Home Blog Page 3939

TMC नेता के घर EVM मिलने की खबर को इंडिया टुडे ने बताया बीजेपी का ‘आरोप’, नेटिजन्स ने उठाए सवाल

पश्चिम बंगाल के तीन जिलों हुगली, हावड़ा और दक्षिण 24 परगना की 31 सीटों पर आज (6 अप्रैल 2021) वोट डाले जा रहे हैं। उससे पहले सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस के एक नेता के घर से ईवीएम (EVM) मिलने की बात सामने आई। इस मामले में चुनाव आयोग (EC) ने कार्रवाई भी की है। लेकिन, दिलचस्प यह है कि इंडिया टुडे ने इतनी बड़ी घटना को कमतर दिखाने की कोशिश करते हुए इसे ‘बीजेपी का आरोप‘ बताया।

इंडिया टुडे ने एक वीडियो रिपोर्ट में कहा, “भाजपा का आरोप है कि हावड़ा में टीएमसी नेता के घर पर ईवीएम पाए गए थे।” 2 मिनट की रिपोर्ट में, एंकर और रिपोर्टर दोहराते रहे कि बीजेपी का आरोप है कि टीएमसी के नेता के घर में ईवीएम पाए गए थे। एंकर ने इसे चार बार दोहराया जबकि रिपोर्टर ने ‘कथित’ और ‘दावा’ के रूप में अलग-अलग शब्दों का इस्तेमाल किया। दिलचस्प बात यह है कि 2 मिनट की रिपोर्ट में ईवीएम और वीवीपैट की तस्वीर एक मिनट के लिए बैकग्राउंड में दिखाई गई। एंकर इसकी पुष्टि की बजाए इसे बीजेपी का आरोप बताते रहे।

चुनाव आयोग ने पीठासीन अधिकारी को निलंबित कर दिया

रिपोर्ट के अनुसार, ईवीएम और वीवीपीएटी मशीन को टीएमसी नेता गौतम घोष के तुलसीबेरिया स्थित आवास पर पाया गया। ये घटना उलूबेरिया नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र की है, जहाँ तीसरे चरण में ही वोट डाले जा रहे हैं। चुनावी ड्यूटी में लगी कार से ईवीएम और वीवीपीएटी लेकर टीएमसी नेता के घर पर चुनाव अधिकारी तपन सरकार आया था।

ग्रामीणों द्वारा रंगे हाथों पकड़े जाने पर अधिकारी ने अपने बचाव में कहा कि चुनावी ड्यूटी के लिए मशीनों को लाते समय काफी रात हो गई थी। केंद्रीय सशस्त्र बल सो गए थे और उन्होंने बूथ खोला ही नहीं। लिहाजा उन्होंने अपने एक रिश्तेदार के घर पर रात बिताना उचित समझा। ये रिश्तेदार कोई और नहीं, टीएमसी के नेता ही थे। इस मामले में चुनाव आयोग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर अधिकारी तपन सरकार के साथ-साथ पुलिस की पूरी टुकड़ी को भी निलंबित कर दिया है।

नेटिजन्स ने रिपोर्टिंग स्टाइल पर उठाए सवाल

इंडिया टुडे ने जिस तरह से इस मामले को रिपोर्ट किया है, उस पर कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए हैं।

गौरतलब है कि दूसरे चरण के मतदान के बाद जब एक बीजेपी नेता की कार में ईवीएम मिला था तो मीडिया गिरोह ने खूब हल्ला मचाया था। जबकि उस मामले में यह बात सामने आई थी कि चुनाव अधिकारियों ने गाड़ी खराब होने पर लिफ्ट माँगी थी। उन्हें यह जानकारी थी कि कार किसकी है। इस मामले में आयोग ने कार्रवाई करते हुए दोबारा मतदान के आदेश दिए थे।

अमान और शादाब ने छात्रा को अगवा किया, चाकू से गोद गंगनहर में फेंक दिया: बातचीत बंद करने से था नाराज

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक छात्रा को चाकू से गोद गंगनहर में फेंकने की घटना सामने आई है। पीड़िता मसूरी थाना क्षेत्र के डासना स्थित पिलखुवा की रहने वाली है। आरोपितों में से एक अमान मलिक से छात्रा की दोस्ती थी। दो महीने पहले छात्रा ने उससे बातचीत बंद कर दी। इससे नाराज अमान ने अपने साथी शादाब के साथ मिल चाकू की नोंक पर छात्रा का अपहरण किया और फिर इस घटना को अंजाम दिया।

छात्रा जब चीखने-चिल्लाने लगी तो आसपास के लोगों ने उसकी पुकार सुनी, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। राहगीरों ने छात्रा को गंगनहर से बाहर निकाला। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। माँ की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। छात्रा के पिता नहीं हैं। चाचा ने बताया कि 2 साल पहले उसकी दोस्ती नाले पर दुकान चलाने वाले अमान मलिक से हो गई थी। 2 महीने पहले उसने अमान से बातचीत बंद कर दी थी।

इसके बाद उसने कई बार उससे बातचीत शुरू करने के लिए मिन्नतें की थी। उसने छात्रा के चक्कर लगा कर उससे फिर से बात करने को कहा, लेकिन उसने इनकार कर दिया। सोमवार (अप्रैल 5, 2021) को छात्रा बाजार गई थी। वहाँ अमान और शादाब ने उसे जबरन रोक लिया। बात करने के बहाने पहले उसे रेलवे रोड की तरफ सुनसान में लेकर गया। वहाँ दोनों 10 मिनट तक रहे और शादाब भी थोड़ी दूर पर खड़ा रहा।

जब छात्रा नहीं मानी तो अमान ने शादाब की तरफ इशारा किया, जिसने चाकू का इस्तेमाल कर उसे बाइक पर जबरन बिठाया। उसका अपहरण कर दोनों डासना गंगनहर पर लेकर गए। वहाँ जब पीड़िता ने इस हरकत का विरोध किया तो शादाब ने उसको पकड़ा और अमान ने ताबड़तोड़ चाकू से वार किए। छात्रा चिल्लाती रही और शादाब के चंगुल से छूटने की जतन में लगी रही, लेकिन अमान चाकू घोंपता रहा।

सदर अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। उसके हाथ, गर्दन और जाँघ में जख्म आए हैं। पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। छात्रा के परिजनों का कहना है कि अमान का व्यवहार और हरकतें सही नहीं थीं, जिसके कारण लगभग 1 साल पहले भी उसने अमान से बातचीत बंद कर दी थी। अमान ने उस दौरान भी उसे और उसके परिवार को अंजाम भुगतने की धमकी दी थी। इससे डरी-सहमी किशोरी जबरन दोस्ती में बँधी हुई थी।

भगवान बिना मंदिर, मिट्टी में दफन हैंडपंप… ओडिशा के सतभाया (7 गाँवों का समूह) को कौन निगल र​हा

ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में तटीय क्षेत्र में बसे 7 गाँव धीरे-धीरे नक्शे से गायब हो रहे हैं। 17 किलोमीटर के रास्ते पर कभी सतभाया पंचायत (सात गाँवों का समूह) थी। लेकिन अब यहाँ बस रेत की चादर, कुछ ताड़ के पेड़, आवारा पशु, मिट्टी में धँस चुका हैंड पंप और बिन भगवान की मूर्ति का एक मंदिर है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट बताती है कि मृदा अपरदन (जमीन का कटाव) के कारण ये 7 ग्राम नक्शे से गायब होते जा रहे हैं। रास्ते में बना एक मंदिर है, जहाँ कभी कई परिवार आते थे, मगर अब इस जगह प्रफुल्ल लेंका ही आते-जाते हैं। लेंका उन्हीं 571 लोगों में से हैं जिन्हें 2018 में पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन ने 12 किमी दूर बागपटिया भेज दिया था। हालाँकि, 40 साल के लेंका वापस लौट आए क्योंकि उन्हें अपनी 20 भैंसों की देखभाल करनी थी।

रिपोर्ट बताती है कि इलाके में कोई बुनियादी सुविधाएँ नहीं हैं, जिसके चलते प्रशासन ने हाल में 148 परिवारों में से 118 परिवारों के पुनर्वास के आदेश दिए हैं, वही बाकी बचे 30 परिवारों के लिए कहा है कि उनके लिए कागजी कार्रवाई होना अब भी बाकी है।

एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट बसंत कुमार राउत ने बताया कि प्रशासन, बीजू पक्का घर योजना के तहत 10 डिसिमल जमीन और डेढ़ लाख रुपए इन लोगों को घर निर्माण के लिए देगा।

बाबू मलिक नाम के स्थानीय हालातों को बयाँ करते हुए कहते हैं, “जमीन का टुकड़ा और एक घर जाहिर है हमारे लिए बहुत महत्व रखता है। हमने बहुत इंतजार किया। लेकिन हमारा जीवन, हमारा घर सब समुद्र ने ले लिया। पिछले 4 सालों में चौथी बार हम अपना घर बदल रहे हैं।‘

उल्लेखनीय है कि 2018 में पहली बार इस क्षेत्र में लोगों के पुनर्वास पर काम हुआ था। जो लोग इस दौरान छूट गए उन्हें इन ग्रामों के अलावा अन्य गाँवों में किराए पर जाकर रहना पड़ा। रिपोर्ट बताती है कि लगभग एक दशक पहले तक, खेती और मछली पालन यहाँ के लोगों की आजीविका के मुख्य स्रोत थे। लेकिन समुद्र ने तेजी से कई घरों और कृषि भूमि को निगल लिया और मिट्टी की लवणता में वृद्धि हुई, जिससे जमीन उपजाऊ नहीं रही।

पवित्र कुमार साहू कहते हैं, “जैसे ही गाँव वाले गए। मैं भी अपने परिवार को लेकर दूसरे गाँव में चला गया। स्कूल भी नई कॉलोनी में शिफ्ट हो गया क्योंकि वहाँ रहने का कोई मतलब नहीं था। हम किराए पर रहने लगे। मैं केरल चला गया और लॉकडाउन के बाद यहाँ लौटा। मुझे आना ही पड़ा। तब से मैं यहाँ अकेला हूँ। मैं मछली पकड़कर उन्हें बेचता हूँ। इससे पहले भी मैं यही करता था।”

रिपोर्ट में नेशनल सेंटर फॉर कोस्टल रिसर्च की एक स्टडी का जिक्र है। इसके मुताबिक ओडिशा ने 1990 से 2016 के बीच 550 किमी तटीय सीमा का 28 प्रतिशत खोया है। अकेले केंद्रपाड़ा की 31 किमी जमीन खत्म हुई है।

बता दें कि केंद्रपाड़ा जिले की सतभया पंचायत में हो रहे मृदा अपरदन के कारण इलाका अब रेगिस्तान होता जा रहा है। ऐसे में उनके पुनर्वास की माँग लंबे समय से सरकार से हो रही थी। 2018 के बाद अभी हाल में प्रशासन ने 118 परिवारों के पुनर्वास के निर्देश दिए हैं। पहले इस इलाके को बचाने के लिए यहाँ सदाबहार जंगल बनाने की बात हुई थी, लेकिन लगातार हो रहे क्षय के कारण इलाके में बहुत तेजी से मिट्टी का स्तर बढ़ा है। समुद्र भी नजदीक आ गया है और माँ पंचुबारही का मंदिर मिट्टी में जा चुका है। इस इलाके के हालत देख किसी प्रकार का विकास कार्य भी संभव नहीं है, इसलिए 2017 से यहाँ ऐसे कामों पर रोक है।

‘हमने हिन्दुओं से एकजुट हो BJP को वोट देने के लिए कहा होता तो 8-10 नोटिस मिल चुके होते’: बंगाल में PM मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (अप्रैल 6, 2021) को पश्चिम बंगाल के कूच बिहार में एक चुनावी सभा को सम्बोधित किया। बंगाल की 31 सीटों पर आज तीसरे चरण का मतदान भी चल रहा है। भाजपा के स्थापना दिवस के दिन कूच बिहार पहुँचे प्रधानमंत्री ने कहा कि बंगाल की इस धरती ने भाजपा को विचार दिए हैं, संस्कार दिए हैं, प्रेरणा दी है, निरंतर ऊर्जा दी है। उन्होंने जनसंघ के पितृपुरुष श्यामा प्रसाद मुखर्जी को भी नमन किया।

पीएम मोदी ने कहा कि डॉक्टर मुखर्जी ने हमारे लिए राजनीति का रास्ता तय किया था और उन्होंने ही हमें आदर्शों को लेकर राजनीति में जीने का, जनता के लिए जूझने का और शरीर का कण-कण, समय का पल-पल जनता के लिए लगाए रखने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि 2 मई को जब चुनाव के नतीजे आएँगे तो बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद यहाँ विकास का अभियान और तेज किया जाएगा।

पीएम मोदी ने कहा कि बीते 2 चरणों के मतदान में दीदी का जाना तय हो चुका है। उन्होंने कहा, “मैंने सुना कि दीदी इन दिनों सवाल पूछ रही हैं कि क्या भाजपा भगवान है जो उसे पता चल गया है कि पहले 2 चरणों में BJP को बड़ी जीत मिल रही है। आदरणीय दीदी, ओ दीदी, हम तो मामूली इंसान हैं, और ईश्वर की आज्ञा से, उनके आशीर्वाद से देशसेवा में लगे हैं। चुनाव में कौन हार रहा है, कौन जीत रहा है ये पता करने के लिए भगवान को कष्ट देने की जरूरत नहीं है।”

पीएम मोदी ने कहा कि जनता जनार्दन ही भगवान का रूप होती है और जनता जनार्दन को देखकर ही पता लग जाता है कि हवा का रूख क्या है। जन सभा में आई भारी भीड़ से प्रधानमंत्री ने कहा कि आपका आशीर्वाद मेरे लिए बहुत बड़ी ताकत है और आप जो आज ये प्यार दे रहे हैं, 2 मई के बाद भाजपा सरकार बनने के बाद वो इस प्यार को ब्याज समेत इस इलाके का विकास करके लौटाएँगे। उन्होंने कहा, “दीदी, आपका गुस्सा, आपकी नाराजगी, आपका व्यवहार, आपकी वाणी, इन सबको देखकर एक बच्चा भी बता सकता है कि दीदी आप चुनाव हार चुकी हैं।”

पीएम मोदी ने याद दिलाया कि रोज मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को कहना पड़ रहा है कि वो नंदीग्राम जीत रही हैं, लेकिन जिस दिन उन्होंने नंदीग्राम में पोलिंग बूथ में ‘खेला’ किया, जो बातें कहीं, उसी दिन पूरे देश ने मान लिया था कि वो हार गई हैं – इसके लिए भगवान से पूछने की जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि जब ममता की पार्टी ने घोषणा कर दी है कि दीदी अब वाराणसी से चुनाव लड़ेंगी तो कोई भी व्यक्ति बड़ी आसानी से समझ सकता है कि TMC का सूपड़ा साफ होने जा रहा है।

उन्होंने कहा, “दीदी को राजनीति करनी होगी तो बंगाल के बाहर जाना होगा, ये उनकी ही पार्टी बोल रही है। दीदी, आप वैसे तो चुनाव आयोग को गालियाँ देती हैं, लेकिन हमने ये कहा होता कि सारे हिंदु एकजुट हो जाओ, भाजपा को वोट दो, तो हमें इलेक्शन कमीशन के 8-10 नोटिस मिल गए होते। सारे देश के एडिटोरियल हमारे खिलाफ हो गए होते। जिस चुनाव आयोग ने चुनाव कराकर आपको दो बार मुख्यमंत्री बनाया, आज आपको उस चुनाव आयोग से ही दिक्कत होने लग गई।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीजेपी की रैली में भारी संख्या में लोग आ रहे हैं, बहनें-बेटियाँ आ रही हैं, लेकिन दीदी कहती हैं आप लोग पैसे लेकर यहाँ आते हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल की ईमानदार जनता पर दीदी का ये संगीन आरोप दिखाता है कि वो चुनाव हार चुकी हैं। बकौल पीएम मोदी, टीचरों की भर्ती हो या फिर लोगों के काम, ममता बनर्जी ने सिर्फ तुष्टिकरण किया और बंगाल के सामान्य लोगों को, बंगाल के नौजवानों, यहाँ के किसानों को आपने अपने हाल पर छोड़ दिया।

पीएम मोदी ने याद दिलाया कि 10 साल तक TMC के टोलाबाज बंगाल को लूटते रहे। बता दें कि हाल ही में TMC सुप्रीमो ममता बनर्जी ने मुस्लिमों को एकजुट होकर वोट करने को कहा था। पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल का युवा एक-एक टका के लिए तरस रहा है और वहाँ 35-40 करोड़ एक महीने में आ रहा है, इसी वजह से आज बंगाल के कोने-कोने से आवाज आ रही है- ‘चलो पालटाई, चलो पालटाई’।

मंदिर के पुजारियों के साथ खिंचवाई फोटो, बिना अनुमति पूरे शहर में लगा दिए पोस्टर: कॉन्ग्रेस उम्मीदवार शफी का कारनामा

केरल की 140 विधानसभा सीटों के लिए मंगलवार (अप्रैल 6, 2021) को मतदान हो रहा है। इसी बीच पलक्कड़ कलपाथि में एक पोस्टर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। UDF गठबंधन में शामिल कॉन्ग्रेस पार्टी के उम्मीदवार शफी परम्बिल के जिस चुनावी पोस्टर को लेकर विवाद हो रहा है, उसमें वो मंदिर के दो पुजारियों के साथ दिख रहे हैं। ऐसे पोस्टर पूरे शहर में लगवाया गया था, जिसका अब विरोध हो रहा है।

इस पोस्टर के माध्यम से ऐसा दिखने की कोशिश की गई कि मंदिर के पुजारियों ने इस चुनाव में शफी परम्बिल को समर्थन दिया हुआ है। साथ ही उस पर कॉन्ग्रेस पार्टी का चुनाव चिह्न भी बनाया हुआ है। पलक्कड़ वही क्षेत्र है, जहाँ से ‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन भाजपा उम्मीदवार के रूप में किस्मत आजमा रहे हैं। अब श्री विशालाक्षी समिधा विश्वनाथ स्वामी मंदिर के दोनों पुजारियों ने एक वीडियो के जरिए इस पोस्टर का विरोध किया है।

ये दोनों वही पुजारी हैं, जिनके साथ की तस्वीर कॉन्ग्रेस उम्मीदवार ने लगा रखी है। शफी इस क्षेत्र से अभी भी विधायक हैं। 2011 और 2016 के विधानसभा चुनावों में 40% से अधिक वोट पाकर विधायक बने शफी परम्बिल इस बार हैट्रिक लगाने की फिराक में हैं। कोंडूरकरा के रहने वाले शफी परम्बिल केरल यूथ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष हैं। दोनों पुजारियों ने आरोप लगाया है कि विधायक ने बिना अनुमति के उनके फोटोग्राफ्स यूज किए।

उन्होंने कहा कि शहर में कई जगह बड़े फ्लेक्स बोर्ड पर लगे उन पोस्टर्स में खुद को देख कर काफी आश्चर्य हुआ। उन्होंने कहा कि बिना उनकी जानकारी के ये सब किया गया है। पुजारियों ने कहा, “हम मंदिर में आने वाले हर व्यक्ति का स्वागत करते हैं। हम उन सभी के साथ बराबर व्यवहार करते हैं, क्योंकि हमारा धर्म यही कहता है। लोगों के सेवक और आचार्य के रूप में अपेक्षा होती है कि हम निष्पक्ष रहें।”

उन्होंने बताया कि उनके पास कई श्रद्धालुओं और कलपाथि के नागरिकों के फोन कॉल्स आ रहे हैं और वो पूछ रहे हैं कि क्या उन्होंने इस बार किसी राजनीतिक पार्टी का समर्थन किया है? साथ ही कई नागरिकों ने उन्हें ये भी कहा कि ये सब धर्म के विरुद्ध है। परम्बिल कभी केरल कॉन्ग्रेस के आलोचक भी रहे हैं। वहाँ कॉन्ग्रेस और मुस्लिम लीग साथ मिल कर चुनाव लड़ रही है। 2 मई को तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी, असम और पश्चिम बंगाल के नतीजे आने हैं।

30 अप्रैल तक दिल्ली में नाइट कर्फ्यू: कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केजरीवाल सरकार का बड़ा फैसला

देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। पहली बार 1 दिन में 1 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। देश की राजधानी में फ़िलहाल 15,000 से अधिक सक्रिय कोरोना संक्रमित मरीज हैं और ये संख्या बढ़ती ही जा रही है। इसी आलोक में AAP सरकार ने अब दिल्ली में नाइट कर्फ्यू लगाने का ऐलान किया है। आज मंगलवार (अप्रैल 6, 2021) से ही रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू रहेगा। फिलहाल 30 अप्रैल तक के नाइट कर्फ्यू की घोषणा की गई है। इस दौरान जरूरी और आपातकालीन सेवा के लिए आवाजाही की इजाजत होगी।

इससे पहले मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा था कि फ़िलहाल लॉकडाउन की कोई योजना नहीं है। उन्होंने कहा था कि सरकार की परिस्थितियों पर नजर है और सार्वजनिक विचार-विमर्श के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। टीकाकरण को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने आदेश दिया है कि हर अस्पताल के एक तिहाई टीकाकरण केंद्र 24 घंटे चालू रहें। पिछले 24 घंटों में दिल्ली में 3500 नए कोरोना मरीज सामने आए हैं और 15 मौतें हुई हैं।

दिल्ली में नाइट कर्फ्यू अप्रैल महीने की अंतिम तारीख़ तक जारी रहेगा। फिलहाल महाराष्ट्र की स्थिति सबसे ज्यादा बदतर है। मुंबई में 30 लाख प्रवासी कामगार रहते हैं। शहर में रविवार (अप्रैल 4, 2021) की रात से नाइट कर्फ्यू लगा दिया गया है। वहाँ फरवरी से अब तक कोरोना मरीजों की संख्या 400% बढ़ी है। देश में कुल सक्रिय मामलों के 60% महाराष्ट्र में ही हैं। कुल मरने वालों में से भी 33% अकेले महाराष्ट्र से हैं।

जस्टिस एनवी रमना को राष्ट्रपति ने देश का अगला मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया, 24 अप्रैल को लेंगे शपथ

जस्टिस एनवी रमना (NV Ramana) देश के अगले मुख्य न्यायाधीश होंगे। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सीजेआई बोबेडे की सिफारिश को स्वीकार करते हुए उनके नाम पर मुहर लगा दी है। उनकी नियुक्ति की अधिसूचना जारी कर दी गई है। वे देश के 48वें चीफ जस्टिस होंगे।

जस्टिस रमना 23 अप्रैल को मुख्य न्यायाधीश की शपथ लेंगे। वर्तमान में वह मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे के बाद सुप्रीम कोर्ट में सबसे वरिष्ठ जज हैं। उनका कार्यकाल 26 अगस्त 2022 तक रहेगा। समाचार एजेंसी ANI के अनुसार, “रामनाथ कोविंद ने जस्टिस रमना को 24 अप्रैल से अगले चीफ जस्टिस के तौर पर नियुक्त किया है। सीजेआई एसए बोबडे 23 अप्रैल को रिटायर होंगे।” 

बता दें कि जस्टिस एनवी रमना का पूरा नाम नथालपति वेंकट रमण हैं। उनका जन्म 27 अगस्त 1957 को आंध्र प्रदेश के कृष्ण जिले के पोन्नवरम गाँव में एक किसान परिवार में हुआ था। 

सुप्रीम कोर्ट में आने से पहले वह दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रह चुके हैं। उन्होंने आंध्र प्रदेश न्यायिक अकादमी के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया है।

वह सर्वप्रथम 10 फरवरी, 1983 में वकील बने थे। इसके बाद 27 जून 2000 को उन्हें आंध्र प्रदेश में स्थायी जज नियुक्त किया गया। वहाँ उन्होंने 10 मार्च 2013 से 20 मई 2013 तक कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश  का पद सँभाला।

अभी हाल में वह आंध्र प्रदेश के चीफ मिनिस्टर जगन मोहन रेड्डी की एक शिकायत के बाद चर्चा में आए थे। जस्टिस रमना पर सीएम रेड्डी ने आरोप लगाया था कि वह राजनीतिक तौर पर संवेदनशील केस में हस्तक्षेप कर रहे हैं। इस मामले में जाँच के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री की शिकायत को खारिज कर दिया था।

‘हम 11 फिदायीन हमलावर हैं, योगी आदित्यनाथ और अमित शाह को मारेंगे’: धमकी वाला मेल CRPF को भेजा गया

सीआरपीएफ के मुंबई कार्यालय को मंगलवार (अप्रैल 6, 2021) की सुबह एक ई मेल भेजा गया। रिपोर्टों के मुताबिक इसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को जान से मारने की धमकी दी गई है।

जानकारी के मुताबिक, मेल में धार्मिक स्थान जैसी जगह पर हमले की बात है। यह भी लिखा है कि योगी आदित्यानाथ और अमित शाह को फिदायीन हमले में मारा जाएगा। इंडिया टुडे के अनुसार, मेल में उल्लेख है कि ‘हम 11 फिदायीन हमलावर हैं”, जो योगी आदित्यनाथ और अमित शाह को मारेंगे।

बता दें कि इससे पहले योगी आदित्यनाथ को मैसेज के जरिए जान से मारने की धमकी मिली थी। मैसेज में कहा गया था कि 24 घंटे के अंदर AK-47 से उड़ा दूँगा। अगर खोज सकते हो तो मुझे खोज कर दिखाओ। उससे पूर्व, 21 नवंबर 2020 को भी यूपी 112 के हेल्पडेस्क के वाट्सएप नंबर पर एक धमकी का मैसेज मिला था। पुलिस ने छानबीन करने के बाद आरोपित को आगरा से गिरफ्तार किया था। मैसेज भेजने वाला नाबालिग था।

वहीं 21 मई 2020 को मुख्यमंत्री को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। वाट्सएप नंबर पर मिले मैसेज में कहा गया था कि मुख्यमंत्री को बम से उड़ा दूँगा। इस मामले में भी आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था।

इसी प्रकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को गणतंत्र दिवस पर बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। उनके साथ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सरधना विधायक संगीत सोम समेत कई बड़े नेताओं को मारने की बात भी पत्र में लिखी गई थी।

पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को जान से मारने की धमकी देने के आरोप में अनवर नाम का शख्स गिरफ्तार किया गया था। अनवर के खिलाफ विट्टल पुलिस स्टेशन पर यतीश नाम के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि अनवर ने अपने संदेशों में कथित तौर पर सीएए और एनआरसी से मुसलमानों पर असर पड़ने पर वह पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को मारने की धमकी दी थी।

कोरोना से महाराष्ट्र यूँ ही नहीं बेहाल: BMC को ₹10 हजार दो-घर जाओ, विदेश से आने वालों के क्वारंटाइन के नाम पर कागजी खानापूर्ति

महाराष्ट्र में कोरोना के बढ़ते मामलों ने राज्य की स्थिति को चिंताजनक बना दिया है। रविवार (4 अप्रैल 2021) को वहाँ 57000 नए केस दर्ज किए गए, जो कि अब तक का सबसे अधिक आँकड़ा है। सिर्फ मुंबई में ही प्रतिदिन 11,000 से ज्यादा मामले आ रहे हैं। ऐसे में मिड-डे ने मुंबई में बढ़ रहे कोरोना केसों पर एक चौंकाने वाली रिपोर्ट प्रकाशित की है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक BMC के अधिकारी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बाहरी देशों से आए लोगों को 7 दिन के अनिवार्य क्वारंटाइन में रखने की बजाय उनसे 10-12 हजार रुपए लेकर उन्हें एयरपोर्ट से निकलने में मदद कर रहे हैं। 

मिड-डे ने खुलासा किया कि एयरपोर्ट पर बीएमसी अधिकारियों को इसलिए तैनात किया गया कि वो कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देश जैसे- ब्रिटेन, यूरोप, मिडिल ईस्ट और साउथ अफ्रीका, से आए यात्रियों का 7 दिन का क्वारंटाइन सुनिश्चित करें, लेकिन अधिकारी उनसे पैसों की लेन-देन कर उन्हें छोड़ रहे हैं। समाचार पत्र ने अपनी पड़ताल में यह भी पाया कि यात्रियों को एयरपोर्ट से निकालने के लिए एक विस्तृत व्यवस्था है।

SOP का उल्लंघन कर बीएमसी अधिकारी यात्रियों भेज रहे घर

बीएमसी के स्टैंडर्ड ऑपरेशन प्रोसिजर (एसओपी) के अनुसार, 65 साल से ऊपर के लोग, गर्भवती महिलाएँ, 5 साल के बच्चों के साथ उनके माता-पिता, गंभीर बीमारी वाले लोग, या फिर परिवारिक स्थिति के कारण कहीं से लौटने वालों के लिए होम आइसोलेशन की छूट है, वरना सभी यात्रियों के लिए 7 दिन का क्वारंटाइन अनिवार्य है।

लेकिन इन नियमों का उल्लंघन करने वाला मुंबई में कोई और नहीं, बल्कि बीएमसी खुद है। वह अपने ही बनाए रूल्स का उल्लंघन कर घूस लेकर यात्रियों को एयरपोर्ट से निकाल रही है। इसके बाद उनके नाम होटल की लिस्ट में दिखाए जा रहे हैं जिन्हें इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन में रखा गया। रिपोर्ट बताती है कि ये सौदा उस समय होता है जब यात्री के पास होटल के कमरे में लगातार 7 दिन तक रहने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं होते। 

इस पड़ताल में ये भी पता चला कि जो भी यात्री इस 7 दिन की अवधि को पूरा किए बिना निकलना चाहते थे उन्हें  WestInn होटल चुनने को कहा गया। इसके बाद उन्हें 6 से 7 के ग्रुप में बस में बैठाया गया। इस दौरान न तो यात्रियों ने पीपीई सूट पहना और न ही बस के ड्राइवर ने।

मिड डे ने अपनी जाँच में एक बस का पीछा किया जो सनशाइन होटल पर रुकी और एक पैसेंजर वहाँ से बाहर आया। यहाँ उस यात्री का सामान इनोवा कार में रखवा दिया गया और फिर वही यात्री बस में दोबारा चढ़ गया, जब बस अंधेरी वेस्ट इन होटल पहुँची, तो वही यात्री दोबारा बाहर आया। थोड़ी देर बाद इनोवा गाड़ी वहाँ पहुँची और यात्री होटल से निकल कर इनोवा में बैठ कर चला गया।

मिड डे ने इनोवा का पीछा किया। गाड़ी एयरपोर्ट से 60 किलो दूर उल्वे की ओर गई और फिर ओम अनंत रेजिडेंसी के पास जाकर रुकी, यहाँ यात्री उतरा। पूछताछ में पता चला कि वह व्यक्ति गल्फ नेशनल से लौटा है और फ्लैट नंबर 102 में रहता है। 

बीएमसी अधिकारी ने रिपोर्टर से 10 हजार देने को कहा

रिपोर्ट के अनुसार, ये अकेला मामला नहीं है। घटना के अगले दिन भी बेस्ट बस को मिड डे ने दोबारा फॉलो किया, जहाँ उन्हें फिर एक ऐसा यात्री मिला जिसे बीच रास्ते में उतारकर उसे उसके घर भेज दिया गया।

इस रिपोर्ट में बीएमसी अधिकारी वसंत और मिड डे रिपोर्टर की बातचीत भी है, जो अपने रिश्तेदार को अनिवार्य क्वारंटाइन से निकालने की बात कह रहा है। इस बातचीत में रिपोर्टर से वसंत 10 हजार रुपए की माँग करता है। वसंत कहता है कि यात्री को पहले होटल ले जाया जाएगा, जहाँ चेक इन के बाद पैसा देते ही उसे छोड़ देंगे। लेकिन, कागजी काम में एक घंटा लग सकता है।

जब रिपोर्टर ने पूछा कि अगर इस बीच बीएमसी अधिकारी चेक करने आ गए तो? इस पर वसंत ने खुलासा किया कि बीएमसी अधिकारी होटल जाते हैं और वहाँ वसूली करते हैं। होटल और बीएमसी वालों में पूरी सेटिंग हो रखी है।

वसंत ने कहा कि वह यात्रियों को क्वारंटाइन से भगाने का इंतजाम कर चुका है। उसने मिड डे रिपोर्टर को दीपाली नाम की महिला को कॉल करने को कहा जो ये सब मैनेज करती है। जब मिड डे ने दीपाली से बात की तो उसने मिलने से मना कर दिया, लेकिन रिपोर्टर की बहन को क्वारंटाइन से बचाने के लिए 11,000 रुपए माँगे।

पूरा तंत्र है होटल में क्वारंटाइन यात्रियों को चेक करने के लिए: BMC का दावा

बता दें कि मिड डे के इन दावों को बीएमसी ने नकारा है। उनका कहना है कि उनके पास पूरा तंत्र है ये चेक करने के लिए कि यात्री होटल में क्वारंटाइन हैं या नहीं। उप नगर आयुक्त पराग मसूरकर, हवाई अड्डे पर विदेश से आने वाले लोगों को क्वारंटाइन करवाने के प्रभारी हैं। उन्होंने सफाई में कहा कि संभव है कलेक्टर कार्यालय के अधिकारी इस चीज में शामिल हों। उन्होंने कहा कि हवाई अड्डे पर कलेक्टर कार्यालय के अधिकारी भी मौजूद हैं और होटलों की सूची कलेक्टर कार्यालय के कर्मचारियों के पास दी गई है।

बता दें कि इस मामले में मिड डे की रिपोर्ट के बाद बीएमसी के वरिष्ठ अधिकारी एक्शन में आ गए हैं। डीएमसी पराग मसूरकर का कहना है कि मिड डे की रिपोर्ट के बाद वह यात्रियों के नाम के साथ अपने रिकॉर्ड और होटल का मिलान कर रहे हैं। किसी भी प्रकार का भ्रष्टारचार मिलने पर सभी लोगों पर एक्शन लिया जाएगा।

बीएमसी दे रही गलत जानकारी: कलेक्टर

वहीं, मुंबई उपनगर जिले के कलेक्टर मिलिंद बोरिकर ने कहा कि बीएमसी गलत जानकारी दे रही है। उन्होंने बताया कि उनका कर्मचारी मुंबई पहुँचने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अलग करने के लिए हवाई अड्डे पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरी प्रक्रिया बीएमसी द्वारा नियंत्रित है और उनकी इसमें कोई भूमिका नहीं है।

मिड डे द्वारा यह पूछे जाने पर, जैसा कि डीएमसी मसूरकर ने कहा है, क्या हवाई अड्डे पर कलेक्टर कार्यालय के कर्मचारियों के पास होटलों की सूची रखी गई है? इसके जवाब में कलेक्टर ने कहा, “नहीं, नहीं। वह आपको गलत जानकारी दे रहे हैं क्योंकि हम क्वारंटाइन सुविधा में नहीं हैं। हमारे स्टाफ केवल यात्रियों को अलग करने के लिए वहाँ काम कर रहे हैं।”

5 राज्यों की 475 सीटों पर हो रहा मतदान, बंगाल में TMC की गुंडई शुरू: दक्षिण के 3 राज्यों में आज ही सभी सीटों पर वोटिंग

खबरों में भले ही पश्चिम बंगाल ही छाया हो, लेकिन आज (अप्रैल 6, 2021) 5 राज्यों की जिन 475 सीटों पर मतदान हो रहा है, उनमें मात्र 31 सीटें ही पश्चिम बंगाल की हैं। आज का दिन चुनाव आयोग (EC) के लिए बड़ा ही व्यस्त रहने वाला है। बंगाल के अलावा तमिलनाडु की 234, केरल की 140, असम की 40 और पुडुचेरी की 30 सीटों पर मतदान हो रहा है। दक्षिण भारत के तीनों राज्यों में इसी चरण में मतदान पूरा हो जाएगा।

तमिलनाडु में 10 वर्षों से सत्ता से बाहर DMK के लिए जहाँ ये चुनाव अस्तित्व की लड़ाई बन गई है, वहीं सत्ताधारी AIADMK को जयललिता की अनुपस्थिति में पलानिस्वामी-पनीरसेल्वम की जोड़ी की विश्वसनीयता बचानी है। यहाँ 6.8 करोड़ से भी अधिक वोटर 234 सीटों पर 3998 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। कमल हासन और TTV दिनाकरन भी दोनों पार्टियों का खेल खराब कर सकती है।

वहीं केरल में भाजपा कितना मजबूत हो पाई है, ये इस चुनाव में पता चलेगा। सबरीमाला मामले के बाद ये पहले विधानसभा चुनाव है। पलक्कड़ से भाजपा उम्मीदवार ‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन ने सुबह-सुबह ही मतदान किया। यहाँ 3.75 करोड़ वोटर 957 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। सोना तस्करी और राजनीतिक हिंसा में फँसी CPI(M) को ओपिनियन पोल्स ने बढ़त में दिखाया है। कॉन्ग्रेस नीत UDF के लिए राहुल गाँधी ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकी है।

असम में आज तीसरे और अंतिम चरण का चुनाव हो रहा है। कुल 337 उम्मीदवारों की किस्मत आज EVM में बंद हो जाएगी। भाजपा के फायरब्रांड नेता हिमंत बिस्वा शर्मा का विधानसभा क्षेत्र जलकुबरी में भी आज ही मतदान हो रहे हैं। भाजपा का गठबंधन असम गण परिषद (AGP) और यूनाइटेड पीपल्स पार्टी लिबरल (UPPL) के साथ है। इस चरण में कॉन्ग्रेस के 20 विधायकों की सीट है। पार्टी ने कट्टरवादी बदरुद्दीन अजमल की AIDUF के साथ गठबंधन किया है।

वहीं पश्चिम बंगाल में आज जिन सीटों पर चुनाव हो रहे हैं, उन्हें तृणमूल कॉन्ग्रेस का गढ़ माना जाता है। हावड़ा के ग्रामीण इलाके और सुंदरबन में TMC ने अच्छी-खासी पैठ बनाई थी। डायमंड हार्बर से खुद ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक सांसद हैं। हुगली और साउथ परगना 24 में भी मतदान हो रहे हैं। भाजपा के स्वप्न दासगुप्ता और CPI(M) के 77 वर्षीय कांति प्रसाद ऐसे उम्मीदवार हैं, जिन पर नजरें हैं।

साउथ 24 परगना के डायमंड हार्बर से भाजपा उम्मीदवार दीपक हलदर ने आरोप लगाया है कि दागीरा बदलदांगा में बूथ संख्या 143 और 180 पर TMC के गुंडे लोगों को अपने मताधिकार का प्रयोग नहीं करने दे रहे हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की है।

पुडुचेरी में चुनाव से कुछ दिन पहले कॉन्ग्रेस की सरकार गिर गई थी। वहाँ सीधी लड़ाई UPA बनाम NDA की है। भाजपा ने 2 बार के मुख्यमंत्री व दिग्गज नेता एन रंगासामी की ‘AINR कॉन्ग्रेस’ को 30 में से 16 सीटें दी हैं।