भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति का विसर्जन कराने ले जा रहे हिंदू युवकों पर मुस्लिम भीड़ ने लाठी-डंडे और बाँस से हमला कर दिया। मूर्ति पर बाँस से हमला कर क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना बिहार के मोतिहारी के महिषी थाना के तरनिया गाँव की है।
इस बाबत हमने बजरंग दल के चटिया अनुमण्डल अध्यक्ष गोलू खेलानी से बात की। उन्होंने बताया कि ये घटना शुक्रवार (सितंबर 18, 2020) को घटित हुई। गोलू खेलानी ने बताया कि शुक्रवार की शाम लगभग 4 बजे कुछ हिंदू युवक भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति का विसर्जन करने के लिए जा रहे थे। रास्ते में थोड़ी दूर मुस्लिम बस्ती पड़ती है। जैसे ही गाड़ी मुस्लिम बस्ती के पास पहुँची, उन लोगों ने मूर्ति ले जाने से मना किया।
गोलू खेलानी के अनुसार, “समुदाय विशेष के लोगों ने चेतावनी दी कि अगर मूर्ति को इस रास्ते से ले जाया जाएगा तो वो लोग उसे तोड़ देंगे, मगर हिंदुओं ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। वो आगे बढ़ने लगे। ये देख मुस्लिम भीड़ आक्रामक हो गई और उन पर हमला कर दिया। पहले उन्होंने गाड़ी पर बाँस से हमला किया। फिर दलित ड्राइवर सुखारी राम पर हमला किया। उनसे गाड़ी की चाबी छीन ली। इसके बाद मूर्ति पर बाँस से हमला कर क्षत-विक्षत कर दिया। इस हमले में कई लोग घायल भी हो गए।”
मूर्ति का विसर्जन करने जा रहे हिंदू युवकों पर हमला करने वाले आरोपितों के नाम मोहम्मद निराला, दानिश और सरफराज है। गोलू खेलानी ने बताया कि जब उन्होंने पुलिस से इसकी शिकायत की, तो पहले तो पुलिस ने केस ही नहीं दर्ज किया और फिर बाद में पुलिस ने हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों के खिलाफ FIR दर्ज कर दिया, जबकि हिंदुओं की कोई गलती नहीं थी। विसर्जन करने जा रहे युवकों की संख्या भी 10-15 ही थी। इस घटना के बाद गाँव में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले बिहार के शेखपुरा जिले में सरस्वती मूर्ति विसर्जन के दौरान शनिवार (फरवरी 1, 2020) को 2 सम्प्रदायों के बीच भड़की हिंसा में जेडीयू के एक स्थानीय नेता की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस संबंध में 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक शनिवार देर शाम सरस्वती प्रतिमा ले जा रहे जुलूस पर मुस्लिम युवकों ने हमला कर दिया गया था। इसी हमले में जदयू के प्रखंड अध्यक्ष अमित कुमार विश्वास के सिर पर गहरी चोट आई थी। और रविवार को उनकी मौत हो गई थी।
इस मामले में आरोपितों की पहचान इस्माइल खान, सैफुल खान, इश्तियाक खान, शहंशाह खान, अशरफ खान, आसिफ खान, अकबर खान, इरफान आलम के रूप में हुई थी। इनमें से असलम, शहंशाह, आसिफ और अकबर को गिरफ्तार कर लिया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत शनिवार (19 सितंबर, 2020) को जम्मू-कश्मीर के कारोबारियों के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 1,350 करोड़ रुपए के आर्थिक पैकेज की घोषणा की। घाटी में रोजगार को बढ़ाने के लिए सरकार का यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा, “मुझे आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रहे राज्य के कारोबारियों के लिए आर्थिक पैकेज की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है। यह कारोबारियों को सुविधा देने के लिए हमारे द्वारा किए गए आत्मनिर्भर भारत और अन्य उपायों के लाभों के अतिरिक्त है।”
We have decided to give 5% interest subvention to every borrower from the business community, without any conditions for six months in the current financial year. This will be a huge relief and help in generating employment here: Jammu and Kashmir LG Manoj Sinha https://t.co/k3uEDiZefO
उन्होंने कहा, “हमने वर्तमान वित्त वर्ष में बिना किसी शर्त के व्यवसायिक समुदाय से जुड़े हर कर्जदार को 5 प्रतिशत ब्याज छूट देने का फैसला किया है। यह सुविधा 6 महीने के लिए होगी। इससे कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी और राज्य में रोजगार सृजित करने में मदद मिलेगी।”
इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के एलजी मनोज सिन्हा ने कहा, “एक साल के लिए बिजली और पानी के बिल में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। साथ ही सभी उधार लेने वालों के मामले में मार्च 2021 तक स्टाम्प ड्यूटी में छूट दी गई है। अच्छे मूल्य निर्धारण और पुनर्भगतान विकल्पों के साथ पर्यटन क्षेत्र में लोगों को वित्तीय सहायता देने के लिए जम्मू-कश्मीर बैंक द्वारा स्वास्थ्य-पर्यटन स्कीम की स्थापना की जाएगी।”
50% discount to be given for a year in electricity&water bills. Stamp duty exempted up to March 2021 in case of all borrowers. Setting up customised Health-Tourism scheme by J&K bank for financial assistance to people in tourism sector with good pricing&repayment options: J&K LG pic.twitter.com/tZYNRCafxp
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने बताया, “क्रेडिट कार्ड स्कीम के तहत, हथकरघा एवं हस्तशिल्प उद्योग में काम करने वाले लोगों के लिए अधिकतम सीमा को 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 2 लाख रुपए करने का फैसला लिया गया है। इन्हें 7 प्रतिशत ब्याज छूट भी दी जाएगी। एक अक्टूबर से जम्मू एंड कश्मीर बैंक युवा और महिला उद्यमियों के लिए विशेष डेस्क भी शुरू करेगा।”
Under credit card scheme, we have decided to extend maximum limit of Rs 1 lakh to Rs 2 lakh for people working in handloom & handicraft industry. They will also be given 7% interest subvention. From Oct 1, J&K bank will start a special desk for youth & women enterprises: J&K LG pic.twitter.com/ouyHYPR945
एलजी ने आगे कहा, ”ये आत्मनिर्भर भारत अभियान के अलावा है। इसके साथ कई बड़े प्रशासनिक कदम भी हमने लिए हैं। इनसे आवाम को आने वाले दिनों में बड़ा लाभ मिलने वाला है।” एलजी मनोज सिन्हा ने बताया, ”जम्मू-कश्मीर में 5 फीसदी इंटरेस्ट सबवेंशन सभी छोटे-बड़े उधार लेने वाले व्यापारियों के लिए बिना किसी भेदभाव के हम कर रहे हैं। इसमें 950 करोड़ रुपये जम्मू-कश्मीर का प्रशासन सीधे मदद कर रहा है।”
बिहार के बेगूसराय में मोहम्मद मोफिज नाम का व्यक्ति सालों से अपनी तीन बेटियों के साथ दुष्कर्म व दुष्कर्म का प्रयास करता आ रहा था। कुछ दिन पहले बजरंग दल के हस्तक्षेप से मामला थाने में पहुँचा और आरोपित को गिरफ्तार करके कल जेल भेजा गया। मोफिज की बेटी ने शिकायत में जो बातें बताईं उसे सुन कर कोई भी रिश्ता शर्मसार हो जाए। बावजूद इसके कुछ लोग ऐसे हैं जो मोफिज का अब भी समर्थन कर रहे हैं। साथ ही इस पूरे मामले में बजरंग दल की भूमिका को शर्मनाक बता रहे हैं।
जीशान अली का पोस्ट
बेगूसराय के ही जीशान अली ने इस संबंध में एक फेसबुक पोस्ट डाला है। इस पोस्ट में उसने लिखा, “….वाले मामले में बजरंग दल के गुंडों को घुसाना शर्मनाक है! थू है ऐसी मानसिकता पर।” इस पोस्ट पर जब एक यूजर ने जीशान अली से पूछा कि आखिर हुआ क्या है? तो जीशान ने इतनी बड़ी घटना को कहा कि तिल का ताड़ बनाया गया है वो भी एक तरफा।
यहाँ एक बात फिर गौर करवा दें कि जिस घटना को तिल का ताड़ बनाने की बात जीशान ने कही है उस घटना में मोफिज की बेटियों ने ही बजरंग दल को संपर्क किया था और अपने पिता के ख़िलाफ़ शिकायत करने थाने तक गई थीं। बजरंग दल सिर्फ़ उनकी आवाज बना। अगर समाज या बच्चियों के परिजन सुनवाई करते तो बजरंग दल के हस्तक्षेप की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।
लड़कियाँ बजरंग दल से पहले अपने गाँव वालों को और रिश्ते में एक भाई को यह सब बातें बता चुकी थीं। मगर, कहीं उनकी सुनवाई नहीं हुई तो कहीं कहा गया, “जो अब्बा कह रहे हैं उसको मानो।” लड़कियों ने अपने ननिहाल में भी इस बाबत शिकायत की थी मगर मोफिज ने लड़कियों के मामा को झूठे केस में फँसा दिया।
मोहम्मद मोफिज, आरोपित पिता
बजरंग दल के प्रदेश सह संयोजक शुभम भारद्वाज 17 सितंबर को पीड़िता को लेकर थाने गए थे। इसके बाद उनकी शिकायत दर्ज हुई। उनके पिता को गिरफ्तार किया गया। कल कोर्ट में पेशी के बाद उसे जेल भी भेज दिया गया। अब बजरंग दल ही उन पीड़िताओं को आर्थिक सहायता मुहैया कराने के लिए माँग भी कर रहा है।
ऐसे में बजरंग दल के हस्तक्षेप पर जीशान अली की प्रतिक्रिया देख कर आज हमने प्रदेश के सहसंयोजक शुभम से बात की। उन्होंने कहा कि वह ऐसे (जीशान अली) लोगों पर कुछ कहना ही नहीं चाहते। ये जीशान अली पहले भी राष्ट्रीय भावनाओं को आहत करने का आरोपित रहा है। कुछ शिकायतों में जेल भी गया है।
वह कहते हैं, “इनके समाज की बहन बेटी के साथ गलत होता है और कोई हिंदू संगठन मदद करता है तो उसमें भी इनको आपत्ति होती है। ये कमेंट में लिखता है कि तिल का ताड़ हो रहा है। अरे कोई पिता अपनी बेटी का रेप कर रहा है तो वो तिल का ताड़ वाली बात होती है?। इन लोगों की बात से यही लगता है कि इन लोगों के लिए यह सब आम बातें हैं।”
साल 2018 में दर्ज हुई जीशान अली समेत अन्य लोगों पर हुई शिकायत
जीशान अली के ख़िलाफ़ बजरंग दल की शिकायत
बता दें जीशान अली पर इससे पहले साल 2018 में एक बजरंग दल कार्यकर्ता ने शिकायत भी करवाई थी। अपनी शिकायत में निलेश कुमार ने बताया था कि वह गाँधी स्टेडियम में 7 बजे अपने दोस्तों व भाइयों के साथ दौड़ने का अभ्यास करते थे लेकिन 23 जुलाई 2018 को दौड़ लगाते हुए जीशान अली, मो तौसीफ, मो कासिफ व 6-7 अन्य युवकों ने उन्हें घेर लिया और भगवा गमछा उतारकर फेंकने को कहा। जब निलेश ने बात मानने से इंकर किया तो उन पर बेल्ट, हॉकी स्टिक से हमला हुआ। साथ ही जीशान अली और तौसीफ ने पिस्तौल के बट्ट से उनके सिर, कंधे व पेट पर जानलेवा हमला किया। इसमें उनको काफी रक्त रसाव हुआ। नीलेश का आरोप था कि इस बीच उनके देवी देवताओं को गंदी-गंदी गाली भी दी गई।
जीशान अली का आरोप
जीशान का एक पुराना ट्वीट है इसमें उन्होंने अपने खिलाफ़ हुए केसों का जिक्र करते हुए भाजपा और आरएसएस को गुंडा बताया है। उन्होंने लिखा, “आरएसएस भाजपा के द्वारा मुझे फर्जी और झूठा मुकदमा लगाकर फँसाने की साजिश रची जा रही है। कल की ही बात है जब कन्हैया कुमार के साथ मैं और बाकी सभी सारी मंसूरचक सभा से लौट रहे थे उसी दौरान घात लगाए बैठे भाजपा-आरएसएस के गुंडों ने सभी साथियों पर जानलेवा हमला कर दिया। लेकिन किसी तरह हमलोग वहाँ से जान बचा कर निकले। उसके बाद कुछ गुंडों ने अपने आपको खुद से घायल कर मुझ पर और साथी कन्हैया पर झूठा आरोप लगा कर भगवानपुर थाने में मुकदमा दर्ज कर दिया। आपको बता दूँ इन लफंगो-दंगाइयों ने मुझ पर तीन से ज्यादा मुकदमा किया है।”
जीशान का पुराना पोस्ट
जीशान अली के पोस्ट से मालूम चलती है मानसिकता
गौरतलब है कि जीशान की फेसबुक आईडी को देखकर यह मालूम होता है कि उसकी राजनीति ‘जय भीम-जय मीम’ के इर्द गिर्द घूमती है और मोफिज के मामले में उसकी राय से पता लगता है कि उसकी मानसिकता का स्तर क्या है। ये वही लोग हैं जो आरोपित को अपने समुदाय का पाकर उसके ऐसे गुनाह को भी डिफेंड करते हैं जिसकी समाज में थू-थू हो रही है। इसके इस पोस्ट पर ही देखिए एक आजमी नाम का व्यक्ति उर्दू में कमेंट करता है। इसका गूगल अनुवाद यदि देखा जाए तो उसमें लिखा है, “शर्म की बात है कि लड़की को दूसरे लोगों के पास जाने के लिए मजबूर किसने किया? दुख की बात है हमारा समाज सच बोलने से डरता है।”
इसके अलावा मोफिज पर लगे आरोपों को जिस प्रकार एक तरफा बताया जा रहा है। ऑपइंडिया के पास सबूत के तौर पर ऐसे वीडियोज हैं जिसमें अपनी बेटी के साथ अश्लील हरकतें कर रहा है। उन्हें उनके प्राइवेट पार्ट दिखाने को कह रहा है।
यह वीडियो शायद अब तक लाखों लोगों ने व्हॉट्सएप पर भी देखा होगा लेकिन फिर भी इस तरह से जीशान अली उसे डिफेंड कर रहा हैं और ऊँगली बजरंग दल पर उठा रहा है, उससे यही मालूम चलता है कि उसके लिए लड़कियों के साथ हुआ अत्याचार सोचने का विषय भी नहीं है।
मामले की गंभीरता को समझने के लिए एक बार मोफिज की बड़ी बेटी का वो बयान फिर पढ़िए जिसे पीड़िता ने ऑपइंडिया से आपबीती साझा करते हुए दिया था। इसके बाद विचार करिए वह तीन बहनें किस हालत में घर की चार दिवारी में रहती होंगी और क्या उन्होंने बजरंग दल से मदद माँग कर गलत किया या बजरंग दल ने उनकी मदद करके गलत किया?
क्या कहा था पीड़िता ने?
सलमा के मुताबिक, उसका पिता मोफिज पिछले 5-6 साल में उसके साथ 2-3 बार संबंध बना चुका है और उसकी बहनों 14 वर्षीय बहन नगमा (बदला हुआ नाम) और 12 वर्षीय बहन फरहीन (बदला हुआ नाम) को न जाने कितनी बार संबंध बनाने के लिए अपने सामने नंगा कर चुका है। पीड़ित लड़की की मानें तो उनका घर में सोना भी दूभर हो गया था। उनका पिता कभी भी उनके कपड़ों में हाथ डाल देता था और शारीरिक संबंध स्थापित करने की कोशिश करता था। सलमा ने यह भी बताया था कि एक मिनट का समय मिलते ही मोफिज उससे संबंध स्थापित करने की कोशिश करता था और इधर उधर हाथ लगाता था। माँ की मृत्यु के बाद सलमा का अब्बू उससे ही निकाह का दबाव बना रहा था और उन्हें घर में कैद करके रखा हुआ था।
कर्नाटक में ड्रग्स मामले ने राजनीतिक मोड़ ले लिया है। बेंगलुरु की सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने कॉन्ग्रेस के पूर्व पार्षद आरवी युवराज को पूछताछ के लिए बुलाया है। ख़बरों के मुताबिक़ बेंगलुरु पुलिस की सेंट्रल क्राइम ब्रांच जो इस मामले की जाँच कर रही है उसने युवा कॉन्ग्रेस नेता को शनिवार (19 सितंबर 2020) पेश होने के लिए समन भेजा है।
आरवी युवराज पूर्व कॉन्ग्रेस विधायक आरवी देवराज के बेटे हैं। पुलिस का इस मामले में साफ़ कहना है कि वह ड्रग्स नेटवर्क के हर पहलू की तलाश करेंगे। CCB अधिकारियों ने व्हाट्सएप के ज़रिए आरवी युवराज को नोटिस भेजा और जाँच में सहयोग करने के लिए कहा है।
आरवी युवराज सुधामनगर से ब्रुहट बेंगलुरु महानगर पालिक (BBMP) के पार्षद रहे हैं। वह अक्सर अभिनेत्री संजना गलरानी द्वारा संचालित एक योगा इंस्टीट्यूट में जाते थे। इसके अलावा दोनों कई इवेंट्स में भी साथ ही नज़र आए थे।
सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जॉंच शुरू होने के बाद से ही फिल्म इंडस्ट्री में ड्रग्स की पैठ चर्चा में है। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो भी इसकी जॉंच कर रही है। फिल्म ABCD में काम कर चुके एक्टर किशोर शेट्टी को भी ड्रग्स रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
मंगलुरु के पुलिस कमिश्नर विकास कुमार ने बताया, “हम ड्रग्स नेटवर्क के हर पहलू की पड़ताल करेंगे। हमने फ़िलहाल किशोर शेट्टी को गिरफ्तार किया है। उस पर NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। यह सारी ड्रग्स मुंबई से आती थी उसके बाद यहाँ लोगों में बाँटी जाती थी। हम इस मामले में जाँच कर रहे हैं जल्द कई अहम बातें सामने आएँगी। ”
We will find out all the possible ends in this drug network. One of the arrested is actor Kishore Shetty. The drugs were sourced from Mumbai. A case has been registered under the NDPS Act. Further probe is on: Vikas Kumar, Police Commissioner, Mangaluru, on the seizure of MDMA. pic.twitter.com/sLBNdU3SK2
समन भेजे जाने की जानकारी मिलते ही आरवी युवराज के पिता पूर्व कॉन्ग्रेस विधायक ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “मेरा बेटा न तो शराब का सेवन करता है और न ही सिगरेट फूँकता है तो फिर वह ड्रग्स कैसे ले सकता है? वह पेरिस और लंदन इसलिए जाता है क्योंकि वह एक अच्छा टेनिस खिलाड़ी है। CCB ने नोटिस जारी किया है, मुझे इस बारे में जानकारी नहीं है कि उन्होंने किस आधार पर ऐसा किया है।”
आरवी युवराज के अलावा CCB ने कन्नड़ टीवी एंकर अकुल बालाजी और अभिनेता आर्यन संतोष को भी समन भेजा है। अकुल बालाजी मशहूर समाचार प्रस्तोता हैं और आर्यन संतोष कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के अभिनेता हैं। आरवी युवराज को CCB द्वारा समन भेजे जाने के ठीक एक हफ्ते पहले NCB ने ड्रग्स मामले में कॉन्ग्रेस पार्षद के बेटे को नोटिस भेजा था। यह नोटिस महालक्ष्मीपुरम से कॉन्ग्रेस पार्षद एस केशवमूर्ति के बेटे यशस के को भेजा गया था।
बेंगलुरु अपराध शाखा कर्नाटक के पूर्व मंत्री स्व जीवाराज अल्वा के बेटे आदित्य अल्वा पर भी निगरानी रख रही है। आदित्य अल्वा पर भी ड्रग्स मामले में शामिल होने का आरोप है। बेंगलुरु अपराध शाखा के अधिकारियों ने आदित्य अल्वा के हेब्बल झील स्थित फ़ार्महाउस पर भी छापा मारा था। आदित्य अल्वा कर्नाटक सरकार के पूर्व मंत्री जीवाराज अल्वा के बेटे और अभिनेता विवेक ओबेरॉय के साले हैं। अल्वा पर आरोप था कि उसके द्वारा आयोजित पार्टी में ड्रग्स की सप्लाई होती थी, यह जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने अल्वा के फ़ार्म हाउस पर छापा मारा था।
आदित्य अल्वा ड्रग्स मामले में मुख्य आरोपित है और जब से CCB ने बेंगलुरु में छापेमारी का अभियान शुरू किया है तभी से फरार चल रहा है। इस मामले के एक और आरोपित ने पुलिस को जानकारी दी थी कि ज़्यादातर ड्रग्स पार्टी आदित्य अल्वा के फ़ार्म हाउस पर आयोजित की जाती थीं। यह फ़ार्म हाउस बेंगलुरु में ही स्थित है। उसने यह भी बताया कि पार्टी में ड्रग्स का सेवन भी किया जाता था। उसके मुताबिक़ इसी फ़ार्म हाउस में लोग नशे की गोलियाँ भी लेते थे।
फ़िलहाल पूरे देश में ड्रग्स को लेकर बड़े पैमाने पर बहस छिड़ी हुई है इसी कड़ी में बेंगलुरु पुलिस ने भी हाल ही में एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क का खुलासा किया। बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए बेंगलुरु पुलिस ने ड्रग्स मामले में कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री की कई अभिनेत्रियों को गिरफ्तार किया है। अपराध शाखा के अधिकारी इस मामले में कन्नड़ अभिनेत्री रागिनी द्विवेदी और संजना गलरानी को गिरफ्तार कर चुके हैं। फिलहाल कई अभिनेता, अभिनेत्रियाँ, गायक और संगीतकार इस मामले में पुलिस की निगरानी में हैं। अभी तक पुलिस ड्रग्स के मामले में 15 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) द्वारा केरल के उच्च शिक्षा मंत्री केटी जलील से सोने की तस्करी मामले में उनकी भूमिका के बारे में पूछताछ करने के एक दिन बाद, माकपा ने शुक्रवार (सितंबर 18, 2020) को जाँच को सांप्रदायिक एंगल देते हुए दावा किया कि मंत्री के खिलाफ विपक्ष का विरोध “कुरान विरोधी” था।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, माकपा के राज्य सचिव कोडिएरी बालाकृष्णन ने पार्टी के मुखपत्र ‘देशभीमनी’ में अपने साप्ताहिक कॉलम में केरल कम्युनिस्ट सरकार और मंत्री केटी जलील के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन को ‘कुरान विरोधी’ बताया है।
लेख में, उन्होंने उच्च शिक्षा मंत्री जलील का बचाव किया, जिनसे राष्ट्रीय जाँच एजेंसी और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा सोने की तस्करी मामले में पूछताछ की गई थी। जाँच में पता चला था कि केटी जलील ने प्रोटोकॉल के मानदंडों को दरकिनार करते हुए मुख्य आरोपित स्वप्ना सुरेश की मदद से संयुक्त अरब अमीरात से अवैध रूप से कुरान का आयात किया था। सीमा शुल्क विभाग ने शुक्रवार को बताया कि शुल्क छूट मिलने के बाद यूएई वाणिज्य दूतावास द्वारा आयात की गई पवित्र कुरान की प्रतियाँ स्वीकार कर जलील ने सीमा शुल्क नियमों का भी उल्लंघन किया है।
कोडिएरी बालाकृष्णन ने कहा, “राज्य की राजधानी में यूएई वाणिज्य दूतावास के अनुरोध पर पाक पुस्तक की कुछ प्रतियाँ वितरित करना कोई आपराधिक कृत्य नहीं है। मंत्री वक्फ बोर्ड के प्रभारी भी हैं। मुस्लिम लीग, संघ परिवार द्वारा प्रज्वलित आग में ईंधन डाल रही है।”
केरल के मंत्री के इस्तीफे की माँग के लिए विपक्षी दलों पर हमला करते हुए, बालाकृष्णन ने कहा कि विरोध-प्रदर्शन सरकार के खिलाफ एक बड़ी राजनीतिक साजिश का हिस्सा है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी पार्टी कुरान का अपमान कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम लीग और आरएसएस ने मिलकर ‘कुरान विरोधी’ आंदोलन को लॉन्च किया।
उन्होंने आगे लिखा, “IUML आरएसएस के कुरान विरोधी आंदोलन को भड़का रहा है। इस कृत्य में IUML के साथ कॉन्ग्रेस भी शामिल है। हम इस आधार पर कुरान के खिलाफ आंदोलन का विरोध कर रहे हैं कि कोई भी धार्मिक पाठ उपहास का विषय न बने।”
विपक्षी दलों ने बालाकृष्णन के आरोपों को खारिज कर दिया और LDF पर सांप्रदायिकता का आरोप लगाया। बालाकृष्णन के ‘कुरान-विरोधी’ आरोप पर प्रतिक्रिया देते हुए, कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने कहा कि सरकार ने अपना चेहरा खो दिया है और राजनीति के लिए कुरान का उपयोग करना खतरनाक है।
आईयूएमएल के राष्ट्रीय महासचिव पी के कुन्हालीकुट्टी ने कहा कि माकपा और जलील को सोने की तस्करी से जुड़े आरोपों का जवाब देना चाहिए। भाजपा के राज्य प्रमुख के सुरेंद्रन ने कहा कि माकपा जलील को एक मजहब के प्रतीक के रूप में पेश करने की कोशिश कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी पर इस मुद्दे को सांप्रदायिक रूप देने का आरोप लगाया।
गौरतलब है कि पिछले महीने मुख्य आरोपित स्वप्ना सुरेश के कॉल डिटेल्स से पता चला था कि आरोपित केरल के उच्च शिक्षा मंत्री केटी जलील के साथ नियमित संपर्क में थी।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) के अनुसार, केटी जलील ने स्वप्ना सुरेश को कई कॉल किए थे। कॉल डिटेल्स से पता चला कि शिक्षा मंत्री और स्वप्ना सुरेश के बीच मई और जून के महीने में कई कॉल हुई थी। जलील के दो निजी कर्मचारी भी कथित तौर पर स्वप्ना सुरेश के संपर्क में थे।
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की शुरुआत के साथ भगवान राम के भक्त और भाजपा सदस्यों ने इस बार दक्षिणी भारत के पवित्र शहर रामेश्वरम से अयोध्या राम मंदिर तक एक नए रथयात्रा की शुरू की है।
आर्गेनाइजर की रिपोर्ट के अनुसार, 17 सितंबर को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर रथ यात्रा को रवाना किया गया। इस रथ यात्रा के मायने और रथ यात्रा के मायनों से अलग होगा। यह रथ यात्रा “जय श्री राम” के साथ पीतल का घंटा लेकर जाएगी, जिसका वजन लगभग 613 किलोग्राम है। इसके अलावा अयोध्या में राम मंदिर के लिए इसमें भगवान राम, सीता, लक्ष्मण, हनुमान की मूर्तियाँ भी होंगी।
बता दें इस रथ यात्रा को दक्षिण क्षेत्र के भाजपा चुनाव प्रभारी नैनार नागेंद्रन, रामनाथपुरम के जिला अध्यक्ष मुरलीधरन ने 17 सितंबर को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह यात्रा अयोध्या पहुँचने से पहले तमिलनाडु और अन्य राज्यों के विभिन्न शहरों से होकर गुजरेगी।
गौरतलब है कि हिंदू पौराणिक कथाओं में रामेश्वरम शहर का एक विशेष महत्व है। यह वह स्थान है जहाँ से भगवान राम और उनकी वानर सेना ने पुल का निर्माण शुरू किया था, जो भारतीय उपमहाद्वीप को श्रीलंका के द्वीप से जोड़ता था। पवित्र स्थल रामेश्वरम में भगवान राम ने पूजा अर्चना और अन्य अनुष्ठान किए थे। इसका एक अलग ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व है। उत्तरी और दक्षिणी भारत के बीच एक भौगोलिक लिंक के रूप में भी इसे जाना जाता है।
भगवान राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमान की मूर्तियों के साथ 613 किलोग्राम भारी पीतल की घंटी को चेन्नई स्थित लीगल राइट्स ग्रुप की महासचिव राजलक्ष्मी मंधा ने दान किया है। मूर्तियों और घंटा को पीतल की धातु से बनाया गया है। मूर्तियों और घंटा को अयोध्या ले जाने के लिए रथ को बेहद खूबसूरती से सजाया गया है। साथ ही यात्रा की शुरुआत से पहले रामेश्वरम में रामनाथ मंदिर के सामने इसकी विशेष पूजा भी की गई।
इसके अलावा 600 किलोग्राम वजनी एक और पीतल का घंटा एराल रामकृष्ण नादर बर्तन व्यापारी की दुकान पर तैयार की जा रही है। इसी तरह आंध्र प्रदेश और अन्य राज्यों से भी अयोध्या के राम मंदिर में घंटे लगाए जाएँगे।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भाजपा अध्यक्ष रहे लालकृष्ण आडवाणी द्वारा भी इसी तरह की रथ यात्रा निकाली गई थी, जो तमिलनाडु में कन्याकुमारी से लेकर कश्मीर तक शुरू हुई थी। इस यात्रा को रामजन्मभूमि स्थल पर राम मंदिर के निर्माण की माँग को लेकर निकाला गया था। जिसे मुगल आक्रमणकारियों द्वारा तोड़ कर बाबरी मस्जिद में तब्दील कर दिया गया था।
हालाँकि, इस बार यह रथ यात्रा अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन समारोह के पूरा होने के बाद निकाली गई है। यह यात्रा मंदिर के आधिकारिक निर्माण का प्रतीक है। पीएम मोदी ने इस साल 5 अगस्त को राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी थी। लंबे समय से चले आ रहे विवाद को सुलझाते हुए पिछले साल सुप्रीम कोर्ट द्वारा ऐतिहासिक फैसला देते हुए हिंदुओं को जन्मभूमि में भगवान राम के मंदिर निर्माण की अनुमति दी गई थी।
स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एक चीनी महिला और उसके नेपाली सहयोगी को भी गिरफ्तार किया है। शर्मा पर सुरक्षा संबंधी दस्तावेजों को चीन की खुफिया एजेंसी के साथ साझा करने का आरोप है।
शर्मा को रक्षा सम्बन्धी गोपनीय दस्तावेज़ों के साथ ‘ऑफिशियल सीक्रेट एक्ट’ के तहत गिरफ्तार किया गया था। वहीं चीनी महिला और उसके नेपाली सहयोगी को शर्मा को शेल कंपनियों के जरिए पैसा देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार चीनी खुफिया विभाग ने पत्रकार को मोटी रकम के एवज में संवेदनशील जानकारी देने का काम सौंपा था। शर्मा के पास से बड़ी की संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य सामग्री बरामद की गई है।
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि 14 सितंबर को शर्मा को गिरफ्तार कर 6 दिन की रिमांड पर लिया गया था। 22 सितंबर को पटियाला हाउस कोर्ट में उसकी जमानत याचिका पर सुनवाई होनी है। यादव ने बताया कि शर्मा के साथ-साथ चीनी महिला और उसके नेपाली सहयोगी से पूछताछ जारी है।
Freelance journalist Rajeev Sharma (pic 1) arrested under Official Secrets Act for passing sensitive information to Chinese intelligence. A Chinese woman & her Nepalese associate also arrested for paying him large amounts of money routed through shell companies: Delhi Police pic.twitter.com/8cDHbwcFtB
राजीव शर्मा दिल्ली के पीतमपुरा का रहने वाला है। वह यूनाइटेड न्यूज़ ऑफ़ इंडिया, द ट्रिब्यून, फ्री प्रेस जर्नल समेत कई समाचार समूहों में बतौर पत्रकार काम कर चुका है। पिछले 2 दशकों से वह बतौर पत्रकार रक्षा क्षेत्र और विदेशी मामलों से जुड़ी ख़बरें करता था। पत्रकार आदित्य राज कौल के अनुसार राजीव शर्मा चीनी सरकार के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स (समाचार पत्र) के लिए स्तम्भ भी लिखा करता था। चीनी समाचार पत्र के लिए स्तम्भ लिखने का सिलसिला पिछले कई सालों से जारी था।
हाल ही में राजीव शर्मा ने ग्लोबल टाइम्स के लिए एक लेख भारत-चीन तनाव पर लेख लिखा था। इसके अलावा वह क्विंट और डेली ओ जैसे वामपंथी समाचार समूहों के लिए भी लिखता है। उसका अपना यूट्यूब चैनल भी है जिसका नाम है ‘राजीव किष्किन्धा’। इस चैनल को लगभग 11900 लोगों ने सब्सक्राइब किया है।
राजीव ने पिछले साल दावा किया था कि उन्हें कनाडा की एजेंसी ने इजरायल के स्पायवेयर पेगासस के जरिए उनके फोन की निगरानी किए जाने को लेकर सतर्क किया था। गिरफ्तारी के बाद उसके ट्विटर एकाउंट जिस पर 5300 फॉलोवर्स थे, उसे बंद कर दिया गया है।
इससे पहले चीनी जासूस चार्ली पेंग पकड़ा गया था। वह भारत में रहकर हवाला रैकेट चला रहा था और एक जासूसी नेटवर्क का भी हिस्सा था। उसने अन्य चीनी नागरिकों के साथ मिलकर चीनी शेल कंपनियों के नाम से बैंक खाते खोले और करीब 1000 करोड़ रुपए की मनी लॉन्ड्रिंग की थी। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पूछताछ में पेंग ने खुलासा किया था कि चीनी खुफिया एजेंसियों ने उसके जरिए दिल्ली में निर्वासन में रह रहे तिब्बतियों को घूस देने की कोशिश की।
चीनी एजेंसियों के निशाने पर मजनू का टीला में रहने वाले लामा और भिक्षु थे। पेंग ने सीधे पैसा नहीं दिया लेकिन अपने ऑफिस स्टाफ के जरिए रकम भिजवाता रहा। जिन लोगों को पैसा दिया गया, उनकी पहचान अभी नहीं हो सकी है। पेंग का दावा है कि उसके स्टाफ ने जिन पैकेट्स में पैसे दिए, उनमें 2 से 3 लाख रुपए थे। 2014 के बाद से पेंग ने दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में दलाई लामा की टीम में भी घुसपैठ करने की कोशिश की थी।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार (19 सितंबर 2020) को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के मुद्दे पर भाषण दिया। भाषण के दौरान उन्होंने एनईपी के तमाम अहम पहलुओं का ज़िक्र किया। उन्होंने कहा एनईपी का उद्देश्य 21वीं सदी की आवश्यकताओं को पूरा करना है और शिक्षा प्रणाली को पुनर्जीवित करना है। एनईपी की मदद से देश के हर छात्र को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी साथ ही साथ एक न्यायसंगत और जीवंत समाज विकसित करने की नींव रखी जाएगी। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मदद से समाज में जोड़ने की भावना पैदा होगी।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा, “हमारी परम्पराओं में हमेशा से जिज्ञासा को अहमियत दी गई है, उसे बढ़ावा दिया जाता रहा है। हमारे समाज में जिगीषा (विजय की इच्छा) से अधिक जिज्ञासा को महत्त्व दिया जाता है।”
समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक़ राष्ट्रपति ने भाषण के दौरान कहा, “राष्ट्रीय शिक्षा नीति को तैयार करने के लिए 2.5 लाख ग्राम पंचायतों, 12500 से अधिक स्थानीय निकायों, लगभग 675 जिलों और 2 लाख सुझावों को शामिल किया गया था। मुझे इस बात का हर्ष है कि 2018-19 के ऑल इंडिया सर्वे ऑफ़ हायर एजुकेशन के अनुसार महिलाओं का सकल नामांकन अनुपात (GER) पुरुषों से थोड़ा अधिक था। हालाँकि, अभी तकनीकी शिक्षा और राष्ट्रीय संस्थानों में महिलाओं की भूमिका और भागीदारी कम है। इस पर काम करने की पूरी सम्भावना है।”
ABC will allow students to take courses as per their vocational, professional or intellectual requirements. It will also allow them suitable exit and re-entry points. This flexibility will be very useful for the students: President Ram Nath Kovind #NEP2020https://t.co/JS0aLuCAWg
राष्ट्रपति ने कहा एनईपी अंक या ग्रेड के लिए रट्टा मारने को लेकर हतोत्साहित करता है। यह छात्रों में एक अहम मानसिकता और रचनात्मकता की भावना का विकास करता है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मदद से साल 2035 तक सकल नामांकन अनुपात (GER) 35 फ़ीसदी तक बढ़ाने का लक्ष्य तय किया गया है। प्रौद्योगिकी की मदद से भी इस लक्ष्य को हासिल करने में आसानी होगी।
उनके मुताबिक़ अकादमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट (ABC) में एक मुख्य परिवर्तन किया गया है जिससे छात्रों को बहुत सहायता मिलेगी। सबसे पहले यह देश के उच्च शिक्षण संस्थानों से इकट्ठा किए गए अकादमिक क्रेडिट का डिजिटल माध्यम से संग्रह करेगा। इसके बाद छात्रों द्वारा अर्जित किए गए क्रेडिट के आधार पर उन्हें डिग्री दी जाएगी। ABC की मदद से छात्र अपनी बौद्धिक ज़रूरतों के अनुसार पाठ्क्रम ले सकेंगे। यह छात्रों के हित में साबित होगा।
इसके बाद उन्होंने कहा, “मुझे इस बात का विश्वास है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 भारतीय शिक्षा के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगी। यह हमारे देश के छात्रों आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगी और उनका आने वाला कल बेहतर बनाएगी। प्राचीन काल में हमारा देश वैश्विक स्तर पर शिक्षा का केंद्र माना जाता था। तक्षशिला और नालंदा जैसे शिक्षण संस्थानों को प्रतिष्ठित दर्जा प्राप्त था लेकिन आज भारत के शैक्षणिक संस्थानों को वैसा दर्जा नहीं मिला है। हमारे देश को संस्थानों को अपनी रैंकिंग में सुधार लाने के लिए काम करने की आवश्यकता है और एनईपी इस प्रक्रिया में अहम किरदार निभाएगी।”
उत्तर प्रदेश के बिजनौर में गोकशी की घटना सामने आई है। इसे बिजनौर के किरतपुर नगरपालिका के चेयरमैन अब्दुल मन्नान के घर अंजाम दिया जा रहा था। पुलिस इस मामले में अभी तक 6 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं मुख्य आरोपित अब्दुल मन्नान समेत 4 अन्य लोग घटनास्थल से भागने में सफल हुए। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में माँस और अवैध तमंचे भी बरामद किए हैं।
पुलिस को सूचना मिली थी कि बिजनौर के किरतपुर थाना क्षेत्र में नगरपालिका चेयरमैन अब्दुल मन्नान की बाग़ के भीतर डेयरी की आड़ में गोकशी हो रही है। इसके बाद 3 थानों की पुलिस (किरतपुर, नागल और नजीबाबाद) ने वहाँ पर छापा मारा। घटनास्थल से मोहम्मद हारून, मोहम्मद आमिर, तारिक, ताजिर और तालिब को गिरफ्तार किया गया है।
इसके अलावा किरतपुर स्थित पठानपुरा निवासी मोहम्मद शानू को गिरफ्तार किया गया है। वहीं अब्दुल मन्नान, अतीक कुरैशी, फरीद और बाशिद भागने में कामयाब रहे। पुलिस इनकी खोज कर रही है।
बिजनौर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि अब्दुल मन्नान के बाग़ में गोकशी की सूचना मिली थी, जिसके बाद 3 थानों की पुलिस ने संयुक्त रूप से छापेमारी की कार्रवाई की थी। कार्रवाई के दौरान 12 जीवित पशु (4 गाय, 3 भैंस, 4 कटरे, एक बछड़ा) बरामद किया गया है। इतना ही नहीं 6 सींग, गोवंश की हड्डियाँ, दो रस्सी, दो छूरे, 12 बोर का 1 तमंचा और दो कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
थाना किरतपुर,नागल व नजीबाबाद पुलिस द्वारा की गई संयुक्त कार्यवाही में 06 शातिर गौकशी करने वाले अभियुक्तगण 12 जीवित गाय/भैंस, अवैध शस्त्र,गौकशी के उपकरण व गौवंशीय अवशेष सहित गिरफ्तार। इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक बिजनौर की बाईट। #UPPolice@Uppolice@adgzonebareilly@digmoradabadpic.twitter.com/RFGDYyU7Hr
वहीं इस घटनाक्रम पर किरतपुर थाना प्रभारी ने भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सब कुछ नगरपालिका चेयरमैन अब्दुल मन्नान की देखरेख में हो रहा था। वह खुद इसमें शामिल है और कई लोग इस काम में उसकी मदद करते हैं। पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। गिरफ्तार किए गए आरोपितों से सवाल-जवाब जारी है, उन पर गैंग्सटर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही उनकी हिस्ट्रीशीट भी खोली जाएगी।
सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर रहीं दिशा सालियान की 8 जून को मौत हो गई थी। एक चश्मदीद ने दावा किया है कि मरने से पहले चार लोगों ने उनसे रेप किया था। चारों रसूखदार हैं। इनमें एक मंत्री का सिक्योरिटी गार्ड है। एक दिशा का करीबी दोस्त था। पार्टी में एक फिल्म स्टार का बेटा भी मौजूद था।
दिशा ने 8 जून की अपने घर पर पार्टी रखी थी। बाद में कथित तौर पर 14वीं मंजिल से गिरने पर उनकी मौत हो गई। चश्मदीद ने न्यूज नेशन को बताया कि तेज म्यूजिक की वजह से दिशा की चीख दबी रह गई। जब उसके साथ गैंगरेप हुआ तब उसका मंगेतर रोहन राय भी फ्लैट में मौजूद था। वह चुपचाप कमरे में बैठा रहा।
चश्मदीद के मुताबिक वह दिशा को व्यक्तिगत तौर पर नहीं जानता था। वह अपने एक दोस्त के साथ पार्टी में गया था। रात उन्होंने अपने घर पर पार्टी रखी थी। बाद में 14वीं मंजिल से गिरने से उसकी मौत हो गई थी।
चश्मदीद के अनुसार वह एक एक्टर भी है और मलाड वाले फ्लैट पर उस रात 9 से 9.30 बजे के बीच पहुॅंचा था। उसने बताया कि वह जॉंच एजेंसियों के सामने गवाही देने के लिए भी तैयार है। चश्मदीद के अनुसार दिशा का शव देखने के बाद उसके मंगेतर रोहन राय और उसका दोस्त बांद्रा रेलवे स्टेशन की तरफ भागे और अपने घर जाने वाली पहली ट्रेन पकड़कर चले गए। उसने कहा कि अगर पुलिस चाहे तो रेलवे स्टेशन का सीसीटीवी देख सकती है।
उल्लेखनीय है कि 8 जून की रात मौत होने के बावजूद दिशा का 17 जून तक एक्टिव था। बताया जा रहा है कि उनके फोन से कई इंटरनेट कॉल भी किए गए थे। ऐसे में यह सवाल भी उठ रहा है कि मौत के बाद उनका फोन कौन इस्तेमाल कर रहा था।
इन दावों से अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की तरह ही दिशा सालियान की मौत का रहस्य दिनोंदिन गहराता जा रहा है। इससे पहले मीडिया रिपोर्टों में फोरेंसिक एक्सपर्ट के हवाले से दिशा के शरीर पर दो तरह के निशान मिलने की बात कही गई थी। साथ ही उनके मंगेतर रोहन राय का पता चलने और सीबीआई द्वारा जल्द समन भेजे जाने की बात भी कही जा रही है।
एक फोरेंसिक विशेषज्ञ ने दावा किया था कि दिशा के शव पर दो तरह के चोट के निशान थे। एक गिरने से पहले और दूसरा गिरने के बाद के। रिपब्लिक टीवी पर एक बहस के दौरान फोरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. दिनेश राव ने कहा, “दिशा के शव पर चोट के पैटर्न को देखकर मैं इसमें एक अहम जानकारी जोड़ना चाहता हूँ। मैंने निश्चित तौर पर दो तरह की चोट के निशान देखे थे। एक चोट ऊँचाई से गिरने की वजह से आई थी और दूसरी गिरने से पहले की है, जिसकी जाँच होनी चाहिए।”
विशेषज्ञ ने यह भी कहा कि या तो दिशा के साथ मारपीट की गई या उन्हें प्रताड़ित किया गया था। या यह भी ही सकता है कि उन्होंने हमले से बचने की कोशिश की हो जो उनकी मौत की वजह बन गई हो। डॉ. दिनेश राव प्रोफेसर और ऑक्सफोर्ड मेडिकल कॉलेज, अस्पताल और अनुसंधान केंद्र, बेंगलुरु में फोरेंसिक चिकित्सा विभाग के प्रमुख रहे हैं। वह किंग्स्टन, जमैका में निदेशक और मुख्य फोरेंसिक पैथोलोजिस्ट रहे हैं।
कुछ दिन पहले, भाजपा नेता नितेश राणे ने दिशा सालियान की मौत पर संदेह जताया था। राणे ने कहा था कि दिशा की मौत आत्महत्या नहीं थी और उनके मंगेतर रोहन राय को सामने आकर पूरा सच बताना चाहिए। रिपब्लिक टीवी के अनुसार शीर्ष जॉंच एजेंसियॉं रोहन पर नजर रख रही हैं और वे जॉंच के दायरे में हैं। राणे ने दावा किया था कि उन्होंने दिशा की मौत के 15 दिन बाद रोहन से बात की थी और उन्हें सब पता है कि 8 जून को दिशा की मौत कैसे हुई।
गौरतलब है कि 8 और 9 जून की मध्यरात्रि को मलाड की 14 वीं मंजिल से गिरने की वजह से दिशा की मौत हो गई थी और मुंबई पुलिस ने इसे आत्महत्या करार दिया था। वहीं सुशांत 14 जून को अपने बांद्रा स्थित आवास पर रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाए गए थे। वर्तमान में तीन एजेंसियाँ- सीबीआई, ईडी और एनसीबी दिवंगत अभिनेता की मौत के मामले से संबंधित विभिन्न एंगल की जाँच कर रही हैं।