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शादी का झाँसा दे 2 वर्षों तक आदिवासी युवती से रेप, केशर आलम अब इस्लाम अपनाने का बना रहा दबाव

झारखंड की राजधानी राँची से ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आया है। आरोपित ने आदिवासी युवती को शादी का झाँसा देकर 2 साल तक उसका यौन शोषण किया और फिर इस्लाम में धर्मांतरण के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया।

इस घटना को लेकर गोंदा थाने में FIR दर्ज की गई है। काँके रोड निवासी एक युवती ने रेप का आरोप दर्ज कराया है। आरोपित केशर आलम उर्फ़ केशु गुलजार नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित इटकी का निवासी है।

पीड़िता एक शोरूम में सहायक के रूप में काम करती है। उसने अपनी शिकायत में बताया है कि वो कोकर में एक सहेली के यहाँ रहती थी। केशर आलम उर्फ़ केशु वहाँ अक्सर आया-जाया करता था। वहीं पर उन दोनों की मुलाकात हुई, जो दोस्ती में बदल गई।

पीड़िता ने बताया कि क्रिसमस 2018 (दिसंबर 25) के दिन वो घर में अकेली थी, इस दौरान केशर आलम वहाँ पर आ धमका और उसने चाय की फरमाइश की।

आरोप है कि इसके बाद उसने चाय में कुछ नशीला पदार्थ मिलाया और आदिवासी समाज से आने वाली युवती साथ बलात्कार किया। जब पीड़िता ने उसके इस कृत्य का विरोध किया तो आरोपित शादी का झाँसा देता रहा।

अब उसने शादी से इनकार कर दिया और कहा कि जब युवती धर्मांतरण के बाद इस्लाम अपनाएगी, तभी वो उससे निकाह करेगा। पुलिस ने इस मामले की छानबीन शुरू कर दी है। आरोपित अभी तक गिरफ्तार नहीं हुआ है।

झारखंड ईसाई धर्मांतरण की समस्या से भी जूझ रहा है। विश्व हिंदू परिषद् ने कहा है कि झारखंड के मुख्यमंत्री का कहना कि आदिवासी हिंदू नहीं थे और नहीं रहेंगे, गैर जिम्मेदाराना बयान है। ऐसे बयान से झारखंड में मतांतरण को बढ़ावा मिलेगा और किसी राजनीतिक नेतृत्व को ऐसा बयान देने से बचना चाहिए। विहिप ने आश्वासन दिया कि वो झारखंड सहित पूरे देश में चल रहे मतांतरण को रोकने के लिए प्रयास करेगी।

असम का गमछा, पुडुचेरी की नर्स: PM मोदी ने हँसते-हँसते ली कोरोना वैक्सीन की पहली डोज

अब जब आम लोगों को कोरोना के खिलाफ बनी वैक्सीन लगनी शुरू हो गई है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मार्च 2021 के पहले ही दिन सुबह-सुबह कोरोना वैक्सीन की पहली डोज ली। उन्होंने दिल्ली AIIMS में कोरोना वैक्सीन ली। प्रधानमंत्री ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से भी शेयर की

PM मोदी को जो वैक्सीन दी गई, वो ‘भारत बायोटेक’ की वैक्सीन है। पुडुचेरी की सिस्टर पी निवेदिता ने उन्हें वैक्सीन दिया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस दौरान देश के डॉक्टरों और वैज्ञानिकों की तारीफ करना भी नहीं भूले। उन्होंने कहा कि जिस तरह से हमारे डॉक्टरों और वैज्ञानिकों ने इतने कम समय में अद्भुत कार्य कर के कोविड-19 के खिलाफ दुनिया की लड़ाई में योगदान दिया है, वो असाधारण है।

पीएम मोदी ने आम लोगों से भी अपील करते हुए कहा कि जो भी इसके पात्र हैं, वो कोरोना का टीका जरूर लें और भारत को कोरोना मुक्त करने में आगे बढ़ें।

बता दें कि कोरोना वैक्सीन के मामले में भारत दुनिया के कई देशों की सहायता कर रहा है। खासकर पड़ोसी और गरीब देशों को ‘वैक्सीन मैत्री’ के तहत मुफ्त टीके उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

फ़रवरी के मध्य तक भारत ने विश्व समुदाय के लिए 229.7 लाख यानी सवा दो करोड़ से ज्यादा कोरोना टीकों की खुराक की आपूर्ति कर दी थी। इनमें से 64.7 लाख खुराक अनुदान सहायता के तौर पर भेजी गई थी जबकि 165 लाख खुराक की आपूर्ति वाणिज्यिक आधार पर की गई थी।

उम्मीद है कि खुद प्रधानमंत्री द्वारा आगे बढ़ कर वैक्सीन लेने से विपक्ष के वो नेता इसे लेकर अफवाहें फैलाने से बाज आएँगे, जो लगातार देश के डॉक्टरों और वैज्ञानिकों द्वारा प्राप्त की गई उपलब्धि को नीचा दिखाने में लगे थे। इससे पहले वैक्सीन सिर्फ फ्रंटलाइन वर्कर्स को ही दी जा रही थी, लेकिन अब आमजनों के लिए भी इसकी व्यवस्था की गई है।

यूपी में सभी को दी जाएगी एक यूनिक हेल्थ आईडी, शहरों में हजारों गरीबों को घर देने की तैयारी में योगी सरकार

जल्द व बेहतर इलाज उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश के सभी लोगों के स्वास्थ्य का इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन (एनडीएचएम) के अंतर्गत प्रदेश सरकार ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। 2021-22 के बजट में इसके लिए 2.5 करोड़ रुपए की व्यवस्था की गई है।

इससे प्रदेश में प्रत्येक नागरिक का इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड (ईएचआर) संरक्षित किया जाएगा और एक यूनिक हेल्थ आईडी दी जाएगी। इस यूनिक हेल्थ आईडी का फायदा यह होगा कि इससे मरीज अपनी मर्जी से कहीं भी इस रिकॉर्ड को दिखा कर इलाज करवा सकेगा।

जानकारी के मुताबिक लोगों के स्वास्थ्य का डाटा उनकी अनुमति से संरक्षित किया जाएगा। स्वास्थ्य व डॉक्टरों का रिकॉर्ड एक एप व वेबसाइट के जरिए संचालित होगा। अगर इस रिकॉर्ड को किसी के साथ साझा करने की जरूरत पड़ती है तो इसके लिए मरीज की अनुमति लेनी होगी। इसके लिए यूनिक आईडी के साथ ओटीपी की जरूरत होगी।

यदि लाभार्थी सरकार से कोई आर्थिक मदद लेता है तो उसे यूनिक हेल्थ आईडी को आधार से लिंक करना होगा। खास बात यह है कि नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) इसकी नोडल एजेंसी है। इसलिए मरीज की गोपनीयता भंग होने की संभावना न के बराबर है।

टेलीमेडिसिन की भी सुविधा

हर नागरिक की बीमारी, जाँच रिपोर्ट, इलाज का डाटा इस रिकॉर्ड में होगा। लेकिन नागरिक इसे अपने निजी रिकॉर्ड्स की तरह ही रखेंगे और जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल की अनुमति देंगे। एनडीएचएम में हेल्थ आईडी, पर्सनल हेल्थ रिकॉर्ड, निजी डॉक्टर व डिजिटल हेल्थ फैसिलिटी रजिस्ट्री भी शामिल है। लोगों को घर बैठे इलाज के लिए इसे टेलीमेडिसिन से भी जोड़ा जाएगा।

शहरी इलाकों में हजारों गरीबों को घर देने की तैयारी में योगी सरकार

इसके अलावा योगी सरकार शहरी इलाकों में हजारों गरीबों को घर देने की तैयारी में है। बताया जा रहा है कि यूपी सरकार बहुत जल्द प्रधानमंत्री आवास योजना में 39 हजार 903 आवासों का आवंटन लाभार्थियों को कर देगी। बता दें कि इस बाबत कार्य शुरू कर दिया गया है। आवास विभाग ने अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्रों की सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा है।

मीटिंग में बताया गया कि निर्माणाधीन मकान जून तक पूरे हो जाएँगे। मार्च तक 4 हजार 266 और जून तक 11 हजार 796 मकान बनकार तैयार हो जाएँगे। राज्य सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में लाभार्थियों को दो कमरे के मकान 6 लाख 50 हजार रुपए में देगी। सरकार ढाई लाख रुपए अनुदान के रूप में देगी। जिससे पात्रों को सिर्फ साढ़े चार लाख रुपए देना होगा।

सोनिया को राहुल बाबा को PM बनाने की चिंता, स्टालिन को उधयनिधि को CM- 2जी, 3जी, 4जी सब तमिलनाडु में: अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (फरवरी 28, 2021) को तमिलनाडु के विलिपुरम में विजय संकल्प यात्रा रैली को संबोधित किया। इस दौरान गृह मंत्री ने DMK और कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आने वाले चुनाव में एक ओर भाजपा और AIADMK का गठबंधन है, जो रामचंद्रन, जयललिता और भाजपा के सिद्धांतों पर चलेगा। दूसरी ओर DMK और कॉन्ग्रेस का गठबंधन है जो वंशवाद परंपरा में विश्वास करता है।  

उन्होंने कहा कि 2जी, 3जी, 4जी सभी तमिलनाडु में हैं। 2जी- मारन परिवार की 2 पीढ़ियाँ। 3जी- करुणानिधि परिवार की 3 पीढ़ियाँ। 4जी- गाँधी परिवार की 4 पीढ़ियाँ। ये भी तमिलनाडु में हमें मिलता है। उन्होंने कहा कि सोनिया गाँधी को राहुल बाबा को प्रधानमंत्री बनाने की चिंता है और स्टालिन जी को उधयनिधि को मुख्यमंत्री बनाने की चिंता है। इन्हें ना देश की चिंता है और ना तमिलनाडु की, उनको बस अपने परिवार की चिंता है। 

शाह ने कहा कि स्टालिन भ्रष्टाचार की बात करते हैं। अरे, आप अपने गिरेबान में झाँककर देखो। किसने किया था 2जी स्कैम? आपके आसपास ये सब चल रहा है और आप भ्रष्टाचार की बात करते हो। आपके परिजनों के कितने बड़े-बड़े महल बने हैं।

जलीकट्टू पर राहुल गाँधी को घेरा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जलीकट्टू देखने राहुल गाँधी चले गए थे। 2016 का उनका घोषणा पत्र है कि जलीकट्टू को बंद कर देना चाहिए। इसे बचाने के लिए अगर किसी ने नोटिफिकेशन निकाला तो वो भाजपा की नरेंद्र मोदी सरकार ने निकाला। मोदी सरकार ने तमिलनाडु के विकास में भरपूर योगदान दिया है। आज तमिलनाडु की बेटी देश की वित्त मंत्री बनकर सबसे अच्छा बजट लाने का काम निर्मला सीतारमण ने किया है।

तमिल भाषा को लेकर क्या बोले शाह?

अमित शाह ने कहा कि पहले जब आप रेलवे स्टेशन में जाते थे तो अनाउंसमेंट अंग्रेजी में सुनाई पड़ते थे, अब पूरे तमिलनाडु में रेलवे स्टेशनों पर सारी घोषणाएँ तमिल भाषा में भी सुनाई पड़ती है। ये मोदी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि पिछले साढ़े 6 सालों में देश में लगभग हर व्यक्ति को हम मकान देने के कगार पर खड़े हैं।

शुरुआत में अपने संबोधन में शाह ने कहा कि सबसे पहले मैं बड़े दुख के साथ आप सभी के सामने क्षमा माँगना चाहता हूँ कि मैं भारत की सबसे पुरानी भाषाओं में से एक, सबसे मधुर भाषाओं में से एक, तमिल भाषा में आपसे बात नहीं कर सकता इसके लिए मुझे बहुत दुख है। मैं आपसे इसके लिए क्षमा माँगना चाहता हूँ।

2022 तक भारत के हर नागरिक के पास पक्का मकान

शाह ने कहा कि पिछले साढ़े 6 वर्षों में देश में लगभग हर व्यक्ति को हम मकान देने के कगार पर खड़े हैं। 2022 में एक भी व्यक्ति ऐसा नहीं होगा जिसके पास अपना पक्का मकान नहीं होगा। 60-70 साल से जो काम कॉन्ग्रेस नहीं कर पाई वह काम भाजपा ने 6 सालों में करके दिखाया है।

दिल्ली में चेन लूटने के लिए सिमरन की गर्दन पर चाकू से वार: हत्यारे मो. अकीबुल उर्फ अटैची और फरदीन डबल अंटा गिरफ्तार

देश की राजधानी नई दिल्ली में अपराधियों में पुलिस का खौफ नदारद नजर आ रहा है। अपराध के ताजा घटनाक्रम में राजधानी दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में चैन स्नैचिंग का विरोध करने पर अपराधियों ने 2 साल की बच्ची के साथ पैदल जा रही महिला के गले पर 2 बार चाकूओं से वार कर दिया, जिसकी बाद में मौत हो गई।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मामला शनिवार रात साढ़े नौ बजे का है। आदर्शनगर थाना क्षेत्र में शॉपिंग करके घर आ रही सिमरन कौर नाम की 25 वर्षीय महिला के गले से एक अपराधी ने चैन छीनने की कोशिश की, सिमरन की गोद में 2 साल की एक छोटी बच्ची भी थी। गले से चेन खिंचने पर महिला ने स्नैचर को पकड़ा तो उसने सिमरन के गले में दो बार चाकुओं से वार कर दिया। जिसके बाद आरोपित वहाँ से फरार हो गया।

हालाँकि, ये पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हो गई थी। जिसमें देखा जा सकता है कि जब सिमरन कौर अपने दो साल की मासूम बच्ची को लेकर पैदल जा रही थी। उसी दौरान कुछ दूरी से पीछा करता हुआ एक अपराधी आता है और उस वक्त सड़क पर आसपास मौका देखकर उस महिला के गले से गोल्ड चेन लूटने की कोशिश करता है। लेकिन महिला के द्वारा उसका विरोध करने पर उस बदमाश ने अपने पैकेट से धारदार चाकू निकाला और उस महिला पर ताबड़तोड़ दो बार चाकू से वार कर चेन लूटने की कोशिश की। रिपोर्ट के अनुसार, उसके बाद महिला घायल होकर अपनी जान बचाने के लिए अपनी दो साल की बेटी को लेकर भागी, लेकिन थोड़ी दूर जाने के बाद धीरे-धीरे उसकी आँखें बंद होने लगी।

महिला की गर्दन पर ही हमला होने के कारण काफी खून बहने लगा था, जिसे देखकर स्थानीय लोगों ने घायल सिमरन कौर को फोर्टिस अस्पताल शालीमार बाग पहुँचाया। जहाँ इलाज के दौरान सिमरन की मौत हो गई है।

मौके पर पहुँची नॉर्थ वेस्ट जिला की डीसीपी उषा रंगनानी, डीसीपी के मुताबिक ये दर्दनाक हादसा और ये वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई है, जिसमें आरोपित का चेहरा और उसका बेखौफ अंदाज़ साफ दिख रहा है। आरोपित की तलाश दिल्ली पुलिस द्वारा की जा रही थी। दिल्ली पुलिस ने जाँच के लिए 10 टीमें बनाई थी। वहीं दोनों अपराधियों की पहचान कर लेने का भी पुलिस ने दावा किया था।

जिससे जल्द ही दिल्ली पुलिस को चेन छिनने की कोशिश में हत्या करने वाले दोनों आरोपितों को गिरफ्तार करने में सफलता भी मिल गई। दोनों अपराधियों की पहचान मोहम्मद अकीबुल उर्फ अटैची और शेख फरदीन उर्फ़ डबल अंटा के रूप में हुई है। जिन्होंने सिमरन कौर की चेन छिनने की कोशिश में हत्या की थी। दिल्ली पुलिस के अनुसार, दोनों कुख्यात बदमाश है और पहले भी स्नैचिंग की कई वारदात कर चुके है।

दिल्ली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, करीब 25 साल की मृतक महिला सिमरन कौर पंजाब के पटियाला की रहने वाली थी। करीब तीन साल पहले उनकी शादी हुई थी। दिल्ली के आदर्श नगर इलाके में सिमरन कौर की माँ-पिता रहते हैं। कुछ दिनों पहले ही वो अपनी दो साल की मासूम बेटी के साथ वो दिल्ली अपनी मायके आई हुई थी। शनिवार को रात में सिमरन घर के पास से अपनी माँ और 2 साल को बेटी को गोद मे लेकर स्थानीय बाजार में सामान खरीदने गई थी। जहाँ से लौटते वक़्त ये वारदात घटित हुआ।

कॉन्ग्रेस ने वामपंथी रैली की पुरानी तस्वीरें शेयर कर नींद हराम करने का किया दावा, फर्जीवाड़े की पोल खुलते ही पार्टी सन्नाटे में

रविवार (फरवरी 28, 2021) को कॉन्ग्रेस के कई नेताओं ने पश्चिम बंगाल की एक राजनैतिक रैली की तस्वीरें सोशल मीडिया ट्विटर पर शेयर किया। इस फोटो के साथ उन्होंने दावा किया कि कॉन्ग्रेस और वाम दलों की संयुक्त रैली में भाग लेने के लिए लाखों लोग कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में एकत्र हुए थे।

कॉन्ग्रेस आईटी सेल के राष्ट्रीय संयोजक सरल पटेल ने ट्विटर पर दो तस्वीरों को साझा करते हुए दावा किया कि कोलकाता में ब्रिगेडियर ग्राउंड में कॉन्ग्रेस पार्टी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी – मार्क्सवादी की संयुक्त रैली में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा था। इन तस्वीरों ने पश्चिम बंगाल में लोगों का गुस्सा साफ़ नजर आ रहा है। यह तस्वीर निश्चित रूप से दिल्ली के साथ-साथ कोलकाता में भी शासकों की रातों की नींद हराम कर देगी।

यहाँ बता दें कि वाम दलों और कॉन्ग्रेस ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले गठबंधन किया है।

सरल पटेल के नक्शेकदम पर चलते हुए, विनय कुमार डोकानिया, जो कॉन्ग्रेस आईटी सेल के राष्ट्रीय सह-समन्वयक हैं, ने भी इसी तस्वीर को शेयर करते हुए यह दावा किया कि यह संयुक्त रैली की है।

पत्रकार पंकज पचौरी, जो पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार थे, ने भी उसी तस्वीर को साझा करते हुए ऐसा ही दावा किया।

ट्विटर पर कॉन्ग्रेस पार्टी से सहानुभूति रखने वाले अहमद बिलाल चौधरी ने भी इन तस्वीरों को शेयर करते हुए दावा किया कि पश्चिम बंगाल में कॉन्ग्रेस और वामपंथियों की संयुक्त रैली की तस्वीर देख कर पीएम मोदी और अमित शाह की रातों की नींद हराम हो जाएगी।

एलिजाबेथ नाम के एक अन्य कॉन्ग्रेस समर्थक ने इन तस्वीरों को साझा करते हुए कहा कि लोगों का एक झुंड बंगाल में आईएनसी और लेफ्ट की संयुक्त रैली में ब्रिगेड मैदान में आया था।

हालाँकि, कॉन्ग्रेस की यह झूठी ख़ुशी का गुब्बारा जल्द ही गया क्योंकि कॉन्ग्रेस नेताओं और पार्टी से जुड़ी ट्रोल्स द्वारा साझा की गई तस्वीर हाल की नहीं है।

फैक्ट चेक

कॉन्ग्रेस आईटी सेल के सदस्यों और सोशल मीडिया पर कई अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा झूठे दावे के साथ साझा की गई दोनों तस्वीरें फर्जी निकलीं। जिसे रविवार (फरवरी 28, 2021) को कोलकाता में कॉन्ग्रेस पार्टी और वाम दलों की तथाकथित संयुक्त रैली में लेने का फर्जी दावा किया गया था। वह दरअसल, कॉन्ग्रेस पार्टी कार्यकर्ताओं के दावों के विपरीत, दोनों तस्वीरें 3 फरवरी 2019 को कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में वामपंथी दलों की रैली में ली गई थी। जो लगभग दो साल पुरानी हैं।

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जून 2020 में वामपंथी पार्टी के फॉलोवर्स के एक ग्रुप – ’रेड क्लब’ द्वारा भी इसी तस्वीर को शेयर किया गया था।

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इससे यह स्पष्ट होता है कि कॉन्ग्रेस पार्टी आईटी सेल भ्रामक तस्वीरों को गलत तरीके से दावा कर रही थी कि कोलकाता के ब्रिगेड मैदान में कॉन्ग्रेस और वाम दलों की तथाकथित संयुक्त रैली में भारी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए थे। लेकिन उनके झूठ की हवा थोड़ी ही देर में फुस्स हो गई। साथ ही कॉन्ग्रेस समर्थकों को पार्टी में जान बाकी होने का यकीन दिलाने की कोशिश भी एक बार फिर दम तोड़ दी।

जम्मू में गुलाम नबी आजाद ने फिर की PM मोदी की तारीफ, कॉन्ग्रेस समर्थकों ने कहा- ‘भाई निकालो इसको जल्दी’

कॉन्ग्रेस पार्टी के भीतर जारी अंदरुनी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आज़ाद ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की है। रविवार (फरवरी 28, 2021) को जम्‍मू में आयोजित एक सभा में आजाद ने पीएम मोदी को जमीन से जुड़ा हुआ नेता बताया और कहा कि लोगों को उनसे सीखना चाहिए कि कामयाबी की बुलंदियों पर जाकर भी कैसे अपनी जड़ों को याद रखना चाहिए।

गुलाम नबी आजाद ने कहा- “मुझे बहुत सारे नेताओं की बहुत सी बातें अच्‍छी लगती हैं। मैं खुद गाँव का हूँ और बहुत गर्व होता है। हमारे पीएम मोदी भी कहते हैं कि वह गाँव से हैं। कहते हैं कि बर्तन माँजते थे, चाय बेचते थे। सियासी तौर पर हम उनके खिलाफ हैं, लेकिन कम से कम जो अपनी असलियत है, वह उसको नहीं छिपाते। यदि आपने अपनी असलियत छिपाई तो आप मशीनी दुनिया में जी रहे होते हैं।”

दरअसल, कॉन्ग्रेस की अंदरूनी कलह एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। उत्तर भारत से जुड़े पार्टी के कई वरिष्ठ नेता जम्मू़ पहुँचे। कॉन्ग्रेस के इन असंतुष्ट नेताओं को G-23 के नाम से भी जाना जाता है। G-23 गुट में शामिल नेताओं द्वारा शक्ति प्रदर्शन भी दिखाया। जम्मू में कॉन्ग्रेस नेताओं ने पार्टी की कार्य प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ये नेता गुलाम नबी आजाद के राज्य सभा से रिटायर होने पर भी नाराज हैं। कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेताओं का रुख पाँच राज्यों में होने वाले विधान सभा चुनावों से पहले पार्टी के लिए नई परेशानी खड़ा कर सकता है। 

नेटिजन्स ने कॉन्ग्रेस पर साधा निशाना

गुलाम नबी आज़ाद द्वारा अपनी जड़ों को न भूलने के लिए पीएम मोदी की प्रशंसा करने के बाद, नेटिजन्स ने कॉन्ग्रेस पार्टी पर कटाक्ष किया। एक ट्विटर यूजर ने फिल्म ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’ का एक मीम शेयर किया। जिस पर लिखा था, “साँप को पाल रखा था।” ट्विटर यूजर ने इस मीम को ‘कॉन्ग्रेसी चमचे’ कैप्शन के साथ शेयर किया।

एक अन्य ट्विटर यूजर ने NDTV के पत्रकार रवीश कुमार और उनकी प्रतिष्ठित लाइन ‘डर का माहौल है’ का इस्तेमाल करते हुए कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की स्थिति को दर्शाने का प्रयास किया।

एक अन्य ट्विटर उपयोगकर्ता ने भविष्यवाणी की कि राहुल गाँधी आगे कहेंगे कि गुलाम नबी आज़ाद संघी (आरएसएस समर्थक) बन रहे हैं।

गुलाम नबी आजाद द्वारा पीएम मोदी की तारीफ के बाद कॉन्ग्रेस समर्थकों का विलाप शुरू

कॉन्ग्रेस समर्थक गुलाम नबी आजाद द्वारा पीएम मोदी की तारीफ करने से कतई खुश नहीं थे। शल्लू चंदला ने लिखा, ”मनीष तिवारी, कपिल सिब्बल, संजय झा, राज बब्बर, सलमान निजामी और विवेक तन्खा आपको शर्म आनी चाहिए, क्योंकि आप इसे बढ़ावा दे रहे हैं। केवल राज्यसभा पद के लिए इतना अपमान। आप लोग वास्तव में कॉन्ग्रेस में होने के लायक नहीं हैं। क्या हम मूर्ख हैं जिन्होंने आपके लिए मतदान किया जहाँ एक आदमी राहुल गाँधी इतनी कड़ी लड़ाई लड़ रहा है?”

एक अन्य कॉन्ग्रेस समर्थक ने गुलाम नबी आजाद को पार्टी से निकालने के लिए राहुल गाँधी से गुहार लगाई। उसने लिखा, “भाई निकालो इसको जल्दी।”

एक कॉन्ग्रेस नेता ने कहा कि गुलाम नबी आजाद ने जम्मू में पार्टी के नेताओं के साथ बातचीत करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि वह कॉन्ग्रेस छोड़ कर भाजपा में शामिल नहीं हो रहे हैं। ऐसी अफवाहें थीं कि कॉन्ग्रेस द्वारा उन्हें दूसरे कार्यकाल के लिए राज्यसभा न भेजने के फैसले के बाद आजाद पार्टी छोड़ सकते हैं।

‘किसानों के लिए डेथ वारंट है ये तीनों कृषि कानून, दिल्ली हिंसा में बीजेपी के लोग शामिल’: महापंचायत में केजरीवाल

उत्तर प्रदेश के मेरठ में किसान महापंचायत में पहुँचे दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने तीनों कृषि कानूनों को डेथ वारंट बताया। केजरीवाल ने कहा कि पीएम मोदी ने अपने पूँजीपति मित्रों को फायदा पहुँचाने के लिए ये कानून पास कराया है। इस कानून के चलते सबकी खेती इन पूँजीपतियों के हाथ में चली जाएगी।

राकेश टिकैत के आँसू देख मन दुखित हुआ

केजरीवाल ने किसान नेता राकेश टिकैत के रोने का जिक्र करते हुए कहा, “जब किसान आंदोलन के दौरान राकेश टिकैते रो रहे थे तो मुझसे यह देखा नहीं गया। किसानों पर लाठियाँ बरसाई जा रही है, कीलें ठोकी जा रही है। ऐसा तो अंग्रेज़ो ने हमारे किसानों पर इतने जुल्म नहीं किए थे, भाजपा ने तो अंग्रेज़ो को भी पीछे छोड़ दिया।अब ये हमारे किसानों पर झूठे मुकदमे कर रहे हैं।”

केजरीवाल ने अपने संबोधन के दौरान कहा, ”आज अपने देश का किसान बहुत ज्यादा पीड़ा में है। किसान भाई परिवार समेत 95 दिनों से कड़कती ठंड में दिल्ली के बॉर्डर पर धरने पर बैठा है। 250 से ज्यादा किसान भाइयों की शहादत हो चुकी है। लेकिन सरकार के कान पर जूँ नहीं रेंग रहा है। उन्होंने कहा कि सभी पार्टी की सरकारों ने 70 सालों तक किसानों को धोखा दिया है। किसान 70 साल से अपनी फ़सल का सही दाम माँग रहा है। सभी के चुनावी घोषणापत्र में लिखा होगा कि हमें जीता दो हम सही दाम दे देंगे। लेकिन अगर सही दाम दे देते तो किसान आत्महत्या नहीं करता।”

बीजेपी पर निशाना साधते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा ने 2014 के घोषणा पत्र में कहा था कि हम स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू करेंगे। किसानों ने इन्हें जमकर वोट दिया। 3 साल बाद भाजपा ने सुप्रीम कोर्ट के एफिडेविट में लिखा कि वो MSP नहीं देंगे। इन्होंने किसानों की पीठ में छुरा मार दिया। केजरीवाल ने कहा कि सरकार के पास पैसे की कमी नहीं है नीयत की कमी है। उन्होंने कहा कि अच्छी नीयत वाली सरकार होगी तो किसान ट्रैक्टर लेकर मिल में जाएँगे और उनके घर पहुँचते ही गन्ने का भुगतान हो जाएगा।

दिल्‍ली की घटना केंद्र सरकार की साजिश 

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि किसानों के उपर लाठियाँ बरसाई गई। यह केंद्र सरकार का ही प्‍लान था। भाजपा समर्थक ही दिल्‍ली की घटना (ट्रैक्टर रैली हिंसा) में शामिल थे। केंद्र सरकार का प्‍लान था कि किसानों का रुट डायवर्ट कराकर दिल्‍ली में भेजा जाए। ताकि इन पर मुकदमा कर आंदोलन समाप्‍त किया जा सके और हिंसा होते ही किसानों को बदनाम किया। उन्‍होंने कहा कि उस समय अगर किसानों को स्‍टेडियम जाने देते तो ये सभी को जेल में डाल देते। इस कारण हमने किसानों को रोका। 

पार्टी के कार्यकर्ता कर रहे किसानों की सेवा

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मेरे पार्टी के कार्यकर्ता और विधायक बार्डर पर बैठे किसानों की सेवा कर रहे हैं। उनकी सभी जरुरतों को आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता पूरा कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि 28 जनवरी की रात जो कुछ हमने देखा वे बड़ा ही दुखद था। 

योगी पर साधा निशाना

योगी सरकार पर निशाना साधते हुए केजरीवाल ने कहा कि योगी की ऐसी क्या कमजोरी है कि ये मिल मालिकों को ठीक नहीं कर सकते। जब मैं दिल्ली में सत्ता में आया तो पाँच साल बाद बिजली कंपनियों को ठीक कर दिया। पहले दिल्ली में 20-20 हजार बिल आते थे आज दिल्ली में मुफ्त में बिजली मिलती है और 24 घंटे बिजली मिलती है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार अगर किसानों को उनकी फसल के पैसे नहीं दिला सकती तो लानत है आप (योगी) पर।

राम मंदिर निधि समर्पण से जुड़े बबलू को कट्टरपंथियों ने दी धमकी, कहा- इरादा बदल लो नहीं तो परिवार सहित उड़ा देगें, जाँच शुरू

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण हेतु मुहिम शुरू करने वाले जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि बबलू खान कट्टरपंथियों के निशाने पर आ गए हैं। बबलू खान को धमकियाँ दी जा रही हैं, चेतावनी दी जा रही है कि अपना इरादा बदल लो नहीं तो परिवार सहित उड़ा देगें। लगातार मिल रही धमकियों से बबलू खान का परिवार सहमा हुआ है तो वहीं खान कहते हैं कि वे हिन्दू-मुस्लिम एकता कायम करने एवं राष्ट्र की सुख शांति के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार हैं, चाहे उनकी जान ही क्यों न चली जाए। बताते चलें कि जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि बब्लू खान ने अयोध्या में भव्य मंदिर निर्माण के लिए मुहिम छेड़ रखी है।

बबलू खान ने बताया, “23 फरवरी को, 1000 से अधिक मुस्लिमों ने राम मंदिर के समर्पण अभियान में भाग लिया। उसके बाद, हमने भगवान राम की पूजा की और शांति की प्रार्थना की। आजमगढ़ के काशिफ नाम के एक व्यक्ति ने राम मंदिर के नाम पर चंदा माँगने से रोकने के लिए मुझे धमकी दी। उसने कहा कि मैं जो भी कर रहा हूँ वह सही नहीं है और अगर मैंने ऐसा करना बंद नहीं किया, तो फिर मेरे साथ जो भी होगा, उसकी पूरी जिम्मेदारी मेरी होगी।” बबलू खान ने उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है।

राम मंदिर समर्थक बबलू खान ने बताया कि निधि समर्पण अभियान में बड़ी मात्रा में धन इकट्ठा हुआ, जिसके दर्जनों मुस्लिमों के साथ रामलला के दर्शन किए थे, जिसको लेकर धमकी दी गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले खुद को कॉन्ग्रेस का पदाधिकारी बताने वाले एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर को लेकर अभद्र टिप्पणी की। ट्विटर पर ‘राजाराम कॉन्ग्रेस’ नाम से सक्रिय उक्त व्यक्ति (असली नाम राजाराम वर्मा) ने अपना परिचय उत्तर प्रदेश के हरदोई में कॉन्ग्रेस सेवादल के जिला प्रवक्ता के रूप में दे रखा है। 

दरअसल, नई दिल्ली के एक वकील धर्मवीर यादव ने लिखा कि वो राम मंदिर के नाम पर ‘एक फूटी कौड़ी’ तक नहीं देगा। इसी ट्वीट की रिप्लाई करते हुए ‘राजाराम कॉन्ग्रेस’ ने लिखा – “आप फूटी कौड़ी न देने की बात कह रहे हैं। हम तो राम मंदिर पर मू&#गे भी नहीं।” उसकी इस टिप्पणी के बाद लोग आक्रोशित हो गए। कइयों ने उसे समझाया तो कुछ ने हरदोई पुलिस को टैग कर के कार्रवाई की माँग की।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने साल 2019 के नवंबर महीने में देश के सबसे विवादित में से एक जमीन विवाद का निपटारा करते हुए अयोध्या में विवादित स्थान पर राम मंदिर निर्माण का मार्ग के लिए हरी झंडी दिखाई थी और इसके लिए एक न्यास गठित किया था। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते साल खुद अयोध्या पहुँच कर इस भव्य मंदिर की नींव रखी थी।

गे-सेक्स मामले में इस्लामी कानून के खिलाफ कोर्ट ने दिया फैसला, मलेशियन समलैंगिक संगठनों ने किया स्वागत

मलेशिया में एक व्यक्ति को वहाँ के फ़ेडरल कोर्ट में बड़ी जीत मिली है। इसे वहाँ का ऐतिहासिक न्यायिक निर्णय कहा जा रहा है। वहाँ ‘समलैंगिकों के बीच शारीरिक सम्बन्ध (Gay Sex)’ पर इस्लामी कानून के तहत प्रतिबंध लगा हुआ था, जिसके खिलाफ उस व्यक्ति को अदालत में जीत मिली।

इस्लाम में इसे ‘प्रकृति की व्यवस्था के विपरीत’ बताया गया है। मलेशिया के समलैंगिक संगठनों (LGBTQ+) का कहना है कि इससे उनके अधिकारों को मजबूती मिलेगी।

मलेशिया की उच्चतम अदालत ने गुरुवार (फरवरी 25, 2021) को सर्वमत से लिए गए निर्णय में कहा कि वादी के खिलाफ जिन इस्लामी कानूनों के तहत कार्रवाई की गई थी, वो असंवैधानिक था और प्रशासन को उस कानून का इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं था।

LGBTQ+ अधिकारों के लिए लड़ने वाली ‘पैलांगी कैम्पेन’ संस्था के संस्थापक ने कहा कि ये एक ऐतिहासिक निर्णय है। वादी की उम्र 30-40 के बीच है, जिसका नाम उसकी सुरक्षा के कारण वकीलों ने छिपा लिया है।

2018 में उस व्यक्ति को सेंट्रल सेलंगोर में समलैंगिक सेक्स का प्रयास करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था लेकिन उसने इन आरोपों को नकार दिया था। मलेशिया में समलैंगिक सम्बन्ध गैर-कानूनी है लेकिन इसे लेकर बहुत कम को ही सज़ा मिली है।

13 राज्यों वाले मलेशिया में दोहरा कानून चलता है। यहाँ सिविल कानूनों के साथ-साथ इस्लाम के हिसाब से पारिवारिक और आपराधिक नियम-कानून लागू होते हैं।

LGBTQ+ समुदाय का कहना है कि इस्लामी कानून का इस्तेमाल कर के उन्हें प्रताड़ित किया जाता रहा है। गिरफ्तार कर के समलैंगिकों को जेल भी भेजा जाता है। संस्थानों ने कहा है कि मलेशिया के सभी राज्यों को LGBTQ+ विरोधी इस्लामी कानूनों को ख़त्म करना चाहिए।

मलेशिया में ब्रिटिश कानून के अनुच्छेद-377 के हिसाब से समलैंगिक सम्बन्ध बनाने पर 20 वर्ष की जेल मिलती है। मलेशिया में मुस्लिमों की संख्या 60% है। कोर्ट ने इस मामले में आदेश देते हुए कहा कि प्रशासन को संवैधानिक दायरे में रह कर ही इस मामले में इस्लामी कानून के इस्तेमाल की अनुमति है।

उक्त व्यक्ति सहित कुल 11 लोगों को एक प्राइवेट रेसिडेंस में समलैंगिक सेक्स के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। पूर्वी समुद्री सीमा पर स्थित टेरेंगगनु राज्य में 2018 में महिलाओं को लेस्बियन सेक्स के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उसी वर्ष एक ट्रांस महिला पर हमला भी हुआ था।

भारत की बात करें तो यहाँ गुज़रे कुछ सालों में वर्तमान सरकार ने ऐसे तमाम फैसले लिए हैं, जिनके चलते ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकार बड़े पैमाने पर सुनिश्चित होते हैं। अधिकार ही नहीं इस समुदाय के लोगों के लिए शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य जैसी अहम फायदे भी तय होते हैं। इनके रोजगार के लिए ही गृह मंत्रालय की ओर से ट्रांसजेंडर समुदाय के लोगों के लिए CAPF (Central Armed Police Force) में भर्ती की बात की गई।