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मुस्लिम लोग उसे वोट देते हैं जो भाजपा को हरा सकते हैं? | Do Muslims vote against BJP?

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले वोटर्स का चुनावी मूड समझने के लिए ऑपइंडिया लगातार आप तक हर समुदाय के लोगों का पक्ष पहुँचाने में प्रयासरत है। इस यात्रा में हम इस बार पहुँचे हैं पूर्वी चंपारण के ढाका मुस्लिम बहुल क्षेत्र में। इन चुनावों में यदि मुस्लिम आबादी के चुनावी झुकाव को समझना है तो इससे बेहतर क्षेत्र शायद ही कोई हो।

हमने यहाँ के अल्पसंख्यक मतदाताओं से बात करते हुए कई सवालों के जवाब जाने। हमें बताया गया कि आखिर इन लोगों के मुद्दे क्या हैं और यह कैसे वोट करते हैं। स्थानीयों ने तसल्लीबख्श हर सवाल का जवाब दिया। उन्होंने बताया कि वैसे तो सब लोग उसे ही वोट देंगे जिसे दिल चाहता है, लेकिन उनकी माँग यही है कि उनके विकास की दिशा में काम हो, जो लोग अच्छा काम करे, उन्हें ही वोट मिले।

ग्राउंड रिपोर्ट की पूरी वीडियो इस लिंक पर क्लिक करके देखें।

लालू परिवार चोर है, उसको वोट नहीं देंगे: ग्राउंड रिपोर्ट | Bihar Elections: Won’t vote for thieves

बिहार में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर राजद का दावा है कि इस बार प्रदेश को तेजस्वी यादव के रूप में युवा मुख्यमंत्री मिलने वाला है। हालाँकि, यह बात और है कि हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में स्थित फुलहारा गाँव के ग्रामीण इन दावों को खोखला साबित करते हैं।

यहाँ के लोगों का कहना है कि गरीबों की कोई सरकार नहीं होती है। उनके गाँव में कोई विकास नहीं हुआ, लेकिन तब भी वह चोरों को वोट नहीं देंगे। इनके हिसाब से लालू परिवार चोर है।

एक खास बात और इस गाँव में देखने को मिलती है कि यहाँ की महिलाएँ तेजप्रताप यादव के पारिवारिक जीवन में उत्पन्न कलह को बेहद गंभीरता से लेती हैं। उनका मानना है कि जो घर अपनी बहू को नहीं संभाल पाया, वह पूरी प्रदेश की महिलाओं की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित करेगा।

पूरी ग्राउंड रिपोर्ट इस वीडियो लिंक पर क्लिक करके देखें।

मुंगेर का अनुराग: गोद में सर, बाहर गिरा दिमाग, इस क्रूरता को भूलना मत | Ajeet Bharti Video On Munger killing Anurag Poddar

बिहार के मुंगेर में अनुराग पोद्दार की हत्या के बाद सामने आने वाली तस्वीरें शायद कुछ समय बाद हमारी स्मृतियों से गायब हो जाएँगी। हम भूल जाएँगे कि अनुराग की माँ ने आखिरी बार अपनी गोद में अपने बेटे का सिर तो रखा था, लेकिन उसका दिमाग निकल कर बाहर सड़क पर पड़ा था।

आखिर हमें अब पालघर के साधुओं की वह तस्वीर भी कहाँ देखने को मिलती है जिसमें उग्र भीड़ का शिकार होने से पहले वह दया याचना की अपेक्षा लिए पुलिस की ओर देख रहे थे।

मुंगेर की माँ की यह तस्वीर भी धीरे-धीरे धुंधली हो जाएगी। अनुराग की मृत्यु न तो पहली है और न आखिरी। आदर्श नगर का राहुल हो या फिर सुशील, हिंदुओं पर होती बर्बरता अब दिन पर दिन बढ़ती जा रही है। जो तत्परता किसी तबरेज, अखलाख के मरने पर शीर्ष नेतृत्व द्वारा दिखाई जाती है, उससे हिंदू आज तक अछूता है।

पूरा वीडियो इस लिंक पर क्लिक करके देखें।

पुलिस ने ही की थी मुंगेर में भीड़ पर फायरिंग, गलत साबित हुआ SP लिपि सिंह का दावा: CISF की रिपोर्ट में खुलासा

बिहार के मुंगेर जिले में भीड़ पर हुई फ़ायरिंग मामले में घटनास्थल पर मौजूद सीआइएसएफ़ (CISF) ने बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट में बेहद साफ़ तौर पर कहा गया है कि घटना में पुलिस की तरफ से बड़ी गलती हुई। इसके अलावा रिपोर्ट में यह बात भी कही गई है कि 26 अक्टूबर को गोली पुलिस द्वारा ही चलाई गई थी। 

इस जानकारी के सामने आने के बाद मुंगेर की पूर्व एसपी लिपि सिंह किसी भी वक्त कार्रवाई के दायरे में आ सकती हैं। मुंगेर में भीड़ पर हुई फ़ायरिंग की घटना के बाद उन्होंने दावा किया था कि भीड़ द्वारा मचाए गए उपद्रव के बाद पुलिस ने गोली चलाई थी। पुलिस की इस कार्रवाई के चलते एक युवक की मौत हो गई थी।

सीआइएसएफ़ ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि 26 अक्टूबर की रात 11:20 पर CISF के 20 जवानों की टुकड़ी को मूर्ति विसर्जन की सुरक्षा ड्यूटी के लिए जिला स्कूल स्थित कैम्प से भेजा गया था। यहाँ बिहार पुलिस ने कुल 20 जवानों की टुकड़ी को 10-10 जवानों की दो टुकड़ियों में बाँट दिया था।

टुकड़ियों को बाँटने के बाद इसमें से एक टुकड़ी को एसएसबी और दूसरी टुकड़ी को बिहार पुलिस के जवानों के साथ दीनदयाल उपाध्याय चौक पर तैनात किया गया। इसके बाद रिपोर्ट में बताया गया है कि 26 अक्टूबर की रात 11:45 के आस-पास श्रद्धालुओं और पुलिसकर्मियों के बीच विवाद शुरू हुआ। 

इसके बाद भीड़ में मौजूद कुछ लोगों ने पुलिस पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया और इस पथराव की जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने हवाई गोलीबारी कर दी। पुलिस की तरफ से हुई इस कार्रवाई के बाद भीड़ और आक्रोशित हो गई, मौके पर पथराव भी तेज़ हो गया।

हालात अनियंत्रित होने के बाद सीआइएसएफ़ के हेड कॉन्स्टेबल एम गंगैया पर अपनी इंसास राइफल से 5.56 एमए की 13 गोलियाँ फायर करने का आरोप भी है। रिपोर्ट के मुताबिक़ इसके बाद आक्रोशित लोगों की भीड़ अव्यवस्थित हो गई। फिर स्थानीय पुलिस, एसएसबी और सीआइएसएफ़ के जवान अपने कैम्प में वापस लौटे।       

बिहार के मुंगेर में दुर्गा पूजा के विसर्जन के दौरान पुलिस की बर्बरता के वीडियो सामने आए थे। इन वीडियो में पुलिस को श्रद्धालुओं पर लाठियाँ बरसाते हुए देखा जा सकता है। पुलिस और श्रद्धालुओं की इस भिड़ंत में 1 युवक की मौत हो गई थी, जबकि कई घायल हुए थे।

सोमवार (अक्टूबर 26, 2020) की रात माँ दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन यात्रा पर मुंगेर पुलिस के लाठीचार्ज का वीडियो के वायरल होने के बाद जिला प्रशासन की खासी आलोचना भी हुई थी। इस घटना पर एसपी लिपि सिंह ने दावा किया था कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पथराव किया और गोलीबारी की, जिसके बाद अपने बचाव में पुलिस ने कार्रवाई की।  

‘कश्मीर पर हो चीन का शासन’ – The Wire से पाक NSA ने फारुख अब्दुल्ला वाली बात कही, उइगर के हालात से संतुष्ट

पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) मोइद युसूफ ने भारत की वामपंथी प्रोपेगेंडा वेबसाइट द वायर को एक साक्षात्कार दिया। साक्षात्कार में उन्होंने भारत और पाकिस्तानी सरकार से जुड़े कई मुद्दों पर अपना नज़रिया रखा लेकिन अपनी बात रखने के दौरान उन्होंने भारत विरोधी ‘पाकिस्तानी एजेंडे’ का प्रचार भी किया। 

भारत में हुए पाकिस्तान प्रायोजित हमलों से लेकर कश्मीर मसले तक, पाकिस्तान के एनएसए ने लगभग हर संवेदनशील मुद्दे पर भारत सरकार को दोषी घोषित कर दिया। इस दौरान सबसे ज़्यादा हैरान करने वाली बात यह थी कि वह मानते हैं कि ‘उइगर समुदाय के लोग उनके लिए कोई मुद्दा नहीं हैं और वह इस मुद्दे पर चीन के रवैये से संतुष्ट हैं।’ उन्होंने कहा, “मैं बतौर पाकिस्तानी अधिकारी आपको इस बात से अवगत कराना चाहता हूँ कि हम इस बारे में सब कुछ जानते हैं और उइगरों से हमारा सरोकार शून्य फ़ीसदी है।”

पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोइद युसूफ ने अपनी बात की शुरुआत फारुख अब्दुल्ला के बयान का उल्लेख करते हुए की। मोइद ने कहा कि उन्होंने फारुख अब्दुल्ला का द वायर को दिया हुआ साक्षात्कार देखा था, जिसमें उन्होंने कहा था, “कश्मीरी खुद को भारतीय नहीं मानते हैं, कश्मीरी भारत से नफरत करते हैं।”

इसके बाद मोइद ने फारुख अब्दुल्ला के साक्षात्कार के दूसरे हिस्से का उल्लेख करते हुए कहा, “फारुख अब्दुल्ला ने यहाँ तक कहा कि वह भारत का हिस्सा नहीं बने रहना चाहते हैं और न ही भारत सरकार के शासन में आना चाहते हैं। इससे बेहतर कश्मीर चीन के दायरे में आ जाए यानी उनके मुताबिक़ कश्मीर पर चीन का शासन होना चाहिए।”

फिर भारत सरकार पर गम्भीर आरोप लगाते हुए पाकिस्तानी एनएसए ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र के ‘चार्टर’ का उल्लंघन करता है। इतना ही नहीं, भारत ने पिछले कुछ सालों में अन्तरराष्ट्रीय सीमा विवाद से जुड़े हर मसले को एकतरफ़ा नीति (unilaterally) के आधार पर ही हल किया है। उन्होंने चीन में उइगर समुदाय के लोगों पर हो रहे अत्याचार के सवाल को दोबारा नज़रअंदाज़ करते हुए कहा, 

“पाकिस्तानी सिर्फ उन सीमा संबंधी मामलों पर बात करता है, जिन पर वह दावा करता है। चीन और पाकिस्तान के संबंध बहुत अच्छे हैं और उइगर हमारे लिए नॉन इशू (कोई मसला नहीं है) है। चीन और पाकिस्तान के बीच रिश्ते पूरी तरह पारदर्शी नीति पर टिके हुए हैं और हम वहाँ मौजूद उइगर समुदाय के लोगों के हालातों से पूरी तरह वाक़िफ़ हैं।” 

जबकि फ़ाइनेंशियल टाइम्स को दिए साक्षात्कार में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ठीक इसके उलट बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि चीन में उइगरों के साथ क्या हो रहा है, वह इस बारे में कुछ नहीं जानते हैं, इसलिए वह इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते हैं। उनका स्पष्ट तौर पर कहना था कि हम उइगर समुदाय के लोगों को लेकर चीन के रवैये से अनभिज्ञ हैं, इसलिए उनका इस पर कोई मत नहीं है। 

इसके बाद एक बार फिर हास्यास्पद दावा करते हुए पाकिस्तानी एनएसए ने कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री और पाकिस्तानी सेना प्रमुख शांति वार्ता को प्राथमिकता देते हैं। वह चाहते हैं कि दोनों देशों के बीच संवाद के माध्यम और सशक्त हों, जिससे संबंधों में सुधार हो।

मुंबई में हुए 26/11 के आतंकवादी हमलों में पाकिस्तान की भूमिका और पाकिस्तानी सरकार के सतही रवैये को लेकर पूछे गए सवाल पर भी मोइद युसूफ की प्रतिक्रिया निराधार थी। इस मुद्दे से जुड़े सवालों पर उन्होंने पाकिस्तानी में हुए हमलों के लिए भारत को ज़िम्मेदार ठहरा दिया और साथ ही भारत सरकार पर आतंकवादी संगठनों की फंडिंग का आरोप लगाया।

इतनी बड़ी बात करते हुए उन्होंने इस मुद्दे पर एक भी शब्द नहीं कहा कि पाकिस्तान की सरकार ने घटना को अंजाम देने वाले आतंकियों पर क्यों एक्शन क्यों नहीं लिया। घटना का षड्यंत्र रचने वालों को पाकिस्तानी सरकार बचाने पर क्यों तुली हुई है, इस पर भी उन्होंने चुप्पी ही साधी। 

साक्षात्कार के अंत में पाकिस्तान और भारत के रिश्ते सामान्य होने की बात पर भी मोइद युसूफ ने तमाम विचित्र दावे किए। उन्होंने सबसे पहले कहा कि घाटी से भारतीय सेना हटाई जाए जबकि साक्षात्कार की शुरुआत में उन्होंने कहा था कि इस मसले पर पाकिस्तान का सीधे तौर पर कोई संबंध नहीं है। फिर भी उनके मुताबिक़ भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत के लिए घाटी से भारतीय सेना हटाई जानी चाहिए।

मोइद युसूफ के अनुसार कश्मीर में नरसंहार हो रहा है और भारत सरकार को ऐसा नहीं करना चाहिए। लेकिन चीन में उइगर समुदाय के लोगों के साथ जो कुछ हो रहा है वह सामान्य है, लाखों करोड़ों उइगर चीन के डिटेंशन कैम्प में बंद हैं और अत्याचार झेल रहे हैं, वह पाकिस्तान के अनुसार कोई मुद्दा नहीं है।   

निकिता के हत्यारे तौसीफ को जेल में नजर आ रहा खतरा: अपहरण के आरोपित मामा के कारागार में होना चाहता है शिफ्ट

फरीदाबाद के निकिता हत्याकांड मामले के आरोपित तौसीफ के वकील ने अदालत में एक याचिका दायर की है। याचिका में उसका कहना है कि उसके मुवक्किल को खतरा है, उस पर किसी भी वक्त हमला हो सकता है। इस बात को मद्देनज़र रखते हुए उसे जेल के अन्दर एक सुरक्षित बैरक में रखा जाए। 

याचिका में आरोपित तौसीफ के वकील ने कहा है कि उसके मुवक्किल को नीमका जेल की जगह भौंडसी जेल में रखा जाए। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक़ गुरूवार (29 अक्टूबर 2020) को एसआईटी ने आरोपित तौसीफ और उसे कट्टा दिलाने वाले अजरुद्दीन को न्यायालय में पेश किया था। इसके बाद न्यायालय ने दोनों आरोपितों को न्यायिक हिरासत में नीमका जेल भेज दिया। 

निकिता हत्याकांड के आरोपित तौसीफ का पक्ष रखने वाले वकील अनीश खान ने अदालत के सामने कहा कि उसके मुवक्किल को नीमका जेल की बजाय भौंडसी जेल भेजा जाए। इसके अलावा जेल के भीतर उसे सुरक्षा भी प्रदान कराई जाए। याचिका दायर करते हुए आरोपित के वकील अनीश खान ने कहा, “जेल में तौसीफ पर हमला हो सकता है इसलिए उसे जेल के भीतर किसी सुरक्षित बैरक में रखा जाना चाहिए।” लेकिन अदालत ने इस याचिका के संबंध में अभी तक कोई आदेश जारी नहीं किया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक़ आरोपित तौसीफ का मामा इस्लामुदीन आपराधिक प्रवृत्ति का है और वह भी भौंडसी जेल में बंद है। इस बात को मद्देनज़र रखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि उसे भौंडसी जेल भेजने की माँग उठाई गई है। आरोपित का मामा एक इंस्पेक्टर के अपहरण के मामले में भी आरोपित है और उसने ही तौसीफ का अजरुद्दीन से परिचय कराया था जिसने उसे घटना को अंजाम देने के लिए कट्टा उपलब्ध कराया था। ऐसे में यदि तौसीफ भी उसी जेल में भेज दिया जाता है तो वह साथ मिल कर बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।         

इसके अलावा निकिता हत्याकांड में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। फरीदाबाद के वल्लभगढ़ क्षेत्र में अग्रवाल कॉलेज के सामने दिन दहाड़े बीकॉम की छात्रा निकिता की हत्या का आरोपित उसे मेवात लेकर जाना चाहता था। तौसीफ निकिता का अपहरण करके उसे अपने साथ गाँव ले जाना चाहता था और वहाँ पर इसके बाद उसने शादी करने की योजना भी तैयार कर ली थी। पुलिस ने भी मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए निकिता के पिता, भाई और माता को सुरक्षा के दृष्टिकोण से अलग-अलग गनमैन उपलब्ध कराए हैं। 

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो पुलिस ने इस मामले में 3 गिरफ्तारियाँ करके तमाम ज़रूरी सबूत इकट्ठा कर लिए हैं। जाँच कर रही एसआईटी की टीम ने इस मामले में चार्जशीट दायर करने के लिए 7 दिन का समय माँगा है, मगर शासन की तरफ से उन्हें इस कार्रवाई के लिए 12 दिन का समय दिया गया है। घटना के संबंध में जितनी जल्दी चार्जशीट दायर होगी उतनी जल्दी सुनवाई शुरू होगी। निकिता के पिता पहले ही बता चुके हैं कि तौसीफ और उसका पूरा परिवार उनकी बेटी पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाता था। यह सिलसिला साल 2018 से लगातार चल रहा था जब तौसीफ ने निकिता का अपहरण किया था।    

‘फ्रेंच राष्ट्रपति ने अल्लाह के रसूल की शान में गुस्ताखी की, ऐसी ही सजा मिलनी चाहिए’; कॉन्ग्रेसी MLA ने जमा की भीड़

इस्लामी कट्टरपंथ को लेकर फ्रांस की सरकार ने जिस तरह का रवैया अपनाया, उसका विरोध तमाम इस्लामी मुल्कों में सामने आया। अब इसी कड़ी में भारत का कट्टरपंथी मुस्लिम वर्ग फ्रांस की सरकार और वहाँ के राष्ट्रपति एमैनुएल मेक्रों के विरोध में सड़कों पर नज़र आ रहा है। मुंबई और भोपाल में ये कट्टरपंथी लोग फ्रांस के राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। 

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई स्थित भिंडी बाज़ार में फ्रांस के राष्ट्रपति का पोस्टर सड़क पर चिपका कर विरोध किया गया। इस विरोध प्रदर्शन के वीडियो में साफ़ देखा जा सकता है कि रास्ते पर मैक्रों के पोस्टर चिपके हुए हैं और उसके ऊपर से वाहन गुज़र रहे हैं। इस दौरान सबसे ज़्यादा हैरानी की बात तब हुई, जब एक मौलाना ने इस प्रकरण पर बयान दिया।

पैगंबर मोहम्मद से प्यार, दूसरों के लिए चप्पल-जूता! 

रज़ा एकेडमी के मौलाना अब्बास रिज़वी ने कहा, “फ्रांस के राष्ट्रपति ने अल्लाह के रसूल की शान में जो गुस्ताखी की है, उसको ऐसी ही सज़ा मिलनी चाहिए।” इसके अलावा मौलाना अब्बास रिज़वी ने मुंबई की सड़कों पर फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का पोस्टर लगाए जाने और उसके ऊपर चप्पल-जूते पहन कर चलते लोगों के साथ कुत्ते-बिल्लियों के चलने का समर्थन भी किया।

कॉन्ग्रेसी MLA ने भोपाल में जमा की धर्म के नाम पर भीड़

इसी तरह मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इस्लामी कट्टरपंथियों ने ‘अद्भुत मिसाल’ पेश की। भोपाल के इकबाल मैदान में कॉन्ग्रेस विधायक आरिफ़ मसूद की अगुवाई में हज़ारों की तादाद में लोग इकट्ठा हुए और उन्होंने अपना विरोध दर्ज कराया। इतना ही नहीं, मौजूद लोगों ने फ्रांस के राष्ट्रपति से माफ़ी माँगने तक की बात कह दी।

भोपाल में इतनी भारी संख्या में लोगों के मौजूद होने के बाद सामाजिक दूरी (सोशल डिसटेंसिंग) के नियमों की जम कर धज्जियाँ उड़ाई गईं। पूरी भीड़ में लगभग नहीं के बराबर लोगों ने मास्क पहना था। खुद विधायक आरिफ के वीडियो में आप इसे देख सकते हैं।

भोपाल पुलिस ने कॉन्ग्रेस विधायक आरिफ़ मसूद समेत कुल 2000 अज्ञात लोगों के विरुद्ध कोरोना के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने के लिए मामला दर्ज कर लिया। कॉन्ग्रेस विधायक का इस मुद्दे पर यह भी कहना है कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने भारत में रहने वाले मुस्लिम लोगों की भावनाओं को आहत किया है।

BJP के 3 युवा कार्यकर्ताओं की आतंकियों ने की हत्या, PM मोदी ने कहा – ‘प्रभावशाली युवा थे, प्रशंसनीय कार्य कर रहे थे’

जम्मू कश्मीर के कुलगाम जिले में गुरूवार (29 अक्टूबर 2020) की देर रात आतंकवादी हमला हुआ। इस आतंकी हमले में भारतीय जनता पार्टी के कुल 3 कार्यकर्ताओं के मारे जाने की खबर है। हमले में तीनों कार्यकर्ता बुरी तरह घायल हुए थे, जिसके बाद इन्हें नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया था और पुलिस के मुताबिक उपचार के दौरान इनकी मृत्यु हो गई। फ़िलहाल पुलिस ने इस प्रकरण में मामला दर्ज करके जाँच शुरू कर दी है। 

मृतक भाजपा कार्यकर्ताओं की पहचान फ़िदा हुसैन यातू, उमर राशिद बेग और उमर रमजान हजम के रूप में हुई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस बात को लेकर इस कोई स्पष्ट जानकारी नहीं उपलब्ध है कि किस संगठन ने इस आतंकवादी हमले की घटना को अंजाम दिया।

पुलिस फ़िलहाल आतंकी हमले वाले क्षेत्र वाईकेपुरा की घेराबंदी कर चुकी है और तलाशी अभियान भी शुरू किया जा चुका है। यह आतंकी हमला ठीक उस वक्त हुआ, जब तीनों भाजपा कार्यकर्ता अपने घर की ओर लौट रहे थे। 

घटना के कुछ ही देर बाद भाजपा की तरफ से इस घटना पर खेद भी प्रकट किया गया। ट्विटर पर पार्टी द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक़ फ़िदा हुसैन भाजपा युवा मोर्चा के जिला सचिव थे। इसके अलावा उमर राशिद बेग और उमर रमजान हजम भी भाजपा युवा मोर्चा का हिस्सा थे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी जम्मू कश्मीर की इस घटना पर शोक जताया। उन्होंने लिखा, “भाजपा के 3 युवा कार्यकर्ताओं की हत्या की निंदा करते हैं। वह प्रभावशाली युवा थे और जम्मू कश्मीर में प्रशंसनीय कार्य कर रहे थे। ऐसे कठिन समय में मेरी संवेदनाएँ और सहानुभूति उनके परिवार के साथ हमेशा मौजूद हैं, ईश्वर मृतकों की आत्मा को शांति दें।”

‘अल्लाह हू अकबर’ चिल्लाती है भीड़ बर्लिन में… और केंपेन शहर में 4 लोगों को रौंद देती है एक कार

फ्रांस में एक शिक्षक का गला काट दिया जाता है। शिक्षक की ‘गलती’ सिर्फ इतनी कि उन्होंने पैगंबर मोहम्मद का कार्टून क्लास के बच्चों को दिखाया था। फ्रांस में इस घटना को लेकर गुस्सा फैल जाता है, धीरे-धीरे पूरे विश्व में इसकी चर्चा होने लगती है। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों इस्लामी कट्टरपंथियों के आगे नहीं झुकने का कठोर संदेश देते हैं।

राष्ट्रपति मैक्रों का यह संदेश इस्लामी कट्टरपंथी लोगों को नहीं भाता है। जगह-जगह विरोध होने लगते हैं… फिर यह हिंसा का रूप धर लेती है… कहीं ‘अल्लाह हू अकबर’ चिल्लाते हुए लोगों का गला काटा जाता है तो कहीं ‘अल्लाह हू अकबर’ चिल्लाती भीड़ जमा होती है… और फिर कोई पैदल चल रहे राहगीरों पर कार चढ़ा देता है

ताजा घटना (29 अक्टूबर 2020 की रात की घटना) जर्मनी के केंपेन शहर की है। यह शहर जर्मनी के ही बर्लिन से करीब 600 किलोमीटर (सड़क की दूरी, हवाई दूरी लगभग 500 किलोमीटर) दूर है। बर्लिन की जानकारी इसलिए क्योंकि जब केंपेन में कार से पैदल चल रहे लोगों को कुचला जाता है, उसके ठीक पहले बर्लिन में इस्लामी कट्टरपंथियों की भीड़ जमा होती है जो ‘अल्लाह हू अकबर’ चिल्ला रही होती है और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का विरोध कर रही होती है।

केंपेन में कार से पैदल यात्रियों के रौंदे जाने की घटना में एक की मौत हो गई है जबकि 3 बुरी तरह घायल हैं। स्थानीय पुलिस अभी जाँच कर रही है कि क्या यह भी किसी आतंकी का कारनामा है या सिर्फ एक दुर्घटना। ऐसा इसलिए क्योंकि कल (29 अक्टूबर 2020 दिन में) ही फ्रांस में दो अलग-अलग जगहों पर आतंकी वारदातें होती हैं। और सऊदी अरब में भी यही दोहराया जाता है।

नीस में अल्लाह-हू-अकबर बोल काटा गला

फ्रांस के नीस शहर में आतंकी घटना में एक व्यक्ति ने अल्लाह-हू-अकबर बोलते हुए कई लोगों पर धारदार हथियार से हमला किया। इस घटना में 3 लोगों की जान गई और कई घायल हैं। मरने वालों में एक महिला भी शामिल है, जिनका गला काट दिया गया है।

फ्रांस में दूसरा आतंकी हमला, सऊदी अरब में मारा चाकू

फ्रांस के एविगनन (Avignon) शहर में एक व्यक्ति ने अल्लाह-हू-अकबर का नारा लगाते हुए धारदार हथियार से पुलिसकर्मियों के एक समूह पर हमला कर दिया। इस घटना को फ्रांस के ही नीस में 3 लोगों की गला काट कर हत्या करने के कुछ ही घंटों बाद अंजाम दिया गया। ठीक इसी तरह का एक और कट्टरपंथी प्रयास सऊदी अरब के जेद्दाह शहर में हुआ। सऊदी अरब के फ्रांसीसी दूतावास में तैनात सुरक्षाकर्मी पर धारदार हथियार से हमला किया गया।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर जी से अजीत भारती की खास बातचीत | Union minister Prakash Javdekar talks to OpIndia

मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में तीन मंत्रालयों को संभालने वाले केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने ऑपइंडिया को दिए अपने पहले इंटरव्यू के दौरान कई महत्तवपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।

संपादक अजीत भारती के साथ बातचीत करते हुए उन्होंने पर्यावरण से लेकर डिजिटल मीडिया, फेक न्यूज, रिपब्लिक टीवी, टीआरपी विवाद, महाराष्ट्र बिहार की राजनीति व एनसीआरटी से संबंधित विषयों पर अपनी बात रखी।

उन्होंने बताया कि कैसे उनके कार्य विकास विद जंगल की दिशा में काम कर रहे हैं। कैसे वह नक्सलवाद प्रभावी इलाकों को भयमुक्त बना रहे हैं। उन्होंने ओटीटी प्लेटफॉर्म पर सेल्फ रेग्युलेशन को लेकर भी चर्चा की। साथ ही रिपब्लिक टीवी पर हो रहे हमलों को लेकर स्पष्ट कहा कि राजनितिक हितों के लिए पत्रकारों का दमन बिलकुल गलत है।

पूरा वीडियो को इस लिंक पर क्लिक करके देखें।