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UNGA में भारत ने पाकिस्तान को जम कर लताड़ा: आतंकवाद, POK और सांप्रदायिक हिंसा जैसे मसलों पर रखी बात

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में ‘लगातार शेखी बघारने’ और जहर उगलने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को जम कर लताड़ा है। संयुक्त राष्ट्र में भारत मिशन के पहले सचिव मिजितो विनितो ने जवाब देने के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए पाकिस्तान के हर बयान का करारा जवाब दिया और आतंकवाद, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके), सांप्रदायिक हिंसा, जातीय सफाई सहित कई मुद्दों पर अनोखे अंदाज में अपनी बात रखी।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के पहले सचिव मिजितो विनितो ने कहा, “पाकिस्तान के नेता ने हिंसा और घृणा को भड़काने वालों को प्रतिबंधित करने की माँग की, लेकिन जैसे-जैसे वह आगे बात करते गए, हम यह सोचने पर मजबूर हो गए कि क्या वह अपनी बात कर रहे हैं?” मिजितो विनितो ने आगे कहा, “उस व्यक्ति ने सभागार में लगातार शेखी बघारी, जिसके पास स्वयं कुछ दिखाने को नहीं है, जिसके पास बताने लायक कोई उपलब्धि नहीं है और दुनिया को देने के लिए कोई तर्कसंगत सुझाव नहीं है। इसके बजाए, हमने उसे झूठ, गलत सूचना फैलाते, युद्ध भड़काते और द्वेष फैलाते देखा। पाकिस्तान के नेता द्वारा इस महान सभा में आज इस्तेमाल किए गए शब्द संयुक्त राष्ट्र की गरिमा को ठेस पहुंचतें हैं। “

अपने जवाबी हमले में उन्होंने आगे कहा, “यही वह पाकिस्तान है जिसने 39 साल पहले अपने लोगों को ही मारकर दक्षिण एशिया में नरसंहार किया था और यही वह देश है, जिसमें इतनी भी शर्म नहीं है कि वह इतने वर्ष बाद भी अपनी भयावह कृत्यों के लिए ईमानदारी से माफी माँगे। यह वही देश है, जो खूंखार और सूचीबद्ध आतंकवादियों को सरकारी कोष से पेंशन देता हैं। यह वही देश है, जो संयुक्त राष्ट्र द्वारा गैरकानूनी करार दिए गए आतंकवादियों की बड़ी संख्या को आश्रय देता है।”

भारत ने दुनिया को बताया कि कैसे पाकिस्तान दक्षिण एशिया में तनाव पैदा करने वाले आतंकवादी समूहों की रक्षा कर रहा है। मिजितो विनितो ने आतंकवाद पर जोर देते हुए कहा, “जिस नेता को आज हमने सुना, वह वही हैं, जिन्होंने आतंकवादी ओसामा बिन लादेन को जुलाई में पाकिस्तानी संसद में ‘शहीद’ कहा था। आज जहर उगलने वाले पाकिस्तानी नेता ने अमेरिका में 2019 में सबके सामने स्वीकार किया था कि उनके देश में अब भी 30,000 से 40,000 आतंकवादी हैं, जिन्हें पाकिस्तान ने प्रशिक्षण दिया था और जिन्होंने अफगानिस्तान एवं भारत के जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम दिया। यही वह देश है जिसने ईशनिंदा कानूनों के दुरुपयोग एवं जबरन धर्म परिवर्तन कराकर हिंदुओं, इसाइयों, सिखों और अन्य लोगों समेत अल्पसंख्यकों को व्यवस्थित तरीके से समाप्त कर दिया।”

पाकिस्तान में समुदाय विशेष के अन्य लोगों पर हुए अत्याचार का उल्लेख करते हुए युवा भारतीय राजनयिक विनितो ने कहा, “यह ऐसा देश है, जो इस्लाम का हिमायती होने का दावा करता है, लेकिन उसने केवल इसलिए अपने साथी मुस्लिमों की हत्या को बढ़ावा दिया, क्योंकि वे किसी अन्य समुदाय या पाकिस्तान में किसी अन्य क्षेत्र से संबंध रखते हैं।” एक देश के रूप में पाकिस्तान के इतिहास की निंदा करते हुए कहा, “इस देश के पास पिछले 70 साल में जो बड़ी उपलब्धियाँ दिखाने लायक है, वह आतंकवाद, अल्पसंख्यक जातीय समूहों का सफाया करना, बहुसंख्यकों की कट्टरता और अवैध परमाणु सौदे हैं।”

उन्होंने आगे कहा, ”मिस्टर प्रेसिडेंट, मुझे यहाँ स्पष्ट रूप से बोलने दीजिए। जम्मू और कश्मीर का केंद्र शासित प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है, जिसे अलग नहीं किया जा सकता और केंद्रशासित प्रदेश में लाए गए कानून और विधेयक उसका आंतरिक मामला है। कश्मीर में एकमात्र विवाद कश्मीर के उस हिस्से में है, जिस पर पाकिस्तान का अवैध कब्जा है। हम पाकिस्तान से अपील करते हैं कि वह अपने अवैध कब्जे वाले इलाकों को खाली करे।”

अपने हस्तक्षेप के अंत में मिजितो विनितो का इस्लामिक देश को सुझाव देते हुए कहा, “पाकिस्तान के सामान्य देश बनने का एकमात्र जरिया यह है कि वह आतंकवाद को वित्तीय सहयोग देना बंद करे और अपना ध्यान उन समस्याओं पर केंद्रित करे, जो अल्पसंख्यकों समेत उसके नागरिक झेल रहे हैं तथा अपने ‘कुटिल एजेंडे के लिए संयुक्त राष्ट्र मंचों का दुरुपयोग करना बंद करे।”

बिहार चुनाव: गुप्तेश्वर पांडे, पुष्पम प्रिया, प्रशांत किशोर, कन्हैया, चिराग: अजीत भारती का वीडियो। Ajeet bharti on Bihar Elections

बिहार विधानसभा चुनावों की तारीख आ गई। 243 सीटों पर तीन चरणों में मतदान होगा। बिहार चुनाव के बारे में विश्लेषकों द्वारा जातिवाद पर बात करना मूर्खता है। बिहार में ही नहीं, देश के किसी भी जगह के चुनाव में जातिवाद होता ही है, बस उसका नाम बदल जाता है।

क्या सुशांत सिंह राजपूत वाला मामला बिहार चुनाव को प्रभावित करेगा? शायद करेगा। पर उतना नहीं, जितना लोग इसको लेकर चल रहे हैं। कोई पार्टी या नेता ये कहकर भुनाने की कोशिश कर सकती है कि उन्होंने इस मामले में CBI जाँच करवाई। हालाँकि सच्चाई यह है कि यह किसी भी बिहारी के जीवन पर प्रभाव नहीं डाल रही।

तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव को लगता है कि आज भी वही दौर है कि वो जो कुछ भी माइक या टीवी पर बोल देंगे लोग उसे आसानी से मान लेंगे, मगर ऐसा नहीं है। आज के लोग जागरूक हो गए हैं।

पूरी वीडियो देखने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें

आजतक के कैमरे से नहीं बच पाएगी दीपिका: रिपब्लिक को ज्ञान दे राजदीप के इंडिया टुडे पर वही ‘सनसनी’

‘इंडिया टुडे’ और ‘आजतक’ की टीआरपी गिरने और अर्नब गोस्वामी की ‘रिपब्लिक’ की दोनों भाषा में बादशाहत कायम करने के बाद राजदीप सरदेसाई और राहुल कँवल पत्रकारिता की नैतिकता पर ज्ञान बाँच रहे थे। अजीब तो ये है कि जिन चीजों के लिए ये दोनों रिपब्लिक को निशाना बना रहे थे उनका खुद का चैनल भी दिन-रात वही काम कर रहा है। शनिवार को एनसीबी दफ्तर जाते वक्त ‘आजतक’ और ‘इंडिया टुडे’ ने दीपिका पादुकोण का लगातार पीछा किया।

दीपिका पादुकोण के NCB दफ्तर पहुँचने को लेकर ‘आजतक’ ने उसी तरह की रिपोर्टिंग की, जिसके लिए राजदीप सरदेसाई और राहुल कँवल दूसरों की आलोचना करते हैं। एक पत्रकार कहता दिखता है, “हमारे कैमरों से नहीं बच पाएँगी दीपिका पादुकोण“। इसके बाद वह उनके फेस मास्क से लेकर कपड़ों तक पर टिप्पणी करने लगा। ‘आजतक’ का ये रिपोर्टर कहता है,

“जैसा कि हमने वादा किया था कि दीपिका पादुकोण अगर आएँगी तो हमारे कैमरे से नहीं बचेंगी, हमने आपको एक्सक्लूसिव तस्वीरें दे दी हैं। यहीं से दीपिका पादुकोण ने एंट्री की है और वो फेस मास्क पहनी हुई थीं। उनके पहनावे में काफी सादगी थी। कैमरामैन, जरा दिखाइए… इस दरवाजे से दीपिका अंदर गई हैं। दीपिका पादुकोण छिपते-छिपाते यहाँ आई हैं। वो जैसे ही यहाँ आईं, ‘आजतक’ के कैमरे ने उन्हें कैद कर लिया। वो अकेले ही आई हैं। माना जा रहा था कि वो अपने घर नहीं, किसी होटल में रुकी हुई थीं।”

इसके बाद स्टूडियो में बैठी एंकर भी कहती हैं कि दीपिका पादुकोण मास्क पहन कर NCB के दफ्तर में जाती दिख रही हैं दीपिका की कार पार्किंग से लेकर सारे डिटेल्स शेयर किए गए, जिनका NCB की पूछताछ से कोई लेना-देना नहीं है। राजदीप सरदेसाई और राहुल कँवल इन्हीं चीजों के लिए दूसरे न्यूज़ चैनलों को पत्रकारिता का पाठ पढ़ाते हैं।

इस दौरान ‘आजतक’ की एक रिपोर्टर यह भी कहती नजर आईं कि दीपिका पादुकोण की कार के पीछे उनके पति रणवीर सिंह की भी कार थी, जिसने NCB की दफ्तर के एंट्रेंस गेट तक आने के बाद दिशा बदल ली। वो कहती हैं, “रणवीर सिंह चाहता थे कि वो दीपिका पादुकोण के साथ रहे, लेकिन वो साथ तो नहीं रह पाया।” राजदीप सरदेसाई ने इससे पहले आरोप लगाया था कि दीपिका पादुकोण को 25 सितम्बर को इसीलिए समन किया गया है, ताकि उस दिन किसानों के हड़ताल पर फोकस न रहे।

लेकिन, उनके खुद के पत्रकार गोवा से लेकर मुंबई तक दीपिका पादुकोण की मिनट दर मिनट की गतिविधियों की रिपोर्टिंग करते नज़र आए। ये तो ‘इंडिया टुडे’ का दोहरा रवैया हुआ, क्योंकि एक तरफ दीपिका को फोकस में रखने को वो सरकार की साजिश बताते हैं और दूसरी तरफ खुद कैमरा लेकर दीपिका के पीछे-पीछे भागते हैं। गोवा में उनके पत्रकारों ने होटल से लेकर एयरपोर्ट तक दीपिका पादुकोण का पीछा किया।

ज्ञात हो कि मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया था कि दीपिका उस व्हाट्सएप ग्रुप की एडमिन थी, जिसमें ड्रग्स को लेकर बॉलीवुड से जुड़े लोग बात करते थे। इस व्हाट्सएप ग्रुप के ज़रिए कई बड़े कलाकारों का नाम सामने आने की संभावना है। दीपिका के अलावा करिश्मा और जाया साहा भी इस ग्रुप की एडमिन थीं। इस व्हाट्सग्रुप में दीपिका पादुकोण के कुल 2 नंबर शामिल थे। 

‘शाही मस्जिद हटाकर 13.37 एकड़ जमीन खाली कराई जाए’: ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ ने मथुरा कोर्ट में दायर की याचिका

राम मंदिर पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णय को 1 वर्ष होने को आए हैं। अब यूपी के मथुरा की अदालत में 13.37 एकड़ की श्रीकृष्ण जन्मभूमि को लेकर सिविल सूट याचिका दायर की गई है। इसमें शाही ईदगाह मस्जिद को हटा कर श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मथुरा में स्थित पूरी भूमि को खाली कराने की माँग की गई है। इस याचिका को ‘श्रीकृष्ण विराजमान’ की तरफ से विनीत जैन ने दायर किया है। याचिका में कहा गया है कि कटरा केशव देव की पूरी भूमि के प्रति हिन्दुओं की आस्था है।

याचिका में कहा गया है कि कटरा केशव देव वही क्षेत्र है, जहाँ राजा कंस के कारागार में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था और मस्जिद के नीचे ही वो पवित्र स्थल स्थित है। साथ ही मथुरा में स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर को ध्वस्त करने के लिए मुग़ल बादशाह औरंगजेब को जिम्मेदार ठहराया गया है। इसमें लिखा है कि औरंगजेब कट्टर इस्लामी था और उसने ही सन 1669-70 में इस मंदिर को ध्वस्त करने का आदेश जारी किया था।

याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे वकीलद्वय हरिशंकर जैन और विष्णु शंकर जैन ने TOI को बताया कि इस याचिका में माँग की गई है कि मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर हुए अतिक्रमण को हटाया जाए और वहाँ स्थित ढाँचे को भी हटाया जाए। बता दे कि अयोध्या जजमेंट के बाद से ही काशी विश्वनाथ और मथुरा को रिक्लेम करने के लिए अभियान शुरू हो गया है। काशी में भी विश्वनाथ मंदिर को नुकसान पहुँचा कर औरंगजेब ने ही मस्जिद बनवाया था।

अगस्त में ‘श्रीकृष्ण जन्मभूमि निर्माण न्यास’ का गठन कर के इसे मुक्त कराने की दिशा में प्रयास तेज कर दिया गया था। 14 राज्यों से 80 संतों ने साथ आकर इस अभियान के लिए एकता जताई थी, जिनमें 11 वृन्दावन के संत थे। हालाँकि, इस्लामी आक्रांताओं द्वारा किए गए ऐसे अतिक्रमण की राह में ‘प्लेसेज़ ऑफ़ वर्शिप (स्पेशल प्रोविज़न) एक्ट, 1991’ की बाधा है। इसके तहत धार्मिक स्थलों पर यथास्थिति बरक़रार रखी गई है।

सितम्बर के पहले सप्ताह में ही अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में माँग की गई थी कि अब जब अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर निर्माण के लिए भूमिपूजन हो गया है तो काशी में बाबा विश्वनाथ और मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण के मंदिर को मुक्त कराने की ओर प्रयास किया जाए। काशी-मथुरा को मुक्त कराने के लिए प्रस्ताव पारित करते हुए अखाड़ा परिषद ने इस कार्य में विश्व हिन्दू परिषद का भी सहयोग माँगा था।

पिछले दिनों ‘हिंदू आर्मी’ नामक एक संगठन ने भी मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति के लिए सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ रखी थी। वे लोगों से मथुरा पहुँचने की अपील कर रहे थे। लेकिन 20 सितंबर की रात इस संगठन से जुड़े 22 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था। हिन्दू आर्मी कहना है कि वह कृष्ण जन्मभूमि के पास से इस्लामी ढाँचे को हटवाकर वह जमीन कृष्ण जन्मभूमि के नाम पर सौंपना चाहते हैं।

’24 घंटे के भीतर मुख्तार अंसारी को छोड़ो वरना सरकार मिटा देंगे, CM योगी को भी नहीं छोड़ेंगे’

योगी सरकार के अभियान के कारण उत्तर प्रदेश के माफियाओं में बौखलाहट दिख रही है। मऊ जिले में एक के बाद एक मुख्तार अंसारी और उसके करीबियों की अवैध सम्पत्तियों को जब्त किया जा रहा है। अब उसके गुर्गे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मार डालने की धमकी दे रहे हैं। एक नंबर से पुलिस हेल्पलाइन 112 पर मैसेज भेज कर यह धमकी दी गई।

पुलिस आयुक्त सुजीत पांडेय के अनुसार पुलिस हेल्पलाइन के व्हाट्सएप नंबर पर कई मैसेज भेज कर धमकी दी गई। इसके बाद लखनऊ स्थित हजरतगंज थाने के इंस्पेक्टर अंजनी कुमार पांडेय ने मुकदमा पंजीकृत कराया। बुधवार (सितम्बर 23, 2020) की सुबह 9:56 से लेकर 10:11 के बीच धमकी भरे मैसेज मिले थे। इनमें सीएम योगी आदित्यनाथ के प्रति अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था।

धमकी देते हुए कहा गया था कि मऊ से 5 बार विधायक रहे मुख़्तार अंसारी को 24 घंटे के भीतर रिहा किया जाए। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो शुक्रवार (सितम्बर 25, 2020) को सरकार ‘मिटा’ दी जाएगी। पुलिस ने उस नंबर के डिटेल्स पता कर लिए हैं, जिससे ये मैसेज भेजे गए थे। पुलिस की एक टीम आरोपित की गिरफ़्तारी के लिए गठित कर दी गई। गुरुवार देर एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर पुलिस उससे पूछताछ कर रही है

आरोपित का नाम अमरपाल बताया जा रहा है, जो कि ट्रक ड्राइवर है। वह एटा का रहने वाला है। उसके आपराधिक इतिहास की जाँच की जा रही है। साथ ही ये भी पता लगाया जा रहा है कि माफिया मुख़्तार अंसारी के साथ उसके क्या सम्बन्ध हैं। पुलिस ने बताया है कि पूछताछ पूरी होते ही इस घटना का पर्दाफाश किया जाएगा। उसने सरकार मिटाने की बात करते हुए धमकी दी थी कि ‘योगी आदित्यनाथ को भी नहीं छोड़ा जाएगा’।

इससे पहले भी मुख्यमंत्री योगी धमकियाँ मिलती रही हैं। गोंडा के एक युवक ने भी इसी तरह की करतूत की थी। उसने सीएम योगी को मुस्लिम समाज के लिए ख़तरा बताते हुए पुलिस को धमकी भरे मैसेज भेजे थे, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया था। लखनऊ में स्थित मुख़्तार अंसारी के अवैध निर्माण को गिराने के साथ ही उसके पत्नी-बेटों पर भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जा रही है।

प्रतिदिन उसके किसी न किसी गुर्गे के खिलाफ कार्रवाई हो रही है, जिससे उसके गैंग में हड़कंप मचा हुआ है। हाल ही में पता चला है कि तीन बड़े बिल्डरों और कई वकीलों के जरिए मुख़्तार अंसारी के कालाधन को सफ़ेद करने का कारनामा चल रहा है। ऐसे बिल्डरों और वकीलों के 42 मोबाइल नंबर पुलिस के हाथ लगे हैं। ये जमीन पर अवैध कब्ज़ा करने का ठेका लेते हैं और अदालत में उसकी ओर से पैरवी करते हैं।

इनमें से 21 को थाने में हाजिरी लगाने के लिए नोटिस जारी कर दिया गया है। लखनऊ में रेलवे के ठेकों, मिट्टी का खनन, टोल पर वसूली और जमीन की खरीद-फरोख्त में इसी माफिया नेटवर्क का वर्चस्व रहा है। ट्रांस गोमती की कई सम्पत्तियों पर उसकी नज़र है। 3 साल पहले माड़ीगगाँव गुडम्बा में जमीन पर कब्जे को लेकर गोलीबारी भी हुई थी। 2019 में मिट्टी खनन को लेकर एक ठेकेदार पर गोलीबारी हुई थी। अब पुलिस इन मामलों में कार्रवाई कर रही है।

हाल ही में योगी सरकार ने मऊ सदर से बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के नजदीकी व मुन्ना सिंह हत्याकांड में नामजद हिस्ट्रीशीटर एवं पूर्व सभासद रजनीश सिंह की 39 लाख रुपए की सम्पत्ति गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त की है। पिछले दो दशकों के दौरान रजनीश कुमार सिंह मुख्तार अंसारी गिरोह का मुख्य शरणदाता व आर्थिक मददगार रहा है।

सुशांत के भूत को समन भेजो, सारे जवाब मिल जाएँगे: लाइव टीवी पर नासिर अब्दुल्ला के बेतुके बोल

शनिवार (26 सितंबर 2020) को लाइव टेलीविज़न पर एक अजीबोगरीब बात हुई। बॉलीवुड अभिनेता नासिर अब्दुल्ला ने सुशांत सिंह राजपूत मामले में एक विचित्र माँग कर दी। उन्होंने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या से जुड़े कई सवाल हैं, एनसीबी उन सवालों का जवाब जानने के लिए सुशांत सिंह के भूत को समन भेज सकती है। 

आज तक पर हो रही एक परिचर्चा दौरान नासिर अब्दुल्ला ने यह हैरान करने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि वह ऐसे कई लोगों को जानते हैं जो सुशांत सिंह की आत्मा को समन भेज सकते हैं। लिहाज़ा एनसीबी को प्रयास करना चाहिए कि वह सुशांत सिंह की आत्मा को समन भेजें और उससे ही ड्रग्स मामले और मौत से जुड़े सवालों के जवाब पूछें।

नासिर अब्दुल्ला ने कहा, “हम एक ऐसे इंसान की बात कर रहे हैं जो मर चुका है। हम फिर भी सुशांत सिंह से संपर्क कर सकते हैं। मुंबई में ऐसे कई लोग हैं जो सुशांत सिंह राजपूत की आत्मा को जगा सकते हैं और उससे बात कर सकते हैं।” विज्ञान को सिरे से खारिज करने वाले इस तर्क को सुन कर परिचर्चा में भाग लेने वाले अन्य जानकार दंग रह गए। परिचर्चा की संचालक अंजना ओम कश्यप भी नासिर अब्दुल्ला के इस बयान से हैरान हो गईं। नासिर अब्दुल्ला भी यह बात कह कर रुके नहीं, बल्कि उन्होंने ऐसा जल्द से जल्द करने की बात पर ज़ोर भी दिया। 

किसी के लिए भी यह समझना मुश्किल होता कि नासिर व्यंग्यात्मक बनने की कोशिश कर रहे थे या बनावटी। परिचर्चा जैसे-जैसे आगे बढ़ी एक बात और स्पष्ट हो गई कि नासिर इस तरह के दावे पूरी गंभीरता से कर रहे थे। गौरतलब है कि नासिर उन लोगों की सूची में भी शामिल हैं जो ड्रग्स मामले में आरोपित लोगों का लगातार बचाव कर रहे हैं। 

यह पहला मौक़ा नहीं है जब नासिर अब्दुल्ला ने इस तरह का बेतुका बयान देकर खुद का मज़ाक बनवाया है। आज तक चैनल पर एक चर्चा में उन्होंने शिव सैनिकों के उत्पात का समर्थन किया था। नासिर अब्दुल्ला ने अनाधिकारिक प्रवक्ता की तरह बर्ताव ही नहीं किया, बल्कि यह भी कहा कि शिवसेना महिलाओं का सम्मान करती है। 

नासिर ने कहा था, “मैं शिव सैनिकों द्वारा किए जाने वाले उपद्रव को बाल ठाकरे के समय से देख रहा हूँ। मेरा कहना सिर्फ इतना है कि शिव सैनिक महिलाओं का सम्मान करते हैं। कंगना रनौत महिला हैं, इसलिए शिव सैनिकों ने उनके साथ हिंसा नहीं की, हिंसा की जगह उन्होंने बुलडोजर का इस्तेमाल किया।”   

कुल मिला कर नासिर ऐसा कहना चाह रहे थे कि शिव सैनिकों ने कंगना के साथ मारपीट करने की बजाय उनका दफ्तर तोड़ कर उन पर एहसान किया। यह परिचर्चा कुल दो मुद्दों पर आधारित थी। पहला बीएमसी द्वारा कंगना के दफ्तर में की गई तोड़ -फोड़ और उद्धव ठाकरे से जुड़ा कार्टून साझा करने पर शिव सैनिकों द्वारा पूर्व नौसेना अधिकारी के साथ की गई मारपीट। 

उल्लेखनीय है कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जाँच शुरू होने के बाद बॉलीवुड और ड्रग्स का संबंध सामने आया है। जाँच में कई दिग्गज बॉलीवुड कलाकारों, प्रोड्यूसर और फिल्म निर्माताओं का नाम सामने आ चुका है। इसमें से कई लोगों को एनसीबी समन भी भेज चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय ने सुशांत सिंह मामले की जाँच के दौरान बॉलीवुड के ड्रग्स कनेक्शन का खुलासा किया, जिसके बाद एनसीबी ने जाँच शुरू की थी। 

एनसीबी इस मामले में कई पहलुओं पर जाँच कर रही है, जिसमें ड्रग्स का सेवन, लेन-देन और ड्रग्स उपलब्ध कराना मुख्य है। एनसीबी आज बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण से ड्रग्स मामले में पूछताछ कर रही है। इसी तरह एनसीबी ने रकुल प्रीत सिंह, श्रद्धा कपूर और सारा अली खान को भी ड्रग्स मामले में समन भेजा था। अभी तक एनसीबी फैशन डिज़ाइनर सिमोन खंबाटा और सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर श्रुति मोदी का बयान दर्ज कर चुकी है।      

बेच चुका हूँ सारे गहने, पत्नी और बेटे चला रहे हैं खर्चा-पानी: अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया

उद्योगपति अनिल अंबानी ने लंदन हाईकोर्ट को बताया है कि लोन चुकाने और क़ानूनी लड़ाइयाँ लड़ने के लिए उन्हें अपने सारे गहने बेचने पड़े हैं। इससे उन्हें 10 करोड़ रुपए मिले। फिलहाल उनका खर्च पत्नी टीना अम्बानी और परिवार के अन्य सदस्यों द्वारा वहन किया जा रहा है। चीन के बैंकों ने लंदन हाईकोर्ट में लोन की रिकवरी के लिए अनिल अंबानी के खिलाफ मामला दर्ज करा रखा है।

अनिल अंबानी सुनवाई में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए। इस दौरान उनसे उनकी संपत्ति, ऋण और खर्चों के हिसाब-किताब के बारे में 3 घंटे तक सवाज-जवाब किए गए। लक्जरी गाड़ियों को लेकर चल रही खबर को मीडिया द्वारा फैलाई गई अफवाह करार देते हुए बताया कि उन्होंने बेटे से भी लोन ले रखा है।

अंबानी ने सुनवाई को प्राइवेट रखने का अनुरोध किया था। जज ने कहा कि व्यक्तिगत शर्मिंदगी से बचने के लिए उन्होंने ये अनुरोध किया था। हालाँकि, इसे अस्वीकार कर दिया गया।

चीन के तीन बैंकों ने अनिल अंबानी के खिलाफ 71.7 करोड़ डॉलर का ‘जजमेंट लोन’ पाने में कामयाबी पाई है। ये मामला 2012 में रिलायंस कम्युनिकेशंस को दिए गए 90 करोड़ डॉलर के ऋण से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए अनिल ने व्यक्तिगत गारंटी दी थी।

चूँकि अनिल अंबानी कोर्ट के आदेश के बावजूद इस ऋण को चुकता करने में असमर्थ रहे हैं लिहाजा उन्हें उनकी 1 लाख डॉलर की संपत्ति का ब्यौरा और पिछले 2 वर्षों के दौरान किए गए बैंक व क्रेडिट कार्ड लेनदेन के डिटेल्स सौंपने को कहा गया। अंबानी लगातार कहते रहे हैं कि उनका नेट वर्थ नेगेटिव में है। लेकिन चीनी बैंक यह मानने को तैयार नहीं हैं। बैंकों का कहना है कि उनकी लाइफस्टाइल और बड़े भाई मुकेश अंबानी से उन्हें मिल रही सहायता को देख कर नहीं लगता।

चीनी बैंकों के वकील बंकिम थांकी का कहना है कि अनिल अंबानी की तरफ से दिए ब्यौरा भी अपूर्ण है। अंबानी ने कहा कि उन्होंने पिछले कुछ दिनों में अपना क्रेडिट कार्ड ही इस्तेमाल नहीं किया है, इसलिए उनके पास लेटेस्ट स्टेटमेंट है ही नहीं। पत्नी टीना को यॉट (Yacht) गिफ्ट करने को लेकर कहा कि वे ‘Seasick’ हैं और एक अनुशासित लाइफस्टाइल का अनुसरण करते हैं।

अनिल अंबानी ने कहा कि वे 61 साल के हैं। न स्मोकिंग करते हैं और न ही शराब पीते हैं। अक्टूबर 2018 में अपनी माँ से उन्होंने 500 करोड़ रुपए का लोन लिया था। उन्होंने बेटे से भी कई करोड़ के लोन ले रखे हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास एक ही आर्ट है और टीना अम्बानी फाउंडेशन द्वारा किया गया एक्जीबिशन उनकी पत्नी का है।

अनिल अंबानी से चीनी बैंकों के वकील ने सुनवाई के दौरान पूछा कि वे जिस घर में रहते हैं क्या वह मुकेश अंबानी का है और वे बिना रेंट दिए वहाँ रह रहे हैं? अनिल ने इसका उत्तर ‘हाँ’ में दिया। चीनी बैंकों का कहना था कि अंबानी के वकीलों की बड़ी टीम देख कर नहीं लगता कि वे कंगाल हुए हैं। अनिल अंबानी के वकील हरीश साल्वे ने चीनी बैंकों द्वारा अनुमानित की गई ऋण की की धनराशि को कम करने के लिए दलीलें पेश की।

‘हमें आईएसआई का आदेश है, सीएए विरोधी प्रदर्शन को उग्र बनाना है’: दिल्ली दंगों में अतहर खान ने लिए 3 नाम

दिल्ली के हिन्दू विरोधी दंगों के मामले में जाँच जारी है। हर दिन भयावह खुलासे हो रहे हैं। इसी कड़ी में एक नया खुलासा अतहर खान ने किया है। दंगों के मामले में दिल्ली पुलिस ने एक चार्जशीट दायर की थी, जिसमें अतहर खान का नाम शामिल था। जाँच के दौरान अतहर खान ने कुल 3 ऐसे लोगों के नाम बताए जो खालिस्तान समर्थक हैं और पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी आईएसआई से लगातार संपर्क में थे।

ख़बरों के मुताबिक़ अतहर खान को दिल्ली पुलिस ने 12 जुलाई को गिरफ्तार किया था। उस पर गैर कानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत कार्रवाई की गई है। अतहर ने बताया कि उत्तर-पूर्वी दिल्ली के दंगों में 3 ऐसे लोग भी शामिल थे, जो खालिस्तान समर्थक हैं और आईएसआई से जुड़े हुए हैं। 

अतहर खान ने पुलिस को पूछताछ में बताया, “मेरे साथी रिज़वान ने फरवरी में मुझे इस बात की जानकारी दी थी। हमें खालिस्तानी आंदोलन समर्थकों बगीचा सिंह और लवप्रीत सिंह से शाहीन बाग़ में मिलना था।” अतहर ने बताया कि बगीचा सिंह और लवप्रीत सिंह आईएसआई से लगातार संपर्क में थे और उन्हें आईएसआई का समर्थन भी प्राप्त था। अतहर के अनुसार दोनों कहते थे, आईएसआई ने आदेश दिया है कि उन्हें सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शन को उग्र बनाना है और लोगों को सरकार से लड़ने में मदद करना है। 

अतहर खान ने इसके अलावा भी कई हैरान करने वाले खुलास किए। उसने बताया कि उसके साथी रिज़वान सिद्दीकी ने कहा था कि खालिस्तानी समर्थकों ने दंगे भड़काने में मदद करने का वादा किया है। इतना ही नहीं उन्होंने धरना-प्रदर्शन वाली जगह पर अपने गुट का एक आदमी भेजने की बात भी कही थी। अतहर खान ने बताया, “कई दिनों बाद प्रदर्शन वाली जगह (चाँद बाग़) पर एक जबरंग सिंह नाम का व्यक्ति आया। उसने बताया कि बगीचा सिंह ने उसे भेजा है, उसने चाँद बाग़ में सरकार और देश के विरोध में भड़काऊ भाषण दिए थे।”

हाल ही में दिल्ली हिन्दू विरोधी दंगों से सम्बंधित कुछ व्हाट्सएप चैट सामने आई हैं जिनके ज़रिए खुलासा हुआ है कि दंगे पूरी तरह सुनियोजित थे।    

बेंगलुरु ब्लास्ट: केरल से धराए गुलनवाज की जड़ें यूपी में, अब्बू ने कहा- मेरा बेटा आतंकी नहीं हो सकता

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट से मुहम्मद गुलनवाज नामक आतंकी को धर-दबोचा, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित देवबंद के फुलास अकबरपुर गाँव का रहने वाला है। उसकी गिरफ़्तारी के बाद यूपी ATS भी सक्रिय हुआ और उसने उसके गाँव जाकर ज़रूरी विवरण जुटाए। गुलनवाज के साथ एक अन्य आतंकी को भी गिरफ्तार किया गया था। 2008 में हुए बेंगलुरु बम धमाकों के मामले में ये गिरफ़्तारी हुई है।

गुलनवाज के पिता का नाम कामिल उर्फ़ वामिस है, जिनके तीन बेटों में से सबसे छोटा गुलनवाज ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान वह दो-तीन बार सऊदी अरब गया, जहाँ उसे वेल्डिंग का काम मिला था। तीन साल पहले जब वह वहाँ फिर से गया था तो उसने टैक्सी चलाने का काम शुरू किया था। ‘दैनिक जागरण’ की खबर के अनुसार, ग्रामीणों का कहना है कि उसके पास थोड़ी-बहुत जमीन भी है।

अविवाहित गुलनवाज के अब्बू का कहना है कि उन्हें अपने बेटे की गिरफ़्तारी की खबर मीडिया के जरिए ही मिली। उसे सऊदी अरब की पुलिस ने भी डेढ़ वर्ष पहले रुपए बाहर भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया था। वहाँ उसकी सज़ा पूरी हो गई थी। गुलनवाज के अब्बू का कहना है कि उनके बेटे पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं और वो आतंकी नहीं हो सकता।

इधर यूपी ATS की टीम ने भी गुलनवाज के परिजनों से पूछताछ कर के NIA के साथ सारे डिटेल्स साझा किए। परिवार का कहना है कि वो 12 साल पहले पहली बार सऊदी अरब गया था और तब से सहारनपुर नहीं आया है। वह परिजनों को रुपए भेजता रहता था। उसका एक बड़ा भाई भी सऊदी में ही है। ATS अब उसके स्थानीय कनेक्शंस को खँगालने में लगी हुई है। 2016 में पहली बार उसका नाम 2008 बेंगलुरु बम ब्लास्ट में सामने आया था।

बम ब्लास्ट में उसने ऑपरेटर की भूमिका निभाई थी। आतंकी संगठनों से जुड़े कुछ लोगों की पूछताछ में NIA को गुलनवाज के भारत आने की सूचना मिली थी। हाल ही में यूपी के बरेली से इनामुल हक धरा गया था, जो अलकायदा के लिए युवाओं को भड़का रहा था। गुलनवाज के खिलाफ पहले से लुकआउट नोटिस जारी था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई आतंकियों के सामने आने के बाद यूपी पुलिस के भी कान खड़े हो गए हैं।

वहीं गुलनवाज के साथ ही गिरफ्तार किया गया शोएब उर्फ़ फाजिल केरल के कन्नूर स्थित पप्पिनस्सेरी के कोंडात का रहने वाला है। आतंकी मुहम्मद गुलनवाज ने लश्कर-ए-तैयबा के लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल कर फंडिंग जुटाई थी, ताकि भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके। केरल में आतंकियों की 3 दिनों के भीतर ये 5वीं गिरफ़्तारी थी। ट्रांजिट रिमांड के नाम उसे कोच्चि से बेंगलुरु ले जाया जाएगा।

हाल ही में राष्ट्रीय जॉंच एजेंसी (NIA) ने देश में आतंकी संगठन अल-कायदा के मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। केरल और पश्चिम बंगाल से 9 संदिग्ध आतंकी पकड़े गए थे। ये दिल्ली सहित देश के कई जगहों पर हमले की फिराक में थे। कुछ आतंकी हथियार और गोला-बारूद के लिए दिल्ली आने की योजना बना रहे थे। एनआईए ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और केरल के एर्णाकुलम में कई जगहों पर छापेमारी कर इन आतंकियों को दबोचने में सफलता पाई थी।

झारखंड: पहाड़िया जनजाति की नाबालिग से गैंगरेप, अंसारी गिरफ्तार; पुलिस पर मामले को दबाने का आरोप

झारखंड के गोड्डा जिले में पहाड़िया जनजाति की नाबालिग के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना सामने आई है। कथित तौर पर कुल 4 लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया है। इस मामले में अभी तक पुलिस महताब अंसारी नाम के आरोपित को गिरफ्तार कर चुकी है। अन्य आरोपितों की तलाश जारी है। 

गोड्डा जिले के पुलिस अधीक्षक वाईएस रमेश ने जानकारी देते हुए बताया कि सामूहिक बलात्कार की यह घटना सुंदर पहाड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घटियारी गाँव की है। पुलिस अभी तक इस घटना के मामले में महताब अंसारी नाम के युवक को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपित महताब अंसारी मूल रूप से घटियारी गाँव का ही रहने वाला है।

घटना बुधवार (23 सितंबर 2020) शाम के वक्त की है जब पीड़िता घटियारी से अपने गाँव जा रही थी। आरोपितों ने मौक़ा देख कर उसके साथ बलात्कार किया। ख़बरों के अनुसार पुलिस पर भी शुरुआत में मामले को दबाने का आरोप है। कहा जा रहा है कि सुंदर पहाड़ी थाना क्षेत्र की पुलिस शुरुआत में प्राथमिकी दर्ज करने से आनाकानी करते हुए पीड़िता पर समझौता करने का दबाव बना रही थी।  

पुलिस का यह रवैया देख कर पीड़िता ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक वाईएस रमेश से मुलाक़ात की। गुरुवार (24 सितंबर 2020) दोपहर में हुई इस मुलाक़ात के दौरान पीड़िता ने उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस अधीक्षक रमेश के आदेश पर इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई। फ़िलहाल पुलिस इस पूरे घटनाक्रम की जाँच कर रही है और अन्य आरोपितों को तलाश रही है।