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पैंगबर से ज्यादा तारीफ इंसान की, गाना लिख कर वायरल करने वाले संगीतकार को अब मौत की सजा

अफ्रीका महाद्वीप के नाइजीरिया में कानो नाम की एक जगह है, जहाँ शरिया अदालत लगती है। इसी अदालत में 22 वर्षीय एक संगीतकार को ईशनिंदा के आरोप में मौत की सजा सुनाई गई है। संगीतकार का नाम यहाया शेरिफ अमिन (Yahaya Sherif-Aminu) है।

यहाया पर आरोप है कि उसने अपने एक गीत में तिजानिया मुस्लिम ब्रदरहुड के एक इमाम की तारीफ करते हुए उसे पैंगबर से ज्यादा तरजीह दी और उसे मार्च महीने में व्हॉट्सएप के जरिए वायरल भी किया।

बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के हौसावा फिलिन हॉकी क्षेत्र में एक ऊपरी शरिया अदालत ने यहाया के मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि 22 वर्षीय यहाया शरीफ-अमीन मार्च महीने में व्हाट्सएप के माध्यम से प्रसारित एक गीत के लिए ईशनिंदा का दोषी है।

इस सुनवाई में संगीतकार ने भी अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार नहीं किया। वहीं, न्यायाधीश खादी अलियू मोहम्मद कानी ने कहा कि यहाया चाहे तो इस फैसले के ख़िलाफ़ अपील कर सकते हैं।

नाइजीरिया की इस अदालत के फैसले के बाद शरिया कानून पर बहस अब तेज हो गई हैं। सोशल मीडिया यूजर्स भी यहाया को बचाने की अपील कर रहे हैं। यहाया फिलहाल हिरासत में हैं। लेकिन रिपोर्ट्स बताती हैं कि गाना कंपोज करने के बाद से वह छिपते फिर रहे थे। जिसके कारण प्रदर्शनकारियों ने उनके परिवार के घर को जला दिया और इस्लामिक पुलिस के हेडक्वार्टर ‘Hisbah’ के बाहर एक्शन की माँग करने लगे।

प्रदर्शनकारियों का मत था कि यह गाना ईशनिंदा है और उस गीत में एक इमाम को पैगंबर के बराबर तरजीह दी गई है। बीबीसी के अनुसार, इस प्रोटेस्ट का नेतृत्व करने वाले इदरीस इब्राहिम ने कहा कि यह फैसला एक चेतावनी है, उन लोगों के लिए जो यहाया के रास्ते पर चल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि उन्हें यह फैसला सुनकर बेहद खुशी हुई क्योंकि इससे पता चलता है कि उनका प्रोटेस्ट व्यर्थ नहीं था। ये फैसला दूसरों को चेतावनी है जिन्हें लगाता है कि वह पैगंबर की या फिर मजहब का अपमान कर देंगे और खुलेआम बचकर घूमते रहेंगे।

बता दें कि शरीया की अदालत में कई मामलों में मौत की सजा मिलना बेहद आम बात है। उदहारण के लिए कई ऐसे मामले हैं, जहाँ महिलाओं को भी अदालत ने मौत की सजा सुनाई है, वो भी सिर्फ़ इसलिए क्योंकि निकाह के बाद उनके संबंध किसी और पुरूष से थे।

आखिरी बार नाइजीरिया के शरीया कोर्ट ने साल 2016 में अब्दुलजीज इन्यास को ईशनिंदा के आरोप में दोषी पाया था। उन पर आरोप था कि उन्होंने कहा कि तिजानिया संप्रदाय के सेनेगल संस्थापक शेख इब्राहिम नियासे, जिनके अनुयायी पश्चिम अफ्रीका में बहुत तादाद में हैं, वह पैगंबर मुहम्मद से बड़े थे।

जानकारी के लिए बता दें कि नाइजीरिया के संप्रदाय विशेष बहुल इलाकों में न्याय के लिए शरिया कानून चलता है। इस कानून के तहत यदि कोई भी शख्स इस्लाम या उससे जुड़ी मान्यताओं की आलोचना, पैंगबर मोहम्मद को लेकर किसी भी तरह की टिप्पणी, के साथ लोगों की भावनाएँ आहत करता है तो उसके ख़िलाफ़ ईशनिंदा के तहत मामला दर्ज होता है औ मौत की सजा सुनाई जाती है।

रायबरेली में बने भव्य बाबरी मस्जिद, सुप्रीम कोर्ट ने नहीं माना कि राम मंदिर तोड़ कर मस्जिद बनी थी: मुनव्वर राना

उर्दू शायर मुनव्वर राना एक बार फिर से अपने विवादित बोल के कारण चर्चा में आए हैं। उन्होंने माँग की है कि अयोध्या के धन्नीपुर गाँव में सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड को मस्जिद के लिए जो 5 एकड़ ज़मीन मिली है, वहाँ भगवान राम के पिता राजा दशरथ के नाम पर अस्पताल बनवाया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर उक्त माँग की है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी गई या जबरदस्ती हासिल की गई ज़मीन पर मस्जिद नहीं बनता।

मुनव्वर राना ने संप्रदाय विशेष की छवि सुधारने के लिए ये आईडिया दिया। उन्होंने इसके पीछे का कारण बताते हुए कहा कि लम्बे समय से संप्रदाय विशेष के बारे में ये प्रचारित किया जा रहा है कि उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर तोड़ कर मस्जिद बनाई थी लेकिन सच्चाई यह है कि संप्रदाय विशेष का कोई भी कभी किसी अवैध कब्जे की जगह पर मस्जिद नहीं बना सकता। उन्होंने कहा कि संप्रदाय विशेष के लोग हमेशा से अपने वतन, यहाँ के निवासियों व उनकी भावनाओं का सम्मान करते हैं।

मुनव्वर राना ने पीएम मोदी को लिखा पत्र

शायर मुनव्वर राना ने कहा कि इन्हीं बातों का सन्देश देने के लिए संप्रदाय विशेष के लोगों को अयोध्या में राजा दशरथ के नाम पर अस्पताल बनवाना चाहिए। उन्होंने यहाँ तक दावा किया कि वो मस्जिद निर्माण के लिए रायबरेली में सई नदी के किनारे स्थित अपनी साढ़े 5 बीघा जमीन देने के लिए तैयार हैं। ये ज़मीन उनके बेटे तबरेज के नाम पर पंजीकृत है। साथ ही उन्होंने वक़्फ़ की सम्पत्तियों पर अवैध कब्जे हटाने की माँग की, ताकि संप्रदाय विशेष की भलाई के लिए उसका इस्तेमाल हो सके। उन्होंने कहा:

“मैं चाहता हूँ कि इस जमीन पर बाबरी मस्जिद की एक ऐसी शानदार इमारत का निर्माण किया जाए कि दुनिया के जो भी लोग इधर से गुजरें, वो बाबरी मस्जिद का दीदार कर सकें। एक नए वक्फ बोर्ड का गठन कर सभी वक्फ संपत्तियों को उससे संबद्ध कर दिया जाए। इसमें मेरा कोई निजी स्वार्थ नहीं है क्योंकि मैं बोर्ड में किसी पद की लालसा नहीं रखता हूँ। मैं सिर्फ ज़मीन देने वाला व्यक्ति ही बना रहना चाहता हूँ। सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर मामले में फैसला तो दिया है, लेकिन ये न्याय नहीं है।“

वहीं ‘आजतक’ की मानसी मिश्रा से बातचीत करते हुए मुनव्वर राना की बेटी सुमैया ने बताया कि उनके पिता कहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश रहे रंजन गोगोई ने अपने फैसले में लिखा कि कोई साक्ष्य नहीं मिला है कि वहाँ मंदिर तोड़कर मस्ज‍िद बनाई गई। सुमैया ने कहा कि राम मंदिर परिसर में ही छोटी सी मस्जिद बनाने के लिए इजाजत दी जानी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि रायबरेली वाली ज़मीन पर मस्जिद बनाने के लिए कागजात भी तैयार किए जा रहे हैं।

बता दें कि सीएए विरोध प्रदर्शनों के दौरान मुनव्वर राना की बेटी सुमैया ने कहा था कि हमें ध्यान रखना है कि हमें इतना भी न्यूट्रल (तटस्थ) नहीं होना है कि हमारी पहचान ही खत्म हो जाए। उन्होंने कहा था कि पहले हम इस्लाम के मानने वाले हैं और उसके बाद कुछ और हैं। सुमैया ने ये भी कहा था कि हमारे अंदर का जो दीन है, जो इमान है, वह जिंदा रहना चाहिए। कहीं ऐसा न हो कि हम अल्लाह को भी मुँह दिखाने लायक न रह जाएँ।

भारत में नौकरी कर रहे चायनीज ने की ₹1000+ करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग, IT विभाग ने किया भंडाफोड़

भारत में आयकर विभाग ने मंगलवार (अगस्त 11, 2020) को मनी लॉन्ड्रिंग के बड़े रैकेट का खुलासा किया है। इस खुलासे से पता चला है कि भारत में रहने वाले चीनी नागरिक बड़े स्तर पर फर्जी कंपनियों के जरिए इस अपराध को भारतीय सहयोगी व बैंक कर्मचारियों की मदद से अंजाम दे रहे थे।

अभी तक इस मामले में आयकर विभाग को 1000 करोड़ रुपए से अधिक ट्रांजैक्शन का मालूम चला है। इसके मद्देनजर अधिकारियों ने चीन के कुछ लोगों और उनके भारतीय साथियों के ठिकानों पर छापेमारी की है।

सीबीडीटी (केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड) का कहना है कि इस पूरे लेनदेन को शेल कंपनियाँ खोल कर अंजाम दिया गया। उनके मुताबिक उन्हें इस तरह की जानकारी मिली थी कि चीनी और उनके भारतीय बिजनेस पार्टनर मनी लॉन्ड्रिंग और हवाला लेनदेन में अलग-अलग तरह से शामिल हैं।

जानकारी के मुताबिक, इस सूचना के बाद आयकर विभाग ने दिल्ली, गाजियाबाद और गुरुग्राम में करीब 21 ठिकानों पर छापेमारी करके इस नेक्सस का पर्दाफाश किया।

इनकम टैक्स अधिकारियों का कहना है कि मनी लॉन्ड्रिंग को अंजाम देने के लिए फर्जी कंपनियों के नाम पर करीब 40 अकाउंट बनाए गए और उनके जरिए ही हजारों करोड़ों रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ।

अभी तक की जाँच में मालूम चला है कि एक चीनी कंपनी की सहायक फर्म ने फर्जी कंपनियों से 100 करोड़ का फर्जी एडवांस लिया था। यह रकम भारत में रिटेल शोरूम खोलने के लिए एडवांस तौर पर दी गई थी।

आईटी विभाग को अपनी छानबीन में हवाला से जुड़े दस्तावेज मिले हैं। इसके साथ ही इन ठिकानों से हॉन्ग कॉन्ग की करेंसी और अमेरिकी डॉलर भी हाथ लगे हैं।

इसके अलावा इस पड़ताल में अधिकारियों को एक चीनी युवक चार्ली पांग (असली नाम-लुओ सांग) का भी मालूम चला है, जो वास्तविकता में चीन का है। लेकिन उसके पास भारत का फर्जी पासपोर्ट है, जिसे मणिपुर से जारी किया गया।

चार्ली पांग हवाला ऑपरेशन के लिए कई चीनी कंपनियों की ओर से प्रतिनिधि था और देश भर में वह करीब 10 बैंक खाते चला रहा था।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि पांग भारत में पिछले 6 साल से नाम बदल-बदल कर रह रहा था। अब उसको हिरासत में लिए जाने के बाद उसे 6 सहयोगियों की भी पहचान कर ली गई है, जो उसके कारोबार में उसकी मदद कर रहे थे।

ऑपइंडिया एक्सक्लूसिव: 400 Gb/s की इंटरनेट स्पीड, इस समुद्री केबल से बदलेगी अंडमान-निकोबार की तस्वीर

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने सोमवार (अगस्त 10, 2020) को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को जोड़ने वाले पनडुब्बी ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) की शुरुआत की और उसे राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री मोदी ने 30 दिसंबर 2018 को पोर्ट ब्लेयर में इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। उन्होंने कहा कि कनेक्टिविटी से द्वीप समूह में अनगिनत अवसर पैदा होंगे। 2300 किलोमीटर की पनडुब्बी केबल बिछाने और इसे निर्धारित लक्ष्य से पहले पूरा करना बेहद प्रशंसनीय है।

गोताखोरों की मदद से अंडमान-निकोबार में बिछाया जा रहा समुद्री इंटरनेट केबल

अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तक समुद्र के नीचे इंटरनेट केबल: एक्सक्लूसिव डिटेल्स

उसी दिन चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर, पोर्ट ब्लेयर से लिटिल अंडमान और पोर्ट ब्लेयर से स्वराज द्वीप तक प्रमुख द्वीपों पर शुरू हुई। पीएम मोदी ने 2300 किलोमीटर तक केबल बिछाने की प्रशंसा करते हुए कहा कि केबल की गुणवत्ता बनाए रखना और विशेष जहाजों के साथ केबल बिछाना कोई आसान काम नहीं है। ऑपइंडिया के पास समुद्र के बीच बिछाए जा रहे केबल की कुछ एक्सक्लूसिव तस्वीरें हैं, जिन्हें आप इस लेख में देख सकते हैं।

वो जहाज जिसकी मदद से अंडमान-निकोबार में बिछाया गया समुद्री इंटरनेट केबल

साथ ही ऑपइंडिया के हाथ कुछ एक्सक्यूसिव डिटेल्स भी लगे हैं, जिससे आपको पता चलेगा कि इस केबल की खासियत क्या है और इससे अंडमान-निकोबार में क्या बदलाव आएँगे। मोदी सरकार लद्दाख, उत्तर-पूर्वी भारत और दक्षिण के द्वीप समूहों पर ध्यान दे रही है, जो विकास के दौर में पीछे छूट गए थे।

अंडमान-निकोबार में समुद्री इंटरनेट केबल बिछाने की प्रक्रिया में गोताखोर

चेन्नई-अंडमान निकोबार ‘अंडर से इंटरनेट केबल प्रोजेक्ट’ के बारे में नीचे इन बिंदुओं से समझिए:

  • चेन्नई से पोर्ट ब्लेयर केबीच 2313 किलोमीटर का समुद्री केबल बिछाया जाएगा।
  • पोर्ट ब्लेयर के अलावे अंडमान-निकोबार के 7 द्वीपों (स्वराज द्वीप, लॉन्ग आइलैंड, रंगत, लिटिल अंडमान, कमोर्टा, कार निकोबार और ग्रेटर निकोबार) को इससे कनेक्ट किया गया है।
  • पोर्ट ब्लेयर तक 400 GB प्रति सेकंड की इंटरनेट स्पीड दी जाएगी। बाकी द्वीपों के लिए गति इसकी आधी, अर्थात 200 GB प्रति सेकंड होगी।
  • समुद्र के नीचे केबल बिछाने का काम बीएसएनएल ने किया है। कम्पनी ने ये काम रिकॉर्ड 24 महीने में पूरा किया।
  • OFC कनेक्टिविटी के कारण इन द्वीप समूहों पर 4G कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव आने वाला है।
  • टेली-एजुकेशन और टेली-हेल्थ जैसी अन्य ई-गवर्नेंस सुविधाओं में उछाल आएगा। पर्यटन सुविधाओं का विस्तार होगा।
समुद्री इंटरनेट केबल का कुछ हिस्सा जमीन के नीचे भी

अंडमान-निकोबार समुद्री केबल पर क्या कहा था पीएम मोदी ने?

पीएम मोदी ने कहा था कि इस परियोजना से ऊँची प्रधानमंत्री ने कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह को इसकी वर्षों से आवश्यकता थी, लेकिन इसे पूरा करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने इस तरह की बड़ी चुनौतियों के बावजूद इस परियोजना को पूरा करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। लहरों, तूफानों और मॉनसून जैसी चुनौतियों और कोरोना महामारी जैसे कठिन समय से निपटा जा सकेगा।

अंडमान-निकोबार में बिछाए जा रहे समुद्री इंटरनेट केबल कार्य का निरीक्षण करते केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद

प्रधानमंत्री ने कहा कि अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के लोगों को बेहतर और सस्ती कनेक्टिविटी प्रदान करना देश की जिम्मेदारी है। उन्होंने उन सभी को बधाई दी जो परियोजना से जुड़े थे। साथ ही कहा कि पनडुब्बी केबल यह साबित करने का एक प्रयास है कि अंडमान और निकोबार द्वीप दिल्ली से और मुख्य भूमि के दिल से दूर नहीं है। पीएम मोदी ने आश्वस्त किया कि सरकार प्रत्‍येक नागरिक और प्रत्‍येक क्षेत्र को आधुनिक सुविधाएँ प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि जीवन जीने की बेहतर सुविधा मिल सके।

उन्होंने कहा कि यह ऑप्टिकल फाइबर परियोजना, जो अंडमान निकोबार द्वीप समूह को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ती है, वह नागरिकों के आसान जीवन जीने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का एक उदाहरण है। सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सीमावर्ती क्षेत्रों और द्वीप राज्यों के त्वरित विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पनडुब्बी केबल अंडमान और निकोबार की सस्ती और बेहतर कनेक्टिविटी तथा डिजिटल इंडिया के सभी लाभों को प्राप्त करने में मदद करेगी।

अंडमान-निकोबार में समुद्री इंटरनेट केबल बिछाने में मदद करने वाला एक और जहाज

विशेष रूप से ऑनलाइन शिक्षा, टेली-मेडिसिन, बैंकिंग प्रणाली, ऑनलाइन ट्रेडिंग में सुधार और पर्यटन को बढ़ावा देने में ये सहायक सिद्ध होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंद महासागर हजारों वर्षों से भारत के व्यापार और रणनीतिक कौशल का केंद्र रहा है तथा अंडमान और निकोबार भारत के आर्थिक-सामरिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण केंद्र है।

समुद्र के अंदर तकनीकी पहलुओं की जाँच करता गोताखोर

भारत के सभी द्वीप भारत-प्रशांत क्षेत्र के लिए भारत की नई व्यापार रणनीति के तहत महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँगे।

थल से लेकर जल और समुद्र की गहराइयों तक बिछाया जा रहा इंटरनेट केबल

एक्ट-ईस्ट नीति के तहत, पूर्वी एशियाई देशों और समुद्र से जुड़े अन्‍य देशों के साथ भारत के मजबूत संबंधों में अंडमान और निकोबार की भूमिका बहुत अधिक है और यह आने वाले समय में और बढ़ेगी। द्वीप विकास एजेंसी का गठन 3 वर्ष पूर्व अपनी भूमिका को मजबूत करने के लिए किया गया था। बकौल पीएम मोदी, अंडमान और निकोबार में जो परियोजनाएँ वर्षों से पूरी नहीं हुई थीं, वे अब तेजी से पूरी हो रही हैं।

मानव चेन बनाकर बिछाया जा रहा इंटरनेट केबल

प्रधानमंत्री ने कहा कि अंडमान और निकोबार के 12 द्वीपों में अत्‍यधिक प्रभाव वाली परियोजनाओं का विस्तार किया जा रहा है। साथ ही जानकारी दी कि बेहतर इंटरनेट और मोबाइल कनेक्टिविटी प्रदान करने के अलावा, सड़क, वायु और जलमार्ग के जरिए वास्‍तविक संपर्क को और बेहतर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने उत्तर और मध्य अंडमान की सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए दो प्रमुख पुलों और राष्‍ट्रीय राजमार्ग नम्‍बर-4 पर चल रहे कार्य का उल्लेख किया।

नाबालिग हिन्दू लड़कियों को नशे का आदी बना रहा था जावेद: इंस्टाग्राम पर दोस्ती कर ले जाता था हुक्का बार

मेरठ के नौचंदी थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक ऐसे युवक को गुरफ्तार किया गया है, जो नाबालिग हिन्दू लड़कियों को अपना शिकार बना कर उन्हें नशे की ओर धकेलता था। एक ट्विटर यूजर कपिल शर्मा ने हुक्का बार के वायरल वीडियो के हवाले से लिखा कि मेरठ निवासी जावेद खान (नाबालिग, इसीलिए बदला हुआ नाम) शास्त्री नगर में रहता है और उसका मुख्य पेशा प्रतिष्ठित हिन्दू कॉलनियों की लड़कियों को निशाना बनाना है। मेरठ पुलिस ने बताया कि उक्त प्रकरण में दो अभियुक्त गिरफ्तार कर के जेल भेजे जा चुके हैं।

नौचंदी पुलिस ने बताया है कि आरोपित जावेद खान नाबालिग स्कूली छात्राओं को हुक्का पीला कर उन्हें नशे का आदी बनाता था। उसे बुधवार को जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया जाएगा। उसका ठिकाना रंगोली मंडप के पास स्थित डगआउट कैफे हुआ करता था। सोशल मीडिया में इस कैफे की 2 वीडियो वायरल हुई। धर्म रक्षा समिति के बेटी बचाओ के प्रमुख मनीष लोईया ने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी।

मेरठ हुक्का बार के वायरल वीडियो में एक नाबालिग युवक द्वारा दो लड़कियों को हुक्का पिलाते हुए देखा जा सकता है, जिनके बारे में बताया गया कि वो हिन्दू हैं। मेरठ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 2 दिन पहले डगआउट कैफे को बंद करा दिया था। बाद में लॉकडाउन के उल्लंघन के आरोप में कैफे मैनेजर और मालिक को गिरफ्तार कर लिया गया। फिर आरोपित जावेद को मंगलवार अगस्त (अगस्त 11, 2020) की शाम आरटीओ कार्यालय रोड से धर-दबोचा गया।

आरोपित के पास से 400 ग्राम गाँजा भी बरामद हुआ है। उसकी उम्र 17 साल 2 महीने है, इसीलिए उसे जुवेनाइल कोर्ट में पेश किया जाएगा। उसकी कई दिनों से तलाश जारी थी। आरोपित जावेद 6 महीने पहले भी लड़कियों से छेड़छाड़ के आरोप में ‘बच्चा जेल’ जा चुका है। फ़िलहाल वह जमानत पर बाहर था। ट्विटर यूजर कपिल ने इस घटना को लेकर लिखा:

“शहर की सबसे अमीर व शानदार हिंदू कालोनी की नाबालिग लड़कियों को अपने प्रेम जाल में फँसा कर होटलों और बार में ले जाकर उनके साथ मजे करना इसका पेशा था। उन लड़कियों को नशे की लत लगाना आरोपित का प्रमुख कार्य था। इस लड़के का फोकस ज्यादातर नाबालिग लड़कियों पर ही रहता था। इस लड़के का फोकस ज्यादातर नाबालिग लड़कियों पर ही रहता है। हम सभी हिन्दू परिजनों से निवेदन करते हैं कि आप अपने बच्चों का ख्याल रखें। अगर ट्यूशन या जॉब करने भी जा रही है, तो भी वाट्सएप काल या अन्य विडियो कालिंग से लोकेशन लेते रहें।“

आरोपित जावेद इंस्टाग्राम के माध्यम से हिन्दू लड़कियों से दोस्ती बढ़ाता था और फिर उन्हें मिलने के लिए बुलाता था। वह खुद भी नशे का आदी है। वायरल तस्वीरों में दिख रही दोनों लड़कियाँ भी इंस्टाग्राम पर ही उसकी दोस्त बनी थीं। ये तीनों नशा कर के इंस्टाग्राम पर तस्वीरें डालते रहते थे। वायरल वीडियो जुलाई 16 की है। कहा जा रहा है कि कई छात्राओं के परिजनों ने जब उसकी हरकतों का विरोध किया था तो उसने जान से मार डालने की धमकी भी दी थी।

‘अमर उजाला’ की खबर के अनुसार, जावेद कई लड़कियों की ज़िंदगियाँ बर्बाद कर चुका है। उन्हें नशे का आदी बना चुका है। वहीं पुलिस-प्रशासन में भी उसकी सेटिंग होने का दावा किया गया है। शास्त्रीनगर के पॉश इलाक़े में ही वो लड़कियों को निशाना बनाता था। मेरठ में चल रहे हुक्का बार का मामला हाईकोर्ट भी जा चुका है। लॉकडाउन के बाद इस मामले की सुनवाई होगी। मेरठ में सदर, आबूलेन, शास्त्रीनगर और लालकुर्ती में हुक्का बार चल रहे हैं।

पैगम्बर मुहम्मद पर FB पोस्ट लिखने वाला हुआ अरेस्ट: बेंगलुरु में कट्टरपंथी भीड़ द्वारा हिंसा में 150 दंगाई गिरफ्तार

बेंगलुरु में संप्रदाय विशेष की भीड़ द्वारा दलित कॉन्ग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर पर किए गए हमले, दंगे, आगजनी और पत्थरबाजी और हिंसा के मामले में सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। बता दें कि भीड़ ने पुलिस स्टेशन में भी आगजनी की। सीएम येदियुरप्पा ने कहा कि कर्नाटक सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सभी संभव कदम उठाए हैं और अधिकारियों को दंगाइयों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का निर्देश दे दिया गया है।

बेंगलुरु में हुई हिंसा को लेकर सीएम येदियुरप्पा ने कहा कि पत्रकारों, जनता और पुलिस के खिलाफ मंगलवार (अगस्त 11, 2020) की रात हुई हिंसा स्वीकार्य नहीं है और सरकार इस प्रकार की भड़काऊ हरकतों और अफवाहों को बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई निश्चित है। श्रीनिवास मूर्ति के रिश्तेदार नवीन को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

नवीन के ही फेसबुक पोस्ट को लेकर सारा विवाद शुरू हुआ था। उस पर पैगम्बर मुहम्मद को लेकर विवादित पोस्ट डालने का आरोप है। अब तक हिंसा करने वालों में से 150 को गिरफ्तार किया गया है। बेंगलुरु के पुलिस कमिश्नर कमल पंत ने लोगों को शांति बनाए रखने की अपील की है। इस घटना में 2 लोग मारे गए और 60 पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। डीजे हल्ली और केजी हल्ली पुलिस थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है।

पूरे बेंगलुरु में धारा-144 लगा दिया गया है। बता दें कि 100 के क़रीब संप्रदाय विशेष की भीड़ ने न सिर्फ कॉन्ग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर पर तोड़फोड़ की थी बल्कि बाहर खड़ी गाड़ियों को भी जला डाला था। विधायक आवास में तोड़फोड़ का नज़ारा अभी भी देखा जा सकता है। दंगाइयों ने मजहबी नारे लगाते हुए पत्थरबाजी और आगजनी की। विधायक ने भी शांति की अपील की है।

बता दें कि पूर्वी बेंगलुरु के केजी हल्ली पुलिस स्टेशन के बाहर मजहबी नारेबाजी हुई, पत्थरबाजी की गई और गाड़ियों को फूँक दिया गया। पूर्वी भीमाशंकर के डीसीपी की कर को डंडों और पत्थरों से निशाना बनाया गया। वहीं डीजे हल्ली में पुलिस की एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया। रात के करीब 10:30 बजे अतिरिक्त पुलिस बल की टुकड़ियाँ आईं। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग की। यहाँ तक कि पुलिस को थाने के भीतर घुसने के लिए भी संप्रदाय विशेष की भीड़ ने जगह नहीं दी।

वामपंथियों को दिल्ली दंगों की सच्चाई नहीं आ रही रास, 20 अगस्त को भेजेंगे ओपन लेटर, गुप्त सूचना हुई लीक

वजाहत हबीबुल्लाह, वृंदा करात, हर्ष मंदर, इरफान हबीब, अशोक धवले, आनंद पटवर्धन, प्रकाश राज, शबनम हाशमी… ये कुछ नाम हैं। परिचय यह है कि ये सभी वामपंथी हैं। फिलहाल ये सभी दर्द से गुजर रहे हैं। इनका दर्द है कि दिल्ली दंगों की जाँच सही से नहीं चल रही।

दंगों की जाँच पुलिस कर रही है। हर जगह पुलिस ही करती है। लेकिन दिल्ली दंगों की जाँच में निकल कर आ रहे नाम और इलाके इनके गले की हड्डी बनते जा रहे हैं। जाँच के कारण इनके हिंदू-विरोधी नैरेटिव और दंगों के लिए हिंदुओं को बिना किसी सबूत के दोषी ठहराने देने की आसमानी फितरत का पर्दाफाश हो रहा है। इसलिए अब ये जाँच पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

दिल्ली दंगों की जाँच को पटरी से उतारने के लिए इन्होंने इसे एक तरह से अनुचित, एक पक्षीय और बनावटी कह दिया है। वामपंथी मानसिकता वाले ये बड़े नाम दिल्ली दंगों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जाँच के लिए केजरीवाल सरकार को लेटर लिखे हैं।

वैसे तो इस लेटर को 20 अगस्त को तब प्रकाशित किया जाना था, जब इसे दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल को भेजा जाता। लेकिन उससे पहले ही ऑपइंडिया के हमारे सूत्रों ने इस लेटर को लीक कर दिया। इसे हम नीचे प्रकाशित कर रहे हैं।

केजरीवाल को दिल्ली दंगों की जाँच से संबंधित भेजने वाले लेटर पर साइन करने के लिए ये वामपंथी अपने दोस्तों से आग्रह भी कर रहे हैं। ऊपर जो लेटर है, उसके लिंक के साथ एक आग्रह पत्र भी ये भेज रहे हैं। आग्रह पत्र में यह लिखा है कि 19 अगस्त 2020 की सुबह तक सब अपना समर्थन भेजें क्योंकि 20 अगस्त 2020 को दोपहर 12 बजे दिल्ली सरकार को लेटर भेज दिया जाएगा।

आग्रह पत्र के नीचे जिनका नाम है, उनका जिक्र ऊपर किया जा चुका है। मतलब – वजाहत हबीबुल्लाह, वृंदा करात, हर्ष मंदर, इरफान हबीब, अशोक धवले, आनंद पटवर्धन, प्रकाश राज, शबनम हाशमी।

पैगम्बर मुहम्मद पर FB पोस्ट, दलित कॉन्ग्रेस MLA के घर पर हमला: 1000+ कट्टरपंथियों की भीड़, बेंगलुरु में दंगे व आगजनी

मंगलवार (अगस्त 11, 2020) की रात पूर्वी बेंगलुरु में दंगे और आगजनी का भीषण नज़ारा देखने को मिला। केजी हल्ली, डीजे हल्ली और पुल्केशी नगर इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। 1000 से भी अधिक की संप्रदाय विशेष की भीड़ ने स्थानीय विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के घर को घेर लिया और तोड़फोड़ शुरू कर दी। उनका आरोप था कि विधायक के रिश्तेदार ने पैगम्बर मुहम्मद को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट किया है।

सबसे पहले तो केजी हल्ली पुलिस स्टेशन के सामने एक हज़ार से ज्यादा की संख्या में संप्रदाय विशेष के लोग इकट्ठे हो गए और कॉन्ग्रेस विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति के रिश्तेदार नवीन की गिरफ्तारी की माँग करने लगे। इसके बाद उन्होंने विरोध प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। इसी तरह विधायक के आवास के बाहर भी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। उनके घर के बाहर गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया। कई घण्टों तक आगजनी चली।

जब आग बुझाने के लिए दमकल को गाड़ियाँ वहाँ पर पहुँची तो दंगाइयों ने उन्हें अपना काम करने से रोक दिया और एंट्री नहीं दी। केजी हल्ली पुलिस स्टेशन पहुँची संप्रदाय विशेष की भीड़ ने आरोप लगाया कि पुलिस शिकायत दर्ज करने में आनाकानी कर रही है। रात के करीब 8:30 बजे विधायक के आवास के बगल में बन रही उनकी एक निर्माणाधीन इमारत को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इसके बाद पुलिस स्टेशन के पास ही दंगे शुरू हो गए। संप्रदाय विशेष की भीड़ ईस्ट बेंगलुरु स्थित पुल्केशी नगर के विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति की गिरफ़्तारी की माँग कर रही थी।

अल्लाह-हो-अकबर और नारा-ए-तकबीर के नारों के बीच जला डाला पुलिस स्टेशन

पुलिस स्टेशन के बाहर मजहबी नारेबाजी हुई, पत्थरबाजी की गई और गाड़ियों को फूँक दिया गया। पूर्वी भीमाशंकर के डीसीपी की कर को डंडों और पत्थरों से निशाना बनाया गया। वहीं डीजे हल्ली में पुलिस की एक गाड़ी को आग के हवाले कर दिया गया। रात के करीब 10:30 बजे अतिरिक्त पुलिस बल की टुकड़ियाँ आईं। भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने हवाई फायरिंग की। यहाँ तक कि पुलिस को थाने के भीतर घुसने के लिए भी संप्रदाय विशेष की भीड़ ने जगह नहीं दी।

कई प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि 10 मिनट तक पुलिस ये सब होते हुए देखती रही और उसने कुछ नहीं किया। वो असहाय नज़र आ रही थी। यहाँ तक कि आधी रात के बाद भी पुलिसकर्मी दंगाइयों से काफी कम संख्या में थे और संघर्ष कर रहे थे। कमिश्नर कमल पंत भी घटनास्थल पर पहुँचे लेकिन फिर पुलिस की एक गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। पुलिस ने विधायक अखंड श्रीनिवास के रिश्तेदार नवीन को हिरासत में ले लिया।

नवीन ने दावा किया कि उक्त फेसबुक पोस्ट उसने नहीं किया है और उसका एकाउंट हैक किए जाने के बाद इसे पोस्ट किया गया है। कन्नड़ न्यूज़ चैनल सुवर्ण न्यूज़ के पत्रकारों पर भी हमला किया गया, जो इन दंगों को लाइव कवर कर रहे थे। दो पत्रकारों को घायल कर दिया गया। उनके कैमरे फोड़ डाले गए। गृहमंत्री बसवराज बोमई ने वीडियो डाल कर शांति की अपील की। उन्होंने कहा कि पुलिस दोषियों को नहीं बख्शेगी लेकिन लोग क़ानून को अपने हाथ में न लें।

वहीं ईस्ट बेंगलुरु स्थित पुल्केशी नगर के विधायक अखंड श्रीनिवास मूर्ति ने भी संप्रदाय विशेष के लोगों से शांति की अपील करते हुए कहा कि हमलोग भाई-भाई हैं और चाहे कोई भी मुद्दा हो, हमें लड़ाई नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जिसने भी ग़लती की है, उसे क़ानूनी रूप से सज़ा दिलाई जाएगी। उन्होंने संप्रदाय विशेष के लोगों से कहा कि दोषियों को सज़ा देने के लिए कार्रवाई की जाएगी। यहाँ तक कि चमराजपेट के कॉन्ग्रेस विधायक भी डीजे हल्ली थाने पहुँचे।

उन्होंने अपनी ही पार्टी के दलित विधायक अखंड श्रीनिवास की गिरफ्तारी की माँग की। वो कई मौलानाओं और संप्रदाय विशेष समाज के नेताओं के साथ थाने पहुँचे थे। उन्होंने फिर से विरोध प्रदर्शन की धमकी दी है। पुलिस फायरिंग में 2 लोगों की मौत हुई है। वहीं 60 पुलिसकर्मी इस दंगेबाजी में घायल हुए। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर लोग दंगाईयों पर कार्रवाई की माँग कर रहे हैं।

मौलाना ने 9 साल की अपनी ही स्टूडेंड का किया रेप, अब बच्ची से शादी कराने और केस वापस लेने की धमकी

एक मौलाना है। मदरसा में बच्चों को पढ़ाता है। नाम है अरशद रहमानी। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रहने वाले इस 25 साल के मौलाना पर रेप का आरोप है। रेप अपनी ही एक स्टूडेंट के साथ, जिसे यह पढ़ाता था। वो स्टूडेंट जिसकी उम्र मात्र 9 साल है।

पुलिस ने रेप आरोपित मौलाना अरशद रहमानी को गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन यह दो दिन पुरानी खबर है। ताजा खबर इससे भी भयावह है। जिस मौलाना पर रेप का आरोप है, उसके परिवार वाले पीड़ित बच्ची के परिवार पर दबाव बना रहे हैं कि वो 9 साल की बच्ची की शादी मौलाना से कर दे और केस वापस ले।

25 साल का मौलाना (जिसने रेप किया), 9 साल की बच्ची (जिसका रेप हुआ) – दोनों की शादी की सोच 21वीं सदी में! वो भी धमकी के साथ! पीड़िता के पिता ने थाने में जाकर इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस जो अब तक मौलाना के रेप आरोप की तहकीकात कर रही थी, वो अब परिवार वालों की शादी की धमकी को लेकर भी जाँच कर रही है।

रायपुर के खमारडीह थाना पुलिस को दी गई शिकायत में पीड़िता के पिता ने बताया कि मदरसे से जुड़े कुछ लोगों द्वारा केस वापस नहीं लेने पर बेटी को बदनाम करने और समाज से बहिष्कृत करने की धमकी दी जा रही है।

अरबी पढ़ाने आता था पीड़िता के घर

रायपुर शहर के खमारडीह थाना क्षेत्र में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अरशद रहमानी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बताया कि आरोपित मौलाना रहमानी पंडरी क्षेत्र के मदरसे में शिक्षक है। वह बच्ची और उसकी बहन को अरबी पढ़ाने उनके घर जाता था। आरोपित मौलाना पिछले 15 दिनों से अरबी पढ़ाने बच्ची के घर जा रहा था। रविवार के दिन उसने बच्ची को अकेला देख कर उसके साथ बलात्कार किया।

आरोपित मौलाना अरशद पिछले लगभग 3-4 सालों से रायपुर स्थित मदरसे में रह रहा था। पुलिस ने कहा है कि इसके पहले भी मौलाना पर छेड़छाड़ के आरोप लग चुके हैं। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपित मौलाना अरशद रहमानी को गिरफ्तार किया। मौलाना पर भारतीय दं संहिता की धारा 376 (बलात्कार), 506 (आपराधिक धमकी) और यौन अपराधों से बच्चों की सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।

रिया चक्रवर्ती ने ‘AU’ को किए 44 कॉल, सुशांत सिंह राजपूत की मौत से पहले और बाद भी किए गए कई कॉल: रिपोर्ट्स

बॉलीवुड अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती का कॉल डिटेल रिकॉर्ड अब सीबीआई के रडार पर आ गया है। सीबीआई को रिया के कॉल लॉग से पता चलता है कि उन्होंने किसी शख्स का नाम ‘AU’ से सेव किया है।

टाइम्स नाउ ने बताया कि रिया ने ‘AU’ नाम के शख्स के साथ कई बार बातें की है। बता दें कि रिया चक्रवर्ती मृतक बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की गर्लफ्रेंड हैं और उन पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि सुशांत की रहस्यमय मौत में वो भी शामिल थीं।

टाइम्स नाउ के अनुसार, उस नंबर और रिया चक्रवर्ती के बीच 44 आउटगोइंग कॉल थे। हालाँकि, जब कोई नंबर पर कॉल करता है, ‘SU’ नाम का शख्स रिसीव करता है। फिलहाल, सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) मामले की जाँच कर रही है। ऐसे में यह देखना बाकी है कि यह व्यक्ति कौन है और क्या व्यक्ति किसी भी तरह से उक्त मामले में शामिल था।

TrueCaller में भी यह नंबर SU के नाम से रजिस्टर्ड है। 44 आउटगोइंग कॉल और 2 एसएमएस के अलावा 17 इनकमिंग कॉल थे। बॉलीवुड अभिनेता की मृत्यु से एक दिन पहले 13 जून को भी उस नंबर पर एक कॉल गया था, और फिर सुशांत की मृत्यु के एक दिन बाद भी उस नंबर पर कॉल गया था। 16 जून को भी कॉल किया गया था।

गौरतलब है कि सुशांत सिंह राजपूत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (अगस्त 11, 2020) को रिया चक्रवर्ती की याचिका पर फैसला रिजर्व कर लिया है। वहीं मृत अभिनेता के पिता ने कहा कि किसी ने भी सुशांत सिंह राजपूत की बॉडी को पंखे से लटकते हुए नहीं देखा था और जब उनकी बहन कमरे के अंदर घुसी, तब तक बॉडी उतारी जा चुकी थी।

रिया चक्रवर्ती के वकील ने केस को मुंबई ट्रांसफर करने की माँग की। उनके वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि दूसरे राज्य (बिहार) में FIR करा कर सीबीआई को जाँच ट्रांसफर की गई है, इसकी अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

वहीं, सुशांत सिंह राजपूत के पिता केके सिंह के वकील विकास सिंह ने कहा कि जानबूझ कर रिया द्वारा सुशांत को उनके परिवार से दूर किया जा रहा था। सुशांत के पिता ने कई बार अपने बेटे के इलाज के बारे में पूछा और आने देने को कहा, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं दिया गया।