बिहार के मुंगेर में दुर्गा विसर्जन के दौरान गोलियाँ चलने के कारण एक युवक की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि गोलियाँ पुलिस की ओर से चलाई गईं। मगर, एसपी लिपि सिंह ने अपने बयान में दावा किया कि गोलियाँ बदमाशों ने चलाई थीं।
अब यह तो जाँच के बाद ही पता चल पाएगा कि आखिर किसकी बंदूक से गोली चली। लेकिन, जो वीडियो सामने आई है उसको भी यदि देखा जाए तो यही नजर आता है कि दुर्गा विसर्जन के लिए जा रही पालकी में शामिल युवकों पर वर्दीधारियों ने ही बेदर्दी से लाठियाँ चलानी शुरू की।
इसके बाद वहाँ गोलियाँ चलीं। जिस युवक की मौके पर मौत हुई है उसका आधा सिर ही इस घटना में गायब हो गया। उसके मगज को सड़क पर अलग गिरे तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है।
निकिता तोमर हत्याकांड ने पूरे दिल्ली एनसीआर को झकझोर कर रख दिया मगर इसके बारे में कहीं कोई चर्चा नहीं हुई। थोड़ी खबरें चलाई गईं। पोस्ट और ट्वीट हुए लेकिन फिर मामला शांत हो गया।
आज मूल मुद्दा ये नहीं है कि निकिता हत्याकांड पर चर्चा हो या तौसीफ ने उसे क्यों मारा इस पर डिस्कशन हो। मूल मुद्दा यह है कि आखिर जब भी ऐसी खबरें आती हैं जहाँ एक ओर हिंदू पीड़िता होती है और दूसरी ओर आरोपित मुस्लिम युवक होता है, तब सवाल ये क्यों नहीं पूछा जाता कि आखिर क्यों इतनी तेजी से मुस्लिम युवक हिंदू लड़कियों को फर्जी प्रेम में फँसा रहे हैं?
आखिर क्यों प्रेम में फँसा कर वह हिंदू लड़कियों का रेप कर रहे हैं और फिर उन्हें मौत के घाट उतार रहे हैं। पिछले दिनों हमने जूही कॉलोनी समेत कई इलाकों के ऐसे अनेक केसों के बारे में सुना है।
बिहार चुनावों से पहले ऑपइंडिया लगातार प्रदेश के कोने-कोने जाकर आप तक स्थानीय लोगों के मूड की सच्चाई को जस का तस पहुँचाने का काम कर रहा है। इसी चुनावी यात्रा में हमने शिवहर विधानसभा क्षेत्र के अम्बाकाला महुआवा गाँव में भी स्थानीय लोगों से बात की है।
इस ग्राम में चूँकि आबादी मिश्रित है इसलिए मत बेहद बँटे हुए हैं। कुछ लोगों का साफ कहना है कि नितिश कुमार खास अच्छे नहीं है लेकिन उनके विकल्प उससे भी ज्यादा खराब हैं। यहाँ आने का कारण यह भी है कि जदयू पार्टी के वर्तमान विधायक व एक बार फिर से पार्टी के प्रत्याशी इसी गाँव के हैं। इसके अलावा पप्पू यादव की पार्टी के प्रत्याशी भी इसी गाँव से हैं।
बिहार चुनावों की कवरेज करते-करते ऑपइंडिया पहुँचा है मोतिहारी के गाँधी मैदान में, सुबह-सुबह इस जगह आने का मकसद कोई चुनावी रैली या नेता का इंटरव्यू नहीं है, बल्कि यहाँ के वो युवा हैं, जो हर सुबह आपको कई आशाओं के साथ अपने अभ्यास करते यहाँ दिख जाएँगे।
हमारा मकसद इन युवाओं से यह जानने का है कि इन चुनावों में इनके लिए रोजगार कितना बड़ा मुद्दा है। क्या वह इस बार रोजगार के मसले पर अपना वोट देंगे? इसके अलावा हमारा प्रश्न यह भी है कि आखिर बिहार के युवाओं में सरकारी नौकरी को लेकर इतना क्रेज क्यों होता है?
बिहार के दरभंगा के शहरी क्षेत्र को हमेशा से राजद का गढ़ कहा गया। मगर, पिछले कुछ समय से भाजपा नेता संजय सरावगी ने हर धारणा तोड़कर अपने व अपनी पार्टी के लिए वहाँ जगह बनाई और जीत हासिल करते रहे।
उनकी इसी प्रतिबद्धता के कारण एक बार फिर भाजपा ने उन्हें इस क्षेत्र से अपना प्रत्याक्षी चुना है। जाहिर है कि राजद के गढ़ में भाजपा के प्रति विश्वास पैदा करना और अपनी इतनी मजबूत जगह बनाना संजय सरावगी के लिए आसान काम नहीं रहा होगा। इसलिए उनकी इन्हीं चुनौतियों को जानने के लिए ऑपइंडिया के डेप्यूटी एडिटर अजीत झा ने उनका इंटरव्यू लिया और कई प्रमुख विषयों पर चर्चा की।
न्यूज़ ब्रॉडकास्टिंग स्टैंडर्ड अथॉरिटी (NBSA) ने इंडिया टुडे समूह के हिंदी भाषा समाचार चैनल आजतक, ज़ी न्यूज़, न्यूज़ 24 और इंडिया टीवी को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत की असंवेदनशील और सनसनीखेज रिपोर्टिंग के लिए माफी माँगने का आदेश दिया था जिसका अब चैनलों ने अनुपालन किया है।
ब्रॉडकास्टिंग अथॉरिटी ने आजतक को 27 अक्टूबर को रात 8 बजे लाइव माफी माँगने का आदेश दिया था। हिंदी समाचार चैनल ने 28 अक्टूबर को रात 9 बजे के बाद अपनी माफी को प्रसारित किया। चैनल ने विशेष रूप से “ऐसे कैसे हिट विकेट हो गए सुशांत?” और “सुशांत जिंदगी की पिच पर हिट विकेट कैसे हो गए” जैसे टैगलाइन का उपयोग करने के लिए माफी माँगी।
चैनल ने कहा इन टैगलाइन से रिपोर्टिंग गाइडलाइन “किसी भी मृत व्यक्ति का सम्मान किया जाना चाहिए और उनकी मौत को सनसनीखेज नहीं बनाया जाना चाहिए” का उल्लंघन हुआ था। हालाँकि, उन्होंने ट्विट्स के लिए कोई माफ़ी नहीं माँगी, जो एनबीएसए के आदेश का हिस्सा था।
आजतक को अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के खिलाफ फर्जी ट्वीट्स के लिए भी लताड़ा गया था। चैनल को तीन माफी माँगने और 1 लाख रुपए का जुर्माना देने का निर्देश दिया गया था।
अथॉरिटी ने कहा था,”ब्राडकॉस्टर को अपनी अनुमानित मेहनत और सत्यापन टेलकास्ट या ट्वीट अपलोड करने से पहले करनी चाहिए था, यह अनुमानित मेहनत पत्राकरिता की नैतिकता का मूल सिद्धांत व जरूरत है, वहीं बिना सत्यापन के ट्वीट को जनता के बीच टेलीकास्ट करना झूठी खबर फैलाने की प्रवृति है।”
इंडिया टुडे नेटवर्क के हिंदी न्यूज आउटलेट आजतक ने सुशांत सिंह राजपूत से जुड़ी कई ऐसी फर्जी खबरों को हवा दी थी। इसने 16 जून को दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के ‘अंतिम ट्वीट’ पर एक विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जब अभिनेता मुंबई में अपने घर में मृत पाए गए थे।
आजतक ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से एक आर्टिकल भी ट्वीट किया था। रिपोर्ट में आजतक ने दावा किया था कि अभिनेता ने अपनी जान लेने पहले तीन बार ट्वीट किया था।
समाचार चैनल ने कुछ भावनात्मक ‘ट्वीट’ साझा किए थे, जिनमें दिवंगत अभिनेता को कथित तौर पर अपनी खुद की जान लेने की ओर इशारा किया गया था। लेकिन उन फर्जी ट्वीट्स को उनकी मृत्यु से पहले अभिनेता द्वारा पोस्ट नहीं किया गया था। आजतक ने बाद में बिना स्पष्टीकरण के अपनी रिपोर्ट को वापस ले लिया था।
ज़ी न्यूज़ ने माँगी माफ़ी
एनबीएसए कोड के अन्य उल्लंघनों के बीच ज़ी न्यूज़ को भी असंवेदनशील टैग लाइन जैसे: ‘पटना का सुशांत, मुंबई में फेल क्यों?’ चलाने के लिए लताड़ा गया था। एनबीएसए ने चैनल को 27 अक्टूबर को माफी माँगने के लिए कहा था।
ज़ी न्यूज़ ने स्वीकार किया था कि उन्होंने अभिनेता की मृत्यु पर अपनी रिपोर्ट को सनसनीखेज बनाकर विशिष्ट दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया। माफ़ीनामे में कहा गया कि ‘दर्शकों के बीच घबराहट, संकट, या अनुचित भय’ पैदा हुआ है। माफी एनबीएसए के निर्देशों के अनुसार रात 9 बजे प्रसारित की गई थी।
ज़ी न्यूज़ की माफी का वीडियो शिकायतकर्ताओं में से एक सौरव दास ने अपने ट्विटर एकाउंट पर पोस्ट किया।
@ZeeNews apologises to the nation for violating reporting standards on a complaint lodged by me and others.
Doesn’t feel this is enough. But yeah, they’ve done it and should be ashamed of it @sudhirchaudhary
इसके अलावा इंडिया टीवी से कहा गया था कि वह राजपूत के नश्वर अवशेषों के चित्रों को बार-बार प्रसारित करने के लिए माफी माँगे और विस्तार से इसका वर्णन करें। यहाँ यह नोट करना उचित है कि ऑपइंडिया ने तब रिपोर्ट की थी कि कैसे इन वायरल छवियों को आत्महत्या के सिद्धांत को आगे बढ़ाने के लिए प्रसारित किया जा रहा है।
चैनल ने निर्धारित दिन 9 बजे यह स्वीकार करते हुए माफी माँगी कि उन्होंने विशिष्ट दिशानिर्देश कवरेज के खंड 3.6 का उल्लंघन किया है, जो बताते हैं कि,मृत का सम्मान के साथ व्यवहार किया जाना चाहिए और मृत व्यक्ति के शव का क्लोज़-अप या क्षत- विक्षत शव नहीं दिखाया जाना चाहिए।
न्यूज़ 24 को भी अथॉरिटी ने लताड़ा
इस बीच ऑथोरिटी ने न्यूज 24 को भी अभिनेता की मौत के असंवेदनशील और सनसनीखेज कवरेज के लिए 29 अक्टूबर को माफी माँगने का आदेश दिया है। अथॉरिटी ने कहा कि न्यूज 24 द्वारा चलाए गए टैगलाइन में यह संकेत देकर कि राजपूत ने अपनी फिल्म छिछोरे में उन्हीं के द्वारा दिए गए आत्महत्या विरोधी संदेश को भुला दिया, ‘आपत्तिजनक हैं और मृतक की गरिमा को प्रभावित करते हैं’
ऑथोरिटी ने अपने दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए किए गए कवरेज को लेकर चैनलों को दर्शकों से माफी माँगने के लिए कहा था। एनबीएसए ने 6 अक्टूबर को कहा था कि प्रसारणकर्ताओं को माफी का टेक्स्ट, तारीख और समय दिया जाएगा।
मध्यप्रदेश के भोपाल में कथिततौर पर लव जिहाद का मामला सामने आया है। लड़की की माँ ने दूसरे समुदाय के युवक पर अपहरण का आरोप लगाया है। साथ ही पुलिस को लेकर कहा है कि वह शिकायत दर्ज करवाने जब थाने गईं तो उन्हें कह दिया गया कि लड़की खुद लड़के के साथ गई है।
लड़की की माँ का कहना है कि उनकी बेटी उस लड़के के साथ नहीं जा सकती। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में माँ को बयान देते सुना जा सकता है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी उनकी वीडियो सामने आई है। इसमें वह कहती हैं कि उन्हें थाने में आधे घंटे कर बिठाए रखा गया। उनसे लड़की को लेकर कहा गया कि वो तो उड़ गई है। अब उसको छोड़ो।
माँ यह भी बताती हैं कि अभी उनकी शिकायत पर एफआईआर नहीं हुई है। बस शिकायत में गुमशुदा लिखा गया है। उनके अनुसार दूसरे समुदाय का लड़का थाने में आता है और पुलिस उसके दिए बयानों पर सुनवाई करती है लेकिन उनकी बातों पर यकीन नहीं किया जाता।
लड़की की माँ वीडियो में कहती सुनी जा सकती हैं, “मैं दावे से कहती हूँ कि यही लड़का मेरी लड़की को लेकर गया है। न कि मेरी लड़की इसके साथ भाग कर गई है। वो बिलकुल इसके साथ नहीं गई है। उस लड़के की हर बात सुनी गई। उसने मेरी ही बेटी पर आरोप लगाया कि मेरी लड़की उससे कहती हैं कि ‘तुम मुझसे शादी कर लो, मैं मर जाऊँगी’ मगर ऐसा कुछ नहीं हुआ।”
रोती बिलखती माँ वीडियो में बताती है कि लड़के की हर बात को सिर्फ़ कह भर देने से सुना जा रहा है, लेकिन उनकी बातें नहीं सुनी जा रही। वह बेसुध अवस्था में कहती हैं, “मुझे मेरी लड़की वापस चाहिए नहीं तो मैं आग लगा दूँगी पूरी मुसलमान जाति में और थाने में। मुझे मेरी लड़की चाहिए बस। वो इसी के पास है।”
स्थानीय रिपोर्ट बताती है कि लड़की की माँ ने इसे लव जिहाद का भी मामला बताया है। साथ ही उनसे कहा गया है कि उसका (लड़की) सरनेम बदल दीजिए वह तो अब उड़ गई हैं। महिला के पति के साथ भी बदसलूकी हुई।
पुलिस कार्रवाई में लड़की को बरामद करने की बात
रिपोर्ट्स का कहना कि पुलिस ने बाद में मामले को दर्ज करके लड़की को ढूँढ निकाला है और लड़की को घरवालों के हवाले कर दिया है। थाना प्रभारी ने इस संबंध में लोकल चैनल को बताया कि लड़की का अफेयर लड़के से था और वह नाराज होकर घर से गई थी।
वहीं यदि वीडियो को देखें तो मालूम चलता है कि लड़की की माँ का कहना है कि लड़के से 5 मिनट पहले उनकी बेटी की बात हुई थी और वही उसे अपहरण करके ले कर गया। रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि लड़की को उसके ननिहाल भेजा गया है ताकि दो समुदाय से जुड़े इस मसले पर कोई विवाद उत्पन्न न हो।
सोशल मीडिया पर इन दिनों हिंदुओं को टारगेट करनी वाली फिल्मों का जमकर विरोध हो रहा है। वहीं अक्षय कुमार की नई फिल्म ‘लक्ष्मी बॉम्ब’ रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म के निर्माताओं ने विवाद को शांत करने के लिए अब इस फिल्म का नाम बदलने का फैसला किया है।
ओटीटी प्लेटफॉर्म पर अगले महीने रिलीज होने जा रही इस फिल्म के टाइटल से बॉम्ब शब्द हटा दिया गया है। अब इस फिल्म का नया नाम सिर्फ ‘लक्ष्मी’ (Laxmii) होगा। अक्षय की इस फिल्म को पिछले कुछ समय में कई विवाद झेलने पड़े हैं।
बता दें इस फ़िल्म पर लवजिहाद को बढ़ावा देने, हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने जैसे कई संगीन आरोप लगाए गए थे। इसके अलावा करणी सेना द्वारा फिल्म के मेकर्स को एक लीगल नोटिस भी भेजा गया था। संगठन ने नोटिस के जरिए फिल्म के टाइटल को बदलने की डिमांड की थी।
इस लीगल नोटिस के मुताबिक, फिल्म का टाइटल ‘लक्ष्मी बॉम्ब’ माँ लक्ष्मी को लेकर काफी अपमानजनक है। इस नोटिस में कहा गया है कि लक्ष्मी का नाम बॉम्ब के साथ जोड़ने से हिंदू धर्म की भावनाएँ आहत हुई हैं। वही वरिष्ठ एक्टर मुकेश खन्ना ने भी इस फिल्म की आलोचना करते हुए कहा था कि क्या अल्लाह या जीसस के नाम को किसी फिल्म के टाइटल के साथ इस्तेमाल किया जा सकता है?
गौरतलब है कि फ़िल्म ट्रेलर के रिलीज होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर #BoycottLaxmmiBomb ट्रेंड करने लगा था। बता दें कि इसके पीछे की वजह लव जिहाद और हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला बताया गया। हिन्दुओं का कहना था कि इस फिल्म को सिर्फ ‘लक्ष्मी बम’ ही क्यों नाम दिया गया ‘सकीना बम’ क्यों नहीं?
अक्षय कुमार की 9 नवंबर को डिज्नी प्लस हॉटस्टार पर रिलीज होने वाली फिल्म ‘लक्ष्मी बम’ को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर बवाल मचा हुआ है। दरअसल ‘लक्ष्मी बम’ तमिल फिल्म ‘कंचना’ का हिंदी रीमेक है। फिल्म में अक्षय कुमार आसिफ की भूमिका निभा रहे हैंl वहीं कियारा आडवाणी प्रिया की भूमिका निभा रही है।
पेरिस में पैगंबर मोहम्मद का कैरिकेचर दिखाने के कारण शिक्षक की हत्या के बाद उपजे विवाद पर मुस्लिम देशों ने प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। ऐसे में मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने भी आज ट्विटर पर जमकर जहर उगला।
उन्होंने न केवल फ्रांसीसी राष्ट्रपति का विरोध किया बल्कि हत्या जैसे कृत्य को जायज ठहराया व आतंक को जस्टिफाई करने का प्रयास किया। अब इसी घृणा फैलाने वाले व मानवता के विरुद्ध किए गए ट्वीट को ट्विटर ने डिलीट किया है। ट्विटर ने इन ट्वीट को नियमों का उल्लंघन बताकर डिलीट किया है।
टाइम्स ऑफ इंडिया के पत्रकार आदित्य राज कौल ने इस संबंध में ध्यान दिलवाते हुए ट्विट्स के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए लिखा,
“ट्विटर आखिरकार जग गया। उसने मलेशिया के पूर्व प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद के साम्प्रदायिक घृणा फैलाने वाले ट्विट्स को डिलीट कर दिया जो न केवल हत्या को जस्टिफाई कर रहे थे बल्कि मानवता के ख़िलाफ़ किए जाने वाले कृत्यों को उकसा रहे थे।”
Twitter has finally woken up and deleted the communal hate tweet of former Malaysian Prime Minister Mahathir Mohamad which was not just justifying killing and terrorism but motivating for acts against humanity. pic.twitter.com/t4DGa1LKJ7
बता दें कि मलेशिया के पूर्व पीएम मोहम्मद महातिर ने ट्विटर पर आज फ्रांस की घटना को केंद्र में रखककर 13 ट्वीट किए थे। इनकी शुरुआत में पहले तो महातिर ने ‘दूसरों का सम्मान करे’ संदेश के साथ ज्ञान देने की कोशिश की। लेकिन अपनी बात खत्म करते-करते उन्होंने यह लिख दिया कि मुस्लिमों को फ्रांसीसियों की हत्या का अधिकार है।
उन्होंने लिखा, “मैक्रों यह नहीं दिखा रहे हैं कि वह सभ्य हैं। वह अपमान करने वाले स्कूल टीचर की हत्या करने पर इस्लाम और मुस्लिमों पर आरोप लगाकर पुराने विचार दिखा रहे हैं। यह इस्लाम की सीख में नहीं है।”
उन्होंने आगे लिखा, “हालाँकि, धर्म से परे, गुस्साए लोग हत्या करते हैं। फ्रांस ने अपने इतिहास में लाखों लोगों की हत्या की है जिनमें से कई मुस्लिम थे। मुस्लिमों को गुस्सा होने और इतिहास में किए गए नरसंहारों के लिए फ्रांस के लाखों लोगों की हत्या करने का हक है।”
अपने ट्वीट में मलेशिया के पूर्व पीएम ने महिलाओं के पहनावे पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने लिखा, “पश्चिम में महिलाओं के कपड़ों पर एक वक्त में बहुत प्रतिबंध थे। चेहरे को छोड़कर शरीर का कोई हिस्सा खुला नहीं रहता है लेकिन धीरे-धीरे शरीर के कई अंग एक्सपोज किए जाने लगे। कई तटों पर बिलकुल कपड़े नहीं पहने जाते। पश्चिम में लोग इसे सामान्य मानते हैं लेकिन पश्चिम को दूसरों पर इसे बलपूर्वक नहीं थोपना चाहिए। ऐसा करने से इन लोगों की आजादी छीनी जाती है।”
गौरतलब है कि मोहम्मद महातिर का ट्वीट उस समय आया है जब फ्रांस के नीस में एक महिला समेत कम से कम तीन लोगों पर हमला करके हत्या कर दी गई। राष्ट्रपति मैक्रो ने इसे इस्लामी आतंकवादी हमला बताया है।
रिपब्लिक टीवी ने अभी हाल में मुंबई पुलिस द्वारा जारी किए गए समन की निंदा करने के बाद अब मुंबई पुलिस की नई माँग को लेकर अपना बयान जारी किया है। इस बयान में उन्होंने बताया कि मुंबई पुलिस अब चैनल के न्यूजरूम में एडिटोरियल एक्सेस की माँग कर रही है।
मुंबई पुलिस के इस कदम को भारतीय मीडिया के इतिहास में ‘अभूतपूर्व’ कदम बताते हुए मीडिया चैनल ने कहा कि परमबीर सिंह चैनल में काम करने वाले हर पत्रकार की जानकारी, उनका पता और लॉग इन आइडी की माँग कर रहे हैं।
इसके अलावा मुंबई पुलिस ने न्यूजरूम में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयर डिटेल्स, ब्रॉडकास्ट रनडाउन डिटेल, शिफ्ट इंचार्ज की जानकारी, न्यूज डेस्क के वीकली शेड्यूल की कॉपी और उन टेक्निशियन की जानकारी भी माँग रही है जिन्हें न्यूजरूम सॉफ्टवेयर के बारे में ज्ञान हो। कानूनी रूप से जाँच में सहयोग करने की बात मानते हुए, चैनल ने न्यूजरूम सॉफ्टवेयर व अन्य जानकारियाँ मुंबई पुलिस को देने से इंकार कर दिया है।
Mumbai police intensifies witch-hunt, now wants details that would give him almost unfettered access to the Republic TV newsroom: Read details https://t.co/HZCI8z1hwQ
चैनल ने इस संबंध में सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय प्रकाश जावड़ेकर से अपील की है कि वह मामले पर संज्ञान लें और मुंबई पुलिस को प्रेस की आजादी का दमन करने से रोकें।
रिपब्लिक टीवी पर प्रकाश जावड़ेकर का बयान
गौरतलब है कि ऑपइंडिया एडिटर अजीत भारती को हाल में दिए अपने इंटरव्यू में सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने रिपब्लिक टीवी पर हो रहे हमलों पर स्पष्ट हो कर बयान दिया था।
उन्होंने कहा था, “एक कंप्लेन में किसी का नाम आता है, चार्ज दूसरे पर लगता है। ये मुंबई पुलिस जो कर रही है, मुझे लगता है कि इस तरह से पत्रकारों का दमन अपने राजनीतिक हितों के लिए करना गलत है।”