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17 फरवरी को राहुल गाँधी पहुँचे पुडुचेरी, 22 फरवरी को गिर गई कॉन्ग्रेस की सरकार: राजनिवास गए CM नारायणसामी

केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में वेलु नारायणसामी (V Narayanasamy) के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस की सरकार गिर गई है। प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव से मात्र 3 महीने पहले पार्टी को बड़ा झटका लगा है।

बहुमत साबित करने में विफल रहने साथ ही मुख्यमंत्री वी नारायणसामी उप-राज्यपाल तमिलसाई सुंदरराजन से मिलने के लिए राजनिवास के लिए निकल गए हैं। 33 सक्रिय सदस्यों वाली विधानसभा में कॉन्ग्रेस के मात्र 12 विधायक रह गए हैं।

इससे पहले दो अन्य विधायकों लक्ष्मीनारायण और वेंकटेशन ने अपना इस्तीफा अलग-अलग विधानसभा स्पीकर वीपी शिवकोलुंधु को सौंपा था। लक्ष्मीनारायण ने तो मीडिया से बात करते हुए यह भी कहा था कि ये नारायणसामी सरकार बहुमत खो चुकी है।

विधायक लक्ष्मीनारायण ने बताया था कि वह भी पार्टी सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। दिलचस्प बात ये है कि 17 फरवरी को कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी प्रदेश के दौरे पर पहुँचे थे।

बंगाल में अर्धसैनिक बल पहुँचे, TMC नेता ने धमकाया – ‘वो बूथ पर रहेंगे, मैदान में हमारे ही लोग रहेंगे’

पश्चिम बंगाल में निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए सशस्त्र बलों को तैनात करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और इस क्रम में रविवार (फरवरी 21, 2021) को राज्य के विभिन्न जिलों में अर्धसैनिक बलों के जवानों ने मार्च और गश्त कर के अपनी उपस्थिति का एहसास कराया। इस पैट्रोलिंग और मार्च का उद्देश्य था कि राज्य के मतदाताओं के बीच विश्वास पैदा किया जाए कि वो निडर रहें। लेकिन, इससे तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) घबरा गई है।

TMC ने कहा है कि भाजपा इस विधानसभा चुनाव को मतदान की प्रक्रिया नहीं, बल्कि युद्ध की तरह देख रही है। शनिवार को ही CRPF की 12 कंपनियाँ राज्य में पहुँच गईं। चुनाव प्रचार और रैलियों से लेकर मतदान और मतगणना तक, सारी चीजें निष्पक्ष माहौल में हों, इसीलिए फरवरी 25 तक राज्य में अर्धसैनिक बलों की 125 कंपनियाँ पहुँचने वाली हैं। इनमें से 60 कंपनियाँ अकेले CRPF की ही होंगी।

इसके अलावा सशस्त्र सीमा बल की 30 और BSF की 25 कंपनियाँ लगाई जाएँगी। साथ ही CISF और ITBP की पाँच-पाँच कंपनियाँ भी चुनाव के दौरान सुरक्षा का दायित्व संभालने के लिए राज्य में आएँगी। पश्चिम बंगाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी सशस्त्र बलों के साथ सहयोग करते हुए देखा जा रहा है। बीरभूम, बाँकुड़ा, बर्दवान, हावड़ा नॉर्थ/साउथ 24 परगना और पश्चिमी मिदनापुर में CRPF की कंपनियाँ पहुँचीं।

चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले अर्धसैनिक बलों की तैनाती पर TMC नेता ब्रात्य बासु ने कहा, “केंद्र सरकार इसे चुनाव नहीं, युद्ध की तरफ ट्रीट कर रही है। वो चाहे तो यहाँ टैंक भी भेज सकती है क्योंकि उन्हें यहाँ की जनता का समर्थन ही नहीं हासिल है।” लेकिन, पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी के एक नेता का बयान चौंकाने वाला है। ये बयान साउथ 24 परगना के भानगर स्थित भोगली-2 पंचायत में पार्टी के नेता मुदस्सर हुसैन ने दिया।

TMC के पंचायत अध्यक्ष मुदस्सर हुसैन ने कहा कि पोलिंग बूथ तक कोई और जा ही नहीं सकते, वहाँ सिर्फ तृणमूल के लोग ही जाएँगे। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को TMC को छोड़ कर किसी अन्य पार्टी को वोट देना है, उन्हें पोलिंग बूथ तक जाने की कोई ज़रूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “केंद्रीय अर्धसैनिक बल तो पोलिंग बूथ पर होंगे, लेकिन मैदान में तृणमूल के लोग होंगे।” बंगाल में आए दिन TMC कार्यकर्ताओं की गुंडई की खबरें आती रहती हैं।

उधर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी की साली मेनका गंभीर आज CBI के समक्ष पेश होंगी। अभिषेक की पत्नी रुजीरा बनर्जी से भी पूछताछ होनी है। अभिषेक ने कहा है कि उनके परिवार को धमका कर दबाया जा रहा है, लेकिन वो नहीं झुकेंगे। सीएम ममता ने भी कहा कि CBI केंद्र के इशारों पर काम कर रही है। ये मामला ईस्टर्न कोल माइंस लिमिटेड के कोयला खदानों से हुई चोरी से जुड़ा हुआ है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रतिनिधिमंडल ने राज्यसभा सांसद स्वप्नदास गुप्ता के नेतृत्व में चुनाव आयोग को पत्र लिख कर सेंट्रल फोर्स को राज्य में तैनात करने की माँग की थी। चुनावों के मद्देनजर पार्टी ने यह माँग इसलिए उठाई थी ताकि इलेक्शन निष्पक्षता के साथ संपन्न हों। पार्टी ने कहा था कि ऐसे पुलिस कर्मी भी पूरी प्रक्रिया से दूर रहने चाहिए जिन पर बीते समय में किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़े होने का आरोप हो।

‘रिंकू शर्मा की हत्या के बाद पुलिस थाने में सब के सामने लगाए थे अल्लाह हू अकबर के नारे’: पड़ोसी ने किया खुलासा

दिल्ली के मंगोलपुरी में रिंकू शर्मा की परिवार के सामने लाठी-डंडों और चाकू से मार-मार कर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस अब तक 9 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस हत्याकांड का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें उनकी माँ और भाइयों के सामने आरोपितों को उन्हें घर में घुस कर मारते हुए देखा जा सकता है। अब एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया है कि आरोपित बाद में ‘अल्लाहु अकबर’ चिल्ला रहे थे।

रिंकू शर्मा की माँ ने तभी बताया था कि जन्मदिन की पार्टी में झगड़ा होने जैसी कोई बात नहीं है क्योंकि उनके बच्चों के पास इन सबके लिए कोई समय ही नहीं है। ABP न्यूज़ के अनुसार, मोहल्ले के लोगों ने बताया कि झगड़ा धर्म को लेकर ही शुरू हुआ था और राम मंदिर चंदा अभियान के कारण ही हत्या हुई। दोनों परिवार काफी पहले से मोहल्ले में रह रहे थे। इस दौरान राजपाल नाम के पड़ोसी ने दिल्ली पुलिस के वर्जन को असत्य बताया।

उन्होंने कहा कि ये झगड़ा अगस्त 5, 2020 से शुरू हुआ था, जब अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में भूमिपूजन हुआ। उन्होंने कहा कि इसके बाद स्थानीय हिन्दुओं ने जुलूस निकाला था और 26 जनवरी को भी रैली हुई थी। उन्होंने बताया कि रिंकू शर्मा ने आरोपितों के परिवार की मदद की थी। उन्होंने कहा कि ये मामला शत-प्रतिशत धर्म के आधार पर है।

पड़ोसी राजपाल का बयान 5:30 के बाद (वीडियो साभार: ABP News)

पड़ोसी राजपाल ने कहा था, “दिल्ली पुलिस ये क्यों नहीं बता रही है कि जिन आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था, उन्होंने पुलिस थाने के अंदर बैठ कर अल्लाह हू अकबर के नारे लगाए हैं। उन्होंने पुलिसकर्मियों के सामने ही ऐसा किया है। ये कितना चिंताजनक विषय है।” मोहल्ले के अन्य लोगों का भी यही कहना था कि राम मंदिर के लिए जुलूस निकालने के कारण ही आरोपित रिंकू से खार खाए हुए थे।

दिल्ली पुलिस का क्राइम ब्रांच गवाहों और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान कर के उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहा है। मंगोलपुरी निवासी 40 साल के दीन मोहम्मद उर्फ सकरुद्दीन पुत्र सलाउद्दीन, 22 साल के दिलशान उर्फ आफताब पुत्र दीन मोहम्मद, 21 साल के फैयाज उर्फ सदरी पुत्र मोहम्मद कमरे आलम और 21 साल के ही फैजान उर्फ निराले पुत्र कमरे आलम – ये ताज़ा गिरफ्तार किए गए आरोपित हैं।

रोहिल खान ने घर में घुस युवती पर किया Acid अटैक, गिरफ्तारी के बाद रोते हुए चढ़ा UP पुलिस की गाड़ी में

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिलांतर्गत सिंभावली थाना क्षेत्र के एक गाँव की युवती पर दूसरे समुदाय के युवक द्वारा तेजाब फेंकने की वारदात सामने आई है। घटना में लड़की बुरी तरह घायल हो गई, जिसे देखते हुए उसके परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया और वहाँ से वह मेरठ अस्पताल के लिए रेफर कर दी गई। वहीं आरोपित पुलिस की पकड़ में आ चुका है। उसकी पहचान रोहिल खान के रूप में हुई है।

हापुड़ पुलिस ने अपने ट्विटर हैंडल से जानकारी देते हुए बताया कि सिंभावली थाना क्षेत्र में लड़की के ऊपर एसिड अटैक कर घायल करने की घटना में अभियोग पंजीकृत कर पुलिस ने तत्काल तत्परता दिखाते हुए 6 घंटे के अंदर मुख्य अभियुक्त राहिल/रोहिल खान को आवश्यक बल प्रयोग कर हिरासत में लिया। बाद में उसे घायलावस्था में उपचार हेतु अस्पताल भिजवा दिया गया।

यूपी की हापुड़ पुलिस के ट्विटर से रोहिल की एक वीडियो भी जारी की गई है। इसमें रोहिल दर्द से कहारता और रोता दिखाई पड़ रहा है। इसके अलावा कुछ तस्वीरें हैं, जिनमें यूपी पुलिस की गिरफ्त में उसका उपचार अस्पताल में करवाया जा रहा है, जहाँ पुलिस के सामने उसका चेहरा नीचे ही है।

दैनिक जागरण की खबर के अनुसार, पूरी घटना रविवार (फरवरी 21, 2021) की है। पीड़िता अपने घर में थी। इसी दौरान रोहिल बाइक पर आया। फिर दीवार फांद कर घर में घुसा और तेजाब से हमला कर मौके से फरार हो गया। घटना में युवती का शरीर बुरी तरह जल गया।

थोड़ी देर में आवाजें सुन कर आस-पास के लोग इकट्ठा हुए और आरोपित की तलाश की। पुलिस भी मौके पर पहुँची। फौरन युवती को पास के अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से उसे मेरठ भेज दिया गया। मामला दो समुदायों से जुड़ा होने के कारण इलाके में पीएसी तैनात कर दी गई है। आगे की आवश्यक कार्रवाई भी की जा रही है।

गौरतलब है कि इससे पहले कानपुर देहात के बिरहाना सिकंदरा से एक तेजाब फेंकने की घटना सामने आई थी। तब, एक युवक ने अपनी भाभी पर बस में घुस कर तेजाब से हमला किया था। जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गई थी। वहीं मौके पर मौजूद अन्य लोगों ने उन्हें पकड़ कर पुलिस को सौंप दिया था। बाद में आरोपित के अदालत से फरार होने की खबर भी मीडिया में आई थी।

एक और राज्य से कॉन्ग्रेस साफ! पुडुचेरी में विधायकों के इस्तीफे देने का सिलसिला जारी: संख्या पहुँची 11, विपक्ष के पास 14

पुडुचेरी में चल रहे सियासी घमासान के बीच आज (फरवरी 22, 2021) शाम को शक्ति परीक्षण होना है। इस बीच कॉन्ग्रेस से इस्तीफा देने वाले विधायक लक्ष्मीनारायण और डीएमके विधायक वेंकटेशन ने सत्ताधारी पार्टी की चिंता बढ़ा दी है। दोनों विधायकों के इस्तीफे के बाद सदन में सत्ताधारी पार्टी की संख्या फिलहाल 11 है जबकि विपक्ष के पास 14 विधायक हो गए हैं। 

रिपोर्ट्स के अनुसार, लक्ष्मीनारायण और वेंकटेशन ने अपना इस्तीफा अलग-अलग विधानसभा स्पीकर वीपी शिवकोलुंधु को सौंपा है। लक्ष्मीनारायण ने तो मीडिया से बात करते हुए यह भी कहा कि ये नारायणस्वामी सरकार बहुमत खो चुकी है। उन्होंने बताया कि वह भी पार्टी सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं। 

बाद में वेंकटेशन ने भी मीडिया से बात की। उन्होंने बताया कि वह सिर्फ़ विधायक पद को छोड़ रहे हैं डीएमके से उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया है। वह बताते हैं, “…मैं अपने विधानसभा क्षेत्र में लोगों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहा था क्योंकि एमएलए लोकल एरिया डेवलपमेंट फंड के तहत कोई फंड मुहैया नहीं कराया जा रहा था।”

गौरतलब है कि इससे पहले चार कॉन्ग्रेस नेता पार्टी का साथ छोड़ा था। इनमें से दो ने भाजपा भी ज्वाइन की थी। जिनके नाम ए नमस्सिवम (A Namassivayam) और ई थेप्पनथन (E Theeppainthan) हैं। सत्ताधारी पार्टी के बहुमत खोने के बाद  भाजपा के इंचार्ज निर्मल कुमार सुराणा ने कहा था कि अन्य दो कॉन्ग्रेस विधायक- मल्लदी कृष्ण राव और ए जॉन कुमार भी जे पी नड्डा के नेतृत्व वाली भाजपा में शामिल होंगे।

उन्होंने पीटीआई को बताया था, “वह दोनों (कॉन्ग्रेस से इस्तीफा देने वाले नेता) भाजपा से जुड़ने वाले हैं। वह हमारे शीर्ष नेतृत्व से बात कर रहे हैं।”

बीजेपी नेता का मानना है कि कॉन्ग्रेस सदन में शत प्रतिशत विश्वास मत खोने वाली है। इसके अतिरिक्त उन्होंने यह भी दावा किया कि तीन अन्य विधायक भी कॉन्ग्रेस से इस्तीफा देने वाले हैं। हालाँकि नाम पूछे जाने पर उन्होंने कुछ भी बताने से मना किया था और आश्वस्त करते हुए कहा था, “मैं अभी नहीं बता सकता। वह (तीनों विधायक) नारायणस्वामी सरकार से नाखुश हैं और इस्तीफा देना चाहते हैं। ये बात 100 प्रतिशत पक्की है कि वह इस्तीफा देंगे।”

‘Big Boss 14’ विजेता रुबीना दिलैक और अभिनव शुक्ला की प्रेम कहानी: शो में आने से पहले होना था तलाक, अब सरप्राइज

छोटे परदे पर पहले से ही नाम कमा चुकी रुबीना दिलैक ने ‘बिग बॉस 14’ की ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। उनके पति अभिनव शुक्ला ने भी अपनी विजेता पत्नी के स्वागत के लिए घर में पूरी तैयारियाँ कर ली हैं। वो उन्हें सरप्राइज देने वाले हैं। रुबीना अपने पति अभिनव शुक्ला के साथ बिग बॉस के घर में आई थीं। मिस शिमला रह चुकीं रुबीना दिलैक को ‘किन्नर बहू’ सीरियल से बड़ी पहचान मिली थी।

अभिनव शुक्ला जब बिग बॉस का हिस्सा थे जब दोनों को एक-दूसरे के साथ प्यार का इजहार करते हुए भी कई बार देखा गया था। क्या आपको पता है कि इन दोनों की प्रेम कहानी भी खासी दिलचस्प है? अभिनव शुक्ला अपने लुक्स की वजह से अक्सर सोशल मीडिया में चर्चा में रहते हैं। दोनों के बीच मनमुटाव होते हुए भी देखा गया था। लेकिन, एक ऐसा खुलासा है जिसने रुबीना की ज़िंदगी ही बदल दी थी।

एक टास्क के दौरान ‘बिग बॉस 14’ में रुबीना ने खुलासा किया था कि वो अभिनव शुक्ला के साथ तलाक लेने वाली थीं, लेकिन इस प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले उन्होंने अपना फैसला बदल दिया। दोनों की पहली मुलाकात एक कॉमन मित्र के घर पर हुई थी। खुद अभिनव की शब्दों में जानें तो रुबीना दिलैक ने उस दिन खूबसूरत साड़ी पहनी हुई थी। अभिनव ने बताया कि दोनों एक-दूसरे को डेढ़ साल से जानते थे।

साथ ही उन्होंने दोनों के साथ होने की वजह बताते हुए बताया था कि दोनों की सोच काफी मिलती है। दोनों को ही घूमना काफी पसंद है और दोनों ही ‘फिटनेस फ्रिक’ हैं। वहीं रुबीना ने बताया था कि दोनों की बातचीत उनकी एक तस्वीर को लेकर शुरू हुई थी। बकौल दिलैक, शुक्ला ने उनकी तस्वीर पर कमेंट करते हुए पूछा था कि क्या वो उन्हें अपने साथ फोटोशूट करने का मौका देंगी? रुबीना ने हाँ कर दिया और फोटोशूट हुई।

इसके बाद दोनों नजदीक आते गए और प्यार का ये रिश्ता शादी में बदल गया। हालाँकि, दिलैक ने ये भी खुलासा किया था कि हाल के दिनों में दोनों के बीच दूरियाँ बढ़ती ही जा रही थीं और बात तलाक तक पहुँच गई थी, लेकिन बिग बॉस के घर में साथ समय बिताने के बाद सब कुछ बदल गया। अभिनव पहले ही राउंड में बाहर हो गए थे। अभिनव ने भी कहा कि 140 दिनों तक घर शो में टिक कर इसे जीतना बड़ी बात है।

‘दिल्ली पुलिस आए तो पूरा गाँव जुट जाओ, उन्हें घेर लो’: किसान नेताओं की चुनौती – गिरफ्तार कर के दिखाओ

अब किसान नेताओं ने खुलेआम पुलिस के खिलाफ लोगों को भड़काना शुरू कर दिया है। ये सब तब हो रहा है, जब गणतंत्र दिवस के दिन किसानों की ‘ट्रैक्टर रैली’ के नाम पर हुई हिंसा में 500 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। अब जब दिल्ली की सीमाओं से किसान लौटने लगे हैं तो आंदोलनकारी नेता बौखला गए हैं। किसान नेता जोगिंदर सिंह उग्रहान ने लोगों को भड़काते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस का घेराव करें।

किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस किसानों को परेशान करने के लिए झूठे नोटिस भेज रही है। साथ ही सभी किसानों से अपील की गई कि वो दिल्ली पुलिस के साथ बिलकुल भी सहयोग न करें। उग्रहान ने कहा, “हमारे संगठन से किसी को भी गिरफ्तार करना बहुत मुश्किल है। अगर सरकार इस तरह कार्रवाई करती है तो ये ठीक नहीं होगा।” उन्होंने कहा कि पंजाब के लोगों को सब पहले से ही पता है और चुनौती दी कि दिल्ली पुलिस लोगों को गिरफ्तार कर के दिखाए।

साथ ही लोगों को भड़काते हुए कहा कि अगर पुलिसकर्मी उन्हें गिरफ्तार करने आते हैं तो उनका घेराव करें। उन्होंने कहा कि जितने भी नोटिस जारी किए गए हैं, वो सब गलत हैं। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने भी कहा कि दिल्ली के पुलिसकर्मी अगर गाँवों में आते हैं तो उन्हें घेर लीजिए। पंजाब के बरनाला में आयोजित किसान महारैली में किसानों को जम कर उकसाया गया।

राजेवाल ने कहा कि दिल्ली के पुलिसकर्मी अगर पंजाब के गाँवों में दिख जाएँ तो पूरे गाँव को इकट्ठा कर के उनका विरोध करना है। इस रैली के आयोजनकर्ताओं में ‘पंजाब खेत मजदूर संघ’ भी शामिल था। हरियाणा बीकेयू के प्रमुख गुरनाम सिंह चढूनी ने भी इसी तरह की अपील की है। राजेवाल ने पुलिस के समक्ष पेश न होने की भी अपील की। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार ‘किसान आंदोलन’ से डरी हुई है।

उधर राकेश टिकैत को महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में एक मेगा रैली करनी थी। हालाँकि, एक अज्ञात फर्जी कॉल की वजह से बक्कल उतारने की धमकी देने वाले किसान नेता को अपनी यात्रा को मजबूरन रद्द करना पड़ा। दरअसल, फर्जी कॉल करने वाले ने खुद को SP बताया और यहाँ आने पर उन्हें 14 दिनों के लिए क्वारंटाइन में रखने की चेतावनी दी थी। अब वो गुजरात और बंगाल जाने की बातें कर रहे हैं।

‘तथ्यहीन और अवैज्ञानिक है गौ विज्ञान, अंधविश्वास पर आधारित’: केरल में गाय संबंधी शिक्षा को बताया अकादमिक भगवाकरण

खुद को वैज्ञानिक संस्था बताने वाली ‘केरल शास्त्र साहित्य परिषद (KSSP)’ ने ‘यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC)’ की आलोचना की है। UGC को सिर्फ इसीलिए भला-बुरा कहा गया है, क्योंकि उसने देश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को ‘कामधेनु गौ विज्ञान प्रचार प्रसार परीक्षा’ में बैठने के लिए उत्साहित करने को कहा था। ये परीक्षा ‘राष्ट्रीय कामधेनु आयोग (RKA)’ द्वारा ली जा रही है, जिसमें गौ विज्ञान से सम्बंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।

केरल के उक्त परिषद ने आरोप लगाया है कि गौ विज्ञान में कुछ भी वैज्ञानिक नहीं है और ये अंधविश्वास पर आधारित है। KSSP ने इस परीक्षा के लिए जारी किए गए स्टडी मटेरियल को भी नकार दिया है। बता दें कि RKA मत्स्य, पशुपालन एवं डेयरी विभाग मंत्रालय के अंतर्गत आता है। 2019 में गठित की गई इस संस्था का उद्देश्य है गायों का संरक्षण, सुरक्षा और विकास करना। इसमें पूरा गोवंश आता है।

हालाँकि, कहीं भी ऐसा नहीं लिखा है कि ये परीक्षा अनिवार्य है। छात्रों के ऊपर है कि वो स्वेच्छा से फॉर्म भरें और इसमें बैठें। KSSP ने आरोप लगाया है कि ये केंद्र सरकार के ‘अकादमिक भगवाकरण’ का एक हिस्सा है। स्थानीय गोवंश और उसके फायदों के बारे में जानकारी देने के लिए इस परीक्षा के आयोजन की घोषणा जनवरी 5, 2021 को की गई थी। फरवरी 12 को UGC के सचिव रजनीश जैन ने सर्कुलर भेजा था।

KSSP ने कहा, “इस परीक्षा के लिए स्टडी मटेरियल को कई भारतीय भाषाओं में प्रकाशित किया गया है, जिसमें मलयालम भी शामिल है। इसमें कई बड़ी गलतियों की लंबी सूची है। अधिकतर तथ्यों का न तो कोई वैज्ञानिक आधार है, और न ही उनका कोई तुक है। वेबसाइट पर दावा किया गया है कि भारतीय गायों के दूध में हल्का पीलापन इसीलिए होता है, क्योंकि उसमें सोना का अंश होता है। साथ ही दावा किया गया है कि गोदुग्ध परमाणु रेडिएशन से रक्षा करता है।”

KSSP ने आगे आरोप लगाया, “ये भी लिखा है कि भोपाल गैस हादसे में कई लोग इसीलिए बच गए, क्योंकि उनके घर बनाने में गाय के गोबर का इस्तेमाल किया गया था। रेडिएशन से बचने के लिए भारत और रूस में न्यूक्लियर रिएक्टरों में इसे रिएक्शन प्रिवेंटर के रूप में प्रयोग में लाया जाता है।” परिषद का कहना है कि गोमूत्र से कुष्ठ रोग और छय रोग ठीक होने की बात बताई गई है, जो झूठ है।

परिषद ने केंद्र सरकार पर विज्ञान के नाम पर प्रोपेगंडा फैलाने का आरोप मढ़ा। बता दें कि ये परीक्षा गुरुवार (फरवरी 25, 2021) को ही होनी थी और इसके लिए रविवार को मॉक टेस्ट होना था, लेकिन फ़िलहाल इसे रद्द कर दिया गया है और जल्द ही नई तारीख़ जारी की जाएगी। इसके लिए 5 लाख उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया था। गाय को लेकर व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए ये परीक्षा ली जा रही है। बता दें कि कोरोना वायरस के खिलाड़ लड़ाई में भी गायों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रिसर्च हो रहे हैं।

महाराष्ट्र में लौटी कोरोना की दहशत: बांद्रा के कैफे पर FIR दर्ज, BMC ने ठोका ₹50,000 का जुर्माना

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने COVID -19 दिशानिर्देशों के तहत सामाजिक सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन करने पर बांद्रा में एक कैफे के खिलाफ शिकायत दर्ज की है। बीएमसी ने कोविड-19 मानदंडों के पालन ना करने पर कैफे पर 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया है।

शनिवार (फरवरी 20, 2021) को देर रात हुई छापेमारी के दौरान 200 लोगों के कैफे में पाए जाने के बाद बांद्रा वेस्ट में ‘कैफे 145’ के खिलाफ बीएमसी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। छापे के दौरान पाया गया कि लोग कैफे में बिना मास्क पहने हुए मौजूद थे और सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा था। 

महाराष्ट्र में एक बार फिर बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए BMC ने मुंबई के रेस्तराँ, कैफे और पब पर अपनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जो भी मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में बढ़ते कोरोना मामलों के मद्देनजर कोविड के मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्ती से एक्शन लिया जा रहा है।

शनिवार रात ही बांद्रा वेस्ट में कई रेस्तराँ, क्लब और कैफे पर छापा मारा गया और मानकों के उल्लंघन के लिए इन पर भारी जुर्माना लगाया गया। बीएमसी ने शनिवार रात ही बांद्रा वेस्ट में तीन अन्य होटलों और क्लबों में भी छापे मारे।

बीएमसी ने आयरिश हाउस पाली हिल पर 30,000 रुपए, खार में यू टर्न स्पोर्ट्स बार पर 20,000 रुपए और क्वार्टर पिलर बार एवं रेस्तराँ पर 30,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। इन सभी स्थानों पर, 100 से अधिक लोग एक स्थान पर एकत्रित हुए थे और बीएमसी के आदेशों के खिलाफ जाने वाले कोविद प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते पाए गए थे।

महाराष्ट्र में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि सार्वजनिक परिवहन, शैक्षणिक संस्थानों और धार्मिक स्थानों को खोलने के कुछ दिनों बाद फिर से लॉकडाउन लगाया जा सकता है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार (फरवरी 21, 2021) को राज्य की जनता को संबोधित किया। उन्होंने सोमवार से राज्य में भीड़-भाड़ वाले सारे राजनीतिक और धार्मिक कार्यक्रम पर पाबंदी लगाने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अगर यहीं स्थिति रही तो फिर से राज्य में लॉकडाउन लगाना पड़ सकता है।

उन्होंने लोगों को 8 दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि जो लोग लॉकडाउन नहीं चाहते, वे मास्क जरूर पहनें। जो लोग राज्य में लॉकडाउन चाहते हैं, वे बिना मास्क के घरों से बाहर निकलें। उन्होंने कहा कि राज्य में कोरोना के मामले फिर से बढ़ रहे हैं। अगले 8 से 15 दिनों में हमें पता चल जाएगा कि यह कोरोना की नई लहर है या नहीं? उन्होंने निजी फर्मों से वर्क फ्रॉम होम पॉलिसी अपनाने के लिए कहा है, ताकि भीड़-भाड़ से बचा सके।

TMC वालों के अलावा पोलिंग बूथ में किसी को नहीं घुसने दूँगा… बस हमारे नेता वोट डालेंगे: मुदस्सर हुसैन

पश्चिम बंगाल में चुनावों के नजदीक आते ही उसके तेवर अब पार्टी कार्यकर्ताओं के बयानों से नजर आने लगे हैं। राज्य में चुनावी हिंसा के आरोप झेल रही TMC के एक नेता ने एक कदम आगे बढ़ते हुए वोटरों के खुलेआम धमकी दी है कि वो पोलिंग बूथ में TMC के अलावा किसी और को नहीं घुसने देगा। TMC के इस कार्यकर्ता का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

आगामी विधानसभा चुनाव से पहले टीएमसी नेता मुदस्सर हुसैन ने वोटरों को धमकाते हुए कहा कि वो सिर्फ और सिर्फ उनके लोग को ही वोट डालने देंगे। वायरल वीडियो में हुसैन ने कहा, “अपने कार्यकर्ताओं के अलावा पोलिंग बूथ में किसी को भी घुसने नहीं दूँगा। सिर्फ हमारे लोग वोट डालेंगे। जो हमें वोट नहीं करेगा उसे बूथ पर आने की जरूरत नहीं है। वो घर पर आराम कर सकते हैं। जब केंद्रीय सुरक्षाबल बूथ पर होंगे तब  हमारे लोग सड़क पर तैनात होंगे।”

टीएमसी नेता मुदस्सर हुसैन ने यह भी कहा कि जब केंद्रीय बल मतदान केंद्रों की रखवाली करेंगे, तो टीएमसी के लोग मैदान में होंगे। टीएमसी नेता ने कहा, “अन्य सभी पार्टियाँ खेल खेलेंगी, लेकिन हम एक अलग खेल खेलेंगे।”

इस चौंकाने वाली टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए, पश्चिम बंगाल के भाजपा सांसद अर्जुन सिंह ने कहा, “इन दिनों पश्चिम बंगाल में कुछ भी हो सकता है। लोग अपने घरों में बंद हो रहे हैं। उन्हें धमकी दी जा रही है कि अगर वो घर से बाहर निकलेंगे तो मार दिया जाएगा। कई बार बच्चों का अपहरण कर लिया जाता है और उनके अभिभावक को धमकी दी जाती है कि अगर उन्होंने टीएमसी के लिए वोट नहीं किया तो उन्हें उनके बच्चे वापस नहीं मिलेंगे। हर वोटिंग बूथ में, आपको टीएमसी एजेंट मिलेंगे, जो खड़े होंगे और देखेंगे कि कौन किसके लिए वोट कर रहा है। ममता प्रशासन पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है।”

बंगाल भाजपा के उपाध्यक्ष जय प्रकाश मजूमदार ने भी इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा, “ममता और उनके भतीजे अभिषेक के नेतृत्व वाली टीएमसी इस चुनाव को हिंसक बनाने के लिए उतारू हैं। दूसरी तरफ, हम भाजपा, शांति में विश्वास करते हैं और बंगाल के लोगों के अधिकारों के लिए खड़े हैं। हम चाहते हैं कि हर कोई बिना किसी डर या परेशानी के अपना वोट डाले।”

गौरतलब है कि कोयला घोटाला मामले में केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) के अधिकारी TMC सांसद और मुख्यमंत्री ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी की पत्नी रुजिरा बनर्जी को तलब करने के लिए उनके घर पहुँची थी। सीबीआई की तीन सदस्यीय दल ने अभिषेक बनर्जी की पत्नी को जाँच में शामिल होने के लिए कहा है। 

रिपोर्ट के अनुसार, सीबीआई की टीम उन्हें कोयला तस्करी मामले में समन देने के लिए उनके घर गई थी। समन में लिखा था कि उन्हें 24 घंटे के अंदर सीबीआई दफ्तर उपस्थित होना होगा। सीबीआई की टीम दक्षिण 24 परगना के डायमंड हार्बर निर्वाचन क्षेत्र से टीएमसी सांसद अभिषेक से पूछताछ भी करेगी।