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‘कॉन्ग्रेस का काला हाथ वामपंथियों के लिए गोरा कैसे हो गया?’: कोलकाता में PM मोदी ने कहा – घुसपैठ रुकेगा, निवेश बढ़ेगा

कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल में अपनी पहली चुनावी जनसभा को सम्बोधित किया। उससे पहले वरिष्ठ अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती भाजपा में औपचारिक रूप से शामिल हुए और कहा कि एक गुमनाम गली में जन्मा लड़का आज इस मंच पर है, ये सपना नहीं तो क्या है। भाजपा प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जो CPI(M) वाले नकारात्मक ट्वीट कर रहे हैं, वो एक बार रैली में आकर भीड़ को देख लें।

इस दौरान विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन सैकड़ों रैलियों को संबोधित किया, लेकिन इतने विशाल जनसमूह का आशीर्वाद मिलने का दृश्य उन्हें आज देखने को मिला है। पीएम ने कहा कि उन्होंने हेलीकॉप्टर से ही देख लिया था कि भीड़ अंदर ही नहीं, बाहर भी है। उन्होंने याद दिलाया कि बंगाल की धरती ने आजादी आंदोलन में योगदान दिया और ज्ञान-विज्ञान को आगे बढ़ाया।

उन्होंने डॉक्टर श्याम प्रसाद मुखर्जी के बलिदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि बंगाल में राज कर रहे लोगों ने यहाँ की बहन-बेटियों के साथ अत्याचार किया है और इस धरती को अपमानित किया है। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों का यहाँ आना भाजपा के प्रति उनका प्रेम दिखाता है। इस दौरान उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती और उनके जीवन की सफलता व संघर्ष की भी बात की। उन्होंने कहा कि बंगाल ने परिवर्तन के लिए ही ममता दीदी पर भरोसा किया था, लेकिन दीदी और उनके कैडर ने ये भरोसा तोड़ दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में एक तरफ TMC है, लेफ्ट-कॉन्ग्रेस है, उनका बंगाल विरोधी रवैया है, और दूसरी तरफ खुद बंगाल की जनता कमर कस कर खड़ी हो गई है। उन्होंने बंगाल में बड़े परिवर्तन की बात करते हुए अच्छे इन्फ्रस्टरक्चर और गरीबों को आगे बढ़ने का मौका देने की बात की। साथ ही उत्तर बंगाल, सीमांचल और जंगलमहल सहित सभी क्षेत्रों के बराबर विकास का वादा किया। ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए PM मोदी ने कहा:

“दीदी, आप बंगाल की ही नहीं आप तो भारत की बेटी हैं! कुछ दिन पहले जब आपने स्कूटी सँभाली, तो सभी प्रार्थना कर रहे थे कि आप सकुशल रहें! अच्छा हुआ आप गिरी नहीं, नहीं तो जिस राज्य में वो स्कूटी बनी है, उस राज्य को ही अपना दुश्मन बना लेतीं।”

प्रधानमंत्री ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ का नारा देते हुए कहा घुसपैठ को रोकने की बात की। उन्होंने कहा कि आज जब भारत अपनी स्वतंत्रता के 75वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है, बंगाल नई ऊर्जा व संकल्प के साथ आगे बढ़ेगा। उन्होंने बंगाल के विकास के लिए अगले 25 वर्षों को महत्वपूर्ण बताते हुए इस विधानसभा चुनाव को उसका पहला पड़ाव करार दिया। उन्होंने कहा कि जनता बंगाल में सरकार बनाने नहीं, बंगाल को बनाने के लिए वोट दे।

पीएम मोदी ने कहा कि 2047 में आज़ादी के 100 वर्ष पूरे होने के मौके पर बंगाल देश को आगे ले जाने वाला राज्य बनेगा। उन्होंने कोलकाता को ‘सिटी ऑफ जॉय’ बताते हुए कहा कि कोलकाता की संस्कृति को सुरक्षित रखते हुए यहाँ का विकास होगा। उन्होंने बंगाल को विश्वास दिलाया कि उनकी सरकार पल-पल राज्य के लोगों के सपनों के लिए जिएँगे। उन्होंने कहा कि यहाँ के नौजवानों के लिए, किसानों, उद्यमियों, यहाँ की बहनों-बेटियों के विकास के लिए वो 24 घंटे दिन रात मेहनत से काम करेंगे।

उन्होंने कहा कि कमीशनबाजी की वजह से कोलकाता एयरपोर्ट के कई काम पूरे नहीं हुए हैं, भाजपा सरकार ऐसे सभी रुके हुए कार्यों को पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को तो लगता होगा कि शायद आज 2 मई आ गई है। साथ ही भाजपा सरकार में गरीबों को पक्के घर देने का वादा किया। उन्होंने शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बना कर पढ़ाई, कमाई और दवाई की व्यवस्था का वादा करते हुए उद्योगों में निवेश को प्रोत्साहित करने की भी बात कही।

उन्होंने कहा कि इसका लाभ किसानों से लेकर मछुआरों को भी मिलेगा। उन्होंने तकनीकी और मेडिकल की पढ़ाई बांग्ला भाषा में कराने की बात करते हुए कहा कि गरीब का बच्चा अंग्रेजी नहीं जानता है, फिर भी वो डॉक्टर और इंजीनियर बन पाएगा। पीएम मोदी ने भाजपा के लक्ष्य की बात करते हुए कहा कि पार्टी यहाँ की राजनीति को विकास केंद्रित बनाना चाहती है क्योंकि काफी साल बर्बाद हो चुके हैं।

उन्होंने जनता को ये भी याद रखने की सलाह दी कि उनके साथ कई वर्षों तक छल किया गया। उन्होंने याद दिलाया कि कॉन्ग्रेस आज़ादी के नाम पर सत्ता में आई और वामपंथियों ने उसके बाद कॉन्ग्रेस के खिलाफ नारा लगा कर सत्ता चलाई और आज वो दोनों साथ हैं। वामपंथियों ने तब “कांग्रेसेर कालो हाथ, भेंगे दाओ, गुड़िये दाओ!” के नारे लगाए थे और उसे तोड़ने की बातें करते थे, आज ये हाथ गोरा कैसे हो गया और उसी हाथ को क्यों थाम लिया?

उन्होंने कहा कि इसके बाद ममता बनर्जी परिवर्तन का नारा लेकर आईं लेकिन स्कूलों, अस्पतालों और जमीन पर कोई परिवर्तन नहीं आया। उन्होंने कहा कि आज बंगाल में ‘माँ, माटी और मनुष्य’ की स्थिति लोग भलीभाँति जानते हैं क्योंकि घर में घुस कर हमले होते हैं। उन्होंने हाल ही में 80 साल की बूढ़ी माँ पर हमले की बात करते हुए TMC के ‘क्रूर चेहरे’ की बात की। उन्होंने कहा कि शायद ही बंगाल में कोई माँ है, जो इनकी करतूतों के कारण रोई न हो।

कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में पीएम मोदी का सम्बोधन

उन्होंने कहा कि यहाँ के लोग अपनों को नौकरी के लिए पलायन करते हुए और इलाज के अभाव में दम तोड़ते हुए देख रहे हैं। उन्होंने ‘भ्रष्टाचार – अब नहीं, अब नहीं’ और ‘कट मनी – अब नहीं, अब नहीं’, ‘बेरोजगारी, हिंसा, सिंडिकेट, तुष्टिकरण – अब नहीं, अब नहीं’ के नारे भी लगवाए।

इससे पहले शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा के पितृ-पुरुष श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा था कि उनके योगदान के बिना हमारा भारत एक इस्लामी मुल्क बन गया होता। उन्होंने कहा कि अगर मुखर्जी नहीं होते तो हम बांग्लादेश में रह रहे होते। बेहला के मुचिपारा में आयोजित रैली में उन्होंने ये बातें कहीं। उन्होंने लोगों को चेताया था कि अगर TMC तीसरी बार सत्ता में आ जाती है तो वो बंगाल को कश्मीर बना देगी।

मिथुन चक्रवर्ती के BJP में शामिल होते ही ट्विटर पर Memes की बौछार

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने रविवार (मार्च 7, 2021) को कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। मिथुन चक्रवर्ती के बीजेपी ज्वाइन करते ही ट्विटर पर मीम्स की बाढ़ आ गई।

लेखर अर्नब रे ने ट्विटर पर मिथुन चक्रवर्ती की कल्ट फिल्म ‘गुंडा’ का एक डायलॉग शेयर किया। बता दें कि अर्नब रे का 2000 के दशक में मिथुन फैनब्वॉय के रूप में ब्लॉग करने को लेकर एक अलग फैन बेस था।

गुंडा फिल्म के सभी डायलॉग अपने आप में कल्ट हैं। इस फिल्म के फैन बेस का अंदाजा आप ऐसे लगा सकते हैं कि यह सबसे लंबे समय के लिए IMDb पर शीर्ष-रेटेड फिल्म में से एक थी।

गुंडा के अलावा मिथुन दा के अन्य फिल्मों के डायलॉग ने भी इस ऐतिहासिक दिन को यादगार बना दिया।

कुछ ने यह भी अनुमान लगाया कि पूर्व क्रिकेटर सौरव गाँगुली भी चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

उनकी फिल्म के लीजेंड्री फाइट सीन भी सोशल मीडिया ट्विटर पर वायरल हो रहा है।

उनकी एक अन्य लोकप्रिय फिल्म ‘हिटलर’ रही है। नेटिजन्स ने इस तरफ इशारा किया कि अब ‘लिबरल’ यह बताने की कोशिश करेंगे कि वह ‘फासिस्ट’ हैं।

ऑपइंडिया के CEO ने भी इस दौरान अपनी पुस्तक का जिक्र करते हुए मिथुन दा को याद किया। जब इस दावे का फैक्ट-चेक किया गया तो पाया गया कि सही में ‘संघी हू नेवर वेंट टू अ शाखा’ नामक पुस्तक मिथुन दा की फिल्म के एक गीत से शुरू होती है। आप यहाँ अपनी कॉपी खरीद सकते हैं। और नीचे कल्ट फिल्म गुंडा देख सकते हैं।

‘लव मैरिज की तो अब्बा ने बना दिया बेवा, अब मेरी जान को खतरा’: औरंगजेब की बेटी ने SP से लगाई गुहार

बिहार के बेगूसराय जिले में 4 मार्च 2021 को मोहम्मद इम्तियाज की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप उसके ससुर मोहम्मद औरंगजेब पर है। औरंगजेब की बेटी सादिया परवीन से इम्तियाज ने प्रेम विवाह किया था। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार इसी बात से नाराज औरंगजेब ने इस घटना को अंजाम दिया।

अब सादिया ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) को आवेदन देते हुए अपने अब्बा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों और रिश्तेदारों के साथ एसपी के पास पहुँची सादिया ने अपनी जान को भी खतरा बताया। साथ ही कहा कि उसने तीन साल पहले इम्तियाज से प्रेम विवाह किया था, जिसके कारण उसकी हत्या की। उसने यह भी बताया कि पुलिस से नजदीकी के कारण उसके अब्बा अपराध कर बचते रहे हैं। यदि उसके अब्बा को गिरफ्तार नहीं किया गया तो उसकी और परिवार के अन्य सदस्यों की भी हत्या हो सकती है।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार मुफस्सिल थाना क्षेत्र के हरदिया गाँव निवासी 28 वर्षीय इम्तियाज की हत्या तब की गई, जब वह सड़क किनारे एक गैराज में कुछ लोगों के साथ बैठा था। वह गाँव के ही सादिया को भगाकर दिल्ली ले गया था और वहीं उससे निकाह कर ली थी। लॉकडाउन में वह गाँव लौटा था। आरोपित ससुर सरकारी शिक्षक है।

इम्तियाज के भाई एजाज के ​हवाले से दैनिक भास्कर ने बताया है कि गाँव लौटने के बाद से औरंगजेब उसके भाई को धमकी दे रहा था। हत्या से कुछ दिन पहले ही दोनों के बीच विवाद हुआ था। उसने बताया कि गुरुवार को इम्तियाज अपने दोस्त रहमत की दुकान पर बैठा था। इसी दौरान उसका ससुर दो लोगों के साथ आया और फायरिंग करने लगा। सीने में गोली लगने से इम्तियाज की मौत हो गई। इम्तियाज और सादिया की एक 8 महीने की बेटी है।

‘ग्लोबल इनसाइक्लोपीडिया ऑफ रामायण’ का शुभारंभ: CM योगी ने कहा – ‘जय श्री राम पूरे देश में चलेगा’

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार (मार्च 6, 2021) को रामायण पर ई-पुस्तक फॉर्मेट में ग्लोबल इनसाइक्लोपीडिया को लॉन्च किया। यह अयोध्या शोध संस्थान द्वारा तैयार की गई है। इसे लॉन्च करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रामायण, महाभारत और अन्य हिंदू महाकाव्य सबसे अच्छा जीवन सबक देते हैं और यह एक बेहतर भारत की कल्पना करने में मदद करेंगे।

सीएम योगी ने कहा, “ग्लोबल इनसाइक्लोपीडिया ऑफ रामायण प्रकृति और परमात्मा के समन्वय को दर्शाने का कार्य करेगा। यह विज्ञान और अध्यात्म के अनेक अनछुए पहलुओं को जानने का अवसर भी प्रदान करेगा।”

उन्होंने कहा, “मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम ने भगवान विष्णु के साक्षात अवतार होने के बावजूद मानवीय मर्यादाओं के अंदर अपनी पूरी लीला को रचा। प्रभु श्री राम की यह महानता थी कि उन्होंने सामान्य मनुष्य की भाँति कष्टों को सहते हुए मानवीय मर्यादाओं का पग-पग पालन किया।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि अभी भी कुछ लोग हैं, जो अयोध्या में भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हैं। हालाँकि, ऐतिहासिक तथ्यों से इनकार नहीं किया जा सकता है।

वहीं न्यूज चैनल न्यूज नेशन द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश कॉन्क्लेव शो में बोलते हुए सीएम योगी ने कहा, “जय श्री राम उत्तर प्रदेश में भी चलेगा, बंगाल में भी चलेगा और पूरे देश में भी चलेगा।”

उन्होंने कहा, “याद करिए 1990 के दशक के प्रारंभ में कुछ लोग उत्तर प्रदेश में भी जय श्री राम का विरोध करते थे, आज उसकी दुर्गति देश भी देख रहा है और दुनिया भी देख रही है। और यह आज से नहीं, रामायण काल से हो रहा है। जो लोग राम के खिलाफ हैं उन्हें कहीं भी जगह नहीं मिलती। भगवान उन्हें सद्बुद्धि दें कि कम से कम ‘जय श्री राम’ बोलने पर तो प्रतिबंध न लगाएँ। बंगाल के लोगों ने मन बना लिया है कि जो लोग भगवान राम के साथ होंगे, वो उनके साथ रहेंगे।”

इस वीडियो में लगभग 21 मिनट पर दीपक चौरसिया ने सीएम से राहुल गाँधी द्वारा केरल में उत्तर-दक्षिण विभाजन पर किए गए टिप्पणी को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा, “इसे ही एहसानफरामोशी कहा जाता है। ये विभाजनकारी मानसिकता कॉन्ग्रेस की वास्तविक पहचान बन चुकी है और कॉन्ग्रेस में इस प्रकार के चेहरे नहीं होते तो कॉन्ग्रेस मरती क्यों? इस तरह की टिप्पणियाँ केरल को ले डूबने के लिए पर्याप्त है।”

‘राहुल गाँधी का ‘फालतू स्टंट’, झोपड़िया में आग… तमाशे की जिंदगानी हमार’ – शेखर गुप्ता ने की आलोचना, पिल पड़े कॉन्ग्रेसी

भाजपा विरोधी कैम्प में आपस में ही मारधाड़ मची हुई है। TMC के नेता अपने ही दफ्तर जला रहे हैं। कॉन्ग्रेस के कार्यकर्ता अपने ही नेताओं के पुतले फूँक रहे हैं। इधर मोदी-विरोधी लॉबी के पत्रकार और प्रोपेगंडा पोर्टल ‘द प्रिंट’ के संस्थापक शेखर गुप्ता पर कॉन्ग्रेस के ही नेताओं ने हमला किया है। उन्होंने एक वीडियो में पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी की आलोचना की, जिससे भड़के कॉन्ग्रेस नेताओं ने उन्हें जम कर खरी-खोटी सुनाई।

उस वीडियो में शेखर गुप्ता ने कॉन्ग्रेस पार्टी की भी आलोचना की थी। अपने साप्ताहिक शो ‘नेशनल इंटरेस्ट’ में उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्रित्व काल में एक अच्छे विपक्ष का अभाव है। उन्होंने कहा कि देश की सबसे पुरानी राजनीतिक पार्टी राष्ट्र की नीतियों में अपनी रुचि खो चुकी है और उन्हें सत्ताधारी सरकार पर दबाव बनाने में नाकामयाबी हाथ लगी है। उन्होंने विपक्षी दलों की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए।

शेखर गुप्ता असल में अपने इस पूरे वीडियो में विपक्षी पार्टियों को यही कह रहे थे कि वो ज्यादा से ज्यादा सक्रिय हों और मोदी सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरें। उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी पर लिबरलों की आकांक्षा पर खड़े न उतरने के आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी का इकोसिस्टम आक्रामक रूप से पीएम मोदी का विरोध नहीं कर रहा है। उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी और उसके नेतृत्व पर तंज कसने के लिए मजरूह सुल्तानपुरी की ये कविता पढ़ी:

आग लगी हमारी झोपड़िया में हम गावें मल्हार
देख भाई कितनी तमाशे की ज़िंदगानी हमार

विवादित पत्रकार ने ये भी कहा कि सत्ताधारी पार्टी से सवाल पूछना हमेशा खतरनाक होता है। उन्होंने कहा कि आजकल पत्रकारों को दोहरे खतरे का सामना करना पड़ रहा क्योंकि सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करती है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि वो कॉन्ग्रेस और राहुल गाँधी की आलोचना करने से भी डरते रहे हैं। उन्होंने पूछा कि क्या सरकारी संस्थाओं को नीचे गिराने वाले मुद्दे पर हम बातें ही करते रह जाएँगे?

उन्होंने कहा कि जब बड़े-बड़े राज्यों में चुनाव हैं और पार्टी की साख दाँव पर है, राहुल गाँधी केरल में अपनी फिटनेस दिखा रहे थे, जो कि एक ‘फालतू स्टंट’ है। उन्होंने पूछा कि 50 साल का एक व्यक्ति स्कूली बच्चों को क्यों मसल पावर दिखा रहा था? उन्होंने मजरूह सुल्तानपुरी की ऊपर वाली पंक्तियों को लेकर कहा, “क्षमा करें, मैंने ये पंक्तियाँ चुरा ली हैं। राहुल गाँधी, ये आपके लिए ही लिखा गया है।”

कॉन्ग्रेस नेता पवन खेरा ने शेखर गुप्ता पर तंज कसते हुए लिखा, “आग लगी हमरी झोपड़िया में, हम गावें राग दरबारी… देख भाई कितनी सरकारी भई हमरी पत्रकारी”। सरल पटेल ने शेखर गुप्ता पर विपक्ष पर हमले करने का आरोप लगाते हुए सरकार से कम सवाल पूछने का आरोप मढ़ा। संघमित्रा ने लिखा कि आग तो पत्रकारों की दुनिया में लगी है क्योंकि वो सरकार के सामने रेंग रहे हैं। स्वाति चतुर्वेदी ने लिखा कि आजकल सरकार द्वारा ‘लोकतंत्र की हत्या’ की आलोचना से आसान है राहुल गाँधी को उलटा-सीधा बोलना।

अपने 1 महीने के शिशु को गायत्री मंत्र गुनगुना कर सिखाती हैं ये अभिनेत्री, ताकि वो बड़ा होकर समझे इसकी महत्ता: देखें वीडियो

बॉलीवुड में जब फिल्मों में हिन्दू धर्म का अपमान आम बात हो गया है, एक अभिनेत्री ऐसी भी हैं जो अपने छोटे से बच्चे को गायत्री मंत्र सिखा रही हैं। हाल ही में अनीता हसनंदानी और रोहित रेड्डी को लड़का हुआ था। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें वो अपने बच्चे को बाहों में लिए हुए हैं और गायत्री मंत्र पढ़ कर उसे सुना रही हैं। वो चाहती हैं कि उनका बच्चा गायत्री मंत्र सीखते हुए बड़ा हो और इसकी महत्ता समझे।

माँ से इस मंत्र को सुनकर आरव कभी अंगड़ाइयाँ ले रहा है तो कभी क्यूट चेहरा बना रहा है। बेटे को संभालते हुए अनीता उसे पूरा गायत्री मंत्र सुनाती हैं। देखें वीडियो:

अपने बच्चे को गायत्री मंत्र सुनाती अनीता हसनंदानी

अनीता हसनंदानी ने फरवरी 9, 2021 को अपने बच्चे को जन्म दिया था। उन्होंने अपने बच्चे होने की खबर भी एक क्रिएटिव वीडियो के जरिए शेयर की थी, जिसमें उन्हें ‘बेबी बम्प’ के साथ दिखाया जाता है और अगले ही पल उनके और उनके पति के हाथों में शिशु होता है। उन्होंने अपने बेटे का नाम आरव रखा है। उन्होंने शुभकामनाओं के लिए फैंस का भी धन्यवाद दिया है।

अनीता हसनंदानी यूँ तो 3 दर्जन से भी अधिक टीवी सीरियलों और रियलिटी शोज में काम कर के छोटे पर्दे पर धमाल मचाती रही हैं, लेकिन फिल्मों के मामले में उन्हें तेलुगु इंडस्ट्री में भी खासी सफलता मिली। साथ ही वो तमिल फिल्मों भी काम करती हैं। उन्हें ‘ये हैं मोहब्बतें’ और ‘नागिन 3 & 4’ से खासी लोकप्रियता मिली। उनका जन्म मुंबई के एक सिंधी परिवार में हुआ था। उनके पति रोहित रेड्डी कारोबारी हैं।

8-10 घंटे तक पानी में थी मनसुख हिरेन की बॉडी, चेहरे-पीठ पर जख्म के निशान: रिपोर्ट

मनसुख हिरेन की मौत कैसे हुई? इस सवाल का जवाब अब तक नहीं मिला है। लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के हवाले से जो दावे किए जा रहे हैं उससे गुत्थी और उलझती दिख रही है। इसके मुताबिक हिरेन के चेहरे और पीठ पर जख्म के निशान मिले हैं। साथ ही यह भी बताया गया है कि शव मिलने से 12-13 घंटे पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी।

रिपोर्टों के मुताबिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत की वजह को लेकर स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं ​कहा गया है। उनका विसरा जॉंच के लिए भेजा गया है। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने अपनी राय रिजर्व रखी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मनसुख का मृत शरीर पानी में 8-10 घंटे तक डूबा रहा होगा। चेहरे, आँखों और पीठ पर जख्म मिले हैं। लेकिन ये किस तरह के जख्म हैं, यह नहीं बताया गया है।

मिडडे ने मनसुख के भाई विनोद हिरेन के हवाले से एक सनसनीखेज दावा किया था। इसके मुताबिक हत्या कर मनसुख को पानी में फेंका गया था। विनोद का दावा है यह बात उन्हें खुद पुलिस ने बताई है। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों ने डूबने को मौत का कारण बताया और साथ ही ये भी कहा था कि पानी में फेंके जाने से पहले ही उन्हें मार डाला गया था।

मनसुख हिरेन शुक्रवार (5 मार्च 2021) को मृत मिले थे। वह उस विस्फोटक लदी एसयूवी के मालिक थे जो कुछ दिन पहले मुंबई में मुकेश अंबानी के घर एंटीलिया के बाहर खड़ी मिली थी। एंटीलिया के बाहर मिले कार को लेकर परिजनों का कहना है कि वह चोरी हो गई थी और इसकी रिपोर्ट भी लिखाई गई थी।

इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में बताया गया था कि परिजनों ने मनसुख का शव लेने से इनकार कर दिया है। इसके मुताबिक परिवार के सदस्यों ने शव लेने से इनकार करते हुए ऑटोप्सी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की माँग की है। यह भी कहा है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसका स्पष्ट जिक्र होना चाहिए कि हिरेन की मौत कैसे हुई। इसके बाद DCP (जोन 1) ने दावा किया कि उन्होंने परिजनों के घर जाकर रिपोर्ट में बताए गए मौत के कारण के बारे में समझाया है। मनसुख हिरेन गाड़ियों के पार्ट-पुर्जों की दुकान चलाते थे।

शुक्रवार को जब हिरेन की सुसाइड की खबरें सामने आई थी तो उनकी पत्नी विमला ने इसे खारिज कर दिया था। उनका कहना था कि उनके पति को क्राइम ब्रांच के किसी अधिकारी तावड़े का फोन आया था। उससे मिलने के लिए ही वे घर से निकले थे। उनके अनुसार जाँच के सिलसिले में यह मुलाकात घोड़बंदर में होनी थी। एंटीलिया के बाहर मिले कार को लेकर परिजनों का कहना है कि वह चोरी हो गई थी और इसकी रिपोर्ट भी लिखाई गई थी।

ये भी पता चला है कि मनसुख हिरेन ने मौत से पहले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को पत्र लिखा था। उन्होंने इस पत्र में कहा था कि पीड़ित होने के बावजूद उनके साथ आरोपित की तरह व्यवहार किया जा रहा है। इसमें उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ एक पत्रकार का नाम भी लिया था। उन्होंने कहा कि कि उनसे हिरासत में भी पूछताछ की गई, जिससे उनकी मानसिक प्रताड़ना हो रही है।

‘श्रीलंका में भी भाजपा, पार्टी का हो रहा अंतरराष्ट्रीय विस्तार’: श्रीलंका BJP को लेकर हो रहे दावों का फैक्टचेक

सोशल मीडिया पर ‘श्रीलंका BJP’ को लेकर ये दावा वायरल हो रहा है कि यह भारत की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ही ब्रांच है। लोग दावा कर रहे हैं कि भाजपा ने अब अंतरराष्ट्रीय विस्तार शुरू कर दिया है और इसी क्रम में श्रीलंका में भी BJP की ब्रांच खुली है। साथ में एक टीवी स्क्रीन की तस्वीर भी वायरल हो रही है, जिसमें ‘श्रीलंका BJP’ के नेता बोलते हुए दिख रहे हैं। आइए, जानते हैं क्या है सच्चाई।

दरअसल, ये तस्वीर श्रीलंका के होटल कारोबारी वेलुसामी मुथुस्वामी की है, जिन्होंने इस पार्टी की स्थापना की है। वो भारतीय मूल के ही हैं। उन्होंने जिस राजनीतिक पार्टी की स्थापना की है, उसका नाम है – ‘लंकाई भारतीय जनता काट्ची (LBJK)’, जो श्रीलंका के लोगों के समाजिक-आर्थिक विकास के लिए काम करने का दावा करती है। खासकर युद्ध से पीड़ित रहे उत्तरी और पूर्वी इलाकों में इसकी सक्रियता होगी।

शनिवार (मार्च 6, 2021) को उत्तरी श्रीलंका के जाफना में उन्होंने इसका ऐलान किया। उन्होंने बताया कि रेडियो जर्नलिस्ट एम इंद्रजीत को पार्टी का महासचिव बनाया गया है। कारोबारी वी दिलन इसके कोषाध्यक्ष होंगे। इसी पार्टी का अंग्रेजी नाम ‘Sri Lanka Bharathiya Janatha Party (SLBJP)’ है, जो BJP से मिलता-जुलता है। इसीलिए, लोग इसे भारत की सत्ताधारी पार्टी का एक्सटेंशन बता रहे हैं।

श्रीलंका में नई राजनीतिक पार्टी का गठन

उन्होंने SLBJP को सभी समुदायों और धर्मों की पार्टी बताते हुए कहा कि ये एक धर्मनिरपेक्ष दल होगा। उन्होंने दावा किया कि वो समाज के निचले तबकों की सुरक्षा के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी भारतीय मूल के तमिल लोगों की शिक्षा-दीक्षा के कार्य में सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का भारत की BJP से कोई सम्बन्ध नहीं है, लेकिन वो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैन हैं और उनकी विकासवादी सोच के अच्छे परिणाम भी आ रहे हैं।

‘रेडियो पाकिस्तान’ ने भी ये अफवाह फैलाई थी कि भारत के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह श्रीलंका और नेपाल की सरकारों पर प्रभाव डालने के लिए वहाँ अपनी राजनीतिक पार्टियों का गठन कर सकते हैं। चीनी मुखपत्र ‘ग्लोबल टाइम्स’ के हवाले उड़ाई गई थी। लेकिन, साफ़ है कि ये पार्टी अलग है, भले ही इसके संस्थापक पीएम मोदी के फैन हों। श्रीलंका में भारतीय जनता पार्टी की कोई ब्रांच नहीं खुली है।

‘ठकबाजी गीता’: हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस अकील कुरैशी ने FIR रद्द की, नहीं माना धार्मिक भावनाओं का अपमान

त्रिपुरा हाई कोर्ट ने हिंदू भावनाओं को आहत करने के एक मामले के आरोपित को बड़ी राहत दी है। उस पर फेसबुक पोस्ट में भगवद्गीता का अपमान कर हिंदुओं की धार्मिक भावना को आहत करने को लेकर एफआईआर दर्ज कराई की गई थी। हाई कोर्ट ने एफआईआर रद्द कर दी है।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार चीफ जस्टिस अकील कुरैशी की सिंगल बेंच ने यह फैसला दिया। अदालत ने कहा कि धर्म का गैर इरादतन अपमान आईपीसी की धारा 295 ए के तहत अपराध नहीं है। चीफ जस्टिस अकील कुरैशी ने कहा, “धारा 295 ए धर्म और धार्मिक विश्वासों के अपमान या अपमान की कोशिश के किसी और प्रत्येक कृत्य को दंडित नहीं करता है। यह केवल अपमान या अपमान की कोशिश के उन कृत्यों को दंडित करता है, जिन्हें विशेष वर्ग की धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने के लिए जान-बूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादे के साथ किया गया है।”

इस मामले में अदालत ने माना कि आरोपित ने इरादतन या दुर्भावनापूर्ण इरादे से कुछ नहीं किया था। अदालत ने कहा, “बिना इरादे या लापरवाही से या बिना जाने-बूझे या दुर्भावनापूर्ण इरादे के किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को अपमानित करने या धर्म का अपमान करने का कृत्य उक्त धारा के भीतर नहीं आएगा।”

फैसले में धारा 295 ए का उल्लेख करते हुए कहा गया है, “जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण इरादे से भारत के किसी भी वर्ग के नागरिकों की धार्मिक भावनाओं को शब्दों से, या तो बोले हुए या लिखे हुए, या संकेतों से या दृश्य प्रतिनिधित्व या अन्यथा, आहत करता है, उस वर्ग के धर्म या धार्मिक विश्वासों का अपमान करता है या अपमान करने का प्रयास करता है तो तीन साल तक कारावास या जुर्माना या दोनों के साथ दंडित किया जा सकता है।”

इस दौरान हाई कोर्ट ने रामजी लाल मोदी बनाम उत्तर प्रदेश सरकार मामले में सुप्रीम कोर्ट की संवैधानिक पीठ के निष्कर्षों का भी उल्लेख किया।

आरोपित ने पिछले साल दर्ज एफआईआर को रद्द करने की गुहार हाई कोर्ट से लगाई थी। उसने अदालत में कहा कि उसके पोस्ट को शिकायतकर्ता ने गलत संदर्भों में पेश किया, जबकि उसका इरादा किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं था। साथ ही उसने कहा कि उसकी पोस्ट बंगाली में थी, जिसका शिकायतकर्ता ने गलत मतलब निकाला।

अतिरिक्त लोक अभियोजक ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि पोस्ट के जरिए पवित्र किताब के बारे में अपमानजनक टिप्पणी कर धार्मिक भावनाओं को आहत करने का स्पष्ट इरादा प्रदर्शित किया गया था। साथ ही यह भी बताया कि याचिकाकर्ता ने अन्य पोस्टों में भी धार्मिक भावनाओं को आहत करने की प्रवृत्ति दिखाई है।

लेकिन चीफ जस्टिस अकील कुरैशी ने इन दलीलों को खारिज करते हुए कहा कि इस मामले को पिछले पोस्टों की पृष्ठभूमि में नहीं देखा जाना चाहिए। साथ ही कहा कि उसका पोस्ट वह अर्थ नहीं व्यक्त करता, जैसा शिकायतकर्ता बताना चाहता।

शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपित ने पवित्र धार्मिक किताब को ‘ठकबाजी गीता (Thakbaji Gita)’ बताकर फेसबुक पर पोस्ट किया। इसको लेकर आरोपित ने अदालत में दलील दी कि उसके पोस्ट का वास्तव में अर्थ था कि ‘गीता एक कड़ाही है, जिसमें ठगों को भूना जाता है’।

PM मोदी की रैली में मिथुन चक्रवर्ती का भी होगा संबोधन, शुभेंदु ने कहा- TMC आई तो बंगाल बन जाएगा कश्मीर

नंदीग्राम से भाजपा द्वारा शुभेंदु अधिकारी को चुनावी मैदान में उतारने के बाद पश्चिम बंगाल में सियासी सरगर्मी बढ़ गई है, क्योंकि वहाँ उनका सीधा मुकाबला मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से होगा। रविवार (मार्च 7, 2021) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी विधानसभा चुनाव के आलोक में पहली रैली होगी। कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में रैली होनी है। वरिष्ठ अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती ने पुष्टि की है कि वो इस रैली में उपस्थित रहेंगे।

मीडिया में ये भी अटकलें हैं कि BCCI अध्यक्ष सौरभ गांगुली भी भाजपा में शामिल हो सकते हैं। 356 हिंदी और बंगाली फिल्मों में काम कर चुके मिथन चक्रवर्ती बंगाल में बड़ा प्रभाव रखते हैं। 1989 में एक ऐसा समय आया था, जब एक ही साल में बतौर लीड अभिनेता उनकी 19 फ़िल्में आई थीं, जो आज भी एक रिकॉर्ड है। वो TMC से राज्यसभा सांसद भी रहे हैं। ऐसी में भाजपा को उनके पार्टी में शामिल होने का फायदा मिल सकता है।

पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने भी शनिवार देर रात कोलकाता के बेलगाचिया में उनसे मुलाकात की। विजयवर्गीय ने कहा कि उनकी राष्ट्र भक्ति और गरीबों के प्रति प्रेम की कहानियाँ सुन कर मन गदगद हो गया। मिथुन चक्रवर्ती पीएम मोदी की रैली में उनसे पहले एक भाषण भी देंगे। लेकिन उनके चुनाव लड़ने को लेकर कुछ साफ़ नहीं है। पिछले कुछ महीनों में उनका स्वास्थ्य भी ठीक नहीं था।

उधर शुभेंदु अधिकारी ने भाजपा के पितृ-पुरुष श्यामा प्रसाद मुखर्जी को याद करते हुए कहा कि उनके योगदान के बिना हमारा भारत एक इस्लामी मुल्क बन गया होता। उन्होंने कहा कि अगर मुखर्जी नहीं होते तो हम बांग्लादेश में रह रहे होते। बेहला के मुचिपारा में आयोजित रैली में उन्होंने ये बातें कहीं। उन्होंने लोगों को चेताया कि अगर TMC तीसरी बार सत्ता में आ जाती है तो वो बंगाल को कश्मीर बना देगी।

इसी दौरान ममता बनर्जी ने भी आज सिलीगुड़ी में मोर्चा सँभाला है। वे रसोई गैस के बढ़े हुए दामों के खिलाफ यहाँ पैदल मार्च निकालने वाली हैं। ममता बनर्जी ने अब तक कई पदयात्राएँ की हैं। TMC ने 291 और भाजपा ने 57 सीटों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। कॉन्ग्रेस और वामपंथियों ने मौलाना अब्बास सिद्दीकी की ISF के साथ गठबंधन किया है। मौलाना के फुरफुरा शरीफ के लिए तृणमूल सरकार ने भी खजाना खोला है।

उधर तृणमूल कॉन्ग्रेस के विधायक सिद्दीकुल्ला चौधरी ने कहा, “उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने यहाँ आकर कहा था कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो वह राज्य में गोहत्या को समाप्त कर देगी।” उन्होंने आरोप लगाया, “पिछले 1000-1200 वर्षों से बंगाल में गोहत्या हो रही है। हर कोई गोमांस खाता है, जिसमें मुसलमान और अन्य शामिल हैं। गोमांस को वोट से क्या मिला? यह कोशिश हिंदू मानसिकता को आगे बढ़ाने की है।”