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‘पोल खुलने के डर से कुछ लोग छटपटा रहे हैं… रिया चक्रवर्ती की औकात नहीं है…’ – DGP गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने सुशांत सिंह राजपूत मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीआई जाँच का आदेश दिए जाने के बाद ख़ुशी जताते हुए कहा कि बिहार पुलिस सही निकली। बता दें कि बिहार पुलिस की एफआइआर पर ही सीबीआई ने मामला दर्ज किया। डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय इस पर काफ़ी मुखर रहे थे। उन्होंने इसे अन्याय पर न्याय की जीत बताया और कहा कि ये 130 करोड़ देशवासियों की जीत है, सत्य की विजय है।

भाव-विह्वल नज़र आ रहे बिहार पुलिस के मुखिया ने कहा कि माननीय सु्प्रीम कोर्ट का फैसला सर्वमान्य होगा। उन्होंने कहा, “आज तक मैंने सुना था कि न्यायाधीश भगवान का रूप होते हैं, आज मैंने देख भी लिया। मैं न्यायाधीश को सैल्यूट नहीं बल्कि इस फैसले के लिए साष्टांग प्रणाम करता हूँ।” साथ ही उन्होंने याद दिलाया कि कैसे गलत तरीके से मुंबई में बिहार पुलिस के विजय तिवारी को क्वारंटाइन कर दिया गया था।

डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि देशवासियों के मन में इस फैसले से सर्वोच्च न्यायालय ने लोकतंत्र के प्रति आस्था मजबूत की है। शिवसेना के संजय राउत द्वारा दिए गए तरह-तरह के बयानों पर डीजीपी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक व्यक्ति के बयान पर वो प्रतिक्रिया नहीं दे सकते लेकिन इतना स्पष्ट है कि बिहार पुलिस का स्टैंड सही था, सुप्रीम कोर्ट के फैसले से भी यही प्रमाणित होता है।

हालाँकि, वो ये कहने से नहीं चूके कि कुछ लोगों को बेचैनी थी और छटपटाहट रही होगी कि कहीं उनकी पोल न खुल जाए। वहीं रिया चक्रवर्ती के बयानों पर डीजीपी ने कहा कि अभिनेत्री की अभी इतनी हैसियत नहीं है कि वो बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर टिप्पणी करे, पूरे देश में लोग रिया को शक की नजर से देख रहे। उन्होंने कहा कि नीतीश के समर्थन से ही सुशांत के परिवार वालों में न्याय की उम्मीद जगी है। उन्होंने इस मामले में आगे कहा:

“नतीजा आएगा, निश्चित आएगा क्योंकि ये केवल एक आदमी की लड़ाई नहीं है, एक परिवार की लड़ाई नहीं है, गुप्तेश्वर पांडेय की कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, ये हिंदुस्तान की 130 करोड़ जनता, जो न्याय चाहती है उसकी लड़ाई है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से लोगों के मन में एक उम्मीद जगी है कि सुशांत सिंह के मामले में न्याय होगा। ये पूरे देश के लिए बहुत बड़ी बात है। पूरा देश सुप्रीम कोर्ट की तरफ टकटकी लगाए देख रहा था। हमारे ऊपर भी यह आरोप लग रहे थे कि हमने क़ानून और संविधान के हिसाब से ठीक काम नहीं किया। कोर्ट के फैसले से सब कुछ साफ हो गया है।”

गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि सुशांत मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से सभी लोग ख़ुश हैं। उन्होंने कहा कि हमारी जाँच के दौरान मुंबई पुलिस ने क्या किया, ये किसी से छिपा नहीं है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई पुलिस से कहा है कि वो सीबीआई का सहयोग करे और जाँच एजेंसी को इस मामले में कहीं भी दर्ज हुए एफआईआर के आधार पर नया केस दर्ज करने की छूट दी है, जिससे रिया चक्रवर्ती को झटका लगा है।

जनता PM मोदी को डंडे से मारेगी, आर-पार की लड़ाई: सोनिया-राहुल के हेट स्पीच पर BJP ने उठाए सवाल

फेसबुक पर हेट स्पीच को लेकर चल रहे विवाद में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कॉन्ग्रेस के गाँधी परिवार पर आरोप लगाते हुए पूछा है कि क्या सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी के भाषण हेट स्पीच के अंतर्गत नहीं आते? उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई मौकों पर सोनिया और राहुल ने हेट स्पीच दिया है। उन्होंने कहा कि सोनिया गाँधी ने अपने भाषण में ‘आर-पार की लड़ाई’ की बात करते हुए हेट स्पीच को बढ़ावा दिया था।

साथ ही उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि राहुल गाँधी ने कहा था कि जनता पीएम मोदी को डंडे से पीटेगी। ज्ञात हो कि फ़रवरी 2020 में एक चुनावी रैली में राहुल ने कहा था कि इस देश का युवा मोदी की 6 महीने बाद डंडों से पिटाई करेगा और उन्हें इस देश से बाहर फेंक देगा। वहीं पीएम मोदी ने बजट सेशन में इसका जवाब देते हुए कहा था कि वो सूर्य नमस्कार कर के अपनी पीठ मजबूत करेंगे।

रविशंकर प्रसाद ने इन बयानों की याद दिलाते हुए गाँधी परिवार से पूछा कि इसका अर्थ क्या है? उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान कॉन्ग्रेस नेताओं ने जम कर हेट स्पीच दिए थे। उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी की समस्या ये है कि वो सोचते हैं कि जो भी उनसे सहमति नहीं रखता है वो भाजपा-आरएसएस के दबाव में ऐसा कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों का राजनीतिक दायरा गिर कर इतना नीचे आ पहुँचा है, वो लोग अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रभाव रखने के लिए ये हंगामा कर रहे हैं।

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कोई किसी भी विचारधारा का है, उसे इन प्लेटफॉर्म्स पर अपनी बात रखने की इजाजत है। उन्होंने कहा कि जिनका सियासी वजूद ही ख़त्म हो गया है, वो लोग फेसबुक पर एकाधिकार के लिए ये सब कर रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कोरोना पर भी कॉन्ग्रेस के आरोप का जवाब देते हुए बताया कि पीएम केअर फण्ड से 3100 करोड़ रुपए ट्रांसफर हुए, जिनमें से 2000 करोड़ रुपए सिर्फ वेंटिलेटर के लिए खर्च किए गए, जबकि 50,000 वेंटिलेटर खरीदने के लिए 1000 करोड़ रुपए राज्यों को दिए गए।

उन्होंने राहुल गाँधी पर कोरोना के खिलाफ जंग को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वो पहले दिन से ही ऐसा कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने राजीव गाँधी फाउंडेशन में चीन से फंड आने पर भी सवाल किया। उन्होंने पूछा कि उसके स्पेशल स्टडी में ये कैसे कह दिया गया कि भारतीय बाजार चीनी माल के लिए खोल दिया जाए? उन्होंने पूछा कि इस चीज के रिकमेन्डेशन किसे दिया था?

बता दें कि वाल स्ट्रीट जर्नल द्वारा फेसबुक पर आरोप लगाया गया है कि वह भाजपा का समर्थन करता है और हेट स्पीच के मामले में उचित कार्रवाई करने से बचता है। अमेरिकी अखबार ‘वाल स्ट्रीट जर्नल’ की इस रिपोर्ट के बाद यह बहस बड़े स्तर पर विवाद का विषय बन चुकी है। इस पूरे विवाद के बीच ‘वाल स्ट्रीट जर्नल’ अपनी इस रिपोर्ट का पेड प्रोमोशन करते हुए देखा जा रहा है, जिससे यह सवाल पैदा हो रहे हैं कि वाल स्ट्रीट जर्नल के इस कारनामे से अंततः किसे फायदा पहुँचने वाला है।

सुशांत की तस्वीर लगा एकता कपूर ने जुटाना शुरू किया फंड, परिवार ने कहा – ‘डिप्रेशन का पोस्टर बॉय न बनाएँ’

‘बालाजी टेलीफिल्म्स’ की मालकिन एकता कपूर पर सुशांत सिंह राजपूत के नाम पर रुपए ऐंठने के आरोप लगे हैं। एकता कपूर ने ZEE5 के सीईओ तरुण कटियाल के साथ मिल कर ‘पवित्र रिश्ता फण्ड’ की शुरुआत की, जिसमें सुशांत सिंह राजपूत की तस्वीर लगी हुई थी। बता दें कि सुशांत के पहले सीरियल ‘पवित्र रिश्ता’ को भी एकता कपूर ने ही बनाया था। इसकी घोषणा सुशांत की मौत के 1 महीने बाद ही कर दी गई थी, जिसे अब ऑनलाइन डाला गया।

तरुण ने कहा कि उनका उद्देश्य जागरूकता फैलाना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों की मदद की जा सके। उन्होंने कहा कि जो लोग मानसिक बीमारी से ग्रस्त हैं, उनकी मदद के लिए इस फण्ड का इस्तेमाल किया जाएगा। हालाँकि, एकता कपूर के एक ‘मेन्टल हेल्थ अवेयरनेस इनिशिएटिव’ के कारण लोग नाराज़ हो गए और उन्होंने कहा कि वो अपने किसी फण्ड के लिए दिवंगत अभिनेता के नाम का इस्तेमाल कैसे कर सकती हैं, वो भी बिना परिवार की अनुमति लिए।

फैंस का आरोप था कि सुशांत सिंह राजपूत की मौत आत्महत्या, डिप्रेशन और मानसिक स्वास्थ्य की वजह से हुई, ऐसा जबरदस्ती साबित करने वाले गैंग की मदद करने के लिए एकता कपूर जानबूझ कर इन चीजों को दिवंगत अभिनेता के नाम के साथ जोड़ रही हैं। एकता कपूर की वेबसाइट पर ‘पवित्र रिश्ता’ फण्ड को ‘मेन्टल वेलनेस’ से जोड़ते हुए सुशांत की तस्वीर लगा ‘हर रिश्ता है खास’ वाली टैगलाइन के साथ पेश किया गया।

इसमें लिखा गया कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चिंताएँ उससे ज्यादा सामान्य हैं, जितना हम समझ रहे हैं। लिखा गया कि हम में से कई लोग इस पर बात करने से भी हिचकते हैं। वेबसाइट पर लिखे दावे के अनुसार, हम पेटदर्द या किसी शारीरिक चोट के बारे में तो खुल कर बात करते हैं लेकिन अपने मानसिक स्थिति को छिपा लेते हैं, उनसे भी जो हमारे क़रीबी हैं। मेन्टल हेल्थ को लेकर जागरूकता की कमी, गोपनीयता और धब्बा वाली मानसिकता रुकनी चाहिए।

उधर सुशांत सिंह राजपूत के जीजा विशाल कीर्ति ने उनके नाम पर बिजनेस चला कर सुर्खियाँ बटोरने वालों को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि दिवंगत अभिनेता की बहन श्वेता और वो सुशांत के नाम पर किसी भी प्रकार के कॉमर्शिलाइजेशन के इच्छुक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर लोग सुशांत का नाम लेकर कुछ कर रहे हैं तो ये प्रॉफिट कमाने के इरादे से नहीं होना चाहिए। परिवार ने सुशांत के नाम का इस्तेमाल करते हुए किसी भी लाभकारी गतिविधि का समर्थन नहीं किया है।

वहीं एकता कपूर ने सोशल मीडिया पर फैन्स के गुस्से के बाद अपने फण्ड के एडवर्टाइजमेंट में से सुशांत सिंह राजपूत की तस्वीर हटा दी। बता दें कि एकता अपने इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर भी सुशांत को लेकर दुःख जताती रही हैं। उनके बेटे ने भी सुशांत को श्रद्धांजलि दी थी। सुशांत के जीजा ने कहा कि अगर किसी ने उनके नाम पर बिजनेस चलाया तो उससे कोर्ट में निपटा जाएगा। उन्होंने कहा कि सुशांत को मेन्टल हेल्थ का पोस्टर बॉय नहीं बनाएँ।

‘सिद्दार्थ ने सुशांत के कमरे में ली थी सबसे पहले एंट्री, फंदा काट कर उतारा था शव’ – हेल्पर नीरज ने किया खुलासा

सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में उनके डोमेस्टिक हेल्पर नीरज ने टाइम्स नाउ से बातचीत में नया खुलासा किया है। नीरज ने बताया है कि 14 जून को सुशांत की मौत के बाद उनके फ्लैट में जाने वाला पहला शख्स कौन था?

नीरज के मुताबिक, उस दिन सबसे पहले सिद्दार्थ पिठानी ने सुशांत के फ्लैट का दरवाजा खोला था, जहाँ सुशांत को उन्होंने मृत पाया। इसके बाद उन्होंने फंदे को काटा और शव बिस्तर पर गिर गया।

नीरज ने कहा, “सुशांत के सुसाइड के बाद जब उनका कमरा खुला तो सबसे पहले सिद्धार्थ पिठानी ही अंदर गए थे। उनको इस हालत में देख सभी के होश उड़ गए थे। मैं दरवाजे पर ही खड़ा था। तभी सिद्धार्थ को क‍िसी का फोन आया क‍ि बॉडी उतार दो, साँसें चल रही होंगी तो अस्‍पताल ले जाएँगे। इसके बाद सिद्धार्थ ने सुशांत सर की बॉडी को नीचा उतारा था।”

नीरज बताते हैं कि सुशांत जरूर किसी बीमारी से गुजर रहे थे तभी उन्होंने ये कदम उठाया। वे कहते हैं कि सुशांत की मौत से करीब 1-1.5 घंटे पहले उन्होंने एक ग्लास ठंडा पानी माँगा था।

गौरतलब है कि इससे पहले बिहार पुलिस ने सुशांत के सिम नंबर को लेकर खुलासा करते हुए बताया था कि सुशांत अपने नाम से कोई सिम इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। उनका एक सिम तो सिद्धार्थ पिठानी के ही नाम पर रजिस्टर था। इसके अलावा यह भी खुलासा हुआ था कि सिद्धार्थ पिठानी ने जो दावा किया था कि उन्होंने शव देखकर वॉचमैन को सूचित किया, वो भी झूठा था। क्योंकि वॉचमैन का कहना था कि उसे इस बारे में कुछ नहीं बताया गया।

सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह भी सिद्धार्थ को इस पूरे मामले में मुख्य आरोपित की तरह देख रहे हैं। उनका आरोप है कि सिद्धार्थ बहुत शातिर अपराधी है। उनका कहना है कि पिठानी शुरू में सुशांत के परिवार की मदद करने की कोशिश कर रहे थे। लेकिन जैसे ही रिया के ख़िलाफ़ शिकायत हुई, उसका रवैया बदल गया।

विकास के अनुसार, “सुशांत की मौत के बाद बहुत सारे सवाल हैं, जिनका जवाब अब तक मिलना बाकी है। आखिर जरूरी होने पर भी फौरन कमरे का दरवाजा क्यों नहीं खोला गया? और आखिर बाद में क्यों दरवाजा खोलकर बॉडी को नीचे रखने की इतनी जल्दी थी, जब उनकी बहन 10 मिनट में पहुँचने वाली थी?”

गौरतलब है कि सुशांत के मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा धनशोधन के आरोप में रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार पर जाँच की जा रही है। इसके अलावा मुंबई पुलिस की जाँच भी इस मामले में संदिग्ध हैं। आज सुप्रीम कोर्ट ने भी फैसला दे दिया कि सीबीआई आगे इस मामले में जाँच करेगी।

सुशांत सिंह राजपूत मामले की जाँच करेगी CBI, महाराष्ट्र सरकार करे मदद: सुप्रीम कोर्ट के आदेश से रिया को झटका

सुशांत सिंह राजपूत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। रिया चक्रवर्ती की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मामले की जाँच सीबीआई (CBI) करेगी और महाराष्ट्र सरकार को इसमें मदद करनी है। सीबीआई (CBI) इस मामले में नया केस जल्द रजिस्टर कर सकती है।

सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में दर्ज FIR को भी सही ठहराया है। सारा विवाद इसी बात को लेकर था कि बिहार में इस केस को क्यों ले जाया गया और इसे वापस ट्रांसफर किया जाए। साथ ही मुंबई पुलिस को जाँच में सहयोग करने का आदेश दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से महाराष्ट्र सरकार और मुंबई पुलिस को बड़ा झटका लगा है। ख़बरों के अनुसार, महाराष्ट्र सरकार इस फैसले को चुनौती भी दे सकती है।

बता दें कि सुशांत के परिवार के वकील विकास सिंह ने कहा है कि रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत का इस्तेमाल किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिया के व्यवहार से ये बात स्पष्ट हो गई है। जैसे ही सुशांत से रिया की जरूरतें पूरी हो गईं, उन्होंने सुशांत को अपनी जिंदगी से निकाल बाहर किया। विकास ने आरोप लगाया कि सुशांत कमरे में सोते रहते थे और रिया अपने दोस्तों के साथ पार्टियों में मशगूल रहती थी।

फिल्म, गाना, मोबाइल गेम… सब पर फतवा, जुर्माना में उठक-बैठक और किया जाएगा टकला: TMC नेताओं ने किया स्वागत

पश्चिम बंगाल स्थित मुर्शिदाबाद के संप्रदाय विशेष बहुल गाँवों में अजीबोगरीबी फतवा जारी हुआ है। संप्रदाय विशेष लोगों के प्रभाव वाले गाँवों के प्रधानों ने जारी किए गए फतवे में कहा है कि टीवी देखना, कैरम खेलना, लॉटरी खरीदना और फ़ोन या कम्प्यूटर का इस्तेमाल कर के गाने सुनना ‘हराम’ है और इन सारी क्रियाकलापों को प्रतिबंधित किया जाता है। ये फतवा ‘सोशल रिफॉर्म्स कमिटी’ के बैनर तले जारी किया गया।

सोशल रिफॉर्म का अर्थ समाज सुधार होता है लेकिन यहाँ फतवा जारी कर के इस्लामी कट्टरवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। कमिटी ने कहा है कि अगर कोई भी इन फतवों का उल्लंघन करता पाया जाएगा तो उस पर 500 रुपयों से लेकर 7000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही इन फतवों को न मानने वालों के लिए कान पकड़ कर उठक-बैठक कराने की सज़ा देने का भी प्रावधान किया गया है।

ये फतवा मुर्शिदाबाद के अद्वैत नगर गाँव में एक बैठक के बाद जारी किया गया, जहाँ की जनसँख्या 12,000 है। ये सारे गाँव पश्चिम बंगाल और झारखण्ड की सीमा पर स्थित रघुनाथगंज अनुमंडल में आते हैं। अद्वैत नगर सोशल रिफॉर्म्स कमिटी के सचिव अज़हरुल शेख ने कहा कि कुछ क्रियाकलापों को प्रतिबंधित किया गया है क्योंकि युवा वर्ग इन सबकी वजह से नैतिक और सांस्कृतिक पतन की ओर उन्मुख हो रहा है।

उन्होंने कहा कि वो युवाओं को ऐसी फ़िल्में, गाने और सीरियल देखने की अनुमति बिल्कुल भी नहीं दे सकते, जो इस्लाम के मजहबी नियम-क़ानूनों के अंतर्गत फिट नहीं बैठता हो। कमिटी ने रविवार (अगस्त 9, 2020) को ये फतवे जारी किए और साथ ही हिदायत दी कि अगर कोई भी इसका उल्लंघन करते पाया गया तो वो सजा भुगतने के लिए तैयार रहे। इस फतवे से जुड़े पोस्टर-बैनर्स को कई गाँवों में चिपकाया गया है।

मोबाइल फोन या कंप्यूटर का इस्तेमाल कर के अगर कोई गाना सुनता हुआ पकड़ा गया तो उस पर फतवे के हिसाब से 1000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। कैरम खेलने वालों को 500 रुपए और लॉटरी खरीदने वालों को 2000 रुपए बतौर जुर्माना देना पड़ेगा। साथ ही इन ‘हराम’ क्रियाकलापों को करने वालों के बारे में सूचना देने वालों को इनाम देने की भी व्यवस्था की गई है। ‘हराम क्रियाकलापों’ गहनता को देखते हुए मुखबिरों को 200 रुपए से लेकर 1000 रुपए तक के इनाम देने की घोषणा की गई है।

अगर कोई शराब बेचते हुए पाया गया तो उसे 7000 रुपए बतौर जुर्माना देना होगा। लेकिन, सिर्फ जुर्माना और उठक-बैठक का भी प्रावधान नहीं है बल्कि शराब बेचने वालों को टकला कर के उसे पूरे गाँव में घुमाया जाएगा। लॉटरी और टिकट गैम्ब्लिंग पर भी इसी सजा का प्रावधान है। अगर कोई शराब पिता हुआ पाया गया तो फिर उस पर 2000 रुपए के जुर्माने के साथ-साथ उसे 10 बार उठक-बैठक भी करनी पड़ेगी।

सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस के स्थानीय नेताओं ने कहा है कि इस फतवा में कुछ भी गलत नहीं है और उन्होंने इन सबका समर्थन किया है। ‘द न्यू इंडियन एक्स्प्रेस’ के अनुसार, तृणमूल के प्रभाव वाले इलाके वसाइपैकर में पार्टी के नेता और पंचायत प्रधान अब्दुर रउफ ने कहा कि शराब को प्रतिबंधित करना एक अच्छा निर्णय है। साथ ही उन्होंने कैरम खेलने और गाने सुनने पर प्रतिबन्ध का स्वागत करने हुए कहा कि युवाओं को इन सबकी लत लग रही थी, इसीलिए ये ज़रूरी था।

वहीं शमशेरगंज ब्लॉक के प्रखंड विकास पदाधिकारी जॉयदीप चक्रवर्ती ने कहा कि अगर कोई भी क़ानून को अपने हाथ में लेता है तो उसके खिलाफ कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि पश्चिम बंगाल में आए दिन भाजपा कार्यकर्ताओं की हत्या आम बात हो गई है और आरोपित तृणमूल कॉन्ग्रेस से जुड़े होते हैं। साथ ही संप्रदाय विशेष के तुष्टिकरण के लिए ममता बनर्जी की सरकार शुरुआत से ही कुख्यात रही है।

अशफाक के प्यार में ‘अंधी’ शिखा रखने लगी रोजा… और फिर करवा दिया अपने ही 5 साल के बेटे का अपहरण

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक माँ ने अपने प्रेमी के साथ भागने के लिए अपने बच्चे का ही अपहरण करवा दिया। यह जानकारी पुलिस ने दी। पुलिस ने बताया कि 5 साल के ध्रुव की माँ शिखा को फेसबुक के जरिए तेलंगाना के अशफाक से प्यार हो गया था, इसलिए उसने क्राइम पेट्रोल देख कर फिरौती के पैसों के लिए यह साजिश रची। वह अशफाक के साथ भागना चाहती थी लेकिन अशफाक को जिम खोलने के लिए पैसे चाहिए थे।

पुलिस ने इस मामले में खुलासा करते हुए बताया कि ध्रुव की माँ शिखा, उसके प्रेमी अशफाक और कार चालक इमरान खान को गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से अपहरण में इस्तेमाल की गई कार और दो मोबाइल बरामद किए गए हैं।

कैसे हुई अशफाक की गिरफ्तारी?

दैनिक जागरण की खबर के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 7 अगस्त को शाम 4 बजे सूचना मिली कि मझोला थाना क्षेत्र के रहने वाले कलेक्शन एजेंट गौरव के 5 वर्षीय पुत्र ध्रुव का अपहरण हो गया है। फिरौती के रूप में 30 लाख रुपए माँगे गए।

सूचना मिलने पर आइजी रमित शर्मा व SSP के नेतृत्व में 300 पुलिस कर्मी ध्रुव की तलाश चारों दिशाओं में करने लगे। केस में पुलिस का दबाव बढ़ते ही अपहरणकर्ता घबरा गए और गाजियाबाद के कौशांबी बस अड्डे पर ध्रुव को छोड़ कर फरार हो गए।

ध्रुव की बरामदगी के बाद मझोला पुलिस किडनैपर्स की तलाश में जुटी। प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार सिंह व सर्विलांस सेल ने घटनास्थल के आसपास का सीसीटीवी फुटेज इकट्ठा किए। सभी संदिग्धों को चिह्नित करके कुछ मोबाइल नंबर ट्रेस किए गए।

इसमें से एक मोबाइल नंबर ऐसा मिला, जो वारदात से ठीक पहले तेलंगाना के निजामाबाद से मुरादाबाद तक सफर में था और ध्रुव की बरामदगी के तत्काल बाद यही मोबाइल नंबर रखने वाला मुरादाबाद से निजामाबाद लौट गया।

मोबाइल नंबर के जरिए मिले इस सुराग के आधार पर पुलिस निजामाबाद पहुँची। वहाँ पुलिस ने मोबाइल नंबर चलाने वाले मुहम्मद अशफाक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में अशफाक ने खुलासा किया ध्रुव की माँ के कहने पर ही उसने ध्रुव को उठाया था। इसके बाद पुलिस ने उस कार को भी बरामद किया, जिसमें ध्रुव को किडनैप किया गया और कार चालक इमरान को भी। दोनों आरोपितों के फोन भी जब्त किए गए।

कैसे हुआ शिखा और अशफाक में प्रेम?

साल 2018 में अशफाक ने फेसबुक पर स्वीटी नाम की आईडी बनाकर शिखा से संपर्क किया था। इसके बाद दोनों के बीच में बातें होना शुरू हो गई। करीब 4 माह तक ये सिलसिला चला। लेकिन फिर अशफाक ने उसे बता दिया कि वह लड़की नहीं एक लड़का है। शिखा को उससे बात करना इतना अच्छा लगने लगा था कि उसे इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ा।

इसके बाद एक के बाद एक झूठ से पर्दा उठा। लेकिन शिखा संभलने को तैयार नहीं थी। उसे अशफाक से बात करना इतना पसंद था कि जब उसने अपने मजहब और धर्म का खुलासा किया, तब भी शिखा की आँख नहीं खुली और जब उसने ये बताया कि वह इंजीनियर नहीं, निजामाबाद में शोभा इलेक्ट्रॉनिक्स में कर्मचारी है, तो भी उसे कोई फर्क नहीं पड़ा।।

स्थिति ये हो गई कि अशफाक द्वारा धर्म परिवर्तन का दबाव भी शिखा को सही लगने लगा और उसका भरोसा जीतने के लिए उसने अपना नाम सोना रख कर रोजा रखना शुरू कर दिया। जब परिवार वालों को रोजे की बात पता चली तो सबने उसका विरोध किया। ससुराल वालों को छोड़ दें तो चंदौसी में रहने वाले उसके भाई और माता-पिता ने भी उसे समझाया। लेकिन किसी को यह नहीं मालूम चला कि आखिर इसके पीछे कारण क्या है।

जब पुलिस ने अशफाक को गिरफ्तार कर लिया तो उसने बताया कि उसने पिछले दो साल में मुरादाबाद तक 22 बार सफर किया और हर बार उसके होटल का खर्चा शिखा ने उठाया। मुरादाबाद के अलावा दोनों रामनगर और नैनीताल के होटलों में भी एक साथ ठहर चुके हैं।

अशफाक के पीछे पागल हो चुकी शिखा ने रची थी पूरी साजिश

अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार अपहरण के पीछे के मनसूबे फिरौती के पैसे थे। प्लान ये था कि अपहरण के बाद शिखा फिरौती के पैसे लेकर आएगी और वह लोग कार में बैठकर तेलंगाना निकल जाएँगे जबकि ध्रुव को कपूर कंपनी पुल के पास छोड़ा जाएगा।

रिपोर्ट की मानें तो शिखा ने स्वयं ही ध्रुव को समझाया था कि वह अशफाक को परेशान न करे। बाद में खुद भी आने का वायदा किया। अशफाक ने भी बच्चे को घुमाने का लालच दिया और उसे लेकर नोएडा के एक होटल में पहुँच गया। लेकिन बाद में पुलिस ने अपहरण की सूचना पर जब कार्रवाई की तो घबराकर बच्चे को कौशांबी में छोड़ दिया गया।

एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि आरोपित शिखा की शादी 2011 साल में गौरव से हुई थी। दोनों को एक बेटी सादगी (8) और बेटा धुव (5) है। शादी के बाद दोनों का जीवन सामान्य तरीके से चल रहा था। लेकिन शिखा अपने इस जीवन से संतुष्ट नहीं थी। इसलिए 2 साल पहले जब तेलंगाना के निजामाबाद का अशफाक फेसबुक पर उसके संपर्क में आया तो शिखा ने सपने बुनने शुरू कर दिए।

राजदीप की फिर हुई बेइज्जती, सुशांत मामले पर कर रहा था बकवास, वकील ने दिखाई जगह

सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या के मामले में पीड़ित परिवार के ‘इरादों’ को लेकर स्टूडियो में बैठ कर बात करने वाले ही अब पूछ रहे हैं कि इस मामले में मीडिया स्टूडियो में ट्रायल क्यों चल रहा है। ऐसा ही कुछ ‘इंडिया टुडे’ की स्टूडियो में भी हुआ, जहाँ बैठ कर ‘इंडिया टुडे ग्रुप’ के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई ने सुशांत सिंह राजपूत के वकील विकास सिंह को घेरना चाहा लेकिन उनकी खुद की बेइज्जती हो गई।

राजदीप सरदेसाई ने अपने शो में सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह के आते ही उन पर दोष लगाना शुरू कर दिया और कहा कि आज वो सुशांत सिंह राजपूत के परिवार और उनके वकील पर आरोप लगाना चाहते हैं कि वो लोग टेलीविजन स्टूडियो का इस्तेमाल कर के मीडिया ट्रायल चला रहे हैं, ताकि जज पर सवाल उठाया जा सके। ज्ञात हो कि बुधवार (अगस्त 19, 2020) को ही रिया चक्रवर्ती की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट अपना जजमेंट देगा।

साथ ही उन्होंने ‘सीबीआई फॉर एसएसआर’ अभियान पर भी सवाल उठाए, जिसके माध्यम से सुशांत के परिवार लिए सहानुभूति रखने वाले सेलेब्रिटीज, उनके परिवार से जुड़े लोगों और फैंस ने इस मामले में सीबीआई जाँच की माँग का समर्थन किया था। राजदीप सरदेसाई की दलील थी कि रिया चक्रवर्ती ने तो खुद सीबीआई जाँच की माँग की थी लेकिन जिस ‘तौर-तरीके’ से इस केस को आगे बढ़ाया जा रहा है, उससे ऐसा दिखाया जा रहा है कि रिया पहले से ही दोषी है।

सुशांत सिंह राजपूत के वकील ने राजदीप सरदेसाई को लताड़ा (वीडियो साभार: इंडिया टुडे)

राजदीप सरदेसाई ने वकील विकास सिंह से पूछा कि सुशांत मामले में स्टूडियो में ट्रायल चलाने का ये क्या तरीका है? इस पर विकास सिंह ने कहा कि अगर राजदीप की यही शिकायत है तो फिर उन्हें बात ही नहीं करनी चाहिए। उन्होंने पूछा कि क्या बात करने के लिए उनकी ओर से कहा गया था? उन्होंने कहा कि राजदीप जैसे लोग ही उन्हें मीडिया से बात करने कह रहे हैं और अगर वो नहीं बात करना चाहते हैं तो उन्हें कोई दिक्कत नहीं है।

विकास सिंह ने कहा, “आप जैसे लोग हम पर दबाव बना रहे हैं कि हम मीडिया से बात करें। मैं मीडिया ट्रायल में कोई रुचि नहीं रखता हूँ। ये आप जैसे लोग हैं, जो हमारे पीछे पड़े रहते हैं कि आपके चैनल पर आकर हम बात करें।” इसके बाद विकास ने कहा कि राजदीप ये सवाल उनसे पूछ सकते हैं जो मीडिया ट्रायल में इंटरेस्टेड हों क्योंकि उन्हें मीडिया ट्रायल में कोई रुचि नहीं है। इसके बाद विकास सिंह ने ‘इंडिया टुडे’ के शो को अलविदा कह दिया और चले गए।

बता दें कि सुशांत के परिवार के वकील विकास सिंह ने कहा है कि रिया चक्रवर्ती ने सुशांत सिंह राजपूत का इस्तेमाल किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि रिया के व्यवहार से ये बात स्पष्ट हो गई है। जैसे ही सुशांत से रिया की जरूरतें पूरी हो गईं, उन्होंने सुशांत को अपनी जिंदगी से निकाल बाहर किया। विकास ने आरोप लगाया कि सुशांत कमरे में सोते रहते थे और रिया अपने दोस्तों के साथ पार्टियों में मशगूल रहती थी।

उधर रिया ने पूछताछ में बताया है कि उनका आदित्य ठाकरे के साथ उठना बैठना नहीं था। वो उनको नहीं जानतीं। रिया के वकील सतीश मान शिंदे ने मीडिया से कहा है कि रिया के ऊपर लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि रिया ने कभी भी महाराष्ट्र के पर्यावरण मंत्री आदित्य ठाकरे से ना तो मुलाकात की है और ना ही फोन पर बात की है। हाँ, रिया ने शिवसेना नेता के बारे में सुन जरूर रखा है। हालाँकि, वो ठाकरे के अच्छे दोस्त डिनो मोरिया को जानती हैं, क्योंकि वो इंडस्ट्री में काफी सीनियर हैं।

बीजेपी नेता की हत्या करने वाले आतंकी उस्मान, सज्जाद बारामूला में ढेर: तीन आतंकियों में दो लश्कर के टॉप कमांडर

पिछले महीने जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में बीजेपी नेता शेख वसीम बारी के अलावा उनके पिता और भाई की हत्या करने वाले आतंकियों को सुरक्षाबलों ने मौत के घाट उतार दिया है। बारामूला में सोमवार (अगस्त 17, 2020) को शुरू हुए मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने तीन आतंकवादियों को ढेर किया है। इसमें लश्कर-ए-तैयबा के दो टॉप कमांडर्स सज्जाद उर्फ हैदर और उस्मान भी शामिल हैं।

आईजीपी कश्मीर विजय कुमार ने मंगलवार (अगस्त 18, 2020) को बताया कि सज्जाद हैदर ही बीजेपी नेताओं की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता था, जबकि विदेशी आतंकी उस्मान ने वसीम बारी उनके पिता और भाई की हत्या की थी। इन दो आतंकियों का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए बड़ी सफलता है। सज्जाद युवाओं को आतंकी संगठनों में भर्ती करता था और पुलिस, नागरिकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं पर हमलों में शामिल था।

गौरतलब है कि 8 जुलाई को 27 वर्षीय शेख वसीम बारी के अलावा, उनके पिता शेख बशीर अहमद और भाई शेख उमर की आतंकियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। हमला बांदीपोरा पुलिस स्टेशन के ठीक बाहर हुआ, जब तीनों अपनी दुकान पर थे। वसीम बारी बांदीपोरा जिले के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष भी थे। उमर भाजपा की जिला युवा इकाई का सदस्य थे, जबकि उनके पिता बशीर शेख भाजपा के जिला उपाध्यक्ष रह चुके थे।

वसीम बारी की हत्या के बाद आतंकियों की तरफ से फरमान जारी किया गया था। जिसमें आतंकियों ने बीजेपी नेताओं को इस्तीफा देने के लिए कहा था। यह आतंकियों का खौफ ही था कि तब से अब तक करीब एक दर्जन बीजेपी नेता पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। हालाँकि, ज्यादातर ने इस्तीफे के पीछे निजी कारणों का हवाला दिया है।

जम्मू-कश्मीर के बारामुला जिले में सुरक्षा बलों के अभियान में मंगलवार को तीसरा आतंकवादी भी मारा गया है। सोमवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के दो जवानों और एक पुलिसकर्मी के आतंकवादियों की गोलीबारी में वीरगति को प्राप्त होने के बाद यह अभियान शुरू किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि उत्तर कश्मीर जिले के क्रीरी इलाके में मुठभेड़ में सोमवार को घायल हुए सेना के दो जवान भी वीरगति को प्राप्त हो गए हैं।

सुरक्षा बलों ने हमले के बाद आतंकवादियों का पीछा किया था और उनमें से दो को मार गिराया, जिनमें उत्तर कश्मीर में आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का एक शीर्ष कमांडर सज्जाद हैदर भी शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य आतंकवादी को अभियान के दूसरे दिन मार गिराया गया। उन्होंने बताया कि मुठभेड़ स्थल पर आतंकवादियों के पास से हथियार में गोलाबारूद सहित आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। 

सीआरपीएफ के एक नाका दल पर हमला होने के शीघ्र बाद लश्कर आतंकवादियों के खिलाफ यह अभियान शुरू किया गया। इस हमले में बल के दो जवान और जम्मू-कश्मीर के एक विशेष पुलिस अधिकारी (एसपीओ) बलिदान हो गए। अधिकारियों ने बताया कि तलाश अभियान जारी है।

आतंकी गतिविधियों से निपटने के लिए IAF ने किए स्वदेशी फाइटर जेट तेजस पाक बॉर्डर पर तैनात

चीन के साथ जारी सीमा विवाद के बीच भारतीय वायुसेना (IAF) ने पाकिस्तान सीमा के साथ पश्चिमी मोर्चे पर स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस तैनात किए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन का सहयोग करते हुए पाकिस्तान, भारत में आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ाने का प्रयास कर सकता है। ऐसे में उसे करार जवाब देने के लिए पाकिस्तान से लगने वाले पश्चिमी सीमा पर तेजस को तैनात किया गया है। तेजस भारत का पहला स्वदेशी लड़ाकू विमान है। वायु सेना ने इसे हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से खरीदा है।

सरकारी सूत्रों ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया, “एलसीए तेजस को भारतीय वायुसेना द्वारा पश्चिमी सीमा पर पाकिस्तान सीमा के करीब तैनात किया गया है, ताकि वहाँ से होने वाली किसी भी संभावित कार्रवाई पर कड़ी निगरानी रखी जा सके और उसका माकूल जवाब दिया जा सके।”

सूत्रों ने बताया कि दक्षिणी वायु कमान के तहत सुलूर से बाहर पहले तेजस स्क्वाड्रन ’45 स्क्वाड्रन (फ्लाइंग डैगर्स)’ को एक ऑपरेशनल भूमिका के तहत तैनात किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के भाषण के दौरान स्वदेशी तेजस विमान की प्रशंसा की थी और कहा था कि ‘एलसीए मार्क-1 ए’ संस्करण को खरीदने का सौदा जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है। 

एक तरफ जहाँ तेजस लड़ाकू विमानों का पहला स्क्वॉड्रन इनिशियल ऑपरेशनल क्लियरेंस वर्जन का है, वहीं दूसरी तरफ दूसरा स्क्वॉड्रन (18 स्क्वॉड्रन) ‘फ्लाइंग बुलेट्स’ फाइनल ऑपरेशनल क्लियरेंस वर्जन का है। इस स्क्वॉड्रन का एयर फोर्स चीफ एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने 27 मई को सुलुर एयरबेस पर ऑपरेशन शुरू किया था।

उम्मीद की जा रही है कि एयर फोर्स और रक्षा मंत्रालय इस साल के आखिर तक 83 ‘मार्क-1 ए’ एयरक्राफ्ट की डील को फाइनल कर लेंगी। सीमा पर चीन की आक्रामकता के बीच एयर फोर्स ने चीन के साथ-साथ पाकिस्तान सीमा पर भी अपने लड़ाकू विमानों की तैनाती बढ़ाई है।

एयर फोर्स के अग्रिम मोर्चे पर स्थित एयरबेसों को वेस्टर्न और नॉर्दर्न फ्रंट की स्थितियों पर नजर रखने के लिए पूरी तरह सुसज्जित किया गया है। इन एयर बेसों से पिछले कुछ दिनों से रात हो या दिन लड़ाकू विमान आसमान में उड़ान भरते देखे जा सकते हैं।

फाइटर जेट तेजस की खासियत

तेजस हवा से हवा में और हवा से जमीन पर मिसाइल दाग सकता है। इसमें एंटीशिप मिसाइल, बम और रॉकेट भी लगाये जा सकते हैं। तेजस 42% कार्बन फाइबर, 43% एल्यूमीनियम एलॉय और टाइटेनियम से बनाया गया है। तेजस सिंगल सीटर पायलट फाइटर जेट है, लेकिन इसका ट्रेनर वेरिएंट 2 सीटर है। तेजस एक बार में 54 हजार फीट की ऊँचाई तक उड़ान भर सकता है।

तेजस 2222 किमी/घंटे की स्पीड से उड़ान भरने में सक्षम है। यह फाइटर जेट 3000 किमी तक एक बार में उड़ान भर सकता है. तेजस 43.4 फीट लंबा और 14.9 फीट ऊँचा है। सभी हथियारों के साथ तेजस का वजन 13,500 किलोग्राम है। हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें – डर्बी, पाइथन-5, आर-73, अस्त्र, असराम, मेटियोर तेजस में फिट किए जा सकते हैं।

वहीं, हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइलें – ब्रह्मोस-एनजी और डीआरडीओ एंटी-रेडिएशन मिसाइल और ब्रह्मोस-एनजी एंटी शिप मिसाइल भी इसमें फिट होते हैं। इसके अलावा इस पर लेजर गाइडेड बम, ग्लाइड बम और क्लस्टर वेपन लगाए जा सकते हैं।