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…जब पुलिस वालों ने रोते हुए सीनियर ऑफिसर से माँगी गोली चलाने की इजाजत: बेंगलुरु दंगे का सच

मंगलवार की शाम (11 अगस्त 2020) को बेंगलुरु की सड़कों पर संप्रदाय विशेष की भीड़ पत्थर चलाते हुए और जम कर तोड़-फोड़ करती हुई नज़र आई। हमने इस घटना की रिपोर्ट की थी। कैसे डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन के भीतर संप्रदाय विशेष की भीड़ दाखिल हुई। इसके बाद लगभग 200 से 250 वाहन मौके पर ही जला दिए गए।  

इस घटना का एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। इस वीडियो में डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन के कर्मचारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों से आत्मरक्षा के लिए गोली चलाने की इजाज़त माँग रहे हैं। वीडियो में साफ़ सुना जा सकता है कि इस्लामी भीड़ पुलिस वालों पर टूट पड़ी है। हालात इतने भयावह हो जाने के बाद पुलिस कर्मियों ने वरिष्ठ अधिकारियों से आत्मरक्षा में गोली चलाने की अनुमति माँगी।  

जिस पर अधिकारियों ने साफ़ तौर पर कहा कि वह भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जो ज़रूरी समझें, वह करें। वीडियो में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा, “आपको जो सही लगे वह करिए! इस समय आपको कोई और नहीं बचा सकता है। आपको अपनी सुरक्षा खुद से ही करनी होगी।” टीवी 9 कर्नाटक द्वारा प्रसारित इस वीडियो में साफ़ तौर पर देखा जा सकता है कि कैसे संप्रदाय विशेष की उग्र भीड़ ने पूरे बेंगलुरु शहर को आग में झोंक दिया।  

जिस इस्लामी भीड़ ने मंगलवार की शाम कॉन्ग्रेस विधायक का घर तहस-नहस किया, उसी भीड़ ने कुछ समय बाद शहर के दो पुलिस थाने भी तबाह किए।  इसके अलावा उन्होंने आस-पास मौजूद गाड़ियों को भी जला कर दिया। उन्हें इस बात का अंदेशा था कि पुलिस ने उनके साथियों को इन पुलिस थानों में बंद करके रखा है।  

पूरे बेंगलुरु में हुई तोड़-फोड़ और आगजनी की घटनाओं में कई पुलिस वाले घायल तक हुए और उनकी गाड़ियों में तोड़-फोड़ भी हुई। घटना नियंत्रित करने के लिए कुछ समय बाद KSRP प्लाटून्स को मौके पर बुलाया गया था। उनके द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक़ दंगाइयों ने उन पर छतों से पत्थर फेंके। कई मौक़ों पर पुलिस वालों को हालात नियंत्रित करने के लिए आँसू गैस के गोले तक चलाने पड़े।  

हिंसा की इन घटनाओं में अब तक कुल 3 लोगों के मारे जाने की ख़बर है। घटना के बाद डीजे हल्ली पुलिस थाने के इर्द-गिर्द काफी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। इस मामले में अब तक कुल 145 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। साथ ही पूरे क्षेत्र में धारा 144 लागू कर दी गई है।   

इस मुद्दे पर कर्नाटक के गृह मंत्री बसवराज बोम्मई ने बुधवार (अगस्त 12, 2020) को कहा कि राज्य सरकार बेंगलुरु हिंसा की घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। बोम्मई ने एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि सार्वजनिक संपत्ति और वाहनों को नुकसान की भरपाई क्षति पहुँचाने वाले दंगाइयों को करना होगा

मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए, कर्नाटक के गृह मंत्री ने कहा, “मैं संपत्ति की वसूली को लेकर एक महत्वपूर्ण घोषणा करना चाहता हूँ कि सर्वोच्च न्यायालय का कहना है कि हिंसा के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सार्वजनिक संपत्ति की भरपाई उन व्यक्तियों द्वारा किया जाना चाहिए जिन्होंने नुकसान पहुँचाया है। हम तुरंत कार्रवाई करने जा रहे हैं। हम व्यक्तियों की पहचान कर रहे हैं और नुकसान का आकलन कर रहे हैं। इसके बाद दंगाइयों द्वारा नुकसान की वसूली की जाएगी।”

CCTV कैमरों और स्ट्रीटलाइट्स को तोड़ा, फिर धारदार हथियार से थाने पर हमला: बेंगलुरु दंगे की पूरी प्लानिंग

बेंगलुरु में संप्रदाय विशेष की भीड़ द्वारा किए गए दंगों के दौरान उग्र भीड़ डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन के बेसमेंट में घुस गई और कथित तौर पर 200-250 वाहनों में आग लगा दी। खबरों के मुताबिक, कॉन्ग्रेस विधायक के आवास पर तोड़फोड़ करने वाली संप्रदाय विशेष की भीड़ ने मंगलवार (अगस्त 11, 2020) को पुलिस थाने में यह मानकर तोड़फोड़ और वाहनों को क्षतिग्रस्त किया कि पुलिस ने आरोपितों को हिरासत में रखा है।

जिन पुलिसकर्मियों ने दंगाइयों को रोकने की कोशिश की, उन पर भी संप्रदाय विशेष की भीड़ ने हमला किया, जिसके परिणामस्वरूप 60 से अधिक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए। मंगलवार रात पूर्वी बेंगलुरु में भड़की इस हिंसा में 3 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।

इस बीच, बेंगलुरु अर्बन के उपायुक्त जीएन शिवमूर्ति ने डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन का दौरा किया और पुष्टि की कि हिंसा में बहुत सारी सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचा है। डीसीपी शिवमूर्ति ने कहा, “बीती रात हुई घटना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। सार्वजनिक संपत्ति को बहुत नुकसान हुआ है। मैं शहर के सभी लोगों से अपील करता हूँ कि इस घटना से उत्तेजित या परेशान न हों।”

डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन के बाहर मौजूद कुछ पुलिसकर्मियों का संप्रदाय विशेष की सशस्त्र दंगाई भीड़ ने पीछा किया और उन्हें आस-पास के इलाकों में शरण लेनी पड़ी, यहाँ तक ​​कि उन्हें सुरक्षाबल के आने का इंतजार करना पड़ा।

इन दंगों में कई मीडियाकर्मी भी घायल हुए, कुछ को अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। जबकि, कुछ लोगों को संप्रदाय विशेष की भीड़ के रोष का सामना करना पड़ा, जबकि कुछ को दंगों की स्थिति को कवर करने के दौरान दंगाइयों की हिंसा का शिकार होना पड़ा।

इसके अलावा, पत्थरबाजी के दौरान लगभग 70 पुलिसकर्मियों को चोटें आईं। भीड़ ने उन पर धारदार हथियार भी फेंके। इनमें, 40 घायल पुलिस डीजे हल्ली पुलिस स्टेशन के थे, 10 केजी हल्ली स्टेशन के थे जबकि, शेष 20 अधिकारी आसपास के थानों से थे।

उपद्रवियों ने दंगा प्रभावित क्षेत्रों में स्ट्रीटलाइट्स और सीसीटीवी कैमरों को भी नुकसान पहुँचाया, ताकि वो निश्चिन्त रहें कि पुलिस बाद में उनकी पहचान करने और उन्हें ट्रैक करने में कामयाब नहीं हो पाएगी।

डीसीपी गेल्ड के वाहन चालक वेलयुधा पर भीड़ ने हथियारों से हमला किया, जिस कारण उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, पुलिस कमिश्नर कमल पंत द्वारा किए गए फोन के बाद भीड़ ने पुलिस अधिकारियों को निशाना बनाया। भीड़ ने उनके वाहनों को निशाना बनाते हुए उन पर हमला कर दिया और उन्हें प्रतिक्रिया करने तक का समय नहीं दिया।

देवराजीवनहल्ली पुलिस स्टेशन और कडुगोंडानहल्ली पुलिस स्टेशन पर भीड़ ने हमला किया। यह सब तब शुरू हुआ, जब पुलिस अधिकारी सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ़ इंडिया (SDPI) के एक कार्यकर्ता मुज़म्मिल पाशा की शिकायत पर बातचीत कर रहे थे।

मुजम्मिल पाशा ने कांग्रेस विधायक अखण्ड श्रीनिवास मूर्ति के रिश्तेदार नवीन पी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए कहा था। मुजम्मिल का आरोप था कि नवीन ने पैगंबर मोहम्मद के बारे में अपमानजनक पोस्ट किया था।

संप्रदाय विशेष की दंगाइयों की भीड़ इस बात से आक्रोशित थी कि पुलिस ने नवीन को तुरंत गिरफ्तार नहीं किया और देखते ही देखते डीजे हॉल पुलिस स्टेशन में हिंसा भड़क उठी। कुछ ही देर बाद जब पुलिस की एक टीम नवीन के घर से वापस आ गई तो संप्रदाय विशेष की भीड़ ये देखकर नाराज हो गई कि पुलिस वैन में उनके साथ नहीं था।

कर्नाटक सरकार के रेवेन्यू मिनिस्टर आर अशोक ने विधानसभा में कांग्रेस नेता श्रीमूर्ति से मुलाकात की और कहा कि हमलावर चाहे जो हों, चाहे जहाँ छिपे हों, हम उन्हें खोज निकालेंगे। अशोक का आरोप है कि संप्रदाय विशेष के दंगाई कॉन्ग्रेस विधायक की हत्या करना चाहते थे।

पहले से रची गई थी दंगों की साजिश

रेवेन्यू मिनिस्टर अशोक ने कहा कि इस मामले से बहुत सख्ती से निपटा जाएगा ताकि आगे इस तरह की घटनाएँ न हों। उन्होंने कहा कि जिस तरह से दंगा भड़का, उससे स्पष्ट होता है कि इसके लिए गहरी साजिश रची गई थी।

अशोक ने कहा- “दंगाई शहर के दूसरे हिस्सों में आग फैलाना चाहते थे। जिस तरह से मूर्ति के घर तोड़फोड़ और लूटपाट हुई, उससे साफ हो जाता है कि हमलावर मूर्ति को मारने के इरादे से आए थे। हम ये पता लगा रहे हैं कि साजिश रचने वाले लोग राज्य के हैं या बाहर के। लेकिन, वे चाहे जहाँ छिपे हों, हम उन्हें खोज निकालेंगे। उन्हें ऐसा सबक सिखाया जाएगा कि भविष्य में लोग कानून को हाथ में लेने की हिम्मत नहीं करेंगे। हमें इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि हिंसा में PFI का हाथ है या SDPI का! जो गुनाहगार है, बो बख्शा नहीं जाएगा।”

क्या सुशांत सिंह को मारने के लिए किया गया स्टन गन का प्रयोग? सुब्रमण्यम स्वामी ने की NIA जाँच की माँग

सुशांत सिंह राजपूत की मौत को दो महीने बीतने वाले हैं। हर दिन कोई नई थ्योरी सामने आती है, जिसमें मौत की वजह का अंदाजा लगाया जाता है। अब स्टन गन थ्योरी सामने आई है, जिसे एक यूजर ने सोशल मीडिया पर डाला। वहीं इस थ्योरी को मद्देनजर रखते हुए बीजेपी सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने सुशांत सिंह राजपूत मृत्यु मामले की एनआईए जाँच की माँग की है।

दरअसल, उन्होंने एक फैंन के ट्वीट को देखने के बाद इस बात की आशंका जताई है कि एक्टर की मृत्यु फाँसी लगाने से नहीं बल्कि स्टन गन से हुई है। फैन के यह थ्योरी ट्विटर पर इस वक्त काफी वायरल हो रही है।

असल में ट्विटर पर एक फैन ने ट्वीट करके कहा है कि उसने स्टन गन के बारे में काफी कुछ पढ़ा है, जिसके बाद उसने यह निष्कर्ष निकाला है कि सुशांत सिंह राजपूत की हत्या स्टन गन से की गई है। फैन के ट्वीट के अनुसार, ”आज मैंने स्टन गन के बारे में पढ़ा और यह भी जाना कि इसका इस्तेमाल कैसे किया जाता है। यह भी देखा कि इनसे किस तरह के निशान शरीर पर पड़ते हैं। एकदम वैसे ही निशान हैं भाइयों (जैसे सुशांत की बॉडी पर थे)। उन लोगों ने पैरालाइज्ड करने के लिए स्टन गन का ही इस्तेमाल किया।”

इसके साथ ही यूजर ने महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य ठाकरे और भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी को टैग किया है।

इस फैन के ट्वीट का जवाब देते हुए सुब्रमण्यम स्वामी ने ट्विटर पर लिखा है, “क्या यह गन अरब सागर के जरिए भारत में आई है? एनआईए को इस मामले की जाँच के साथ जुड़ना चाहिए ताकि सच सबके सामने आ सके।”

इस वक्त इस थ्योरी ने लोगों को और भी हैरान कर दिया है। हर कोई इस सच्चाई को तह तक जानने की कोशिश करना चाहता है क्योंकि इससे पहले भी सुशांत की हत्या को लेकर कई बातें सामने आई थी।

वहीं इस यूजर से पहले अमेरिका के इंटरनल मेडिसिन में प्रैक्टिशनर डॉक्टर राजू बाधवा ने भी इस थ्योरी को लेकर एक पोस्ट किया था। उन्होंने कहा था कि सुशांत के मामले में स्टन गन का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने सुशांत की गर्दन की बाईं ओर पड़े जलने के निशान का जिक्र करते हुए अपनी थ्योरी को पुष्ट करने की कोशिश भी की है। उन्होंने लिखा- इसी तरह से स्टन गन का इस्तेमाल अमेरिका के एक नेवी सील अफसर को मारने के लिए किया गया था। ऐसा दिखाने की कोशिश की गई थी कि उसने आत्महत्या की है। लेकिन, फॉरेंसिक जाँच करने वालों ने हत्यारों को पकड़ लिया।

गौरतलब है कि इससे पहले सुशांत के मामले में राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने पीएम मोदी को पत्र लिखकर सीबीआई जाँच की माँग की थी। इसके साथ ही उन्होंने बॉलीवुड के कई हस्तियों को कटघरे में भी खड़ा किया था।

‘हिंदुओं को निशाना न बनाएँ संप्रदाय विशेष, BJP समस्याएँ खड़ी करने के लिए कर सकती है इस्तेमाल’: अभिसार

बेंगलुरु के दंगों पर बात करते हुए, जहाँ संप्रदाय विशेष की हिंसक भीड़ ने मंगलवार (अगस्त 11, 2020) शाम सड़कों पर तोड़फोड़ की, वहीं स्व-घोषित ‘पत्रकार’ अभिसार शर्मा ने दावा किया कि संप्रदाय विशेष को दंगा नहीं करना चाहिए क्योंकि ‘भाजपा प्रचार तंत्र’ अब इस मुद्दे का इस्तेमाल कर उन्हें निशाना बनाएगी और उनके लिए समस्याएँ खड़ी करेंगी।

HW नेटवर्क पर अपने शो में, अभिसार शर्मा एक धर्मनिरपेक्ष ‘भारतीय’ के रूप में आने की भरसक कोशिश करते हैं, जो हर कीमत पर हिंसा के इस कृत्य का विरोध करते हैं, लेकिन जैसे ही वह आगे बढ़ते हैं, उम्मीद से जल्द ही, उसकी वास्तविक चिंताएँ उजागर हो जाती हैं।

वीडियो में 2.15 मिनट पर, अभिसार शर्मा का दावा है कि भाजपा संप्रदाय विशेष के खिलाफ इस घटना का उपयोग करेगी और भविष्य में उनके लिए समस्याएँ पैदा करेगी। 4.54 मिनट पर, उन्होंने भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा द्वारा किए गए एक ट्वीट को दोहराया कि भाजपा ने इस घटना का उपयोग झूठी कहानी फैलाने के लिए पहले ही शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रवक्ता ने बेंगलुरु की घटना का इस्तेमाल दलित तथा संप्रदाय विशेष को निशाना बनाने के लिए किया।

अभिसार शर्मा ने कहा, “चूँकि जिस कॉन्ग्रेसी नेता पर हमला हुआ था, वह दलित था, इसलिए भाजपा नेता ने बड़ी चालाकी से, खूबसूरती से दंगों का इस्तेमाल जातिगत एंगल देने के लिए किया।”

अभिसार शर्मा, जो कभी अन्य पत्रकारों को निशाना बनाने के लिए छवियों को जोड़कर फर्जी खबरें फैलाते हुए पकड़े गए थे, ने कमलेश तिवारी की निर्मम हत्या पर भी बात की, जिन्हें इस्लामवादियों ने मौत के घाट उतार दिया था।

शाबाशी हासिल करने के लिए, तथाकथित पत्रकार का कहना है कि उन्होंने पहले अपने एक शो में उन राजनीतिक नेताओं की निंदा की थी, जिन्होंने ईशनिंदा के लिए हिंदू कार्यकर्ता को मृत्युदंड देने की माँग की थी। वाहवाही बटोरने के अपने उत्साह में, ’पत्रकार’ ने लगभग 3.04 मिनट पर एक बार नहीं बल्कि दो बार, कमलेश तिवारी के लिए कमलेश त्रिपाठी शब्द का इस्तेमाल किया।

अभिषेक शर्मा, शो में 3.45 मिनट पर “मंदिर के संरक्षकों” की जय-जयकार करने लग जाते हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो को शेयर करते हुए उन्होंने सराहना किया कि कैसे संप्रदाय विशेष के युवाओं ने अनियंत्रित भीड़ से ‘मंदिर की सुरक्षा’ के लिए ‘मानव शृंखला’ बनाई। अभिसार शर्मा ने इसे सुखद समाचार बताते हुए कहते हैं कि यह भारत के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने को प्रदर्शित करता है। मगर संप्रदाय विशेष के लोगों द्वारा ‘मानव शृंखला’ बनाकर ‘मंदिर बचाने वाले’ का राग अलापने वाले अभिसार शर्मा यह भूल जाते हैं कि हमलावर भी उनके अपने भाई ही थे।

खैर यह कोई आश्चर्य की बात नहीं है। अभिसार शर्मा भी उन्हीं लोगों में शामिल थे, जिनके लिए ‘आगजनी करने वालों’ का कोई धर्म नहीं था, मगर ‘मानव शृंखला’ बनाकर ‘मंदिर बचाने वाले’ वाले का धर्म पता था। बता दें कि यौन उत्पीड़न के आरोपित विनोद दुआ ने भी प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए HW नेटवर्क का इस्तेमाल किया था।

गौरतलब है कि बेंगलुरु पुलिस ने केजी हल्ली थाना क्षेत्र में दंगा भड़काने के आरोप में SDPI के नेता मुजम्मिल पाशा को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि वो इन दंगों का मास्टरमाइंड है। इसके अलावा दो अन्य नेताओं के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। दोनों फिलहाल फरार चल रहे हैं।

SDPI का नेता मुजम्मिल पाशा नवीन नामक व्यक्ति के खिलाफ पैगम्बर मुहम्मद के बारे में अपमानजनक फेसबुक पोस्ट करने के आरोप में मामला दर्ज करवाने केजी हल्ली थाना पहुँचा था। फिर उसने भड़काऊ भाषण देते हुए पुलिस थाने के बाहर खड़ी संप्रदाय विशेष की भीड़ को सम्बोधित किया। इसके बाद वो कॉन्ग्रेस विधायक श्रीनिवास के आवास पर हिंसक भीड़ के साथ प्रदर्शन करने पहुँचा। 

इस दौरान मुजम्मिल पाशा के साथ SDPI के दो और नेता साथ थे जो लगातार लोगों को भड़का रहे थे। उसके सहयोगी नेताओं जफ़र और खलील ने संप्रदाय विशेष की भीड़ को पत्थरबाजी करने और थाने के बाहर गाड़ियों को आग के हवाले करने के लिए भड़काया था। जहाँ पुलिस मुजम्मिल पाशा को गिरफ्तार करने में कामयाब रही है, वहीं बाकी 2 नेता फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज से भी इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।

LOC पर मौजूद हैं लश्कर-जैश-अल बद्र के आतंकियों के कई शिविर: खुफिया एजेंसी ने किया अलर्ट

जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने और दो केंद्र शासित प्रदेशों- लद्दाख और जम्मू-कश्मीर के निर्माण की पहली वर्षगाँठ पर इन इलाकों में विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है। सभी की निगाह लद्दाख पर है, लेकिन जम्मू-कश्मीर में लगातार पाकिस्तान की तरफ से आतंकवादियों के घुसपैठ की कोशिश जारी है।

खुफिया एजेंसियों द्वारा मिले इनपुट के अनुसार, न केवल लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद, बल्कि अल बद्र जैसे आतंकी संगठनों से जुड़े दर्जनों आतंकियों का नियंत्रण रेखा पर मौजूद लॉन्च पैड और शिविरों में होने का पता चला है।

‘टाइम्स नाउ’ की रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान में तालिबान से जुड़े आतंकवादियों को जम्मू और कश्मीर में तैनात करने की चर्चा की जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तानी सेना की खुफिया एजेंसी ISI के साथ जिहाद से जुड़े संगठन UJC द्वारा इसे समन्वित किया जा रहा है।

इंटेलीजेंस सोर्स द्वारा मिली जानकारी के अनुसार:-

◆ 6 लश्कर-ए-तैयबा के आतंकियों को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर सरदाली में देखा गया है। यह मैकैल सेक्टर (Macchal sector) के सामने है, जहाँ 56 राष्ट्रीय राइफल्स तैनात हैं। वहीं, फुलवाल में LET और हिज्बुल मुजाहिदीन के 7 सदस्यों का एक मिश्रित समूह मौजूद है, जो मैकैल सेक्टर के विपरीत है।

◆ सुरक्षा एजेंसियों ने 3 लश्कर-ए-तैयबा आतंकवादियों को कृष्णाघाटी सेक्टर के सामने डिगवार क्षेत्र में देखा है। इसके अलावा, भीमम्बर गली के सामने, गिड्रान में 5 एलईटी के आतंकियों का पता चला है।

◆ कृष्णाघाटी में घुसपैठ की योजना के साथ 7 लश्कर के एक और समूह दारुचियान में देखा गया है। तंगधार के सामने जुरा में अल बद्र के 7 आतंकियों को देखा गया है। जो घुसपैठ की तैयारी में थे, लेकिन योजना सफल नहीं होने की वजह से उन्होंने इस प्लान को बदल दिया।

◆ कुपवाड़ा क्षेत्र में आत्मघाती हमले की योजना बना रहे दुधियाल में 4 जेईएम आतंकवादी का पता लगा है। बता दें कि जैश-ए-मुहम्मद संगठन, लश्कर-ए-तैयबा से छोटा संगठन है, लेकिन ये अपनी विचारधारा और संगठन के प्रति काफी प्रतिबद्ध है।

◆ जैश-ए-मुहम्मद का एक समूह केरन सेक्टर में एलओसी पर एक भारतीय पोस्ट पर लड़ाई एक्शन ग्रुप हमले की योजना बना रहा है। यह संगठन पाकिस्तान सेना के कमांडो द्वारा समर्थित स्पेशल सर्विसेज ग्रुप या एसएसजी की स्वजवात्र है। 4 जेईएम के आतंकी पल्लनवाला के पास चंब में मौजूद हैं।

◆ इनके अलावा, 5 जैश-ए-मुहम्मद आतंकी करीमाबाद/अरहाल क्षेत्र में हमले की योजना बना रहे हैं और 4-6 अज्ञात आतंकवादियों के दो समूह सांबा सेक्टर के सामने सुखमल और ‘मसरूर बड़ा भाई’ पर स्थित हैं।

सुशांत केस: शेखर सुमन ने की रिया की गिरफ्तारी की माँग, बोले- अब रिहा नहीं हो सकती रिया

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में रिया चक्रवर्ती संदेह के घेरे में हैं। केस के समीकरण कितनी बार भी क्यों ना बदले, लेकिन हर बार कनेक्शन रिया के साथ सामने आ रहा है। इस बीच बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता शेखर सुमन ने भी रिया चक्रवर्ती की गिरफ्तारी की माँग की है।

एक्टर शेखर सोशल मीडिया पर लगातार सुशांत को न्याय दिलाने की मुहिम चला रहे हैं। शेखर सुमन ने एक बार फिर रिया के खिलाफ आवाज बुलंद की है। शेखर सुमन ने रिया चक्रवर्ती की गिरफ्तारी की माँग करते हुए ट्वीट किया है।

वो ट्वीट कर लिखते हैं, “रिया अब रिहा नहीं हो सकती।” उन्होंने अपने ट्वीट में #ArrestRheaChakraborty हैशटैग का भी इस्तेमाल किया है। मालूम हो कि ये पहली बार नहीं है जब शेखर सुमन ने सुशांत मामले में सक्रियता दिखाई हो, जब एक्टर के केस में सीबीआई जाँच की माँग हो रही थी, तब शेखर सुमन भी लगातार प्रशासन पर सीबीआई जाँच का दवाब बना रहे थे।

इसके साथ ही उन्होंने कई ट्वीट्स भी किए हैं। जिसमें उन्होंने सुशांत के मामले पर प्रकाश डालते हुए लिखा है, “यह पूरा मामला राजनीतिक जटिलता में उलझा दिया गया है। सभी को बेहतर की उम्मीद करते हुए सबसे बुरे के लिए तैयार रहना होगा।”

इसके साथ ही उन्होंने अपने अगले ट्वीट में सिस्टम पर सवाल खड़े करते हुए कहा, “जब आप मर जाते हैं, या आपकी हत्या कर दी जाती है, तो आप सफल, प्रसिद्ध और एक बड़े स्टार बन जाते हैं। वरना इससे पहले किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता। कोई संज्ञान नहीं लेता, न ही सिस्टम, न ही पुलिस, कोई भी नहीं।”

गौरतलब है कि सीबीआई तमाम मुद्दों पर रिया से पूछताछ कर रही है। वहीं रिया चक्रवर्ती का कॉल डिटेल रिकॉर्ड अब सीबीआई के रडार पर आ गया है। सीबीआई को रिया के कॉल लॉग से पता चलता है कि उन्होंने किसी शख्स का नाम ‘AU’ से सेव किया है।

नंबर और रिया चक्रवर्ती के बीच 44 आउटगोइंग कॉल थे। हालाँकि, जब कोई नंबर पर कॉल करता है, ‘SU’ नाम का शख्स रिसीव करता है। फिलहाल, सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामले की जाँच कर रही है। ऐसे में यह देखना बाकी है कि यह व्यक्ति कौन है और क्या व्यक्ति किसी भी तरह से उक्त मामले में शामिल था।

बता दें कि बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में सीबीआई ने रिया चक्रवर्ती के साथ-साथ उनके परिजन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इधर सुशांत सिंह मौत मामले की जाँच के लिए SIT गठित की गई है। जिन 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है उसमें रिया चक्रवर्ती व उनके परिजन, इंद्रजीत चक्रवर्ती, संध्या चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सैमुअल मिरांडा, श्रुति मोदी शामिल हैं।।

‘गर्दन उड़ाओ उस मादर** की’: कमलेश तिवारी की ही तरह नवीन को भी मिल रही जान से मारने की धमकी

क्या आपको कमलेश तिवारी याद हैं? साल 2015 में पैगंबर मुहम्मद के खिलाफ कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद से उनका जीवन खतरे में पड़ गया था। जेल में महीनों बिताने और अपनी जिंदगी पर लगातार खतरों का सामना करने के बाद, अक्टूबर 2019 में उनकी हत्या हो गई थी।

कमलेश तिवारी की कहानी को एक बार फिर दोहराया जा रहा है क्योंकि कर्नाटक में एक कॉन्ग्रेस विधायक के भतीजे नवीन के खिलाफ इसी तरह से आक्रामक भीड़ द्वारा हमला हुआ है। बेंगलुरु के शांतिपूर्ण शहर को हिलाकर रख देने वाले दंगों ने इसी तरह का असर दिखाना शुरू कर दिया है, जिस प्रकार कमलेश तिवारी की टिप्पणी के बाद सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया था।

फेसबुक और ट्विटर, दोनों सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म नवीन के खिलाफ किए गए पोस्ट और टिप्पणियों से भरे हुए हैं। ‘शांतिपूर्ण समुदाय’ के लोग उत्तेजक और आक्रामक भाषा में उनके खिलाफ आवाज उठा रहे हैं। इसके साथ वे यह भी पूछ रहे कि अभी तक उसकी हत्या क्यों नहीं हुई?

फेसबुक पर एक ‘ज़ून गैश’ नाम के एकाउंट से कुछ टिप्पणियाँ पोस्ट की गई हैं। कमलेश तिवारी के मामले में जैसा उन्होंने किया, कुछ वैसे ही नवीन को मारने की भी खुली धमकी दी जा रही है।

शाहिद नाम का यूजर पैगम्बर मोहम्मद के खिलाफ बोलने पर नवीन को जान से मारने की धमकी दे रहा है।

वहीं कामिल नाम का एक शख्स नवीन की गर्दन उड़ाने की बात कह रहा।

इम्तियाज़ एक कमेंट में नवीन की मौत की बात कर रहा है।

अहमद एक कुत्ते की तरह नवीन को मारना चाहता है।

अदनान ने दावा किया कि नवीन को जल्द ही मार दिया जाएगा।

शौकत कहता है कि नवीन को मारना भूलना मत।

अब तक इस दंगे में तीन लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। दंगों में 60 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। पुलिस ने अब तक 110 आगजनी करने वालों को गिरफ्तार किया है। पूरे बेंगलुरु शहर में धारा 144 लगा दी गई है।

जिस दलित विधायक के भतीजे नवीन ने टिप्पणी पोस्ट की, उसका घर जला दिया गया है। गौरतलब है कि हमेशा की तरह लिबरल्स गिरोह ‘शांतिपूर्ण समुदाय’ के लिए ‘दंगों का अधिकार’ को सही ठहराएँगे।

मालदा का ख़ौफनाक दंगा

बेंगलुरु में कल हुए दंगों ने मालदा के दंगों की याद दिला दी ,जब 2 लाख से अधिक कट्टरपंथी सड़कों पर निकले थे, जबकि कमलेश तिवारी उस वक्त जेल में थे। उन्होंने यह माँग रखी थी कि तिवारी को उनकी टिप्पणी के लिए मार दिया जाना चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने सार्वजनिक संपत्ति को नष्ट कर करोड़ों का नुकसान पहुँचया था। इसके अलावा, बीएसएफ की एक वाहन को भी दंगों में झोंक दिया गया था। उन्होंने कालियाचक थाना क्षेत्र में कई घरों को जला दिया और दंगे करते हुए कई दुकानों को भी लूट लिया गया था।

बेंगलुरु दंगों में भारी हिंसा पर उतारू कट्टरपंथी भीड़ के कई भयावह वीडियो इंटरनेट पर वायरल

कॉन्ग्रेस विधायक श्रीनिवास मूर्ति के भतीजे नवीन द्वारा सोशल मीडिया पर पैगम्बर मुहम्मद को लेकर कथित अपमानजनक पोस्ट शेयर करने के तुरंत बाद मंगलवार (अगस्त 12, 2020) रात बेंगलुरु से भीड़ हिंसा की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई।

पुलकेशिनगर में हिंसा के बाद, बेंगलुरु में धारा 144 लगाई गई है, जबकि केजी हल्ली पुलिस थानों की सीमाओं में कर्फ्यू लगा दिया गया है। इस झड़प में कम से कम तीन लोगों की जान चली गई है और कई लोग घायल हो गए हैं।

बेंगलुरु के दंगों के कुछ घंटों बाद, सोशल मीडिया यूजर्स ने हिंसक झड़पों की भयावह तस्वीरें और वीडियो शेयर किए, जिसमें आक्रोशित भीड़ को ‘अल्लाह-हो-अकबर’ और ‘नारा-ए-तकबीर’ जैसे इस्लामी नारे लगाते देखा गया। उन्हें शहर की सड़कों पर उग्र प्रदर्शन करते हुए आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं में लिप्त पाया गया।

बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने कल का एक वीडियो शेयर किया, जिसकी तुलना पिछले साल दिसंबर माह में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए सीएए विरोधी दंगों से की गई।

वैज्ञानिक आनंद रंगनाथन द्वारा शेयर किए गए एक और भयानक वीडियो में, बेंगलुरु की सड़कों पर एक कार को जलते हुए देखा गया था।

बेंगलुरु के एक पुलिस स्टेशन के बाहर के दृश्यों को देख कर साफ पता चलता है कि कैसे संप्रदाय विशेष की उग्र भीड़ ने पुलिस वैन और संपत्ति को नुकसान पहुँचाते हुए अंधाधुंध पथराव किया था।

फेसबुक पर शेयर किए गए वीडियो में अनियंत्रित भीड़ को कार को पलटते हुए देखा जा सकता है।

सोशल मीडिया पर कई ऐसी तस्वीरें शेयर की गईं, जिनमें बेंगलुरु में हिंसा प्रभावित इलाकों की सुनसान सड़कों पर टूटी हुई चारदीवारी, टूटी हुई खिड़कियों से काँच, पत्थर और ईंटें बिखरी हुई दिखाई दीं।

कॉन्ग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर कवाल बिसरांड्रा में, जिस पर मंगलवार (अगस्त 11, 2020) की रात संप्रदाय विशेष की भीड़ ने हमला किया था।

पिछली रात को हमला होने के बाद कॉन्ग्रेस विधायक का घर पूरी तरह से जल गया था।

गौरतलब है कि बेंगलुरु में संप्रदाय विशेष की भीड़ ने पुलिसकर्मियों पर हमले को उसी तरह से अंजाम दिया है, जिस तरह से उनके ही समुदाय के लोगों ने दिल्ली के हिंदू-विरोधी दिल्ली दंगों के दौरान हिंसा को अंजाम दिया था, जिसमें पुलिस कांस्टेबल रतन लाल की हत्या हुई थी और IPS अधिकारी अमित शर्मा और IPS अनुज कुमार पर जानलेवा हमले हुए थे।

SDPI ने दंगों के लिए पुलिस को ठहराया दोषी: पोस्ट करने वाले के खिलाफ कार्रवाई की देरी ने कट्टरपंथी भीड़ को किया नाराज

कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) द्वारा बेंगलुरु की सड़कों पर दंगे भड़काने के लिए संप्रदाय विशेष की हिंसक भीड़ का नेतृत्व करने के एक दिन बाद इस्लामी संगठन ने भयावह दंगों के लिए बेंगलुरु पुलिस को दोषी ठहराया है। इस दंगे में तीन लोग मारे गए हैं और 60 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। 

सुवर्ण न्यूज के मुताबिक, एसडीपीआई के प्रदेश अध्यक्ष इलियास मुहम्मद थुम्बे ने बुधवार (अगस्त 12, 2020) को दावा किया कि कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने वाले व्यक्ति पर कार्रवाई करने में बेंगलुरु पुलिस की निष्क्रियता ने संप्रदाय विशेष के लोगों को नाराज कर दिया, जिसकी वजह से वो बेंगलुरु की सड़कों पर हिंसा करने के लिए विवश हुए।

बता दें कि एसडीपीआई के नेताओं के नेतृत्व में संप्रदाय विशेष की भीड़ ने दो पुलिस स्टेशनों और वाहनों को आग लगा दी। साथ ही उन्होंने स्थानीय कॉन्ग्रेस विधायक पर भी हमला किया। इलियास ने इनका बचाव करते हुए दावा किया कि संप्रदाय विशेष के एक समूह ने स्थानीय पुलिस से नवीन नाम के एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए संपर्क किया था। मगर पुलिस ने शिकायत पर कार्रवाई करने से पहले संप्रदाय विशेष के लोगों को दो घंटे तक इंतजार करवाया।

एसडीपीआई नेता ने दावा किया कि संप्रदाय विशेष की भीड़ पुलिस कार्रवाई में देरी से नाराज हो गई और स्थानीय विधायक के खिलाफ ‘विरोध’ करने के लिए सड़कों पर उतर आई। इलियास मुहम्मद थम्बे ने कहा, “बेंगलुरु पुलिस की अक्षमता और नवीन द्वारा की गई सांप्रदायिक पोस्ट पूरी घटना के लिए जिम्मेदार है।”

संप्रदाय विशेष के लोगों द्वारा की गई पत्थरबाज़ी और उसके बाद हुए दंगों में 60 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्टेशनों के सामने 2 डीसीपी की इनोवा गाड़ी सहित कम से कम 10 वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। भीड़ ने केजी हल्ली पुलिस स्टेशन के सामने भी वाहनों को आग लगा दी।

पूर्व-नियोजित हमले के दौरान, संप्रदाय विशेष की भीड़, पेट्रोल बम और अन्य हथियार लेकर, पास के पुलिस क्वार्टर में भी घुस गए और परिसर में हमला किया। संप्रदाय विशेष की भीड़ को पुलिस स्टेशन के बाहर ‘अल्लाह-हो-अकबर’ और-नारा-ए-तकबीर’ जैसे इस्लामी नारे लगाते देखा गया। यह भी बताया जा रहा है कि कन्नड़ समाचार नेटवर्क सुवर्ण समाचार से संबंधित पत्रकारों और कैमरामैन पर भी अनियंत्रित भीड़ ने हमला किया।

बेंगलुरु दंगा के पीछे SDPI का हाथ

गौरतलब है कि बेंगलुरु पुलिस ने केजी हल्ली थाना क्षेत्र में दंगा भड़काने के आरोप में SDPI के नेता मुजम्मिल पाशा को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि वो इन दंगों का मास्टरमाइंड है। इसके अलावा दो अन्य नेताओं के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। दोनों फिलहाल फरार चल रहे हैं।

SDPI का नेता मुजम्मिल पाशा, नवीन नामक व्यक्ति के खिलाफ पैगम्बर मुहम्मद के बारे में अपमानजनक फेसबुक पोस्ट करने के आरोप में मामला दर्ज करवाने केजी हल्ली थाना पहुँचा था। फिर उसने भड़काऊ भाषण देते हुए पुलिस थाने के बाहर खड़ी संप्रदाय विशेष की भीड़ को सम्बोधित किया। इसके बाद वो कॉन्ग्रेस विधायक श्रीनिवास के आवास पर हिंसक भीड़ के साथ प्रदर्शन करने पहुँचा। 

इस दौरान मुजम्मिल पाशा के साथ SDPI के दो और नेता साथ थे जो लगातार लोगों को भड़का रहे थे। उसके सहयोगी नेताओं जफ़र और खलील ने संप्रदाय विशेष की भीड़ को पत्थरबाजी करने और थाने के बाहर गाड़ियों को आग के हवाले करने के लिए भड़काया था। जहाँ पुलिस मुजम्मिल पाशा को गिरफ्तार करने में कामयाब रही है, जबकि बाकी 2 नेता फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज से भी इस मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।

राम मंदिर ट्रस्ट ने दान के के लिए जारी की एकाउंट नम्बर: यथासम्भव दान की अपील, ताकि भव्य मंदिर का सपना हो साकार

अयोध्या में 5 अगस्त को भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए गए भूमि पूजन व शिलान्यास के बाद मंदिर निर्माण का कार्य शुरू हो गया है। ट्रस्ट ने बुधवार (अगस्त 12, 2020) को एकाउंट नंबर और अन्य जानकारियाँ शेयर कर लोगों से यथासंभव व यथाशक्ति दान करने की अपील की है, जिससे कि भव्य मंदिर का सपना साकार हो सके।

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने ट्वीट में विवरण देते हुए कहा है – “जय श्री राम! प्रभु श्रीराम की पावन जन्मभूमि पर उनके भव्य और दिव्य मन्दिर के निर्माण का कार्य माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा भूमिपूजन पश्चात प्रारम्भ हो गया है। श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र सभी श्रीराम भक्तों का आह्वान करता है कि मन्दिर निर्माण हेतु यथाशक्ति व यथासंभव दान करें। जय श्री राम!”

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने एक वीडियो ट्वीट कर कहा कि 5 अगस्त को प्रधानंत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन किया था, अब मंदिर निर्माण शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि करोड़ों राम भक्त मंदिर निर्माण में योगदान देना चाहते हैं जिसके लिए ट्रस्ट की ओर से सभी जानकारी दी जा रही है।

बैंक अकाउंट का विवरण

उल्लेखनीय है कि गत 5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर भूमिपूजन और शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम का प्रसारण दूरदर्शन चैनल पर किया गया, जिसे समस्त देशवासियों ने बड़े स्तर पर अपने घरों से देखा। कार्यक्रम के दौरान कई साधू, संतों के साथ आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे।