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BJP पैसे दे तो ले लो… वोट TMC के लिए करो: ‘अकेली महिला ममता बहन’ को मिला शरद पवार का साथ

पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी चरम पर पहुँच चुकी है। अब चुनावी रैलियों के जरिए एक-दूसरे को धराशायी करने के लिए पूरी ताकत झोंकी जा रही है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपनी पहली चुनावी रैली कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में की। वहीं दूसरी तरफ सिलिगुड़ी में टीएमस प्रमुख और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक जनसभा को संबोधित किया।

इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए जहाँ एक ओर पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कॉन्ग्रेस पर जमकर हमला बोला। वहीं ममता बनर्जी ने पीएम मोदी के सभी आरोपों का जवाब दिया। पीएम मोदी ने कोलकाता में ममता के अलावा कॉन्ग्रेस और लेफ्ट गठबंधन पर भी जम कर निशाना साधा।

पीएम मोदी के आरोपों का जवाब देते हुए सिलिगुड़ी से ममता बनर्जी ने कहा, “खेला होबे! हम खेलने के लिए तैयार हैं। मैं आमना-सामना करने के लिए तैयार हूँ। अगर वे (भाजपा) वोट खरीदना चाहते हैं तो पैसे ले लो और वोट टीएमसी के लिए करो।”

उन्होंने इससे आगे पीएम मोदी को जवाब देते हुए कहा, “पोरिबर्तन (परिवर्तन) होगा, लेकिन बंगाल में नहीं, बल्कि दिल्ली में होगा। वे (पीएम मोदी) कहते हैं कि बंगाल में महिलाएँ सुरक्षित नहीं हैं, लेकिन पहले भाजपा शासित बिहार, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों का हाल देखें।”

पीएम मोदी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि बंगाल में महिलाएँ सुरक्षित नहीं हैं, हर दिन यहाँ पर महिलाओं पर अत्याचार की घटनाएँ घट रही हैं। इसके अलावा भाजपा ने बंगाल में ‘असल परिवर्तन’ का नारा दिया है।

ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर सब कुछ बेचने का आरोप लगाते हुए कहा, “दिल्ली को बेच दिया, डिफेंस, एयर इंडिया, BSNL जैसे तमाम संस्थानों को बेच दिया, कल ताजमहल भी बेच देंगे। कहते थे सोनार बंगला बनाएँगे। पटेल जी के नाम वाले स्टेडियम का नाम बदल कर अपने नाम पर कर दिया। जब कोरोना काल था, तब मैं तो घूम रही थी, मोदी बताएँ वो कहाँ थे।”

TMC प्रमुख ने आगे कहा कि उज्ज्वला की रोशनी कहाँ गई? देश में सिर्फ एक सिंडिकेट है और वो है मोदी और अमित शाह। ये सिंडिकेट BJP की भी नहीं सुनता। उज्ज्वला को लेकर कैग की रिपोर्ट कहती है कि घपला हुआ। मोदी के लोगों ने पैसे खाए हैं। 

वहीं झारखंड के राँची स्थित हरमू मैदान में राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी की जनसभा को संबोधित करने पहुँचे शरद पवार ने तृणमूल कॉन्ग्रेस की प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पक्ष लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

शरद पवार ने कहा कि केंद्रीय जाँच एजेंसियों का इस्तेमाल ममता बनर्जी के खिलाफ किया जा रहा है। ऐसे में आम जनता को यह सुनिश्चित करना होगा कि भारतीय जनता पार्टी के हाथ में सत्ता नहीं आए और एक बार फिर बंगाल में ममता बनर्जी की सरकार बने। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार दस साल से सत्ता में रहने वाली अकेली महिला ममता बहन के खिलाफ पूरी ताकत लगा रही है।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में रैली को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी पर जमकर निशाना साधा। पीएम मोदी ने कहा कि बंगाल ने परिवर्तन के लिए ममता दीदी पर भरोसा किया था। लेकिन दीदी ने ये भरोसा तोड़ दिया। इन लोगों ने बंगाल का विश्वास तोड़ा। इन लोगों ने बंगाल को अपमानित किया।

PM ने आरोप लगाया कि बंगाल की बहन-बेटियों पर अत्याचार किया गया, लेकिन ये लोग बंगाल की उम्मीद कभी नहीं तोड़ पाए। उन्होंने कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में एक तरफ TMC है, लेफ्ट-कॉन्ग्रेस है, उनका बंगाल विरोधी रवैया है, और दूसरी तरफ खुद बंगाल की जनता कमर कसकर खड़ी हो गई है।

‘2 सीटों के चक्कर में हमारी 36 सीटें चली गईं’ – हार्दिक पटेल ने दिखाए बागी तेवर लेकिन कहा – ‘बना रहूँगा कॉन्ग्रेस में’

गुजरात कॉन्ग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने राज्य के स्थानीय निकाय चुनावों में पार्टी की करारी शिकस्त के बाद बागी तेवर दिखाते हुए रविवार (मार्च 7, 2021) को प्रदेश इकाई की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए और दावा किया कि इन चुनावों में उन्हें कोई काम नहीं दिया गया और एक भी सीट पर टिकट को लेकर उनकी राय नहीं ली गई।

उन्होंने कॉन्ग्रेस छोड़ने की अटकलों को भी खारिज करते हुए कहा कि वह कॉन्ग्रेस में बने रहेंगे और पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे निभाएँगे। पटेल ने गुजरात को लेकर पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की समझ को लेकर भी सवाल किया और कहा कि राज्य में उनकी पार्टी विपक्ष के तौर पर संघर्ष करने में विफल रही है तथा कॉन्ग्रेस को फिर से मजबूत बनाने के लिए आलाकमान को गुजरात को समझना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि विधायकों को संगठन के काम से अलग रखना होगा।

कभी पाटीदार आरक्षण आंदोलन का प्रमुख चेहरा रहे पटेल ने ये टिप्पणियाँ उस वक्त की हैं, जब कुछ दिनों पहले ही गुजरात में नगर निगम, नगरपालिका, जिला एवं तालुका पंचायत के चुनावों में कॉन्ग्रेस को भाजपा के मुकाबले करारी हार का सामना करना पड़ा। पार्टी सूरत नगर निगम में अपना खाता भी नहीं खोल सकी।

भाजपा ने नगरपालिका, जिला एवं तालुका पंचायतों की 8,470 सीटों में से 6,236 सीटें जीतकर कॉन्ग्रेस को काफी पीछे छोड़ दिया। कॉन्ग्रेस केवल 1,805 सीटें ही जीत पाई। पार्टी की हार के कारणों के बारे में पूछे जाने पर हार्दिक पटेल ने कहा:

‘‘हम लोग जनता का विश्वास हासिल करने में विफल रहे हैं। विपक्ष के तौर पर हमें जो संघर्ष करना चाहिए था, उसमें हम नाकाम रहे। जनता को लगता है कि विपक्ष में रहकर कॉन्ग्रेस को जो काम करना चाहिए था, वो उसने नहीं किया। इस कारण कई जगहों पर आम आदमी पार्टी को वोट मिल गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘सूरत में हमारे आंदोलन के साथियों ने सिर्फ दो टिकट माँगे थे। पार्टी ने वो भी नहीं दिया। इन दो सीटों के चक्कर में हमारी 36 सीटें चली गईं।’’

किसी नेता का नाम लिए बगैर पटेल ने दावा किया, ‘‘मैं सिर्फ कार्यकारी अध्यक्ष हूँ और टिकट बँटवारे में मेरी कोई भूमिका नहीं थी। मुझे बुलाया तक नहीं गया… मुझे यही बताया गया कि कार्यकारी अध्यक्ष की कोई भूमिका नहीं होती है। फिर भी मैंने अपने बल-बूते पर कई सभाएँ कीं। मुझे प्रदेश कॉन्ग्रेस कमिटी की तरफ से कोई कार्यक्रम और काम नहीं दिया गया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब आप लोगों के बीच नहीं जाएँगे, अपने घोषणापत्र की बातें नहीं पहुँचाएँगे तो कैसे होगा? अहमदाबाद जैसे शहर में हमारा कोई बड़ा बैनर नहीं लगा था। लोगों को लगता है कि चुनाव में कॉन्ग्रेस है ही नहीं। गुजरात में जनता भाजपा को पसंद नहीं करती, लेकिन हम लोग जनता को विश्वास नहीं दिला पा रहे हैं कि हम उनके साथ खड़े हैं।’’

पटेल के मुताबिक, ‘‘स्थानीय निकाय के चुनाव की तैयारियाँ तीन महीने से चल रही थी। तीन महीनों में मुझे एक बार भी नहीं कहा गया कि आपको यह काम करना है। पाँच हजार से अधिक सीटों पर टिकटों का बँटवारा हुआ, लेकिन एक सीट पर भी मुझसे नहीं पूछा गया कि क्या करना चाहिए, यहाँ तक कि पाटीदार बहुल क्षेत्रों में भी मेरी राय नहीं ली गई।’’

प्रदेश अध्यक्ष पद से अमित चावड़ा और नेता प्रतिपक्ष पद से परेश धनानी के इस्तीफे के बारे में पूछे जाने पर पटेल ने कहा, ‘‘अगर मैं भी अध्यक्ष होता तो जिम्मेदारी लेता। उन लोगों ने इस्तीफा दिया है, लेकिन जिम्मेदारी सबकी है। अब सबको मेहनत करनी पड़ेगी।’’

उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘‘संगठन को मजबूत बनाने के साथ ही विधायकों को संगठन से अलग रखना पड़ेगा। विधायक अपने-अपने क्षेत्र में काम करें। भाजपा में संगठन की ताकत देखिए। क्या भाजपा का कोई विधायक या सांसद अपने अध्यक्ष को टिकट को लेकर सलाह देता है?’’

यह पूछे जाने पर कि क्या कॉन्ग्रेस आलाकमान ने समय रहते जरूरी कदम नहीं उठाए, पटेल ने कहा, ‘‘उनको (आलाकमान) गुजरात को समझना पड़ेगा, गुजरात को महत्व देना पड़ेगा। हम 30 साल से प्रदेश की सत्ता में नहीं हैं। गुजरात को नहीं समझेंगे तो हमारे जैसे युवा कार्यकर्ता निराश हो जाएँगे। पार्टी दिन-ब-दिन गिरती जा रही है और कोई ध्यान नहीं दे रहा है।’’

पाकिस्तान में एक ही परिवार के 5 हिंदुओं की हत्या: चाकू और कुल्हाड़ी से रेता गया गला

पाकिस्तान में रहीम यार खान शहर से कुछ ही दूरी पर अबू धाबी कॉलनी में एक हिंदू परिवार के पाँच सदस्यों की उनके घर में हत्या कर दी गई। शुक्रवार को धारदार हथियार से गला रेत कर उनकी हत्या की गई थी। पुलिस को हत्या के स्थल से हथियार बरामद हुए हैं, जिसमें चाकू और कुल्हाड़ी शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि पीड़ितों में 36 वर्षीय राम चंद और एक हिंदू मेघवाल है। वो एक टेलरिंग की दुकान चलाते थे। एक पाक दैनिक के अनुसार, पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार उस्मान बुज़दार ने घटना का संज्ञान लिया है और अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।

इस घटना ने पाकिस्तान में हिंदू समुदाय को झकझोर कर रख दिया है। द न्यूज इंटरनेशनल के मुताबिक सामाजिक कार्यकर्ता बीरबल दास ने राम चंद को एक सुखी जीवन जीने वाले शांतिपूर्ण व्यक्ति बताया।

पाकिस्तान में हिंदू समुदाय पर अत्याचार की यह नई घटना नहीं है। पिछले दिनों पाकिस्तान के सिंध और पंजाब प्रांत में भी हिंदुओं को निशाना बनाया गया था। सिंध में उनके घरों को आग के हवाले कर दिया गया।

पाक स्थित पंजाब में महिलाओं का सरेआम यौन उत्पीड़न किया गया। सोशल मीडिया में शेयर किए गए वीडियो में घर से आग की लपटें निकलते हुए देखा गया। पीड़ित हिंदू परिवार की महिलाएँ और बच्चे ,चीखते-चिल्लाते दिखाई दे रहे थे। वहीं सैकड़ों की संख्या में मौजूद भीड़ में से कुछ लोग घटना का वीडियो बना रहे थे।

जानकारी के मुताबिक स्थानीय हिंदुओं का भील समुदाय इस इलाके में दशकों से रह रहा है, लेकिन यहाँ का बहुसंख्यक समुदाय (मुस्लिम) उनको अपना निशाना बनाते हुए आए दिन हमला करता रहता है। यहाँ रहने वाले लोग हिंदुओं को प्रताड़ित कर घर खाली करने के लिए मजबूर करते हैं।

गौरतलब है कि रविवार (सितंबर 20, 2020) को पाकिस्तान के सिंध प्रांत में 171 हिंदुओं को इस्लाम में धर्मांतरित करवाया गया। राहत ऑस्टिन ने सोमवार (सितंबर 21, 2020) को टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि हिंदू पुरुषों, महिलाओं और बच्चों का धर्म परिवर्तन पाकिस्तान के सिंध प्रांत में मदरसा अहसान-उल-तालीम (Ahsan-ul-Taleem), कराची के संगर में आयोजित एक सामूहिक धर्मान्तरण समारोह में किया गया था। उन्होंने दावा किया कि इस्लामिक आइडियोलॉजी काउंसिल के पूर्व सदस्य नूर अहमद तशर ने उन्हें इस्लाम कबूल करवाया।

केजरीवाल के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा – खत्म हो रहा कोरोना… जबकि दिल्ली में संक्रमण दर पिछले 2 महीने में सबसे अधिक

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कोरोना वायरस को लेकर दिया गया बयान चर्चा में है। जैन ने कहा कि महामारी का दौर अब खत्म होने की ओर है। इस पर इंडियन मेडिकल असोसिएशन के डॉक्टर ने आपत्ति जताई है।

इंडियन मेडिकल असोसिएशन की ओर से कहा गया कि महामारी पर राजनीति नहीं होनी चाहिए और लोगों को सावधानी बरतते रहना चाहिए। डॉक्टरों की तरफ से कहा गया कि कोरोना खत्म हो रहा है या नहीं, यह फैसला WHO या ICMR जैसे संगठन को करने देना चाहिए।

दिल्ली के हेल्थ मिनिस्टर सत्येंद्र जैन ने कहा था कि लगता है कि Pandemic (महामारी) खत्म हो रही है, अब हम लोग Endemic (खात्मे) वाले चरण में हैं। कोरोना की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए जैन ने कहा कि ऐसा लगता है कि कोरोना का पैंडेमिक फेज़ खत्म हो रहा है, एंडेमिक फेज में जा रहा है। 

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पैंडेमिक फेज का मतलब होता है बीमारी का बहुत तेजी से बढ़ना, जिसे महामारी कहते हैं। लेकिन, एंडेमिक फेज़ का मतलब है बीमारी का बने रहना। जैसे स्वाइन फ्लू आया था तो तेज़ी से आया था लेकिन उसके बाद हर साल कुछ केस आते हैं।

सत्येंद्र जैन के बयान पर सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि रविवार को ही केंद्र सरकार ने लिस्ट जारी की है। इसमें 8 प्रदेशों का जिक्र किया गया है, जहाँ कोरोना केस लोड बढ़ रहा है और इसमें दिल्ली भी शामिल है।

IMA की तरफ से उठा सवाल

एक निजी चैनल से बात करते हुए इंडियन मेडिकल असोसिएशन के अध्यक्ष डॉक्टर जेए जयलाल ने कहा, “मैं गुजारिश करता हूँ कि उनकी (जैन) तरह ना सोचें। यह पैनडेमिक (महामारी) का दौर है या नहीं, इसका फैसला वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन या फिर ICMR जैसे संस्थान को करने देना चाहिए। यह कोई राजनीतिक फैसला नहीं है। ऐसा करना विनाशकारी हो सकता है।”

डॉक्टर जयलाल ने आगे कहा कि पूरी दुनिया ने कोरोना की दूसरी लहर देखी है। शुक्र है कि भारत में ऐसी स्थिति नहीं आई है। लेकिन हमें सावधानियाँ बरतते रहना चाहिए। इस बहस में नहीं पड़ना चाहिए कि यह pandemic है या फिर endemic.

बता दें कि सत्येंद्र जैन ने कहा है कि नवंबर में संक्रमण दर 16 प्रतिशत थी, जबकि पिछले 2 महीने से संक्रमण दर 1 प्रतिशत से नीचे दर्ज हो रही है। आज 90 हजार से ज्यादा कोरोना टेस्ट दिल्ली में हुए हैं। संक्रमण दर 0.3 प्रतिशत दर्ज हुई है।

वहीं दिल्ली सरकार द्वारा जारी आँकड़ों के मुताबिक, 6 मार्च को दिल्ली में कोरोना संक्रमण दर 0.60 फीसदी दर्ज हुई है, जो करीब 2 महीने बाद सबसे अधिक है। 6 मार्च से पहले 9 जनवरी 2021 को दिल्ली में 0.65 फीसदी संक्रमण दर दर्ज हुई थी।

दिल्ली में एक्टिव कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 1779 हो गई है, जबकि होम आइसोलेशन में मरीजों का आँकड़ा बढ़कर 879 तक पहुँच गया है। यहाँ पर सत्येंद्र जैन और उनकी सरकार द्वारा जारी आँकड़ों के बीच स्पष्ट तौर पर विरोधाभास देखा जा सकता है।

‘सबसे बड़ा रक्षक’ नक्सल नेता का दोस्त गौरांग क्यों बना मिथुन? 1.2 करोड़ रुपए के लिए क्यों छोड़ा TMC का साथ?

फिल्म स्टार मिथुन चक्रवर्ती इन दिनों राजनीतिक वजहों से चर्चा में बने हुए हैं। पहले से ही लगातार सुर्खियाँ बटोर रहा पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव अब बॉलीवुड स्टार रहे अभिनेता से जाकर जुड़ गया है।

कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित पीएम मोदी की रैली से पहले फिल्म एक्टर मिथुन चक्रवर्ती ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है और वह पार्टी में शामिल हो गए हैं। उम्मीद की जा रही है मतदाताओं पर इसका सीधे तौर पर असर देखने को मिल सकता है।

यह पहला मौका नहीं है जब मिथुन दा ने किसी राजनीतिक पार्टी का दामन थामा है। 70 वर्षीय मिथुन चक्रवर्ती अपने छात्र जीवन में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट-लेनिस्ट) के सदस्य रहे थे। साल 2014 में वो वर्तमान में राज्य की सत्ता पर काबिज ममता बनर्जी की टीएमसी के भी सदस्य बने थे।

टीएमसी ने तब उन्हें राज्यसभा सदस्य के रूप में संसद में भेजा था। जहाँ वो अप्रैल 2014 से दिसंबर 2016 तक रहे। लेकिन इसके बाद उन्होंने पार्टी और राज्यसभा सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया था।

गौरांग बने मिथुन

मिथुन चक्रवर्ती का असली नाम गौरांग चक्रवर्ती है। फिल्मों की ओर रुख करने से पहले मिथुन चक्रवर्ती नक्सली थे। उनके एकलौते भाई की करंट लगने की वजह से मौत हो गई थी। इस दुखद घटना की वजह से उन्हें वो रास्ता छोड़ कर परिवार के पास वापस लौटना पड़ा।

नक्सलियों का साथ छोड़कर उन्होंने अपनी जान को भी जोखिम में डाला था। जब मिथुन दा नक्सलियों के साथ थे, तब वो उस दौर के लोकप्रिय नक्सल नेता रवि राजन के दोस्त बन गए थे, जिन्हें उनके दोस्त ‘भा’ कहकर पुकारते थे। ‘भा’ का मतलब होता है सबसे बड़ा रक्षक।

घर वापसी के बाद उन्होंने फिल्मों की ओर रुख किया। 1976 में उन्हें बॉलीवुड में डेब्यू का मौका जाने-माने बंगाली निर्देशक मृणाल सेन ने फिल्म ‘मृगया’ में दिया। इस फिल्म में मिथुन दा के काम की बहुत तारीफ हुई और उन्हें इसके लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से नवाजा गया। इसके बाद वो अमिताभ बच्चन और रेखा की साल 1976 में आई फिल्म दो अनजाने में स्पेशल अपियरेंस में नजर आए।

सारदा चिटफंड घोटाले में नाम 

ममता बनर्जी पहली बार पश्चिम बंगाल की कमान सँभाली थीं। उन्होंने मिथुन दा को राजनीति में आने का न्यौता दिया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। इसके बाद वो साल 2016 में राज्यसभा सांसद निर्वाचित हुए लेकिन उनका नाम जब सारादा घोटाले में आया तो राजनीतिक परिस्थितियाँ बदल गईं।

वो सारदा कंपनी के ब्रांड एंबेस्डर थे। ऐसे में पुलिस ने उनसे भी पूछताछ की। तब कंपनी से मिले एक करोड़ बीस लाख रुपए यह कह कर लौटा दिए कि वो किसी के साथ चीट नहीं करना चाहते। इसके बाद उनकी टीएमसी से दूरियाँ बढ़ गईं और उन्होंने राजनीति से ही संन्यास का ऐलान कर दिया और राज्यसभा से भी इस्तीफा दे दिया।

हाल ही में मिथुन दा ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत से मुलाकात की थी। इस बैठक के भी कई मायने निकाले गए और उनकी राजनीति में वापसी की भी बात कही गई लेकिन अब दूध का दूध और पानी का पानी हो गया है।

झारखंड की मुस्लिम लड़की साहिला बिहार के सोहन के लिए बनीं शालिनी: मंदिर में रचाई हिंदू रीति-रिवाज से शादी

बिहार के बेगूसराय में मजहब की दीवार को तोड़ते हुए एक मुस्लिम लड़की ने हिंदू लड़के से शादी की। वो भी पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ मंदिर में शादी रचाई गई। झारखंड के हजारीबाग जिले की रहने वाली हैं साहिला परवीण। अब ये शालिनी कुमारी बन गई हैं।

बेगूसराय के नौलखा मंदिर में पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ यह शादी हुई। निपानिया गाँव के रहने वाले सोहन कुमार दास ने अपनी प्रेमिका के साथ सात फेरे लिए। इस प्रेमी जोड़े की शादी की चर्चा अब हर तरफ हो रही है।

लड़के के परिवार वाले हुए शादी में शरीक

बेगूसराय के फुलवड़िया थाना क्षेत्र के निपानिया गाँव के रहने वाले लड़के के परिवार वालों ने शादी समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान जय मंगला वाहिनी सामाजिक संगठन के लोग भी मंदिर में शादी के दौरान मौजूद रहे।

दुर्गावाहिनी के सदस्य अवनीश कुमार ने बताया कि सोहन ने बताया था कि वह शादी करना चाहता है। जाँच-पड़ताल के बाद इन दोनों की शादी कराने में सहयोग दिया गया। जानकारी के मुताबिक सोहन हजारीबाग में काम करता था। इस दौरान ही उसकी मुलाकात साहिला से हुई थी।

हुई प्यार की जीत

साहिला और सोहन के बीच डेढ़ साल पहले दोस्ती हुई, जो बाद में प्यार में बदल गई। प्यार होने के बाद साहिला परवीण सोहन के साथ बेगूसराय पहुँची और मंदिर में शादी रचाई। शादी के बाद प्रेमी जोड़ा काफी खुश है।

झारखंड के हजारीबाग जिले की निवासी साहिला ने कहा कि प्यार में जाति-धर्म नहीं देखा जाता। उन्होंने सोहन से प्यार किया और अब शादी की है।

सोहन ने बताया कि काम के दौरान उनकी साहिला से दोस्ती हुई थी। दोस्‍ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। इसके बाद दोनों ने शादी करने का मन बनाया। मंदिर में विवाह करने लेने के बाद नवविवाहित प्रेमी जोड़े ने बताया कि वो जल्द ही कोर्ट मैरिज के लिए भी कागजी कार्रवाई करेंगे।

अनुराग-तापसी को ‘किसान आंदोलन’ की सजा: शिवसेना ने लिख कर किया दावा, बॉलीवुड और गंगाजल पर कसा तंज

टैक्स चोरी मामले में आयकर विभाग की कार्रवाई का सामना कर रहे निर्देशक अनुराग कश्यप और अभिनेत्री तापसी पन्नू के समर्थन में बल्लेबाजी करते हुए शिवसेना के मुखपत्र सामना ने एक संपादकीय प्रकाशित किया। इस संपादकीय में कहा गया कि उनके खिलाफ कार्रवाई इसलिए की जा रही है, क्योंकि उन लोगों ने ‘किसानों’ के विरोध प्रदर्शन का समर्थन किया है।

सामना के संपादकीय में लिखा गया, “तापसी पन्नू और अनुराग कश्यप खुल कर अपने विचार व्यक्त करते रहते हैं। सवाल इसलिए पैदा होता है कि हिंदी सिने जगत का व्यवहार और काम-धाम स्वच्छ और पारदर्शी है, अपवाद केवल तापसी और अनुराग कश्यप का है। सिने जगत की कई महान हस्तियों ने किसान आंदोलन के संदर्भ में विचित्र भूमिका अपनाई। उन्होंने किसानों को समर्थन तो नहीं दिया, उल्टे दुनिया भर से जो लोग किसानों को समर्थन दे रहे थे, उनके बारे में इन्होंने कहा कि ये हमारे देश में दखलंदाजी है। लेकिन तापसी और अनुराग कश्यप जैसे गिने-चुने लोग किसान आंदोलन के पक्ष में खड़े रहे। उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ रही है।”

सामना में आगे सवाल किया गया कि छापे मारने के लिए या कार्रवाई करने के लिए सिर्फ इन्हीं लोगों को क्यों चुना गया? ‘बॉलीवुड’ में रोज जो करोड़ों रुपए उड़ रहे हैं, वो क्या गंगाजल के प्रवाह से आ गए? संपादकीय में आगे कहा गया:

“बॉलीवुड’ में लॉकडाउन काल में कई मुश्किलें हैं। फिल्मांकन और नए निर्माण बंद हैं। थिएटर बंद हैं। एक बड़ा उद्योग-व्यवसाय जब आर्थिक संकट में पड़ा हो, ऐसे में राजनीतिक बदला लेने के लिए ऐसे हमले करना ठीक नहीं है। सिने जगत में मोदी सरकार की खुल कर चमचागीरी करने वाले कई लोग हैं। उनमें कई लोग तो मोदी सरकार के सीधे लाभार्थी हैं। वो सारे व्यवहार और लेन-देन धुले हुए चावल की तरह साफ हैं क्या?”

संपादकीय ने ‘एक्टिविस्ट’ दिशा रवि की गिरफ्तारी का हवाला देते हुए कहा कि उसकी गिरफ्तारी से दुनिया भर में मोदी सरकार की व्यापक निंदा हुई। आगे यह भी कहा गया कि 2020 में जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय परिसर में यात्रा के बाद अभिनेत्री दीपिका पादुकोण के खिलाफ एक अभियान शुरू किया गया था।

मुखपत्र में कहा गया, “दीपिका पादुकोण ने जेएनयू में जाकर वहाँ के विद्यार्थियों से मुलाकात की, तब उनके बारे में भी छुपे आंदोलन और बहिष्कार का हथियार चलाया गया। दीपिका की फिल्म को नियोजित तरीके से फ्लॉप करने का प्रयास हुआ ही। सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ गंदी मुहिम चलाई गई।”

गौरतलब है कि मुंबई में बॉलीवुड की कुछ बड़ी हस्तियों के घर बुधवार (मार्च 3, 2021) को इनकम टैक्स (IT) डिपार्टमेंट का छापा पड़ा। इनमें एक्ट्रेस तापसी पन्नू, निर्माता अनुराग कश्यप, विकास बहल और मधु मंटेना शामिल हैं। इन पर टैक्स चोरी का आरोप है। शहर में 22 जगह कार्रवाई की गई। 

जाँच में जुटे अधिकारियों को इन हस्तियों के ख़िलाफ़ कई सबूत हाथ लगे हैं। कुल मिला कर ₹650 करोड़ की टैक्स चोरी का मामला उजागर हुआ है। अकेले तापसी व उनकी कंपनी पर पूरे ₹25 करोड़ की कर चोरी का संदेह है। करीब 5 करोड़ रुपयों को लेकर तो वह अधिकारियों के सवालों के जवाब भी नहीं दे पाईं।

पहले यह आँकड़ा 300-350 करोड़ तक की टैक्स चोरी का था। क्योंकि तब तक मामला अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू तक सीमित था। लेकिन जाँच का दायरा जैसे ही फैंटम फिल्म्स और प्रोडक्शन कंपनियों के शेयर होल्डरों तक पहुँची, यह आँकड़ा लगभग ₹650 करोड़ की टैक्स गड़बड़ी तक पहुँच गया।

‘मासूमियत और गरिमा के साथ Kiss करो’: महेश भट्ट ने अपनी बेटी को साइड ले जाकर समझाया – ‘इसे वल्गर मत समझो’

महेश भट्ट की बड़ी बेटी पूजा भट्ट 90 के दशक में कई बार अपने पिता के निर्देशन में काम कर चुकी हैं। ये दोनों ही उस जमाने में खासे सक्रिय हुआ करते थे। उस दौरान महेश भट्ट और पूजा भट्ट का एक लिपलॉक किसिंग सीन भी वायरल हुआ था। हालाँकि, यहाँ बात संजय दत्त और पूजा भट्ट के बीच किसिंग सीन की हो रही है, जिसे करने में पूजा असहज थीं। तब निर्देशक महेश भट्ट ने उनकी सारी शंकाएँ दूर की।

तब आज की तरह हर फिल्म और सीरीज में किसिंग सीन आम बात नहीं थी। आज सेक्स सीन भी जबरन फिल्मों और सीरीज में घुसाए जाते हैं। कई ऐसे सेलेब्स हैं, जिन्होंने तब ऐसे दृश्य फिल्माने से साफ़ इनकार कर दिया था। पूजा भट्ट ने ‘सड़क (1991)’ में संजय दत्त के साथ किसिंग सीन दिया था। पूजा भट्ट ने अब उस सलाह की बात की है, जो उनके निर्देशक पिता ने इस दृश्य से पहले उन्हें दी थी।

पूजा भट्ट ने इस बारे में बात करते हुए बताया, “मुझे वो समय याद है, जब मेरे पापा मुझे साइड में लेकर गए और उस चीज के बारे में बताया, जो मेरे साथ पूरी जिंदगी रही और रहने वाली थी। उन्होंने कहा कि पूजा अगर तुम्हें यह करना वल्गर लग रहा हो तो यह वल्गर ही दिखेगा। आपको किसिंग सीन और लव-मेकिंग सीन को बहुत सहजता, मासूमियत और गरिमा के साथ अप्रोच करना होगा, क्योंकि इसमें आपका इरादा कम्यूनिकेट करना होगा।”

पूजा भट्ट ने कहा कि उन्होंने अपने पिता से यही सीखा है कि चीजों को मासूमियत के साथ पूरा करना चाहिए। दरअसल, उस वक़्त पूजा भट्ट अपने को-स्टार संजय दत्त को खासा पसंद करती थीं और उनके साथ किस करने वाले दृश्य करने को वो एक बड़ा फैसला करार देती हैं। उन्होंने कहा कि संजय दत्त उनके आइकॉन थे और अपने आइकॉन को मात्र 18 की उम्र में उन्होंने किस किया। पूजा भट्ट आज भी वो पोस्टर अपने कमरे में रखती हैं।

अभिनेता रणवीर शौरी ने ट्विटर पर खुलासा किया था कि उनके साथ महेश भट्ट की बेटी पूजा भट्ट ने गाली-गलौज की थी। ख़बरों में पूजा भट्ट के ‘लव लाइफ’ की चर्चा करते हुए लिखा गया था कि रणवीर शौरी के साथ उनका गली-गलौज वाला रिश्ता था और फिर जब दूसरे प्रेमी से शादी हुई तो 11 सालों बाद टूट गई। पूजा भट्ट ये दावा करती रही हैं कि रणवीर शौरी शराबी थे और हमेशा उनकी पिटाई किया करते थे। उन्होंने कहा था कि एक बार तो ‘गालीबाज’ अभिनेता ने कुछ ज्यादा ही शराब पी ली थी, जिसके बाद उनकी जम कर पिटाई की।

PM मोदी की रैली में जा रहे BJP कार्यर्ताओं पर हमला, पार्टी ने लगाया TMC पर आरोप

पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे मतदान नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजनीतिक हिंसा की घटनाएँ सामने आ रही हैं। ताजा मामला राज्य के सासन क्षेत्र का है, जहाँ भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा की एक और घटना सामने आई है।

दरअसल बारासात के सासन क्षेत्र में बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर टीएमसी के गुंडों ने कथित तौर पर रविवार (मार्च 7, 2021) सुबह हमला किया। सूत्रों के मुताबिक, यह घटना तब हुई, जब भाजपा नेता ब्रिगेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेगा रैली में शामिल होने जा रहे थे।

बीजेपी नेता अर्जुन सिंह ने रविवार को बीजेपी के कार्यकर्ताओं पर हुए हिंसक हमले पर प्रतिक्रिया देते हुए टीएमसी की निंदा की। अर्जुन सिंह ने ट्विटर पर कहा कि राज्य के लोग ईवीएम के जरिए जवाब देंगे। उन्होंने ये भी दोहराया कि अगर बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव में बीजेपी की सरकार बनती है तो ये राजनीतिक हिंसा की घटनाओं को बंद कर देंगे।

बता दें कि जैसे बंगाल में चुनावी दंगल के लिए सियासी लड़ाई तेज हो रही है, वैसे-वैसे हिंसा की घटनाओं में तेजी आ रही है। बीते दिनों दक्षिण 24 परगना जिले के रामपुर गाँव में एक देशी बम के चपेट में आने से 6 बीजेपी कार्यकर्ता घायल हो गए थे।

शुक्रवार रात (5 फरवरी 2021) दक्षिण 24 परगना जिले के रामपुर गाँव में एक कच्चे बम विस्फोट में 6 भाजपा कार्यकर्ता घायल हो गए। हमले में घायल हुए भाजपा कार्यकर्ताओं का अभी अस्पताल में इलाज चल रहा है। इन पीड़ितों का आरोप है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा उन पर तब बम फेंका गया, जब वे शादी से लौट रहे थे।

14 साल के किशोर से 23 साल की महिला ने किया रेप, अदालत से कहा- मैं उसके बच्ची की माँ बनने वाली हूँ

अमेरिका के अरकंसास राज्य से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। 14 साल के किशोर से रेप के आरोप में गिरफ्तार की गई महिला ने दावा किया है कि वह पीड़ित के बच्चे की माँ बनने वाली है। बताया जाता है कि पीड़ित किशोर के साथ आरोपित महिला ब्रिटनी ग्रे के करीब एक साल तक संबंध रहे थे।

रिपोर्टों के मुताबिक यौन शोषण का यह मामला तब सामने आया, जब एक शख्स ने राज्य के चाइल्ड एब्यूज हॉटलाइन पर फोन कर इसकी जानकारी दी। उसने 23 साल की ब्रिटनी को 14 साल के किशोर के साथ संबंध बनाते देखने का दावा किया। सितंबर 2020 में गवाह ने पुलिस को बताया कि उसने महिला को संबंध बनाते देखा है। गवाह ने ही पुलिस को यह भी बताया कि ब्रिटनी अब पीड़ित किशोर के बच्चे की माँ बनने वाली है। इस साल फरवरी में एक अन्य गवाह ने भी पुलिस को ग्रे द्वारा किशोर का यौन शोषण करने की जानकारी दी थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने भी इस बात की पुष्टि कर ली है कि आरोपित महिला गर्भवती है। महिला को इसी साल 1 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। बीते गुरुवार (4 मार्च 2021) को उसे 5 हजार डॉलर का बॉन्ड भरने के बाद जेल से रिहा किया गया था। अब 23 अप्रैल को कोर्ट में उसकी पेशी होगी।

KAIT ने अदालती कार्यवाही के दस्तावेजों को देखने का दावा करते हुए कहा है कि प्रेगेनेंसी के बाद आरोपित महिला अस्पताल भी गई थी। वीडियो फुटेज में पीड़ित और आरोपित को साथ-साथ हाल में अस्पताल के इमरजेंसी रूम में जाते देख गया। हालाँकि उसने किशोर का कितने समय तक शोषण किया इसके बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है। उस पर यौन शोषण के फर्स्ट डिग्री के आरोप लगाए गए हैं।