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60% मृत्यु दर वाला बर्ड फ्लू: चिकन-अंडा खा सकते हैं या नहीं? 8 तरीके अपना कर बचिए H5N1 वायरस से

देश की जनता एक महामारी का सामना कर ही रही है कि अब दूसरी बीमारी ने दस्तक दे दी है, ‘बर्ड फ्लू’। अब तक आई ख़बरों के मुताबिक़ देश के 7 राज्य इस बीमारी से प्रभावित हो चुके हैं, इसमें राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात, केरल और उत्तर प्रदेश शामिल हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक़ बर्ड फ्लू इन्फ्लुएंजा टाइप-ए H5N1 नाम के वायरस से फैलता है। यह पक्षियों से इंसानों या दूसरे जानवरों में भी फैल सकता है और सबसे ज़्यादा पॉल्ट्री फार्म में पाली जाने वाली मुर्गियों से फैलता है। 

इस बीमारी के वायरस से संक्रमित होने वालों का मृत्यु दर 60 फ़ीसदी है। यानी यह बीमारी कोरोना वायरस से भी ज़्यादा खतरनाक है। रिपोर्ट्स के मुताबिक़ ठण्ड के दौरान यह बीमारी अक्सर फैलती है। ऐसे में सवाल उठता है कि इससे बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं। 

एम्स नई दिल्ली के डीएम कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर संजय कुमार चुघ के मुताबिक़ इसका सबसे सटीक उपाय है कि पक्षियों के संपर्क आने से बचा जाए। पक्षियों की मौजूदगी वाली जगह पर नहीं जाएँ। अंडा या मुर्गा-मुर्गी खाने वाले इसकी खरीदारी करते हुए साफ़-सफाई का पूरा ध्यान रखें। इस दौरान लोगों को ग्लव्स ज़रूर पहनना चाहिए। खरीदारी के बाद हाथों को साबुन से धोया जाए और माँस को अच्छे से पका कर खाएँ। 

बचाव के अन्य तरीके 

H5N1 वायरस से बचने के लिए पक्षियों के सीधे संपर्क में नहीं आना चाहिए। स्थानीय पॉल्ट्री फ़ार्म में मौजूद पक्षियों के संक्रमित होने पर इसके फैलने की गुंजाइश काफी ज़्यादा बढ़ जाती है। 

चिकन शॉप या पॉल्ट्री फ़ार्म पर ऐसे मुर्गों का माँस खरीदने से बचना है, जो दिखने में बीमार या कमज़ोर नज़र आ रहे हों। वह पक्षी H5N1 वायरस से संक्रमित हो सकता है। आधा उबला हुआ या आधा तला हुआ (फ्राइड) चिकन या अंडे का सेवन करने से बचना चाहिए।

चिकन को कम से कम 70 से 100 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर पका कर खाना चाहिए। यह वायरस ज़्यादा तापमान के प्रति संवेदनशील है, अधिक तापमान में नष्ट हो जाता है। इसके अलावा माँस पकाने वाले बर्तन भी अलग ही रखे जाने चाहिए। 

कटिंग बोर्ड और बर्तनों को भी गर्म पानी से धोया जाना चाहिए। अंडा या चिकन छूने के बाद भी हाथों को गर्म पानी या साबुन से धोना चाहिए। सबसे अहम बात इसके लक्षण नज़र आने पर इंसान को तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।  

केंद्र या राज्य के स्वास्थ्य मंत्रालय या विश्व स्वास्थ्य संगठन ने बर्ड फ्लू के दौरान चिकन या अंडे के सेवन को लेकर कोई दिशा-निर्देश फिलहाल अभी तक नहीं जारी किए हैं। इस मामले में इकलौती महत्वपूर्ण बात यही है कि इनका सेवन सावधानीपूर्वक और साफ़-सफाई के साथ ही किया जाना चाहिए।

अगर आपके आस-पास कोई पॉल्ट्री फ़ार्म या बड़ी चिकन शॉप है, तब भी पूरी सावधानी बरती जानी चाहिए। बर्ड फ्लू के दौरान ऐसी जगहों की स्वच्छता का विशेष रूप से ध्यान दिया जाना चाहिए।

‘अँधेरे की वजह से रास्ता भटक गया हमारा जवान, छोड़ दे भारत’: LAC पार करने पर पकड़ा गया था चीनी सैनिक

चीन ने पूर्वी लद्दाख के चुशूल सेक्टर स्थित गुरुंग हिल के नज़दीक भारतीय सेना द्वारा पकड़े गए अपने सैनिक को तत्काल प्रभाव से रिहा करने की माँग की है। चीनी सेना द्वारा संचालित न्यूज़ पोर्टल द चाइना मिलिट्री ऑनलाइन (The China Military Online) ने अपनी ख़बर में बताया है कि भौगोलिक विसंगतियों और अँधेरे की वजह से उनका सैनिक रास्ता भटक गया था। 

द चाइना मिलिट्री ऑनलाइन में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक़, “अँधेरे और दुर्गम भौगोलिक स्थितियों की वजह से चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के फ्रंटियर डिफेंस फ़ोर्स का सैनिक भारत-चीन सीमा पर शुक्रवार की सुबह भटक गया था। इसके बाद फ्रंटियर डिफेंस फ़ोर्स ने इस बारे में भारतीय सेना को सूचित भी किया था, जिससे भारतीय सेना चीनी सैनिक को खोजने में मदद कर सकें।” 

रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने चीनी सैनिक के लापता होने के 2 घंटे बाद ही उसको कब्ज़े में लिए जाने की पुष्टि की थी। भारत ने यह भी स्पष्ट किया है कि चीन की तरफ से वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत होने के बाद ही सैनिक को रिहा किया जाएगा। वहीं चीन ने कहा है कि भारत को तत्काल प्रभाव से सैनिक को वापस भेज देना चाहिए जिससे सीमा पर शांतिपूर्ण और सामान्य हालात बने रहें।

दरअसल भारत और चीन के बीच जारी सैन्य तनाव के बीच शुक्रवार (जनवरी 08, 2021) को चीन का एक सैनिक भारतीय सीमा में घुस गया था। वो पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे वाले इलाके में घुसा जिसे भारतीय सैनिकों ने हिरासत में ले लिया था। बताया जा रहा है कि चीन का सैनिक एलएसी को लाँघकर भारतीय सीमा में पहुँच गया था, लेकिन वहाँ तैनात भारतीय सैन्य टुकड़ी ने उसे दबोच लिया। 

अपने आधिकारिक बयान में भारतीय सेना ने कहा था, “चीनी सैनिक एलएसी का उल्लंघन करते हुए भारत की सीमा में चला आया था जिसके बाद वहाँ पर गश्त लगा रहे भारतीय सेना के जवानों ने उसे गिरफ्त में ले लिया। चीनी सैनिक के साथ तय दिशा-निर्देशों के अनुसार बर्ताव किया जा रहा है। जिन हालातों में चीनी सैनिक ने सीमा पार की है उनकी जाँच की जा रही है।”    

भारतीय सेना की सूचना Pak को… गोधरा का अनस भेजता था पैसे, पूर्व सैनिक करता था जासूसी: एक्शन में यूपी ATS

उत्तर प्रदेश एटीएस ने शुक्रवार (जनवरी 08, 2021) को हापुड़ में छापा मारकर पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले भारतीय सेना के एक पूर्व सैनिक सौरभ शर्मा और उसके सहयोगी अनस गितौली को गुजरात के गोधरा से गिरफ्तार किया। इनके पास से एटीएस को टेरर फंडिंग का सबूत भी मिला है। 

अब यूपी एटीएस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी को किस तरह की सूचनाएँ भेजी गई हैं। सूचनाओं की संवेदनशीलता के बारे में जानने के लिए दोनों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जाँच भी कराई जा रही है। बता दें कि सौरभ से पूछताछ में पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के लिए जासूसी करने के बदले उसे रकम भेजने वाले गोधरा निवासी अनस गितौली की भूमिका सामने आई। 

जिसके बाद गुजरात एटीएस की मदद से अनस को गिरफ्तार कर लिया गया। अनस का बड़ा भाई इमरान गितौली भी आईएसआईएस के लिए काम करता था, वो भी फिलहाल जाँच एजेंसी (एनआईए) की गिरफ्त में है। 

एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार ने बताया कि सौरभ शर्मा के खिलाफ लखनऊ में केस दर्ज किया गया है। सौरभ 2013 में भारतीय सेना में भर्ती हुआ था। इसके बाद उसने मेडिकल कारणों से मई, 2020 में सेना छोड़ दिया था। इस दौरान उसके बैंक एकाउंट में विदेश से काफी रकम आई।

प्रशांत कुमार ने बताया कि अभी एटीएस की टीमें कई राज्यों में कार्रवाई कर रही हैं। हर संदिग्ध से पूछताछ के साथ ही हर जगह पर छापेमारी जारी रहेगी। सौरभ हापुड़ के बहादुर गढ़ थाना क्षेत्र के बिहुनी गाँव का रहने वाला है। उसने पैसों के लिए सेना से जुड़ी गोपनीय जानकारियाँ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई को भेजी थीं। लखनऊ के एटीएस थाने में सौरभ शर्मा और अनस गितौली के खिलाफ ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कर इनको गिरफ्तार किया गया है।

सौरभ ने एटीएस के सामने स्वीकार किया है कि वह पैसों के लालच में सेना की गोपनीय सूचनाएँ समय-समय पर व्हाट्सअप के माध्यम से पाकिस्तान की एक महिला खुफिया अधिकारी को भेजता था। सौरभ शर्मा की 2014 में फेसबुक के माध्यम से एक लड़की से दोस्ती हुई थी। लड़की से उसकी काफी दिनों तक बातचीत होती रही।

लड़की ने खुद को सेना की रिपोर्टिंग करने वाली पत्रकार बताया था। वह लड़की के झाँसे में आ गया और लड़की ने सौरभ से सेना की कई गोपनीय जानकारियाँ उससे माँगी और वो देता रहा। कुछ ही दिनों बाद सौरभ पाकिस्तान का जासूस बनकर काम करने लगा। इसके बदले में उसे पैसे भी मिलते रहे।

जो बायडेन को Google व माइक्रोसॉफ्ट से डोनेशन… लेकिन ट्रम्प को बैन: बड़ी कंपनियों की ‘पाक-साफ’ राजनीति

अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति जो बायडेन का शपथग्रहण समारोह बुधवार (जनवरी 20, 2021) को प्रस्तावित है। कई संगठन, प्राइवेट कंपनियाँ और लोग हैं, जिन्होंने 200 डॉलर (14,676 रुपए) से अधिक का डोनेशन इस समारोह के लिए दिया है। इस समारोह का आयोजन कर रही समिति ने इसकी सूची जारी की है। डोनेशन देने वाली कंपनियों में गूगल और माइक्रोसॉफ्ट भी शामिल है, जिन पर राजनीतिक पक्षपात के आरोप लगते रहे हैं।

हालाँकि, समिति ने अतिरिक्त डिटेल्स जारी नहीं किए हैं और ये नहीं बताया कि किसने कितनी रकम डोनेशन के रूप में दी। क्वालकॉम, केबल प्रोवाइडर कॉम्कास्ट, चार्टर कम्युनिकेशंस, बोईंग और इन्स्युरर एंथम वो कंपनियाँ हैं, जिन्होंने जो बायडेन के शपथग्रहण समारोह के लिए डोनेशन दिया है। अमेरिकन फेडरेशन ऑफ टीचर्स और यूनाइटेड फ़ूड एंड कमर्शियल वर्कर्स ने भी समारोह के लिए दान दिया है।

पूर्व सीनेटर बार्बरा बोक्सेरोफ़ और गायिका बारब्रा स्ट्रेसैंड भी उन हस्तियों में शामिल हैं, जिन्होंने डोनेशन दिया। अप्रैल 15 को फ़ेडरल कमीशन के सामने इन सभी की सूची सौंपी जाएगी। कैपिटल हिल हिंसा के बाद इस शपथग्रहण समारोह के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। जो बायडेन और कमला हैरिस ने कहा है कि लोग इस दिन घर में ही रहें और इस आयोजन को टीवी पर देखें। बायडेन के सम्बोधन को लेकर भी तैयारियाँ की जा रही हैं।

गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के डोनेशन देने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जहाँ एक तरफ गूगल ने ‘Parler’ एप को अपने प्ले स्टोर से हटा दिया है और उसे ‘हिंसा को बढ़ावा देने वाले कंटेंट्स’ हटाने को कहा है क्योंकि ट्विटर-फेसबुक पर प्रतिबंधित होने के बाद डोनाल्ड ट्रम्प ने वहाँ अकाउंट बनाया था और उनके समर्थक भी वहाँ बड़ी संख्या में हैं, वहीं दूसरी तरफ जो बायडेन के शपथग्रहण समारोह में उसने डोनेशन दिया है।

एक तरफ ये कंपनियाँ अपने प्लेटफॉर्म्स पर विचारधारा के आधार पर ये तय करने में लगी हैं कि किसके हैंडल को प्रतिबंधित किया जाएगा और किसके नहीं, वहीं दूसरी तरफ वो एक खास राजनीतिक विचारधारा और उस पक्ष के नेताओं के प्रति अपनी वफादारी दिखाने में भी कोई कसर नहीं छोड़ रहीं। भारत-अमेरिका सहित कई देशों में दक्षिणपंथियों ने सोशल मीडिया पर भेदभाव की शिकायत की है और ‘शैडो बैन’ किए जाने की बात कही।

ये शुरू भी हो गया है। विदेशी तकनीकी कंपनियाँ अब भारत में ये तय करने लगी हैं कि किसी दंगे में पीड़ित हिन्दुओं को उनका पक्ष रखने की अनुमति देना है या नहीं, या फिर जम्मू कश्मीर को लेकर भारतीय राष्ट्रवादियों को जगह देनी है या नहीं। आज आम लोगों और छोटे सेलेब्स के साथ खेल रहा ट्विटर या फेसबुक कल को बड़े नेताओं तक पहुँच सकता है और चुनाव से पहले कंटेंट्स के माध्यम से इसे प्रभावित कर सकता है।

‘मैं पूजा हूँ, आदिल खान है मेरी मौत का जिम्मेदार’ – बब्लू बन फँसाया प्रेमजाल में, इस्लाम कबूल नहीं करने पर दूसरे से सगाई

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में लव/ग्रूमिंग जिहाद का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ 26 वर्षीय दलित युवती ने शुक्रवार (8 जनवरी 2021) को आत्महत्या कर ली। यह कदम उठाने से पहले उसने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें उसने अपनी मौत के लिए आदिल खान नाम के युवक को ज़िम्मेदार ठहराया है। 

सुसाइड नोट में आदिल खान को ठहराया ज़िम्मेदार 

भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र में रहने वाली युवती अपने कमरे में मृत पाई गई थी। पुलिस मामले की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर पहुँची और वहाँ से एक सुसाइड नोट बरामद किया। जिसमें युवती ने आदिल खान को अपनी मौत के लिए ज़िम्मेदार ठहराया था। उसने अपने सुसाइड नोट में लिखा था, “मेरा नाम पूजा है और मैं आत्महत्या करने जा रही हूँ। खलीक खान का बेटा आदिल खान मेरी मौत का ज़िम्मेदार है।” 

इसके बाद युवती के परिजनों ने आदिल खान के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने उस पर सम्बंधित धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया है। इसमें आत्महत्या के लिए उकसाना भी शामिल है। 

दोस्ती करने के लिए आदिल खान ने बदला था अपना नाम 

मृतक युवती के पिता ने आरोप लगाया है कि आदिल ने हिन्दू बन कर उनकी बेटी को अपने झाँसे में लिया। आरोपित ने उनकी बेटी से दोस्ती करने के लिए अपना नाम बबलू बताया। युवती के पिता ने अपने बयान में कहा, “मेरी बेटी को जब उसके झूठ के बारे में पता चला, तब उसने दूरी बनाने का प्रयास किया। बदले में आदिल ने उसे मौखिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।” 

दोनों पिछले 8 सालों से दोस्त थे। युवती के भाई ने बताया कि शुक्रवार की शाम पूजा अपने कमरे में गई और उसने अपना कमरा बंद कर लिया। उस वक्त घर में सभी लोग मौजूद थे। जब परिवार वालों के आवाज़ देने पर भी युवती ने दरवाज़ा नहीं खोला तब उन्होंने दरवाज़ा तोड़ दिया। इसके बाद उन्हें जो नज़र आया, उसे देख कर उनके पैरों तले ज़मीन खिसक गई, पूजा अपने कमरे में फंदे पर लटकी हुई थी। 

पूजा के भाई ने यह भी बताया कि आदिल उस पर इस्लाम कबूल करने का दबाव बनाता था। जब उसकी बहन ने ऐसा करने से मना कर दिया तब आदिल ने दूसरी युवती के साथ सगाई कर ली। इस बात से निराश होकर पूजा ने आत्महत्या कर ली। 

युवती के परिजनों की माँग है कि आदिल खान को गिरफ्तार करके उस पर हाल ही में लाए गए धर्मांतरण (लव जिहाद) विरोधी क़ानून के अंतर्गत कार्रवाई की जाए। हालाँकि पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि इस प्रकरण में जबरन धर्मांतरण का मामला दर्ज होगा या नहीं। आरोपित पर आत्महत्या के लिए उकसाने और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया चुका है। 

जबरन धर्मांतरण के विरुद्ध मध्य प्रदेश सरकार का क़ानून 

मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने शनिवार (9 जनवरी 2021) को प्रदेश सरकार द्वारा पारित किए गए जबरन धर्मांतरण के विरुद्ध क़ानून को अनुमति प्रदान की थी। यह क़ानून प्रदेश के भीतर धोखे से किए जाने वाली धर्मांतरण की घटनाओं को रोकने के लिए लाया गया है। इस क़ानून के दायरे में ऐसे मामले भी आएँगे जिनमें धर्मांतरण को शादी का आधार बना दिया जाता है। 

इस क़ानून के तहत दोषी पाए जाने वालों या इसकी साज़िश में शामिल लोगों को 10 साल की कैद या जुर्माना देना पड़ सकता है। ऐसा ही एक क़ानून उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी लेकर आई है। पिछले कुछ समय में लव/ग्रूमिंग जिहाद के मामलों में काफी बढ़ोतरी हुई है, उन मामलों को रोकने के लिए धर्मांतरण विरोधी क़ानून बनाने की माँग उठ रही थी। पिछले साल उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित एक ही इलाके में लव/ग्रूमिंग जिहाद के कई मामले सामने आए थे। इसके बाद उत्तर प्रदेश ने उस मामले की जाँच के लिए एसआईटी का गठन किया था।   

7 राज्यों में फैला बर्ड फ्लू संक्रमण: रोज मर रहे हैं हजारों पक्षी, तबाह हो सकती है पॉल्ट्री इंडस्ट्री!

भारत में बर्ड फ्लू की समस्या लगातार सिर उठाते जा रही है और अब उत्तर प्रदेश ऐसा 7वाँ राज्य बन गया है, हाल के दिनों में जहाँ इसका असर देखा गया। कानपुर चिड़ियाघर को सील कर दिया गया है, क्योंकि यहाँ बर्ड फ्लू के वायरस मिले हैं। 4 पक्षियों की मौत के बाद उनकी जाँच की गई थी, जिसके बाद ये पता चला। चिड़ियाघर के आस-पास के इलाकों को रेड जोन घोषित कर दिया गया है। कमिश्नर राजशेखर ने इसका आदेश दिया है।

प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और आस-पास के लोगों को भी इस बारे में सूचित कर दिया गया है। शनिवार (जनवरी 9, 2021) में यूपी में ये मामला सामने आया। एवियन इन्फ्लूएंजा के हरियाणा और दिल्ली में पाँव पसारने के बाद दिल्ली भी वीक जोन में आ गया है। देश की राजधानी में भी कौवों के मरने की संख्या में वृद्धि होती जा रही है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि गाजीपुर पॉल्ट्री फ़ार्म पर 10 दिनों के लिए ताला जड़ दिया गया है।

साथ ही जिंदा पक्षियों के आयात को भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। दिल्ली के हर जिले में इस पर निगरानी रखने के लिए सर्विलांस टीमें भी गठित की गई हैं। पशु डॉक्टरों को सर्वे के लिए लगाया गया है। संजय झील, भलस्वा झील और पॉल्ट्री मार्केट में विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एक नंबर 23890318 भी जारी किया गया है, जहाँ इससे सम्बंधित सूचनाएँ दी जा सकती हैं। केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और गुजरात पहले से ही इस समस्या से जूझ रहा है।

हिमाचल प्रदेश के पोंग क्षेत्र में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है, जहाँ हर वर्ष प्रवासी पक्षी आते हैं। 3500 प्रवासी पक्षियों को मार दिया गया है। राजस्थान में तो सवाई माधोपुर, पाली, दौसा और जैसलमेर सहित 11 जिले इसकी चपेट में आ गए हैं। उनमें बर्ड फ्लू का H-5 स्ट्रेन पाया गया है। हालाँकि, बर्ड फ्लू के अधिकतर स्ट्रेन मनुष्यों के लिए खतरनाक नहीं हैं लेकिन संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आने से उन्हें बीमारी हो सकती है।

शनिवार यानी 9 जनवरी को पूरे देश में 1200 पक्षी मृत पाए गए। इनमें से 900 तो अकेले महाराष्ट्र के एक पॉल्ट्री फार्म में मृत पाए गए। दिल्ली से सैम्पलों को टेस्टिंग के लिए जालंधर भेजा गया है। दिल्ली में मरे पाए गए बत्तखों के सैम्पल्स में बर्ड फ्लू मिलने की आशंका है, जिनके सैम्पल्स टेस्टिंग के लिए भेजे गए हैं। राजस्थान में अब तक 2500 से अधिक पक्षियों की मौत हो चुकी है। इनमें 257 कौवे और 29 कबूतर शामिल हैं। ये सब तब हो रहा है, जब देश अभी-अभी कोरोना संकट से बाहर निकल रहा है।

मध्य प्रदेश में भी 1100 कौवों की मौत हुई है और वहाँ के 11 जिलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि हो गई है। मालवा जिले के एक पॉल्ट्री फार्म में केस मिलने के बाद उसे 7 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है। नीमच और इंदौर के फार्म्स के लिए भी यही निर्णय लिया गया। इंदौर के एक आवासीय इलाके में दिसंबर 29, 2020 को ही 50 कौवे मृत मिले थे, जिनके सैम्पल्स के जाँच के बाद उनमें से 2 में बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई।

बर्ड फ्लू अधिकतर पक्षियों में पाया जाता है लेकिन मनुष्य व अन्य जानवरों को बीमार करने की भी क्षमता इसमें है। इससे भारत के पॉल्ट्री इंडस्ट्री खतरे में पड़ गई है। इस वायरस का जन्म भी 1996 में चीन में ही हुआ था, जहाँ इसका पहला केस पाया गया था। चीन में 1997 में एक पॉल्ट्री कर्मचारी भी H5N1 की चपेट में आ गया था, जो इस तरह का पहला मामला था। इसके ह्यूमन टू ह्यूमन संक्रमण की अब तक कोई बात पता नहीं चली है।

ये वायरस जैसे ही 70 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के तापमान में जाता है, ख़त्म हो जाता है। दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों के विपरीत भारत में अण्डों और पक्षियों के माँस को काफी अच्छे से आग पे पका कर ही बनाया जाता है, जिससे ऐसे वायरस 100 डिग्री सेल्सियस से अधिक के तापमान में मर जाते हैं। भारत में हर महीने ऐसे 30 करोड़ पक्षी और 900 करोड़ अंडे खाए जाते हैं। कोरोना के शुरुआत में इंडस्ट्री को 2 महीनों में ही 100 करोड़ डॉलर (7338 करोड़ रुपए) का नुकसान हुआ था।

पाकिस्तान में ब्लैकआउट: सर्जिकल स्ट्राइक, इमरान खान के अलावा लोग केजरीवाल को क्यों कर रहे याद?

शनिवार (9 जनवरी 2021) की देर रात हमारे पड़ोसी मुल्क के तमाम शहरों में अँधेरा छा गया। देर रात अचानक कराची, लाहौर, रावलपिंडी, इस्लामाबाद और मुल्तान जैसे कई बड़े पाकिस्तानी शहरों में लाईट गुल हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स में इस ब्लैकआउट की मुख्य वजह पावर वितरण प्रणाली में गड़बड़ी बताई जा रही है। खैर वजह कुछ भी हो, इंटरनेट की एक बड़ी आबादी अब वजह के पीछे नहीं भागती है बल्कि मीम बनाने लगती है।

इसी कड़ी में नेटिज़न्स ने पाकिस्तान के घुप्प अँधेरे में डूब जाने पर खूब मीम ‘क्रिएट’ किया। जनता इतनी रचनात्मक हो गई कि ब्लैकआउट और सर्जिकल स्ट्राइक के बीच समानताएँ खोजने लगी। जिसमें कुछ मीम या कुछ रिएक्शन ऐसे थे, जिन पर हर सूरत में गौर किया जाना चाहिए। 

एक व्यक्ति ने लिखा, “ब्लैकआउट भी एक तरह की सर्जिकल स्ट्राइक है। क्या आप मोदी जी का मास्टरस्ट्रोक देख सकते हैं? कैसे देख पाएँगे। वहाँ पहले से ही अँधेरा है।

एक ट्विटर यूज़र ने तो सीधे लिख दिया कि भारत के लिए बिलकुल सही समय है एक और सर्जिकल स्ट्राइक करने का। पाकिस्तान में पूरी तरह ब्लैकआउट है। 

एक ट्विटर यूज़र ने लिखा, “पावर फेलियर होने पर ‘पाक सार’ ज़मीन की भोली जनता इस चिंता में पड़ जाती है कि कहीं भारत ने हमला तो नहीं कर दिया। इसका कारण एक ही है, ‘सर्जिकल स्ट्राइक’। हमने भले कौवा भी न मारा हो लेकिन जनता (पाकिस्तान की) तक संदेश पहुँच गया है।” 

इसी ट्वीट के अगले हिस्से में लिखा गया है कि जिन्हें ऐसा लगता है कि सर्जिकल स्ट्राइक सफल नहीं हुई थी, उन्हें वाकई कुछ नहीं पता है।

एक यूज़र ने लिखा, “इम्मू मियाँ अपने ही पोर्किस्तान को सर्जिकल स्ट्राइक करने के लिए निकल पड़े। ब्लैकआउट में मिले अवसर” 

एक यूज़र ने बताया कि ब्लैकआउट होने के बाद पाकिस्तानी सेना सर्जिकल स्ट्राइक के डर से अलर्ट हो चुकी है। 

एक यूज़र ने तो भारत के एक नेता (केजरीवाल) को ब्लैकआउट की दिक्कत सही करने के लिए पाकिस्तान भेज दिया। 

इस ट्वीट पर कुछ कहा नहीं जा सकता है और न ही इसकी व्याख्या की जा सकती है। इसे केवल महसूस किया जा सकता है, वह भी सिर्फ ‘पाकिस्तानी एयर फ़ोर्स द्वारा’।   

इसी बीच पाकिस्तान से एक और बड़ी ख़बर सामने आई है, अफ़सोस की बात ये है कि उस ख़बर में भी पाकिस्तान का हासिल फजीहत ही है। यह ख़बर पाकिस्तान पर की गई भारत की कार्रवाई का पुख्ता सबूत भी है।

पाकिस्तान के पूर्व राजनयिक आगा हिलाली ने एक टीवी शो में स्वीकार किया है कि 26 फरवरी 2019 को बालाकोट पर भारत द्वारा की गई एयर स्ट्राइक में 300 आतंकी मारे गए थे। ये पूर्व राजनयिक टीवी चर्चाओं में नियमित रूप से पाकिस्तानी सेना का पक्ष रखते हैं। यह इमरान खान के दावे से बिलकुल विपरीत है, जिसमें उनका कहना था कि एयर स्ट्राइक में किसी की मृत्यु नहीं हुई थी।

‘सिराज को कहा बंदर, बुमराह पर भी अभद्र टिप्पणी’: सिडनी में नस्लीय टिप्पणी के बाद निकाले गए 6 दर्शक

न्यू साउथ वेल्स की राजधानी सिडनी में भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच चल रहे तीसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन के खेल के दौरान रविवार (जनवरी 10, 2021) को लगातार दूसरे दिन भारतीय खिलाड़ियों पर नस्लीय टिप्पणी की गई है, जिसके बाद पुलिस ने 6 दर्शकों को स्टेडियम से निकाल बाहर किया। मोहम्मद सिराज ने इसकी शिकायत की। इससे 1 दिन पहले भी उन्होंने और जसप्रीत बुमराह ने दर्शक दीर्घा से नस्लीय टिप्पणी की शिकायत की थी।

भारतीय तेज़ गेंदबाज मोहम्मद सिराज ने इसकी शिकायत कप्तान अजिंक्य रहाणे से की, जिन्होंने फील्ड अंपायर पॉल राफेल के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई। अंपायर ने खिलाड़ियों की बात को टीवी अम्पायर और मैच रेफरी तक पहुँचाई। तब जाकर कहीं पुलिस को बुलाया गया और नस्लीय टिप्पणी करने वाले दर्शकों को बाहर किया गया। कुछ मिनट तक खेल रुकने के बाद इसे दोबारा शुरू किया गया। BCCI पहले ही इस सम्बन्ध में CA के समक्ष शिकायत दर्ज करा चुका है।

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (CA) ने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि नस्लीय टिप्पणियों को लेकर उनकी जीरो टॉलरेंस की नीति है और वो इस प्रकार की घटना को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करेंगे। मैच के तीसरे दिन भी इसी तरह की अभद्र टिप्पणी की गई, जिसके बाद BCCI (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) ने मैच रेफरी और पूर्व ऑस्ट्रेलियाई ओपनर डेविड बून से इसकी शिकायत की। मोहम्मद सिराज को एक दर्शक ने ‘मंकी (बंदर)’ कहा था।

भारतीय खिलाड़ियों ने सिक्यॉरिटी अधिकारियों और अंपायर्स की मौजूदगी में इस मामले में बैठक भी की। भारत के पूर्व खिलाड़ियों पार्थिव पटेल और प्रज्ञान ओझा से लेकर ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न और माइक हसी ने भी इस घटना पर आपत्ति जताते हुए ऐसे दर्शकों पर लाइफटाइम प्रतिबंध लगाने की वकालत की है। याद हो कि 2008 में इसी तरह एंड्र्यू सायमंड्स और हरभजन सिंह के बीच झड़प हो गई थी।

प्रज्ञान ओझा ने कहा है कि BCCI को ये मुद्दा लेकर ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) के सामने इसकी शिकायत दर्ज करा के CA को सख्त संदेश देना चाहिए। टिप्पणी करने वाले दर्शक नशे में पाए गए थे, जिसके बाद सुरक्षा अधिकारियों पर भी सवाल उठ रहे हैं। माइक हसी ने कहा कि पिछले 1 वर्ष से दुनिया जिस दौर से गुजर रही है, उस बीच ऐसी घटना कलंक की तरह है। चौथे टेस्ट मैच को लेकर पहले ही विवाद चल रहा है।

इससे पहले ऑस्ट्रेलिया में भारतीय क्रिकेटरों पर कोरोना प्रोटोकॉल तोड़ कर रेस्टॉरेंट में भोजन करने का आरोप लगा था, जिसे BCCI ने नकार दिया था। ऑस्ट्रेलियाई प्रशासन टीम इंडिया के क्रिकेटरों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगा रहा है, जिससे वो नाराज़ हैं। ब्रिस्बेन में चौथे और अंतिम टेस्ट मैच से पहले सख्त क्वारंटाइन थोपे जाने से भारतीय क्रिकेटर आक्रोशित हैं। आरोप लगे थे कि तीसरे टेस्ट मैच से पहले भारतीय टीम को अस्थिर करने के लिए ये सब किया जा रहा है।

अधिकारियों को बनाया चपरासी और चौकीदार, SDM को तहसीलदार: भ्रष्टाचार के खिलाफ एक्शन में CM योगी

दंगाइयों से सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की वसूली हो या फिर माफियाओं की संपत्ति ध्वस्त करना हो, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विभिन्न मुद्दों पर ऐसे-ऐसे कड़े फैसले लेते हैं, जो मिसाल बनते हैं और बाद में अन्य राज्य भी उसका अनुकरण करते हैं। अब उन्होंने भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर कार्रवाई की। यूपी में एक SDM लेवल के अधिकारी को डिमोट कर तहसीलदार बनाया गया था, वहीं अब एक अन्य अधिकारी को चपरासी बना दिया गया है।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए यूपी सरकार ने प्रदेश के सूचना विभाग में तैनात 4 अपर सूचना अधिकारियों को डिमोट कर के उन्हें चपरासी, चौकीदार और सिनेमा ऑपरेटर और प्रचार सहायक का पद दे दिया गया है। नवंबर 2014 में जब यूपी में अखिलेश यादव के नेतृत्व में समाजवादी पार्टी की सरकार चल रही थी, तब इन सबका गलत ढंग से प्रमोशन किया गया था। इन्हें नियम विरुद्ध तरीके से आगे बढ़ाया गया था।

अब इन सभी को अपने-अपने मूल पदों पर वापस भेज दिया गया है। क्षेत्रीय प्रचार संगठन के तहत चारों कर्मचारी सूचना कार्यालय में तैनात थे, जहाँ ये चारों कर्मचारी पदोन्नति के बाद अधिकारी बना दिए गए थे। सूचना निदेशक शिशिर द्वारा जारी किए गए आदेशानुसार बरेली अपर जिला सूचना अधिकारी नरसिंह को डिमोट कर चपरासी बनाया गया है। वहीं मथुरा अपर जिला सूचना अधिकारी विनोद कुमार शर्मा को पदावनत कर सिनेमा ऑपरेटर कम प्रचार सहायक का पद दे दिया गया है।

वहीं बाकी बचे 2 अधिकारियों में से भदोही (संत रविदासनगर) अपर जिला सूचना अधिकारी अनिल कुमार सिंह को डिमोट कर के सिनेमा ऑपरेटर कम प्रचार सहायक का पद थमा दिया गया है। फिरोजाबाद अपर जिला सूचना अधिकारी दयाशंकर को तो चौकीदार के पद पर बिठा दिया गया। ये आदेश बुधवार (जनवरी 6, 2021) से तत्काल प्रभाव से लागू किया गया। इन अधिकारियों को अपना मूल पद संभाल कर मुख्यालय को रिपोर्ट करना है।

इससे पहले नवंबर 2020 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया था, “योगी आदित्यनाथ ने तहसील सरधना, मेरठ में नियमविरुद्ध ढंग से विनिमय की गई पशुचर श्रेणी की भूमि के संबंध में शासकीय हितों की उपेक्षा कर अमलदरामद का आदेश पारित करने के दोषी तत्कालीन SDM, सरधना, मेरठ को SDM पद से तहसीलदार के पद पर अवनति करने का आदेश दिया है। दोषी तत्कालीन उपजिलाधिकारी, सरधना, जनपद मेरठ, संप्रति उपजिलाधिकारी मुजफ्फरनगर हैं।”

‘120 मिलियन व्यूज, 60 लाख लाइक्स’: ‘K.G.F: Chapter 2’ के टीजर पर रिकॉर्ड्स की बरसात, हॉलीवुड भी पीछे

बड़ी कमर्शियल सफलता, समीक्षकों की सराहना, अवॉर्ड्स की बरसात और देश-विदेश में ख्याति – किसी फिल्म को ये सारी चीजें एक साथ नसीब होना बहुत बड़ी बात है। जो काम हिंदी सिनेमा के लिए ‘ग़दर (2001)’, तमिल के लिए रोबोट (2010), तेलुगु के लिए बाहुबली 2 (2017) और मलयालम के लिए पुलीमुरुगन (2016) ने किया, कन्नड़ सिनेमा के लिए वही मौका ‘K.G.F: Chapter 1’ के रूप में 2018 में आया। अब ‘K.G.F: Chapter 2’ का टीजर धमाल मचा रहा है।

कर्नाटक में ‘रॉकिंग स्टार’ कहे जाने वाले यश इस फिल्म सीरीज के मुख्य अभिनेता हैं। फिल्म के पहले भाग ने दुनिया भर में 250 करोड़ रुपए की कमाई कर के खलबली मचा दी थी और पिछड़ते कन्नड़ सिनेमा को फिर से जीवन दे दिया था। अब फिल्म के दूसरे भाग के टीजर ने पहले 24 घंटे में यूट्यूब पर दुनिया में 5वाँ सबसे ज्यादा देखे जाने वाले टीजर का रिकॉर्ड बनाया है। साथ ही लाइक्स के मामले में पहले 24 घंटे में ये दुनिया भर में तीसरे स्थान पर है।

तेलुगु, तमिल, हिंदी और मलयालम भाषाओं में भी फिल्म को डब किया जाएगा। 100 करोड़ रुपए के बजट के साथ ये कन्नड़ सिनेमा की अब तक की सबसे महँगी फिल्म है। ‘K.G.F: Chapter 2’ के टीजर के डायलॉग्स भी सोशल मीडिया पर खासे लोकप्रिय हो रहे हैं। साथ ही मुख्य विलेन के रूप में संजय दत्त की एंट्री ने लोगों का उत्साह बढ़ा दिया है। रवीना टंडन भी राजनेत्री की भूमिका में दिखाई देने वाली हैं।

अगर आपने ‘K.G.F: Chapter 1’ देखी है तो इसका किरदारों से परिचित ही होंगे। जहाँ यश ने रॉकी नाम के गैंगस्टर का किरदार निभाया था, जिसे अपनी दिवंगत माँ को दिया वादा निभाना है, वहीं सुर्यवर्द्धन ‘कोलर गोल्ड फ़ील्ड्स’ के मालिक का नाम था। ये किरदार रमेश इंद्रा ने निभाया था। सूर्यवर्द्धन का बेटा गरुड़ा मुख्य विलेन था, जिसका किरदार रामचंद्र राजू ने अदा किया था। दिलचस्प बात ये है कि रामचंद्र इस फिल्म में रोल पाने से पहले पहले यश के बॉडीगार्ड हुआ करते थे।

‘K.G.F: Chapter 2’ का टीजर बना रहा है यूट्यूब रिकॉर्ड्स

सूर्यवर्द्धन का भाई अधीरा अगले भाग का मुख्य विलेन है, जिस किरदार में संजय दत्त दिखेंगे। टीजर की रिलीज के साथ ही यश भारत में ट्विटर ट्रेंड के मामले में नंबर-1 पर आ गए थे। खबर लिखे जाने तक लगभग 12 करोड़ लोगों ने इसे यूट्यूब पर देखा था और 60 लाख लोगों ने लाइक किया था। विशेषज्ञ अंग्रेजी डायलॉग्स के साथ इसे रिलीज करने को भी निर्माताओं का मास्टरस्ट्रोक मान रहे हैं, क्योंकि इससे पैन-इंडिया लोकप्रियता में वृद्धि हुई है। ये नंबर्स कई बड़े हॉलीवुड फिल्मों से भी ज्यादा हैं।

इसके उलट हाल के दिनों में आई कई बॉलीवुड फिल्मों और उनके ट्रेलरों को दर्शकों ने नकार दिया। जहाँ महेश भट्ट की ‘सड़क 2’ पिट गई, वहीं डेविड धवन की ‘कुली नंबर 1’ की जम कर आलोचना हुई। फिल्मों में हिन्दूफ़ोबिक नैरेटिव गढ़ने के कारण कई लोगों ने अब दक्षिण भारत की फिल्मों का रुख किया है। बॉलीवुड के कंटेंट्स में हिन्दू धर्म और साधु-संतों का मजाक बनाए जाने और नकारात्मक छवि दिखाए जाने से लोग नाराज़ हैं।