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नूँह कॉन्ग्रेस MLA आफताब अहमद हैं निकिता के हत्यारे तौसीफ के चाचा, कहा- हमें नहीं थी हथियार की जानकारी

हरियाणा के बल्लभगढ़ में दिन दहाड़े हिंदू लड़की निकिता तोमर (Nikita Tomar) पर गोली चलाने वाले तौसीफ (Tauseef) को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। दरअसल, तौसीफ का पारिवारिक कनेक्शन कॉन्ग्रेस से जुड़ा है। 

समाचार चैनल ‘न्यूज 18’ की मानें तो कॉन्ग्रेस के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री खुर्शीद अहमद निकिता के हत्यारे के चचेरे दादा लगते हैं। इसी तरह वर्तमान में मेवात के नूँह से कॉन्ग्रेस विधायक आफताब अहमद आरोपित तौसीफ के चाचा हैं।

वहीं, मृतका के भाई ने भी मीडिया को दिए इंटरव्यू में इस बात का खुलासा किया है कि तौसीफ को बचाने के लिए लगातार पॉलिटिकल प्रेशर बनाया जा रहा है। निकिता के भाई ने अपने बयान में कॉन्ग्रेस नेता आफताब अहमद का भी नाम लिया है।

गौरतलब है कि कुछ समय पहले तक तौसीफ के पॉलिटिकल कनेक्शन की बातें सिर्फ़ स्थानीय रिपोर्ट्स से सामने आ रही थी। लेकिन अब इस बात की लगभग हर जगह चर्चा है कि हाथरस केस में हाय तौबा मचा देने वाली कॉन्ग्रेस इस केस में अभी तक क्यों चुप हैं। आखिर क्यों न मेवात में कॉन्ग्रेस नेताओं ने कुछ बोला है और न ही पूरी हरियाणा की कॉन्ग्रेस ने?

बता दें कि अभी तक तौसीफ और उसके साथी की गिरफ्तारी हो चुकी है। केस में एसआईटी गठन के आदेश दे दिए गए हैं। परिवार लगातार सड़क पर बैठ कर प्रदर्शन कर रहा है। उनकी माँग है कि केस को फास्टट्रैक में सुना जाए।

तौसीफ के चाचा जावेद अहमद का बयान

उधर आफताब अहमद के भाई जावेद आहमद ने एबीपी को इंटरव्यू दिया है। इस साक्षात्कार में उन्होंने निकिता की हत्या पर अपनी संवेदना व्यक्त करने की बात की और कहा है कि वह निकिता के घरवालों के साथ खड़े हैं। वहीं, तौसीफ के पास हथियार होने की जानकारी होने की बात को जावेद ने बिलकुल नकारा है।

जावेद के बारे में बता दें कि वह तौसीफ के रिश्ते में चाचा लगते हैं और सोहना क्षेत्र में बसपा की ओर से विधायक का चुनाव भी लड़ चुके हैं। जावेद ने इस केस को किसी भी प्रकार से प्रभावित करने की बात को नकारा है। इतना ही नहीं, इस बातचीत में जावेद ने लव जिहाद के आरोपों पर पहले लड़की के परिजनों को ओछी मानसिकता वाला बताया। फिर इस बात से मुकर गए और कहा कि वो उन लोगों को बोल रहे हैं जो आज इस मौके पर राजनीति कर रहे हैं।

जावेद ने यह भी बताने की कोशिश की है कि उन्हें इस सबके संबंध में कुछ नहीं पता था जबकि लड़की के परिजनों का कहना है कि तौसीफ साल 2018 में भी निकिता का अपहरण कर चुका था, उस समय जब लड़की के घरवाले उसे छुड़ाने गए तो भी उन्हें आश्वासन दिया गया कि उनका लड़का दोबारा उनकी लड़की को परेशाान नहीं करेगा, वे लोग अपनी बेटी ले जाएँ और पढ़ाएँ।

महिलाओं की ही तरह अकेले पुरुष अभिभावकों को भी मिलेगी चाइल्ड केयर लीव: केंद्र सरकार का फैसला

केंद्र सरकार ने सरकारी पुरुष कर्मचारियों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने घोषणा की है कि जो पुरुष सरकारी कर्मचारी हैं और बच्चे का पालन अकेले कर रहे हैं, उन्हें अब चाइल्ड केयर लीव दी जाएगी। इन छुट्टियों को “Earned leave” के तौर पर लिया जाएगा। इनमें तलाकशुदा, विधुर व अविवाहित पुरुष भी आएँगे।

उन्होंने यह भी कहा कि इस निर्णय से संबंधित आदेश कुछ समय पहले ही दे दिए गए थे लेकिन ये कुछ कारणों की वजह से सार्वजनिक तौर पर लोगों के बीच नहीं पहुँच पाया। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि कर्मचारी अब सक्षम प्राधिकारी की पूर्व स्वीकृति के साथ मुख्यालय से जा सकते हैं।

केंद्रीय मंत्री ने कहा है कि चाइल्ड केयर लीव पर जाने वाले पुरुषों को पहले साल 100 % सैलरी और उसके दूसरे साल 80 % सैलरी दी जा सकेगी। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि वह कर्मचारी चाइल्ड केयर लीव पर रहते हुए अगर चाहे तो लीव ट्रैवल कन्सेशन (LTC) का भी लाभ उठा सकता है।

आगे जीतेंद्र सिंह ने एक और सुधार के बारे में बात करते हुए कहा कि अब दिव्यांग बच्चे की देखभाल के लिए कोई सरकारी कर्मचारी कभी भी चाइल्ड केयर लीव ले सकता है। पहले इसके लिए बच्चे की अधिकतम उम्र सीमा 22 वर्ष तय की गई थी।

यहाँ बता दें कि इस फैसले की घोषणा के बाद से सोशल मीडिया पर इसे बहुत सराहा जा रहा है। केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र मंत्री जीतेंद्र सिंह को शुभकामनाएँ दी हैं। साथ ही इस फैसले को लिंग समानता की दिशा में एक उल्लेखनीय कदम बताया है।

वहीं, केंद्रीय मंत्री जीतेंद्र सिंह ने भी इस बात का उल्लेख किया कि नरेंद्र मोदी ने ऐसे सुधारों में व्यक्तिगत रूप से दिलचस्पी दिखाई, जिसके कारण कई निर्णय थोड़े हटकर भी लिए गए। इस सुधारवादी फैसले के पीछे सरकार का उद्देश्य यही है कि कर्मचारी अपनी क्षमताओं का अच्छा प्रदर्शन कर सके।

फेक TRP स्कैम में मुंबई पुलिस द्वारा गवाहों पर दबाव बनाने वाले ऑपइंडिया के ऑडियो टेप स्टोरी पर CBI ने दी प्रतिक्रिया

‘ऑपइंडिया’ ने एक कॉल रिकॉर्डिंग से इस बात की पुष्टि की थी कि रिपब्लिक टीवी को फँसाने के लिए मुंबई पुलिस गवाहों पर भी दबाव बना रही है। जिस गवाह ने यह खुलासा पने पड़ोसी के सामने किया था, उसके घर में एक बार-ओ-मीटर लगाया गया था। अब केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) ने ऑपइंडिया के इस खबर पर प्रतिक्रिया दिया है।

ऑपइंडिया ने 23 अक्टूबर को पहली बार केंद्रीय जाँच ब्यूरो को ऑडियोटेप के बारे में ईमेल किया था, जिसमें दो लोगों को बात करते हुए सुना गया था। जिसके घर में बार-ओ-मीटर लगाया गया था, उसने अपने पड़ोसी से बात करते हुए आरोप लगाया था कि उसे टीआरपी घोटाले की जाँच में रिपब्लिक टीवी को फँसाने के लिए मजबूर किया जा रहा है। 

ऑपइंडिया ने यह कहते हुए सीबीआई को इस टेप के बारे में सूचित किया था कि स्वतंत्र पत्रकार के रूप में, यह हमारा कर्तव्य है कि हम इस जानकारी को जनता के लिए जारी करें, हम उस पेन-ड्राइव को सौंपने के इच्छुक हैं, जिसमें ऑपइंडिया को यह ऑडियो मिला था।

सीबीआई ने अब जवाब दिया है। उत्तर प्रदेश में दायर एक अलग एफआईआर में टीआरपी घोटाले की जाँच कर रहे सीबीआई के अधिकारी ने ऑपइंडिया को 23 तारीख को भेजे गए ईमेल का हवाला देते हुए ईमेल किया। अधिकारी ने कहा है कि वह टीआरपी घोटाले से संबंधित एक मामले की जाँच कर रहे हैं। उन्होंने ऑपइंडिया से ‘आगे की कार्रवाई’ के लिए सबूत सौंपने का अनुरोध किया।

सूत्रों ने ऑपइंडिया को यह भी बताया कि सीबीआई सबूतों की जाँच करेगी और जाँच अभी प्रारंभिक चरण में है। ऑपइंडिया ने सीबीआई को विधिवत सूचित किया है कि वह अधिकारियों को पेन-ड्राइव सौंप देगी।

ऑडियो में क्या है?

बता दें कि ऑपइंडिया के पास यह रिकॉर्डिंग बेहद विश्वसनीय स्रोत्र के जरिए आई। इससे पता चल रहा था कि व्यक्ति अपने परिवार व अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता में था क्योंकि कॉल रिकॉर्डिंग के अनुसार, मुंबई पुलिस उसके घर में रात 3:00 -3:30 बजे घुस गई। दोनों के बीच की बातचीत से स्पष्ट होता है कि मुंबई पुलिस ‘रिपब्लिक टीवी’ के खिलाफ बयान देने के लिए दबाव बना रही है, जिसके कारण गवाह अपने और अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर काफी डरा हुआ है। 

ऑडियो में पहला व्यक्ति अपने पड़ोसी को बताता है कि मुंबई पुलिस उनके घर में मशीन (बार ओ मीटर) की जानकारी जुटाने आई थी और उनसे कहा कि उन्होंने किसी को अरेस्ट किया है जिसने पूछताछ में उन लोगों का नाम लिया है। इसके बाद उन्होंने मशीन के बारे में पूछा। साथ ही ये भी जानना चाहा कि उन्हें पैसे कैसे मिलते हैं, उन्हें कौन पैसे देता है, और कहाँ से उन्हें पैसे मिलते हैं।

कॉल पर पड़ोसी से बात करते हुए व्यक्ति बेहद घबराया हुआ प्रतीत होता है और बार-बार कहता है कि 10-12 पुलिस वाले आए थे, अगर ऐसे ही आते रहे तो उसके आस पड़ोस के लोग क्या बोलेंगे। वह कहता है कि पुलिस ने उन्हें बताया कि गिरफ्तार हुए शख्स ने उसके परिवार का नाम लेकर कहा है कि उसने यहाँ 500 रुपए दिए हैं और 200 रुपए अकॉउंट में भेजे हैं। पड़ोसी को व्यक्ति ने यह भी बताया कि जब उसके घर में पुलिस आई तब वह ड्यूटी पर था और पुलिस उसके घरवालों से उससे जुड़ी सारी जानकारी लिख कर ले गई।

फोन पर घबराई आवाज में व्यक्ति साफ कहता है कि पुलिस ने ‘रिपब्लिक भारत’ का नाम लिख लिया है। इस पर दूसरा व्यक्ति कहता है कि पुलिस ये सब उन्हें (अनुमान के मुताबिक रिपब्लिक टीवी) फँसाने के लिए कर रही है। इस पर व्यक्ति और ज्यादा चिंता में पड़ जाता है और कहता है कि पुलिस उसके ख़िलाफ़ भी झूठे आरोप लगा देगी।

TRP स्कैम में इंडिया टुडे का नाम

गौरतलब है कि TRP स्कैम का मुद्दा गर्माने के बाद से मुंबई पुलिस की भूमिका लगातार शक के घेरे में है। पहले इस बात का खुलासा हुआ कि मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में निराधार ही Republic TV का नाम पूरे घोटाले में लिया, जबकि दर्ज शिकायत में समाचार चैनल ‘इंडिया टुडे’ का नाम था, और अब ताजा खुलासे में यह पता चला है कि कैसे मुंबई पुलिस अपनी मनमर्जी से गवाह के बयान को तोड़-मरोड़ कर ‘Republic TV’ को इस पूरे घोटाले का हिस्सा बनाने की कोशिश कर रही है।

हाफिज सईद के बहनोई से लेकर मुंबई धमाकों के आरोपितों तक: केंद्र ने UAPA के तहत 18 को घोषित किया आतंकी

केंद्र सरकार आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीरो टॉलरेंस की नीति पर पूरी तरह से कायम है। राष्ट्रीय सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए सरकार ने UAPA अधिनियम के प्रावधानों के तहत 18 और व्यक्तियों को आतंकवादी घोषित किया है। इसमें पाकिस्तान की जमीन पर पल रहे कई आतंकवादी भी शामिल हैं। हिजबुल मुजाहिद्दीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन, इंडियन मुजाहिद्दीन के भटकल बंधुओं को यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है।

गृह मंत्रालय ने बताया, “राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के प्रति प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए, सरकार ने UAPA अधिनियम 1967 (2019 में संशोधित) के प्रावधानों के तहत अठारह और आतंकी सरगनाओं को आतंकवादी घोषित किया है।”

सरकार द्वारा जारी इस सूची में पाकिस्तान स्थित आतंकवादी भी शामिल हैं। इसमें 26/11 मुंबई हमले में आरोपित आतंकी संगठन लश्कर का यूसुफ मुजम्मिल, लश्कर चीफ हाफिज सईद का बहनोई अब्दुर रहमान मक्की, 1999 में कंधार lC-814 विमान अपहरण में शामिल यूसुफ अजहर, मुंबई धमाकों के साजिशकर्ता टाइगर मेमन और छोटा शकील भी शामिल है।

बता दें कि पहले सिर्फ आतंकवादी संगठनों को इसमें शामिल किया जा सकता था, लेकिन फिर अगस्त 2019 में इसमें बदलाव हुआ था। अब किसी अकेले व्यक्ति को भी आतंकवादी वाली लिस्ट में सूचित कर सकते हैं। सितंबर 2019 में 4 और फिर जुलाई 2020 में 9 नामों को गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम के तहत आतंकवादी वाली लिस्ट में शामिल किया गया था।

गौरतलब है कि गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) संशोधन बिल, 2019 को गृह मंत्री अमित शाह ने 8 जुलाई, 2019 को लोकसभा में पेश किया था जिसे 24 जुलाई को लोकसभा द्वारा पास कर दिया गया था। यह बिल गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) एक्ट, 1967 में संशोधन करता है। यह एक्ट आतंकी और नक्सलवादी गतिविधियों को काबू में करने के लिए पुराने एक्ट में कुछ बदलाव करता है ताकि भारत के खिलाफ होने वाली आतंकी गतिविधियों से कड़ाई से निपटा जा सके। 

निकिता तोमर हत्याकांड: तौसीफ के बाद अब रेवान भी गिरफ्तार, भाई ने कहा- अगर मुस्लिम की बेटी होती तो सारा प्रशासन यहाँ होता

दिल्ली से सटे हरियाणा के फरीदाबाद के बल्लभगढ़ थाना क्षेत्र में बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा निकिता तोमर की हत्या के मामले में मुख्य आरोपित तौसीफ (आरोपित तौसीफ का नाम कुछ समाचार पोर्टल्स द्वारा ‘तौफीक’ भी बताया जा रहा है) के अलावा अब पुलिस ने दूसरे आरोपित रेवान को भी धर-दबोचने में कामयाबी पाई है। मृतका के परिजनों ने इसे ‘लव जिहाद’ का मामला बताया है। निकिता तोमर हत्याकांड के दोनों ही आरोपितों को नूँह से गिरफ्तार किया गया। परिजन अब बल्लभगढ़-सोहना मार्ग पर धरने पर बैठ गए हैं।

निकिता तोमर के भाई नवीन ने आरोप लगाया है कि इससे पहले भी तौसीफ (Tauseef) ने उनके बहन के अपहरण का प्रयास किया था, लेकिन पुलिस ने उस समय कोई कार्रवाई नहीं की। एसीपी मुख्यालय आदर्श दीप मौके पर पहुँचे हुए हैं। तौसीफ (Tauseef) को मंगलवार (अक्टूबर 27, 2020) को ही कोर्ट में पेश कर के उसे रिमांड पर लिया जाएगा। पुलिस आयुक्त ने भी पिछली रात पीड़ित परिजनों से मिल कर दूसरे आरोपित की गिरफ़्तारी का आश्वासन दिया था।

ये वारदात अग्रवाल कॉलेज के ठीक सामने हुई थी। अब परिजन धरने पर बैठे हुए हैं, जहाँ पुलिस को भी भारी संख्या में तैनात किया गया है। माँ ने कहा है कि जब तक दोषियों का एनकाउंटर नहीं किया जाता, तब तक वो अपनी बेटी का अंतिम-संस्कार नहीं करेंगी। वहीं भाई ने कहा कि जिस तरह उनकी बहन को दौड़ा-दौड़ा कर गोली मारी गई, दोषियों का भी एनकाउंटर हो, ताकि आगे किसी बहन-बेटी के साथ इस तरह का हादसा न हो।

देश की राजधानी से 63 किलोमीटर दूर हुए इस हत्याकांड के दौरान निकिता तोमर की सहेली भी उसके साथ में थी, जो उसे बचाने की कोशिश कर रही थी। आई-20 कार से आए बदमाशों ने इस घटना को अंजाम दिया था। सड़क पर कई अन्य लोग भी थे, जो तमाशबीन बने रहे। प्रदर्शन कर रहे पीड़ितों का आरोप है कि पुलिस ने उन्हें वहाँ प्रताड़ित किया है और महिला पुलिसकर्मी के बिना ही उन्हें वहाँ से हटाने की कोशिश हुई।

पीड़िता के भाई ने कहा कि अगर प्रशासन कार्रवाई में सक्षम नहीं है तो वो खुद कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर हिन्दू की बेटी है तो क्या कोई कुछ भी करेगा, अगर वही मुस्लिम की बेटी होती तो सारा प्रशासन यहाँ इकट्ठा हो जाता। साथ ही कहा कि इससे पहले पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, क्या वो उनके बहन के मरने का इंतजार कर रहे थे? परिजनों ने कहा कि न्याय नहीं हुआ तो वो खुद हथियार उठाएँगे।

निकिता तोमर के भाई ने न्याय के लिए उठाई आवाज़

निकिता तोमर के घरवालों ने आरोप लगाया है कि निकिता पर तौसीफ धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था। तीन साल पहले इस संबंध में पंचों के सामने फैसला भी हुआ, लेकिन अभी हाल में दोबारा तौसीफ ने लड़की के संपर्क में आने का प्रयास किया। उसने बार बार निकिता को यही कहा, ‘मुस्लिम बन जा हम निकाह कर लेंगे’ मगर जब लड़की ने उसकी बात नहीं सुनी तो उसकी गोली मार कर हत्या कर दी।

मोदी को क्लीन चिट देने पर दिल्ली में बैठे विरोधियों ने किया था उत्पीड़न: CBI के पूर्व निदेशक का खुलासा

पूर्व सीबीआई निदेशक आरके राघवन (RK Raghavan) ने अपनी ऑटोबायोग्राफी में अपने जीवन के कई किस्सों का खुलासा किया है। इस आत्मकथा में उन्होंने उस समय को भी याद किया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गुजरात दंगो के मामले में क्लिन चिट दी गई थी। उन्होंने इसमें बताया कि मोदी विरोधियों ने इस क्लिन चिट देने के बाद उन्हें कितना प्रताड़ित किया।

समाचार पत्र ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ के अनुसार, अपनी बॉयोग्राफी ‘अ रोड वेल ट्रैवल्ड’ (A Road Well Travelled) में सीबीआई के पूर्व निदेशक राघवन लिखते हैं, “उन्होंने मेरे के ख़िलाफ़ याचिकाएँ दर्ज की, मुझपर सीएम को समर्थन देने का आरोप लगाया। इतना ही नहीं, केंद्रीय जाँच एजेंसी का इस्तेमाल करके फोन पर होने वाली बातचीत पर भी निगरानी रखी गई। हालाँकि, अंत में सबको निराशा हाथ लगी क्योंकि उन्हें कुछ नहीं मिला।”

यहाँ बता दें कि वर्ष 2002 में गुजरात के साम्प्रदायिक दंगों में नरेंद्र मोदी पर जो आरोप लगे थे उनकी जाँच के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एसआईटी का गठन हुआ था। आरके राघवन ने उसी एसआईटी का नेतृत्व किया था। अपनी किताब में उन्होंने दावा किया कि उन्होंने उस समय आईपीएस ऑफिसर संजीव भट्ट के उन दावों का भी विरोध किया था जिसमें भट्ट द्वारा कहा गया था कि वह उस बैठक का हिस्सा थे जिसमें नरेंद्र मोदी ने ‘हिंदुओं की भावना ओवरफ्लो’ होने पर पुलिस हस्तक्षेप को मना किया था। राघवन का कहना था कि इस आरोप की कोई पुष्टि नहीं थी।

SIT ने फरवरी, 2012 में एक ‘क्लोजर रिपोर्ट’ दायर की, जिसमें नरेंद्र मोदी और 63 अन्य लोगों को क्लीन चिट दी गई थी। इनमें कई वरिष्ठ सरकारी अधिकारी भी शामिल थे। रिपोर्ट में कहा गया था कि इनके खिलाफ कोई कानूनी सबूत नहीं मिला था।

अपनी किताब में राघवन याद करते हैं कि कैसे इस केस में नरेंद्र मोदी से पूछताछ हुई। वह बताते हैं, “हमने उनके (नरेंद्र मोदी के) स्टाफ को संदेश भेजा कि उन्हें इसके लिए व्यक्तिगत तौर पर एसआईटी दफ्तर आना होगा और अगर यह मीटिंग किसी अन्य जगह हुई तो इसे गलत समझा जा सकता है कि पक्ष लिया जा रहा है।”

राघवन ने आगे लिखा, “वह (मोदी) हमारे इस फैसले की भावना को समझ गए और गाँधीनगर में गवर्नमेंट कॉम्पलेक्स में ही स्थित एसआईटी दफ्तर आने के लिए तुरंत तैयार हो गए।” इसके बाद पूर्व पुलिस अधिकारी ने एक ‘असामान्य कदम’ उठाते हुए एसआईटी सदस्य अशोक मल्होत्रा को पूछताछ करने के लिए कहा ताकि बाद में उनके और मोदी के बीच कोई डील होने का आरोप न लगा सके। मोदी से करीब 9 घंटे पूछताछ हुई। मल्होत्रा ने बाद में आर के राघवन को बताया कि कैसे देर रात तक पूछताछ के बाद मोदी संयम के साथ बैठे हुए थे।

राघवन ने लिखा है कि उन्होंने (मोदी) ने किसी सवाल के जवाब में टालमटोल नहीं की। जब मल्होत्रा ने उनसे पूछा कि क्या वह दोपहर के भोजन के लिए ब्रेक लेना चाहेंगे, तो उन्होंने शुरू में इसे ठुकरा दिया। वह पानी की बोतल खुद लेकर आए थे और लंबी पूछताछ के दौरान उन्होंने एसआईटी की एक कप चाय भी स्वीकार नहीं की।

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में अब कोई भी खरीद सकेगा जमीन, नहीं छिनेगा बेटियों का हक़: मोदी सरकार का बड़ा फैसला

जम्मू-कश्मीर में अब देश का कोई भी व्यक्ति जमीन खरीद सकता है और वहाँ पर बस सकता है। गृह मंत्रालय द्वारा मंगलवार (अक्टूबर 27, 2020) को इसके तहत नया नोटिफिकेशन जारी किया गया है। हालाँकि, अभी खेती की जमीन को लेकर रोक जारी रहेगी।

केंद्र सरकार ने केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख के लिए भूमि कानून को मंगलवार को अधिसूचित कर दिया। सरकार के इस कदम के बाद भारत के नागिरक इन दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में अब जमीन खरीद सकेंगे। गृह मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस आदेश को यूनियन टेरिटरी ऑफ जम्मू एंड कश्मीर रिऑर्गनाइजेशन (एडॉप्शन ऑफ सेंट्रल लॉज) थर्ड ऑर्डर, 2020 के नाम से जाना जाएगा।

जम्मू-कश्मीर का संविधान और कानून समाप्त होने के बावजूद भूमि स्वामित्व अधिनियम संबंधी कानून में आवश्यक सुधार पर संशोधन की प्रक्रिया काे अंतिम रूप नहीं दिया गया था। अब केंद्रीय गृहसचिव ने इस संदर्भ में आवश्यक अधिसूचना जारी कर दी है। इस अधिसूचना के मुताबिक, देश के किसी भी भाग कोई भी नागरिक अब बिना किसी मुश्किल मकान-दुकान बनाने या काराेबार के लिए जमीन खरीद सकता है। इसके लिए उसे कोई डोमिसाइल या स्टेट सब्जैक्ट की औपचारिकता को पूरा करने की जरूरत नहीं है। डोमिसाइल की आवश्यक्ता सिर्फ कृषि भूमि की खरीद के लिए होगी।

बता दें कि केंद्र सरकार ने पाँच अगस्त 2019 के अपने ऐतिहासिक फैसले में जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 को खत्म कर दिया। साथ ही इस राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख में विभाजित किया। अधिसूचना जारी होने के बाद यह कानून तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।

31 अक्टूबर 2019 को जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश बन गया था। अब केंद्र शासित प्रदेश होने के एक साल पूरे होने पर जमीन के कानून में बदलाव किया गया है। अनुच्छेद 370 जम्मू-कश्मीर के नागरिकों को विशेष अधिकार देता था। इस अनुच्छेद के चलते देश के किसी अन्य हिस्से में रहने वाला व्यक्ति यहाँ जमीन नहीं खरीद सकता था। यहाँ तक कि जम्मू-कश्मीर की लड़की यदि अन्य राज्य के किसी लड़के से शादी करती थी तो उसका अपनी पैतृक संपत्ति से अधिकार खत्म हो जाता था। 

₹1.70 लाख करोड़ की गरीब कल्याण योजना से आत्मनिर्भर बन रहे रेहड़ी-पटरी वाले: PM मोदी ने यूपी के ठेले वालों से किया संवाद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार (अक्टूबर 27, 2020) को उत्तर प्रदेश में ‘स्वनिधि योजना’ के लाभान्वितों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संवाद किया। सड़क पर सामान बेचने वाले रेहड़ी-पटरी वालों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई है। ठेले वालों ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान उन्हें खासी परेशानी हुई लेकिन इस योजना की मदद से उन्हें अपना रोजगार फिर से शुरू करने में मदद मिली।

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने ‘स्वनिधि योजना’ के लाभार्थियों से संवाद करते हुए ये अनुभव किया कि सभी को खुशी भी है और आश्चर्य भी है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले तो नौकरी वालों को लोन लेने के लिए बैंकों के चक्कर लगाने होते थे, गरीब आदमी तो बैंक के भीतर जाने का भी नहीं सोच सकता था। लेकिन आज बैंक खुद आ रहा है। पीएम ने कहा कि हमारे रेहड़ी-पटरी वालों की मेहनत से देश आगे बढ़ता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि ये लोग आज सरकार का धन्यवाद दे रहे हैं, लेकिन वो इसका श्रेय सबसे पहले बैंक कर्मियों की मेहनत को देंगे, क्योंकि बैंक कर्मियों की सेवा के बिना ये कार्य नहीं हो सकता था। उन्होंने कहा कि आज का दिन आत्मनिर्भर भारत के लिए महत्वपूर्ण दिन है। कठिन से कठिन परिस्थितियों का मुकाबला ये देश कैसे करता है, आज का दिन इसका साक्षी है। उन्होंने कई लाभार्थियों की बातें भी सुनी।

पीएम मोदी ने याद दिलाया कि कैसे कोरोना संकट ने जब दुनिया पर हमला किया, तब भारत के गरीबों को लेकर तमाम आकांक्षा व्यक्त की जा रही थी, लेकिन गरीब भाई बहनों को कैसे कम से कम तकलीफ उठानी पड़े, सरकार के सभी प्रयासों के केंद्र में यही चिंता थी। उन्होंने बताया कि इसी सोच के साथ देश ने 1 लाख 70 हजार करोड़ रुपए की गरीब कल्याण योजना शुरू की। आज रेहड़ी-पटरी वाले साथी फिर से अपना काम शुरू कर पा रहे है।

पीएम मोदी ने कहा कि अब ये लोग आत्मनिर्भर होकर आगे बढ़ रहे है। 1 जून को पीएम स्वनिधि योजना को शुरू किया गया था। 2 जुलाई को ऑनलाइन पोर्टल पर इसके लिए आवेदन शुरू हो गए थे। बकौल पीएम, योजनाओं पर इतनी गति देश पहली बार देख रहा है। पीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में स्ट्रीट वेंडर्स की बहुत बड़ी भूमिका है। यूपी से जो पलायन होता था उसे कम करने में भी रेहड़ी-पटरी के व्यवसाय की बहुत बड़ी भूमिका है। उन्होंने पीएम ‘स्वनिधि योजना’ का लाभ पहुँचाने में यूपी को पूरे देश में नंबर वन करार दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि इस योजना में शुरुआत से ये ध्यान रखा गया है कि रेहड़ी-पटरी वालों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। इसलिए इस योजना में तकनीक का ज्यादा से ज्यादा उपयोग सुनिश्चित किया गया। इसकी खासियत ये है कि इसमें कोई कागज नहीं, गारंटर नहीं, दलाल नहीं और किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाने की भी जरूरत नहीं। साथ ही कहा कि गरीब के नाम पर राजनीति करने वालों ने देश में ऐसा माहौल बना दिया था कि गरीब को लोन दे दिया तो वो पैसा लौटाएगा ही नहीं।

पीएम मोदी ने दोहराया कि हमारे देश का गरीब आत्मसम्मान और ईमानदारी से कभी भी समझौता नहीं करता है। उन्होंने जानकारी दी कि पीएम ‘स्वनिधि योजना’ में ऋण आसानी से उपलब्ध है और समय से अदायगी करने पर ब्याज में 7% की छूट भी मिलेगी। अगर आप डिजिटल लेने-देन करेंगे तो एक महीने में 100 रुपए तक कैशबैक के तौर पर वापस पैसे आपके खाते में जमा होंगे। कहा कि आज गरीब बैंक से जुड़ा है, अर्थव्यवस्था की मुख्य धारा से जुड़ा है।

उन्होंने ध्यान दिलाया कि बैंकों के जो दरवाजे आज आपके लिए खुले हैं, बैंक आज जिस तरह आपके पास खुद चलकर आ रहे हैं, ये ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ की नीतियों का परिणाम है। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि ये उनको भी जवाब है जो कहते थे कि गरीबों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने से कुछ नहीं होगा। पीएम ने कहा कि इतनी बड़ी वैश्विक आपदा, जिसके आगे दुनिया के बड़े-बड़े देशों को घुटने टेकने पड़े हैं, उस संकट से लड़ने में, जीतने में आज हमारे देश का सामान्य मानवी बहुत आगे है।

अंत में प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश में ‘स्वनिधि योजना’ के लाभार्थियों से कहा कि कोरोना की तकलीफों का आपने जिस तरह से सामना किया है, जिस सावधानी से आप अब बचाव के नियमों का पालन कर रहे हैं, उसके लिए मैं वो सबका वो धन्यवाद करते हैं। उन्होंने जनता से कहा कि उनकी इस सजगता से देश जल्द ही इस महामारी को पूरी तरह से हराएगा। उत्तर प्रदेश को विक्रेताओं से 557,000 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो पूरे देश में सबसे अधिक है।

डेढ़ महीने पहले उन्होंने मध्य प्रदेश के स्ट्रीट वेंडर्स के श्रम की ताकत, आत्मसम्मान और आत्मबल को नमन करते हुए कहा था कि सीएम शिवराज सिंह चौहान और उनकी सरकार के प्रयासों से सिर्फ 2 महीने में मध्य प्रदेश में 1 लाख से ज्यादा स्ट्रीट वेंडर्स, रेहड़ी-पटरी वालों को स्वनिधि योजना का लाभ सुनिश्चित हुआ है। साथ ही कहा था कि इस योजना का मकसद है कि वो लोग नई शुरुआत कर सकें, अपना काम फिर शुरू कर सकें, इसके लिए उन्हें आसानी से पूँजी मिले।

‘मुस्लिम बन जा, निकाह कर लूँगा’: तौसीफ बना रहा था निकिता पर धर्मांतरण का दबाव- मृतका के परिवार का दावा

हरियाणा के फरीदाबाद स्थित बल्लभगढ़ में दिनदहाड़े एक हिंदू लड़की निकिता तोमर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। तौसीफ (Tauseef) नाम के युवक पर उसे मारने का आरोप लगा है। इस घटना की CCTV वीडियो भी सामने आई है, जिसमें उसे निकिता तोमर (Nikita Tomar) को सड़क पर गोली मारते हुए देखा जा सकता है। मामले में जैसे-जैसे जानकारी सामने आ रही है, यह पूरी तरह से ‘लव-जिहाद’ से जुड़ा मालूम पड़ रहा है।

नोट- कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में आरोपित तौसीफ (Tauseef) को ही तौफीक (Taufiq) भी बताया जा रहा है।

समाचार चैनल ‘टाइम्स नाउ’ की रिपोर्ट के अनुसार, लड़की के घरवालों ने आरोप लगाया है कि निकिता (Nikita) पर तौसीफ (Tauseef) धर्म परिवर्तन का दबाव बना रहा था। तीन साल पहले इस संबंध में पंचों के सामने फैसला भी हुआ, लेकिन अभी हाल में दोबारा तौसीफ ने लड़की के संपर्क में आने का प्रयास किया। उसने बार बार निकिता को यही कहा, ‘मुस्लिम बन जा हम निकाह कर लेंगे’ मगर जब लड़की ने उसकी बात नहीं सुनी तो उसकी गोली मार कर हत्या कर दी।

परिजनों का कहना है कि ऐसी ही घटना लड़की के साल 2 साल पहले भी हुई थी। अब इस मामले में माँग की जा रही है कि स्पेशल टीम का गठन किया जाए और पुलिस के आला अधिकारी कार्रवाई का आश्वासन दें।

जानकारी के अनुसार, निकिता (Nikita) को मारने से पहले आरोपित तौसीफ (Tauseef) ने निकिता को गाड़ी में खींचने की कोशिश की लेकिन जब वो असफल रहा तो उसने गोली मार दी। यह पूरी घटना CCTV में भी कैद हो गई। मृतका निकिता बीकॉम फाइनल ईयर की छात्रा थी और अग्रवाल कॉलेज में एग्जाम देने आई थी।

वारदात के बाद छात्रा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना के बाद वहाँ अफरा-तफरी मच गई। एसीपी सिटी जयवीर राठी व क्राइम ब्रांच ने घटनास्थल का दौरा किया। आसपास की सीसीटीवी फुटेज को खँगाला जा रहा है। बल्लभगढ़ के डीसीपी के मुताबिक, आरोपित तौफीक को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तौसीफ मेवात का रहने वाला है।

मुंगेर में दुर्गा पूजा विसर्जन: पुलिस-पब्लिक भिडंत में युवक की मौत, SP लिपि सिंह ने कहा- ‘बदमाशों’ ने चलाई गोलियाँ

बिहार के मुंगेर में दुर्गा पूजा के विसर्जन के दौरान पुलिस की बर्बरता के वीडियो सामने आ रहे हैं। इन वीडियो में पुलिस को श्रद्धालुओं पर लाठियाँ बरसाते हुए देखा जा सकता है। पुलिस और श्रद्धालुओं की इस भिड़ंत में 1 युवक की मौत हो गई है, जबकि कई घायल हुए हैं। सोमवार (अक्टूबर 26, 2020) की रात माँ दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन यात्रा पर मुंगेर पुलिस के लाठीचार्ज का वीडियो के वायरल होने के बाद जिला प्रशासन की खासी आलोचना हो रही है।

पुलिस ने फायरिंग भी की, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। 6 घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। डीएम राजेश मीणा और एसपी लिपि सिंह ने इस मामले में सफाई देते हुए बयान जारी किए हैं। बता दें कि एसपी लिपि सिंह, जदयू (JDU) के राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह की बेटी हैं। एसपी ने दावा किया है कि प्रतिमा विसर्जन के दौरान असामाजिक तत्वों ने पुलिस पर पथराव किया और गोलीबारी की, जिसके बाद अपने बचाव में पुलिस ने कार्रवाई की।

मुंगेर पुलिस का कहना है कि दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान हुई इस घटना में उसके 20 जवान घायल हुए हैं और एक SHO स्तर के अधिकारी का सिर फट गया। एसपी ने युवक की मौत के लिए भी असामाजिक तत्वों की गोलीबारी को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, डीएम राजेश मीणा ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। सभी प्रतिमाओं का विसर्जन किया जा चुका है। लेकिन, सोशल मीडिया पर घटना की आलोचना हो रही है।

इस घटना के लिए चुनाव आयोग पर भी निशाना साधा जा रहा है क्योंकि बिहार में आदर्श अचार संहिता लागू है और प्रथम चरण के चुनाव के लिए प्रचार का शोर भी थम ही चुका है। चुनावों के दौरान पुलिस-प्रशासन का नियंत्रण चुनाव आयोग के पास होता है, इसीलिए उस से सवाल किए जा रहे हैं कि क्या चुनाव के तारीखों की घोषणा के वक़्त दुर्गा पूजा और दशहरा को ध्यान में नहीं रखा गया? बिहार में हर गली-मोहल्ले में पंडाल बनते आ रहे हैं और दुर्गा पूजा काफी ऊर्जा के साथ मनाई जाती है।

एसपी लिपि सिंह ने कहा कि पुलिस पूरे जिले में फ्लैग मार्च कर रही है और उनकी असामाजिक तत्वों पर नजर है। इस प्रकरण में 22 लोगों के घायल होने की सूचना है। बुधवार को ही मुंगेर में पहले चरण के चुनाव होने हैं। ऐसे में, इस घटना के कारण तनाव का माहौल व्याप्त हो गया है। पंडित दीन दयाल चौक के पास शंकरपुर के मूर्ति विसर्जन के लिए हुई कहासुनी के दौरान ये घटना हुई। मृतक 18 वर्षीय अनुराग कुमार है, जिसकी मौके पर ही मौत हो गई।

डीएम राजेश मीणा का कहना है कि असामाजिक तत्वों की फायरिंग और रोड़ेबाजी में संग्रामपुर थानाध्यक्ष सर्वजीत कुमार, कोतवाली थानाध्यक्ष संतोष कुमार सिंह, कासिम बाजार थानाध्यक्ष शैलेश कुमार समेत 17 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने 100 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। घटनास्थल से 3 देशी कट्टे और 12 खोखे बरामद होने की बात कही जा रही है। पुलिस का कहना है कि असामाजिक तत्वों ने 12 राउंड फायरिंग की थी।