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‘शिवलिंग पर कंडोम’ से विवादों में आई सायानी घोष TMC कैंडिडेट, ममता बनर्जी ने आसनसोल से उतारा

पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में होने वाले चुनाव के लिए तृणमूल कॉन्ग्रेस ने उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस बार नंदीग्राम से चुनाव लड़ेंगी। उम्मीदवारों की सूची में बंगाली फिल्म एक्ट्रेस सायानी घोष (Sayoni Ghosh) का भी नाम है।

सायानी को टीएमसी ने पश्चिमी वर्धमान के आसनसोल (दक्षिणी) सीट से मैदान में उतारा है। सायानी इस साल की शुरुआत में अपनी एक हिंदूफोबिक ट्वीट को लेकर चर्चा में रही थीं।

दरअसल एक्ट्रेस ने 2015 में यह ट्वीट किया था जो कि 16 जनवरी 2021) को अचानक से वायरल हो गया था। जिसके बाद लोगों ने उन्हें ट्विटर पर निशाने पर लिया था। 18 फरवरी 2015 को, सायानी ने एक तस्वीर पोस्ट की थी। इसमें एक महिला पवित्र हिंदू प्रतीक शिवलिंग के ऊपर कंडोम डालते हुए दिख रही थी। उन्होंने इसे कैप्शन दिया ‘Gods cudnt have been more useful’ (भगवान अब और उपकारी नहीं हो सकते)। बता दें कि हिंदू संस्कृति को अपमानित करता उनका ये ट्वीट महाशिवरात्रि के अवसर पर किया गया था, जो कि उस साल 17 फरवरी को मनाया गया था।

2010 से फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाली अभिनेत्री ने इस हिंदूफोबिक ट्वीट को हैकर द्वारा किया गया ट्वीट बताया था। उन्होंने दावा किया था कि अपमानजनक पोस्ट हैकर की करतूत थी। उन्होंने खुद के ट्वीट को ‘अप्रिय’ करार देते हुए कहा, “डिअर ऑल, 2015 के एक पोस्ट मेरे ध्यान में लाया गया है जो अत्यंत अप्रिय है। आपकी सभी जानकारी के लिए बता दूँ कि मैंने 2010 में ही ट्विटर ज्वाइन कर लिया था लेकिन कुछ ही दिनों तक उपयोग करने के बाद मैंने उपयोग करना छोड़ दिया। हालाँकि अकाउंट बना रहा।”

उन्होंने दावा किया था कि उनके पीआर एजेंट भासका रॉय ने उन्हें सूचित किया कि उनका अकाउंट हैक कर लिया गया था। एक्ट्रेस ने जोर दिया, “मेरे पीआर भासका रॉय ने मुझे बताया कि मेरा अकाउंट हैक कर लिया गया है और हमें इसे तुरंत पुन: प्राप्त करने की आवश्यकता है। विभिन्न कारणों से, हम 2017 के बाद ही ऐसा कर पाए।”

इस ट्वीट को लेकर मेघालय के पूर्व राज्यपाल व भाजपा के वरिष्ठ नेता तथागत रॉय ने सायानी के खिलाफ कोलकाता के रबींद्र सारोबार पुलिस थाने में शिकायत भी दर्ज कराई थी। शिकायत में रॉय ने कहा था, “मैं भगवान शिव का भक्त हूँ और मैंने 1996 में तिब्बत में कैलाश-मानसरोवर की यात्रा की ताकि उनकी पूजा कर सकूँ। संलग्न की गई तस्वीर में गंभीर रूप से मेरी धार्मिक मान्यताओं का अपमान किया गया। यह आईपीसी की धारा 295A के तहत अपराध है। मैं अनुरोध करता हूँ कि इस अपराध पर ध्यान दिया जाए और सायानी घोष के ख़िलाफ़ उचित कार्रवाई करें।”

मुकेश अंबानी के घर ‘एंटीलिया’ के बाहर विस्फोटक से भरी कार के मालिक का मिला शव, आतंकी एंगल से जाँच में आया नया मोड़

दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर विस्फोटकों से भरी मिली कार के मालिक का शव मिलने की बात सामने आई है। मुकेश अंबानी के घर के बाहर जिस शख्स की कार में जिलेटिन की छड़ें बरामद हुई थी, अब दावा किया जा रहा है कि उसने कलवा ब्रिज से कूदकर सुसाइड कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कार मालिक की पहचान मनसुख हिरेन निवासी नौपाड़ा ठाणे के रूप में हुई है।

मामला यह है कि उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के बाहर से जिलेटिन और धमकी भरे खत वाली जो स्कार्पियो कार मिली थी उस कार के मालिक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। उनके आत्महत्या का दावा स्कॉर्पियो के मालिक मनसुख हिरेन का शव मुंब्रा रेती बंदर रोड के पास खाड़ी से मिलने के बाद किया जा रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, शव को सवेरे 10 बजकर 25 मिनट पर बाहर निकाला गया है। कहा जा रहा है कि परिवार ने शुक्रवार दोपहर ही लापता की शिकायत नौपाडा पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी। ऐसे में मामला संदिग्ध नजर आ रहा है।

दूसरी तरफ एंटीलिया के पास संदिग्ध कार से विस्फोटक और धमकी भरा ख़त मिलने के मामले में मुंबई पुलिस को रोज नए सबूत मिल रहे हैं। पुलिस ने अंबानी के घर एंटीलिया के आस-पास मौजूद सीसीटीवी फुटेज को भी खंगाला है जिसमें सामने आया है कि ये कार 24 फरवरी की रात करीब एक बजे वहाँ खड़ी की गई थी। कार इससे पहले रात 12:30 बजे हाजी अली जंक्शन पहुँची थी और वहाँ करीब 10 मिनट तक रुकी भी रही थी। मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि संदिग्ध एंटीलिया की बीते एक महीने से रेकी कर रहे थे।

‘जैश उल हिंद’ ने ली थी एंटीलिया के बाहर विस्फोटक रखने की जिम्मेदारी

गौरतलब है कि हाल ही में मुकेश अंबानी की बहुमंजिला इमारत एंटीलिया के बाहर जो एक संदिग्ध कार पार्क की हुई मिली थी, जिसमें 20 जिलेटिन की छड़ें रखी हुई थीं। उसमें आतंकी संगठन ‘जैश उल हिंद’ ने घटना की जिम्मेदारी लेते हुए धमकी भरा संदेश दिया था। संगठन ने टेलीग्राम एप के जरिए इस घटना की जिम्मेदारी ली थी। आतंकी संगठन के इस बयान के बाद मुंबई पुलिस के कान खड़े हो गए थे और तब से ही आतंकी एंगल से भी जाँच की जा रही है।

अपने धमकी भरे संदेश में आतंकी संगठन ने लिखा था, “रोक सकते हो तो रोक लो! तुम कुछ नहीं कर पाए थे जब हमने तुम्हारी नाक के नीचे दिल्ली में तुम्हें हिट किया था, तुमने मोसाद के साथ हाथ मिलाया लेकिन कुछ नहीं हुआ। तुम्हें (अंबानी के लिए) मालूम है तुम्हें क्या करना है। बस पैसे ट्रांसफर कर दो जो तुम्हें पहले कहा गया है।” इस संदेश में भारत-इजरायल संबंधों की बात करते हुए उसका विरोध किया जा रहा है।

जानकारी दे दें कि ये वही आतंकी संगठन है, जिसने दिल्ली में इजरायली दूतावास के बाहर धमाका किया था। ये संगठन रुपए और बिटकॉइन की माँग करता है। इस संदेश में उसने दिल्ली की उसी घटना का जिक्र करते हुए याद दिलाया है। मुकेश अंबानी के घर के बाहर बुधवार (फरवरी 24, 2021) रात 1 बजे संदिग्ध स्कॉर्पियो कार खड़ी मिली थी। CCTV फुटेज में 2 गाड़ियाँ दिखीं, जिनमें एक इनोवा कार भी थी।

‘हिंदू भगाओ, रोहिंग्या-बांग्लादेशी बसाओ पैटर्न का हिस्सा है मालवणी’: 5 साल पहले थे 108 हिंदू परिवार, आज बचे हैं 7

मुंबई का मालवणी (Malvani) हाल में सुर्खियों में रहा है। पिछले दिनों एक रिपोर्ट सामने आई थी, जिससे पता चला था कि मुस्लिम बहुल इस इलाके से कैसे हिंदुओं को पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है। इसी इलाके में भगवान राम के पोस्टर फाड़ने के आरोप पुलिस पर विहिप (VHP) के कार्यकर्ताओं ने लगाए थे। अब मुंबई बीजेपी (BJP) के अध्यक्ष मंगल प्रभात लोढ़ा ने मलाड-मालवणी में हिंदुओं पर अत्याचार को लेकर आवाज उठाई है।

लोढ़ा ने गुरुवार (मार्च 4, 2021) को महाराष्ट्र विधानसभा में यह मसला उठाया। उन्होंने बताया कि मुंबई के इस इलाके में हिंदुओं के साथ जो कुछ हो रहा है वह कश्मीर, कैराना या असम की घटनाओं से कम नहीं है। यहाँ भी अल्पसंख्यक हिंदुओं को डरा-धमका कर पलायन करने को मजबूर किया जा रहा है। 

लोढ़ा ने बताया कि मालवणी में हिंदू पलायन का एक पैटर्न है। जहाँ हिंदुओं को धमकाया जाता है। उन्हें उनके घरों को छोड़ने के लिए मजबूर किया जाता है। उन्होंने राज्य के गृह मंत्रालय पर सवाल खड़े करते हुए असम की याद दिलाई।

उन्होंने कहा कि एक समय असम में कुछ ऐसा ही हुआ था। धीरे-धीरे हिंदुओं को खदेड़ा गया कि और कई हिंदू बहुल क्षेत्र बांग्लादेश से आए मुस्लिम बहुल बन गए। यूपी के कैराना में भी यही हुआ और कश्मीरी पंडितों के साथ भी यही हुआ। अब मालवणी भी वहीं सब झेल रहा है।

मालवणी विधानसभा क्षेत्र में लोढ़ा ने हिंदुओं की घटती संख्या पर सबका ध्यान दिलवाया। कहा, “अगर आप मलाड-मालवणी क्षेत्र में विधानसभा मतदाता सूची देखें, तो हिंदू मतदाताओं की संख्या में लगभग 15,000 की कमी आई है, जबकि मुस्लिम मतदाता 12,000 से बढ़ गए हैं।”

लोढ़ा ने ये भी कहा कि मालवणी में हिंदुओं को साजिश के तहत निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें बेदखल करने की कोशिश होती है ताकि रोहिंग्या मुसलमानों व बांग्लादेशियों व अन्य लोगों को बसाया जा सके।

मालवणी के छेड़ा नगर का उदाहरण देते हुए भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि वहाँ 5 साल पहले 108 हिंदू परिवार रहते थे। अब घरों की संख्या वही है, बस फर्क ये पड़ा है कि वहाँ हिंदू के केवल 7 घर बचे हैं। बाकी 101 को वहाँ से जाना पड़ा क्योंकि समुदाय विशेष ने उनके ओपन स्पेस में मस्जिद बना ली थी, जहाँ दिन रात आवाज आती थी और जब कोई शिकायत करने को जाता तो शिकायत नहीं होती। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से इस मामले पर संज्ञान लेने की अपील की। साथ ही एक कमेटी बनाने को भी कहा जो हिंदुओं की पीड़ा सुन सके।

अपनी बात रखते हुए लोढ़ा ने बताया कि मुंबई का ये इलाका ऐसा है जहाँ स्वयं पुलिस अधिकारियों ने श्रीराम भगवान के पोस्टर फाड़े और जब आम जन इसकी शिकायत करने गया तो उनकी सुनवाई तक नहीं हुई। जनवरी 2021 में इस संबंध में कम से कम 3 वीएचपी सदस्य गिरफ्तार हुए थे।

दरअसल, उस समय उन कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर निधि संकलन अभियान के तहत राम मंदिर और श्रीराम के पोस्टर लगा दिए थे, लेकिन शाम को जब वह वहाँ लौटे तो उन्होंने कुछ पुलिस अधिकारियों को उसे फाड़ते देखा। पुलिस का ऐसा चेहरा देख वे घटना मोबाइल में रिकॉर्ड करने लगे। जैसे ही अधिकारियों को संदेह हुआ उन्होंने फौरन कार्यकर्ताओं को पीटना शुरू कर दिया।

लोढ़ा ने इसी स्थिति को सत्र के दौरान सबके सामने रखा। ये भी बताया कि कैसे हिंदुओं की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होती। उल्लेखनीय है कि भाजपा मुंबई अध्यक्ष के इस स्पीच से पूर्व जनवरी 2021 में मालवणी से खबर आई थी कि वहाँ मुस्लिम बहुल इलाके में हिंदुओं को लगातार डराया-धमकाया जा रहा है कि वो अपनी घर-जमीन छोड़कर वहाँ से पलायन कर जाएँ।

मंगल प्रभात लोढ़ा ने इस इलाके का दौरा भी किया था। उन्होंने क्षेत्र में पहुँच कर स्थानीय लोगों से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने मालवणी में हिंदुओं की स्थिति को कश्मीरी पंडितों से जोड़ा। साथ ही स्थानीय प्रशासन से अपील की कि वह बिन भेदभाव के दलितों के साथ हो रही नाइंसाफी के लिए आरोपितों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करें और पीड़ितों को सुरक्षा प्रदान करें।

उस समय स्थानीय लोगों ने बताया था कि हिंदू परिवारों पर दबाव बनाने वाले गुंडों को स्थानीय कॉन्ग्रेस नेता व महा विकास आघाड़ी सरकार में कैबिनेट मंत्री असलम शेख का संरक्षण प्राप्त है। एक पीड़ित का दावा था कि समुदाय विशेष के लोग हिंदुओं की जमीन पर कब्जा करते हैं और बाद में दरगाह व मदरसों का निर्माण कर देते हैं।

तापसी की चिंता में डूबे बॉयफ्रेंड भी आए IT जाँच के दायरे में, असली वजह फेर सकती है ‘गैंग’ के सपनों पर पानी

मैथियस बो (Mathias Boe), डेनमार्क के बैडमिंटन खिलाड़ी, जिन्हें भारतीय बैडमिंटन टीम का कोच नियुक्त किया गया है। तापसी पन्नू के बॉयफ्रेंड जो भारतीय बैडमिंटन युगल टीम के कोच ने अनुराग कश्यप और तापसी मामले में हस्तक्षेप करते हुए ट्विटर पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से अपनी प्रेमिका के खिलाफ चल रहे इनकम टैक्स छापों के बारे में ‘कुछ’ करने का आग्रह किया। जबकि अब यह सामने आ गया है कि बो के अनुराग कश्यप सहित कई बॉलीवुड हस्तियों के खिलाफ चल रही आयकर विभाग की कार्रवाई से बहुत गहरा संबंध है। एक और मामले से बो का जुड़ाव पता चला है जो उसके परेशानी का वास्तविक कारण जान पड़ता है।

फिलहाल बो ने किरेन रिजिजू को टैग करते हुए ट्वीट किया, “खुद को थोड़ी परेशानी में पा रहा हूँ। इस समय जब मैं कुछ बेहतरीन भारतीय एथलीटों को प्रशिक्षण दे रहा हूँ। उसी समय, IT विभाग तापसी के घरों में छापा मार कर, उसके परिवार, विशेष रूप से उसके माता-पिता पर अनावश्यक तनाव डाल रहा है। @KirenRijiju प्लीज कुछ करें।” जिसका किरेन रिजिजू ने कानून का पालन करने की सलाह देते हुए जवाब भी दिया।

भारत के राष्ट्रीय खिलाड़ियों के कोच होने के अलावा, मैथियस बो एक फ्रेंचाइज़ी बैडमिंटन टीम, पुणे 7 एसेस (Pune 7 Aces) के कोच भी हैं, जो प्रीमियर बैडमिंटन लीग में भाग लेता है। पुणे 7 एसेस का स्वामित्व उसकी प्रेमिका तापसी पन्नू और टैलेंट मैनेजमेंट कंपनी केआरआई एंटरटेनमेंट के पास है।

कश्यप की फैंटम फिल्म और अन्य पर छापे के बाद, केआरआई एंटरटेनमेंट के कार्यालयों पर भी कल छापा मारा गया था। कंपनी तापसी सहित कई बॉलीवुड अभिनेताओं-अभिनेत्रियों का प्रबंधन करती है। आई-टी विभाग के सूत्रों के अनुसार, कंपनी का फैंटम फिल्म्स के साथ संबंध है, और उनका वित्तीय लेनदेन संदेह के घेरे में है।

यही वह कारण है कि, मैथियस बो एक बैडमिंटन टीम के साथ जुड़ा हुआ है, जो तापसी और केआरआई एंटरटेनमेंट के स्वामित्व में है, दोनों की कर चोरी के मामले में आयकर विभाग द्वारा जाँच की जा रही है। इसका मतलब है, वह सिर्फ अपनी प्रेमिका के बारे में चिंतित नहीं था, बल्कि वह जिस फ्रेंचाइजी टीम के कोच थे, वह भी अब इस रेड से मुश्किल में पड़ सकती है।

कोच बनने से पहले, मैथियस बो पीबीएल में पुणे 7 एसेस के लिए खेल चुके हैं, और कप्तान (स्किपर) के रूप में भी टीम का नेतृत्व किया था।

सवाल यह भी उठाए जा रहे हैं कि यदि मैथियस भारतीय राष्ट्रीय टीम और पुणे 7 एसेस की टीम दोनों के लिए काम करते हैं तो कॉन्फ्लिक्ट ऑफ़ इंटरेस्ट का मामला भी उनके लिए मुसीबत बन सकती है। यहाँ यह उल्लेख करना जरुरी है कि राष्ट्रीय बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद पर भी इसी तरह के आरोप लगे थे, क्योंकि भारतीय टीम के मुख्य कोच के अलावा, वह अपनी अकादमी भी चलाते थे, और प्रीमियर बैडमिंटन लीग और राष्ट्रीय सिलेक्शन टीम के सदस्य के रूप में भी जुड़े हुए थे।

गौरतलब है कि इनकम टैक्स चोरी के आरोप में आयकर विभाग की ओर से अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू सहित कई सितारों के मुंबई और पुणे स्थित आवास व कार्यालय में चल रही छापेमारी अभी खत्म नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि ये छापेमारी 2-3 दिन और चलेगी। चार शहरों- मुंबई, पुणे, दिल्ली और हैदराबाद के 28 ठिकानों पर कार्रवाई हुई है। सीबीडीटी ने बताया है कि आयकर विभाग सर्च और सर्वे ऑपरेशंस अंजाम दे रहा है। इसकी शुरुआत मुंबई में 2 फिल्म निर्माण कंपनियों, एक अभिनेत्री और दो टैलेंट मैनेजमेंट कंपनियों से 3 मार्च को हुई थी।

सीबीडीटी का कहना है कि 5 करोड़ रुपए कैश पेमेंट लेने की रसीदें तापसी पन्नू के घर से बरामद हुई हैं। कथित तौर पर टैक्स बचाने के लिए यह पेमेंट कैश के तौर पर ली गई। यही नहीं फिल्म प्रोडक्शन हाउस फैंटम फिल्म्स ने बॉक्स ऑफिस पर जितने कलेक्शन की बात कही थी, उससे ज्यादा रकम की जानकारी मिली है।

कंपनी के अधिकारी 300 करोड़ रुपए का हिसाब नहीं दे पाए हैं। यह भी बताया है कि फैंटम फिल्म्स की हिस्सेदारी बेचने के लिए उसका अंडरवैल्यूएशन किया गया। फैंटम फिल्म्स को 2018 में डिजॉल्व कर दिया गया था। शेयरों की कीमत कम दिखाई और लेनदेन में गड़बड़ी की। विभाग के अनुसार कुल 350 करोड़ की टैक्स अनियमितता से यह मामला जुड़ा हुआ है। आगे जैसे-जैसे जाँच जारी है और भी कई चौकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।

पिंकी को अफसर अली ने घर बुलाया, परिजनों संग मिल गला दबाया, पेड़ से लटका दिया: गोपालगंज में प्यार के बदले मर्डर

बिहार के गोपालगंज जिले का सहदुल्लेपुर मठिया गाँव। 14 फरवरी 2021 को गाँव के बगीचे में पिंकी कुमारी नाम की युवती पेड़ से लटकी मिली। जो बैग लेकर पिंकी घर से निकली थी, वह तो पुलिस को मौके पर ही मिल गई, लेकिन उसका मोबाइल गायब था। पिंकी का मोबाइल बरामद करते हुए पुलिस ने खुलासा किया है कि उसकी हत्या की गई थी।

हत्या के आरोप में उसी अफसर अली को गिरफ्तार किया गया है, जिससे पिंकी प्यार करती थी। अफसर अली ने उसे अपने घर बुलाया और फिर परिजनों संग मिलकर गला दबा दिया। हत्या के बाद उन्हीं लोगों ने उसका शव पेड़ से लटका दिया था। पिंकी का मोबाइल भी अफसर अली के ही घर से बरामद किया गया है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए सदर थाने के एसएचओ प्रशांत कुमार ने बताया कि पिंकी का खोया हुआ फोन उन्हें कुछ दिन पहले उसके प्रेमी (अफसर अली) के घर से मिला, जो बिलकुल टूटी हालत में था।

इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी पिंकी की हत्या गला घोंट कर किए जाने की पुष्टि हुई है। एसएचओ ने बताया कि जाँच जारी है। मुख्य आरोपित अपना गुनाह कबूल चुका है। मामले में अब तक 4 गिरफ्तारी हुई है। एक की तलाश अब भी जारी है।

बता दें कि पिंकी के माता-पिता बरौली थाना क्षेत्र के बतरदेह गाँव में रहते हैं। लेकिन वह बचपन से ही सहदुल्लेपुर मठिया स्थित अपने मामा प्रमोद यादव के घर पर रही थी। 

13 फरवरी की शाम वह मामा से सामान खरीदने के लिए बाजार जाने की बात कहकर घर से निकली थी। जब देर शाम तक वह घर नहीं लौटी, तो परिवार के लोगों ने उसे ढूँढना शुरू किया। अगली सुबह वह पेड़ से लटकी मिली। मामले की सूचना पुलिस के पास पहुँचने पर अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे और जाँच शुरू की। 

टेक्निकल सेल की मदद से जब पड़ताल हुई तो पता चला पिंकी जिससे प्रेम करती थी उसका नाम अफसर अली है। उसने पिंकी को अपने घर बुलाया था।

25 फरवरी को दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर के अनुसार, पुलिस ने पूछताछ के बाद अफसर अली, उसके पिता नासिर आलम, माँ सोनिया खातून और वार्ड सदस्य नैमुल हक को गिरफ्तार किया। इन लोगों ने पूछताछ के दौरान बताया कि पिंकी को घर बुलाने के बाद उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद शव को गाँव के समीप बगीचे में ले जाकर एक पेड़ से लटका दिया था।

फोन कॉल, ISIS कनेक्शन और परफ्यूम की बोतल में थर्मामीटर का पारा: तिहाड़ में हिंदू आरोपितों को मारने की साजिश

जनवरी 2021 का पहला हफ्ता। तिहाड़ जेल से किए गए एक कॉल ने दिल्ली पुलिस के कान खड़का दिए। कॉल पर जो डिमांड की गई थी, वह जेल में बंद एक कैदी की ओर से अपने परिचित या परिजनों से किया जाने वाला सामान्य डिमांड नहीं था। जेल में बंद कैदी ने मर्करी (पारा) की डिमांड की थी।

टाइम्स आफ इंडिया ने तिहाड़ में हिंदू आरोपितों की हत्या से जुड़ी साजिश को लेकर एक रिपोर्ट प्रकाशित कर यह जानकारी दी है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस साजिश का पर्दाफाश करते हुए शाहिद और उसके साथी असलम को गिरफ्तार किया था। शाहिद के निशाने पर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगों में गिरफ्तार हुए दो हिंदू आरोपित थे। इनको मारने के लिए शाहिद ने असलम से मर्करी की डिमांड की थी।

शक गहराने पर पुलिस ने असलम पर नजर रखनी शुरू की। पाया कि वह काफी थर्मामीटर खरीद रहा है और उसे तोड़कर मर्करी परफ्यूम की छोटी बोतल में इकट्ठा कर रहा है। पुलिस ने उसके हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने बताया कि शाहिद दो लोगों की हत्या करना चाहता है। लेकिन, ये लोग कौन हैं यह उसे पता नहीं।

इसके बाद स्पेशल सेल ने शाहिद को रिमांड पर लिया। पूछताछ में पता चला कि उसके सम्पर्क में अजीमुशान और अब्दुस शमी नाम के दो ISIS ऑपरेटिव्स थे। उन्होंने ही उसे जेल में बंद उन दो लोगों को मारने का काम दिया था, जिन पर कथित तौर पर मस्जिद को नुकसान पहुँचाने व समुदाय विशेष के लोगों को मारने का आरोप था।

शाहिद ने बताया कि उसे जो बातें बताई गईं उनसे वह काफी प्रभावित हुआ। उसे इस्लामिक स्टेट की विचारधारा पसंद आई। वह फौरन काम करने को तैयार हो गया। उनकी योजना थी कि जब कैदी इकट्ठा होंगे तो उसको मर्करी दिया जाएगा। उसने बताया कि उन तीनों की मुलाकात जेल नंबर 3 में हुई थी। वहीं प्लान भी बना। पूछताछ में पुलिस को पता चला कि अजीमुशान का आईएस मॉड्यूल का एक साथी यूनानी डॉक्टर था, उसी ने बताया था कि मर्करी कितना खतरनाक होता है।

बता दें कि अभी इस केस में पुलिस ने आईएस के दोनों ऑपरेटिव्स को नहीं पकड़ा है। टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार, पुलिस ने बताया कि पड़ताल चल रही है। वह जाँच पूरी होने के बाद जानकारी साझा करेंगे।

आईएस ऑपरेटिव्स के बारे में पता चला है कि शमी उन 15 लोगों में से एक है जिसे आईएस केस की जाँच में दोषी पाया गया था। अजीमुशान भी एक आतंकी मामले में गिरफ्तार हुआ था। दोनों अमरोहा से हैं। 2013 और 2015 में आईएस आतंकियों ने  शमी और अजीमुशान को अपने साथ जोड़ा था। इन्हें हरकत-उल-हर्ब-ए-इस्लाम और जुनूद-उल-खिलाफा-फिल-हिंद का नाम दिया गया था।

उल्लेखनीय है कि तिहाड़ जेल में बंद शाहिद ने पर आरोप है कि साल 2015 में दिल्ली के ख्याला में महिला से बलात्कार किया था। उसके बाद महिला और उसके 2 बच्चों की हत्या कर दी थी। 

उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 23 से 25 फरवरी के दौरान हिंदू विरोधी दंगों में करीब 53 लोग मारे गए थे। 200 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे। मारे गए लोगों में 15 साल के लड़के से लेकर आईबी के कॉन्स्टेबल तक थे। कुछ ने अपनी आँखों के सामने जीवन भर की कमाई को स्वाहा होते देखा। दंगाइयों ने न हिंदुओं की संपत्ति को छोड़ा था न उनके धार्मिक स्थलों को।

दंगों की अब तक की जॉंच से यह बात सामने आई है कि सीएए विरोधी प्रदर्शनों की आड़ में हिंसा को अंजाम देने की पूरी प्लानिंग की गई थी। अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के दौरान दंगों को लेकर पहले से ही तैयारी की गई थी। ताहिर हुसैन, उमर खालिद, खालिद सैफी सहित 18 के खिलाफ दंगों के सिलसिले में पिछले दिनों ही दिल्ली की एक अदालत ने यूएपीए के तहत आरोपों का संज्ञान लिया था।

केरल गोल्ड तस्करी में CM विजयन और 3 कैबिनेट मंत्री डायरेक्ट शामिल: मुख्य आरोपित स्वप्ना सुरेश ने किया खुलासा

केरल के सोना और डॉलर तस्करी मामले में मुख्य आरोपित स्वप्ना सुरेश ने बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है। सुरेश ने डॉलर स्मगलिंग को लेकर कस्टम अधिकारियों को साफ बताया कि केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन खुद भी डॉलर की तस्करी के मामले में शामिल हैं।

सुरेश ने बताया है कि मुख्यमंत्री महावाणिज्य दूत (Consulate General) के सीधे संपर्क में थे। उनके अलावा उनकी सरकार के तीन और कैबिनेट मंत्री इस डॉलर की तस्करी के मामले में शामिल थे।

स्वप्ना सुरेश के इस चौंकाने वाले बयान के बाद केरल विधानसभा में विपक्षी नेता भी हमलावर हो गए हैं। रमेश चेन्निथला का कहना है कि कॉन्ग्रेस द्वारा सोने की तस्करी और डॉलर की तस्करी के मामले में लगाए गए सभी आरोप सही साबित हो रहे हैं।

बता दें कि केरल के इस स्मगलिंग केस में जब से स्वप्ना सुरेश का नाम उजागर हुआ था, तभी से मुख्यमंत्री पिनराई विजयन को लेकर सवाल उठ रहे थे। पिछले दिनों इस केस में प्रवर्तन निदेशालय ने PMLA के तहत आरोपित स्वप्ना सुरेश, सरीथ पीएस और संदीप नैयर के अकॉउंट से 1.85 करोड़ रुपए सीज किए थे।

उससे पूर्व ईडी द्वारा दायर चार्जशीट के विवरण में केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन का उल्लेख आया था। इसमें कहा गया था कि गोल्ड तस्करी की मुख्य आरोपित स्वप्ना सुरेश केरल के पूर्व प्रमुख सचिव एम शिवशंकर की उपस्थिति में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन से कई बार मिली थीं।

सीएम को इस बात की भी जानकारी थी कि स्वप्ना को राज्य की सरकारी एजेंसी स्पेस पार्क ने हायर किया है। उन्होंने स्वप्ना से ‘अनौपचारिक’ रूप से संपर्क बनाए रखने के लिए कहा था।

मामले में लगातार नाम उछलने के कारण पिनरई विजयन ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने राष्ट्रीय जाँच एजेंसियों के पड़ताल के तरीके पर सवाल उठाया था और उन पर बिना किसी उद्देश्य के जाँच का आरोप लगाया था।

उन्होंने लिखा था कि इससे ‘ईमानदार अधिकारी हतोत्साहित’ हो रहे हैं। उनके अनुसार मामले की पूछताछ को रस्‍सी फेंक कर मछली पकड़ने का अभियान नहीं बनना चाहिए, जिससे केंद्रीय जाँच एजेंसियों की विश्वसनीयता का भारी नुकसान होता है।

तापसी के बॉयफ्रेंड को PM मोदी के मंत्री ने समझाया देश का कानून, टैक्स मामले में ट्वीट कर बता रहा था परेशानी

इनकम टैक्स चोरी के आरोप में आयकर विभाग की ओर से अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू सहित कई सितारों के मुंबई और पुणे स्थित आवास व कार्यालय में चल रही छापेमारी अभी खत्म नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि ये छापेमारी 2-3 दिन और चलेगी। इस बीच जाँच में जुटे अधिकारियों को इन हस्तियों के ख़िलाफ़ कई सबूत हाथ लगे हैं। लेकिन इस बीच लिबरल गिरोह सहित पन्नू का कथित बॉयफ्रेंड बैडमिंटन कोच मैथियस बो भी उनके बचाव में कूद पड़ा है।

कुल मिला कर ₹650 करोड़ की टैक्स चोरी का मामला उजागर हुआ है। अकेले तापसी व उनकी कंपनी पर पूरे ₹25 करोड़ की कर चोरी का संदेह है। करीब 5 करोड़ रुपयों को लेकर तो वह अधिकारियों के सवालों के जवाब भी नहीं दे पाईं।

कल शाम तक यह आँकड़ा 300-350 करोड़ तक की टैक्स चोरी का था। क्योंकि तब तक मामला अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू तक सीमित था। लेकिन जाँच का दायरा जैसे ही फैंटम फिल्म्स और प्रोडक्शन कंपनियों के शेयर होल्डरों तक पहुँची, यह आँकड़ा लगभग ₹650 करोड़ की टैक्स गड़बड़ी तक पहुँच गया।

ऐसे में लिबरल्स सहित, तमाम तथाकथित शुभचिंतकों ने अनुराग कश्यप, तापसी पन्नू और इस रेड की गिरफ्त में आए अन्य लोगों को अपना समर्थन दिया है। इस संभावना को दरकिनार करते हुए कि वे कर चोरी के दोषी हो सकते हैं। इसी कड़ी में पन्नू का बॉयफ्रेंड मैथियस बो (Mathias Boe), जो भारतीय बैडमिंटन युगल टीम का कोच है, वह भी बचाव में लॉबिंग पर उतर आया है। बो, जो जाहिर तौर पर अभिनेत्री तापसी पन्नू के साथ रिश्ते में हैं, ने ट्विटर पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू से अपनी प्रेमिका के खिलाफ चल रहे आईटी छापों के बारे में ‘कुछ’ करने का आग्रह किया है।

बो ने किरेन रिजिजू को टैग करते हुए ट्वीट किया, “खुद को थोड़ी परेशानी में पा रहा हूँ। इस समय जब मैं कुछ बेहतरीन भारतीय एथलीटों को प्रशिक्षण दे रहा हूँ। उसी समय, IT विभाग तापसी के घरों में छापा मार कर, उसके परिवार, विशेष रूप से उसके माता-पिता पर अनावश्यक तनाव डाल रहा है। @KirenRijiju प्लीज कुछ करें।”

बो ने इस तथ्य को हाईलाइट करते हुए कि वह इस समय भारतीय एथलीटों को कोचिंग दे रहा है और वर्तमान रेड की घटनाओं से बेहद परेशान है। अब अगर तापसी के घर में छापेमारी जारी रहती है, तो वह पूरी लगन के साथ अपने पेशेवर कर्तव्य का निर्वहन नहीं कर पाएँगे।

ठीक है, ऐसी स्थिति में यह उम्मीद की जाती है कि कोई भी प्रतिबद्ध प्रेमी अपनी प्रेमिका की रक्षा के लिए आगे आएगा ही, जो विशेष रूप से यहाँ पर भी देखने को मिल रहा है। लेकिन समस्या यहाँ है कि बो अपने कोच के पेशे का इस्तेमाल भारतीय एथलीटों के कोच के रूप में करते हुए युवा मामलों और खेल मंत्री किरन रिजिजू से करते हुए यह दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है कि तापसी पन्नू के घर इनकम टैक्स विभाग को वो कार्रवाई करने से रोंके।

वास्तव में, बो के ट्वीट को ब्लैकमेलिंग भी माना जा सकता है, सीधे खेल मंत्री को टैग करके वह उनसे आईटी विभाग के कार्रवाई को प्रभावित करने के लिए कह रहे हैं। ताकि उनकी प्रेमिका के खिलाफ टैक्स चोरी के मामले में छापे को रोक दिया जाए और इसके लिए यह दावा कर रहे हैं कि वह भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों को कोचिंग देते समय बेहद परेशान हैं।

ऐसे में कल मंत्री किरेन रिजिजू का जवाब गौर करने लायक है। जिसमें उन्होंने बो को अपने कर्तव्यों की याद दिलाते हुए कानून के पालन में रूकावट न बनने की सलाह दे डाली। रिजिजू ने बो को जवाब देते हुए ट्वीट किया, “भूमि का कानून सर्वोच्च है और हमें उसका पालन करना चाहिए। यह विषय आपके और मेरे डोमेन से परे है। हमें भारतीय खेलों के सर्वोत्तम हित में अपने पेशेवर कर्तव्यों पर कायम रहना चाहिए।”

ऐसे में यह भी कहा जा रहा है कि युवा एथलीटों को सही कौशल प्रदान करने के लिए एक कोच से मानसिक रूप से मजबूत होने की उम्मीद की जाती है। मैथियस बो, जो अपनी कथित प्रेमिका के जीवन में होने वाली घटनाओं से इतना परेशान लग रहा है, वह भारतीय एथलीटों को कोच करने के लिए सर्वथा अयोग्य दिखाई दे रहा है। इसके बजाय, बो को खुद अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन को अलग रखने के लिए कोचिंग की आवश्यकता है।

भारत सरकार को उसे सलाह देना चाहिए कि वह चुपचाप अपना काम करे और प्रशासनिक मामलों में दखल देना बंद करे। यदि बो को अभी भी लगता है कि आईटी विभाग उसकी कथित प्रेमिका के घर पर छापा मार रहा है, जो बदले में उसकी पेशेवर प्रतिबद्धता को प्रभावित कर रहा है, तो भारत सरकार को उसे अपने कर्तव्य से मुक्त करने और बेहतर कोच के लिए स्काउट करने में कोई भी समय बर्बाद नहीं करना चाहिए जो मानसिक रूप से मजबूत हो और अपने निजी जीवन के उलटफेर से अप्रभावित भी।

गौरतलब है कि चार शहरों- मुंबई, पुणे, दिल्ली और हैदराबाद के 28 ठिकानों पर कार्रवाई हुई है। सीबीडीटी ने बताया है कि आयकर विभाग सर्च और सर्वे ऑपरेशंस अंजाम दे रहा है। इसकी शुरुआत मुंबई में 2 फिल्म निर्माण कंपनियों, एक अभिनेत्री और दो टैलेंट मैनेजमेंट कंपनियों से 3 मार्च को हुई थी।

सीबीडीटी का कहना है कि 5 करोड़ रुपए कैश पेमेंट लेने की रसीदें तापसी पन्नू के घर से बरामद हुई हैं। कथित तौर पर टैक्स बचाने के लिए यह पेमेंट कैश के तौर पर ली गई। यही नहीं फिल्म प्रोडक्शन हाउस फैंटम फिल्म्स ने बॉक्स ऑफिस पर जितने कलेक्शन की बात कही थी, उससे ज्यादा रकम की जानकारी मिली है।

कंपनी के अधिकारी 300 करोड़ रुपए का हिसाब नहीं दे पाए हैं। यह भी बताया है कि फैंटम फिल्म्स की हिस्सेदारी बेचने के लिए उसका अंडरवैल्यूएशन किया गया। फैंटम फिल्म्स को 2018 में डिजॉल्व कर दिया गया था। शेयरों की कीमत कम दिखाई और लेनदेन में गड़बड़ी की। विभाग के अनुसार कुल 350 करोड़ की टैक्स अनियमितता से यह मामला जुड़ा हुआ है। आगे जैसे-जैसे जाँच जारी है और भी कई चौकाने वाले खुलासे होने की उम्मीद है।

33 आरोपित-200 चश्मदीद, रिया चकवर्ती का भी नाम: सुशांत सिंह से जुड़े ड्रग्स मामले में चार्जशीट फाइल

अभिनेता सुशांत सिंह राजूपत की मौत से जुड़े ड्रग्स मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। विशेष एनडीपीएस (NDPS) कोर्ट में शुक्रवार को दाखिल की गई चार्जशीट में 33 लोग आरोपित बनाए गए हैं। इनमें सुशांत की गर्लफ्रेंड रही रिया चकवर्ती और उसके भाई शौविक का नाम भी शामिल है।

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार चार्जशीट में 200 चश्मदीदों के बयान का उल्लेख है। चार्जशीट 12000 से अधिक पन्नों का है। करीब 50 हजार पन्ने डिजिटल फॉर्मेट में भी कोर्ट के सामने पेश किए गए हैं।

एनसीबी ने पिछले साल अगस्त में सुशांत की मौत मामले में ड्रग्स कनेक्शन को लेकर दो मामले दर्ज किए थे। इसके बाद एजेंसी ने रिया, उसके भाई शौविक और अन्य को गिरफ्तार किया था। ये अभी जमानत पर बाहर हैं। एनसीबी ने सारा अली खान, श्रद्धा कपूर, रकुल प्रीत सिंह, दीपिका पादुकोण और उनकी मैनेजर रहीं करिश्मा प्रकाश जैसों से भी पूछताछ की थी।

सुशांत सिंह राजपूत 14 जून 2020 को ब्रांदा के अपने फ्लैट में फंदे से लटके मिले थे। सीबीआई इस मामले के जाँच कर रही है। मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के ऐंगल की जाँच के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) को बॉलीवुड सेलिब्रिटीज और ड्रग पैडलर्स के बीच कनेक्शन मिले थे। इसके बाद एनसीबी ने कार्रवाई करते हुए कई जगहों पर छापेमारी और गिरफ्तारियाँ की थी।

उस समय मीडिया रिपोर्टों से यह बात सामने आई थी कि रिया चक्रवर्ती के व्हाट्सऐप चैट ईडी ने सीबीआई और एनसीबी को सौंपे थे। कथित तौर पर रिया की चैट से पता चला था कि वह ड्रग्स का ‘इस्तेमाल और डीलिंग’ करती थीं।

पिछले साल दिसंबर में सीबीआई ने बताया था कि हर एंगल से जाँच की जा रही है और एजेंसी ने किसी भी पहलू को नकारा नहीं है। जाँच एजेंसी ने बताया था कि वह पूरे प्रोफेशनल तरीके से वैज्ञानिक तकनीकों का सहारा लेते हुए जाँच में आगे बढ़ रही है। राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी के पत्र के जवाब में सीबीआई ने यह बात कही थी

CBI ने कहा था कि इस मामले में जुलाई 25, 2020 को पटना के राजीव नगर थाने में सुशांत के पिता केके सिंह की शिकायत के बाद FIR दर्ज की गई थी। इसके बाद बिहार सरकार की सिफारिश के बाद इस मामले की सीबीआई जाँच के लिए एजेंसी को सौंपी गई। एजेंसी ने बताया था कि परिस्थितियों को बेहतर ढंग से समझने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने कई बार घटनास्थल का दौरा किया और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की देखरेख में घटनास्थल का निरीक्षण हुआ।

जाँच एजेंसी ने बताया था, “फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स ने कूपर हॉस्पिटल का भी दौरा किया और किया और जाना कि पोस्टमॉर्टम के लिए किन प्रक्रियाओं को अपनाया गया था। पीड़ित परिजनों और अन्य सूत्रों ने जो भी आपत्ति दर्ज कराई, उस पर जाँच की गई। सभी सम्बंधित गवाहों से पूछताछ हुई। सेल टॉवर लोकेशन और डिजिटल उपकरणों के डेटा की जाँच के लिए लेटेस्ट तकनीक का इस्तेमाल किया गया। जाँच टीम अलीगढ़, फरीदाबाद, हैदराबाद, मुंबई, मानेसर (गुरुग्राम) और पटना – हर सम्बंधित जगह गई।”

16 महीने तक मौलवी ‘रोशन’ ने चेलों के साथ किया गैंगरेप: बेटे की कुर्बानी और 3 करोड़ के सोने से महिला का टूटा भ्रम

राजस्थान के आऊवा में एक पाखंडी व टोटकेबाज मौलवी का कारनामा उजागर हुआ है। ‘रोशन’ बाबा नाम रख कर लोगों को अमीर बनाने का लालच देने वाले इस फर्जी उलेमा की असली पहचान साजिद सिद्दकी के तौर पर हुई है। पुलिस ने साजिद के अलावा इस मामले में एक कथित मौलवी वसील कादरी और साजिद के चेले आरिफ व राजू को भी पकड़ लिया है। 

साजिद पर आरोप है कि 16 माह तक इसने और इसके चेले ने एक महिला के साथ दुष्कर्म किया, उससे 45 लाख रुपए (कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 30 लाख रुपए) लूटे और उसके 10 साल के बेटे को मारने के लिए उसे खूब उकसाया। मौलवी ने पीड़िता से कहा कि अगर वो अपने बेटे की कुर्बानी देगी तो वह वापस आ जाएगा। साथ ही उसके घर से मिले पत्थर भी सोने में बदल जाएँगे, जिससे वो अमीर हो जाएगी।

पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत ने बताया कि पीड़िता गाँव में अपने दस साल के बेटे के साथ अकेली रहती है। उसका पति दक्षिण भारत में बिजनेस करता है। उसका पति कुछ दिन पहले ही वहाँ से लौटा है, जब पीड़िता ने अपने पति को खुद के साथ हुई ज्यादती और ठगी के बारे में बताया। 

इसके बाद उन्होंने पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता से लेते इसकी जाँच सोजत के पुलिस उपाधीक्षक डॉ हेमंत जाखड़ को सौंपी गई। पीड़िता ने उन्हें बताया कि साजिद और उसका चेला, दोनों उसके मकान में आकर जादू-टोने करते थे और फिर उसके जरिए उसका वशीकरण कर लेते थे। 

जब उसे कुछ होश नहीं होता तो वह उसे नग्न कर उसके साथ दुष्कर्म करते। जब होश में आने पर पीड़िता इसका विरोध करती तो उसे पिस्तौल दिखा कर जान से मारने की धमकियाँ देते। पीड़िता कहती है कि आरोपित ने अपने एक अन्य चेले को क्राइम इंस्पेक्टर बता रखा था। वह उसे गिरफ्तार करने की धमकी देकर डराता था।

कैसे साजिद ने महिला को ठगा?

मीडिया खबरों के अनुसार, साजिद ने महिला को जमीन में गड़े धन से अमीर बनाने के नाम पर ठगना शुरू किया था। महिला को बेवकूफ बनाने के लिए इस साजिद उर्फ रोशन बाबा ने अपने चेले की मदद से पहले पीड़िता के कमरे की खुदाई करवाई फिर पीड़िता से छिपाते हुए मिट्टी की बोरी में भर कर कुछ पत्थर रख दिए।

महिला को भ्रमित करने में आसानी हो, इसके लिए उन्होंने एक विशेष रसायन से पत्थर पर सोने जैसी पॉलिश करवा दी, ताकि जब भी वह बोरी खोले, उसे उस फर्जी बाबा की बात पर यकीन हो जाए कि पत्थर सोना बनते जा रहे हैं।

पीड़िता शुरुआत में तो भ्रमित होती रही, लेकिन बात जैसे ही उसके बेटे पर आई तो उसने साफ मना कर दिया। साजिद ने उसे ललचाया कि यदि वह ऐसा करेगी तो पत्थर को बेचने भर से उसे 3 करोड़ 20 लाख रुपया मिल सकेगा।

जब बहुत मनाने पर महिला नहीं मानी तो इस रोशन बाबा ने रात के समय पीड़िता को वीडियो कॉल करके अपना कमरा दिखाया और कहा, “मैं जन्नत में पहुँच गया हूँ और फिर लौट आता हूँ। तुम्हारा बेटा भी मर कर लौट आएगा।”

जानकारी के अनुसार, मौलवी जिस कमरे से महिला को वीडियो कॉल करता था, वह आऊवा गाँव में उसने अपने रिश्तेदार मौलवी वसील कादरी के मकान में बना रखा था। इसे उसने जन्नत महल का नाम दिया था। यहाँ ऐशो-आराम की तमाम चीजें थीं। रात के समय लाइट इफेक्ट भी था। वह वीडियो कॉल रात के समय ही करता था।

वह आऊवा आने से पहले सहरसा जिले के सलखुआं का रहने वाला था। साल 2010 से 2014 में सिरियारी के मस्जिद में मौलवी था, लेकिन इसकी हरकतें देख वहाँ के लोगों ने इसे भगा दिया। फिर वह वसील के पास आ गया था, तब से यहीं रह रहा था।