Wednesday, April 21, 2021
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बेंगलुरु ब्लास्ट: केरल से धराए गुलनवाज की जड़ें यूपी में, अब्बू ने कहा- मेरा बेटा आतंकी नहीं हो सकता

यूपी ATS की टीम ने भी गुलनवाज के परिजनों से पूछताछ कर के NIA के साथ सारे डिटेल्स साझा किए। परिवार का कहना है कि वो 12 साल पहले पहली बार सऊदी अरब गया था और तब से सहारनपुर नहीं आया है। वह परिजनों को रुपए भेजता रहता था। उसका एक बड़ा भाई भी सऊदी में ही है।

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट से मुहम्मद गुलनवाज नामक आतंकी को धर-दबोचा, जो मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर स्थित देवबंद के फुलास अकबरपुर गाँव का रहने वाला है। उसकी गिरफ़्तारी के बाद यूपी ATS भी सक्रिय हुआ और उसने उसके गाँव जाकर ज़रूरी विवरण जुटाए। गुलनवाज के साथ एक अन्य आतंकी को भी गिरफ्तार किया गया था। 2008 में हुए बेंगलुरु बम धमाकों के मामले में ये गिरफ़्तारी हुई है।

गुलनवाज के पिता का नाम कामिल उर्फ़ वामिस है, जिनके तीन बेटों में से सबसे छोटा गुलनवाज ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं है। पिछले कुछ वर्षों के दौरान वह दो-तीन बार सऊदी अरब गया, जहाँ उसे वेल्डिंग का काम मिला था। तीन साल पहले जब वह वहाँ फिर से गया था तो उसने टैक्सी चलाने का काम शुरू किया था। ‘दैनिक जागरण’ की खबर के अनुसार, ग्रामीणों का कहना है कि उसके पास थोड़ी-बहुत जमीन भी है।

अविवाहित गुलनवाज के अब्बू का कहना है कि उन्हें अपने बेटे की गिरफ़्तारी की खबर मीडिया के जरिए ही मिली। उसे सऊदी अरब की पुलिस ने भी डेढ़ वर्ष पहले रुपए बाहर भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया था। वहाँ उसकी सज़ा पूरी हो गई थी। गुलनवाज के अब्बू का कहना है कि उनके बेटे पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं और वो आतंकी नहीं हो सकता।

इधर यूपी ATS की टीम ने भी गुलनवाज के परिजनों से पूछताछ कर के NIA के साथ सारे डिटेल्स साझा किए। परिवार का कहना है कि वो 12 साल पहले पहली बार सऊदी अरब गया था और तब से सहारनपुर नहीं आया है। वह परिजनों को रुपए भेजता रहता था। उसका एक बड़ा भाई भी सऊदी में ही है। ATS अब उसके स्थानीय कनेक्शंस को खँगालने में लगी हुई है। 2016 में पहली बार उसका नाम 2008 बेंगलुरु बम ब्लास्ट में सामने आया था।

बम ब्लास्ट में उसने ऑपरेटर की भूमिका निभाई थी। आतंकी संगठनों से जुड़े कुछ लोगों की पूछताछ में NIA को गुलनवाज के भारत आने की सूचना मिली थी। हाल ही में यूपी के बरेली से इनामुल हक धरा गया था, जो अलकायदा के लिए युवाओं को भड़का रहा था। गुलनवाज के खिलाफ पहले से लुकआउट नोटिस जारी था। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कई आतंकियों के सामने आने के बाद यूपी पुलिस के भी कान खड़े हो गए हैं।

वहीं गुलनवाज के साथ ही गिरफ्तार किया गया शोएब उर्फ़ फाजिल केरल के कन्नूर स्थित पप्पिनस्सेरी के कोंडात का रहने वाला है। आतंकी मुहम्मद गुलनवाज ने लश्कर-ए-तैयबा के लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल कर फंडिंग जुटाई थी, ताकि भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा सके। केरल में आतंकियों की 3 दिनों के भीतर ये 5वीं गिरफ़्तारी थी। ट्रांजिट रिमांड के नाम उसे कोच्चि से बेंगलुरु ले जाया जाएगा।

हाल ही में राष्ट्रीय जॉंच एजेंसी (NIA) ने देश में आतंकी संगठन अल-कायदा के मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। केरल और पश्चिम बंगाल से 9 संदिग्ध आतंकी पकड़े गए थे। ये दिल्ली सहित देश के कई जगहों पर हमले की फिराक में थे। कुछ आतंकी हथियार और गोला-बारूद के लिए दिल्ली आने की योजना बना रहे थे। एनआईए ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और केरल के एर्णाकुलम में कई जगहों पर छापेमारी कर इन आतंकियों को दबोचने में सफलता पाई थी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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