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60 की उम्र पार करते ही किसानों-दुकानदारों को हर माह मिलेंगे ₹3000: प्रधानमंत्री मानधन योजना

झारखंड की जमीन से प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार (सितंबर 12, 2019) को ‘प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना’ की शुरुआत करते हुए किसानों को नई सौगात दी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत अब हर किसान को 60 की उम्र पार करते ही हर महीने 3000 रुपए दिए जाएँगे।

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य में प्रधानमंत्री लघु व्यापारिक मानधन योजना और स्वरोजगार जैसी पेंशन योजनाओं की भी शुरूआत की। प्रधानमंत्री ने दुकानदारों, खुदरा विक्रेताओं और खुद का कारोबार करने वालों के लिए पेंशन योजना की भी घोषणा की। इस पेंशन योजना के तहत खुदरा विक्रेताओं और दुकानदारों को 60 साल की उम्र होने के बाद न्यूनतम 3,000 रुपए मासिक पेंशन दी जाएगी।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने झारखंड विधानसभा के नए भवन का और सचिवालय के नए भवन का भी लोकार्पण किया। साथ ही साहिबगंज में मल्टी मॉडल टर्मिनल का भी शिलान्यास हुआ।

साहिबगंज मल्टी मॉडल टर्मिनल के शिलान्यास के दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सिर्फ़ एक प्रोजेक्ट नहीं बल्कि ये इस पूरे क्षेत्र को परिवहन का नया विकल्प दे रहा है। पीएम मोदी ने बताया, “ये जल मार्ग झारखण्ड को पूरे देश से ही नहीं, बल्कि विदेश से भी जोड़ेगा। इस टर्मिनल से यहाँ के आदिवासी भाई-बहनों को, यहाँ के किसानों को, अपने उत्पाद अब पूरे देश के बाज़ारों में और आसानी से पहुँचा पाने में सुविधा होगी। इसी तरह, जल मार्ग के कारण, उत्तर भारत से झारखंड समेत पूर्वोत्तर के राज्यों तक अनाज पहुँचाना और भी सरल हो जाएगा”

इसके अलावा राज्य के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने भी कहा कि इस टर्मिनल के कारण झारखंड के लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। इतना ही नहीं, मुख्यमंत्री दास ने इस बात की भी जानकारी दी कि प्रधानमंत्री ऑनलाइन 462 एकलब्य मॉडल स्कूलों की नींव रखने वाले हैं, जिनमें से 69 की स्थापना भारत में होगी। इन स्कूलों के बारे में खुद प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार, हर आदिवासी बच्चे पर साल में एक लाख रुपए से अधिक खर्च करेगी।

राज्य के मुख्यमंत्री रघुबर दास ने इस बात को साझा किया कि किसानों की सामाजिक सुरक्षा के लिए ‘प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना’ के तहत मासिक पेंशन दिया जाएगा, जिसके लिए 18 से 40 उम्र तक के किसान खुद को इस स्कीम में पंजीकृत कर सकते हैं। इसके बाद 60 की उम्र पार करते ही उन्हें 3000 रुपए हर महीने मिलने लगेंगे। जानकारी के मुताबिक अभी तक 1, 16, 183 किसानों ने खुद को इस योजना के तहत पंजीकृत करवा लिया हैं।

दुनिया हमारी नहीं भारत की बात मानती है, सरकार के इशारे पर लड़ रहे आतंकी: पाकिस्तान के गृहमंत्री ने कबूला

कश्मीर मुद्दे पर हर मोर्चे पर नाकाम रही पाकिस्तान सरकार अब अपने ही घर में घिरती नजर आ रही है। एक ओर जहाँ पाकिस्तानी नागरिक विदेशी सड़क और दूतावासों पर हिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं वहीं, दूसरी ओर खुद पाकिस्तान के गृह मंत्री (आंतरिक) ब्रिगेडियर एजाज अहमद शाह ने स्वीकार कर लिया है कि पूरा विश्व पाकिस्तान नहीं बल्कि भारत के साथ खड़ा है। यही नहीं, उन्होंने पाकिस्तान के आतंकवादियों पर भी बड़ा खुलासा किया है।

इमरान खान सरकार आतंकियों को मुख्यधारा में शामिल कराएगी

इस समय पकिस्तान की हालत ये है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को हर बड़े अंतरराष्ट्रीय मंच पर नाकामी का सामना करना पड़ा है। इसी समय पाकिस्तान के गृह मंत्री एजाज अहमद शाह ने कबूल किया है कि इमरान खान की सरकार अब जैश और लश्कर जैसे आतंकी संगठनों के दहशतगर्दों को मुख्यधारा में शामिल कराएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एजाज अहमद शाह ने एक डिबेट शो में कहा है कि ये आतंकी उनके कहने पर अफगानिस्तान में लड़ रहे थे और ये उनकी जिम्मेदारी है कि वो उन आतंकियों को नौकरी और पैसे दें। टीवी शो में चर्चा के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि इमरान खान की वजह से पूरे पाकिस्तान को कश्मीर मुद्दे पर शर्मिंदा होना पड़ा है। एजाज अहमद शाह ने प्रधानमंत्री इमरान खान और उनके मंत्रियों को इसके लिए कसूरवार ठहराया है। उन्होंने साथ ही कहा कि पाकिस्तान, कश्मीर मुद्दे पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय से समर्थन पाने में नाकाम रहा है।

सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे इस टीवी इंटरव्यू में इमरान खान सरकार के मंत्री मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद को ‘साहेब’ कहकर बुला रहे हैं साथ ही कह रहे हैं कि हाफिज सईद ने पाकिस्तान के खिलाफ कोई काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि हाफिज सईद को लड़ाई लड़ने के लिए खड़ा किया गया था, लेकिन अब उन्हें काबू में करने की जरूरत है।

‘दुनिया को ये लगने लगा है कि हम एक गंभीर राष्ट्र नहीं हैं’

एक पाकिस्तानी न्यूज चैनल पर बात करते हुए पाकिस्तान के गृह मंत्री ब्रिगेडियर एजाज शाह ने कहा- “लोग हम पर भरोसा नहीं करते, अंतरराष्ट्रीय समुदाय हम पर विश्वास नहीं करते हैं। हम कहते हैं कि वे (भारत) कर्फ्यू लगा रहे हैं और जम्मू-कश्मीर के लोगों को दवाएँ नहीं दे रहे हैं। लोग हम पर विश्वास नहीं करते हैं, बल्कि वे उन्हें मानते हैं। पाकिस्तान की सत्तारूढ़ पार्टी ने देश को बर्बाद कर दिया है। उसने इस देश के नाम को खराब किया है। पूरी दुनिया में लोगों को ये लगने लगा है कि हम एक गंभीर राष्ट्र नहीं हैं।”

चीन के अलावा नहीं आया कोई भी देश पाकिस्तान के साथ

कश्मीर मामले पर भारत सरकार द्वारा लिए गए फैसले को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों ने उसका आंतरिक मामला बताया और इसका समर्थन भी किया। दूसरी तरफ, पाकिस्तान ने इस मुद्दे के अंतरराष्ट्रीयकरण करने की कोशिशों में खुद को अलग-थलग पाया, चीन के अलावा कोई भी देश पाकिस्तान के समर्थन में आगे नहीं आया।

ध्वस्त हुआ FactChecker.in का हिन्दूफ़ोबिक ‘हेट क्राइम वॉच’, पलता था कॉन्ग्रेस के फंडिंग पर

IndiaSpend का FactChecker.in ने, जो अपने प्रोपेगंडा के लिए तथ्यों के साथ तोड़-मरोड़ के लिए बदनाम था, आख़िरकार अपने प्रोपेगंडा के सबसे बड़े ‘प्रतिष्ठान’ ‘Hate Crime Watch’ को बंद करने का फैसला कर लिया है। इसकी घोषणा FactChecker.in ने ट्विटर पर की, जहाँ उन्होंने खुद यह माना कि उनकी क्राइम रिपोर्टिंग में गंभीर खामी थी।

हालाँकि ‘रस्सी जल जाए…’ वाली कहावत की तर्ज पर उन्होंने ‘एक नए घर’ जाने की बात की है, लेकिन चूँकि साथ में Hate Crime Watch की प्रासंगिकता खत्म हो जाने (क्योंकि स्वराज्य और ऑपइंडिया ने उसका हिन्दूफ़ोबिया और हिन्दू-विरोधी रवैया उजागर कर दिया था) की बात मानी है, अतः इसे Hate Crime Watch और FactChecker.in का अलविदा ही माना जा रहा है

इतिहास: हिन्दूफ़ोबिया और समुदाय विशेष के अपराधों को ढँकना

IndiaSpend ने FactChecker.in की जब से शुरुआत की थी, तभी से हिन्दू-विरोधी प्रोपेगंडा के सबसे मुखर स्वरों में इसकी गिनती होने लगी थी (और इसी कारण छद्म-लिबरल-गैंग ने इन्हें हाथों-हाथ लिया)। जिस भी अपराध में आरोपित हिन्दू हो और पीड़ित गैर-हिन्दू, वह अपने-आप ‘Hate Crime’ हो जाता था (मसलन तबरेज़ अंसारी का मामला, जिसमें हत्या तो हुई थी, लेकिन अब तक सामने आए तथ्यों के अनुसार उसकी हत्या कथित चोरी के अपराध के चलते हुई थी, न कि मजहब विशेष से होने, या ‘जय श्री राम’ बोलने से मना करने के कारण)। इसी के उलट, जब ‘शांतिप्रिय’ हिन्दुओं को उनकी आस्था के चलते ही निशाना बनाते थे, तो ऐसे मामले को न केवल FactChecker.in के ‘Hate Crime Database’ में जगह नहीं मिलती थी, बल्कि मामले की सक्रिय लीपापोती की कोशिश होती थी। इसका ताज़ातरीन उदाहरण बेगूसराय में महादलित परिवार के साथ कथित बलात्कार की कोशिश का मामला है, जिसमें FactChecker.in के पत्रकार को पीड़ित परिवार पर उनके आरोप में से आरोपितों पर मज़हबी कारण से हमला करने की बात हटाने का दबाव डालते हुए सुना गया

इसके अलावा पुलवामा हमला, जिसका हमलावर आदिल डार बाकायदा हिन्दुओं को आस्था के आधार पर गाली देता और इसे हमले का कारण करार देता अपना वीडियो पीछे छोड़ कर जिहादी हमला करता है, भी FactChecker.in के ‘Hate Crime Database’ में जगह नहीं पाया था। इसके पीछे कुतर्क यह दिया गया कि नहीं, उसने हमला ‘एंडियन्स’ पर किया था, “गौ-मूत्र पीने वाले काफ़िरों” पर नहीं।

स्वाति गोयल के हज़ार प्रहारों के आगे टेके घुटने

हालाँकि FactChecker.in के ‘Hate Crime Database’ को गालियाँ हर ओर से ही पड़ रहीं थीं, लेकिन उसे बेनकाब करने में जिस एक पत्रकार का नाम सबसे प्रमुख है, वह हैं स्वराज्य पत्रिका की स्वाति गोयल शर्मा। उन्होंने लगातार, महीनों तक FactChecker.in के दोहरेपन को लगातार ट्विटर पर, और अपनी पत्रिका में उजागर किया। हर बार, बार-बार किया, और सतत दबाव से उसे बैकफ़ुट पर धकेलना चालू रखा। उनकी ट्विटर टाइमलाइन इसकी नज़ीर है।

इसके अलावा ऑपइंडिया ने पिछले ही साल FactChecker.in के हितों के टकराव के बारे में खबर प्रकाशित की थी। रिपोर्ट के अनुसार FactChecker.in को फंडिंग देने वालों में प्रवीण चक्रवर्ती भी थे, जोकि इस साल हुए लोकसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस के डाटा एनालिटिक्स विभाग के प्रमुख थे। यानी FactChecker.in भाजपा और हिंदूवादियों-राष्ट्रवादियों के खिलाफ नकारात्मक खबरें चलाने के लिए सीधे-सीधे उनकी वैचारिक-राजनीतिक विरोधी कॉन्ग्रेस पार्टी के नेता से पैसा ले रहा था!

पूर्व बसपा सांसद शाहिद मलिक के भाई-भतीजे-बेटे ने सरे बाजार की फायरिंग, सलमान, समीर गिरफ्तार

उत्तरप्रदेश के महानगर मेरठ में अतिसंवेदनशील इलाका कहे जाने वाले गुदड़ी बाजार में मंगलवार को अंधाधुँध फायरिंग हुई। हालाँकि, पुलिस ने अगले दिन बुधवार को वहाँ जाकर जब पूछताछ की तो वहाँ किसी ने अपना मुँह नहीं खोला, लेकिन अब पता चला है कि मंगलवार की रात पूर्व बसपा सांसद एवं पूर्व मेयर शाहिद अखलाक मलिक के बेटे साकिब अखलाक, भाई राशिद अखलाक और भतीजे यासिर अखलाक ने वहाँ फायरिंग की थी, जिसमें कई लोग घायल हो गए। पुलिस ने सभी नामजदों के ख़िलाफ़ एफआईआर दर्ज कर ली हैं। इलाके में फोर्स को तैनात कर दिया गया हैं। दो नामजदों की गिरफ्तारी हो चुकी हैं और साथ ही दोनों पक्षों के 25-25 लोगों को 5-5 लाख के रुपए के मुचलके पर पाबंद किया गया है।

नवभारत में प्रकाशित खबर

इस मामले में शाहिद अखलाख का कहना है कि हमारा परिवार हमेशा अमन के लिए काम करता है। FIR में नामजदगी गलत है। राशिद बीच-बचाव करने गया था। फायरिंग की बात झूठी है। जाँच में सब साफ हो जाएगा। जबकि बता दें कि शाहिद के बेटे राशिद पर आरोप है कि उसने गोलियाँ चलाईं थीं, जिसमें आशिक और अमान घायल हो गए थे।

इस मामले में पुलिस उपाधीक्षक दिनेश शुक्ला की मानें तो मंगलवार को सलाउद्दीन कुरैशी और आशिक इलाही पक्ष में बच्चों के विवाद से तनातनी हुई थी। हालाँकि, उस समय समझौता हो गया था, लेकिन रात 10 बजे (FIR के मुताबिक) पूर्व सांसद के भाई राशिद अखलाक, बेटा साकिब अखलाख, भतीजा यासीर अखलाक, सलाउद्दीन और नौशाद ने आशिक की दुकान पर जाकर मारपीट की और तोड़फोड़ करने लगे।

नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार सीओ दिनेश मिश्रा ने बताया कि बुधवार को जब सिटी मजिस्ट्रेट के साथ जाँच के लिए गए, तो वहाँ रहने वाले बयान देने के बचते रहे। अब अखलाख परिवार के पास कितने लाइसेंस हैं, इसकी रिपोर्ट एसएसपी को भेजी गई हैं। इनके निरस्तीकरण पर कार्रवाई की जाएगी। इलाके में पुलिस की गश्त जारी है।

इसके अलावा दूसरे पक्ष की ओर से सलमान ने तहरीर देकर अपने ऊपर हमले करने के आरोप में आशिक पर इल्जाम लगाया है। जाँच के आधार पर आगे कार्रवाई होगी। एसएसपी साहनी का कहना है कि फिलहाल नामजद सलमान और समीर को गिरफ्तार कर लिया गया, बाकी आरोपित भी जल्द ही गिरफ्तार किए जाएँगे।

पार्टी विचारधारा के प्रचार के लिए अब कॉन्ग्रेस तैयार करेगी ‘प्रेरक’

आम जनता की नजरों में कॉन्ग्रेस पार्टी की गिरती हुई छवि को सुधारने के लिए पार्टी ने अब अपनी कार्यप्रणाली और विचारधारा के प्रचार के लिए ‘प्रेरक’ रखने का निर्णय लिया है। ये प्रेरक कॉन्ग्रेस के खिलाफ चल रही नकारात्मक ख़बरों के खिलाफ जमीनी स्तर पर पार्टी हित में काम करेंगे।

ये प्रेरक कार्यकर्ताओं को पार्टी की विचारधारा और इतिहास के बारे में ‘प्रेरित और सूचित’ करेंगे, इसके अलावा उन्हें नियमित आधार पर जनता के साथ जुड़ने के लिए तैयार किया जाएगा।

कॉन्ग्रेस पार्टी ने चुनावों में लगातार मिल रही असफलताओं के बाद फैसला लिया है कि देशभर में प्रेरकों की नियुक्ति की जाएगी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कॉन्ग्रेस के पदाधिकारी ने बताया है कि कॉन्ग्रेस को चुनावों में पार्टी को मिल रही हार के बाद अपने जनसंपर्क कार्यक्रमों को बड़े पैमाने पर करने के प्रयासों के तहत कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण कौशल प्रदान करने के लिए देशभर में प्रेरकों या प्रेरकों के समूह की नियुक्ति की जाएगी।

प्रेरकों का मुख्य कार्य कॉन्ग्रेस के संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देना होगा। कॉन्ग्रेस पार्टी में सिर्फ उन्हें प्रेरक बनाया जाएगा जिनके पास संगठन का अनुभव होगा और वह कार्यकर्ताओं की जरूरत को समझते हों और उन्हें सम्मान देते हों।

दरअसल, माना जा रहा है कि कॉन्ग्रेस ने यह निर्णय आरएसएस की तर्ज पर लिया है। भाजपा की सबसे मजबूत इकाई आरएसएस के स्वयंसेवक और प्रचारक जन संपर्क के द्वारा जमीनी स्तर पर लोगों का सहयोग कर उनका विश्वास जीतते आए हैं। आशंका यह जताई जा रही हैं कि कॉन्ग्रेस भी इसी आधार पर ‘प्रेरक’ तैयार करने जा रही है ताकि बी अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस हासिल कर सके।

प्रेरक बनने के लिए कॉन्ग्रेस पार्टी की विचारधारा के प्रति समर्पण होना जरूरी है। पार्टी में ऐसे लोग जो संगठन को समय और अपनी ऊर्जा दे सकें और प्रशिक्षण पर उनका भरोसा हो, वही लोग प्रेरक बन सकेंगे। ऐसे लोग जिनके भीतर समाज में सम्मान और भरोसा जीतने की क्षमता होगी, गुटबाजी से दूर हों, कार्यकर्ताओं में सम्मानित हों और सभी के साथ बराबरी का व्यवहार करने की क्षमता हो, उन्हीं को प्रेरक नियुक्त किया जाएगा।

कबूतरों के बाद पाक की नई करतूत: रेडियो से जैश, लश्कर और अल बद्र के आतंकियों से साध रहा संपर्क

हाल ही में भारतीय खुफिया एजेंसियों ने कुछ कोड वर्ड्स का खुलासा करते हुए बताया है कि पाकिस्तान और वहाँ के आतंकी संगठन, जम्मू और कश्मीर के आंतकवादियों से संपर्क साधने के लिए इनका इस्तेमाल कर रहे हैं, ताकि क्षेत्र में हिंसा फैलाई जा सके।

एजेंसी ने खुलासा करते हुए बताया था कि कोड वर्ड्स POK के नियंत्रण रेखा के पास लगाए गए FM ट्रांसमिशन के जरिए भेजे जाते हैं। इसमें जैश-ए-मोहम्मद के लिए (66/88) Mhz, लश्कर-ए-तैयबा के लिए (ए3) और अल बद्र के लिए (डी 9) बैंड्स रखे गए हैं।

इतना ही नहीं, ये भी मालूम चला है कि 5 अगस्त को अनुच्छेद-370 को निरस्त करने के लगभग एक हफ्ते बाद ये संवाद पाकिस्तान के राष्ट्रगान ‘कौमी तराना’ के माध्यम से स्थापित किया गया था। जिसके बाद ही इस क्षेत्र में लैंडलाइन, मोबाइल फोन और इंटरनेट नेटवर्क को बंद कर दिया गया था। 

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ये कौमी तराने के कई संस्करणों का इस्तेमाल इस कार्य के लिए बहुत तेजी से किया जा रहा है, इसके जरिए पाक सेना और आतंकवादी समूह एफएम ट्रांसमिशन स्टेशनों के माध्यम से अपने संदेश जम्मू-कश्मीर में अपने छिपे आतंकियों को भेजते हैं।

इसके अलावा खूफिया जानकारी में ये भी बताया गया है कि कौमी तराना बजाने के लिए उच्च आवृति वाले रेडियो स्टेशनों का प्रयोग होता है। इसी के जरिए भारत में नियंत्रण रेखा के नजदीक से सिग्नल भेजे जाते थे और इसी का इस्तेमाल करके स्थानीय आतंकियों से संवाद स्थापित किया जाता था।

इसके बाद ये संदेश इस्तेमाल करके (सूत्रों के अनुसार) स्थानीय आतंकी हिंसा करने व आसपास के गाँव वालों को गुमराह करने के लिए उपयोग करते थे।

यहाँ जानकारी के लिए बता दें कि 28 अगस्त को मिली खुफिया रिपोर्ट के अनुसार कि पाकिस्तानी सेना एफएम रेडियो स्टेशन को नियंत्रण रेखा (LoC) के पास शिफ्ट कर रही है। क्योंकि, पाकिस्तान के 10 कोर कमांडर ने सिंगनल कोर को यह काम दिया है। माना जा रहा है इसका उद्देश्य भारत में आतंकियों को भेजना हैं।

गौरतलब है कि अपनी घटिया हरकतों और पीठ के पीछे से वार करने की आदतों से मजबूर पाकिस्तान Fm ट्रांसमिशन के अलावा कबूतरों के जरिए भी आतंकियों के साथ संपर्क साधने की कोशिश कर रहा चुका हैं। जिसे बीएसएफ 32 बटालियन ने पकड़कर कैद कर लिया था।

PM मोदी को चोर और गौतम गंभीर को जीप से बाँधने वाली शेहला रशीद को पॉर्न स्टार से तकलीफ क्यों?

JNU में पार्ट-टाइम छात्रा, फुल-टाइम नारेबाज रहीं शेहला रशीद ने एक ट्विटर यूज़र @BeingAlhind के खिलाफ दिल्ली पुलिस से शिकायत की है, और उसके खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। क्यों? क्योंकि उसने शेहला रशीद की एक तस्वीर फोटोशॉप कर एक (पोर्न) अभिनेता के साथ लगा दी थी, और कैप्शन लिखा था, “शेहला रशीद की हुई तबीयत ख़राब। एस्कॉर्ट के डॉक्टर जॉनी करेंगे इलाज।” 

शेहला और उनके समर्थक इस फोटोशॉप को ‘आपत्तिजनक’ बता रहे हैं, और इस कृत्य को शेहला का ‘उत्पीड़न’। उन्हें न केवल इसमें पीयूष गोयल को (जिनका ‘गुनाह’ केवल शेहला को फोटोशॉप करने की ‘हिमाकत’ करने वाले को ट्विटर पर फॉलो करना भर है) घसीटने में कोई शर्म या झिझक नहीं है, बल्कि शेहला का एक समर्थक लिखता है “Followed by @PiyushGoyalOffc. That explains.” जिसे शेहला रीट्वीट करतीं हैं। इसका सीधा-सीधा मतलब है कि अभिषेक बख्शी नामक यह शख्स इस कथित ‘अपराध’ की जड़ पीयूष गोयल को बता रहा है, और रशीद उसका समर्थन करती हैं रीट्वीट कर।

यह फोटोशॉप-विशेष, जो तकनीकी रूप से अपराध है या नहीं, यह तो पुलिस और अदालत ही तय करेंगे, लेकिन इस बात पर विचार करना आवश्यक है कि अगर @BeingAlhind ने शेहला रशीद की तस्वीर एक ऐसी परिस्थिति के साथ जोड़कर अपराध किया है, जिसमें उनके मौजूद होने का कोई कानूनी साक्ष्य नहीं है, तो शेहला रशीद को भी कुछ समय पहले उनके द्वारा शेयर किए गए इस मीम का जवाब देना चाहिए:

जैसे शेहला रशीद के अभिनेता जॉनी सिन्स से अपनी ‘मेडिकल जाँच’ कराने का मीम झूठा है, वैसे ही गौतम गंभीर को जीप से बाँधे जाने का यह मीम भी तथ्यात्मक रूप से झूठा है। साथ ही, @BeingAlhind के मीम में तो शेहला के साथ किसी भी तरह की हिंसा या उन्हें नुकसान पहुँचाने की बात नहीं हो रही है, जबकि इस मीम को तो गंभीर के साथ हिंसा के लिए उकसावे के तौर पर भी देखा जा सकता है (क्योंकि जिस इंसान पर शेहला का बनाया मीम आधारित है, उसे जीप से बाँधे जाने को शेहला के लिबरल गैंग ने उसके साथ ‘हिंसा’ ही बताया था)! या फिर एक अभिनेता (जो हमारी और शेहला की ही तरह एक इंसान है, और शायद शेहला से अधिक नैतिकता/ईमानदारी से अपनी जीविका कमाता है) के साथ मीम बनाना एक ‘हिंसक’ मीम से अधिक बुरा है?

ऐसे में शेहला रशीद को जवाब देना चाहिए कि अगर उन्हें अपने खिलाफ बने मीम में किसी भी तरह की हिंसा या हमले के बिना भी पुलिस कार्रवाई की दरकार है, तो क्यों न गंभीर भी इस मीम के लिए उनके खिलाफ थाने चले जाएँ? और अगर कानूनी दाँव-पेंच परे भी हटा दें तो आज अपना मीम बनने पर इतना बुरा लगने के बाद शेहला गंभीर को ट्वीट कर उनसे माफ़ी माँगेंगी?

शेहला रसीद की कहानी और भी है। वो यह मीम कांड सिर्फ गंभीर के साथ ही नहीं बल्कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम के साथ भी कर चुकी हैं।

जिस इंसान को “मेरा पीएम चोर है” वाला टीशर्ट फोटोशॉप करके पहनाने का काम शेहला ने किया है, उस शख्स ने आज तक ऐसी कोई टी-शर्ट पहनी ही नहीं है। तो फिर देश के प्रधानमंत्री (लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए, वही लोकतंत्र जिसके लिए वो हिजाब लपेट कश्मीर में राजनीतिक पार्टी लॉन्च करती हैं) को चोर बोलने वाली शेहला के साथ इस अपराध के लिए क्या किया जाए?

हर फिदायीन आतंकी मदरसा का छात्र, यही कड़वी सच्चाई: पाक मंत्री फवाद चौधरी ने कबूली थी असलियत

अपने उल-जुलूल बयानों के कारण सुर्खियाँ बटोरने वाले पाकिस्तान के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री चौधरी फवाद हुसैन एक बार फिर से अपनी बात के कारण चर्चा का विषय बने हैं। दरअसल, उन्होंने एक ट्वीट में माना है कि हर फिदायीन हमले में मदरसे का ही छात्र शामिल होता है।

उन्होंने ट्विटर पर एक ट्वीट के रिप्लाई में लिखा था, “मदरसों में पढ़ने वाले सभी छात्र आत्मघाती हमलावर नहीं होते। लेकिन, यह एक कड़वी सच्चाई है कि सभी आत्मघाती हमलावर मदरसों के छात्र होते हैं।”

हालाँकि, ये ट्वीट 5 साल पुराना है, लेकिन कल से सोशल मीडिया पर इसे प्रासंगिक बनाकर तेजी से शेयर किया जा रहा है और फवाद हुसैन लगातार ट्रोल हो रहे हैं।

कुछ ट्विटर यूजर फवाद के इस बयान के बाद पाकिस्तान की चुटकी लेते हुए, उसे धन्यवाद कह रहे हैं कि उसने फवाद जैसा नेता चुना, जो उनके देश की फजीहत ही करवाता रहता है। तो कुछ कह रहे हैं कि पहले फवाद ठीक शख्सियत थे लेकिन इमरान खान की पार्टी में आने के बाद वो पूरे पागल हो चुके हैं।

कुछ यूजर ऐसे भी हैं जो फवाद हुसैन के इस बयान पर भारत में तथाकथित लिबरल्स को घेर रहे हैं। उनका कहना है कि जब कोई भारतीय इस संबंध में अपनी मिलती-जुलती राय रखता है तो उसे भारत के छद्म सेकुलरों द्वारा ‘सांप्रदायिक’ घोषित कर दिया जाता है।

गौरतलब है कि ये ट्वीट तो उनका पुराना है, जिसके कारण पाकिस्तान को शर्मिंदगी झेलनी पड़ रही है। लेकिन, अभी हाल में भी उन्होंने श्रीलंकाई क्रिकेटर्स को लेकर अफवाह उड़ाने की कोशिश की थी, जब खुद श्रीलंका के खेल मंत्री को उन्हें झूठा बोलना पड़ा था।

फवाद हुसैन ने लिखा था, “कमेंटेटर्स ने मुझे बताया कि भारत ने श्रीलंकाई खिलाड़ियों को धमकी दी है कि अगर उन्होंने पाकिस्तान दौरे से इनकार नहीं किया तो उन्हें आईपीएल से बाहर कर दिया जाएगा।” जिस पर स्वयं श्रीलंका के खेल मंत्री हरिन फर्नांडो ने हुसैन का दावा झूठा बताया। उन्होंने कहा था कि 2009 में हमारे खिलाड़ियों पर पाकिस्तान में जो हमला हुआ था, उसकी वजह से कुछ कुछ प्लेयर्स ने दौरे पर न जाने का फैसला किया।

इसके अलावा चंद्रयान-2 पर भी जब पूरा विश्व भारत के प्रयासों पर नतमस्तक था, तब पाकिस्तान के ही इन मंत्री ने कहा था, “जो काम आता नहीं है उससे पंगा नहीं लेते डियर इंडिया।” जिसके बाद न केवल भारतीयों ने बल्कि विश्व के कोने-कोने से उनको शर्मिंदा होना पड़ा था।

मंदिर जा रही नाबालिग का राजस्थान में दिन दहाड़े गैंगरेप, आधे किलोमीटर तक बिना कपड़ों के भागी

राजस्थान के जयपुर से 250 किलोमीटर दूर भिलवाड़ा जिले में एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। यहाँ 15 साली की एक बच्ची का 3 लोगों ने शराब के नशे में अपहरण करके गैंगरेप किया है। घटना सोमवार शाम की है, जब बच्ची अपने 2 दोस्तों के साथ मंदिर जा रही थी।

जानकारी के मुताबिक लड़की का अपहरण होते ही उसका एक दोस्त भागकर पास के बाजार गया और वहाँ एक दुकानदार को सारा वाकया बताकर उनसे मदद माँगी। जैसे ही मदद के लिहाज से वो दुकानदार वहाँ पहुँचा तो तीनों आरोपित लड़की को छोड़कर भाग गए। लेकिन बच्ची इतनी डर चुकी थी कि वो मदद को आए दुकानदार से भी दूर भागने लगी। बिना कपड़ों के पीड़ित बच्ची करीब आधा किलोमीटर तक भागती रही। किसी तरह समझाने-बुझाने के बाद जब वो रुकी, तो उस दुकानदार ने उसे कपड़ों से ढका और उसे घर लेकर गया।

पुलिस के मुताबिक इस मामले में तीनों आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आरोपितों की पहचान राजू कहर, कैलाश कहर और नारायण गुर्जर के रूप में हुई है। इनमें राजू और कैलाश की उम्र 20 के आसपास की बताई जा रही हैं, जबकि नारायण 40 वर्ष का है।

जिस युवक ने बच्ची को बचाया उन्होंने बताया, “मैं सोमवार की शाम अपनी दुकान पर बैठा था, जब एक डरा-सहमा लड़का मेरे पास आया। उसने बताया कि वो अपनी दो दोस्तों के साथ मंदिर जा रहा था कि तभी टहनल रोड पर 3 लोगों ने उसे रोक लिया। उन्होंने लड़के से उसकी बाइक छीनी और उसकी एक दोस्त को सुनसान जगह पर उसका बलात्कार करने ले गए।”

मीडिया से बातचीत में दुकानदार ने बताया, “जब मैं अपनी बाइक से उस जगह पर पहुँचा तो तीनों आरोपित लड़की को मार रहे थे। लेकिन मुझे देखते ही वो फरार हो गए। लड़की बहुत डरी हुई थी। वो मुझे भी देखकर वहाँ से भागने लगी, करीब आधा किलोमीटर वो बिन कपड़े भागी। मैं समझाता रहा कि मैं उसकी मदद के लिए आया हूँ, लेकिन उसने विश्वास नहीं किया। कुछ देर बाद जब उसने मुझ पर यकीन किया, तो वो रुकी, मैं उसे कपड़े दिए और वापस शहर लेकर आया। मैंने उसे अस्पताल ले जाने की बात कही, लेकिन उसने कहा कि उसे घर जाना है, क्योंकि उसके पिता की तबीयत खराब है।”

लेकिन, जब लड़की के घरवालों ने इस घटना के बारे में सुना,उन्होंने तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई, जिसके बाद तीनों की गिरफ्तारी हुई। डीएसपी भरत सिंह, जो इस की जाँच कर रहे हैं, उन्होंने बताया कि तीनों आरोपित शाहपुर के रहने वाले हैं। इसके अलावा उन्होंने ये भी बताया कि उन्हें अपनी जाँच में घटनास्थल से चूड़ियों के टुकड़े, शराब की बोटल और खून के निशाने मिले हैं। लड़की के कपड़ों को भी बरामद कर लिया गया और लड़की का मेडिकल चेकअप करवाया गया है, जिसमें लड़की के शरीर पर हर जगह खरोंच के निशान हैं।

‘कहाँ है वेदों में शिव?’ देवदत्त ‘नालायक’ ने जब यह पूछा तो वेद का उदाहरण दे लोगों ने रगड़ दिया

ट्विटर पर फ़िलहाल जिन लोगों को सबसे ज्यादा ‘अच्छे दिन’ की दरकार है, उनमें देवदत्त पटनायक का नाम चोटी में शुमार होना चाहिए। आजकल वे जो भी ट्वीट कर रहे हैं, वह बर्र के छत्ते की तरह उन्हें महँगा ही पड़ता जा रहा है। वे चाहे राखीगढ़ी में आर्य-आक्रमण-सिद्धांत की कब्र खुद जाने के बाद भी उसकी पैरवी कर रहे हों, या किसी के माँ-बाप को याद कर रहे हों, सारे दाँव उलटे ही पड़ रहे हैं।

इन्हीं ‘उलटफेरों’ की शृंखला में उनका वह ट्वीट भी है, जिसमें पटनायक दावा करते हैं कि वेदों में कहीं भगवान शिव का ज़िक्र ही नहीं है। और कुछ ही देर में भारतीय इतिहास के बारे में ट्वीट करने वाला मशहूर ट्विटर हैंडल ‘true Indology’ उन्हें पलट कर जवाब में वह वैदिक ऋचा बता देता है, जिसमें भगवान शिव को उनके अन्य नामों शम्भु, शंकर, पशुपति के अलावा “शिव” नाम से भी नमस्कार किया गया है।

यही नहीं, हिंदुत्व/हिन्दू धर्म का सबसे प्रचलित मंत्र “ॐ नमः शिवाय” भी कृष्ण यजुर्वेद के ही अंश श्री रुद्र चमकम् से ही लिया गया है।

बदज़ुबानी के चलते बन चुके हैं ‘नालायक’

हालाँकि देवदत्त को उनके घरवालों का दिया हुआ उपनाम तो पटनायक है, लेकिन आजकल ट्विटर पर अपनी हरकतों और बदज़ुबानी के चलते वह ‘देवदत्त नालायक’ के नाम से अधिक जाने जा रहे हैं।

दरअसल एक ट्विटर यूजर ने पटनायक को आइना दिखाते हुए उनके द्वारा की गई आपत्तिनजक टिप्पणियों का स्क्रीनशॉट ट्वीट किया और उनसे जवाब माँगा। ट्विटर यूजर ने लिखा कि अगर आपकी माँ आज ज़िंदा होतीं तो आपकी हरकतों के कारण अपना सिर शर्म से झुका लेतीं।

इसका जवाब देते हुए देवदत्त पटनायक ने अजीबोगरीब भाषा का इस्तेमाल किया। उन्होंने लिखा कि उन्होंने आज ही अपनी माँ (जो मर चुकी हैं) से बात की है और वह बिलकुल खुश हैं। साथ ही उन्होंने दावा किया कि उनके सभी पूर्वज स्वर्ग में हैं और हँसी-ख़ुशी हैं। उन्होंने ट्विटर ट्विटर यूजर को लिखा कि तुम्हारे सारे पूर्वक नरक में बिलख-बिलख कर रो रहे हैं।

सवाल पूछने वालों से लगातार दुर्व्यवहार करने और उनके ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणियाँ करने के लिए कुख्यात देवदत्त पटनायक को लोगों ने उनकी ताज़ा हरकत के बाद ‘देवदत्त नालायक’ और ‘देवदत्त खलनायक’ जैसे विशेषणों से नवाजा है।