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4 साल की बच्ची का सिर काट हवा में लहराते हुए चिल्लाई अल्लाह-हो-अकबर, कोर्ट ने 5 साल में ही कर दिया आजाद

4 साल की एक बच्ची। उसको पालने वाली 43 साल की आया। आया ने एक दिन उस बच्ची की गर्दन काट दी – एकदम अलग। लेकिन यह एक सामान्य क्राइम होता, शायद इसलिए इसे एक स्टेप और आगे ले जाया गया।

जिसकी हत्या हुई, जिसके परिवार में मातम होता… उससे भी ज्यादा खौफ पैदा करने के लिए कटा गर्दन बालों से पकड़ कर सड़क पर निकल गई। अल्लाह-हो-अकबर चिल्लाते हुए। मैं आतंकी हूँ… कहते हुए। कोई रोकोगे तो बम फोड़ दूँगी… की धमकी देते हुए।

ऊपर के दो पैराग्राफ कहानी नहीं हैं। यह एक खबर है, जो 2016 में रूस के मास्को शहर में घटित हुई थी। हत्या करने वाली महिला का नाम है गुलचेखरा बोबोकुलोवा (Gyulchekhra Bobokulova) और मृतक बच्ची थी ऐनास्तेसिया मेचरिकोव (Anastasia Meshcheryakov)

2016 के बाद अब फिर से यह घटना खबरों में है। कारण है कि हत्यारी महिला को ‘न्याय’ मिल गया है। सिर्फ 5 सालों में ही रूस की अदालत ने यह मान लिया है कि महिला मानसिक तौर से बीमार थी और अब ठीक हो चुकी है। इसलिए अब वो जेल से निकल कर आजाद हो घूम-फिर सकती है।

रूस में इसको लेकर गुस्सा है। वहाँ सोशल मीडिया पर लोग इस घटना के हर पहलू पर चर्चा कर रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अल्लाह-हो-अकबर चिल्ला कर बच्ची का कटा सिर लेकर सड़कों पर घूमने वाली इसी हत्यारी महिला ने तब कुछ ऐसा कहा था, जिससे इसके मानसिक बीमार होने के बजाय एक आतंकी की छवि बनी थी।

गुलचेखरा बोबोकुलोवा (Gyulchekhra Bobokulova) ने तब कहा था कि पुतिन ने सीरिया पर जो बमबारी की है, उसी का बदला लेने के लिए उसने बच्ची का गला काटा है और अगर उसका वश चलता तो वो पूरे परिवार का गला काट देती।

रूसी सोशल मीडिया पर लोग उस वीडियो को शेयर करके उस खौफ को याद कर रहे हैं, जब अल्लाह-हो-अकबर चिल्लाती हत्यारी महिला के हाथ से बच्ची का कटा सिर गिरा था और वो कुछ दूर तक गेंद की तरह लुढ़का था। लोग इस महिला के लिए सख्त सजा की माँग कर रहे हैं।

मुंबई पुलिस अधिकारी और पूर्व शिवसेना नेता सचिन वाजे आधी रात को गिरफ्तार: 12 घंटे पूछताछ के बाद NIA की कार्रवाई

मुंबई पुलिस के विवादित अधिकारी सचिन वाजे को NIA ने गिरफ्तार कर लिया है। एशिया के सबसे अमीर कारोबारी मुकेश अंबानी के मुंबई स्थित बहुमंजिला आवास एंटीलिया के बाहर मिली संदिग्ध कार और उसमें बरामद किए गए बम बनाने के सामान के मामले में ये कार्रवाई हुई है। उस कार के मालिक मनसुख हिरेन भी कुछ दिनों बाद मृत पाए गए थे और परिजनों ने सचिन वाजे पर उनकी हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया है।

सचिन वाजे से शनिवार (मार्च 13, 2021) को 12 घंटे तक पूछताछ की गई और फिर देर रात उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। उनके खिलाफ IPC की धारा-120B (आपराधिक षड्यंत्र), 286 (किसी विस्फोटक पदार्थ के बारे में उपेक्षापूर्ण आचरण), 465 (कूटरचना), 473 (कूटरचना करने के आशय से कूटकृत मुद्रा को बनाना या कब्जे में रखना) और 506(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

सचिन वाजे शनिवार को सुबह 11 बजे NIA के दफ्तर पहुँचे, जहाँ उनसे पूछताछ हुई। उससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक संदेश पोस्ट कर के आरोप लगाया था कि उनके साथी ही उन्हें गलत मामलों में फँसा रहे हैं। उन्होंने लिखा था कि अब दुनिया को अलविदा कहने का समय नजदीक आ गया है। NIA को सचिन वाजे के खिलाफ कई मजबूत सबूत मिले हैं, जिसके बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई।

NIA अगर किसी मामले की जाँच कर रहा होता है तो उसके पास शक्ति है कि वो उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जाँच करे। ऐसे में, NIA जल्द ही मंसूख हिरेन की कथित हत्या का मामला भी अपने हाथ में ले सकता है। सचिन वाजे ने आरोपों को निराधार बताते हुए मार्च 3, 2004 का दिन याद किया और दावा किया कि तब CID के उनके साथियों ने उन्हें ‘गलत मामले में’ गिरफ्तार कर लिया था। उन्होंने कहा कि इतिहास खुद को दोहराने जा रहा है।

सचिन वाजे को आज NIA द्वारा अदालत में पेश कर के उनकी कस्टडी माँगी जाएगी। सचिन वाजे कई वर्षों तक शिवसेना के नेता रहे हैं। वाजे ने अपने व्हाट्सएप्प स्टेटस में लिखा था, “मेरे साथी अधिकारी मुझे झूठा फँसाना चाहते हैं। तब शायद मेरे पास 17 साल की आशा, धैर्य, जीवन और सेवा भी थी। अब मेरे पास न तो 17 साल का जीवन होगा और न ही सेवा और न ही जीने के लिए धैर्य।” इसके 1 घंटे बाद ही वो NIA दफ्तर पहुँचे थे।

बीच सड़क पर नमाज, बच्चों ने लाइन बना कर रोकी ट्रैफिक: तस्वीर वायरल, जानिए क्या है सच, पुलिस किसके पीछे?

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है, जिसे झारखंड के हजारीबाग का बताया जा रहा है। इसमें कुछ बच्चों को सड़क पर नमाज पढ़ते देखा जा सकता है। दिन में ही नमाज पढ़ने के कारण वहाँ का ट्रैफिक रुका हुआ है और बाइक सवार से लेकर बस तक वहाँ पर खड़ी होकर उनके नमाज के ख़त्म होने का इंतजार कर रही है। तस्वीर में कई लोगों को वहाँ पर रुका हुआ देखा जा सकता है, क्योंकि खुलेआम नमाज पढ़ने के कारण पूरा ट्रैफिक जाम है।

सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता प्रशांत पटेल उमराँव ने लिखा, “यह चित्र जुमे की नमाज का है। बच्चों को आगे करके सड़क जाम करने का गुंडई भरा प्रयास। सड़क जाम करके नमाज पढ़ना इबादत नहीं बल्कि शक्ति प्रदर्शन है। अब यदि किसी का दिमाग ये नीच हरकत देखकर सटक जाए और इनकी पिटाई हो जाए तो असहिष्णुता बढ़ जाएगी और कहेंगे कि हिन्दू दंगाई है।”

लेखिका तस्लीमा नसरीन ने लिखा, “इन बच्चों को दंड न दें। उन दुष्टों को दण्डित करें, जिन्होंने इन बच्चों को ऐसा करने के लिए भेजा है।”

उन्होंने लिखा कि किसी भी मजहब को मानवता में व्यवधान पहुँचाने का हक़ नहीं है। इसी तरह कई अन्य लोगों ने इसे झारखंड की तस्वीर बताते हुए हेमंत सोरेन की सरकार के प्रति आक्रोश जताया। श्रीष त्रिपाठी ने लिखा, “सिर्फ दर्जन भर बच्चों ने ट्रैफिक रोक दी। हजारीबाग में ऐसी सैकड़ों मस्जिदें हैं।”

साकेत सूर्येश ने लिखा, “बच्चों को अचानक सड़क पर नमाज आ गई तो इसमें सरकार क्या कर सकती है? वैसे ये टेस्टिंग है कि मज़हब को कहाँ तक निर्विरोध सार्वजनिक क्षेत्र में फैलाया जा सकता है।”

‘हम लोग We The People’ नामक ट्विटर हैंडल ने इस तस्वीर को पोस्ट करते हुए लिखा, “क्या इसका कोई जस्टिफिकेशन हो सकता है? जस्टिफिकेशन की कोशिश करने वाला भी एक मनोरोगी ही होगा। यह सीधे-सीधे क़ानून-व्यवस्था की समस्या है। यह मानसिकता बेहद ख़तरनाक भविष्य की ओर इशारा कर रही है।”

कुछ लोगों ने कहा कि झारखंड सरकार कोई कार्रवाई नहीं करेगी। लोगों ने आशंका जताई कि बच्चों को जानबूझ कर भेजा गया है।

अब आपको बताते हैं कि इस तस्वीर की सच्चाई क्या है। असल में लोगों का दावा सही है और ये झारखंड के हजारीबाग की ही तस्वीर है। खुद हजारीबाग के भाजपा विधायक मनीष जायसवाल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए इस पर हैरानी जताई है और कहा है कि छोटे बच्चों को सामने कर सड़क पर नमाज पढ़ने के पीछे छोटी मानसिकता वाले लोग हैं। उन्होंने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और उन्होंने जिला प्रशासन से बात कर के कार्रवाई की माँग की है।

ये मामला पेलावल ओपी क्षेत्र स्थित हजारीबाग-कटकमसांडी मार्ग का है। तस्वीर शुक्रवार (मार्च 12, 2021) को जुमे के दिन का बताया जा रहा है और नमाज पढ़ने वाले बच्चों की संख्या 8-10 के करीब है। इस विषय में पुलिस ने संज्ञान लेते हुए पेलावल क्षेत्र के इब्राहीमी मस्जिद कमिटी से जवाब माँगा है।

शनिवार की शाम इस पर चर्चा के लिए DSP राजीव कुमार की अध्यक्षता में शांति समिति की बैठक भी हुई। निष्कर्ष ये है कि बीच सड़क पर बच्चों के नमाज पढ़ने की बात सही है और प्रशासन कार्रवाई करने की बात भी कह रहा है।

‘दैनिक जागरण’ की खबर के अनुसार, बैठक में जिला परिषद प्रतिनिधि मिस्बाहुल इस्लाम ने कहा कि इस्लाम में नमाज के दौरान किसी भी इंसान को तकलीफ़ हो, तो वह नमाज नहीं होगी। साथ ही ये भी कहा कि बच्चों को आगे बढ़ाकर समाज में जहर फैलाने की कोशिश की गई है। मार्च और अप्रैल में होली व रामनवमी के त्योहार भी आने वाले हैं, ऐसे में इस तरह की हरकतों का नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। पुलिस ने फोटो वायरल करने वाले को भी ‘चिह्नित’ कर लिया है।

J&k में रोहिंग्याओं को आधार और राशन कार्ड दिलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: घुसपैठियों के पहचान पत्र होंगे निरस्त

जम्मू-कश्मीर में रोहिंग्या घुसपैठियों को पहचान पत्र दिलाने में मदद करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई शुरू हो चुकी है। आरोपित पाए जाने वालों के ख़िलाफ़ केस दर्ज करके कानूनी कार्रवाई होगी। मामले में सरकारी अधिकारियों की भूमिका पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई पर भी विचार हो रहा है। साथ ही रोहिंग्या घुसपैठियों को जारी सभी आधार कार्ड निरस्त करने की भी प्रक्रिया चालू है।

दैनिक जागरण की स्पेशल रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया है कि जम्मू में अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्याओं के खिलाफ कार्रवाई के दौरान बड़ी संख्या में आधार कार्ड और राशन कार्ड बरामद किए गए हैं।

यहाँ हैरानी की बात ये है कि राशन कार्ड राज्य प्रशासन की ओर जारी किया जाता है और आधार कार्ड केंद्र सरकार की ओर से जारी होता है। फिर भी इनके पास ये दस्तावेज कैसे हैं, ये जाँच का विषय है। क्या बिना व्यक्ति की पृष्ठभूमि की जाँच ये कार्ड उसे जारी कर दिए गए?

मामले के उजागर होने के बाद आशंका है कि राज्य में रोहिंग्या घुसपैठियों को आधार कार्ड और राशन कार्ड जारी करने में कुछ स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों और कुछ अन्य लोगों ने एक साजिश के तहत इनकी मदद की, ताकि उन्हें धीरे-धीरे जम्मू-कश्मीर के स्थानीय नागरिक के रूप में दिखाया जा सके। 

इसके अलावा मामले की जाँच में जुटे अधिकारियों का कहना है कि जम्मू कश्मीर जैसे संवेदनशील राज्य में रोहिंग्या घुसपैठियों को आधार और राशन कार्ड जारी किया जाना सुरक्षा की दृष्टि से काफी गंभीर मामला है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। प्रशासन को इस साजिश में शामिल होने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कह दिया गया है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट बताती है कि उनके पास कुछ रोहिंग्या अवैध प्रवासियों के पहचान पत्र की प्रतिलिपी है। इनमें से कुछ मान भी चुके हैं कि वह म्यामांर से जम्मू आए थे। 

गौरतलब है कि पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट से जम्मू-कश्मीर में हिरासत में लिए गए रोहिंग्या लोगों को तुरंत रिहा करने और उन्हें प्रत्यर्पित करने के आदेश को लागू करने से केंद्र सरकार को रोकने की गुहार लगाई गई है। 

इस संबंध में पिछले साल कोर्ट की अवमानना मामले में दोषी पाए गए वकील प्रशांत भूषण के माध्यम से गुरुवार (मार्च 11, 2021) को एक याचिका दायर की गई। इस याचिका में जम्मू में हिरासत में लिए गए अवैध रोहिंग्या प्रवासियों को रिहा करने के लिए तत्काल हस्तक्षेप की माँग की गई है। 

याचिका में सुप्रीम कोर्ट से गुजारिश की गई है कि वह संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (UNHCR) को इस मामले में हस्तक्षेप करने के निर्देश जारी करें। साथ ही शिविरों में रखे गए रोहिंग्या की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने की माँग की गई है।

अतीक अहमद के 60 से अधिक दुकानों पर चला योगी सरकार का बुलडोजर: वक्फ की संपत्ति पर अखिलेश शासन में हुआ अवैध निर्माण

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार माफियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी क्रम में बाहुबली पूर्व सांसद अतीक अहमद की शह पर बने अवैध बाजार पर आज पीडीए का बुलडोजर चलाया गया। यह अवैध मार्केट इमामबाड़े की जमीन पर बना था।

अखिलेश सरकार के शासन में साल 2016 में अतीक अहमद के इशारे पर जैन बिल्डर ने इमामबाड़ा गुलाम हैदर अली त्रिपौलिया बताशा मंडी में अवैध रूप से मार्केट का निर्माण कर लिया था।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के अनुसार, यहाँ 60 से ज्यादा दुकानें बनाकर करोड़ों में बेच दी गई थीं। इसी अवैध निर्माण के खिलाफ़ प्रयागराज में शनिवार को बड़ी कार्रवाई हुई। यहाँ 500 वर्ग मीटर वक्फ की जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा करके 60 से अधिक दुकानों का निर्माण करवाया गया था। इन्हीं दुकानों को अतीक अहमद के लोगों ने अपने लोगों के जरिए बेचा था।

कुछ अधिकारियों का कहना है कि दबंगई और सियासी रसूख के चलते वक्फ की संपत्ति और अवैध निर्माण करवाया गया था, जिन्हें जमींदोज करने के लिए शनिवार को कार्रवाई हुई।

बता दें कि ये प्रयागराज में PDA की ओर से 58वीं बड़ी कार्रवाई है। कथिततौर पर अवैध मार्केट का विकास प्राधिकरण से न ही नक्शा पास कराया गया और न ही किसी तरीके की अनुमति ली गई थी। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस तरीके की कई और बड़ी कार्रवाई अपराधियों के अवैध निर्माण पर की जाएगी। वक्फ की जमीन पर अवैध मार्केट बनाए जाने के मामले में सीबीआई भी जाँच कर रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले अहमदाबाद जेल में बंद माफिया अतीक अहमद के गुर्गे आशिफ उर्फ मल्ली के अवैध निर्माण पर पीडीए का बुलडोजर चला था। दरअसल, धूमनगंज के उमरी गाँव में मल्ली ने पीडीए से बगैर नक्शा पास कराए निर्माण कराया था। इसके चलते यह बिल्डिंग अवैध निर्माण की श्रेणी में आ रही थी।

उससे पूर्व 12 दिसंबर 2020 को अतीक के साले जकी अहमद का अवैध निर्माण ध्वस्त किया गया था। 5 दिसंबर को अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन के नाम पर दर्ज करोड़ों की 3 संपत्तियों को भी प्रशासन ने जब्त किया था। याद दिला दें कि अतीक अहमद पर आरोप है कि उसने दबंगई और सियासी रसूख के दम पर अवैध तरीके से ये संपत्तियाँ अर्जित की थीं।

‘पाकिस्तान से ज्यादा बड़ा खतरा देश को मोदी से’: बंगाल में किसान नेताओं का दिखा असली रंग, BJP को वोट न देने की अपील

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले नंदीग्राम में हुई किसान महापंचायत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारतीय जनता पार्टी के विरुद्ध जमकर आवाज उठीं। किसान नेता राकेश टिकैत ने जहाँ मीडिया से बात करते हुए भाजपा के विरुद्ध वोट करने की अपील की। वहीं दूसरे किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हिंदुस्तान के लिए पाकिस्तान से भी बड़ा खतरा करार दिया।

राजेवाल ने पीएम मोदी के लिए कहा कि देश को पाकिस्तान या किसी देश से उतना खतरा नहीं है, जितना नरेंद्र मोदी से है। वे महापंचायत में बोले, “आज हमें महसूस हुआ कि यह सरकार सिर्फ वोट लेना ही जानती है। इसे वोट की चोट देनी चाहिए। आप जिसे चाहो उसे वोट दे दो, मोदी को वोट मत दो। मोदी देश के लिए आज सबसे बड़ा खतरा है। हमें पाकिस्तान से खतरा नहीं है, हमें किसी देश से कोई खतरा नहीं है, खतरा है अगर देश को तो नरेंद्र मोदी से।”

इसी प्रकार नंदीग्राम में रैली करते हुए सीएम ममता बनर्जी की चोट को लेकर इशारों में बीजेपी पर हमला करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि उन्होंने एक औरत को चोट पहुँचाई है और उन्हें घायल कर दिया।

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी अकेली महिला हैं। क्रांतिकारी महिला हैं, जो सरकार के खिलाफ लड़ रही हैं तो हो सकता है कोई साजिश हो, जिसके तहत चोट लगी है। वहीं भाजपा प्रत्याशी शुभेंदु अधिकारी का नाम लिए बगैर टिकैत ने उन्हें भगोड़ा बताया, जो एक पार्टी से दूसरे पार्टी में भागते फिर रहे हैं।

वह बोले, “यहाँ पर खेल होगा। बड़ी बड़ी कंपनी आएँगी। वो समुद्र से मछली पकड़ने आएँगी। तालाब यहाँ बंद हो जाएँगे। कंपनियाँ ऐसे ही यहाँ काम करेंगी। किसी पार्टी की की सरकार नहीं, बड़ी-बड़ी कंपनी सरकार को चलाने का काम कर रही हैं। एयरपोर्ट, रेलवे सब बिक गया है, अब किसानों की बारी है।”

उन्होंने भाजपा के ख़िलाफ़ भड़काते हुए कहा कि वे एक मुट्ठी चावल माँगते हैं आपसे, आप सवाल करें कि जो चावल की एमएसपी है वो कब मिलेगी। उन्होंने कहा कि किसानों की फसलें एमएसपी पर नहीं खरीदी जा रही हैं। ऐसे में जब वो हमें एमएसपी नहीं दे पा रहे हैं तो आपको भी उनको (बीजेपी) को वोट नहीं देना चाहिए।

‘वसीम रिजवी एक शैतान है, जो सिर कलम करेगा, उसे दूँगा ₹11 लाख का इनाम’: SC में याचिका पर भड़के मुस्लिम समूह

शिया वक़्फ़ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिज़वी द्वारा सुप्रीम कोर्ट में कुरान की 26 आयतों को हटाने के संबंध में याचिका दाखिल करने के बाद मुस्लिम समुदाय में गुस्सा इतना अधिक बढ़ गया है कि खुलेआम उनके सिर कलम करने पर इनाम देने की घोषणा बढ़ती ही जा रही है।

राहत मोलाई कोमी एकता संगठन की ओर से मुरादाबाद में आयोजित कार्यक्रम में बार के पूर्व अध्यक्ष अमीरुल हसन ने वसीम रिजवी का सिर काटककर लाने वाले को 11 लाख रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।

उन्होंने कहा, “वसीम रिजवी एक शैतान है इंसान नहीं है। उसने कुरान शरीफ की 26 आयतों के बारे में जो भी एफआईआर दायर की है सुप्रीम कोर्ट में, मैं उसकी निंदा करता हूँ और इस मंच के माध्यम से ऐलान करता हूँ कि जो भी वसीम रिजवी का सिर कलम करके लाएगा। मैं उसको 11 लाख रुपए का इनाम दूँगा।”

उनके अलावा शियाने हैदर-ए कर्रार वेलफेयर एसोसिशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष हसनैन जाफरी डंपी ने वसीम रिजवी का सिर काटकर लाने वाले को 20 हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने खुद को पैगम्बर मुहम्मद का कलमा पढ़ने वाला और शिया घर में पैदा होने वाला बताते हुए कहा कि रिजवी के बहिष्कार के लिए देश भर में अभियान चलाया जाएगा और उन्हें अपने कार्यक्रमों में बुलाने वालों का भी बहिष्कार किया जाएगा।

डंपी ने सरकार से मुस्लिम समुदाय की आस्था पर चोट पहुँचाने के आरोप में रिजवी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की बात कही। साथ ही रिजवी का काम उन्माद फैलाने वाला बताया था। मौलाना खालिद रशीद ने भी यूपी सरकार से वसीम रिजवी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की थी।

शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि कुरान से एक हर्फ भी नहीं हटाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त मौलाना सैफ अब्बास और मौलाना सुफियान निजामी ने भी वसीम रिजवी के इस कृत्य की कड़ी आलोचना की है।

बता दें कि शिया वक़्फ़ बोर्ड के पूर्व चेयरमैन वसीम रिज़वी ने सुप्रीम कोर्ट में कुरान की 26 आयत को हटाने के संबंध में याचिका दाखिल की है। उनका कहना है कि इन 26 आयत में से कुछ आयत आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली हैं, जिन्हें बाद में शामिल किया गया। उनका मत है कि मोहम्मद साहब के बाद पहले खलीफा हज़रत अबू बकर, दूसरे खलीफा हज़रत उमर और तीसरे खलीफा हज़रत उस्मान के द्वारा कुरान को कलेक्ट करके उसको किताबी शक्ल में जारी किया गया।

पत्रकारों से मारपीट मामले में अखिलेश यादव समेत 21 सपाइयों पर मुकदमा दर्ज, सपा ने भी किया दो न्यूज रिपोर्टरों पर FIR

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में पत्रकारों पर हुए हमले को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख व प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव समेत 21 लोगों के विरुद्ध FIR दर्ज हुई है। अखिलेश यादव के अलावा केस में 20 अन्य सपा कार्यकर्ता नामजद किए गए हैं। सभी पर पत्रकारों से मारपीट करने का आरोप है। पुलिस ने इनके ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 147, 342 और 323 के तहत एफआईआर की है।

शिकायतकर्ता अवधेश पराशर का कहना है कि पत्रकारों ने आजम खान से जुड़े सिर्फ़ कुछ सवाल पूछे थे जिस पर अखिलेश यादव नाराज हो गए। उनके अनुसार पत्रकारों को उस दिन गंभीर चोट आ सकती थी जब उनके सुरक्षाकर्मी और पार्टी समर्थकों ने पत्रकारों पर हमला किया था।

जानकारी के अनुसार, मुरादाबाद जिला प्रशासन ने पत्रकारों के एक समूह की ओर से सौंपे गए ज्ञापन पर यह कार्रवाई की है। वहीं, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष ने दो न्यूज रिपोर्टरों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कराया है। इन पत्रकारों पर सुरक्षाबलों पर हमला करने और अराजकता फैलाने का आरोप लगाया।

बता दें कि इससे पहले अखिलेश यादव ने अपने कार्यकर्ताओं का बचाव करते हुए कहा था कि पूरा मामला साजिश के तहत करवाया गया है। उनके अनुसार, “हमारे खिलाफ साजिश की गई है। इस हमले में सरकार शामिल है। उन्होंने लिफ्ट की लाइट बंद कर दी थी जिससे लिफ्ट ना पहुँच पाए। वो तो खबर नहीं बनी कि होटल की लाइट किसने बंद करी थी?”

उल्लेखनीय है कि 11 मार्च 2021 को अखिलेश यादव की प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा प्रमुख के सामने ही पत्रकारों की बेहरमी से पिटाई की गई थी। घटना होटल हॉली डे रीजेंसी के हॉल में हुई थी। प्रेसवार्ता का समय साढ़े पाँच बजे रखा गया था, लेकिन तय समय से करीब दो घंटे देरी से प्रेस को संबोधित करने अखिलेश यादव पहुँचे।

रात करीब आठ बजे प्रेसवार्ता समाप्त होने के बाद जब अखिलेश यादव जाने लगे, उसी दौरान एक चैनल के प्रतिनिधि ने उन्हें रोककर बात करने का प्रयास किया। सुरक्षा कर्मियों ने चैनल के प्रतिनिधि को धक्का दे दिया। इसी बात को लेकर पत्रकार और सुरक्षाकर्मियों के बीच बहस हो गई।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सूचना सलाहकार शलभ मणि त्रिपाठी ने एक पत्रकार की आपबीती का वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो में मुरादाबाद के वरिष्ठ पत्रकार फरीद शम्सी ने बताया कि समाजवादी पार्टी के गुंडों ने महज सवाल पूछने पर बंदूक के कुंदों से पीटा। उन्होंने बताया कि सवाल पूछने पर रायफल मारा। सवाल पूछने पर सारे पत्रकारों को उठा-उठा कर फेंका। किसी के मोबाइल टूटे तो किसी का कैमरा टूटा।

उन्होंने घटना का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “एक बार फिर देखिए लाल टोपी वाले गुंडों की गुंडई। सवाल पूछने पर सपाई गुंडों ने पत्रकारों को बुरी तरह पीटा, धमकाया, अपमानित कर भगाया, कई घायल। गेस्ट हाऊस कांड के बाद यूपी के इतिहास का सबसे कलंकित दिन। अभी सत्ता से बाहर हैं, तब इतनी गुंडई, सोचिए सत्ता में रहते कितना नशा रहा होगा।”

शाने अली से प्रेम में हस्मतुल निशा ने करवाई होने वाले शौहर मनीष की हत्या, माँस काटने वाले चाकू से किए ताबड़तोड़ वार

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में एक हत्या के मामले में पुलिस ने एक महिला और उसके प्रेमी समेत 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। हस्मतुल निशा नाम की महिला पर आरोप है कि उसने शाने अली नाम के अपने प्रेमी से निकाह करने के लिए अपने मंगेतर मनीष को धोखे से सुनसान जगह पर बुलवाकर बेहरमी से मौत के घाट उतरवा दिया।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार बंथरा निवासी मनीष उर्फ शहाबुद्दीन की चाकुओं से गोदकर हत्या की गई। उसका शव खून से लथपथ अवस्था में कल्ली पूरब के बाबूखेड़ा में निजी प्लॉन्टिंग साइड के पीछे खेत में मिला। शव से थोड़ी दूर पर मिली मृतक की बाइक से पुलिस ने उसके परिजनों का पता लगाया।

इसके बाद मनीष के भाई अनीश ने इस केस में हसमतुल निशा और उसके दो भाइयों के विरुद्ध केस दर्ज कराया। पड़ताल में पता चला कि हस्मतुल निशा का कल्ली पश्चिम निवासी चिकन का काम करने वाले शाने अली उर्फ सानू के साथ प्रेम संबंध थे। मगर, परिवार वाले उसके प्रेम संबंध के खिलाफ थे, इसलिए उससे सारे रिश्ते तुड़वाकर 6 माह पूर्व उसकी शादी मनीष से तय कर दी थी।

डीसीपी के अनुसार, आरोपित महिला हस्मतुल निशा ने पहले तो इस संबंध में मुँह नहीं खोला, लेकिन बाद में सख्ती से पूछताछ में उसने पूरे घटनाक्रम के बारे में बताया। उसके मुताबिक पहले उसने अपने प्रेमी को हत्या के लिए मनाया, उसके बाद एक बर्थडे पार्टी में शामिल होने को कहा।

मनीष, ट्रांस्पोर्ट नगर में जहाँ काम करता था वहाँ से 1 हजार रुपए लेकर पार्टी में जाने की बात कहकर निकला और बताए गए स्थान पर पहुँचा। इसके बाद मुख्य आरोपित शाने अली ने अपने दोस्तों को बुलाया। फिर पीजीआई क्षेत्र के एक निजी स्कूल के पास से उसे उसकी होने वाली बीवी से मिलाने की बात कहकर अपने साथ ले गया। वहाँ उन्होंने डॉग चेन से मनीष का गला दबाया और माँस काटने वाले चाकू से सीने पर ताबड़तोड़ कई वार किए। बाद में मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गए।

डीसीपी ने यह भी बताया कि उन्हें मामले की जाँच में सीडीआर के जरिए महत्तवपूर्ण सुराग मिले थे। इसी के बाद सारी जाँच को आगे बढ़ाया गया। हस्मतुल निशा को पकड़ने के बाद चिकन का काम करने वाले उसके प्रेमी शाने अली, उसके दोस्त अरकान, संजू गौतम, अमन कश्यप, समीर मोहम्मद को गिरफ्तार करके उनके पास से चाकू, डॉग, चैन, मोटरसाइकिल, 6 मोबाइल सहित सामान बरामद किया गया।

‘दुनिया को छोड़ने का समय आ गया है’- एंटीलिया केस में फँसे सचिन वाजे ने लगाया WhatsApp स्टेटस: रिपोर्ट्स

एंटीलिया बम केस में मुंबई पुलिस अधिकारी व एनकाउंटर स्पेशलिस्ट सचिन वाजे का नाम सामने आने के बाद उन्होंने अपने जीवन के खत्म होने की ओर इशारा किया है। अपने व्हॉट्सएप स्टेटस में उन्होंने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज करते हुए लिखा कि अब समय आ गया है दुनिया को अलविदा कहा जाए।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार इस संदेश में लिखा है, “3 मार्च 2004। सीआईडी ​​के साथी अधिकारियों ने मुझे झूठे मामले में गिरफ्तार किया। वह गिरफ्तारी आज की तारीख तक भी अनिर्णायक है। मुझे लग रहा है कि इतिहास को फिर से दोहराया जाएगा। मेरे साथी अधिकारी मुझे झूठा फँसाना चाहते हैं। इस बार परिदृश्य में थोड़ा अंतर है। तब शायद मेरे पास 17 साल की आशा, धैर्य, जीवन और सेवा भी थी। अब मेरे पास न तो 17 साल का जीवन होगा और न ही सेवा और न ही जीने के लिए धैर्य। मुझे लगता है कि दुनिया को अलविदा कहने का समय नजदीक आ रहा है।”

गौरतलब है कि सचिन वाजे के इस स्टेटस की बात सामने आने के बाद इसी बीच उन्होंने ने NIA के दफ्तर पहुँचकर अपना बयान भी दर्ज करवाया है। इससे पहले ठाणे के सत्र कोर्ट में उनकी अंतरिम जमानत याचिका को खारिज किया गया था।

बता दें कि सचिन वाजे को लेकर केस एंटीलिया के बाहर मिले विस्फोटकों से लदी और उस कार के मालिक मनसुख हिरेन की मृत्यु के ईर्द गिर्द है। बुधवार को उनका नाम इस केस में उछलने के बाद उन्हें मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच से हटाया गया था। पड़ताल में पता चला था कि जून 2020 के बाद से वेज कार के मालिक मनसुख हिरेन के संपर्क में थे।

हिरेन की पत्नी ने इस मामले में सचिन वाजे पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी सचिन वाजे ही उनके पति की उस स्कॉर्पियो कार का प्रयोग कर रहे थे, जो एंटीलिया के बाहर मिली थी। बकौल विमला हिरेन, वाजे ने उनके पति से इस मामले में गिरफ्तार हो जाने को कहा था और जमानत दिलाने का आश्वासन भी दिया था।