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‘शशि थरूर का फैन हूँ लेकिन 2024 में उन्हें तिरुवनंतपुरम से BJP के टिकट पर हरा दूँगा’

क्रिकेटर एस श्रीसंत ने कहा है कि वह 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर मैदान में उतरेंगे और तिरुवनंतपुरम सीट से जीत की हैट्रिक लगा चुके शशि थरूर को हरा देंगे। कभी भारतीय टीम में तेज़ गेंदबाज के रूप में खेल चुके श्रीसंत ने बताया कि वह एक व्यक्ति के रूप में थरूर के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और विषम परिस्थितियों में थरूर ने उनका साथ भी दिया है। लेकिन श्रीसंत ने कहा कि इन सबके बावजूद वह उन्हें अगले लोकसभा चुनाव में हरा देंगे, इसमें कोई शक की गुंजाईश नहीं है। श्रीसंत ने ये सारी बातें इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में बताई।

श्रीसंत ने अपने भविष्य के बारे में बात करते हुए कहा कि सब कुछ सही चल रहा है। उनकी आत्मकथा बाजार में आने वाली है। उस पर वेब सीरीज बन रही है। वह कुछ फ़िल्मों की शूटिंग भी कर रहे हैं। अब वह क्रिकेट के क्षेत्र में फिर से उतरने को तैयार हैं और जब वह मैदान पर उतरेंगे तो उन्हें देखने के लिए उनका परिवार भी वहाँ पर मौजूद होगा। श्रीसंत ने कहा कि वह जब तक जेल में थे तब तक उनकी पत्नी किचन में ही सोती थीं क्योंकि वह वैसे ही रहना चाहती थी, जैसे श्रीसंत जेल में बिना सुविधाओं के रहते थे।

बता दें कि मैच फिक्सिंग में नाम आने के बाद बीसीसीआई ने श्रीसंत पर 7 सालों का प्रतिबन्ध लगाया था। उन्हें जुलाई 2015 में दिल्ली की एक अदालत ने दोष मुक्त करार दिया था। हालाँकि, यह पहली बार नहीं होगा जब वह चुनावी मैदान में उतरेंगे (अगर ऐसा होता है)। उन्होंने 2016 में तिरुवनंतपुरम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन वह दूसरे नंबर पर रहे थे। कॉन्ग्रेस के उम्मीदवार ने 36.82% मत प्राप्त कर उन्हें हरा दिया था। श्रीसंत को 27.54% वोट मिले थे।

अगर पूर्व विदेश राज्यमंत्री शशि थरूर की बात करें तो वह तिरुवनंतपुरम सीट से कॉन्ग्रेस के टिकट पर 2009, 2014 और 2019 में जीत दर्ज कर चुके हैं। हालिया लोकसभा चुनावों में उन्होंने पिछले दोनों चुनावों से भी ज्यादा मत प्राप्त कर जीत दर्ज की थी। 63 वर्षीय थरूर को हराने के लिए इस बार केरल भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के राजशेखरन उतरे थे लेकिन उन्हें क़रीब 1 लाख वोटों से हार का सामना करना पड़ा। चुनाव लड़ने के लिए उन्होंने मिजोरम के राज्यपाल के पद से इस्तीफा दे दिया था।

‘गैर हिंदू गरबा, डांडिया में महिलाओं से करते हैं दुर्व्यवहार, प्रवेश रोकने के लिए आधार कार्ड करें अनिवार्य’

गरबा और डांडिया के आयोजकों से बजरंग दल ने गैर हिंदुओं का प्रवेश रोकने के लिए पहल करने को कहा है। इसके लिए आयोजकों से प्रवेश के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य करने की अपील की है। महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार रोकने के लिए इसे जरूरी बताया गया है।

बजरंग दल के मीडिया कन्वेनर एस कैलाश ने कहा है कि कार्यक्रम स्थल पर गैर हिंदुओं का प्रवेश रोकने और गैर हिंदू बाउंसरों की तैनाती से बचने के लिए आयोजकों से यह अपील की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसा देखा गया है कि दूसरे समुदाय के लोग भी डांडिया और गरबा में आते हैं। लेकिन, इसका कारण दूसरे के धार्मिक कार्यक्रमों के प्रति सद्भावना नहीं होती। असल में, समारोहों में प्रवेश करके वे महिला प्रतिभागियों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं।

उन्होंने दावा किया कि इस तरह के युवा उन लोगों के साथ मारपीट भी करते हैं, जो कथित पीड़ितों के बचाव के लिए आते हैं। उनके अनुसार गैर हिंदुओं को समारोह स्थल में प्रवेश देने में वहॉं तैनात किए गए दूसरे समुदाय के बाउंसर अहम भूमिका निभाते हैं। साथ ही समारोह स्थल में कौन प्रवेश कर रहा है इसकी निगरानी की भी समुचित व्यवस्था नहीं होती।

उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए गरबा और डांडिया के हरेक आयोजन स्थल के पास बजरंग दल के कार्यकर्ता मौजूद रहेंगे। इसका मकसद गैर हिंदुओं द्वारा कार्यक्रम में किसी भी तरह का उत्पात मचाए जाने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

अब तक सच्चाई छिपाई गई, अब सही इतिहास लिखने का समय आ गया है: RSS के मंच पर अमित शाह

अमित शाह ने दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक कार्यक्रम में न सिर्फ़ भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवारलाल नेहरू पर निशाना साधा बल्कि इतिहास फिर से लिखे जाने की बात की। शाह ने जम्मू कश्मीर और अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को निरस्त किए जाने के परिप्रेक्ष्य में बात करते हुए यह सब कहा। अमित शाह ने कहा कि जम्मू कश्मीर मसले को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) में लेकर जाना सबसे बड़ी भूल थी। उन्होंने कहा कि नेहरू ग़लत चार्टर के साथ आईसीजे में गए। उन्होंने सवाल किया कि जब भारतीय सेना जीत रही थी तो आख़िर नेहरू ने युद्ध विराम की घोषणा की ही क्यों?

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सहयोगी संगठन ‘संकल्प’ द्वारा आयोजित कार्यशाला में अमित शाह ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि आज भी जम्मू कश्मीर और अनुच्छेद 370 को लेकर कई अफवाहें फैलाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन अफवाहों पर स्थिति स्पष्ट करना और लोगों तक सच्चाई पहुँचनी जरूरी है। बकौल शाह, जम्मू कश्मीर 1947 से ही चर्चा और विवाद का विषय रहा है लेकिन दुखद यह है कि लोगों के समक्ष छेड़छाड़ किया हुआ इतिहास पेश किया गया।

अमित शाह ने कहा, “चूँकि इतिहास लिखने-लिखवाने की ज़िम्मेदारी उन्हीं लोगों के पास थी, जिन्होंने एक के बाद एक कई गलतियाँ की थीं, परिणामस्वरूप सही तथ्य लोगों तक नहीं पहुँच पाए और सच्चाई छिप गई। अब सही इतिहास लिख कर लोगों के सामने पेश करने का समय आ गया है। अब ग़लत इतिहास में सुधार करने का वक़्त आ चुका है।”

अमित शाह ने इस दौरान ‘संकल्प’ से जुड़े देश भर के कई वर्तमान व सेवानिवृत्त अधिकारियों को सम्बोधित किया। इस कार्यक्रम में आरएसएस के सह सरकार्यवाह डॉक्टर कृष्ण गोपाल शर्मा भी मंच पर उपस्थित थे। ‘संकल्प’ यूपीएससी की कोचिंग देता है और साथ ही छात्रों को राष्ट्रीयता का पाठ भी पढ़ाता है। इससे जुड़े कई छात्र सरकारी सेवाओं में विभिन्न पदों पर रह चुके हैं और कार्यरत हैं।

अमित शाह ने इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश की आज़ादी के बाद 30 रियासतों को एक करने में कोई दिक्कत नहीं आई लेकिन जम्मू-कश्मीर को अटूट औरअखंड रूप से एक करने में 5 अगस्त, 2019 तक का समय लग गया। उन्होंने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि अनुच्छेद 370 पर उनकी पार्टी का स्टैंड स्थापना से लेकर अभी तक वही है।

लंदन भाग रहा था प्रणव अंसल, एयरपोर्ट पर पकड़ा गया: अंसल टाउनशिप के नाम पर निवेशकों से ठगी का मामला

अंसल ग्रुप के वाइस चेयरमैन प्रणव अंसल दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया। वह गुपचुप तरीके से लंदन निकलने की फिराक में था। वित्तीय धोखाधड़ी के करीब दो दर्जन मामलों में आरोपित प्रणव के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी था।

बताया जा रहा है कि प्रणव एयर इंडिया की एआई 161 फ्लाइट से लंदन रवाना होने वाला था। उससे पहले ही उसे हिरासत में ले लिया गया। दरअसल, लखनऊ के अंसल टाउनशिप घोटाले में उसके पिता सुशील अंसल सहित तीन अन्य निदेशकों के गिरफ़्तारी की क़वायद लखनऊ पुलिस की ओर से पहले से ही शुरू कर दी गई थी।

इस मामले में एसएसपी कलानिधि नैथानी ने प्रणव अंसल के लिए लुक आउट नोटिस जारी करवाया था। आरोप है कि अंसल ग्रुप ने गरीबों का पैसा हड़पने के साथ ही फौजियों को भी कई लुभावनी स्कीम्स का लालच देकर ठगा है। कई लोगों ने पुलिस से इसकी शिकायत की थी।

यह भी कहा जा रहा है कि लखनऊ पुलिस द्वारा अपने ख़िलाफ़ जारी लुक आउट सर्कुलर से प्रणव अंसल बेख़बर था। ख़बर के अनुसार, लखनऊ के विभूति खण्ड थाने में प्रणव अंसल पर 406 ,420, 467, 468, 471, 504, 506 की धाराओं में FIR दर्ज हुई थी।

भगोड़े जाकिर नाइक को शरण देने वाले मलेशिया ने कश्मीर पर उगला जहर, उइगरों को मरने छोड़ा

हिंदुओं के खिलाफ जहर उगलने वाले भगोड़े जाकिर नाइक को शरण देने वाला मलेशिया अब उसकी जुबान में ही बात करने लगा है। समुदाय का नया मसीहा बनने की कोशिश में मलेशियाई प्रधानमंत्री महातिर मोहम्मद ने संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित करते हुए जम्मू-कश्मीर पर गलतबयानी करते हुए भारत पर आरोप मढ़े। रोहिंग्याओं पर कथित अत्याचार का रोना रोया। लेकिन, चीनी बर्बरता झेलने को मजबूर उइगर समुदाय को उनके ही हाल पर छोड़ दिया।

महातिर ने अपने भाषण में कहा कि जम्मू-कश्मीर पर आक्रमण कर क़ब्ज़ा किया गया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव और कानूनों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत को शांतिपूर्ण तरीके से समस्या का समाधान करने के लिए पाकिस्तान के साथ काम करना चाहिए। दीगर है कि मलेशिया ने पिछले दिनों ही पाकिस्तान और तुर्की के साथ मिलकर अंग्रेजी में एक इस्लामी टीवी चैनल शुरू करने का फैसला किया था।

इससे पहले, कोलंबिया विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में मलेशियाई प्रधानमंत्री ने इजरायल पर प्रहार करते हुए अपने यहूदी-विरोधी बयानों का बचाव किया। उन्होंने कहा कि फलस्तीनी जमीन पर इजरायल के कब्जे को मलेशिया स्वीकार नहीं करता। फिलीस्तीनी अपनी ज़मीन पर बनी बस्तियों में ही प्रवेश नहीं कर सकते।

महातिर ने रोहिंग्याओं पर कथित अत्याचार के लिए म्यांमार की निंदा भी की। उन्होंने रखाइन प्रांत में म्यांमार पर नरसंहार करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और क़ानून-व्यवस्था के बावजूद दुनिया के कई देश अमित्र देशों का समर्थन कर रहे हैं।

इस महीने की शुरुआत में जब पीएम मोदी और महातिर मोहम्मद की रूस के व्लादिवोस्तोक में मुलाकात हुई थी। उस वक्त भी जाकिर नाइक के प्रत्यर्पण का मसला उठा था।

ईरान पर एकतरफ़ा प्रतिबंध लगाने के लिए अमेरिका को फ़टकार लगाते हुए महातिर ने कहा कि इससे मलेशिया का व्यापार प्रभावित हुआ है। उन्होंने 11 देशों की ट्रांस-पैसिफिक पार्टनरशिप से बाहर निकलने के मुद्दे पर भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को घेरा।

इस दौरान मलेशियाई पीएम ने स्वीकार किया कि उनका देश चीन के साथ टकराव का रुख नहीं अपना सकते, चाहे वह दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामकता हो या उइगरों के साथ उसका व्यवहार। उन्होंने कहा कि चीन से टक्कर लेने के लिए मलेशिया बहुत छोटा देश है। बता दें कि चीन की चापलूसी में जुटा मलेशिया वहाँ सोना और चांदी तक भेज चुका है।

Article 370 हटाने का समर्थन: दिल्ली के मंदिर में लगेगी भारत माता की 7 फुट की प्रतिमा

विश्व हिंदू परिषद (विहिप) रविवार (सितंबर 29, 2019) को पूर्वोत्तर दिल्ली के एक मंदिर में भारत माता की 7 फुट की मूर्ति स्थापित करेगी। इस प्रतिमा को सोनिया विहार के एक मंदिर में स्थापित किया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के फैसले के समर्थन में विहिप यह प्रतिमा लगाने जा रही है। साथ ही इसके जरिए विश्व हिन्दू परिषद के 55वें स्थापना दिवस को भी यादगार बनाने की कोशिश की जा रही है। उल्लेखनीय है कि विश्व हिन्दू परिषद की स्थापना 1964 में हुई थी।

विहिप के वरिष्ठ अधिकारी अभिलाष सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से भारतीयों की एकता की भावना और अधिक मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि उनके अंदर देशभक्ति की भावना इतनी मजबूत है कि भारत माता की मूर्ति लगाने का फैसला किया है। अभिलाष ने कहा कि उन्होंने तो ऐसे भी सुझाव भी दिए थे कि लोगों को अपने देवी-देवताओं से अधिक भारत माता की पूजा-प्रार्थना करनी चाहिए।

उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि जब वो दुकान में भारत माता की मूर्ति खरीदने के लिए गए तो दुकान में उनकी एक भी मूर्ति उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने कहा कि दुकानदार ने उनसे बताया कि उसकी दुकान पर पिछले 40 सालों से किसी ने भी भारत माता की मूर्ति की माँग नहीं की है। अभिलाष ने बताया कि मूर्ति जयपुर से मँगवाई गई है। रविवार को स्थापना के दौरान प्राण-प्रतिष्ठा की जाएगी। 

भारत माता की विशाल प्रतिमा को विहिप के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अन्य सहयोगियों जैसे दुर्गा वाहिनी और बजरंग दल की उपस्थिति में स्थापित किया जाएगा। विहिप ने इस आयोजन की बड़े पैमाने पर तैयारी की है। अभिलाष ने कहा, “दुर्गा वाहिनी की बहनों द्वारा चार किलोमीटर की ‘शोभा यात्रा’ निकाली जाएगी और साथ ही बजरंग दल के कार्यकर्ता मोटरसाइकिल रैली निकालेंगे। यह पहले नवरात्र का दिन है। जो कि शुभ है।”

मशीउल्लाह के घर हथियारों की फैक्ट्री: इमरान सहित 5 दबोचे गए, आतंकी कनेक्शन की पड़ताल

उत्तर प्रदेश के किठौर में पकड़े गए हथियार तस्करों का अमरोहा कनेक्शन सामने आया है। अमरोहा में पिछले साल आतंकी संगठन आईएस के नए मॉड्यूल का पर्दाफ़ाश हुआ था। एक आरोपित अमरोहा में लंबे समय से रहा था, तो दूसरा आरोपित आईएस माड्यूल के संदिग्ध आतंकी के गाँव से ताल्लुक रखता है। आतंकी गतिविधियों की सूचना मिलने पर मेरठ पुलिस ने इसकी जाँच शुरू कर दी है। यह गिरोह पिछले करीब दो साल से हथियार सप्लाई कर रहा था।

ख़बर के अनुसार, शुक्रवार (27 सितंबर) को मेरठ पुलिस की सर्विलांस टीम ने किठौर के शाहजहाँपुर कस्बे में एक घर में छापा मारकर हथियारों की फैक्ट्री पकड़ी थी। शनिवार (28 सितंबर) को एसएसपी अजय साहनी ने पुलिस लाइन में प्रेस कॉन्फ्रेन्स कर इसका ख़ुलासा किया। उन्होंने बताया कि पाँच आरोपियों फैमुद्दीन, इमरान, मशीउल्लाह, नवेद और बाबू को गिरफ़्तार किया गया है। इनके पास से तीन बंदूकें, पाँच तमंचे समेत भारी मात्रा में अधबनी राइफल, तमंचे व हथियार बनाने के सामान बरामद हुए हैं।

एसएसपी ने बताया कि हथियार बनाने की यह फैक्ट्री शाहजहाँपुर निवासी मशीउल्लाह के घर चल रही थी।
मशीउल्लाह के बारे में पता चला है कि वो पेशे से ड्राइवर है। किठौर में रहने वाले ड्राइवर इमरान निवासी जिसौरी, थाना मुंडाली से उसकी दोस्ती थी। इमरान के बड़े भाई की ससुराल हापुड़ में सिंभावली के मुरादपुर गाँव में है। वहाँ फैमुद्दीन की भी रिश्तेदारी थी। फैमुद्दीन तमंचे बनाने में माहिर है। यहीं से तीनों संपर्क में आए।

बाबू नाम का शख़्स अवैध असलाह बनाने के लिए बंदूक की बैरल व अन्य मैटेरियल का इंतजाम करता था। पता चला है कि वो यह सारा सामान हापुड़, गढ़मुक्तेश्वर और किठौर से ख़रीदता था। असलाह तैयार होने के बाद मुख्य आरोपित राशिद उर्फ सद्दीक अपनी कार-बाइक से इन्हें हापुड़, बुलंदशहर, नोएडा, गाजियाबाद, अमरोहा, गजरौला, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, मेरठ, सहारनपुर आदि जिलों में सप्लाई करता था।

पुलिस पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उन्हें एक दिन की मज़दूरी के रूप में एक हज़ार रुपए मिलते थे। तीन दिन की ट्रेनिंग मिलने पर वे अवैध असलहे बनाने लगे। उन्होंने बताया किया कि वो लोग सुबह 11 बजे से शाम पाँच बजे तक काम करते थे। आरोपितों ने बताया कि वो अब तक 20-25 अवैध हथियार बना चुके हैं, जिन्हें राशिद की फ़ैक्ट्री में ले जाया गया था। 

अब इस्लाम नहीं कबूल: हिंदू युवती से शादी करने वाले मुस्लिम ने सुप्रीम कोर्ट से कहा

हिंदू धर्म अपनाकर छत्तीसगढ़ की एक हिंदू लड़की से शादी करने वाले मुस्लिम शख्स ने सुप्रीम कोर्ट से कहा है कि उसका इस्लाम में फिर से धर्मांतरण करने की कोई मंशा नहीं है। 

35 वर्षीय व्यक्ति ने शीर्ष अदालत में दाखिल एक हलफनामे में कहा, “मैंने हिंदू धर्म में आत्मीयता पाई और अपनी स्वेच्छा से कानूनी प्रक्रिया के तहत खुद को इस्लाम धर्म से परिवर्तित करके हिन्दू धर्म को अपनाया है।” शख्स ने बताया कि वह 2014 में 24 वर्षीय युवती (अब पत्नी) से रायपुर के एक कॉलेज में मिला था। वहाँ उनके बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। काफी समय तक एक दूसरे को जानने-समझने के बाद साल 2018 में शादी करने का निर्णय लिया।

शख्स ने बताया, “25 फरवरी, 2018 को मैं और मेरी पत्नी आर्य समाज मंदिर गए, जहाँ शुद्धिकरण समारोह किया गया और मैंने हिन्दू धर्म अपना लिया। धर्म परिवर्तन के बाद मैंने और मेरी पत्नी ने उसी दिन मंदिर में हिंदू संस्कारों और रीति-रिवाजों के अनुसार शादी कर ली। जिसमें ‘सप्तपदी’ और ‘सात फेरे’ आदि भी शामिल थे।”

उसने बताया कि 17 अप्रैल 2018 को एक विवाह पंजीकरण प्रमाण-पत्र मिला था। लेकिन उसमें शादी से पहले का धर्म और नाम पंजीकृत था। हालाँकि, अब उस गलती को सुधार लिया गया है और 23 नवंबर 2018 को नया प्रमाण-पत्र जारी किया गया, जिसमें धर्म परिवर्तन के बाद वाला नाम छपा है। एक सप्ताह बाद उसने अपने आधार कार्ड की जानकारी को भी अपडेट करवा लिया।

उसने कहा कि धर्म परिवर्तन के बाद से वह हिंदुत्व का पालन कर रहा है। उसने फिर से इस्लाम धर्म को नहीं अपनाया है और न ही ऐसा करने का इसका कोई इरादा ही है। वह आजीवन अपनी पत्नी के साथ रहना चाहता है। उसने यह भी कहा कि वह अपनी पत्नी के साथ रहने के लिए प्रतिबद्ध है। वह व उसके परिवारवाले, पत्नी की जरूरतों को पूरी करने में सक्षम हैं।

गौरतलब है कि युवती के पिता ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी जिसमें पति को पत्नी के साथ रहने की इजाजत दी थी। पिता का कहना था कि युवक ने हिंदू धर्म अपनाकर शादी की, लेकिन बाद में उसने वापस इस्लाम अपना लिया। 

‘आईने में नहीं दिखता इमरान खान की तीसरी बीवी बुशरा का अक्स, जिन्नों को खिलाती हैं गोश्त’

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पत्नी बुशरा मानेका का अक्स आईने में नहीं दिखता है। प्रधानमंत्री आवास में तैनात एक कर्मचारी ने यह दावा किया है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, पाकिस्तान के कैपिटल टीवी पर खातून-ए-अव्वल (प्रथम महिला) को लेकर इस सनसनीखेज़ दावे का खुलासा किया गया है।

बता दें कि इमरान खान ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की 74वीं बैठक में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क रवाना होने से पहले पत्नी बुशरा बीबी के साथ मक्का में उमराह किया था। इस दौरान वह सिर से लेकर पाँव तक बुर्के में ढकी थीं। बुशरा बीबी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की पहली घूँघट वाली पत्नी हैं। बुशरा ने पिछले साल इमरान खान के सत्ता में आने से करीब 6 महीने पहले निकाह किया था।

रिपोर्ट्स के अनुसार इमरान खान की तीसरी पत्नी बुशरा की छवि एक तंत्र-मंत्र और जादू टोना करने वाली शख्सियत के रूप में है। दावा तो ये भी किया जाता है कि बुशरा ने दो जिन्न भी पाल रखे हैं और वह उन्हें पका हुआ गोश्त परोसती हैं। बुशरा प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के चीफ इमरान खान की तीसरी पत्नी हैं। कहा जाता है कि बुशरा तंत्र विद्याओं को बखूबी जानती हैं और उनके पास बहुत सी शक्तियाँ हैं। लोगों का मानना है कि बुशरा के पास जो दो जिन्न हैं, उसका इस्तेमाल वह कई अलग-अलग कामों के लिए करती हैं।

वैनिटी फेयर की रिपोर्ट बताती है कि एक बार बुशरा बीबी ने भविष्यवाणी थी कि जिन्नों को पका हुआ माँस खिलाना इमरान खान के लिए प्रधानमंत्री बनने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसके लिए उन्हें उपयुक्त महिला से शादी करनी होगी। फिर प्रधानमंत्री का पद संभालने के 6 महीने पहले इमरान खान ने बुशरा बीबी के साथ एक निजी समारोह में निकाह कर लिया।

कुछ लोगों का मानना है कि बुशरा आध्यात्मिक ताकतों से परिपूर्ण हैं। वो उन्हें बुशरा बीबी, पिरनी या बीबी पाक दामन के नाम से भी बुलाते हैं। वह आध्यात्मिक काउंसलर भी हैं। लोग उन्हें ऐसी महिला मानते हैं जो किसी का भाग्य बदल सकती हैं।

कलेक्टर साहब…आपके 100% पटवारी रिश्वत लेते हैं: मंत्री जीतू पटवारी ने खोली कमलनाथ सरकार की पोल

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार में शिक्षा एवं खेल मंत्री जीतू पटवारी ने शनिवार (सितंबर 28, 2019) को इंदौर में एक बार फिर सरकार की योजनाओं का मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन न होने पर अधिकारी-कर्मचारियों को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने रिश्वतखोरी को लेकर कहा है कि 100 प्रतिशत पटवारी रिश्वत लेते हैं। जीतू पटवारी ने कलेक्टर से मिलकर इन सब पर लगाम कसने की भी बात कही।

इंदौर के रंगवासा गाँव में आयोजित ‘आपकी सरकार, आपके द्वार’ कार्यक्रम में पहुँचे मंत्री जीतू पटवारी ने कहा कि 100 फीसदी पटवारी रिश्वत लेते हैं। उन्होंने कलेक्टर से इन पर लगाम लगाने के लिए कहा और साथ ही शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई लापरवाही सामने आई तो कड़ी कार्रवाई होगी।

जीतू पटवारी ने कलेक्टर लोकेश कुमार जाटव से कहा, “हाथ जोड़ने के बाद अनुरोध करने पर भी ये (पटवारी) काम करने के लिए नहीं मानते हैं। रिश्वत लेना और देना दोनों अपराध है। कोई माँगे तो आप इसे मना करें और काम करवाएँ। यदि आवेदन के बाद भी काम नहीं होता है, तो आप मुझे बताएँ। गरीब महिलाएँ पेंशन के लिए परेशान हो रही हैं। उनसे मिलने जब जाते हैं तो कहती है कि 5-5 बार फॉर्म भर दिए हैं, लेकिन कोई देखने वाला नहीं है। शिकायतों का निराकरण नहीं हुआ तो कार्रवाई होगी।”

इसके साथ ही मंत्री ने अवैध कॉलोनी के काम को लेकर भी प्रशासन को हिदायत दी कि वह इन्हें नहीं बढ़ने दें। उन्होंने कहा कि अवैध काॅलोनी को वैध करने का काम किया जा रहा है, अवैध से वैध करने के इस सिलसिले को रोकना होगा। यदि इसी प्रकार से अवैध कॉलोनियाँ बनती रहीं, तो आने वाले समय में आपका प्रबंधन क्या करेगा। ये चिंता का विषय है। 

बता दें कि, इससे पहले कमलनाथ सरकार की एक अन्य मंत्री और डबरा से विधायक इमरती देवी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हुआ था। जिसमें वो ट्रांसफर के लिए पैसा लगने की बात कहती नजर आ रही हैं। दरअसल, इमरती देवी सरकारी अस्पताल में पहुँची थीं। इस दौरान जब लोगों ने अस्पताल की अव्यवस्‍था और डॉक्टर की लापरवाही का मुद्दा उठा कर उसके ट्रांसफर की माँग की, तो उन्होंने कहा, “ये कह रहा है ट्रांसफर करा दो, ट्रांसफर कराने में पैसे लगते हैं, इससे अच्छा सस्पेंड ही करा देते हैं।”