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25.54 km सड़क सिर्फ 18 घंटे में: लिम्का बुक में दर्ज होगा नितिन गडकरी के मंत्रालय का रिकॉर्ड

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत काम करने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के कार्य को लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह मिलेगी। दरअसल NHAI ने 25.54 किलोमीटर के सिंगल लेन डांबरीकरण कार्य को सिर्फ 18 घंटे में पूरा करने की उपलब्धि हासिल की है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसके लिए सभी 500 कर्मचारियों और ठेकेदार सहित एनएचएआई की सराहना की है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने हाल ही में सोलापुर-विजापुर राजमार्ग पर 4-लेनिंग कार्य के अंतर्गत 25.54 किलोमीटर के सिंगल लेन डांबरीकरण कार्य को 18 घंटे में पूरा किया है, जिसे ‘लिम्का बुक ऑफ रेकॉर्ड्स’ में दर्ज किया जाएगा। 

गडकरी ने कहा, “ठेकेदार कंपनी के 500 कर्मचारियों ने इसके लिए मेहनत की है। मैं उन कर्मचारियों सहित राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक, अधिकारी, ठेकेदार कंपनी के प्रतिनिधि और परियोजना अधिकारियों का अभिनंदन करता हूँ।”

नितिन गडकरी ने बताया कि वर्तमान में सोलापुर-विजापुर राजमार्ग के 110 किमी का कार्य प्रगति पर है, जो अक्टूबर 2021 तक पूरा हो जाएगा।

गडकरी ने उत्तराखंड के लिए शुक्रवार को दिल्ली-देहरादून के नए इकोनॉमिक कॉरिडॉर की घोषणा की। 210 किमी कुल लंबाई के 6-लेन के इस परियोजना की कुल लागत 12,300 करोड़ रुपए है। अगस्त 2021 तक यह परियोजना अवार्ड हो जाएगा और 2023 तक पूर्ण होगा।

इसी महीने NHAI ने एक दूसरा रिकॉर्ड भी बनाया था 

इसी महीने NHAI ने चार लेन के हाईवे पर सबसे अधिक मात्रा में कंक्रीट बिछाने का विश्व रिकॉर्ड भी बनाया था। इसको पटेल इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा हासिल किया गया था। आपको बता दें ये हाईवे ग्रीनफील्ड दिल्ली-वडोदरा-मुंबई आठ लेन एक्सप्रेसवे परियोजना का हिस्सा है। इस पर स्वचालित अल्ट्रा आधुनिक कंक्रीट पेवर मशीन से काम किया जा रहा है।

मोबाइल के ‘गर्लफ्रेंड’ फोल्डर में 40 लड़कियों की फोटो व नंबर, ‘पत्रकार’ बन मो. सालिक कॉलेज की छात्राओं का लेता था इंटरव्यू

उत्तर प्रदेश के मेरठ में स्थित चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में घूम रहे एक संदिग्ध युवक को जब पुलिस के हवाले किया गया तो उसके बारे में हुए खुलासों का किसी को भी यकीन नहीं हो रहा था। उसके पास से कुछ आईडी, पिस्टल होल्डर, कुछ कारतूस और सामान बरामद हुए। आरोपित की पहचान भावीनगर नौचंदी निवासी मोहम्मद सालिक के रूप में हुई है, जो फर्जी पत्रकार निकला। घटना की सूचना मिलते ही हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने वहाँ पहुँच कर विरोध दर्ज कराया।

आरोपित के पास से जो मोबाइल फोन जब्त हुआ है, उसमें लगभग 40 युवतियों की तस्वीरें और मोबाइल नंबर मिले हैं। पूछताछ में उसने दावा किया कि लड़कियाँ उसकी दोस्त हैं। उसके खिलाफ मिली तहरीर के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है।

यूनिवर्सिटी के छात्र और शास्त्रीनगर के रहने वाले मनीष कुमार ने बताया कि वो अपने तीन छात्रों के साथ कैम्पस में आए थे, तभी उन्होंने संदिग्ध युवक के बारे में शक हुआ। उस दौरान वो किसी न्यूज़ चैनल की आईडी लेकर लड़कियों का इंटरव्यू कर रहा था।

आरोप है कि इस दौरान एक छात्रा के साथ उसने जबरदस्ती की और उसका हाथ पकड़ लिया। विरोध करने पर हंगामा खड़ा हो गया। इसके बाद मनीष ने अपने साथियों के साथ मिल कर उसे धर-दबोचा। जब उसके बैग की तलाशी ली गई तो प्रेस कार्ड्स सहित कई चीजें मिलीं। उसके बैग से जो आईकार्ड मिला, उस पर मोहम्मद शयान सिद्दीकी नाम लिखा था।

उसके साथ उसका साथी भी था, जो वहाँ से फरार हो गया। उसकी पहचान इस्लामाबाद निवासी मोहम्मद अनस के रूप में हुई है। दूसरे आरोपित के पास से भी एक न्यूज़ चैनल की आईडी मिली थी। आरोपित से पूछताछ के दौरान दो लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।

खास बात ये है कि आरोपित के फोन से जिन भी लड़कियों के नंबर मिले, उसे ‘गर्लफ्रेंड’ नाम का फोल्डर बना कर उसमें रखा गया था। इस संबंध में जानकारी मिलने पर बजरंग दल से प्रताप दीपक और हिंदू जागरण मंच से सचिन सिरोही ने अपने पदाधिकारियों के साथ थाने पहुँच कर आशंका जताई कि उक्त आरोपित छात्राओं को फुसला कर उनके साथ गलत कार्य करता है।

पुलिस ने इस बात की पुष्टि की है कि मोहम्मद सालिक के पास से जो न्यूज़ चैनल्स की आईडी मिली, वो सब फर्जी है। उसे कोर्ट में पेश किए जाने की तैयारी चल रही है। हाल ही में थूक डाल कर शादी समारोहों में रोटियाँ पकाने वाले नौशाद को भी मेरठ में ही दबोचा गया था।

माँ माटी मानुष के नाम पर वोट… और माँ को मार रहे TMC के गुंडे: BJP कार्यकर्ता की माँ होना पीड़िता का एकमात्र दोष

पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदले की दुर्भावना से प्रेरित होकर हिंसा की एक और घटना सामने आई है। शुक्रवार (फरवरी 26, 2021) की रात एक भाजपा कार्यकर्ता और उनकी बुजुर्ग माँ की जम कर पिटाई की गई।

हिंसा की इस घटना का आरोप सत्ताधारी TMC के गुंडों पर लगा है। ये घटना तब सामने आई है, जब पश्चिम बंगाल में होने वाले 8 चरण के विधानसभा चुनावों के लिए तारीखों के ऐलान के बाद ममता बनर्जी खुद को ‘बंगाल की बेटी’ बता कर मैदान में हैं।

रात 1:30 में हुई उक्त घटना नॉर्थ दमदम शहर स्थित निमता के वार्ड संख्या-6 की है। पीड़ित का नाम गोपाल मजूमदार है। उन पर और उनकी माँ पर बंदूक के पिछले भाग का इस्तेमाल करते हुए हमला किया गया और इतना पीटा गया कि दोनों के चेहरे सहित शरीर के कई अंगों पर गहरी चोट आई है।

निमता पुलिस थाने में इस मामले में FIR दर्ज की जा चुकी है। पीड़ित भाजपा कार्यकर्ता ने 3 TMC गुंडों पर हिंसा का आरोप लगाया।

गोपाल मजूमदार ने कहा कि तीनों उनके घर में घुस गए और मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उन्होंने पहले घर में घुस कर अपशब्दों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया और पूछने लगे कि भाजपा में उक्त कार्यकर्ता की क्या भूमिका है।

पीड़ित ने बताया कि कुछ गुंडे घर के बाहर भी खड़े थे, जिन्हें वो पहचान नहीं पाए। उन्होंने बताया कि गुंडों ने उनकी माँ को धक्का देकर गिरा दिया और मारपीट के बाद घर से निकल कर चले गए।

बंगाल भाजपा के कार्यकर्ता और उनकी बुजुर्ग माँ पर हमला

पीड़ित ने बताया, “मैं भाजपा की मंडल कमिटी का सदस्य हूँ। सबसे पहले तो उन्होंने हाथों का इस्तेमाल कर के मुझे मारा, फिर रिवॉल्वर के हुड का इस्तेमाल कर के मेरे सिर पर जोरदार वार किया। जब मैं जमीन पर गिर गया तो उन्होंने मुझे लात-घूसों से मारना शुरू कर दिया।”

एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि इस क्षेत्र में TMC के गुंडों के आतंक का बोलबाला है और गोपाल मजूमदार के बाद उन्होंने अन्य भाजपा कार्यकर्ताओं को भी निशाना बनाया है।

गोपाल की माँ ने रोते हुए बताया कि गुंडों ने उनकी भी पिटाई की। उन्होंने बताया कि वो गुंडे तृणमूल कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता थे और उन्होंने उनके बेटे के भाजपा में जुड़े होने की वजह से हमला किया।

पीड़ित बुजुर्ग महिला ने बताया कि वो लोग शाम से ही घर के बाहर मँडरा रहे थे। बंगाल भाजपा ने हिंसा पीड़ित महिला की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि बंगाल की ‘असली बेटियों’ की यही हालत है। इस मामले में TMC के एक कमल शाह का नाम सामने आया है।

एक स्थानीय भाजपा नेता ने बताया कि कमल शाह ने धमकी दी थी कि भाजपा नहीं छोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उक्त नेता ने इस घटना के खिलाफ मार्च निकालने का ऐलान करते हुए कहा कि कमल शाह ने इलाके में आतंक का माहौल बना रखा है और उसके इशारे पर ही भाजपा कार्यकर्ता गोपाल के साथ हिंसा हुई।

भाजपा के कई नेताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस घटना पर अपना रोष व्यक्त किया। उधर शुक्रवार की रात को TMC के गुंडे भाजपा के गोदाम में घुस गए और पार्टी की पब्लिसिटी गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस मामले में कोलकाता पुलिस के समक्ष एक आधिकारिक शिकायत भी दर्ज करा दी गई है।

घटना फूल बागान पुलिस थाने की है। भाजपा की चुनावी गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया और साथ ही वहाँ रखी कई कीमती वस्तुओं को भी उठा कर ले गए। जहाँ ये घटना हुई, उसी जगह कदापारा इलाके में भाजपा का दफ्तर है। 

‘मैं राम मंदिर पर मू$%गा भी नहीं’: कॉन्ग्रेस नेता राजाराम वर्मा ने की अभद्र टिप्पणी, UP पुलिस ने दर्ज किया मामला

खुद को कॉन्ग्रेस का पदाधिकारी बताने वाले एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर अयोध्या में बन रहे भव्य राम मंदिर को लेकर अभद्र टिप्पणी की है। ट्विटर पर ‘राजाराम कॉन्ग्रेस’ नाम से सक्रिय उक्त व्यक्ति (असली नाम राजाराम वर्मा) ने अपना परिचय उत्तर प्रदेश के हरदोई में कॉन्ग्रेस सेवादल के जिला प्रवक्ता के रूप में दे रखा है। लोगों ने उसे याद दिलाया कि उसके नाम में ही ‘राजा राम’ है, ऐसे में वो अपने माता-पिता की आस्था का भी अपमान कर रहा है।

दरअसल, नई दिल्ली के एक वकील धर्मवीर यादव ने लिखा कि वो राम मंदिर के नाम पर ‘एक फूटी कौड़ी’ तक नहीं देगा। इसी ट्वीट की रिप्लाई करते हुए ‘राजाराम कॉन्ग्रेस’ ने लिखा – “आप फूटी कौड़ी न देने की बात कह रहे हैं। हम तो राम मंदिर पर मू&#गे भी नहीं।” उसकी इस टिप्पणी के बाद लोग आक्रोशित हो गए। कइयों ने उसे समझाया तो कुछ ने हरदोई पुलिस को टैग कर के कार्रवाई की माँग की।

हरदोई पुलिस ने बताया है कि सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक ट्वीट के संबंध में अभियोग पंजीकृत कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जा रही है। उक्त सम्बन्ध में अपर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि ये मामला उनके संज्ञान में आया है और विवेचना के बाद शीघ्र ही आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। राजाराम के ट्विटर हैंडल को खंगालने पर पता चलता है कि उसने कॉन्ग्रेस के कई कार्यक्रमों की तस्वीरें शेयर कर रखी हैं।

हाल ही में उसने बताया था कि उसकी पत्नी का नाम उर्मिला वर्मा है। उसकी पिछली ट्वीट्स में उसने दावा किया है कि उसकी पत्नी जिला कॉन्ग्रेस कमिटी, हरदोई की अनुसूचित जाति विभाग की उपाध्यक्ष हैं। उसने एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें उसकी पत्नी कॉन्ग्रेस के पोस्टरों के साथ सम्बोधित करते हुए दिख रही हैं। कॉन्ग्रेस के दफ्तरों में बैठकों की तस्वीरें भी उसने शेयर कर रखी है। वो पीएम मोदी पर अक्सर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करता रहता है।

स्थानीय अखबार या न्यूज़ पोर्टलों पर उर्मिला वर्मा को लेकर कई ख़बरें हैं और कॉन्ग्रेस सेवादल और कॉन्ग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की बैठकों में उनका जिक्र आता है। एक खबर में हमने पाया कि दिसंबर 2018 में पार्टी के अनुसूचित जाति विभाग में राजाराम वर्मा को जिला महासचिव और उर्मिला वर्मा को जिला उपाध्यक्ष का पद दिया गया है। दोनों पति-पत्नी कॉन्ग्रेस के पदाधिकारी हैं, ऐसा इन ख़बरों से झलकता है।

बता दें कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर के लिए देश भर के लोगों ने दिल खोल कर निधि समर्पण अभियान में हिस्सा लिया, अपना-अपना योगदान दिया। 44 दिन तक चलने वाले राम मंदिर निधि समर्पण अभियान से कुल 1100 करोड़ रुपए आने की उम्मीद की गई थी, आ गए 2100 करोड़ रुपए से भी ज्यादा। 44 दिनों तक चला राम मंदिर निधि समर्पण अभियान 15 जनवरी 2021 को मकर संक्रांति के अवसर पर शुरू किया गया था। यह 27 फरवरी 2021 को संत रविदास जयंती के मौके पर समाप्त हुआ। 

‘रोक सको तो रोक लो… दिल्ली के बाद तुम्हारे पास, इंतजाम पूरा’ – ‘जैश उल हिंद’ ने ली एंटीलिया के बाहर की जिम्मेदारी

हाल ही में मुकेश अंबानी की बहुमंजिला इमारत एंटीलिया के बाहर एक संदिग्ध कार पार्क की हुई मिली थी, जिसमें 20 जिलेटिन की छड़ें रखी हुई थीं। अब आतंकी संगठन ‘जैश उल हिंद’ ने इस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए धमकी भरा संदेश दिया है। संगठन ने टेलीग्राम एप के जरिए इस घटना की जिम्मेदारी ली। आतंकी संगठन के इस बयान के बाद मुंबई पुलिस के कान खड़े हो गए हैं और जाँच की जा रही है।

अपने धमकी भरे संदेश में आतंकी संगठन ने लिखा है, “रोक सकते हो तो रोक लो! तुम कुछ नहीं कर पाए थे जब हमने तुम्हारी नाक के नीचे दिल्ली में तुम्हें हिट किया था, तुमने मोसाद के साथ हाथ मिलाया लेकिन कुछ नहीं हुआ। तुम्हें (अंबानी के लिए) मालूम है तुम्हें क्या करना है। बस पैसे ट्रांसफर कर दो जो तुम्हें पहले कहा गया है।” इस संदेश में भारत-इजरायल संबंधों की बात करते हुए उसका विरोध किया जा रहा है।

जानकारी दे दें कि ये वही आतंकी संगठन है, जिसने दिल्ली में इजरायली दूतावास के बार धमाका किया था। ये संगठन रुपए और बिटकॉइन की माँग करता है। इस संदेश में उसने दिल्ली की उसी घटना का जिक्र करते हुए याद दिलाया है। मुकेश अंबानी के घर के बाहर बुधवार (फरवरी 24, 2021) रात 1 बजे संदिग्ध स्कॉर्पियो कार खड़ी मिली थी। CCTV फुटेज में 2 गाड़ियाँ दिखीं, जिनमें एक इनोवा कार भी थी।

मुकेश अंबानी के घर के सुरक्षाकर्मियों ने इसके बारे में मुंबई पुलिस को सूचित किया था, जिसके बाद जाँच शुरू हुई थी। संदिग्ध गाड़ी के साथ बरामद किए गए पत्र में लिखा था, “ये तो सिर्फ एक ट्रेलर है। नीता भाभी और मुकेश भैया, ये तो सिर्फ एक झलक है। अगली बार सामान पूरा होकर तुम्हारे पास आएगा और इसका पूरा इंतजाम हो गया है।” मुंबई पुलिस ने एंटीलिया के आस-पास गश्त भी बढ़ा दी गई है।

लुटियंस दिल्ली में जनवरी 29, 2021 की शाम को इजरायल के दूतावास के बाहर बम विस्फोट हुआ था। धमाके का समय जानबूझ कर शाम का 5:05 चुना गया था, क्योंकि राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तभी विजय चौक पहुँचे थे। बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी में पहुँचे राष्ट्रपति के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी थे। इसी संगठन ने इसकी जिम्मेदारी ली थी। 9 साल पहले 13 फरवरी 2012 को ऐसा ही एक धमाका इजरायली दूतावास के पास हुआ था।

कमला नेहरू की पुण्यतिथि पर कॉन्ग्रेस ने मनाई जयंती, पुराना ट्वीट कॉपी-पेस्ट: लोगों ने कहा – ‘सुबह-सुबह फूँक लिए’

कॉन्ग्रेस पार्टी को अब अपने नेताओं की जयंती और पुण्यतिथि को लेकर भी संशय होने लगा है। इसका ताज़ा उदाहरण रविवार (फरवरी 28, 2021) को तब देखने को मिला, जब पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की पत्नी कमला नेहरू की पुण्यतिथि पर पार्टी ने जयंती मना ली। ऐसा ‘भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस (INC)’ के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से हुआ। इसके बाद सोशल मीडिया पर पार्टी की जम कर किरकिरी हुई।

दरअसल, आज कमला नेहरू की पुण्यतिथि है। अगस्त 1, 1899 को जन्मीं कमला नेहरू का निधन फरवरी 28, 1936 को मात्र 37 वर्ष की आयु में ही हो गया था। मात्र 16 वर्ष की उम्र में ही जवाहरलाल के साथ उनका बाल-विवाह हो गया था। इसके बाद नेहरू हिमालय की यात्रा पर निकल गए थे। खुद अपनी आत्मकथा में जवाहरलाल नेहरू ने स्वीकार किया है कि उन्होंने अपनी पत्नी को लगभग नज़रअंदाज़ किया।

अब ‘INC India’ के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने सुबह 8:15 में लिखा, “हम कमला नेहरू को उनकी जयंती पर याद करते हैं। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में बड़ी भूमिका निभाई और असहयोग आंदोलन के दौरान ब्रिटिश सरकार ने उन्हें कई बार गिरफ्तार किया। वो कॉन्ग्रेस डिस्पेंसरी की संचालिका भी थीं, जिसे बाद में कमला नेहरू मेमोरियल हॉस्पिटल में तब्दील कर दिया गया।” जैसा कि आप देख सकते हैं, पार्टी ने ‘पुण्यतिथि’ के मौके पर ‘जयंती’ मनाई।

ऐसी गलती तब हुई, जब इसी ट्वीट के साथ शेयर की गई कमला नेहरू की तस्वीर के साथ स्पष्ट लिखा था कि कब उनका जन्म हुआ और कब उनका निधन हुआ। इस हिसाब से तस्वीर के उलट ट्वीट करने के कारण लोगों ने पार्टी को लताड़ लगाई। अरविंद नाम के ट्विटर यूजर ने डाँटते हुए पूछा, “क्या सुबह-सुबह फूँक लिए हो, जो डेथ एनिवर्सरी को बर्थ एनिवर्सरी कह रहे हो? हद है यार! लगता है मानसिक संतुलन भी खो दिए।”

अब आपको बताते हैं कि कॉन्ग्रेस ने ये गलती क्यों की। इस गलती को करने के लिए पार्टी ने एक और गलती की थी। उसने अगस्त 1, 2019 को की गई अपनी ट्वीट को हूबहू चेंप दिया और इस तरह से जयंती वाला ट्वीट पुण्यतिथि के मौके पर कट-कॉपी-पेस्ट कर दिया गया। बस दोनों ट्वीट्स में तस्वीरें अलग हैं। हालाँकि, पार्टी ने कुछ ही देर बाद इस ट्वीट को डिलीट कर के फिर से ‘बर्थ’ को ‘डेथ’ लिख कर पोस्ट किया।

कमला नेहरू ने 1921 में असहयोग आंदोलन के मौके पर प्रयागराज (तब इलाहबाद) में महिलाओं का समूह तैयार किया था और शराब व विदेशी वस्तुएँ बेचने वाले दुकानों के समक्ष वो धरना देती थीं। जिस डिस्पेंसरी की बात कॉन्ग्रेस पार्टी ने की है, उसकी स्थापना स्वराज भवन में हुई थी। सरोजिनी नायडू और सास के साथ कमला नेहरू को भी अंग्रेजों ने गिरफ्तार किया था। जयप्रकाश नारायण की पत्नी प्रभावती देवी उनकी मित्र थीं।

वैसे, कॉन्ग्रेस के लिए ट्विटर पर इस तरह की गलतियाँ आम बात हैं। दिसंबर 8, 2020 को किसानों के नाम पर आयोजित आयोजित ‘भारत बंद’ के दौरान  कॉन्ग्रेस पार्टी ने ट्विटर पर ‘भारत किसानों के साथ है, मोदी अंबानी के साथ हैं’ टैगलाइन के साथ देश का गलत नक्शा शेयर करते हुए उसमें कश्मीर-लदाख को पाकिस्तान-चीन के हिस्से में दिखा दिया था। इसी तरह का कारनामा कॉन्ग्रेस नेता शशि थरूर भी कर चुके हैं।

माँ बन गई ईसाई… गुस्से में 14 साल के बेटे ने दी जान: लाश के साथ ‘जीसस के चमत्कार’ की प्रार्थना

झारखंड के चतरा में एक किशोर ने कुएँ में कूद कर आत्महत्या कर ली क्योंकि वो अपनी माँ के ईसाई धर्मांतरण से दुःखी था। उक्त घटना जोरी-वशिष्ठ नगर थाना क्षेत्र स्थित कटैया पंचायत के पन्नाटांड रविदास टोला की है, जहाँ कमलेश दास के 14 वर्षीय पुत्र सूरज कुमार दास ने शुक्रवार (फरवरी 26, 2021) की देर शाम कुएँ में कूद कर आत्महत्या कर ली। झारखंड में आदिवासियों के बीच ईसाई मिशनरी खासे सक्रिय हैं।

ईसाई मिशनरियों ने उक्त किशोर की मौत के बाद उसकी लाश पर भी अपना एजेंडा चलाया। कुएँ से उसके शव को निकाल कर उसे फिर से ज़िंदा करने की कोशिश होती रही। इसके लिए ईसाई मजहब की प्रार्थनाएँ पढ़ी गईं और लोगों के बीच ‘जीसस के चमत्कार’ की झूठी उम्मीद जगाई गई। लेकिन, इसकी सूचना मिलते ही वशिष्ठ नगर थाने की पुलिस वहाँ पहुँची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम हेतु चतरा भेजा।

हालाँकि, पुलिस ने इस मामले में धर्मांतरण वाले एंगल को नकार दिया है, जबकि स्थानीय लोग पुलिस की बातों से इत्तिफ़ाक़ नहीं रखते। NBT की खबर के अनुसार, स्थानीय ग्रामीण नित्यानंद मिश्रा ने जानकारी दी कि मृतक सूरज इन दिनों अपनी माँ के ईसाई मजहब में संलिप्तता व सक्रियता से खासा आक्रोशित था और मिशनरियों द्वारा गाँव के लोगों को गुमराह कर धर्मांतरण कराने की कोशिशों का लगातार विरोध कर रहा था।

ग्रामीणों का कहना है कि सूरज इसी कारण अवसाद में भी चला गया था। ऊपर से घर के लोग ये समझ रहे थे कि सूरज का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है और ईसाई मजहब की प्रक्रियाओं से उसका इलाज करवा रहे थे। इससे बच्चे का मानसिक संतुलन बिगड़ता ही चला गया और उसने आत्महत्या कर ली। ये भी बताया गया है कि सूरज धर्मांतरण के खिलाफ इतनी कम उम्र में ही ग्रामीणों को जागरूक कर रहा था।

हंटरगंज कॉलेज के इंटर का छात्र सूरज इस बात से नाराज था कि गाँव में कुछ बाहरी लोग आकर मिशनरी एजेंडा चला रहे थे और लोगों का धर्मांतरण करा रहे थे। पन्नाटांड़ टोला लगभग 100 लोगों की जनसंख्या वाला टोला है, जहाँ रहने वाले अधिकतर लोग गरीब और मजदूर हैं। उनकी दयनीय आर्थिक स्थिति का फायदा ईसाई मिशनरी उठाते हैं। पुलिस ने ईसाई प्रार्थना से मृतक को ज़िंदा करने की कोशिशों की बात स्वीकार की है लेकिन आगे की बात जाँच के बाद बताने को कही।

बता दें कि झारखंड में लालच देकर धर्मांतरण का खेल ईसाई मिशनरियों द्वारा खेला जा रहा है, जिसमें जनजातीय समूहों को खास तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। गढ़वा स्थित धुरकी प्रखंड के खाला गाँव में ऐसे 2 दर्जन परिवारों ने ईसाई मजहब अपना लिया था। जनवरी 2021 में कोरवा समाज की एक बैठक हुई, जिसमें गाँव के 3 परिवारों को ईसाई मजहब अपनाने के लिए समाज से बहिष्कृत किया गया था।

असम-पुडुचेरी में BJP की सरकार, बंगाल में 5% वोट से बिगड़ रही बात: ABP-C Voter का ओपिनियन पोल

चुनाव आयोग द्वारा तारीखों के ऐलान के साथ ही 5 राज्यों में आचार संहिता लागू हो चुकी है और खास बात ये है कि भाजपा इस बार पाँचों राज्यों में शीर्ष 2 की लड़ाई में है। ये वो राज्य हैं, जहाँ 2014 से पहले पार्टी के लिए खाता खोलना भी मुश्किल होता था। इसी बीच एबीपी न्यूज और सी-वोटर ओपिनियन पोल ने सर्वे किया है, जिसके आधार पर दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल में तीसरी बार ममता बनर्जी की सरकार बनती दिख रही है।

इस ओपिनियन पोल के हिसाब से कुल 294 सीटों में वोट प्रतिशत की बात करें TMC को 43% वोट, बीजेपी को 38% वोट मिल सकता है। वहीं कॉन्ग्रेस-वामपंथी गठबंधन को 13% वोट मिल सकता है। अन्य के खाते में 6% वोट जाने की संभावना जताई गई है।

ममता बनर्जी की पार्टी TMC को 148-164 सीटें आने की संभावना जताई गई है। भाजपा यूँ तो तो 200 का लक्ष्य लेकर मैदान में उतरी है, लेकिन उसे 92-100 सीट मिलने की संभावना जताई गई है।

इस सर्वे के हिसाब से कॉन्ग्रेस और वामपंथियों का गठबंधन लड़ाई में भी नहीं है और उसे 31-39 सीटें ही मिलने की संभावना है। बताते चलें कि 34 साल तक सत्ता में रहे वामदलों के गठबंधन को हराकर TMC ने 2011 में 294 सीटों में से 194 सीटें हासिल की थी।

2016 के विधानसभा चुनाव में TMC और मजबूत हुई और कुल 211 सीटों पर उसका कब्ज़ा हुआ। बंगाल में किसी भी दल या गठबंधन को सरकार बनाने के लिए 148 सीटों के जादुई आँकड़े की जरूरत होती है।

सर्वे की मानें तो केरल में CPI(M) के नेतृत्व वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) के खाते में इस बार 83-91 सीटें जाने की संभावना है और कॉन्ग्रेस की अगुवाई वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) को मात्र 47 से 55 सीटों पर संतोष करना पड़ सकता है। इस तरह से पिनाराई विजयन दोबारा मुख्यमंत्री बन सकते हैं। LDF को 40% और UDF को 33% वोट्स मिलने की संभावना जताई गई है।

असम में भाजपा के लिए अच्छी खबर है और सत्ता में उसकी लगातार दूसरी बार वापसी होती दिख रही है। भाजपा गठबंधन का वोट प्रतिशत 42% होने का अनुमान लगाया गया है और उसे 126 सदस्यीय विधानसभा में 68-76 सीटें मिलते दिखाया गया है। हालाँकि, कॉन्ग्रेस यहाँ 31% वोट्स पाकर 43-51 सीटें झटक सकती है। 30 सीटों वाली पुडुचेरी में भी भाजपा 36% वोट शेयर और 17-21 सीटें जीत कर सरकार बना सकती है।

बात दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु की करें तो वहाँ DMK गठबंधन को आगे बताया गया है। इस सर्वे की मानें तो AIADMK और भाजपा के गठबंधन को जहाँ महज 29% वोट ही मिलेंगे, वहीं स्टालिन की अगुआई वाली कॉन्ग्रेस और DMK गठबंधन को 41% वोट मिलेंगे। सीटों की बात करें तो 154-162 सीटें पाकर स्टालिन मुख्यमंत्री बन सकते हैं, वहीं मौजूद सत्ताधारी गठबंधन को 58-66 सीटों से संतोष करना पड़ेगा।

उधर सीएम ममता ने कहा कि इस बार पश्चिम बंगाल में 8 चरणों में चुनाव होगा। बीजेपी के कहने पर ऐसा हुआ है। उन्होंने कहा कि बंगाल पर बंगाली ही राज करेगा, किसी बाहरी को घुसने नहीं दिया जाएगा। ममता बनर्जी ने कहा, ”क्या केंद्र के निर्देश पर तारीखों का ऐलान किया गया है? जिलों को 2 भागों में क्यों बाँटा गया है? हमारा अनुरोध है कि पैसे की बर्बादी बंद की जाए। हम जमीनी नेता हैं और स्थानीयों की परेशानी से वाकिफ हैं।”

नौशाद उर्फ सुहैल पर NSA के तहत चलेगा मामला, मेरठ में लोगों को खिलाता था थूक वाली रोटियाँ

उत्तर प्रदेश में शादी समारोहों में थूक लगा कर रोटियाँ बनाने वाले नौशाद के ऊपर ‘राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA)’ के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। नौशाद उर्फ़ सुहैल फ़िलहाल न्यायिक हिरासत में है और पुलिस ने NSA लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हिन्दू जागरण मंच के महानगर अध्यक्ष सचिन सिरोही ने माँग की थी कि नौशाद पर रासुका की कार्रवाई की जाए। उनकी शिकायत पर ही ये कार्रवाई हुई है।

वहीं हाल ही में भाजपा विधायक सोमेंद्र तोमर ने भी विधानसभा में नौशाद उर्फ़ सुहैल पर रासुका लगाने का मुद्दा उठाया, जिसके बाद ये मामला राज्य भर में चर्चा का विषय बना। मेडिकल थाने के इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार ने जानकारी दी है कि नौशाद पर रासुका लगाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है और इसके लिए अभियोजन अधिकारियों से भी राय ली जा रही है। कई मामले पहले से दर्ज हैं, जिसमें NSA जोड़ा जाएगा।

नौशाद उर्फ़ सुहैल ने पुलिस को दिए गए बयान में आरोपों को गलत बताते हुए दावा किया कि गंदगी न गिरे, इसलिए तंदूर में रोटी डालते वक्त उसे बार-बार झुकना पड़ रहा था। वहीं थाने के एक वायरल वीडियो में वो कहता दिख रहा है कि वो 10-15 सालों से रोटी बना रहा है और उतने ही समय से रोटियों पर थूक भी लगा रहा है। मेरठ में थूक लगा कर रोटी बनाने के मामले में गिरफ्तार नौशाद के पिता का नाम अख्तर है।

‘हिन्दू जागरण मंच’ के सचिन सिरोही ने अपनी लिखित तहरीर में बताया था कि नौशाद उर्फ़ सोहैल शादी समारोह में तंदूर की रोटियाँ बनाते समय थूक कर तंदूर में सेंक रहा था। उन्होंने अपनी शिकायत में कोरोना वायरस संक्रमण महामारी का भी जिक्र किया था। हिरासत में लेकर जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसने कबूल किया था कि इस वीडियो में दिख रहा शख्स वही है और उसने ही इस तरह की हरकत की है।

पत्थर चलाए, आग लगाई… नेताओं ने भी उगला जहर… राम मंदिर के लिए लक्ष्य से 1000+ करोड़ रुपए ज्यादा मिला समर्पण

अयोध्या में भव्य राम मंदिर के लिए देश भर के लोगों ने दिल खोल कर निधि समर्पण अभियान में हिस्सा लिया, अपना-अपना योगदान दिया। 44 दिन तक चलने वाले राम मंदिर निधि समर्पण अभियान से कुल 1100 करोड़ रुपए आने की उम्मीद की गई थी, आ गए 2100 करोड़ रुपए से भी ज्यादा

राम मंदिर निधि समर्पण अभियान 15 जनवरी 2021 को मकर संक्रांति के अवसर पर शुरू किया गया था। यह 27 फरवरी 2021 को संत रविदास जयंती के मौके पर समाप्त हुआ। इन 44 दिनों में इस अभियान को लेकर देशवासियों के मन में उत्साह अलग ही लेवल पर रहा। हर जगह लोगों ने दिल खोल कर समर्पण दिया।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविन्ददेव गिरी के अनुसार 27 फरवरी 2021 तक 2100 करोड़ रुपए से ज्यादा आ गए हैं। 27-28 फरवरी को शनिवार-रविवार होने और बैंकों के बंद होने के कारण यह राशि और भी ज्यादा होगी, जिसकी सही जानकारी सोमवार यानी 1 मार्च 2021 को आ पाएगी, जब सारे चेक क्लियर होकर उनकी राशि खाते में आ जाएगी।

कोषाध्यक्ष गोविन्ददेव गिरी ने बताया कि भारत में इस अभियान की सफलता को देख कर अब विदेशों में भी समर्पण निधि अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। इस बीच श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने ‘दान’ शब्द पर आपत्ति जताते हुए कहा कि दाता (श्रीराम) को ‘दान देना’ ठीक नहीं, यह समर्पण भाव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राम मंदिर किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि राष्ट्र का मंदिर है और यह सबकी समर्पण निधि से मिल कर तैयार किया जा रहा है।

अगले जन्म में आंखें देना, ताकि देख सकूँ रामजी का भव्य मंदिर

राजेश दिव्यांग हैं। लेकिन राम मंदिर के लिए श्रद्धा औरों से कम नहीं। दूसरों से माँग कर अपना भरण-पोषण करने वाले राजेश राम मंदिर के नाम पर 100 रुपए देते हुए कहते हैं – “मेरी आंखें नहीं हैं। मैं मंदिर नहीं देख सकता, लेकिन एक ईंट की कीमत चुका सकता हूँ। मैं प्रभु श्रीराम से प्रार्थना करता हूँ कि मुझे अगले जन्म में आंखें देना, ताकि मैं रामजी का भव्य मंदिर देख सकूँ।”

राम मंदिर को लेकर जहाँ एक ओर लगभग सभी देशवासियों में उत्साह रहा, वहीं कुछ ऐसे भी थे, जिन्होंने इसके खिलाफ षड्यंत्र रचे, हिंसा की, लोगों को भड़काने का काम किया।

सबसे पहले रॉबर्ट्र वाड्रा का जिक्र। राम मंदिर को लेकर ये जनाब क्या कह गुजरे, देखिए:

अब चलते हैं दक्षिण भारत। यहाँ भी मुस्लिम तुष्टिकरण करने वाले नेताओं की कमी नहीं। कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अयोध्या श्री राम मंदिर समर्पण निधि अभियान पर सवाल उठाए। कुमारस्वामी ने आरोप लगाते हुए कहा था कि राम मंदिर निधि समर्पण अभियान के कार्यकर्ता कर्नाटक में राम मंदिर के नाम पर पैसा इकट्ठा कर रहे हैं, लेकिन जो पैसा नहीं दे रहा है उसका नाम लिख रहे हैं।

कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने मंदिर निर्माण के लिए दान को लेकर कहा, “अगर वे चंदा माँगने आएँगे तो मैं बोल दूँगा कि अयोध्या में विवादित राम मंदिर के लिए चंदा नहीं दूँगा। मैं कहीं दूसरी जगह बन रहे राम मंदिर के लिए दान दे दूँगा। भले ही मामला सेटल हो गया है लेकिन विवाद हमेशा बरकरार रहेगा।”

अब बात हिंसा की। ऐसे लोगों की, जो राम के नाम से या हनुमान चालीसा सुन कर आवेशित हो जाते हैं, पत्थर बरसाते हैं, आग लगाते हैं:

उज्जैन के बेगमबाग में हिंदू संगठनों की रैली पर जम कर पत्थरबाजी की गई थी। हिंदू कार्यकर्ता अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के लिए चंदा इकट्ठा करने के लिए रैली निकाल रहे थे। इस रैली को टॉवर क्षेत्र से महाकाल क्षेत्र स्थित भारत माता मंदिर तक जाना था। तभी रास्ते में ही बेगमबाग क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के कुछ असामाजिक तत्वों ने रैली पर पथराव शुरू कर दिया।

गुजरात के गाँधीधाम के किदाना गाँव में हिन्दू कार्यकर्ता अयोध्या में निर्माणाधीन राम मंदिर के लिए चंदा इकट्ठा करने निकले थे। तभी भगवान श्रीराम के रथ के पास एक समुदाय के कुछ लोग जमा हो गए और उन्होंने वहाँ आगजनी शुरू कर दी। इस दौरान हिंसक भीड़ ने एक ऑटो और 2 बाइकों को भी आग के हवाले कर दिया।

मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के चाँदन खेड़ी गाँव में हिंदूवादी संगठन के लोगों पर पथराव की घटना हुई। इस घटना में करीब 12 लोग घायल हुए। संगठन द्वारा अयोध्या के राम मंदिर के लिए धन संग्रह करने रैली निकाली जा रही थी। इसी दौरान कुछ कार्यकर्ता हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। तभी पास की मस्जिद से कुछ ही देर में पत्थर बरसने लगे

बेंगलुरु जिले के गुराप्पनापलया (Gurappanapalya) इलाके में हिन्दू संगठन और भाजपा के कार्यकर्ता चंदा इकट्ठा करने के लिए एक गाड़ी से निकले थे। गाड़ी पर श्रीराम का पोस्टर और संगठन के झंडे लगे हुए थे। जब गाड़ी पेट्रोल लेने के लिए रुकी तो कुछ लोगों ने हमला कर दिया। विरोध किए जाने पर उन लोगों ने गाड़ी पर पत्थरबाजी शुरू कर दी।