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मेरा नाम अजीत झा है, शहजाद पूनावाला ने मुझे नहीं कहा ‘Jha2’; आपको कहा तो AAP के ऋतुराज का पकड़िए गला

दिल्ली में सड़कों की हालत खस्ता है। पीने का पानी लोगों को नहीं मिल रहा है। बिजली का संकट अलग है। कुल मिलाकर दिल्ली विधानसभा का चुनाव BSP (बिजली+सड़क+पानी) के मुद्दे पर भी लड़ा जा सकता है। लेकिन दुर्भाग्य से यह आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित है। अब लड़ाई मैथिल ब्राह्मणों को ‘झा2’ कहने पर सीमित हो गई है। ऐसा करने का आरोप बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला पर है।

पूरा विवाद ‘रिपब्लिक भारत’ नाम के टीवी चैनल पर हुई एक चर्चा के बाद खड़ा हुआ है। इस चर्चा में पूनावाला के अलावा किराड़ी से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक ऋतुराज भी शामिल थे। ऋतुराज को पार्टी ने इस बार टिकट नहीं दिया है। उनकी जगह चुनाव से ठीक पहले बीजेपी से आए अनिल झा को उम्मीदवार बनाया गया है।

इस चर्चा के दौरान ऋतुराज ने पहले पूनावाला के सरनेम को बिगाड़ते हुए उन्हें ‘चूनावाला’ कहा। जवाब में शहजाद ने कहा कि ऐसी बातें मैं भी कर सकता हूँ। मैं भी कह सकता हूँ कि संजय झा ‘Jha1’ और ऋतुराज झा ‘Jha2’। मैं भी बोल सकता हूँ कि Jha2 हो आप। पर मैं ऐसी बातें नहीं करता।

स्पष्ट है कि शहजाद पूनावाला ने मैथिल ब्राह्मणों या झा सरनेम वाले समाज को लक्षित कर कोई टिप्पणी नहीं की। उन्होंने ऋतुराज के ‘चूनावाला’ का प्रत्युत्तर ‘Jha2’ से दिया। ऐसा भी नहीं है कि ‘Jha2’ शब्द पहली बार सुनने को मिला है। यदि आप सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं, आपका सरनेम ‘झा’ है तो आए दिन आपको कोई न कोई ‘Jha2’ कह कर चला जाता है। मैं खुद इसका पीड़ित हूँ। ऐसी टिप्पणी करने वाला व्यक्ति या तो आपसे घृणा कर रहा होता है या फिर उसे सार्वजनिक मंचों पर किसी विचार से असहमत होने पर खीझ मिटाने के लिए शब्द नहीं मिल रहे होते। पीड़ित होते हुए भी मुझे नहीं लगता है कि इस तरह की टिप्पणी करने वाले व्यक्ति की घृणा उस पूरे समाज के प्रति होती है जिससे मैं आता हूँ।

यदि इस टिप्पणी को उस व्यक्ति की एक पूरे समाज से घृणा मान ली जाए तो फिर AAP के ऋतुराज पहले दलित मुस्लिमों से घृणा के अपराधी हैं। बावजूद आम आदमी पार्टी ने ‘Jha2’ शब्द को चुनावी मुद्दा बनाया। सोशल मीडिया में कुछ सेकेंड के ऐसे क्लिप सर्कुलेट करवाए जिसमें शहजाद पूनावाला का ‘Jha2’ तो सुनाई पड़ता है, लेकिन उससे पहले क्या हुआ इसका पता नहीं चलता। जाहिर है कि AAP चाहती थी कि ऐसा नैरेटिव बने जिससे मैथिल ब्राह्मणों को लगे कि बीजेपी का नेता उन्हें गाली दे रहा है।

इस नैरेटिव को AAP समर्थकों के अलावा उन लोगों ने भी आगे बढ़ाया जो दिल्ली विधानसभा चुनाव में मैथिल ब्राह्मणों की कथित उपेक्षा करने से बीजेपी से नाराज हैं। इनमें ऐसे लोग भी शामिल हैं जो बीजेपी समर्थक रहे हैं। लेकिन इस उपेक्षा का जवाब एक फर्जी नैरेटिव का शिकार बनकर उसे आगे बढ़ाना नहीं है।

यह बात सही है कि बीजेपी जैसी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता को किसी भी स्थिति में ऐसे शब्दों का प्रयोग करने से बचना चाहिए था। लेकिन जब राजनीति में संयम, मर्यादा और नैतिकता गौण हो चुका है, अरविंद केजरीवाल जैसे धूर्त की पार्टी का नुमाइंदा आपके सरनेम का मजाक बनाता है, तो संयम, नैतिकता और मर्यादा का बोझ केवल बीजेपी पर ही नहीं डाला जा सकता है।

इन सबके बावजूद झा उपनाम धारी मैथिल होने के कारण आपको लगता है कि गाली दी गई है तो कायदे से आपको ऋतुराज का गला पकड़ना चाहिए जिसने ऐसी स्थिति पैदा की। यदि ऐसा किए बिना हम केवल शहजाद पूनावाला का ही गला पकड़ते हैं तो यह वैसा ही टिपिकल मैथिल स्टाइल है जिसमें हम अपने बाल-बच्चों के अपराध/बदतमीजी पर तो पर्दा डालते हैं, लेकिन दियाद के बाल-बच्चों की सामान्य सी भी भूल को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करते हैं और निंदा रस से आह्लादित होते हैं।

वैसे भी ऋतुराज या AAP मिथिला/मैथिल/मैथिल ब्राह्मण का प्रतिनिधि नहीं हो सकती। इसका प्रतिनिधित्व वह बीजेपी ही कर सकती है जिसने संविधान की अष्टम अनुसूची में मैथिली को जगह दी है। जिसके शासनकाल में संविधान मैथिली में जारी हुई है। जिस पार्टी के शासनकाल में दो भागों में विभक्त मिथिला को जोड़ने वाला पुल शुरू हुआ। मैथिल समाज और बीजेपी के बीच के इस पुल को तोड़कर AAP आपको और बदहाली में धकेलना चाहती है।

छात्रा पढ़ने जाती थी सेंट जेवियर्स स्कूल, वाइस प्रिंसिपल फादर कमलेश करता था रेप: यौन शोषण के लिए देता था स्कूल से निकालने की धमकी, हुआ गिरफ्तार

गुजरात के भरूच स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल के उप-प्राचार्य पादरी कमलेश रावल को एक नाबालिग छात्रा के यौन शोषण के मामले में गिरफ्तार किया है। छात्रा फिलहाल 12वीं पास करके कॉलेज में पढ़ती है। जिस समय घटना हुई थी, उस समय वह इस स्कूल में पढ़ती थी। स्कूल छोड़ने के बाद पीड़िता के परिजनों ने थाने में जाकर शिकायत दी। इसके बाद POCSO सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज हुआ है।

लड़की के माता-पिता द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में यौन शोषण की अलग-अलग घटनाओं का जिक्र किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि साल 2022 और साल 2024 के बीच दो अलग-अलग मौकों पर उनकी बेटी का शोषण हुआ। शिकायत के अनुसार, पादरी कमलेश ने दोनों मौकों पर तब 10वीं कक्षा की छात्रा रही पीड़िता को अपने कार्यालय में बुलाकर उसका यौन शोषण किया था।

नाबालिग छात्रा का आरोप है कि आरोपित ने उसे अपने कक्ष में बुलाया और उसके साथ छेड़छाड़ की। उसने यह भी धमकी दी कि यह बात अगर किसी तो बताई वह छात्रा को स्कूल से निकाल देगा। इससे पीड़िता को स्कूल से निकाले जाने और बदनामी का भी डर सताने लगा। इस कारण वह चुप रही थी। पीड़िता के साथ दूसरी घटना दिसंबर 2024 में हुई।

आरोप है कि इस क्रिश्चियन स्कूल में पुराने विद्यार्थियों को स्कूल के एक कार्यक्रम में बुलाया गया था। कार्यक्रम के बाद उसके साथ दोबारा बलात्कार किया गया और किसी को नहीं बताने की धमकी भी दी गई थी। पीड़िता का यह भी आरोप है कि पादरी कमलेश ने उसे बार-बार ह्वाट्सऐप मैसेज करके उससे फिर से शारीरिक संबंध बनाने की माँग की। इससे पीड़िता तंग आ गई।

आखिरकार पीड़िता ने इस बारे में अपने परिजनों को पूरी बता बता दी। परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस थाने में की। शिकायत के आधार पर भरूच बी डिवीजन पुलिस ने आरोपित पादरी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) की धारा 6, 10 और 12 के साथ-साथ IPC की धारा 376, 376(2)(एन) और 376(3) के तहत मामला दर्ज कर लिया।

मामला सामने आने के बाद स्कूल ने आरोपित का तबादला दूसरे स्कूल में कर दिया। वहाँ से उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपित के फोन की भी जाँच कर रही है कि कहीं किसी और छात्रा के साथ ऐसी घटना तो नहीं हुई। आरोपित को 15 जनवरी किया गया है। इस मामले में चार दिन पहले शिकायत दर्ज कराई गई थी।

जिन्होंने महाकुंभ को बताया ‘अंधविश्वास’, उन पर फूटा नागा साधुओं का गुस्सा: तोड़-फोड़ की वीडियो सामने आई, लोग कह रहे – और कूटो

प्रयागराज में पहुँचकर महाकुंभ को अंधविश्वास बताने वाले लोगों पर नागा बाबाओं का जबरदस्त गुस्सा फूटा। सामने आई वीडियो में देख सकते हैं कि महाकुंभ में कैसे कुछ लोग हाथ में पोस्टर लेकर महाकुंभ को बदनाम करने की कोशिश कर रहे थे।

पोस्टर का स्क्रीनशॉट

पोस्टर में देख सकते हैं लिखा था- “अंधविश्वास का मेला है कुंभ एक बहाना। मुक्ति चाहिए तो समझ को जगाना।”

ये लोग माइक से भी ऐसी ही बातें अनाउंस कर रहे थे जिसकी आवाज नागा बाबाओं के कान में पड़ी। ये सुनने के बाद नागा बाबा वहाँ इकट्ठा हो गए और पोस्टर पर लिखी बातें देखकर सब भड़क गए। इसके बाद वहाँ पूरे सेट-अप को तोड़-फोड़ डाला गया।

कुछ लोगों ने इसी बीच प्रोपगेंडा फैलाने वालों का सारे सामान को इकट्ठा किया और आग लगाने को कहने लगे। मगर, नागा बाबाओं ने उस पोस्टर को संभाले रखा जिसमें महाकुंभ को ‘अंधविश्वास’ कहा जा रहा था। वीडियो बनाने वालों में से कोई बोला कि इस पोस्टर को ‘योगी बाबा’ को दिखाएँगे

अब लोग इसी वीडियो को शेयर करते हुए सवाल उठा रहे हैं कि ये महाकुंभ में घुसे लोग कौन सी मानसिकता के हैं जिन्हें हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुँचाने के लिए और प्रोपगेंडा फैलाने के लिए महाकुंभ में ही आने की जरूरत पड़ रही है। वहीं सोशल मीडिया पर नागा बाबाओं की तारीफ हो रही है। कहा जा रहा है कि किसी को अधिकार नहीं कि वो हिंदुओं की आस्था के केंद्र महाकुंभ पहुँचकर इस तरह की बात करें। लोगों का कहना है कि साधुओं ने ऐसे लोगों की धुनाई करके सही किया।

सैफ अली खान की घायल नौकरानी, 3 कर्मचारी और हमलावर की पहचान: सर्जरी के बाद अभिनेता के शरीर से निकाला गया 3 इंच लंबा ऑब्जेक्ट

बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान को बुधवार-गुरुवार (15-16 जनवरी 2025) की रात एक अज्ञात शख्स ने मुंबई के बांद्रा स्थित उनके घर में घुसकर चाकू मार दिया। उन्हें 6 घाव लगे हैं, जिनमें से दो गहरे जख्म हैं। उनकी रीढ़ की हड्डी के पास से लगभग 3 इंच का एक ऑब्जेक्ट निकाला गया है। बताया जा रहा है कि यह ऑब्जेक्ट चाकू का टुकड़ा है। उनकी हालत खतरे से बाहर है।

लीलावती अस्पताल के सीओओ डॉक्टर नीरज उत्तमानी ने बताया कि सैफ अली खान को बांद्रा स्थित उनके घर से सुबह 3:30 बजे अस्पताल लाया गया। डॉक्टर उत्तमानी ने बताया कि न्यूरोसर्जन डॉक्टर नितिन डांगे, कॉस्मेटिक सर्जन डॉक्टर लीना जैन और एनेस्थिसियोलॉजिस्ट डॉक्टर निशा गाँधी के नेतृत्व में डॉक्टरों की एक टीम उनका ऑपरेशन किया। उनकी न्यूरो सर्जरी सफल रही है।

पुलिस उपायुक्त दीक्षित गेदम के अनुसार, “अभिनेता और घुसपैठिए के बीच हाथापाई हुई थी, जिसमें अभिनेता घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस फोरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुँची और सबूत इकट्ठा किए। मुंबई पुलिस के अनुसार, हमलावर चोरी की नीयत से अग्नि से बचने वाली सीढ़ियों के जरिए अभिनेता के घर में घुसा और हमले के बाद भाग गया।

पुलिस उपायुक्त दीक्षित गेदम का कहना है कि आरोपित की पहचान कर ली गई है और उसे गिरफ्तार करने के लिए दस टीमें गठित की गई हैं। सूत्रों ने बताया कि मुंबई पुलिस सैफ अली खान के स्टाफ के पाँच सदस्यों से पूछताछ कर रही है। सैफ जिस हाउसिंग सोसाइटी में रहते हैं, उसकी मरम्मत का काम चल रहा था। इसमें काम करने वाले मजदूरों से भी मुंबई पूछताछ की जा रही है।

मुंबई पुलिस ने सैफ के घर के तीन कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। वहीं, घुसपैठिए के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। हमले में सैफ अली खान के साथ उनकी नौकरानी अरियामा फिलिप्स उर्फ लीमा भी घायल हो गई है। पुलिस उनसे भी पुलिस स्टेशन लेकर पूछताछ कर रही है। हमलावर सैफ के घर में घुसने के बाद वहाँ मौजूद नौकरानी लीमा से बहस कर रहा था।

शोर सुनकर सैफ वहाँ आ गए। उन्होंने हमलावर को शांत कराने की कोशिश की तो वह भड़क गया और हाथापाई करते हुए सैफ पर चाकू से कई वार कर दिए। मुंबई पुलिस का कहना है कि रिहायशी सोसाइटी के सुरक्षा गार्ड ने किसी को भी सोसाइटी में घुसते नहीं देखा। जबरन घुसने के भी अभी तक सबूत नहीं मिले हैं। कहा जाता रहा है कि हमलावर सोसाइटी में पहले से ही मौजूद था।

सोसायटी में सैफ का अपार्टमेंट 7वें फ्लोर पर है। घटना में किसी अंदरूनी व्यक्ति के शामिल होने का संदेह जताया जा रहा है। हालाँकि, घर में एक Duct है, जो सैफ अली खान के बेडरूम में खुलती है। आशंका है कि इसी Duct से हमलावर घर में घुसा था। यह हमला सैफ अली खान के बेटे जेह उर्फ जहाँगीर के कमरे में हुआ है। घटना के समय घर में करीना कपूर अपने दोनों बेटों के साथ मौजूद थीं।

13 साल की थी जब बचपन के दोस्त ने किया रेप, फिर ड्राइवर-मछुआरे-मजदूर सबसे करवाया रेप: तस्वीर-वीडियो से केरल की दलित एथलीट को करते थे ब्लैकमेल

केरल के पथानमथिट्टा जिले में दलित एथलीट के 5 साल तक लगातार रेप-गैंगरेप के मामले में चौंकाने वाले खुलासे होते जा रहे हैं। अब सामने आया है कि 13 साल की आयु से निशाना बनाई गई पीड़िता के यौन शोषण की शुरुआत उसके पड़ोसी और बचपन के दोस्त ने ही की थी। इसके बाद उसने और लोगों को भी इसमें शामिल किया और बलात्कारियों की संख्या बढ़ती चली गई। बच्ची का रेप करने वालों में ड्राइवर, मजदूर, मछुआरे और उसके कई पड़ोसी तक शामिल थे।

बचपन के दोस्त ने ही चालू किया यौन शोषण

द न्यूज मिनट की एक रिपोर्ट के अनुसार, दलित बच्ची का 13 वर्ष की उम्र में यौन शोषण उसके पड़ोस में रहने वाले सुबिन ने चालू किया। सुबिन पीड़िता से 6-7 वर्ष बड़ा है और दोनों के घर आसपास ही हैं। उसने यौन शोषण के बाद पीड़िता के फोटो और वीडियो भी ले लिए। इसके बाद उसने इन फोटो और वीडियो का इस्तेमाल अपने करके अपने दोस्त से भी पीड़िता का रेप करवाया। इसके बाद उसके शोषण चालू हो गया। सुबिन के इस दोस्त ने 2 और दोस्तों से पीड़िता का रेप करवाया।

उसके फोटो और वीडियो इसके बाद अलग-अलग लोगों को दिए जाते रहे। उसका यौन शोषण करने वालों की संख्या बढ़ती रही। उसका रेप करने वालों में ड्राइवर, मछुआरे और मजदूर तक रहे। उसका रेप करने वालों में उसके कॉलेज और स्कूल के पाँच छात्र भी थे। इस मामले में जिन लोगों को आरोपित बनाया गया है, उनमें 4 नाबालिग हैं। इसके अलावा उसका रेप करने वाले 2 और लोग घटना के समय नाबालिग थे। 1 आरोपित तिरुवनंतपुरम का है, जो कि 100 किलोमीटर दूर का रहने वाला है।

इसके अलावा 2 आरोपित देश से बाहर हैं। अधिकांश आरोपित उसकी ही बस्ती के रहने वाले हैं। इस बस्ती में अधिकांश घर दलितों के हैं। यहाँ से शादीशुदा लोग भी उठाए गए हैं। बस्ती के लोग पीड़िता और आरोपितों, दोनों को जानते हैं। कई आरोपित उससे 10 साल से ज्यादा बड़े हैं। दो मौकों पर उसका गैंगरेप भी हुआ, जिसमें कई लोग जुड़े हुए थे। आरोपितों ने बस और अस्पताल समेत अलग-अलग जगह पर उसे बुलाया और यौन शोषण किया।

पिता के फोन पर मैसेज करता था सुबिन

आरोपित पीड़िता के पिता के स्मार्टफोन पर मैसेज करता था। इसी में वह बताता था कि रेप करने वालों से कहाँ मिलना है। वह पीड़िता की फोटो भी माँगा करता था। पीड़िता के पिता को फोन के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। ऐसे में उन्हें लगता था कि किसी और काम के लिए बेटी फोन का इस्तेमाल करती है। वह शराब के नशे में भी रहते थे।

रिपोर्ट में यह बताया गया है कि पीड़िता के माता-पिता दोनों ही मजदूर हैं। जब पीड़िता कई दिनों के लिए घर से बाहर होती थी तो उसके परिजन सोचते थे कि वह खेल के सिलसिले में गई है। पीड़िता के एथलीट है और लगातार कई सालों से इस सक्रिय है।

29 FIR हो चुकीं, 44 हुए गिरफ्तार

इस मामले में पुलिस ने 29 FIR दर्ज की हैं। इनमें रेप और गैंगरेप की FIR हैं। पुलिस अब तक 44 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी हैं। पुलिस को उसने कुछ समय लेकर इन 58 आरोपितों के नाम, आयु और उन्होंने कैसे उसका रेप कहाँ किया बताया है। पुलिस ने 40 लोगों का नम्बर पीड़िता के पिता के फोन से ही निकाल लिया था। बाकी गिरफ्तारी के लिए अभी प्रयास चल रहा है। तब तक पीड़िता को एक संरक्षण गृह में रखा गया है। यहाँ उसकी पढ़ाई के लिए इंतजाम किया गया है।

इस मामले की जाँच के लिए एक विशेष जाँच दल (SIT) का गठन किया गया है। इस टीम का नेतृत्व डिप्टी एसपी पी एस नंदकुमार कर रहे हैं, जबकि जाँच की निगरानी खुद डीआईजी एस अजीता बेगम कर रही हैं। डीआईजी अजीता बेगम ने कहा, “सबरीमला यात्रा खत्म होने के बाद इस टीम में और अधिक अधिकारियों को शामिल किया जाएगा।”

भारत में चिंकारा और काला हिरण की हत्या, बुल्गारिया में जंगली सूअर: सैफ अली खान पर चला था केस, उनके अब्बा मंसूर पटौदी थे Blackbuck के हत्यारे, कोर्ट ने सुनाई थी सजा

बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान को बुधवार-गुरुवार (15-16 जनवरी 2025) की रात एक अज्ञात शख्स ने मुंबई के बांद्रा स्थित उनके घर में घुसकर चाकू मार दिया। उन्हें 6 घाव लगे हैं और वह अस्पताल में भर्ती हैं। हाई सिक्योरिटी वाले इस ऐक्टर के घर में इस तरह का वारदात होने के बाद लोग सोशल मीडिया पर तरह-तरह के कयास लगा रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इसे काला हिरण कांड से भी जोड़ रहे हैं।

यह मामला सितंबर-अक्टूबर 1998 का है। उस समय राजश्री प्रोडक्शन की फिल्म ‘हम साथ साथ हैं’ की शूटिंग राजस्थान के जोधपुर में हो रही थी। इस फिल्म के अभिनेता सलमान खान, सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम कोठारी शूटिंग कर रहे थे। कहा जाता है कि उसी दौरान इन लोगों ने दो चिंकारा और तीन काले हिरण का शिकार किया था। इन्हें बिश्नोई समाज में पवित्र माना जाता है।

काला हिरण और चिंकारा के शिकार में सैफ

सलमान खान और सैफ अली खान सहित अन्य अभिनेता एवं अभिनेत्रियों पर 27-28 सितंबर 1998 की रात को हिरणों का शिकार करने का आरोप लगा। यह भी कहा गया था कि इन लोगों ने कांकाणी गाँव में 1 अक्टूबर 1998 को 2 काले हिरणों के शिकार किया था। काले हिरण को बिश्नोई समाज में बेहद पवित्र माना जाता है और वे इसकी पूजा करते हैं।

इसको लेकर बिश्नोई समाज ने इन अभिनेताओं पर दो मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा लगभग 20 साल तक चला और आखिर में इन सभी अभिनेताओं को आरोप से बरी कर दिया गया। हालाँकि, इस मामले के चश्मदीद गवाह रहे हीरालाल ने बताया पिछले साल अक्टूबर में कहा था कि उन्होंने हिरण का शिकार करने वाले अभिनेताओं का पीछा किया था। बाद में पुलिस ने भी इन्हें पकड़ा था।

हीरालाल ने कहा था, “जिस दिन उन्हें पकड़ा गया उस रात वे सभी 3 बजे तक जेल में थे। उनके साथी, वन विभाग के लोग और सलमान खान जेल के अंदर थे। तब्बू, सोनाली बेंद्रे, सैफ अली खान को मिलाकर पाँच आदमी जेल में थे। इस बात के गवाह उनके परिवार के लोग हैं। अगर उन्होंने कोई शिकार नहीं किया तो उन्हें दो-तीन मुकदमों में सजा क्यों हुई? सलमान खान ने तीन हिरण मारे हैं।”

बिश्नोई समाज के लोगों ने कहा था, “हम सबने देखा था कि सलमान खान के हाथ में पिस्तौल थी। रात के 12 बजे हम सबने सलमान खान का पीछा किया था।” बिश्नोई समाज के एक और व्यक्ति ने बताया था कि दिन में ये अभिनेता फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। उसी दौरान उन्होंने वहाँ हिरणों की टोली को देखा। इसके बाद शाम को आकर उनका शिकार किया।

इन सभी को घोड़ा फार्म हाउस में हिरण का मांस पकाते पकड़ा गया था। दरअसल, इस मामले में जोधपुर कोर्ट ने साल 2018 में सलमान खान को पाँच साल की सजा सुनाई थी। वहीं, सोनाली बेंद्रे, सैफ अली खान, नीलम कोठारी और तब्बू को बरी कर दिया था। इसके अलावा, कांकाणी हिरण शिकार मामले में सीजेएम ग्रामीण कोर्ट ने सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, नीलम कोठारी और तब्बू को बरी कर दिया था।

बुल्गारिया में जंगली सूअर का शिकार

इतना ही नहीं, साल 2018 में सैफ अली खान के लिए जंगली सूअर का शिकार करने पर बुल्गारिया सरकार ने एक्शन लिया था। इस मामले में इंटरपोल ने नोटिस जारी किया था। इसके बाद मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सैफ अली खान का बयान दर्ज किया था। दरअसल, बुल्गारिया की सरकार ने इंटरपोल को एक जंगली सूअर के शिकार के मामले में सैफ अली खान का बयान लेने को कहा था।

सैफ अली खान का बयान गवाह के तौर पर दर्ज किया गया है। इस मामले में बुल्‍गारिया की पुलिस ने एक एजेंट को गिरफ्तार किया था। उस एजेंट ने सैफ अली के लिए जंगली सूअर का शिकार किया था। शिकार के लिए जरूरी लाइसेंस और परमिट नहीं लिए गए थे। बुल्गारिया पुलिस इस मामले की जाँच कर रही थी और सैफ अली खान को इसमें गवाह बनाया गया था। 

सैफ अली के अब्बा मंसूर अली भी काला हिरण मारने के दोषी

सैफ अली खान के अब्बा और पटौदी के नवाब रहे क्रिकेटर मंसूर अली खान पटौदी ने भी साल 2005 में काले हिरणों का शिकार किया था। उन्होंने हरियाणा के झज्जर में हिरणों का शिकार किया था। जिस दिन मंसूर अली खान ने हिरणों को मारा था, उस दिन 5 जून यानी विश्व पर्यावरण दिवस था। तब झज्जर के SHO ने पटौदी और उनके शिकारी टीम के 6 सदस्यों को पकड़ा था।

इनकी गाड़ियों से एक मादा काला हिरण और खरगोश के शव बरामद किए गए थे। पुलिस ने उनके पास .22 बोर की राइफल भी बरामद की थी। यह राइफल मंसूर अली खान की बेटी और सैफ खान की बहन सोहा अली खान के नाम पर पंजीकृत थी। बाद में साल 2009 में गुड़गाँव के डीएम ने इस लाइसेंस को रद्द कर दिया था।

इस मामले में फरीदाबाद की विशेष पर्यावरण अदालत ने जनवरी 2015 में सभी 6 लोगों को तीन साल कैद की सजा सुनाई थी। हालाँकि, सैफ अली खान के अब्बा मंसूर अली खान पटौदी का इससे पहले ही साल 2011 में मौत हो गई थी। इसके बाद दोषियों में से मंसूर अली खान का नाम हटा दिया गया था।

1-चोर कैसे घुसा, 2-CCTV में कौन, 3-अंडरवर्ल्ड वसूली, 4-सिक्योरिटी गार्ड, 5-नौकरानी… सैफ अली खान पर चाकू अटैक, नेटीजन्स लगा रहे अपना दिमाग

बॉलीवुड अभिनेता सैफ अली खान पर हुए हमले के बाद से पुलिस इस केस में हर एंगल से जाँच कर रही है। आरोपित की गिरफ्तारी के लिए सीसीटीवी खंगाले जा रहे हैं लेकिन अभी तक कोई सुराग नहीं मिला है।

घटना 16 जनवरी 2025 की रात के ढाई बजे की है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी में इस समय के आसपास बिल्डिंग में कोई घुसता नहीं दिखा। संभव है कि वो पहले ही आकर बिल्डिंग में छिपा हो और हमले के बाद भी वहीं रहा हो।

इस हमले में बता दें कि सैफ अली खान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हमलावर ने उन्हें छह बार चाकू घोंपा। इनमें से 2 बार वह गंभीर रूप से चोटिल हुए और एक बार चाकू उनकी रीढ़ पर लगा। सैफ अली खान का इलाज अभी मुंबई के लीलावती अस्पताल में चल रहा है। उनकी सर्जरी न्यूरोसर्जन कर रहे हैं।

उनके परिवार ने कहा है कि ये मामला पुलिस का है और वो स्थिति को लेकर अपडेट देते रहेंगे। सैफ अली खान पर हुए हमले के बाद जहाँ उनके फैंस चिंतित हैं तो वहीं सोशल मीडिया पर हमला कैसे हुआ होगा इसे लेकर कयास लग रहे हैं।

नेटीजन्स उस बिल्डिंग की फोटो शेयर कर रहे हैं जहाँ सैफ के चार फ्लोर अपने हैं। नेटीजन्स का मानना है कि बिलडिंग इस तरह की है ही नहीं कि यहाँ कोई आसानी से घुस पाए। किसी को चोरी, डकैती वाले एंगल पर विश्वास नही हो पा रहा है।

कुछ लोग पूछ रहे हैं कि अगर सीसीटीवी में कोई दिख नहीं रहा, बिल्डिंग में कोई अचानक घुस नहीं सकता तो कहीं ये सब कोई पब्लिसिटी स्टंट तो नहीं।

एक यूजर कहते हैं कि ये कोई चोरी का मामला नहीं है, संभव है कि अंडरवर्ल्ड द्वारा किया गया वसूली का प्रयास हो। कोई भी आम चोर अकेले ऐसे घर में नहीं घुस सकता। केस को डकैती-चोरी के रूप में क्यों दर्ज किया गया।

कुछ लोग इस मामले में बिल्डिंग की सिक्योरिटी पर भी संदेह कर रहे हैं। कहा जा रहा है कि क्या बिल्डिंग का सिक्योरिटी गार्ड चोर को पकड़ तक नहीं पाया। उसका काम क्या सिर्फ रजिस्टर पर लोगों की एंट्री एग्जिट लिखना है। इसके अलावा ये भी सवाल हो रहे हैं कि आखिर जिस बिल्डिंग में इतना बड़ा सेलीब्रिटी रहता हो वहाँ इतने कैमरे भी नहीं कि पता चले आरोपित कहाँ से आया और कहाँ भागा?

गौरतलब है कि सैफ अली खान पर ये हमला उस समय हुआ जब सैफ अपने दोनों छोटे बच्चों के साथ फ्लैट में थे। हमलावर चाकू लेकर घुसा था। जब उनकी मेड उसे देख चीखी तो वो बाहर निकले और उसके साथ उनकी झड़प हुई। इसी दौरान उनपर एक के बाद एक हमला हुआ।

SpaDex की डॉकिंग पूरी, ISRO ने अंतिरक्ष में जोड़े दोनों सैटेलाइट: भारत के अलावा सिर्फ 3 देश के पास यह क्षमता, पीएम मोदी ने दी बधाई

भारत ने वर्ष 2025 की शुरुआत के साथ ही अंतरिक्ष क्षेत्र में बड़ी सफलता हासिल की है। ISRO ने अंतरिक्ष में ही SpaDeX मिशन के दो सैटेलाइट मॉड्यूल आपस में जोड़ लिए हैं। इस मिशन में ‘डॉकिंग’ की प्रक्रिया पूरी हो गई है। यह क्षमता हासिल करने वाला भारत विश्व का चौथा देश बन गया है। इस मिशन के लिए 30 दिसम्बर, 2024 को सैटेलाइट छोड़े गए थे और बाद में धीमे-धीमे इन सैटेलाइट को पास में लाकर जोड़ दिया गया। ISRO अब इसी मिशन के बाकी लक्ष्य पूरा करने के लिए कदम बढ़ाएगा।

ISRO ने गुरुवार (16 जनवरी, 2025) को यह जानकारी देश को दी। ISRO ने ट्विटर पर लिखा, “स्पेस क्राफ्ट डॉकिंग सफलतापूर्वक पूरी हुई। यह एक ऐतिहासिक क्षण था। पहले 15 मीटर से 3 मीटर होल्ड पॉइंट तक पास लाया गया। डॉकिंग की शुरुआत सटीकता के साथ हुई, इसके बाद अंतरिक्ष यान को सफलतापूर्वक कैप्चर किया गया… डॉकिंग सफलतापूर्वक पूरी हुई।भारत अंतरिक्ष डॉकिंग को सफल बनाने वाला चौथा देश बन गया। पूरी टीम को बधाई! भारत को बधाई!”

ISRO की इस सफलता पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बधाई दी है। उन्होंने एक्स (पहले ट्विटर) पर लिखा, “सैटेलाइट की अंतरिक्ष डॉकिंग में सफलता के लिए सफल प्रदर्शन के लिए ISRO के हमारे वैज्ञानिकों और पूरे समुदाय को बधाई। यह आने वाले वर्षों में भारत के महत्वाकांक्षी अंतरिक्ष मिशनों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।”

इस मिशन की सफलता भारत को अंतरिक्ष में स्पेस स्टेशन बनाने, अपने अंतरिक्ष यात्री को भेजने और बाकी स्पेस मिशन पूरे करने में मदद करेगी। ISRO ने जो प्रक्रिया पूरी की है उसे डॉकिंग कहा जाता है। डॉकिंग से पहले दोनों सैटेलाइट मॉड्यूल अलग थे।

कैसे हुई डॉकिंग?

ISRO द्वारा लॉन्च किए गए मिशन में से SDX-01 चेसर सैटेलाइट है जबकि SDX-02 टार्गेट सैटेलाइट है। इसका मतलब है कि SDX-01 कक्षा में स्थापित किए जाने के बाद SDX-02 की तरफ बढ़ा और अंत में दोनों जुड़ गए। PSLV C-60 रॉकेट ने इन्हें आपस में लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर छोड़ा था। इसके बाद इन्हें जोड़ने की प्रक्रिया चालू की गई।

दोनों सैटेलाइट को जोड़ने की प्रक्रिया यानि डॉकिंग 7 जनवरी, 2025 को चालू की गई। इसके लिए सबसे पहले दोनों को 20 किलोमीटर की दूरी पर रोका गया था। इसके बाद टार्गेट सैटेलाइट SDX-01 को स्टार्ट किया गया। 10 जनवरी, 2025 को यह दोनों 1.5 किलोमीटर पास लाए गए। 11 जनवरी को 225 मीटर पर लाए गए। 12 जनवरी को यह 100 मीटर पर आए।

इस बाद ISRO ने इन्हें 15 मीटर और फिर 3 मीटर करीब लाया। दोनों को फिर वापस 15 मीटर पर ले जाया गया। इसके बाद 16 जनवरी, 2025 की सुबह दोनों मॉड्यूल आपस में जोड़ दिए गए। अब इन पर आगे और भी प्रयोग भी किए जाएँगे।

अब सारे प्रयोग पूरे होने के बाद दोनों सैटेलाइट को अनडॉक यानी एक-दूसरे से अलग भी किया जाएगा। यह दोनों इसके बाद लगभग 2 साल तक अलग-अलग प्रयोग में काम आएँगे। SDX-01 सैटेलाइट पर छोटे कैमरे भी लगे हुए हैं। यह कैमरे इसके बाद तस्वीरें और  वीडियो लेंगे। इसके अलावा भी इस पर कई सेंसर लगे हैं।

यह सेंसर अंतरिक्ष में होने वाली गतिविधियों का पता लगाएँगे। इनमें से एक सेंसर रेडियेशन का स्तर भी मापेगा। इन सैटेलाइट को भारत में स्थित सैटेलाइट नियंत्रण सेंटर से नियंत्रित किया जाएगा।

डॉकिंग क्या होती है?

ISRO ने सोमवार को रात 10 बजे श्रीहरिकोटा में स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से PSLV C-60 रॉकेट लॉन्च किया था। इस रॉकेट पर कुल 24 सैटेलाइट लदे हुए थे। इनमें से सबसे प्रमुख दो सैटेलाइट थे, जिनकी डॉकिंग होनी थी। ISRO ने इन सैटेलाइट को सफलतापूर्वक अब अंतरिक्ष में ही जोड़ लिया।

इनका नाम SDX-01 और SDX-02 था। इन दोनों का वजन 220 किलो है। यह दोनों सैटेलाइट अंतरिक्ष में पृथ्वी से 470 किलोमीटर की ऊँचाई और 55 अंश के कोण पर छोड़े गए थे। डॉकिंग को सरल भाषा में समझा जाए, तो यह दो सैटेलाइट (मॉड्यूल) को अंतरिक्ष में जोड़ने की प्रक्रिया को कहते हैं। यह कुछ-कुछ जमीन पर कोई पुल बनाने जैसा है। जिस तरह पुल के अलग-अलग हिस्से आपस में जोड़े जाते हैं, उसी तरह डॉकिंग में भी दो या उससे अधिक सैटेलाइट आपस में जोड़े जाते हैं। यह पूरी सरंचना किसी विशेष काम के लिए उपयोग होती है।

डॉकिंग का उपयोग वर्तमान में दो सैटेलाइट के बीच किन्हीं वस्तुओं के आदान प्रदान समेत बाक़ी काम के लिए होता है। अंतरिक्ष में स्थापित अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन भी इसी सिद्धांत पर काम करता है। इसका निर्माण भी डॉकिंग के जरिए हुआ था। इसमें सामान की आपूर्ति भी डॉकिंग के जरिए ही होती है। दरअसल, कई ऐसे सैटेलाइट या फिर मॉड्यूल होते हैं, जिन्हें एक बार में रॉकेट नहीं ले जा सकते। ऐसे में उन्हें अलग-अलग हिस्से में भेज कर अंतरिक्ष में जोड़ा जाता है। इसी तकनीक ISRO ने इस SpaDeX मिशन के जरिए हासिल किया है।

कितनी बड़ी छलाँग?

अब तक विश्व के तीन देश ही यह डॉकिंग की तकनीक हासिल कर सके थे। यह देश अमेरिका, रूस और चीन हैं। 16 जनवरी, 2025 को भारत भी इस लीग में शामिल हो गया है। इस तकनीकी तरक्की का फायदा ISRO को आगे के मिशन में मिलेगा। भारत ने अंतरिक्ष में अपना भी स्पेस स्टेशन बनाने का ऐलान किया है।

डॉकिंग में सफलता इसके रास्ते खोलेगी। भारत को 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन बनाना है, इसके लिए 2028 से काम चालू होगा। एक-एक कर इसके हिस्से अंतरिक्ष पहुँचाए जाते रहेंगे। इसके पूरे होने पर इसमें भारतीय एस्ट्रोनॉट जा सकेंगे। इसके अलावा यह प्रक्रिया चंद्रमा पर भारतीय भेजने, वहाँ से सैंपल वापस लाने समेत बाकी मिशन के लिए मील का पत्थर होगी।

हिंदू लड़के के साथ लिव-इन में थी मुस्लिम लड़की, बेटी भी पैदा हो गई… कर दिया रेप का केस: ₹5 लाख और शादी की बात पर मानी, इलाहाबाद HC ने दी बेल, कहा- ये मामूली विवाद

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक रेप मामले में अतुल गौतम नाम के आरोपित को इस शर्त पर बेल दे दी कि वो अपनी उसी मुस्लिम लिव इन पार्टनर के साथ शादी करे जिसने उसके ऊपर रेप का इल्जाम लगाया है। जमानत देने के साथ ही कोर्ट ने शर्त रखी कि अतुल को ये शादी ‘विशेष विवाह अधिनियम’ के तहत करनी होगी और लिव इन पार्टनर और उनके बच्चे की सुरक्षा के लिए 5 लाख रुपए की राशि जमा करनी होगी।

ये फैसला जस्टिस राजेश सिंह चौहान की बेंच ने सुनाया है। उन्होंने ये फैसला इस आधार पर दिया कि केस दर्ज कराने वाली महिला और आरोपित दोनों नवजात बच्चे के साथ पति-पत्नी के रूप में शांति से रहने को तैयार थे। कोर्ट ने माना कि यह मामला एक मामूली विवाद का परिणाम था, जब दोनों पक्षों ने साथ रहने की इच्छा को व्यक्त किया तो फैसला इसी तथ्य को आधार बनाकर सुनाया गया।

मामले में दोनों पक्ष व्यस्क हैं। दोनों का मजहब अलग है। कुछ समय तक ये लोग लिव-इन रिलेशन में थे। इस दौरान इनकी बेटी हुई (जो अभी 4-5 महीने की है)। बाद में महिला ने गंभीर आरोपों के तहत केस दर्ज करवा दिया।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने भारतीय दंड संहिता की धारा 376, 323, 504 और 506 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि आरोपित ने उससे शादी करने का अपना वादा तोड़ दिया। मामले में जमानत की माँग करते हुए अतुल ने उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और तर्क दिया कि प्राथमिकी एक छोटे विवाद के कारण दर्ज की गई थी। इस दौरान उन्होंने माना कि वही उस बच्ची के पिता हैं और वो अपनी लिव-इन पार्टनर से शादी करने और बच्चे का भरण-पोषण करने को तैयार हैं।

उनकी इस बात के बाद महिला मान गई, लेकिन साथ ही उसने आशंका जताई कि हो सकता है कि आरोपित अपनी बात से बात में पलट जाए। ऐसा में कोर्ट ने जमानत देने के साथ आरोपित के सामने कुछ शर्ते भी रखीं जैसे रिहाई के सात दिनों के भीतर उन्हें विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह के लिए आवेदन करना होगा, विवाह के बाद उन्हें उसे जल्द से जल्द रजिस्टर कराना होगा, बच्चे की देखभाल के लिए पाँच लाख रुपए की सावधि जमा करनी होगी, अपना पासपोर्ट कोर्ट में जमा कराना होगा और कही भीं देश के बाहर बिना कोर्ट की अनुमति के नहीं जाएँगे आदि।

बता दें कि ये मामला पिछले साल कोर्ट ने 5 दिसंबर 2024 को सुनाया था। हालाँकि इसकी जानकारी अब सामने आई है। वहीं एफआईआर की बात करें तो वो जुलाई 2024 में दायर हुई थी और आरोपित सितंबर से ही कस्टडी में था।

सैफ अली खान पर चाकुओं से हमला, किए 6 वार, अस्पताल में चल रही सर्जरी: काला हिरण हत्या मामले में थे सलमान खान के साथ आरोपित

काला हिरण मारने के मामले में सलमान खान के साथ आरोपित रहे बॉलीवुड ऐक्टर सैफ अली खान पर बुधवार (15 जनवरी 2025) की रात चाकुओं से हमला कर दिया गया। हमलावर ने इस दौरान उनके साथ हाथापाई भी की। मुंबई के बांद्रा स्थित आवास में हमले के बाद घायल ऐक्टर को लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के समय सैफ अली खान के परिवार के कुछ सदस्य घर में मौजूद थे।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सैफ अली खान को 6 बार चाकू मारा गया है। एक घाव गर्दन पर है और एक रीढ़ के पास लगी है। रीढ़ के पास जख्म थोड़ा गहरा है। उनकी सर्जरी की जा रही है। डॉक्टरों ने उन्हें खतरे से बाहर बताया है। इस हमले में सैफ अली खान के साथ-साथ उनकी नौकरानी भी घायल हुई है। हालाँकि, नौकरानी को मामूली चोट आई है।

मुंबई पुलिस के मुताबिक, यह घटना बीती रात लगभग 2 बजे के करीब हुई। एक अज्ञात शख्स उनके घर में घुस आया और फिर वहाँ मौजूद नौकरानी से बहस करने लगा। इसी दौरान वहाँ सैफ अली खान भी आ गए। उन्होंने उस अज्ञात शख्स को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन वह अभिनेता पर भड़क गया और गुस्से में सैफ अली खान पर चाकू से वार करने लगा। दोनों के बीच हाथापाई भी हुई।

दरअसल, सैफ अली खान के घर में एक पाइपलाइन है, जो उनके बेडरूम के पास तक जाता है। माना जा रहा है कि हमलावर इसी रास्ते में घर में घुसा होगा। हालाँकि, पुलिस इसकी जाँच कर रही है कि हमलावर घर में कैसे घुसा और वह कौन है। बताया जा रहा है कि जिस वक्त हमला हुआ था, उस समय करीना कपूर और उनके दोनों बच्चे भी घर में ही थे।

इस मामले में सैफ अली खान के पीआर का आधिकारिक बयान आया है। बयान में कहा गया है कि सैफ अली खान के घर में चोरी की कोशिश हुई है। वहीं, करीना कपूर की टीम ने कहा कि उनके घर में चोरी की कोशिश हुई है और सैफ को हाथ में चोट लगी है। बयान में कहा गया है कि इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लीलावती अस्पताल ने भी बयान जारी किया है 6 घाव बताए हैं।

बता दें कि काला हिरण मारने के मामले में सलमान खान के साथ सैफ अली खान भी आरोपित थे। हालाँकि, इस मामले के 20 साल बाद कोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था। अभिनेता सलमान खान को 1998 में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान अपने साथी कलाकारों- सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम के साथ दो काले हिरणों को मारने का आरोपित बनाया गया था।

इस मामले में सलमान खान के साथ-साथ सैफ अली खान एवं आरोपित बरी हो गए हैं। इसको लेकर बिश्नोई समाज सलमान खान से आज भी खफा रहता है, क्योंकि इस कुकृत्य के लिए उन्होंने आज तक माफी नहीं माँगी है। इसको लेकर लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सलमान खान पर कई बार हमला भी किया है और उन्हें धमकी भी दी है। काला हिरण की हत्या समय की गई थी, तब फिल्म ‘हम साथ साथ हैं’ की शूटिंग के लिए राजस्थान गए थे।