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‘लव जिहाद के खिलाफ पहले ही कानून बन गया होता तो मेरी बेटी की जान नहीं जाती’: निकिता तोमर के पिता का छलका दर्द

हरियाणा स्थित फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा निकिता तोमर की हत्या के बाद ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून की माँग जोर पकड़ने लगी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और गृह मंत्री अनिल विज ने भी कहा था कि सरकार इस पर विचार कर रही है। हरियाणा सरकार की इस घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए निकिता तोमर के पिता ने कहा कि ये निर्णय बहुत पहले ही लिया जाना चाहिए था।

निकिता तोमर के पिता ने कहा कि अगर ‘लव जिहाद’ के विरुद्ध क़ानून होता तो शायद उनकी बेटी की जान नहीं जाती। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि इस मामले में सभी पक्षों को एक होकर सामने आना चाहिए और फैसला लेना चाहिए। वल्लभगढ़ में निकिता तोमर हत्याकांड के बाद आरोपित तौसीफ के कॉन्ग्रेस नेताओं के परिवार से कनेक्शन सामने आए थे। उसका परिवार रसूख वाला है और उसकी माँ भी निकिता पर इस्लाम अपनाने के लिए दबाव बना रही थी।

रविवार (नवंबर 1, 2020) को इस मामले में न्याय की माँग कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई, जिस दौरान पुलिस को लाठीचार्ज करनी पड़ी। बल्लभगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग 2 के पास प्रदर्शनकारी जमा हो गए नारेबाजी शुरू कर दी। कुल 36 समुदायों के लोगों ने न्याय के लिए आवाज़ उठाई। हरियाणा पुलिस के डीसीपी सुमेर सिंह ने बताया कि बिना अनुमति के लिए हो रहे ‘महापंचायत’ में कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वाले कई ‘बदमाशों’ को हिरासत में लिया गया है।

इस मामले में जाँच के लिए एक स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम का गठन किया गया है। निकिता की हत्या के बाद गिरफ्तार किए गए तौसीफ और रेहान अपना हुलिया बदल कर फरीदाबाद में ही छिपे थे। उन्हें यकीन ही नहीं था कि वो पकड़े जा सकते हैं। अग्रवाल कॉलेज के सामने लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों की पहचान हुई थी। हत्या के बाद दोनों अपने एक रिश्तेदार के निर्माणाधीन मकान में छिप गए थे।

दोनों आरोपितों ने नाई को बुला कर अपने बाल भी कटवा लिए थे। जबकि सीसीटीवी फुटेज में देखा जाए तो उसके बाल काफी बड़े थे। दोनों को लगता था कि पुलिस को ये जानने में ही काफी समय लग जाएगा कि इस हत्या के पीछे कौन है और कौन नहीं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में निकिता के भाई नवीन ने उनकी पहचान कर ली। अब सभी को हरियाणा सरकार द्वारा गठित 3 सदस्यीय जाँच समिति की रिपोर्ट का इन्तजार है।

यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी कहा है कि सरकार भी ‘लव जिहाद’ के मामलों पर रोक लगाने के लिए क़ानून लेकर आएगी। इसके बाद उन्होंने कहा, “ऐसे लोगों के लिए चेतावनी है, जो अपनी पहचान छिपा कर हमारी बहनों के सम्मान के साथ खिलवाड़ करने का प्रयास करते हैं।” उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश दिया है शादी-ब्याह के लिए धर्म परिवर्तन आवश्यक नहीं है। उन्होंने घोषणा की कि इस बात को ध्यान में रखते हुए सरकार भी निर्णय ले रही है कि हम लव जिहाद को सख्ती से रोकने का प्रयास करेंगे।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा, “योगी आदित्यनाथ जी जो कहते हैं, जब कहते हैं, सत्य कहते हैं, ये लव जिहाद का इलाज करना जरूरी है बच्चियों को बचाने के लिए। अगर इसके लिए कानून बनाना पड़े, कुछ और करना पड़े तो, किया जाना आवश्यक है। हम इस पर विचार कर रहे हैं।” उन्होंने ट्वीट कर के जानकारी दी कि हरियाणा में ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून बनाने पर विचार किया जा रहा है।

इस्लाम जिमखाना में ताश पर पाबंदी लगाया पूर्व कॉन्ग्रेसी MLA युसूफ अब्रहानी ने, सदस्यों ने कहा – ‘क्लब है, मदरसा नहीं’

मुंबई के मरीन ड्राइव स्थित इस्लाम जिमखाना फ़िलहाल सुर्खियों में बना हुआ और इन सुर्ख़ियों की वजह एक विवाद है। इसके अध्यक्ष और पूर्व कॉन्ग्रेस विधायक ने जिमखाना परिसर में ताश सहित अन्य खेलों पर पाबंदी लगा दी है लेकिन इस्लाम जिमखाना के अनेक सदस्यों ने इस फैसले पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इसका स्वरूप ‘लिबरल’ है, इसलिए इस तरह के फैसले का कोई औचित्य नहीं है। 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस्लाम जिमखाना के अध्यक्ष युसूफ अब्रहानी ने शुक्रवार (30 अक्टूबर 2020)) को ईद-ए-मिलाद के मौके पर पाबंदी लगाने का आदेश जारी किया। यह आदेश जारी करते हुए युसूफ अब्रहानी ने जिमखाना के सदस्यों पर आरोप लगाया कि वह ताश की आड़ में ‘जुआ और सट्टा’ खेलते हैं।

इसके विपरीत जिमखाना के सदस्यों ने युसूफ अब्रहानी के इस फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि जिमखाना लिबरल और स्वच्छंद विचारों की जगह है। इसे बदलने का प्रयास किया जा रहा है, जिमखाना को मदरसा नहीं बनाया जा सकता है।

मुंबई के मरीन ड्राइव स्थित इस्लाम जिमखाना के एक सदस्य इश्तियाक अली ने विरोध दर्ज कराते हुए इस निर्णय पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “अगर अब्रहानी को इस बात का अंदेशा है कि जिमखाना में लोग जुआ खेलते हैं तो वह पुलिस में शिकायत क्यों नहीं करते? यह एक क्लब है, इसे मदरसा नहीं बनाया जा सकता है। उन्हें इस मुद्दे पर धार्मिक कार्ड नहीं खेलना चाहिए।” 

इनके अलावा इस्लाम जिमखाना के एक और सदस्य आसिफ फारुखी ने भी इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “अगर वह जुआ रोकना चाहते हैं तो उन्हें ऐसा करना चाहिए। सदस्यों को ताश खेलने से रोकना और खासकर वरिष्ठ नागरिकों को, यह सरासर गलत है। ऐसा किसी भी सूरत में नहीं किया जाना चाहिए।” फ़िलहाल इस मुद्दे पर विवाद जारी ही है।

इसके कुछ समय बाद इस्लाम जिमखाना के अध्यक्ष युसूफ अब्रहानी ने अपने फैसले के पीछे की वजह भी बताई। उनका कहना था कि जिमखाना प्रशासन तमाम तरह के खेलों को प्रोत्साहन देता है लेकिन यहाँ बहुत से लोग कार्ड खेलने के नाम पर जुआ खेल रहे हैं और वह सही नहीं है। फिर उन्होंने कहा, “हमारे रिकॉर्ड में मौजूद है कि कार्ड रूम में एक सदस्य के लिए कुल 5 मेहमान (गेस्ट) थे मौजूद थे।” 

अंत में उन्होंने कहा, “हमने जिमखाना में दर्जनों खेल शामिल किए हैं, जिसमें टेनिस, बैडमिन्टन, वॉलिबॉल, महिलाओं के लिए रिक्रिएशन सेक्शन, जिम, जकूज़ी, स्टीम बाथ, सौना बाथ और स्पा शामिल हैं। जो लोग इस तरह के आरोप लगा रहे हैं कि हम इसे मदरसे में तब्दील कर रहे हैं, वही बताएँ कि किस मदरसे में स्पा और स्टीम बाथ होती है?” 

उल्लेखनीय है कि इस्लाम जिमखाना का इतिहास 130 साल पुराना है, यह खेल कूद और सामाजिक सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र माना जाता है।

शार्ली एब्दो के कार्टून पर फेसबुक पोस्ट लिखने के कारण कट्टरपंथी मुस्लिमों ने किया हमला: बांग्लादेश में हिंदुओं के जलाए घर

बांग्लादेश में एक बार फिर से असहिष्णुता और कट्टरता देखने को मिली। कट्टरपंथी इस्लामवादियों के एक समूह ने रविवार (नवंबर 1, 2020) को बांग्लादेश के कोमिला जिले में मुरादनगर उपजिला के तहत आने वाले कोरबनपुर गाँव में 10 से अधिक हिंदू परिवारों पर हमला कर दिया।

रिपोर्टों के अनुसार, एक व्यक्ति ने कथित तौर पर फ्रांस के साथ एकजुटता दिखाई और साथ ही फेसबुक पर शार्ली एब्दो के कार्टून का बचाव किया। जिसके बाद उग्र मुस्लिमों की भीड़ ने चुन-चुन कर हिंदू परिवारों पर हमला किया और उनके घरों को आग के हवाले कर दिया। व्यक्ति की पहचान एक शंकर देबनाथ के रूप में की गई है। मुस्लिमों की भीड़ ने स्थानीय संघ परिषद के अध्यक्ष बांकुमार शिव के कार्यालय को, उनके घर को, शंकर के घर और उस क्षेत्र के अन्य हिंदू परिवारों के घरों को जला दिया।

इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ है। वीडियो में एक हिंसक इस्लामी भीड़ को स्कल कैप पहने लाठी-डंडों से लैस होकर हिंदू परिवारों के घरों में तोड़फोड़ करते हुए देखा जा सकता है। ट्विटर यूजर जॉय चक्रवर्ती ने दावा किया कि है कि पुलिस ने आगजनी करने वालों और उपद्रवियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है, बल्कि फेसबुक पर टिप्पणियों के कारण दो हिंदुओं को जेल में डाल दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस्लामी भीड़ का यह तांडव 5 घंटे तक चला। रविवार को, शंकर और अनिक भौमिक नाम के एक अन्य व्यक्ति को ‘धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में’ गिरफ्तार किया गया था।

आग बुझाने के लिए अग्निशमन विभाग को बुलाया गया। घटना की जानकारी मिलने पर, बंगरा पुलिस, एसपी सैयद नुरुल इस्लाम, डीसी अबुल फजल मीर और अन्य उच्च पदस्थ अधिकारियों ने अपराध स्थल का दौरा किया। एएसपी अजीमुल अहसन ने कहा, “रविवार दोपहर को कोरबनपुर गाँव के स्थानीय लोगों के एक समूह ने स्थानीय संघ परिषद के अध्यक्ष बनकुमार शिव और शंकर देबनाथ के घर को जला दिया। इसके साथ ही अन्य कई अन्य हिंदू परिवारों के साथ भी बर्बरता की। हमने कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए इलाके में अतिरिक्त बल तैनात किया है।” 

दुर्गा पूजा मंडप जा रही हिंदू लड़की गायब

गौरतलब है कि बांग्लादेश के सदरघाट स्थित जगन्नाथ यूनिवर्सिटी की छात्रा तिथि सरकार दुर्गा पूजा मंडप के दर्शन के लिए जाते समय गायब हो गईं। उनका कोई अता-पता नहीं है। तिथि सरकार को यूनिवर्सिटी द्वारा भी सस्पेंड कर दिया गया था। उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने फेसबुक पर इस्लाम और पैगम्बर मुहम्मद पर टिप्पणी की थी, जो वहाँ ईशनिंदा के तहत आता है। हालाँकि, हिंदू संगठनों ने उन पर लगे आरोपों को झूठा बताया है।

 उन्हें सोशल मीडिया के माध्यम से धार्मिक भावनाओं का अपमान करने के आरोप में जगन्नाथ विश्वविद्यालय अधिनियम -2005 की धारा 11 (10) के तहत विश्वविद्यालय से अस्थायी रूप से निष्कासित कर दिया गया था। तीसरी वर्ष की छात्रा तिथि सरकार रविवार (अक्टूबर 25, 2020) को दुर्गा पूजा मंडप के दर्शन के लिए जा रही थीं।

‘उसने गला काटा, मैं भी वही करता’ – मुनव्वर राणा पर UP पुलिस ने किया मुकदमा दर्ज

फ्रांस में हुए आतंकी हमले को जायज ठहराने वाले मुनव्वर राणा के ख़िलाफ़ यूपी पुलिस ने शिकायत दर्ज की है। हाल में उन्होंने अपने बयान के जरिए पेरिस में शिक्षक का गला रेतने वाले आतंकी का बचाव किया था। उन्होंने कहा था कि अगर उस लड़के की जगह वह होते तो वह भी यही करते।

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद शायर मुनव्वर राणा के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। उनके खिलाफ़ आईपीसी की धारा 153-A, 295-A,298, 505(1)(B),505(2) और आईटी एक्ट की धरा 67,66 के अंतर्गत मामला पंजीकृत हुआ है।

FIR में इस बयान को वैमनस्यता बढ़ाने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार मुनव्वर राणा के द्वारा दिया गया बयान सामाजिक सौहार्द्र को बिगाड़ने के लिए पर्याप्त है, जिसकी वजह उनके खिलाफ ये FIR दर्ज की गई है।

गौरतलब है कि पिछले दिनों फ्रांस में हुए आतंकी हमले पर विवादित शायर मुनव्वर राणा ने विवादास्पद बयान दिया था। उन्होंने हमलावर का बचाव करते हुए कहा था, “अगर उसकी जगह मैं होता तो मैं भी वही करता। किसी को इतना मजबूर न करो कि वह कत्ल करने के लिए तैयार हो जाए।”

मुनव्वर राणा ने जी न्यूज से बात करते हुए कहा था, “अगर अभी कोई शख्स मेरे बाप का कार्टून कोई ऐसा बना दे कोई गंदा कार्टून, मेरी माँ का कोई ऐसा गंदा कार्टून बना दे, तो हम तो उसको मार देंगे। अगर कोई हमारे हिंदुस्तान में हमारे देवी-देवता का, माँ सीता का या भगवान राम का ऐसा कोई कार्टून बना दे जो गंदा हो, आपत्तिजनक हो, तो हम उसको मार देंगे।”

उन्होंने आगे कहा था, “हिंदुस्तान में हजारों सालों से ऑनर किलिंग को जायज मान लिया जाता है, कोई सजा नहीं होती है। तो फिर आप उसको नाजायज कैसे कह सकते हैं।”

बता दें कि पिछले दिनों पेरिस में एक शिक्षक ने अपनी कक्षा में छात्रों के सामने पैगंबर मोहम्मद के विवादित कैरिकेचर को दिखा दिया था। इसके बाद एक कट्टरपंथी छात्र ने उन्हें दिनदहाड़े बेरहमी से मार डाला। हालाँकि बाद में उस मुस्लिम छात्र को भी एनकाउंटर में मार डाला गया। लेकिन, इस घटना के बाद फ्रांस और इस्लामी देशों व मजहबी कट्टरपंथियों के बीच नया विवाद छिड़ गया। इसी विवाद के बीच मुनव्वर राणा ने भी अपना बयान दिया।

फरार हुईं दीपिका पादुकोण की मैनेजर करिश्मा प्रकाश? ड्रग्स मामले में NCB के समन को धता बताया: कोई अता-पता नहीं

सुशांत सिंह राजपूत की मृत्यु के बाद सामने आए ड्रग्स मामले की जाँच कर रही NCB ने कहा है कि दीपिका पादुकोण की मैनेजर करिश्मा प्रकाश समन भेजे जाने के बावजूद उसके समक्ष पेश नहीं हो रही हैं। उनका कोई अता-पता नहीं है। सोमवार (नवंबर 2, 2020) को अधिकारियों ने जानकारी दी है कि करिश्मा प्रकाश ‘अनट्रेसेबल’ हैं। उन्हें अक्टूबर 27 को ही NCB के समक्ष पेश होने को कहा गया था, लेकिन वो नहीं आईं।

‘क्वान टैलेंट मैनेजमेंट कम्पनी’ के अन्य कर्मचारियों को भी समन भेजा गया है। बॉलीवुड में ड्रग्स की जाँच में इस कम्पनी का नाम भी सामने आया है। करिश्मा प्रकाश के ठिकानों से NCB ने छापेमारी के दौरान पिछले महीने 1.7 ग्राम्स चरस और एक बोतल ‘CBD ऑइल’ जब्त किया था। इस मामले में चल रही जाँच के दौरान बॉलीवुड की अभिनेत्रियों श्रद्धा कपूर, सारा अली खान और रकुल प्रीत सिंह से भी पूछताछ की गई थी।

NCB के मुंबई जोन के डायरेक्टर समीर वानखेड़े ने कहा कि एजेंसी फ़िलहाल करिश्मा प्रकाश की प्रतिक्रिया का इंतजार करेगी, उसके बाद आगे की कार्रवाई करेगी। अब तक इस मामले में 18 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 28 वर्षीय रिया चक्रवर्ती भी इस मामले में आरोपित हैं, जो फ़िलहाल जमानत पर बाहर हैं। प्रवर्तन निदेशालय के निवेदन के बाद NCB ने इस केस की जाँच शुरू की थी। सुशांत जून 14 को अपने फ्लैट में मृत पाए गए थे।

बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) की पूछताछ के दौरान अपनी मैनेजर करिश्मा प्रकाश के साथ ड्रग्स को लेकर चैट करने की बात कबूल कर ली थी। जाँच एजेंसी ने दीपिका पादुकोण और करिश्मा प्रकाश को आमने-सामने बैठाकर 2017 में की गई चैट के बारे में पूछताछ की थी। इस दौरान अभिनेत्री ने चैट की बात स्वीकार कर ली थी। अब करिश्मा प्रकाश गायब हो गई हैं।

दीपिका पादुकोण से एनसीबी की 5 सदस्यी टीम ने सवाल-जवाब किया था। करिश्मा प्रकाश ने पूछताछ में ड्रग्स लेने की बात से इनकार किया था। उन्होंने कहा था कि वे सिर्फ सिगरेट पीती हैं। जब दीपिका-करिश्मा को आमने-सामने बिठाकर ड्रग्स चैट को लेकर सवाल पूछा गया तो दोनों ने कहा था कि वो ड्रग्स नहीं लेते हैं। NCB ने पूछा कि फिर चैट में ये वीड/हैश किसके लिए मँगवा रही हैं। इस पर दोनों ने गोल-गोल जवाब दिए थे।

‘मुस्लिम JCB ड्राइवर ले गया उसे अपने साथ’ – 21 दिन से गायब नाबालिग की माँ ने पुलिस में की शिकायत

हरियाणा के रेवाड़ी में 16 साल की एक नाबालिग लड़की के गायब होने के कई दिनों बाद उसके माता-पिता ने आरोप लगाया है कि उसे एक मुस्लिम लड़का बहला-फुसला कर अपने साथ ले गया। आरोपित एक जेसीबी का ड्राइवर बताया जा रहा है। वहीं पुलिस 21 दिन से गायब लड़की को खोजने के लिए जगह-जगह छापेमारी कर रही है।

समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, नाबालिग की माँ का कहना है, “मेरी 16 साल की लड़की 11 अक्टूबर से गायब है। उसे एक मुस्लिम समुदाय का जेसीबी ड्राइवर अपने साथ ले गया है।”

खोल थाना इंचार्ज पुलिस ने इस केस को लेकर कहा, “हमें 11 अक्टूबर से गायब एक नाबालिग लड़की की रिपोर्ट मिली है। एक लड़का उनके परिवार के लिए काम करता था, वह भी गायब है। हमने केस को दर्ज किया है और लड़की को ढूँढने के लिए कई जगह छापेमारी कर रहे हैं। एक बार लड़की मिल जाए, तो हर चीज का खुलासा होगा।”

गौरतलब है कि हरियाणा के रेवाड़ी से यह मामला उस समय सामने आया है, जब कुछ दिनों पहले ही तौसीफ नाम के मुस्लिम युवक ने निकिता तोमर नामक हिंदू लड़की को दिनदहाड़े गोली चला कर मार डाला। निकिता की गलती बस यही थी कि उसने धर्म परिवर्तन करने से मना किया था।

इस घटना की पूरी सीसीटीवी वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आई थी। इसमें साफ दिख रहा था कि आरोपित ने निकिता को पहले गाड़ी में खींचने की कोशिश की, लेकिन जब वह असफल हुआ तो उसने उसे गोली मार दी।

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद हरियाणा सरकार ने ऐलान किया था कि वह लव जिहाद जैसे मामलों पर कानून बनाने पर विचार कर रहे हैं। हरियाणा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी कहा था कि बल्लभगढ़ घटना के तार लव जिहाद से है और केंद्र सरकार व राज्य सरकार ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। उन्होंने यह भी कहा था कि सरकार ऐसे केसों में कानूनी प्रावधान बनाने पर विचार कर रही है ताकि इन कथित लव जिहाद के दोषियों पर कार्रवाई की जा सके।

‘तेज प्रताप यादव मंच पर ही बकने लगते हैं गाली’: युवा RJD जिलाध्यक्ष ने पद से दिया इस्तीफा, लगाया दुर्व्यवहार का आरोप

राजद नेता तेज प्रताप यादव इस बार समस्तीपुर के हसनपुर से बिहार विधानसभा चुनाव में किस्मत आजमा रहे हैं, जहाँ उनका मुकाबला जीत की हैट्रिक लगाने उतरे जदयू नेता राजकुमार राय से है। अब क्षेत्र के एक राजद नेता ने तेज प्रताप यादव पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। अमरेश राय ने इस्तीफा देते हुए कहा कि तेज प्रताप यादव मंच पर ही गाली बकने लगते हैं, इसीलिए आहत होकर वो इस्तीफा दे रहे हैं।

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण का मतदान मंगलवार (नवंबर 3, 2020) को होना है और राजद के संस्थापक-अध्यक्ष लालू यादव के बड़े बेटे के भाग्य का फैसला भी उसी दिन मतपेटियों में कैद हो जाएगा। समस्तीपुर के युवा राष्ट्रीय जनता दल के जिला अध्यक्ष अमरेश राय ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा करते हुए कहा कि वो हाल ही में हसनपुर के मंगल गढ़ में तेजस्वी यादव की जनसभा में भाग लेने पहुँचे थे।

उन्होंने आरोप लगाया कि उसी दौरान तेज प्रताप यादव वहाँ आए और उनके साथ दुर्व्यवहार किया, उन्हें मंच पर ही गाली दी। ‘न्यूज़ 18’ की खबर के अनुसार, अमरेश राय ने बताया कि वो पिछले 15 वर्षों से युवा राजद के अलग-अलग पदों पर रहे हैं और पिछले 10 साल से पार्टी के युवा विंग के जिलाध्यक्ष हैं। उन्होंने कहा कि वो लालू यादव के परिवार के लिए जान लेने और देने, दोनों के लिए ही तैयार रहा करते थे।

उन्होंने कहा कि जहाँ मान-सम्मान नहीं मिले, वहाँ रहना उचित नहीं है। साथ ही बताया कि वो जल्द ही अपने भविष्य को लेकर घोषणा करेंगे। उन्होंने दुःखी मन से कहा कि जिस पार्टी की इतने साल तन-मन-धन से सेवा की और जिसके कार्यक्रमों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते रहे, उसकी परिणीति उन्हें अब दुर्व्यवहार के रूप में मिली है। उन्होंने कहा कि वो प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव के कहने पर चुनाव प्रचार के लिए निकले थे, पर तेज प्रताप का व्यवहार बर्दाश्त लायक नहीं है।

बता दें कि जिस हसनपुर सीट से तेज प्रताप यादव चुनाव लड़ रहे हैं, उसे बिहार के लोहियावादी और ईमानदार माने जाने वाले वयोवृद्ध नेता गजेंद्र कुमार हिमांशु के कारण ख्याति मिली थी। हिमांशु ने ये सीट 1967, 69, 72, 77 और 80 में जीती थी। 10 साल बाद 1990 में वो लौटे और फिर से ये सीट अपने नाम की। एक दशक बाद फिर से उन्होंने 7वीं बार 2000 में ये सीट अपने नाम की। दो बार मुख्यमंत्री पद ठुकराने वाले हिमांशु ने पहली बार में मात्र 2700 रुपए खर्च कर और सायकिल से प्रचार करके मात्र 27 की उम्र में हैट्रिक लगा चुके MLA को हरा दिया था।

लेकिन, जमीन पर तेज प्रताप के लिए राह इतनी भी आसान नहीं है। खासकर, पत्नी ऐश्वर्या के साथ हुए उनके विवाद को लेकर महिलाओं और उनके स्वजातीय मतदाताओं में भी नाराजगी दिखती है। ऑपइंडिया की टीम इस इलाके में तेज प्रताप के छोटे भाई तेजस्वी यादव की सभा के अगले दिन पहुँची थी। इससे पहले तेज प्रताप के नामांकन में भी तेजस्वी आए थे। बावजूद रोजगार और पलायन के मुद्दे पर यहाँ के चुनाव को केंद्रित करने की कोशिश में उन्हें कामयाबी नहीं मिली थी।

राजीव गाँधी के आदेश पर कॉन्ग्रेसियों ने किया था 1984 का सिख नरसंहार: पूर्व DGP का खुलासा और वीडियो की सच्चाई

भारत में 1984 में हुआ सिख नरसंहार किसे याद नहीं है, जब कॉन्ग्रेस नेताओं के इशारे पर सिखों का कत्लेआम मचाया गया था। इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद हुए इस नरसंहार को लेकर तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी ने अपने भाषण में इसे जायज भी ठहराया था। कई कॉन्ग्रेस नेताओं पर आरोप लगे थे, जिनमें से जगदीश टाइटलर और सज्जन सिंह जैसे नेता जेल में भी गए। कॉन्ग्रेस आज भी इस घटना को लेकर माफ़ी नहीं माँगती है।

तब राजीव गाँधी ने एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा था कि जिस नींव पर ये देश खड़ा है, उस पर हम अपनी दीवारें खड़ी करें और अपना मकान बनाएँ। उन्होंने आगे कहा था कि हमें इंदिरा जी को याद रखना है, हमें ये याद रखना है कि उनकी हत्या क्यों हुई थी, हमें याद रखना है कि कौन-कौन लोग इसके पीछे हो सकते हैं। उन्होंने सिख नरसंहार को डाउनप्ले करते हुए कहा था कि जब इंदिरा गाँधी की हत्या हुई थी, तो हमारे देश में ‘कुछ दंगे-फसाद’ हुए। राजीव गाँधी ने कहा था,

“हमें मालूम है कि भारत की जनता के दिल में कितना क्रोध आया, कितना गुस्सा आया। और, कुछ दिन के लिए लोगों को लगा कि भारत हिल रहा है। लेकिन, जब भी कोई बड़ा पेड़ गिरता है तो धरती थोड़ी हिलती है। लेकिन, उसके बाद जिस तरह से आपने ये ख़त्म किया, जिस तरह से दोबारा आपकी सहायता से, आपकी शक्ति से देश की एकता बनने लगी है, हम दोबारा एक होकर खड़े हो रहे हैं। पूरी दुनिया देख रही है कि भारत सचमुच में एक पक्का लोकतंत्र बन गया है।”

मंच पर पीछे इंदिरा गाँधी की तस्वीर लगा कर भाषण दे रहे राजीव गाँधी ने कहा था कि पूरी दुनिया देख रही है और समझ रही है कि भारत इतनी आसानी से टूट नहीं सकता। उन्होंने भारत को और मजबूत करने और आगे ले जाने का वादा करते हुए कहा था कि दुनिया की हर शक्ति का सामना करेंगे। उन्होंने पंडित नेहरू, इंदिरा गाँधी और ‘भारत के गरीबों’ का काम पूरा करने का वादा करते हुए ‘जय हिन्द’ के साथ अपना सम्बोधन ख़त्म किया था।

जब राजीव गाँधी ने सिख नरसंहार को ठहराया था जायज

नवम्बर 2015 में आम आदमी पार्टी और भाजपा नेताओं ने इस वीडियो को जारी कर कॉन्ग्रेस पर निशाना साधा था। सिखों का मामला लड़ रहे एचएस फुल्का ने कहा था कि जो प्रधानमंत्री निर्दोष लोगों के नरसंहार को जायज ठहराता है, वो निश्चित रूप से भारत रत्न का हकदार नहीं है। उन्होंने भारत सरकार से माँग की थी कि राजीव गाँधी को दिया गया भारत रत्न सम्मान वापस लिया जाए। उन्होंने बताया था कि दूरदर्शन ने अपने आर्काइव्स से इस वीडियो को डिलीट कर दिया था।

मई 2019 में उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी सुलखान सिंह ने 1984 में सिखों के ख़िलाफ़ हुई मारकाट को दंगा मानने से इनकार कर दिया था। 1980 बैच के आईपीएस अधिकारी सुलखान सिंह ने 1984 के सिख दंगे को तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गाँधी के इशारे पर सिखों के ख़िलाफ़ किया गया नरसंहार बताया था। उन्होंने कहा था कि 1984 में सिखों के ख़िलाफ़ हुई मारकाट कोई दंगा नहीं था, क्योंकि दंगा दोनों तरफ से हुई मारकाट को कहते हैं।

उन्होंने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए बताया था कि अगर जनता के गुस्से को फूट कर बाहर निकलना होता और आवेश में यह सब कुछ हो जाता ,तो ये सब तुरंत होना था। बकायदा योजना बना कर नरसंहार शुरू किया गया। उन्होंने दावा किया था कि इसके मुख्य ऑपरेटर थे- जगदीश टाइटलर, अजय माकन और सज्जन कुमार। साथ ही ये भी लिखा था कि राजीव गाँधी के मुख्य विश्वासपात्र कमलनाथ इस पूरे नरसंहार की मॉनीटरिंग कर रहे थे।

व्यंग्य: मुनव्वर राणा का रोस्ट शायरश्रेष्ठ अजीत भारती द्वारा | Ajeet Bharti roasts Munawwar Rana

पेरिस में शिक्षक का सिर कलम किए जाने के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इम्मैनुएल मैक्रों का रवैया विश्व भर के मुस्लिमों को नागवार गुजरा है। ऐसे में अधिकांश इस्लामी देश जहाँ फ्रांस के उत्पादों का बॉयकॉट करके अपना रोष दिखा रहे हैं, वहीं भारत में उर्दू के मशहूर शायर मुनव्वर ‘काणा’ भी अपने जहरीले बयान के कारण चर्चा में आए हैं।

उन्होंने पेरिस घटना के बाद अपनी पुरानी गजलों/शायरियों को मॉडिफाई किया है। इन गजलों/शायरियों में उन्होंने अपने उन सभी बिंबों को तोड़ा है, जिसमें वह माँ के प्रेम में सराबोर नजर आते थे और वाह-वाही लूटते थे। उन्होंने इस नई किस्म की गजल में कौम, जिहाद, काफिर, कुर्बानी, वैचारिक अब्बू इकबाल का जिक्र करके अपने मजहबी भाइयों के लिए नए साहित्य की रचना की है।

मुनव्वर ‘काणा’ की नई गजलें/ शायरियाँ इस लिंक पर क्लिक करके सुनें।

हिंदू महिलाओं-बच्चों को पीटा, घरों में आग लगा दी: पाकिस्तानी दोस्त मुहम्मद और उसके गैंग की हरकत

पाकिस्तान की बहुसंख्यक आबादी अब हिंदुओं पर अत्याचार करते-करते उनके घरों को भी जलाकर राख करने लगी है। इसकी जानकारी वॉयस ऑफ पाकिस्तान माइनॉरिटी के ट्विटर हैंडल ने दी है।

ट्विटर हैंडल से बताया गया है कि कैसे वहाँ के इस्लामी कट्टरपंथी पहले हिंदुओं को उनका घर छोड़ने पर मजबूर कर रहे हैं और जब हिंदू उनकी बात नहीं मान रहे, तो उनके घरों को फूँक रहे हैं।

ट्विटर अकॉउंट के अनुसार, दोस्त मुहम्मद नाम का एक कट्टरपंथी और उसके गुंडे चाहते थे कि सिंध के गोथ सोमर पाली (Goth Somar Pali) में रहने वाले गैर मुस्लिम व हिंदू इलाके से चले जाएँ, लेकिन जब हिंदुओं ने ऐसा करने से मना किया, तो उन्होंने महिलाओं व बच्चों को पीटा और उनके घरों को आग के हवाले कर दिया।

वहीं प्रशासन ने हमेशा की तरह इस मामले में भी अल्पसंख्यकों के अधिकार संरक्षित करने के लिए कुछ भी नहीं किया। इस ट्वीट के साथ कुछ तस्वीरें भी शेयर की गई हैं। तस्वीरों में खाक हुए घरों को, बेघर हुई महिलाओं को जमीन पर बैठे देख सकते हैं।

यहाँ बता दें कि पाकिस्तान में हिंदुओं पर अत्याचार किस कद्र बढ़ रहा है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वहाँ के अल्पसंख्यक लोग किसी न किसी बहाने भारत की ओर भाग रहे हैं। कुछ दिन पहले 6 हिंदू परिवार भारत तीर्थ यात्रा के बहाने आए थे।

इन लोगों ने आपबीती सुनाते हुए कहा था कि पाकिस्तान में हिंदू बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है। वहाँ मुस्लिम आबादी हिंदुओं पर बहुत अत्याचार करती है। हिंदुओं को पूजा पाठ करने नहीं दिया जाता और न ही धर्म प्रचार करने की आजादी है। अल्पसंख्यकों के बच्चे भी बहुत मुश्किल से पढ़ पाते हैं। होटलों में खाना भी सड़े बर्तनों में खिलाया जाता है।