाइल लोकेशन से ATS को पुख्ता सबूत मिले हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक मनसुख के मुँह पर बँधे 5 रुमालों में क्लोरोफॉर्म डाला गया था। आरोपितों को डर था कि वह जिंदा न बच जाए, इसीलिए रुमाल के साथ ही उसे पानी में फेंक दिया। ताकि सुसाइड दिखाया जा सके। चेहरे पर बँधे 5 रुमालों से स्पष्ट हो गया था कि यह हत्या ही थी


ATS के 10 खुलासे

  • 1- मनसुख हीरेन को सचिन वाजे ने तावड़े के नाम से वॉट्सऐप से कॉल किया था। दोनों की बातचीत को मनसुख की पत्नी ने सुना था।
  • 2- रात 10 बजे के करीब मनसुख की हत्या करने के बाद सचिन वाजे ने मुंबई लौटकर टिप्सी बार में छापा मारने का नाटक किया। ताकि यह साबित कर सके कि वह तो रेड मारने गया था।
  • 3- ATS की CDR रिपोर्ट के मुताबिक वाजे हत्या वाली रात को न तो किसी को वॉइस कॉल किया और न ही उसे किसी का कॉल आया। इससे ऐसा प्रतीत होता है कि वह वॉट्सऐप के जरिए लोगों से संपर्क कर रहा था।
  • 4- मुंबई के डोंगरी इलाके में टिप्सी बार में रेड का नाटक सचिन वाजे ने जाँच से ध्यान भटकाने के लिए किया था।
  • 5- अपना लोकेशन कमिश्नर ऑफिस में दिखाने के लिए वाजे घोडबंदर से लौटने के बाद पहले मुंबई हेडक्वॉर्टर गया और वहाँ से घर लौटकर उसे चार्ज पर लगा दिया।
  • 6- सचिन वाजे ने पूछताछ के दौरान ATS को दिए स्टेटमेंट में कहा है कि वह 4 मार्च को तो पूरे दिन CIU ऑफिस में था। जबकि, उसके मोबाइल का लोकेशन चेंबूर के MMRDA कॉलोनी में था।
  • 7- मनसुख के पास एक मोबाइल में दो सिम कार्ड थे, जिसमें आखिरी बार रात 8 बजकर 32 मिनट पर उसकी पत्नी ने उसे कॉल किया था। दूसरे नंबर पर रात 10:10 मिनट पर 4 मैसेज आए थे।
  • 8- एक अन्य आरोपित विनायक शिंदे ने ATS को बताया है कि वह वाजे से संपर्क करने के लिए फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल करता था, जिसे उसने गुजरात से मँगवाया था।
  • 9- विनायक शिंदे के घर से ही सचिन वाजे ने मुकेश अंबानी को धमकी वाला पत्र लिखा था। इसका खुलासा शिंदे के घर में काम करने वाले पेंटर ने किया है।
  • 10- मनसुख हीरेन को सचिन वाजे ने ही एंटीलिया वाली साजिश में शामिल किया था। ATS और NIA दोनों एजेंसियों के पास इसके पुख्ता सबूत हैं।

स्वर्ण व्यवसायी के कहने पर वाजे ने 25 लाख खर्च कर फाइव स्टार में बुक किया था कमरा

अभी तक की जाँच में खुलासा हुआ है कि सचिन वाजे ने मुबई के ही एक गोल्ड ट्रेडर्स के कहने पर 25 लाख रुपए में फाइव स्टार होटल ट्राइटेंड में 100 दिनों के लिए कमरा बुक किया था। इस होटल का एक दिन का ही किराया 10000 रुपए है। NIA को होटल से अहम सबूत मिले हैं। यहाँ उसने फर्जी आधार कार्ड से कमरा बुक किया था। कारोबारी ने NIA को बताया है कि उसके खिलाफ दो केस चल रहे हैं, जिससे निकलवाने का लालच वाजे ने उसे दिया था।

बिल्डर ने वाजे के खिलाफ दर्ज कराया रंगदारी वसूलने का केस

मुंबई के एक बिल्डर ने सचिन वाजे के खिलाफ डरा-धमकाकर रंगदारी वसूलने की कोशिश करने का केस दर्ज कराया है। उसने इस मामले में मुंबई के पुलिस कमिश्नर और महाराष्ट्र के DGP को पत्र लिखा है।

बिल्डर ने सचिन वाजे द्वारा चलाए जा रहे रंगदारी और भ्रष्टाचार के रैकेट की जाँच करने की माँग की है। उसने खुलासा किया है कि वाजे और उसके साथियों ने पैसे नहीं देने पर केस में फँसाने की धमकी थी। बिल्डर ने बताया है कि उससे 5 लाख रुपए की माँग की गई थी। वह CIU में सचिन वाजे से व्यक्तिगत तौर पर मिलने भी जा चुका है।

जब भी कोई सरकार श्रीराम के जयकारे पर रोक लगाएगी तो जनता भाजपा को सत्ता में लाएगी: बंगाल में गरजे योगी आदित्यनाथ

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। भाजपा के स्टार प्रचारक व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार (25 मार्च) को सागर और चंद्रकोना में चुनावी रैलियों को संबोधित किया।

इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी पर हमला करते हुए कहा, “ममता दीदी भगवा से घबराने लगी हैं। उन्हें ये मालूम होना चाहिए जब भी कोई सरकार प्रभु श्रीराम के जय-जयकार पर रोक लगाएगी, तो जनता भारतीय जनता पार्टी को सरकार में लाएगी।”

CM योगी यही नहीं थमे उन्होंने आगे कहा कि ममता दीदी के पश्चिम बंगाल में आज उद्योग नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का उद्योग फल-फूल रहा है। आज से 35 दिन बाद टीएमसी के गुंडों की उल्टी गिनती शुरू हो जाएगी। बीजेपी की सरकार आते ही सभी को खोजकर पिंजरे में डाला जाएगा।

भगवा भारतीय संस्कृति का प्रतीक: योगी

इस दौरान मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने स्वामी विवेकानंद का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि स्वामी जी ने वैश्विक मंच से कहा था, गर्व से कहो, हम हिंदू हैं। दीदी को मालूम होना चाहिए कि भगवा भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। ममता दीदी भाई-भतीजावाद में पड़ गई हैं। उन्हें लोगों के कल्याण में जरा सी भी रुचि नहीं है। उन्हें पता होना चाहिए कि अष्टमी के दिन पूजा में हम माँ काली को भगवा वस्त्र ही अर्पित करते हैं।

ममता दीदी का नारा है ‘मेरा विकास और TMC का विकास

सीएम ने नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी के लिए प्रचार करते हुए कहा कि ममता को घुसपैठियों की चिंता है, लेकिन वह गौहत्या पर बैन नहीं लगाएँगी, क्योंकि उन्हें वोट कटने का डर सता रहा है। बंगाल में भाजपा का नारा है सबका साथ-सबका विकास और ममता दीदी का नारा है मेरा विकास और TMC का विकास। वह यह भी चाहती हैं कि उनके अलावा किसी अन्य का विकास न हो। CM योगी के संबोधन से सहमत वहाँ मौजूद लोगों ने जय श्री राम के नारे लगे लगाए।

सीएम योगी ने कहा कि उनके राज्य के लोगों को अगर पीएम आवास योजना, उज्जवला योजना, आयुष्मान भारत और किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का लाभ मिल सकता है, तो पश्चिम बंगाल के लोग इनके लाभ से वंचित क्यों हैं? उन्होंने कहा, ”यह दर्शाता है कि तृणमूल कॉन्ग्रेस को पश्चिम बंगाल के विकास की कोई चिंता नहीं है।” उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में और केंद्र में एक ही पार्टी के सत्ता में होने से राज्य के लोगों को फायदा होगा।

सीएम ने कहा कि TMC सरकार को बंगाल के विकास की कोई चिंता नहीं, बंगाल के नौजवानों के लिए रोजगार की चिंता नहीं, बंगाल के किसानों की चिंता नहीं, बंगाल की बहन-बेटियों की चिंता नहीं। उन्हें चिंता तो घुसपैठियों को संरक्षण देने की है। आज से 14 वर्ष पूर्व नंदीग्राम में कम्युनिस्टों ने बहुत बड़ी हिंसा की थी, उसमें शहीद हुए लोगों के परिवार वाले मुझसे मिले थे, उनकी दयनीय स्थिति को देखकर मेरा मन द्रवित हो उठा था।

उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव बंगाल को समृद्ध बंगाल के रूप में, ‘सोनार बांग्ला’ के रूप में आगे बढ़ाने का अभियान है। यह चुनाव, नौजवानों को रोजगार देने का माध्यम बनेगा। यह चुनाव, यहाँ के हर नागरिक के जीवन में खुशहाली लाने का माध्यम बनेगा।

बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए 27 मार्च से लेकर 29 अप्रैल के बीच आठ चरणों में चुनाव होगा। दो मई को मतगणना की जाएगी।

‘PM को ढूँढने बंगाल जाएँ क्या?’: कॉन्ग्रेस नेता के सवाल उठाते ही सदन में पहुँचे मोदी, लगे ‘भारत माता की जय’ के नारे

लोकसभा में गुरुवार (मार्च 25, 2021) को एक बड़ा ही हास्यास्पद वाकया हुआ। जहाँ विपक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर चुनाव रैलियों में व्यस्त होने के कारण सदन से गायब होने के आरोप लगाए, लेकिन उनकी फजीहत तब हुई जब कुछ ही देर में पीएम सदन में पहुँच गए। पीएम मोदी को देखते ही सत्ताधारी पार्टी के सभी नेताओं के चेहरे पर हँसी आ गई और जोर-जोर से जय श्रीराम के नारे लगने लगे।

दरअसल, आज कॉन्ग्रेस नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने सदन में प्रश्नकाल समाप्त होते ही कहा कि पूरा बजट सत्र हो गया लेकिन प्रधानमंत्री कहाँ हैं। उन्होंने स्पीकर से पूछा कि पूरा देश बजट सत्र देख रहा है। प्रधानमंत्री कहाँ है? उनसे मिलना हो तो क्या पश्चिम बंगाल की रैली में जाकर मिलें? 

बिट्टू ने आगे कहा कि इस सत्र में सदन ने अनेक विधेयक पारित किए लेकिन गरीब के लिए पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस पर बात क्यों नहीं की? यहाँ पीएम के दर्शन करवा दें।

कॉन्ग्रेस नेता की बात सुनने के बाद संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने उनके सवालों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का आरोप गलत है और प्रधानमंत्री इस सदन में आए थे। वह सभी से मिलने को भी तैयार रहते हैं।

कॉन्ग्रेस नेता के इस बयान के थोड़ी देर बाद कॉन्ग्रेस नेताओं और सरकार मंत्रियों के भी बहस होने लगी। हालाँकि इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी को हाथ जोड़ते हुए सदन में पहुँचे और तभी भाजपा सदस्यों ने जय श्री राम और भारत माता की जय’ के नारे लगाने लगे।

लोकसभा सदन में हुए इस वाकये की वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रही है। लोग वीडियो शेयर करते हुए कह रहे हैं कि कॉन्ग्रेसियों को ट्रोल करने की आवश्यकता नहीं है, वह खुद हो जाते हैं। कुछ यूजर इस बात पर ध्यान दिला रहे हैं कि कॉन्ग्रेस सांसद के बोलते समय राहुल गाँधी थे लेकिन जैसे ही पीएम आए राहुल गायब हो गए।

पाइप पर धार्मिक झंडा लगा दिया तो क्या पाप कर दिया?: टिकैत ने 26 मार्च को भारत बंद का ऐलान करते हुए दिखाए तेवर

कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन कर रहे किसान संगठनों ने शुक्रवार यानी 26 मार्च 2021 को ‘भारत बंद’ का ऐलान किया है। संयुक्‍त किसान मोर्चा ने बताया कि किसान आंदोलन के 4 महीने पूरे होने पर ‘भारत बंद’ किया जा रहा है- 26 मार्च को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक भारत बंद होगा। इस दौरान सड़क और रेल परिवहन, बाजार और दूसरे सार्वजनिक स्थानों को बंद रखने का प्लान है।

बता दें कि किसानों का यह आंदोलन पिछले साल 26 नवंबर को शुरू हुआ था। कल इस प्रदर्शन के 4 माह पूरे हो रहे हैं। ऐसे में बंद का आह्वान करते हुए किसान संगठनों ने कहा कि सिर्फ अपातकालीन सेवाएँ जारी रहेंगी बाकी सबकुछ बंद रखा जाएगा। रेल, सड़क मार्च सब चक्का जाम होगा। 

गौरतलब है कि एक ओर जहाँ सभी किसान संगठन बार-बार भारत बंद की बात कर रहे हैं। वहीं इसी बीच राकेश टिकैत ने हरियाणा के रोहतक में किसान महापंचायत में सरकार पर निशाना साधते हुए कथित किसानों को भड़काने का काम किया। उन्होंने कहा कि यदि कोई सरकारी एजेंसी किसानों (Farmers) को डराने की कोशिश करे तो उन्हें बंधक बना लो। 

टिकैत ने अपनी बात रखते हुए 26 जनवरी को लाल किले पर हुई अराजकता को भी अप्रत्यक्ष तौर पर समर्थन दिया। टिकैत ने कहा कि एक पाइप पर धार्मिक झंडा लगा दिया तो क्या पाप कर दिया। लालकिला तो सरकार पहले ही बेच चुकी है। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर सीएम खट्टर में हिम्मत है तो हेलिकॉप्टर से नीचे उतरकर दिखाए।

टिकैत ने सभा में मौजूद लोगों को उकसाते हुए महम से निर्दलीय विधायक बलराज कुंडू के घर हुई छापेमारी का मुद्दा उठाया। वह बोले कि जब बलराज ने किसान आंदोलन का समर्थन किया और विधानसभा में कृषि कानूनों के विरोध में आवाज उठाई तो सरकार ने इनकम टैक्स की छापेमारी करवा दी, लेकिन अब बलराज कुंडू या अन्य किसी नेता के घर पर कोई भी विभाग छापेमारी करने आए तो उनके अधिकारियों को बंधक बना लेना।

इससे पहले टिकैत ने जयपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए लोगों से दिल्ली आने का और बैरिकेड्स तोड़ने की बात कही थी। टिकैत ने जयपुर में कहा, “ उन्होंने (केंद्र) हमें जाति और धर्म के आधार पर बाँटने की कोशिश की लेकिन वे असफल रहे। आपको अह्वान करने पर फिर दिल्ली जाना होगा और फिर बैरिकेड्स तोड़ने होंगे।”

आमिर खान भी थूकते थे… वो भी हिरोइन के हाथों पर: जानिए पकड़े जाने पर क्या दिया था तर्क

बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान और उनके प्रैंक्स के बारे में फराह खान ने एक दिलचस्प खुलासा किया है। हाल ही में जियो मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल (Jio MAMI Mumbai Film Festival) में ‘जो जीता वही सिकंदर’ फिल्म की टीम एक बार फिर से एकजुट हुई।

इस दौरान कोरियोग्राफर-फिल्ममेकर फराह खान ने एक पुराना वाकया शेयर करते हुए कहा, “आमिर सभी के साथ ऐसा करते थे और वह अभी भी ऐसा कर रहे हैं। वह कहते हैं मुझे अपना हाथ पढ़ने के लिए दो और फिर उस पर थूक देते हैं।”

इस पर ‘गजनी’ फिल्म के अभिनेता ने मजाकिया अंदाज में सफाई देते हुए कहा, “मैंने जिस हीरोइन के हाथ पर थूका है वो नंबर वन बन गई।” इसी बीच पूजा बेदी ने भी चुटकी लेते हुए कहा, “मैं अपनी बेटी आलिया से कहूँगी कि आप जाकर आमिर अंकल से मिलो उन्हें आपके हाथों पर थूकने की जरूरत है।”

बता दें कि बुधवार (24 मार्च) को आमिर खान कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद आमिर ने खुद को होम क्वारंटाइन कर लिया है। और उन्होंने दूसरों से भी दूरी बनाए रखने के लिए कहा।

आमिर के प्रवक्ता ने कहा, “आमिर कोरोना संक्रमित हो गए हैं। उन्होंने खुद को होम क्वारंटाइन कर लिया है। वे सभी प्रोटोकॉल को फॉलो भी कर रहे हैं। उन्होंने गुजारिश की है कि जो भी लोग बीते कुछ दिनों में उनके संपर्क में आए हैं, वे सभी अपना कोविड-19 टेस्ट करवा लें। आप सभी की शुभकामनाओं और चिंता के लिए धन्यवाद।”