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ढाई साल की बच्ची को सेब देकर फुसलाया, फिर सुनसान जगह ले गया रज्जाक और… हुआ गिरफ्तार

ग्रेटर नोएडा के जर्छा इलाके में एक फल बेचने वाले 54 वर्षीय व्यक्ति को पुलिस ने ढाई साल की बच्ची का यौन उत्पीड़न करने के इल्जाम में गुरुवार (सितंबर 20, 2019) को गिरफ्तार किया। बच्ची की माँ का आरोप है कि फल विक्रेता उनकी बच्ची को सेब का लालच देकर एक सुनसान जगह पर ले गया और उसके साथ बलात्कार करने का प्रयास किया।

जानकारी के मुताबिक पुलिस को बच्ची की माँ ने बताया कि गुरुवार को करीब 11 बजे, बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, तभी नियाज रज्जाक नाम का शख्स वहाँ फल बेचने आया। उसने पहले बच्ची को सेब देकर फुसलाया और फिर उसे एक सुनसान जगह ले गया। जहाँ उसने बच्ची के साथ बलात्कार करने का प्रयास किया। इसी दौरान बच्ची की माँ को संदेह हुआ कि उनकी बच्ची आस-पास नहीं है और वह तुरंत अपने घर से बाहर आईं। उन्होंने बच्ची के चिल्लाने की आवाज सुनी और जब जाकर देखा तो नियाज उनकी बच्ची को नंगा करके अनुचित ढंग से छू रहा था।

महिला ने ये सब देखते ही शोर मचाया, जिसके बाद वहाँ आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। भीड़ ने रज्जाक को पकड़ा और पुलिस को पूरे मामले के बारे में सूचित किया। जिसके बाद रज्जाक की गिरफ्तारी हुई।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक जर्छा के एसएचओ अनिल कुमार ने बताया कि इस घटना की सूचना मिलते ही उनकी टीम मौक़े पर पहुँची और रज्जाक की गिरफ्तारी करके बच्ची को मेडिकल जाँच के लिए भेजा गया।

एसएचओ के मुताबिक मेडिकल जाँच में खुलासा हो चुका है कि बच्ची के गुप्तांगों पर चोट के निशान है, और ये रिपोर्ट पुष्टि करती है कि बच्ची के साथ बलात्कार की कोशिश हुई है। जिसके आधार पर रज्जाक के ख़िलाफ़ आईपीसी धारा 376 के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 5 और 6 के तहत मामला दर्ज किया गया है। और अब उसे न्यायायिक हिरासत में रखकर नगर अदालत में पेश किया जाएगा।

रेप मामले में आरोपित चिन्मयानंद को SIT ने किया गिरफ्तार

छात्रा के साथ रेप के आरोपित पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता चिन्मयानंद को गिरफ्तार कर लिया गया है। पीड़िता की ओर से विडियो जारी किए जाने के बाद से चिन्मयानंद की गिरफ्तारी की माँग की जा रही थी। जानकारी के मुताबिक, स्पेशल इनवेस्टीगेशन टीम (एसआइटी) ने उन्हें उनके शाहजहाँपुर स्थित मुमुक्षु आश्रम से गिरफ्तार किया है। फिलहाल उन्हें मेडिकल जाँच के लिए अस्पताल ले जाया गया है। इसके बाद आज ही उन्हें कोर्ट में भी पेश किया जाएगा। 

बता दें कि पीड़ित छात्रा ने चिन्मयानंद को गिरफ्तार न किए जाने पर आत्महत्या करने की धमकी दी थी। बुधवार (सितंबर 18, 2019) को चिन्मयानंद की खराब तबीयत का हवाला देते हुए उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री पर अपने ही कॉलेज की लॉ स्टूडेंट से रेप करने का आरोप है। पीड़िता की ओर से इस संबंध में लगातार कई विडियो जारी कर चिन्मयानंद पर आरोप लगाए गए थे। हालाँकि, चिन्मयानंद और उनके समर्थक लगातार कह रहे थे कि वह निर्दोष हैं और उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।

अस्पताल में भर्ती चिन्मयानंद को गुरुवार (सितंबर 19, 2019) को केजीएमयू लखनऊ के लिए रेफर किया गया था। हालांकि उन्होंने कहा था कि वह आयुर्वेदिक इलाज चाहते हैं और इसके बाद उन्हें उनके मुमुक्षु आश्रम वापस ले जाया गया था। फिलहाल चिन्मयानंद का अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में चेकअप किया जा रहा है। इस दौरान एसआइटी प्रभारी नवीन अरोड़ा के साथ ही अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद हैं।

कश्मीर पर बात करते-करते PAK विश्लेषक की लाइव शो में कुर्सी टूटी, VIDEO वायरल

अभी हाल ही में पाकिस्तान के न्यूज चैनल पर हुई लाइव डिबेट की एक छोटी सी वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इसमें देखा जा सकता कि पैनल डिस्कशन के दौरान ही किस तरह एक विश्लेषक की कुर्सी टूट जाती है और वो धड़ाम से नीचे गिर जाते हैं। ध्यान देने वाली बात ये है कि ये घटना उस शो में हुई जिसमें कश्मीर मुद्दे पर चर्चा हो रही थी।

जानकारी के मुताबिक ये डिबेट पाकिस्तानी न्यूज चैनल GTV पर 16 सितंबर को लाइव दिखाया जा रहा था, जहाँ कश्मीर मुद्दे पर विश्लेषक अपनी राय रख रहे थे। ऐसे में वार्ता के बीच जब ये घटना हुई और मजहर बरलास नाम के विश्लेषक अपनी जगह से नीचे गिरे, तो सब हक्का-बक्का रह गए और टीवी एंकर ऑनस्क्रीन पर अपनी जीभ दबाकर अजीब सा रिएक्शन देते नजर आए। हालाँकि उसके कुछ देर में ही एंकर ने ऐसे दिखाने की कोशिश की कि उनके जीभ में कुछ चिपक गया है, लेकिन उनके भावों को अगर गौर से देखा जाए तो पता चलेगा कि कुर्सी गिरने पर ही वो रिएक्शन दिया था, जिसे देखकर लोग अब उन्हें खरी खोटी सुना रहे हैं।

यहाँ बता दें कि सोशल मीडिया पर ये वीडियो वायरल होने के बाद लोग तरह-तरह की बात कर रहे हैं। कुछ लोग एंकर को उसके रिएक्शन के लिए कोस रहे हैं, तो कुछ लोग कह रहे हैं कि ये सामान्य सी बात है। ऐसा किसी के साथ भी हो सकता है। कुछ लोग विश्लेषक की टूटी कुर्सी देख कर पाकिस्तान को सुना रहे हैं कि पाकिस्तान का भी यही हाल होने वाला है। कुछ कह रहे हैं, “और कितना नीचे गिरेंगे जनाब, इसके नीचे दोजख में ही जाना होगा।”

एक यूजर ने इस वीडियो को देखने के बाद पाकिस्तानियों से कहा है कि तुमसे एक कुर्सी नहीं संभल पा रही है और तुम कश्मीर मुद्दे को संभालने की बात करते हो। जबकि दूसरा यूजर कहता है कि ऐसा ही (गिरना) पाकिस्तान सरकार के साथ होने वाला है।

गौरतलब है कि बीते दिनों कश्मीर मुद्दे को उठाने और मोदी सरकार के खिलाफ़ बोलने पर पाकिस्तान को बहुत फजीहत का सामना करना पड़ा है। अभी कुछ समय पहले की ही बात है कि पाक के एक मंत्री को प्रधानमंत्री मोदी को कोसते वक्त जोरदार करंट का झटका लगा था, जिसे उन्होंने मोदी की चाल करार देकर और हास्यास्पद बना दिया था और अब कश्मीर मुद्दे पर बातचीत के दौरान आया ये वीडियो पाकिस्तान की जर्जर स्थिति का प्रमाण है।

Washington DC में गोलीबारी: 1 की मौत, 6 घायल – White House से सिर्फ 2 मील दूर हुई हिंसा

अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन डीसी की सड़कों पर बीती रात हुई गोलीबारी में एक की मौत और 6 अन्य के घायल होने की खबर आ रही है। स्थानीय पुलिस के अनुसार यह हमला राष्ट्रपति भवन (White House) से महज़ 2.1 मील (3.5 किमी) की दूरी पर हुआ है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस या प्रशासन ने किसी संदिग्ध के बारे में कोई जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।

Columbia Heights में हुआ हमला

डीसी पुलिस के मुताबिक हमला Columbia Heights में हुआ है। घायलों को Columbia Heights के ही स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। घायलों में एक महिला भी बताई जा रही है।

अपडेट: ताज़ा जानकारी के अनुसार एक और गोलीबारी की घटना Rhode Island Avenue के ब्लॉक 1400 में बताई जा रही है। इसके अलावा पुलिस ने संदिग्धों के वाहन संबंधी जानकारी जारी की है। हल्के रंग की निसान सेडान में बैठे संदिग्धों के पास AK असॉल्ट राइफल होने का संदेह पुलिस ने जताया है।

पिछले माह दो घटनाएँ

अमेरिका में पिछले महीने भी गोलीबारी की दो घटनाएँ हुईं हैं। टेक्सास में एक शॉपिंग मॉल में भारी गोलीबारी की घटना में 20 लोगों के मारे जाने की खबर आई थी। साथ ही 26 लोग घायल हुए थे। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, गोलीबारी की यह घटना अल पासो इलाके के सीएलो विस्ता मॉल में हुई थी। इसके बाद एक दिन के भीतर ओहायो राज्य के डेटन शहर में संदिग्ध बंदूकधारी ने रविवार (स्थानीय समय) को हमला कर नौ लोगों को मार डाला, और 16 अन्य को घायल कर दिया। तब हमलवार खुद भी मारा गया था

(यह डेवलपिंग स्टोरी है। और जानकारी मिलने पर इसे अपडेट किया जाएगा। )

कश्मीर मामले पर मुँह की खाया पाकिस्तान: UNHRC में नहीं मिला 16 देशों का समर्थन, प्रस्ताव ख़ारिज

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद, यूरोपीय संसद, दर्जनों देशों के साफ़ इंकार के बाद संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार आयोग में भी पाकिस्तान ने कश्मीर मुद्दे पर अपनी भद्द पिटा ली है। दुनिया की सबसे बड़ी मानवाधिकार संस्था ने पर्याप्त संख्या (16) में सदस्यों का समर्थन प्राप्त न कर पाने के चलते पाकिस्तान की जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन का प्रस्ताव लाने की कोशिशों को ख़ारिज कर दिया है। जिनेवा में चल रहे UNHRC के 42वें मानवाधिकार सत्र में हिंदुस्तान की यह बड़ी कूटनीतिक जीत है।

अजय बिसारिया ने रखा हिंदुस्तान का पक्ष

UNHRC में हिंदुस्तानी दल का नेतृत्व कर रहे राजनयिक अजय बिसारिया ने सत्र में भाग ले रहे 47 देशों के समक्ष देश का पक्ष रखा। बताया जा रहा है कि हिंदुस्तान की बात मजबूती से रखने के लिए उनके दल ने विशेष तैयारी की थी। बिसारिया इसके पहले पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त रह चुके हैं।

खोखला निकला इमरान का दावा, मुस्लिम देशों ने भी झाड़ा पल्ला

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान लगातार दावा कर रहे थे कि जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार हनन के मुद्दे पर पाकिस्तान को लगातार समर्थन मिल रहा है। उन्होंने यहाँ तक कि गिनती भी बता दी थी- उनके मुताबिक “कश्मीरियों को उनका हक दिलाने के लिए और उनके अधिकारों के समर्थन में 58 देशों का सहयोग मिला” था।

लेकिन 12 सितंबर को हिंदुस्तान द्वारा पाकिस्तान के दावों की पोल खोलने, उसका खुद का शर्मनाक मानवाधिकार-उल्लंघन का इतिहास याद कराए जाने, और उसे वैश्विक जिहाद का गढ़ बताए जाने के बाद पाकिस्तान अब अपना सा मुँह लेकर रह गया है। हिंदुस्तान के स्थायी UNHRC मिशन की प्रथम सचिव कुमाम मिनी देवी ने पाकिस्तान पर आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए गिलगित-बाल्टिस्तान में हो रहे कस्टोडियल बलात्कारों से लेकर पत्रकारों की पाकिस्तान में हत्या और उनके उत्पीड़न पर पाकिस्तान को आईना दिखाया। इसके पहले मुस्लिम देशों के वैश्विक संगठन ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉर्पोरेशन (OIC) से भी पाकिस्तान को सहयोग नहीं मिल सका।

तिहाड़ में चिदंबरम की हालत पतली: जेल में चाहिए तकिया और कुर्सी, सिब्बल ने कोर्ट से लगाई गुहार

आईएनएक्स मीडिया मामले में तिहाड़ जेल में बंद पूर्व केंद्रीय मंत्री और कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता पी चिदंबरम के वकीलों ने गुरुवार (सितंबर 19, 2019) को कोर्ट में पेशी के दौरान बताया कि चिदंबरम को तिहाड़ में सोने के लिए न ही तकिया दिया जा रहा है और न ही उन्हें बैठने के लिए कुर्सी मिल रही है, जिसके कारण उन्हें जमीन पर बैठना पड़ता है।

पी चिदंबरम के वकील कपिल सिब्बल की ओर से इस दौरान कहा गया कि चिदंबरम को तिहाड़ जेल में लेटने के लिए बिस्तर तो मिला है, लेकिन तकिया नहीं दिया गया है। ऐसे में आखिर कोई पूरे दिन कैसे बिस्तर पर बैठ सकता है।

तिहाड़ में हुई परेशानियों की सूची कोर्ट को थमाते हुए कपिल सिब्बल ने बताया कि कई तरह की बीमारियाँ होने के कारण चिदंबरम का वजन तेजी से घट रहा है और पूरे दिन बिस्तर पर बैठने के कारण उनके कमर का दर्द बढ़ गया है, साथ ही उनके पेट में भी दर्द है। इन दलीलों के आधार पर कपिल सिब्बल के साथ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कोर्ट से अपील की कि चिदंबरम का मेडिकल चेकअप करवाया जाए।

विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ ने इसके बाद चिदंबरम की मेडिकल जाँच की अनुमति दे दी और कहा कि उनका मेडिकल चेकअप एम्स, सफदरजंग या आरएमएल हॉस्पिटल में करवाया जाए। इसके अलावा कोर्ट ने तिहाड़ जेल के सुपरिटेंडेंट को निर्देश दिया कि जेल के नियमों के हिसाब से चिदंबरम को तकिया और कुर्सी उपलब्ध कराने पर विचार किया जाए।

हालाँकि, इस सुनवाई के दौरान सीबीआई की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने न्यायिक हिरासत बढ़ाने की माँग की और कहा कि चिदंबरम को तकिया और कुर्सी नहीं दिए जाने की उनको कोई जानकारी नहीं है। जेल में जो नियम है, उनका पालन हो रहा है।

सॉलिस्टर मेहता ने ये भी कहा कि चिदंबरम के वकील इस मामले को सनसनीखेज बनाने की कोशिश न करें। अगर चिदंबरम को किसी चीज की आवश्यकता है, तो वो तिहाड़ जेल प्रशासन को अर्जी दे सकते हैं या फिर मुझे बताया जा सकता था। जबकि ऐसा कुछ भी पी चिदंबरम की तरफ से नहीं बताया गया है। कोर्ट में यह सब बोलकर चिदंबरम सहानुभूति लेना चाहते हैं।

गौरतलब है कि कल सीबीआई के सॉलिस्टर द्वारा चिदंबरम की न्यायिक हिरासत बढ़ाने की माँग के बाद दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट ने चिदंबरम की 14 दिन की न्यायिक हिरासत बढ़ा दी है। जिसका मतलब है कि अब कॉन्ग्रेस के दिग्गज नेता और आईएनएक्स मामले में आरोपित चिदंबर 3 अक्टूबर तक के लिए तिहाड़ में बंद रहेंगे।

जाधवपुर के वामपंथी लम्पट: किस ऑफ लव चाहिए, देश विरोधी नारे लगाएँगे और विरोध के नाम पर हिंसा करेंगे

पश्चिम बंगाल का जाधवपुर विश्वविद्यालय अपनी शैक्षणिक गतिविधियों से कम, परिसर में पल रहे वामपंथी छात्र संगठन की करतूतों से ज्यादा सुर्खियों में रहता है। शुक्रवार को एक बार फिर इसकी झलक ​तब दिखाई पड़ी जब केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो के साथ ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) और स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के छात्रों ने धक्का-मुक्की की।

केंद्रीय मंत्री को बचाने के लिए राज्यपाल जगदीप धनखड़ को खुद विश्वविद्यालय पहुॅंचना पड़ा। बताया जाता है कि राज्यपाल, जो विश्वविद्यालय के चांसलर भी हैं, वे भी विरोध के कारण काफी देर तक परिसर में नहीं प्रवेश कर सके। राज्यपाल ने जब परिसर से बाबुल सुप्रियो के साथ निकलने की कोशिश की तो भी उन्हें छात्रों के विरोध का सामना करना पड़ा।

जाधवपुर वही विश्वविद्यालय है जहॉं के छात्रों ने फरवरी 2016 में राष्ट्रविरोधी नारे लगे थे। जेएनयू में उससे कुछ दिन पहले ही इस तरह की घटना हुई थी। जाधवपुर के वामपंथी छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं ने रैली निकाल कर ‘कश्मीर मॉंगे आजादी, अफजल बोले आजादी’ जैसे नारे लगाए गए थे। ऐसा आरएसएस और भाजपा के विरोध तथा अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर किया गया था।

उससे पहले 2014 में 5 नवंबर को यहॉं के छात्रों ने ‘किस ऑफ लव’ रैली निकाली थी। परिसर से करीब 500 मीटर दूर जाधवपुर थाने के सामने एक-दूसरे का सरेआम चुंबन लेकर उन्होंने अपना विरोध जताया था। इस दौरान ‘संघी गुंडे होशियार, तेरे सामने करेंगे प्यार’ जैसे नारे लगाए गए थे।

शुक्रवार को जब बाबुल सुप्रियो के साथ धक्का-मुक्की की गई तब वे एबीवीपी की ओर से आयोजित एक सेमिनार को संबोधित करने के लिए विश्वविद्यालय पहुॅंचे थे। बकौल सुप्रियो, “विश्वविद्यालय के कुछ छात्रों ने मेरे बाल खींचे और मुझे धक्का दिया।” बताया जाता है कि विरोध के दौरान केंद्रीय मंत्री पर बोतल फेंकी गई और उनके चश्मे को भी तोड़ दिया गया। बाबुल सुप्रियो ने वाइस चांसलर से पुलिस को बुलाने को भी कहा, लेकिन उन्होंने इससे इनकार कर दिया।

बाबुल सुप्रियो ने ट्वीट कर कहा है, “ये कुछ भी कर लें मुझे उकसा नहीं पाएँगे। लोकतंत्र को जीवंत बनाए रखने में विपक्ष की भूमिका सत्ताधारी दल की तरह ही काफी अहम है, तथा मतभेदों को धैर्यपूर्वक सुनना भी आवश्यक है। इस तरह का व्यवहार अनुचित और निन्दनीय है।”

न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, राज्यपाल ने इस घटना को गंभीरता से लिया है और पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से इस बारे में बात की है। उन्होंने यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर से बात कर इस मामले में तुरंत कोई कदम नहीं उठाए जाने को लेकर भी नाराजगी जताई है।

पाकिस्तान पर चढ़ाई कर देता भारत, अगर दोबारा करता ये गलती: ब्रिटेन के पूर्व PM का दावा

पाकिस्तान आए दिन भारत पर हमले की गीदड़भभकी देता रहता है। जब से जम्मू-कश्मीर से 370 हटा है तब से उसके ऊल-जलूल बयान और बढ़ गए हैं। इन्हीं खबरों के बीच आज एक और खुलासा हुआ है कि अगर भारत पर दोबारा मुंबई जैसा आतंकी हमला होता तो निश्चित रूप से भारतीय सेना पाकिस्तान पर हमला बोल देती। यह बात कोई और नहीं बल्कि ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने अपने कार्यकाल के दौरान की यादों को संकलित कर लिखी गई एक पुस्तक में कही है।

बता दें कि सन 2010 से लेकर 2016 तक ब्रिटेन के प्रधानमंत्री रहे कैमरन के भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी, दोनों नेताओं से अच्छे संबंध रहे। उन्होंने अपनी किताब में लिखा है कि संत सरीखे मनमोहन सिंह ने साफ कर दिया था कि मुंबई जैसा आतंकी हमला अगर दोबारा हुआ तो उनके सामने पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं होगा।

किताब के अनुसार, मनमोहन ने यह बात खुद कैमरन से उनके भारत दौरे के दौरान कही थी। गौरतलब है कि 2008 के मुंबई पर हुए आतंकी हमले के बाद भारत पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के काफी करीब पहुँच गया था। अमेरिका और पश्चिमी देशों के दबाव के बाद पाकिस्तान ने आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के कई आतंकी कमांडरों को गिरफ्तार भी किया था।

पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरून ने अपनी पुस्तक में भारतीय प्रधानमंत्री मोदी के ब्रिटेन दौरे में वेंबले स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में साथ शिरकत करने की घटना को भी याद किया है। लिखा है कि यह वेंबले स्टेडियम में आयोजित सबसे बड़े कार्यक्रमों में से एक था। यह कार्यक्रम मोदी के स्वागत में ब्रिटेन में रहने वाले भारतीय समुदाय ने 2015 में आयोजित किया था।

खैर, उस समय बेशक पाकिस्तान ने ऐसी कोई गुस्ताखी नहीं की लेकिन जब की तो सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में उसे दो-दो बार मुँह की खानी पड़ी। लेकिन इसके बाद भी पाकिस्तान के आतंकी गतिविधियों के ख़त्म करने के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं। उसका अभी भी आतंकियों को प्रश्रय देने का सिलसिला जारी है। लगातार बढ़ते दबाव के बीच पाकिस्तान की कमर टूट चुकी है फिर भी कहा जा रहा है कि ऐसा आतंकी देश भरोसे के काबिल नहीं है।

वैश्विक विकास धीमा, लेकिन दुनिया में नहीं है कोई मंदी: RBI गवर्नर शशिकांत दास

आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने आर्थिक मंदी पर कहा कि वैश्विक विकास की गति धीमा है, लेकिन अभी तक किसी भी तरह की कोई मंदी नहीं है। ब्लूमबर्ग इंडिया इकोनॉमिक फोरम में बोलते हुए आरबीआई के गवर्नर ने यह बात कही। उन्होंने कहा कि दुनिया में कोई मंदी नहीं है। दास ने कहा कि बाहरी जोखिम बढ़ने के बावजूद घरेलू अर्थव्यवस्था लचीली बनी हुई है, क्योंकि विदेशी कर्ज जीडीपी का महज 19.7 फीसद है।

शशिकांत दास ने कहा कि आयात-निर्यात में कमी चिंता का विषय है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दास ने घरेलू अर्थव्यवस्था को वैश्विक मंदी के प्रभाव से बचाने के लिए ज्यादा संरचनात्मक सुधारों पर जोर देने का आह्वान किया। दास ने उम्मीद जताई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर में कमी से देश में निवेश बढ़ेगा, लेकिन ऐसे फंड के भविष्य को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।  

बता दें कि गुरुवार को मुंबई में ब्लूमबर्ग इंडिया इकोनॉमिक फोरम में आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह भी कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वातावरण चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में घिर गया है। वैश्विक विकास धीमा हो रहा है। दुनिया भर के केंद्रीय बैंक मौद्रिक नीति को आसान बनाकर इसका मुकाबला करने के लिए तैयार हैं लेकिन अभी तक कोई मंदी नहीं आई है।

RBI गवर्नर दास ने उम्मीद जताई कि सऊदी संकट कुछ समय के लिए है और महंगाई पर इसका सीमित प्रभाव होगा। दास ने कहा कि विकास को बढ़ावा देने के लिए सरकार को खर्चे कम करना होगा। दास ने भरोसा जताया कि महंगाई अगले 12 महीनों तक 4% के नीचे बनी रहेगी। गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि विकास दर और महंगाई को स्थिर रखने के लिए एक बार फिर दरों में कटौती की गुंजाइश है।

नेताओं और IAS-IPS अफसरों को ब्लैकमेल करने वाले Honey Trap Racket का पर्दाफाश

मध्य प्रदेश पुलिस ने कई अधिकारियों और नेताओं को प्रेमजाल मे फँसाकर ब्लैकमेल करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई में राजधानी भोपाल से तीन महिलाओं को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, एक वरिष्ठ सरकारी इंजिनियर की शिकायत पर इंदौर के पलासिया पुलिस थाने में ब्लैकमेलिंग का मामला दर्ज किया गया था।

रिपोर्ट के अनुसार, अभी तक मध्य प्रदेश के हाई प्रोफाइल हनी ट्रैप मामले में एक पुरुष और 5 महिलाओं की गिरफ्तारी हो चुकी है। इंदौर के एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र ने इसकी पुष्टि की है। आरोपितों के पास से 14 लाख रुपए और एक कार बरामद हुई है।

मध्य प्रदेश पुलिस के अनुसार, गिरोह की सरगना छतरपुर की रहने वाली युवती है जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित महिला से पुलिस की पूछताछ जारी है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ऐसा कहा जा रहा है कि इसमें कई बड़े अफसरों और नेताओं के नाम सामने आ सकते हैं। आरोप है कि यह गिरोह आईएएस और आईपीएस अफसरों को हनी ट्रैप कर उन्हें ब्लैकमेल करता था। मीडिया रिपोर्ट में यह भी दावा है कि इसी हनी ट्रैप गिरोह ने एक मौजूदा मंत्री का भी वीडियो बनाया था। पुलिस अब इसकी जाँच कर रही है कि क्या उन्हें भी ये गिरोह ब्लैकमेल कर रहा था।

बता दें कि इस पूरे रैकेट का खुलासा इंदौर नगर निगम के एक इंजीनियर की शिकायत के बाद हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, एसएसपी रुचिवर्धन मिश्रा के मुताबिक गिरोह नगर निगम इंजीनियर को ब्लैकमेल करने की धमकी देकर तीन करोड़ रुपए माँग रहा था। इंजीनियर ने इसकी शिकायत पुलिस दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए इस हनी ट्रैप रैकेट का पर्दाफाश किया।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह भी कहा जा रहा है कि इंदौर पुलिस के मुताबिक इस मामले में अभी तक कोई और फरियादी नहीं उन्हें नहीं मिला है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई और आगे बढ़ने के संकेत हैं। कहा जा रहा है कि अभी इस गिरोह के पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा रहा है। उसके बाद कुछ और नामों का खुलासा और गिरफ्तारी हो सकती है।

एक अन्य रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि गिरफ्तार इन तीनों हाई प्रोफाइल महिलाओं के राजनीतिक संबंध है। एक महिला तो पन्ना जिले से विधायक के आवास में किराए पर रहती है। फिलहाल, भोपाल पुलिस ने तीन महिलाओं की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।